दो महिलाओं ने बैंक से दिनदहाड़े उड़ा दिए ₹50 हजार

दिनदहाड़े 2 महिलाएं बैंक से 50,000 रुपए चोरी करके हुई रफूचक्कर

बिजनौर। नजीबाबाद में स्टेशन रोड पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में दो महिलाएं एक खातेदार के ₹50 हजार लेकर रफूचक्कर हो गई।

जानकारी के अनुसार नजीबाबाद में स्टेशन रोड पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में जाब्तागंज निवासी शौकीन अहमद ने अपने भांजे शोएब को ₹50,000 जमा करने भेजा था। दो शातिर महिलाएं मौका देखकर शोएब से बैंक के अंदर से 50,000 रुपए लेकर वहां से रफूचक्कर हो गई। जब शोएब को इस बात का पता चला तो वो बेहोश हो गया। होश में आने पर उसने सारी घटना बैंक कर्मचारियों को बताई। सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर दो संदिग्ध महिलाएं शोएब के पास नजर आईं और पैसे लेकर तेजी से बैंक से बाहर निकलते दिखाई दीं।

सिक्योरिटी गार्ड नहीं है तैनात ~ घटना के संबंध में बैंक मैनेजर सतीश कुमार कुछ भी कहने से कतराते हुए नज़र आए! जब उनसे पूछा गया कि आपके बैंक में सिक्योरिटी गार्ड मौजूद है या नहीं है, तो उन्होंने कहा कि हमारे बैंक में सिक्योरिटी गार्ड मौजूद नहीं है तथा बैंक ऑफ बड़ौदा की अन्य कई ब्रांच में भी मौजूद नहीं हैं। यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है कि बैंक में आखिर सिक्योरिटी गार्ड मौजूद क्यों नहीं है? अगर बैंक में सिक्योरिटी गार्ड मौजूद होता तो उक्त घटना टल सकती थी। अब सवाल यह उठता है कि बैंक ऑफ बड़ौदा सिक्योरिटी गार्ड क्यों नहीं रखता है? जबकि शासन प्रशासन द्वारा समय-समय पर बैंकों की चेकिंग भी की जाती है!
बैंक में आने जाने वाले लोगों के उपर तो सिक्योरिटी गार्ड ही अपनी नज़र रखता है! तो क्या ऐसे में बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक और उनका पैसा सुरक्षित है या नहीं? घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर शातिर महिलाओं की तलाश मे जुट गई है।

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक: वक्ताओं ने दिया हिन्दी भाषा के प्रयोग पर जोर

बिजनौर। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता, निबन्ध प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। अपने संबोधन में सभी वक्ताओं ने हिन्दी भाषा के प्रयोग पर जोर दिया। मुख्य शाखा प्रबन्धक एलपी सिंह, वरिष्ठ प्रबन्धक निशान्त कुमार, रिटायर्ड प्रबन्धक योगेन्द्र पाल सिंह ने हिन्दी भाषा पर अपने विचार प्रकट किए। अंत में प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सहभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती वंदना ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अजय भटनागर, सौरभ कुमार, जगदीश चन्द्र, अंकित सक्सैना, कु. तरूणा, रॉबिन, कु. रीतू, स्वतंत्रवीर सिंह, कु. शिखा, कु. आयुषी त्यागी, कु. ब्रजेश सिंह, श्रीमती प्रीति शर्मा, कु. श्रृंखला शर्मा आदि द्वारा पूर्ण सहयोग किया गया।

5 सूत्रीय मांगों को लेकर सहकारी बैंक कर्मचारियों ने शुरू किया धरना

मांगों को लेकर सहकारी बैंक कर्मचारियों का धरना शुरू। चार दिन काली पट्टी बांध कर किया था कार्य।

बिजनौर। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा केंद्रीय आह्वान के तहत दिनांक 18 अगस्त 2022 से समस्याओं / माँगों के समर्थन में आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार से शाखा कार्यालय पर पांच कर्मचारियों ने तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। इस दौरान प्रदर्शन व नारेबाजी के साथ सचिव / मुख्य कार्यपालक अधिकारी के माध्यम से आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।

कोआपरेटिव बैंक इम्प्लाइज यूनियन शाखा बिजनौर के अध्यक्ष मनिंदर कुमार व मंत्री धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया कि जिला सहकारी बैंक लि0, बिजनौर के कर्मचारियों की न्यायिक मॉंगों को लम्बे समय से आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता उ0प्र0 सचिव / मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अन्य सक्षम अधिकारियों द्वारा लम्बित रखा जा रहा है। जिला सहकारी बैंकों के श्रमिक संगठन कोआपरेटिव बैंक इम्पलाइज यूनियन उoप्रo द्वारा प्रत्येक स्तर से मांगों के समाधान का प्रयास किया है। यह मांगे कर्मचारियों की ही नहीं बल्कि बैंकों की कार्यप्रणाली व व्यापक भ्रष्टाचार के प्रकरणों की जाँच से सम्बन्धित भी हैं, लेकिन न्यायिक मांगों के समाधान हेतु कोई कार्यवाही न होने के कारण यूनियन के केन्द्रीय कार्यालय द्वारा आन्दोलन का नोटिस आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता उ०प्र० लखनऊ व जिला सहकारी बैंकों के सचिव/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी / प्रबन्धन को दिया है एवं अन्यों को भी अवगत कराया है।

ज्ञापन में बताया गया कि नये लाईसेन्स प्राप्त 16 जिला सहकारी बैकों के कर्मचारियों को भी आयुक्त एवं निबन्धक के वेतनमान पुनरीक्षण परिपत्र की सुविधा दी जाएं। आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता उ०प्र० के वेतनमान पुनरीक्षण परिपत्रों के द्वारा निर्गत जिला सहकारी बैकों के कर्मचारियों के वेतनमान लागू किये जाएं। जिला सहकारी बैकों के कम्प्यूटराईजेशन / डिजिटलाइजेशन में प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की जॉच कराई जाये व आधुनिकीकरण हेतु तकनीकी / बैंकिंग / सूचना प्रोद्यौगिकी प्रोफेशनल विशेशज्ञों की कमेटी का गठन किया जाए। चीनी मिलों को नियमों अधिनियमों, नाबार्ड विभाग व सामान्य बैंकिंग के नियमों का उल्लघंन कर बैकों द्वारा वित्तपोषण करने की जॉच कराई जाए। इसके अलावा 2012 से 2017 के मध्य भर्ती कर्मचारियों से सम्बन्धित आयुक्त एवं निबन्धक कार्यालय के परिपत्रों के द्वारा लगाए गए समस्त प्रतिबन्ध समाप्त करते हुए समस्त सुविधाएं बहाल की जाएं।

इससे पहले 19 से 22 अगस्त 2022 तक सभी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्वक विरोध करते हुए कार्य कर चुके हैं।

मृतक आश्रित को सौंपा रुपए दो लाख का चैक

हमारी प्रतिबद्धता ग्रामीण विकास

मुरादाबाद। हमारी प्रतिबद्धता ग्रामीण विकास के नारे को चरितार्थ करते हुए प्रथमा यू.पी. ग्रामीण बैंक और फ्यूचर जनरली इण्डिया इन्शोरेंस कम्पनी ने मृतक आश्रित को रूपए 2,00,000/- की राशि के बीमे का चैक प्रदान किया।

शाखा असालतपुर जारई, सम्भल में मृतक खातेदार प्रेम पाल के परिजनों को बीमा राशि का चैक सौंपा गया।

जुलाई में इन दिनों बंद रहेंगे बैंक

नई दिल्ली (एजेंसी)। अगले महीने जुलाई में रथ यात्रा और बकरीद जैसे बड़े त्योहार पड़ रहे हैं, ऐसे में अगर आपको बैंक संबंधित कोई जरूरी काम है तो आपके लिए यह खबर काम की है। दरअसल, जुलाई में बैंक कुल 14 दिन बंद रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने जुलाई के लिए बैंकों की छुट्टियों की लिस्‍ट जारी कर दी है। इस लिस्‍ट के मुताबिक अगले महीने बैंक 14 दिन बैंकों में कामकाम नहीं होंगे। इसमें दूसरा और चौथा शनिवार और रविवार की साप्तहिक छुट्टियां भी शामिल हैं। स्थानीय पर्व-त्योहार के चलते राज्यों की छुट्टियां होती हैं और उस दिन बैंक बंद रहते हैं। ये कोई जरूरी नहीं कि एक ही दिन सभी राज्यों में बैंक बंद रहें।

जुलाई 2022 में बैंकों के छुट्टियों की सूची

1 जुलाई: कांग (रथयात्रा)/रथ यात्रा- भुवनेश्वर-इंफाल में बैंक बंद रहेंगे। 
3 जुलाई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश) 
5 जुलाई: मंगलवार – गुरु हरगोबिंद सिंह जी का प्रकाश दिवस – जम्मू और कश्मीर में बैंक बंद रहेंगे। 
7 जुलाई: खर्ची पूजा- अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 
9 जुलाई: शनिवार (महीने का दूसरा शनिवार), ईद-उल-अजा (बकरीद) 
10 जुलाई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
11 जुलाई: ईद-उल-अजा- जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 
13 जुलाई: भानू जयंती- गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे। 
14 जुलाई: बेन डिएनखलाम- शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 
16 जुलाई: हरेला- देहरादून में बैंक बंद रहेंगे। 
17 जुलाई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
23 जुलाई: शनिवार (महीने का चौथा शनिवार)
24 जुलाई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
31 जुलाई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

Attention plz- 3 दिन बंद रहेंगे बैंक

3 दिन बंद रहेंगे बैंक। शनिवार और रविवार का अवकाश, सोमवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे

नई दिल्ली। अगर आपको बैंक में जरूरी काम है तो शुक्रवार तक निपटा लें। क्योंकि 3 दिन बैंक बंद रहेंगे। शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा। सोमवार को हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहेंगे।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर 27 जून को हड़ताल है। हड़ताल के चलते बैंकों पर ताला रहेगा। इधर सोमवार से पहले रविवार और शनिवार का अवकाश रहेगा। अगर किसी को बैंक से संबंधित काम है तो वह 24 जून तक निपटा लें। 24 जून के बाद एटीएम भी खाली रह सकते हैं। हड़ताल का दिन सोमवार भी रणनीति के तहत चुना गया है, जिससे 3 दिन तक ग्राहकों को परेशानी हो।

बैंक कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर फिर से 27 जून को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का एलान कर दिया है। बैंक यूनियंस द्वारा हड़ताल की तिथि ऐसी तय की गई है कि उससे पूर्व भी दो दिन तक बैंक नहीं खुलेंगे। इस बार फिर से रणनीति के तहत हड़ताल का दिन प्रस्तावित होने के कारण बैंकों में लेनदेन सहित अन्य कार्य प्रभावित होंगे। यहां तक कि एटीएम भी धोखा दे सकते हैं।

24 जून को बैंकिंग सेवा पूर्व समय तक खुलेगी। ऐसे में बैंक उपभोक्ता जरूरत के काम निपटा लें ताकि किसी भी तरह की समस्या न हो। हड़ताल को लेकर बैंक भी पहले से उपभोक्ताओं को जागरूक कर रही हैं। उधर प्रस्तावित हड़ताल को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश बैंक एंप्लाइज यूनियन के सहायक सचिव एटा यूनिट के जिला सचिव उमेश यादव ने बताया है कि 27 जून की प्रस्तावित हड़ताल पांच प्रमुख समस्याओं को लेकर है।

बैंक कर्मियों का कहना है कि हमारी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसमें पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन का फिर से निर्धारण, नई पेंशन योजना की समाप्ति एवं पुरानी पेंशन योजना को लागू करना और बैंककर्मियों की लंबित मांगों को पूरा करने समेत कई मांगें हैं।

और अब बिना ATM, आधार से कीजिए UPI पेमेंट

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नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आप आधार नंबर की मदद से  UPI पिन बना सकते हैं। NPCI के अनुसार इस फीचर्स को  कुछ दिन पहले ही Live कर दिया गया है। कई लोग इसका इस्तेमाल भी करने लगे हैं।

