उन्नाव को धूल चटा कर शेर ए रजा क्लब ने जीता पहला मुकाबला


लखनऊ में स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का शुभारंभ। मुख्य अतिथि सीनियर पत्रकार चंद्रभान यादव ने किया शुभारंभ। क्रिकेट खेल रहे बच्चों का बढ़ाया उत्साह। मैन ऑफ द मैच वाहबुल को सप्रेम भेंट प्रदान कर की उनके भविष्य उज्जवल कामना।

लखनऊ। स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का मैच शुक्रवार को जीबी पंत क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इसमें रॉयल क्लब उन्नाव व शेर-ए-रजा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी रॉयल्स क्रिकेट क्लब उन्नाव की टीम महज 18 ओवर में 110 रन बनाकर आल आउट हो गई। मोहित कनौजिया (39 रन) व विवेक कुमार (30 रन) के अलावा कोई बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक सका। शेर ए रजा की थोड़ी खराब शुरुआत हुई; 40 रन पर दो विकेट गिर गए। फिर धीरे-धीरे मैच शेरे रजा के पक्ष में चला गया और टीम ने 113 रन 4 विकेट खोकर बना लिए। मैन ऑफ द मैच का खिताब वाहबुल अली ने 3 ओवर में 4 विकेट झटक कर हासिल किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि jk 24×7 न्यूज़ के पत्रकार चंद्रभान यादव ने मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार वाहबुल अली को दिया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामनाएं करते हुए आयोजक अभिषेक चौरसिया की जमकर तारीफ की।

सारिक एलेवन ने मुक्की एलेवन को रौंदा

लखनऊ। रहीमाबाद किक्रेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में मुक्की एलेविन रहीमाबाद व सारिक एलेवन के बीच कडा मुकाबला हुआ, जिसमें सारिक एलेवन की जीत हुई।

विजेता टीम को सुरेन्द्र कुमार उर्फ सोनू कनौजिया ने सोलह हजार रुपए नकद व ट्रॉफी, उपविजेता टीम को पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरोज यादव ने आठ हजार रुपए नकद व ट्राफी देकर सम्मानित किया। रहीमाबाद में रहीमाबाद किक्रेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें बालामऊ, महमूद नगर, संडीला सहित कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। लीग मुकाबले में मुक्की एलेवन रहीमाबाद व सारिक एलेवन ने फाइनल में जगह बनाई। बुधवार को हुए फाइनल मुकाबले में मुक्की एलेवन ने जीत के लिए बारह ओवर में 91 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे सारिक एलेवन ने आठ ओवर में पूरा कर लिया। फाइनल मैच में मलिंगा को मैन आफ द मैच दिया गया। इसके अलावा मैन ऑफ द सीरीज रहमान आफाक, बेस्ट बैटमैन आसिफ, अच्छे बालर मुफीज गाजी, बेस्ट कैच बब्लू को नकद सहित ट्राफी दी गई।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान सहिजना संतोष यादव, आरिफ, पूर्व प्रधान दौलतपुर सुलेमान बेग, आसिम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उस्मान हुसैन, पवन यादव, प्रदीप कुमार, पूर्व बीडीसी आफाक हुसैन, सपा के विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने भी खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया। टूर्नामेंट का आयोजन व संचालन अजमी आफाक ने किया।

आन बान व शान के साथ हुई तिरंगा दौड़

बिजनौर। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत बिजनौर में तिरंगा दौड़ आयोजित की गई। तिरंगा दौड़ में 6 वर्ष के कृष्णा व 7 वर्ष की काव्या मुख्य आकर्षण रहे। 1000 से अधिक शहर वासियों ने दौड़ में प्रतिभाग किया।


स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आरबीआईटी एवं क्रीड़ा भारती द्वारा संयुक्त रुप से बिजनौर शहर में तिरंगा दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में 6 वर्ष से 70 वर्ष के धावकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। तिरंगा दौड़ नेहरू स्टेडियम से प्रारंभ होकर नुमाइश ग्राउंड, निरीक्षण भवन, विकास भवन, रोडवेज, पोस्ट ऑफिस चौराहा, सिविल लाइन, महाराणा प्रताप चौक, जजी चौक होते हुए नेहरू स्टेडियम पर समाप्त हुई। तिरंगा दौड़ का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, आरबीआईटी के प्रबंध निदेशक सनी देशवाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी जय वीर सिंह व क्रीडा भारती के अध्यक्ष योगेंद्र पाल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।


डॉ. राघव मेहरा व पंकज कुमार विश्नोई द्वारा देश भक्ति के गण गीत कराए गए। तिरंगा दौड़ का मुख्य आकर्षण ग्राम जमालपुर के 6 वर्षीय कृष्णा व 7 वर्षीय काव्या रहीं। इस दौरान भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे लगातार हवाओं में गूंजते रहे। तिरंगा दौड़ की शुरुआत पंडित विनोद गोस्वामी द्वारा वेद मंत्र के उच्चारण व शंख ध्वनि जे साथ की गई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने स्वाधीनता आंदोलन के महानायकों के बारे में बताते हुए कहा कि 1947 में प्राप्त स्वाधीनता हमारे पूर्वजों का बलिदान है। इसे हमें समाज में आपसी सौहार्द्र कायम करते हुए देश व समाज के उत्थान हेतु कार्य करने की आवश्यकता है। युवा इसमें एक बहुत बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार रहे।


क्रीड़ा भारती के जिला अध्यक्ष योगेंद्र पाल सिंह ने तिरंगा दौड़ के आयोजन के संबंध में बताते हुए कहा कि 1947 में देश को स्वतंत्रता यूं ही नहीं मिली; स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए लाखों युवाओं ने अपनी कुर्बानियां दी हैं। इन क्रांतिकारियों में न जाने कितने ऐसे क्रांतिकारी हैं, जिनके बारे में किताबों में नहीं पढ़ाया जाता है और न ही बताया जाता है। ऐसे सभी जाने अनजाने क्रांतिकारियों को नमन करने एवं उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए तिरंगा दौड़ का आयोजन शहर में किया गया है। देश को शक्तिशाली बनाने एवं विश्व गुरु बनाने हेतु युवाओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। युवाओं को देश की प्रगति एवं सुरक्षा के लिए अथक प्रयास करने होंगे।

