पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बाल क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
🥇 गुनियापुर न्याय पंचायत खेल प्रतियोगिता में हामिदपुर माखन बना चैम्पियन
किरतपुर/बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी): विकास क्षेत्र किरतपुर के अन्तर्गत गुनियापुर न्याय पंचायत की बाल क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन में किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन उच्च प्राथमिक विद्यालय गुनियापुर के वरिष्ठ अध्यापक आशाराम ने किया।
खेल प्रभारी मुकेश कुमार रवि और बृजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हामिदपुर माखन का शानदार प्रदर्शन
एथलेटिक्स और टीम स्पर्धाओं में उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन का दबदबा रहा।
दौड़ स्पर्धाओं में प्राथमिक स्तर पर साक्षी (मिर्जापुर), राघव (हामिदपुर माखन), हेमांशु (नेकपुर) और उच्च प्राथमिक स्तर पर उज्ज्वल (हामिदपुर माखन) ने 100 मीटर से लेकर 400 मीटर तक की दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया।
फील्ड स्पर्धाओं में हरप्रीत (मिर्जापुर) और प्रियांशी (मिर्जापुर) ने गोला फेंक और चक्का फेंक में अपना जौहर दिखाया।
टीम स्पर्धाओं (खो-खो और कबड्डी) के बालक और बालिका दोनों वर्गों में हामिदपुर माखन की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय भरैकी दोनों स्पर्धाओं में उपविजेता रहा।
प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रीमती इन्दुप्रभा चौहान, अध्यापक अन्शु तोमर और शिक्षक संघ अध्यक्ष सुनीत कुमार ने आयोजन व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान शिक्षक संकुल कुलवंत सिंह और दीपक कुमार सहित कई शिक्षकों ने खेल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्टेडियम B की टीम 150 रनों पर हुई ढेर
बिजनौर क्रिकेट एसोसिएशन की अंडर-19 जिला स्तरीय लीग
🏏 रोमांचक मुकाबले में चांदपुर ने स्टेडियम B को 3 विकेट से हराया
बिजनौर: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में बिजनौर क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंडर-19 जिला स्तरीय लीग प्रतियोगिता के दूसरे दिन स्टेडियम B और चांदपुर तहसील के बीच एक कड़ा मुकाबला खेला गया। स्टेडियम B ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने निर्धारित 30 ओवरों में अपने सभी विकेट खोकर 150 रन बनाए।
बीसीए बिजनौर के सचिव लक्ष्यराज त्यागी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्टेडियम B की तरफ से आदर्श ने सर्वाधिक 38 रन, देवांश ने 29 रन और कबीर वशिष्ठ ने 28 रन का योगदान दिया। चांदपुर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें वैभव तोमर ने 4 और आरुष तोमर ने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
चांदपुर की रोमांचक जीत में निगम, मनदीप और अभिनव रहे हीरो
151 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चांदपुर की टीम ने 26.4 ओवरों में 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और तीन विकेट से जीत दर्ज की। चांदपुर की जीत में निगम (27 रन), मनदीप (29 रन) और अभिनव (27 रन) ने अहम भूमिका निभाई। स्टेडियम B के गेंदबाजों में साबिर, उमर और अंश ने 2-2 विकेट लेकर मैच को रोमांचक बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए।
योगेन्द्र पाल सिंह योगी ने दिया ‘मैन ऑफ द मैच’ पुरस्कार
मैच में वैभव तोमर को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अध्यक्ष विवेकानन्द दिव्य भारती उत्तर प्रदेश, ने प्रदान किया। मैच में अमित कुमार और आर्यमन चौधरी ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि अभिषेक ने स्कोरर का दायित्व संभाला। इस अवसर पर नागेन्द्र सारस्वत, संजीव चौधरी, मानव सचदेवा, दीपक भटनागर, तुषार मालिक, नासिर, ज्ञान वर्मा, पुनिश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अब सभी वाहन चालकों को करना ही होगा यातायात नियमों का पालन
🚦 ‘यातायात माह’: सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता अभियान
01 दिन और चालान 436: सख्ती पर उतरी बिजनौर पुलिस
बिजनौर, 8 नवंबर, 2025 – अब सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना ही होगा। बिजनौर पुलिस इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से बेहद सख्ती के मूड में है। इसी क्रम में लापरवाहों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में कुल 436 चालान किए गए।
उत्तर प्रदेश शासन एवं यातायात निदेशालय, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में, जनपद बिजनौर में 01 नवंबर से 30 नवंबर, 2025 तक मनाए जा रहे ‘यातायात माह’ के दौरान यातायात पुलिस ने प्रवर्तन और जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी यातायात के नेतृत्व में, आज 8 नवंबर को प्रभावी यातायात प्रवर्तन अभियान चलाया गया।
🚨 सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई
अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के संबंध में आमजन, वाहन चालकों और छात्र/छात्राओं को जागरूक करना तथा नियमों का पालन सुनिश्चित कराना रहा। इसी क्रम में, यातायात पुलिस बिजनौर ने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की।
ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से मालवाहक वाहनों में सवारियों को बैठाने की खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने हेतु जागरूकता पर बल दिया और उल्लंघन करने वालों पर सख़्त प्रवर्तन सुनिश्चित कराया।
📊 एक दिन में 436 चालान: मुख्य उल्लंघन
इस सघन अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 436 चालान किए गए।
प्रमुख उल्लंघनों का विवरण दर्शाता है कि लोग अभी भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं:
अभी भी अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दुपहिया वाहन चालक
सर्वाधिक 238 चालान बिना हेलमेट के किए गए, जो यह दर्शाता है कि दुपहिया वाहन चालक अभी भी अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘यातायात माह’ के दौरान यह प्रवर्तन अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। इसका लक्ष्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। यातायात पुलिस बिजनौर ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें।
बिजनौर, 8 नवंबर, 2025 – नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बिजनौर में आध्यात्मिक जागृति और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र बिजनौर की ओर से एक भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का मुख्य संदेश आत्म-शक्ति और राजयोग ध्यान के माध्यम से नशे से दूर रहने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।
यह प्रेरणादायक रथ यात्रा ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र बिजनौर से आरंभ हुई, जिसका सफल संचालन केंद्र की मुख्य संचालिका बी.के. सुरेश दीदी के निर्देशन में किया गया। इस पवित्र सेवा में बी.के. अनीता दीदी, अनुज भाई, यशवंत भाई, रवि भाई सहित कई सेवाधारी भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक सक्रिय भूमिका निभाई।
रथ यात्रा नगर के अनेक प्रमुख स्थलों से गुजरी, जिनमें नगर पालिका चौराहा, शक्ति चौराहा, थाना चौराहा, सिंचाई कॉलोनी, ब्राह्मण मोहल्ला, हेमराज कॉलोनी, और नवलपुर गांव शामिल रहे। हर पड़ाव पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और युवा वर्ग ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।
रथ को विशेष रूप से सजाया गया था, जिसमें आकर्षक प्रदर्शनी, प्रेरणादायक संदेश पट्टिकाएँ और “राजयोग ध्यान – नशा मुक्त जीवन की कुंजी” विषय पर विशेष स्लोगन प्रदर्शित किए गए थे, जिसने लोगों को गहराई से प्रभावित किया। यात्रा के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने शांति गीत और नारे लगाकर समाज में आध्यात्मिक जागृति का संदेश पहुँचाया।
कार्यक्रम के समापन पर बी.के. सुरेश दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि, “नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मा की शक्ति को भी क्षीण कर देता है। इसलिए आत्म-सशक्तिकरण के लिए राजयोग ध्यान को जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंतरिक शांति और आत्मिक बल ही नशे की लत से बाहर निकलने का एकमात्र स्थाई उपाय है।
बढ़ता कहर: हाई-टेक ठगी और डिजिटल गिरफ्तारी से करोड़ों की लूट🚨
😱 डिजिटल अरेस्ट और फर्जी GST फ्रॉड ने मचाया हड़कंप
🚨साइबर क्राइम: जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
~ भूपेंद्र निरंकारी
हाल के दिनों में साइबर अपराध की घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ और बड़े पैमाने पर GST फ्रॉड जैसे हाई-टेक तरीके सामने आए हैं। अपराधी अब कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर लोगों को डरा रहे हैं और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठ रहे हैं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम: इस नए तरीके में ठग खुद को सीबीआई, ईडी या पुलिस अधिकारी बताते हैं। वे पीड़ितों को फोन पर धमकाते हैं कि उनके नाम से ड्रग्स या अवैध सामान वाला पार्सल मिला है, या वे किसी धन शोधन (Money Laundering) के मामले में फंस गए हैं।
ठगी का तरीका: पीड़ित को यह कहकर डराया जाता है कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है, और ‘ऑनलाइन पूछताछ’ के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर आने को कहा जाता है। डर पैदा करके, अपराधी पीड़ितों को एक ‘सुरक्षित’ बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं। हाल ही में, एक बुजुर्ग दंपत्ति से इसी तरीके से ₹1 करोड़ से अधिक की ठगी की गई है।
₹75 करोड़ का GST घोटाला: ठाणे में एक बड़े साइबर-फाइनेंशियल फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ, जहाँ फर्जी कंपनियों के नाम पर ₹75 करोड़ से अधिक का फर्जी GST ट्रांजैक्शन किया गया।
💻 अन्य प्रमुख साइबर अपराध की वारदातें
डिजिटल अरेस्ट के अलावा, अपराधी विभिन्न तरीकों से आम जनता को निशाना बना रहे हैं:
फर्जी वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम: नौकरी का झांसा देकर, ठग लोगों को छोटे टास्क (जैसे यूट्यूब वीडियो लाइक करना) देते हैं और शुरुआत में छोटी रकम का भुगतान करते हैं। विश्वास जीतने के बाद, वे प्रीमियम इन्वेस्टमेंट टास्क के नाम पर बड़ी रकम ठग लेते हैं।
सीसीटीवी क्लिप की चोरी: राजकोट में हुए एक बड़े साइबर हमले में देश भर की करीब 50,000 सीसीटीवी क्लिप चोरी की गईं और उन्हें ऑनलाइन बेचा गया। हैकर्स वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करके अपनी लोकेशन छिपाते हैं।
फर्जी पुलिस बनकर ब्लैकमेलिंग: कुछ ठग नकली साइबर पुलिस बनकर लोगों को अश्लील कंटेंट देखने का आरोप लगाते हैं और गिरफ्तारी की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलते हैं।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की चिंता और पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने इन मामलों पर सख्ती से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया है।
आंकड़ों में वृद्धि: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में दर्ज साइबर अपराध के मामले 65,983 से बढ़कर 2023 में 86,420 हो गए हैं।
पुलिस का अभियान: दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क को निशाना बनाते हुए छापे मारे हैं, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘वर्क फ्रॉम होम’ ठगी में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
🛡️ बचाव के लिए क्या करें?
अज्ञात कॉल से सावधान: किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल या मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी कभी साझा न करें।
ऑनलाइन पहचान की जाँच: यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करके उसकी प्रामाणिकता की जाँच करें।
साइबर अपराध की रिपोर्ट: किसी भी ठगी की सूचना cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत दर्ज कराएं।
🔒 साइबर अपराध से बचाव के 10 ज़रूरी सुझाव
1. व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें
OTP और PIN: अपने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड या UPI से संबंधित OTP (One-Time Password), PIN (व्यक्तिगत पहचान संख्या), या CVV (कार्ड सत्यापन मूल्य) किसी के साथ भी साझा न करें। बैंक या कोई भी सरकारी एजेंसी आपसे कभी भी ये गोपनीय जानकारी नहीं मांगती।
Aadhaar/PAN: अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेजों की प्रतियाँ अज्ञात या अविश्वसनीय वेबसाइटों या व्यक्तियों को न दें।
2. मज़बूत पासवर्ड का उपयोग करें
अपने सभी अकाउंट्स के लिए मज़बूत और जटिल पासवर्ड का उपयोग करें, जिसमें बड़े अक्षर, छोटे अक्षर, संख्याएँ और विशेष वर्ण (@, !, #, आदि) शामिल हों।
हर अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें।
पासवर्ड को नियमित रूप से (हर 3-6 महीने में) बदलते रहें।
3. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें
जहां भी संभव हो, अपने ईमेल, सोशल मीडिया, और वित्तीय ऐप्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को सक्रिय करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।
4. संदिग्ध लिंक और ईमेल से बचें
अज्ञात या अजीब दिखने वाले ईमेल, SMS, या सोशल मीडिया मैसेज में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
फिशिंग (Phishing) ईमेल से बचें – ये अक्सर आपको डराते हैं या बड़े इनाम का लालच देते हैं और आपसे लॉगिन विवरण चुराने की कोशिश करते हैं।
5. सॉफ़्टवेयर और ऐप्स को अपडेट रखें
अपने ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, Android, iOS) और सभी ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। अपडेट में अक्सर सुरक्षा पैच होते हैं जो ज्ञात कमजोरियों को ठीक करते हैं।
6. पब्लिक Wi-Fi का सावधानी से उपयोग करें
पब्लिक या फ्री Wi-Fi नेटवर्क पर बैंकिंग या किसी भी संवेदनशील लेन-देन को करने से बचें। पब्लिक नेटवर्क सुरक्षित नहीं होते हैं और आपका डेटा चोरी हो सकता है।
7. फ़ोन पर सतर्क रहें (डिजिटल अरेस्ट)
यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI, या किसी अन्य सरकारी अधिकारी बताकर आपसे तुरंत पैसा भेजने या व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
कॉल को डिस्कनेक्ट करें और सीधे संबंधित विभाग या स्थानीय पुलिस स्टेशन के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके मामले की पुष्टि करें।
8. बैंकिंग और लेन-देन:
केवल सुरक्षित (https) वेबसाइटों पर ही ऑनलाइन खरीदारी या वित्तीय लेन-देन करें।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स (जैसे TeamViewer, AnyDesk) के माध्यम से किसी भी अजनबी को अपने फोन या कंप्यूटर का एक्सेस न दें।
9. बैकअप लें:
अपने महत्वपूर्ण डेटा (तस्वीरें, दस्तावेज़, फाइलें) का नियमित रूप से बैकअप लें, ताकि रैंसमवेयर या अन्य हमलों की स्थिति में आप अपना डेटा न खोएं।
10. तुरंत शिकायत दर्ज करें
यदि आप किसी साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत इन माध्यमों से शिकायत दर्ज करें:
🛑 डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) से बचाव के विशेष उपाय
डिजिटल अरेस्ट ठगी में अपराधी डर और दबाव का इस्तेमाल करते हैं। इससे बचने के लिए निम्नलिखित बातें गांठ बांध लें:
1. कॉल तुरंत काट दें और शांत रहें
सरकारी एजेंसी कभी फोन नहीं करती: याद रखें! भारत की कोई भी सरकारी एजेंसी (पुलिस, CBI, ED, नारकोटिक्स) आपको फोन या WhatsApp कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती, न ही आपसे पैसे मांगती है।
पहला कदम: जैसे ही कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताए और आपके पार्सल/केस में फंसने की बात करे, तुरंत कॉल काट दें (Disconnect the call)। घबराएं नहीं और किसी भी स्थिति में उनसे लंबी बात न करें।
दबाव को पहचानें: यदि वह आपको किसी एकांत जगह जाने या अपने परिवार/दोस्तों को न बताने का दबाव बनाए, तो समझ लें कि यह 100% फ्रॉड है।
2. पैसा ट्रांसफर या ऐप डाउनलोड न करें
पैसे की मांग: यदि अपराधी ‘जुर्माना’, ‘सुरक्षा डिपॉजिट’ या ‘सुरक्षित खाता’ के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो साफ मना कर दें।
ऐप/लिंक से बचें: यदि वे आपको ‘अरेस्ट वारंट’ या ‘केस डॉक्यूमेंट’ डाउनलोड करने के लिए कोई APK फ़ाइल या लिंक भेजें, तो उस पर कभी क्लिक न करें। ये आपके फोन को हैक कर सकते हैं।
टू-वे वेरिफिकेशन (2FA): अपने सभी ऑनलाइन खातों (जीमेल, सोशल मीडिया) के लिए हमेशा टू-वे वेरिफिकेशन ऑन रखें।
3. सत्यापन (Verification) ही सुरक्षा है
खुद जाँच करें: यदि आपको वाकई में संदेह है कि आप किसी परेशानी में हो सकते हैं, तो उस कॉल करने वाले व्यक्ति पर भरोसा न करें।
स्थानीय पुलिस: सीधे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन या संबंधित विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल करें और जानकारी की पुष्टि करें।
💸 UPI फ्रॉड (UPI Fraud) से बचाव के विशेष उपाय
UPI फ्रॉड में अपराधी आपके पिन या QR कोड का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं।
1. UPI पिन का नियम याद रखें
सिर्फ भुगतान के लिए पिन: UPI पिन का उपयोग केवल पैसा भेजने (Pay) के लिए किया जाता है।
पैसे प्राप्त करने के लिए पिन नहीं: यदि कोई आपको पैसा भेज रहा है, तो आपको कभी भी अपना UPI पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि कोई आपको पैसा देते समय पिन डालने को कहे, तो यह स्पष्ट रूप से एक ठगी का प्रयास है।
2. QR कोड का नियम समझें
QR कोड से केवल भुगतान: QR कोड का इस्तेमाल भी सिर्फ भुगतान करने (Scanning to Pay) के लिए किया जाता है।
पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन न करें: यदि कोई व्यक्ति आपको पैसा भेजने के लिए QR कोड स्कैन करने को कहे, तो सावधान हो जाएं। वह आपसे पैसे प्राप्त करने के बजाय, आपके अकाउंट से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा है।
3. अज्ञात रिक्वेस्ट और लिंक्स पर ध्यान दें
‘Request to Pay’: यदि आपके UPI ऐप पर अचानक से कोई ‘Request to Pay’ का नोटिफिकेशन आ जाए जिसे आपने शुरू नहीं किया है, तो उसे तुरंत अस्वीकार (Decline) कर दें। बिना किसी लेनदेन के रिक्वेस्ट आने पर अलर्ट रहें।
OTP/PIN/CVV: आपका बैंक, ग्राहक सेवा केंद्र या कोई भी पेमेंट ऐप कभी भी आपसे UPI पिन, OTP या अन्य वित्तीय जानकारी नहीं मांगता।
📢 शिकायत और कार्रवाई
यदि फ्रॉड हो जाए: यदि आप गलती से भी पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, तो तुरंत अपने बैंक को कॉल करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी कॉल करें। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे फ्रीज होने (रुकने) की संभावना उतनी अधिक होगी।
शिकायत पोर्टल: cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इन दोनों तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सबसे बड़ा हथियार आपकी जागरूकता और सतर्कता है।
💧 दैवीय आपदा से ध्वस्त हुई मंगलता लिगुड़ता सिंचाई योजना
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का अभागा सल्लाभाटकोट क्षेत्र
सैकड़ों किसानों के सामने गहराया रोजी-रोटी का संकट🌾
~ डॉ. देवेंद्र सिंह
अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। अल्मोड़ाजिले के सल्लाभाटकोट क्षेत्र में दैवीय आपदा के कारण मंगलता लिगुड़ता पाईप लाइन सिंचाई योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। योजना के जगह-जगह टूट जाने से डूंगरलेख, मंगलता, लिगुड़ता, पभया, जालीखेत मंगलता, टानी समेत कई अन्य गाँवों के सैकड़ों कृषकों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई खंड, अल्मोड़ा को एक कड़ा पत्र भेजा है।
शैलजा चम्याल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह सिंचाई योजना इस पट्टी के लिए जीवनरेखा के समान है, जिससे लगभग 1000 खेत सिंचित होते हैं और प्रतिवर्ष कई टन अनाज पैदा होता है। योजना के ठप पड़ जाने से पानी के अभाव में खेतों की सिंचाई करना नामुमकिन हो गया है। परिणामस्वरूप, क्षेत्र की कई एकड़ उपजाऊ खेती योग्य भूमि में अब फसल उगा पाना संभव नहीं है।महंगाई के इस दौर में, सिंचाई सुविधा न मिलने के कारण सैकड़ों कृषकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे उनके सामने भविष्य में रोजी-रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है। कृषक समुदाय अत्यधिक चिंतित है और तत्काल समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है।
जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने विभाग से पुरजोर आग्रह किया है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस ध्वस्त हुई सिंचाई योजना को जल्दी से जल्दी ठीक करवाया जाए, ताकि किसान समय पर अपने खेती-बाड़ी के कार्य को शुरू कर सकें। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने इस मामले में शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया, तो वे क्षेत्र की जनता को साथ लेकर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी।
यूपी एग्रीकल्चर मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन बिजनौर के चुनाव निर्विरोध संपन्न
कृषि विभाग में नया नेतृत्व: कपिल अध्यक्ष, निर्भय बने जिला मंत्री
बिजनौर। कृषि विभाग के कर्मचारियों की एकता को मजबूत करते हुए, आज दिनांक 07 नवंबर 2025 को यू०पी० एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन जनपद शाखा बिजनौर का द्विवार्षिक चुनाव/अधिवेशन कृषि भवन सभागार बिजनौर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह चुनाव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उ०प्र०, जनपद शाखा बिजनौर के पूर्व जिलाध्यक्ष, देशराज सिंह की देखरेख में कराया गया।
एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव पूरी तरह से निर्विरोध संपन्न हुआ, जिससे कर्मचारियों के बीच एकजुटता प्रदर्शित हुई है।
एसोसिएशन के आगामी कार्यकाल के लिए निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारी:
संरक्षक | तेजवीर सिंह | प्रधान सहायक
अध्यक्ष | कपिल कुमार | वरिष्ठ सहायक
जिला मंत्री | निर्भय कुमार | वरिष्ठ सहायक
उपाध्यक्ष | मनीष चौधरी | कनिष्ठ सहायक
कोषाध्यक्ष | अरूण कुमार | कनिष्ठ सहायक
चुनाव अधिकारी देशराज सिंह ने नवीन कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को निर्विरोध चुने जाने पर बधाई दी। इस चुनाव परिणाम की सूचना तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को दी गई है ताकि एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी अपने कार्यों को प्रारंभ कर सके।
बिजनौर में केमिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष के भांजे ने की आत्महत्या!
एजेंसी में दिनदहाड़े हुआ दर्दनाक हादसा
कारणों का खुलासा नहीं, जांच में जुटी पुलिस
दवा व्यापारी ने खुद को गोली मारकर दी जान, इलाके में सनसनी
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर: जिला मुख्यालय पर नगीना चक्कर चौराहे के पास दवाइयों का कारोबार करने वाले एक युवा व्यापारी द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। सूचना पाकर पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एजेंसी के भीतर से आई तेज धमाके की आवाज
मृतक की पहचान सोहित (35 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हीमपुर थाना क्षेत्र के मुकरपुर गदई गाँव का निवासी था। सोहित बिजनौर में नगीना चक्कर चौराहे के समीप स्थित दुकानों में श्री शक्ति बायोटेक नाम से अपनी दवाइयों की एजेंसी चलाता था। आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना आज करीब दोपहर 12:30 बजे के आसपास हुई। अचानक सोहित की एजेंसी से एक तेज धमाके की आवाज आई। आवाज सुनकर जब लोग मौके पर पहुँचे और भीतर जाकर देखा, तो सोहित लहूलुहान अवस्था में पड़ा था। इस दृश्य को देखकर तुरंत भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
कनपटी पर मारी गोली, एसपी सिटी ने किया मुआयना
घटना की गंभीरता को देखते हुए, सूचना मिलते ही एसपी सिटी भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जाँच में यह पता चला है कि सोहित ने अपनी दाहिनी कनपटी पर खुद ही गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके पर हथियार भी बरामद किया गया है।
जांच करते sp सिटी
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच
सोहित विवाहित था और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार का भांजा था, जिसके कारण दवा व्यापारियों में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जाँच शुरू कर दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य कारण से युवक ने इतना कठोर कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है और परिजनों तथा आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की सही वजह सामने आ सके।
अब घर बैठे: मिलेंगे कुशल श्रमिक, पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सेवायोजन विभाग ने सेवा मित्र एप के माध्यम से पंजीकृत कुशल बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत, आम नागरिकों को अब विभिन्न प्रकार के कुशल श्रमिकों जैसे माली, प्लंबर, कारपेंटर, मैकेनिक, ब्यूटीशियन, नर्स, पेंटर, मोबाइल रिपेयरर और लॉन्ड्री सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
📞 टोल फ्री नंबर और सेवामित्र एप
नागरिक अब इन सेवाओं के लिए केवल टोल फ्री नंबर 155330 पर कॉल करके या सेवामित्र एप का उपयोग करके घर बैठे कुशल श्रमिकों को बुला सकते हैं। यह कदम न केवल श्रमिकों को काम देगा बल्कि आम लोगों के लिए सेवाओं को सुविधाजनक भी बनाएगा।
📝 श्रमिकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण
पंजीकरण प्रक्रिया: कोई भी कुशल श्रमिक विभाग की वेबसाइट rojgarsangam.up.nic.in पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकता है। पंजीयन के दौरान जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारियां भी आनलाइन वेबसाइट पर मिल जाएगी।
न्यूनतम आयु सीमा: श्रमिकों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
अधिकतम आयु सीमा: इसमें अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है, जिसका अर्थ है कि युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी कुशल श्रमिक पंजीयन करा सकते हैं।
कौशल श्रेणियां: इस पहल के तहत 65 तरह के कौशल वाले श्रमिकों का पंजीयन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, बाइक रिपेयर मिस्त्री, कारपेंटर, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफर, टीवी मैकेनिक, कार मिस्त्री, कंप्यूटर मिस्त्री, पंप रिपेयर और इंजन मैकेनिक शामिल हैं।
दस्तावेज और जानकारी: पंजीयन के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अन्य विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
📱 सेवामित्र एप का उद्देश्य
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग द्वारा तैयार किए गए इस सेवामित्र एप का मुख्य उद्देश्य कुशल प्रवासी श्रमिकों को तलाशना और उन्हें विभिन्न विभागों में काम के अवसर उपलब्ध कराना है। यह एप श्रमिकों को घर बैठे पंजीयन कराने और रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता करता है।
✨ सरकार की मंशा
सेवायोजन के अपर निदेशक, पीके पुंडीर के अनुसार, यह सेवा ‘हर हाथ को काम’ देने की सरकार की मंशा के अनुरूप शुरू की गई है। इस पहल से आम लोगों को घर बैठे श्रमिक मिलेंगे और साथ ही श्रमिकों को काम मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टोल फ्री नंबर के साथ-साथ श्रमिक ऑनलाइन पंजीयन भी करा सकते हैं, और इस व्यवस्था को अपडेट किया गया है।
यह पहल न केवल बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह आम जनता के लिए दैनिक जीवन की आवश्यक सेवाओं को सुलभ और विश्वसनीय भी बनाती है।
💔 पहचान छिपाकर दोस्ती, आपत्तिजनक सामग्री के दम पर दुष्कर्म का प्रयास
कृष्णा नगर (लखनऊ): जाति छिपाकर छात्रा से दोस्ती करने, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने और छेड़छाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है।
लखनऊ। आलमबाग के कृष्णा नगर कोतवाली क्षेत्र में एक बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से शिकायत करते हुए एक विशेष समुदाय के युवक पर संगीन आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि आरोपी युवक ने अपनी जाति और धर्म छिपाकर उससे दोस्ती की।
पहचान छिपाकर बनाया शिकार
शिकायत के अनुसार, आरोपी युवक ने अपना हिन्दू नाम बताकर छात्रा से दोस्ती की और उसके साथ घूमना-फिरना शुरू कर दिया। इस दौरान, उसने मौका पाकर छात्रा के कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। छात्रा को काफी समय बाद उस युवक के असली नाम और पहचान (सुहेल सिद्दीकी पुत्र मुमताज सिद्दीकी, निवासी गुप्ता बूंदी बालागंज, थाना ठाकुरगंज) का पता चला, जिसके बाद उसने युवक से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
वायरल करने की धमकी और दबाव
छात्रा का आरोप है कि पहचान उजागर होने के बाद, आरोपी सुहेल सिद्दीकी ने उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो का सहारा लिया। वह कई बार छात्रा के घर पहुँचा और वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर उस पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। असफल होने पर उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।
दैनिक जीवन हुआ दूभर
छात्रा ने शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी आएदिन उसके घर आकर भद्दी-भद्दी गालियाँ और धमकियाँ देता था। उसने छात्रा का रास्ते में निकलना दूभर कर दिया और उसे रास्ते में रोककर छेड़खानी करने लगा। इन हरकतों से परेशान होकर छात्रा ने अपने परिजनों के साथ पुलिस उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने किया गिरफ्तार
कृष्णा नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर पीके सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई है। आरोपी युवक सुहेल सिद्दीकी के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपी युवक को हिरासत (कस्टडी) में ले लिया गया है और मामले में विधिक कार्यवाही की जा रही है।
👵🌿📿 पावन गंगा स्नान पर वृद्ध सेवा आश्रम में नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा सेवा
बिजनौर: गंगा स्नान के पावन अवसर पर बिजनौर के महात्मा विदुर वृद्ध सेवा आश्रम में एक महत्वपूर्ण नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में, ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार की देखरेख और समाज कल्याण अधिकारी, बिजनौर, जागेश्वर सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।
🌿 चिकित्सा और सेवा कार्य
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नरेंद्र सिंह द्वारा किए गए यज्ञ के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। यज्ञ के पश्चात, डॉ. नरेंद्र सिंह ने स्वयं रोगियों का नाड़ी परीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को समझते हुए उन्हें आयुर्वेदिक औषधियाँ निशुल्क वितरित कीं।
इस चिकित्सा शिविर में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से भी लोगों ने आकर अपने स्वास्थ्य का उपचार कराया और सेवाओं का लाभ लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा को सर्वोपरि रखना था, जैसा कि डॉ. नरेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि “पूजा से बढ़कर मानव सेवा है।”
🤝 विशेष सहयोग और उपस्थिति
शिविर के सफल आयोजन में महात्मा विदुर वृद्ध सेवा आश्रम की श्रीमती लक्ष्मी देवी ने सक्रिय रूप से सहयोग किया। इस अवसर पर ट्रस्ट और आश्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मनोज कुमार (प्रभारी), संजीव शर्मा, मिथिलेश यादव और नरेश कुमार शामिल थे। विशेष रूप से, हीमपुर से आए डॉ. हर्ष कुमार ने शिविर में अपनी सेवाएँ दीं। उन्होंने रोगियों की एक्यूप्रेशर चिकित्सा की और मसाज प्रदान करके विशेष रूप से सभी बुजुर्गों की सेवा की, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।
यह पहल न केवल प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने का एक प्रयास था, बल्कि गंगा स्नान के पवित्र दिन पर वृद्धों और ज़रूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
🌿 डॉ. नरेंद्र ने बताए आयुर्वेदिक औषधियों के प्रमुख लाभ
प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में वितरित की गई आयुर्वेदिक औषधियाँ कई पारंपरिक जड़ी-बूटियों और खनिजों से तैयार की जाती हैं, जिनके लाभ व्यापक होते हैं। यह जानकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने दी।
1. समग्र स्वास्थ्य और संतुलन (Holistic Wellness): मुख्य ध्यान शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन (दोष संतुलन – वात, पित्त, कफ) बहाल करने पर होता है। औषधियाँ केवल लक्षणों का इलाज नहीं करतीं, बल्कि बीमारी के मूल कारण पर काम करती हैं, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।
2. पाचन और चयापचय में सुधार (Improved Digestion): कई आयुर्वेदिक दवाएं अग्नि (पाचन अग्नि) को मजबूत करती हैं। ये पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती हैं, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
3. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती (Immunity Boosting): गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, और आंवला जैसी औषधियाँ अक्सर उपयोग की जाती हैं। ये शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं, जिससे व्यक्ति मौसमी बीमारियों और संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
4. तनाव और मानसिक स्वास्थ्य में सहायता: ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा जैसी ‘रसायन’ औषधियाँ एडाप्टोजेनिक गुणों के लिए जानी जाती हैं। ये तनाव के स्तर को कम करने, चिंता (Anxiety) से राहत देने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाने में मदद करती हैं।
5. जोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए: गठिया (Arthritis), जोड़ों का दर्द, और सूजन बुजुर्गों में आम है। गुग्गुलु और हल्दी युक्त औषधियाँ एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुणों से भरपूर होती हैं। ये जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में प्रभावी होती हैं।
6. साइड इफेक्ट्स का कम होना: यदि सही तरीके से तैयार और सेवन किया जाए, तो प्राकृतिक और जड़ी-बूटियों पर आधारित होने के कारण, आयुर्वेदिक औषधियों के साइड इफेक्ट्स (दुष्प्रभाव) आमतौर पर सिंथेटिक दवाओं की तुलना में काफी कम होते हैं।
🚨 सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रतापगढ़ SHO निलंबित!
