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update रहें…हर दम, हर पल

  • जमीन मुआवजा घोटाले में 2 PCS अधिकारियों पर केस दर्ज

    SDM आरडी राम व SDM अशोक कनौजिया पर दर्ज हुआ मुकदमा

    किसानों को मनमाने तरीके से मुआवजे देने का आरोप

    डीएम अमेठी ने जांच के बाद हजारों किसानों को भेजा नोटिस

    लखनऊ (एजेंसियां)। अमेठी में अरबों रुपए का घोटाला सामने आया है। हाईवे चौड़ीकरण के नाम पर अरबों रुपए एसडीएम हजम कर गए। इस संबंध में कानूनगो सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर दो एसडीएम आरडी राम और अशोक कुमार कनौजिया समेत अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

    आखिर क्या है पूरा मामला?

    वर्ष 2014 में केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद अमेठी में एनएच-56 के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। निर्माण से पहले एनएचएआई के अनुरोध पर राजस्व विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के अलावा जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में कस्बे में लोगों को जाम से राहत देने के लिए शहर के बाहर बाईपास का सर्वे किया। आरोप है कि सर्वे के बाद अफसरों ने गलत तरीके से कृषि योग्य भूमि का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना निर्धारित करने के बजाय एनएच से सटी जमीन का सर्किल रेट कई गुना अधिक के बराबर बना दिया। मुआवजा निर्धारण और वितरण में गड़बड़ी के सामने आने के बाद अमेठी जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई तो 384 करोड़ का घोटाला सामने आया।

    2020 में जारी हुआ नोटिस

    अमेठी जिला प्रशासन ने जांच टीम की ओर से तैयार रिपोर्ट को शासन को भेजा था। अमेठी की मुसाफिरखाना तहसील में दो बाईपास के लिए अवार्ड और मुआवजा वितरण की कार्रवाई एसडीएम आरडी राम के कार्यकाल में शुरू हुई। आरडी राम 23 फरवरी 2015 से 18 सितंबर 2015 तक सात महीने मुसाफिरखाना के एसडीएम रहे। इसके बाद उनके स्थान पर 19 सितंबर 2015 को अशोक कुमार कनौजिया की तैनाती हुई और वह 25 मार्च 2016 तक एसडीएम रहे। अशोक कुमार कनौजिया का भी जमीन अवार्ड करने में अहम रोल रहा है। 2020 में मामले के खुलासे के बाद नोटिस जारी हुई थी। इसके बाद अफसरों ने मुआवजा वितरण पर रोक लगा दी थी। कानूनगो की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ केस

    कानूनगो की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ केस

    इस मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय मुसाफिरखाना में तैनात कानूनगो सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर मुसाफिरखाना तहसील के दो एसडीएम आरडी राम और अशोक कुमार कनौजिया समेत अज्ञात के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है विवेचना जारी है। साक्ष्य के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

    सुलतानपुर में भी हो चुकी है 200 करोड़ की अनियमितता

    वर्ष 2018 में सुलतानपुर में भी एनएच-56 के जमीन अधिग्रहण में 200 करोड़ का घोटाला सामने आया था। एनएच 56 पर कुल 5 बाईपास बनने थे, जिसमें 75 में से 38 गांव प्रभावित हो रहे थे। इन 38 गांव पर न ही कोई नेशनल हाइवे है और न ही स्टेट हाइवे। बावजूद इसके इन 38 गांव के करीब 6 हजार काश्तकारों को करीब 200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन डीएम विवेक ने शासन से सीबीआई जांच तक की सिफारिश की थी, हालाकि यह मामला आज भी कोर्ट में लंबित है और बाईपास निर्माण अधर में होने से सुलतानपुर से वाराणसी मार्ग अधूरा है।

    सर्किल रेट एनएच किनारे की जमीन का होता है ज्यादा

    जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजे की राशि सर्किल रेट के आधार पर तय किया जाता है। जिला मजिस्ट्रेट चार तरह के मानक पर इसका निर्धारण करते हैं। राष्ट्रीय या राजकीय राजमार्ग के किनारे की भूमि का सर्किल रेट सबसे ज्यादा होता है। इसके बाद संपर्क मार्ग, फिर चकरोड और उसके बाद ऐसे चक जिस पर जाने का कोई साधन न हो।

    “तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन दो अफसरों के नाम है, उनके बारे में बताया जा रहा है कि एक रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक शासन में तैनात है। इससे ज्यादा अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।” ~विनोद कुमार सिंह कोतवाल मुसाफिरखाना

  • कैब बेचने लाए थे लिसाड़ी गेट मेरठ 

    दिल्ली में कार से घसीटकर कैब ड्राइवर की हत्या, दो आरोपी मेरठ में गिरफ्तार

    नई दिल्ली/मेरठ। दिल्ली के महिपालपुर में कैब चालक को सड़क पर घसीटकर उसकी हत्या करने और कार लूटकर भागने वाले लुटेरों को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के पास से तमंचा और लूटी गई कार बरामद कर ली गई है। दोनों से पूछताछ के बाद दिल्ली की वारदात का खुलासा हुआ, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने मेरठ में डेरा डाल दिया है।

    दिल्ली के महिपालपुर में दो लोगों ने 10 अक्तूबर की रात एक कैब बुक की थी। दोनों बदमाशों ने कार में सवार होने के बाद तमंचे के बल पर कैब चालक फरीदाबाद निवासी बिजेंद्र शाह को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने एनएच-8 पर चलती कार से बिजेंद्र को बाहर फेंक दिया था। बिजेंद्र का हाथ गाड़ी में फंस गया और बदमाशों ने उन्हें करीब आधा किलोमीटर तक घसीट दिया। इसके बाद आरोपी कार लेकर फरार हो गए थे। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वारदात की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया। दोनों लुटेरे लूटी गई इसी कार को बेचने के लिए मेरठ लेकर आए थे। यहां लिसाड़ी गेट में कार का सौदा किया जाना था, लेकिन चेकिंग में आरोपियों को दोपहर के समय दबोच लिया गया। आरोपियों से पूछताछ हुई तो दिल्ली में हुई कैब चालक की हत्या और लूट का खुलासा हुआ।

    पकड़े गए बदमाशों की पहचान मिराज निवासी लोहियानगर और आसिफ निवासी किठौर, मेरठ के रूप में हुई। दोनों ही शातिर अपराधी हैं और चार साल से गाजियाबाद के लोनी में रहते हैं। बदमाशों की धरपकड़ की सूचना दिल्ली पुलिस को दी गई। देरशाम दिल्ली पुलिस के डीसीपी फोर्स के साथ मेरठ पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की। इस मामले में मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

    'दिल्ली के महिपालपुर में कैब चालक की हत्या करके कार लूटने वाले दोनों बदमाशों को मेरठ पुलिस ने लिसाड़ी गेट इलाके में गिरफ्तार किया है। कैब बरामद की गई है। दिल्ली पुलिस की टीम फिलहाल पूछताछ की रही है। बाकी कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। ~'पीयूष सिंह एसपी सिटी, मेरठ। 
  • 2 हजार के नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट

    देश के 19 शहरों में अब भी बदल सकते हैं ₹2000 के नोट …

    नई दिल्ली। ₹2000 के नोट को सरकार ने चलन से बाहर कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों से अपने ₹2000 के नोट बदलने के लिए लोगों को 7 अक्टूबर तक का समय दिया था। यदि अब भी आप अपने नोट पूरी तरह नहीं बदल पाए हैं, तो घबराएं नहीं। देश के 19 शहरों में आप अब भी₹2000 के नोट बदल सकते हैं। चलन से बाहर होने के बावजूद ₹2000 के नोटों का लीगल टेंडर अभी भी बना हुआ है। मतलब ये है कि कानूनी तौर पर ₹2000 के नोट अभी भी अवैध नहीं हुए हैं। यह अब भी आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों में बदले जा सकते हैं।

    मान्य होंगे पुराने ही नियम –

    आरबीआई के रीजनल ऑफिस (क्षेत्रीय कार्यालय) देश के 19 शहरों में हैं। इन ऑफिस पर ₹2000 के नोट बदलवाने के लिए नियम पुराने ही लागू होंगे। मतलब आप अब भी एक बार में ₹2000 के 10 नोट यानी 20,000 रुपए ही बदलवा सकेंगे। यदि आप आरबीआई के रीजनल ऑफिस में खुद नहीं जा सकते तो अपने नोट भारतीय डाक से भिजवा सकते हैं। इसके साथ में आपको अपनी बैंक डिटेल्स भेजनी होंगी, ताकि नोटों का अमाउंट आपके खाते में क्रेडिट हो जाए।

    ये है शहरों की लिस्ट ~

    अहमदाबाद

    बेंगलुरू

    बेलापुर

    भोपाल

    भुवनेश्वर

    चंडीगढ

    चेन्नई

    गुवाहाटी

    हैदराबाद

    जयपुर

    जम्मू

    कानपुर

    कोलकाता

    लखनऊ

    मुंबई

    नागपुर

    नई दिल्ली

    पटना

    तिरुवनंतपुरम

  • पशुशाला में बंधी बछिया को निवाला बनाने की कोशिश

    दो अलग-अलग स्थानों पर गुलदार के हमले से दहशत

    पीछा करते गुलदार से बामुश्किल बच सका बाइक सवार युवक

    ~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।

    बिजनौर। थाना बढ़ापुर क्षेत्र के दो अलग अलग स्थानों पर गुलदार के हमले से इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है। मंगलवार को एक मार्ग पर गुलदार ने कई बाईक सवारों पर हमला करने का प्रयास किया तो वहीं दूसरी पशुशाला में बंधी हुई बछिया को अपना निवाला बनाने की कोशिश की लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हो पाई।

    जिले भर में लोगों को मौत की नींद सुलाने के बाद गुलदार का आतंक अब बढ़ापुर इलाके में पैर पसार रहा है। बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के ग्राम तारापुर के समीप मंगलवार को सवेरे 10 बजे बढ़ापुर-रायपुर मार्ग पर एक गन्ने के खेत से निकल कर मार्ग की ओर आए गुलदार ने इस्लामगढ़ निवासी बाइक सवार युवक पर हमला करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि युवक किसी प्रकार अपनी जान बचाने में सफल रहा। बाइक सवार युवक के पीछे बाइक से बढ़ापुर आ रहे कारी अराफात गुलदार ने बाइक के पीछे गुलदार के भागने का मंजर देखा तो अपनी बाइक घुमाकर वहां से निकाल कर ले गए। इसके बाद मार्ग से गुजरने वाले कई बाइक सवार राहगीरों पर गुलदार ने हमला किया। परन्तु गुलदार किसी को कोई नुकसान नहीं पहुँच पाया।

    दूसरी ओर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव जहानाबाद खोबड़ा निवासी सूरज कश्यप की पशुशाला में सोमवार को देर रात करीब दो बजे गुलदार ने धावा बोलकर पशुशाला में बंधी एक बछिया को अपना निवाला बनाने का प्रयास किया। शोर सुनकर सूरज का छोटा भाई साजन कश्यप बछिया को बचाने पहुँचा तो गुलदार उस पर भी हमलावर हो गया। साजन ने चीख पुकार मचा दी, जिसको सुनकर सूरज व अन्य परिजन भी मौके पर पहुँच गए। इसके बाद लाठी डंडे लेकर शोर मचाते हुए गुलदार को पशुशाला से भगाया। ग्रामीणों ने एक के बाद हमले को देखते हुए वन विभाग से गुलदार से निजात दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जब बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र कुमार से बात करनी चाही तो उनका फोन रिसीव नहीं हो पाया।

  • यूजर्स भी हुए काफी हैरान और दिखे परेशान

    आखिर मोबाइल पर बार-बार अलर्ट मैसेज का क्या था मतलब?

    नई दिल्ली। भारत सरकार की तरफ से एक बार फिर से स्मार्टफोन यूजर्स को अलर्ट का मैसेज भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि 10 अक्टूबर को एक दो बार नहीं बल्कि चार पांच बार इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज आया। मोबाइल फोन में बार बार अलर्ट का मैसेज देखकर यूजर्स भी काफी हैरान और परेशान दिखे। लोगों के मन बस एक यही जानने की इच्छा थी कि आखिर बार बार अलर्ट का मैसेज क्यों आ रहा है?

    अलर्ट मैसेज का क्या है मतलब?

    आपको बता दें कि इस समय भारत सरकार एक खास तरह के अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर सभी मोबाइल यूजर्स को एक साथ मैसेज भेजा जा सके। इसी फीचर को टेस्ट करने के लिए सरकार की तरफ से अलर्ट का मैसेज भेजा गया। हालांकि इससे पहले मोबाइल यूजर्स को सिर्फ एक बार ही अलर्ट का मैसेज आया था। पहले अलर्ट मैसेज ज्यादातर वीआई यूजर्स को पहुंचे थे लेकिन बाद में यह सभी यूजर्स को सेंड किया गया। बता दें कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से मोबाइल यूजर्स को सैंपल मैसेज भेजा कि अगर आपको भी आज बार बार अलर्ट मिले तो चिंता करने की जरूरत नहीं है, इसे आप इग्नोर कर दें। इस अलर्ट का एक मात्र उद्देश्य यह चैक करना है कि किसी आपदा के दौरान सिस्टम ठीक तरह से काम करेगा या नहीं।

    उपभोक्ताओं से कहा गया कि अगर आपको अलर्ट मैसेज आ रहा है तो इसे लेकर घबराइए नहीं और न ही पैनिक हों। सरकार की तरफ से आने वाला यह अलर्ट मैसेज पैन इंडिया इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का पार्ट है। इसे सरकार National Disaster Management Authority की तरफ से तैयार किया गया है। इसका मकसद लोगों को इमरजेंसी की कंडीशन में तुरंत मैसेज भेजना है। इसके लिए प्रदेश के राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया था कि आपके मोबाइल पर अचानक कम्पन (वाइब्रेशन) के साथ अलग किस्म की आवाज आए तो घबराने की जरूरत नहीं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और दूरसंचार विभाग की ओर से इसका परीक्षण दिनांक 10 अक्टूबर 2023 को किया जाएगा। यह सिर्फ एक अलर्ट मैसेज होगा जो आपको आपदा के प्रति सतर्क करेगा। यह वास्तविक आपात का संकेत नहीं होगा। इससे बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं है।

  • “हॉर्टीकल्चर इंवेस्टर्स मीट-2023” में जुटे देश के माने जाने संस्थानों एवं उद्योगों के प्रतिनिधि

    उद्यान उद्यमी सम्मेलन-2023 में उ. प्र. की आम फल पट्टियों से आम निर्यात बढ़ाने हेतु उद्यमियों के साथ मिलकर फूड पार्क स्थापना और निवेश पर सहमति

    लखनऊ। भाकृअनुप-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ द्वारा आयोजित “हॉर्टीकल्चर इंवेस्टर्स मीट-2023” में मंगलवार को उत्तर प्रदेश की आम फल पट्टियों से आम का निर्यात बढ़ाने हेतु कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ उद्यमियों की विस्तृत चर्चा हुई और एक फूड पार्क स्थापित कर आम की विभिन्न फल पट्टियों से दशहरी, लंग़डा और चौसा और आम की रंगीन किस्मों यथा अम्बिका, अरुणिका किस्मों के निर्यात को बढाने हेतु निवेश पर सहमति हुई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज कुमार सिंह कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार के साथ इनोवा एग्री बायोपार्क बेंगलुरू के प्रबंध निदेशक डा. के. एस. रवि, खंडेलवाल बायोफर्टिलाइजर्स बेलगाम कर्नाटक के अध्यक्ष डा. बाल कृष्ण एवं जैन इर्रिगेशन सिस्टम्स के प्रतिनिधियों के बीच सीधी वार्ता में निवेश हेतु आवश्यक नियमों और शर्तों पर सहमति प्राप्त की गयी।

    इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज कुमार सिंह कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और अपने सम्बोधन में उद्योगों को फूडपार्क स्थापित करने के लिये जमीन उपलब्ध कराने और हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने अपने सम्बोधन में बताया कि सरकार हर जिले में दो हाई टेक पौधशालायें स्थापित करने जा रही है जिससे कि किसानों की फल एवं सब्जियों की पौध की आवश्यकता पूरी करने में मदद मिलेगी।

    कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों एवं स्टार्ट अप प्रबंधकों और ए बी आई इंकुबेटी के साथ सीधी वार्ता की गई। उ. प्र. सरकार के कृषि अपर सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी ने सहभागियों को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के हित में सरकार की तरफ से हर तरह का सहयोग एवं सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

    इस अवसर पर इनोवा एग्री फूड पार्क बेंगलुरू के प्रबंध निदेशक डा. के. एस. रवि ने कर्नाटक में स्थापित फूड पार्क के बारे में विस्तृत चर्चा की और बताया कि फूड पार्क किस तरह दक्षिणी भारत के पांचो प्रदेशों के किसानों के उद्यानिकी उत्पादों के निर्यात में मदद कर रहा है। इसी तर्ज पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी एक फूड पार्क स्थापित करने की योजना का प्रस्ताव दिया है। इस फूडपार्क के माध्यम से आम के साथ साथ अन्य फल और सब्जियों के निर्यात का रास्ता प्रदेशवासियों के लिये खुल जायेगा। उन्होंने बताया कि गामा रेडिएशन की सुविधा युक्त समेकित पैक हाउस की स्थापना हेतु कंपनी निवेश करने जा रही है। इस दौरान डा. के. एस. रवि और केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा लखनऊ के निदेशक डा. टी दामोदरन ने एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किये। साथ ही संस्थान द्वारा विकसित सी आई एस एच बायोएन्हांसर (माइक्रोबियल कंशोर्शियम) के व्यावसायिक उत्पादन हेतु नेचर ग्रीन बायोम, नई दिल्ली के साथ भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

    इससे पूर्व अपने स्वागत भाषण में भाकृअनुप- केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ के निदेशक डा. टी दामोदरन ने बताया कि मलिहाबाद आम फल पट्टी के बागवानों के उत्थान और उत्तर प्रदेश को एक मिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में उद्यान के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। डा. दामोदरन ने अपने भाषण में संस्थान द्वारा विकसित आम एवम अमरूद की नवीनतम किस्मों, फसल उत्पादन, फसल सुरक्षा एवं तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन एवम प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि संस्थान के सहयोग से बहुत से उद्यमी स्टार्ट उप और उद्यम भी स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने संस्थान प्रौद्योगिकियों का फायदा उठाने के लिये निवेशकों का आह्वान किया। संस्थान के पूर्व निदेशक डा. शैलेंद्र राजन ने संस्थान द्वारा विकसित किस्मों को अधिकाधिक मात्रा में पौधे तैयार कर सघन बागवानी की आवश्यकता को देखते हुए किसानों की पौधों सम्बंधी मांग पूरी करने का आह्वान किया।

    इस कार्यक्रम में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान से आये डा. पी. एम. सिंह ने सब्जियों की नवीनतम किस्मों और संस्थान द्वारा विकसित अन्य उत्पादन प्रौद्योगिकियां प्रस्तुत की। देश के विभिन्न कृषि उद्यमी, स्टार्ट अप प्रबंधक, कृषि उत्पादक संघ, इत्यादि के साथ साथ देश के माने जाने संस्थानों एवम उद्योगों के प्रतिनिधि जैसे उत्तर प्रदेश सरकार के सी ई ओ (इंवेस्ट इन यू पी), एपीडा के महाप्रबंधक डा विनीता सुधांशु, खंडेलवाल बायोफर्टिलाइजर्स के अध्यक्ष डा. बाल कृष्ण एवम जैन इर्रिगेशन सिस्टम्स एवं वी एन आर के प्रतिनिधियों के साथ कुल 150 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री निमिशा माहेश्वरी तथा धन्यवाद ज्ञापन डा मनीष मिश्र ने किया।

  • 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का साई लखनऊ में चीफ पोस्टमास्टर जनरल बा॰ सेल्वकुमार ने किया शुभारम्भ

    11 प्रदेशों के 95 खिलाड़ी दिखा रहे दमखम

    डाक कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन 10 में से 4 स्वर्ण उत्तर प्रदेश की झोली में

    लखनऊ। 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारम्भ 10 अक्टूबर को भारतीय खेल प्राधिकरण, नेताजी सुभाष क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ में उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल बा॰ सेल्वकुमार ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने सभी प्रतिभागियों और खेल प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के आरम्भ में विभिन्न परिमण्डलों की टीम ने मार्चपास्ट किया और चीफ पोस्टमास्टर जनरल ने ध्वजारोहण कर सलामी ली। मेजबान उत्तर प्रदेश टीम के कप्तान वेदप्रकाश यादव ने सभी टीमों को शपथ दिलाई। इस प्रतियोगिता में 11 प्रदेशों के डाक परिमंडलों की टीमों सहित कुल 95 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनके बीच 12 अक्टूबर तक टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 124 मैच खेले जायेंगे। प्रथम दिन कुल 59 मैच खेले गए।

    चीफ पोस्टमास्टर जनरल बा॰ सेल्वकुमार ने कहा कि कुश्ती भारत के प्राचीन खेलों में से एक है, जहां इसे मल्ल-युद्ध के नाम से जाना जाता था। नए स्वरूप में कुश्ती देश ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। डाक विभाग कुश्ती सहित विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पदों पर खिलाड़ियों की भर्ती भी करता है। ऐसी प्रतियोगिताएं कर्मचारियों में उत्साहवर्धन करती हैं, उन्हें स्वस्थ रहने की प्रेरणा देती हैं तथा उनके सामाजिक कौशल का निर्माण करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने हेतु प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों को अंतिम समय तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हार नहीं माननी चाहिए। उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता के आयोजन पर उन्होंने ख़ुशी भी जताई।

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने स्वागत संबोधन में कहा कि कुश्ती प्रतियोगिता खेल भावना, अनुशासन, सहभागिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के दम पर नए आयाम रच रही है। खेल शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के विकास के साथ-साथ किसी भी राष्ट्र की प्रगति व विकास को भी दिखाते हैं। एशियाड खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का परचम लहराते हुए पदकों के मामले में जिस तरह पहली बार शतक का आंकड़ा पार किया, वह सभी खिलाडियों के लिए प्रेरणास्पद है और हम सभी को गौरव की अनुभूति देता है।

    आज की ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में 55 किग्रा. भारवर्ग में ओडिशा के प्रशांत, 60 किग्रा. भारवर्ग में महाराष्ट्र के आनंद, 63 किग्रा. भारवर्ग में उत्तर प्रदेश के संजय राय, 67 किग्रा. भारवर्ग में महाराष्ट्र के शिवाजी, 72 किग्रा. भारवर्ग में उत्तर प्रदेश के अमलेश यादव, 77 किग्रा. भारवर्ग में उत्तर प्रदेश के विकास, 82 किग्रा. भारवर्ग में हरियाणा के जितेंद्र, 87 किग्रा. भारवर्ग में हरियाणा के साहिल, 97 किग्रा. भारवर्ग में उत्तर प्रदेश के प्रतीक पांडेय एवं 130 किग्रा. भारवर्ग में बिहार के राकेश कुमार ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

    इस अवसर पर एस.एफ.एच रिजवी पोस्टमास्टर जनरल कानपुर, राजेंद्र प्रसाद महाप्रबंधक वित्त, कृष्ण कुमार यादव पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी, राजीव उमराव पोस्टमास्टर जनरल आगरा, विवेक कुमार दक्ष पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ, गौरव श्रीवास्तव निदेशक प्रयागराज, राम विलास चौधरी निदेशक गोरखपुर, आनन्द कुमार सिंह निदेशक मुख्यालय लखनऊ, सुबोध प्रताप सिंह निदेशक कानपुर, विशाल कुमार पाठक प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ, श्रीमती आयुषी राय उपनिदेशक लेखा, हिमांशु कुमार मिश्र सतर्कता अधिकारी, सुशील तिवारी चीफ पोस्टमास्टर, सहायक निदेशक संतोष कुमार सिंह, खेल विकास अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी व खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

  • ललिथा रविंद्रनाथ की हिंदी में आई नई किताब

    अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल में विधिवत विमोचन

    उत्तर – दक्षिण की सेतु ‘तिरुप्पावे’__

    दक्षिण में जन्मी और पली-बढ़ीं कोयंबटूर के आरवीएस कॉलेज के भाषाई विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर ललिथा रविंद्रनाथ की हिंदी में नई किताब ‘तिरुप्पावे’ शांभवी प्रकाशन नई दिल्ली से प्रकाशित होकर आ गई है। आज इस पुस्तक का अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल में विधिवत विमोचन समारोह पूर्वक हुआ। प्रोफेसर ललिथा की इस पुस्तक का ‘पुरोकथन’ अपना ही है…

    यह पुस्तक को उत्तर दक्षिण एवं हिंदी-तमिल भाषा के बीच में एक सेतु समान है। प्रोफेसर ललिथा की अब तक छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। 6 भाषाओं की जानकार संसदीय कार्य मंत्रालय एवं कौशल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की सदस्य भी हैं। प्रोफेसर ललिथा को अब तक एक दर्जन पुरस्कार, सम्मान और उपाधि प्राप्त हो चुके हैं।
    पुस्तक के पुरोकथन लिखने की जिम्मेदारी देने के लिए प्रोफेसर ललिथा और पुस्तक प्रकाशित करने के लिए शांभवी प्रशासन के कर्ताधर्ता भाई संजीव कुमार के प्रति हार्दिक आभार…

    पुरोकथन

    विशिष्ट परंपरा का अवगाहन करती है ‘तिरुप्पावे’

    विश्व की सबसे पुरानी संस्कृतियों में से एक द्रविड़ संस्कृति और तमिल भाषा का अपना धार्मिक आध्यात्मिक और साहित्यिक योगदान है। प्रोफेसर ललिथा रविंद्रनाथ की द्वादश आल्वारों द्वारा भजनों के माध्यम से गाई गई ईश स्तुति पर केंद्रित और हिंदी में लिखी गई पुस्तक ‘तिरुप्पावे’ शेष भारत और दुनिया से परिचित कराती है। तमिल में आल्वारों के इन भजनों को स्थानीय लोगों में वेदों के समान प्रतिष्ठा प्राप्त है। इन भजनों में भगवद भक्ति तो है ही भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान भी विशद रूप से व्यक्त किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक के अध्ययन और विवेचन से यह बात स्पष्ट होती है कि आल्वारों का रचनाकाल छठी शताब्दी से लेकर नवीं शताब्दी तक है। यह पुस्तक निरंतर तीन शताब्दी तक सनातन धर्म की एक प्राचीन और विशिष्ट परंपरा के अवगाहन का अवसर पाठकों को प्रदान करती है। समस्त आल्वारों का विशद विवेचन पाठकों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक भी है।
    प्रोफेसर ललिथा हिंदी भाषी क्षेत्र की होते हुए भी हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में जिस तरह से अपना योगदान प्रदान कर रही हैं, वह भी प्रेरणादाई है। उनकी यह पुस्तक हिंदी भाषी समाज को अपने ही देश की पुरातन संस्कृति से जोड़ते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण और ज्ञान सागर की ओर आकर्षित करती है। हमें विश्वास है कि प्रस्तुत पुस्तक में वर्णित विषयों से तमिल भाषी तो लाभ उठाएंगे ही हिंदी समाज भी अपने को लाभान्वित कर सकता है। यह पुस्तक दो संस्कृतियों और भाषाओं के बीच मेलजोल में वृद्धि का कारक भी उपस्थित करेगी ऐसा हमें विश्वास है। यह पुस्तक पाठकों में लोकप्रिय हो इसके लिए हमारी अपनी निजी और संपूर्ण हिंदी भाषी समाज की ओर से प्रोफ़ेसर ललिथा रविंद्रनाथ को अनेकानक शुभकामना प्रेषित है।

    गौरव अवस्थी
    संयोजक
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास
    एमआईजी-61, इंदिरा नगर, आरडीए कॉलोनी
    रायबरेली (उप्र) 229001

  • 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का 10 से 12 अक्टूबर तक लखनऊ में आयोजन

    अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता में देश भर के 11 प्रदेशों की टीमों सहित कुल 95 प्रतिभागी लेंगे भाग

    राष्ट्रीय डाक सप्ताह के साथ ही अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का भी आयोजन

    लखनऊ। 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 12 अक्टूबर, 2023 तक भारतीय खेल प्राधिकरण, नेताजी सुभाष क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ में किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में देश भर के 11 प्रदेशों के डाक परिमंडलों की टीमों सहित कुल 95 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।इसमें विभिन्न भार वर्गों में ‘फ्री-स्टाइल’ एवं ‘ग्रीको-रोमन’ कुश्तियों की प्रतियोगिताएं होंगी। उक्त जानकारी प्रेस और पब्लिसिटी कमेटी के चेयरमैन एवं वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने परिमंडलीय कार्यालय स्थित मंथन हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। इसमें मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब और राजस्थान परिमंडल की टीमें शामिल होंगीं।

    इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती टूर्नामेंट का लोगो एवं टीज़र भी जारी किया गया। टूर्नामेंट के कुशल प्रबंधन हेतु सभी पोस्टमास्टर जनरल और महाप्रबंधक (वित्त) की अध्यक्षता में कुल 8 कमेटियां बनाई गई हैं।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस टूर्नामेंट के साथ ही उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को ‘विश्व डाक दिवस’ के बाद उसी क्रम में 9 से 13 अक्टूबर तक ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ का आयोजन भी किया जा रहा है। ‘विश्व डाक दिवस’ की इस वर्ष की थीम ‘टूगेदर फॉर ट्रस्ट’ है। 10 अक्टूबर को वित्तीय सशक्तिकरण दिवस, 11 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 12 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस तथा 13 अक्टूबर को अंत्योदय दिवस मनाया जायेगा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस अवसर पर डाक चौपाल, डाक मेलों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जायेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को डाक सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ अधिकाधिक राजस्व अर्जन पर भी जोर दिया जायेगा। डाक सेवाओं में हो रहे नए परिवर्तनों से स्कूली बच्चों को जोड़ने हेतु डाकघरों का विजिट भी कराया जायेगा। श्री यादव ने कहा कि ‘डाकिया डाक लाया’ से ‘डाकिया बैंक लाया’ तक के सफर में डाक सेवाओं ने तमाम नए आयाम रचे हैं। तमाम ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का डाक विभाग गवाह रहा है।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने यह भी बताया कि 35वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन उ.प्र. के चीफ पोस्टमास्टर जनरल एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पोस्टल स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड श्री बा. सेल्वकुमार द्वारा 10 अक्टूबर को प्रात: 9 बजे भारतीय खेल प्राधिकरण, नेताजी सुभाष क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ में किया जाएगा। इस अवसर पर 11 अक्टूबर की शाम एक सांस्कृतिक संध्या और 12 अक्टूबर की शाम पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जायेगा।

    इस दौरान गौरव श्रीवास्तव निदेशक प्रयागराज, राम विलास चौधरी निदेशक गोरखपुर, शैलेश बंसल निदेशक डाक लेखा, आनन्द कुमार सिंह निदेशक (मुख्यालय) लखनऊ, सुबोध प्रताप सिंह निदेशक कानपुर, आलोक ओझा प्रवर अधीक्षक लखनऊ आरएमएस, शशि कुमार उत्तम सहायक पोस्टमास्टर जनरल (स्टाफ), विशाल कुमार पाठक प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ, हिमांशु कुमार मिश्र सतर्कता अधिकारी, सुशील तिवारी चीफ पोस्टमास्टर, सहायक निदेशक संतोष कुमार सिंह, खेल विकास अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न टीमों के मैनेजर्स इत्यादि उपस्थित रहे।

  • कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करा पा रही बिजनौर पुलिस

    दहेज के लिए उत्पीड़न के अलावा घरेलू हिंसा का भी आरोप

    पहली पत्नी के रहते जेई ने रचा ली दूसरी शादी!