आरबीआईटी के प्रबंध निदेशक सनी देशवाल ने कहा कि देशभक्ति से ओतप्रोत युवाओं की फिटनेस हेतु क्रीड़ा भारती जब भी सहयोग का अनुरोध करेगी, उनकी संस्था सहयोग हेतु तत्पर रहेगी तथा ऐसे आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभाएगी। आरबीआईटी द्वारा 400 प्रतिभागियों को नि:शुल्क टी शर्ट व 50 प्रतिभागियों को रानी लक्ष्मीबाई, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, महात्मा गांधी, अशफाक उल्ला खान, वीर सावरकरआदि महापुरुषों के चित्र देकर सम्मानित किया गया।


दौड़ को सफल बनाने में क्रीड़ा भारती के जैनेंद्र सिंह, देशराज सिंह, विनय कुमार, अरविंद अहलावत, सुबोध कुमार, रोबिन चौधरी, डॉक्टर विकास कुमार, दीपक कुमार, राकेश शर्मा, करण सिंह आदि का सहयोग रहा।

खेलों व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगी क्रीड़ा भारती

क्रीड़ा भारती करेगी खेलों व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक। 12 जनवरी को होगी एक दौड़ राष्ट्र के नाम। जनपद की सभी तहसीलों में होगी दौड़


बिजनौर। क्रीड़ा भारती की बैठक डीएवी इंटर कालेज बिजनौर के गोलवलकर कक्ष में योगेन्द्र पाल सिंह योगी की अध्यक्षता व जैनेन्द्र सिंह के संचालन में सम्पन्न हुई।

बैठक में जनपद में खेलों व स्वास्थ्य के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को जनपद की समस्त तहसीलों में एक दौड़ राष्ट्र के नाम आयोजन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण लिए गए, जिनके अन्तर्गत कब्बड्डी, शूटिंग वॉलीबॉल, फुटबॉल, कुश्ती, शूटिंग व रोलर स्केटिंग समेत कुल छःह खेलों का चयन कर प्रतिवर्ष एक जूनियर वर्ग की जनपद स्तरीय प्रतियोगिता कराने, अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को महिला सशक्तिकरण हेतु वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई दौड़ प्रतियोगिता धामपुर व बिजनौर मुख्यालय पर आयोजित की जाएगी। दिसंबर के अंत तक शूटिंग वॉलीबॉल, कब्बड्डी व कुश्ती प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया गया। स्थान व दिनांक निर्धारित करने की जिम्मेदारी धर्मदेव भाटी आकाश चौधरी, सुधीर कुमार दी गई।
बैठक में विद्या भारती के प्रांतीय मंत्री डा. सुबोध शर्मा व क्रीड़ा भारती जनपद बिजनौर के पालक उदयवीर सिंह ने क्रीड़ा भारती के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि युवाओं के चरित्र निर्माण व राष्ट्र निर्माण के लिए क्रीड़ा भारती को ग्राम स्तर पर पहुंचाना जरूरी है।
क्रीड़ा भारती द्वारा समय-समय पर कालेजों में खेल प्रश्नोत्तरी व वाद विवाद व योग प्रतियोगिताओं को कराने का निर्णय भी लिया, जिसके लिए अभी से प्रयास प्रारंभ किया जायेगा
बैठक में देशराज सिंह, अरविंद अहलावत, मुज्जफर ज़ैदी, डिम्पल सिंह, प्रीतीका राठी, विनय तितोरिया, ज्ञान सिंह, संजीव डवास ,दीपक राज ,प्रभात कुमार, मनोज यादव, अशोक त्यागी आदि ने विचार व्यक्त किए

टोक्यो पैरालिंपिक: डीएम सुहास के रैकेट का बेस प्राइज ₹50 लाख

जब भारत ने कहा ‘शुक्रिया सुहास’ “नमामि गंगे परियोजना” में किया जाएगा ई-ऑक्शन में मिली राशि का उपयोग। पदक जीतने वाले देश के पहले आईएएस।

नई दिल्ली (PIB) जो पिछले 56 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ वह कर दिखाया सुहास एल यथिराज ने। तभी पूरे देश के दिल से आवाज आयी शुक्रिया सुहास। टोक्यो पैरालिंपिक में नोएडा के डीएम  सुहास एल यथिराज ने बेडमिंटन की मेंस सिंगल्स प्रतियोगिता में ना केवल सिल्वर मेडल जीता बल्की इतिहास भी रच दिया। अभी तक के पैरालिंपिक खेलों में एक प्रशासनिक अधिकारी का यह सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। वो पदक जीतने वाले देश के पहले आईएएस बन गए ।

टोक्यो पैरालिंपिक में मेंस सिंगल्स एसएल-4 कैटिगिरी में सुहास एल यथिराज का सामना फ्रांस के लुकास मजूर से हुआ। फाइनल मुकाबले में सुहास ने पहला राउंड जीत लिया था, लेकिन अगले दो राउंड में उनको हार मिली और वे गोल्ड मेडल से चूक गए लेकिन उन्होंने गर्व के साथ पोडियम पर रजत पदक पहन कर भारत को गौरवान्वित किया।  

सेवा और खेल का एक शानदार संगम! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुहास एल यथिराज को ट्वीट संदेश के जरिये बधाई देते हुए करते हुए कहा, “सेवा और खेल का एक शानदार संगम! डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल प्रदर्शन से हमारे पूरे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है। बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”

बचपन से ही रही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी- सुहास एलवाई का जन्म कर्नाटक के शिमोगा में हुआ। जन्म से ही दिव्यांग सुहास शुरुआत में IAS नहीं बनना चाहते थे। वो बचपन से ही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी रखते थे। इसके लिए उन्हें पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला। 2007 में उत्तर प्रदेश कैडर से आइएएस बनने के बाद जहां उन्होंने कई विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में देश के लिये मैडल जीते वहीं प्रयागराज और नोएडा के जिलाधिकारी की भी जिम्मेदारियां निभायीं।

ऐतिहासिक बेडमिंटन रैकेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट- जिस बेडमिंटन रैकेट से सुहास ने इतिहास रचा उसे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर दिया है। अब जबकी प्रधानमंत्री को मिले उपहारों का ई-ऑक्शन शुरू हो चुका है। सुहास का बैडमिंटन भी उन वस्तुओं की सूची में शामिल है जिनका ऑक्शन किया जा रहा है। 17 सितम्बर से शुरू यह ई-आक्शन  7 अक्टूबर तक चलेगा। सुहास की उपलब्धि की निशानी को आप हासिल कर गौरवान्वित हो सकते हैं। इससे मिली राशि का उपयोग “नममि गंगे परियोजना” में किया जाएगा। ई-ऑक्शन में डीएम सुहास के रैकेट का बेस प्राइज 50 लाख रखा गया हैI