नई दिल्ली/प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कंधई पुलिस स्टेशन के तत्कालीन एसएचओ गुलाब सिंह सोनकर द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना करने, याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने और कथित तौर पर मारपीट करने के गंभीर मामले में, सुप्रीम कोर्ट की सख़्त फटकार के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है।
💥 एसएचओ पर कड़ी विभागीय कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट द्वारा “न्याय की धारा को दूषित करने” की कड़ी टिप्पणी और “लोहे के हाथों से निपटने” की बात कहे जाने के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में खलबली मच गई। डीजीपी मुख्यालय से निर्देश जारी होने के बाद, प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक भूकर ने एसएचओ गुलाब सिंह सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है। एसएचओ को उनके पद से हटाकर लाइन हाजिर (निलंबन से पहले) किया गया था, लेकिन बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। एसएचओ के साथ-साथ इस मामले में शामिल दो अन्य दारोगाओं (राजेश यादव और मिथलेश चौरसिया) पर भी विभागीय कार्रवाई चल रही है। कंधई थाने की कमान पट्टी कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान स्थिति
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में दायर अवमानना याचिका के परिणामस्वरूप हुई है। याचिका में कहा गया था कि एसएचओ ने कोर्ट के गिरफ्तारी पर रोक (स्टे) के स्पष्ट आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता राम सागर तिवारी को गिरफ्तार किया और मारपीट भी की। कोर्ट के आदेश पर एडीजी प्रयागराज जोन ने मामले की जाँच की थी, जिसकी रिपोर्ट में एसएचओ द्वारा जानबूझकर अवहेलना करने की पुष्टि हुई है। पिछली सुनवाई में, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा था कि ऐसे पुलिसकर्मी को वर्दी की आड़ में न्याय को गंदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उत्तर प्रदेश सरकार को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में 7 नवंबर 2025 को पेश करने का निर्देश दिया गया है।
➡️ अगला कदम:
07 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, जहाँ पीठ यूपी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करेगी। कोर्ट यह तय करेगा कि एसएचओ का निलंबन और विभागीय जाँच शुरू करना पर्याप्त है, या अवमानना अधिनियम के तहत और अधिक कठोर सजा (जैसे जेल या जुर्माना) सुनाने की आवश्यकता है। फिलहाल यही स्थिति है कि एसएचओ निलंबित हैं और कोर्ट 7 नवंबर को सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद कोर्ट का अंतिम फैसला आ सकता है।
माधोपुर में पारंपरिक रूप से मनाया जा रहा भव्य देव दीपावली
ग्रामवासियों, स्वयं सहायता समूहों और पर्यटन विभाग के सहयोग से जगमगा रहा शूलटंकेश्वर घाट
ग्रामीण पर्यटन से जगमगायी आस्था की रोशनी- जयवीर सिंह
कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था से सराबोर काशी, लाखों श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
लखनऊ/वाराणसी। कार्तिक पूर्णिमा की पावन भोर पर वाराणसी के घाट श्रद्धा और भक्ति से भर उठे, जब लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित किया। आरती, दीपदान और गूंजते मंत्रों के बीच आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह काशी की जीवंत आध्यात्मिक विरासत को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हर वर्ष लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं, जिससे यह शहर न केवल भक्ति का केंद्र बनता है बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का वैश्विक प्रतीक भी बन चुका है,”
देव दीपावली के पावन अवसर पर इस वर्ष काशी का ‘दक्षिण द्वार’ अद्भुत आध्यात्मिक आलोक से जगमगा रहा है। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण पर्यटन योजना अंतर्गत चयनित वाराणसी जनपद का माधोपुर गांव अपनी विशिष्ट परंपराओं और लोक सहभागिता के साथ देव दीपावली का पर्व विशेष रूप से मना रहा है। गंगा तट पर अवस्थित शूलटंकेश्वर मंदिर, जिसे काशी का दक्षिण द्वार भी कहा जाता है, भव्य दीपोत्सव का साक्षी बन रहा है। ग्रामीण पर्यटन के तहत देव दीपावली की पूर्व संध्या पर शूलटंकेश्वर गंगा घाट पर दीप प्रज्वलित किए गए। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
मंत्री ने बताया कि ‘शूलटंकेश्वर मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण के काशी खंड में भी मिलता है। मंदिर की पौराणिकता आगंतुकों को आकर्षित करती है। इस भव्य आयोजन में जलने वाले दीये माधोपुर गांव के साथ पंचकोशी यात्रा मार्ग अंतर्गत गांव के कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं।’
विभाग द्वारा चयनित संस्था ने जलाए हजारों दीये
देव दीपावली का यह भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के तत्वावधान में हुआ। विभाग द्वारा चयनित परियोजना संस्था ‘बकरी छाप’ के साथ-साथ स्थानीय होमस्टे लाभार्थियों, स्टेकहोल्डर्स, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन के दौरान प्राचीन शूलटंकेश्वर घाट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र ग्राम वासियों द्वारा हजारों मिट्टी के दीयों से आलोकित किया गया, जिससे पूरा दक्षिण काशी दीपों की अद्भुत आभा से नहा उठा।
ICSSR का भी सहयोग
इस अवसर पर भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम “काशी की मृत्तिका कला: अतीत, वर्तमान एवं भविष्य” के अंतर्गत, वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से संबद्ध) के सौजन्य से 1001 दीपक प्रदान किए गए, जिससे यह पर्व और अधिक भव्य एवं उज्ज्वल बन सके।
‘हेरिटेज स्टोरी टेलिंग’ सत्र
दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही एक विशेष ‘हेरिटेज स्टोरी टेलिंग’ सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें शूलटंकेश्वर मंदिर की पौराणिक कथा और माधोपुर गांव में पर्यावरण संरक्षण की परंपरा पर रोचक प्रस्तुतियां दी गई। इस सत्र के माध्यम से ग्राम वासियों को उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना की योजनाओं एवं उनके लाभों की जानकारी भी प्रदान की गई।
शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर को जानें
वाराणसी जनपद में रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के माधोपुर में गंगा तट पर शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता है कि गंगा नदी जब काशी में प्रवेश करने वाली थीं, तब भगवान शिव ने काशी की रक्षा के लिए अपने त्रिशूल से गंगा के वेग को रोक दिया था। शिव ने गंगा से वचन लिया था, कि वे काशी को स्पर्श करती हुई प्रवाहित होंगी और काशी के भक्तों को कोई हानि नहीं होगी। यह कैंट स्टेशन से 15 किलोमीटर और अखरी बाईपास से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर है। भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए यहां आम दिनों में तो श्रद्धालु आते ही हैं, देव दीपावली, शिवरात्रि और सावन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
चंद्रावती, कैथी, उमराह में भी दीप पर्व
देव दीपावली के पावन उत्सव पर ग्राम माधोपुर में आयोजित ‘दीप पर्व’ न केवल श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह ग्रामीण पर्यटन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला एवं सामुदायिक सहभागिता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। ग्रामीण पर्यटन योजना अंतर्गत चयनित अन्य गांव- चंद्रावती (जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभु की जन्मस्थली), कैथी (मार्कण्डेय महादेव मंदिर), उमराह और रहती (त्रिलोचन महादेव मंदिर) में भी इसी क्रम में मिट्टी के दीयों से देव दीपावली मनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘पर्यटन विभाग का उद्देश्य है कि देव दीपावली जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को सशक्त किया जाए। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है साथ ही अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। ऐसे प्रयासों से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान प्रदान दिलाने में मदद मिलती है।’
✨ तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न; मंत्रोच्चार से वातावरण हुआ गुंजायमान, मोहल्लेवासियों का उत्साह चरम पर
🔱 बिजनौर का दक्ष नगर हुआ भक्तिमय! शिव मंदिर में शिव परिवार की मूर्ति स्थापना, भंडारे में उमड़ी भक्तों की भीड़
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर: शहर के मोहल्ला दक्ष नगर में नवनिर्मित शिव मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच मंदिर में शिव परिवार, शिवलिंग, नंदी सहित हनुमान जी की मूर्तियों को विधि-विधान से स्थापित किया गया।
प्राण-प्रतिष्ठा और पूजा-अर्चना
यह धार्मिक आयोजन तीन दिनों तक चला, जिसमें लगातार मंत्रों का उच्चारण किया गया। पूरे विधि-विधान से पूजा का कार्य पंडित आचार्य श्री गौरव शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, प्रदीप शर्मा, मनीष शर्मा, और अमित कौशिक के द्वारा संपन्न कराया गया। पंडितों के दिव्य मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और आनंदमय हो गया।
भक्तों और यजमानों का समर्पण
इस पुनीत कार्य में अनेक भक्तों और प्रमुख यजमानों का संपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में श्री योगेश शर्मा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेखा शर्मा रहीं, जबकि सहायक यजमान के रूप में मास्टर मनोज कुमार और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अलका शर्मा ने सहभागिता निभाई।
इसके अतिरिक्त, संजय कुमार शर्मा, रचना शर्मा, ओम दत्त शर्मा, शालिनी शर्मा, ग्राम पंचायत रसीदपुर गढ़ी के प्रधान सत्यपाल सिंह, विपिन कुमार, राजपाल सिंह भुइयार, त्रिभान सिंह, भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, विजेंद्र शर्मा, संदीप कुमार (MR), विकास कुमार सहित अनेक मोहल्लेवासियों और उनके परिवारों का विशेष योगदान रहा।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
मूर्ति स्थापना के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में दक्ष नगर, रसीदपुर गढ़ी, चौधरी पुरम सहित अन्य स्थानों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया और प्रसाद चखा। सुबह से ही मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
भक्ति और उत्साह का माहौल
कार्यक्रम के दौरान मोहल्ले वासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चारों ओर भगवान के जयकारे और जोर-जोर से उद्घोष लगाए जा रहे थे। अपने आराध्यों के प्रति श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उल्लास ने पूरे क्षेत्र को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
मोहनलालगंज में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र सिर्फ दिखावा
🎯 लाखों खर्च के बाद भी केंद्रों पर लटके ताले
सरकार की मंशा पर पानी फेरने वाले BDO की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
🚨 खंड विकास अधिकारी की ‘सुस्ती’ से करोड़ों की सरकारी योजना बर्बाद!
लखनऊ: केंद्र और राज्य सरकारें गाँवों को शहरों की तरह स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही हैं। लेकिन, लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखंड में खंड विकास अधिकारी (BDO) आशुतोष श्रीवास्तव के घोर सुस्त रवैये और लापरवाही के चलते इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पा रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (Integrated Solid Waste Management Centre) आज महज ‘शो पीस’ बनकर रह गए हैं।
सरकारी धन की खुली बर्बादी:
विकासखंड मोहनलालगंज की अधिकांश ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के भव्य भवन तैयार किए गए हैं। इन केंद्रों को क्रियाशील बनाने के लिए ई-रिक्शा और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
जमीनी हकीकत: ग्रामीणों के अनुसार, BDO श्रीवास्तव की उदासीनता के कारण इन केंद्रों का संचालन आज तक शुरू नहीं हो सका है।
स्थिति: केंद्रों का केवल रंग-रोगन करवाकर, उस पर ताला जड़ दिया गया है। जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम यह है कि महीनों से इन गेटों का ताला भी नहीं खोला गया है।
परिणाम: संसाधन होने के बावजूद ये केंद्र बेकार पड़े हैं, जिससे गाँव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं और सरकारी मंशा को गहरा धक्का लगा है। अधिकारी की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल: BDO आशुतोष श्रीवास्तव की कार्यशैली न सिर्फ अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के मामले में सवालों के घेरे में है, बल्कि ग्रामीणों ने उनकी ‘सुस्ती’ पर तंज कसते हुए एक गंभीर आरोप भी लगाया है।
ग्रामीणों का आरोप: एक स्थानीय निवासी ने BDO की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “खंड विकास अधिकारी जब अपने ब्लॉक का इंटरनेट रिचार्ज नहीं कर सकते हैं तो आप सोच सकते हैं कि वह कितने सुस्त हैं।”
यह घटना दर्शाती है कि BDO योजनाओं की निगरानी और विभागीय जरूरतों के प्रति कितने उदासीन हैं। यदि अधिकारी हर गाँव में जाकर योजनाओं की निगरानी और जाँच करें, तो अधिकतर योजनाएँ सफलतापूर्वक संचालित हो सकती हैं।
स्रोत और आगे की कार्रवाई: स्थानीय मीडिया के माध्यम से यह मामला उजागर होने के बाद, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेते हैं। उम्मीद है कि सरकारी धन की बर्बादी और ग्रामीणों को स्वच्छता से वंचित रखने वाले इस रवैये पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों को तत्काल क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।
महिलाओं, बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन है उद्देश्य
🇮🇳 ‘मिशन शक्ति फेस 5.0’ के तहत बिजनौर पुलिस का जागरूकता अभियान
बिजनौर। जनपद बिजनौर पुलिस की एंटी रोमियो टीम द्वारा ‘मिशन शक्ति फेस 5.0’ अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में जनपद के सभी थानों की पुलिस टीम जुटी हुई है।
📅 03 नवंबर 2025 की मुख्य गतिविधियाँ
जन जागरूकता कार्यक्रम: सदर बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, वर्धमान डिग्री कॉलेज, आरबीडी डिग्री कॉलेज, और विभिन्न मुख्य चौराहों (थाना नगीना देहात, अफजलगढ़, शिवाला कलां, धामपुर, रेहड़) तथा गांवों (इनायतपुर, ग्राम जलालपुर हसना, ग्राम नैनपुरा, ग्राम हरचंदपुर, गांव ढेला, मोहल्ला अचारजान, मोहल्ला पटियापाड़ा ढली बाजार) में चौपालों का आयोजन किया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी: महिलाओं/बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प लाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102/108, और साइबर हेल्प लाइन 1930 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
अपराध जागरूकता: मोबाइल/सोशल मीडिया द्वारा लड़कियों को परेशान करने, अश्लील मैसेज भेजने, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, मारपीट और साइबर अपराधों से बचाव और अपराध होने के बाद की कानूनी कार्यवाही के संबंध में जागरूक किया गया।
कल्याणकारी योजनाएं: ग्राम नैनपुरा (थाना नगीना) में महिलाओं को विधवा पेंशन योजना, वृध्दावस्था पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वल योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आदि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
गुड टच बैड टच: थाना शिवाला कलां में बालकों को गुड टच बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई।
संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ: सदर बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, और थाना अफजलगढ़, थाना चांदपुर के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
खेल उपलब्धि: पुलिस अधीक्षक बिजनौर अभिषेक कुमार झा द्वारा ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले मुख्य आरक्षी शुभम मलिक (74 किग्रा.) और मुख्य आरक्षी पवन शर्मा (66 किग्रा.) को बधाई दी गई।
📅 04 नवंबर 2025 की मुख्य गतिविधियाँ
जागरूकता स्थल: आरबीडी डिग्री कॉलेज, जसपुर तिराहा कस्बा व थाना अफजलगढ़, दीप परीक्षा गुरु कोचिंग सेंटर बड़ीगढ़ (थाना रेहड़), एस के पब्लिक स्कूल रायपुर सादात (थाना नगीना देहात), और MDKV इंटर कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया गया।
नए आपराधिक कानून: MDKV इंटर कॉलेज (थाना नजीबाबाद) की 296 छात्राओं को नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, समय बद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण के प्रावधान, नए अपराध, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक के उपयोग से संबंधित प्रावधान और पीड़ित केंद्रित प्रावधान शामिल थे।
एंटी रोमियो चेकिंग: थाना नगीना देहात द्वारा जोगिरामपुरी चौराहा, रायपुर चौराहा, कोटकादर तिराहा आदि पर 20 व्यक्तियों को चेक किया गया और हिदायत दी गई।
अभियान का उद्देश्य: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें किसी भी उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में पुलिस एवं अन्य सेवाओं की मदद लेने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देना तथा समाज में भयमुक्त वातावरण बनाना है।
📰 लखनऊ क्राइम बुलेटिन: ये है थोड़ी सी कहानी, अन्य थाने हैं अभी बाकी…
भू-माफिया का तांडव, लूटपाट, ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि
ताबड़तोड़ क्राइम से दहला लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बीते कुछ घंटों में अपराध और धोखाधड़ी की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें भू-माफिया द्वारा प्लॉट हड़पने, सब्जी विक्रेता से लूटपाट, ऑनलाइन ठगी और सड़क दुर्घटना के बाद जानलेवा धमकी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने सभी मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1. 🚨 सुशांत गोल्फ सिटी: SC महिला का प्लॉट हड़पा, जान से मारने की धमकी
सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली क्षेत्र स्थित साहू सोसायटी की प्लॉटिंग में एक बड़ा भू-माफिया का मामला सामने आया है। बाराबंकी में रहने वाली अनुसूचित जाति (SC) की महिला विद्यावती ने साहू सोसायटी के मालिक और उसके गुर्गों पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।
खरीद और कब्ज़ा: विद्यावती ने 31 जुलाई 2020 को ₹24 लाख में प्लॉट नंबर (131-C) खरीदा था, जिस पर 5 वर्ष पहले बाउंड्री वाल भी बनवा दी थी।
फर्जीवाड़ा: आरोप है कि सोसायटी संचालक और भू-माफिया ने मिलकर उनके प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री पूर्व मालिक राम सुमिरन के माध्यम से 18 फरवरी 2025 को विनीत तिवारी के नाम करा दी।
हमला और धमकी: दबंगों ने 5 वर्ष पुरानी बाउंड्री तोड़कर प्लॉट पर कब्ज़ा कर लिया। जब पीड़िता ने सोसायटी मालिक (तरुण साहू, सुभाष साहू) से शिकायत की, तो सुपरवाइजर (अवधेश, सुधीर) और विनीत तिवारी ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया।
पुलिस कार्रवाई: पीड़िता की नामजद तहरीर और रजिस्ट्री के कागजात सौंपे जाने के बाद, सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।
2. 🔪 पारा: ठेला लगाने के विवाद में महिला सब्जी विक्रेता से लूटपाट और मारपीट
पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुद्धेश्वर पुल के नीचे सब्जी का ठेला लगाने वाली महिला सब्जी विक्रेता गंगा देवी के साथ दबंगों द्वारा मारपीट और ₹10 हजार की लूटपाट का मामला सामने आया है।
विवाद का कारण: ठेला लगाने की जगह को लेकर विवाद हुआ। शनिवार रात करीब 10:30 बजे, जब गंगा देवी ठेला समेट रही थीं, तभी बगल में फल का ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने उन्हें धमकाया।
जबरन वसूली: मौके पर मौजूद राकेश गुप्ता और बाबा चाय वाले ने धमकी दी कि यह जगह उनकी है और ठेला लगाने के लिए रोजाना ₹100 देने होंगे।
हमला और लूट: विरोध करने पर राकेश गुप्ता ने महिला का हाथ मरोड़ दिया और उन पर लकड़ी की चप्पल से हमला किया। महिला को जमीन पर गिराकर घसीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
लूट और धमकी: गंगा देवी के अनुसार, राकेश गुप्ता ने उनके पर्स में रखे ₹10,000 नकद छीन लिए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
3. 💻 आलमबाग: ऑनलाइन ठगी और चोरी की दो बड़ी वारदातें
A. टेलीग्राम पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ झांसा, खाते से उड़ाए ₹1.90 लाख
आलमबाग कोतवाली इलाके में ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गढ़ी कनौरा निवासी हर्ष कश्यप को जालसाजों ने टेलीग्राम पर मैसेज भेजकर ‘घर बैठे कमाई’ का झांसा दिया।
धोखाधड़ी: 14 अक्टूबर को एक कॉलर ने हर्ष को टेलीग्राम पर एक लिंक भेजा। आरोप है कि जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक किया, उसके खाते से ₹1 लाख 90 हजार की ऑनलाइन निकासी हो गई।
पुलिस कार्रवाई: पीड़ित ने तुरंत साइबर सेल और स्थानीय आलमबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
B. बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवरात चोरी
आलमबाग कोतवाली इलाके के फतेहअली चौराहा, आनंद नगर में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाया। सुषमा पाण्डेय पत्नी देवताप्रसाद पाण्डेय 1 नवंबर को अस्पताल गई थीं, जब चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
चोरी का सामान: चोरों ने घर में घुसकर अलमारी के लॉकर में रखे चार जोड़ी चाँदी की बिछिया, दो सोने की बाली, एक हीरे की अंगूठी, दस चाँदी के सिक्के और कुछ कपड़े चोरी कर लिए।
जानकारी: सुषमा पाण्डेय को शाम करीब 9:50 बजे अस्पताल से लौटने पर चोरी का पता चला। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
4. 🚗 कृष्णा नगर: थार की टक्कर से फॉर्च्यूनर क्षतिग्रस्त, ड्राइवर पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास
कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में सोमवार को सड़क पर विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया। सेक्टर एम निवासी शाश्वत मिश्रा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पलासियो मॉल से घर जा रहे थे, जब उनकी फॉर्च्यूनर कार एक तेज रफ्तार थार से टकरा गई।
टक्कर और धमकी: काले रंग की थार (नंबर यूपी 16 सी डब्लू 6585) के चालक ने चंपारण मीट (कृष्णा नगर) के पास शाश्वत मिश्रा की फॉर्च्यूनर गाड़ी में टक्कर मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
जानलेवा प्रयास: आरोप है कि जब शाश्वत मिश्रा गाड़ी से नीचे उतरे, तो आरोपित थार सवार ने उन पर और उनके ड्राइवर के ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करते हुए भाग गया।
पुलिस कार्रवाई: पीड़ित ने कंट्रोल रूम और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपित थार सवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
5. 💔 मानक नगर: 18 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त युवती लापता
मानक नगर थाना क्षेत्र के ओल्ड आर.डी.एस.ओ. लंगड़ा फाटक निवासी जनक लाल तिवारी की 18 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त पुत्री रविवार शाम को लापता हो गई।
लापता: पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री को कोई अनजान व्यक्ति बहला फुसला कर अपने साथ ले गया। पड़ोस के बच्चों ने उस व्यक्ति को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वह मुस्कान को लेकर चला गया।
मुकदमा: पिता की लिखित शिकायत पर मानक नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लापता मानसिक विक्षिप्त युवती की तलाश शुरू कर दी है।
पुष्प वर्षा कर श्रद्धा भाव से कलश यात्रा का अभिनंदन
दक्षनगर शिव मंदिर से निकाली गई भव्य कलश यात्रा
~ By Bhupendra
बिजनौर। रशीदपुर गढ़ी के मोहल्ला दक्षनगर स्थित शिव मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा में अनेक मोहल्लेवासी पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं का कलश यात्रा के प्रति उत्साह देखते ही बन रहा था।मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धा भाव से कलश यात्रा का अभिनंदन किया।
शिव मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा मोहल्ला दक्ष नगर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए मंदिर पर आकर ही संपन्न हुई। रास्ते भर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
कलश यात्रा में शालिनी शर्मा, मीनाक्षी, रेखा देवी, सुनीता, सावित्री देवी, रचना शर्मा, मनोज कुमार, योगेश शर्मा, मास्टर मनोज शर्मा, संजय शर्मा, ओम दत्त शर्मा, विजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह सहित अनेक पुरुष, महिला एवं बच्चे आदि मोहल्लेवासी शामिल रहे।
Weekly Horoscope: 3 से 9 नवंबर 2025 के लिए सभी 12 राशियों का साप्ताहिक राशिफल
मेष राशि (Aries) यह हफ्ता आपके लिए नई उम्मीदें लेकर आएगा।
~ शैली सक्सेना
करियर/व्यवसाय: कामकाज में तेजी रहेगी और पुरानी मेहनत का नतीजा अब दिखने लगेगा। किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी का योग है। बिजनेस में नई डील मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।
पारिवारिक जीवन: कोई बात मन पर असर डाल सकती है, लेकिन संयम रखेंगे तो माहौल जल्दी सुधर जाएगा। रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य: सेहत को लेकर लापरवाही न करें। नींद और खानपान का ध्यान रखें।
🌿 वृषभ राशि (Taurus) इस हफ्ते सितारे आपके पक्ष में हैं।
कार्यक्षेत्र: नई योजनाएं बनेंगी और कुछ पुराने अटके काम पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा। कोई करीबी दोस्त या रिश्तेदार आपकी मदद कर सकता है।
आर्थिक स्थिति: वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, पर अचानक खर्चे भी सामने आ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
प्रेम संबंध: प्रेम संबंधों में पारदर्शिता जरूरी है। कोई गलतफहमी रिश्ते में दूरी ला सकती है।
स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन सिरदर्द या तनाव जैसी छोटी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं। मेडिटेशन या हल्की सैर फायदेमंद रहेगी।
♊ मिथुन राशि (Gemini) सप्ताह की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे स्थितियां आपके पक्ष में आने लगेंगी।
करियर: ऑफिस में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मुलाकात करियर के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।
प्रेम संबंध: प्रेम जीवन में कोई पुराना मामला सुलझ सकता है। अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है।
यात्रा/स्वास्थ्य: लंबी यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो शुभ रहेंगे। खानपान में नियमितता रखें।
♋ कर्क राशि (Cancer)यह हफ्ता आत्मनिरीक्षण और नए फैसले लेने का समय है।
करियर: करियर में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जो आगे चलकर फायदेमंद साबित होंगे। ऑफिस में किसी सहकर्मी से मतभेद की स्थिति बन सकती है, धैर्य रखें।
पारिवारिक जीवन: परिवार में सुखद माहौल रहेगा, लेकिन किसी बड़े सदस्य की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक दृष्टि से समय ठीक है, लेकिन निवेश को लेकर जल्दबाजी न करें।
प्रेम संबंध: प्रेम जीवन में थोड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन सच्चे भाव रिश्तों को संभाल लेंगे।
🦁 सिंह राशि (Leo) इस हफ्ते भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा।
करियर/व्यवसाय: नई नौकरी, प्रमोशन या किसी बड़े अवसर के संकेत हैं। बिजनेस में विस्तार के मौके मिल सकते हैं। आपकी लीडरशिप और आत्मविश्वास लोगों को प्रभावित करेगा।
पारिवारिक जीवन: परिवार में कोई शुभ कार्य हो सकता है। दांपत्य जीवन में प्यार और समझ बढ़ेगी। दोस्तों के साथ मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें, खासकर यात्रा के दौरान।
👩🌾 कन्या राशि (Virgo) आपके लिए यह हफ्ता व्यस्त लेकिन फलदायी रहेगा।
करियर/आर्थिक: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। ऑफिस या कारोबार में आपके काम की तारीफ होगी। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत होगी और किसी पुराने निवेश से लाभ भी मिल सकता है।
पारिवारिक जीवन: पारिवारिक जीवन में शांति बनी रहेगी। अविवाहित जातकों को कोई खुशखबरी मिल सकती है।
स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, पर ज्यादा काम के कारण थकावट महसूस हो सकती है। थोड़ा समय खुद को दें।
⚖️ तुला राशि (Libra) भाग्य इस हफ्ते आपका साथ देगा।
आर्थिक/करियर: कोई रुका हुआ काम पूरा होगा या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। कला, मीडिया या पब्लिक रिलेशन से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ है।
रिश्ते: रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखें। पार्टनर के साथ गलतफहमी न बढ़ाएं।
यात्रा/स्वास्थ्य: घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। स्वास्थ्य में हल्की परेशानी आ सकती है, लेकिन बड़ी बात नहीं होगी।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio) यह हफ्ता आत्मविकास और आत्ममंथन का है।
करियर: आप किसी पुराने अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे। नौकरी में बदलाव या किसी नए काम की शुरुआत के योग हैं।
संबंध: पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है जो भावनात्मक रूप से सुकून देगी। प्रेम जीवन में कोई नया मोड़ आ सकता है, पुराने रिश्ते फिर से जुड़ सकते हैं।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी पर खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य: सेहत में सुधार रहेगा। मन भी हल्का महसूस होगा।
🏹 धनु राशि (Sagittarius) इस हफ्ते आपका फोकस साफ रहेगा।
करियर/शिक्षा: काम में मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। जो लोग स्टूडेंट हैं, उन्हें किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक रूप से समय अच्छा है।
पारिवारिक/प्रेम: परिवार में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम जीवन में स्थिरता आएगी। पार्टनर के साथ मतभेद सुलझ जाएगा।
स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन काम का दबाव बढ़ने से नींद कम हो सकती है।
🐐 मकर राशि (Capricorn) यह हफ्ता आपके करियर को नई दिशा दे सकता है।
करियर/आर्थिक: ऑफिस में कोई बड़ी जिम्मेदारी या नई भूमिका मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मोर्चे पर स्थिरता आएगी। किसी पुराने निवेश से लाभ हो सकता है।
संबंध: परिवार में शांति रहेगी। दोस्तों से सहयोग मिलेगा। अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय अच्छा है, लेकिन नियमित व्यायाम जारी रखें।
🏺 कुंभ राशि (Aquarius) पुराने अधूरे काम इस हफ्ते पूरे होंगे।
करियर: किसी दोस्त या रिश्तेदार की मदद से फायदा मिलेगा। नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने का सही समय है।
आर्थिक: पैसों को लेकर सतर्क रहें। जल्दबाजी में कोई फैसला नुकसान दे सकता है।
संबंध: प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं, लेकिन संवाद रिश्तों को संभाल लेगा। परिवार में किसी सदस्य को आपकी सलाह की जरूरत पड़ सकती है।
स्वास्थ्य: सेहत को लेकर ध्यान दें, खासकर पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।
🐟 मीन राशि (Pisces) यह हफ्ता आपके लिए खुशियों से भरा रहेगा।
करियर/व्यवसाय: काम में पहचान बढ़ेगी और सीनियर आपकी तारीफ करेंगे। बिजनेस में नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
संबंध: किसी धार्मिक या पारिवारिक कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिल सकता है। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी। अविवाहित लोगों के लिए कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, बस ओवरथिंकिंग से बचें। जीवन में नई दिशा तय करने का यह अच्छा समय है।
डिस्क्लेमर: (यह राशिफल ग्रहों की चाल पर आधारित सामान्य भविष्यफल है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
15 नवंबर तक कार्यक्रमों का आयोजन, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत यूपी टूरिज्म की भव्य प्रस्तुतियां
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में भारत पर्व, गुजरात का एकता नगर बना भारत की विविधता का केंद्र
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के साथ दमक रहा उत्तर प्रदेश- जयवीर सिंह
भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश की लोक कला, नृत्य और पर्यटन आगंतुकों को कर रहा अभिभूत- जयवीर सिंह
गुजरात में ‘भारत पर्व 2025’ का आगाज, उत्तर प्रदेश पर्यटन भी बना भागीदार
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (02 नवंबर 2025)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में 01 से 15 नवंबर तक आयोजित हो रहे ‘भारत पर्व 2025’ में उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अपनी प्रभावशाली उपस्थिति से देशभर का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश अपनी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, लोक-परंपराओं और पर्यटन विविधता को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना के साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
मंत्री ने बताया कि ‘भारत पर्व 2025 में देश की ‘हृदयस्थली उत्तर प्रदेश’ की समृद्ध संस्कृति, लोक-कला, संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल पर आगंतुकों के लिए राज्य के विभिन्न गंतव्यों की सचित्र जानकारी उपलब्ध होगी, जो राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक गौरव का संदेश देगा।’
क्या है भारत पर्व?
भारत पर्व हर साल आयोजित होने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, खाद्य परंपरा एवं कला कौशल को दर्शाता है। इस वर्ष का भारत पर्व देश की विविधता, एकता व शक्ति का उत्सव मनाने वाले एक भव्य समारोह के रूप में आइकॉनिक पर्यटन स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में हो रहा है। उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों तथा केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि के साथ-साथ लोकप्रिय कलाकार, कारीगर तथा विशेष अतिथि इस 15 दिवसीय उत्सव के विभिन्न दिवसों में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
सांस्कृतिक समृद्ध उत्तर प्रदेश की झलक
भारत पर्व के मंच पर आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश अपनी अद्भुत सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करेगा। यहां प्रदेश के विविध लोक-नृत्य, संगीत और पारंपरिक कलाओं का संगम दर्शकों को उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर कर देगा। ब्रज की रसधारा, अवध की विरासत, बुंदेलखंड की वीरता और पूर्वांचल की लोक धुनें, सब मिलकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को नया आयाम देंगी। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए श्रेष्ठ लोक कलाकार अपने-अपने क्षेत्र की विशिष्ट लोक शैली का प्रदर्शन करेंगे।
12 विधाओं में 72 कलाकार देंगे प्रस्तुति
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भारत पर्व में उत्तर प्रदेश से भेजे जा रहे 12 विशिष्ट विधाओं के 72 प्रतिभाशाली कलाकार पारंपरिक और शास्त्रीय कलाओं की अनूठी झलक प्रस्तुत करेंगे। इस दल में शहनाई की धुनें, शंख की गूंज, डमरू की ओजस्वी ध्वनि, कथक की मनमोहक संरचनाओं तथा मयूर और राइ जैसे रंगारंग लोक नृत्य दर्शकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराएंगे। उत्तर प्रदेश के कलाकार 12 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
पाई डंडा, फरुवाही, थारू लोक नृत्य का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के विभिन्न सांस्कृतिक दल जैसे- पाई डंडा, चरकुला, फरुवाही, थारू लोक नृत्य, बधावा लोकनृत्य और ढेढ़िया, गुजरात में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करेंगे।विविध रंगों, लयों और परंपराओं से सजी यह सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रदेश की एकता और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत उत्सव बनकर सामने आएगी।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित भारत पर्व 2025 में आगामी 15 नवंबर तक दर्शकों के लिए हस्तशिल्प स्टॉल, फूड स्टॉल, कठपुतली शो, स्टूडियो किचन और थीम पेविलियन जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश पर्यटन अपनी संस्कृति, खान-पान, नृत्य और आध्यात्मिकता को प्रदर्शित कर रहा है। विभाग का आकर्षक स्टॉल प्रदेश के विविध पर्यटन गंतव्यों की झलक प्रस्तुत कर रहा है। स्टॉल पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर, वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, स्पिरिचुअल ट्रायंगल, दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव आदि को दर्शकों के समक्ष प्रदर्शित किया जा रहा है। साथ ही, ईको टूरिज्म स्थलों और ग्रामीण पर्यटन से संबंधित जानकारी भी आगंतुकों को दी जा रही है।’
‘काशी-कथा’ 3-D शो में दिखेगी शिव-भक्ति, संत परंपरा और आधुनिक काशी की यात्रा
इस बार देव दीपावली में काशी की दिव्यता और आस्था का अद्भुत संगम: जयवीर सिंह
देव दीपावली पर चमकेगी काशी की अद्भुत कहानी
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/वाराणसी, (02 नवम्बर 2025)। इस वर्ष देव दीपावली पर काशी एक बार फिर प्रकाश, आस्था और संस्कृति के अनुपम संगम का साक्षी बनेगी। वाराणसी के मनोरम घाटों पर देव दीपावली समितियों तथा कुण्डों और तालाबों पर स्थानीय समितियों द्वारा एक साथ लाखों दीप जलाए जाएंगे।
पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा महोत्सव समिति, वाराणसी द्वारा 10 लाख से अधिक मिट्टी के दीपकों की व्यवस्था की गई है। दीपक, तेल एवं बाती आदि का वितरण राजघाट से प्रारंभ हो चुका है। गंगा के घाटों और उसके पार के तटों को सम्मिलित करते हुए दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए कुल 20 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
डमरू की धुन और शंखनाद से होगी देव दीपावली की शुरुआत
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और डमरू की गूंज से होगी, जो भगवान शिव की उपस्थिति और काशी की दिव्य ऊर्जा का प्रतीक होगी। शो में भगवान शिव-पार्वती विवाह का पवित्र दृश्य, भगवान विष्णु के चक्र पुष्करिणी कुंड की कथा, भगवान बुद्ध के धर्मोपदेश, संत कबीर और गोस्वामी तुलसीदास की भक्ति परंपरा, तथा आधुनिक युग में महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यह पूरा शो काशी की आत्मा, उसकी परंपरा और आध्यात्मिकता को एक सूत्र में पिरोते हुए यह संदेश देगा कि “कण-कण में काशी और रस-रस में बनारस”।
हर दर्शक बनेगा साक्षी — तीन बार प्रदर्शित होगा ‘काशी-कथा’ 3-D मैपिंग शो
देव दीपावली की पावन संध्या पर वाराणसी का आकाश अद्भुत रोशनी और आस्था के रंगों से जगमगाने वाला है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, श्रद्धालु और पर्यटक इस अवसर पर एक अनोखे दृश्य के साक्षी बनेंगे, जब 25 मिनट का भव्य “काशी-कथा” 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग एवं लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। यह शो काशी की दिव्यता, इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म के अनूठे संगम को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। इस अद्वितीय प्रस्तुति में काशी के प्राचीन गौरव, गंगा की महिमा और भगवान विश्वनाथ की नगरी की आस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया जाएगा।
तीन चरणों में होगा ‘काशी-कथा’ का प्रदर्शन, पर्यटकों के लिए निःशुल्क प्रवेश
इसके अलावा “इस भव्य कार्यक्रम में 8 मिनट का विशेष लेजर शो भी शामिल होगा, जो दर्शकों को दिव्यता और आधुनिकता के संगम का अनुभव कराएगा। संयुक्त निदेशक पर्यटन, दिनेश कुमार ने बताया कि, पर्यटकों के लिए 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग शो का निःशुल्क प्रदर्शन तीन बार — रात्रि 8:15, 9:00 और 9:35 बजे — किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस दृश्य का आनंद ले सकें। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के सामने रात्रि 8:00 बजे 10 मिनट की भव्य “ग्रीन आतिशबाजी” का निःशुल्क आयोजन भी किया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल होते हुए भी आकाश को दिव्य रंगों से भर देगी। इस पूरे आयोजन का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है, जिससे देव दीपावली की रात एक अविस्मरणीय अनुभव बन सके।
कृषि विज्ञान केंद्र नगीना में जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव का भव्य आयोजन
🌾 बताई गई ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) की महत्ता
किसानों के लिए सब्सिडी पर बीज उपलब्ध: जसवीर सिंह तेवतिया
बिजनौर। मिलेट्स यानी ‘श्री अन्न’ के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और कृषकों को इसके बहुआयामी लाभों से परिचित कराने के उद्देश्य से आज, 01 नवम्बर 2025 को कृषि विज्ञान केंद्र, नगीना में एक दिवसीय जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव/मेला का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव कृषि नवाचार, पोषण जागरूकता और पारंपरिक अन्न को पुनर्जीवित करने के उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
ज्ञान और नवाचार का संगम: विभिन्न विभागों के स्टॉल
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कृषकों को मिलेट्स की उन्नत खेती, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से संबंधित सटीक और अद्यतन जानकारी प्रदान करना था। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और अन्य संबंधित विभागों द्वारा आकर्षक और सूचनात्मक स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों पर किसानों को मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो आदि) की उन्नत किस्में, कम पानी में इनकी सफल खेती के तरीके, कटाई के बाद के प्रसंस्करण (Processing) की तकनीकें, और मिलेट्स-आधारित उत्पादों (जैसे बिस्किट, दलिया) के मूल्यवर्धन से जुड़ी जानकारी दी गई। कृषकों ने विशेष रूप से मिलेट्स से बने उत्पादों और उनकी खेती की तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई।
50% सब्सिडी पर क्रय कर सकते हैं किसान
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने आगामी रबी सीजन की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने किसानों को सूचित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों में सरसों एवं गेहूं की उन्नत किस्में के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। कृषक भाई अपने आधार कार्ड के माध्यम से POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन पर अंगूठा लगाकर, इन बीजों को आधे मूल्य (50% सब्सिडी) पर क्रय कर सकते हैं।
‘श्री अन्न’ अपनाने का आह्वान
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व परिवहन मंत्री ने मिलेट्स के उपभोग और खेती को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। कहा कि “मिलेट्स की खेती केवल एक कृषि कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।
यह महोत्सव किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का एक सफल संगम सिद्ध हुआ, जिसने परंपरा और आधुनिक कृषि तकनीक के सुंदर समन्वय को प्रदर्शित किया। किसानों ने आशा व्यक्त की है कि ऐसे आयोजन उन्हें ‘श्री अन्न’ की खेती को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
🚨 आंध्र प्रदेश: काशीबुग्गा के वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत!
