साहित्य विहार निवासी चिकित्सक की अनूठी पहल; वर्षों से जारी है ठिठुरते लोगों के लिए ‘निशुल्क कुल्हड़ चाय’ का सेवा यज्ञ
इच्छाशक्ति के आगे पस्त हुई ठंड: कड़कड़ाती शीतलहर में डॉ. मोहित शर्मा बने राहगीरों का सहारा
बिजनौर, (भूपेंद्र निरंकारी)। जब इरादे नेक और इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो मौसम की दुश्वारियां भी रास्ता नहीं रोक पातीं। उत्तर भारत में इन दिनों कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जहाँ लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं और राहगीर चौराहों पर ठिठुरते हुए घंटों वाहनों का इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं साहित्य विहार निवासी डॉ. मोहित शर्मा मानवता की एक नई इबारत लिख रहे हैं।

कोहरे की चादर और सेवा का जज्बा
डॉ. मोहित शर्मा अपने हौसले और हिम्मत के दम पर हर सुबह-शाम सड़कों पर उतरते हैं। उनका लक्ष्य केवल एक है—ठंड से कांपते आम जनमानस और राहगीरों को राहत पहुँचाना। इसी क्रम में मुख्य डाकघर के बाहर ‘निशुल्क चाय सेवा’ का भव्य आयोजन किया गया। घने कोहरे के बीच गरम-गरम कुल्हड़ वाली चाय पीकर राहगीरों के चेहरों पर सुकून साफ देखा गया।

वर्षों से अनवरत जारी है सेवा यात्रा
यह कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। डॉ. शर्मा पिछले कई वर्षों से बिना रुके, प्रत्येक शीतकाल में इस सेवा को निरंतर जारी रखे हुए हैं। उनकी यह पहल अब नगर में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई उनके इस निस्वार्थ कार्य की सराहना कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी पहल समाज में सकारात्मकता का संचार करती है।

> “सच्ची सेवा वही है जो दूसरों के कष्ट को अपना समझकर की जाए। भीषण ठंड में एक प्याली गर्म चाय न केवल शरीर को गर्माहट देती है, बल्कि मानवता में विश्वास भी जगाती है।” — डॉ. मोहित शर्मा >

सहयोगियों का मिला साथ
पुण्य के इस कार्य में डॉ. शर्मा अकेले नहीं हैं; उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर नगर के कई प्रबुद्ध नागरिक भी सेवा दे रहे हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों का विशेष सहयोग रहा:
* पंकज शर्मा एवं विपिन चौहान
* पुनीत अग्रवाल एवं वैभव बिंदल
* राजीव कश्यप एवं त्रिलोक चंद
* मानव सचदेवा एवं ऋषि कुमार
* पुनीत भारद्वाज एवं दीपक कुमार

इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज के लोग एक साथ आ जाएं, तो किसी भी आपदा या कठिन मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकता है। नगर के विभिन्न वर्गों ने डॉ. मोहित शर्मा की इस मुहिम को ‘सेवा की मिसाल’ बताया है।
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