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अवनि लेखारा ने भारत को दिलाया गोल्ड

अवनि लेखारा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। योगेश ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। जैवलिन थ्रो में देवेंद्र झाझरिया ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा कर लिया है।

टोक्यो (एजेंसियां) टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए आज के दिन की शुरुआत शानदार रही। भारत के गोल्ड मेडल का खाता आज महिला निशानेबाज अवनि लेखरा ने खोला। उन्होंने 10 मीटर एयर स्टैंडिंग में रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए सुनहरी जीत दर्ज की।

वहीं दूसरी तरफ टोक्यो पैरालंपिक में देवेंद्र झाझरिया और सुंदर सिंह गर्जुर ने जैवलिन थ्रो (F46 वर्ग) में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के खाते में दो और मेडल डाल दिए हैं। देवेंद्र झाझरिया ने रजत और सुंदर सिंह ने कांस्य पदक जीता। इसी के साथ भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में कुल 7 मेडल जीत लिए हैं। वहीं रविवार को भारत ने एक ही दिन में तीन मेडल अपनी झोली में डाले थे। आज भारत ने 4 मैडल अपने नाम कर लिए हैं। 

पैरालंपिक खेलों के इतिहास का नया रिकॉर्ड- अवनि लेखारा ने फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल किए, जो कि पैरालंपिक खेलों के इतिहास का नया रिकॉर्ड है। अवनि को फाइनल में चीन की निशानेबाज ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन फिर उन्होंने अपने अचूक निशाने से उन्हें हरा दिया। चीन की महिला शूटर झांग 248.9 अंक के साथ दूसरे नंबर पर रहीं और उन्होंने सिल्वर मेडल जीता।

Devendra Jhajharia (Photo-Getty)

अवनि लेखरा जब 11 साल की थीं तभी वो एक रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई थी। इस एक्सीडेंट में उन्हें स्पाइनल कोर्ड इंजरी हो गई, जिसके चलते वो पैरालाइज हो गईं. राजस्थान के जयपुर से ताल्कुक रखने वाले अवनि की वर्ल्ड रैंकिंग महिलाओं के 10 मीटर एयर स्टैंडिंग निशानेबाजी के SH1 इवेंट में 5वीं है। पैरा स्पोर्ट्स में उतरने के लिए अवनि का हौसला उनके पिता ने बढ़ाया था।

लांग जंप में शैली ने जीता सिल्वर मेडल

नई दिल्ली। नैरोबी में चल रहे अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (U-20 World Athletics Championships) में भारतीय युवा खिलाड़ी शैली सिंह ने सिल्वर मेडल जीत कर देश को गौरवान्वित किया है। झांसी की 17 वर्षीय युवा एथलीट शैली ने रविवार को लॉन्ग जम्प स्पर्धा में 6.59 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक पर कब्जा लिया। वो गोल्ड मेडल जीतने के बेहद करीब थी और महज एक सेमी से इतिहास रचने से चूक गईं। स्वीडन की मौजूदा यूरोपीय जूनियर चैंपियन माजा अस्काग ने 6.60 मीटर जम्प लगाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। 

शैली सिंह का परिचय

बेहद गरीबी से उठकर खेल में आगे बढ़ने वाली झांसी की 17 वर्षीय शैली सिंह को अनुभवी लॉन्ग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। भारतीय एथलेटिक्स में सबसे चमकीले उभरते सितारों में से एक माने जाने वाली शैली ने शुक्रवार को 6.40 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया था। वर्तमान में वो बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती है। उन्हें अंजू के पति बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। जून में शैली सिंह ने राष्ट्रीय (सीनियर) अंतर-राज्य चैंपियनशिप में महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में 6.48 मीटर के प्रयास से जीत हासिल की थी, जो उनका पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। वह वर्तमान U-18 विश्व नंबर 2 और U-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।

अनुराग ठाकुर ने दी बधाई 

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने ट्विटर हैंडल पर एथलीट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। ठाकुर ने अपने ट्वीट में यह भी साझा किया कि झांसी में जन्मी एथलीट बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं और अंजू के पति बॉबी जॉर्ज द्वारा प्रशिक्षित हैं।

Golden Boy: कभी जैवलिन खरीदने को भी नहीं थे पैसे!

जैवलिन खरीदने और कोच रखने के पैसे नहीं थे नीरज चोपड़ा के पास।

नई दिल्ली। नीरज ऐसे ही गोल्डन ब्वॉय नहीं बने, इसके पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी है। नीरज के पास एक समय जैवलिन खरीदने का भी पैसा नहीं था, ना ही कोच रखने का। वह एक एथलीट होने के साथ-साथ भारतीय सेना में सूबेदार पद पर भी तैनात हैं और सेना में रहते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत इन्हे सेना में विशिस्ट सेवा मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

टोक्यो ओलंपिक 2020 का जिक्र जब भी होगा, भारत के ‘गोल्डन ब्वॉय’ नीरज चोपड़ा का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारत का आखिरी इवेंट जैवलिन थ्रो ही था और नीरज पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। नीरज के गोल्ड मेडल से पहले भारत के खाते में छह मेडल आ चुके थे, जिसमें दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। नीरज ने भारत की झोली में गोल्ड मेडल डालकर देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

नीरज चोपड़ा ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं। नीरज ने 87.58 मीटर भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है |अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक को जीतने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। [1]

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गोल्ड मेडल जीत करोड़ों रुपए का ईनाम पाने वाले नीरज के पास एक समय 1.5 लाख रुपए का जैवलिन खरीदने का भी पैसा नहीं था, ना ही कोच रखने का। उन्होंने इन कमियों को अपनी मेहनत से पूरा किया और ओलंपिक खेलों में भारत को एथलेटिक्स पहला गोल्ड मेडल दिलाया। इतना ही नहीं इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज दूसरे भारतीय हैं। इससे पहले 2008 में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने इंडिविजुअल गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