नई दिल्ली/श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहाँ काशीबुग्गा स्थित प्रसिद्ध वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई जब एकादशी पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े थे।
सुबह 11:30 बजे हुई घटना
पीटीआई (Press Trust of India) के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कासीबुग्गा उप-मंडल प्रभारी डीएसपी लक्ष्मण राव ने इस घटना की पुष्टि की है। डीएसपी राव ने बताया कि भगदड़ सुबह करीब 11:30 बजे हुई।सूत्रों के अनुसार, एकादशी के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भीड़ क्षमता से अधिक हो जाने और अचानक आगे बढ़ने की होड़ के कारण भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालु संतुलन खोकर जमीन पर गिर गए, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
हताहतों को पहुंचाया गया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे।
घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया है।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मंदिर परिसर को खाली कराया।
अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि कम से कम 10 लोगों ने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस हृदय विदारक घटना पर राज्य सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ के सही कारणों की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के एंगल से भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया त्रासदी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर दु:ख व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं की मौत को “हृदय विदारक” बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ से मुझे बहुत दु:ख हुआ। यह बहुत दु:खद है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।”
लखनऊ बना यूनेस्को का ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’
अवधी स्वादों को मिला वैश्विक सम्मान
वैश्विक पहचान मिलना UP की सांस्कृतिक सफलता- जयवीर सिंह
यूनेस्को की सूची में नाम हमारे खान-पान की समृद्ध विरासत की वैश्विक स्वीकृति- जयवीर सिंह
विश्व पटल पर छा गए लखनऊ के स्वादिष्ट व्यंजन
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ घोषित किया गया है। लखनऊ यूनेस्को की ‘क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क’ (UCCN) में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह घोषणा 31 अक्टूबर 2025 को समरकंद (उज़्बेकिस्तान) में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसे ‘वर्ल्ड सिटीज डे’ के रूप में मनाया जाता है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ‘लखनऊ की यह उपलब्धि उसके समृद्ध खान-पान परंपरा, नवाचार और सांस्कृतिक विविधता का वैश्विक सम्मान है’।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखनऊ के लिए नामांकन किया था। विभाग ने यह प्रस्ताव 31 जनवरी 2025 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रस्तुत किया था। मंत्रालय द्वारा विस्तृत समीक्षा और अनुमोदन के बाद भारत सरकार ने 03 मार्च 2025 को यूनेस्को को अंतिम डॉसियर आधिकारिक रूप से भेजा।
31 अक्टूबर 2025 को समरकंद में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ में सम्मिलित किए जाने की घोषणा हुई।
”क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ का खिताब उन शहरों को दिया जाता है, जो अपनी अपनी प्राचीन कला, खाद्य संस्कृति और विरासत के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जिसे दुनियाभर में ‘नवाबों का शहर’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। यहां की संस्कृति, खान-पान और पहनावा लोगों को काफी आकर्षित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना देश का गौरव- जयवीर सिंह
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यह वैश्विक सम्मान दर्शाता है कि पर्यटन क्षेत्र ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने में कैसे योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर भारत को गौरवान्वित कर रहा है।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि ‘यूनेस्को की ओर से घोषित सूची के अनुसार अब दुनियाभर में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी की 70 क्रिएटिव सिटीज हो गई हैं। इस वर्ष की घोषणा में 08 नए शहरों को इस प्रतिष्ठित नेटवर्क में जोड़ा गया है। लखनऊ के इस चयन से न केवल उसकी व्यंजन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक एवं पाक कला धरोहर को भी नए आयाम प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लखनऊ में कुल 82,74,154 पर्यटक आए, जबकि साल 2025 के पहले छह महीनों में ही 70,20,492 पर्यटकों ने आगमन हुआ। बढ़ते पर्यटक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि व्यंजन और संस्कृति, उत्तर प्रदेश में पर्यटन वृद्धि के प्रमुख प्रेरक तत्व हैं।
‘विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि लखनऊ का चयन ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ में होना सम्मान की बात है। इस चयन के साथ, लखनऊ अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो खानपान को सांस्कृतिक संवाद और सतत विकास का माध्यम बना रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ की इस अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। लखनऊ की यह पहचान उसके अवधी व्यंजनों, परंपरा और खानपान की विविधता का प्रमाण है। यहां के स्वादिष्ट व्यंजन अब विश्व मानचित्र पर लखनऊ का प्रतिनिधित्व करेंगी।’
सारनाथ से भगवान बुद्ध ने विश्व को दिया था पहला संदेश- जयवीर सिंह
05 नवम्बर तक भगवान बुद्ध के अवशेषों के होंगे दर्शन
वाराणसी/लखनऊ। सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार की 94वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन हेतु विधिवत अनावरण किया जाएगा। आगामी 03 से 05 नवंबर 2025 तक भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेषों को बौद्ध श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। सारनाथ वही पुण्य भूमि है जहां भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ दिया था। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
सारनाथ में जुटेंगे कई देशों और भारतीय राज्यों के बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियां
मंत्री ने बताया कि ‘पिछले वर्ष भी अस्थि अवशेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री आए थे। इस वर्ष पूर्व से भी बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं और आस्थावानों के पहुंचने का अनुमान है। बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियां विभिन्न देशों जैसे- श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, नेपाल तथा कोलकाता, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों से सारनाथ पहुंच रहे हैं।’ यह आयोजन महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया, सारनाथ केंद्र और वियतनामी बौद्ध संघ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा पर होते हैं दर्शन
भगवान बुद्ध के अवशेषों को साल में दो बार बुद्ध पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा पर सार्वजनिक दर्शन हेतु रखा जाता है। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेषों के दर्शन करते हैं। भगवान बुद्ध के अवशेषों और उससे जुड़े आस्था की यात्रा भी उतनी ही प्राचीन है। लगभग 2,600 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के उपरांत उनके अवशेषों को श्रद्धापूर्वक आठ भागों में विभाजित कर सम्पूर्ण भारत में बने स्तूपों में रखा गया। कालांतर में सम्राट अशोक ने इन पवित्र अवशेषों को पुनः खोजकर अपने विशाल साम्राज्य के विविध स्थलों पर पुनर्स्थापित कराया।
मूलगंध कुटी विहार में बुद्ध के दो अस्थि अवशेष
मूलगंध कुटी विहार में बुद्ध के दो अस्थि अवशेष सुरक्षित हैं। इनमें से एक अवशेष गांधार (तक्षशिला) क्षेत्र के एक प्राचीन स्तूप से प्राप्त हुआ था, जिसे भारत सरकार ने 1956 में भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के 2,500वें वर्ष पर महाबोधि सोसायटी को भेंट किया था। दूसरा अवशेष, दक्षिण भारत के नागार्जुनकोंडा से प्राप्त हुआ था, जो एक पात्र में सुरक्षित रखा गया। इन दोनों अवशेषों के दर्शन वर्ष में दो बार होते हैं। दर्शन के बाद अवशेषों को विधिवत बुद्ध प्रतिमा के नीचे स्थापित किया जाता है।
बड़ी संख्या में सारनाथ पहुंच रहे बौद्ध श्रद्धालु
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘सारनाथ भारत के आध्यात्मिक मानचित्र पर विशिष्ट स्थान रखता है। यही वह पावन भूमि है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था। आज भी यह स्थल विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं और विद्वानों को आकर्षित करता है। वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर लगभग 28 लाख पर्यटक आए थे, जबकि 2024 तक यह संख्या बढ़कर 84 लाख से अधिक हो गई, जो लगभग 200 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। वर्ष 2025 की पहली छमाही में केवल सारनाथ में ही लगभग 5 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ, जो इसे बौद्ध स्थलों में विशिष्टता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार लगातार बौद्ध सर्किट के विकास, सुविधाओं के विस्तार और बेहतर संपर्क व्यवस्था पर कार्य कर रही है।
‘महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया, सारनाथ केंद्र के प्रधान भिक्षु भंते सुमिथानंद थेरो ने बताया कि ‘भक्ति और करुणा के इस उत्सव में समस्त बौद्ध समुदाय एकत्र होकर भगवान बुद्ध के अवशेषों का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि विश्व बौद्ध एकता और शांति का संदेश भी देता है। पिछले वर्ष इस समारोह में 10,000 से अधिक श्रद्धालु सम्मिलित हुए थे।’
मासूम की बलि के जुर्म में पति पत्नी समेत 4 को आजीवन कारावास
बिजनौर: रोंगटे खड़े करने वाली हैवानियत को अंजाम देते हुए मासूम बच्ची की ‘बलि’ चढ़ाने के आरोपी दम्पति समेत 4 को अब अपनी आखिरी सांस भी जेल में बितानी होगी। आठ साल पहले, धामपुर के पाडली मांडू गांव में हुई इस वीभत्स घटना में सत्र न्यायाधीश संजय कुमार ने सज़ा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आठ साल पहले, धामपुर के पाडली मांडू गांव में हुई एक वीभत्स घटना में सत्र न्यायाधीश संजय कुमार ने एक मासूम बच्ची की बलि देने के चार दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। यह जघन्य अपराध एक तांत्रिक के कहने पर किया गया था। सज़ा पाने वालों में हरपाल, उसकी पत्नी फूलवती उर्फ फूलो और बेटी शिवानी के साथ-साथ राकेश भी शामिल हैं। अदालत ने सभी चारों दोषियों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले का मुख्य आरोपी तांत्रिक अभी भी फरार है।
05 अक्टूबर 2017 की है वारदात
जिला शासकीय अधिवक्ता वरुण राजपूत ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 05 अक्टूबर 2017 की है। धामपुर थाना क्षेत्र के पाडली मांडू निवासी कर्मवीर सिंह काशीपुर की एक फैक्ट्री में मज़दूरी करते हैं। घटना के दिन जब वह ड्यूटी पर थे, तब उनके दो बच्चे, एक बेटा और पांच वर्षीय बेटी राखी, उनके भाई बरम सिंह के मकान पर थे। शाम होते ही, कर्मवीर की मासूम बेटी राखी अचानक गायब हो गई। देर रात करीब आठ बजे, राखी का शव एक मकान की छत पर मिला।
तांत्रिक ने बताया था भूत-प्रेत का साया
ग्रामीणों से मिली जानकारी और पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी हरपाल की बेटी शिवानी पिछले एक साल से बीमार थी और काफी इलाज के बावजूद उसे आराम नहीं मिल रहा था। इसी दौरान, एक तांत्रिक ने शिवानी पर भूत-प्रेत का साया बताते हुए, उसे ठीक करने के लिए एक कन्या की बलि देने को कहा था। तांत्रिक की बात मानकर, 5 अक्टूबर 2017 (जो पूर्णिमा का दिन था) को, आरोपी हरपाल, उसकी पत्नी फूलवती और बेटी शिवानी ने मिलकर पहले पूजा-पाठ किया और फिर, पांच वर्षीय मासूम राखी की बलि चढ़ा दी। इस मामले में कोर्ट ने कठोर फैसला सुनाते हुए दोषियों को उम्रकैद की सज़ा दी है, जिससे न्याय की जीत हुई है।
देव दीपावली को ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के भाव से सजाया जा रहा है- जयवीर सिंह
लखनऊ, (30 अक्टूबर, 2025)। वाराणसी में 05 नवंबर को आयोजित होने वाली देव दीपावली की संध्या पर जब पूरी काशी अनगिनत दीपों की रोशनी से नहाएगी, तब गंगा तट आस्था, संस्कृति और भव्यता का अनुपम संगम प्रस्तुत करेगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार इस बार देव दीपावली का आयोजन ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ की भावना के साथ किया जा रहा है। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन सहभागिता से घाटों से लेकर गलियों तक सुंदरता, सुरक्षा और सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक स्मार्ट लाइटिंग, फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-आधारित इंस्टालेशन, लेज़र शो और ग्रीन आतिशबाजी के माध्यम से काशी एक बार फिर दिव्यता और भक्ति का अद्भुत अनुभव कराएगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि देव दीपावली अब सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, यह काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन गया है। पर्यटन विभाग देव दीपावली को आकर्षक बनाने में कोई कोई-कसर नहीं छोड़ रहा। घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक घाट पर पर्याप्त सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि, कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहेंगे और कमांड सेंटर से सीसीटीवी फीड की निगरानी निरंतर की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। घाटों के समीप आपातकालीन नौका एवं एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध होंगे। नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी दी जा रही है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेजर शो का आयोजन करने की योजना है। इसी तरह, काशी विश्वनाथ घाट और चेत सिंह घाट के बीच रेत की सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन लगाई जाएगी। ग्रीन आतिशबाजी, लेजर शो और संगीत कार्यक्रम के साथ काशी विश्वनाथ धाम घाट के सामने 10 मिनट का ग्रीन फायर क्रैकर शो आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य काशी की प्राचीन धरोहर और समृद्ध विरासत तथा आस्था को श्रद्धालुओं से जोड़ना है।
✍️ Newsdaily24: राजनीतिक टिप्पणी (Political Commentary)
मायावती का 2027 का दाँव: मुस्लिम वोट बैंक पर ‘जीत की गारंटी’ का दावा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अपनी रणनीति की दिशा स्पष्ट कर दी है: मुस्लिम समाज को यह विश्वास दिलाना कि भाजपा को हराने की क्षमता सिर्फ बसपा में है। मुस्लिम भाईचारा संगठन की हालिया बैठक में दिए गए उनके निर्देश और बयानों का सूक्ष्म विश्लेषण बताता है कि बसपा अब केवल ‘वोट कटवा’ होने के तमगे को मिटाकर, खुद को ‘भाजपा विरोधी वोटों का निर्णायक विकल्प’ सिद्ध करने की जुगत में है।
टूटे हुए भरोसे को जोड़ने की कवायद
वर्ष 2022 के चुनावों में, मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा सपा के पक्ष में लामबंद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा को सत्ता से बेदखल नहीं किया जा सका। मायावती इसी असफलता को अपनी रणनीति का केंद्र बना रही हैं। उनका तर्क स्पष्ट है: जब आपका ‘एकतरफा’ समर्थन भी भाजपा को नहीं हरा पाया, तो अब उस पार्टी (सपा/कांग्रेस) के बजाय सीधे बसपा को समर्थन दें, जिसका एक सुसंगठित और मज़बूत दलित आधार आज भी बरकरार है। यह रणनीति सपा के ‘कमजोर विकल्प’ होने की धारणा को मज़बूती देने और बसपा को ‘अधिक निर्णायक’ विकल्प के रूप में पेश करने पर टिकी है।
रणनीति का संगठनात्मक आधार
सिर्फ बयानबाजी से परे, बसपा का ध्यान अब जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने पर है। 18 मंडलों और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-सदस्यीय भाईचारा संगठन का गठन, पार्टी की पुरानी, प्रभावी कैडर-आधारित राजनीति को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।छोटी बैठकों के माध्यम से सीधे मुस्लिम समाज तक पहुंचना, और उन्हें बसपा सरकार के 100 प्रमुख कार्यों की याद दिलाना, एक भावनात्मक और तथ्यात्मक जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश है। यह बताता है कि बसपा अब केवल चुनावी गठबंधन नहीं चाहती, बल्कि एक स्थायी सामाजिक आधार फिर से बनाना चाहती है।
साफ़ संदेश: अवसरवादियों के लिए जगह नहीं
शमसुद्दीन राईन पर कार्रवाई का सार्वजनिक उल्लेख कर मायावती ने दोहरे लक्ष्य साधे हैं।
पार्टी के भीतर यह संदेश देना कि अनुशासन और मिशन के प्रति वफादारी सर्वोपरि है।
मुस्लिम समाज को यह भरोसा दिलाना कि पार्टी किसी भी स्वार्थी या अवसरवादी नेता के दबाव में नहीं झुकेगी, और मुस्लिम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राईन को ‘दूसरा नसीमुद्दीन सिद्दीकी’ बनने की कोशिश करने वाला बताकर, उन्होंने अपने नेतृत्व की कठोरता और केंद्रीयकरण को भी स्थापित किया है।
निष्कर्ष: 2027 की लड़ाई का आगाज़
मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव, सपा और बसपा के बीच ‘भाजपा को कौन हरा सकता है’ की लड़ाई बनने वाला है। बसपा का यह दाँव, अगर दलित-मुस्लिम-ओबीसी गठजोड़ को कुछ हद तक भी जोड़ने में सफल रहा, तो यह उत्तर प्रदेश की चुनावी तस्वीर को पूरी तरह से बदल सकता है। फिलहाल, बसपा ने राजनीतिक शतरंज की बिसात पर अपनी पहली चाल चल दी है। अब देखना यह है कि सपा और कांग्रेस इस ‘जीत की गारंटी’ वाले दाँव का जवाब कैसे देते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। महानगर थाना क्षेत्र की पेपरमिल चौकी के इंचार्ज दरोगा धनंजय सिंह को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। मामला एक गैंगरेप केस से जुड़ा है, जिसमें दरोगा ने कथित आरोपी कोचिंग संचालक का नाम हटाने के लिए यह रिश्वत मांगी थी। कोचिंग संचालक ने खुद को निर्दोष बताते हुए एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया था। अधिक जानकारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का पूरा विश्लेषण, Newsdaily24 पर।
🚨 रिश्वत लेते दरोगा रंगेहाथ गिरफ्तार
गैंगरेप केस से नाम हटाने के लिए मांगे ₹2 लाख
एंटी करप्शन टीम का बड़ा एक्शन: पेपरमिल चौकी इंचार्ज हिरासत में
लखनऊ का रिश्वतबाज दारोगा, चौकी में 2 लाख घूस लेते एंटी करप्शन ने पकड़ा; केस से नाम हटाने को मांगा था ‘नेग’
लखनऊ। त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही तेज मुहिम के बीच, एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। महानगर थानाक्षेत्र की पेपरमिल चौकी में तैनात दरोगा धनंजय सिंह को पुलिस ने ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम द्वारा अचानक मारे गए इस छापे से मौके पर चौकी परिसर में हड़कंप मच गया।मामला क्या था?
महानगर थाने में एक युवती ने कुछ लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें एक कोचिंग संचालक का नाम भी शामिल था। कोचिंग संचालक ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। गिरफ्तार किए गए चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने गैंगरेप के इस केस की ‘विवेचना’ के नाम पर, कोचिंग संचालक का नाम हटाने के बदले में रिश्वत मांगी थी।
सौदा और एंटी करप्शन टीम का सफल जाल
दरोगा ने शुरू में ₹5 लाख की मांग की थी, लेकिन बाद में यह सौदा ₹2 लाख पर तय हुआ। कोचिंग संचालक ने दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने की जानकारी तुरंत एंटी करप्शन विभाग को दे दी। विभाग ने योजना बनाकर जाल बिछाया, और जैसे ही चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने ₹2 लाख की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कोचिंग संचालक का पक्ष: फंसाने का आरोप
गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब कोचिंग संचालक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके यहां काम करने वाली युवती ने चार महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। उसने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया और जानबूझकर उनका नाम उसमें जोड़ दिया। कोचिंग संचालक ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्हें पता चला कि रियाज अहमद नाम के एक व्यक्ति का नाम भी केस में शामिल था, जबकि वह रियाज को जानते भी नहीं। संचालक ने युवती पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें गैंगरेप में फंसाकर ₹50 लाख की मांग की थी।
समझौते की पेशकश
कोचिंग संचालक ने कहा कि वह केस से बचने के लिए ₹10 लाख देने को तैयार थे, लेकिन आरोपियों ने ₹50 लाख होने पर संपर्क करने को कहा और बयान बदलवाने का आश्वासन दिया था।अंततः, दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने के बाद कोचिंग संचालक ने न्याय के लिए एंटी करप्शन टीम का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी गिरफ्तारी हुई।
💥 बिजनौर में उर्वरक टैगिंग और कालाबाजारी पर ज़िला कृषि अधिकारी का कड़ा ‘प्रहार’!
शिकायत के लिए वॉट्सऐप नंबर 7844996360 जारी
अधिक दर पर खाद बेची, तो लाइसेंस होगा रद्द: जसवीर सिंह
बिजनौर: रबी सीज़न की शुरुआत के साथ ही बिजनौर के किसानों को उर्वरक संकट से बचाने और कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए ज़िला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता यूरिया, डीएपी या एनपीके के साथ कोई अन्य उत्पाद बेचने की जबरन टैगिंग करता है या निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और लाइसेंस रद्द हो सकता है। अधिकारी ने शिकायत दर्ज करने के लिए एक विशेष वॉट्सऐप नंबर (7844996360) भी जारी किया है।
👉 पर्याप्त स्टॉक, फिर भी सतर्कता
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति लगातार जारी है। रबी सीज़न 2025-26 के लिए उपलब्ध स्टॉक विवरण इस प्रकार है:
उर्वरक का नाम | निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) | उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन)
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने सभी उर्वरक विक्रेताओं/सहकारी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी है कि:
टैगिंग शून्य: मुख्य पोषक तत्व के उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की बिक्री की टैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
मूल्य प्रदर्शन अनिवार्य: प्रत्येक विक्रय केंद्र पर दीवार पर उर्वरकों का कुल मूल्य, भारत सरकार का अनुदान और किसानों के लिए बिक्री मूल्य स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
मेंटेन करें रिकॉर्ड: किसानों को उनकी जोतबही/बोई गई फसलों के आधार पर संस्तुत मात्रा में ही उर्वरक बेचें। कैश मीमो दें और वितरण रजिस्टर को अद्यतन रखें।
✅ किसान इन बातों का रखें ध्यान
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि विभाग तत्पर है और वे स्वयं भी सतर्कता बरतें:
आधार कार्ड: उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड अवश्य साथ ले जाएं।
PoS मशीन: अपनी पहचान की पुष्टि पीओएस (PoS) मशीन पर कराएं और मशीन से जारी हुई रसीद लेना सुनिश्चित करें।
शिकायत: यदि आपसे अधिक मूल्य लिया जाता है या जबरदस्ती टैगिंग की जाती है, तो तत्काल लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर कार्यालय के वॉट्सऐप नं. 7844996360 पर दें।
संतुलित उपयोग: फसलों में संस्तुति के अनुसार ही उर्वरक का उपयोग करें, क्योंकि अधिक इस्तेमाल से कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है।
पंचगंगा से गौरी केदार तक गंगा घाटों पर नजर आएगी सांस्कृतिक विविधता
वाराणसी की देव दीपावली में दिखेगी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की झलक- जयवीर सिंह
लखनऊ, (28 अक्टूबर, 2025)। देव दीपावली पर जब पूरी काशी गंगा तट पर दीयों की रौशनी में नहाएगी, तब शहर एक बार फिर “मिनी भारत” की झलक पेश करेगा। इस बार की देव दीपावली में वाराणसी के घाट केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता से भी आलोकित होंगे।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गंगा किनारे जगमगाते लाखों दीप इस बार देश की विविध परंपराओं का जीवंत चित्र बनेंगे। हर घाट अपनी विशिष्ट पहचान के साथ अलग-अलग संस्कृति का रंग बिखेरेगा- कहीं मराठी परंपरा झलकेगी, कहीं दक्षिण भारत की रीतियाँ, कहीं मैथिल ब्राह्मणों के द्वारा दीपों की साज-सज्जा, तो कहीं गुजराती रंगोली और थालियों की साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र बनेगी। काशी की यह देव दीपावली वैश्विक स्तर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करती दिखाई देगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव बनेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
काशी के पंच तीर्थों में गिने जाने वाले पंचगंगा घाट पर इस बार भी मराठी संस्कृति की अलग छटा दिखेगी। यहाँ के मराठी मोहल्ले के परिवार पारंपरिक तरीके से दीये सजाने और गंगा आरती करने की तैयारियों में जुटे हैं। इसी घाट के पास बसे नेपाली लोगों के मोहल्ले में भी सजावट की तैयारियाँ चल रही हैं। नेपाली परिवार अपनी पारंपरिक शैली में दीये जलाकर गंगा तट को रोशन करेंगे। दोनों संस्कृतियों का यह संगम देव दीपावली की रात पंचगंगा घाट को विशेष बना देगा।
गौरीकेदार घाट पर इस बार दक्षिण भारतीय संस्कृति का रंग गहराने वाला है। गौरी केदारेश्वर मंदिर परिसर में दीप सज्जा, भक्ति संगीत और पारंपरिक पूजा की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यहां पर दक्षिण भारत के अधिकतर लोग रहते हैं। ऐसे में गौरीकेदार घाट पर दक्षिण भारतीय परंपराओं की छटा देखने को मिलेगी।
पुराने गुजराती मोहल्ले में भी दीप सज्जा शुरू हो चुकी है। चौक, ठठेरी बाजार और मणिकर्णिका के आसपास स्थित मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। गुजराती समुदाय पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करेगा और रंगोली से सजे दीयों की थालियाँ इस इलाके को खास बनाएंगी। यहां पर गुजराती परंपरा के अनुसार दीपसज्जा देखने को मिलेगी।
गंगा तट के दशाश्वमेध घाट और राजेन्द्र प्रसाद घाट के आसपास मैथिल ब्राह्मणों की पूजा-पद्धति से दीप जलते दिखेंगे। इस बार इऩ घाटों पर दीयों की संख्या और सजावट दोनों ऐतिहासिक होंगी। देव दीपावली की शाम जब गंगा के दोनों तट लाखों दीपों से जगमगाएंगे, तब यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का अनूठा उत्सव होगा। यहां मैथिली संस्कृति की झलक दिखाई देगी।
देव दीपावली भारत की आत्मा का उत्सव है। काशी के घाटों पर देश के हर कोने की परंपरा एक साथ दमकती है। मराठी, दक्षिण भारतीय, गुजराती, मैथिल और नेपाली संस्कृतियों का यह संगम काशी को ‘मिनी भारत’ बना देता है। सरकार का प्रयास है कि ऐसी परंपराओं को प्रोत्साहित कर काशी को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और सशक्त किया जाए।
संयुक्त निदेशक पर्यटन, दिनेश कुमार ने बताया कि देव दीपावली 2025 पर पर्यटन विभाग की ओर से 10 लाख दीप जलाए जाएंगे, जबकि शेष घाटों की स्थानीय समितियाँ अपने स्तर पर दीये जलाएँगी। उन्होंने कहा कि हर घाट पर समितियाँ सक्रिय हैं और सभी मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही हैं। आस-पास के जिलों जैसे मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, प्रयागराज के अलावा दक्षिण भारत, गुजरात और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु और विदेशी पर्यटक भी आने वाले हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग तैयारियों को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
रिटायर्ड अध्यापक को मृत दर्शाकर बेटे ने झटक ली नौकरी
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में एक सहायक अध्यापक पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि शिक्षक ने अपने सेवानिवृत्त पिता को मृत दर्शाकर यह नियुक्ति पाई। शिकायत के बाद, दस्तावेजों की गहन जाँच कर आरोपी शिक्षक पर सख्त कार्यवाही की माँग की गई है।
फर्जी दस्तावेजों से मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति!
यह मामला बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर के विकास क्षेत्र अफजलगढ़ के कंपोजिट स्कूल रामनगर गोसाई से जुड़ा है। यहां कार्यरत सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार ने 04 दिसंबर 1996 को मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त की थी। शिकायत के अनुसार, अखिलेश कुमार ने यह नियुक्ति अपने पिताजी स्वर्गीय रामचंद्र सिंह, जो प्राथमिक विद्यालय शहजादपुर प्रथम में मुख्याध्यापक थे, के मृतक आश्रित अनुकम्पा के रूप में प्राप्त की है।
सेवानिवृत्ति की तिथि पर गंभीर सवाल?
अखिलेश कुमार पर शासन-प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करके अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति पाने का आरोप है।शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को दबाने में क्यों लगे हैं और आरोपी अध्यापक के खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं में जांच का विषय है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुनः शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे यह उम्मीद है कि अब दस्तावेजों की गहन जाँच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।
मूल आपत्ति: आरोप है कि उनके पिता रामचंद्र सिंह अपनी शिक्षण सेवा से 01 जुलाई 1996 को सेवानिवृत्त हो गए थे, न कि सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी।
सवाल: यदि पिता 01 जुलाई 1996 को सेवानिवृत्त हो चुके थे, तो बेटे अखिलेश कुमार ने सिर्फ पाँच महीने बाद (04 दिसंबर 1996) मृतक आश्रित कोटे के तहत शिक्षक पद पर नियुक्ति कैसे प्राप्त कर ली?
उस समय के जीवित अध्यापकों से मिल सकती है जानकारी!
शिकायत में यह दावा किया गया है कि जिस समय रामचंद्र सिंह का रिटायरमेंट हुआ था, उस समय विद्यालय में नसीम अहमद, मिश्री सिंह, और संजीव कुमार सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि रामचंद्र सिंह का विदाई समारोह भी किया गया था, और उस समय तैनात तीनों अध्यापक आज भी जीवित हैं तथा उनसे इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मुख्य आरोप: अखिलेश कुमार पर अपने पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर शासन-प्रशासन को गुमराह कर अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
मामला दबा रहे उच्चाधिकारी!
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस गंभीर विषय के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर और खंड शिक्षा कार्यालय अफजलगढ़ को मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन संबंधित अध्यापक पर कोई कार्यवाही नहीं हुई!
विभाग द्वारा पर्यटन नीति के अंतर्गत किया जा रहा प्रयास
प्रत्येक स्वीकृत मार्केट रिसर्च स्टडी के लिए मिलेगी अधिकतम 10 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने आमंत्रित किए पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में शोध प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में मार्केट रिसर्च स्टडी (बाजार अनुसंधान अध्ययन)’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन उद्योग के विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन को गति देना है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
मंत्री ने बताया कि ‘अनुसंधान का विषय उद्योग की प्रासंगिकता और आवश्यकता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। यह अध्ययन प्रदेश में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र की वर्तमान प्रवृत्तियों, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर केंद्रित होगा, ताकि नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक और उपयोगी सुझाव प्राप्त किए जा सकें।’
राज्य सरकार देगी सहयोग
इस योजना के तहत राज्य सरकार अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञ संगठनों को पर्यटन से संबंधित अनुसंधान कार्यों के लिए सहयोग प्रदान करेगी। पर्यटन विभाग का मानना है, कि इस तरह के अध्ययन न केवल प्रदेश के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानकों के अनुरूप विकास की दिशा भी तय करेंगे।
कौन कर सकता है आवेदन?