आधार की मदद से कर सकेंगे UPI पेमेंट 

अब आप बिना ATM के ही UPI पिन बना पायेंगे। अब  Aadhaar की मदद से ही UPI Pin सेट, रीसेट या नया Pin बनाया जा सकता है। इस काम के लिये Debit Card की भी जरुरत नहीं पड़ेगी। यह फीचर्स अभी सिर्फ BHIM Application के नए वर्सन (Version 2.9.6) में ही दिया गया है। यह Google Pay, Phone Pe, Paytm या किसी दूसरे एप्प में देखने को नहीं मिलेगा। जल्द ही यह दूसरे पेमेंट एप्प में भी देखने को मिल जाएगा।

आधार और बैंक से लिंक हो एक ही नंबर

इसका लाभ लेने की कुछ शर्त भी हैं, इसके लिये आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर ही बैंक अकाउंट से भी लिंक होना चाहिये। अगर आपके आधार और बैंक में अलग अलग मोबाइल नंबर लिंक होते है, तो आधार Authentcation नहीं हो पाएगा और आधार से UPI पिन नहीं बनाया जा सकेगा।

इन बैंक के ग्राहक ही ले पायेंगे लाभ

अभी इस फीचर्स को सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और कॉसमॉस बैंक के लिये ही लांच किया गया है। इन दोनों बैंक के कस्टमर BHIM एप्प का Version 2.9.6 डाउनलोड कर के अभी से इस फीचर्स का यूज कर सकते हैं।

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

बैंकों में चार दिन लटके रहेंगे ताले, सिर्फ खुलेगा SBI

नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में बैंक की कई यूनियनें शामिल होंगी लेकिन आल इंडिया बैंक आफिसर कंफेडरेशन (All India Bank Officer Confederation) इससे दूर रहेगा। असर यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) का शटर नहीं गिरेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 28 एवं 29 मार्च को औद्योगिक हड़ताल प्रस्तावित है। इसमें आल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेफी आदि यूनियनों ने शामिल होने का निर्णय किया है।

हड़ताल के दौरान भी खुले रहेंगे sbi शाखाएं और एटीएम 

आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन इस हड़ताल में शामिल नहीं है। एसबीआइ में यह यूनियन प्रभावी है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के महासचिव अजीत मिश्रा ने कहा कि एसबीआइ में हड़ताल का असर नहीं होगा क्योंकि आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन से ही जुड़े अधिक सदस्य हैं। हड़ताल के दौरान शाखाएं और एटीएम खुले रहेंगे। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी है। इस वजह से बैैंक 26 से 29 मार्च तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। 

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अन्‍य बैंकों में चार दिनों तक लटके रहेंगे ताले 

विदित हो कि बैंकों में हड़ताल और साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएंं प्रभावित रहेंगी। लेकिन स्‍टेट बैंक की इसमें सहभागिता नहीं होगी तो लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। लोगों को चिंता सता रही थी कि मार्च के अंतिम सप्‍ताह में बैंकिंग की समस्‍या होगी लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। मार्च क्‍लोजिंग के समय की यह हड़ताल प्रभाव तो डालेगी ही। बता दें कि इस महीने होली की छुट्टी भी हो गई। इसके अलावा बिहार दिवस, हड़ताल, साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि बैंकिंग उद्योग के दो प्रमुख संगठनों एआइबीईए, एआइबीओए और बेफी ने हड़ताल का आह्वान किया है।  

NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस

Paytm UPI Lite – NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस ! Paytm या किसी भी एप्प से UPI Lite के जरिये बिना इंटरनेट कर सकेंगे पैसे ट्रांसफर ! 

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नई दिल्ली। NPCI यूपीआई को लेकर समय समय पर काफी बदलाव लाते रहती है, अभी कुछ दिन पहले ही NPCI ने Aadhaar OTP के जरिये UPI Pin बनाने की सर्विस शुरू करने के लिये सभी बैंको को बोला था और अभी फिर से NPCI ने UPI Lite सर्विस शुरू करने जा रही है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी व्यक्ति बिना इंटरनेट के ही Paytm, Phone Pe, Google Pay जैसे UPI एप्प से पैसे भेज पायेंगे।

NPCI ने जारी किया UPI को लेकर नोटिफिकेशन –

अभी हॉल ही में NPCI ने 16 मार्च 2022 को सभी UPI मेंबर बैंक को एक एप्लीकेशन लिखा है, यह एप्लीकेशन UPI से सम्बंधित है। एप्लीकेशन के अनुसार NPCI यूपीआई से सम्बंधित एक नयी सर्विस शुरू करने वाली है। इस नयी सर्विस का नाम UPI Lite रखा गया है, इस नयी सर्विस से यूजर्स को Wallet जैसी सर्विस मिलने वाली है।

NPCI ऑफिसियल नोटिफिकेशन – https://www.npci.org.in/PDF/npci/upi/circular/2022/UPI-OC-138-Introduction-of-On-Device-wallet-UPI-Lite-for-Small-Value-Transactions.pdf

सभी एप्प में मिलेंगी Paytm Wallet जैसी सुविधा –

यह जो UPI Lite है यह एक On Device Wallet है, मतलब Paytm, Phone Pe में जैसे Wallet होते है, उसी तरह के wallet आपको सभी UPI एप्प में मिलेंगे। ऐसे कई UPI एप्प है, जैसे BHIM, Google Pe जिसमे आपको वॉलेट सुविधा नहीं मिलती है, लेकिन अब UPI Lite के जरिये इन एप्प में भी आपको Wallet जैसी सुविधा मिलने लगेंगी।

इस वजह से लांच हुआ है UPI Lite –

जब से UPI Payment सर्विस लांच हुई है, दिनों दिन इसके ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे है। पर इन ट्रांजेक्शन में 75% ट्रांजेक्शन 100 रूपये से कम के है और 50% ट्रांजेक्शन 200 रूपये से कम के। और इन छोटे UPI ट्रांजेक्शन होने के कारण कई बार Bank का सर्वर डाउन हो जाता है, और कई UPI ट्रांजेक्शन Fail हो जाते है। और इन छोटे छोटे ट्रांजेक्शन होने के कारन बैंक में भी बहुत ज्यादा एंट्री हो जाती है। जिसके कारण बैंक पर भी लोड पड़ता है, तो इन्ही समस्या को देखते हुआ UPI Lite लांच किया है।

ऐसे काम करेंगा UPI Lite –

UPI Lite में आप Wallet की तरह पैसे Add कर पायेंगे और किसी को भी बिना इंटरनेट के ही पेमेंट कर पायेंगे। पर UPI Lite में आप बहुत ज्यादा पैसे add नहीं कर पायेंगे। क्यूंकि यूपीआई लाइट में पैसे लोड करने की लिमिट 2 हजार रूपये ही है। UPI Lite में लोड हुए पैसे को आप किसी भी व्यक्ति को भेज पायेंगे। पर एक बार में आप 200 रूपये से ज्यादा नहीं भेज पायेगे। अगर आपको 200 रूपये से ज्यादा भेजना होगा तो फिर आपको 2-3 या इससे ज्यादा बार में पैसे भेजना पड़ेगा।

साभार Career Bhaskar

UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे बैंकिंग के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करें UPI 123Pay

Watch “RBI launch new UPI 123pay payment without internet Live 🔴” on YouTube

https://youtu.be/1e8B6ujXLp0

UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे Phone Pe के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करे UPI 123Pay साभार-Career Bhaskar

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UPI 123Pay – UPI के जरिये पैसे लेना भेजना बहुत ही आसान और सुविधाजनक है। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग है, जो UPI पेमेंट सर्विस का यूज नहीं कर पा रहे है। और इसका कारण है, लोगों के पास स्मार्टफोन न होना। तो इसी को देखते हुए RBI ने UPI 123Pay सर्विस शुरू की है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी बिना इंटरनेट और स्मार्टफोन के UPI पेमेंट कर पायेंगे।

RBI ने शुरू की नयी सर्विस –

भारत में लगभग 40 करोड़ से भी ज्यादा फीचर फ़ोन (कीपैड मोबाइल) उपयोगकर्ता है। …और ये सभी फीचर फ़ोन उपयोगकर्ता डिजिटल पेमेंट करने में असमर्थ है। इसी को देखते हुए RBI ने एक नई पेमेंट सर्विस शुरू की है, इस नई पेमेंट सर्विस का नाम UPI 123Pay है।

बिना इंटरनेट कर पायेंगे यह सभी काम –

UPI 123Pay पेमेंट सर्विस के जरिये आप किसी भी व्यक्ति को UPI और Bank Account से पैसे भेज पायेंगे इसके अलावा आप इस सर्विस के जरिये बैंक बैलेंस चेक, Mobile रिचार्ज, DTH रिचार्ज, LPG Gas Refill, EMI Repayment आदि काम भी कर पायेंगे।

कीपैड मोबाइल में भी चला सकते है UPI 123Pay

अगर आपके पास कीपैड मोबाइल है, या आप ऐसे इलाके में रहते है, जहाँ अच्छे से इंटरनेट नहीं चलता है जिसके कारण आप डिजिटल पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। तो अब परेशान होने वाली कोई बात नहीं है, क्यूंकि इस नई पेमेंट सर्विस के जरिये यूजर्स बिना इंटरनेट की सहायता से सिर्फ कीपैड मोबाइल के जरिये ही डिजिटल पेमेंट कर पायेंगे।

ऐसे करे UPI 123Pay का यूज –

इस सर्विस का यूज आप 4 तरीके से कर सकते है। …पर इस पोस्ट में हम आपको Call के जरिये UPI पेमेंट कैसे करते हैं ?, इसके बारे में बतायेंगे। अगर आप इस नई पेमेंट सर्विस का यूज करना चाहते है, या जानना चाहते है, कि UPI 123Pay सर्विस कैसे काम करती है? तो आप नीचे दिया वीडियो देख सकते हैं। वीडियो में call के जरिये UPI 123Pay कैसे यूज करते हैं, इसका लाइव डेमो बताया है।

स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज़


अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत 31 मार्च से पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के अधिशासी अधिकारियों को दिए निर्देश-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि पूरी गम्भीरता और तत्परता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाएं। साथ ही जिन निकायों द्वारा कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरूद्व कार्यवाही अमल में लाएं।

समीक्षा के दौरान डीएम ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रतिशत वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। उन्होंने जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्ट्रीट वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराने वाली स्वीकृत पत्रावली को अनावश्यक रूप से लम्बित न रहने दें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि होली के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर सड़क के किनारे कूड़े का ढेर नजर नहीं आना चाहिए और शहीद स्मारकों की भी विशेष रूप से साफ-सफाई कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा कलक्ट्रेट स्थित सभागार में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह़, जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक, परियोजना अधिकारी सहित बैंकर्स एवं सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ने सौंपा दुर्घटना बीमा का चैक

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ने सौंपा दुर्घटना बीमा का चैक। फ्यूचर जेनेरली इण्डिया इंश्योरेश का दुर्घटना के बीमा के रूप में दिया गया रुपए 2 लाख का चैक।

संभल। लखौरी जलालपुर स्थित प्रथमा यूपी० ग्रामीण बैंक द्वारा दुर्घटना के परिजनों को दुर्घटना बीमा की 2 लाख रुपये की धनराशि का चैक दिया गया।

थाना क्षेत्र सम्भल के ग्राम लखौरी जलालपुर निवासी शौकीन की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। शाखा प्रबंधक ने बताया कि मृतक का कृषि कार्ड चल रहा था। इसके तहत मृतक के परिजनों को फ्यूचर जेनेरली इण्डिया इंश्योरेश का दुर्घटना के बीमा के रूप में 2 लाख रुपये का चैक दिया गया। चैक प्राप्त करके मृतक के परिजनों ने बैंक प्रबंधक सहित बीमा कंपनी की सराहना की। इस मौके पर बीमा कंपनी के गौरव अग्रवाल, आशिन अग्रवाल, रजत शर्मा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेता संजीव व प्रथमा यूपी. ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबन्धक मौजूद रहे।