    न्याय पाने को दर दर भटक रही जेई की पत्नी

    लखनऊ। न्यायालय आजमगढ़ के आदेश पर अमल कराने में जनपद बिजनौर की पुलिस रुचि नहीं ले रही। मामला घरेलू हिंसा के संबंध में है। बताया गया है कि आरोपी पति विद्युत विभाग में अवर अभियन्ता के पद पर इसी जिले में कार्यरत है। वह अपनी तथाकथित दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता है, जबकि पीड़िता वहीं किराए का मकान लेकर अलग रहने को मजबूर है। पीड़िता ने न्याय के लिए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन से गुहार लगाई है।

    नीलम चौहान पुत्री रामप्रीत चौहान निवासी छपरा सुल्तानपुर थाना जीयनपुर जिला आजमगढ़ का विवाह 26/11/2015 को सत्य प्रकाश चौहान निवासी ग्राम मिश्रौली थाना घोसी जिला मऊ उ० प्र० से धार्मिक रीति रिवाजों के साथ हुआ था। पीड़िता के पिता ने दो लाख रुपए नकद, गृहस्थी का सभी सामान भी दिया। उस समय पति प्राइवेट कंपनी में कार्यरत था। बाद में 03/04/2016 को सत्य प्रकाश की विद्युत विभाग में नौकरी लग गई। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पीड़िता के सास, ससुर, जेठ, जेठानी दहेज में पांच लाख रुपए लाने का दबाव बनाते हुए उत्पीड़न करने लगे। यही नहीं विभागीय अधिकारियों से मालूम हुआ कि उसके पति ने मोनी नामक महिला से शादी कर ली है और बिजनौर के हल्दौर थाने के सामने डॉक्टर सिरोही के मकान में रह रहा है। उक्त मकान पर पहुंची नीलम को पता चला कि उसका पति अपनी दूसरी पत्नी की डिलीवरी कराने वाराणसी गया हुआ है। इस पूरे प्रकरण के दौरान पीड़िता कई कई माह अपने मायके में भी गुजारने पड़े।

    आखिरकार परेशान होकर नीलम चौहान ने कोर्ट की शरण ली और पति सत्य प्रकाश चौहान के विरुद्ध घरेलू हिंसा (लीविंग इन सेप्रेशन) के संबंध में आदेश पारित हुआ। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में क्षेत्राधिकारी चांदपुर (बिजनौर) व थानाध्यक्ष हीमपुरदीपा को अवगत कराया गया। पीड़िता ने उसके पति के विरूद्ध कार्यवाही करके उसे उनके साथ रहने की व्यवस्था करने की प्रार्थना की। उक्त के संबंध में यह भी बताया कि वह किराये का मकान लेकर शक्ति नगर बिजनौर में अपनी व्यवस्था करके 25 सितम्बर 2023 से रह रही हैं।

    बकौल नीलम चौहान, उसके पति सत्य प्रकाश चौहान मिश्रौली थाना घोसी जनपद मऊ के विरूद्ध घरेलू हिंसा अधि० के अन्तर्गत सक्षम न्यायालय आजमगढ़ द्वारा 03/12/2021 को आदेश पारित किया गया था। आदेश के अनुसार सत्यप्रकाश चौहान अपनी पत्नी नीलम चौहान के विरुद्ध किसी प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक हिंसा कारित नहीं करेगा एवं न ही कोई घरेलू हिंसा का कृत्य करेगा। अपनी पत्नी को साझा गृहस्थी में अपने समान, जहां सामान्य तौर पर रहकर नौकरी कर रहा है अथवा उसी स्तर का अनुकल्पिक व्यवस्था रहने हेतु प्रदान करेगा। साथ ही नीलम चौहान को एक मुश्त 25,000 (पच्चीस हजार) / रू० आदेश के तीन माह के भीतर अदा करेगा।

    पीड़िता नीलम चौहान ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उसके पति सत्य प्रकाश चौहान के विरुद्ध कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक है। सत्य प्रकाश चौहान वर्तमान समय में 33/11 के०वी० विद्युत उपकेन्द्र सिकन्दरी एवं चौकपुरी में अवर अभियन्ता के पद पर कार्यरत है। इस सम्बन्ध में वह पहले भी कई बार प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

  • 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सबसे बड़ा संग्राम : पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान

    3 दिसंबर को घोषित किया जाएगा चुनावों का रिजल्ट

    दो किलोमीटर से दूर नहीं होगा केंद्र

    सिर्फ छत्तीसगढ़ में होगा दो चरणों में मतदान

    चुनाव आयोग की पहल पर चेकपोस्ट

    60.2 लाख वोटर पहली बार डालेंगे वोट

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। चुनाव आयोग ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनावी बिगुल फूंक दिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। वहीं 3 दिसंबर को चुनावों का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

    सिर्फ छत्तीसगढ़ में होगा दो चरणों में मतदान

    चुनाव आयुक्त ने सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि सबसे पहले मिजोरम में 7 नवंबर को मतदान होगा। इसके बाद मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा। छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए 2 चरणों 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। 23 नवंबर को राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा और 30 नवंबर को तेलंगाना की 119 सीटों वाली विधानसभा के लिए वोट डाले जाएंगे। सभी 5 राज्यों के चुनावी नतीजे 3 दिसंबर को आ जाएंगे। बता दें मध्यप्रदेश में अभी बीजेपी सत्ता पर काबिज है, तो वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। तेलंगाना में केसीआर की पार्टी बीआरएस सत्ता में है। तो वहीं, मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट की सरकार है।

    दो किलोमीटर से दूर नहीं होगा केंद्र

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया, 17 अक्टूबर से वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। 17 अक्टूबर से 30 नवंबर तक किसी को भी वोटर लिस्ट से संबंधित कोई भी बदलाव कराना है, तो करा सकता है। ये बीएलओ के जरिए या फिर सीधे वेबसाइट के जरिए करा सकते हैं। इन 5 राज्यों में 1.77 लाख पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। पोलिंग बूथ 2 किलोमीटर से दूर नहीं होगा। चुनाव आयुक्त ने बताया कि बुजुर्गों को घर से वोटिंग सुविधा मिलेगी।

    चुनाव आयोग की पहल पर चेकपोस्ट

    सीईसी (Chief Election Commission-CEC) की पहल पर सभी चुनावी राज्यों में 940 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। सभी राज्यों की सरहदों पर ये चेकपोस्ट बनाई गई हैं। इन्हें राज्यों की पुलिस के साथ-साथ विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां संभालेंगी। जहां से चुनावों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगाह रहेगी। आयोग के अनुसार पैसे की आवाजाही, ड्रग और शराब की तस्करी पर कड़ी नजर रहेगी। इसके अलावा सीईसी ने बताया कि 31 अक्टूबर तक सभी राजनीतिक पार्टियों को चंदे की जानकारी देनी होगी। तभी इनकम टैक्स में इन्हें छूट मिलेगी।

    60.2 लाख वोटर पहली बार डालेंगे वोट

    चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया, चुनाव आयोग ने सभी पांचों चुनावी राज्यों का दौरा किया और सभी राज्यों के राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। उनके सुझाव और फीडबैक लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल दिसंबर 2023 में खत्म हो रहा है। अन्य राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल जनवरी 2024 में खत्म हो रहा है। इन पांचों राज्यों में 679 विधानसभा सीटें हैं और 16.14 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से 8.2 करोड़ मेल और 7.8 करोड़ फीमेल वोटर हैं। इन राज्यों में 60.2 लाख ऐसे वोटर हैं, जो पहली बार वोट करेंगे।

  • बोले कोतवाल- सड़क अतिक्रमण करने पर दुकानदार के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई

    एक्शन: सड़कों पर अतिक्रमण हटाने उतरी पुलिस, दुकानदारों में मचा हड़कंप

    ~कोमल कुमार, अफजलगढ़, बिजनौर।

    लखनऊ। डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज के आदेश पर जिला बिजनौर के अफजलगढ़ नगर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने और जाम से छुटकारा दिलाने के लिए कोतवाल योगेन्द्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसको लेकर पुलिस ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का काम भी शुरू कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।

    डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज के आदेश पर सोमवार को नगर में स्थित जसपुर तिराहे पर कोतवाल योगेन्द्र सिंह चौधरी व नगर पालिका कर्मी पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतरे। पुलिस को अतिक्रमण मुक्त कराते देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदार अपने दुकान के आगे लगे वाहन और लोहे का बना स्लैब, पोस्टर हटाने लगे। पुलिस ने दुकान से निकलने वाले छत और टैंट को भी हटाया। साथ ही दुकानदारों को यह हिदायत दी कि अगली बार की चैकिंग में अतिक्रमण हटाने के लिए नहीं कहा जाएगा। सीधा दुकानदार पर कठोर करवाई होगी।

    इस दौरान पुलिस ने जसपुर तिराहे, धामपुर मार्ग, कालागढ़ मार्ग सहित अन्य इलाकों के सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। नगर में पुलिस ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाते हुए ठेली और रेहड़ी वालों को सख्त चेतावनी दी। इस दौरान अतिक्रमण करने वाले लोगों की ठेलियों को पीछे हटवाया गया। साथ ही दुकानदारों को भी हिदायत दी गई कि वह दुकानों से बाहर सामान रखकर अतिक्रमण न करें और न वाहनों को सड़क पर खड़ा होने दें। इसके साथ ही दुकानदारों को आदेश दिया गया कि अगली बार सड़क को अतिक्रमण किया गया तो दुकानदार पर कठोर कार्रवाई होगी।

    सख्त कार्रवाई के अलावा होगा जुर्माना: ईओ

    वहीं ईओ कृष्ण मुरारी ने कहा कि नगर स्थित जसपुर तिराहे पर अगर कोई भी दुकानदार अतिक्रमण करेंगे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के अलावा जुर्माना भी लगाया जाएगा। नगर को जाम और अतिक्रमण से मुक्त कराने को लेकर पुलिस के द्वारा यह अभियान लगातार चलाया जाएगा। अतिक्रमण करने के मामले में पुलिस दुकानदार को हिदायत देंगे और नगर पालिका जुर्माना लगाएंगे। इसके बाद दूसरे फेज में पुलिस के द्वारा सीधा दुकानदार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि नगर की सड़कों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण नहीं किया जा सके और इससे जाम ना लगे।

    डीआईजी के आदेश पर जारी रहेगा अभियान

    अतिक्रमण हटाने में कोतवाल योगेन्द्र सिंह चौधरी, कस्बा इंचार्ज गोपाल कुमार, एसआई नवीन कुमार, नगर पालिका सफाई नायक रोहिताश पंवार,अमर पंवार सहित पालिका कर्मी व पुलिस कर्मी मौजूद थे। उधर कोतवाल योगेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि डीआईजी मुनिराज जी. के आदेश पर नगर की सड़कों को अतिक्रमण और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पहले दुकानदार को नोटिस भेजा जाएगा इसके बाद दोबारा अतिक्रमण करने पर कठोर कार्रवाई होगी।

  • जिला बिजनौर के ग्राम कंभौर का मामला, कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज

    छल फरेब कर जमीन बेच दी फिर भगा ले गए बच्चों समेत पत्नी

    लखनऊ। पहले ग्रामीण के पिता से छल फरेब कर जमीन उसकी पत्नी के नाम कराई और फिर फर्जी तरीके से बेच दी। बाद में पत्नी व बच्चों को भगा ले गए। घर में आने जाने वाले दो लोगों ने पूरे षडयंत्र को अंजाम दिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाना कोतवाली शहर बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक से की है।

    मामला पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर मुख्यालय के पड़ोसी गांव का है। ग्राम कम्भौर निवासी अरविन्द पुत्र अर्जुन सिंह ने प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर को शिकायती पत्र में बताया कि वह सीधा सादा अनपढ़ व्यक्ति है, केवल हस्ताक्षर करना जानता है। उसके घर मोहित पुत्र सूबेदार व उसके साथी तालिब पुत्र अमानउल्ला निवासी ग्राम जिसौरी थाना मुढाली जनपद मेरठ का आना जाना हो गया था। आरोप है कि इन लोगों ने आपस में हमसाज होकर उसके पिता जी से उसकी पत्नी के नाम जमीन कराकर उक्त जमीन को बिकवा दिया है और पत्नी पूजा को बहला फुसलाकर मय बच्चों के शादी करने के इरादे से लगभग 10-11 दिन पहले भगाकर ले गये हैं। उन्हें जाते हुए गांव के ओमवीर, सूरपाल, शूरवीर, आकेन्द्र, विजयपाल, विनय, राकेश पाल, सतेन्द्र आदि ने देखा और उसे बताया। इसके बाद उसने काफी तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में उपरोक्त मुल्जिमानों के विरुद्ध मुकदमा कायम कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की। प्रभारी निरीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

  • समर्थकों ने फूल मालाओं से लाद डाला

    सपा प्रदेश सचिव बनाए जाने पर डॉक्टर लाखन सिंह पाल का चांदपुर में भव्य स्वागत

    ~(भुवन राजपूत, चांदपुर, बिजनौर)

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी का प्रदेश सचिव बनाए जाने पर डॉ लाखन सिंह पाल का बिजनौर के चांदपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया।

    डॉ लाखन पाल सिंह ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता में कहा कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभायेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में पार्टी की जीत में अपना अहम योगदान अदा करने के साथ ही हर वर्ग को समाजवादी पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष इरशाद जहां, अखलाक पप्पू, मो. उस्मान अलवी, प्रभा चौधरी, कुंतेश सैनी, डॉ चंद्रावती पाल, शेख रईस, भूरा सलमानी, राधा सैनी, शलोक पंवार, कृपा रानी प्रजापति, सलमा परवीन, उषा रानी, पूनम यादव, सीता रानी, मोहम्मद शोएब, रूपवती पाल, ईस्माइल मंसूरी, अनिल गोला, दिवेश आदि समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • लेखपाल के व्यवहार से परेशान ग्रामीणों ने की ट्रांसफर की मांग

    तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हूं, ग्रामवासियों से कहता है लेखपाल!

    लखनऊ। तहसील व जिला बिजनौर के वि०ख हल्दौर अंतर्गत ग्राम कम्भौर के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में कार्यरत हलका लेखपाल पीतम सिंह का स्थानांतरण करने की मांग की है।

    कम्भौर गांव के शहजाद बीडीसी सदस्य, राजेन्द्र सिंह, देवेन्द्र सिंह, नाहर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, आकेंद्र पाल, सुरेन्द्र सिंह, खुर्शीद आदि ने उपजिलाधिकारी को लिखित ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि ग्रामवासी किसी कार्य के लिए लेखपाल के पास जाते हैं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। लेखपाल कहता है कि मेरे पास समय नहीं है कि मैं तुम्हारे ही काम में लगा रहूं। यही नहीं किसान व ग्रामवासी किसी बात को पूछते हैं, तो लड़ने को तैयार रहता है और धमकाता है कि मुझसे कोई भी बात एक बार ही पूछ लेना, मैं तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हूं। इस प्रकार से वह हमेशा सभी को परेशान करता है। पीड़ित ग्रामीण चाहते हैं कि उक्त लेखपाल का स्थानान्तरण किसी अन्य ग्राम पंचायत में किया जाए। इस संबंध में आरोपी लेखपाल से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

  • बास्टा (बिजनौर)। दिल्ली और मुंबई से आई फिल्म निर्माता टीम ने बॉलीवुड गाने “मेरे ख्वाब विच” की शूटिंग कस्बा बास्टा समेत नजदीकी गांव सब्दलपुर खुर्द में राकेश शर्मा के फार्म हाउस में फिल्माई गई। कुछ दृश्य बास्टा मार्केट व एस स्क्वायर गारमेंट्स एण्ड स्टेशनर्स शोरूम में भी फिल्माए गए। मुख्य लोगो में प्रोड्यूसर सावन कुमार डायरेक्टर व नायिका अलीना शेख, एक्टर यश ढिल्लो, डी.ओ.पी. राहुल राजपूत ए.डी. श्रेया रोहरा, शोरूम मालिक विनय कुमार शर्मा ने बताया कि बहुत अच्छे से शूट किया गया है।

    डायरेक्टर अलिना शेख़ ने बताया कि यहां की जनता का बहुत प्यार मिला है। उन्होंने बास्टा क्षेत्र में वेब सीरीज की शूटिंग की भी बात की साथ ही यह भी बताया कि हम लोग अगले वर्ष मार्च में दोबारा आएंगे। वहीं क्षेत्र के लोगों ने शूटिंग का आनन्द लिया। दो दिन तक जनता का भरपूर मनोरंजन रहा।

  • एसपी के निर्देशन में थाना सदर बाजार पुलिस को हासिल हुई सफलता

    झांसी पुलिस ने पकड़े चार जुआरी, एक सटोरिया

    झांसी। थाना सदर बाजार पुलिस ने जुआ खेलते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे, जामा तलाशी व फड़ से कुल 2250 रुपए बरामद किए गए हैं। वहीं एक सटोरिया भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। सभी अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया है।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के निकट पर्यवेक्षण में जुआ, सट्टा की रोकथाम हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना पुलिस ने बृजेन्द्र कुमार पुत्र बलदेव प्रसाद निवासी मस्जिद के आगे भट्टागाँव थाना सदर बाजार झांसी, नरेश सक्सेना पुत्र कुंजीलाल निवासी राय मुहल्ला हंसारी थाना प्रेमनगर जनपद झांसी, नरेश अहिरवार पुत्र बाबूलाल नि0 बंगला नं0 76 कैण्ट थाना सदर बाजार झांसी, गंगा प्रसाद पुत्र रामचरन नि0 बंगला नं0 58 कैण्ट थाना सदर बाजार झांसी को टाल मुहल्ला मण्डी के अंदर पीपल के पेड़ के नीचे थाना सदर बाजार से गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार अभियुक्तों की जामा तलाशी में 140 रुपए, माल फड़ 2110 रुपए कुल 2250 रुपए व 52 अदद ताशपत्ता बरामद किए गए। इस मामले में थाना सदर बाजार झांसी में मु0अ0सं0 83/2023 धारा 13 जुआ अधिनियम दर्ज कराया गया।

    वहीं पुलिस ने टाल मुहल्ला मण्डी के अंदर टीन शेड के नीचे थाना सदर बाजार से एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार नन्दकिशोर अहिरवार (50 वर्ष) पुत्र सनमल लाल निवासी खिरकपट्टी थाना सदर बाजार झांसी को गिरफ्तार किया गया। उसकी जामा तलाशी में 640 रुपए व 02 अदद गत्ता सट्टा पर्चा, 01 अदद पेन बरामद किया गया। उसके खिलाफ थाना सदर बाजार झांसी में मु0अ0सं0 84/2023 धारा 13 जुआ अधिनियम (सट्टा) अभियोग पंजीकृत किया गया है।

    गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अमीराम सिंह, उप निरीक्षक बृजकिशोर द्विवेदी, कांस्टेबल जगतपाल, आकाश साहू व भूपेन्द्र प्रसाद शामिल रहे।

  • ….लेकिन विपक्ष का सर्वनाश चाहते हैं मोदी जी

    चुनाव अभियान में बेतहाशा धन खर्च करने और विपक्ष की आर्थिक सप्लाई लाइन काटने के लिये ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किये बिना कार्य सिद्धि संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी प्रतिद्वंदियों की आर्थिक सप्लाई लाइन काटने के उनके अभियान की नवीनतम कड़ी है।

    मोदी जी को बाबा भारती की कहानी पढ़ने की सलाह

    मोदी जी जब राष्ट्रीय राजनीति के रंगमंच पर उतरे उस समय उनके लिये स्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। अपनी ही पार्टी के एक प्रभावशाली वर्ग के लिये वे स्वीकार्य नहीं थे। दूसरी ओर पार्टी का भी कोई बेहतर पुरसाहाल नहीं था। कहा जाता है कि उस समय के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी की नाराजगी की परवाह न करते हुये नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया था लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि चुनावों में भाजपा अकेले दम पर बहुमत हासिल कर पायेगी। वे कहीं न कहीं यह अंदाजा लगाये हुये थे कि भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी तो बन जायेगी लेकिन सरकार बनाने के लिये उसे दूसरे दलों की चिरौरी करनी पड़ेगी। ऐसे में अन्य पार्टियां कट्टर छवि वाले नरेंद्र मोदी का समर्थन करने को तैयार नहीं होगी तो छींका उनके भाग्य से टूट जायेगा। लेकिन मतदाताओं ने इन कयासों को ढेर कर दिया। यह सब कुछ हुआ जब नरेंद्र मोदी के हाथ में ईडी और सीबीआई की चाबी नहीं थी। आज जैसी फंडिंग भी उनके लिये नहीं थी। लेकिन आज तो नरेंद्र मोदी यह आभास दे रहे हैं कि चुनाव अभियान में बेतहाशा धन खर्च करने और विपक्ष की आर्थिक सप्लाई लाइन काटने के लिये ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किये बिना कार्य सिद्धि संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी प्रतिद्वंदियों की आर्थिक सप्लाई लाइन काटने के उनके अभियान की नवीनतम कड़ी है। पद संभालने के बाद से राजनीति में बढ़त बनाये रखने के लिये सकारात्मक प्रयासों पर भरोसा करने की बजाय वे इसी तरह के संदिग्ध नटखट करते नजर आते हैं। अब सब जान चुके हैं कि उन्होंने 2016 में जो नोटबंदी घोषित की थी, उसका कोई प्रयोजन नहीं था सिवाय इसके कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2017 में होने वाले चुनाव में विपक्ष को कैसे विरथ किया जाए, हुआ भी यही। किवदंती है कि भाजपा ने सरकार होने के कारण पहले ही 500-1000 के अपने नोट बदलवा लिये थे जबकि कांग्रेस, बसपा और सपा का गुप्त फंड उनके दांव पर चढ़ गया था और चुनावी मुकाबला शुरू होने के पहले ही ये दल आउट होने के लिये अभिशप्त हो गये थे। इसके बाद हर चुनाव में यह उनका सिद्ध फार्मूला बन गया। किसी भी राज्य में चुनावी दुंदभी बजते ही विरोधी पार्टियों के फंड मैनेजरों के यहां सीबीआई और ईडी की धड़ाधड़ होने वाली रेड नोटबंदी का ही एक आयाम है। अजीब बात है कि कल तक भाजपा सहित सभी जिम्मेदार पार्टियां यह मानती रहीं हैं कि लोकतंत्र की खूबसूरती के लिये मजबूत विपक्ष जरूरी है लेकिन मोदी जी विपक्ष का सर्वनाश चाहते हैं। इसके पीछे दो ही बातें हो सकतीं हैं या तो वे निरंकुश और फासिस्ट शासन के कायल हैं या उनका आत्मविश्वास कमजोर है। विपक्ष के अंत की कल्पना का अर्थ लोकतंत्र के अंत की कामना है। लोकतंत्र तो तभी अस्तित्व में रह पायेगा जब पक्ष विपक्ष सलामत रहेंगे और पक्ष से अरूचि होने पर मतदाताओं के लिये दूसरा विकल्प उपलब्ध रहेगा।

    ईडी सीबीआई को नजर नहीं आता भाजपा में कोई बेईमान?

    बहरहाल संजय सिंह की गिरफ्तारी अगर सचमुच राजनीति में धनबल के प्रभाव को रोकने के लिये की गयी है तो इसका औचित्य हो सकता है। लेकिन सरकार की इस मामले में भावनायें अगर निष्कलुष हैं तो भाजपा के उन नेताओं की भी खोज ईडी को करना चाहिये जो सत्ता का फायदा उठाकर दोनों हाथों से रूपये बटोर रहे हैं। रातोंरात कहां से कहां जा पहुंचे ऐसे भ्रष्ट भाजपा नेता अंधो तक की आंख से ओझल नहीं हैं लेकिन ईडी सीबीआई को इस कदर रतौंधी हो चुकी है कि उसे भाजपा में कोई बेईमान नजर नहीं आता। भाजपा ही क्या जिन नेताओं को प्रधानमंत्री जी तक महाभ्रष्ट घोषित करते रहे उनके पाला बदलकर भाजपा में आते ही ईडी सीबीआई उन पर निगाह डालने की जुर्रत भुला देती है। इसके दर्जनों उदाहरण मौजूद हैं। किसी का नाम लेने की जरूरत इसलिये नहीं है।

    आज मजबूरी का नाम मोदी!

    राजनीति में धनबल का प्रभाव गंभीर समस्या है। रामो वामो के समय इसे घटाने के लिये सरकारी स्तर पर चुनाव फंड बनाने की बात होती थी ताकि पार्टियों को चुनाव अभियान में अंधाधुंध पैसा बहाने से रोका जा सके जिसके कारण आज पार्टियां कारपोरेट की बंधुआ बनने के लिये अभिशप्त रहतीं हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को इसमें कोई रूचि नहीं है। आत्म प्रचार की भूख प्रधानमंत्री जी पर इतनी हावी रहती है कि सबसे ज्यादा खर्चा तो वे अपनी ब्रांडिंग में करते हैं जिसकी बदौलत अमिताभ बच्चन की तरह ही वे भी राजनीति के मिलेनियम स्टार बन गये हैं। उनके महामानव स्वरूप का सम्मोहन इस कदर है कि लोग अपनी तार्किक शक्ति गंवाकर उनके दीवाने बने हुए हैं। ताजा सर्वे बता रहे हैं कि उनकी लोकप्रियता में पहले के मुकाबले भले ही कमी आयी हो लेकिन आज भी वे देश के किसी भी नेता से बहुत आगे हैं। क्यों न होेंगे जब रोजमर्रा के जीवन में तकलीफें बढ़ने से जो लोग सरकार को कोसते हैं वे ही उनको बदलने की बात आने पर कहने लगते हैं कि विकल्प क्या है। मोदी आज मजबूरी का नाम बन गया है।

    लेकिन मोदी जी को किसी लोकलाज की परवाह

    संजय सिंह पर आरोप यह है कि गोवा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी का फंड जुटाने के लिये उन्होंने ही अपने घर पर मनीष सिसौदिया से लाभार्थियों का लेनदेन कराया। अगर संजय सिंह ने ऐसा किया है तो इसमें कोई नयी बात नहीं है। पर्दे के पीछे हर पार्टी जायज नाजायज तरीके से फंड इकट्ठा करती है जिसमें बहुत बड़ा अंश अघोषित रहता है। क्योंकि हर चुनाव के लिये खर्च की एक सीमा तय है और चुनाव अभियान में अपने प्रतिद्वंदी से होड़ करने के लिये निर्धारित खर्च से कई गुना खर्च उनको करना पड़ता है। निश्चित रूप से इस बुराई का अंत होना चाहिये। लेकिन किसी बुराई का अंत करना प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य नहीं है। इस कारण वे ऐसे किसी राजनीतिक सुधार के लिये सोचते तक नहीं हैं।
    प्रधानमंत्री जी अपनी विध्वसंक सोच से उबर सकें तो राजनीति को शुद्ध और पवित्र करने के लिये वे बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्हें निजी धन संपदा जोड़ने की गरज नहीं है और अपने परिजनों से भी उनका लगाव सीमित है जो उनके लिये हेराफेरी करें। जाहिर है कि इसके कारण लोग उनसे सबसे ज्यादा आशा लगाये बैठे थे पर उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया। पार्टियां इस कारण भी चुनावों में धनबल का सहारा लेने के लिये अभिशप्त रहतीं हैं कि मोदी युग के पहले तक हर पार्टी का कलेवर बहुत तंग होता था। नतीजतन चुनाव अभियान के समय पैड प्रचारक बनाये जाते थे जो गांव गांव में पार्टी की हवा बना सकें पर मोदी युग में भाजपा ने इस मामले में बेहतर संगठन किया है। बूथ स्तर तक उसने अपनी टीम बना रखी है जो समर्पित रहकर वोटरों की मानसिकता पर अपनी पार्टी और नेता को हावी बनाये रखने के लिये निरंतर अभियान चलाते रहते हैं। इस नाते मोदी जी चाहें तो चुनाव अभियान को सादगी से चलाकर भी कामयाबी को अपनी मुट्ठी में कर सकते हैं। इसके अलावा उपलब्धियों के नाम पर भी उनके खाते में बहुत कुछ है। उन्होंने देर सबेर भारत के हाथ से कश्मीर के छिन जाने की लोगों की आशंकाओं का पूरी तरह अंत कर दिया है। आतंकवाद पर भी देशभर में पूरी तरह लगाम है। निरंतर नयी घोषणायें और ईवेंट करके देश में रचनात्मक उत्साह का माहौल उन्होंने बनाये रखा है। दुनियां के शक्तिशाली देश तक उनसे सहमे जैसे रहते हैं। कनाडा के मामले में अमेरिका ने भारत को दबाव में लेने की कोशिश की थी पर जब मोदी ने तेवर दिखाये तो जो बाइडन को पूंछ दबाने में ही खैरियत समझ में आयी। यूक्रेन युद्ध में भी न रूस भारत को दबा पाया और न अमेरिकी खेमा। लेकिन देश में वे जो कर रहे हैं वह अनर्थकारी है। वे सुप्रीमकोर्ट को भी अनर्गल हेकड़ी दिखा सकते हैं, आम लोगों को भी। यहां तक कि संघ को भी। किसानों को उनकी जिद के कारण ही इतने लंबे समय तक आंदोलन करना पड़ा जिसमें 600 के करीब किसानों की जान चली गयी। पर उन्होंने बहुत दिनों तक इसकी परवाह नहीं की। केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के लड़के ने शांतिपूर्ण ढंग से चले आ रहे किसानों को जीप चढ़ाकर कुचल डाला। इसमें टेनी अपने प्रभाव का उपयोग लड़के को बचाने के लिये करते नजर आये। तकाजा यह था कि उनका इस्तीफा मांग लिया होता लेकिन उनका विभाग तक नहीं बदला गया। बृजभूषण शरण सिंह के बारे में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट क्या कह रही है। फिर भी पार्टी के स्तर पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के मामले में एक निर्णय सुनाया तो प्रधानमंत्री जी का अहम फिर आहत हो गया और उन्होंने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिये पैनल गठित करने के प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश को पृथक रखने का ऐलान सुना डाला। दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग में चुनी हुई सरकार को निर्णायक बनाने का फैसला जब सुप्रीम कोर्ट ने घोषित किया तो उन्होंने नया कानून बनाकर केजरीवाल सरकार को पंगु करके सुप्रीम कोर्ट को संदेश देने में हिचक नहीं की। संघ ने जब यह कहा कि राज्यों के चुनाव में मोदी के चेहरे की बजाय स्थानीय नेताओं और मुद्दों को केंद्र में रखा जाये तो राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के होने वाले चुनावों में उन्होंने स्थानीय क्षत्रपों की छुट्टी करके अपने ही चेहरे को थोप दिया। हर तंत्र में राजा लोकलाज का लिहाज करते हैं लेकिन मोदी जी को किसी लोकलाज की परवाह करने में अपनी हेठी लगती है। अभी तक उनका सिक्का मजबूत रहा है इसलिये उनका अभिमान बढ़ता ही गया है। पर मोदी जी को सोचना होगा कि अब जब मनमानी के चलते वे ढलान पर खिसकने लगें हैं तो अपनी मानसिकता पर पुनर्विचार करें। उन्हें पुराने समय में स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाने वाली बाबा भारती की कहानी तो याद होगी ही जिसमें बताया गया था कि साधु का भेष बनाकर आए डकैत खड़गसिंह ने जब बाबा भारती से छल पूर्वक उनका घोड़ा हथिया लिया तो बाबा भारती ने उससे कहा कि घोड़ा तो तुमने ले लिया लेकिन किसी को यह न बताना कि साधु बनकर तुमने बाबा भारती को ठगा वरना लोग साधु पर विश्वास करना छोड़ देंगे। यही बात मोदी जी से कही जा सकती है कि अगर आपने लोगों का विश्वास भंग किया तो लोग नेता नाम का भरोसा करना बंद कर देंगे।

    ~By KP Singh, Jalaun News, September 4, 2023

  • सुर्खियों में रह चुकी है औषधि विक्रेता यूनियनों की आपसी खींचतान

    भगीरथ सिंह का विवादों से रहा है पुराना नाता!