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मान्यता प्राप्त ट्रैवल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, अन्य ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी संस्थान, प्रतिष्ठित और पंजीकृत एनजीओ (जैसे- वाइल्डलाइफ, हेरिटेज कंजरवेशन, क्राफ्ट या पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एनजीओ) सहित मैनेजमेंट संस्थान एवं विश्वविद्यालय इस पहल के तहत आवेदन कर सकते हैं।
यहां करें आवेदन
इच्छुक संस्थाएं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की वेबसाइट https://up-tourismportal.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह पोर्टल आगामी 15 नवम्बर 2025 तक खुला रहेगा। इस अवधि के भीतर इच्छुक इकाइयां निर्धारित प्रारूप में अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। इसके अंतर्गत, प्रत्येक स्वीकृत मार्केट रिसर्च स्टडी के लिए अधिकतम 10 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में शोध से उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई दिशा- जयवीर सिंह
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत यह पहल प्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन उद्योग में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ें, साथ ही नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक और व्यावहारिक सुझाव मिलें। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञ संगठनों को समर्थन प्रदान करेंगे, ताकि प्रदेश के पर्यटन ढांचे को मजबूत किया जा सके और वैश्विक पर्यटन मानकों के अनुरूप विकास सुनिश्चित हो।’
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आरंभ की गई यह पहल राज्य में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। मार्केट रिसर्च स्टडी से हमें जमीनी स्तर पर वास्तविक संभावनाओं की स्पष्ट समझ मिलेगी, जो प्रदेश के पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करने में मदद करेगा।’
खाता धारक, बिचौलिया और एनजीओ मालिक समेत 5 गिरफ्तार
देश का सबसे बड़ा ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम: रिटायर्ड बैंकर से 22.92 करोड़ की ठगी
नई दिल्ली (एजेंसियां)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा से साइबर अपराधियों ने 22.92 करोड़ रुपये की ठगी की है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन खाताधारक, एक बिचौलिया और एक एनजीओ का मालिक शामिल है।
रोज दो घंटे, छह हफ़्तों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’
सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा को साइबर ठगों ने लगभग छह हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान, उन्हें प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से दो-दो घंटे ‘कैद’ रखा जाता था। ठगी की शुरुआत 1 अगस्त को हुई, जब मल्होत्रा के पास एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को एक दूरसंचार कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया गया है। बाद में, उन्हें मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई अधिकारी बनकर डराया गया और आतंकी फंडिंग तथा पुलवामा हमले से उनके आधार कार्ड डिटेल जुड़ने का झूठा आरोप लगाकर धमकाया गया। मल्होत्रा को मजबूर किया गया कि वे अपने इक्विटी शेयर बेचकर यह रकम आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दें, यह आश्वासन देकर कि सत्यापन के बाद पैसा वापस मिल जाएगा।
एनजीओ के जरिए विदेश भेजी गई मोटी रकम
ठगी गई मोटी रकम (22.92 करोड़ रुपये) को कंबोडिया में बैठे चीन के साइबर अपराधियों तक पहुंचाने और कानूनी अड़चनों से बचने के लिए उत्तराखंड के एक गांव में स्कूल व एनजीओ चलाने वाले व्यक्ति को भी कमीशन के लालच में इस साजिश में शामिल किया गया था। कंबोडिया में बैठे मुख्य ठगों ने दिल्ली में अपने भारतीय एजेंटों के माध्यम से इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान कुछ बैंक खातों में जमा करीब 3 करोड़ रुपये को फ्रीज करा दिया है।
बैंकर होते हुए भी शिकार होने का कारण जागरूकता की कमी
यह मामला एक सेवानिवृत्त बैंकर से जुड़ा है, जो बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की गहरी समझ रखते थे। इसके बावजूद, वे 22.92 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हुए, जो आम लोगों में जागरूकता की कमी के गंभीर सवाल खड़े करता है।
अथॉरिटी का डर (Fear of Authority): साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, या ईडी जैसे उच्च सरकारी विभागों के अधिकारी बताते हैं। भारतीय समाज में इन एजेंसियों के प्रति एक स्वाभाविक डर और सम्मान होता है, जिसका फायदा उठाकर ठग पीड़ित को इतना डरा देते हैं कि वे सोचने-समझने की क्षमता खो देते हैं।
भावनात्मक ब्लैकमेल और गोपनीयता: ठग अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों का जिक्र करते हैं, जिससे पीड़ित बदनामी और गिरफ्तारी के डर से गोपनीयता बनाए रखने को मजबूर हो जाता है और किसी से सलाह नहीं लेता। नरेश मल्होत्रा को भी बेटियों और नाती-पोतों को जान से मारने की धमकी देकर किसी को न बताने के लिए मजबूर किया गया था।
डिजिटल अरेस्ट एक नई तकनीक: ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नई तकनीक है, जिसमें ठग वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार दबाव बनाकर पीड़ित को एक वर्चुअल ‘कैद’ में रखते हैं। लगातार दबाव और निगरानी से पीड़ित मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है और ठगों के निर्देशों का पालन करने लगता है।
तकनीकी समझ का अभाव: भले ही पीड़ित सेवानिवृत्त बैंकर हों, लेकिन नई साइबर अपराध तकनीकों और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरों के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं थी। यह दिखाता है कि साइबर सुरक्षा जागरूकता का ज्ञान हर उम्र और पेशे के व्यक्ति के लिए लगातार अपडेट होते रहना जरूरी है।
पुलिस प्रक्रिया की जानकारी का अभाव: आम इंसान और यहाँ तक कि अनुभवी बैंकर भी, पुलिस या जांच एजेंसियों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित नहीं होते। उन्हें यह नहीं पता होता कि कोई भी जांच एजेंसी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट वारंट जारी नहीं करती और न ही निजी खातों में पैसा ट्रांसफर करने को कहती है। इस जानकारी के अभाव में वे आसानी से जाल में फंस जाते हैं।
3D लेजर और फायर क्रैकर्स शो बनाएंगे उत्सव को खास- जयवीर सिंह
भव्य दीपोत्सव के बाद अब देव दीपावली 2025 की तैयारियां तेज
गंगा घाटों पर दिखेगा संस्कृति और तकनीक का अनोखा संगम
देव दीपावली: 25 लाख दीयों से रोशन होंगे काशी के घाट
लखनऊ/वाराणसी। देव दीपावली 2025 पर काशी की उत्तरवाहिनी गंगा के दोनों तट दीपों की अद्भुत रोशनी से जगमगाएंगे। महादेव की नगरी में अर्धचंद्राकार घाट करीब 25 लाख दीयों की माला से सजकर साक्षात दिव्यता का रूप धारण करेंगे, तो गंगा पार रेत पर रंग, रोशनी और संगीत का समावेशी प्रदर्शन सृष्टि को आलोकित करेगा। वहीं, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो की अद्भुत झलक श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव कराएगी।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभागीय प्रयास है कि ‘देवों की दिवाली’ वाराणसी आने वाले हर आगंतुक के लिए यादगार हो। मंत्री ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 03 से 05 नवम्बर 2025 तक काशी के चेत सिंह घाट और गंगा द्वार पर अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग एवं लेजर शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मनमोहक प्रस्तुति में गंगा, काशी और देव दीपावली की पावन कथा को 25 मिनट के दर्शनीय अनुभव में पिरोया जाएगा, जिसमें 17 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग और 08 मिनट का लेजर शो सम्मिलित होगा।’
3D प्रोजेक्शन मैपिंग से विभिन्न प्रस्तुतियां
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘3D प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए देव दीपावली, काशी-वाराणसी, भगवान शिव, गंगा और अन्य पौराणिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। गंगा तट स्थित प्राचीन इमारतों की दीवारों और घाटों पर आधुनिक लेजर तकनीक के माध्यम से विभिन्न छवियां उकेरी जाएंगी। हिंदी में संवाद के माध्यम से संबंधित कहानियां बताई जाएगी।
घाटों पर जलेंगे करीब 25 लाख दीये
इस बार देव-दीपावली पर वाराणसी के घाटों पर करीब 25 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसमें 10 लाख दीये राज्य सरकार की ओर से, जबकि बाकि दीप घाटों की स्थानीय समितियों द्वारा जलाए जाएंगे। यह प्रकाश उत्सव घाटों को दिव्यता और सौंदर्य से भर देगा, जिससे गंगा तट और पूरे शहर का दृश्य भक्तों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।
10 मिनट का कोरियोग्राफ़्ड फायर क्रैकर्स शो
काशी के गंगा तट केवल दीपों से नहीं, बल्कि आकाश तक फैली रोशनी से भी जगमगाने वाले हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में 10 मिनट तक चलने वाला शानदार फायर क्रैकर्स शो औसत 200 मीटर ऊंचाई तक रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरेगा, जो देखने वालों के लिए अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा। यह शो ग्रीन फायर क्रैकर्स (पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी), तकनीक और कंप्यूटर आधारित कोरियोग्राफी के साथ तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करता यह अद्भुत नजारा काशी की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देगा। इस वर्ष देव दीपावली के अवसर पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन व्यापक तैयारियां कर रही है, ताकि प्रत्येक आगंतुक को सुगम व सुरक्षित माहौल मिले।
01 से 04 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव’
पर्यटन सूचना अधिकारी, वाराणसी नितिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि ‘देव दीपावली को लेकर गंगा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि 05 नवंबर को होने वाली देव दीपावली से पहले 01 से 04 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की परंपरा और कला की झलक देखने को मिलेगी।’
Oplus_0
वाराणसी में देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।
कृष्णा नगर और आशियाना थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग मामले
तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौत
राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से चोटिल हुए युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपित कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी पी के सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र स्थित यातायात पार्क निकट शीला गैस गोदाम के पास रहने वाली अंजु कश्यप पत्नी स्व सोनू कश्यप के अनुसार, शनिवार 25 अक्टूबर की दोपहर 2.45 बजे उनके घर के मोड़ के पास एक चार पहिया गाड़ी चालक ने उनके पति सोनू कश्यप को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। पड़ोसी द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने एम्बुलेंस की मदद से घायल सोनू कश्यप को इलाज के लिए नजदीकी लोकबन्धु अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पड़ोसी द्वारा गाड़ी का रंग सफेद और हरा बताया जा रहा है। इसके चलते उन्होंने अज्ञात आरोपित कार चालक के खिलाफ लिखित शिकायत की है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पथराव से घर के बाहर खड़ी कार क्षतिग्रस्त
उधर, आलमबाग के आशियाना थाना क्षेत्र की अंबिका विहार कॉलोनी में रहने वाले एक युवक के घर पर 21 अक्टूबर की रात्रि में एक युवक ने घर के बाहर गाली गलौज करते हुए पथराव किया और बाहर खड़ी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को आशियाना पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। आशियाना के सेक्टर जे अंबिका बिहार कॉलोनी में रहने वाले आशीष गुप्ता के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात्रि करीब 9 बजे पुराना बर्फ खाना, उदयगंज में रहने वाला कुलदीप सोनकर पुत्र स्व कन्हैया लाल उनके घर के बाहर पहुंच करीब बीस मिनट तक हंगामा करता रहा। उसने गाली गलौज के साथ घर पर पथरावबाजी भी की, इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार पर पत्थर लगने से कार का शीशा टूट गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित ने कंट्रोल नंबर पर पुलिस को सूचना देने के बाद स्थानीय आशियाना थाने पर युवक के खिलाफ नामजद शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
विवाद में झूठे ‘छेड़छाड़’ के आरोप: क्या है कानूनी सुरक्षा कवच ?
लखनऊ। अक्सर देखा जाता है कि जब पड़ोसियों या दो पक्षों के बीच कोई गंभीर विवाद या झगड़ा होता है, तो महिलाओं द्वारा विरोधी पक्ष के पुरुषों पर यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ (IPC की धारा 354) जैसे गंभीर आरोप लगा दिए जाते हैं। यह प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बन गई है, जहां व्यक्तिगत रंजिश निपटाने के लिए कठोर कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय न्याय व्यवस्था में पुरुषों के लिए ऐसी कोई ठोस ‘व्यवस्था’ है, जो उन्हें इन झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से तुरंत बचा सके?
कानून का दुरुपयोग: एक बढ़ती हुई समस्या
महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून, जैसे कि आईपीसी की धारा 354, 354ए (यौन उत्पीड़न), और 509 (शब्द, हावभाव या कार्य से अपमान), अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। …लेकिन सामाजिक झगड़ों में इन कानूनों का इस्तेमाल अक्सर दबाव बनाने, समझौता कराने या बदला लेने के औजार के रूप में किया जाता है।
एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया, “हमें ऐसे कई मामले मिलते हैं जहाँ मामूली संपत्ति विवाद या पार्किंग झगड़े को तुरंत ‘छेड़छाड़’ का रूप दे दिया जाता है। चूँकि ये धाराएँ संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) हो सकती हैं, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, जिससे आरोपी पुरुष को भारी सामाजिक कलंक और कानूनी परेशानी झेलनी पड़ती है, भले ही वह बाद में निर्दोष साबित हो जाए।
“पुरुषों के लिए कानूनी बचाव का रास्ता”
हालांकि ‘झूठे आरोप’ रोकने के लिए कोई सिंगल “पूर्व-व्यवस्था” नहीं है, भारतीय कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं में पुरुषों को खुद को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय प्रदान किए गए हैं:| कानूनी बचाव का उपाय | प्रासंगिक धारा | विवरण |
1. एफआईआर रद्द कराना | CrPC की धारा 482 | अगर एफआईआर दुर्भावनापूर्ण इरादे से या झूठे तथ्यों पर आधारित है, तो आरोपी सीधे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर एफआईआर को रद्द करने (Quashing) की मांग कर सकता है।
2. अग्रिम जमानत | CrPC की धारा 438 | गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए आवेदन करना। यह उपाय तुरंत गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत से बचाता है। अदालत को प्रथम दृष्टया केस की सच्चाई पर विचार करना होता है।
3. सबूत जुटाना | CrPC की धारा 91 | आरोपी व्यक्ति अपने निर्दोष होने के समर्थन में निर्णायक सबूत, जैसे CCTV फुटेज, डिजिटल संचार रिकॉर्ड, या घटना के समय की “लोकेशन हिस्ट्री” तुरंत जुटाकर पुलिस/न्यायालय के समक्ष पेश कर सकता है।
4. मुआवजे का दावा | CrPC की धारा 250 | यदि व्यक्ति न्यायिक प्रक्रिया के बाद झूठे मामले में बरी हो जाता है, तो वह शिकायतकर्ता से दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के लिए मुआवजा (Compensation) मांग सकता है।
5. प्रति-शिकायत/मानहानि | IPC की धारा 182, 211, 499/500 | झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए महिला के खिलाफ शिकायत या मानहानि का दीवानी (Civil) अथवा आपराधिक (Criminal) मुकदमा दायर किया जा सकता है।
न्यायिक हस्तक्षेप और सुप्रीम कोर्ट की चिंता
सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी कई फैसलों में यह माना है कि कुछ कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है। विशेष रूप से घरेलू विवादों से जुड़े मामलों (जैसे IPC 498A) में, कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे केवल आरोपों के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी न करें। न्यायालयों ने बार-बार कहा है कि कानून का उद्देश्य सुरक्षा देना है, न कि निजी प्रतिशोध का माध्यम बनना।न्यायविदों का मानना है कि पुलिस जांच अधिकारियों को भी प्रारंभिक जांच में “छेड़छाड़” जैसे आरोपों की प्रकृति और पृष्ठभूमि (जैसे कि पड़ोसी विवाद) की अधिक सावधानी से जांच करनी चाहिए, ताकि बेकसूर लोगों पर झूठे मामले दर्ज होने से रोका जा सके।
तत्काल कदम: क्या करें जब झूठा आरोप लगे?
किसी भी पुरुष के लिए जिस पर झूठा आरोप लगा हो, ये कदम तत्काल आवश्यक हैं:
शांत रहें: आवेश में आकर कोई भी प्रतिक्रिया या धमकी न दें, क्योंकि यह आपके खिलाफ सबूत बन सकता है।
कानूनी सलाह: तुरंत एक अनुभवी आपराधिक वकील से संपर्क करें।
दस्तावेज़ीकरण: घटना से संबंधित सभी सबूत, गवाहों के नाम और संपर्क विवरण, और अन्य प्रासंगिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
जाँच में सहयोग: पुलिस जाँच में सहयोग करें, लेकिन वकील की सलाह पर ही कोई बयान दें।
निष्कर्षतः, झूठे आरोपों से बचाव के लिए कानून में रास्ते हैं, लेकिन पुरुष को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मजबूत कानूनी रणनीति और धैर्य की आवश्यकता होती है। यह न्याय व्यवस्था के लिए एक निरंतर चुनौती है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए, कानून के दुरुपयोग से बेकसूर नागरिकों को भी बचाए।
भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, जिसे कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है।
भाई दूज (यम द्वितीया): भाई-बहन के प्रेम का अनमोल पर्व
भाई दूज की कथा और पूजन का तरीका
1. भाई दूज की पौराणिक कथा (यम और यमुना की कहानी): यह पर्व यमराज (मृत्यु के देवता) और उनकी बहन यमुना (पवित्र नदी) के प्रेम से जुड़ा है।
भाई का निमंत्रण: पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्य देव की पत्नी छाया के पुत्र यमराज और पुत्री यमुना थे। यमुना अपने भाई यमराज से बहुत प्रेम करती थीं और बार-बार उन्हें अपने घर आकर भोजन करने के लिए निमंत्रण भेजती थीं। यमराज अपने कार्य में व्यस्तता के कारण इस निमंत्रण को टालते रहे।
घर आगमन: एक बार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अचानक अपनी बहन यमुना के घर आ पहुँचे। अपने भाई को घर पर देखकर यमुना बहुत प्रसन्न हुईं।
स्नेहपूर्वक सत्कार: यमुना ने बड़े आदर और प्रेम से भाई का स्वागत किया। उन्होंने विधि-विधान से भाई को तिलक लगाया, आरती उतारी और उन्हें स्वादिष्ट व्यंजनों का भोजन कराया।
यमराज का वरदान: बहन के प्रेम और सत्कार से यमराज अत्यंत प्रसन्न हुए। विदा लेते समय उन्होंने यमुना से वरदान माँगने को कहा। यमुना ने वरदान माँगा कि: आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे घर अवश्य आएं। इस दिन जो बहन अपने भाई को तिलक करे, उसके भाई को अकाल मृत्यु का भय न हो और वह दीर्घायु प्राप्त करे।
पर्व की शुरुआत: यमराज ने यमुना को यह वरदान दिया और तभी से यह पावन पर्व भाई दूज के रूप में मनाया जाने लगा।
2. भाई दूज पूजन का तरीका (तिलक विधि): इस दिन बहनें, भाई की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना के साथ उन्हें तिलक लगाती हैं।
पूजन सामग्री
पूजा की थाली
रोली (कुमकुम) और अक्षत (चावल)
नारियल (या गोला)
पान और सुपारी
मिठाई (या पकवान)
फूल और फूलमाला
कलावा (रक्षा सूत्र)
दीपक (आरती के लिए)पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप) पवित्रता और तैयारी:
बहनें सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
भाई के लिए अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन या पकवान तैयार करें।
पूजा के स्थान पर चौक (गोबर या आटे से) बनाएँ और उस पर एक साफ पटरा/चौकी रखें।
भाई को बिठाना:
भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पटरे/चौकी पर बिठाएँ।
भाई के सिर पर रुमाल या कोई कपड़ा रखें।
पूजा और तिलक:
सबसे पहले भगवान गणेश और यम देव की पूजा करें।
बहन पूजा की थाली लेकर पहले भाई की आरती उतारें।
भाई के हाथ की कलाई पर कलावा (रक्षा सूत्र) बाँधें।
रोली और अक्षत से भाई के माथे पर तिलक (टीका) करें।
भाई को मिठाई खिलाएँ।
भाई को नारियल भेंट करें।
प्रार्थना और आशीर्वाद:
बहनें हाथ जोड़कर यमराज से भाई की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
तिलक होने के बाद, भाई अपनी बहन को उपहार, वस्त्र या दक्षिणा देते हैं और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लेते हैं।
इसके बाद, भाई-बहन एक साथ भोजन करते हैं।
विशेष :
मान्यता है कि इस दिन भाई को बहन के घर जाकर भोजन करना और तिलक करवाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। ब्रजमंडल में इस दिन भाई-बहन का यमुना नदी में स्नान करना भी बहुत कल्याणकारी माना जाता है।
फर्जी CBI/ED अधिकारी गैंग का सदस्य लखनऊ से गिरफ्तार
₹1.18 करोड़ का ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड
लखनऊ। राजधानी में एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जहां फर्जी सीबीआई और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से कुल ₹1 करोड़ 18 लाख 55 हज़ार रुपए ठग लिए गए। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।
क्या है मामला?
पिछले महीने, हीरक भट्टाचार्य नामक पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को पहले ‘विजय खन्ना’ नामक कथित पुलिस अधिकारी का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने बताया कि उनके नाम से दिल्ली के केनरा बैंक में एक फर्जी खाता खोला गया है और उसमें धोखाधड़ी का पैसा जमा हुआ है।इसके तुरंत बाद, कॉल करने वाले ने स्वयं को ईडी अधिकारी ‘राहुल गुप्ता’ बताकर जांच के नाम पर पीड़ित पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जांच को गोपनीय बताते हुए किसी से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई और डरा-धमकाकर विभिन्न बैंक खातों में ₹1,18,55,000 जमा करवा लिए गए। साइबर अपराधियों ने पीड़ित को फर्जी गिरफ्तारी वारंट और कोर्ट के सीजर आदेश भी भेजे और लगातार व्हाट्सएप कॉल व चैट के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ (डिजिटल रूप से बंधक) करके पैसे हड़प लिए।
गिरफ्तारी और आरोपी का खुलासा
एक महीने की गहन जांच के बाद, साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ के ग्राम सैफलपुर, काकोरी मलिहाबाद निवासी 39 वर्षीय कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया। कमलेश के पास से एक रियल मी मोबाइल फोन भी बरामद हुआ।
पूछताछ में कमलेश ने बताया कि वह मिठाई सप्लाई का काम करता है। अगस्त में उसकी मुलाकात सीतापुर निवासी अनुराग से हुई थी। अनुराग ने उसे कमीशन का लालच दिया। कमलेश ने अनुराग के कहने पर गोमतीनगर के इंडसइंड बैंक में अपना खाता खुलवाया और खाते से संबंधित सभी दस्तावेज व सिम अनुराग को दे दिए। उसे कुल लेन-देन पर 2% कमीशन मिलना था।
विदेशी कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग:
अभियुक्त ने खुलासा किया कि उसका साथी अनुराग विदेश में बैठकर फ्रॉडस्टरों से जुड़ा हुआ है और वह संपूर्ण ट्रांजैक्शन का 5% USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में प्राप्त करता था। यह गैंग ठगी के पैसे सीधे विदेशी खातों में ट्रांसफर करता है। कमलेश ने यह भी बताया कि सितंबर 2025 में उसे उत्तराखंड पुलिस भी इसी तरह के करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में जेल भेज चुकी है, और उसके खातों पर पूरे भारत से लगभग 22 शिकायतें दर्ज थीं।
साइबर क्राइम पुलिस की चेतावनी:
साइबर क्राइम प्रभारी ने बताया कि अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं, फर्जी पुलिस स्टेशन या जांच कक्ष का सेटअप दिखाकर वीडियो कॉल करते हैं और डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखते हैं।
1930 का लें सहारा
साइबर क्राइम पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि: भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसी किसी भी कॉल से डरने की जरूरत नहीं है। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
शोभा यात्रा से लेकर डिजिटल भव्य रामायण तक – एक दिवसीय उत्सव में जलेंगे 26 लाख से अधिक दीपक
सरयू घाटों पर दिखेगा अद्भुत लेज़र-ड्रोन शो
तकनीक और जनभागीदारी का दिव्य संगम होगा दीपोत्सव- पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
अयोध्या/लखनऊ, (19 अक्टूबर 2025)। रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव 2025 के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार का दीपोत्सव पहले से कहीं अधिक भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आज अयोध्या आस्था, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत संगम की साक्षी बनेगी। पूरे शहर को दीपों, रंगों और रोशनी से सजाया गया है। रामलला की नगरी हर ओर से उत्सव की ऊर्जा से भर चुकी है। सुबह से रात तक चलने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की गरिमा और तकनीक की चमक का संगम पेश करेगा।
सुबह श्रीराम के जीवन प्रसंगों को झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत करते शोभा यात्रा के साथ उत्सव की शुरुआत हो रही है। दोपहर में रामराज्य की प्रतीकात्मक झलक पेश करते हुए प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। शाम होते ही सरयू घाटों पर जगमगाएंगे 26,11,101 दीपक, जिनकी सुनहरी रोशनी पूरे आकाश को आलोकित कर देगी। सरयू तट एक बार फिर श्रद्धा और एकता के प्रतीक के रूप में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रचने का साक्षी बनेगा। दीपों की यह दिव्यता न केवल अयोध्या को आलोकित करेगी, बल्कि विश्व को भारत की आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगी।
प्रभु श्रीराम राज्याभिषेक (दोपहर 3:10 बजे – 3:30 बजे तक)
राम की पैड़ी पर भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रामराज्य की आदर्श भावना, सत्य, धर्म और न्याय की विजय का दिव्य प्रतीक है। उपस्थित श्रद्धालु इस आयोजन के माध्यम से रामराज्य की वास्तविकता और उसके आदर्शों को महसूस करेंगे। इस समारोह की भव्यता और पावनता अयोध्या के प्रत्येक कोने में श्रद्धा और उल्लास की लहर बिखेर देगी।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास – दीपोत्सव (शाम 5:50 बजे – 6:15 बजे तक)
दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण तब देखने को मिलेगा जब 56 घाटों पर एक साथ 26 लाख से अधिक दीपक विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों द्वारा प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सरयू के किनारे यह सुनहरी ज्योति का विशाल सागर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का एक और ऐतिहासिक प्रयास होगा। यह दृश्य न केवल भव्यता और सौंदर्य में अद्वितीय होगा, बल्कि एकता, श्रद्धा और सामूहिक प्रयास की शक्ति का भी जीवंत प्रदर्शन करेगा। हर दीपक अयोध्या की पवित्रता और भारत की सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा।
डिजिटल भव्य रामायण (शाम 6:15 बजे – 6:45 बजे तक)
संध्या होते ही राम की पैड़ी एक दिव्य मंच में बदल जाएगी। यहां 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, लेज़र लाइट और एरियल ड्रोन शो के माध्यम से महाकाव्य रामायण को आकाश में जीवंत किया जाएगा। यह केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भक्ति और डिजिटल नवाचार का अद्भुत संगम होगा। दर्शक इस अनुभव में पूरी तरह डूब जाएंगे और रामायण की गाथा को न केवल देखने, बल्कि महसूस करने का अवसर पाएंगे। यह प्रस्तुति दीपोत्सव को आधुनिकता और परंपरा के संयोजन में एक नई ऊँचाई प्रदान करेगी।
रामकथा पार्क में सांस्कृतिक संध्या (रात 7:25 बजे – 8:45 बजे तक)
दिनभर के भव्य आयोजन का समापन रामकथा पार्क में होगा, जहां रामलीला मंचन, भजन संध्या और दीपोत्सव प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित लोग न केवल रामकथा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूति करेंगे, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और सुंदरता का आनंद भी उठाएंगे। यह समापन समारोह दीपोत्सव को यादगार बनाने और श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रफुल्लित करने का अंतिम माध्यम होगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का संदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “अयोध्या का दीपोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की सनातन आत्मा और संस्कृति का प्रतिबिंब है। इस वर्ष का दीपोत्सव भक्ति, श्रद्धा और तकनीक के माध्यम से पूरी दुनिया के लोगों को जोड़ने का अवसर बनेगा। यह आयोजन रामराज्य की सच्ची भावना को जीवंत करते हुए अयोध्या को फिर से भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करेगा।”
इसके दोष को कम करने के लिए आप कर सकते हैं कुछ उपाय
बाद में बेझिझक कर सकते हैं इस्तेमाल
शनिवार को न खरीदें सरसों का तेल, खरीद लिया है तो…
~ शैली सक्सेना
यह मान्यता है कि शनिवार के दिन सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से शनिदेव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर में रोग एवं कष्ट आ सकते हैं। यह इसलिए है क्योंकि शनिवार को सरसों का तेल दान करने या शनिदेव को अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। …लेकिन यदि आपने खरीद लिया है, तो चिंता न करें। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके दोष को कम करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं:
शनिदेव को अर्पित करें: खरीदे गए तेल में से थोड़ा सा तेल उसी दिन (शनिवार को शाम के समय) शनिदेव को अर्पित करें। आप किसी शनि मंदिर में जाकर तेल चढ़ा सकते हैं। या, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं।
तेल का दान: खरीदे गए तेल का कुछ हिस्सा किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर दें। तेल का दान करने से शनि दोष दूर होते हैं।
दीपक जलाना: शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यह दीपक आप शनि मंदिर में, पीपल के पेड़ के नीचे, या अपने घर में किसी साफ स्थान पर जला सकते हैं। दीपक जलाते समय शनिदेव की कृपा के लिए प्रार्थना करें।
मंत्र जप: शनिदेव के मंत्रों का जाप करें, जैसे: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’।
अन्य दान: शनिवार को सरसों के तेल के अलावा, काली उड़द दाल, काले तिल, या काले कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है।
इन उपायों को करने से आपके द्वारा शनिवार को तेल खरीदने के कारण उत्पन्न होने वाला संभावित दोष कम हो सकता है, और शनिदेव की कृपा बनी रह सकती है। अगली बार से ध्यान रखें कि सरसों का तेल शुक्रवार को या किसी अन्य दिन खरीद लें।
कर सकते हैं इस तेल का इस्तेमाल
आप इन उपाय को करने के बाद उस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। उपाय का मुख्य उद्देश्य शनिदेव को प्रसन्न करना और अनजाने में हुए शनिवार को तेल खरीदने के दोष को कम करना होता है।
उपयोग करने का तरीका:
सबसे पहले: आपने जो तेल खरीदा है, उसमें से थोड़ा सा तेल निकालकर ऊपर बताए गए उपाय के लिए उपयोग करें (जैसे: शनिदेव को अर्पित करना या दान करना)।
शेष तेल: अब जो बाकी तेल बचा है, उसे आप सामान्य रूप से अपने घर के उपयोग (खाना पकाने, मालिश, आदि) के लिए बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब आप उपाय कर लेते हैं और दान या अर्पण कर देते हैं, तो खरीद का दोष समाप्त हो जाता है। इसलिए बाकी बचे हुए तेल के इस्तेमाल में कोई बुराई नहीं है।
‘वर्चुअल दीपदान’ से दुनियाभर के लोग कर रहे दीपोत्सव में सहभाग
राम की पैड़ी पर लगाए गए जियो-टैग्ड एआर पॉइंट्स, 3-डी रूप में देखें रामायण के प्रसंग
दीपोत्सव एआर ऐप बना युवाओं के लिए भक्ति का डिजिटल द्वार, नवाचार से निखर रही परंपरा- जयवीर सिंह
दीपोत्सव 2025 की सबसे चर्चित आकर्षण बनी उत्तर प्रदेश पर्यटन की ऑगमेंटेड रियलिटी ऐप
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/अयोध्या, (18 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा लॉन्च की गई ‘दीपोत्सव एआर मोबाइल एप्लीकेशन’ दीपोत्सव 2025 की सबसे चर्चित और आकर्षक डिजिटल पहल बन गई है। यह ऐप आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है। ऐप के माध्यम से अयोध्या आने वाले श्रद्धालु रामायण के पावन प्रसंगों को एआर तकनीक (ऑगुमेण्टेड रियलिटी) के जरिए सजीव रूप में अनुभव कर पा रहे हैं। साथ ही, इसका वर्चुअल दीपदान फीचर दुनियाभर के लोगों को ऑनलाइन दीया जलाने और दीपोत्सव का हिस्सा बनने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति को और अधिक जीवंत और समावेशी स्वरूप दे रहा है। ‘दीपोत्सव एआर ऐप’ युवाओं और नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। यह ऐप भक्ति को डिजिटल युग से जोड़ते हुए, आस्था को वैश्विक मंच प्रदान करता है।’
रामायण के पांच प्रसंग हुए जीवंत
अयोध्या में राम की पैड़ी पर लगाए गए जियो-टैग्ड एआर पॉइंट्स के माध्यम से आगंतुक राम-सीता स्वयंवर, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाना, राम-रावण युद्ध, राम-सीता की अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक जैसे पांच प्रमुख प्रसंगों को 3-डी रूप में देख सकते हैं। अपने मोबाइल फोन से निर्धारित बिंदुओं को स्कैन करते ही ये दिव्य दृश्य 3D रूप में जीवंत हो उठते हैं, मानो इतिहास आंखों के सामने स्वयं को दोहरा रहा हो। एआर माध्यम को लेकर युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुलभ, नि:शुल्क और युवाओं के लिए खास
दीपोत्सव एआर ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। ऐप का डिज़ाइन कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि हर आयु वर्ग के उपयोगकर्ता इसे सहजता से प्रयोग कर सकें। इसका अनुभव न केवल मनोरंजक है, बल्कि ज्ञानवर्धक भी है। यही कारण है कि यह ऐप विशेष रूप से छात्रों, पर्यटकों और तकनीक पसंद करने वाले युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
‘अयोध्या की आभा’ विश्व पटल पर
ऑगमेंटेड रियलिटी ऐप ने दीपोत्सव-2025 को एक अनोखे आध्यात्मिक और तकनीकी अनुभव में बदल दिया है। इस ऐप ने कहानी, श्रद्धा और नवाचार तीनों को जोड़ते हुए अयोध्या की पवित्र भूमि को एक जीवंत डिजिटल संसार में परिवर्तित किया है। वहीं, दुनिया के किसी भी कोने में बैठे लोग ‘वर्चुअल दीपदान’ के जरिये दीप जलाकर इस महा उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।
‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की दिशा में कदम
दीपोत्सव एआर एप्लीकेशन, उत्तर प्रदेश पर्यटन की ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की परिकल्पना की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। यह आध्यात्मिक धरोहर और नवाचार के संगम से युवाओं में गर्व, सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव की नई भावना जागृत करता है।
फ़र्रुख़ाबाद के अवैध हिरासत मामले में बड़ी कार्रवाई!
हाई कोर्ट में SP की पेशी के बाद सरकार ने लिया एक्शन
🔥 ब्रेकिंग न्यूज़: किरकिरी के बाद इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा निलंबित
फ़र्रुख़ाबाद: इलाहाबाद हाई कोर्ट में फ़र्रुख़ाबाद पुलिस की भारी किरकिरी और एसपी को कोर्ट में तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के बाद, सरकार ने आखिरकार कड़ी कार्रवाई की है।कायमगंज के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर दो लोगों को सात दिन तक अवैध तरीक़े से हिरासत में रखने का गंभीर आरोप था।इंस्पेक्टर के निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी हो चुका है।
कार्रवाई का कारण:
इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा की इस लापरवाही और नियम-विरुद्ध कार्रवाई के कारण ही यह पूरा मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। हाई कोर्ट ने इस मामले में न सिर्फ इंस्पेक्टर, बल्कि सीओ और एसपी आरती सिंह को भी तलब किया था।
घटना की पृष्ठभूमि:
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में भी पुलिस द्वारा याचिकाकर्ता के वकील को हिरासत में लेने की कोशिश की गई, जिसके कारण न्यायपालिका ने बेहद सख़्त रुख अपनाया। बुधवार को सुनवाई के दौरान तनाव इतना बढ़ा कि एसपी आरती सिंह की कथित तौर पर कोर्ट रूम में तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों (CRPF) को बुलाना पड़ा।
पुलिस विभाग अब सक्रिय!