मृतक के परिजनों को प्रथमा यू० पी० ग्रामीण बैंक व फ्यूचर जेनेरली ने दिया चैक

संभल। भवानीपुर स्थित प्रथमा यू० पी० ग्रामीण बैंक द्वारा दुर्घटना में मृतक के परिजनों को दुर्घटना बीमा की 2 लाख रुपए की चनराशि का चैक दिया गया।

थाना हजरत नगर गढ़ी के गाँव कासमपुर निवासी दुजेन्द्र सिंह की दुर्घटना मे मृत्यु हो गई थी। शाखा प्रबन्धक संदीप कुमार सिंह ने बताया कि मृतक का कृषि कार्ड चल रहा था। इसके तहत मृतक के परिजनों को फ्यूचर जेनेरली इण्डिया इन्श्योरेश कम्पनी द्वारा दुर्घटना बीमा के रूप में इलाज का 2 लाख रुपए का चैक दिया गया। चैक प्राप्त कर मृतक के परिजनों ने बैंक प्रबंधक सहित बीमा कम्पनी की सराहना की। इस मौके पर बीमा कम्पनी के गौरव अग्रवाल, आशिन अग्रवाल, रजत शर्मा व प्रथमा यू०पी० ग्रामीण बैंक भवानीपुर के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।

फ्यूचर जेनेरली ने दी दुर्घटना बीमा की रकम

संभल। पवांसा स्थित प्रथमा यू० पी० ग्रामीण बैंक द्वारा दुर्घटना के परिजनों को दुर्घटना बीमा की दो लाख रुपए की धनराशि का चेक दिया गया।

धाना बहजोई ब्लॉक पवांसा के गाँव अजीमावाद निवासी धूम सिंह की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। शाखा प्रबन्धक पुनीत भटनागर ने बताया कि मृतक का कृषि कार्ड चल रहा था जिसके तहत मृतक के परिजनों को फ्यूचर जेनेरली इण्डिया इन्श्योरेस कम्पनी द्वारा दुर्घटना बीमा के रूप में दो लाख रुपए का चैक दिया गया। चैक प्राप्त करने पर मृतक के परिजनों ने बैंक प्रबन्धक सहित बीमा कम्पनी की सराहना की। इस मौके पर बीमा कम्पनी के गौरव अग्रवाल, आशिन अग्रवाल, रजत शर्मा व प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक पवांसा के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।

अब WhatsApp पर चेक करें बैंक बैलेंस

WhatsApp पर इस तरह चेक कर सकते हैं बैंक बैलेंस, जानें पूरा Process

नई दिल्ली (एजेंसी)। वॉट्सऐप यूजर्स अब चंद सेकंड में अपने बैंक बैलेंस की डिटेल पा सकते हैं। भारत में वॉट्सऐप UPI पेमेंट की भी सर्विस देता है। वॉट्सऐप से आप पैसे भेज या मंगवा सकते हैं। …जैसे आप किसी दूसरे UPI एप्लीकेशन से ऐसा करते हैं। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को तुरंत पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है। यह उन्हें ऐप से अपने बैंक अकाउंट बैलेंस चेक करने में भी सुविधा प्रदान करता है। वॉट्सऐप के जरिए बैंक अकाउंट बैलेंस चेक करने के दो तरीके हैं। आप या तो ऐप पर सेटिंग सेक्शन से बैलेंस चेक कर सकते हैं या पैसे भेजते समय इसे पेमेंट स्क्रीन पर देख सकते हैं।

पहला तरीका: सेटिंग से अपना अकाउंट बैलेंस चेक करना…

स्टेप 1: अपने फोन में वॉट्सऐप खोलें।

स्टेप 2: यदि आपके पास एंड्रॉइड है, तो More ऑप्शन पर टैप करें। अगर आपके पास आईफोन है तो Settings पर टैप करें।

स्टेप 3: अब, Payments पर टैप करें।

स्टेप 4: पेमेंट मेथड के अंतर्गत, संबंधित बैंक अकाउंट पर टैप करें।

स्टेप 5: यहां, View Account Balance पर टैप करें और अपना UPI PIN डालें।

दूसरा तरीका: पैसे भेजते समय अपना अकाउंट बैलेंस चेक करें

स्टेप 1: पेमेंट मैसेज स्क्रीन से, अपनी उपलब्ध पेमेंट मेथड पर टैप करें।

स्टेप 2: View Account Balance पर टैप करें।

स्टेप 3: यदि आपके वॉट्सऐप अकाउंट से जुड़े कई बैंक अकाउंट जुड़े हैं, तो संबंधित बैंक अकाउंट का चयन करें।

स्टेप 4: अपना UPI PIN दर्ज करें।

बैंक प्रबंधक का अड़ियल रवैया; ग्रामीण को नहीं मिल पा रहा पुत्र का मृत्युपरांत क्लेम

बैंक प्रबंधक का अड़ियल रवैया;  ग्रामीण को नहीं मिल पा रहा पुत्र का मृत्युपरांत क्लेम

रौशनपुर प्रताप (कोतवाली देहात)। बैंक प्रबंधक के अड़ियल रवैये के कारण एक ग्रामीण को उसके पुत्र का मृत्युपरांत क्लेम नहीं मिल पा रहा है। मामला पंजाब नेशनल बैंक की शाखा कोतवाली देहात का है।

जानकारी के अनुसार  14 अक्टूबर 2021 को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत  ग्राम रौशनपुर प्रताप निवासी भगीरथ सिंह के पुत्र रजतपाल की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी। भगीरथ सिंह ने बताया कि  28 अक्टूबर को उसने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा कोतवाली देहात पहुंच कर प्रबंधक को इस संबंध में प्रार्थना पत्र लिखकर दिया। पत्र में अवगत कराया कि उसके पुत्र के बैंक अकाउंट पर जारी एटीएम कार्ड से अक्टूबर के महीने में तीन बार ट्रांजेक्शन हुआ था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमानुसार एटीएम कार्ड धारक बीमित होता है, जिस पर परिजनों द्वारा दावा किया जा सकता है। आरोप है कि बैंक प्रबंधक इस संबंध में आवश्यक दावा परिपत्र (क्लेम फार्म) उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।

ATM के साथ ये है शर्त

राष्ट्रीयकृत और गैर राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम कार्ड का उपयोग करने के 45 दिनों के भीतर मौत होने पर बीमा पॉलिसी के तहत संबंधित व्यक्ति के आश्रित मुआवजा के लिए क्लेम कर सकते हैं।

अगल-अलग कार्ड पर तय है बीमा राशि

बैंक कई तरह का एटीएम कार्ड ग्राहकों को देता है। कार्ड के अनुसार ही उन पर बीमा राशि तय की गई है। क्लासिक कार्ड पर एक लाख रूपये, प्लेटिनम पर दो लाख, मास्टर कार्ड पर 50 हजार रूपये जबकि मास्टर प्लेटिनम कार्ड पर पांच लाख रूपये तक का बीमा होता है। वहीं वीजा कार्ड पर डेढ़ से दो लाख रूपये तक बीमा लाभ मिलता है।

बैंक सखी को प्रबंधक से आबरू पर खतरा!

सीडीओ ने दिए मामले की जांच के आदेश।

बिजनौर। एक ओर केंद्र व प्रदेश की सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रयासरत हैं। महिलाओं के उत्थान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर अमल हो रहा है। वहीं गंदी मानसिकता के कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो महिलाओं के उत्पीड़न में जुटे हुए हैं।

ऐसा ही एक मामला पंजाब नेशनल बैंक शाखा कोतवाली (बिजनौर) में उजागर हुआ है। यहां एनआरएलएम के अंतर्गत 3 जून 2019 से बैंक सखी के पद पर कार्यरत एक महिला ने बैंक शाखा प्रबंधक पर ही उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की लिखित शिकायत उपायुक्त स्वतः रोजगार से की है। महिला का कहना है कि अपनी तैनाती से लेकर कोई समस्या नहीं हुई। साथ ही अच्छे कार्य के लिए कई बार ब्लाक से प्रशाति पत्र भी मिला है। पीएनबी शाखा कोतवाली के प्रबंधक का ट्रांसफर होते ही नए शाखा प्रबंधक पीयूष कुमार की तैनाती हुई। आरोप है कि नए शाखा प्रबंधक महिला कर्मी से अपशब्द कहते हैं तथा आपत्तिजनक टिपणी भी करते हैं। महिला का यह भी आरोप है कि प्रबंधक की नीयत उसके प्रति अच्छी नहीं है। प्रबंधक पीयूष कहते हैं कि उनके साथ रिलेशन में रहकर ही कार्य करना है तो करो नहीं तो यहाँ आने की जरूरत नहीं है। इस प्रकार उसका शाखा में उत्पीड़न किया जाता है। बिना किसी कार्य के दफ्तरी केबिन में अपने साथ बैठने को कहते हैं और ऐसा न करने पर बार-बार शाखा में न आने देने औऱ नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हैं। यही नहीं मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजते हैं। लाख समझाने के बाद भी वो नहीं मानते। शाखा में शराब पीकर आते हैं। इसकी शिकायत अपने पति से भी की, उन्होंने शाखा में जाकर उसे समझाया तो वो उनसे भी गाली गलौज करने लगा। प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने मांग की है कि जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए, जिससे उसे इस उत्पीडन से जल्द ही निजात मिल जाये और वह अच्छे से अपना कार्य कर सके।

सीडीओ ने शुरू कराई जांच- वहीं सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। लीड बैंक ऑफिसर व प्रोबेशन अधिकारी जांच करेंगे। एक सप्ताह में रिपोर्ट मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

देश नहीं बिकने देंगे; हुंकार के साथ पहुंचे दिल्ली के जंतर मंतर

आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन द्वारा बैंकों के निजीकरण के खिलाफ चल रही मुहिम ‘बैंक बचाओ देश बचाओ’ भारत यात्रा का समापन दिल्ली के जन्तर मंतर पर रैली के रूप में हुआ।

बैंक बचाओ देश बचाओ भारत यात्रा, कोलकाता और मुम्बई से चलकर पहुँची दिल्ली। बैंकों के निजीकण के खिलाफ चल रहे आंदोलन में दिल्ली के जंतर मंतर पर शामिल हुए NMOPS व अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार 'बन्धु'*

लखनऊ। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन द्वारा देश के सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में जो यात्रा 24 नवंबर को कोलकाता व मुम्बई से प्रारम्भ की थी, वह आज दिल्ली जन्तर मंतर पहुँची। सार्वजनिक सेक्टर को बैंकों के निजीकरण के खिलाफ जन्तर मंतर पर हुए इस आंदोलन में बैंक कर्मियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में शिक्षक, नर्सेज, डॉक्टर्स, मजदुर, किसान, छात्र व नौजवान शामिल हुए। सभी का यह मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र भारत का गौरव हैं, इनका निजीकरण देश के साथ गद्दारी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जितना भी लंबा और कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा हम सब मिलकर करेंगे, लेकिन देश को किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे।