    बिजनौर। आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में फंसे औषधि निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भगीरथ सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। करीब आठ साल पहले औषधि विक्रेता यूनियनों की आपसी खींचतान सुर्खियों में रहीं और इनका केंद्र रहे भगीरथ सिंह। हाल ही में भगीरथ सिंह पर जब शिकंजा कसा तब कुछ ने खुलकर, तो कुछ ने दबी जुबान में कहा भी कि मेडीकल स्टोर लाइसेंस के नाम पर जबरन उगाही की जाती है। यहां तक कि डीआई की मौन स्वीकृति पर भी सवालिया निशान लगे। विदित हो कि भगीरथ सिंह की संपत्ति आय से 88.74 प्रतिशत अधिक पाने के बाद एन्टी करप्शन मेरठ की इंस्पेक्टर अंजू भदौरिया ने इसी हफ्ते थाना कोतवाली शहर में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया था।

    गौरतलब है कि बिजनौर औषधि निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भगीरथ सिंह का मामला विभाग के गले की हड्डी बन गया था। उस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के कारण संबंधित अधिकारियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। बताया जाता है कि डीएम के आदेश पर औषधि निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भगीरथ सिंह का तबादला सीएमओ ने कर दिया था। इस मामले में दिलचस्प पहलू यह रहा कि सीएमओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्यवाही की। सूत्रों का कहना है कि कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का गठन होने तथा अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बिजनौर के ही आहरण वितरण अधिकारी होने के कारण सीएमओ को तबादले का अधिकार नहीं था। इस आधार पर पीड़ित भगीरथ सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली। चार अप्रैल 2016 को कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन डीएम वीके आनंद व सीएमओ के आदेश पर रोक लगा दी। यह प्रकरण काफी उठापटक भरा रहा। केमिस्ट यूनियनों की आपसी शिकायतों और उनसे इंकार ने मामला और उलझा दिया। वहीं सीएमओ ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने तो सिर्फ जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थानांतरण किया था।

    औषधि विक्रेता संघ ने दी थी क्लीनचिट

    मजेदार बात यह भी है कि आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में फंसे भगीरथ सिंह की औषधि विक्रेता संघ ने खुलकर पैरवी भी की। संघ की ओर सात नवंबर 2015 को अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिए पत्र में बताया गया कि औषधि अनुसेवक भगीरथ सिंह राजकीय कार्य को मेहनत व इमानदारी से करते हैं और इन्होंने केमिस्टों के हित में हमेशा तत्परता से कार्य किया है। संघ के तत्कालीन अध्यक्ष सोनवीर सिंह, सचिव जमीरुद्दीन जनानी व कृष्ण कुमार के हस्ताक्षरित पत्र ने कुल मिला कर भगीरथ सिंह को क्लीन चिट दे दी। इससे पहले नौ जून 2015 को जिला कैमिस्ट एंड गिस्ट एसोसिएशन के जिला सुबोध कुमार एवं महासचिव अश्विनी शर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि कुछ लोग खुद को जिलाध्यक्ष बताते हैं। इसी क्रम में दबाव बना कर हिमांशु भारद्वाज औषधि निरीक्षक कार्यालय में कुछ मत गलत काम कराना चाहते हैं और काम न होने पर झूठे प्रार्थना पत्र देते रहते हैं।

    ये केमिस्ट थे भगीरथ सिंह के पैरोकार

    शुगर मिल बिजनौर के सामने स्थित केके मेडिकल स्टोर के स्वामी कृष्ण कुमार, मोहल्ला खत्रीयान स्थित कुमार मेडिकोज के स्वामी देवेंद्र कुमार गुप्ता, गगन मेडिकल स्टोर गणपति कांप्लेक्स के स्वामी श्यामलाल, सुंदरपुर मेडिकोज के नीरज मलिक, संजीव चौधरी, सोनवीर सिंह, कृतिका मेडिकल स्टोर के हुकम सिंह, नजीबाबाद के हिमांशु भारद्वाज के अलावा कस्बा मण्डावर के मोहल्ला बाजार कला स्थित भारद्वाज मेडिकोज के स्वामी अमित भारद्वाज एवं पंडित मेडिकोज के नवीन भारद्वाज ने शपथ पत्र देकर दावा किया कि भगीरथ सिंह के खिलाफ कोई शिकायत उनकी एसोसिएशन की ओर से नहीं की गई।

    औषधि निरीक्षक की जांच रिपोर्ट

    इस संबध में तत्कालीन औषधि निरीक्षक दीप कुमार ने पांच जनवरी 2016 को तत्कालीन जिलाधिकारी वीके आनंद को भेजी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि इस मामले में 17 नवंबर 2015 को मोहल्ला सोतियान निवासी देवेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा शिकायत की गई थी।

  • सामने आया “थोड़ी सी खैनी तू हमके खिलाई दे” का पोस्ट

    राजा ठाकुर के निर्देशन में बना दिनेश लोधी का गाना 8 अक्टूबर को होगा रिलीज

    गोरखपुर। राजा ठाकुर के निर्देशन में बने दिनेश लोधी के वीडयो गाने, “थोड़ी सी खैनी तू हमके खिलाई दे” का पोस्टर आ गया है। ये गाना लोधी एंटरटेनमेंट यूट्यूब चैनल पर 8 अक्टूबर 2023 को शाम के 6 बजे देखने को मिलेगा। इसके निर्माता दिनेश लोधी है, जिसमें एक्ट्रेस निशा सिंह, रूफी खान, माही मिश्रा दिखेंगी।

    इसके कोरियोग्राफर रुतेंद्र सिंह बाबा हैं, मेकअप शोभित सिंह का है। कैमरा और एडिटिंग का कार्य आईशॉट स्टूडियो के मालिक क्षितिश बाजपई ने किया है। इसके लाइन प्रोड्यूसर दुर्गेश नवाब हैं, जबकि मैनेजमेंट अनुज रावत किये हैं। सपोर्टिंग कलाकार रुचि वर्मा, संजीनि गुप्ता, ज्योति वर्मा, राजकुमार मौर्या, अनुज रावत, दुर्गेश नवाव, रामसागर साहनी हैं और पीआरओ कुलदीप चौरसिया हैं। विशेष सहयोग सुग्रीव जी और अनुज रावत जी का है।

  • इलाके में बुखार का जबरदस्त प्रकोप, दो मौत से दहशत, स्वास्थ्य विभाग बेखबर

    जानलेवा बुखार से महिला सहित दो की मौत

    ~शाहिद रज़ा खान

    बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला व एक किशोर को जानलेवा बुखार ने मौत की नींद सुला दिया। दो मौत से इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि इलाके में बुखार का जबरदस्त प्रकोप है। प्रत्येक चिकित्सक के यहां भारी संख्या में मरीज भर्ती हैं। दिन ब दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, परंतु स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

    बताया जा रहा है कि बढ़ापुर नगर के मोहल्ला सतीयान निवासी मोहम्मद फुरकान का 16 वर्षीय पुत्र गुफरान कुछ दिन पहले बुखार की चपेट के आया था। गुफरान के बुखार से ग्रस्त होने के बाद परिजनों द्वारा उचित उपचार के लिये नगर के प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया था। हालत में सुधार न होने के कारण नगीना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर कई दिन इलाज चलने के बाद चिकित्सक ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे धामपुर के निजी अस्पताल ले गये परन्तु कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर परिजन उचित उपचार कराने के लिये ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में ले गए। जहां पर उपचार के दौरान गुफरान की मौत हो गई। शुक्रवार को गुफरान का शव घर पहुंचने के बाद देर शाम दफिना कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर थाना क्षेत्र के गांव मुकंदपुर राजमल में सोनम (35 वर्ष) पत्नी फतेह की बुखार के चलते मौत से परिजनों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सोनम बीते कुछ दिनों से बुखार से ग्रस्त थी। नगर के एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां सोनम का उपचार चल रहा था। शुक्रवार को सवेरे सोनम अपनी तबियत में सुधार बता रही थी, जिसके चलते परिजनों को सन्तुष्टि थी कि चलो अब तो तबियत में सुधार है। परन्तु दोपहर के समय अचानक तबियत खराब हुई औऱ सोनम की आनन फानन में मौत हो गई। सोनम की मौत से गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। सोनम का पति फतेह सऊदी में रहकर काम करता है, जिस कारण सोनम के पति के आने के इंतजार किया जा रहा था। शुक्रवार को देर शाम तक सोनम का शव अपने पति का इंतजार कर रहा था। बताते चलें कि इलाके में जानलेवा बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस कारण चिकित्सकों के यहां लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, परन्तु स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
    इस बाबत जब एसीएमओ प्रमोद देशवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच के लिये टीम को मौके पर भेजा जाएगा। साथ ही कैंप लगाकर जांच कराई जाएगी।

  • लेकिन जब तक मुस्तैद नहीं होंगे थानेदार, सभी कोशिश बेकार

    डीएम, एसपी ने खनन को लेकर की अधिकारियों के संग बैठक

    अवैध खनन और परिवहन को रोकना चुनौती

    बिजनौर। जनपद बिजनौर में अवैध खनन माफिया सक्रिय हैं। पड़ोसी प्रदेश उत्तराखंड के काशीपुर, रुद्रपुर, कोटद्वार से रोजाना लाखों रुपए की अवैध खनन सामग्री आ रही है। डीएम एसपी भले ही लाख कोशिश कर लें, जिले की संबंधित थानों की पुलिस जब तक ईमानदारी से काम नहीं करेगी तब तक कुछ भी होना संभव ही नहीं है!

    जनपद बिजनौर में अवैध खनन माफिया सक्रिय हैं। पड़ोसी प्रदेश उत्तराखंड के काशीपुर, रुद्रपुर, कोटद्वार से रोजाना लाखों रुपए की अवैध खनन सामग्री आ रही है। डीएम एसपी भले ही लाख कोशिश कर लें, जिले की संबंधित थानों की पुलिस जब तक ईमानदारी से काम नहीं करेगी तब तक कुछ भी होना संभव ही नहीं है। इसका नुकसान सरकार को लाखों रुपए का राजस्व जमा करने वाले वाजिब ठेकेदारों को उठाना पड़ता है।

    गौरतलब है कि डीएम अंकित अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने गुरूवार की देर शाम कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार कक्ष में पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर जनपद में अवैध खनन/परिवहन/ओवरलोडिंग पर पूर्णतयः अंकुश लगाने हेतु प्रभावी चेकिंग व अन्य बिन्दुओं पर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान समस्त क्षेत्राधिकारी, संबंधित थानों के थाना प्रभारी व संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • किरतपुर क्षेत्र में बुखार से लोगों का बुरा हाल, स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुविधाओं का टोटा

    महाभारत बना बुखार, दुर्याेधन की भूमिका निभा रहा स्वास्थ्य विभाग

    ~रोहित चौधरी, सांध्य दैनिक प्रयाण

    बिजनौर। जनपद में बुखार ने इस समय महाभारत का रूप ले लिया है। प्रतिदिन बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में बुखार रूपी महाभारत के बढ़ते कदमों को नहीं रोका गया तो यह विकराल रूप धारण कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग दुर्याेधन की भूमिका के रूप में दिखाई दे रहा है, जो अपने ही योद्धाओं की गर्दन काट रहा है। ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहा है, जबकि यह समय छापेमारी का नहीं, बल्कि बुखार से निपटने का है। किरतपुर क्षेत्र का शायद ही कोई गांव ऐसा हो जहां पर बुखार के मरीज न हों। ऐसे में झोलाछाप चिकित्सक कहे जाने वाले इस महाभारत में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे हैं।

    पिछले एक माह से जनपद में बुखार, वायरल, डेंगू, टायफाइड ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। कई गांव ऐसे हैं, जहां पर आधी से अधिक आबादी बुखार से कराह रही है। अब तक बुखार से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इस समय किरतपुर क्षेत्र का बुरा हाल है। कई गांव बुखार से आग उगल रहे हैं। किरतपुर क्षेत्र के गांव गाजीपुर, बढ़ापुर, सीकरी, कुम्हेड़ा, गनौरा, जलालपुर सुल्तान, नंदपुर, गोपालपुर, हकीकतपुर, हरदासपुर, शादीपुर, बेगावाला, बरूकी, पीपलसाना, नंदपुर चांडक तुर्क, छितावर, इस्लामपुर, स्वाहेड़ी सहित कई दर्जन गांवों का बुरा हाल है। हालत यह है कि मरीजों को उपचार के लिए चिकित्सक तक नहीं मिल पा रहे हैं। प्राइवेट चिकित्सकों के पास मरीजों की भरमार है। ड्रिप लगाने के लिए भी चिकित्सकों के पास जगह हाथ नहीं आ रही है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों में उचित उपचार न होने के कारण मरीज प्राइवेट चिकित्सकों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग अपनी ही डींगें हाक रहा है।

    …तो क्या घर से बीपी चैक करके अस्पताल जाएं मरीज ?

    वाक्या उस समय का है कि जब एक महिला मरीज गनौरा पीएचसी में उपचार के लिए जाती है। वह अंदर प्रवेश करती है। सामने कुर्सी पर कलम और पर्ची हाथ में लिए बैठे व्यक्ति को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपती है। रिपोर्ट देखने के बाद कुर्सी पर बैठा व्यक्ति महिला मरीज से उनका बीपी (ब्लड प्रेशर) कितना है, पूछता है। इस पर महिला मरीज कहती है कि चिकित्सक आप हो, आप चैक करो। इस पर सामने बैठा व्यक्ति बोलता है कि बीपी नापने की मशीन हमारे पास नहीं है। सरकार ने हमें नहीं दे रखी है। अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचसी में मरीजों का कैसा और कितने अच्छे से उपचार हो रहा होगा? उपचार के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ मरीजों के साथ कितना अच्छा बर्ताव करता है, यह भी सभी को पता है। इस संबंध में जब किरतपुर सीएचसी प्रभारी ईश्वरानंद ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीएचसी पर बीपी ही नहीं शुगर तक की मशीनें उपलब्ध है। जब उन्हें बताया कि गनौरा पीएचसी पर मरीजों को बीपी मशीन न होने की बात कही जा रही है तो उन्होंने कल बात करने की बात कहते हुए फोन काट दिया।

    भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे झोलाछाप चिकित्सक

    बुखार रूपी इस महाभारत में ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सक भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे हैं। जो महाभारत के इस युद्ध को समाप्त तो नहीं कर सकते, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। यदि ऐसे में झोलाछाप चिकित्सक अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ लें तो स्वास्थ्य विभाग लाख कोशिशों के बावजूद भी इस युद्ध में अपनी जीत दर्ज नहीं करा सकता। छोटे से चिकित्सक के पास बोतलें लगवाने के लिए भी जगह हाथ तक नहीं आ रही है। कई गांवों में तो यह आलम है कि भीष्म की भूमिका निभाने वाले इन चिकित्सकों के पास क्लीनिक के बाहर सड़क तक पर भी मरीजों की कतार लगी हुई है। ऐसे में ये चिकित्सक पूरी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। उधर आपदा में अवसर की तलाश करते हुए स्वास्थ्य विभाग इन क्लीनिकों पर छापेमारी करने में लगा हुआ है। हालांकि छापेमारी के बाद अधिकांश मामलों में विभाग की ओर से कार्यवाही तो नहीं होती लेकिन कार्यवाही न करने का कारण क्या होता है, यह भी सभी को पता है। अब अगर झोलाछाप चिकित्सक की जेब पर अनावश्यक खर्च का बोझ बढ़ेगा तो वह भी मरीज से ही पूरा करेगा। ऐसे में अगर यह कहा जाए कि बुखार को रोकने के लिए चिकित्सा कार्य पर ध्यान देने की जगह स्वास्थ्य विभाग छापेमारी कर मरीजों की जेब का भार बढ़ा रहा है तो गलत होगा अथवा सरल शब्दों में कहा जाए तो स्वास्थ्य विभाग इस महाभारत के युद्ध में अपने सैनिकों के ही हाथ काट रहा है।

  • घर-घर जाकर किया जा रहा बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक

    संचारी रोग नियंत्रण को विशेष अभियान शुरू

    12 विभाग मिलकर लड़ेंगे डेंगू के खात्मे की जंग

    बिजनौर। जिले में डेंगू से जंग लड़ने के लिए 12 विभाग मिलकर एक महीने तक काम करेंगे। लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव की जानकारी दी जाएगी। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ एडीएम न्याययिक दीपाली भार्गव और भाजपा नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता गुब्बारे उड़ा कर और रैली को हरी झंडी दिखाकर कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर विकास, राजस्व व शिक्षा विभाग मिलकर इस अभियान को चलाएंगे।

    विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सिविल लाइंस स्थित एक घर में बैठक लेते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा आदि

    उत्तर प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण का विशेष अभियान शुरू किया गया है। जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस), डायरिया व मलेरिया आदि रोगों से बचाव के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को उपाय बताए जा रहे हैं। गंदा पानी पीने व गंदगी के कारण होने वाले रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।

    इसी कड़ी में अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सहयोगी विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा लोगों को घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार के माध्यम से बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। मंशा ये है कि लोगों को संचारी रोगों से ग्रसित होने से बचाया जा सके।

    गौरतलब है कि मंगलवार को जिला मुख्यालय से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया गया। 03 अक्तूबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्तूबर तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले में जगह-जगह एंटी लार्वा का छिड़काव और फाॅगिंग कराई जाएगी। कार्यक्रम में एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान को सफल बनाने और लोगों को संचारी रोग से बचाव के बारे में जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी आशुतोष सिंह का कहना है कि लोगों को संचारी रोग अभियान के बारे में जागरूक करने के लिए रिक्शा रैली निकाली गई। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. पीआर नायर, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास डॉ. पीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।

    घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी आशा कार्यकत्रियां

    मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण और दिव्यांग, कुपोषित बच्चों की खोज के लिए इस अभियान को शुरू किया गया है। अभियान के तहत आशा कार्यकत्रियां घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी। खांसी-जुकाम जैसे लक्षण वाले मरीजों के साथ ही मलेरिया, डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों के मरीजों की तलाश करेंगी। अगर सर्वे के दौरान ऐसे मरीज मिलते हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा अभियान मे कुपोषित बच्चों की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है। दस्तक अभियान 16 से 31 अक्तूबर तक संचालित किया जाएगा। इस के तहत टीबी के लक्षण वाले मरीजों को खोजकर उनकी जांच कराई जाएगी। दस्तक अभियान में मेडिकल टीमें घर-घर जाकर संक्रामक रोगों से ग्रस्त मरीजों की पहचान करेंगी। इस टीम में आशा वर्कर के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहेंगे। टीम की मदद से रोगियों को चिन्हित कर उन्हें दवा दी जाएगी और जरूरी होने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

  • प्लेटलेट की कमी डेंगू पीड़ितों की मौत का कारण नहीं – सीएमओ

    • अनावश्यक प्लेटलेट चढ़ाने से मरीज की तबीयत और हो सकती है खराब

    • निजी चिकित्सकों, नर्सिंगहोम संचालकों व राजकीय चिकित्सकों को डेंगू पीड़ित मरीजों के बेहतर उपचार के निर्देश

    वाराणसी। प्लेटलेट की कमी डेंगू पीड़ित मरीजों की मौत का कारण नहीं होता। निजी चिकित्सकों नर्सिंग होम संचालकों, राजकीय क्षेत्र के चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार, जब तक किसी मरीज का प्लेटलेट काउंट दस हजार से कम न हो और सक्रिय रक्तस्राव न हो रहा हो तब तक उसे प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता नहीं होती है। डेंगू के इलाज में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन प्राथमिक इलाज नहीं है। वास्तव में, प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन मरीज को लाभ पहुंचाने की जगह नुकसान ही करता है यदि इसका उपयोग ऐसे रोगी में किया जाता है, जिसमें प्लेटलेट्स की गिनती दस हजार से अधिक है।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने कि कहा डेंगू से पीड़ित रोगियों में मृत्यु का प्राथमिक कारण केशिका रिसाव है, जो इंट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट में रक्त की कमी का कारण बनता है और जिसके फलस्वरूप बहु-अंग (मल्टी ऑर्गन फेल्योर) विफलता होती है। इंट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट से एक्स्ट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट में प्लाज्मा रिसाव की स्थिति में, मरीज को प्रति घंटे 20 मिलीलीटर प्रति किलो शरीर के वजन की मात्रा में फ्लूड चढ़ाया जाना चाहिए। इसे तब तक जारी रखना चाहिए जब तक कि ऊपरी और निचले रक्तचाप के बीच का अंतर 40 mmHg से अधिक न हो जाए, या रोगी को पर्याप्त मात्रा में पेशाब न हो जाए। यह वह सब है जो रोगी के इलाज के लिए आवश्यक है, अनावश्यक प्लेटलेट चढ़ाने से मरीज की तबीयत और खराब हो सकती है।

    चिकित्सक याद रखें 20 का फार्मूला

    डेंगू रोगियों का इलाज करते समय, चिकित्सकों को ’20 का फॉर्मूला’ याद रखना चाहिए यानी 20 से अधिक की पल्स रेट में वृद्धि, बीपी का 20 से अधिक गिरना, 20 से कम के निचले और ऊपरी बीपी के बीच का अंतर और 20 से अधिक रक्तस्रावी धब्बे की उपस्थिति टर्निकेट परीक्षण के बाद हाथ पर दिखें, तो यह स्थिति एक उच्च जोखिम वाली स्थिति का सुझाव देते हैं, और व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है।”

    एस्पिरिन या इबुप्रोफेन नहीं, ले सकते हैं पैरासिटामोल- सीएमओ ने कहा कि डेंगू बुखार एक मच्छर जनित रोग है। यह चार प्रकार के डेंगू वायरस में से किसी एक के कारण होता है, जो एक संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, त्वचा पर हल्के लाल चकत्ते, खांसी और आंखों के पीछे और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोगों को लाल और सफेद धब्बेदार चकत्ते विकसित हो सकते हैं, जिसके बाद भूख में कमी, मतली, उल्टी आदि हो सकती है। डेंगू से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए, आराम करना चाहिए और बहुत सारे तरल पदार्थ पीना चाहिए। बुखार को कम करने और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पैरासिटामोल लिया जा सकता है। हालांकि, एस्पिरिन या इबुप्रोफेन नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि वे रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

    जटिलताओं का जोखिम – डेंगू के 1% से भी कम मामलों में जटिलताओं का जोखिम होता है, यदि जनता को चेतावनी के संकेत ज्ञात हों, तो डेंगू से होने वाली सभी मौतों से बचा जा सकता है। डेंगू के परीक्षणों में डेंगू NS1-सर्वश्रेष्ठ परीक्षण है। NS1 आदर्श रूप से दिन 1 से 7 तक पॉजिटिव रीडिंग होता है। यह फॉल्स पॉजिटिव रीडिंग नहीं देता। यदि पहले दिन -ve है, तो इसे अगले दिन दोहराएं। हमेशा एलिसा आधारित NS1 परीक्षण के लिए कहें क्योंकि कार्ड परीक्षण भ्रामक हैं।

    आईजीजी और आईजीएम डेंगू का महत्व –
    कम प्लेटलेट्स संख्या वाले और बीमारी के तीसरे या चौथे दिन “बीमार” दिखने वाले मरीज में, आईजीएम स्तर में सीमा रेखा वृद्धि और आईजीजी का एक बहुत ही उच्च स्तर सेकेंडरी डेंगू का प्रतीक है। इन मरीजों में जटिलता की संभावनाएं अधिक होती हैं। प्राथमिक डेंगू में आईजीजी 7 दिनों के अंत में + हो जाता है, जबकि आईजीएम दिन 4 के बाद + हो जाता है। अपरिपक्व प्लेटलेट अंश/आईपीएफ, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया वाले मरीज के लिए डेंगू में एक बहुत ही उपयोगी परीक्षण है। यदि ऐसे मरीज में आईपीएफ> 10% है, तो अगर प्लेटलेट काउंट 20,000 भी है तो भी वह खतरे से बाहर है और 24 घंटे में प्लेटलेट्स बढ़ जाएंगे। यदि आईपीएफ 6% है, तो इसे अगले दिन फिर दोहराएं। अब अगर आईपीएफ बढ़कर 8% हो गया है तो उसके प्लेटलेट्स निश्चित रूप से 48 घंटे के भीतर बढ़ जाएंगे। यदि यह 5% से कम है, तो उसका अस्थि मज्जा 3-4 दिनों तक प्रतिक्रिया नहीं करेगा और वह मरीज प्लेटलेट चढ़ाने के लिए संभावित उम्मीदवार हो सकता है। बॉर्डर लाइन कम प्लेटलेट काउंट के साथ भी आईपीएफ परीक्षण करना बेहतर है। लो मीन प्लेटलेट वॉल्यूम या एमपीवी का मतलब है कि प्लेटलेट्स कार्यात्मक रूप से अक्षम हैं और ऐसे मरीज पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

  • आय से 88 फीसदी अधिक पाई गई संपत्ति

    एंटी करपशन की टीम ने दर्ज कराया मुकदमा

    ड्रग विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भागीरथ सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसा। कई साल से चल रही थी भ्रष्टाचार की जाँच। आय से 88 फीसदी अधिक संपत्ति होने का मामला। भागीरथ के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा हुआ दर्ज। एंटी करपशन की टीम ने थाना कोतवाली शहर में दर्ज कराया मुकदमा।

    बिजनौर। ड्रग विभाग में तैनात एक अनुसेवक आय से अधिक संपत्ति मामले में फंस गया है। एन्टी करप्शन मेरठ की इंस्पेक्टर अंजू भदौरिया ने बुधवार को थाना कोतवाली शहर में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया। उसकी संपत्ति आय से 88.74 प्रतिशत अधिक पाई गई है।

    खाद्य सुरक्षा एवं औषिध प्रशासन विभाग (ड्रग विभाग) में तैनात एक अनुसेवक भागीरथ सिंह की संपत्ति उसकी आय से 88.74 प्रतिशत अधिक पाई गई है। प्रशासन की संस्तुति पर मोहल्ला जाटान निवासी भागीरथ सिंह पुत्र रामचंद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ द्वारा की जा रही थी। जांच पूर्ण होने पर मेरठ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की निरीक्षक अंजू भदौरिया ने थाना शहर कोतवाली बिजनौर में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13 (1) व 13(2) के तहत मामला दर्ज करा दिया। पुलिस मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी भागीरथ फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीम जुट गई है।

    उत्पीड़न से तंग थे औषधि विक्रेता

    गौरतलब है कि बिजनौर के औषधि विक्रेताओं ने ड्रग विभाग में तैनात अनुसेवक भागीरथ सिंह के खिलाफ कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। यहां तक कि उत्पीड़न से होकर कार्यवाही की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किए गए। तत्कालीन डीएम अजयदीप सिंह ने अनु सेवक को अपने कार्यालय से संबंध कर दिया था। आरोप है कि ऊंची पहुंच के चलते भागीरथ ने पुनः ड्रग विभाग में वापसी करा ली। जांच में अनु सेवक की संपत्ति आय से अधिक पाई गई।

    कमाई से दुगने कर दिए खर्च

    बताया गया है कि भागीरथ सिंह को एक जनवरी 2004 से 31 दिसंबर 2014 तक (दस साल) दस लाख 91 हजार 748 शुद्ध वेतन, एक लाख 32 हजार 208 रुपए अतिरिक्त वेतन, 30 हजार रुपए बोनस, तीन लाख 37 हजार रुपए कृषि आय, 50 हजार रुपए जीपीएफ, दस लाख 58 हजार 955 रुपए दूध डेयरी आय और 51 हजार 842 रुपए ब्याज की आय हुई थी। यह कुल 27 लाख 51 हजार 799 रुपए है। वहीं इस अवधि में भागीरथ सिंह ने 51 लाख 93 हजार 845 रुपए की धनराशि व्यय कर डाली, जो उसकी आय से 24 लाख 42 हजार (88.74 प्रतिशत) अधिक है।

    डीआई उमेश भारती से भी होगी पूछताछ?

    थाना कोतवाली शहर में भागीरथ सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद इस मामले की जानकारी लेने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर उमेश भारती को कई बार कॉल की गई, लेकिन रिसीव नहीं हुई। लोगों के जेहन में यह सवाल कौंध रहा है कि क्या डीआई उमेश भारती से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मेडीकल लाइसेंस पास करने के नाम पर भागीरथ सिंह द्वारा 15 हजार से 20 हजार रिश्वत वसूली जाती थी। इसमें 60% हिस्सा ड्रग इंस्पेक्टर उमेश भारती का भी होता था?

    कर्मचारी करे भ्रष्टाचार, हिस्से में अधिकारी करे इंकार?

    यह तथ्य भी ध्यान में रखना होगा कि जब 10 साल (एक जनवरी 2004 से 31 दिसंबर 2014) तक उक्त कर्मचारी खुलकर लूटखसोट करता रहा तो, क्या उसके बाद भ्रष्टाचार छोड़ दिया? इस अवधि में तैनात अधिकारियों की संलिप्तता से आखिर किन कारणों से इंकार किया जा सकता है?

  • देवरिया में ब्राह्मण परिवार के छह लोगों की हत्या से उपजा आक्रोश

    आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने भेजा मुख्यमंत्री को ज्ञापन

    ब्राह्मण परिवार के हत्यारों के घर पर चला दो बुलडोजर

    बिजनौर। देवरिया में ब्राह्मण परिवार के छह लोगों की हत्या से समाज में आक्रोश व्याप्त है। ब्राह्मण समाज के अनेक लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हत्यारों को फांसी पर लटकाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने हत्यारों के घर पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की।

    ब्राह्मण समाज के महिला व पुरुष बुधवार को बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश के जिला देवरिया में ब्राह्मण परिवार के छह लोगों की नृशंस हत्या की गई। उसी परिवार की एक नाबालिग लड़की अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। उक्त घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शासन ब देवरिया प्रशासन से कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में हत्यारोपियों की खिलाफ रासुका आदि की कार्रवाई करने के साथ उनके घरों को बुलडोजर से गिराने की भी मांग की गई। साथ ही कहा कि ब्राह्मण परिवार के छह लोगों की हत्या जैसा जघन्य कृत्य करने वालों को अति शीघ्र फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए। अस्पताल में उपचाराधीन बेटी को अच्छी से अच्छी नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। भविष्य में सरकार के स्तर से उसको शिक्षा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाए। सरकारी नौकरी में भी उसको नियुक्त किया जाए।पीड़ित ब्राह्मण परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई।

    ज्ञापन देने वालों में शोभा शर्मा, ममता शर्मा, सरिता शर्मा, शोभित शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, शोभित पंडित, सत्यम शर्मा, जितेंद्र शर्मा, राकेश भारद्वाज,महेंद्र शर्मा, रोहित भारद्वाज, नीरज शर्मा, विशाल शर्मा, आदि बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल रहे।

  • रसोई में ही छिपा हुआ है सेहत का खजाना

    काली मिर्च बढ़ाती है आंखों की रौशनी, कैसे करेंगे इस्तेमाल?

    भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली अनेक सामग्रियां गुणकारी होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं। इनका सही मात्रा में उपयोग करने से न केवल स्वादिष्ट भोजन बनता है बल्कि स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है। इसलिए कहा जाता है कि रसोई में ही सेहत का खजाना छिपा हुआ है। इन्हीं में से एक काली मिर्च ऐसा मसाला है, जिसे हम अक्सर अपने भोजन में शामिल करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य खाने को स्वादिष्ट बनाना होता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और विटामिन ए जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक हैं। काली मिर्च में पाए जाने वाले पोषक तत्व आंखों से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करते है। आइए जानते हैं कि काली मिर्च कैसे आँखों के लिए फायदेमंद हो सकती है….

    काली मिर्च आंखों के लिए फायदेमंद ?