व्यक्तिगत जीवन

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा राज्य के पानीपत नामक शहर के एक छोटे से गाँव खांद्रा में एक किसान रोड़ समुदाय में हुआ था। नीरज के परिवार में इनके पिता सतीश कुमार पेशे से एक छोटे किसान हैं और इनकी माता सरोज देवी एक गृहणी है। जैवलिन थ्रो में नीरज की रुचि तब ही आ चुकी थी जब ये केवल 11 वर्ष के थे और पानीपत स्टेडियम में जय चौधरी को प्रैक्टिस करते देखा करते थे।

सेना से विशिष्ट सेवा मेडल- वह एक भारतीय एथलिट हैं जो ट्रैक एंड फील्ड के जेवलिन थ्रो नामक गेम से जुड़े हुए हैं तथा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। नीरज एक एथलीट होने के साथ-साथ भारतीय सेना में सूबेदार पद पर भी तैनात हैं और सेना में रहते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत इन्हे सेना में विशिष्ट सेवा मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है। [2]

शिक्षा-नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से ही की है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई को पूरा करने के बाद नीरज चोपड़ा ने बीबीए कॉलेज ज्वाइन किया था और वहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी। नीरज चोपड़ा के कोच का नाम उवे हैं जो कि जर्मनी देश के पेशेवर जैवलिन एथलीट रह चुके हैं। (साभार)

भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह

तोक्यो
भारतीय महिला हॉकी टीम ने कमाल कर दिया। ओलिंपिक इतिहास में पहली बार अपनी महिलाएं क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। शनिवार को भारत के सामने दो चुनौतियां थी। पहले तो उसे ‘करो या मरो’ के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराना था फिर उम्मीद लगानी थी कि ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड को हरा दे। शायद सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों की प्रार्थनाएं काम कर गईं। अब क्वार्टर फाइनल में रानी रामपाल की टीम की टक्कर मजबूत ऑस्ट्रेलिया से होगी।

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भारतीय महिला हॉकी टीमnullभारत ने 4-3 से दक्षिण अफ्रीका को हराया
स्ट्राइकर वंदना कटारिया के ऐतिहासिक तीन गोल के बूते भारत ने निचली रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को 4-3 से हराकर तोक्यो ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश की उम्मीदें बरकरार रखी। वंदना ने चौथे, 17वें और 49वें मिनट में गोल किया। वह ओलिंपिक के इतिहास में तीन गोल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई। नेहा गोयल ने 32वें मिनट में एक गोल दागा। दक्षिण अफ्रीका के लिए टेरिन ग्लस्बी (15वां), कप्तान एरिन हंटर (30वां) और मेरिजेन मराइस (39वां मिनट) ने गोल दागे।

ग्रेट ब्रिटेन की जीत से मिला ऑक्सीजन
भारत ने ग्रुप चरण में पहले तीन मैच हारने के बाद आखिरी दो मैचों में जीत दर्ज की, इससे भारत पूल ए में चौथे स्थान पर आ गया, लेकिन ग्रुप ए के आखिरी पूल मैच में अगर ग्रेट ब्रिटेन आयरलैंड को हरा देता या ड्रॉ खेलता तो आयरलैंड टीम पिछड़ जाती। हुआ भी ऐसा ही। मैच 2-0 से ग्रेट ब्रिटेन के पक्ष में रहा। लगातार चौथी हार के साथ आयरलैंड का सफर यही खत्म हो गया। अब हर पूल से शीर्ष चार टीमें नॉकआउट चरण खेलेंगी।


‘हम जीतने के लिए ही आए थे’
भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच मारिन ने कहा, ‘प्रदर्शन में निरंतरता जरूरी है। टीम अगर क्वार्टर फाइनल में पहुंचती है तो वहां हालात एकदम अलग होंगे। कल हमने बहुत अच्छा खेला और फिर आज लगातार दूसरे दिन मैच खेलना था। हमारे बेसिक्स आज उतने सही नहीं थे जितने कि कल। हम जीतने के लिये ही आए थे। क्वार्टर फाइनल से नई शुरूआत होती है और पूल मैचों का प्रदर्शन मायने नहीं रखता। वहां अलग ही तरह का खेल होता है। अच्छी बात यह है कि हमारे लिए आखिरी दो मैच भी नॉकआउट की तरह ही थे।’


ओलिंपिक में भारतीय महिलाओं का सफर
1980 में पहली बार भारत की महिला हॉकी टीम ने ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। हालांकि तब टीम चौथे स्थान पर जरूर रही थी, लेकिन उस वक्त क्वार्टर फाइनल नहीं होता था। जिम्बाब्वे ने गोल्ड जीता था। चेकोस्लोवाकिया के हिस्से में सिल्वर आया था। कांस्य सोवियत यूनियन ने कब्जाया था। फिर अगले ओलिंपिक में खेलने के लिए भारतीय महिलाओं को 36 साल का इंतजार करना पड़ा। 2016 के रियो ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम बिना कोई मैच जीते अंतिम स्थान पर रही थी। बीते चार साल में टीम में क्रांतिकारी निखार आया। भले भारतीय महिला हॉकी टीम को मेंस टीम की तरह लाइमलाइट नहीं मिला, लेकिन इस बार एक नई उम्मीद जागी है।


भारतीय मेंस टीम की टक्कर ग्रेट ब्रिटेन से
आठ बार की ओलिंपिक चैंपियन भारतीय हॉकी टीम ब्रिटेन के खिलाफ रविवार को जब क्वार्टर फाइनल में उतरेगी। ओलिंपिक में भारत को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था, उसके बाद से भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई और 1984 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में पांचवें स्थान पर रहने के बाद वह इससे बेहतर नहीं कर सकी। बीजिंग में 2008 ओलिंपिक में टीम पहली बार क्वालीफाई नहीं कर सकी और 2016 रियो ओलिंपिक में आखिरी स्थान पर रही। देश में हॉकी का ग्राफ लगातार नीचे चला गया। पिछले पांच साल में हालांकि भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार आया है, जिससे वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंची।

आईआईएसई में 20 से शुरू होगा ‘स्पीरियल 2021और ‘स्कूल एक्सप्लोर’

आईआईएसई में 20 से शुरू होगा ‘स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर
कई स्कूल कालेजों के बीच होगा मुकाबला