यह निलंबन स्पष्ट करता है कि पुलिस विभाग अब उन अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, जिनकी गंभीर लापरवाही के चलते न सिर्फ दो नागरिकों के अधिकार का हनन हुआ, बल्कि पूरे महकमे की घनघोर बेइज़्ज़ती हुई और शीर्ष अधिकारी को भी कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने धनतेरस एवं दीपावली पर्व पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
लखनऊ, (17 अक्टूबर, 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने धनतेरस और दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने आम जनमानस के सुख समृद्धि की मंगलकामना करते हुए इस पर्व को श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाने की अपील की है।
एक जारी संदेश में उन्होंने कहा है कि ‘दीपावली हमारी समृद्ध संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत का हिस्सा है। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर अयोध्या वासियों ने पूरे अयोध्या नगरी को दीपों से सजाकर खुशियां जाहिर की थी। उसी को दोबारा अयोध्या में दोहराने के लिए राज्य सरकार 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित कर रिकॉर्ड बनाने जा रही है।’ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए दीपावली के पर्व को सुरक्षित एवं हर्षोल्लास के साथ मनाने की सलाह दी है।
बिजनौर, [17/10/2025]: रबी अभियान वर्ष 2025-2026 प्रारम्भ हो चुका है। इस अभियान के तहत रबी फसलों जैसे सरसों, तौरिया, चना, मटर, मसूर एवं गेहूं आदि फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज जनपद के विकासखण्डों में स्थित राजकीय कृषि निवेश भण्डारों में उपलब्ध कराने की कार्यवाही विभाग द्वारा प्रारम्भ कर दी गई है। इन बीजों की बिक्री राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित अनुदान पर कृषकों को कराई जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त जानकारी देते हुए जनपद के समस्त कृषक भाइयों से अनुरोध किया है कि जिन कृषकों का पंजीकरण नहीं है, वे विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर अनुदानित बीजों को प्राप्त कर लाभान्वित हो सकते हैं। पंजीकृत कृषक भी इन बीजों को प्राप्त कर सकते हैं।रबी अभियान वर्ष 2025-2026 के अंतर्गत विभाग में उपलब्ध होने वाले बीजों की विक्रय दर, देय अनुदान और कृषक अंश का विवरण निम्नलिखित है:
गेहूं एवं दलहनी फसलें:
1. गेहूं: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹4680.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹2340.00 है, जिससे कृषक अंश ₹2340.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹1300.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3380.00 होगा।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹4872.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹2436.00 है, जिससे कृषक अंश ₹2436.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹1300.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3572.00 होगा।
2. चना: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10320.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5160.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5160.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹6820.00 होगा।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹10803.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5401.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5402.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹7303.00 होगा।
3. मटर: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹7093.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹3546.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3547.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3593.00 होगा।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹7418.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹3709.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3709.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹3918.00 होगा।
4. मसूर: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹11050.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5525.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5525.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹7550.00 होगा।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11587.00 प्रति क्विंटल है। 10 वर्ष से कम आयु की प्रजातियों पर उपलब्ध अनुदान ₹5793.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5794.00 होता है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु की प्रजातियों पर अनुदान ₹3500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹8087.00 होगा।
तिलहनी फसलें (15 वर्ष तक की सभी प्रजातियों पर):
1. तौरिया: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10847.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5423.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5424.00 होता है।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11147.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5647.00 होता है।
2. राई/सरसों: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10847.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5423.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5424.00 होता है।
आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11174.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5674.00 होता है।3. अलसी: प्रमाणित बीज: विक्रय दर ₹10712.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5356.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5356.00 होता है। आधारीय बीज: विक्रय दर ₹11012.00 प्रति क्विंटल है। उपलब्ध अनुदान ₹5500.00 है, जिससे कृषक अंश ₹5512.00 होता है।
डेलायट कंपनी विभाग द्वारा सौंपे गए सभी कार्यों को समय से पूरा करे ताकि सार्थक परिणाम धरातल पर दिखाई दे
प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में होगी पर्यटन विभाग की अहम भूमिका- जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (16 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश को समर्थ, विकसित एवं आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के लिए प्रधानमंत्री की परिकल्पना एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के कुशल निर्देशन में प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने हेतु लिए गए संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन मुख्यालय में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में डेलायट संस्था के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने डेलायट द्वारा अब तक प्राप्त की गयी उपलब्धियों एवं कार्यवाही की विधिवत समीक्षा करके आवश्यक निर्देश दिए।
गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में उन्होंने डेलायट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करने के उपरान्त कहा कि प्रदेश में होम स्टे एवं ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत आगन्तुकों को ठहरने के लिए अधिक से अधिक कमरों की व्यवस्था करायी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहराव की अवधि अधिक से अधिक हो, ताकि गृह स्वामियों एवं होटल मालिकों की आमदनी बढ़े और हास्पिटलिटी सेक्टर का योगदान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
पर्यटन मंत्री ने डेलायट कम्पनी एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि होम स्टे एवं ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण की गति तेज किया जाए। इसके साथ ही एक व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि इसका परिणाम धरातल पर दिखाई दे। बी एंड बी में अगर कोई दिक्कत आ रही हो तो उसकी व्यवहारिक कठिनाई को दूर करने के लिए नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव भी बनाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि लिबरल करने से इसका दुरूपयोग न हो।मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि होम स्टे के लिए कमरों का निर्धारित किराया 2000 से 3000 यदि ज्यादा हो तो इसे तर्कसंगत एवं विधिसंगत बनाया जाए। उन्होंने संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि होम स्टे एवं बी & बी योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें तथा 15 दिन के बाद महानिदेशक पर्यटन भी समीक्षा करके गतिरोध को दूर करते हुए प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य करें। उन्होंने डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए योजना में सुधार, कठिनाई अथवा समस्या आती है तो इसको दूर करने के लिए सुझाव दें।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सर्वे का डाटा शुद्ध एवं व्यवहारिक रूप से तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, एमडी पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, पर्यटन सलाहकार जे0पी0 सिंह सहित डेलायट के समन्वयक कार्तिक आदि उपस्थित थे।
ग्रामीण महिलाओं के लिए रामकथा पार्क में निःशुल्क स्टॉल
दीये की लौ से रोशन होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हुनर को मिलेगी वैश्विक पहचान- जयवीर सिंह
अयोध्या में दमकेंगे प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के बनाए 5 लाख दीये
लखनऊ, (16 अक्टूबर 2025)। दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर पहल की है। इस दीप पर्व पर ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने लगभग पांच लाख दीयों से रामनगरी जगमगाएगी। इन दीयों की चमक न केवल दीपोत्सव की दिव्यता को और बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
यह जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का उत्सव न रहकर सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बने। ग्रामीण महिलाएं इस प्रयास की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पर्यटन एवं ग्रामीण होम स्टे विकास कार्यक्रम परियोजना अंतर्गत महिलाओं को दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। 15 अक्टूबर से दीये अयोध्या पहुंचने लगे।’
प्रशिक्षण प्राप्त कर बनाए 5 लाख दीये
अयोध्या के गौराछार, रामपुरवा और बाराबंकी जिले के भगहर झील क्षेत्र के गांवों की महिलाओं ने दीपोत्सव-2025 को ध्यान में रखते हुए लगभग 5 लाख पारंपरिक मिट्टी के दीये तैयार किए हैं। ये हस्तनिर्मित दीये पवित्र नगरी अयोध्या को दीपोत्सव के अवसर पर और अधिक आकर्षक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पर्यटन विभाग का मानना है कि दीप निर्माण से जुड़े परिवारों के लिए यह साल भर की आमदनी का व्यापक जरिया दे जाता है।
रामकथा पार्क में मिला निःशुल्क स्टॉल
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के राम कथा पार्क में ग्रामीण महिलाओं को अपने दीयों और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए नि:शुल्क स्टॉल प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से हजारों पर्यटक और श्रद्धालु न केवल अयोध्या के दिव्य दीपोत्सव का आनंद लेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की ग्रामीण परंपराओं और शिल्पकला के भी साक्षी बनेंगे। पर्यटन विभाग का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से जोड़कर स्थानीय समुदाय की भागीदारी और आय में वृद्धि करना है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारीगरों और महिलाओं की मेहनत को वैश्विक स्तर पर मान्यता और सराहना मिले।
स्थानीय हुनर को मिलेगी विशिष्ट पहचान- मंत्री
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘दीपोत्सव केवल भक्ति और सांस्कृतिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सशक्तिकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को भी प्रस्तुत करता है। इस वर्ष हमने दीपोत्सव को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिलाओं ने अपने हाथों से लाखों दीये तैयार किए हैं, जो रामनगरी की रोशनी का प्रतीक बनेंगे। यह दृश्य न केवल अयोध्या की पवित्रता और सौंदर्य को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण अंचलों को रोजगार, स्वाभिमान और पहचान से प्रकाशित भी करेगा। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की पारंपरिक कला और संस्कृति को पर्यटन के माध्यम से विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि स्थानीय हुनर को विशिष्ट पहचान मिले।’
उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने पर्यटकों के लिए तैयार की पांच आइटिनरी
अयोध्या से वाराणसी, उन्नाव, लखनऊ, गाजीपुर और चंदौली में प्राकृतिक आकर्षणों को देखने का अवसर
दीपोत्सव पर आने वाले पर्यटकों को ईको डेस्टिनेशन भ्रमण कराने की तैयारी
लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या के विश्वप्रसिद्ध दीपोत्सव में देश–दुनिया से आने वाले पर्यटकों को राज्य के प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराने की तैयारी है। पर्यटक अयोध्या के साथ ही लखनऊ, उन्नाव, वाराणसी, चंदौली और गाजीपुर के प्राकृतिक आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। डेस्टिनेशन के अनुसार पांच अलग–अलग आइटिनरी तैयार की गई हैं, जिनमें से पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकते हैं।
अयोध्या से लखनऊ
ईको टूरिज्म विकास बोर्ड ने पहली बार दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं पर केंद्रित आइटिनरी तैयार की है। पहली आइटिनरी दो दिन और एक रात की है, जिसमें पहले दिन अयोध्या भ्रमण और दूसरे दिन गोंडा स्थित पार्वती अर्गा बर्ड सेंचुरी को शामिल किया गया है। दूसरी आइटिनरी तीन दिन और दो रात की है, जिसमें पहले दिन लखनऊ भ्रमण, दूसरे दिन अयोध्या भ्रमण और तीसरे दिन लखनऊ में कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट आदि स्थलों का भ्रमण शामिल है। तीसरी आइटिनरी चार दिन और तीन रात की है, जिसमें रामसर साइट नवाबगंज पक्षी विहार, उन्नाव को जोड़ा गया है।
अयोध्या से वाराणसी
चौथी आइटिनरी अयोध्या–वाराणसी–गाजीपुर को जोड़ते हुए तीन दिन और दो रात की तैयार की गई है। इसमें अयोध्या और काशी के प्रसिद्ध स्थलों के साथ-साथ सारनाथ स्थित कछुआ प्रजनन एवं पुनर्वास केंद्र, गंगा दर्पण म्यूजियम तथा गाजीपुर जनपद के सैदपुर क्षेत्र में गंगा नदी में डॉल्फिन दर्शन को शामिल किया गया है।
पांचवीं आइटिनरी में अयोध्या, वाराणसी, गाजीपुर के साथ-साथ चंदौली जनपद को भी जोड़ा गया है। यह आइटिनरी पांच दिन और चार रात की है। चौथे दिन चंदौली जिले के राजदरी एवं देवदरी जलप्रपात का भ्रमण कराया जाएगा।
वेबसाइट और सोशल प्लेटफार्म पर उपलब्ध
उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड का उद्देश्य है कि दीपोत्सव में देश–दुनिया से आने वाले श्रद्धालु राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करें, जिससे स्थानीय समुदायों की आय में वृद्धि हो।
इन आइटिनरी में उन्हीं स्थलों को शामिल किया गया है जहाँ से पर्यटक अयोध्या भ्रमण के साथ आसानी से यात्रा कर सकें। ये सभी आइटिनरी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड की वेबसाइट http://www.upecoboard.up.gov.in तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।
गंगा दर्पण म्यूजियम: सारनाथ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में गंगा दर्पण म्यूजियम का महत्वपूर्ण स्थान है। यह नमामि गंगे योजना के अंतर्गत वित्तपोषित है और इसका प्रबंधन वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता है।
प्राकृतिक आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक: जयवीर
राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “उत्तर प्रदेश धार्मिक, आध्यात्मिक और ईको टूरिज्म का संगम है। यहां की संस्कृति में प्राकृतिक संपदाओं के प्रति अपार आस्था है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड का यह प्रयास सराहनीय है, जिससे देश–दुनिया से आने वाले श्रद्धालु धर्म–अध्यात्म के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन का भी आनंद ले सकेंगे।”
लगातार सुर्खियों में हैं अमेरिकी टेक दिग्गजों के स्वदेशी विकल्प
अश्विनी वैष्णव ने कहा – ‘यूज करें स्वदेशी Mappls’
गूगल मैप्स की छुट्टी करने आ गया ‘स्वदेशी Mappls’ ?
नई दिल्ली: अमेरिकी टेक दिग्गजों के स्वदेशी विकल्प लगातार सुर्खियों में हैं। WhatsApp के स्वदेशी राइवल Arattai के बाद, अब गूगल मैप्स के संभावित भारतीय प्रतिद्वंद्वी Mappls की चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय रेल और टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक ट्वीट के बाद से यह भारतीय मैप एप्लीकेशन चर्चा का विषय बन गया है।
खास बात, यह भारत के दो स्वदेशी डिजिटल उत्पादों Mappls (मैप्स) और Arattai (चैटिंग ऐप) को बढ़ावा देने और उनके संभावित प्रभाव पर केंद्रित है, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का समर्थन एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
मंत्री के समर्थन से शेयरों में उछाल
रेलवे और टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘स्वदेशी Mappls बाय MapmyIndia, Good features.. must try!’। मंत्री के इस पोस्ट के तुरंत बाद, Mappls की पेरेंट कंपनी, भारत की प्राइवेट कंपनी CE Info System के शेयरों में 10.7 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वीडियो में अश्विनी वैष्णव ने Mappls टीम से मुलाकात का जिक्र करते हुए इसकी कई खासियतों को उजागर किया:
3D जंक्शन व्यू: ओवरब्रिज या अंडरपास आने पर यह मैप एक थ्री-डायमेंशनल जंक्शन व्यू दिखाता है, जिससे नेविगेशन आसान हो जाता है।
मल्टी-फ्लोर नेविगेशन: यह किसी बिल्डिंग में मल्टीपल फ्लोर्स होने पर भी यूजर को बताता है कि किस दुकान या फ्लोर पर जाना है।
मंत्री ने लोगों से इसे इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा, “लोगों को भी इसे ट्राई करना चाहिए।”
वीडियो में मंत्री को Apple CarPlay में MapmyIndia (Mappls) का उपयोग करते हुए देखा जा सकता है, जो गूगल मैप्स की तरह ही रियल-टाइम नेविगेशन दिखाता है।
रेलवे में यूज होगा स्वदेशी Mappls
अश्विनी वैष्णव ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही रेलवे और Mappls के बीच MoU (समझौता ज्ञापन) साइन किया जाएगा। इसका उद्देश्य Mappls की बेहतरीन फीचर्स और सर्विस का उपयोग रेलवे के संचालन और व्यवस्था में करना है।
स्वदेशी Arattai में इंटीग्रेशन की मांग
स्वदेशी WhatsApp राइवल Arattai और MapmyIndia (Mappls) को एक साथ लाने की मांग भी उठ रही है। कई X यूजर्स ने पोस्ट करके इन दोनों ऐप्स को इंटीग्रेट करने की सलाह दी है। इस पर MapmyIndia के डायरेक्टर रोहन वर्मा ने सकारात्मक जवाब दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वह भी चाहते हैं कि Arattai में इसे इंटीग्रेट किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी ऐप डेवलपर Mappls API और SDK का उपयोग करके इसे आसानी से इंटीग्रेट कर सकता है और इसके लिए उन्होंने संबंधित लिंक भी साझा किया।
कैसे काम करता है MapMyIndia का Mappls?
MapmyIndia की पेरेंट कंपनी CE Info System लोकेशन-बेस्ड IoT प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाती है। कंपनी के अनुसार, Mappls को विशेष रूप से भारत के लिए बनाया गया है। यह बहुत ही लोकल स्तर पर, जैसे किसी गली, मोहल्ले या गांव तक भी, लोकेशन और एड्रेस ढूंढ सकता है।
Mappls Pin: यह सुविधा गूगल मैप्स पिन से प्रेरित है, जिससे यूजर बहुत आसानी से किसी का सही और विशिष्ट पता साझा कर सकता है।
भारतीय सड़कों के लिए विशेष फीचर्स: स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, टोल, रोडब्लॉक, और लोकल लेन के नाम जैसी जानकारी मिलती है।
RealView: इसमें 360° फोटो में भारत के खास जगहों की झलक देखी जा सकती है।
भाषा और सेफ्टी: ऐप को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रोड सेफ्टी अलर्ट, मौसम और एयर क्वालिटी जैसी जानकारी भी देता है।
ऑफलाइन मैप्स: इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी नेविगेशन के लिए ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करने की सुविधा है।
प्राइवेसी: कंपनी का दावा है कि यूजर की सारी जानकारी भारत में ही स्टोर होती है, जो प्राइवेसी के लिहाज से एक बड़ा कदम है।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित ‘जागृति यात्रा’ का बिजनौर में भव्य स्वागत
पटना से आनंदपुर साहिब जा रही यात्रा पहुंची बिजनौर
‘जागृति यात्रा’ का सिख समाज के अनुयायियों ने किया जोरदार अभिनंदन
बिजनौर। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित ‘जागृति यात्रा’ का बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को बिजनौर में सिख समाज और अन्य अनुयायियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह यात्रा पटना से चलकर आनंदपुर साहिब जा रही है और इसका उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति जागरूकता फैलाना है।
यात्रा शाम लगभग 7:00 बजे शक्ति टॉकीज के पास, नगीना रोड पर पहुंची, जहाँ इसके स्वागत के लिए एक भव्य पंडाल लगाया गया था। जैसे ही यात्रा बिजनौर पहुँची, सिख समाज के अनुयायियों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। पंडाल में, उपस्थित लोगों ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब पर माल्यार्पण किया। इस दौरान प्रसाद वितरित किया गया।
स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से रेलवे गुरुद्वारा के प्रधान सरदार विजयपाल सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रधान महासचिव यादराम सिंह, सरदार राजेश सिंह, भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, सरदार सुरेंद्र सिंह फलोदिया, पुष्पेंद्र सिंह एडवोकेट, देवेंद्र सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार हरचरण सिंह, सुरजीत सिंह नेगी, हरमीत सिंह निराला, कोषाध्यक्ष सरदार हरचरण सिंह, गुरदीप सिंह और ज्ञानी सरदार मोहन सिंह शामिल थे।
महिलाओं ने भी फूलों से यात्रा का स्वागत किया, जिनमें श्रीमती ब्रह्म कौर, श्रीमती नीरज गौतम, समरजीत कौर, अनीता कौर, ममता कौर, रणजीत कौर, श्रीमती निरंकारी और अन्य तमाम महिलाएं शामिल थीं।
‘KARWA QUEEN’ बनीं तनु शर्मा, नीतू को मिला Dancing Diva का खिताब, रेखा चाँदवानी को सुर सम्राज्ञी का ताज
Rise and Shine Foundation के कार्यक्रम में उत्साह से लिया महिलाओं ने हिस्सा
लखनऊ में भव्य करवा चौथ उत्सव समारोह
करवा चौथ उत्सव में तनु, नीतू, रेखा ने बिखेरा जलवा
~ विनीत सिन्हा
लखनऊ। करवा चौथ के पावन अवसर पर, Rise and Shine Foundation द्वारा Hotel Pinnacle, आशियाना में एक भव्य ‘KARWA QUEEN’ उत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में लखनऊ की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
दीप प्रज्वलन
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में पूर्व मेयर लखनऊ, संयुक्ता भाटिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिन्होंने महिलाओं के उत्साह की सराहना की। इस अवसर पर नेहा सौरभ सिंह, पार्षद (भाजपा) और बबीता अग्रवाल, सह-संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (भाजपा) की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
Dancing Diva
80 महिलाओं ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
इस आकर्षक कार्यक्रम में कुल 80 महिलाओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अपने भीतर छिपी क्षमता को सबके सामने रखा। मुख्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों की कला और आत्मविश्वास की प्रशंसा की और सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
पुरस्कार के साथ विजेता
आयोजकों का उद्देश्य
Rise and Shine Foundation की प्रबंध निदेशक (Managing Director) राखी सिंह और प्रबंधक (Manager) निधि तलवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की दहलीज से बाहर निकलकर अपना हुनर दिखाने और अपनी महत्वकांक्षाएँ (महत्वपूर्ण इच्छाएँ) पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
प्रतियोगिता के परिणाम :
Karwa Queen | विजेता: तनु शर्मा | प्रथम उपविजेता: निशा सक्सेना | द्वितीय उपविजेता: पारुल शुक्ला ||
Dancing Diva | विजेता: नीतू | प्रथम उपविजेता: डॉ. सुप्रिया सिंह| द्वितीय उपविजेता: नीतू मिश्रा ||
सुर सम्राज्ञी | विजेता: रेखा चाँदवानी| प्रथम उपविजेता: नीता खन्ना | द्वितीय उपविजेता: सृष्टि सिन्हा ||
भव्य आयोजन
अन्य वीआईपी मेहमानों में नेहा मिश्रा और शिप्रा श्रीवास्तव शामिल रहीं। जूरी पैनल में शैलना जौहरी, अंबिका घोष और अंजलि आहूजा भाटिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
उत्तर प्रदेश का दृष्टि हेरिटेज के साथ अर्बन टूरिज्म हब की ओर, एक्सपीरियंशियल टूरिज्म को भी बढ़ावा- जयवीर सिंह
गौतम बुद्ध नगर को MICE, मेडिकल और एक्सपीरियंशियल टूरिज्म हब बनाने का प्रस्ताव
उदयपुर/लखनऊ, (15 अक्टूबर 2025)। भारत सरकार की ओर से ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (14-15 अक्टूबर) का आयोजन राजस्थान के उदयपुर में किया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में संपन्न इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने उन्होंने अगले दशक में भारत में 50 विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास की घोषणा की। उत्तर प्रदेश की ओर से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गौतमबुद्ध नगर से जुड़े प्रस्ताव को पेश किया, जिसे सराहना मिली।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सम्मेलन में राज्य की रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने हेरिटेज डेस्टिनेशन के साथ-साथ अर्बन टूरिज्म डेस्टिनेशन के विकास को भी प्राथमिकता दी है। इस दिशा में गौतमबुद्ध नगर को एक MICE टूरिज्म हब (बैठकें Meetings), प्रोत्साहन (Incentives), सम्मेलन (Conferences) और प्रदर्शनियों (Exhibitions) के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्य योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
इस परियोजना के अंतर्गत नोएडा स्थित आईटी सिटी के समीप लगभग 100 एकड़ भूमि पर निजी क्षेत्र के सहयोग से एक वृहद हॉस्पिटैलिटी हब विकसित किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही, मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए गौतमबुद्ध नगर में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य एवं वेलनेस सुविधाओं के विस्तार की भी योजना बनाई गई है।
इसके अतिरिक्त, ओखला क्षेत्र के भौगोलिक एवं पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां एक ‘क्लाइमेट चेंज म्यूजियम’ की स्थापना का भी प्रस्ताव है। हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए लगभग 1,000 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटा भी निर्मित किया जाएगा, जो शोध प्रदर्शनियों और जन जागरूकता कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ परियोजना के तहत कालिंजर और सिद्धार्थनगर के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जो राज्य के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आधुनिक पर्यटन विकास के बहुआयामी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
पर्यटन मंत्रियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ की अवधारणा आने वाले समय में भारत के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि देशवासियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि ‘पहले अपना घर देखें, फिर विदेश जाएं’। उन्होंने राज्यों के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उदयपुर में हुई चर्चा देश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देंगी।’ अगली बैठक में चयनित वैश्विक पर्यटन स्थलों के विकास योजनाओं को अंतिम रूप देने की संभावना है।
प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य उ. प्र. अमृत अभिजात ने कहा, ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ पहल भारत में पर्यटन विकास के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी। उत्तर प्रदेश ने पहले ही आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। अब राज्य का लक्ष्य शहरी एवं आधुनिक पर्यटन को बढ़ावा देकर हर पर्यटक के लिए एक समग्र और आकर्षक गंतव्य स्थापित करना है।’
आवश्यक कार्रवाई के लिए DM को भेजी विस्तृत जांच रिपोर्ट
पट्टा धारक ने किया आवंटित क्षेत्र के बाहर भी अवैध खनन
बिजनौर। खनन पट्टा धारक द्वारा आवंटित क्षेत्र के बाहर भी अवैध रूप से खनन किया गया है। यह खुलासा तहसीलदार नजीबाबाद तथा खनन निरीक्षक की जांच में हुआ है। आवश्यक कार्रवाई के लिए विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की गई है।
जनपद में संचालित खनन पट्टा क्षेत्र ग्राम वीरू वाला स्थित तहसील नजीबाबाद खनन पट्टा क्षेत्र का तहसीलदार नजीबाबाद संतोष कुमार तथा खनन निरीक्षक सुनील कुमार द्वारा खनन पट्टा स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच की गई।
अपर जिलाधिकारी श्रीमती वान्या सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों के अनुपालन में 11 अक्तूबर, 25 को खनन निदेशालय एवं सोशल मीडिया से प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम पहुंची।
उक्त अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान प्रथम दृष्ट्या पाया गया कि खनन पट्टा धारक द्वारा आवंटित क्षेत्र के बाहर भी अवैध रूप से खनन किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की जाएगी।
अयोध्या दीपोत्सव-2025 में आस्था संग दिखेगा तकनीक का संगम
दो दिन होगा ड्रोन और लेजर शो, भक्तों को मिलेगा अद्भुत अनुभव
18 व 19 अक्टूबर को ड्रोन और 3डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो से दमकेगी रामनगरी
अयोध्या के आकाश में दिखेंगे रामायण के विभिन्न प्रसंग- जयवीर सिंह
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (15 अक्टूबर 2025)। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या, दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने जा रही है। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीयों की आभा जहां भक्ति और उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश प्रदेश पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए ड्रोन शो और लेजर शो प्रस्तुतियों को आमजन के लिए दो दिन 18 व 19 अक्टूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो को लेकर दर्शकों में उत्साह है। स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी।’
18 व 19 अक्टूबर को होगा भव्य ड्रोन शो
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो का आयोजन किया गया था, जो आमजन और विशिष्ट अतिथियों सभी के लिए अत्यंत रोमांचक अनुभव रहा। दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। आमलोगों के अभूतपूर्व उत्साह को देखते हुए पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव पूर्व 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रकार अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब दो दिन 18 व 19 अक्टूबर की शाम 07:30 बजे ड्रोन शो और लेजर शो का आनंद ले सकेंगे।’
1100 स्वदेशी ड्रोन प्रदर्शित करेंगे रामायण के विविध प्रसंगों की झलकियां
संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। वहीं, 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें ‘जय श्रीराम’, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।
विशेष अनुभूति से कोई वंचित न रहे- ईशा प्रिया
विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में 1100 ड्रोन के माध्यम से शो और 3डी-होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि अयोध्या आने वाले सभी भक्तजन और श्रद्धालु इन सभी प्रस्तुतियों का आनंद उठा सकें। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी आगंतुक रामनगरी के इस भव्य और दिव्य आयोजन की अनुभूति से वंचित न रहे। उन्होंने बताया, कि यूपीएसटीडीसी के एक-दिवसीय ‘दीपोत्सव स्पेशल टूर पैकेज’ को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला है। बुकिंग शुरू होते ही सभी सीटें भर गईं, जिससे स्पष्ट है कि देशभर से लोग अयोध्या की इस दिव्य उत्सव यात्रा का हिस्सा बनने को उत्सुक हैं।’
जल निकासी के अभाव में किसान की फसल और जमीन खतरे में
नजीबाबाद प्रशासन और विभाग पर दबाव डाल रहे कथित किसान नेता!
पुलिस की मौजूदगी में दबंगों ने रुकवा दिया काम!
बिजनौर: नजीबाबाद तहसील के गाँव विजयपुर में जल निकासी की गंभीर समस्या ने किसान दिनेश कुमार की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गाँव का सारा घरेलू और बरसाती पानी किसान के खेत में जमा हो रहा है, जिससे उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो रही है और जमीन का कटाव हो रहा है। आरोप है कि किसानों की एक यूनियन से जुड़े कुछ दबंग नजीबाबाद प्रशासन और विभाग पर दबाव डाल रहे हैं। यहां तक कि जैसे तैसे बुधवार को पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार, लेवर आदि जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे लेकिन दबंगों ने काम होने नहीं दिया। आश्चर्य की बात ये है कि मौके पर खड़ी पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। वैसे 11 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी से भी लिखित शिकायत की जा चुकी है।
बताया गया है पूर्व प्रधान अजीत सिंह व उनका रिश्तेदार बलराम सिंह एक किसान यूनियन से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि उक्त दबंगों के दबाव के चलते ही तहसील प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तक सहमे हुए हैं। हालांकि किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह को भी अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद समस्या का हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा!
खतरे में किसान की भूमि और फसल
गाँव गिरदावा साहनपुर और विजयपुर की आबादी के पास जमीन रखने वाले किसान दिनेश कुमार ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को लिखित तौर पर इस समस्या की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयपुर गाँव का मुख्य रास्ता उनकी निजी भूमि (संक्रमणीय भूमि) से होकर गुजरता है। गाँव के रास्ते से बहकर आने वाला गंदा और बरसाती पानी सीधा उनके खेत में भर जाता है।
दोहरा नुकसान: फसल डूब रही, जमीन कट रही
दिनेश कुमार के अनुसार, खेत में पानी जमा होने से खड़ी फसल लगातार पानी में डूबी रहती है, जिसके कारण वह सूख रही है और पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर है। एक तरफ जहाँ फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पानी के लगातार बहाव और जमाव के कारण उनकी उपजाऊ जमीन का भी तेजी से कटाव हो रहा है। इस दोहरे नुकसान से किसान को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।
पीडब्ल्यूडी से पाइप डालने की अपील
किसान दिनेश कुमार ने इस गंभीर समस्या के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और लोक निर्माण विभाग (PWD) से तत्काल समाधान की गुहार लगाई। उन्होंने अपनी शिकायत में विशेष रूप से यह अनुरोध किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन सीसी रोड (कंक्रीट सड़क) के निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले जल निकासी के लिए उचित आकार के पाइप डलवाए जाएं। किसान का मानना है कि सड़क के नीचे पाइप डालने से पानी को उनके खेत में जमा होने से रोका जा सकेगा, जिससे उनकी फसल और जमीन दोनों को बचाया जा सकेगा।दिनेश कुमार ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देगा और किसानों के हितों को देखते हुए जल्द ही उचित और प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें और उनकी जमीन को हो रहे लगातार नुकसान से बचाया जा सके।
यह समस्या केवल दिनेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में कृषि भूमि के संरक्षण और किसानों की आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसपर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
पलायन रोकने और विकास के लिए नए सड़क निर्माण, डामरीकरण व सुधारीकरण की मांग
अल्मोड़ा में सड़कों की बदहाली पर जिला पंचायत सदस्य का आक्रोश
अल्मोड़ा। जिला पंचायत सदस्य (सल्लाभाटकोट) शैलजा चम्याल ने क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण, डामरीकरण एवं सुधारीकरण के संबंध में पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सड़कों के अभाव में हो रहे भारी पलायन से क्षेत्र के गांव खाली हो रहे हैं, और यदि समय रहते गांवों को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो क्षेत्र का विकास केवल काल्पनिक रह जाएगा।
सड़क न होने से गंभीर समस्याएं:
भारी पलायन, रोजगार में बाधा और मानवीय संकट~ शैलजा चम्याल ने कहा कि सड़क न होने के कारण कई गांवों से अत्यधिक पलायन हो चुका है और कई गांव खाली हो गए हैं। रोड के अभाव में युवा सरकारी रोजगार योजनाओं और स्वरोजगार का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वर्तमान समय में दिव्यांग, बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं को सड़क तक लाने के लिए पारंपरिक साधन कंडी (डोली) को ले जाने वाले लोग भी नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों को होने वाले नुकसान के विषय में उन्होंने कहा कि रोड के अभाव में साग-सब्जी, फल-फूल, इत्यादि खाद्य सामग्री गांव में ही सड़ जाती है, क्योंकि भाड़ा सामग्री के मूल्य से अधिक होता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।विकास को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के इस आधुनिक युग में क्षेत्र के विकास को अंधेरे में रखा जा रहा है।
पीएमजीएसवाई की उदासीनता पर आक्रोश
जिला पंचायत सदस्य ने यह भी बताया कि पिछले छः-सात वर्षों में पीएमजीएसवाई से क्षेत्र में एक भी नई रोड नहीं कट पाई है, न ही कच्चे मार्गों में डामरीकरण हो पाया है, जो अत्यंत सोचनीय है और जिससे क्षेत्रवासियों में अत्यधिक आक्रोश है।
प्रमुख मांगें और प्रस्ताव:
शैलजा चम्याल ने कई गांवों में शीघ्र सड़क पहुंचाने की मांग की है, इनमें तिमुरी, पभ्या, बड़वाटाना, हटौला, खुडयारी, डूंगरलेख, पतलचौरा, तरूला, बालीबगढ़, कटौजी, रूपिकूड़ा, तल्लीसेराघाट, बमोरी, कटोजीया, भनलगांव, घुनयोली, झिरकोट, भंजर, खाटबे, आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कई मार्गों पर डामरीकरण की मांग की है। इनमें थीकलना से जोलीबांज तक, जमरानी बैंड से बेलवालगांव एवं सल्लाभाटकोट से सुकना पभ्या तक। उन्होंने पूर्व में निर्मित नौगांव से कनारीछीना मोटर मार्ग में पुल निर्माण व डामरीकरण का कार्य कराकर रोड का लाभ लोगों को जल्द पहुंचाने की मांग की। वहीं, कसानबैंड से धौलछीना की ओर 1 किलोमीटर की दूरी पर वर्षों से बार-बार टूट रहे और मलबा आने वाले रोड का स्थाई समाधान निकालने की मांग की, जिससे बरसात के सीजन में यात्रियों की परेशानी खत्म हो सके।
मार्गों का सुधारीकरण और पर्यटन विकास:
सेराघाट से नैनी मोटर मार्ग और मंगलता से थीकलना मोटर मार्गों की दशा सुधारने की मांग की गई है। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धौलछिना से जागेश्वर मोटर मार्ग का चौड़ीकरण एवं डामरीकरण आवश्यक बताया गया। यह मार्ग बिमलकोट देवी मां के प्रसिद्ध मंदिर को भी जोड़ेगा और वृद्धजागेश्वर जाने का मार्ग भी नजदीक होगा। साथ ही दयारी पनुवानौला को लिंक करने की भी मांग की गई है।
भविष्य की चिंता: चम्याल ने चेताया कि यदि समय रहते गांवों में रोड नहीं जाती है तो गांवों से पलायन बढ़ता रहेगा, क्षेत्र का विकास काल्पनिक होगा और एक दिन गांवों में केवल जंगली जानवरों का वाश होगा, फिर सरकार किसके लिए रोड ले जाएगी।
बालकांड से उत्तरकांड तक की कथाओं का होगा चित्रण – जयवीर सिंह
शोभायात्रा में कलाकार देंगे प्रस्तुति, त्रेतायुग की पावन कथा के बनेंगे साक्षी
झांकियों में प्रभु श्रीराम के जन्म से राज्याभिषेक तक की झलक, देश-विदेश से आए दर्शक होंगे मंत्रमुग्ध
दीपोत्सव-2025: रामायण के सात कांड पर आधारित झांकियों से अयोध्या होगी राममय
लखनऊ, (14 अक्टूबर 2025)। अयोध्या दीपोत्सव-2025 में रामायण के सात कांडों पर आधारित झांकियों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। शोभायात्रा में प्रभु श्रीराम के बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक की कथाओं को कलाकार झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘इस शोभायात्रा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों की शिक्षाओं को आमजन तक पहुंचाना, विशेषकर बच्चों और युवा पीढ़ी को उनकी पौराणिक कथाओं और संस्कृति से जोड़ना भी है।
‘मंत्री जयवीर सिंह ने बताया,’अयोध्या दीपोत्सव की शोभायात्रा में शहर के मार्गों पर सांस्कृतिक समृद्धि और धार्मिक भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जिसमें स्थानीय और देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक शामिल होंगे। रामनगरी 26 लाख से अधिक दीयों से जगमगाएगी। लक्ष्मण किला घाट से नया घाट तक 2100 लोगों द्वारा महाआरती विशेष आकर्षण होगा। यह दीपोत्सव पिछले वर्षों से अधिक भव्य होगा, जिसमें आस्था और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।’
प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र का चित्रण
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2025 में भगवान श्रीराम की जीवन गाथा को जीवंत करने वाली भव्य झांकियों का प्रदर्शन होगा। शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से निकलेगी। यह शोभायात्रा रामायण के सातों कांडों- बालकांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड और उत्तर कांड पर आधारित होगी। प्रत्येक झांकी में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का कलात्मक चित्रण किया जाएगा, जो भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और धर्म की विजय के संदेश से प्रेरित होंगे। पारंपरिक परिधानों, संगीत, नृत्य और साज-सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत ये झांकियां दीपोत्सव के सांस्कृतिक उल्लास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगी।
अरण्य, किष्किंधा से उत्तरकांड तक
बालकांड की झांकी में भगवान राम के जन्म और विश्वामित्र आश्रम गमन के प्रसंग को दर्शाया जाएगा, वहीं अयोध्या कांड में राम और सीता के विवाह, वनगमन आदि को प्रस्तुत किया जाएगा। अरण्य कांड में सीता हरण और जटायु प्रसंग, किष्किंधा कांड में सुग्रीव-मित्रता, सुंदरकांड में हनुमान की लंका यात्रा और उनके पराक्रम, लंका कांड में रावण-वध और उत्तर कांड में श्रीराम के राज्याभिषेक के दृश्य विशेष आकर्षण रहेंगे।
त्रेतायुग की पावन कथा के बनेंगे साक्षी
मंत्री ने बताया कि ‘इन झांकियों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन की दिव्य गाथा, आदर्शों, त्याग, प्रेम और धर्म की भावना को कलात्मक रूप से अभिव्यक्त किया जाएगा। प्रत्येक झांकी को आधुनिक पारंपरिक गीत-संगीत, लोक कलाओं और नाट्य रूप में सुसज्जित किया जाएगा, जिससे दर्शक स्वयं को त्रेतायुग की पावन कथा का साक्षी महसूस करेंगे।’
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘रामायण से जुड़े सभी सात कांड पर आधारित शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और परंपरा की झलक प्रस्तुत करेगी। दीपोत्सव के दौरान कलाकारों का अभिनय, भक्ति संगीत और पुष्प वर्षा के बीच इन झांकियों से सम्पूर्ण अयोध्या राममय हो उठेगी।’
डेंगू बुखार: लक्षण, कारण, निदान, उपचार और रोकथाम डेंगू बुखार (Dengue fever) हमेशा से ही ध्यान खींचने वाला मामला रहा है। एक प्रसिद्ध कहावत है जो कहती है कि “यदि आप मानते हैं कि प्रभाव डालने के लिए आप बहुत छोटे हैं, तो आपने मच्छरों के साथ रात नहीं बिताई है।” इसलिए, अपनी सेहत को […]
‘सेवन स्टार्स लग्जरी हॉस्पिटैलिटी एंड लाइफस्टाइल अवार्ड्स 2025’ में यूपी टूरिज्म को सम्मान
तेजी से विश्व का स्पिरिचुअल टूरिज्म हब बन रहा उत्तर प्रदेश – जयवीर सिंह
भारत के राजदूत ने UP की ओर से ग्रहण किया सम्मान
पुर्तगाल में यूपी को मिला ‘बेस्ट स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ अवार्ड
लिस्बन/लखनऊ, (13 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन को ‘सेवन स्टार्स लग्जरी हॉस्पिटैलिटी एंड लाइफस्टाइल अवार्ड्स 2025’ में बेस्ट स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। पुर्तगाल में भारत के राजदूत पुनीत रॉय कुंदल ने उत्तर प्रदेश की ओर से 11 अक्टूबर को आयोजित समारोह में यह सम्मान ग्रहण किया। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यह प्रतिष्ठित सम्मान उत्तर प्रदेश की उस विशिष्ट पहचान को वैश्विक मंच पर और सशक्त करता है, जिसके केंद्र में आस्था, भक्ति और दिव्यता की सदियों पुरानी परंपरा निहित है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘यह उपलब्धि न केवल राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण है, बल्कि विश्व पर्यटन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की अग्रणी स्थिति को और मजबूत करती है। इस सम्मान के साथ उत्तर प्रदेश ने यह संदेश दिया है कि जहां आस्था संस्कृति से मिलती है, वहीं से सच्चे अर्थों में ‘स्पिरिचुअल टूरिज्म’ का मार्ग प्रशस्त होता है।
‘पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आगे बताया, ‘उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को एक प्रतिष्ठित वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए, जहां पर्यटक न केवल आध्यात्मिक अनुभवों का आनंद लें, बल्कि यहां के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म और ईको टूरिज्म जैसी विविधताओं का भी अनुभव कर सकें। आने वाले वर्षों में प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं, सशक्त आधारभूत संरचना, उत्तम मेहमाननवाजी और अभिनव पर्यटन पहलों को विस्तार दिया जाएगा, ताकि हर पर्यटक का अनुभव और भी समृद्ध, आनंददायक और यादगार बने।’
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की अभिनव डिजिटल पहल
राम, सीता और लक्ष्मण ज्योति नाम से उपलब्ध हैं तीन ऑनलाइन पैकेज
श्रद्धालु ऑनलाइन कर सकते हैं वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलन~ जयवीर सिंह
‘एक दीया राम के नाम’: दुनियाभर से कर सकते हैं प्रज्वलित
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (13 अक्टूबर 2025)। भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या दिव्यता और भक्ति के आलोक से एक बार फिर जगमगाने को तैयार है। दीपोत्सव-2025 के भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष आयोजन में 26 लाख से अधिक दीयों के प्रज्ज्वलन और 2100 श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक महाआरती के साथ दो नए विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे, जिसका साक्षी देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु बनेंगे। वहीं, जो भक्त प्रकाश पर्व का हिस्सा नहीं बन पाएंगे, उनके लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने भावनाओं को जोड़ने वाली एक अभिनव डिजिटल पहल ‘एक दीया राम के नाम’ की शुरुआत की है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘एक दीया राम के नाम’ ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कर श्रद्धालु वर्चुअल दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकते हैं। साथ ही, अपने प्रियजनों के लिए मंगलकामनाएं भेज सकते हैं। उन्होंने बताया, अयोध्या दीपोत्सव अब वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ने वाला आयोजन बन गया है। ‘एक दीया राम के नाम’ जैसी पहल ने दीपोत्सव को वैश्विक स्तर पर और समावेशी बनाया है।’
दुनियाभर से कर सकेंगे दीप प्रज्ज्वलन
पर्यटन मंत्री ने बताया, ‘श्री रामजन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, वहीं अनेकों श्रद्धालु प्रतिभाग करने हेतु इच्छुक हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘दिव्य अयोध्या’ ऐप के माध्यम से विश्व भर से डिजिटल दीप प्रज्वलित करने की व्यवस्था की है।’
‘राम ज्योति’ पैकेज
दिव्य अयोध्या ऐप पर श्रद्धालुओं के लिए तीन प्रकार के पैकेज उपलब्ध हैं। ‘राम ज्योति’ नाम से 2100 रुपए का पैकेज अयोध्या दीपोत्सव 2025 के ‘एक दीया राम के नाम’ अभियान का सर्वोत्तम संकल्प है। इसमें रोली, सरयू जल (पीतल के लोटे में), अयोध्या रज, रामदाना, मिश्री, रक्षा सूत्र, हनुमान गढ़ी के लड्डू और चरण पादुका (खड़ाऊ) जैसे आठ घटक सम्मिलित हैं। ऑनलाइन संकल्प पूर्ण करने पर यह संपूर्ण पवित्र प्रसाद सीधे आपके घर तक पहुंचाया जाएगा।
‘सीता ज्योति’ और ‘लक्ष्मण ज्योति’ पैकेज
श्रद्धालुओं के लिए ‘सीता ज्योति’ नाम से 1100 रुपए में एक अन्य पैकेज उपलब्ध है। माता सीता को समर्पित इस पैकेज में रोली, सरयू जल (पीतल के लोटे में), रामदाना, रक्षा सूत्र और हनुमान गढ़ी के लड्डू जैसे पांच घटक सम्मिलित हैं। वहीं, भगवान राम के भाई लक्ष्मण के पराक्रम और सेवा भाव को समर्पित 501 रुपए के ‘लक्ष्मण ज्योति’ नाम के पैकेज में रोली, अयोध्या रज, रामदाना, रक्षा सूत्र और मिश्री जैसे पांच घटक सम्मिलित हैं। भक्त ऑनलाइन संकल्प लेकर इस पैकेज को अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं और दीपोत्सव-2025 में आध्यात्मिक रूप से सहभागी बन सकते हैं।
‘दिव्य अयोध्या’ मोबाइल ऐप क्यों है खास?