    काली मिर्च में विटामिन A, C और E जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखते हैं।

    इसमें पाए जाने वाले ल्यूटिन और जेएक्सैंथिन आंखों की सूखी और खुजली वाली समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं।

    काली मिर्च के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण आंखों के पीलिया, लाली और सूजन जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार हैं।

    इसमें मौजूद कैप्सैसिन आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है और आंखों की थकान को कम करता है।

    काली मिर्च का सेवन आंखों की रक्त वाहिकाओं को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

    काली मिर्च का कैसे करें सेवन~
    10 काली मिर्च को पीसकर एक पाउडर बनाएं। इस पाउडर को एक चम्मच घी और आधा चम्मच मिश्री डालकर घोल लें। उसके बाद उसे पी जाएं। इसे आप रोजाना लंबे समय तक पीते हैं तो आप अपनी आंखों की रौशनी में फर्क दिखना शुरू हो जाएगा।


    (Disclaimer: आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

  • महात्मा, दास देव जैसी बॉलीवुड फिल्मों में आ चुके हैं नजर

    सोशल मीडिया पर लुक किया जा रहा है पसंद

    ‘सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार’ में मुख्य विलेन गणेश शंकर सोनी (ध्रूमपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है)

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में गणेश शंकर सोनी ने मारी जबरदस्त एंट्री

    बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता गणेश शंकर सोनी ने अब भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपना कदम रख दिया है। उन्होंने हाल ही में भोजपुरी फिल्म “सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार” से मुख्य विलेन के रूप में जबरदस्त एंट्री मारी है। गणेश शंकर सोनी अब भोजपुरी फिल्मों में तहलका मचाने आ गए हैं। इससे पहले ये महात्मा, दास देव जैसी बॉलीवुड की फिल्मों में नजर आ चुके हैं। “सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार” फ़िल्म के सेट पर गणेश शंकर सोनी ने अपने लुक की फ़ोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो लोगों को बेहद पसंद आ रहा है।

    ‘सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार’ में मुख्य विलेन गणेश शंकर सोनी

    ‘सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार’ का हिस्सा बनने पर गणेश शंकर सोनी काफी ज्यादा खुश हैं। फिल्म के विलेन द्वारा एक बयान भी शेयर किया गया है कि “जब मैंने “सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार” का वन लाइनर सुना तो, उसी समय तय कर लिया था कि मुझे इस फ़िल्म का हिस्सा बनना है। इस सफर की शुरुआत करते हुए मैं काफी रोमांचित हूँ।”

    ‘सजनी चुरा लिहली दिलवा हमार’ में मुख्य विलेन गणेश शंकर सोनी

    यह फ़िल्म एक एक्शन थ्रिलर, रोमांटिक फिल्म है। निर्देशक विवेक सिंह हैं। वहीं इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर भी गणेश शंकर सोनी हैं। इनके अलावा इस फ़िल्म में सुधांशु कृष्ण राय, पूजा तिवारी, गिरीश शर्मा, राहुल श्रीवास्तव, अशोक पाठक, व अन्य कलाकर नजर आएंगे।

  • सच्ची घटना पर आधारित, साफ सुथरी व पारिवारिक फ़िल्म: निर्माता बनी सिंह

    भोजपुरी फिल्म “पटना की प्रिया” का मुहूर्त

    पटना की प्रिया” में लीड रोल करेंगी पल्लवी गिरी

    पटना। “बिग बोल” फ़िल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने जा रही भोजपुरी फिल्म “पटना की प्रिया” का मुहूर्त संम्पन्न हुआ। इस अवसर पर फ़िल्म के मुख्य कलाकार पल्लवी गिरी सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सब ने एक दूसरे को बधाई दी। फ़िल्म के निर्माता – निर्देशक और लेखक बनी सिंह हैं तथा गीत भी बनी सिंह ही ने लिखे हैं। इस फ़िल्म के सभी गाने साफ-सुथरे एवं मधुर हैं। जो दर्शकों को काफी पसंद आएंगे। “पटना की प्रिया” संगीतमय, रोमांटिक व परिवारिक फ़िल्म है, जो एक सच्ची घटना पर आधारित है।
    इस फ़िल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश व बिहार के खूबसूरत वादियों में बहुत जल्द शुरू होगी।

    गौरतलब है कि अपनी कई फिल्मों व एल्बमों से युवा दिलों पर अमिट छाप छोड़कर अब पल्लवी गिरी फिर सुर्खियां बटोर रही है। इनकी कई फिल्में रिलीज होने वाली हैं। वहीं इनकी नई भोजपुरी फ़िल्म “पटना की प्रिया” की भी चर्चा जोरों पर है।

    निर्माता निर्देशक बनी सिंह ने बताया कि फ़िल्म की कहानी बहुत अच्छी है, जो दर्शकों को बहुत पसंद आएगी। हमने इसमें अश्लीलता का जिक्र भी नहीं किया है। यह एक साफ सुथरी व पारिवारिक फ़िल्म है, जो एक सच्ची घटना पर आधारित है। अभी हीरो की तलाश कर रहे हैं, जो बहुत जल्द फाइनल कर लेंगे। वहीं इस फ़िल्म को रामजीवन यादव कैमरे में कैद करेंगे। प्रोडक्शन मैनेजर चंदन बिहारी यादव, एडिटर राहुल राज, कोरियोग्राफर दीपक चौधरी, पीआरओ कुलदीप चौरसिया, असिस्टेंट डायरेक्टर जाह्नवी प्रजापति, मैनेजर तेजवीर सिंह और एडिटर राहुल राज है। अन्य टीम की चयन प्रक्रिया जारी है।

    बात करें कलाकारों की तो पल्लवी गिरी, देवराज देवा, अतुल पहलवान व अन्य कलाकार इस फिल्म में नजर आएंगे। हीरो व अन्य कलाकारों की कॉस्टिंग चल रही है।

  • धमाके से मकान की छत ध्वस्त, महिला सहित दो झुलसे

    जांच को पहुंची पुलिस विरोध के चलते लौटी वापस

    मकान में धमाके की गूंज से मच गया हड़कंप

    ~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।

    प्रतीकात्मक चित्र

    बिजनौर। बढ़ापुर नगर के एक मोहल्ले में सुबह सवेरे एक मकान में धमाके की गूंज से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। पास पड़ोस के लोगों ने घर में जाकर देखने का प्रयास किया तो उनकोअंदर नहीं जाने दिया गया। बताया जा रहा है कि धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान की छत ध्वस्त हो गई। इसकी चपेट में आकर एक महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उचित उपचार के लिए उन्हें बाहर ले जाया गया है। लोगों का दबी जुबान में कहना है कि घर के अंदर विस्फोटक सामग्री का भंडारण था, जिसमें विस्फोट हो गया।

    जबरदस्त धमाके से सहम गए आसपड़ोस के लोग

    बढ़ापुर नगर के मोहल्ला बाजार में सागर अग्रवाल (35 वर्ष) पुत्र महिंद्र अग्रवाल का श्री शिव मंदिर तथा एक स्कूल के ठीक सामने मकान है। मंगलवार को सवेरे एक तेज धमाके में सागर अग्रवाल के मकान की छत ध्वस्त हो गई। धमाके की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि पास पड़ोस के लोग भी सहम गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर जब पास पड़ोस के लोगों ने घर में जाकर देखने का प्रयास किया तो सागर के भाई व अन्य लोगों ने पड़ोसियों को भी अंदर जाने से रोक दिया। बताया गया है कि इतने में ही परिजनों द्वारा गंभीर हालत में सागर को रिश्ते में उसके चिकित्सक चाचा के यहां लाया गया। इसके बाद उसे उचित उपचार के लिए जिले के एक नामी चिकित्सक के यहां भेज दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताया गया शरीर बुरी तरह झुलसने के कारण सागर लगातार चीख रहा था। इसके बावजूद सागर के परिजन किसी को भी घर के अंदर नहीं जाने दे रहे थे। बाहर ही खड़े होकर बता रहे थे कि घर में लगा गीजर फट गया है। जबकि पास पड़ोस के लोगों का दबी जुबान में कहना है कि यह लोग आतिशबाजी की सामग्री का भंडारण करते थे, जिसमें विस्फोट हो जाने के कारण यह घटना हो गई।

    पुलिस पर मामला रफदफा करने को दबाव

    सूत्रों की माने तो विस्फोट के बाद विस्फोटक सामग्री को घर से लगातार नाली के जरिए बहाया गया। काफी समय तक नाली में विस्फोटक सामग्री को बहते हुए लोगों ने देखा। किसी से गीजर फटने व किसी से सिलेंडर फटने की बात कह कर परिजन खुद अपने जाल में फंसते जा रहे थे। किसी व्यक्ति द्वारा घटना की सूचना थाना बढ़ापुर पुलिस को दे दी गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार जांच के लिए मौके पर पहुंचे और विस्फोटक वाले कमरे की बारीकी से जांच करने के लिए अंदर घर मे पहुंच गए। बताया जाता है की जांच करने के बाद बाहर निकले उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार को सागर के परिजनों सहित कई नेताओं ने घेर लिया और मामले को वहीं रफादफा करने के लिए जोर देने लगे। इसके बाद उप निरीक्षक प्रमोद कुमार बैरंग थाने लौट गए। पास पड़ोस के लोगों का कहना है कि जिस तरह सामने श्री शिव मंदिर तथा स्कूल है यदि कोई बड़ा धमाका होता तो कोई बड़ी घटना भी घट सकती थी। इसलिए बारीकी से जांच किया जाना अति आवश्यक है क्योंकि यह लोग काफी समय से आतिशबाजी की बिक्री और विस्फोटक सामग्री का भंडारण करते हैं। यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।

  • धमाके से मकान की छत ध्वस्त, महिला सहित दो झुलसे

    जांच को पहुंची पुलिस विरोध के चलते लौटी वापस

    मकान में धमाके की गूंज से मच गया हड़कंप

    ~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।

    बिजनौर। बढ़ापुर नगर के एक मोहल्ले में सुबह सवेरे एक मकान में धमाके की गूंज से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। पास पड़ोस के लोगों ने घर में जाकर देखने का प्रयास किया तो उनकोअंदर नहीं जाने दिया गया। बताया जा रहा है कि धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान की छत ध्वस्त हो गई। इसकी चपेट में आकर एक महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उचित उपचार के लिए उन्हें बाहर ले जाया गया है। लोगों का दबी जुबान में कहना है कि घर के अंदर विस्फोटक सामग्री का भंडारण था, जिसमें विस्फोट हो गया।

    बढ़ापुर नगर के मोहल्ला बाजार में सागर अग्रवाल (35 वर्ष) पुत्र महिंद्र अग्रवाल का श्री शिव मंदिर तथा एक स्कूल के ठीक सामने मकान है। मंगलवार को सवेरे एक तेज धमाके में सागर अग्रवाल के मकान की छत ध्वस्त हो गई। धमाके की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि पास पड़ोस के लोग भी सहम गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर जब पास पड़ोस के लोगों ने घर में जाकर देखने का प्रयास किया तो सागर के भाई व अन्य लोगों ने पड़ोसियों को भी अंदर जाने से रोक दिया। बताया गया है कि इतने में ही परिजनों द्वारा गंभीर हालत में सागर को रिश्ते में उसके चिकित्सक चाचा के यहां लाया गया। इसके बाद उसे उचित उपचार के लिए जिले के एक नामी चिकित्सक के यहां भेज दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताया गया शरीर बुरी तरह झुलसने के कारण सागर लगातार चीख रहा था। इसके बावजूद सागर के परिजन किसी

    को भी घर के अंदर नहीं जाने दे रहे थे। बाहर ही खड़े होकर बता रहे थे कि घर में लगा गीजर फट गया है। जबकि पास पड़ोस के लोगों का दबी जुबान में कहना है कि यह लोग आतिशबाजी की सामग्री का भंडारण करते थे, जिसमें विस्फोट हो जाने के कारण यह घटना हो गई। सूत्रों की माने तो विस्फोट के बाद विस्फोटक सामग्री को घर से लगातार नाली के जरिए बहाया गया। काफी समय तक नाली में विस्फोटक सामग्री को बहते हुए लोगों ने देखा। किसी से गीजर फटने व किसी से सिलेंडर फटने की बात कह कर परिजन खुद अपने जाल में फसते जा रहे थे। किसी व्यक्ति द्वारा घटना की सूचना थाना बढ़ापुर पुलिस को दे दी गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार जांच के लिए मौके पर पहुंचे और विस्फोटक वाले कमरे की बारीकी से जांच करने के लिए अंदर घर मे पहुंच गए। बताया जाता है की जांच करने के बाद बाहर निकले उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार को सागर के परिजनों सहित कई नेताओं ने घेर लिया और मामले को वहीं रफादफा करने के लिए जोर देने लगे। इसके बाद उप निरीक्षक प्रमोद कुमार बैरंग थाने लौट गए। पास पड़ोस के लोगों का कहना है कि जिस तरह सामने श्री शिव मंदिर तथा स्कूल है यदि कोई बड़ा धमाका होता तो कोई बड़ी घटना भी घट सकती थी। इसलिए बारीकी से जांच किया जाना अति आवश्यक है क्योंकि यह लोग काफी समय से आतिशबाजी की बिक्री का कार्य करते हैं। यह लोग विस्फोटक सामग्री का भंडारण करते हैं। यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।

  • ब्लॉक जलीलपुर के कंपोजिट स्कूल, सकतलपुर मिलक को हासिल हुई उपलब्धि

    जनपद के प्रथम गणित एजुकेशन पार्क का उद्घाटन

    ~ali sher, basta

    बिजनौर। ब्लॉक जलीलपुर अंतर्गत कंपोजिट स्कूल, सकतलपुर मिलक में सीडीओ पूर्ण वोरा एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव ने जनपद के प्रथम गणित एजुकेशन पार्क का उद्घाटन किया।

    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गणित एजुकेशन पार्क बच्चों को गणित की बारीकियां समझने में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने विद्यालय के अध्यापकों को गणित के इस नवाचार के लिए बधाई दी। उन्होंने बच्चों को अंग्रेजी डिक्शनरी का वितरण भी किया।

    इस अवसर पर बीएसए जयकरण यादव ने कहा कि बच्चों को गणित एजुकेशनल पार्क से गणित सीखने में सुगमता होगी साथ ही बच्चों का गणित में अधिगम स्थाई होगा। खंड शिक्षा अधिकारी जलीलपुर गजेन्द्र सिह ने सभी बच्चों और अध्यापकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जलीलपुर के खंड विकास अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    विद्यालय की मुख्य अध्यापिका श्वेता रानी, सहायक अध्यापिका नीतू रानी, राजकुमार, नितिन कुमार, कमर जहां, सीमा, नमिता त्यागी, माही मुनीर, गिरीश कुमार, सत्येंद्र, राजेश उपस्थित रहे। मंच का संचालन मुकेश यादव ने किया।

  • मानक पूरे होने के बावजूद मीट शॉप की दुकान का लाइसेंस नहीं

    महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है फुरकान

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के ठेंगे पर हाईकोर्ट के आदेश?

    बिजनौर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग बिजनौर के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश कोई मायने नहीं रखते। एक तरफ हाईकोर्ट का आदेश व दूसरी तरफ मीट शॉप के लिए मानक पूरे करने के बावजूद भी लाइसेंस जारी नहीं किया गया। पिछले तीन महीने से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि कार्यालय के चक्कर काट रहे आवेदक ने जिलाधिकारी को पत्र देकर खाद्य विभाग अधिकारी को निर्देशित कर लाइसेंस दिलाने व शॉप खुलवाने की मांग की है।

    थाना कोतवाली देहात के गांव उमरीकला निवासी फुरकान पुत्र छोटे द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि विगत 13 अगस्त 2021 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बिजनौर द्वारा उसको मीट शॉप का लाइसेंस जारी किया गया था, जो 12 अगस्त 2022 तक वैध था परंतु तत्कालीन पंजीकरण प्राधिकारी कमलेश कुमार ने 12 नवम्बर 2021 को उक्त मीट शॉप का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इसके बाद फुरकान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण लेते हुए लाइसेंस को बहाल किए जाने के लिए याचिका दायर की। तत्पश्चात इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 17 अप्रैल 2023 को तीन सप्ताह के भीतर लाइसेंस बहाल करने के आदेश पारित किए। उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद खाद्य विभाग ने फुरकान को एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उसके मीट शॉप का लाइसेंस एक वर्ष पूर्व रिनुअल न होने के कारण विभागीय साइट से हट गया है, इसलिए विभागीय साइट पर जाकर फिर से नए मीट शॉप के लाइसेंस के लिए आवेदन करें। इसके लिए ऑनलाइन करने से पूर्व कुछ मानक भी पूरे करने होंगे।
    खाद्य विभाग अधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि उसने नया लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन कर दिया और उसके मानक भी पूरे कर दिए गए, जबकि खाद्य विभाग अधिकारी द्वारा फुरकान को आश्वासन दिया गया कि 15 दिन के भीतर उसका लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद वह अपनी मीट शॉप की दुकान खोल सकते हैं। फुरकान का कहना है कि लगभग तीन माह का समय बीत जाने के बाद खाद्य विभाग अधिकारी द्वारा न तो उसका लाइसेंस जारी किया गया और न ही मीट शॉप की दुकान खुल सकी है। इस कारण उसके सामने रोज़ी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। आरोप लगाया कि खाद्य विभाग अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। फुरकान ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में गुहार लगाई है कि वह खाद्य विभाग अधिकारी को आदेशित कर उसका लाइसेंस दिलाने व मीट शॉप खुलवाने के आदेश पारित करें।

  • नेपाल में दोपहर 2:25 बजे आया भूकंप।भूकंप की तीव्रता 6.2 रही और इसका केंद्र पांच किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले सुबह 11 बजकर 6 मिनट 3 सेकेंड पर उत्तर भारत में झटके महसूस किए गए। राजस्‍थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दोपहर करीब दो बजकर 55 मिनट पर भूकंप के झटके से मची अफरातफरी।

    सोनीपत, दिल्ली एनसीआर में महसूस किए भूकंप के झटके घरों से बाहर भागे लोग, तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.7 मापी गई

    भूकंप के झटकों से फैली दहशत, घरों से बाहर भागे लोग

    नई दिल्ली। मंगलवार सुबह से दोपहर तक अलग अलग क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक भूकंप का झटका महसूस करते ही बदहवास लोग अपने घरों, कार्यालयों, प्रतिष्ठानों से बाहर की तरफ भागे।हर तरफ लोग आपस में भूकंप के बारे में ही बातचीत करते नजर आए।

    दिल्‍ली और एनसीआर में भूकंप के झटकों से अफरातफरी मच गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार दोपहर 2:25 बजे भूकंप आया। भूकंप की तीव्रता 6.2 रही और इसका केंद्र नेपाल में पांच किलोमीटर की गहराई में था

    इससे पहले उत्तर भारत के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह 11 बजकर 6 मिनट 3 सेकेंड पर अचानक भूकंप का पहला झटका लगा। पता लगते ही लोग अपने घरों से बाहर की तरफ भागे। कई लोगों ने बताया कि अचानक घर, ऑफिस आदि के सामान में हलचल सी हुई। बेड, मेज कुर्सी, बंद पंखे हिलने लगे। डाइनिंग टेबल पर रखे कटलरी सेट खनखनाने लगे। भूकंप का झटका लगते ही खतरे को भांप कर वह बाहर आ गए थे। इसके बाद लोग सड़कों, गलियों में आपस में भूकंप के बारे में ही बातचीत करने लगे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, दिल्ली के अनुसार भूकंप का केंद्र बिंदु सोनीपत रहा। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 2.7 मापी गई। हालांकि भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। अगर झटका अधिक तेज होता तो बहुत अधिक नुकसान हो सकता था। दूसरी तरफ राजस्‍थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दोपहर करीब दो बजकर 55 मिनट पर लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। लोग घबराकर इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।



  • ध्वजारोहण के साथ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों का अनावरण

    जाट बाल विद्यालय में मनाई महात्मा गांधी एवं शास्त्री जयंती

    बिजनौर। जाट बाल विद्यालय में महात्मा गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रबंधक राजेंद्र सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों का अनावरण भी किया।

    कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अंजली चौधरी, अध्यापिका सुनीता सिंह, इंदिरा रंजन, अनिता सैनी, गीता चौधरी, राशि शर्मा तथा अनूप चौधरी, सूरज सिंह, शिल्पी चौधरी, मानसी चौधरी, आलोक कुमार, लक्ष्मी चौधरी आदि अभिभावक उपस्थित रहे।

  • मुस्लिम आबादी में हुआ 1.2 प्रतिशत का इजाफा

    जातीय जनगणना की रिपोर्ट, 2146 लोगों ने नहीं बताया अपना कोई धर्म

    आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकती है जातिगत जनगणना की रिपोर्ट

    बिहार में 1.2 प्रतिशत घटकर 81.99 प्रतिशत रह गई हिन्दू आबादी

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। बिहार, जातिगत जनगणना कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बिहार में जब भारतीय जनता पार्टी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी सरकार में थी, तभी बिहार विधानसभा और विधान परिषद ने राज्य में जाति आधारित गणना कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। कोरोना की स्थिति संभालने के बाद 1 जून 2022 को सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित गणना को सर्वसम्मति से करने का प्रस्ताव पारित किया गया। नीतीश कुमार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट “जाति आधारित जनगणना” की रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि बिहार में 81.99 प्रतिशत यानी लगभग 82% हिंदू हैं। इस्लाम धर्म के मानने वालों की संख्या 17.7% है। शेष ईसाई सिख बौद्ध जैन या अन्य धर्म मानने वालों की संख्या 1% से भी कम है। राज्य के 2146 लोगों ने अपना कोई धर्म नहीं बताया।

    जातीय जनगणना की रिपोर्ट जारी, राज्य में 63% ओबीसी

    बिहार में सामान्य वर्ग के लोगों की आबादी 15 प्रतिशत है। बिहार की नीतीश कुमार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट “जाति आधारित जनगणना” की रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार बिहार में सामान्य वर्ग के लोगों की आबादी 15 प्रतिशत है। पिछड़ा वर्ग की आबादी 27 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी करीब 20 फीसदी है। बिहार सरकार के प्रभारी मुख्य सचिव विवेक सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कुल 214 जातियों के आंकड़े जारी किए हैं। इनमें कुछ ऐसी जातियां भी हैं, जिनकी कुल आबादी सौ से भी कम है। रिपोर्ट में 214 जातियों के अलावा 215वें नंबर पर अन्य जातियों का भी जिक्र किया गया है। आंकड़ों की मानें, राज्य की आबादी 13,07,25,310 है। वहीं कुल सर्वेक्षित परिवारों की संख्या 2,83,44,107 है। इसमें पुरुषों की कुल संख्या 4 करोड़ 41 लाख और महिलाओं की संख्या 6 करोड़ 11 लाख है। राज्य में प्रति 1000 पुरुषों में 953 महिलाएं हैं।

    किस जाति की कितनी आबादी~
    यादव – 14.26%
    रविदास- 5.25%
    दुसाध-5.31%
    कोइरी- 4.21%
    ब्राह्मण- 3.67%
    राजपूत- 3.45%
    मुसहर- 3.08%
    भूमिहार- 2.89%
    कुरमी- 2.87%
    तेली- 2.81%
    बनिया-2.31%
    कानू-2.21%
    चंद्रवंशी-1.64%
    कुम्हार-1.40%
    सोनार-0.68%
    कायस्थ – 0.60%

    राजनैतिक जानकारों का मानना है कि हिंदी पट्टी के राज्यों में जहां जाति की राजनीति एक प्रमुख भूमिका निभाती है, वहां आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना की रिपोर्ट बड़ा मुद्दा बन सकती है।
    जातीय जनगणना रिपोर्ट को मंडल रिपोर्ट 2.0 भी कहा जा रहा है। देश में पिछड़ी जातियों के आरक्षण के लिए 1990 में मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गई थीं। अब 33 साल बाद जातीय जनगणना से जुड़ी रिपोर्ट के आने के बाद सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

    खास बात यह भी है कि बिहार की कुल आबादी में हिंदुओं की भागीदारी 2001 की जनगणना के अनुसार 83.2 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत, यानि 81.99 प्रतिशत रह गई है। दूसरी तरफ 2001 में 16.5 प्रतिशत मुस्लिम आबादी अब 1.2 प्रतिशत बढ़कर 17.70 प्रतिशत हो गई है। वहीं अप्रत्याशित तौर पर बौद्ध धर्मावलंबियों की संख्या लगभग पांच गुना बढ़ गई है।

  • भारी मात्रा में पटाखे और निर्माण सामग्री बरामद

    घेर मालिक के पुत्र समेत चार गिरफ्तार

    पटाखा बनाने की अवैध फैक्ट्री पर छापा

    बिजनौर। नगीना देहात थाना पुलिस ने एक घेर में पटाखा बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी है। छापा मार कार्रवाई में भारी मात्रा में पटाखों का स्टॉक बरामद किया गया है। घेर स्वामी के पुत्र समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    फाइल चित्र

    पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि ग्राम रायपुर नरुलोपुर के बीच स्थित एक घेर में पटाखा बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। रविवार की दोपहर लोगों को घेर में आग के साथ धुआं निकलता दिखाई दिया तो सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। छापेमारी के दौरान 10 प्लास्टिक के छोटे-बडे़ कट्टे में विभिन्न कम्पनियों के पटाखों को जब्त किया गया। मौके पर कुछ अर्ध जले और पूरे जले हुए पटाखे भी बरामद हुए।

    फाइल चित्र

    सीओ ने बताया कि घेर स्वामी ने एक सप्ताह पूर्व नजीबाबाद के दो लोगों को जगह किराए पर दी थी। मौके पर पुलिस को पटाखे बनाने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं मिला। बाद में मकान स्वामी के पुत्र समेत चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से पता चला है कि वह अवैध रुप से पटाखे बनाकर अच्छा मुनाफा कमाते थे। फिलहाल दीपावली आदि त्योहार पर बिक्री के लिए पटाखे बना रहे थे।

    वहीं सूत्रों के अनुसार आरोपियों की पहचान मो. इस्तकार, मो. इम्तियाज, मुनव्वर और जुनैद के रूप में हुई है। दीपावली के पहले ही आरोपियों ने पटाखों की तस्करी और उनको अवैध तरीके से बनाने का काम शुरु कर दिया है।

  • गाड़ी पर धार्मिक चिन्ह होने के कारण कटा था चालान

    ट्रैफिक पुलिस कर्मी से हिंदू रक्षा दल अध्यक्ष की बदसलूकी!

    लखनऊ। ये गाजियाबाद पुलिस है और बदसलूकी कर रहे लोग हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी भैया और उनके समर्थक हैं। धार्मिक चिन्ह गाड़ियों में इस्तेमाल किया गया, इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने चालान काट दिया। हाल ही में पुलिस विभाग की वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने ऐसा अभियान चलाने का निर्देश दिया था।

    उसी के क्रम में धार्मिक निशान वाली गाड़ी का चालान हो गया। आरोप है कि इसी बात पर खड़े पिंकी ने ट्रैफिक सिपाही से बदसलूकी की। मोबाइल फोन छीन लेने की कोशिश की, धक्का दिया। मुख्यमंत्री को लेकर अभद्र तरीके से बात की और पुलिस को सरे राह धमकाया। सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इतने सबके बाद भी गाजियाबाद पुलिस पिंकी और उसके चेलों पर एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं? अब ड्यूटी करने के लिए भी नियम कायदे कानून नेताओं से सीखने होंगे!

  • पार्टी लिस्ट में अंकित नामों का सत्यापन कर पाई गई त्रुटियों का सुधार

    भाजपा द्वारा बूथ सशक्तीकरण की मण्डलवार बैठकों का दौर

    ~पंचदेव यादव

    गोसाईंगंज लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाई जा रही बूथ सशक्तीकरण की मण्डलवार बैठकों के क्रम में रविवार को अमेठी मण्डल की बैठक आयोजित की गई।

    हसनापुर गाँव में बीआयोजित बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे भाजपा किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के मन्त्री राम निवास यादव ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं का वृत लिया और पार्टी द्वारा दी गई लिस्ट में अंकित नामों का सत्यापन कर उसमें पाई गई त्रुटियों का सुधार किया। साथ ही किन्ही कारणों से खाली हुए पदों पर क्रियाशील कार्यकर्ताओं के समायोजन की प्रक्रिया की।

    इसके बाद अर्जुनगंज मण्डल की बैठक में पहुँचे राम निवास यादव ने वहां की सूची में अंकित नामों का सत्यापन कर सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर कराया और कार्यकर्ताओं को उचित दिशा निर्देश दिए।

    बैठकों में अपेक्षित लगभग सभी कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से गोकरन नाथ वर्मा, वीरेन्द्र रावत, गुड्डू पाण्डेय, बलिराम वर्मा, सन्तोष शर्मा, विनोद पटेल, बजरंग वर्मा, कल्लू वर्मा, राजकुमार वर्मा, संजय लोधी, राज कुमार रोहित सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • मां से बिछड़ने के गम में डरा सहमा सा हुआ है नन्हा हाथी

    वन विभाग के प्रयास असफल, सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांगी परमिशन

    नहीं मिला बेबी एलिफेंट को उसकी मां का साथ

    ~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।

    बिजनौर। अपने झुंड से बिछड़ने वाले बेबी एलिफेंट को उसकी मां से मिलाने के लिए वन अधिकारियों द्वारा किये गए प्रयास सफल नहीं हो पाये हैं। मां से बिछड़ने के गम में नन्हा हाथी डरा सहमा हुआ है, जिससे उसके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। बेबी एलीफेंट की ऐसी हालत देखते हुए उच्च अधिकारियों से उसे सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की परमिशन मांगी गई है।

    शनिवार को एक नन्हा मादा हाथी जिसकी आयु मात्र डेढ़ से दो माह बताई जा रही है, साहूवाला रेंज के अंतर्गत रिजर्व फॉरेस्ट से निकलकर किसानों के खेतों में अकेला ही भटकता हुआ दिखाई दिया था। सूचना मिलने पर साहूवाला रेंज के वन कर्मचारी उसे पकड़ कर काशीवाला स्थित वन चौकी ले आए थे। शनिवार और रविवार की रात को वन अधिकारियों की मौजूदगी में वन कर्मचारियों ने रिजर्व फॉरेस्ट में बेबी एलीफेंट को उसकी मां से मिलाने के प्रयास किये किंतु कहीं भी उसकी मां नहीं मिल पाई। अपनी मां से बिछड़ने के गम में नन्हा हाथी डरा सहमा सा हुआ है। डर के कारण वह सो भी नहीं पा रहा है। मात्र कुछ मिनट के लिए ही वह खड़ा-खड़ा सो रहा है, जिसके चलते उसके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि उसके स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए मथुरा एसओएस वाइल्डलाइफ से हाथी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक को बुलाया गया है। 24 घंटे बेबी एलीफेंट की निगरानी की जा रही है। मेडिसिन के अलावा नन्हे हाथी को स्वस्थ रखने के लिए नारियल पानी और दूध पाउडर दिया जा रहा है।
    सोमवार को वन विभाग नजीबाबाद के एसडीओ राजीव चौधरी ने बताया कि रविवार की रात को नन्हे हाथी को उसकी मां से मिलने के लिए पूरी रात जंगल में प्रयास किए गए। इस दौरान मात्र दो स्थानों पर केवल एक-एक हाथी दिखाई दिया। कहीं पर भी हाथियों का झुण्ड नहीं मिल पाया। वन क्षेत्र के समीप डेरों पर रहने वाले किसानों से भी मदद मांगी गई थी कि अगर कहीं भी हाथियों का झुंड दिखाई दे तो फोन पर उन्हें तत्काल सूचना दें। परंतु जंगल की खाक छानने के बाद भी हाथियों का कोई झुंड नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि लखनऊ से उच्च अधिकारियों से बेबी एलिफेंट को किसी सेंटर में भेजने के लिए परमिशन मांगी गई है। जब तक परमिशन नहीं आती, तब तक नन्हे हाथी को उसकी मां से मिलाने के प्रयास करते रहेंगे।

  • श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश शासन ने किया कचरा संवेदनशील बिन्दु का भ्रमण

    पालिका प्रांगण एवं ऐजाज़ अली हॉल पर ध्वजारोहण

    “सफाई मित्र सम्मान समारोह” में प्रदान किए प्रशस्ति पत्र

    बिजनौर। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के शुभ अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी डा० श्री बीरबल सिंह, पालिका बोर्ड के सदस्यगण, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, नगर पालिका परिषद बिजनौर, पालिका के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों व गणमान्य नागरिकों द्वारा संयुक्त रूप से पालिका प्रांगण एवं ऐजाज़ अली हॉल पर ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान देश के भक्ति नारे लगाये गए। तत्पश्चात् शक्ति चौक पर शास्त्री जी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। वहीं रामलीला मैदान के निकट गांधी पार्क में गांधीजी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया एवं देश भक्ति नारे लगाये गये।

    “स्वच्छता ही सेवा” पखवाड़े के अन्तर्गत ऐजाज़ अली हॉल में प्रस्तावित कार्यक्रम “सफाई मित्र सम्मान समारोह” में उपस्थित श्रमायुक्त, उ०प्र० शासन मार्कण्डेय शाही तथा पालिका अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से पालिका बिजनौर के सफाई मित्रों की कार्यशैली व श्रम को दृष्टिगत रखते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी डा० बीरबल सिंह, पालिका बोर्ड के समस्त सदस्य, नायब तहसीलदार बिजनौर, अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द चौधरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रमायुक्त ने सरकार द्वारा जनहित में चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं (विशेषकर श्रमिक संबंधी) का लाभ प्राप्त करने के संबंध में अवगत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह पालिका को देशहित व जनहित में अग्रसारित बनाने के लिए भरसक प्रयास करेंगे।

    तत्पश्चात श्रमायुक्त को अधिशासी अधिकारी द्वारा रविदास नगर में स्थित कचरा संवेदनशील बिन्दु का भ्रमण कराया गया। पालिका द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-(नगरीय) के अन्तर्गत शासन / प्रशासन के निर्देशन में इसका सौन्दर्यकरण कराया जा रहा है। श्रमायुक्त द्वारा पालिका के इस कार्य की सराहना की गयी। 

  • गंगा नदी व सहायक नदियों को स्वच्छ निर्मल व अविरल बनाए रखने हेतु दृढ़ निश्चय

    कचरा मुक्त घाट – कचरा मुक्त भारत अन्तर्गत बैराज घाट पर श्रमदान

    बिजनौर। महात्मा गांधी जयंती व लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर जिला गंगा समिति व सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर के तत्वाधान में कचरा मुक्त घाट-कचरा मुक्त भारत अन्तर्गत स्वच्छता अभियान श्रमदान, गंगा शपथ व गंगा स्वच्छता संगोष्ठी जागरूकता कार्यक्रम का अयोजन गंगा बैराज घाट पर गंगा दूत, गंगा प्रहरी, समाज कार्य छात्र व स्वयंसेवकों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह, नमामि गंगे जिला परियोजना अधिकारी पुलकित जाग्रवाल, जेआरएफ संजय सुयाल द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर पुष्पार्पित कर किया।

    कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं व प्रतिभागियों के द्वारा स्वच्छता ही सेवा, गंगा स्वच्छता, जैविक खाद, वन्यजीव सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा व गंगा नदी से संबंधित सामान्य जानकारी विषयों पर चर्चा परिचर्चा हुई व एक दूसरे के विचारों का आदान प्रदान हुआ व गंगा नदी व सहायक नदियों को स्वच्छ निर्मल व अविरल बनाए रखने हेतु दृढ़ निश्चय किया। प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमें पेड़ पौधे अधिक से अधिक लगाने के साथ साथ उनका संरक्षण भी करना है क्योंकि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पेड़ पौधों की भूमिका अहम होती है। साथ ही उन्होंने सभी को गंगा शपथ कराते हुए गंगा नदी को स्वच्छ रखने हेतु आह्वान किया।

    इसी क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह ने सभी प्रतिभागियों से परस्पर चर्चा करते हुए गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए; हम सभी की क्या भूमिका हो सकती है और अर्थ गंगा की शाब्दिक परिभाषा बताते हुए कहा कि गंगा नदी हमारी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती है और हम अपने स्वरोजगार के माध्यम से अपना रोजगार कर सकते हैं।
    कृष्णा कालेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर गंगा स्वच्छता का संदेश दिया व सभी से आह्वान किया कि हम सभी की जिम्मेदारी है, गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखना।

    नमामि गंगे जिला परियोजना अधिकारी पुलकित जाग्रवाल ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत 15 सितम्बर 2023 से 2 अक्टूबर 2023 को एक अभियान के माध्यम से कचरा मुक्त घाट- कचरा मुक्त भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां जैसे हस्ताक्षर अभियान, साप्ताहिक बैठक, गंगा स्वच्छता संगोष्ठी, रंगोली प्रतियोगिता, नुक्कड नाटक, स्वच्छता आभियान श्रमदान, घाट पर हाट आदि कार्यक्रम अयोजित किए गए जिनका उद्देश्य युवाओं को जोड़ना व जन आंदोलन के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम को सफल बनाना है।

    इसी क्रम में सभी ने गंगा घाट बैराज बिजनौर पर स्वच्छता आभियान व श्रमदान करके प्लास्टिक पॉलिथिन, कूड़ा कचरा एकत्र कर घाट पर लगी दुकानों व घाट पर उपस्थित गंगा सेवकों को भी संदेश दिया कि घाट पर गंदगी नहीं करनी है और हमें अन्य को भी गंदगी करने से रोकना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा दूत, गंगा प्रहरी पंकज कुमार, अर्चना, कविता, हिना, नाजिया, अनुराधा व अन्य गंगा सेवकों का सराहनीय योगदान रहा।

  • पल रहे हैं मक्खी, मच्छर, सांप, बिच्छू, कांतर जैसे जहरीले जीवजंतु

    डीएम बंगले के पास विवादित स्थल के रूप में कुख्यात है तालाब

    शहर के बीचों बीच विकसित हो रही संक्रामक रोगों की जन्मस्थली!