रैली को कई वरिष्ठ वक्ताओं ने संबोधित किया, सभी ने इस मुहिम को सराहनीय बताया और देश व बैंक बचाने की इस मुहिम में साथ देने का भरोसा दिलाया। वक्ताओं में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद तपन सिन्हा, महाराष्ट्र के सांसद, आईटी सीटू की अध्यक्ष अमृत कौर, कन्हैया कुमार, प्रोफेसर ऋतु सहित तमाम शिक्षक, कर्मचारी, किसान, मजदूर व छात्र संगठनों ने संबोधित किया। उत्तर प्रदेश से ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के वरिष्ठ नेतागण सौरभ श्रीवास्तव, पवन कुमार, बीपी सिंह सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव सौम्य दत्ता ने कहा बैंकों का निजीकण बर्दास्त नहीं किया जाएगा, आज जन्तर मंतर पर हमने अपनी एकता का एक ट्रेलर दिखाया है। इस तानाशाह सरकार के खिलाफ हम अंतिम क्षण तक लड़ेंगे लेकिन बैंकिंग अमेंडमेंट बिल संसद में पास नहीं होने देंगे। बैंकों के निजीकरण के खिलाफ चल रही इस मुह में NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार 'बन्धु' ने कहा कि आज निजीकरण देश की बहुत बड़ी समस्या है, इससे केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित होगा। आने वाले समय में निजीकरण के कारण देश विभिन्न समस्याओं का सामना करेगा। अमीरों और गरीबों के बीच की खाईं और बढ़ेगी। NPS तो निजीकरण का एक छोटा सा भाग है, जिससे आज देश के लाखों लोगों का शोषण हो रहा है। अगर सब कुछ निजी हाथों में चला गया तो आप उसकी भयावहता के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री व चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रधान महासचिव अशोक कुमार ने कहा निजीकण इस समय पूरे देश में सभी विभागों की समस्या है, यह आम जनमानस की लड़ाई है। बैंक बचाओ देश बचाओ अभियान को हमारा पूरा समर्थन हैं, हम इस मुहिम की हर सम्भव मदद करेंगे, लेकिन देश की राष्ट्रीय संपत्तियों को बिकने नहीं देंगे। अगर यह सरकार अड़ियल रुख अपनाते हुए बैंकों के निजीकरण पर अड़ी रहती है तो हम भी चुप बैठने वाले नहीं हैं। आने वाले पाँच राज्यों के चुनाव में हम अपनी एकता दिखाएंगे, इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएँगे। अभियान में जन्तर मंतर पर NMOPS व अटेवा के पदाधिकारी व सहयोगी संगठन भी शामिल रहे। इनमें दिल्ली NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत पटेल, जावेद अख्तर, अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रकाश, रजनीश कुमार, शिव शंकर यादव, गर्वित चौधरी, आकिल अख्तर, राजस्थान से सुरेंद्र बेनीवाल, केआर सियाग, जगदीश प्रसाद यादव, मेरठ नर्सेज संघ की शर्ली भण्डारी उपाध्यक्ष राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश, शिवानी चौधरी, सुशीला, मंजू, पवन मिश्रा, कौंसल्या गौतम, विक्टोरिया NMOPS उत्तराखण्ड से रोहित शर्मा सहित सैकड़ों साथी अटेवा के साथी बैंक कर्मियों के इस आंदोलन में शामिल रहे और सभी ने बैंक व देश बचाने की इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने का प्रण लिया।

फ्यूचर जेनेरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने दिए सवा आठ लाख के चैक

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय बिजनौर पर हुआ कार्यक्रम। लाभान्वितों ने जताया बीमा कंपनी व बैंक अधिकारियों का आभार। क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश गुप्ता ने किया शाखा प्रबंधकों को इंश्योरेंस के प्रति ग्राहकों को जागृत करने का आह्वान।

बिजनौर। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय बिजनौर पर फ्यूचर जेनेरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दो लाभान्वितों को सवा आठ लाख रुपए धनराशि के चैक प्रदान किये गए।

कार्यक्रम के दौरान दुर्घटना में मृत्यु पर शाखा नवादा केशो के धर्मवीर सिंह के परिजनों को 6.29 लाख एवं शाखा बिशनपुरा के शिवकुमार शर्मा की हत्या पर 2 लाख के चेकों का वितरण किया गया।
क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश गुप्ता ने शाखा प्रबंधकों को इंश्योरेंस के प्रति ग्राहकों को जागृत करने का आह्वान किया।

इस दौरान शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह, बीमा कंपनी से गौरव कुमार अग्रवाल , आशुतोष आनंद व अभिशान्त अग्रवाल उपस्थित रहे।

ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

काम की खबर: अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव 

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर खरीदारी के लिए एक जनवरी 2022 देश में डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर हर बार कार्ड के 16 डिजिट वाले नंबर को डालना होगा। लेकिन अब कार्ड का पूरा विवरण देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरबीआई का डाटा सिक्योरिटी नियम लागू होने के बाद भी ग्राहकों को ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर अपने क्रेडिट कार्ड के विवरण को डालने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय बैंक की कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन की अनुमति के साथ फास्ट चेकआउट जारी रखा जा सकता है। इससे ग्राहक अपने बैंकों से ऑनलाइन कंपनी को कार्ड विवरण के स्थान पर टोकन जारी करने के लिए कह सकते हैं। इसके जरिए ग्राहक कार्ड का विवरण दिए बिना ही भुगतान कर सकेंगे। मौजूदा समय में किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर अगर आपने एक बार आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का ब्योरा भर दिया तो खरीदी के वक्त भुगतान करने के लिए आपको सिर्फ सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) और ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) ही डालना पड़ता है। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने की सुविधा एक ही टोकन सर्विस प्रोवाइडर के साथ होगी। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने का काम ग्राहक की सहमति से ही किया जाएगा। 

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अब नए पेमेंट एग्रीगेटर/पेमेंट गेटवे (पीए/पीजी) नियम के अनुसार प्रत्येक ऑनलाइन मर्चेंट प्रोसेसिंग ट्रांजेक्शन की एक ‘टोकनयुक्त की’ देंगे। ई-कॉमर्स कंपनी को कार्ड नेटवर्क के साथ इसके लिए गठबंधन करना पड़ेगा। ये टोकन प्रत्येक कार्ड नंबर के साथ लिंक होंगे। इस टोकन नंबर का इस्तेमाल दूसरा कोई नहीं कर सकेगा। 

Explained new rules for e commerce companies flash sales consumer data  grievance officer

रिजर्व बैंक विभिन्न कार्ड्स से किए जाने वाले भुगतान को और मालवेयर वायरस अटैक से सुरक्षित करना चाहता है। टोकन व्यवस्था में आपको भुगतान के लिए अपने कार्ड का पूरा विवरण नहीं देना होगा, बल्कि इसके लिए एक विशेष टोकन देना होगा। यह टोकन एक यूनिक कोड होगा। यह आपके कार्ड, टोकन मांगने वाले स्टोर और डिवाइस जिससे टोकन भेजा जा रहा है, तीनों से मिलकर बना होगा।

मोबाइल एप से SBI ग्राहकों को ₹70 लाख की चपत, अलर्ट जारी

कानपुर (एजेंसी)। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहकों को चार मोबाइल एप के जरिए ₹70 लाख का चूना लगाया जा चुका है। पिछले चार महीने में कुल 150 ग्राहक इनके शिकार हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए SBI ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है कि इन चार एप से बचकर रहें।
जालसाज बातों में फंसाकर एप डाउनलोड करा लेते हैं और खाता साफ कर देते हैं। बैंक ने अपने खाताधारकों से कहा है कि एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट, टीमव्यूअर और मिंगलव्यू एप को भूलकर भी अपने मोबाइल पर इस्टॉल न करें, वरना खाता खाली हो जाएगा। 

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने खाताधारकों को यूनीफाइड पेमेंट सिस्टम को लेकर भी सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी अज्ञात सोर्स से यूपीआई कलेक्ट रिक्वेस्ट या क्यूआर कोड स्वीकार न करें। अज्ञात वेबसाइटों से हेल्पलाइन नंबर खोजने की भूल न करें, क्योंकि आधा दर्जन से ज्यादा फर्जी वेबसाइट एसबीआई के नाम पर चल रही हैं। किसी भी समाधान के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ही जाएं और ठीक से चेक करने के बाद ही अपनी सूचनाएं साझा करें। ग्राहकों को बैंक ने सलाह दी है कि प्रत्येक डिजिटल लेनदेन के बाद बैंक एसएमएस भेजता है। अगर आपने लेनदेन नहीं किया है तो तुरंत उस मैसेज को एसएमएस में दिए गए नंबर पर फॉरवर्ड कर दें। 

फर्जीवाड़े का शिकार हो गए हैं तो कहां करें शिकायत

  • कस्टमर केयर नंबर 
  • 1800111109
  • 9449112211
  • 080 26599990
  • 155260 (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल)

जनधन खाताधारकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ (एजेंसी)। प्रधानमंत्री जनधन योजना के सभी खाताधारकों को भी जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ मिल सकता है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के जरिए बीमा कवर देने पर विचार कर रही है। शनिवार को वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि बैंकों को इस बारे में पहले ही सूचित जारी किया जा चुका है।

विदित हो कि केंद्र सरकार ने अपने सामाजिक-सुरक्षा अभियान के तहत दो स्कीमें लॉन्च की थी। पहली प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और दूसरी प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत 2 लाख रुपए तक का जीवन बीमा दिया जाता है। इसके लिए सालाना प्रीमियम 330 रुपए देना होता है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आकस्मिक मृत्यु और पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपए तक का कवर दिया जाता है। इसके अलावा आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपए मिलते हैं। इसके लिए सालाना 12 रुपये का प्रीमियम देना होता है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के बैंक खाताधारकों की संख्या बढ़कर 43 करोड़ से ज्यादा हो गई है यानी सरकार जनधन खाताधारकों को जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ देने की पहल करती है, तो 43 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

गौरतलब है कि जनधन योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में की थी। इस योजना के जरिए सरकार की कोशिश नए बैंक खाते खोलने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाने की थी। अब तक इन खातों में जमा धनराशि बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपए हो गई है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में जन-धन खाताधारकों की कुल संख्या 18 अगस्त, 2021 तक 43.04 करोड़ हो गई है। इनमें से 23.87 करोड़ खाताधारक महिलाएं और 28.70 करोड़ खाताधारक पुरुष हैं।

बैंक में गोली चलने से अफरातफरी, कई घायल

बिजनौर। स्योहारा में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना में कई उपभोक्ता घायल हो गए। पुलिस ने मामले के आरोपी गार्ड को हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार त्योहारों के मद्देनजर बैंकों में भीड़ उमड़ रही है। स्योहारा के स्टेशन मार्ग स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में भी लोग मौजूद थे। बताया गया है कि इसी बीच बैंक के गार्ड नरदेव सिंह की लापरवाही से उसकी बन्दूक से फायर हो गया। गोली के छरें वहां मौजूद उपभोक्ताओं को जा लगे। घटना में  हरफूल सिंह (60 वर्ष) पुत्र बाबूराम निवासी डूंगरपुर, श्याम सिंह (45 वर्ष) पुत्र शेर सिंह निवासी मुंडा खेड़ी, वाशु (19 वर्ष) पुत्र ब्रजवीर सिंह निवासी जट नंगला व सुंदर (45 वर्ष) पुत्र अतर सिंह निवासी दौलताबाद व नवीन चौधरी (30 वर्ष) घायल हो गए। सभी को तुरन्त स्थानीय सीएचसी ले जा कर प्राथमिक उपचार कराया  गया। वहीं गार्ड नरदेव सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसने बताया कि हादसा गन को साफ करते हुए भूलवश हुआ।

पुलिस का कहना है कि थाना स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में नरदेव सिंह (66 वर्ष) पुत्र कृपाल सिंह निवासी ग्राम अखेडा थाना नहटौर जनपद बिजनौर बैंक में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। इसके पास स्वयं की 12 बोर की लाइसेंन्सी बन्दूक है। शनिवार को प्रातः करीब 10.00 बजे नरदेव सिंह अपनी लाइसेन्सी बन्दूक की बैरल नीचे करके चैक कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई। फर्श से टकराने के बाद उसके छर्रे वहां खड़े पांच लोगों के घुटने से नीचे लगे हैं। सभी का प्राथमिक अस्पताल में उपचार चल रहा है।