लखनऊ। आईआईएसई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में वार्षिक स्पोटर्स कार्यक्रम ‘स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर शुभारंभ शनिवार 20 मार्च से हो रहा है। कल्याणपुर स्थित कॉलेज कैम्पस में वॉलीबॉल, फुटसॉल, टग ऑफ वॉर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। मनोरंजक कार्यक्रमों की कड़ी में ‘स्ट्रीट डांस कॉम्प्टीशन भी होगा। संस्थान की सीएमडी फिरदौस सिदद्की ने बताया कि यह संस्थान छात्रों के चैतरफा विकास के लिए प्रयत्नशील है। जहां पढ़ाई के साथ समय-समय पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।’स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर उसी कड़ी का हिस्सा है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अरुण कुमार शुक्ला और प्रिंसिपल डॉ. शैल मिश्रा ने बताया कि 20 मार्च से शुरू होने वाले इन कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न स्कूल कालेज जैसे बीबीडी, नेशनल पीजी, बीएनसीटी, एसएमएस व स्प्रिंगडेल कालेज सहित अन्य टीमों के बीच मुकाबला होगा। इस कड़ी में ओपन टूर्नामेंट की शुरुआत बुधवार 17 मार्च से हो चुकी है  जबकि 22 मार्च को फिनाले व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।

श्रीमती हेम लता पाठक मेमोरियल ओपन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट 19 मार्च से

श्रीमती हेम लता पाठक मेमोरियल ओपन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट 19 मार्च से

लखनऊ। गौरव खन्ना एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी के तत्वावधान में 19 मार्च से 21 मार्च 2021 को  श्रीमती हेम लता पाठक मेमोरियल ओपन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 200 प्रतिभागियों के पंजीकृत होने की उम्मीद जतायी जा रही है। विभिन्न वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में बालक और बालिका, अंडर-9, 11,13,15,17, 19 और सीनियर वर्ग में भाग ले रहे हैं।  प्रतियोगिता का आयोजन एक्सीलिया स्कूल में स्थित गौरव खन्ना एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी में किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में द्रोणाचार्य अवार्डी  गौरव खन्ना ने बताया कि एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी भारत वर्ष की प्रथम पैरा बैडमिंटन अकादमी है। माना जा रहा है कि इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब सामान्य खेलों की प्रतियोगिता का उद्घघाटन पैरा एथलीट 4 अर्जुन अवार्डी प्रमोद भगत (वर्ल्ड न0 1), मनोज सरकार (वर्ल्ड न0 3), पारुल डी परमार (वर्ल्ड न0 1) और रोहित बाकर द्वारा किया जाएगा।

लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का शुभारम्भ

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

लखनऊ। 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आज 9 फरवरी, 2021 को लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में शुभारम्भ हो गया। उद्घाटन उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि रुद्र प्रताप सिंह, पूर्व सदस्य भारतीय क्रिकेट टीम ने शिरकत कर सभी प्रतिभागियों और खेल प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विभिन्न डाक परिक्षेत्रों के पोस्टमास्टर जनरल एसके स्वाइन, आकाशदीप चक्रवर्ती, विनोद कुमार वर्मा, संजय सिंह, कृष्ण कुमार यादव, महाप्रबंधक वित्त आर के वर्मा मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के आरम्भ में विभिन्न परिमण्डलों की टीम ने मार्च पास्ट किया और चीफ पोस्टमास्टर जनरल ने ध्वजारोहण कर सलामी ली। मेजबान उत्तर प्रदेश कैरम टीम के कप्तान मोहम्मद ओवैस ने सभी टीमों को शपथ दिलाई। इस प्रतियोगिता में 17 राज्यों के 144 कैरम खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनके बीच 13 फरवरी तक टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। प्रथम दिन कुल 93 मैच खेले गए।

इस अवसर पर चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि कैरम का खेल, जीवन के कई सबक सिखाता है। टीम भावना और अनुशासन के साथ किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। खिलाड़ियों को अंतिम समय तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन पर ख़ुशी भी जताई।

अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि एवं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य रूद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मेरा आत्मीय नाता रहा है क्योंकि अपने गृह जनपद रायबरेली से लखनऊ पहली बार इसी स्टेडियम में आया था। उन्होंने डाक विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से श्रेष्ठ खिलाड़ी आगे आएंगे। अनुशासन सिर्फ खेल मैदान पर ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन में भी होना चाहिये। कार्यक्रम में स्वागत भाषण इलाहाबाद परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल सुवेंदु कुमार स्वाइन और आभार ज्ञापन वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं शाहनवाज़ अख्तर, सुनील कुमार, सतर्कता अधिकारी शशि कुमार उत्तम, प्रवर डाक अधीक्षक आलोक ओझा, चीफ पोस्ट मास्टर आरएन यादव, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एजीएम अविनाश सिन्हा, स्मृति श्रीवास्तव, सहायक निदेशक खेल एवं कल्याण विनीत कुमार शुक्ला, खेल विकास अधिकारी नुपुर सिंह सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता आज से लखनऊ में

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का 9 से 13 फरवरी तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में आयोजन

चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश परिमंडल करेंगे शुभारम्भ

अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता में 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी लेंगे भाग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 9 से 13 फरवरी, 2021 तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में पूरे देश से 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी भाग लेंगे, जिनके बीच टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। इनमें मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और ओडिशा परिमंडल की टीमें शामिल हैं। उक्त जानकारी उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस संबंध में मंथन हॉल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दी। कांफ्रेंस के आरंभ में पोस्टमास्टर जनरल, वाराणसी परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने श्री सिन्हा का स्वागत करते हुए पौधा भेंट किया। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विगत वर्ष अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखंड परिमण्डल द्वारा किया गया था, जिसमें तमिलनाडु टीम विजेता और उत्तर प्रदेश टीम उप-विजेता रही थी।

प्रतियोगिता का उद्घाटन 9 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में चीफ पोस्टमास्टर जनरल, उ.प्र. परिमंडल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा आर.पी सिंह, पूर्व सदस्य, भारतीय क्रिकेट टीम के विशिष्ट आतिथ्य में होगा। 13 फरवरी को शाम 3 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए हरियाणा परिमण्डल के संजय कपूर को केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा आंध्र प्रदेश के श्रीपति कामले को तकनीकी प्रतिनिधि नामित किया गया है।