    बिजनौर। जिला मुख्यालय पर डीएम बंगले के ठीक सामने है मिशन कंपाउंड। …और इसमें है एक तालाब। इसमें मक्खी, मच्छर के अलावा सांप, बिच्छू, कांतर जैसे जहरीले जीवजंतु पल रहे हैं। सफाई कार्य आज तक नहीं हुआ है।कहीं ऐसा न हो कि इस तालाब की पहचान संक्रामक रोगों की जन्मस्थली के रूप में होने लगे!

    विवादित स्थल के रूप में कुख्यात

    प्रदेश में सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, लेकिन आज तक इसकी सफाई की सुध किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने नहीं ली। दरअसल कथित तौर पर विवादित स्थल के रूप में कुख्यात इस स्थान की ओर किसी भी राजनीतिक दल का नुमाइंदा तक ध्यान बरबक्स नहीं करता।

    एक अक्टूबर को नगर पालिका परिषद बिजनौर ने सफाई अभियान चला कर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को स्वच्छाजंलि अर्पित की। यहां तक कि शहर के सभी 32 वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया। इसे नाम दिया गया 01 घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम। मुख्य कार्यक्रम हुआ नुमाइश ग्राउण्ड बिजनौर में। वहीं इस कार्यक्रम से इतर गंगा बैराज पर भी राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सफाई अभियान चलाया गया। बस हमेशा की तरह इसी तालाब की ओर किसी का ध्यान नहीं गया, या ये कहिए कि कोई ध्यान देना ही नहीं चाहता। अब इतनी गंदगी में मच्छर, मक्खी के अलावा जहरीले जीवजंतु तो पलेंगे ही और आसपड़ोस के घरों में घुसेंगे भी। कहीं ऐसा न हो कि इस तालाब की पहचान संक्रामक रोगों की जन्मस्थली के रूप में होने लगे!

    बताया जाता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह यहां एक सोसायटी में बरसों रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कपिल सर्राफ यहीं पास में ही रहते हैं। मंडावर क्षेत्र के एक गांव के कई बार के प्रधान का घर भी तालाब के एक किनारे है। ..और भी दर्जनों घरों में सैकड़ों लोग रहते तो हैं लेकिन या तो सबकी आदत हो चुकी है, अथवा उच्चाधिकारियों से शिकायत करना नहीं चाहते?

    जनसंदेश टाइम्स लखनऊ, 02 अक्तूबर 2023
    दैनिक राष्ट्र वेदना बिजनौर, 02 अक्तूबर 2023
  • पीड़ित हुए किसान यूनियन नेता समेत परिजन

    जगदीशपुर में बुखार की चपेट में आए लगभग 30 प्रतिशत लोग

    बिजनौर। नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगदीशपुर में बुखार के प्रकोप से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव में लगभग 30 प्रतिशत लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। किसान यूनियन के जिला मीडिया प्रभारी रामोद कुमार के परिवार में भी प्रभारी व दो बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। किसान नेता ने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा से कैंप लगाने का अनुरोध किया है। वहीं नोडल अधिकारी ने जल्द ही ग्राम पंचायत में कैंप लगाने का आश्वासन दिया।

    किसान यूनियन के जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि ग्राम पंचायत में कोई उचित दवाई देने वाला डॉक्टर नहीं है। केवल झोलाछाप डॉक्टर और बंगाली डॉक्टर के सारे ही मरीज का इलाज कराने को ग्रामीण मजबूर है। बिना डिग्री वाले डॉक्टर से इलाज करना ग्रामीण उचित नहीं समझ रहे। क्योंकि बुखार से जिले में कई लोग दम तोड़ चुके हैं, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग ग्राम पंचायत में कैंप लगाकर ग्रामीणों का इलाज कराएं।

  • कोतवाली देहात क्षेत्र में बुखार का प्रकोप जारी

    बुखार से बालक की मौत के बाद परिजनों में कोहराम

    ~ प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।

    बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र में बुखार का प्रकोप जारी है। थाना क्षेत्र के ग्राम खोडपुरा में एक बालक की बुखार से मौत हो गई। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
    थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम खोडपुरा निवासी शीशपाल के 13 वर्षीय पुत्र शिवा को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार आने पर परिजनों ने पहले तो गांव में ही चिकित्सक को दिखाया। गंभीर हालत होने पर परिजन बालक को बिजनौर ले गए और निजी चिकित्सक के यहां उसका उपचार कराया। उपचार के दौरान बालक की शनिवार रात को मौत हो गई। बालक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    उधर, ग्राम शाहपुर सैदू में वृद्ध की बुखार से मौत के बाद गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। शाहपुर सैदू के अतिरिक्त बांकपुर तथा नसीरी गांव में भी छिड़काव कराया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि तीन गांव में छिड़काव कराया गया है। आज सोमवार को ग्राम शाहपुर सैदू में स्वास्थ्य कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच करने के साथ उन्हें दवाई वितरित की जा रही है।

  • परिजनों के लाख समझाने पर भी मानी नहीं दोनों

    आपस में शादी करने पर अड़ गईं दो सहेलियां

    ~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।

    बिजनौर। कोतवाली देहात थाने में दो सहेलियां आपस में शादी की जिद पर अड़ गई। परिजनों के लाख समझाने पर भी दोनों सहेलियां नहीं मानी और साथ-साथ चली गईं।

    कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति ने थाने में सूचना दी कि उसकी पुत्री को एक किन्नर बहला फुसलाकर ले जा रहा है। इस पर पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई। युवती के परिजन भी थाने में पहुंच गए। बाद में पता चला कि दोनों लड़कियां हैं और एक दूसरे से प्यार करती हैं। परिजन लड़की को समझते रहे लेकिन लड़की नहीं मानी।इस दौरान थाने में काफी समय तक जमावड़ा लगा रहा।

    बताया जाता है कि एक युवती थाना क्षेत्र के गांव की है जबकि दूसरी युवती उत्तराखंड की रहने वाली है। दोनों युवतियां एक साथ रहने की जिद पर अड़ी रही और कहने लगी कि दोनों आपस में शादी करेंगी। परिजन युवती को समझाते रहे। दोनों युवतियां बालिग बताई जा रही हैं। इसके बाद सभी थाने से चले गए। थानाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि किन्नर द्वारा युवती को भगाने के बारे में बताया गया था, जिस पर दोनों लड़कियों को पकड़ कर थाने लाया गया था। कोई तहरीर नहीं आई है।

  • पकड़ कर काशीवाला वन चौकी लाए वन कर्मचारी

    जंगल में छोड़ा तो पीछे पीछे खुद पहुंच गया वन चौकी

    मां से बिछड़ कर खेतों में घूमता हुआ मिला हाथी का बच्चा

    ~शाहिद रज़ा खान, बढ़ापुर।

    बिजनौर। साहूवाला रेंज में डेढ़ माह का एक हाथी का बच्चा अपने झुण्ड से बिछड़ कर खेतों में घूमता हुआ मिला। वन कर्मचारी उसे पकड़ कर काशीवाला वन चौकी ले आए, जहां पर मथुरा वाइल्डलाइफ एसओएस से आए पशु चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं।

    शनिवार को काशीवाला स्थित वन चौकी के समीप एक हाथी का बच्चा खेतों में घूमता हुआ दिखाई दिया, जिसे साहूवाला रेंज के कर्मचारी पकड़ कर वन चौकी ले आए थे। उच्च अधिकारियों को सूचना दिए जाने के बाद रात को उसे जंगल में छोड़ने का प्रयास किया गया ताकि वह अपने झुंड से मिल सके किंतु वह जंगल से वन कर्मचारियों के पीछे-पीछे वापस रेंज चौकी आ गया था।

    रविवार को मथुरा से पहुंचे वाइल्डलाइफ विशेषझ डॉक्टर गऊचरण ने हाथी के बच्चे का उपचार शुरू किया। बताया जाता है कि बीते करीब तीन दिनों से उक्त बच्चा अपने झुंड से बिछड़ने के कारण भूखा-प्यासा खेतों में भटक रहा था। मां का दूध नहीं मिल पाने के कारण वह बहुत कमजोर सा हो गया है। उसका उपचार करने वाले चिकित्सक बताते हैं कि गजराज के बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए डिब्बे का दूध, नारियल पानी, इलेक्ट्रोल और ग्लूकोज दिया जा रहा है। अपनी मां से बिछड़ने के कारण बच्चा बहुत दु:खी दिखाई दे रहा है, उसकी आंखों से पानी बह रहा है। मां से बिछड़ने के गम में वह रो रहा है। उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। वह भूखा न रहे इसके लिए दिन में करीब 3 लीटर दूध पिलाया जाएगा।

    आज रात हाथी के बच्चे को फिर से उसके झुंड से मिलाने का प्रयास किया जाएगा। अगर उसकी मां नहीं मिलती है तो फिर उसे किसी उद्यान में भेजा जाएगा। ~राजीव चौधरी एसडीओ, नजीबाबाद डिवीजन
  • चांदपुर, बढ़ापुर, कोतवाली देहात में अभियान चलाकर सफाई

    तहसील, थाना और आश्रम का हो गया कायाकल्प

    धीरे धीरे राष्ट्रव्यापी बना ‘स्वच्छ भारत अभियान’

    बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ (स्वच्छ भारत मिशन) शुरू किया। ‘अभियान’ महात्मा गाँधी जी की पुण्य तिथि पर शुरू हुआ था, जो कि आज एक राष्ट्रव्यापी अभियान बन चुका है।

    आभा फाउंडेशन व फादरसन पब्लिक स्कूल ने उठाया तहसील को साफ़ करने का बीड़ा

    ~भुवन राजपूत, सैंद्वार चांदपुर।

    स्वच्छता अभियान के जरिए आभा फाउंडेशन व फादरसन पब्लिक स्कूल के इस सामूहिक आयोजन ने क्षेत्र को एक बार फिर दिखा दिया कि फादरसन पब्लिक स्कूल का बच्चा-बच्चा न केवल किताबी ज्ञान ले रहा है बल्कि सामाजिक ज्ञान भी ग्रहण कर रहा है।

    चांदपुर क्षेत्र की समाज सेविका आभा सिंह ने अपने फाउंडेशन के सदस्यों व विद्यालय फादरसन पब्लिक स्कूल के बच्चों साथ चांदपुर तहसील परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। तहसील परिसर को पूर्णतया साफ़ किया गया। साथ ही सभी को स्वच्छ रहने तथा अपने आसपास साफ़ वातावरण बनाये रखने का भी आग्रह किया गया। इस दौरान स्वयं आभा सिंह व उप जिलाधिकारी चांदपुर श्रीमती ऋतु रानी ने भी एक साथ सफाई की। तहसील चांदपुर के पूरे स्टाफ ने भी सहयोग किया।

    इस मौके पर आभा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा फादरसन पब्लिक स्कूल की प्रबंधक आभा सिंह, उप जिलाधिकारी श्रीमती ऋतु रानी, तहसीलदार, फादरसन पब्लिक स्कूल का संपूर्ण स्टाफ मौके पर उपस्थित रहा। श्रीमती आभा सिंह ने बताया कि फाउंडेशन व स्कूल समाज उत्थान के नित नए कार्य करता रहता है तथा इसी तरह करता रहेगा।

    स्कूल के प्रधानाचार्य विनीत कुमार ने बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया तथा सभी से अपने आसपास सफाई रखने पर जोर दिया।

    स्वच्छता अभियान में पुलिस व नगर पंचायत कर्मियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

    ~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।

    स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए थाना बढ़ापुर पर तैनात स्टॉफ ने श्रमदान करते हुए थाना प्रांगण में साफ सफाई की। इसके अतिरिक्त स्थानीय पंचायत द्वारा भी श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया गया।

    एक अक्टूबर को स्वच्छता अभियान के रूप में मनाने के लिये आमजन से की जाने वाली अपील के बाद लोगों ने स्वच्छता अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इसी क्रम में रविवार को सवेरे थाना बढ़ापुर के प्रांगण में थाना बढ़ापुर में तैनात समस्त स्टाफ़ ने थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया। पुलिस कर्मियों द्वारा श्रमदान करते हुए थाना बढ़ापुर को साफ सुथरा बनाया गया।

    दूसरी ओर स्थानीय पंचायत प्रशासन द्वारा स्वच्छता ही सेवा के बैनर तले श्रमदान अभियान चलाकर पंचायत कार्यालय से ईदगाह आदि मार्गों पर साफ सफाई की गई। इस अवसर पर पंचायत सफाई कर्मियों के साथ नवगठित बोर्ड के सदस्य, एड0 श्याम सिंह कश्यप, राहुल कश्यप आदि भी मौजूद रहे। वहीं पंचायत कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों नीरज, योगेश, मुनेश,अरविंद, हरीश आदि ने भी श्रमदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

    भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया संतावाला आश्रम पर श्रमदान

    ~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात

    स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्राम संतावाला स्थित आश्रम पर श्रमदान कर सफाई की। इस दौरान लगभग तीन दर्जन भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। रविवार सुबह भाजपा नेता अवनीश निर्वाल के नेतृत्व में भाजपा के किरतपुर ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ता विकासखंड किरतपुर के ग्राम संतावाला स्थित देव स्थल पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने लगभग 3 घंटे तक श्रमदान किया। इस दौरान दीपक मौर्य, डॉ बेगराज सिंह चौहान, भारत सिंह, चौधरी बलराम सिंह, अरविंद सिंह, सोनू सैनी, आदेश चौधरी,अमित चौधरी, अवधेश शर्मा, दिनेश निवाल आदि मौजूद रहे।

  • मेरठ प्रांत: बजरंग दल की शौर्य जागरण यात्रा प्रारंभ…

    पूर्वजों की शौर्य गाथा बलिदानों का स्मरण कराएगी शौर्य जागरण यात्रा: सुरेंद्र जैन

    1857 की क्रांति भूमि बाबा औघड़नाथ मंदिर पर पावन यात्रा रथ का हुआ पूजन

    संगठन के केंद्रीय, क्षेत्र, प्रांतीय अधिकारी व बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग रहे उपस्थित

    मेरठ। विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल की और से आयोजित शौर्य जागरण यात्रा महानगर 1957 की क्रांति भूमि बाबा वघड़नाथ मंदिर मेरठ महानगर से रथ पूजन के उपरांत प्रारंभ हुई। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा यह यात्रा पूर्वजों की शौर्य गाथा व बलिदान का स्मरण करायेगी।

    रविवार को महानगर से मेरठ प्रांत की शौर्य जागरण यात्रा के रथ का बाबा औघड़नाथ मंदिर पर विधि विधान से पूजन किया गया। पूजन केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन, प्रांत अध्यक्ष अमन सिंह, प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने कराया और भगवा पताका दिखा कर यात्रा का शुभारंभ किया।

    जैन मंडप के प्रांगण में आयोजित सभा में हजारों युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय संयुक्त मंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा आज मेरठ की क्रांति भूमि पर, भारत की पुण्य धरा में जन्म लेकर अपने पुण्य कर्मों एवं बलिदानों से आने वाली असंख्य पीढ़ियो को शौर्य एवं राष्ट्रवादी जीवन जीने की प्रेरणा देने वाले बलिदानी पूर्वजों को याद किया गया। उन्होंने कहा यह शौर्य जागरण यात्रा मात्र एक साधारण यात्रा नहीं बल्कि यह यात्रा इस देश के हिंदू समाज को पुनः अपने पूर्वजों की शौर्य गाथा, उनके बलिदानो को याद दिलाने के लिए है। भारत वर्ष के इतिहास में अनेकों ऐसे वीर हुए है जो बिना धड़ों के भी लड़ते थे, माँ पन्ना धाय एवं बागपत की बहन नीरा आर्य के बलिदान को हम कैसे भूल सकते हैं, लेकिन अंग्रेजो की शिक्षा पद्धति के कारण हम अपने पूर्वजों की शौर्य गाथाओं को भूलने लगे।

    सुरेंद्र जैन ने कहा बजरंग दल की इस शौर्य जागरण यात्रा से हिंदू युवा अपने पूर्वजों के इतिहास को पढ़कर उनके चरित्र को अपने दैनिक जीवन में लेकर आए तो इस देश की युवा शक्ति विश्व का नेतृत्व करेगी। आज के हिंदू युवा अपने ग्रंथों एवं पुराणो का अध्यन कर सनातन धर्म, संस्कृति व परंपराओं के वैज्ञानिक महत्व को समझ कर उसमें श्रद्धा एवं विश्वास रखे। हिंदू युवा मिलकर भेदभाव को दूर कर एक समरस समाज का निर्माण करे।

    सुरेंद्र जैन ने आगे कहा कि बजरंग दल दुर्व्यसनों से मुक्त देश भक्त बलशाली हिंदू युवाओं का निर्माण करेगा जो देश की रक्षा के लिए आवश्यक है। देश का हिंदू युवा आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी एवं राष्ट्रभक्त बने, जिसके जीवन का उद्देश्य भारत को विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनाना है। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के बलिदानी परमवीर चक्र से सम्मानित महावीर योगेन्द्र यादव के परिवार को सम्मानित किया गया।

    शौर्य जागरण यात्रा का एमपीएस, भारत माता मंदिर, केसर गंज, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड आदि पर हिंदू समाज ने भव्य स्वागत किया गया। पाँचली गाँव में 1857 की क्रांति के अमर बलिदानी धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा सरधना ज़िले के लिए रवाना हो गई। कार्यक्रम अध्यक्ष अजय गुप्ता ने शौर्य यात्रा के यशस्वी होने की कामना की। आयोजक समिति के अध्यक्ष डॉक्टर अंशुमन शर्मा ने यात्रा में आये युवाओं का स्वागत किया।

    कार्यक्रम में क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान प्रांत अध्यक्ष चौधरी अमन सिंह, प्रांत के मंत्री राजकुमार डूंगर, प्रांत सह मंत्री अमित जिंदल, प्रांत संयोजक विकास त्यागी, गौरव भटनागर, मिलन सोम, अभिषेक चौहान, महानगर प्रचार प्रमुख मधुबन आर्य आदि मौजूद रहे। संचालन विभाग मंत्री निमेश वशिष्ठ ने किया।

  • राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उ०प्र० शासन, कपिल देव अग्रवाल ने गंगा बैराज में आयोजित स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत “एक तारीख एक घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर किया श्रमदान

    नोडल अधिकारी श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही, जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान रहे मौजूद

    गंगा किनारे एक तारीख एक घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान

    बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उ०प्र० शासन, कपिल देव अग्रवाल ने अपने भ्रमण कार्यक्रमानुसार आज 01 अक्तूबर को प्रातः 10 बजे गंगा बैराज में आयोजित स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत “एक तारीख एक घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर श्रमदान किया।

    जिला बिजनौर के प्रभारी मंत्री ने गंगा बैराज पर गंगा घाट किनारे कचरे और अप्रिय वातावरण के ख़िलाफ़ सफाई अभियान चलाकर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर इस राष्ट्रव्यापी अभियान से बापू को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर गांधी जयंती से पहले बापू को ‘स्वच्छांजलि’ अर्पित की।

    तदुपरांत उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी से एवं जनसामान्य से मिलकर स्वच्छ भारत का निर्माण करने की अपील की।

    कार्यक्रम में नोडल अधिकारी श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही, जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान (बोबी), जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियान अधिकारी नगर पालिका परिषद बिजनौर विकास कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

  • बिजनौर के समस्त 32 वार्डों में चलाया विशेष सफाई अभियान

    01 घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन

    …लेकिन सफाई अभियान से अछूता रह गया मिशन कंपाउंड का तालाब!

    सफाई अभियान चला कर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को स्वच्छाजंलि अर्पित

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद, बिजनौर के समस्त 32 वार्डों में सफाई अभियान चलाकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी को स्वच्छाजंलि दी गई। इस अवसर पर 01 घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    प्रधानमंत्री भारत सरकार के आह्वान पर आज दिनांक 01-10-2023 सुबह 10:00 बजे से 01 घण्टा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत नगर पालिका परिषद, बिजनौर के समस्त 32 वार्डों में सफाई अभियान चलाकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी को स्वच्छाजंलि दी गई।

    समस्त 32 वार्डो में अभियान के नोडल अधिकारी सफाई एवं खादय निरीक्षक गोविन्द चौधरी के दिशा निर्देशन में चलाया गया। मुख्य प्रोग्राम स्थल नुमाइश ग्राउण्ड बिजनौर में 01 घण्टा का अभियान चलाकर श्रमदान किया गया।

    कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद, बिजनौर की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी डा० बीरबल सिंह, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, समस्त सभासद, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका क्षेत्र में कार्यरत पर्यावरण प्रहरी संस्था के विक्रान्त शर्मा व समस्त पालिका स्टाफ आदि उपस्थित रहे।

    …लेकिन सफाई अभियान से अछूता रह गया मिशन कंपाउंड का तालाब!

    जिला मुख्यालय पर डीएम बंगले के ठीक सामने है मिशन कंपाउंड। …और इसमें है ये तालाब। प्रदेश में सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, लेकिन आज तक इसकी सफाई की सुध किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने नहीं ली। दरअसल कथित तौर पर विवादित स्थल के रूप में कुख्यात इस स्थान की ओर किसी भी राजनीतिक दल का नुमाइंदा तक ध्यान बरबक्स नहीं करता। पालिका परिषद के आज के इस कार्यक्रम से इतर गंगा बैराज पर भी राज्यमंत्री के मुख्य आथित्य में सफाई अभियान चलाया गया। बस इसी तालाब की ओर कोई ध्यान नहीं देना चाहता। अब इतनी गंदगी में मच्छर, मक्खी के अलावा जहरीले जीवजंतु तो पलेंगे ही। कहीं ऐसा न हो कि इस तालाब की पहचान संक्रामक रोगों की जन्मस्थली के रूप में होने लगे!

  • राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र “पहाड़ों की गूँज” ने चलाई हुई है मुहिम

    मीडिया साथियों और आम जनता को भी साथ आने की जरूरत

    “प्रेस को दिया जाए संवैधानिक अधिकार”: जीतमणि पैन्यूली

    🌹🙏🌹देश के मीडिया साथियों और जनता से अपील है कि प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने के लिए अपना योगदान लाईक और शेयर देकर कीजिएगा। प्रेस साथियों से अनुरोध है कि स्मरण रखें, कोरोना काल में 350 से ज्यादा पत्रकार साथियों ने अपना बलिदान दिया है। अन्य सभी मरने वालों के परिजनों को 4~5 लाख रुपए बतौर मुआवजा दिये गए, जबकि पत्रकारों को अछूत मानते हुए भेदभाव किया गया। इस कारण उनके परिवार बुरे हाल में हैं। अब कोरोना से भी 20 गुुणा खतरनाक वाइरस आने की संभावना चिकित्सक जगत एवं तमाम वैज्ञानिक जता रहे हैं। तब न जाने कितने पत्रकारों को बलिदान देना पड़ेगा।

    इस हृदय को छूने वाले दु:ख के दर्द को समझते हुए 30 मई 2021 को राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र “पहाड़ों की गूँज” की चिंताओं का संज्ञान माo सुप्रीम कोर्ट ने लिया, फैसला 23 नवंबर 2022 से लंबित है। इस प्रकार की घटना से किसी भी पत्रकार के परिवार को दु:ख उठाना पड़ सकता है। पत्रकार औरों के भले के लिए 5~7 कॉलम की न्यूज बनाने में अपना नाम समझते हैं, तो फिर अपने लिए क्यों नहीं लिखते हैं। अनुरोध है कि अपने पत्र, पत्रिका, न्यूज पोर्टल, यूट्यूब, टीवी चैनल में हमेशा नारे के रूप में लिखें कि “प्रेस को संवैधानिक अधिकार दिया जाए”, साथ में अपना नाम लिखें। यह रोज प्रकाशित होने से देववाणी बन जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 11 नवंबर को पिथौरागढ पहुंच रहे हैं। आप पत्रकार साथी रोज ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और एकजुट होकर इस तरह का भेदभाव न होने देने के लिए अपने जमीर को जगाने का काम कीजिए, तब मोदीजी शीतकालीन सत्र में इस संबंध में घोषणा कर सकते हैं। 19 फरवरी 2024 को होने वाले “प्रेस महाकुंभ” के संबंध में हरिद्वार प्रेस क्लब में हुई बैठक में विस्तृत चर्चा भी हुई।

    ~जीतमणि पैन्यूली संयोजक प्रेस महा कुम्भ हरिद्वार mob no. 7983825336

  • नाम मंगल कामना के लिए हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने दी आहुति

    कृष्णा कॉलेज परिवार की ओर से प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को होता है विशाल भंडारा

    शनि देव मंदिर पर भंडारे में पहुंचे श्रद्धालु

    ~(भुवन राजपूत, चांदपुर)

    बिजनौर। कृष्णा कॉलेज परिवार की ओर से चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सैंद्वार स्थित शनि देव मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने नाम मंगल कामना के लिए आहुति दी। कृष्णा कॉलेज परिवार की ओर से प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को यह आयोजन किया जाता है।

    जनपद बिजनौर के तहसील चांदपुर क्षेत्र के ग्राम सैंद्वार में शनि देव मंदिर पर कृष्णा कॉलेज परिवार की ओर से प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को विशाल भंडारे का आयोजन होता आ रहा है। इस माह भी अंतिम शनिवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने नाम मंगल कामना के लिए आहुति दी। महंत रामगोपाल दास जी ने विधिवत पूजा अर्चना और कन्या पूजन करते हुए भंडारे का शुभारंभ किया। सभी श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    यहां प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार ओ शनिदेव की पूजा अर्चना करने के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

    इस दौरान कृष्णा कॉलेज के संस्थापक निदेशक राजीव कुमार, प्रबंधक मनोज कुमार, निदेशक पवन कुमार, लक्ष्य कुमार, अंकुर कुमार, शीशपाल सिंह, गौरव कुमार, तेजवीर सिंह, राहुल चौहान, महिपाल सिंह, टिंकू, सोनू कुमार, भूदेव सिंह आदि मौजूद रहे।

  • नोट बदलने की मियाद एक सप्ताह बढ़ी, आरबीआई ने जारी किया नया सर्कुलर

    अब 07 अक्टूबर तक बैंकों में बदल सकेंगे 2000 के नोट

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपए का नोट बैंक में जमा करने या इसे दूसरे नोटों से बदलने की तारीख 07 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। आरबीआई ने सर्कुलर जारी करके कहा कि विड्रॉल प्रोसेस का तय समय खत्म होने के बाद रिव्यू के आधार पर 2000 रुपए के नोट को जमा और बदलने की मौजूदा व्यवस्था को 07 अक्टूबर 2023 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। इससे पहले न्यूज एजेंसी के हवाले से खबर आई थी कि 30 सितंबर तक 2000 का नोट न बदले जाने पर अगले दिन यानी 01 अक्टूबर से उसकी वैल्यू जीरो हो जाएगी। हालांकि सूत्रों ने जानकारी दी थी कि शाम तक आरबीआई नोट बदलने की समय सीमा को बढ़ा सकता है। ऐसा ही हुआ और आरबीआई ने 2000 के नोट बदलने की समय सीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है। आरबीआई की तरफ से 30 सितंबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक 2000 के नोट बदलने की तारीख बढ़ाकर 07 अक्टूबर 2023 कर दी गई है।

    आरबीआई ने इसी साल 19 मई को एक सर्कुलर जारी करके 30 सितंबर तक 2000 के नोट बैंकों में जमा करने या बदलने के लिए कहा था। बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 19 मई 2023 तक कुल 03.56 लाख करोड़ रुपए मूल्य (वैल्यू) के 2000 के नोट प्रचलन में थे। इसमें से 29 सितंबर तक 03.42 लाख करोड़ वैल्यू के नोट वापस आ चुके हैं। अब सिर्फ 0.14 लाख करोड़ की वैल्यू के नोट बाजार में हैं। इसे जमा कराए जाने के लिए निर्धारित तिथि को बढ़ाया गया है।

    सर्वविदित है कि 2000 का नोट नवंबर 2016 में मार्केट में आया था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट को बंद करने का ऐलान किया था। इनकी जगह नए पैटर्न में 500 का नया नोट और 2000 का नोट जारी किया गया था। हालांकि आरबीआई साल 2018-19 से 2000 के नोटों की छपाई बंद कर चुका है। वहीं 2021-22 में 38 करोड़ 2000 के नोट नष्ट किए गए थे।

    सवाल-जवाब से जानें नोट बदलने की प्रक्रिया :

    01. क्या नोट बदलने के लिए किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत है?
    नहीं, बिना किसी डॉक्यूमेंट के बैंक में जाकर आसानी से इन नोटों को बदला जा सकता है। नोट बदलने में कोई परेशानी न हो इसलिए बैंकों को भी इसके बारे में जानकारी दी गई है। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार बैंक में नोट बदलने के लिए किसी तरह के कोई डॉक्यूमेंट नहीं देने होंगे।
    एक बार में 20000 की सीमा तक 2000 के नोट बदलकर यानी दूसरे डिनॉमिनेशन में एक्सचेंज करवा सकते हैं। वहीं अगर आपका अकाउंट है तो आप कितने भी 2000 के नोट अकाउंट में जमा कर सकते हैं।
    02. क्या किसी भी बैंक में बिना अकाउंट के नोट बदले जा सकते हैं?
    हां। नॉन-अकाउंट होल्डर भी किसी भी बैंक शाखा में एक बार में 20000 की सीमा तक 2000 के नोट बदलवा यानी दूसरे डिनॉमिनेशन में एक्सचेंज करवा सकते हैं। आपका अकाउंट होने पर यह लिमिट लागू नहीं होगा।
    03. सरकार के आदेश से आम लोगों पर क्या असर होगा?
    जिसके भी पास 2000 का नोट है उसे बैंक में जाकर बदलना होगा। 2016 की नोटबंदी में जब 500 और 1000 के नोट बंद किए गए थे तो उसे बदलने के लिए लंबी लाइनें लग गई थी। इस कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बार वैसी स्थिति नहीं है।
    04. क्या यह फैसला सरकार की ओर से भूल सुधार है?
    2016 में बंद किए गए 500 और 1000 के नोट की कमी को पूरा करने के लिए 2000 के नोट छापे गए थे। जब पर्याप्त मात्रा में दूसरे डिनॉमिनेशन के नोट उपलब्ध हो गए तो 2018-19 में 2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी गई। यानी यह सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि 2000 के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करना सरकार की भूल सुधार है।

  • लखपति हड़प रहे पीएम आवास योजना के लाखों रुपए

    गरीब रहे भटक, सक्षम उठा रहे आयुष्मान कार्ड का लाभ

    एक ही केस में खुल रही तीन सरकारी विभागों की पोल

    राशन लेने धरती पर आते हैं स्वर्गवासी!