फ्यूचर जनरली इंश्योरेंस कंपनी ने किया दुर्घटना बीमा चेक का वितरण

बिजनौर। प्रथमा यूपी बैंक क्षेत्रीय कार्यालय बिजनौर में दुर्घटना बीमा चेक का वितरण फ्यूचर जनरली इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया। दुर्घटना बीमा खारी राजेंद्र पाल सिंह की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 620000 का क्लेम किया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश गुप्ता द्वारा चेक का वितरण किया गया साथ ही सभी किसानों को भी बीमा के प्रति जागृत करने का अनुरोध किया गया। क्लेम चेक प्राप्त करने के बाद परिजनों ने बैंक स्टाफ व फ्यूचर जनरली इंश्योरेंस कंपनी स्टाफ के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में बीमा कंपनी से गौरव कुमार, आशुतोष आनंद व शाखा प्रबंधक मामराज सिंह उपस्थित रहे।

भाईयों के लिए बहनें स्पीड पोस्ट से भेज रही राखियाँ

राखी के धागों की अहमियत बरकरार, देश के साथ-साथ विदेशों में भी भाईयों के लिए भी बहनें स्पीड पोस्ट से भेज रही राखियाँ

विदेशों में भी राखी का क्रेज : डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी जा रही राखियाँ

विदेशों में भी भाईयों की कलाई पर सजेगी राखी, डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी गई राखियाँ

राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी होगा राखी डाक का वितरण – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को छोडकर बहनें, भाईयों की कलाइयाँ सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियाँ भेजना पसंद कर रही हैं। डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद है और तमाम तैयारियाँ किए हुये है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से अब तक 50 हजार से ज्यादा राखियॉं विभिन्न डाकघरों से बुक होकर देश-विदेश में भेजी गईं।

राखी का क्रेज देश से बाहर विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियाँ भेजी जा रही हैं। इस माह में 500 से अधिक राखियाँ वाराणसी के डाकघरों द्वारा विदेशों के लिए बुक की गईं। इनमें ज्यादातर राखियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका इत्यादि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनें भी वाराणसी में अपने भाईयों को राखी भेज रही हैं, जो डाक विभाग के माध्यम से तुरंत वितरित हो रही हैं। विदेशों में राखियाँ भेजने के लिए बहनें पहले से ही तैयारी करने लगती हैं, ताकि सही समय पर भाईयों को राखी पहुँच जाये और उनकी कलाई सूनी न रहे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ स्पेशल सॉर्टिंग और इनके त्वरित वितरण हेतु डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल सॉर्टिंग हब तक में विशेष प्रबंध किये गए हैं। राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी डाकियों द्वारा राखी डाक का वितरण किया जायेगा, ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे।

PNB के ATM में छूटा किसी का कार्ड

बिजनौर। जिला मुख्यालय के सिविल लाइंस में पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के एटीएम में एक कार्ड पाया गया है। स्टेट बैंक के उक्त कार्ड पर नाम श्री धन सिंह (Dhan Singh) अंकित है। रविवार देर सायं उक्त कार्ड ATM के कार्ड होल्डर में लगा पाया गया। ATM परिसर के भीतर लिखे PNB के toll free नंबर पर कॉल कर के मामले की जानकारी का प्रयास किया गया। आज सोमवार को PNB शाखा कार्यालय पर कार्ड जमा करा दिया गया है।

जनता की सुविधा के लिए इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम

जिला चिकित्सालय एल-2 में फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है-डीएम रमाकांत पांडेय

बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय द्वारा अपील की गई है कि जनपद के सभी नागरिक कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रोटोकॉल का पालन करें, जिससे संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आवश्यकतानुसार इन दूरभाष नंबर पर फोन करके सूचना दी जा सकती है तथा सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी अपील की कि अनावश्यक शंकाओं व अफवाहों पर ध्यान न दें। जिलाधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय एल-2 में फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नंबर निम्न हैंः- 01342
(1)-262031 (2)-262295 (3)-262296 (4)-202297

बदलेगा IFSC कोड, बेकार हो जाएगी चेकबुक

इन 8 बैंकों में है आपका अकाउंट तो आज ही कर लें ये काम

दिल्ली। आज मार्च महीना का आज आखिरी दिन है। यह खत्म होने के साथ ही नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो जाएगी। नए साल के साथ ही कई तरह के बैंकिग सिस्टम के साथ कई नियम बदलने वाले हैं। कई बैंकों के आईएफएससी कोड भी बदलने वाले हैं। इससे हर खाता धारक पर इसका असर पड़ेगा, क्योंकि बैंक अकाउंट में डिपॉजिट होने वाले पैसे के लिए यह सबसे आवश्यक जानकारी होती है। इससे आपकी चेक बुक से लेकर पर्सनल डिटेल पर काफी असर पड़ने वाला है। हाल ही में देना बैंक, विजया बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI), सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक का दूसरे बैंकों में विलय हो चुका है।इसलिए इन 8 बैंक के ग्रहकों के लिए दिक्कत होने वाली है। देना बैंक और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में हो गया है। इसलिए जिन लोगों का इन बैंक में खाता है, उन्हें ध्यान रखने की आवश्यकता है। जिन-जिन बैंकों का विलय हो रहा है, उनके आईएफएससी कोड में बदलाव होना है। इसके साथ ही 1 अप्रैल से ग्राहकों के पुराने चेक, पासबुक भी बदल जाएंगे. दरअसल, आईएफएससी कोड बदलने से एक तरह से आपकी पूरी पर्सनल डिटेल बदल जाती है। इससे इन 8 बैंकों के चेक काम करना बंद कर देंगे, जिससे आपके पास पड़ी चेक बुक काम की नहीं रहेगी।
इसके अलावा आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में तथा इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हो गया है। वैसे तो सिंडिकेट बैंक का विलय भी कैनरा बैंक में हो गया है, लेकिन अभी सिंडिकेट बैंक के खाताधारक पुरानी चेकबुक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सिंडिकेट बैंक के चेक 30 जून तक मान्य है।

बदल सकता है अटल पेंशन योजना में उम्र का बंधन!

अटल पेंशन योजना- कम से कम पैसे का निवेश कर पेंशन की पूरी गारंटी पाने के सबसे बेहतर विकल्‍प के रूप में अटल पेंशन योजना को सबसे बेहतर पेंशन स्‍कीम कहा जा सकता है। सरकार इस योजना में निवेश करने पर 1000 से 5000 रुपये प्रति महीना पेंशन की गारंटी लाभान्वितों को देती है। हालांकि अभी 40 साल तक की उम्र के महिला-पुरुष ही अटल पेंशन योजना के लिए लाभुक के तौर पर आवेदन कर सकता है। अटल पेंशन योजना के तहत 18 साल से अधिक का कोई भी व्‍यक्ति पेंशन पाने का हकदार होगा। अब अधिकतम आयु 40 से और अधिक बढ़ाए जाने की सुगबुगाहट है।

ऐसे शुरू करें निवेश-अटल पेंशन योजना से जुड़ने के बाद आप अपने अकाउंट में हर महीने एक तय राशि का योगदान करें। इससे 60 साल पूरे होने के बाद या रिटायरमेंट के बाद आपको एक हजार से लेकर 5 हजार रुपये प्रति माह तक पेंशन मिलने लगेगी। सरकार के नियमों के मुताबिक अगर छह महीने में 1239 रुपये अटल पेंशन स्‍कीम में डाला जाता है, तो लाभुक को 60 साल उम्र पूरी हो जाने के बाद जीवनभर 5000 रुपये प्रति माह या फिर 60000 रुपये सालाना पेंशन की गारंटी मिल जाती है।

देने होंगे हर महीने 210 रुपए-अगर 18 साल की उम्र में कोई नौजवान अटल पेंशन योजना से जुड़ता है। और वह प्रति महीने इसमें 210 रुपये निवेश करता है, तो उसे 60 साल उम्र पूरी होने पर अधिकतम 5 हजार रुपये महीना पेंशन मिलेगी। हर महीने 210 रुपये, हर तीन महीने पर 626 रुपये या फिर छह महीने पर 1239 रुपये जमा करने का विकल्‍प अटल पेंशन योजना में लाभुकों को दिया गया है। अगर आप महीने में सिर्फ 42 रुपये जमा करते हैं, तो 1000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने के हकदार होंगे।

कैसे लें योजना का लाभ- अटल पेंशन योजना में प्रति महीने 5000 रुपये के हिसाब से सालाना कुल 60000 रुपये पेंशन प्राप्‍त की जा सकती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए हर महीने एक तय रकम आवेदक को जमा कराना होता है। इस योजना को आप अपने बैंक खाते के साथ ही संबंधित बैंक में शुरू कर सकते हैं। बताया गया है कि अटल पेंशन योजना का मकसद समाज के हर तबके के अधिकतम लोगों को पेंशन के दायरे में लाना है।

अभी 18 से 40 वर्ष तक के लोगों को मिलता है लाभ– अभी 18 से 40 वर्ष तक के लोगों को अटल पेंशन योजना का लाभ मिलता है। हालांकि, पेंशन निधि विनियामक व विकास प्राधिकरण ने केंद्र सरकार से अटल पेंशन योजना का दायरा बढ़ाने के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है। संभव है सरकार अप्रैल के पहले हफ्ते में इस पर बड़ा फैसले का एलान कर दे।

कम उम्र में जुड़ने पर फायदा मिलेगा अधिक- कम उम्र में जुड़ने पर अटल पेंशन योजना में फायदा अधिक मिलेगा। उदाहरण के तौर पर देखें तो हर महीने 5 हजार रुपये पेंशन पाने के लिए अगर 35 साल का कोई व्‍यक्ति इस स्‍कीम में जुड़ता है, तो उसे 25 साल तक हर 6 महीने में 5323 रुपये या फिर सालाना 10646 रुपये का निवेश करना होगा। इस तरह 25 साल में अटल पेंशन योजना में इस व्‍यक्ति का कुल निवेश 2 लाख 66 हजार रुपये होगा। इस तरह 5 हजार रुपये मासिक पेंशन पाने के लिए अगन कोई युवक 18 साल की उम्र में जुड़ता है, तो उसका इस योजना में कुल निवेश सिर्फ 1 लाख 4 हजार रुपये ही होगा। ऐसे में जितनी कम उम्र में निवेश करें, उतना ही फायदा होगा।

अटल पेंशन योजना से जुड़ी खास बातें

  1. इस योजना में कुल 3 तरह का प्लान है। मासिक, तिमाही या छमाही पैसे जमा कर सकते हैं।
  2. 60 साल उम्र पूरी हो जाने के बाद अधिकतम 5000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी।
  3. यह योजना राष्‍ट्रीय पेंशन योजना के तहत तमाम सरकारी व प्राइवेट बैंकों में चलाई जा रही है।
  4. अटल पेंशन योजना में निवेश करने पर इनकम टैक्‍स में छूट हासिल की जा सकती है।
  5. एक व्‍यक्ति सिर्फ एक बार ही इस योजना का लाभ उठा सकता है।
  6. इस योजना में जुड़ने पर शुरुआती 5 साल सरकार भी आपके लिए अंशदान करेगी।
  7. 60 साल उम्र पूरी होने से पहले या बाद में मौत हो जाने पर पत्‍नी को पेंशन मिलेगी।
  8. अटल पेंशन योजना में नॉमिनी भी रख सकते हैं। लाभुक की मौत के बाद उसे पेंशन मिलेगी।

अपने सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन खर्च वहन करेगाएचडीएफसी बैंक

अपने सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन खर्च वहन करेगाएचडीएफसी बैंक
1 लाख से अधिक कर्मचारियों को कवर किया जाएगा इस अभियान में
कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्यों को भी टीकाकरण की सुविधा मिलेगी