श्री सिन्हा ने कहा कि, कोविड-19 के मद्देनजर विभिन्न परिमण्डलों से आने वाली टीमों, कोच मैनेजर एवं टूर्नामेन्ट से जुडे अन्य लोगों के लिए लखनऊ में समुचित व्यवस्था की जा रही है। टूर्नामेंट के कुशल प्रबंधन हेतु सभी पोस्टमास्टर जनरल और महाप्रबंधक (वित्त) की अध्यक्षता में कुल 8 कमेटियां बनाई गई हैं। इस बीच खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता बरतते हुए एक मेडिकल टीम 24 घण्टे तैनात रहेगी और एक आइसोलेशन कक्ष भी बनाया गया है। उ.प्र. की संस्कृति से खिलाडियों और टीम सदस्यों को रूबरू करने के लिए 12 फरवरी की शाम एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए वे इस प्रतियोगिता को यादगार बनाएं तथा अनुशासन व उत्तम खेल भावना का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर विनोद कुमार वर्मा पोस्टमास्टर जनरल कानपुर, संजय सिंह पोस्टमास्टर जनरल बरेली, कृष्ण कुमार यादव पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी, आरके वर्मा महाप्रबंधक वित्त, शाहनवाज अख़्तर निदेशक डाक सेवाएं (मुख्यालय), आलोक ओझा प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ मण्डल, शशि कुमार उत्तम सतर्कता अधिकारी, विनीत कुमार शुक्ला, सहायक निदेशक (खेल एवं कल्याण), सुश्री नूपुर सिंह, खेल विकास अधिकारी सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता आज से लखनऊ में

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का 9 से 13 फरवरी तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में आयोजन

चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश परिमंडल करेंगे शुभारम्भ

अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता में 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी लेंगे भाग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 9 से 13 फरवरी, 2021 तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में पूरे देश से 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी भाग लेंगे, जिनके बीच टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। इनमें मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और ओडिशा परिमंडल की टीमें शामिल हैं। उक्त जानकारी उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस संबंध में मंथन हॉल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दी। कांफ्रेंस के आरंभ में पोस्टमास्टर जनरल, वाराणसी परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने श्री सिन्हा का स्वागत करते हुए पौधा भेंट किया। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विगत वर्ष अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखंड परिमण्डल द्वारा किया गया था, जिसमें तमिलनाडु टीम विजेता और उत्तर प्रदेश टीम उप-विजेता रही थी।

प्रतियोगिता का उद्घाटन 9 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में चीफ पोस्टमास्टर जनरल, उ.प्र. परिमंडल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा आर.पी सिंह, पूर्व सदस्य, भारतीय क्रिकेट टीम के विशिष्ट आतिथ्य में होगा। 13 फरवरी को शाम 3 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए हरियाणा परिमण्डल के संजय कपूर को केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा आंध्र प्रदेश के श्रीपति कामले को तकनीकी प्रतिनिधि नामित किया गया है।


श्री सिन्हा ने कहा कि, कोविड-19 के मद्देनजर विभिन्न परिमण्डलों से आने वाली टीमों, कोच मैनेजर एवं टूर्नामेन्ट से जुडे अन्य लोगों के लिए लखनऊ में समुचित व्यवस्था की जा रही है। टूर्नामेंट के कुशल प्रबंधन हेतु सभी पोस्टमास्टर जनरल और महाप्रबंधक (वित्त) की अध्यक्षता में कुल 8 कमेटियां बनाई गई हैं। इस बीच खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता बरतते हुए एक मेडिकल टीम 24 घण्टे तैनात रहेगी और एक आइसोलेशन कक्ष भी बनाया गया है। उ.प्र. की संस्कृति से खिलाडियों और टीम सदस्यों को रूबरू करने के लिए 12 फरवरी की शाम एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए वे इस प्रतियोगिता को यादगार बनाएं तथा अनुशासन व उत्तम खेल भावना का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर विनोद कुमार वर्मा पोस्टमास्टर जनरल कानपुर, संजय सिंह पोस्टमास्टर जनरल बरेली, कृष्ण कुमार यादव पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी, आरके वर्मा महाप्रबंधक वित्त, शाहनवाज अख़्तर निदेशक डाक सेवाएं (मुख्यालय), आलोक ओझा प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ मण्डल, शशि कुमार उत्तम सतर्कता अधिकारी, विनीत कुमार शुक्ला, सहायक निदेशक (खेल एवं कल्याण), सुश्री नूपुर सिंह, खेल विकास अधिकारी सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

IPL में 133 खिलाड़ियों पर जताया भरोसा और 52 की छुट्टी

सनराइजर्स हैदराबाद ने किया सबसे अधिक 21 खिलाड़ियों को रिटेन, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने जताया सबसे कम खिलाड़ियों पर भरोसा

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सभी 8 फ्रेंचाइजी ने 2021 में होने वाली लीग से पहले अपनी टीमों की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। इन सभी टीमों ने 20 जनवरी को उन खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी, जिन्हें वे आईपीएल 2021 में रिेटेन कर रही हैं, यानि जिनसे वे अपना करार आगे बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही उन खिलाड़ियों की लिस्ट भी बन गई है, जिनका करार खत्म हो गया है। जिन खिलाड़ियों को 8 फ्रेंचाइजी ने रिटेन नहीं किया है, वे अब फरवरी में होने वाली नीलामी में शामिल हो सकेंगे। सारे खिलाड़ियों की बात की जाए तो कुल 133 खिलाड़ी रिटेन किए गए हैं और 52 की हुई छुट्टी कर दी गई है।

आईपीएल 2021 की नीलामी से पहले 8 टीमों की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद ने सबसे अधिक 21 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने सबसे कम खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। उसने 2020 में टीम में शामिल 12 खिलाड़ी को ही 2021 में मौका देने का निर्णय लिया है। दिल्ली कैपिटल्स ने 19 और चेन्नई सुपरकिंग्स ने 18 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स ने 17-17 खिलाड़ियों से अपना करार बरकरार रखा है। किंग्स इलेवन पंजाब ने 16 और कोलकाता नाइटराइडर्स ने 13 खिलाड़ियों के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाया है। टीमों की पूरी लिस्ट:-