    बिजनौर। इसे सरकारी विभागों की मिलीभगत कहेंगे या लापरवाही, कि पात्र व्यक्ति दर दर भटक रहा है और अपात्र मौज उड़ा रहे हैं। कुछ मामले ऐसे भी सामने आते हैं कि जिन्हें देख सुन कर लगता है कि पूरा का पूरा सरकारी तंत्र भ्रष्ट है।

    दरअसल सरकारी विभागों की हालत ऐसी हो गई है कि केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं व मंशाओं पर खुलेआम पानी फेरा जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि एक राशन डीलर ने 10 लाख का प्लॉट खरीदा और इस पर सरकारी आवास योजना से रुपए लेकर निर्माण भी शुरू कर दिया है। आरोप है कि इस राशन डीलर के पास मुफ्त इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड भी है। इस कार्ड से फर्जी बीमारियों का इलाज कराने के नाम पर संबंधित अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत से लाखों रुपए की रकम आधी आधी बांट कर हड़पी जा रही है। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए कि इस राशन डीलर के भाई की मौत लगभग आठ~10 साल पहले हो चुकी है, जो राशन कार्ड में आज भी जीवित हैं। मृतक भाई के नाम का राशन भी यही डीलर ले रहा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार डीलर ने इसी हफ्ते लक्जरी कार भी खरीदी है। इतना ही नहीं इस डीलर की दुकान से ऐसे बहुत से लोगों के कार्ड पर दो से तीन गुना तक राशन दिया जा रहा है, जिनके परिवार में सदस्यों की फर्जी संख्या दर्ज है। मतलब ये है कि राशन कार्ड धारक को अपने साथ जुड़े लोगों और उनकी संख्या की जानकारी तक नहीं है। कोटे की दुकान से एक कार्ड पर निर्धारित राशन से दो तीन गुना सामग्री हड़पी जा रही है। सही तरीके से जांच की जाए तो ऐसे सैकड़ों हजारों मामलों का खुलासा हो सकता है, जिनमें सरकारी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व का तगड़ा चूना लगाया जा रहा है। इस एक ही मामले में तीन विभागों की पोल खुल रही है। आवास योजना, आयुष्मान कार्ड और राशन सामग्री को लेकर साफ पता चल जाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत और गहरी हैं? तीनों विभागों के अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया। मोबाइल या तो स्विच ऑफ अथवा रेंज के बाहर था।

    कहानी अभी बाकी है….

  • जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में होंगे कार्यक्रम

    निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का होगा आयोजन

    02 से 08 अक्टूबर तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का स्वच्छता जागरूकता अभियान

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सम्पन्न होगा स्वच्छता जागरूकता अभियान सप्ताह, आगामी 02 अक्टूबर को आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए जिला न्यायाधीश प्रातः 8ः45 बजे जिला जजी, बिजनौर से प्रभात फेरी निकाल कर करेंगे अभियान का शुभारंभ

    बिजनौर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर मदन पाल सिंह की अध्यक्षता में 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर,2023 तक सम्पूर्ण प्रदेश में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता अभियान के रूप में साप्ताहिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

    जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर मदन पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/मुख्य संरक्षक उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों एवं कार्यपालक अध्यक्ष उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी के नेतृत्व में इस वर्ष महात्मा गांधी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर स्वच्छता जागरूकता अभियान से सम्बन्धित साप्ताहिक कार्यक्रम (दिनांक 02.10.2023 से दिनांक 08.10.2023 तक) सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत होने वाले कार्यक्रमों को उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में तहसील एवं ब्लाक स्तर पर प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों द्वारा जिले के आमजन के मध्य स्वच्छता के महत्व का प्रचार-प्रसार करने एवं जागरूकता के लिए प्रभात फेरियां, रैलियां एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

    जिला न्यायाधीश श्री सिंह ने यह भी बताया कि आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने एवं स्वच्छता को अंगीकार करने के लिए उक्त साप्ताहिक कार्यक्रम का शुभारम्भ आगामी 02 अक्टूबर,23 को जिला जजी बिजनौर से प्रातः 8ः45 बजे प्रभात फेरी निकाल कर किया जायेगा। इसके पश्चात जिला बिजनौर के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं महाविद्यालयों में स्वच्छता अभियान से सम्बन्धित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जायेगा। उक्त प्रतियोगिता में विद्यालयों द्वारा 03-03 उत्कृष्ट निबंध एवं चित्रकला प्रविष्टियां कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर को प्रेषित की जायेंगी, जिसमें से दोनों संवर्गों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली उत्कृष्ट प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रविष्टियों को सम्मानित किया जायेगा।

  • गांव फजलपुर गन्ना सेंटर के पास गुलदार का खौफ बरकरार

    ग्रामीणों ने वन विभाग से लगाई पिंजरा लगाने की गुहार

    दहशत: बाइक सवारों का पीछा करता है गुलदार

    ~मुकेश कुमार, मंडावर।

    बिजनौर। मंडावर क्षेत्र के गांव फजलपुर से मोहद्दीपुर जाने वाले रास्ते पर गांव फजलपुर गन्ना सेंटर के पास आएदिन गुलदार दिखाई दे रहा है। गुलदार घात लगाए हुए गन्ने में बैठा रहता है और जब राहगीर अपनी बाइक से वहां पर निकलते हैं, तो वह उनका पीछा करता है। इसे लेकर आसपास के गांव के लोगों के अंदर भय बना हुआ है।

    बताया गया है कि गांव फजलपुर के सद्दाम और अजय कुमार को शुक्रवार सुबह गुलदार दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास गांव के लोग वहां इकठ्ठा हो गए। इस पर गुलदार गन्ने के खेत में घुस गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार की तलाश की। गांव के लोगों और ग्राम प्रधान अंकुल कुमार ने बताया कि गुरुवार को भोजपुर निवासी नरेंद्र सिंह और फजलपुर निवासी बलवीर सैनी मोनू सिंह अपनी बाइक से जा रहे थे। तभी गुलदार गन्ने के खेत में से निकल कर उनकी बाइक के सामने आ गया, जिसमें वह बाल बाल बचे।

    यही नहीं बाइक से जा रहे किसी गांव के एक युवक पर भी गुलदार ने हमला करना चाहा पर, वह बच गया। गुलदार आएदिन यहां दिखाई दे रहा है, जिससे गांव के लोग डरे सहमे हुए हैं। उन्होंने पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने के लिए डीएफओ के नाम एक प्रार्थना पत्र वन क्षेत्राधिकारी को दिया है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने बताया कि फजलपुर के पास गुलदार दिखाई देने की सूचना मिल रही है। वहां पर टीम को भेज दिया है, वह खुद भी वहां पर जा रहे हैं।

  • नौ वर्षीय बालक को गुलदार ने बनाया शिकार

    अब तक 16 लोगों को मौत की नींद सुला चुका है गुलदार

    गुलदार का खौफ बरकरार, सातवें आसमान पर ग्रामीणों का गुस्सा

    गांव में घुसकर गुलदार ने ली बच्चे की जान

    बिजनौर। थाना अफजलगढ़ के माननगर इलाके में गुलदार ने दुकान से सामान लेकर घर लौट रहे एक 9 वर्षीय बालक को मौत की नींद सुला दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य एवं वन विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाया है। जिले में गुलदार के हमले में अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है।

    बच्चे का फाइल फोटो

    शाहपुर जमाल निवासी संजय परिवार के साथ मान नगर के समीप रहते हैं। गुरुवार शाम उनका 09 वर्षीय पुत्र नैतिक उर्फ नन्हू गांव में सड़क पार स्थित एक परचून की दुकान से सामान खरीद कर घर वापस लौट रहा था। इस दौरान गुलदार ने उस पर हमला करते हुए उठाकर ले जाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर बच्चे को छोड़कर गुलदार जंगल में भाग गया। परिजन जख्मी हालत में बच्चे को भूतपुरी स्थित निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने बच्चे की गम्भीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे धामपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    ग्रामीण वीर सिंह, तिरमल सिंह, हुकम सिंह, उत्तम सिंह, अनिल कुमार, नोबहार सिंह, जितेन्द्र व महीपाल आदि ने आरोप लगाया कि सूचना पर भी एम्बुलेंस और वन विभाग की टीम में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों में इसे लेकर रोष व्याप्त है। गौरतलब है कि जिले में गुलदार के हमले में अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है।

  • जहां भी मिले डेंगू के दो मरीज तो होगी सभी की जांच

    मरीजों के घरों के आसपास कराया गया एंटी लार्वा का छिड़काव

    बिजनौर में डेंगू के मरीजों की संख्या 36 पर पहुंची

    बिजनौर। जिले में लगातार बुखार का प्रकोप फैल रहा है। हालात ये हैं कि लगभग हर घर में बुखार के मरीज हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना बुखार पीड़ित पहुंच रहे हैं। वहीं जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। छह नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने के साथ ही अब यह संख्या 36 पर पहुंच गई है। वहीं पूरे प्रदेश में डेंगू पांव पसार रहा है। इससे निपटने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नई पहल की गई है। अब यदि किसी भी स्थान पर डेंगू के दो मरीज मिले, तो शिविर लगाकर पूरे क्षेत्र की स्क्रीनिंग होगी। बाद में लक्षणों के आधार पर जांच की जाएगी।

    गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने कोविड की तर्ज पर डेंगू, मलेरिया की जांच करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। जिले में इस साल डेंगू के 28 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि डेंगू से किसी की भी मौत नहीं हुई है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए ही सरकार ने गांव में जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिले के किसी भी गांव में नहीं, बल्कि शहर की आवास विकास कॉलोनी में डेंगू ग्रसित दो मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी में शिविर लगाकर जांच की गई है। कॉलोनी में पहले सर्वे किया गया कि कितने लोग बुखार से ग्रसित हैं। इसके बाद लक्षणों के आधार पर जांच की गई।

    डेंगू से बचाव के लिए गांवों में शिविर लगा कर बुखार के मरीजों की जांच कराई जा रही है। सभी सीएचसी, पीएचसी को किसी गांव में दो डेंगू के मरीज मिलने पर विशेष शिविर लगाकर जांच निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. विजय कुमार गाेयल, सीएमओ, बिजनौर

    यहां मिले ये रोगी~

    मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नूरपुर क्षेत्र के गांव में 57 वर्षीय महिला, मंडावर के गांव में 23 वर्षीय युवती, नहटौर के गांव में 30 वर्षीय महिला, बिजनौर सिविल लाइन में 50 वर्षीय पुरुष, धामपुर में 50 वर्षीय महिला, बिजनौर के गांव में 19 वर्षीय युवक में डेंगू की पुष्टि हुई है।

    जिले में इस साल डेंगू के 36 मरीज मिले हैं। सभी की तबीयत ठीक है। डेंगू पीड़ित मरीजों के घरों के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग करा दी गई है। नए मरीजों के परिवार में कोई भी बुखार से पीड़ित नहीं है। – आशुतोष सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी

  • विवेकानंद महाविद्यालय दरबाड़ा चांदपुर में 30 यूपी बटालियन एनसीसी का शिविर

    10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का समापन

    एकता एवं अनुशासन में रहते हुए देश सेवा करें कैडेट्स: कर्नल सिरोही

    ~(भुवन राजपूत, चांदपुर)

    बिजनौर। विवेकानंद महाविद्यालय दरबाड़ा चांदपुर में 30 यूपी बटालियन एनसीसी बिजनौर द्वारा संचालित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 100 का सफलता पूर्वक समापन किया गया।

    इस अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल राजीव सिरोही ने विवेकानंद महाविद्यालय दरबाड़ा के सचिव इं० अतुल कुमार चौहान प्रबंध, प्रधानाचार्य टीकम सिंह एवं समस्त अध्यापकों का आभार व्यक्त किया। कर्नल सिरोही ने कैडेट्स को एकता एवं अनुशासन में रहते हुए देश सेवा करने का संदेश दिया। कर्नल सिरोही ने एनसीसी कैडेट्स को 10 दिवसीय प्रशिक्षण में दी गई सैन्य ट्रेनिंग को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। समापन के अवसर पर रिपब्लिक डे कैंप, थल सैनिक कैंप आदि में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया। समापन के अवसर पर 30 यूपी बटालियन बिजनौर के एनसीसी कैडेट्स द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान विवेकानंद इंटर कॉलेज दरबाड़ा के प्रधानाचार्य टीकम सिंह, लेफ्टिनेंट विकास कुमार, सूबेदार मेजर जितेंद्र सिंह नेगी, मेजर सविता सक्सेना, चीफ ऑफिसर सुभाष बाबू राजपूत, लेफ्टिनेंट राजेंद्र सिंह, लेफ्टिनेंट हरेंद्र सिंह तोमर, लेफ्टिनेंट तेजपाल सिंह, थर्ड ऑफिसर सिद्धार्थ कुमार, डॉक्टर रेशमा सैलानी, ज्योति तोमर, नायब सूबेदार शिवा, हवलदार संदीप सिंह, हवलदार अरविंद, हवलदार रंजीत, हवलदार उदयवीर, हवलदार हसता लिंबू तथा अन्य सैन्य स्टाफ एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।

  • जिले भर में नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब पर लगी सील

    अपंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग के अभियान से हड़कंप

    बिजनौर। अपंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध जिले भर में स्वास्थ्य विभाग के अभियान से हड़कंप मचा हुआ है। अलग अलग टीम के साथ डिप्टी सीएमओ छापामार कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

    गौरतलब है कि जिले के कई अस्पतालों में बिना चिकित्सक प्रसव और अन्य सर्जरी के काम किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। बताया गया है कि जिले में पिछले एक माह में प्रसव के दौरान कई मौत हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में या तो अस्पताल अपंजीकृत थे अथवा कई में ओटी तो चल रही थी, लेकिन पंजीकृत चिकित्सक नहीं थे। इसकी खबर मंडल तक पहुंची तो कमिश्नर ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

    डिप्टी सीएमओ डॉ प्रमोद देशवाल, डॉ. देवीदास, डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा एवं डॉ. एके सिंह ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे अवैध नर्सिंग होम व हॉस्पिटल पर कार्यवाही की जा रही है।

    इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंह ने झालू स्थित आरती नर्सिंग होम, जेसी रॉय बंगाली क्लीनिक, सुमित कुमार केयर क्लीनिक सील कर दिए। वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद देशवाल ने कोतवाली देहात में अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान चलाते हुए जफर हॉस्पिटल, भारत पैथोलॉजी लैब, एसआर पैथोलॉजी को सील कर दिया। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले सोमवार को चांदपुर में 10 अस्पताल की ओटी और नजीबाबाद क्षेत्र में दो अस्पताल सील किए थे। मंगलवार को हल्दौर क्षेत्र में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल कुमार सिंह ने रिटायर्ड एएनएम उषा के क्लीनिक, राणा नर्सिंग होम, फैमिली हेल्थ केयर, संवेदना नर्सिंग होम, हर्षित नर्सिंग होम, चौधरी नर्सिंग होम, डॉ. अरशद की ओटी सील की थी। वहीं अस्पताल संचालक द्वारा कोई कागज दिखा पाने के कारण जिया हेल्थ केयर को पूरी तरह से सील किया था। इसी प्रकार धामपुर क्षेत्र में डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास ने दो अस्पतालों और पांच अस्पतालों की ओटी सील की। इनमें साईं हेल्थ केयर, बीना गुप्ता दुर्गा विहार कॉलोनी, रिजवाना यासीन क्लीनिक, कृष्णा क्लीनिक और अमृतधारा अस्पताल फुलसंदा की ओटी शामिल हैं। इसके अलावा वसीम अहमद हेल्थ केयर एंड पैथोलॉजी लैब, सिमरा हेल्थ केयर धामपुर को सील लगाई गई थी। एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा ने नूरपुर क्षेत्र के गांव भवानीपुर में एजाज हेल्थ केयर सेंटर को सील किया था।वहीं बिजनौर में डॉ. देवेंद्र कुमार ने चांदपुर की चुंगी और गांव गैबलीपुर में क्लीनिक सील किए।

    अब अप्रशिक्षितों के खिलाफ अभियान

    अब जिले में धड़ल्ले से चल रहे अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ अभियान की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार अगले एक सप्ताह तक अप्रशिक्षित चिकित्सकों और अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल चिह्नित किए जा रहे हैं।

    जिले की सभी तहसीलों में बिना पंजीकरण और अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अस्पतालों में सुविधा नहीं होने के बावजूद प्रसव कराया जा रहा है। ये लोग मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। - डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ, बिजनौर
  • बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक पं दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर संगठन कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

    इस अवसर पर नांगल मंडल के अलीपुर ह्रदय सैक्टर के कार्यकर्ता मुख्य अतिथि राजेन्द्र मीडिया प्रभारी, वरिष्ठ भाजपा नेता क्षेत्र पंचायत सदस्य पूर्व जिला महामंत्री चौधरी विक्रम सिंह खोबे, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष संकोच कुमार, सैक्टर संयोजक पंकज कुमार, राहुल, बबलू, अमित, नीरज, नरेश कुमार आदि अनेक लोग मौजूद रहे।

  • विधि विधान से हुआ पंडालों और घरों में स्थापित गणेश मूर्तियों का विसर्जन

    गुंजायमान रहा गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ, का उदघोष

    बिजनौर। श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव का समापन मूर्ति विसर्जन के साथ हो गया। गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ, आदि के अलावा भगवान गणेश के पारंपरिक जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा। गंगा बैराज तक विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने जमकर गुलाल खेला। बहुत से लोगों ने बैराज के अलावा अन्य नदी, नहर, तालाबों आदि स्थानों पर भी मूर्ति विसर्जन किया। वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं रही, जिन्होंने अपने घरों के गमलों या अन्य पात्रों में विसर्जन अनुष्ठान पूर्ण किया।

    10 दिन तक रही धार्मिक उत्सव की धूम

    बिजनौर में बुधवार से शुरू हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन कार्यक्रम गुरुवार को भी जारी रहा। शहर से लेकर गंगा बैराज तक गणेश यात्रा निकाली गई। गंगा बैराज पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। रामलीला मैदान क्षेत्र, शम्भा बाजार, सर्राफा बाजार, नई बस्ती, सिविल लाइंस, पंजाबी कॉलोनी आदि शहर के कई हिस्सों में इस साल भी गणेश उत्सव के अवसर पर पंडालों के अलावा भक्तों ने अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की थीं। विसर्जन से पूर्व महाआरती व हवन का आयोजन किया गया। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ विसर्जन यात्रा शुरू की गई।

    विसर्जन यात्रा में हजारों की संख्या में भक्तों ने ढोल नगाड़े की धुन पर नाचते गाते जमकर गुलाल खेला। विसर्जन यात्रा में भगवान श्री गणेश, राधा कृष्ण, शंकर पार्वती आदि की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। विसर्जन यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए प्रदर्शनी चौक पर पहुंची। बाद में वहां से वाहनों के माध्यम से गणेश की प्रतिमा को गंगा बैराज ले जा कर विसर्जित कर दिया गया। हालांकि कुछ स्थानों पर इस अवधि के बीच भी विसर्जन किया गया।

    पौराणिक कथा के मुताबिक भादो माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश के जन्मोत्सव के दिन लोग उन्हें अपने घरों में लेकर आते हैं और विधि-विधान से 10 दिन तक उनका पूजन करते हैं। इस साल, गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को मनाई गई और गणेश विसर्जन दस दिन बाद यानी 28 सितंबर, गुरुवार को किया गया। गणेश चतुर्थी पर भक्तों ने शिव पार्वती नंदन गणेश का स्वागत किया। पूजा अर्चना के बाद प्रतिमा स्थापित की गई। गणपति विसर्जन तक रोजाना सुबह-शाम विशेष पूजा अर्चना की गई। पंडालों को फूल-मालाओं से सजाया गया। प्रतिमा स्थापित होने वाले स्थानों पर भगवान गणेश के भजनों की धूम रही।

    इतिहास में यह वर्णन मिलता है कि शिवाजी महाराज के बाल्यकाल में उनकी मां जीजाबाई ने पुणे के ग्राम देवता कस्बा गणपति की स्थापना की थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। शिवाजी महाराजा के बाद पेशवा राजाओं ने गणेशोत्सव को बढ़ावा दिया। गणेश उत्सव का यह त्योहार महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

  • कृष्णा ग्रुप आफ कॉलेज व क्रीड़ा भारती द्वारा संयुक्त आयोजन

    प्रथम मंयक मयूर स्मृति क्रास कंट्री दौड़ प्रतियोगिता में विजेता रहे आदित्य और बहादुर

    बिजनौर। प्रथम मंयक मयूर स्मृति क्रास कंट्री दौड़ प्रतियोगिता नेहरू स्टेडियम बिजनौर में कृष्णा ग्रुप आफ कॉलेज व क्रीड़ा भारती द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित करायी गयी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंयक मयूर के जीवन पर प्रकाश डाला गया तथा उनके पसंद का गणगीत गाया गया।प्रतियोगिता में आदित्य 17 वर्ग से कम और बहादुर ओपन वर्ग में विजेता बने।

    17 वर्ष से कम की दौड़ का शुभारंभ सुभाष वाल्मीकि पूर्व जिला अध्यक्ष और जयवीर सिंह जिला क्रीड़ा अधिकारी द्वारा और ओपन वर्ग का शुभारंभ प्रशांत महर्षि व योगेन्द्र पाल सिंह “योगी” द्वारा किया गया। 17 वर्ष से कम में आदित्य कुमार ने प्रथम, मंयक कुमार द्वितीय, हर्ष कुमार  तृतीय और केशव यादव चतुर्थ स्थान पर रहे। ओपन वर्ग में बहादुर प्रथम, द्वितीय रोहित, तृतीय संजय व चतुर्थ अंकुश कुमार रहे।

    विजेता खिलाड़ियों को मंयक मयूर की माता जी श्रीमती संतोष देवी, धर्मपत्नी श्रीमती सरोज देवी व बडे़ भाई गिरवर पाल सिंह द्वारा नगद धनराशि व मेडल पहनाकर पुरुस्कृत किया गया।इस अवसर पर अराध्यां, जतिन कुमार व प्रसन्नय प्रताप सिंह के विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दौड़ के निर्णायकों में जैनेंद्र सिंह, अरविंद अहलावत, अशोक त्यागी, अमित कुमार, संजीव कुमार डबास शामिल रहे।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंयक मयूर के परिवारी जन, खिलाड़ी और शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में शरद कुमार सिंह, विरेंद्र कुमार सैनी, विकास लाटियान, विकास अग्रवाल, फागेन्द्र पाल सिंह, कुंवर राजवीर सिंह, अमित ठाकुर आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र सोलंकी द्वारा किया गया।

  • झोलाछाप तथा फर्जी लैब के खिलाफ अभियान जारी

    अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब सील

    ~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।

    बिजनौर। झोलाछापों तथा फर्जी लैब के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत नगीना के नोडल प्रभारी ने कोतवाली देहात में अवैध रूप से चल रही पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया। लैब संचालकों के विरुद्ध मुकदमा लिखाने की तैयारी की जा रही है।

    बुधवार को नगीना तहसील के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद देशवाल ने कोतवाली देहात में नहटोर रोड स्थित भारत पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा। इस दौरान रवि कुमार की उपस्थिति में लैब का निरीक्षण किया गया। मौके पर मिले लैब संचालक से कागज दिखाने के लिए कहा गया। लैब संचालक मौके पर कोई भी प्रपत्र नहीं दिखा पाए। इसके बाद नोडल अधिकारी द्वारा लैब को सील कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद देशवाल ने बताया कि अवैध रूप से लैब संचालित कर रहे संचालकों के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान थाना कोतवाली देहात पुलिस भी मौजूद रही।

  • यूपी के दो शहरों में विजिलेंस विभाग की बड़ी कार्रवाई

    मुरादाबाद में श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा बलिया में लेखाकार गिरफ्तार

    रिश्वत लेते दो अधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार

    लखनऊ। विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी के दो शहरों में दो सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को विजिलेंस की बरेली यूनिट ने मुरादाबाद जिले में श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा वाराणसी यूनिट ने बलिया में लेखाकार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    50 हजार रुपए मांगे बतौर रिश्वत

    मुरादाबाद के एनएच-24 मूढ़ापांडे में रिलायंस पी मोबिलिटी लिमिटेड पेट्रोल पंप का निरीक्षण श्रम प्रवर्तन अधिकारी मुरादाबाद के पद पर तैनात सुभाष भारती ने किया था। भारती ने निरीक्षण रिपोर्ट में कुछ कमियां बताते हुए एक कागजात तैयार किया था। इसकी एक प्रतिलिपि शिकायतकर्ता को भी दी गई थी। आरोप है कि निरीक्षण रिपोर्ट में लगाई गई आपत्तियों का निस्तारण करने के बदले में सुभाष भारती ने 50 हजार रुपए बतौर रिश्वत मांगे थे। धमकी दी थी कि रुपए न दिए तो पेट्रोल पंप की निरीक्षण रिपोर्ट को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इस पर शिकायतकर्ता 50 हजार रुपए देने के लिए राजी हो गया। वहीं पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली से शिकायत भी कर दी। इस पर टीम ने मंगलवार को आरोपी सुभाष भारती को नकदी लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को बरेली लाकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया गया है।

    आरोपी श्रम प्रवर्तन अधिकारी मुरादाबाद
    बरेली लाकर पूछताछ: विजिलेंस एएसपी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि शिकायत पर टीम ने आरोपी श्रम प्रवर्तन अधिकारी को 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बरेली लाकर उससे पूछताछ की जा रही है।

    हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत~

    सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि कोई लोक सेवक सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर शिकायत की जा सकती है।

    लेखाकार ने मजदूर से वसूली रिश्वत ₹ 10 हजार

    विजलेंस की वाराणसी यूनिट ने बलिया जिले में एक लेखाकार को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि जिले के बेलहरी विकास खंड के ग्राम पंचायत बघऊंच में स्थित गो आश्रय स्थल पर काम कर रहे मजदूर नीरज साह की कुछ महीने की मजदूरी बकाया थी। उक्त रकम रिलीज करने के लिए ब्लॉक के लेखाकार बृजेश गुप्ता ने रिश्वत मांगी थी। मजदूर नीरज ने विजलेंस की वाराणसी इकाई से शिकायत की थी। मंगलवार को वाराणसी से बलिया पहुंची विजलेंस टीम ने ब्लॉक मुख्यालय में लेखाकार बृजेश गुप्ता को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

  • कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

    लाभ देने के लिए आयु सीमा भी 12-20 वर्ष तक निर्धारित

    अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी

    लखनऊ। प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में सालाना पांच सौ रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। अब उन्हें 3500 रुपए सालाना मिला करेंगे, पहले यह 3000 रुपए थी। लाभ देने के लिए 12-20 वर्ष तक की आयु सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। वहीं पिछली कक्षा में न्यूनतम 50 फीसदी अंक हासिल करने वाले छात्र ही दशमोत्तर कक्षाओं (दस से ऊपर) में योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

    केंद्र सरकार कक्षा-9 व 10 में एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति पहले ही बढ़ाकर 3500 रुपए सालाना कर चुकी है। अब छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की नई नियमावली को राज्य सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। पहली बार एससी-एसटी छात्रों के साथ अस्वच्छ पेशे में शामिल रहे परिवारों के छात्रों को भी एक श्रेणी के तहत इस लाभ के दायरे में लाया गया है। हर वर्ष करीब 50 लाख से ज्यादा छात्र योजना का लाभ पाते हैं।

    बताया गया है कि दशमोत्तर कक्षाओं में 40 साल से अधिक आयु के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, यह आयु सीमा शोध छात्रों पर लागू नहीं होगी। कोई भी अकादमिक पाठ्यक्रम (बीए, बीएससी, बीकॉम) बीच में छोड़कर उसी के समकक्ष दूसरे व्यावसायिक पाठ्यक्रम (बीटेक, एमबीबीएस आदि) में दाखिला लेने पर योजना का लाभ दिया जाएगा, बशर्ते दूसरे पाठ्यक्रम में वैधानिक प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला लिया हो। अभी तक दूसरे पाठ्यक्रम में दाखिला लेने पर पहले वर्ष में लाभ नहीं मिलता था। प्रवेश परीक्षा के बिना मैनेजमेंट कोटे में दाखिला लेने वालों को छात्रवृत्ति या शुल्क भरपाई की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके अलावा बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और यह व्यवस्था वर्ष 2025 से अनिवार्य की जाएगी।

  • आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं सहायिकाओं का 4 अक्टूबर को दिल्ली जंतर मंतर पर प्रदर्शन

    बिजनौर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री 4 अक्टूबर को भारी संख्या में दिल्ली जंतर मंतर पर आयोजित सम्मेलन में होंगी शामिल

    बिजनौर। अखिल आंगनवाड़ी संगठन के आह्वान पर सभी प्रदेशों की आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं सहायिकाएं अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आगामी 4 अक्टूबर को दिल्ली जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगी। सम्मेलन के माध्यम से एक मांग पत्र भारत सरकार को सौंपा जाएगा।

    विगत 17 सितंबर को लखनऊ में आयोजित बैठक में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश कुमार पांडेय एवं प्रदेश महामंत्री श्रीमती नीलम पांडेय ने उत्तर प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व भारत सरकार से अपनी प्रमुख मांगे रखी जाएंगी। इनमें वेतनमान अथवा सम्मानजनक मानदेय 20 हजार रुपए प्रति माह तथा 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत होने पर आंगनवाड़ी वर्कर्स को 3 लाख रुपए तथा सहायिका को 2 लाख रुपए दिए जाने की मांग शामिल हैं।
    उपरोक्त जानकारी देते हुए मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस ने मंडल के पांच जनपदों मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल एवं बिजनौर की सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिकाओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी प्रमुख मांगों के लिए दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में भारी संख्या में पहुंचकर अपनी ताकत का अहसास कराएं। उन्होंने सभी जनपदों के अध्यक्षों से कहा कि 3 अक्टूबर की सुबह तक दिल्ली जाने वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स की संख्या एवं जाने वाले साधनों की विस्तृत जानकारी अवश्य उपलब्ध करा दें ताकि यथा समय, यथा संभव उन सबकी सुविधाओं का उचित ध्यान रखा जा सके।

  • वन क्षेत्राधिकारी को ब्लैकमेल करने की कोशिश

    मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने शुरू की जांच

    अश्लील वीडियो कॉल कर वायरल करने की धमकी

    बिजनौर। वन क्षेत्राधिकारी नगीना के व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो कॉल कर वायरल करने की धमकी देकर 35 हजार रुपए मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया है।

    कॉल रिसीव की तो अज्ञात लड़की आपत्तिजनक हालत में थी। लड़की को इस हालत में दिखाई देते ही वह भयभीत हो गया और उसने तुरंत ही उस नंबर को ब्लॉक कर दिया।