‘दिव्य अयोध्या’ एक पर्यटन आधारित मोबाइल एप्लिकेशन एवं वेब पोर्टल है, जिसे अयोध्या आने वाले भक्तों और पर्यटकों को ध्यान में रख तैयार किया गया है। यह आगंतुकों को अयोध्या में घूमने और धार्मिक स्थलों की जानकारी खोजने में मदद करता है। ऐप को पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पर्यटकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर होटल, होम स्टे बुकिंग, गाइडेड टूर, टैक्सी बुकिंग एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध होती हैं। यह एप्लिकेशन होम स्टे योजना के अंतर्गत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अयोध्या आने वाले पर्यटकों के अनुभव को अधिक उत्कृष्ट बनाना है। दिव्य अयोध्या ऐप को कोई भी श्रद्धालु गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इच्छुक श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की ओर से जारी www.divyaayodhya.com/bookdiyaprashad पर जाकर भी सेवाएं ले सकता है।
चाक़ू से जानलेवा हमला, चेन स्नेचिंग, एटीएम फ्रॉड और सड़क दुर्घटना
लखनऊ में अपराध और दुर्घटनाओं का बोलबाला
रंजिश के चलते युवक पर जानलेवा हमला
लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित औरंगाबाद जागीर में रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ। बीते 9 अक्टूबर की शाम अभिषेक वर्मा पर उसके घर के पास ही रहने वाले अंशू, सुमित, अमन, तन्मय, उल्ला, गोविन्दा, कुनाल सहित लगभग 10-12 अज्ञात लड़कों ने चाक़ू से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित की मां ममता के अनुसार, अभिषेक के शरीर पर 15-20 जगह घाव हुए हैं, जिसके चलते उसे लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर नामजद मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पारिवारिक विवाद: देवर पर मारपीट और धमकी का आरोप
आलमबाग कोतवाली इलाके के गढ़ी कनौरा में रहने वाली श्रद्धा पाण्डेय ने अपने देवर आदित्य पाण्डेय पुत्र स्व० हरिहर नाथ पाण्डेय पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। महिला के अनुसार, बीते 10 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा के दौरान देवर ने गाली गलौज करते हुए उनसे मारपीट की। जब उन्होंने अपनी 13 वर्षीय बेटी पूर्वी पाण्डेय से घटना का वीडियो बनाने को कहा, तो देवर ने बेटी संग भी मारपीट की, मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। आलमबाग कोतवाली प्रभारी सुभाष चन्द्र सरोज ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
कोचिंग गई किशोरी लापता, पिता ने युवक पर जताया संदेह
आशियाना थाना इलाके के रजनी खंड शारदा नगर से एक 17 वर्षीय किशोरी कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली और उसके बाद लापता हो गई। पीड़ित पिता ने स्थानीय आशियाना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अंकित नामक एक युवक पर आशंका जताई है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को अंकित नामक युवक से बात करते हुए कई बार देखा गया है, और अंकित का फ़ोन कॉल आने के बाद ही वह लापता हुई है, जिसका मोबाइल फ़ोन नंबर अब बंद आ रहा है। आशियाना थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लापता किशोरी की तलाश शुरू कर दी है।
किराएदार ने बकाया किराया मांगने पर रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर से की मारपीट
लखनऊ के कृष्णा नगर कोतवाली क्षेत्र की मालवीय स्टेट कॉलोनी में एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन शिव प्रकाश सिंह ने अपने किराएदार रवीश पर बकाया किराया मांगने पर गाली गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना बीते 11 अक्टूबर शनिवार दोपहर की है। पीड़ित, जो कि हार्ट पेशेंट भी हैं, की शिकायत पर कृष्णा नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
एटीएम कार्ड बदलकर खाते से 35 हजार रुपये उड़ाए
मानक नगर थाना क्षेत्र में स्थित केनरा बैंक के एक एटीएम मशीन पर स्कूल वैन चालक छोटू सिंह के साथ धोखाधड़ी हुई। बीते 19 सितम्बर की दोपहर पैसा निकालने गए छोटू सिंह को पीछे खड़े एक जालसाज ने बातों में फंसाकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और खाते से 35 हजार रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर मानक नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश कर रही है।
बाइक सवार बदमाशों ने वृद्धा की चेन छीनी
कृष्णा नगर क्षेत्र की एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी 1 में शुक्रवार शाम घर के द्वार पर बैठी 72 वर्षीय चंद्रावती पाण्डेय के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आए और पीछे बैठे युवक ने अचानक वृद्धा के गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन ली और तेज़ी से फरार हो गए। सरेशाम हुई इस घटना से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़िता के पति राकेश पाण्डेय की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है।
जबरन शादी और मारपीट का आरोप, भाई-बहन लापता
लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जोन के महिगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बराखेमपुर निवासी हिमांशु पुत्र बृजपाल सिंह ने एक गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। हिमांशु ने बताया कि 10 अक्टूबर 2025 की रात विपक्षी विमलेंद्र पुत्र राजेंद्र सिंह (सीतापुर निवासी) ने उन्हें, उनके भाई दिव्यांशु और बहन दिव्यांशी उर्फ गौरा को चंद्रिका देवी मंदिर मेला देखने के बहाने बुलाया था, जहां विपक्षी ने उनकी बहन की जबरन शादी करा दी। इसके बाद से उनकी बहन और भाई दिव्यांशु लापता हैं। अगले ही दिन 11 अक्टूबर की रात विमलेंद्र और उसके साथियों ने हिमांशु को लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया और गांव के बाहर फेंक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और मोबाइल फोन भी टूट गया। हिमांशु ने विपक्षियों से जान-माल के खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कंटेनर ने बाइक सवार को रौंदा, एक की मौत
लखनऊ-सीतापुर रोड स्थित किसानपथ अंडरपास के पास शनिवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार कंटेनर ने हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री के कर्मचारी आशुतोष शुक्ला (लगभग 32 वर्ष) और उसके साथी शिवम मिश्रा की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में आशुतोष शुक्ला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवम मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गया। बीकेटी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मृतक का पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कंटेनर को इटौंजा टोल के पास पकड़ लिया गया है। मृतक आशुतोष शुक्ला इटौंजा में किराए पर रहता था और मूल रूप से सीतापुर जिले का निवासी था।
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) से छह जिलों का होगा कायाकल्प
26,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र का विकास
UP के 6 जिले अलग कर के बनेगा SCR
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) के गठन की योजना को तेज़ कर दिया है, जिसका उद्देश्य राजधानी लखनऊ और इसके पड़ोसी जिलों का सुनियोजित और बड़े पैमाने पर विकास करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 26,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र को कवर किया जाएगा।
UPSCR का दायरा और शामिल जिले
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) में लखनऊ सहित कुल छह जिले शामिल होंगे। इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल लगभग 27,826 वर्ग किमी है। ये हैं शामिल जिले.
1. लखनऊ
2. हरदोई
3. सीतापुर
4. उन्नाव
5 रायबरेली
6. बाराबंकी
इन जिलों की जनसंख्या और बसावट को आधार बनाकर विकास का विस्तृत खाका खींचा जाएगा।
विकास की प्रमुख योजनाएं और उद्देश्य
UPSCR के गठन का मुख्य उद्देश्य इन सभी जिलों में समेकित और नियोजित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि यहां के निवासियों को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
क्षेत्र में हाई-स्पीड रेल और रोड कनेक्टिविटी का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम हो सके। इसमें लखनऊ मेट्रो का विस्तार भी शामिल है। आर्थिक विकास और रोजगार: स्पेशल इकोनॉमिक जोन और इंडस्ट्रियल जोन स्थापित किए जाएंगे। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
सामाजिक अवसंरचना
किफायती आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। आबादी के अनुपात में इन सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय महायोजना का निर्माण: इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत क्षेत्रीय महायोजना (Regional Master Plan) तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर अगले पांच वर्षों में परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। यह योजना न केवल राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी।
श्रीनगर में आयोजित 10वें अखिल भारतीय पुलिस जूडो क्लस्टर में पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में ऐतिहासिक जीत। उप निरीक्षक ऐश्वर्या कौशल, आरक्षी श्वेता और आरक्षी अक्षिका ने टीम स्पर्धा में दिलाया गोल्ड। मेडल जीतकर यूपी पुलिस का नाम किया रौशन, ‘मिशन शक्ति’ को मिला बल।
लखनऊ/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित प्रतिष्ठित 10वें अखिल भारतीय पुलिस जूडो क्लस्टर-2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल स्वर्ण पदक अर्जित किया, बल्कि ‘नारी शक्ति’ और यूपी पुलिस के गौरव का अद्भुत परिचय दिया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में आगरा पुलिस की महिला पुलिस टीम ने हासिल की, जिसमें उप निरीक्षक ऐश्वर्या कौशल, आरक्षी श्वेता और आरक्षी अक्षिका शामिल थीं। टीम ने अपनी बेहतरीन तकनीक, फुर्ती और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
इस जीत को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी महिला खिलाड़ियों की क्षमता को साबित किया है। यह प्रदर्शन राज्य सरकार के #MissionShakti अभियान को भी बल देता है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर केंद्रित है। यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पदक विजेता टीम को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
टीम की इस सफलता ने राज्य पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया है और अन्य महिला पुलिसकर्मियों को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। #UPPolicePride की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूपी पुलिस की महिला शक्ति हर चुनौती का सामना करने और विजय हासिल करने में सक्षम है।
उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन 10 पत्रकारों को करेगी सम्मानित
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (Uttar Pradesh Shramjeevi Patrakar Union) ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 पत्रकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, यूनियन दिसंबर माह में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी करेगी।
सम्मान के लिए 10 पत्रकारों का चयन
यूनियन की यह महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष ज्योति लाल शर्मा की अध्यक्षता और महामंत्री अनुज चौधरी के संचालन में पालिका बाजार में संपन्न हुई। बैठक में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 पत्रकारों का चयन करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी की अध्यक्षता इफ्तिखार मलिक करेंगे, जबकि मनोज बाल्मीकि और अनुराग शर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कमेटी एक सप्ताह के भीतर चयनित सदस्यों की सूची यूनियन को सौंपेगी।
अयोध्या सम्मेलन पर चर्चा
बैठक में अयोध्या में 6 नवंबर से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन के सदस्यों से एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सहमति मांगी गई है, ताकि प्रदेश कार्यकारिणी को शामिल होने वाले सदस्यों के नाम समय पर भेजे जा सकें।
दिसंबर में कार्यशाला और पत्रकार कोष का निर्माण
यूनियन ने दिसंबर माह में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति जताई। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों की सहायता के लिए एक कोष (फंड) बनाने का भी निर्णय लिया गया। यूनियन ने सरकार से पत्रकारों के लिए मूलभूत सुविधाएं, पेंशन और आवास उपलब्ध कराने की मांग भी की।
संगठनात्मक निर्णय
संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से, यूनियन ने मासिक बैठकों को अब तहसील स्तर पर भी आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की है। बैठक को आबिद रजा, इफ्तार मलिक, संजीव भुइयार, अनुराग शर्मा, आरके सिंह अव्वरवाल, अफसर हुसैन सिद्दीकी, मनोज बाल्मीकि, डॉक्टर अभय कुमार बिश्नोई आदि ने संबोधित किया।
बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) में मनाया जाने वाला विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व अपनी अनूठी और ऐतिहासिक परंपराओं के कारण दुनिया भर में जाना जाता है. यह पर्व किसी अन्य दशहरा उत्सव जैसा नहीं है, बल्कि यह पूरे 75 दिनों तक चलता है, जो इसे भारत का सबसे लंबा त्योहार बनाता है. इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रावण दहन नहीं होता है, बल्कि यह देवी दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं की आराधना को समर्पित है.
पर्व में शामिल होने आए देवी-देवताओं को राशन की लाइन में लगना होता है. पूरे संभाग के गांव-गांव से 700 से अधिक देवी-देवता (और कई बार 800 से 1700 तक) इस महापर्व में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं.
राशन वितरण की अनोखी परंपरा
संभाग भर के गांव-गांव से जो देवी-देवता दशहरा पर्व में शामिल होने पहुंचते हैं, उनके पुजारियों को लाइन में लगकर राशन और पूजा का सामान लेना होता है. बस्तरवासी इस परंपरा को सालों से निभाते आ रहे हैं.
तहसील कार्यालय से व्यवस्था: यह राशन और पूजा सामग्री तहसील कार्यालय से उपलब्ध कराई जाती है, जिसकी व्यवस्था दशहरा समिति (जिसके अध्यक्ष सांसद और सचिव तहसीलदार होते हैं) द्वारा की जाती है.
चिह्नों की एंट्री: राशन पाने के लिए पुजारियों को अपने साथ लाए गए देवी-देवताओं के चिह्न (जैसे मंदिर का छत्र, तोड़ी और टंगिया) की प्रशासनिक अधिकारी के पास एंट्री करवानी होती है.
मिलने वाला सामान: इस पूजा के सामान में 2 किलो चावल, दाल, तेल, घी, नमक, नारियल समेत अन्य जरूरत के सामान दिए जाते हैं.
राशन वितरण की अवधि
यह अनोखा राशन वितरण एक दिन का नहीं होता, बल्कि यह तब तक चलता है जब तक पर्व में शामिल होने आए देवी-देवताओं की विदाई नहीं हो जाती. वितरण प्रक्रिया दशहरा पर्व की मुख्य रस्मों के दौरान शुरू हो जाती है. पुजारियों को दशहरा पर्व के दिनों में और उसके बाद रवाना होने तक राशन दिया जाता है. यानी, यह वितरण प्रक्रिया देवी-देवताओं को दी जाने वाली विदाई रस्म (‘डोली विदाई’) तक जारी रहती है.
आज के दौर में परंपरा का महत्व
ग्रामीण पुजारी अपने गांव के कुल देवी-देवताओं की छत्र, तोड़ी और अन्य चिन्हों को लेकर लाइन में खड़े होते हैं. इन्हीं चिह्नों के आधार पर एंट्री की जाती है, और यही कहा जाता है कि देवी-देवता भी लाइन में लगकर सामान ले रहे हैं.
लोक आस्था और जीवंत संस्कृति:
इस प्रक्रिया में देवी-देवताओं को पूजा के सामान के लिए लाइन लगाकर खड़े देख हर कोई हैरान हो जाता है. तहसील कार्यालय में पूजा सामान और राशन बांटने का काम पटवारी और अन्य कर्मचारी करते हैं, पटवारी सत्यनारायण सेठिया ने बताया कि हर साल इसी तरह लाइन से ही पूजा का सामान दिया जाता है जिससे देवी देवता लेकर पहुंचे पुजारियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े. देवी देवताओं को पूजा के सामान के लिए लाइन लगाकर खड़े देख हर कोई हैरान हो जाता है. आज के दौर में भी इस परंपरा को यहां के लोग जिंदा रखे हुए हैं, यह अपने आप में हैरान कर देने वाली बात है. कुल मिलाकर आज के दौर में भी इस सालों पुरानी परंपरा को यहां के लोग जीवित रखे हुए हैं, यह बस्तर की आस्था, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था का एक अनूठा उदाहरण है.
1500 मीटर तार चोरी मामले में चौथे आरोपी को नकदी और कटर के साथ दबोचा
चोरी के तार के साथ एक और अभियुक्त गिरफ्तार: थाना रेहड़ पुलिस की बड़ी कार्यवाही
बिजनौर। थाना रेहड़ पुलिस ने एक बड़े तार चोरी के मामले में वांछित एक और अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से चोरी किए गए तार के बंडल, एक कटर और चोरी के माल को बेचकर मिली नकदी में से बचे हुए ₹10,500 बरामद किए गए हैं।
घटना और पूर्व की कार्रवाई
यह मामला दिनांक 13.09.2025 को वादी वसी अहमद (मेघा इंजीनियरिंग इफरास्ट्रेक लि०) द्वारा दर्ज कराया गया था। तहरीर में अज्ञात चोरों द्वारा कन्डेक्टर वायर के बन्डल (लगभग 1500 मीटर तार) चोरी किए जाने का उल्लेख था। इस सूचना के आधार पर थाना रेहड़ पर मु०अ०स०-69/25 धारा 303(2)/324(4) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
पहले भी हो चुकी है तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान {1.} अजीज अहमद, {2.} राशिद और {3.} असीम नामक तीन अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे। इन तीनों को पुलिस ने दिनांक 25 सितम्बर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था।
वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी और बरामदगी
आज दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को थाना रेहड़ पुलिस द्वारा इस मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त अय्यूब पुत्र मौ० रहीश निवासी मौ० इस्लामनगर, कस्बा व थाना मिलक, जनपद रामपुर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त अय्यूब के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है: {1.} दो बंडल एल्युमीनियम तार: एक बंडल की लम्बाई लगभग 15 मीटर और दूसरे की लम्बाई 20 मीटर है। {2.} नगदी: ₹ 10,500 (चोरी के माल को बेचकर प्राप्त)। {3.} टपारिया कम्पनी का एक कटर, जिस पर BC-24 लिखा है।
अन्य वांछित अभियुक्तों का विवरण
पुलिस इस मामले में शामिल अन्य पांच वांछित अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है : {1.} फिरासत पुत्र रहमत अली {2.} कासिफ पुत्र विसारत {3.} आकाश पुत्र लालाराम {4.} महेश पुत्र गोकिल भन्डारी (सभी निवासी फिरोजपुर, थाना शाही, जनपद बरेली)। {5.} इमरान उर्फ गप्पी पुत्र नामालूम (निवासी ग्राम सिहारी, थाना मिलक, जनपद रामपुर)।
वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली थाना रेहड़ की पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विकास कुमार, उ. नि. भीम सिंह, उ. नि. सोनू कुमार, हे. का. पुरुषोत्तम और सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर शामिल थी।
ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा प्रायोजित 3 दिवसीय वाइल्डलाइफ फेयर शुरू
10-12 अक्टूबर तक नई दिल्ली में आयोजन
प्रकृति, मानव और वन्यजीव के सामंजस्य से विकसित हो रहा उत्तर प्रदेश का ईको टूरिज्म मॉडल- जयवीर सिंह
ग्लोबल वाइल्डलाइफ: UP के जंगल और वन्यजीव आकर्षण का केंद्र
~ शैली सक्सेना
लखनऊ, (10 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा प्रायोजित ‘ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर’ में प्रदेश के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों ने देश-विदेश से आए आगंतुकों को आकर्षित किया। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित फेयर की थीम ‘प्रकृति, मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य’ है। फेयर में इको टूरिज्म स्टॉल पर दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और ईको-फ्रेंडली आवासीय सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘फेयर में यूपी इको टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल पर राज्य की जैव विविधता वाले क्षेत्रों, इको-टूरिज्म सर्किटों और सतत पर्यटन पहलों की जानकारी दी जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ, गैंडा, हाथी, बारहसिंघा और घड़ियाल जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की उपस्थिति ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।’ उन्होंने बताया कि ‘प्रकृति, मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य’ थीम पर आधारित तीन दिवसीय आयोजन में मुख्य भाषणों, पर्यटन प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, छात्र सत्र और फिल्म प्रदर्शनियां आदि शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदार पर्यटन और संरक्षण सहयोग को बढ़ावा देना है। यह आयोजन 25 से अधिक देशों के संरक्षण विशेषज्ञों, इको-टूरिज्म संचालक, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को एक साथ लाएगा।
राज्य की ओर से दुधवा हाइड अवे, चंबल वाइल्ड लाइफ सफारी मेला कैंप, दुधवा निर्वाणा रिट्रीट सहित अन्य ईको प्रॉपर्टी के प्रतिनिधि भी फेयर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 और इको पर्यटन के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘राज्य में ईको पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां के पर्यटन आकर्षणों की विश्व में अपनी विशिष्टता है। ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के माध्यम से विभिन्न देशों से आने वाले आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के समृद्ध प्राकृतिक व पर्यटन स्थलों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यूपी घूमने के लिए आकर्षित हों।’
एक हुए शिवसेना-भाकियू (टिकैत) ताल ठोक कर मैदान में
‘बाहरी जनप्रतिनिधियों ने चुरा लिया एक्सप्रेस~वे’
बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। गंगा एक्सप्रेसवे को जनपद बिजनौर से निकाले जाने की मांग को लेकर शिवसेना ने अब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का समर्थन प्राप्त कर लिया है। गुरुवार को शिवसेना के जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह की इस मांग को भाकियू (टिकैत) के ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ समर्थन दिया। दोनों संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजनौर वासियों को एक्सप्रेसवे के लाभ से वंचित किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
बिजनौर से होकर गुजरना था गंगा एक्सप्रेस~वे
चौधरी वीर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज से लेकर हरिद्वार तक निकाले जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को मूल रूप से बिजनौर से होकर गुजरना था, लेकिन “बाहरी जनप्रतिनिधियों” ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इसे चोरी कर लिया और अब इसे अन्य जनपदों से निकाला जा रहा है। वीर सिंह ने अपनी मांग के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि माँ गंगा स्वयं बिजनौर जनपद में लगभग 100 किलोमीटर तक अपना आशीर्वाद देती हैं, और बिजनौर उत्तर प्रदेश का प्रथम प्रवेश द्वार भी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सदन में बिजनौर से एक्सप्रेसवे निकाले जाने के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन इन जनप्रतिनिधियों ने बिजनौर वासियों की भावनाओं को आहत किया है, जिसे शिवसेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
समर्थन और आंदोलन की रणनीति
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ने शिवसेना की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए किसानों के हित में इस लड़ाई में साथ रहने का आश्वासन दिया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने बताया कि वह शीघ्र ही सभी संगठनों और राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाएंगे और गंगा एक्सप्रेसवे की मांग को लेकर जनपद बिजनौर में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन बिजनौर से एक्सप्रेसवे को निकाले जाने तक जारी रहेगा।
इस मांग पर प्रशासन और सरकार का क्या रुख रहता है, यह जानने के लिए आंदोलन की आगामी रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
निबंध, चित्रकला, कविता और शॉर्ट एनीमेशन फिल्म प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
युवाओं को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर- जयवीर सिंह
प्रत्येक प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को दीपोत्सव के विशेष अतिथि करेंगे सम्मानित
अयोध्या दीपोत्सव-2025 में रचनात्मक प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने घोषणा की है कि दीपोत्सव-2025 में युवाओं और कलाकारों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दीपोत्सव की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं
दीपोत्सव-2025 के दौरान कुल चार मुख्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा:
दीपोत्सव निबंध प्रतियोगिता 2025
दीपोत्सव चित्रकला प्रतियोगिता 2025
दीपोत्सव काव्य प्रतियोगिता 2025
दीपोत्सव शॉर्ट एनीमेशन फिल्म प्रतियोगिता 2025
मुख्य विवरण और नियम| प्रतियोगिता | विषय वस्तु | मुख्य नियम/प्रारूप | आयु वर्ग ||
निबंध | दीपोत्सव से संबंधित | 600 से 1,000 शब्द। हिंदी या अंग्रेजी में। प्रविष्टि डिजिटल रूप में (PDF या Word)। मौलिक लेखन अनिवार्य। | सभी आयु वर्ग ||
चित्रकला | दीपोत्सव की रोशनी, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक संदेश | मौलिक कलाकृति। प्रस्तुति डिजिटल प्रारूप (JPEG/PNG) में। | सभी आयु वर्ग ||
काव्य/कविता | दीपोत्सव की दिव्यता, भक्ति और उत्सवमय वातावरण | कविता की प्रस्तुति का रील वीडियो (अवधि 60 सेकंड से कम)। हिंदी या अंग्रेजी में। वीडियो फॉर्मेट MP4 या MOV। | सभी आयु वर्ग ||
शॉर्ट एनीमेशन फिल्म | दीपोत्सव की भावना, संस्कृति और भव्यता का सार | उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो। फॉर्मेट MP4 या MOV। कॉपीराइट सामग्री का उपयोग न करें। | सभी आयु वर्ग |
पुरस्कार और पंजीकरण
पुरस्कार: प्रत्येक प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को दीपोत्सव के विशेष अतिथि द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
अंतिम तिथि: इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि 14 अक्टूबर 2025 की रात 11:00 बजे तक जमा करा सकते हैं।
पंजीकरण: प्रतिभागी दिए गए QR कोड या लिंक docs.google.com/forms/d/17rZz9… का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि यह पहल न केवल युवा सृजनशीलता को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि दीपोत्सव की सांस्कृतिक गरिमा और भावनात्मक जुड़ाव को भी नई ऊंचाई देगी।
बिजनौर: नजीबाबाद तहसील के वीरू वाला में अवैध खनन का ‘आगाज’
सरकारी परमिट की आड़ में शर्तों का खुला उल्लंघन
बिजनौर: जिले की नजीबाबाद तहसील के वीरू वाला गांव में एक खनन परमिट की आड़ में अवैध खनन की गतिविधियाँ तेज़ी से चल रही हैं। यह मामला न केवल राजस्व को लाखों का चूना लगा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है।
जानकारी के अनुसार गॉटा संख्या 193 में मैसर्स टीम ग्रोथ कंपनी को 1.340 हेक्टर ज़मीन पर 24120 घन मीटर RBM (रिवर बेड मटेरियल) के लिए 21 जून 2025 को खनन परमिट (अनुज्ञा पत्र) जारी किया गया था। लेकिन, सूत्रों के अनुसार, कंपनी अनुज्ञा पत्र (परमिट) में निर्धारित शर्तों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रही है।
खनन इंस्पेक्टर की मिलीभगत और जिलाधिकारी की शर्तों की अनदेखी!