लखनऊ। एचडीएफसी बैंक ने घोषणा की है कि वह बैंक के 1 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कोरोनो वायरस से प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने के लिए टीकाकरण का खर्च वहन करेगा। बैंक दो अनिवार्य वैक्सीनेशन के लिए आने वाली लागत राशि की प्रतिपूर्ति करेगा।
इस नई पहल के बारे में बात करते हुए,  विनय राजदान, समूह प्रमुख-एचआर, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमने लगातार इस पूरे दौर में अपने कार्यालयों और बैंक शाखाओं में अपने कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी अनिवार्य दिशानिर्देशों का पालन किया है। हमारे कर्मचारियों ने लाखों ग्राहकों की सेवा करने के लिए अनुकरणीय दृढ़ता, व्यावसायिकता और समर्पण दिखाया है। हमारे कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए टीकाकरण की लागत को वहन करना हमारे कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए संगठन की ओर से एक छोटा सा प्रयास है।
सुश्री आशिमा भट्ट, समूह प्रमुख, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमारे लिए, हमारे कर्मचारी फ्रंट-लाइन वर्कर्स की तरह ही हैं, जिन्होंने सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान भी ग्राहकों के लिए बैंकिंग जैसी आवश्यक सेवा निरंतर उपलब्ध रहें। और हम उनके समर्पण के लिए उनके दिल से शुक्रगुजार हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य कोविड 19 से सुरक्षा के लिए वैक्सीन का सुरक्षा चक्र प्राप्त करें। एचडीएफसी बैंक ने प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और मेडिकल चिकित्सकों के साथ टाई-अप के माध्यम से, लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों को लागू किया। शाखाओं और कार्यालयों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के अलावा, बैंक ने विभिन्न ऑनलाइन पहलों के माध्यम से अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की मानसिक तौर पर भी स्वस्थता सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया।

यूनियन बैंक ने किया समाजसेवी को सम्मानित

-सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने पर किया सम्मानित
-यूनियन बैंक की ओर से शाल ओढ़ाकर की शील्ड प्रदान

-घर घर सम्पर्क कर ग्रामीणों को बताया बैंक सेवाओं का महत्व

बिजनौर। सरकारी योजनाओं व बैंकिंग सेवाओं के प्रति अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए नजीबाबाद के ग्राम दूधली निवासी समाजसेवी वकील अहमद को यूनियन बैंक आफ इंडिया के प्रबंधक ने सेवाओं की सराहना करते हुए सम्मानित किया।

ग्राम दूधली में आयोजित कार्यक्रम में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक राकेश भंडारी ने कहा कि अगर समाज में लोग इसी प्रकार जागरूक रहकर कार्य करें तो कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ लेने से वंचित नहीं रह पाएगा। संजय जैन ने कहा कि समाज के लिए नि:स्वार्थ भाव से कार्य करना महत्वपूर्ण कार्य है, जिसकी आज काफी आवश्यकता है। सामथ्र्यवान लोगों को समाज कल्याण के कार्यों में जुटना चाहिए। समाज सेवा तीन प्रकार की होती है। प्रथम किसी जरूरतमंद की अपने पास से मदद करना, दूसरी समाजसेवा में किसी दूसरे के माध्यम से मदद कराना तथा तीसरी किसी को मदद के लिए मार्ग बताना होता है। उन्होंने कहा कि वकील अहमद ने इन तीनों क्षेत्रों में ही अपनी सेवाओं से लोगों तक पहुंचकर उनकी मदद की। विवेक अग्रवाल ने कहा कि वकील अहमद ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकार की योजनाओं से अवगत कराने के साथ उसका लाभ दिलवाने के लिए आवेदन पत्रों में लगने वाले दस्तावेजों को खुद तैयार कराने, बैंक में खाते खुलवाने, श्रम विभाग से मजदूरों के पंजीकरण कराने, मतदाता पहचान पत्र बनवाने सहित कई सेवा कार्य कर लोगों को जागरूक किया।
इस मौके पर वकील अहमद को बैंक प्रबंधक राकेश भंडारी, संजय जैन व विवेक अग्रवाल ने संयुक्त रूप से शाल ओढ़ाकर शील्ड व प्रशस्ति पत्र भेंट किया। कार्यक्रम में दाताराम सिंह, कालू सिंह, विजय सिंह, गोपाल सिंह, हाजी शराफत, मोहम्मद शादाब व अजीम अहमद ने संबोधित कर वकील अहमद की सेवाओं की सराहना की। इससे पूर्व अतिथियों का अशरफ हुसैन एडवोकेट, मास्टर नफीस अहमद, डा.रिजवान अहमद, डा. आफताब आलम, महावीर सिंह, राधे सिंह, विशम्भर सिंह आदि ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश भंडारी ने तथा संचालन अशरफ हुसैन एडवोकेट ने किया।

भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड की कार्यशाला

भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड ने ‘कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स: एन इंस्‍टीट्यूशन ऑफ पब्लिक ट्रस्‍ट’ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।

नई दिल्ली। भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने भारतीय स्‍टेट बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ मिलकर ‘कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स: एन इंस्टीट्यूशन ऑफ पब्लिक ट्रस्ट’ विषय पर एक एकदिवसीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया। यह वित्तीय लेनदारों के फायदे के लिए आयोजित कार्यशालाओं की श्रृंखला के तहत पांचवीं ऐसी कार्यशाला है। इसमें ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत लेनदारों की समिति (सीओसी) भी शामिल है। इस कार्यशाला में 15 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के 31 वरिष्ठ अधिकारियों (महाप्रबंधकों एवं कार्यकारी निदेशकों) ने भाग लिया। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव राजेश वर्मा ने उद्घाटन भाषण दिया। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव ने कार्यशाला में मुख्‍य व्याख्यान दिया। भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष दिनेश कुमार खेरा ने इस अवसर पर एक विशेष वक्‍तव्‍य दिया। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने अपने स्वागत उद्बोधन के साथ उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला के प्रमुख वक्‍ताओं में भारतीय स्‍टेट बैंक के प्रबंध निदेशक सीएस शेट्टी, पीडब्‍ल्‍यूसी इंडिया के चेयरमेन संजीव कृष्णन, एडलवाइस ग्रुप के चेयरमैन राशेष शाह, शार्दुल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर शार्दुल श्रॉफ और आईबीबीआई के चेयरपर्सन डॉ. एम. एस. साहू शामिल थे। Ministry of Corporate Affairs ने प्रेस रिलीज़ में बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य आईबीसी के तहत सीओसी की भूमिका एवं उससे अपेक्षाओं के बारे में बेहतर समझ विकसित करना और यह सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय लेनदारों की क्षमता का निर्माण करना है कि सीओसी  अत्यंत सावधानी एवं परिश्रम के साथ अपने वैधानिक कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। इसके अलावा विभिन्‍न प्रतिस्पर्धी समाधान योजनाओं को तैयार करने और उनमें से सर्वश्रेष्ठ को मंजूरी देने के मामले में व्यावसायिक निर्णय लेने की पर्याप्‍त क्षमता और प्रेरणा रखती है। साथ ही समाधान प्रक्रिया में सभी हितधारकों के हितों पर विचार करती है और उनमें संतुलन बनाती है।   ****

अभी चलन में रहेंगे 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट!

क्या मार्च के बाद चलन से बाहर हो जाएंगे 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट?

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने स्पष्ट किया है कि 100, 10 और 5 रुपये सभी पुराने नोट वैध हैं और वह चलन में बने रहेंगे। फिलहाल इन नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने को लेकर कोई योजना नहीं है। इसका मतलब है कि मार्च और अप्रैल के बाद भी 5, 10 और 100 रुपए के पुराने नोट मार्केट में चलते रहेंगे। विदित हो कि रिजर्व बैंक की तरफ से 5, 10 और 100 रुपए के नए नोट भी जारी किए गए हैं। मार्केट में अभी नए और पुराने दोनों नोट चल रहे हैं।

बाजार में सभी नए नोट उपलब्ध- नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक की तरफ से 2000, 500, 200, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपए के नए नोट जारी किए गए हैं। हालांकि अभी भी पुराने नोट की वैधता है और यह प्रचलन में भी है। आरबीआई ने 5 जनवरी 2018 को 10 का नया नोट जारी किया था, जुलाई 2019 में 100 का नया नोट जारी किया गया था, 20 के भी नए नोट जारी किए गए हैं, 50 के नए नोट 18 अगस्त 2017 को जारी किया गया था, 25 अगस्त 2017 को 200 के नए नोट जारी किए गए थे। नोटबंदी के ठीक बाद 10 नवंबर 2016 को 500 के नोट जारी किए गए थे। उसी दिन 2000 का भी नोट को जारी किया गया था। इसने 1000 रुपए के नोट की जगह ली थी। फिलहाल 1000 रुपए का नोट प्रचलन में नहीं है।

RBI के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बी महेश के एक बयान के आधार पर कहा जा रहा था कि रिजर्व बैंक मार्च के बाद 100, 10 और 5 रुपये के पुराने नोट को चलन से बाहर करने का फैसला करने वाला है। अब मीडिया में आई इस रिपोर्ट को लेकर रिजर्व बैंक की तरफ से बयान आया है। रिजर्व बैंक ने अपनी सफाई में साफ-साफ कहा है कि अभी ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसको लेकर PIB फैक्ट चेक की तरफ से ट्वीट कर जानकारी दी गई है।

मार्च-अप्रैल के बाद चलन से बाहर हो जाएंगे 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट!

पुराने नोटों की सीरीज वापस लेने की योजना पर RBI कर रहा काम

नई दिल्ली। मार्च-अप्रैल के बाद 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर हो जाएंगे! आरबीआई की तरफ से यह अहम जानकारी दी गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर बी महेश ने जानकारी दी है कि इन पुराने नोटों की सीरीज को वापस लेने की योजना पर काम हो रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक के जनरल मैनेजर बी महेश के अनुसार 100 रुपए, 10 रुपए और 5 रुपए के पुराने करेंसी नोट अंततः चलन से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि आरबीआई की मार्च-अप्रैल तक इन्हें वापस लेने की योजना है। कारण ये है कि इन पुराने नोट के बदले नए नोट पहले से ही सर्कुलेशन में आ चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 100 रुपए का नया नोट साल 2019 में जारी किया गया था। Reserve Bank समय-समय पर नकली नोटों के खतरे को टालने के लिए पुरानी सीरीज के नोटों को बंद कर देता है। अधिकृत ऐलान के बाद बंद किए गए सभी पुराने नोटों को बैंक में जमा कराना होता है। बैंक जमा कराए गए कुल नोटों की कीमत खाते में जमा कर देता है या नया नोट दे देता है।

नोटबंदी के दौरान मची अफरातफरी है ध्यान:नोटबंदी में 500 और 1000 के नोट बंद करने पर मची अफरातफरी को ध्यान में रखते हुए अब आरबीआई अचानक कोई भी पुराना नोट बंद नहीं करना चाहता। इसलिए पहले बाजार में उस मूल्य का नया नोट सर्कुलेशन में लाया जाता है। इसके चलन में पूरी तरह आने के बाद ही पुराने नोट को चलन से बाहर किया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2019 में जब 100 रुपए के नोट जारी किए तो तभी साफ कर दिया था कि पहले जारी किए गए सभी 100 रुपए के नोट भी कानूनी निविदा के रूप में जारी रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 2,000 रुपए के अलावा 200 रुपए के नोट जारी किए थे।

₹10 के सिक्कों को लेकर भी चिंतित RBI: 10 रुपए के सिक्कों को लेकर बाजार में कई तरह की अफवाह फैलाई जाती है कि यह मान्य नहीं है। ऐसे सिक्के जिन पर रुपी का चिन्ह मार्क नहीं है, कई ट्रेडर्स या छोटे दुकानदार उसे लेने से मना कर देते हैं। इस पर आरबीआई का कहना है कि यह बैंक के लिए समस्या का विषय है। इसिलए बैंक समय-समय पर इस तरह की अफवाहों से बचने का सलाह जारी करता है।

महिलाओं को व्यक्तिगत व व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाता है SBI

भारतीय स्टेट बैंक व्यक्तिगत और व्यावसायिक रूप से महिलाओं को बनाता है सशक्त
महिला कर्मचारियों को शिक्षित करने में मदद करने वाले वाली सखियों का सम्मान

•01 जुलाई 2020 को बैंक में शामिल होने वाली सभी महिला कर्मचारियों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक पहल

लखनऊ। भारतीय स्टेट बैंक ने तारावाली कोठी में “सखी” की उपाधि से सुभोषित महिला ऑफिसर्स को समारोह के दौरान सम्मानित किया। यह सखी बैंक में नए महिला कर्मचारियों को बैंक के तौर तरीकों से शिक्षित करने में मदद करती हैं।