    वन क्षेत्राधिकारी नगीना प्रदीप कुमार शर्मा ने अफजलगढ़ कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 सितम्बर की रात को उनके व्हाट्सएप नंबर पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। जब उन्होंने कॉल रिसीव की तो अज्ञात लड़की आपत्तिजनक हालत में थी। लड़की को इस हालत में दिखाई देते ही वह भयभीत हो गया और उन्होंने तुरंत ही उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद दूसरे नम्बर से आई कॉल रिसीव की तो अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि उसका अश्लील वीडियो उनके पास है, अगर इस वीडियो को डिलीट करवाना है तो उनके खाते में 35 हजार रुपए डाल दें। अगर 35 हजार रुपए उनके खाते में नहीं भेजे तो इस वीडियो को वायरल करके बदनाम कर देंगे। इससे पहले भी उनके पास फोन करके अवैध वसूली का प्रयास किया गया है। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे फिर कॉल आई। उसने खुद को क्राइम ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन का अधिकारी बताया। पीड़ित ने बताया कि यह कोई बड़ा गिरोह दिखाई दे रहा है, जो प्रतिष्ठित लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे अवैध वसूली का धंधा करते हैं। पीड़ित वन क्षेत्राधिकारी नगीना की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल पंकज तोमर ने पुष्टि करते हुए बताया कि वन क्षेत्राधिकारी नगीना प्रदीप कुमार शर्मा की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • दो आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

    फिल्म स्टूडियो बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी

    बिजनौर। फ़िल्म स्टूडियो बनाने का झांसा देकर बढ़ापुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति से लाखों रुपए ठग लिए गए। न्यायालय के आदेश पर बढ़ापुर पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को नामजद करते हुए तीन लोगों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

    बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव रामजीवाला निवासी बिशारत पुत्र मजीद द्वारा न्यायालय ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नगीना के समक्ष प्रस्तुत वाद में बताया गया है कि शाहिद हसन पुत्र सादिक देहलवी निवासी अंधेरी वेस्ट मिल्लत नगर मुम्बई से बिशारत की मुलाकात करीब एक वर्ष पहले हुई थी। शाहिद हसन ने बताया था कि वह फ़िल्म बनाने का कार्य करता है। वह फ़िल्म डायरेक्टर व कास्टिंग डायरेक्टर है, जिसका उसके द्वारा कार्ड भी दिखाया गया था। शाहिद हसन द्वारा बताया गया कि उनके गांव रामजीवाला की लोकेशन फिल्मों के हिसाब से बहुत अच्छी है, जो कि उसे पसंद है। इस कारण वह गांव में फ़िल्म स्टूडियो बना रहा है। इसमें पैसा लगा लो, अच्छी कमाई होगी। साथ ही तुम्हारे बच्चों को फिल्मों में काम भी मिलेगा। लालच में बिशारत ने अपने रिश्तेदारों से इकट्ठा कर करीब पन्द्रह लाख रुपए अपने गांव के ही अख्तर, रईस आदि के सामने दिए। इसके बाद शाहिद हसन ने बिशारत को विश्वास दिलाने के लिये पन्द्रह लाख रुपए की रकम का एक चेक गत दिनांक 3-12-2022 को अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते का दे दिया। आरोप है कि शाहिद हसन ने आज तक न ही गांव में स्टूडियो बनाया औऱ न ही पैसे वापस किये। जब बिशारत द्वारा पैसे वापस करने का दबाव बनाया गया तो आरोपी ने गांव आकर बात करने को कहा। गत दिनांक 15-08-2023 को करीब दो बजे शाहिद हसन एक अज्ञात व्यक्ति के साथ बिशारत के घर आया और पैसे वापस करने से साफ इंकार करते हुए उस के साथ लात घूंसों से मारपीट की। साथ ही भविष्य में पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। बिशारत ने थाना बढ़ापुर व पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद शनिवार को देर रात बढ़ापुर पुलिस द्वारा नामजद शाहिद हसन व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 420, 406, 452, 323, 504, 506 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    बताया गया है कि धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, घर में घुसकर मारपीट, गाली गलौच व जान से मारने की धमकी देने जैसी गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • कुछ न मिला तो उठा ले गया रखवाली को पला कुत्ता

    गुलदार की आमद से गांव गंजपुरा के ग्रामीणों में दहशत

    गांव के बाहर बने घर पर गुलदार का धावा

    बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में देर शाम गुलदार की आमद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। गुलदार द्वारा गांव के निकाल पर रह रहे एक घर पर हमला किया गया गनीमत रही कि गुलदार किसी को नुकसान नहीं पहुँचा पाया, जबकि घर की रखवाली के लिये मौजूद पालतू कुत्ते को उठा ले गया। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर गुलदार कुत्ते को छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    थाना बढ़ापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गंजपुरा में गुलदार की आमद से ग्रामीण दहशत में है। बताया जा रहा है कि बढ़ापुर कोटद्वार मार्ग पर नगर की सीमा से सटे गंजपुरा में गुलदार ने देर शाम ही दस्तक दे दी। गांव के अंतिम छोर पर शकील पुत्र अब्दुल वहाब का कच्चा मकान है। उसका मकान आबादी से अलग होने के कारण बच्चों व घर की देखभाल के लिये शकील ने घर पर एक कुत्ता पाला हुआ है। देर शाम गुलदार ने शकील के घर को निशाना बनाया। इस कारण शकील व उसके बच्चे घर में कैद होकर रह गए। जब गुलदार को कुछ हाथ नहीं लगा तो घर में रखवाली के लिये पाले गए कुत्ते को निवाला बनाने का प्रयास किया। गुलदार पालतू कुत्ते को उठाकर भाग लिया। शकील ने जब शोर मचाया तो आसपास के लोग भी इकठ्ठा होकर आ गए तथा लाठी डंडे लेकर गुलदार के पीछे शोर मचाते हुए दौड़ पड़े। इस कारण गुलदार कुत्ते को छोड़ कर पास के गन्ने के खेत में घुस गया। शकील कुत्ते को लेकर घर वापस लौट आया, कुत्ते के गले पर गुलदार के दांत के काफी गहरे निशान देखे गए। देर शाम गुलदार की आमद से हर तरफ लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना की सूचना वन विभाग सहित हलका लेखपाल आदि को दे दी गई है।

  • Transfer policy regarding transfer of policemen

    According to the new transfer policy of the police department, police personnel retiring till 31 May 2024 will not be transferred

    Those retiring next year will not have election duty

    Lucknow: Police personnel retiring next year in the year 2024 will not be put on duty in the Lok Sabha elections. There will be no transfer of retiring police personnel. In fact, keeping in mind the Lok Sabha elections to be held next year, a transfer policy has been issued regarding the transfer of policemen in Uttar Pradesh.

    On the instructions of the DGP, instructions have been given by the ADG Establishment to transfer police personnel who have completed 3 years in a district. With this, there has been a stir among the police officers and employees who have been stuck in the same district for more than 3 years.

    On the instructions of the DGP of Uttar Pradesh, the transfer policy of police personnel has been issued by the ADG Establishment. It has been said that for the formation of the 18th Assembly, the police personnel who were appointed in the assembly elections held in the year 2022 will also be transferred, whereas the police personnel who are retiring till the year 2024 will not be transferred. The duty of such police personnel will also not be imposed in the Lok Sabha elections to be held in the year 2024. The special thing is that on the complaint of inspectors or sub-inspectors being close to political parties, some police officers and employees will be transferred by the department. Police personnel who have completed 3 years by the year 2024 will be transferred.

  • पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर को लेकर तबादला नीति

    अगले साल रिटायर होने वालों की नहीं लगेगी चुनाव में ड्यूटी

    पुलिस विभाग की नई तबादला नीति के अनुसार 31 मई 2024 तक रिटायर होने वाले पुलिस कर्मियों का तबादला नहीं होगा

    लखनऊ। अगले साल वर्ष 2024 में रिटायर होने वाले पुलिस कर्मियों की लोकसभा चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। वहीं रिटायर होने वाले पुलिस कर्मियों का तबादला भी नहीं होगा। दरअसल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर को लेकर तबादला नीति जारी की गई है।

    डीजीपी के निर्देश पर एडीजी स्थापना की ओर से एक जिले में 3 साल पूरे कर चुके पुलिस कर्मियों के तबादले करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ एक ही जिले में 3 साल से भी अधिक समय से जमे पुलिस अफसर एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

    उत्तर प्रदेश के डीजीपी के निर्देश पर एडीजी स्थापना की ओर से पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण नीति जारी की गई है।कहा गया है कि 18वीं विधानसभा के गठन के लिये वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में नियुक्त रह चुके पुलिस कर्मियों का भी तबादला किया जाएगा, जबकि वर्ष 2024 तक रिटायर होने वाले पुलिस कर्मियों का तबादला नहीं होगा। ऐसे पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में नहीं लगाई जाएगी। खास बात यह है कि इंस्पेक्टर अथवा सब इंस्पेक्टरों की राजनीतिक दल से नजदीकी की शिकायत पर भी विभाग की ओर से कुछ पुलिस अफसर एवं कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। वर्ष 2024 तक 3 साल पूरे कर चुके पुलिस कर्मियों का तबादला किया जाएगा।

  • आरपीएफ चलाने जा रहा विशेष अभियान

    ट्रेन टिकट के दलालों के खिलाफ ऑपरेशन उपलब्ध

    लखनऊ/बरेली। त्योहारों पर ट्रेनों में बर्थ दिलाने के नाम पर लोगों से मनमानी रकम वसूलने वाले दलालों की अब शामत आने वाली है। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर सक्रिय होने वाले इन दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रेलवे फिर से “ऑपरेशन उपलब्ध” चलाने जा रहा है। इज्जतनगर बरेली और मुरादाबाद रेल मंडल आरपीएफ ने इसके लिए बकायदा तैयारी शुरू कर दी है।

    यात्रियों से मनमानी रकम की वसूली

    अक्टूबर से नवंबर के बीच त्योहार होने के कारण ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। वहीं कंफर्म टिकट मिलने में भी काफी समस्या होती है। दलाल कंफर्म टिकट के बदले 200 से 500 रुपए तक अधिक धनराशि वसूलते हैं। इससे न सिर्फ रेलवे को नुकसान होता है बल्कि यात्रियों को अधिक पैसा चुकाना पड़ता है।

    निर्धारित संख्या में ही बुक किए जा सकते हैं टिकट

    रेलवे सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर निजी आईडी से निर्धारित संख्या में ही टिकट बुक किए जा सकते हैं। वहीं पिछले वर्षों में जनसेवा केंद्र और इंटरनेट कैफे के माध्यम से निजी आईडी से टिकट बुक करने के काफी मामले सामने आए। आरपीएफ ने अभियान चला कर ऐसे लोगों को पकड़ा और रेलवे एक्ट में कार्रवाई की। पकड़े गए लोगों में कई आरोपी आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट होने के बावजूद निजी आईडी से टिकट बुक करते थे।

    संदिग्ध निजी खातों की पड़ताल शुरू

    आरपीएफ इज्जतनगर बरेली मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि पांडेय के अनुसार आईआरसीटीसी पर संदिग्ध निजी खातों को चिह्नित किया जा रहा है। इनकी सूची तैयार कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा मंडल स्तर से टीमों का भी गठन किया जाएगा। त्योहार के मौके पर सर्विलांस टीमों को लगा दिया गया है।

    पिछले साल चला महीने भर का देशव्यापी अभियान

    गौरतलब है कि पिछले साल मार्च में ऑपरेशन उपलब्ध के  तहत महीने भर का देशव्यापी अभियान चलाया गया था। इससे दलालों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश  लगाने और आम आदमी को रेलवे टिकट उपलब्ध कराने में सफलता मिली थी। इस अभियान के तहत 1459 टिकट दलालों को गिरफ्तार करने के साथ ही 366 आईआरसीटीसी एजेंट की आईडी और 6751 व्यक्तिगत आईडी को ब्लॉक किया गया था।

  • जयपुर से लाकर नई मूर्ति पूजा अर्चना के साथ की गई स्थापित

    24 घंटे में दबोचा गया मूर्ति तोड़ने का आरोपी

    बिजनौर। नूरपुर में नरसिंह भगवान की मूर्ति खंडित करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को मूर्ति खंडित होने पर हड़कंप मच गया था। ग्राम प्रधान की ओर से अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपी का गांव का ही रहने वाला है। दरोगा नितेंद्र सिंह और उनकी टीम ने 24 घंटे के अंदर ही आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।

    नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव नाहर सिंह में शुक्रवार सुबह जब गांव के बाहर बने मंदिर में ग्रामीण पूजा के लिए गए तो वहां भगवान नरसिंह की मूर्ति खंडित मिली। इस पर हड़कंप मच गया। मूर्ति खंडित होने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर चांदपुर सीओ सर्वम सिंह कई थानों की पुलिस लेकर गांव नाहर सिंह पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत किया।

    ग्राम प्रधान जसवेन्द्र सिंह पुत्र श्यामनंदन सिंह निवासी ग्राम राहु नंगली की तहरीर के आधार पर थाना नूरपुर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस बीच मंदिर में पूजा अर्चना कर जयपुर से लाई गई नई मूर्ति स्थापित कर दी गई।

    जांच पड़ताल में प्रकाश में आए आरोपी बोबी पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी ग्राम अब्दुल रहमानपुर पुरैना हाल निवासी ग्राम नाहर सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी बोबी शराब का आदी है। उसने शराब के नशे में मंदिर में स्थापित मूर्ति को खंडित कर दिया था। वहीं बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने मालिक से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया। वह रविवार को होने वाले मेले में विघ्न डालना चाहता था।

  • आरक्षित वन क्षेत्र में वन्य जीव के शिकार के साथ वन विभाग ने पकड़े तीन शिकारी, एक फरार

    जंगली जानवर का मांस, दो मोटरसाइकिल व बाट तराजू बरामद

    ~शाहिद रजा खान

    बिजनौर। बढ़ापुर में साहुवाला वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से वन्य जीव के शिकार के मांस के साथ साहुवाला वन रेंज के कर्मचारियों ने तीन शिकारियों को पकड़ लिया जबकि एक भागने में कामयाब रहा। घटना की सूचना वन विभाग के आला अधिकारियों को दिए जाने के बाद साहुवाला वन रेंजर ने शिकारियों के पास से बरामद मांस को परीक्षण के लिये पशु चिकित्साधिकारी के पास भेज दिया है।

    नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली बढ़ापुर वन रेंज व साहुवाला वन रेंज में वन्य सम्पदा तो सुरक्षित थी ही नहीं, लेकिन अब शायद वन्य जीव भी सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में बढ़ापुर वन रेंज व साहुवाला वन रेंज में पेड़ों के अवैध कटान का मामला तूल पकड़ा हुआ है, जिसमें बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर द्वारा बहती की लकड़ियों का अवैध तरीके से कटान उठान व ढुलान पर वन संरक्षक मुरादाबाद की जांच चल रही थी। बताया जा रहा है कि शनिवार को साहुवाला वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष संख्या 4 के समीप साहुवाला वन रेंज के कर्मचारियों ने मुखबिर की सूचना पर दो मोटरसाइकिल पर सवार चार लोगों को रोक लिया। उनके पास वन्य जीव सुअर का करीब पांच किलो मांस बरामद हुआ। वन विभाग के कर्मचारी जब उपरोक्त चारों लोगों को रेंज कार्यालय लेकर चलने को हुए तो उनमें से एक आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पकड़े गए तीनों युवकों को विभागीय कर्मचारी अपने साथ रेंज कार्यालय ले आये। तीनों आरोपियों ने खुद को थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर मिठ्ठे उर्फ ढेला निवासी बताया। युवकों द्वारा बताया गया कि वह जंगली सुअर का मांस खरीदने के लिए गये थे। वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि जानवर का शिकार करने वाला टांडा मानकाना निवासी युवक मौके से भाग गया परन्तु वन विभाग के कर्मचारी उसकी मोटरसाइकिल अपने साथ रेंज कार्यालय ले आए।

    बताया जा रहा है कि जंगली सुअर के शिकार में यह लोग माहिर हैं। वन विभाग की नाक के नीचे से शिकार कर निकल जाते हैं परन्तु किसी को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है।

    क्या मांगा छोड़ने के एवज में?

    वहीं मौके से पकड़े गए युवकों के परिजनों की माने तो रेंजर साहुवाला मोतीलाल द्वारा युवकों को छोड़ने के एवज में लाखों रुपए की भारी रकम की मांग की गई। मांग पूरी न होते देख वन रेंजर द्वारा विभागीय कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए शिकारी युवकों के पास से बरामद मांस सहित दोनों मोटरसाइकिल UP20BV5606 व UP20  6518 सहित बाट तराजू व अन्य सामान को जब्त करने के साथ मांस को मेडिकल परीक्षण के लिये पशुचिकित्साधिकारी के पास भेज दिया।
    इस बाबत जब साहुवाला वन रेंज के रेंजर मोतीलाल पुष्पक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर तीन लोगों को सुअर के मांस के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद मांस को मेडिकल परीक्षण के लिये भेजा गया है। यदि मांस जंगली सुअर का पाया जाता है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने किसी प्रकार की सौदेबाजी के आरोपों से इंकार किया।

  • मूर्ति खण्डित होने की खबर से क्षेत्र में मचा हड़कंप

    बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव नाहरसिंह का मामला

    शरारती तत्वों ने खंडित की भगवान नरसिंह की मूर्ति, उखाड़ फेंका शिवलिंग!

    बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव नाहरसिंह में शरारती तत्वों ने पौराणिक नरसिंह मंदिर का ताला तोड़कर वहां स्थापित भगवान नरसिंह की मूर्ति व शिवलिंग खंडित कर दिया। घटना का पता लगते ही मंदिर पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया।

    बिजनौर। थाना नूरपुर क्षेत्र के गांव नाहरसिंह में शरारती तत्वों ने पौराणिक मंदिर में स्थित भगवान नरसिंह की मूर्ति को खंडित कर दिया। यही नहीं शिवलिंग भी उखाड़ फेंका। मूर्ति खंडित होने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्र हो कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी घटना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों को शांत किया। इस मामले में थाना नूरपुर में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस गहनता से जांच पड़ताल में जुट गई है।

    नूरपुर ब्लाक के गांव राहूनंगली के मजरा गांव नाहरसिंह में भगवान नरसिंह का मंदिर स्थित है। गुरुवार रात किसी समय मंदिर का ताला तोड़ कर शरारती तत्व अंदर घुस गए और वहां स्थापित भगवान नरसिंह की मूर्ति खंडित करने के साथ ही शिवलिंग को उखाड़ फेंका। इतना ही नहीं मंदिर के निकट ऋषिपाल की बोरिंग के पाइप को भी तोड़ डाला। शुक्रवार तड़के सुधांशु पुत्र विपिन मंदिर पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। घटना का पता लगते ही आक्रोशित ग्रामीणों की भारी भीड़ मंदिर के बाहर एकत्र हो गई।

    वहीं मूर्ति खण्डित होने की सूचना मिलते ही नूरपुर थाना प्रभारी संजय तोमर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिलाया। साथ ही आला अधिकारियों को सूचित किया। सीओ सर्वम सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    बताया गया है कि रविवार को यहां पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस कारण गांव के ही ऋषिपाल सिंह की भूमि पर स्थित मंदिर में सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने पुलिस से मेला आयोजन से पूर्व शरारती तत्वों का पता लगा कर कार्यवाही की मांग की। बताया गया है कि मंदिर में नई मूर्ति स्थापित की जाएगी। पुलिस की दो टीम मूर्ति लेने के लिए भेजी गई हैं। सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि शरारती तत्वों की तलाश की जा रही है। ग्राम प्रधान की ओर से अज्ञात में तहरीर दी गई है। थाना नूरपुर में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस पूरे मामले में गहनता से जांच पड़ताल करने में जुट गई है।

  • आश्चर्य है कि सरकार संविधान की मूल प्रति बनाम संशोधित संविधान की बहस खड़ी कर रही है। जबकि वह अपडेट संविधान को ही मूल संविधान मानने के लिये बाध्य है।

    समाजवाद और पंथ निरपेक्षता क्यों हजम नहीं होती

    ~KP Singh, Bebakvichar

    नए संसद भवन में कामकाज शुरू होने के दिन सभी सांसदों को संविधान की जो प्रति वितरित करायी गयी उसमें प्रस्तावना खंड से पंथ निरपेक्ष और समाजवाद शब्द गायब थे। इसे देखकर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरना चाहा तो सरकार की ओर से जबाव आया कि संविधान सभा ने जिस संविधान को अंतिम रूप दिया था उसकी प्रस्तावना में ये शब्द नहीं थे। सरकार ने संविधान की इसी मूल प्रति को वितरित कराया है न कि संशोधित को। समाजवाद और पंथ निरपेक्षता के संकल्प को बाद में इन्दिरा गांधी ने अपने समय 1976 में 42वें संशोधन के जरिये संविधान की प्रस्तावना में जुड़वा दिया था। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार ऐसा करने के लिये अधिकृत है।

    संविधान और संसद, दोनों को नीचा दिखाने जैसा

    इन्दिरा गांधी ने जब संविधान की प्रस्तावना में उक्त परिवर्तन कराया था तो यह कदम संविधान संशोधन की श्रेणी में आने के कारण उन्होंने इसकी पूरी तरह विधिक प्रक्रिया को पूरा किया था। जिसके मुताबिक किसी भी संविधान संशोधन के लिये संसद के दो तिहाई बहुमत और आधे से अधिक राज्यों का समर्थन अनिवार्य होता है। आश्चर्य है कि सरकार संविधान की मूल प्रति बनाम संशोधित संविधान की बहस खड़ी कर रही है। जबकि वह अपडेट संविधान को ही मूल संविधान मानने के लिये बाध्य है। इसके विपरीत कुछ स्थापित करना संविधान और संसद दोनों को नीचा दिखाने जैसा है। हो सकता है कि समाजवाद और पंथ निरपेक्षता को प्रस्तावना में स्वीकार न करने के पीछे सरकार के पास कुछ बाजिब दलीलें हों। अगर ऐसा है तो इन शब्दों को हटाने के लिये वह अपनी मर्जी से कदम नहीं उठा सकती। वह संविधान संशोधन की विहित प्रक्रिया अपनाने के बाद ही इन शब्दों को हटा सकती है।

    पंथ निरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्दों पर सरकार को आपत्ति क्यों !

    वैसे सवाल यह भी है कि पंथ निरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्दों पर सरकार को आपत्ति क्यों है। खास बात यह है कि सरकार उस समय इन शब्दों को हटाने पर जोर दे रही है जबकि इन व्यवस्थाओं के कारण विश्व बिरादरी में हिंदुओं के अत्याधिक लाभ के अवसर निर्मित हो गये हैं। जिस इंग्लैण्ड ने एक समय भारत को गुलाम बनाकर रखा था उसकी रहनुमायी करने का मौका वर्तमान में इंग्लैण्ड के संविधान के धर्म निरपेक्ष स्वरूप के कारण ऋषि सुनक के रूप में एक आस्थावान हिंदू को मिला है जबकि इंग्लैण्ड ईसाई बहुल देश है जहां हिंदुओं की बहुत कम आबादी है। ऋषि सुनक हिंदू धर्म और संस्कृति को मजबूत करने का मौका भी नहीं छोड़ रहे हैं। अमेरिका का राष्ट्रपति दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है और अमेरिका का माहौल धीरे धीरे ऐसा बनता जा रहा है कि स्पष्ट दिखाई देने लगा है कि आगे चलकर वहां भी किसी धर्मनिष्ठ हिंदू को राष्ट्रपति बनने का अवसर मिल जायेगा। अगर ऐसा हुआ तो वह भी हिंदू धर्म की यश पताका को बुलंद करने में अपने देश के प्रति निष्ठा रखते हुये भी नहीं हिचकेगा। लेकिन भारत का पंथ निरपेक्ष चरित्र बदलने की चेष्टा की गयी तो हो सकता है कि विश्व बिरादरी का रूख हिंदुओं के प्रति बदल जाये। इंग्लैण्ड और अमेरिका में इसकी प्रतिक्रिया में लोग हिंदुओं से चिढ़ जाये और अपने देश के सर्वोच्च पद के लिये हिंदू नेता को चुनने में हिचक महसूस करने लगें।

    राज्य की धर्म निरपेक्षता की अवधारणा के इतिहास से लोगों को परिचित होना चाहिये। एक समय पश्चिम के ज्यादातर राष्ट्रों में पोप और धर्म का दखल शासन की दशा और फैसलों में रहता था। नयी तरह की दुनिया बनने के बाद महसूस किया गया कि यह व्यवहारिक नहीं हैं इसलिये उन्होंने शासन में धर्म के हस्तक्षेप को समाप्त कर दिया। ऐसा नहीं है कि इंग्लैण्ड और अमेरिकी प्रशासन के धर्म निरपेक्ष घोषित होने से वहां के ईसाई नास्तिक हो गये हों बल्कि वहां शासन के शीर्ष पदों पर जो भी ईसाई हैं वे आज भी चर्च में जाते हैं और अपने धर्म के प्रति उतनी ही श्रद्धा रखते हैं जितने कि हिंदू। धर्म समाज के नियमन का सबसे प्राचीन संविधान है लेकिन जब दुनिया बहुत आगे निकल गयी तो धर्म के संविधान के ही एडवांसमेंट के रूप में ही आधुनिक संविधान लागू हुए और पश्चिम के राष्ट्र इसके चलते सबसे शक्तिशाली हो गये। धर्म के दखल से शासन को चलाने का तरीका समकालीन दुनिया में प्रगति के रास्ते में बहुत बड़ी बाधा बन सकता है। इस सबक के कारण ही दुनिया के एकमात्र हिंदू राष्ट्र नेपाल में भी धर्म निरपेक्ष व्यवस्था को स्वीकार कर लिया गया है। इस समय मुस्लिम विश्व मुख्य रूप से मजहबी शासन की मरीचिका मेें अपनी खुशहाली के सपने बुन रहा है। लेकिन उसका क्या हश्र इस प्रतिगामी सोच के चलते हुआ है यह बताने की आवश्यकता नहीं है।

    होनी चाहिये एक नए आर्थिक और सामाजिक माॅडल की मांग

    इसी तरह समाजवाद को लेकर भी भाजपा का बिदकना अत्यंत बेतुका है। आर्थिक उदारीकरण के बाद जिस तरह से कामगारों की आय सीमित हुई है और सारी पूंजी का मुट्ठी भर लोगों के हाथों में सिमट जाने का परिदृश्य गहराया है उसके बाद देश के लिये एक नए आर्थिक और सामाजिक माॅडल की मांग होनी चाहिये। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जी-20 के लिये मानव केंद्रित समावेशी व्यवस्था को प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित करके यही सोच दिखाया है। यह काम तभी हो सकता है जब समाजवादी संस्पर्श के साथ नयी व्यवस्था चलायी जाये। अंधाधुंध निजीकरण अनर्थकारी सिद्ध हो रहा है। निजीकरण से जहां संचार जैसे क्षेत्र में लोगों को लाभ मिला है वहीं शिक्षा और चिकित्सा को मुनाफाखोरों के हवाले किये जाने से लोगों का जीना दूभर हो रहा है। लोग संसाधनों की कमी के चलते मामूली पगार पर जीने के लिये मजबूर किये जा रहे हैं जो सरकारी कार्यालयों में आउटसोर्सिंग और संविदा भर्तियों के रूप में उजागर है वहीं कारपोरेट जगत का मुनाफा बढ़ रहा है। इस विषमता को रोकने के लिये जब तक गंभीर चिंतन नहीं होगा तब तक मानव केंद्रित विकास का लक्ष्य कैसे हांसिल किया जा सकता है। फिर समाजवाद तो भारतीय जनता पार्टी के संविधान में भी शामिल है। जब भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था उस समय अटल जी ने इसके विधान में गांधीवादी समाजवाद का लक्ष्य जुड़वाया जो आज भी बरकरार है। यह बात दूसरी है कि संविधान से पंथ निरपेक्षता और समाजवाद को हटाने का संकेत यह देखने के लिये दिया गया हो कि इसकी प्रतिक्रिया आम वोटरों में क्या होती है। कहा यह जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की मंशा पूरे संविधान को बदलने और हिंदू राष्ट्र बनाने की है। हिंदू राष्ट्र के पीछे जो ललक है उसमें धर्म के तात्विक दर्शन पर कोई जोर नहीं है क्योंकि अगर ऐसा किया जाये तो एक बहुत ही नैतिक शासन के लिये प्रतिबद्धता दिखानी होगी। जैसी कि रामराज में वर्णित की जाती है। पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अभी तक ऐसा कोई प्रयास तो किया नहीं है बल्कि यह माना जाता है कि अटल जी और आडवानी जी के युग में पार्टी विद ए डिफरेंस का नारा इसलिये दिया जाता था कि इन दोनों विभूतियों ने मूल्यों पर आधारित राजनीतिक और प्रशासनिक संस्कृति को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। पर आज के माहौल को क्या ऐसा कहा जा सकता है। दरअसल सामाजिक उपनिवेशवाद की व्यवस्था का लक्ष्य एक वर्ग ने तथाकथित हिंदू राष्ट्र में समाहित कर रखा है और भारतीय जनता पार्टी को चलाने वाली वर्ग सत्ता का सबसे बड़ा अभीष्ट यही है। ताजा उदाहरण पीएम विश्वकर्मा योजना का है। सामाजिक उपनिवेशवाद में कामगारों को जातियों के तौर पर चिन्ह्ति किया गया है और उनके प्रति तिरस्कारपूर्ण रवैया अपनाया गया है। होना तो यह चाहिये था कि पेशे को जाति आधारित बनाने के परंपरागत दुष्चक्र को तोड़ा जाये। विश्वकर्मा योजना में उल्टा किया गया है। क्या अच्छा होता अगर गरीब जनरल कास्ट को नाईगीरी और मोचीगीरी जैसे कार्यों को अपनाकर खुशहाल बनने के लिये प्रेरित किया जाता और इसके लिये सरकार विशेष प्रोत्साहन करने की घोषणा करती। अगर हर जाति के लोग हर काम में संलग्न किये जायेंगे तो पेशे के आधार पर किसी को ओछा कहने की जरूरत नहीं रह जायेगी। पर विश्वकर्मा योजना तो हर जाति के पुश्तैनी पेशे को नये सिरे से बांधने का एक उपक्रम बन गया है। बहरहाल बात होनी चाहिये देश को मजबूत करने की जबकि सामाजिक उपनिवेशवाद आगे चलकर दमित जातियों के जो बहुतायत में है, कि असंतोष का कारण बनेगा जो देश के कतई हित में नहीं है।

    लेखक का परिचय:~ केपी सिंह. पूरा नाम कृष्णपाल सिंह. विगत 45 वर्ष से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय. दर्जनों साप्ताहिक और दैनिक समाचार पत्रों के संस्थापक संपादक रहे. दैनिक जागरण से भी जुड़े रहे. चम्बल के बीहड़ों से पत्रकारिता जीवन का आगाज फूलन देवी के समर्पण के पीछे की दस्यु गिरोहों, पुलिस और राजनेताओं की सांठगांठ को उकरने वाली अंतर्कथाओं से अपने समय काफी तहलका मचाया. बाद में पैने राजनीतिक समीक्षक के रूप में पहचान बनायी और देश भर के प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लिखा. वर्तमान में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर सक्रिय.