अवैध खनन की इस गतिविधि में स्थानीय खनन इंस्पेक्टर की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है। जिलाधिकारी, बिजनौर ने परमिट जारी करते समय सख्त शर्तें लागू की थीं, जिनमें प्रमुख रूप से यह था कि पानी में खनन नहीं किया जाएगा। अनुज्ञा पत्र में स्पष्ट तौर पर यह भी लिखा गया है कि अगर पानी में या सीमांकन क्षेत्र से बाहर कोई भी खनन गतिविधि की जाती है, तो परमिट तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बावजूद, नदी के पानी में चार से पाँच पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है।
ओवरलोड परिवहन और राजस्व को लाखों की हानि
परमिट की शर्तों में यह भी अनिवार्य किया गया था कि प्रत्येक वाहन को EMM11 (इलेक्ट्रॉनिक माइनिंग मूवमेंट फॉर्म) जारी किया जाएगा। आरोप है कि मौके पर बिना EMM11 जारी किए ही ओवरलोड RBM का परिवहन किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर खनन नियमों का उल्लंघन है, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है और सरकारी छवि धूमिल हो रही है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी और कार्रवाई की मांग
इस अवैध कारोबार के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सख्त रुख प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अवैध खनन और अवैध परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि दोषियों और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके और राज्य के राजस्व और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कुल मिलाकर यह मामला वैध परमिट की आड़ में हो रहे संगठित अवैध खनन का उदाहरण है, जो सरकारी राजस्व को चूना लगा रहा है और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँचा रहा है। इसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका है, जो मुख्यमंत्री की ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति के विपरीत है।
रामेल इंडस्ट्रीज ठगी कांड में EOW को मिली बड़ी सफलता
30 करोड़ की धोखाधड़ी में एजेंट रवीन्द्र पाल सिंह लखनऊ से गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध अनुसंधान विंग (EOW) ने रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बहुचर्चित ठगी मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक और आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। रवीन्द्र पाल सिंह कंपनी की शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद शाखा में एजेंट के तौर पर काम करता था। मुकदमा 11 साल पहले दर्ज किया गया था।
EOW का विशेष अभियान और गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी 6 से 11 अक्टूबर तक चल रहे ईओडब्ल्यू के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों के साथ हुई वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वांछित आरोपियों को पकड़ना है। ईओडब्ल्यू की टीम ने वांछित आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह को बुधवार को लखनऊ के राममनोहर लोहिया पार्क के पास ताज होटल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
आरोपी की भूमिका और धोखाधड़ी का स्वरूप
गिरफ्तार आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का एजेंट था, जिसने निवेशकों को ऊंचे ब्याज और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई को आरडी, एफडी और अन्य निवेश योजनाओं में जमा करवाया। जांच में यह साबित हुआ है कि वह कंपनी के निदेशकों के साथ मिलकर निवेशकों की पूंजी हड़पने के षड्यंत्र में सीधे तौर पर शामिल था।
मामले की व्यापकता: 30 करोड़ की देनदारी
रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशकों और एजेंटों ने मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। जांच के दौरान यह सामने आया है कि केवल शाहजहांपुर जिले में ही कंपनी पर निवेशकों के करीब 30 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया है। कंपनी ने शुरू में आकर्षक स्कीम्स का जाल बिछाया, लेकिन बाद में निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
मुकदमा दर्ज: इस मामले की शुरुआत 28 जनवरी 2014 को शाहजहांपुर के सदर बाजार थाने में हुई थी। कंपनी के खिलाफ धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 447 (अनधिकृत प्रवेश), 468 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
EOW को हस्तांतरण:
प्रारंभिक जांच के बाद 5 मई 2014 को उत्तर प्रदेश शासन ने मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान विंग (EOW) को सौंप दिया।
आरोप पत्र: ईओडब्ल्यू की गहन जांच में कुल 57 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें से 50 के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
वर्तमान स्थिति: यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में बाकी सात वांछित आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। एजेंसी ने आम जनता को संदिग्ध निवेश योजनाओं से सावधान रहने और निवेश से पहले पूरी जांच करने की सलाह दी है। रवीन्द्र पाल सिंह की गिरफ्तारी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है, जो न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
तालकटोरा में सनसनीखेज मामला: युवती के प्राइवेट पार्ट पर मारी लात
नग्न हरकत का वीडियो बनाने पर युवती पर जानलेवा हमला
लखनऊ। तालकटोरा थाना क्षेत्र से एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती के साथ उसके पड़ोसियों ने जानलेवा हमला किया। यह हमला तब हुआ जब युवती ने एक पड़ोसी द्वारा नग्न अवस्था में की जा रही अश्लील हरकतों का वीडियो बना लिया। हमले में आरोपियों ने युवती और उसके पिता को बेरहमी से पीटा, जिसमें युवती को जमीन पर पटककर उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
नग्न हालत में अभद्र हरकतें कर रहा था आरोपी
राजाजीपुरम निवासी पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पड़ोसी राहुल रावत और बाबूलाल लंबे समय से उसे देखकर अश्लील कमेंट और छेड़छाड़ करते थे। लोकलाज के कारण वह अब तक चुप थी। पीड़िता का आरोप है कि एक दिन राहुल रावत नग्न हालत में खड़ा होकर अभद्र हरकतें करने लगा। इसे देखकर युवती ने तुरंत राहुल का वीडियो बना लिया। इसी बात से आरोपी बौखला गए और उन्होंने युवती से बदला लेने की साजिश रची।
घर में घुसकर युवती और पिता पर बेरहमी से हमला
आरोप है कि जब युवती घर पर अकेली थी, तब बाबूलाल, मोतीलाल, नीतू रावत, राहुल रावत, शिवानी रावत और राहुल की तीन बुआ उसके घर में जबरन घुस गए और युवती की बेरहमी से पिटाई करने लगे। शोर सुनकर जब युवती के पिता मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटा। मारपीट के दौरान, आरोपियों ने युवती को जमीन पर पटक दिया और उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मार दी, जिससे वह दर्द से कराह उठी और गंभीर रूप से घायल हो गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर (शिकायत) पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जानलेवा ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पर योगी सरकार का सख्त एक्शन
अलर्ट जारी: प्रदेशभर से जांच के लिए भेजे गए 364 कफ सिरप नमूने
लखनऊ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामलों के बाद सामने आए जानलेवा कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। केंद्र और राज्य सरकार की एडवाइजरी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन विभाग को तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जानलेवा अपमिश्रण का खुलासा
राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी, मध्य प्रदेश से प्राप्त पत्र के अनुसार, बेंगलुरु की मेसर्स श्रेसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा विनिर्मित औषधि ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ (बैच नंबर: SR-13, निर्माण तिथि: मई/2025, समाप्ति तिथि: अप्रैल/2027) में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) का अपमिश्रण पाया गया है। यह हानिकारक अवयव मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रदेश के सभी जिलों में सघन अभियान
जनहित में इस गंभीर घटना को देखते हुए, उत्तर प्रदेश राज्य के समस्त जनपदों के औषधि निरीक्षकों को तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत:
~ कोल्ड्रिफ सिरप या श्रेसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा विनिर्मित कोई भी अन्य कफ सिरप पाए जाने पर उसे अभिरक्षा में लेने और बिक्री रोकने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
~ औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों (मेडिकल स्टोर) और सरकारी/गैर-सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध अन्य ब्रांड के सभी कफ सिरपों के नमूने संकलित किए जाएं और आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही की जाए।
~ कार्यक्षेत्र में स्थित निर्माणशालाओं से कफ सिरप और उसमें प्रयुक्त होने वाले प्रोपाईलिन ग्लाइकॉल (Propylene Glycol) के नमूने भी संग्रहित किए जाएं।
‘कोल्ड्रिफ’ की आपूर्ति प्रदेश में नहीं
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने जानकारी दी कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाए गए अभियान के दौरान, बुधवार तक की जांच में यह पाया गया कि जानलेवा ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप किसी भी जनपद में आपूर्तित नहीं हुई है।
जांच के लिए भेजे गए 364 नमूने
आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों और सरकारी अस्पतालों से अन्य निर्माता फ़र्मों द्वारा निर्मित विभिन्न ब्रांड के कुल 364 कफ सिरप के नमूने जांच एवं विश्लेषण हेतु संग्रहित किए गए हैं। इन सभी नमूनों को लखनऊ जन विश्लेषक प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
…जब दिनेश ने दर्द से चीखना शुरू किया, तो शोर सुनकर मकान मालिक और पड़ोसी ऊपर पहुंचे। मकान मालिक की बेटी अंजलि ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद था और काफी कहने के बाद जब दरवाजा खोला गया, तो दिनेश दर्द से तड़प रहे थे और उनकी पत्नी घर के अंदर छिपी हुई थी।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिजनौर में मनाई पुण्यतिथि
स्व. रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि व वृक्षारोपण
~ भूपेंद्र निरंकारी बिजनौर
बिजनौर। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिजनौर में पार्टी संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की पांचवीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नुमाइश ग्राउंड के पास स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्हें ‘सर्व समाज के शोषितों, गरीबों, उपेक्षितों एवं महिलाओं की सशक्त आवाज’ के रूप में याद किया गया।
ऐतिहासिक कार्यों को किया गया याद
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने स्व. पासवान को माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में उनके ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाईं। जिलाध्यक्ष ने विशेष रूप से गरीबों के लिए राशन वितरण प्रणाली, आम नागरिकों के लिए मोबाइल सुविधा की शुरुआत और डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न दिलवाने तथा संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित करवाने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया। आवास विकास कॉलोनी में एलआईसी के पीछे बने पार्क में जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मंजेश ठाकुर, जिला महासचिव यादराम सिंह और नगर अध्यक्ष हरिश्चंद्र गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आम के दो पौधे लगाए।
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष नवीन कुमार गर्ग, वरिष्ठ नेता चंद्रमणि रघुवंशी, नगर अध्यक्ष हरिश्चंद्र गुप्ता, जिला प्रधान महासचिव यादराम सिंह, जिला सचिव दिनेश कुमार, ब्लॉक उपाध्यक्ष तेजपाल सिंह, डी.के. सागर, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष नीता रानी सैनी व नीरज गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
केंद्रीय मंत्री ने वर्चुअल तकनीक से किया दुधवा और पीलीभीत का भ्रमण
विश्वस्तरीय ‘बिग कैट्स फोटोग्राफी’ में UP के जीतेंद्र चावरे को पुरस्कार
लखनऊ। वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी के वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस (IBCA) द्वारा आयोजित ग्लोबल बिग कैट्स फोटोग्राफी प्रतियोगिता में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक बाघ की अद्भुत तस्वीर ने पुरस्कार जीता है। फोटोग्राफर जीतेंद्र चावरे को उनकी उत्कृष्ट कलाकृति के लिए नकद राशि के साथ-साथ दुधवा टाइगर रिजर्व में स्थित जागीर मनर में चार दिन और तीन रात रुकने का अवसर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के ईको डेस्टिनेशन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने किया पुरस्कार वितरण और ईको-डेस्टिनेशन की सराहना
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, आर्ट्स माएस्ट्रो और उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। वन्य जीव सप्ताह के समापन दिवस, 08 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस दौरान अपर महानिदेशक वाइल्ड लाइफ रमेश कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा।
पुरस्कार वितरण से पहले, केंद्रीय मंत्री ने एआर-वीआर (ऑगमेंटेड रियलिटी-वर्चुअल रियलिटी) तकनीक के माध्यम से दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वर्चुअल भ्रमण किया और यहाँ के नैसर्गिक सौंदर्य का काफी देर तक आनंद लिया। उन्होंने इन प्रकृति की विरासतों की सराहना करते हुए समारोह में मौजूद भारत सहित अन्य देशों के फोटोग्राफरों और लोगों को उत्तर प्रदेश के टाइगर रिज़र्व का भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का संदेश:
‘वन्यजीव संरक्षण का सशक्त अभियान’उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने एक वीडियो संदेश में इस आयोजन को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त अभियान बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म का एक उभरता हुआ केंद्र है, जहाँ दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट और अमानगढ़ जैसे टाइगर रिज़र्व जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में गठित उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। यह बोर्ड स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, पर्यटक सुविधाओं का विकास करने, और राज्य के ईको-टूरिज्म स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में कार्यरत है।
भारत के बैकड्रॉप और लाइट क्वालिटी की वैश्विक प्रशंसा
प्रतियोगिता में विश्व भर से शेर, चीता, तेंदुआ, जैगुआर और हिम तेंदुआ जैसी विभिन्न बिल्ली प्रजातियों की लगभग 1400 तस्वीरें आईं, जिनमें 70 से अधिक उत्तर प्रदेश की थीं। इस दौरान यह बात सामने आई कि भारत में कॉर्बेट या पीलीभीत से आई तस्वीरों में सबसे खूबसूरत बैकड्रॉप और बेहतरीन लाइट क्वालिटी थी। यह भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, के नैसर्गिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर श्रेष्ठ साबित करता है। समारोह में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के अपर निदेशक प्रखर मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस के प्रेसिडेंट एसपी यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जिला प्रशासन के साथ समन्वय और सुरक्षा-व्यवस्था का जाना हाल
दीपोत्सव-2025 में मुख्य आकर्षण होगी लगभग 100 बच्चों की वानर सेना
हर आगंतुक को मिले सर्वोत्तम अनुभव, सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा पर रहे विशेष ध्यान- जयवीर सिंह
मॉक ड्रिल से 10 दिन पहले जायजा लेने अयोध्या पहुंचे पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
लखनऊ, (08 अक्टूबर 2025)। दीपोत्सव-2025 के लिए होने वाले मॉक ड्रिल से दस दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों, अयोध्या प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
पर्यटन मंत्री ने कहा, इस दीपोत्सव का विशेष आकर्षण करीब 100 बच्चों की वानर सेना होगी, जो प्रभु श्रीराम की रथ यात्रा के दौरान उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्था, सजावट, प्रकाश, तथा सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘यह आयोजन न केवल भव्य और यादगार हो, बल्कि सुरक्षा, स्वच्छता और आगंतुक सुविधाओं के मामले में भी मिसाल पेश करें। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान महिला सुरक्षा, सफाई, साइनेज, पेयजल, प्रसाधन तथा सूचना-सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम अनुभव मिल सके।’
उन्होंने कहा, ‘दीपोत्सव आयोजन में आगंतुकों की संख्या की जानकारी के लिए एआई आधारित कैमरों से निगरानी प्रणाली हेतु समुचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, शोभा यात्रा के दौरान पर्यटकों और दर्शनार्थियों को सड़क के दोनों ओर सुव्यवस्थित तरीके से अवलोकन की उचित व्यवस्था रहेगी। हेलीपोर्ट से राम रथ तक रास्ते के दोनों ओर ढोल नगाड़ों, पुष्प, अबीर, गुलाल व राम दरबार आदि सुनिश्चित की जाएगी।’
मंत्री ने कहा कि ‘इस वर्ष दीपोत्सव की झांकियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। पहली बार 100 बच्चों की वानर सेना नगाड़ों की गूंज के बीच भगवान श्रीराम की रथयात्रा में शामिल होकर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा, अयोध्या के प्रमुख मंदिर, मठों एवं धार्मिक स्थलों की प्रबंधन समिति से समन्वय स्थापित करते हुए दीप प्रज्ज्वलन एवं साज-सज्जा संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में दीपोत्सव के सजीव प्रसारण हेतु 35 एल.ई.डी. स्क्रीन की व्यवस्था के साथ ही केबल प्रसारण में दिक्कत ना आए, उसके निर्देश दिए गए।’
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में दीपोत्सव-2025 में एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा। सरयू तट स्थित राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख से अधिक दीयों को एक साथ प्रज्वलित कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय मानकों और पर्यावरण अनुकूल आयोजन हमारी प्राथमिकता है। अयोध्या की सड़कों, घाटों और धरोहर स्थलों को रामायण की थीम पर सजाया-संवारा जाएगा, ताकि हर आगंतुक को लगे मानो वे स्वयं श्री राम की कथा का हिस्सा हों।’
पर्यटन मंत्री ने कहा, धर्म पथ पर प्रकाश सज्जा एवं कांसेप्ट लाइटिंग, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो, कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो, म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो, स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन शो के दौरान उपस्थित लोगों की सुरक्षा और देखने की उचित व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। आयोजन में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) सहित अन्य स्टॉल के लिए उचित स्थान के चयन पर भी चर्चा हुई।
जिला प्रशासन के सामने दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में गाड़ियों के प्रवेश, आवाजाही, पास आदि से संबधित आम और खास लोगों को होने वाली दिक्कतों, ट्रैफिक नियंत्रण आदि को रखा गया। जिला प्रशासन ने बेहतर प्रबंध का आश्वासन दिया। इस वैश्विक आयोजन में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों आदि पर विशेष नजर रखने और भीड़-भाड़ वाले जगहों पर पुलिस बल के पुख्ता प्रबंध की भी जानकारियां साझा की गई।
इस दौरान महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, अयोध्या के नगर आयुक्त, मेयर गिरीशपति त्रिपाठी, सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, बिकापुर के विधायक अमित सिंह चौहान तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही।
10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और पेशेवर साजिश के आरोप !
सनसनीखेज घटना ने खड़े किए कई सवाल ?
हरियाणा के ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या में नया खुलासा: रिश्वत कांड से जुड़ा तार?
चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2025: हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मंगलवार, 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित उनके आवास (मकान नंबर-116) में उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब, जब इस मामले में रिश्वतखोरी का एक नया कोण सामने आया है।
रिश्वत के आरोप और गनमैन की गिरफ्तारी
इस मामले में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसका तार सीधा ADGP पूरन कुमार से जुड़ता दिख रहा है:
भ्रष्टाचार का मामला: सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से दो दिन पहले रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज हुआ था। सुशील पर एक शराब कारोबारी से हर महीने 2 से 2.5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। इस मामले में एक ऑडियो क्लिप को आधार बनाते हुए गनमैन सुशील को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुशील ने दावा किया कि वह यह रिश्वत ADGP पूरन कुमार के निर्देश पर मांग रहा था। मंगलवार शाम को सुशील को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आत्महत्या की वजह: रिश्वत कांड का दबाव?
पुलिस सूत्रों का मानना है कि गनमैन की गिरफ्तारी और उससे जुड़े आरोपों का दबाव ही पूरन कुमार की आत्महत्या की वजह हो सकता है। चंडीगढ़ पुलिस ने इस दिशा में जांच तेज कर दी है।
वसीयत और अंतिम नोट बरामद: पुलिस ने घटनास्थल से एक वसीयत और अंतिम नोट भी बरामद किया है, जिसके आधार पर पुलिस अन्य सुराग तलाश रही है।
साउंडप्रूफ बेसमेंट में आत्महत्या
आत्महत्या का तरीका भी कई सवाल खड़े करता है:
सुरक्षाकर्मियों को बाहर भेजा: जानकारी के मुताबिक, पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले अपने सभी सुरक्षाकर्मियों को बाहर जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद वे अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में गए, एक कुर्सी पर बैठे और अपने PSO की सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। बेसमेंट के साउंडप्रूफ होने के कारण गोली चलने की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-16 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।
पत्नी जापान दौरे पर, प्रशासनिक हलकों में शोक
इस घटना ने न केवल पुलिस बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी कुमार, वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे पर हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटियां और वृद्ध मां हैं। बड़ी बेटी अमेरिका में पढ़ती है, जबकि छोटी बेटी चंडीगढ़ में रहती है। घटना की सूचना मिलने के बाद उनकी मां और ससुराल वाले सेक्टर-11 स्थित आवास पर पहुंचे।
पुलिस की गहन जांच जारी
चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और रिश्वत के आरोप, गनमैन की गिरफ्तारी और पूरन कुमार की आत्महत्या के बीच संबंधों की कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों के बीच सनसनी फैला दी है।
सुसाइड नोट में वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप !
सुसाइड नोट में कुछ वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के नाम लिखे मिली जानकारी मिली है।वाई पूरन कुमार की छवि स्पष्टवादी, ईमानदार और पेशेवर अधिकारी की रही थी, लेकिन करियर में विवाद, दवाब और भेदभाव के आरोप उनके साथ जुड़े रहे।
पुलिस जांच की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को घटनास्थल से 8-9 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत मिली है। इस सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने हरियाणा पुलिस के 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और पेशेवर साजिश के आरोप लगाए हैं। इनमें पूर्व DGP, मौजूदा DGP, ADGP और SP रैंक के अफसर शामिल हैं, हालांकि इन नामों का आधिकारिक खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है, क्योंकि पुलिस नोट की फॉरेंसिक जाँच करवा रही है
मानसिक दबाव और ट्रांसफर
सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने बेरुखी, ट्रांसफर, वरिष्ठ अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र किया है। हाल ही में उनका ट्रांसफर PTC सुनारिया, रोहतक किया गया था, जिसे सजा स्वरूप पोस्टिंग माना गया। इस घटनाक्रम और आरोपों के चलते उन पर मानसिक दबाव की बात सामने आ रही है? सूत्रों के अनुसार, तबादले से वह कथित तौर पर नाराज थे और उन्होंने इसे प्रशासनिक अपमान बताया था। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी नौकरी से असंतुष्टि, भेदभावपूर्ण बर्ताव और मानसिक उत्पीड़न का उल्लेख किया है।
फिलहाल जारी है जांच: पुलिस अधिकारी अभी सारा मटेरियल (सुसाइड नोट, वसीयत, ऑडियो क्लिप) की फॉरेंसिक जांच के बाद अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस ने रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और अधिकारियों की भूमिका पर गहन जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सभी सबूत सील कर FSL लैब भेजे गए। गनमैन और कारोबारी के बयान अभी जांच के प्राथमिक आधार पर हैं। मामला अब केवल आत्महत्या या भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस तंत्र में शीर्ष स्तर पर दबाव, गुटबाजी और अनुभवजन्य सच्चाइयों को भी उजागर करता दिख रहा है?
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार
वार्डन के हटने तक बच्चियों को नहीं भेजेंगे अभिभावक
रोज़ाना झाड़ू-पोछा, बाथरूम की सफाई और बर्तन धो रहीं छात्राएं
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम खुजौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गंभीर विवादों के घेरे में है। विद्यालय की छात्राओं और उनके अभिभावकों ने प्रधानाचार्य और वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें अमानवीय व्यवहार, जबरन श्रम और जातिगत भेदभाव शामिल हैं।
छात्राओं से जबरन श्रम और अमानवीय व्यवहार
छात्राओं और अभिभावकों का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाली बच्चियों से रोज़ाना झाड़ू-पोछा, बाथरूम की सफाई और बर्तन धुलवाए जाते हैं। यह व्यवहार न केवल बालिकाओं के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है।
वार्डन पर जातिगत टिप्पणी और धमकी का आरोप
अभिभावकों का कहना है कि बच्चियों को जातिगत टिप्पणियों और धमकियों का भी सामना करना पड़ता है। वार्डन द्वारा कथित रूप से अपमानजनक शब्द कहे गए—“नीची जाति की हो, ऊँची मत बनो।” इस तरह की जातिगत मानसिकता और दुर्व्यवहार को लेकर अभिभावकों में गहरा रोष है।
अज्ञात लोगों का रात में विद्यालय में प्रवेश और मारपीट
परिजनों ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है कि रात में पाँच-छह गाड़ियों से अज्ञात लोग विद्यालय में आते हैं। यदि कोई बच्ची उन्हें देख लेती है तो वार्डन उसे बुरी तरह पीटती है और गालियाँ देती है। यह आरोप विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी
शिकायतों के अनुसार, छात्राओं को समय से भोजन, स्कूल ड्रेस और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो कि एक आवासीय विद्यालय के लिए अनिवार्य सुविधाएँ हैं।
चिंतित अभिभावक: ‘स्कूल तभी भेजेंगे, जब हटेगी वार्डन’
अभिभावकों ने स्पष्ट रूप से प्रबंधन को चेतावनी दी है कि जब तक वार्डन को हटाया नहीं जाएगा, वे अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। स्थानीय निवासियों ने भी इस तरह की जातिगत मानसिकता और बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार को गंभीर चिंता का विषय बताया है।
प्रशासन का पक्ष और पूर्व का मामला
यह एक माह के भीतर दूसरा मामला है जब राजधानी के शिक्षण संस्थानों में बच्चियों से दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। इससे पहले नवजीवन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक शिक्षक पर भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस नए प्रकरण पर एसीपी मोहनलालगंज ने मीडिया को बताया, “मामला एसडीएम के संज्ञान में है, मेरे आते ही जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस से विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को सज़ा मिल सके और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रेड क्रॉस सोसाइटी और विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज का संयुक्त कार्यक्रम
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 468 मरीजों को मिली राहत
बिजनौर। रेड क्रॉस सोसाइटी और विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजा हरवंश सिंह इंटर कॉलेज, हल्दौर में कुंवर शिव महेंद्र सिंह और रानी पीतांबरी राजलक्ष्मी की पूण्य स्मृति में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।
बहु-विषयक जांच और निःशुल्क दवा वितरण
शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने किया। शिविर में 468 मरीजों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की गई। इसमें नेत्र चिकित्सक, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट जैसे विभिन्न क्षेत्रों के डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं।
सेवाएं: रोगियों की त्वचा रोग, खून की जांच, और ब्लड प्रेशर जैसी सामान्य जांचों के साथ-साथ विशेष उपचार भी प्रदान किए गए।
प्राकृतिक चिकित्सा: योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट द्वारा मसाज, मर्म चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा और आहार परिवर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय भी बताए गए।
निःशुल्क लाभ: सभी परीक्षित रोगियों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, 250 नेत्र रोगियों को निःशुल्क चश्मे भी प्रदान किए गए।
विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम ने दिया योगदान
शिविर में डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने मरीजों की जांच की और परामर्श दिया। टीम में डॉ. प्रतिभा ठाकुर, डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, डॉ. मधुमिता दास, डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. जितेंद्र सैनी, डॉ. ए आर जैदी, डॉ. आयुषी भारद्वाज, डॉ. अमन, डॉ. उषा, डॉ. हेमेंद्र तोमर आदि शामिल थे। इसके अलावा, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार और लैब टेक्नीशियन अनुज पाठक ने भी सेवाएं दीं।
अतिथियों का सम्मान
शिविर के सफल समापन पर, कुंवर प्रमोद कुमार सिंह ने अतिथि चिकित्सकों को सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर, डायरेक्टर डॉ. सुबोध चन्द्र शर्मा, डॉ. विशाल, और योगेश ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में, राजा हरवंश सिंह इंटर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने शिविर की उत्तम व्यवस्था करने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी और विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य शिविर क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा और यह दर्शाता है कि सेवा भाव से आयोजित ऐसे कार्यक्रम समाज के निचले तबके तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर बाधा के उस पार, सशक्त भारत तैयार- यही है मिशन शक्ति!@hamirpurpolice ने आयोजित की एक अनोखी मिशन शक्ति हर्डल रेस — जहाँ हर रुकावट एक कहानी कह रही थी।
बाल विवाह से लेकर शिक्षा की कमी, आत्मविश्वास, नेतृत्व और लैंगिक भेदभाव तक— हर बाधा ने उन चुनौतियों का प्रतीक बनकर नारी संघर्ष… pic.twitter.com/RvVrQ6F0MP
@hamirpurpolice ने आयोजित की एक अनोखी मिशन शक्ति हर्डल रेस — जहाँ हर रुकावट एक कहानी कह रही थी।
बाल विवाह से लेकर शिक्षा की कमी, आत्मविश्वास, नेतृत्व और लैंगिक भेदभाव तक—हर बाधा ने उन चुनौतियों का प्रतीक बनकर नारी संघर्ष को सलाम किया।
हर प्रतिभागी ने “संकल्प पट्ट” पर हस्ताक्षर कर यह वचन लिया कि—महिला सशक्तिकरण की राह में अब कोई रुकावट नहीं! क्योंकि जब नारी बाधाएँ पार करती है, तब राष्ट्र आगे बढ़ता है।
10 नमूने गृहीत, दो विक्रेताओं पर निलंबन की कार्रवाई
बिजनौर: उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण
बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में तहसील नजीबाबाद के किरतपुर क्षेत्र में उर्वरक/बीज एवं कीटनाशक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण:निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रतिष्ठानों की गहन जाँच की गई:
~ मैसर्स चौधरी बीज भंडार, किरतपुर
~ मैसर्स विपिन रस्तोगी खाद भंडार, किरतपुर
~ मैसर्स गहलोत फर्टिलाइजर, किरतपुर
~ मैसर्स मनोज ट्रेडर्स, किरतपुर
इन प्रतिष्ठानों से संबंधित विक्रेताओं से कुल 10 नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए, जिनमें बीज के 06, कीटनाशक के 03 एवं उर्वरक का 01 नमूना शामिल है।
Oplus_0
कार्रवाई एवं नोटिस:
निरीक्षण के समय मैसर्स खान खाद भंडार, किरतपुर एवं मैसर्स कॉल देव खाद भंडार, किरतपुर के विक्रेता दुकान बंद कर भाग गए। इस अनियमितता के चलते दोनों विक्रेताओं के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उर्वरक उपलब्धता और वितरण:
जनपद में रबी सीजन की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। यूरिया, डीएपी, एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरकों की आवक भी आगामी मांग के अनुसार लगातार बनी रहेगी। कृषकों को उनकी तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही ये उर्वरक निर्धारित दर पर वितरित किए जा रहे हैं।
विक्रेताओं को सख्त निर्देश:
निरीक्षण के दौरान उर्वरक/बीज/कीटनाशक विक्रेताओं को निम्नलिखित सख्त निर्देश दिए गए हैं: ~ पीओएस (POS) मशीन के बिना उर्वरकों का वितरण न किया जाए।
~ किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क (Bulk) में न की जाए।
~ कृषकों को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार ही वितरण रजिस्टर में रिकॉर्ड अंकित कर उर्वरक वितरित किए जाएं।
~ ओवर रेटिंग (निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री) एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग (Tagging) किसी भी हाल में न की जाए।
~ कृषकों को वितरित उर्वरकों/बीज/कीटनाशक की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
कड़ी चेतावनी:
उर्वरक विक्रेताओं को यह चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ अथवा प्रचलित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
चेन स्नेचिंग में पकड़े गए ओला-उबर ड्राइवर और मौरंग-गिट्टी ट्रेडर
लखनऊ। पुलिस उपायुक्त पूर्वी की क्राइम/सर्विलांस टीम और थाना गोमतीनगर पुलिस की संयुक्त टीम को राजधानी लखनऊ में चैन स्नैचिंग की घटनाओं में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने दयाल चौराहा, गोमतीनगर से दो शातिर चैन स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से 49,000 रुपये नकद और दो पीली धातु के गले के टुकड़े बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और पेशा
गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान उनके असामान्य पेशे के कारण चौंकाने वाली है:
मजहर (निवासी: सनराइज हॉस्पिटल, हरदोई रोड, थाना ठाकुरगंज) – यह मौरंग गिट्टी ट्रेड का कार्य करता है।
फैसल (निवासी: वजीरबाग झरियन तालाब, थाना सहादतगंज) – यह ओला-उबर चालक है।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी शशांक सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि दोनों अभियुक्त अपने शौक पूरे करने के लिए इन घटनाओं को अंजाम देते थे। दोनों के आपराधिक इतिहास की जांच अभी जारी है।
हाल की दो वारदातों का अनावरण
संयुक्त टीम ने गोमतीनगर थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई दो प्रमुख चैन स्नैचिंग की घटनाओं का सफलतापूर्वक अनावरण किया है:
~ पहली घटना: सोमवार के दिन विराम खंड निवासी डॉक्टर सोमेंद्र विक्रम सिंह की सोने की चेन दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों ने छीन ली थी। डॉक्टर सिंह ने थाना गोमतीनगर में इसकी लिखित शिकायत देते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
~ दूसरी घटना: पिछले महीने की 28 तारीख को विशाल खंड निवासी हीरा लाल यादव ने भी चैन स्नैचिंग की घटना के संबंध में थाना गोमतीनगर में शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि दोनों घटनाओं को अंजाम देने का तरीका एक ही था, जिसके आधार पर संयुक्त टीम ने कार्यवाही शुरू की।
पुलिस कार्रवाई और इनाम की घोषणा
उच्च अधिकारियों के आदेश पर गठित संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर टीम को पता चला कि दोनों घटनाओं में शामिल व्यक्ति दयाल चौराहा, गोमतीनगर में मौजूद हैं। तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से बरामद दो पीली धातु के गले के टुकड़ों का वजन लगभग 10 ग्राम है। दोनों घटनाओं के सफल अनावरण पर पुलिस उपायुक्त पूर्वी की तरफ से संयुक्त टीम को इनाम भी घोषित किया गया है।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी पथ प्रदर्शक: जयवीर सिंह
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर यूपी के 75 जिलों में अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ
लखनऊ, (07 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में भक्ति, आस्था और संस्कृति के संगम स्वरूप विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग मिला।
नया हनुमान मंदिर मेंअखंड रामायण पाठ
राजधानी लखनऊ में, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अलीगंज स्थित नया हनुमान मंदिर में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण के अखंड पाठ का शुभारंभ किया। उनके शुभारंभ के बाद ही प्रदेश भर के मंदिरों और महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर अखंड रामायण पाठ की शुरुआत हुई।
इस अवसर पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार द्वारा महर्षि वाल्मीकि के जयंती पर प्रदेश के सभी 75 जिलों के देव मंदिरों और संबंधित स्थलों पर रामचरित मानस पाठ, अखण्ड रामायण पाठ, वाल्मीकि रामायण पाठ, सुन्दर काण्ड, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे आयोजन प्रदेश की संस्कृति और आस्था से जुड़ी हमारी परंपरा और लोक आस्था को सशक्त बनाते हैं।
वाल्मीकि सम्मान और आदर्श जीवन मूल्यों का आह्वान
अखंड रामायण पाठ के शुभारंभ के उपरांत, मंत्री जयवीर सिंह राज्यसभा सांसद बृजलाल के साथ जानकीपुरम स्थित गौतम बुद्ध विहार कॉलोनी पहुंचे। यहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों को ‘वाल्मीकि सम्मान’ प्रदान किया। मंत्री ने इस अवसर पर नागरिकों से आह्वान किया कि वे महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा, ‘महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज के लिए पथ प्रदर्शक हैं।’
वाल्मीकि जी के सम्मान में हुए प्रमुख कार्य: मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य में महर्षि वाल्मीकि जी के सम्मान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
1. भगवान राम की नगरी अयोध्या में उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एवं भव्य प्रतिमा स्थापित की गयी है।
2. संगीत नाटक अकादमी में वाल्मीकि प्रेक्षागृह, स्मारक, पुस्तकालय एवं छात्रावास सहित कई योजनाएं संचालित हैं, जिससे वाल्मीकि समाज का गौरव एवं सम्मान बढ़ा है।
चित्रकूट की तपोस्थली का विकास:
पर्यटन विभाग द्वारा महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में पर्यटन विकास कार्य, वाल्मीकि जी की भव्य प्रतिमा की स्थापना और अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है। इसके साथ ही वृहद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक इन स्थलों से जुड़ सकें।
डबल इंजन की सरकार का ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र
पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के सांस्कृतिक विरासत और विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है। जयवीर सिंह ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
🇮🇳 राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा? नेता प्रतिपक्ष ने अल्फानार कंपनी पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा में गूँजा मामला
⚡️ स्मार्ट मीटर परियोजना पर ‘पाकिस्तान लिंक’ का गंभीर आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका पाने वाली कंपनी अल्फानार (Alfanar) का संबंध पाकिस्तान से है और इसके अधिकारी भी पाकिस्तानी मूल के हैं।
🔍 सिंघार के मुख्य आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने आरोपों को सामने रखा :
विदेशी कंपनी और पाकिस्तानी अधिकारी: सिंघार ने आरोप लगाया कि अल्फानार कंपनी मूल रूप से सऊदी अरब की है, लेकिन इसके वरिष्ठ अधिकारियों में पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। उन्होंने पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों के साथ कंपनी के अधिकारियों की तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं।
‘जासूसी मीटर’ का खतरा: उन्होंने दावा किया कि ये “स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जासूसी के मीटर” हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ताओं के खातों, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसी महत्वपूर्ण निजी जानकारी असुरक्षित हो सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
कंपनी का अपंजीयन और प्रतिबंध: सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने भारत सरकार में उचित पंजीयन नहीं कराया है और इसे पहले उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में प्रतिबंधित किया जा चुका है।
ठेका प्रक्रिया पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि जब पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस कंपनी को ठेका देने से मना कर दिया था, तो मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियों ने इसे ठेका क्यों दिया।
🛡️ सरकार और कंपनी का आरोपों से इनकार
नेता प्रतिपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनी और सत्ताधारी दल दोनों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का पक्ष:
पारदर्शी ठेका प्रक्रिया: कंपनी ने स्पष्ट किया कि ठेका पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया और नियमानुसार दिया गया है।
डेटा सुरक्षा: कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर का सभी डेटा भारत में ही स्थापित क्लाउड डेटा सेंटर में पूरी तरह से सुरक्षित है। डेटा विदेश भेजे जाने का आरोप आधारहीन है।
भारतीय सहायक कंपनियां: कंपनी ने बताया कि मेसर्स अल्फानार को भारत में 17 मार्च 2023 को पंजीकृत किया गया था और इसकी भारत में तीन सहायक कंपनियां भी पंजीकृत हैं। सभी कर्मचारी भारतीय मूल के हैं।
अस्वीकृति का कारण: पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में निविदा अस्वीकार किए जाने का कारण केवल समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराना था, जबकि अन्य दो कंपनियों ने दस्तावेजों की पूर्ति की थी।
भाजपा ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप:
भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष केवल भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी डेटा विदेश नहीं गया है, बल्कि देश में ही सुरक्षित है।
कर्मचारी भारतीय: उन्होंने भी यह दोहराया कि अल्फानार और उसकी सहायक कंपनी इजीसाफ्ट में काम करने वाले सभी कर्मचारी भारतीय हैं।
फिलहाल, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि लगाए जा रहे सभी स्मार्ट मीटर हटाए जाएं और ठेके की गहन जांच की जाए, जिस पर सरकार और कंपनी ने डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता का भरोसा दिलाया है।
महर्षि वाल्मीकि भारतीय इतिहास और साहित्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक हस्ती हैं। उन्हें हिंदू धर्म के महाकाव्य ‘रामायण’ का रचयिता माना जाता है।
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देश के कई हिस्सों में भव्य शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने देशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दी हैं।
महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का ‘आदिकवि’ (प्रथम कवि) कहा जाता है, क्योंकि रामायण को संस्कृत का प्रथम महाकाव्य (आदिकाव्य) माना जाता है। उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण की रचना की, जिसमें भगवान राम के जीवन, आदर्शों और धर्मपरायणता का वर्णन है। यह ग्रंथ प्रेम, त्याग, कर्तव्य और सत्य की शिक्षा देता है। किंवदंतियों के अनुसार, जब वे कठोर तपस्या में लीन थे, तो उनके शरीर पर दीमकों ने बांबी (मिट्टी का टीला) बना ली थी। ‘वाल्मीकि’ शब्द का अर्थ है ‘बांबी से उत्पन्न’, इसलिए उनका नाम वाल्मीकि पड़ा। इसके अलावा उन्हें प्राचेतस् भी कहा जाता है, क्योंकि कुछ ग्रंथों में उन्हें वरुण (प्रचेत) का पुत्र बताया गया है।
डाकू रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि तक का सफर
महर्षि वाल्मीकि का जीवन एक महान परिवर्तन की कहानी है, जो उन्हें और भी प्रेरणादायक बनाती है। मान्यताओं के अनुसार, उनका प्रारंभिक नाम रत्नाकर था और वह एक कुख्यात डाकू थे। वह लोगों को लूटकर और मारकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। एक दिन उनकी मुलाकात देवर्षि नारद या सप्त ऋषियों से हुई। नारद मुनि ने उनसे पूछा कि वह जो पाप कर रहे हैं, क्या उनके परिवार के सदस्य उस पाप के भागीदार बनेंगे? रत्नाकर ने जब अपने परिवार से पूछा, तो सभी ने पाप का भागीदार बनने से इनकार कर दिया। इस बात से उन्हें गहरा सदमा लगा और उन्हें अपने कर्मों का बोध हुआ। इसी क्षण उनका हृदय परिवर्तन हुआ।
कठोर तपस्या: नारद मुनि के निर्देश पर, रत्नाकर ने ‘राम’ नाम का जाप शुरू किया। चूंकि वह ‘राम’ शब्द ठीक से नहीं बोल पाते थे, इसलिए उन्होंने ‘मरा-मरा’ जपना शुरू किया, जो लगातार जपने पर ‘राम-राम’ बन गया। उन्होंने वर्षों तक कठोर तपस्या की और इसी दौरान उनके शरीर पर दीमकों की बांबी बन गई।
महर्षि की पदवी: अपनी तपस्या पूरी करने के बाद वह बांबी से बाहर निकले और उन्हें महर्षि वाल्मीकि के रूप में जाना जाने लगा।
~ भूपेंद्र निरंकारी
रामायण में योगदान
प्रथम श्लोक: कथाओं के अनुसार, एक बार महर्षि ने क्रौंच पक्षी के जोड़े में से एक को शिकारी द्वारा मारे जाते हुए देखा। इस दुख से उनके मुख से स्वतः ही संस्कृत का पहला श्लोक (मा निषाद प्रतिष्ठां…) निकल गया। ब्रह्मा जी ने प्रकट होकर उन्हें श्रीराम के चरित्र पर महाकाव्य रचने की प्रेरणा दी।
लव-कुश के गुरु: वनवास के दौरान माता सीता ने उन्हीं के आश्रम में शरण ली थी, जहाँ उन्होंने भगवान राम के पुत्रों लव और कुश का पालन-पोषण किया और उन्हें रामायण का ज्ञान दिया।
महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह सिखाता है कि व्यक्ति का अतीत चाहे जैसा भी रहा हो, तपस्या, ज्ञान और सही मार्गदर्शन से वह एक महान और पूजनीय आत्मा बन सकता है।
वाल्मीकि जयंती (प्रगट दिवस) 2025:
इस वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर, मंगलवार को मनाई जा रही है। यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
सार्वजनिक अवकाश: उत्तर प्रदेश (UP): योगी सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती (7 अक्टूबर) पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। पहले यह निबंधित अवकाश (Restricted Holiday) की श्रेणी में था। दिल्ली सरकार ने भी 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पोस्टल आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजने के लिए डाकघरों में नहीं मिल रहे पोस्टकार्ड
गंगा एक्सप्रेस-वे आंदोलन को मिली नई धार: डाकघरों पर पोस्टकार्ड की ‘तूफानी’ डिमांड!