भारतीय स्टेट बैंक, लखनऊ मंडल के मुख्य महा प्रबंधक, अजय कुमार खन्ना ने समारोह के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “हर साल भारतीय स्टेट बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर्स और जूनियर एसोसिएट्स के रूप में नई प्रतिभाओं को शामिल करता है, जो बैंक के भविष्य बनते हैं। हमने बैंक में शामिल होने वाली सभी महिला कर्मचारियों के मेंटरशिप, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए 01 जुलाई 2020 को भारतीय स्टेट बैंक में एक मजबूत प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरआत की, जिसके अंतर्गत बैंक नैतिकता, प्रणाली, संस्कृति और पर्यावरण में उनके सुचारु परिवर्तन और आत्मसात को सुनिश्चित कर सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन युवा महिला कर्मचारियों को बैंक के काम के माहौल में सुचारू रूप से भावनात्मक और साथ ही व्यवसायी सहायता प्रदान करना है। परिणामस्वरुप महिलाएं अपने जीवन में किए गए निर्णयों से सशक्त और आत्मविश्वास महसूस करें।”

यह पहल आने वाले दिनों में निश्चयात्मक परिणाम लाएगी। वर्तमान में, भारतीय स्टेट बैंक के लखनऊ मंडल में महिला कर्मचारियों का अनुपात 25% के बैंक स्तर के अनुपात के मुकाबले 16% है। हमारा मानना है कि लखनऊ मंडल में महिला कर्मचारियों के अनुपात को बढ़ाने के लिए सखी जैसी पहल निश्चित रूप से सकारात्मक रहेगी। सखी नई महिला कर्मचारियों को सुरक्षित, प्रेरित और सशक्त महसूस करने में मदद करेगी ताकि उनके परिवार के सदस्य/ माता-पिता/ अभिभावक भी अपने बच्चों के प्रति सुरक्षित महसूस करें। बहुत कम समय में हमने काम के माहौल में एक उल्लेखनीय अंतर देखा है। साथ ही हमारे नए कर्मचारियों ने भी यही अनुभव किया है। इस पहल के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक यूपी राज्य से अधिक महिला कर्मचारियों को भर्ती करने का दावा करता है, और आशा करते हैं कि और अधिक महिला उम्मीदवार भारतीय स्टेट बैंक में बैंकिंग कैरियर का चुनाव करेंगी।

इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के उप महा प्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी सीबीके सिंह ने कहा कि, “इस मेंटरशिप प्रोग्राम में हमारा विश्वास इन सखियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य द्वारा ही सक्षम हो पाया है। सखियों ने हमारे सपनों को वास्तविकता में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है और हमारी
महिला कर्मचारियों को उनकी खुशी और सुरक्षा के लिए उचित मार्गदर्शन सुनिश्चित कराया है। इस पहल का उद्देश्य है कि वे उन चीजों को साझा करने में स्वतंत्र महसूस करें जो उनके लिए मायने रखती हैं। हमारा मानना है कि यह मेंटरशिप प्रोग्राम चमत्कार कर सकता है और भारतीय स्टेट बैंक में महिलाओं के लिए एक मजबूत कार्य नैतिकता के निर्माण में उत्कृष्टता ला सकता है।”

समारोह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ मंडल के मुख्य महा प्रबंधक अजय कुमार खन्ना, उप महा प्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी सीबीके सिंह सहायक, महा प्रबंधक (मानव संसाधन) मयूर तोलानी और अन्य प्रतिष्ठित अधिकारी और अन्य स्टाफ के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

ITR: last डेट आज, नहीं तो जुर्माना ₹10 हजार

इन्कम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज, तुरंत जमा नहीं किया तो लगेगा 10,000 रुपए जुर्माना
नई दिल्ली (धारा न्यूज): वर्ष 2020-21 (वित्त वर्ष 2019-20) का आईटीआर फाइल करने का आज आखिरी दिन है। आईटीआर (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 10 जनवरी है। इसके बाद रिटर्न फाइल करेंगे तो दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। आयकर विभाग भी ट्वीट कर आगाह कर चुका था कि आईटीआर फाइल करने के लिए लॉस्ट डेट का इंतजार न करें।

गौरतलब है कि अगर आप समय पर इन्कम टैक्स रिटर्न नहीं करते हैं तो विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाता है। अगर टैक्स पेयर्स रिटर्न 10 जनवरी के बाद फाइल करते हैं तो  10,000 रुपये लेट फीस चुकानी होगी। इसके अलावा ऐसे टैक्सपेयर्स, जिनकी आय ₹5 लाख से ज्यादा नहीं है, उन्हें लेट फीस के रूप में ₹1000 देने ही देने पड़ते हैं।

कोरोना के कारण इसकी तारीख बढ़ते-बढ़ते पहले 31 दिसंबर 2020 और फिर 10 जनवरी 2021 की गई थी। नौकरीपेशा लोगों को अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 ए जरूर लेकर रख लेना चाहिए। इसमें काटे गए टैक्स (टीडीएस) और आपके द्वारा नियोक्ता को निवेश की दी गई जानकारी का विवरण होता है। इसके अलावा नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और स्वरोजगार करने वाले सभी लोगों के लिए बैंक को फॉर्म 15-H भरकर देना होता है, उससे ब्याज का सर्टिफिकेट भी लेकर रख लें। फॉर्म 15-H एक तरह का घोषणापत्र है, जिसमें यह जानकारी होती है कि आपकी आय कर दायरे में नहीं आती है। ऐसा नहीं होने पर बैंक टीडीएस काट लेते हैं। वहीं 10 हजार रुपए से अधिक के ब्याज पर टैक्स लगता है। ऐेसे में ब्याज सर्टिफिकेट रहने पर आंकलन करना आसान होगा। इसके अतिरिक्त बीमा पॉलिसी में निवेश का विवरण, होम लोन की ईएमआई और टैक्स छूट वाले अन्य निवेश के दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। इससे ऑनलाइन रिटर्न भरने में परेशानी नहीं होती और समय भी कम लगता है।

ऐसे ऑनलाइन भरें ITR-                    1. इन्कम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जा कर यूजर आईडी (पैन नंबर), पासवर्ड और कैप्चा कोड के साथ लॉगिन करें।
2. ‘e-File’ मेन्यू पर क्लिक करें और उसके बाद ‘Income Tax Return’ के लिंक पर क्लिक करें।
3. इन्कम टैक्स रिटर्न पेज पर पैन स्वयं भरा हुआ दिखेगा।
4. अब असेसमेंट ईयर, आईटीआर फॉर्म नंबर, फाइलिंग टाइप में ‘ओरिजिनल/ रिवाइज्ड रिटर्न’ चुनिए। इसके बाद सबमिशन मोड में ‘प्रीपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन’ को क्लिक करें।
5. इसके बाद ‘Continue’ पर क्लिक कीजिए. अब दिशा-निर्देशों को सावधानी से पढ़िए और फॉर्म को सावधानी से पढ़ने के बाद भरिए।
6. फॉर्म भरने के बाद ‘टैक्स पेड एंड वेरिफिकेशन टैब’ में उपयुक्त वेरिफिकेशन विकल्प को चुनें।
7. इसके बाद ‘प्रीव्यू एंड सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
8. अगर आपने ‘ई-वेरिफिकेशन’ का विकल्प चुना है तो आप ईवीसी या ओटीपी में से किसी एक जरिए ई-वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।
9. अगर आपका पैन आधार से जुड़ा है और मोबाइल नंबर लिंक है तो ओटीपी से ई-वेरिफिकेशन पूरा करें।
9. एक बार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप आईटीआर सबमिट कर सकते हैं।

आज से बदले नियम जिंदगी पर डालेंगे सीधा असर

आज से बदले नियम जिंदगी पर डालेंगे सीधा असर
नजरअंदाज किया तो हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली (धारा न्यूज): नए साल की पहली तारीख आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बदलाव लाई है। फास्टैग, जीएसटी, गैस सिलिंडर, इंश्योरेंस, चेक पेमेंट, कॉलिंग, व्हाट्सएप, गाड़ियों की कीमत आदि इनमें शामिल हैं। इन नियमों को नजरअंदाज करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है। हालांकि, कुछ जगह आपको फायदा भी होगा।

– चेक से पेमेंट का तरीका
पॉजिटिव पे सिस्टम एक स्वचालित टूल है जो चेक के जरिये धोखाधड़ी करने पर लगाम लगाएगा। इसके तहत, जो व्यक्ति चेक जारी करेगा, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकरी एसएमएस, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दे सकता है। इसके बाद चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों को क्रॉस-चेक किया जाएगा। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाएगी चेक से भुगतान नहीं किया जाएगा और संबंधित बैंक शखा को इसकी जानकरी दी जाएगी। बैंक 50,000 रुपये और उससे ऊपर के सभी भुगतान के मामले में खाताधारकों के लिए नया नियम लागू करेंगे।

– घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करती है। यानी, 1 जनवरी से सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होगा। हालांकि, इस बार 1 दिसंबर को कीमतें बढ़ाने की जगह तेल कंपनियों ने तीन दिसंबर को दाम बढ़ाए। अब तक दिसंबर में दो बार रसोई गैस की कीमतें बढ़ चुकी हैं।

– कम प्रीमियम पर मिलेगी टर्म प्लान पॉलिसी अब आप कम प्रीमियम में सरल जीवन बीमा (स्टैंडर्ड टर्म प्लान) पॉलिसी खरीद सकेंगे। भारतीय बीमा विनियामक इरडा ने बीमा कंपनियों को आरोग्य संजीवनी नामक स्टैंडर्ड रेग्युलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश करने के बाद एक स्टैंडर्ड टर्म लाइफ इंश्योरेंस पेश करने का निर्देश दिया था। नए बीमा प्लान में कम प्रीमियम में टर्म प्लान खरीदने का विकल्प मिलेगा। साथ ही सभी बीमा कंपनियों के पॉलिसी में शर्तों और कवर की राशि एक समान होगी।

– जीएसटी रिटर्न जमा करने का तरीका
सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत छोटे करदाताओं के लिए तिमाही रिटर्न दाखिल करने और करों के मासिक भुगतान (क्यूआरएमपी) की योजना शुरू की है। ऐसे करदाता जिनका पिछले वित्त वर्ष में वार्षिक कारोबार पांच करोड़ रुपये तक रहा है और जिन्होंने अपना अक्टूबर का जीएसटीआर-3बी (बिक्री) रिटर्न 30 नवंबर, 2020 तक जमा कर दिया है, इस योजना के पात्र हैं। जीएसटी परिषद ने पांच अक्तूबर को हुई बैठक में कहा था कि पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले पंजीकृत लोगों को एक जनवरी, 2021 से अपना रिटर्न तिमाही आधार पर दखिल करने और करों का भुगतान मासिक आधार पर करने की अनुमति दी जा सकती है।
– अनिवार्य होगा फास्टैग
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को पूरी तरह से खत्म कर रही है।

– कॉन्टैक्टलेस कार्ड से लेनदेन की लिमिट
आरबीआई यूपीआई से कॉन्टैक्टलेस लेन-देन की सीमा को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है।
– लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने से पहले लगाना होगा शून्य
देशभर में लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए ग्राहकों को नंबर से पहले शून्य लगाना अनिवार्य होगा। दूरसंचार विभाग ने इससे जुड़े ट्राई के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इससे टेलिकॉम कंपनियों को अधिक नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी।

– इन मोबाइल पर काम नहीं करेगा व्हाट्सएप
नए साल से एंड्रॉयड 4.3 और आईओएस-9 (iOS 9) से पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोंस में व्हाट्सएप चलना बंद हो जाएगा। व्हाट्सएप हर साल आउटडेटेड आईओएस और एंड्रॉयड स्मार्टफोन को सपोर्ट करना बंद कर देता है। जो ग्राहक पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वह अपना फोन अपग्रेड कर लें।