सनराइजर्स हैदराबाद: रिटेन खिलाड़ी: केन विलियम्सन, डेविड वॉर्नर, मनीष पांडे, विराट सिंह, प्रियम गर्ग, समद, भुवनेश्‍वर कुमार, खलील अहमद, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ कौल, टी नटराजन, अभिषेक शर्मा, शहबाज नदीम, मिचेल मार्श, विजय शंकर, मोहम्‍मद नबी, राशिद खान, ऋद्धिमान साहा, श्रीवत्‍स गोस्‍वामी, बासिल थम्‍पी और जेसन होल्‍डर। रिलीज खिलाड़ी: बिली स्‍टैनलेक, फैबियन एलन, बवांका संदीप, संजय यादव, पृथ्‍वी राज।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर: रिटेन खिलाड़ी: विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, युजवेंद्र चहल, देवदत्‍त पडिक्‍कल, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्‍मद सिराज, नवदीप सैनी, एडम जम्‍पा, शहबाज अहमद, जोश फिलिप, केन रिचर्ड्सन और पवन देशपांडे। रिलीज खिलाड़ी: मोईन अली, शिवम दुबे, उमेश यादव, एरोन फिंच, क्रिस मॉरिस।

दिल्ली कैपिटल्स: रिटेन खिलाड़ी: शिखर धवन, पृथ्वी शॉ, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, इशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, ललित यादव, हर्षल पटेल, आवेश खान, प्रवीन दुबे, कैगिसो रबाडा, एनरिच नॉर्खिया, मार्कस स्टोइनिस, शिमरोन हेटमायर, क्रिस वोक्स, डेनियल सैम्स। रिलीज खिलाड़ी: मोहित शर्मा, तुषार देशपांडे, कीमो पॉल, संदीप लामिछाने, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय।

चेन्नई सुपर किंग्स: रिटेन खिलाड़ी: महेंद्र सिंह धोनी, रुतुराज गायकवाड़, सुरेश रैना, सैम करेन, जोश हेजलवुड, इमरान ताहिर, फाफ डुप्लेसी, ड्वेन ब्रावो, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, कर्ण शर्मा, अंबाती रायडू, मिचेल सैंटनर, रविंद्र जडेजा, नारायण जगदीशन, केएल आसिफ, लुंगी एनगिडी, साई किशोर। रिलीज खिलाड़ी: केदार जाधव, पीयूष चावला, मोनू सिंह, मुरली विजय, हरभजन सिंह, शेन वॉटसन।

मुंबई इंडियंस: रिटेन खिलाड़ी: रोहित शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, क्विंटन डिकॉक, अनमोलप्रीत सिंह, आदित्य तारे, क्रिस लिन, सौरभ तिवारी, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, कायरन पोलार्ड, जयंत यादव, ट्रेंट बोल्‍ट, जसप्रीत बुमराह, मोहसिन खान, राहुल चाहर और अनुकूल रॉय। रिलीज खिलाड़ी: लसिथ मलिंगा, नाथन कूल्‍टर नाइल, मिचेल मैक्‍लेघन, रदरफोर्ड, जेम्‍स पैटिंस, दिग्‍विजय, प्रिंस बलवंत।

राजस्थान रॉयल्स: रिटेन खिलाड़ी: संजू सैमसन, बेन स्‍टोक्‍स, जोफ्रा आर्चर, जोस बटलर, रियान पराग, श्रेयस गोपाल, राहुल तेवतिया, महिपाल लोमरोर, कार्तिक त्‍यागी, एंड्रयू टाइ, जयदेव उनादकट, मयंक मार्कंडेय, जशस्‍वी जायसवाल, अनुज रावत, डेविड मिलर, मनन वोहरा और रॉबिन उथप्‍पा। रिलीज खिलाड़ी: स्‍टीव स्मिथ, अंकित राजपूत, ओशाने थॉमस, आकाश सिंह, वरुण आरोन, टॉम कुरेन, अनिरुद्ध जोशी और शशांक सिंह।

किंग्स XI पंजाब: रिटेन खिलाड़ी: केएल राहुल, क्रिस गेल, मयंक अग्रवाल, निकोलस पूरन, मनदीप सिंह, सरफराज खान, दीपक हुड्डा, प्रभसिमरन सिंह, मोहम्‍मद शर्मी, क्रिस जोर्डन, दर्शन नलकांदे, रवि बिश्‍नोई, मुरुगन अश्विन, अर्शदीप सिंह, हरप्रीत बरार, इशान पोरेल। रिलीज खिलाड़ी: ग्‍लेन मैक्‍सवेल, शेल्‍डन कॉट्रेल, करुण नायर, हार्दुस विलजोन, जगदीश सुचित, मुजीब उर रहमान, जिमी नीशाम, कृष्‍णा गौतम, तजिन्‍दर सिंह।

कोलकाता नाइटराइडर्स: रिटेन खिलाड़ी: ऑयन मॉर्गन, आंद्रे रसेल, दिनेश कार्तिक, कमलेश नागरकोटी, कुलदीप यादव, लॉकी फर्ग्युसन, नीतिश राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, रिंकू सिंह, संदीप वॉरियर, शिवम मावी, शुभमन गिल, सुनील नरेन। रिलीज खिलाड़ी: टॉम बैंटन, क्रिस ग्रीन, सिद्धेश लाड, निखिल नाइक, एम सिद्धार्थ, हैरी गुर्ने।

खेल प्रतियोगिताओं से ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों का बढ़ता है मनोबल:BDO

काकोरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा में किया गया विकास खंड स्तरीय ग्रामीण खुली खेल-कूद प्रतियोगिता वर्ष 2020-21 का आयोजन

लखनऊ। काकोरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा में विकास खंड स्तरीय ग्रामीण खुली खेल-कूद प्रतियोगिता वर्ष 2020-21 का आयोजन किया गया। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग, जनपद लखनऊ के तत्वावधान में खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उदघाटन ब्लॉक प्रमुख कुँवर राम विलास द्वारा दीप प्रज्वलन व माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात खेल कूद प्रतियोगिता प्रारम्भ की गई। इस दौरान दौड़ (बालक/बालिका)
100, 200, 400, 800, 1500 व 3000 मीटर। लंबी कूद(बालक/बालिका) बॉलीबाल (बालक/बालिका)। भारोत्तोलन (बालक/बालिका) आदि खेलों का आयोजन किया गया।

100 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0प्रीति को प्रथम स्थान तथा कु0मनस्वी कनौजिया को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ तथा पुरुष वर्ग में मनीष कनोजिया को प्रथम तथा अखिलेश को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 200 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 शालिनी को प्रथम तथा कु0 प्रीति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में अपूर्व अवस्थी को प्रथम तथा सूरज यादव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 400 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 सीता पाल को प्रथम तथा कु0 खुशबू को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में गोविंद को प्रथम स्थान तथा अमित को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 800 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 शालिनी को प्रथम तथा कु0 प्रीति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में गोविंद को प्रथम तथा सागर को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 3000 मीटर दौड़ महिला वर्ग में सुमन रावत ने प्रथम तथा सीता पाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग में 3000 मीटर दौड़ में धर्मेंद्र ने प्रथम तथा अमित यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
लंबी कूद महिला वर्ग में लक्ष्मी ने प्रथम तथा शालिनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग लंबी कूद में सागर ने प्रथम तथा शुभम रावत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