बिजनौर: गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से वापस लाने की मांग को लेकर छेड़ा गया पोस्टल आंदोलन अब ज़िले में तेज़ी पकड़ चुका है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह द्वारा शुरू किए गए इस अनूठे विरोध प्रदर्शन के तहत, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से ही निकालने की मांग कर रहे हैं। इस अभियान के कारण डाकघरों पर अचानक पोस्टकार्ड की मांग में भारी वृद्धि हुई है, जिसके चलते बिजनौर के कई डाकघरों में पोस्टकार्ड का स्टॉक ही खत्म हो गया है।
पोस्टल आंदोलन की शुरुआत और मांग
दरअसल, जब से यह सुगबुगाहट शुरू हुई है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर के बजाय मुजफ्फरनगर की ओर खिसकाया जा सकता है, तब से ही भाकियू ने ज़िले में इस एक्सप्रेस-वे को वापस पाने के लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने जनता और जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सीधे मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड पर चिट्ठी लिखें और अपनी मांग दर्ज कराएँ।
डाकघरों पर ‘तूफानी’ डिमांड, स्टॉक खत्म
इस आह्वान के बाद, बिजनौर के डाकघरों पर पोस्टकार्ड खरीदने वालों की भीड़ लग गई। लोगों में मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजने का इतना उत्साह दिखा कि पोस्टकार्ड की डिमांड में तूफानी उछाल आ गया। दर्जनों लोग एक साथ पोस्टल ऑर्डर और पोस्टकार्ड खरीदना चाहते थे, लेकिन ज़िले के अधिकांश डाकघरों में पोस्टकार्ड ही खत्म हो गए।
जनता में भारी नाराज़गी, प्रदर्शन
डाकघरों में पोस्टकार्ड न मिलने पर जनपद के लोगों ने भारी नाराजगी व्यक्त की। कई स्थानों पर लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में डाकघरों पर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना था कि जब वे अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं, तो उन्हें जरूरी साधन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
यह पोस्टल आंदोलन दर्शाता है कि बिजनौर की जनता अपने ज़िले से गंगा एक्सप्रेस-वे को निकाले जाने की किसी भी संभावना को लेकर कितनी गंभीर और एकजुट है।
एशिया कप 2025 में हुए विवादों के बाद पूर्व इंग्लिश कप्तान ने उठाए सवाल!
अब खेल कूटनीति नहीं, बल्कि तनाव का जरिया बन गया है: माइकल एथरटन
आईसीसी को भारत-पाक मैचों को ‘फिक्स्ड’ न करने की सलाह
नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैचों के बाद मैदान के अंदर और बाहर काफी विवाद देखने को मिले। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच कई बार खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसकी वजह से दुनियाभर में क्रिकेट बिरादरी में आलोचना हुई। इन घटनाओं के बाद, इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक बड़ी सलाह दी है।
एथरटन ने आईसीसी आयोजनों में भारत और पाकिस्तान के बीच मैचों को जानबूझकर ‘व्यवस्थित’ (arranged) करने की प्रथा पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि इस प्रक्रिया को बंद किया जाए और टूर्नामेंट के ड्रॉ को पूरी तरह से पारदर्शी रखा जाए।
मैचों को व्यवस्थित करने पर एथरटन की आपत्ति क्यों?
पूर्व इंग्लिश कप्तान ने अपने कॉलम में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। उनकी सलाह और आपत्तियों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
क्रिकेट अब कूटनीति नहीं, तनाव का जरिया एथरटन का तर्क है कि भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट अब कूटनीति का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह दोनों देशों के व्यापक राजनीतिक तनाव और प्रोपेगेंडा का एक जरिया बन गया है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार बिगड़ रहे हैं, जिसका असर खेल के मैदान पर भी साफ दिखाई देता है।
आर्थिक लाभ के लिए ‘फिक्स्ड’ मैच
एथरटन ने आईसीसी पर आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि आईसीसी आयोजनों में भारत-पाकिस्तान का मैच सुनिश्चित करने के लिए अक्सर दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा जाता है। यह इसलिए किया जाता है क्योंकि यह मुकाबला बहुत अधिक आर्थिक महत्व रखता है।
उन्होंने बताया कि 2023-27 के लिए आईसीसी टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार लगभग $3 बिलियन में बिके हैं, और इन मैचों की कीमत में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का एक बहुत बड़ा योगदान है।
एथरटन के अनुसार, एक गंभीर खेल संगठन के लिए केवल आर्थिक हितों को साधने के लिए टूर्नामेंट के फिक्स्चर में हेरफेर करना गलत है।
पारदर्शी ड्रॉ की मांग
एथरटन ने जोर दिया कि आईसीसी को अब आर्थिक कारणों से मैचों को व्यवस्थित करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि अगले प्रसारण अधिकार चक्र के लिए, आईसीसी आयोजनों से पहले टूर्नामेंट का ड्रॉ पारदर्शी होना चाहिए। उनका स्पष्ट मत है कि अगर दोनों टीमें हर बार एक-दूसरे से नहीं मिलती हैं, तो कोई बात नहीं।
एशिया कप 2025 के दौरान हुए विवाद
एथरटन की यह सलाह एशिया कप 2025 के दौरान दोनों टीमों के बीच हुई कई विवादास्पद घटनाओं के बाद आई है। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए, जिससे मैदान के अंदर और बाहर काफी तल्खी देखी गई। इन घटनाओं ने यह सवाल उठाया कि क्या दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच क्रिकेट को भी राजनीतिकरण का मंच बनाया जा रहा है।
बढ़ सकता है आईसीसी पर दबाव
एथरटन का यह बयान आईसीसी पर दबाव बढ़ा सकता है कि वह भारत-पाकिस्तान के मैचों की शेड्यूलिंग की अपनी नीति पर पुनर्विचार करे और यह सुनिश्चित करे कि क्रिकेट की भावना राजनीतिक या आर्थिक हितों पर हावी न हो।
जनपद सम्भल के थाना हयातनगर में आयोजित मिशन शक्ति चौपाल एक परिवार की ज़िंदगी बदल गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों की मुलाकात एक परिवार से हुई, जिन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी तीन बेटियों को स्कूल नहीं भेज पा रही हैं। 11 वर्षीय बड़ी बेटी घर के काम में लगी रहती थी, जबकि छोटी बेटियाँ पढ़ाई से वंचित थीं।
थाना हयातनगर की मिशन शक्ति टीम ने धैर्यपूर्वक समझाया— और अथक प्रयासों से दोनों छोटी बेटियों का दाख़िला प्राथमिक विद्यालय में कराया, साथ ही बड़ी बेटी के लिए कम्पोजिट विद्यालय में दाख़िले की प्रक्रिया शुरू की।
सच्ची पुलिसिंग केवल कानून लागू करना नहीं— बल्कि जीवन में उजियारा लाना है।
बिजनौर से गंगा एक्सप्रेस वे निकालने की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन
गंगा एक्सप्रेस~वे के लिए शिव सैनिकों ने बजाई ‘बिना भैंस के बीन’
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर: गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर जिले से होकर निकाले जाने की मांग को लेकर शिवसेना ने जनपद में जन आक्रोश प्रदर्शन किया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह के नेतृत्व में शिव सैनिकों और बिजनौर वासियों ने धरना प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बिजनौर को सौंपा।
‘कहीं हो न जाए चोरी, इसलिए बिना भैंस के बजानी पड़ी बीन’
प्रदर्शन के दौरान शिव सैनिकों ने भैंस के आगे बीन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में इस प्रदर्शन को रद्द करना पड़ा और उन्होंने सांकेतिक रूप से बिना भैंस के ही बीन बजाई। चौधरी वीर सिंह ने इसका कारण बताते हुए कहा कि जब हमारे जनपद से गंगा एक्सप्रेसवे को ही चोरी कर लिया गया (यानी रूट बदल दिया गया), तो उन्हें डर था कि कहीं प्रदर्शन के लिए लाई गई भैंस को भी चोरी न कर लिया जाए। इसी डर से भैंस लाने की योजना रद्द कर दी गई।
बिजनौर वासियों को ठगा गया: शिवसेना
शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजनौर की भोली-भाली जनता को ठगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे के सपने दिखाए गए, जिन्हें बाहरी जनप्रतिनिधियों ने चूर-चूर करने का काम किया। उन्होंने बिजनौर के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मौनता पर भी सवाल उठाए। वीर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से नहीं निकलता है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ जिला बिजनौर ही होगा।
जारी रहेगा संघर्ष , फैलेगा जन आक्रोश: विजय मोहन गुप्ता
इस अवसर पर युवा जिला प्रमुख विजय मोहन गुप्ता ने कहा कि अगर बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे नहीं मिला, तो यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज की यह छोटी सी चिंगारी जल्द ही एक विशाल जन आक्रोश के रूप में पूरे जनपद में फैलेगी और लोग घरों से निकलकर गंगा एक्सप्रेसवे की मांग करेंगे।
इस प्रदर्शन में शिवसेना और अन्य संगठनों के कई कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें मुकेश लंबा, यश अग्रवाल, अंतरिक्ष कौशिक, शशि कुमार, राहुल वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष व्यापारी एकता परिषद), रामगोपाल लंबा, नरेश सैनी, सारिक एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, पंकज चौहान, तुषार रस्तोगी, मनु गुप्ता, अवधेश, संजीव शर्मा, आकाश बजरंगी, विशाल कुमार, आकिब राणा एडवोकेट और सुरेंद्र सिंह आदि प्रमुख थे।
लखनऊ/हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में उत्तर प्रदेश की ‘टीम लखनऊ’ का राहत अभियान लगातार जोर-शोर से जारी है। भारतीय सेना के सक्रिय सहयोग से यह टीम अब तक 8 टन से अधिक राहत सामग्री आपदा पीड़ितों तक सफलतापूर्वक पहुंचा चुकी है।
दुर्गम गाँवों पर विशेष ध्यान
राहत सामग्री वितरण के लिए ‘टीम लखनऊ’ ने विशेष रूप से मंडी जिले के उन दुर्गम और आंतरिक गाँवों को चुना, जहाँ भौगोलिक चुनौतियों के कारण मदद पहुंचाना बेहद कठिन था।
शामिल गाँव: स्यून, लडभड़ोल, सीमस, बादोर्तू, बशर, सौहार, आरिया और कुतर जैसे गाँव में टीम ने सहायता पहुंचाई।
वितरित सामग्री: टीम ने बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री और दैनिक जरूरत की चीज़ों का वितरण किया। इसके अतिरिक्त, कई जरूरतमंद गरीब परिवारों को तिरपाल भी दिए गए, जो उन्हें अस्थाई आश्रय प्रदान करने में सहायक होंगे।
हर जरूरतमंद तक पहुंचेगी टीम लखनऊ : मुर्तुजा अली’
टीम लखनऊ’ के लीडर मुर्तुजा अली ने इस मानवीय प्रयास पर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “टीम लखनऊ हर जरूरतमंदों तक पहुंचेगी।” यह अभियान विपरीत परिस्थितियों में भी ज़रूरतमंदों तक मदद पहुँचाने की टीम की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस मानवीय प्रयास में भारतीय सेना की ओर से सूबेदार राजकुमार ने सहयोग किया, जबकि ‘टीम लखनऊ’ के सदस्यों में मुर्तज़ा अली, कुदरत उल्लाह खान, अब्दुल वहीद, जसबीर गांधी, इरफ़ान शेख और शाहबाज़ खान सक्रिय रूप से शामिल रहे।
स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं और महिलाओं का सशक्तिकरण
बिजनौर में ‘मिशन शक्ति फेस-5.0’ का व्यापक अभियान
बिजनौर, (06 अक्टूबर 2025)। जनपद बिजनौर में पुलिस विभाग की मिशन शक्ति फेस-5.0 और एंटी रोमियो टीमों द्वारा शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न थानों की टीमों ने एक दर्जन से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रमुख संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम
जिले भर में विभिन्न पुलिस टीमों ने निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए :
|| मंडावर | गांधी इंटर कॉलेज | स्कूल जाते बच्चों को जागरूक किया गया।
|| नूरपुर | प्राथमिक विद्यालय और मोरना देवता बालिका इंटर कॉलेज | बच्चों/महिलाओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।
|| मंडावली | राजकीय इंटर कॉलेज, भागूवाला | छात्राओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।
|| शेरकोट | आर.यू.एम. उच्चतर कॉलेज और आर.यू.एम. हाई स्कूल | लगभग 300 बालिकाओं को जागरूक किया गया।
|| महिला थाना | गीता इण्टर कॉलेज | महिलाओं और बालिकाओं को एकत्रित कर जागरूक किया गया।
|| बिजनौर नगर | वर्धमान कॉलेज, लुइस ली पार्कर बाल विद्यालय, राधाकृषण स्कूल व प्राथमिक विद्यालय काशीराम कालोनी | हेल्पलाइन नंबरों और ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी दी गई।
|| हल्दौर | राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, झालू व ग्राम ईनामपुरा | एंटी रोमियो टीम द्वारा महिलाओं/बालिकाओं को जागरूक किया गया।
|| शिवाला कला | एस.के.एम. पब्लिक इंटर कॉलेज, मझोला गुर्जर नवादा अड्डा | छात्राओं हेतु जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया।
|| बढ़ापुर | किसान इंटर कॉलेज, ग्राम रहमापुर | बालकों/बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी दी गई।
|| धामपुर | आर.एस.एम. इंटर कॉलेज | कक्षा 6 से 10 तक की बालिकाओं के लिए दौड़ प्रतियोगिता कराई गई और पुरस्कृत किया गया।
|| नगीना देहात/नगीना | बलबीर इंटर कॉलेज, कोटकादर व ग्राम कालाखेड़ी | 60 छात्राओं को हेल्पलाइन व कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
|| चांदपुर | लोकप्रिय इण्टर कॉलेज, ग्राम केलनपुर, श्री कृष्ण इण्टर कॉलेज, जलीलपुर व कस्बा चांदपुर | प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।
|| नजीबाबाद | आर्य कन्या इंटर कॉलेज, नजीबाबाद | लगभग 100 बालिकाओं को जागरूक किया गया।
|| रेहड़ | गांव केहरीपुर जंगल | क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ।
|| हीमपुर दीपा | ग्राम सिकरौंधा प्राइमरी स्कूल | महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया गया। |सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी।
सभी कार्यक्रमों में पुलिस टीमों ने छात्राओं और महिलाओं को आपात स्थिति में मदद के लिए विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
* 181: महिला हेल्प लाइन नंबर
* 1090: वूमेन पावर लाइन
* 112: पुलिस आपातकालीन सेवा
* 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर
* 1930: साइबर हेल्पलाइन नंबर
* 102/108: स्वास्थ्य सेवा/एंबुलेंस नंबर
जागरूकता के मुख्य विषय एवं कल्याणकारी योजनाएँ
पुलिस टीमों ने छात्राओं और महिलाओं को साइबर अपराधों (मोबाइल से परेशान करना, अश्लील मैसेज भेजना), घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, और उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने तथा उनसे बचाव संबंधी जागरूक किया। साथ ही, सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे कन्या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना, सामूहिक विवाह योजना, छात्रवृत्ति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि महिलाएं और बालिकाएं स्वावलंबी बन सकें। कार्यक्रमों के दौरान पुलिस टीमों ने उपस्थित महिलाओं व बालिकाओं से उनकी समस्याएं और कुशलक्षेम पूछा। धामपुर में दौड़ प्रतियोगिता और चांदपुर में प्रभात फेरी जैसे आयोजनों ने अभियान को रोचक और प्रभावी बनाया।
बनेंगे विश्व रिकॉर्ड, 26 लाख दीयों, 1100 ड्रोन के भव्य शो और 2100 लोगों द्वारा महाआरती
मंत्री जयवीर सिंह के निर्देश, अयोध्या में 18 अक्टूबर को होगा मॉक ड्रिल
अयोध्या में दीपोत्सव-2025 की तैयारियों को अंतिम रूप
दीपोत्सव-2025 बनेगा अतुलनीय, मिलेगा सामाजिक संदेश और वैश्विक पहचान- जयवीर सिंह
लखनऊ, (06 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दीपोत्सव-2025 की तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि इस वर्ष का दीपोत्सव अब तक का सबसे भव्य और अतुलनीय हो। मंत्री ने बताया कि 18 अक्टूबर को अयोध्या में दीपोत्सव-2025 की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि मुख्य आयोजन से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की सघन जांच हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि शोभायात्रा में मिशन शक्ति एवं स्वच्छ भारत अभियान की झलक विशेष रूप से प्रस्तुत की जाए। ताकि जनसामान्य को भव्यता के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी मिले।
राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह आज गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के संबंध में पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 26 लाख से अधिक दीप जलाने, लेजर शो, स्वदेश निर्मित 1100 ड्रोन का शो आदि का प्रदर्शन किए जाने की तैयारी अंतिम रूप ले रही है। इस वर्ष भी दीप प्रज्ज्वलन का विश्व कीर्तिमान स्थापित होगा। सरयू तट पर 2100 लोगों द्वारा महाआरती विशेष आकर्षण होगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने केंद्र सरकार के पर्यटन, संस्कृति एवं भारतीय विदेश मंत्रालय सहित अन्य अधिकारियों को आमंत्रित करने की भी बात कही। साथ ही, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संस्कृति विभाग के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। दुनियाभर के कई राष्ट्रों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने कहा, ‘रामकथा पार्क तक आमजन की पहुंच को आसान बनाने की व्यवस्था की जाए। आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, उसके व्यापक प्रबंध किए जाएं। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय रामलीला को वैश्विक पहचान दिलाने के हर संभव प्रयत्न किए जाएं। उन्होंने बताया कि राम और रामायण की थीम पर विविध प्रस्तुतियां होंगी। संस्कृति विभाग की ओर से देश के सभी राज्यों से आने वाली नृत्य मण्डली प्रदर्शन करेगी। रामनगरी में 10 जगहों पर सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।’
इको फ्रेंडली आयोजन की प्राथमिकता पर जोर
मंत्री जयवीर सिंह ने इको फ्रेंडली आयोजन की प्राथमिकता पर जोर दिया। युवाओं और बच्चों के लिए विशेष सेल्फी पॉइन्ट बनाया जाएगा, जहां प्रभु श्रीराम और भक्त हनुमान के चित्र के साथ सेल्फी की व्यवस्था होगी। इसके साथ, जगह-जगह साइनेज, पीने के पानी, स्वच्छता, सजावट, मूलभूत सुविधाएं और आगंतुकों को जानकारी उपलब्ध कराने को ध्यान में रखते हुए अंतिम योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा। सरयू तट स्थित राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख से अधिक दीयों की ज्योति एकसाथ प्रज्वलित कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अयोध्या में 33,000 पंजीकृत स्वयंसेवक सक्रिय रूप से भाग लेंगे और भगवान राम के नाम पर दीप प्रज्ज्वलन करेंगे। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘दीपोत्सव केवल आस्था का नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक नवाचार का भी अद्भुत संगम बन गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन को और आकर्षक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम में शोभायात्रा, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन मैपिंग, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो, कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो, म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो, भव्य हाइड्रोलिक स्क्रीन एवं वाटर टैबलो जैसी भव्य प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा 100 कलाकारों की सजीव सांगीतिक प्रस्तुति भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
‘प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने निर्देश दिया कि राम पथ सहित अन्य मार्गों पर रोशनी, सफाई और सजावट के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। कार्यदायी संस्था से पेड़ों को भी सजाए जाने को कहा है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के आयोजन में परेशानी न हो इसके लिए नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की गई है। महिला आधारित झांकियों के माध्यम से महिला शक्ति का संदेश दिया जाएगा। सरकारी योजनाओं की जानकारी देती झांकियां भी होंगी। इस बैठक में महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, निदेशक ईको पर्यटन प्रखर मिश्र, पर्यटन मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
‘हालात को दोष मत दो, अगर मैं आईएएस बन सकता हूं, तो कोई भी सिविल सेवा में भाग लेने की कोशिश कर सकता है।’ एक इंटरव्यू में गोविंद जायसवाल के कहे गए यह शब्द लाखों युवाओं को मोटिवेट करने के लिए काफी हैं।
निरंकारी राजपिता ने दिया प्रेम और भाईचारे का संदेश
मुरादाबाद। संत निरंकारी सत्संग भवन के निकट बुद्धि विहार आवास विकास मुरादाबाद में रविवार को परम आदरणीय निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी के पावन सानिध्य में एक विशाल निरंकारी संत समागम संपन्न हुआ। शाम 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक चले इस समागम में बड़ी संख्या में संत-महापुरुष और साथ संगत पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।
दिव्य प्रवचन: इंसानियत और सहनशीलता की आवश्यकता
निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी ने अपने दिव्य प्रवचन में आज के सामाजिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद में प्रेम और उत्साह के साथ आई सारी साथ संगत को देखकर मन बहुत प्रफुल्लित हो रहा है। राजपिता ने कहा कि आज दुनिया में इंसान एक “भीड़ का हिस्सा” बनता जा रहा है—एक ऐसी भीड़ जो सिर्फ नुकसान का कारण बन रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि: आज के दौर में इंसान, इंसान का दुश्मन बना हुआ है और इंसानियत मर चुकी है। अत्याधुनिक समय में साधनों और शिक्षा की कोई कमी न होने के बावजूद, इंसान की सोच और व्यवहार नुकसान पहुंचाने वाला बना हुआ है। सहनशीलता वाले गुण खत्म होते जा रहे हैं, और लोग अपने से विभिन्न विचार रखने वाले को अपना दुश्मन मान लेते हैं।
निरंकारी मिशन: प्रेम से जीवन को सजाने का मार्ग
राजपिता ने समागम में उपस्थित विशाल संत समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल संख्या में आए संत महापुरुष, जो प्रेम और अमन का संदेश दे रहे हैं, वे भीड़ का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने मिशन के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा: निरंकारी मिशन प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहा है, जो मानव को मानव से जोड़ने की बात करता है। उन्होंने जोर दिया कि “न बर की न तकरार की, आज जरूरत है प्यार की।” हम सभी को आपस में बहुत ही प्यार और सद्भाव के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि “प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करे।” राजपिता ने कहा कि यहां आया हुआ हर एक संत ब्रह्म ज्ञानी है, जिसने प्रभु परमात्मा को इन आंखों से देखकर परमानंद की अवस्था प्राप्त की है। निरंकारी मिशन मानव मात्र को परमात्मा के साथ जोड़कर उन्हें मानवीय गुणों से युक्त जीवन जीने का सलीका सिखा रहा है।
आभार प्रदर्शन और विशेष योगदान
समागम के सफल आयोजन पर मुरादाबाद ब्रांच के संयोजक महात्मा रामनाथ जी ने सभी संत-महापुरुषों, साथ संगत और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस विशाल आयोजन में बरेली जोन 58 ए के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल का भी विशेष योगदान रहा। समागम ने उपस्थित सभी लोगों को प्यार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से युक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।
उत्साह और रोमांच से भरा रहा प्रतियोगिता का दूसरा दिन
अंतर्जनपदीय पुलिस खेल में बिजनौर टीम का दबदबा
बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित अंतर्जनपदीय पुलिस वॉलीबॉल एवं सेपक टकरा प्रतियोगिता (बरेली जोन) वर्ष-2025 का दूसरा दिन उत्साह और रोमांच से भरा रहा। इस दिन विभिन्न श्रेणियों के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए, जिनमें जनपद बिजनौर की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।
पुरुष वॉलीबॉल: बिजनौर और शाहजहाँपुर फाइनल में
पुरुष वॉलीबॉल श्रेणी में रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए, जिससे फाइनल की टीमें तय हुईं:
प्रथम सेमीफाइनल: जनपद शाहजहाँपुर ने कड़े मुकाबले में जनपद मुरादाबाद को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
दूसरा सेमीफाइनल: मेजबान जनपद बिजनौर ने अमरोहा की टीम को पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
महिला वॉलीबॉल: बिजनौर ने जीता फाइनल
महिला वॉलीबॉल श्रेणी में फाइनल मुकाबला बिजनौर और शाहजहाँपुर के बीच खेला गया।
फाइनल मैच: जनपद बिजनौर की महिला टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जनपद शाहजहाँपुर को हराया और खिताब अपने नाम किया।
सेपक टकरा में भी बिजनौर का शानदार प्रदर्शन
सेपक टकरा के खेलों में भी बिजनौर की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने फाइनल में जगह बनाई।
पुरुष सेपक टकरा
पुरुष सेपक टकरा के सेमीफाइनल मुकाबलों के परिणाम इस प्रकार रहे:
प्रथम सेमीफाइनल: जनपद पीलीभीत ने मुरादाबाद को हराकर जीत दर्ज की।
दूसरा सेमीफाइनल: जनपद बिजनौर ने रामपुर को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
महिला सेपक टकरा
महिला सेपक टकरा में भी बिजनौर की टीम ने शानदार खेल दिखाया:
प्रथम सेमीफाइनल: जनपद शाहजहाँपुर ने मुरादाबाद को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।
दूसरा सेमीफाइनल: जनपद बिजनौर ने बदायूँ की टीम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन हुए इन परिणामों ने यह सुनिश्चित कर दिया कि अंतिम दिन के मुकाबले और भी अधिक रोमांचक होंगे। बिजनौर पुलिस की टीमों ने खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया, जिससे जोन स्तर पर जनपद का गौरव बढ़ा है।
कोचिंग के ‘भ्रमजाल’ से बचें यूपीएससी छात्र: पूर्व IPS सुलखान सिंह की नसीहत
विकास दिव्यकीर्ति और खान सर जैसे लोकप्रिय शिक्षकों के विज्ञापनी दावों पर उठा सवाल
लखनऊ/दिल्ली: पूर्व आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे छात्रों को आगाह करते हुए विकास दिव्यकीर्ति और खान सर जैसे लोकप्रिय कोचिंग संचालकों के प्रभाव से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने साफ कहा है कि छात्रों को इन कोचिंग संस्थानों के ‘भ्रमजाल’ में नहीं फंसना चाहिए, क्योंकि इनका कोई खास फायदा नहीं होता।
कोचिंग पर कार्रवाई और विज्ञापनी रणनीति पर सवाल
सुलखान सिंह ने अपनी बात के समर्थन में विकास दिव्यकीर्ति की कोचिंग पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उनकी बहुप्रचारित कोचिंग पर पहले 3 लाख और अब 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम द्वारा कोचिंग सेंटर को सील भी किया गया था। सुलखान सिंह ने कहा कि जो कोचिंग बेबाकी (डेयरडेरी) और चिप्स वाली (चीप्ड) बातें करते हैं, वे छात्रों को आकर्षित (ड्रू) करने में कामयाब रहते हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब उन्होंने विकास दिव्यकीर्ति और खान सर को आरक्षण और वैयक्तिक परीक्षाओं से बिल्कुल गैरजरूरी बातें करते सुना तो उन्हें लगा कि ये कौन सी उपयोगी बातें कर रहे हैं, लेकिन अब पता चला है कि ‘यह तो विज्ञापन है!’।
सुलखान सिंह द्वारा छात्रों को दी गईं 20 महत्वपूर्ण सलाह
पूर्व अधिकारी ने प्रतिस्पर्धी छात्रों को आत्मनिर्भर तैयारी करने पर जोर देने के लिए निम्नलिखित विस्तृत सलाह दी है:
1. रुचि का वैकल्पिक विषय चुनें | स्कोरिंग विषयों के बजाय अपनी रुचि के हिसाब से विषय तय करें, जिसे पढ़ने में आनंद आता हो। साथ ही, अपनी बात को अच्छे से अभिव्यक्त (Express) करने वाली भाषा को ही परीक्षा का माध्यम चुनें।
2. स्वयं तैयारी करें | अपनी तैयारी खुद करें। किसी अनुभवी और गंभीर प्रतियोगी से परामर्श लेना सफल हो सकता है।
3. सिलेबस प्रिंट करें | यूपीएससी या डीओपीटीआई की वेबसाइट से 100% सिलेबस डाउनलोड और प्रिंट करें।
4. 100% तैयारी अनिवार्य | सिलेबस के अनुसार 100% तैयारी करें, ‘सेल इंटरेक्शन अध्ययन’ (चुनिंदा अध्ययन) से काम नहीं चलेगा।
5. अनिवार्य विषय की पूरी तैयारी | अनिवार्य विषयों को पूरा पढ़ें, चाहे वे अच्छे लगें या न लगें।
6. स्तर का ध्यान रखें | वैकल्पिक विषय का स्तर स्नातक स्तर का होता है, जबकि अनिवार्य विषय का स्तर सामान्य होता है।
7. CSAT की तैयारी | CSAT के लिए बाजार में उपलब्ध अच्छी गाइड (सलाह) से तैयारी करें।
8. पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास | कम से कम पांच साल के प्रश्न-पत्र और कट-ऑफ डाउनलोड करके उनका गहन अभ्यास करें।
9. समयबद्ध मॉक टेस्ट | सही, पूर्ण रूप से डिज़ाइन किए गए मॉक टेस्ट (नासिका) को निर्धारित समय के भीतर हल करें और स्कोर देखें।
10. पुनः अभ्यास | एक-दो घंटे बाद, उसी प्रश्न-पत्र को पुनः हल करें और अपनी टाइमिंग व स्कोर की तुलना करें।
11. लिखित परीक्षा का अभ्यास | निबंधात्मक प्रश्न-पत्रों को भी निर्धारित समय के अंदर हल करने का बार-बार अभ्यास करें।
12. सभी प्रश्न हल करें | अच्छी तरह से हल किए गए सभी सवाल ज्यादा नंबर +मार्क्स) दिलाएंगे बजाय बहुत अच्छी तरह से हल किए गए कुछ सवालों के। समय का बंटवारा करें।
13. लिखित अभ्यास की अनिवार्यता | सभी प्रश्न अच्छे तरीके से और निर्धारित समय के भीतर कर पाने के लिए लिखित परीक्षा का अभ्यास बहुत जरूरी है।
14. जांच करें | सभी प्रश्न हल करने के बाद जांच लें कि कहीं कोई नंबर देना भूल तो नहीं गए हैं।
15. कोचिंग सामग्री पर संदेह | अधिकांश कोचिंग की पठन सामग्री औसत से नीचे होती है।
16. साक्षात्कार की तैयारी | व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) में, अनुभवी सदस्य (पूर्व आईएएस/पीसीएस अधिकारी) वाले सलाहकार/कोचिंग की मदद लें।
17. खुद पर भरोसा रखें | “कठिन काम हम तुरंत कर लेते हैं; असंभव में थोड़ा समय लग सकता है”।
18. असफलता से न घबराएं | असफल होने का कारण रिक्तियों की कमी है, न कि आपकी कमी। असफलता जीवन का अंत नहीं है।
19. रोजगार पर ध्यान दें | जो रोजगार मिले, उसे ले लें, छोड़ो नहीं। माता-पिता पर उनके सामर्थ्य से अधिक दबाव न डालें।
20. ध्यान करें | प्रातः सायं पांच मिनट ध्यान करें, जिससे एकाग्रता बढ़ेगी। |उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने माता-पिता, भाई-बहन और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए रोजगार के लिए प्रयास करें और परमात्मा पर भरोसा रखें।
पहले भी हुए विवाद!
विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विकास दिव्यकीर्ति और खान सर के बारे में विज्ञापनी दावों पर कोई विशिष्ट विवाद सामने नहीं आया है, हालांकि विकास दिव्यकीर्ति ने एक मानहानि केस का सामना किया है, जिस पर उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। यह विवाद उनके किसी टिप्पणी से जुड़ा था, न कि सीधे उनके कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों या दावों से! इसी तरह, खान सर से संबंधित कोई विवाद या सवाल सामने नहीं आए हैं!
ये भी ध्यान देने योग्य
विकास दिव्यकीर्ति से जुड़ा मुद्दा
मानहानि का केस: विकास दिव्यकीर्ति पर न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक टिप्पणी के कारण मानहानि का केस दर्ज किया गया था।
अजमेर कोर्ट का समन: अजमेर की एक अदालत ने उन्हें पेश होने के लिए समन भेजा था, जिसके खिलाफ उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। विवाद का कारण:यह विवाद उनके विज्ञापनों से जुड़ा नहीं है, बल्कि उनकी एक सार्वजनिक टिप्पणी से संबंधित है।
खान सर से जुड़ा कोई विवाद नहीं
खान सर से संबंधित किसी भी विज्ञापनी दावों या विवाद का उल्लेख वर्तमान खोज परिणामों में नहीं मिलता है।
कुल मिलाकर निष्कर्ष?
विकास दिव्यकीर्ति और खान सर दोनों ही लोकप्रिय शिक्षक हैं, और उनके कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों पर कोई आम विवाद सामने नहीं आया है। जो मुद्दा चर्चा में है, वह विकास दिव्यकीर्ति द्वारा की गई एक टिप्पणी के कारण उन पर दायर किए गए मानहानि केस से जुड़ा है।
You must be logged in to post a comment.