– महंगी हो जाएंगी गाड़ियां
कई कार कंपनियां स्टील, एल्युमिनियम और प्लास्टिक की कॉस्ट बढ़ने के कारण दाम बढ़ा रही हैं। दाम बढ़ाने वाली कंपनियों में एमजी मोटर्स, रेनो आदि शामिल है।

– पीएफ (PF) पर ब्याज
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2019-20 के लिए करीब छह करोड़ अंशधारकों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में एकमुश्त 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालेगा।

– महंगे टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन
एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे कुछ होम अप्लायंसेस की कीमतें 10 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इसकी मुख्य वजह कॉपर, एल्यूमिनियम और स्टील की कीमतों में वृद्धि होना है। इसके अलावा, समुद्री और हवाई माल भाड़े में भी बढ़ोत्तरी हुई है। टीवी पैनल्स की कीमतों में 200 फीसदी की वृद्धि हुई है, वहीं क्रूड की कीमतें बढ़ने के चलते प्लास्टिक भी महंगी हो गई है। इसके चलते जनवरी से पैनासोनिक इंडिया, एलजी और थॉमसन ने अपने उत्पादों की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं सोनी ने कहा कि वह अभी हालात का जयजा ले रही है। इसके बाद वह कीमत बढ़ोतरी पर फैसला करेगी।

ATM इस्तेमाल के पहले हो जाएं सावधान! नहीं तो देना पड़ेगा चार्ज

ATM इस्तेमाल करने से पहले चैक कर लें बैलेंस, नहीं तो देना पड़ेगा बैंक को चार्ज

नई दिल्ली (धारा न्यूज): एटीएम का इस्तेमाल करने से पहले अपने खाते का बैलेंस जरूर चेक कर लें। यदि खाते में पैसे न हुए तो इसके लिए बैंक को चार्ज देना पड़ सकता है।

कई बार ग्राहक खाते में कम पैसा होने पर भी एटीएम से ट्रांजेक्शन करने लगते हैं। उन्हें यह बात नहीं पता होती कि ट्रांजेक्शन फेल होने पर ग्राहकों को बैंक को पैसा चुकाना पड़ता है। कम बैंलेस के कारण फेल हुए एटीएम ट्रांजैक्शन पर बैंक चार्ज वसूलते हैं।

कई बार ग्राहकों को इस बारे में पता नहीं होता और पता उनको तब चलता है जब वे एटीएम से ट्रांजेक्शन कर लेते हैं या फिर एटीएम स्क्रीन पर insufficient funds का मैसेज दिखाई देता है। सभी बैंक इस पर अलग-अलग चार्ज लेते हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank), यस बैंक (Yes Bank) और अन्य कई बैंक आपके खाते में कम बैलेंस होने के कारण फेल एटीएम लेनदेन पर चार्ज वसूलते हैं।

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ATM के मुकाबले आधार कार्ड से नकदी निकासी हुई दोगुना

आधार कार्ड के जरिये नकदी निकासी हुई दोगुना

नई दिल्ली। (धारा न्यूज़) कोरोना महामारी के कारण एटीएम के जरिये इस दौरान होने वाली निकासी में कमी आई है। वहीं आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिये नकदी निकासी पिछले साल के मुकाबले करीब दोगुना हो गई है। आधार के जरिये आसानी से नकदी निकासी की सुविधा गांवों और छोटे शहरों में उपलब्ध होने से यह उछाल आया है। गांवों के लोगों द्वारा अपने पास के बैंक एजेंट और दुकान से पैसे निकालने की सुविधा के चलते माइक्रो एटीएम प्वाइंट्स की संख्या भी करीब दोगुनी हो गई है।

नवंबर में ₹18,820 करोड़ की निकासी-
भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, नवंबर महीने में 68.4 मिलियन निकासी के जरिये 18,820 करोड़ रुपये की निकासी एईपीएस के जरिये की गई। पिछले साल इस दौरान 39 मिलियन निकासी से 9,778 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी।
आधार के जरिये आसान निकासी की सुविधा से एटीएम तक जाने वाले लोगों की संख्या तेजी से घटी है। इसके चलते नवंबर में 34 करोड़ एटीएम ट्रांजेक्शन हुईं, जिनमें 1.43 लाख करोड़ रुपये निकाले गए। पिछले साल यह आंकड़ा 64 करोड़ था, जिसमें 3.04 लाख करोड़ रुपये निकाले गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम लगाना महंगा होता है, जबकि माइक्रो एटीएम प्वाइंट की व्यवस्था काफी किफायती है। इसके चलते अगले कुछ सालों में एईपीएस की व्यवस्था ग्रामीण इलाकों में एटीएम को बदलने का काम करेगी।

ATM पर बैंकों को ज्यादा करना पड़ता है खर्च-
बैंकों को एटीएम पर अधिक खर्च करना पड़ता है, ऐसे में बैंक और पेमेंट कंपनियां कम खर्च में शुरू होने वाले माइक्रो एटीएम का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। यह ग्राहकों को भी खूब आकर्षित कर रहे हैं। भारत जैसी अधिक कैश इस्तेमाल होने वाली अर्थव्यवस्था में इसकी जरूरत काफी अधिक बढ़ गई है। इस कारण माइक्रो एटीएम की मांग तेजी से छोटे शहरों और गांवों में बढ़ी है। इसके अलावा गांव के लोग अपने पास के पेमेंट या भुगतान सेवा को इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। इसे देखते हुए कोरोना महामारी के इस दौर में एईपीएस के नेटवर्क को बढ़ाया गया। अब इसका इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। लोग इस सेवा का इस्तेमाल किसी भी मर्चेंट आउटलेट से पूरे दिन में कभी भी कर सकते हैं। उन्हें एक खास समय में बैंक की ब्रांच या एटीएम का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इससे माइक्रो एटीएम के जरिये निकासी तेजी से बढ़ी है।

क्या है AEPS सुविधा?-
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस), नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा विकसित एक सिस्टम है जो लोगों को आधार नंबर और उनके फिंगरप्रिंट/आईरिस स्कैन की मदद से सत्यापन करके माइक्रो-एटीएम द्वारा पैसा निकालने की सुविधा प्रदान करता है। लोगों को पैसा निकालने के लिए अपने बैंक खाता की जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती। इस भुगतान सिस्टम की सहायता से लोग अपने आधार नंबर के माध्यम से एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक में पैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं। आधार-लिंक्ड बैंक खाते वाला कोई भी खाताधारक इस सिस्टम के जरिए लेन-देन आरंभ कर सकता है। उसे अपनी पहचान को फिंगरप्रिंट स्कैन और आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के साथ प्रमाणित करना होता है।

आधार पेमेंट के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं-

– नकद निकासी
– खाते में जमा रकम की जानकारी
– आधार से आधार को पैसा भेजना

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चेक पेमेंट को लेकर 01 जनवरी से बदलने वाले हैं नियम

चेक पेमेंट को लेकर बदलने वाले हैं नियम
नए साल से 50 हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान के लिए बदला तरीका

नई दिल्ली। नए साल के साथ ही चेक पेमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए RBI ने 1 जनवरी 2021 से चेक के पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।

क्या होता है पॉजिटिव पे सिस्टम

पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत किसी थर्ड पार्टी को चेक जारी करने जनी होगी। इस सिस्टम से 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान वाले चेक को रि-कंफर्म करना होगा। इस सिस्टम के जरिए चेक के क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। इस सिस्टम के जरिए चेक की जानकारी एसएमएस, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से दी जा सकती है। चेक की पेमेंट करने से पहले इन जानकारियों की दोबारा जांच की जाएगी। कोई गड़बड़ी मिलने पर ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ द्वारा इसे मार्क कर ड्राई बैंक (जिस बैंक में चेक पेमेंट होना है) और प्रेजेंटिंग बैंक (जिस बैंक के अकाउंट से चेक जारी हुआ है) को जानकारी दी जाएगी।

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RTGS मनी ट्रांसफर सुविधा आज रात से 24×7

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की घोषणा

आज सोमवार रात 12:30 बजे से होगी शुरुआत

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान को गति देने के लिए 14 दिसंबर से राउंड-द-क्लॉक रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से धन के हस्तांतरण की अनुमति दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि आज रात 12:30 बजे से आरटीजीएस सुविधा 24X7 बन जाएगी।

सुविधा जो चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी

1) आरटीजीएस चौबीसों घंटे ग्राहक और अंतर बैंक लेनदेन के लिए उपलब्ध रहेगा, सिवाय ‘एंड-ऑफ-डे’ और ‘स्टार्ट-ऑफ-डे’ प्रक्रियाओं के बीच के अंतराल के लिए, जिसका समय आरटीजीएस प्रणाली के माध्यम से विधिवत प्रसारित किया जाएगा।

2) आरटीजीएस को समय-समय पर संशोधित आरटीजीएस सिस्टम विनियम, 2013 द्वारा नियंत्रित किया जाता रहेगा।

3) इंट्रा-डे लिक्विडिटी (IDL) सुविधा को सुचारू संचालन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इंट्रा-डे लिक्विडिटी (आईडीएल) का लाभ उठाया, यदि कोई हो, तो ‘एंड-ऑफ-डे’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले उलट दिया जाएगा।

4) सामान्य बैंकिंग घंटों के बाद आरटीजीएस लेन-देन की प्रक्रिया ‘स्ट्रेट थ्रू प्रोसेसिंग (एसटीपी) मोड का उपयोग करके स्वचालित होने की उम्मीद है।

5) सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी ग्राहकों को आरटीजीएस की विस्तारित उपलब्धता के बारे में जानकारी का प्रसार करें।

6) यह निर्देश धारा 10 (2) के तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 के अधिनियम 51) की धारा 18 के साथ पढ़ा जाएगा।

7) आरटीजीएस सिस्टम का उपयोग उच्च मूल्य लेनदेन के लिए किया जाता है।

8) यह वास्तविक समय के आधार पर होता है। प्रत्येक लेनदेन RTGS के मामले में व्यक्तिगत रूप से तय किया जाता है।

9) वर्तमान में, आरटीजीएस लेन-देन की सुविधा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर, सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।

10) RBI ने RTGS के माध्यम से जुलाई 2019 से लेनदेन पर शुल्क लगाना बंद कर दिया है।

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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का कारपोरेशन बैंक के साथ IT integration

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का कारपोरेशन बैंक के साथ आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूर्ण

कारपोरेशन बैंक के ग्राहकों को होगी अब और आसानी

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में मिले कारपोरेशन बैंक (Corporation Bank) के ग्राहकों को अब और आसानी हो जाएगी। दरअसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के साथ बैंक का आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूरा कर लिया है। इससे कॉरपोशन बैंक की सभी ब्रांच उसके आईटी दायरे में आ गई हैं।

आईटी इंटीग्रेशन के साथ ही पूरी तरह हुआ इंटीग्रेशन

बैंक ने बुधवार 02 दिसंबर 2020 को बयान में कहा कि आईटी एकीकरण पूरा होने के बाद पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक (सेवाओं और विशेष शाखाओं सहित) का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में पूरी तरह एकीकरण हो गया है। अब कॉरपोरेशन बैंक के सभी ग्राहक रिकॉर्ड समय में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कोर बैंकिंग साल्यूशन (सीबीएस) में स्थानांतरित हो गए हैं।

इसके साथ ही बैंक ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, आईएमपीएस, एफआई गेटवे, ट्रेजरी और स्विफ्ट सेवाएं सफलतापूर्वक पेश कर दी हैं। इससे कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहक यूनियन बैंक की शाखाओं और आपूर्ति चैनलों के जरिए सुगमतापूर्वक लेनदेन कर सकेंगे।

पहले ही हो चुका एटीएम स्विचिंग का काम

इससे पहले बैंक ने एटीएम स्विच और एटीएम टर्मिनलों को सुगमता से यूनियन बैंक के नेटवर्क में स्थानांतरित किया गया था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि यह समूचा स्थानांतरण रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

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