वालीबॉल मैच बालिका वर्ग में भरोसा की टीम ने प्रथम स्थान तथा पुरुष वर्ग में दसदोई की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समापन विकास खंड काकोरी के खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता द्वारा प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बालक बालिकाओं को पुरस्कार वितरित कर किया गया। कार्यक्रम को सकुशल व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने हेतु उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकगण वीरेंद्र सिंह, संजय पांडे, श्रीमती पंकज जैन, अमिता गुप्ता, कंचन यादव, बिद्यारानी, सविता सिंह, मधु लता, महिमा सक्सेना, अनुदेशक रामविलास शर्मा, श्रीमती पूनम गुप्ता, श्रीमती अंतिमा देवी ब्लॉक अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ, अजय, व्यायाम शिक्षक धीरज त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

अंत मे खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता ने खेलकूद प्रतियोगिता में उपस्थित सभी बालक बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण स्तर के प्रतिभाशाली बच्चों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें मंडल, राज्य तथा देश स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। श्री गुप्ता ने ऐसे ही खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन करने पर बल दिया। कार्यक्रम स्थल पर ग्राम पंचायत सचिव राजेश सिंह, ललित कुमार गौतम, संजीव कुमार व अरुण कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 में चार स्वदेशी खेल शामिल

खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 में चार स्वदेशी खेलों को मिला स्थान

खेल मंत्रालय का स्वदेशी खेलों को बड़ा प्रोत्साहन

गतका, कलारीपयट्टू, थांग-ता और मलखम्ब खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 में शामिल

नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने हरियाणा में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 में चार स्वदेशी खेलों को शामिल करने को मंजूरी दी है। इन खेलों में गतका, कलारीपयट्टू, थांग-ता और मलखम्ब हैं।
इस निर्णय के बारे में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, ‘भारत में स्वदेशीय खेलों की एक समृद्ध विरासत है और इन खेलों को को संरक्षित करना, प्रोत्साहन देना और लोकप्रिय बनाना खेल मंत्रालय की प्राथमिकता है। खेलो इंडिया गेम्स से बेहतर दूसरा कोई मंच नहीं है, जहां इन खेलों के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसकी बहुत लोकप्रियता है और इनका प्रसारण देशभर में स्टार स्पोर्ट्स द्वारा किया जाता है, इसलिए मुझे विश्वास है कि 2021 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में योगासन के साथ ये चार प्रतिस्पर्धा देश के खेल उत्साही दर्शकों और युवाओं का अपनी ओर अधिक ध्यान आर्कषित करेंगे। आने वाले वर्षों में हम खेलो इंडिया गेम्स में और अधिक स्वदेशी खेलों को शामिल करने में सक्षम होंगे।’

देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं ये चार चयनित खेल

ये चार चयनित खेल देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कलारीपयट्टू की उत्पत्ति केरल में हुई है और इसे खेलने वाले पूरे विश्व में हैं। बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल इनमें से एक हैं। वहीं मलखम्ब को मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में अच्छी तरह से जाना जाता है। महाराष्ट्र इस खेल का मुख्य केंद्र है। गतका खेल का संबंध पंजाब से है और यह निहंग सिख योद्धाओं की पारंपरिक लड़ाई शैली है। वे इसका उपयोग आत्म-रक्षा के साथ-साथ खेल के रूप में भी करते हैं। थांग-ता मणिपुर की एक मार्शल आर्ट है, जो पिछले कुछ दशकों के दौरान लुप्त होती जा रही है, लेकिन खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 की मदद से इसे एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, ‘हमें यह जानकर खुशी हुई है कि खेल मंत्रालय ने भारतीय प्राचीन मार्शल आर्ट गतका को खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शामिल किया है। हमें विश्वास है कि खेलो इंडिया का यह प्रयास निश्चित तौर पर लुप्त होती जा रही एक ऐतिहासिक महत्व रखने वाली भारतीय पारंपरिक मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने और पुनर्जीवित करने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त यह कदम देश के साथ-साथ विदेशों में जागरूकता पैदा करने के लिए नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रयासों को बढ़ावा देगा।’
वहीं थांग-ता फेडरेशन ने भी इसकी पुष्टि की है कि यह प्रतिस्पर्धा इस खेल को काफी लोकप्रिय बनाएगी। थांग-ता फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव विनोद शर्मा ने कहा, ‘इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के 400 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। हम लोग इस प्रतिस्पर्धा में बहुत सफल होना चाहते हैं और इससे खेल को राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।’
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TOPS में सिन्धु रख सकेंगी फिजियो और फिटनेस ट्रेनर


TOPS के लिये सिन्धु को फिजियो और फिटनेस ट्रेनर की मंजूरी

नई दिल्ली। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत पीवी सिंधु को अगले साल जनवरी में होने वाले तीन टूर्नामेंटों में अपने साथ फिजियो और फिटनेस ट्रेनर रखने के अनुरोध को मंजूरी दी गई है। 2019 विश्व चैंपियन और 2016 ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) का हिस्सा हैं। जनवरी 2021 में वह कोर्ट पर वापसी करेंगी और तीन प्रतिस्पर्धात्मक टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। सरकार ने सिंधु को टूर्नामेंट में अपने साथ फिजियो और फिटनेस ट्रेनर रखने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है।

ये तीन टूर्नामेंट योनेक्स थाईलैंड ओपन (जनवरी 12-17), टोयोटा थाईलैंड ओपन (19-24 जनवरी) और बैंकाक में 27 से 31 जनवरी तक खेले जाने वाले विश्व टूर फाइनल्स, क्वालीफिकेशन हासिल करने पर है। इन तीन टूर्नामेंटों के लिए उनके फिजियो और ट्रेनर की सेवाओं को लगभग 8.25 लाख रुपये की लागत के साथ मंजूरी दी गई है।
सिंधु ने अपना अंतिम प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट मार्च 2020 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप खेला था, बाद में कोरोनोवायरस महामारी के चलते खेलों को रोक दिया गया था।

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