  • कोई जनहानि नहीं, आग लगने के कारणों की जांच शुरू

    प्रयागराज के मारुति यार्ड हब में भीषण आग से 16 कारें नष्ट

    प्रयागराज। मारुति यार्ड हब में शुक्रवार सुबह आग लग गई। सूचना पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

    फाइल फोटो

    जानकारी के अनुसार आज दिनांक 22.09.2023 को फायर स्टेशन सिविल लाइन के कंट्रोल रूम पर सुबह 09.44 पर सूचना प्राप्त हुई कि अंदावा झूसी प्रयागराज में मारुति यार्ड हब में आग लगी है। तत्काल मुख्य अग्निशमन अधिकारी व अग्निशमन अधिकारी ने फायर टेंडर के साथ घटनास्थल के लिए प्रस्थान किया। रास्ते में आते समय फायर स्टेशन फूलपुर फायर स्टेशन हडिया फायर स्टेशन नैनी से भी गाड़ियों को बुलाते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। फायर टेंडर द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर गाड़ियों में लगी आग को बुझाना शुरू किया गया। आग पर करीब डेढ़ घंटे में पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। बताया गया है कि आग ब्राइट फोरव्हीलर सेल्स प्रयागराज प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद झूसी के गोदाम में उर्मिला महिला महाविद्यालय के पीछे लगी थी। आग से 16 कारें प्रभावित हुई, जबकि शेष गाड़ियों को बचा लिया गया है, आग में कोई जनहानि नहीं हुई। अग्निकांड स्थल पर स्थानीय झूसी थाने के अधिकारी/कर्मचारी भी मौजूद रहे। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

  • मेडिकल स्टोर पर किया जा रहा उपचार, नोटिस चस्पा

    एसीएमओ ने बिजनौर के नजीबाबाद में मारा छापा

    सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद बंगाली डॉक्टर की दुकान सील

    बिजनौर। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद एसीएमओ ने नजीबाबाद में बंगाली डॉक्टर की दुकान सील कर दी है। वहीं वहीं एक मेडिकल स्टोर पर नोटिस भी चस्पा किया गया है।

    स्वास्थ्य विभाग के एसीएमसो राजेन्द्र विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ नजीबाबाद के गुरुद्वारा रोड स्थित मोहल्ला मकबरा में डॉ. आरके पोद्दार की बंगाली क्लीनिक पर छापा मारा। आरोप है कि अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने के मामले में क्लीनिक को सील कर दिया गया। उसके बाद एसीएमओ राजेंद्र विश्वकर्मा गांव जसवंतपुर उर्फ लुकादड़ी में हनीफ मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। मेडिकल स्टोर बन्द मिलने पर वहां नोटिस चस्पा किया गया।

    इस संबंध में एसीएमओ डॉ. राजेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर गुलफाम नामक व्यक्ति ने नगर में बंगाली क्लीनिक व गांव जसवंतपुर में फरमान नामक व्यक्ति ने हनीफ मेडिकल स्टोर पर अवैध रूप से उपचार करने की शिकायत की थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त दुकानों का निरीक्षण किया गया। गुरुद्वारा के निकट बंगाली क्लीनिक को सील करने के साथ ही तीन दिन का समय देते हुए नोटिस दिया गया है कि वह उक्त अवधि के भीतर सीएमओ कार्यालय आकर रजिस्ट्रेशन व सक्षम डॉक्यूमेंट प्रस्तुत करे। वहीं हनीफ मेडिकल स्टोर बन्द मिलने पर वहां नोटिस चस्पा किया गया है।

  • भाजपा युवा मोर्चा नेता ने स्वागत कर दीं शुभकामनाएं

    हरिद्वार के नए एसएसपी से अपराध नियंत्रण की उम्मीद

    हरिद्वार। भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष पारस गुप्ता ने नवनियुक्त पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोभाल से जनपद में अपराध नियंत्रण पर प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई है। उन्होंने एसएसपी से शिष्टाचार भेंट कर स्वागत किया।

    एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल

    भाजपा युवा मोर्चा हरिद्वार के जिला उपाध्यक्ष पारस गुप्ता ने नवनियुक्त पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोभाल को शाॅल ओढ़ाकर एवं गुलदस्ता भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। पुलिस कार्यालय पहुंच कर युवा नेता ने एसएसपी से शिष्टाचार भेंट करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान पारस गुप्ता ने पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोभाल को शहर में जारी नशाखोरी, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी आदि समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने आपराधिक श्रेणी की इन समस्याओं के निवारण हेतु बिंदुवार वार्ता की।

    गौरतलब है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के पद पर पिछले सप्ताह नियुक्त हुए आईपीएस प्रमेन्द्र डोभाल ने चार्ज संभालने के बाद प्रेसवार्ता कर अपनी प्राथमिकताएं गिनाई थीं। उन्होंने नशे के विरोध मज़बूत तरीके से अभियान चलाने, क़ानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने सहित ट्रैफिक व्यवस्था व अन्य मुद्दों पर बेहतरीन तरीके से आगे काम करने का भरोसा दिलाया।

  • सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ होटल के बाहर घूमता गुलदार

    वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग

    बस स्टैंड पर होटल के बाहर घूमता रहा गुलदार!

    बिजनौर। अब गुलदार ने जंगल, खेत, गांवों के बाद कस्बों का रुख कर लिया है। ऐसा ही एक मामला जनपद मुख्यालय से सटे कस्बा मंडावर से प्रकाश में आया है। यहां बस स्टैंड क्षेत्र में गुलदार की चहल कदमी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मचा हुआ है।

    थाना व कस्बा मंडावर में बुधवार रात बस स्टैंड पर एक होटल के बाहर लगे सीसी टीवी कैमरे में गुलदार कैद हो गया। गुलदार देखे जाने से कस्बा वासियों में भय व्याप्त हो गया है। कस्बे वासियों ने वन विभाग की टीम से गुलदार को पकड़ने की मांग की है। काफी समय से क्षेत्र में गुलदार देखा जा रहा है।

    बताया गया है कि कस्बा मंडावर में बस स्टैंड पर कस्बा निवासी आजम ने होटल खोल रखा है। आजम के अनुसार जब बुधवार की सुबह वह अपने होटल पर पहुंचा तो बाहर रखा सभी सामान बिखरा पड़ा था। इस पर उसने होटल में लगा सीसीटीवी कैमरा चैक किया। कैमरे में होटल के बाहर गुलदार घूमता दिखाई दिया। सीसीटीवी कैमरे में गुलदार को देखे जाने से कस्बा वासियों में भय व्याप्त हो गया है। कस्बे वासियों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

  • हापुड़ की घटना, रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू

    मनचलों के हौसले बुलंद, महिला कांस्टेबल के साथ छेड़छाड़

    हापुड़। मनचलों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने महिला कांस्टेबल तक को नहीं छोड़ा। ड्यूटी से लौटती नगर कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल के साथ मनचलों ने छेड़छाड़ कर दी। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नगर कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल मेरठ रोड स्थित इंद्रा कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहती है। रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह ड्यूटी पूरी कर स्कूटी से घर लौट रही थी। मेरठ रोड स्थित अंबेडकर मूर्ति के पास पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने अश्लील इशारे करते हुए उसके साथ छेड़छाड़ कर दी। महिला कांस्टेबल के स्कूटी रोकते ही आरोपी फरार हो गए। पीड़िता ने घटना के बारे में आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को भी बताया। महिला सिपाही ने कोतवाली पहुंचकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।

    एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि महिला कांस्टेबल की तहरीर पर दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होते ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • जगह जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से अटे पड़े नाले

    बारिश के बाद नदियों में तब्दील हो जाती हैं सड़कें और गलियां

    शहर की सफाई व्यवस्था चौपट

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद की हीलाहवाली से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। जगह जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से अटे पड़े नाले सफाई व्यवस्था की कहानी बयां कर रहे हैं। वहीं बारिश के बाद गली सड़कें नदियों में तब्दील हो जाती हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है।

    हाल ही में हुई बारिश के बाद सिविल लाइंस में नीलकमल रोड का हाल

    शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नगर पालिका परिषद की हीलाहवाली से जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नाले नालियां गंदगी से अटे पड़े हैं। बारिश के बाद गली सड़कें नदियों में तब्दील हो जाती हैं। जनता शिकायतें कर के थक गई, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।

    सिविल लाइंस में पीएनबी के बाहर गंदगी से अटा पड़ा नाला

    शहर का पॉश इलाका कहे जाने वाला सिविल लाइंस क्षेत्र दुर्दशा का शिकार है। पानी की निकासी व्यवस्था सही न होने के कारण हल्की सी बारिश के बाद मुख्य सड़क और इससे जुड़ी गलियों में जलभराव हो जाता है। वहीं कूड़ा करकट, गंदगी से भरे नाले नालियों का पानी न सिर्फ सड़कों व गलियों में फैलता है बल्कि लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में भी घुस जाता है। इस पर इसके बीच से निकलना अनहोनी को दावत देता है। पैदल चलने वाले हों या फिर वाहन सवार, अक्सर दुर्घटना का शिकार होते देखे जा सकते हैं। इससे भी बुरा हाल नई बस्ती, आवास विकास व उसके आसपास की तमाम कॉलोनी और मोहल्ले,

    स्थिति हो जाती है और अधिक बदतर

    शहर की गंदगी तमाम संक्रामक रोगों को न्योता दे रही है। शासन प्रशासन द्वारा संचारी रोगों से बचाव और जागरूकता को प्रतिवर्ष अभियान चलाए जाते हैं। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सहयोगी विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा लोगों को घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार के माध्यम से बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जाना होता है, जिससे संचारी रोगों से लोगों को ग्रसित होने से बचाया जा सके। साथ ही इस दौरान सफाई पर विशेष ध्यान देने के भी कड़े निर्देश जारी किए जाते हैं। विडंबना यह है कि सब कुछ बीत जाता है और स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहती है या ये कहिए कि और अधिक बदतर हो जाती है।

    ज्ञातव्य है कि नगर पालिका बिजनौर का सीमा विस्तार हुआ था। 13 ग्राम पंचायतें एवं उनमें बसी कॉलोनियां शामिल होने के बाद वहां के लोगों को बेहतर व्यवस्था की आस बढ़ी थी। ड्रेनेज की समस्या पर ध्यान न देने के कारण शहर के बाहरी कॉलोनियों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से वहां खाली प्लाटों व बाहरी क्षेत्र की जमीन में जलभराव हो रहा है। रोजमर्रा प्रयोग होने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था तक नहीं है। बारिश का पानी तो अधिकांश घरों में घुस जाता है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी होती है और संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा भी बना रहता है।

  • सो रहा स्वास्थ्य विभाग: गांवों में फैला बुखार और डेंगू का साम्राज्य

    स्वास्थ्य विभाग के कब्जे में है मासूम जनता की रातों की नींद और दिन का चैन

    बीमारियों से जंगो जहद कर रहे दर्जनों गांवों में ग्रामीण

    ~मुकेश कुमार, मंडावर

    बिजनौर। जिले का स्वास्थ्य विभाग मासूम जनता की रातों की नींद और दिन का चैन अपने कब्जे में लिए हुए है। मोटी तनख्वाह डकारने वाले इस विभाग के रहनुमाओं को किसी बात से फर्क नहीं पड़ता! शायद यही कारण है कि दर्जनों गांवों में हजारों की संख्या में लोग बुखार व डेंगू की चपेट में हैं?

    जिले का स्वास्थ्य विभाग सो रहा है। गांवों में बुखार और डेंगू का साम्राज्य फैला हुआ है। दर्जनों गांवों में ग्रामीण बीमारियों से जंगो जहद कर रहे हैं। कुल मिलाकर मासूम जनता की रातों की नींद और दिन का चैन स्वास्थ्य विभाग के कब्जे में है!

    झोला छाप चिकित्सकों की शरण में जाने को मजबूर

    बताया गया है कि मंडावर थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में हजारों की संख्या में लोग बुखार व डेंगू की चपेट में हैं। गांव रतनपुर रियाया, रानीपुर, शहबाजपुर, खैरपुर, देवदासवाला, नगला महेश्वरी, तीतरवाला, गंजालपुर, पदमपुर, बसी, कमालपुर, दयालवाला कोहरपुर, मीरापुर खादर, सीमला कलां, सीमली,मोहडिया,बिचपडी, खानपुर माधो, तीमरपुर आदि दर्जनों गांव बुखार की चपेट में हैं! इलाज के लिए सरकारी व्यवस्था न मिलने से ग्रामीण झोला छाप चिकित्सकों की शरण में जाने को मजबूर हैं।

    मिन्नतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ठोस कदम उठाने को नहीं तैयार

    ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम मिन्नतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। असलियत में स्वास्थ्य विभाग व ग्राम प्रधानों की लापरवाही देखने को मिल रही है। “हर घर जल परियोजना” के तहत पानी पहुंचाने को पाईप दबाने के लिए बनाई गई नालियां सही से बंद ना करने की वजह से भी पानी भर जाता है। …और मक्खी मच्छर पैदा होते रहते हैं। इस कारण बीमारी पनप रही है।

    तालाब में पैदा हो रहे मक्खी मच्छर!

    ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम रतनपुर रियाया में सड़क के किनारे तालाब में काफी गंदगी होने के कारण जहरीले मक्खी मच्छर पैदा हो रहे हैं। इस कारण गांव में और भी ज्यादा भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

  • नेटवर्क मार्केटिंग में छिपी युवा पीढ़ी की सफलता: डी के जैन
    हैप्पी हेल्थ इंडिया नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के मेगा मार्ट का बिनौली में शुभारंभ
    – युवा पीढ़ी को अच्छी सेहत और अच्छा पैसा कमाने का कम्पनी दे रही है अवसर

    ~विकास बड़गुर्जर

    बागपत/ बिनौली। देश से बेरोजगारी को खत्म करने के लिए सरकार हर युवा पीढ़ी के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उसी क्रम में डायरेक्ट सेलिंग कम्पनी हैप्पी हेल्थ इंडिया (एचएचआई) भी देश से बेरोजगारी को खत्म करने के लिए अग्रणी भूमिका निभा रही है। युवाओं को अच्छी सेहत और अच्छा पैसा कमाने का अवसर दे रही है।

    बागपत के बिनौली में एच एच आई (हैप्पी हेल्थ इंडिया) ने जनपद का पहला मेगा मार्ट शुरू कर दिया है। मार्ट शुभारंभ के मुख्य अतिथि कम्पनी के क्राउन एंबेसडर धर्मेन्द्र जैन व क्राउन अमित पिलाना और इंस्पेक्टर एन एस सिरोही ने संयुक्त रूप से फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर धर्मेन्द्र जैन ने कहा कि बेरोजगारों के लिए रोजगार का मार्ग सिर्फ डायरेक्ट सेलिंग है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सफलता का रास्ता यहीं से होकर जाता है। जो युवा अच्छी शिक्षा लेने के बाद भी पैसे के अभाव मे अपना स्वयं का व्यापार शुरू नहीं कर सकते, उनके लिए हैप्पी हेल्थ इंडिया कम्पनी का दरवाजा खुला है। वह कम्पनी में नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कर अपने व्यापार को शुरू कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग से सरल और अच्छा व्यापार और कहीं नहीं मिल सकता है। कम्पनी जो प्रोडक्ट दे रही है, उन सभी का उपयोग करने से व्यक्ति को अच्छी सेहत के साथ साथ अच्छा पैसा कमाने का अवसर दे रही है। इस अवसर पर सोनू कुमार, धीर सिंह, शशि, मोनिका, प्रमोद नगला, डॉ राहुल देव, मोनू राणा, तेजपाल सिंह, प्रमोद पलड़ी, मोहित जैन, पूजा तोमर, कपिल आरती, वंश, अमित धामा, दर्शना, सोनिया आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चुनाव में नई टीम का गठन

    डा. आशु आत्रे चुने गए सचिव व डा. कपिल कुमार कोषाध्यक्ष

    आईएमए बिजनौर के नए अध्यक्ष डा. योगेन्द्र सिंह

    डा. योगेन्द्र सिंह निभाएंगे आईएमए अध्यक्ष की जिम्मेदारी

    बिजनौर। इण्डियन मेडिकल एसोशिएशन (आईएमए) के नए अध्यक्ष डा. योगेन्द्र सिंह चुने गए हैं। साथ ही डा. आशु आत्रे को सचिव व डा. कपिल कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया है। नई टीम को शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं दी हैं।

    इण्डियन मेडिकल एसोशिएशन बिजनौर की एक सभा का आयोजन रोहित रेजीडेंसी में सोमवार को हुआ। इस दौरान आईएमए की नई टीम का चुनाव हुआ। डा. योगेन्द्र सिंह को अध्यक्ष, डा. आशु आत्रे को सचिव व डा. कपिल कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। चुनाव अधिकारी की भूमिका डा. अनिल अग्रवाल ने निभाई। अध्यक्ष चुने जाने के बाद चरक पैथोलॉजी लैब के संचालक डा. योगेन्द्र सिंह ने कहा कि साथी चिकित्सकों ने उन पर विश्वास कर जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उस पर वह खरे उतरेंगे। एसोशिएशन को और अधिक मजबूत करने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने पर अन्य चिकित्सकों का आभार जताया। साथ में डा. राजीव सिंह, डा. खिवेन्द्र सिंह, डा. विपन कुमार, डा. राजेन्द्र सिंह, डा. बागेश कुमार, डा. धैर्य विश्नोई, डा. सीपी सिंह, डा. दिग्विजय चौधरी, डा. जेपी सिंह, डा. आलोक कुमार आदि उपस्थित रहे। नई टीम चुने जाने पर शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

  • तकनीक ने विश्व फलक पर बढ़ाई हिंदी की ताकत’

    परिचर्चा
    -आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई ने हिंदी दिवस पर आयोजित की ऑनलाइन परिचर्चा
    – परिचर्चा में शामिल हुए भारत, अमेरिका, श्रीलंका और जापान के हिंदी प्रेमी

    लखनऊ। तकनीक और सोशल मीडिया हिंदी को विश्व फलक पर विस्तार दे रहा है। हिंदी प्रचलन की भाषा है। दूसरी भाषाओं के शब्दों को हिंदी आसानी से स्वीकार कर लेती है। इससे उसका शब्द भंडार बढ़ रहा है। दूसरी भाषाओं के शब्दों से हिंदी को कोई खतरा नहीं है। आज हिंदी को लेकर हीन भावना कम होती जा रही है। अब लोग हिंदी बोलने, पढ़ने और बताने पर गर्व महसूस करते हैं।

    यह निष्कर्ष आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की ओर से आयोजित ‘हिंदी का वर्तमान स्वरूप कारण और निवारण’ विषय पर आयोजित ऑनलाइन परिचर्चा से निकले। अमेरिका में हिंदी का प्रचार प्रसार कर रहे ‘सेतुबंधु’ पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक अनुराग शर्मा और भारत में जनसत्ता- अमर उजाला ऐसे समाचार पत्रों में संपादक रह चुके वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने अनेक सवालों के जवाब दिए। परिचर्चा में श्रीलंका और जापान के अलावा भारत के अनेक हिस्सों के हिंदी प्रेमी भी शामिल हुए।

    श्री शुक्ल ने कहा कि हिंदी में इंग्लिश शब्दों के उपयोग से बनी हिंग्लिश से हिंदी को कोई खतरा नहीं है। हिंदी का भविष्य उज्जवल है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बोलियों में बंटी हिंदी को खड़ी बोली का रूप देकर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने भाषा का नया स्वरूप गढ़ा था। हिंदी अवधी बोली के बूते ही बनी है। अधिकांश साहित्य अवधी से ही हिंदी में आया है।

    श्री शर्मा ने कहा कि तकनीक ने हिंदी को ताकत दी है। सोशल मीडिया हिंदी को विश्व फलक पर विस्तार दे रहा है। जो हिंदी नहीं जानते वह भी रोमन में लिखकर हिंदी को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। आज से ढाई दशक पहले ‘मेरा भारत महान’ के जिस नारे से राष्ट्र का गौरव बढ़ा था, वैसा ही आत्मगौरव भाषा के प्रति बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षा में आमूल चूल परिवर्तन जरूरी है।

    परिचर्चा के बाद खुला सत्र भी रखा गया। जापान में रह रहे भारतीय मूल के मौसम विज्ञानी गौरव तिवारी, साहित्यकार जगदीश व्योम और लखनऊ की हिंदी शिक्षिका वत्सला पांडे ने हिंदी के भविष्य को लेकर वक्ताओं से सवाल भी पूछे। वक्ताओं ने उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। परिचर्चा का संचालन श्रीमती रचना श्रीवास्तव एवं डॉ कुसुम नैपसिक ने किया।

    अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों के बहाने हिंदी को वैश्विक फलक पर मजबूत करना ही उद्देश्य है। समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने आभार व्यक्त करते हुए सभी भारतीय भाषाओं को आपस में जोड़ने का नया अभियान नए वर्ष से प्रारंभ करने का संकल्प व्यक्त किया। परिचर्चा में भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल, डॉ नीलू गुप्ता (अमेरिका), करुणा लक्ष्मी केएस (मैसूर-कर्नाटक), सुनील शर्मा (अमेरिका), श्रीमती पुष्पा श्रीवास्तव, सुधीर द्विवेदी एवं करुणा शंकर मिश्रा (रायबरेली) मौजूद रहे।

    हिंदी के लिए कार्य करना सुखद: अनुषा निल्वनी

    परिचर्चा में श्रीलंका से जुड़ीं श्रीमती अनुषा निल्वनी सल्वतुर केलनिया विश्वविद्यालय कोलंबो में हिंदी की वरिष्ठ शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि सिंहली भाषी होने के बाद भी भारत के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित— से हिंदी सीखी। इस समय वह श्रीलंका में हिंदी का प्रचार प्रसार कर रही हैं। उनका कहना है कि हिंदी के लिए कार्य करना मेरे लिए सुखद स्थिति है। मैं श्रीलंका में रहकर हिंदी की लड़ाई लड़ती रहूंगी। उन्होंने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेद्वी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई से जुड़कर हिंदी सेवा के काम को और बढ़ाने का संकल्प भी जताया।

  • परिपाटी न्यूज़ मीडिया ग्रुप का दसवां वार्षिक सम्मान समारोह

    बिजनौर के पत्रकार उत्तराखंड में सम्मानित

    ~(भुवन राजपूत)

    हरिद्वार/बिजनौर। परिपाटी न्यूज़ मीडिया ग्रुप का 10वा वार्षिक सम्मान समारोह हरिद्वार स्थित हठयोगी जी के आश्रम में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान परिपाटी न्यूज़ के एमडी मुख्य संपादक राजवीर सिंह तोमर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। हमारे कंधों पर देश का वर्तमान व भविष्य टिका हुआ है। हमें जन-जन की आवाज को मजबूत करने का काम करना चाहिए। किसी भी दबाव के बिना कार्य करना ही पत्रकारिता की खूबसूरती का अहसास करवाता है। परिपाटी न्यूज़ के सभी पत्रकार निष्पक्ष खबरों से अपनी पहचान बनाएं।

    शनिवार दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक चले सम्मान समारोह के दौरान विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों पत्रकारों को परिपाटी न्यूज़ मीडिया ग्रुप ने सम्मानित किया। जनपद बिजनौर से डॉक्टर ऋषि पाल सिंह, डॉक्टर जितेंद्र कुमार सिंह तोमर, गजेंद्र सिंह, डॉक्टर मुनेश चंद शर्मा, डॉक्टर देव शर्मा, मोहम्मद अजमल अंसारी, दिव्यांशी, इरफान अंसारी आदि पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

    सम्मान समारोह के बीच बीच में कलाकारों द्वारा धार्मिक गीतों पर किया गया नृत्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। सम्मान समारोह स्थल पत्रकारों से खचाखच भरा हुआ था। अंत में परिपाटी न्यूज़ के एमडी राजीव सिंह तोमर ने सभी आगंतुक पत्रकार व मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

  • पत्रकार हितों को लेकर हुई अहम चर्चा, विशाल पत्रकार महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि लखनऊ आने का आमंत्रण

    एसोसिशन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भेंट किया “मेरी माटी मेरा देश” का स्मृति चिन्ह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिला पत्रकार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल

    लखनऊ। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लखनऊ आगमन पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की।
    इस शिष्टाचार भेंट के दौरान रक्षा मंत्री से पत्रकार हितों को लेकर अहम चर्चा हुई।

    इस अवसर पर पत्रकार एसोसिएशन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को नवंबर माह में आयोजित पत्रकारों के विशाल महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने गंभीरता पूर्वक प्रतिनिधि मंडल की बातें सुनी।
    इस मुलाकात के दौरान एसोसिएशन के चेयरमैन अजीज सिद्दीकी, महामंत्री अब्दुल वहीद, सचिव जुबैर अहमद, वरिष्ठ पत्रकार सुल्तान शाकिर हाशमी, परवेज अख्तर, फोटोजर्नलिस्ट आरिफ़ मुकीम ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को “मेरी माटी मेरा देश” का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

  • अंश महाराज ने नरेंद्र मोदी को प्रेषित की शुभकामनाएं

    बिजनौर। मां कामाख्या शक्तिपीठ विदुर कुटी बिजनौर से स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 73 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि आपका सेवाभाव हर कार्यकर्ता के लिए आदर्श है। आप यूं ही राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि और वैश्विक गौरव बढ़ाते रहें, आपके निरोगी जीवन एवं दीर्घायु हेतु बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना।

  • सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से होंगे संचालित

    नियम कानून तैयार करेगी सैनिक स्कूल सोसाइटी

    sainikschool.ncog.gov.in पर विवरण उपलब्ध

    देश में खुलेंगे 23 नए सैनिक स्कूल

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार 23 नए सैनिक स्कूल खोलने जा रही है। यह स्कूल कक्षा छह से शुरू होंगे और कालांतार में इसमें कक्षाओं की बढ़ोतरी होगी। नए सैनिक स्कूल सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने देश में नए सैनिक स्कूल खोलने की अनुमति के बाद सैनिक स्कूल सोसाइटी ने नए सैनिक स्कूलों के संचालन के लिए 19 एनजीओ, निजी स्कूलों और राज्य सरकार से समझौता किया है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतर शिक्षा प्रणाली और युवाओं को सेना में जाने का प्रोत्साहन देने के लिए नए सैनिक स्कूलों को शुरू करने का आदेश दिया था। इसके तहत केंद्र सरकार ने देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा है। यह अभी चल रहे 33 सैनिक स्कूलों से अलग होंगे। सार्वजनिक निजी साझेदारी योजना के तहत सैनिक स्कूलों की संख्या अब 42 हो गई है। यह स्कूल पहले से ही चल रहे 33 सैनिक स्कूलों से अलग हैं।

    इन स्कूलों का पूरा नियम कानून सैनिक स्कूल सोसाइटी तैयार करेगी। स्कूलों का बोर्ड संबद्धता भी सोसाइटी ही तय करेगी। स्कूलों में पढ़ाई के स्तर से लेकर अनुशासन और शासन की कार्यप्रणाली भी सोसाइटी ही तैयार करेगी। कोई इच्छुक अभिभावक अब स्कूल के पोर्टल पर जाकर https://sainikschool.ncog.gov.in/ लाभ ले सकते हैं।

    मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार ने गैर सरकारी संगठनों, निजी स्कूलों और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की पहल को मंजूरी दी है। ये पहल कक्षा 6 से शुरू करके क्रमबद्ध तरीके से शुरू की गई है। इस पहल के तहत सैनिक स्कूल सोसाइटी ने देशभर के 19 नए सैनिक स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। साझेदारी मोड के तहत नए सैनिक स्कूल खोलने के लिए आवेदनों के मूल्यांकन के बाद रक्षा मंत्री ने साझेदारी मोड में 23 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस पहल से पिछले पैटर्न के तहत कार्यरत मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों के अलावा सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में साझेदारी मोड के तहत कार्यरत नए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने के दृष्टिकोण के पीछे का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशस्त्र बलों में शामिल होने सहित बेहतर कॅरियर के अवसर प्रदान करना है। यह निजी क्षेत्र को आज के युवाओं को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रशिक्षित करके राष्ट्र निर्माण की दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम करने का अवसर भी प्रदान करता है।

    सैनिक स्कूलों की बढ़कर संख्या हुई 42

    साझेदारी मोड के तहत देश के 11 राज्यों में 23 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। इनमें से उत्तर प्रदेश में मथुरा, लखनऊ, इटावा, हरियाणा में कुरुक्षेत्र, हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर में स्कूल खुलेंगे। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में एक, बिहार में एक, छत्तीसगढ़ में चार, कर्नाटक में एक, केरल में दो, मध्य प्रदेश में तीन, महाराष्ट्र में दो, राजस्थान में चार जिलों में स्कूल खुलेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि इस पहल से सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में पार्टनरशिप मोड के तहत काम करने वाले नए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है, इसके अलावा मौजूदा 33 सैनिक स्कूल पहले से ही मौजूदा पैटर्न के तहत काम कर रहे हैं।

    संचालन का विवरण
    इन स्कूलों के संचालन के तौर-तरीकों से संबंधित विवरण sainikschool.ncog.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक छात्र और अभिभावक वेब पोर्टल पर जा कर इस नए अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

  • 12 सितम्बर से 20 सितंबर तक विशेष जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम

    नन्ही गौरैया पक्षी के संरक्षण का प्रयास सराहनीय : अमरेश कुमार

    लखनऊ। मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा मोहनलालगंज के नवीन पब्लिक स्कूल में नन्ही गौरैया व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां नन्ही गौरैया के कृत्रिम घोंसले, दाना काकून, मिट्टी के पात्र व तुलसी, मीठी नीम के पौधों का वितरण करने के साथ गौरैया व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

    “मेरी प्यारी गौरैया” मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू द्वारा मुख्य अतिथि मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार अति विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता सुधांशू सिंह, सभासद सोनू सिंह, संस्थापक उमेष चंद्र, प्रिंसपल करूणेश मिश्रा को पुष्पगुच्छ, अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया।

    इस अवसर पर मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी पर पाई जाने वाली पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां ग़ायब हो चुकी हैं। आजकल देखे जाने वाले पक्षियों में भी कुछ की प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर आ गई हैं, जिनमें से एक गौरैया भी है।
    औद्योगीकरण, आधुनिक शहरीकरण और लंबे समय से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण नन्ही गौरैया पक्षी विलुप्त होने की कगार पर आ गई है, जो बेहद चिंता का विषय है। महेश साहू पक्षी प्रेमी द्वारा मेरी प्यारी गौरैया मुहिम चला कर आम जनमानस को गौरैया पक्षी व पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास सराहनीय है।

    उस रूठी गौरैया को वापस बुलाना है

    पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया हम सबकी गलतियों से रूठ कर दूर हो रही है। उस रूठी गौरैया को वापस बुलाने के लिए अपने घरों की छतों पर दाना पानी रखें, कृत्रिम घोंसले लगा कर उनको घर बनाने के लिए उचित स्थान दें। साथ ही मुहिम संचालक ने सबको गौरैया व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।‌
    इस मौके पर सेवा भारती सह सचिव मनीष गुप्ता, संजय सिंह, प्रमोद यादव सहित सैकड़ों छात्राएं व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।‌

  • केंद्रीय राज्यमंत्री के दुबग्गा आवास पर शोकसभा कर विनय श्रीवास्तव को दी गई श्रद्धांजलि

    विनय के परिजन, केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, विधायक जय देवी कौशल, पुत्र विकास किशोर समेत तमाम लोग रहे उपस्थित

    लखनऊ। राजधानी में विगत दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के पुत्र विकास किशोर के दोस्त विनय श्रीवास्तव की हत्या हो गई थी। लखनऊ में केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद कौशल किशोर के बेगरिया, दुबग्गा स्थित आवास पर शोकसभा का आयोजन किया गया।

    इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, उनकी पत्नी व विधायक जय देवी कौशल, उनके पुत्र विकास किशोर व विनय श्रीवास्तव के परिजन ने स्वर्गीय विनय श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि अर्पित की और आत्मा की शांति की प्रार्थना की। केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने कहा कि बिनय उनके लड़के के जैसा था विनय की मौत पर उन्हें बहुत दु:ख है। वह विनय के परिवारजनों के साथ उसी दिन से खड़े हैं और भविष्य में हमेशा उनके परिवार के साथ हैं, उन्हें जिस प्रकार मदद की आवश्यकता होगी उनके द्वारा हरसंभव मदद की जाएगी। कौशल किशोर जी के पुत्र विकास किशोर ने कहा कि विनय श्रीवास्तव उनके भाई की तरह था और उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि विनय ऐसे हमें छोड़कर चला जायेगा।

    इस शोकसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, विधायक जय देवी कौशल, विकास किशोर आशु, प्रभात किशोर, स्वर्गीय विनय के भाई विकास श्रीवास्तव, विनय के मामा, ताऊ, मीनू वर्मा, सदाशिव, जगदंबा त्रिपाठी, अमरीश मौर्य, गुड्डू लोधी, तेजीराम बाबू, सीएल पंकज, ज्ञान सिंह,
    सुशील, राम कुमार राही, श्याम लाल तूफ़ानी, राजेंद्र लहरी, अरविंद यादव, मिथिलेश, सर्वेश, पंकज, राजू, शिव कुमार, जितेंद्र, मेवालाल पाल, पुष्पेन्द्र, माता प्रसाद पेंटर, अमित मोहन, ज्ञानचंद ज्ञानी, मान यादव, लल्ला यादव, शबलू, सुनील रावत प्रमुख सरोजनीनगर, प्रवीण रावत, सूरज रावत, डॉ मनमोहन, अमरेन्द्र कुमार अंकुर आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।

  • साइबर ठगों ने ईजाद किया नया तरीका

    +91 के अलावा किसी और कोड से आई कॉल रिसीव करते समय रहें सावधान

    अब कॉल रिसीव करते ही बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। साइबर ठगों ने आपके बैंक अकाउंट से पैसे उड़ाने का नया तरीका ईजाद कर लिया है। अब आपको ओटीपी या कोई कोड भी शेयर करने को नहीं कहा जाएगा। बस आपने कॉल रिसीव की नहीं कि आपका बैंक खाता हो जाएगा सफाचट। इसलिए देश के कंट्री कोड +91 के अलावा किसी और कोड से शुरू होने वाली कॉल को रिसीव करते समय सावधान रहें।

    आजकल स्‍मार्टफोन से ऑनलाइन पेमेंट करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। यह सुविधाजनक तो है, लेकिन साइबर ठगों की कारस्तानियों की वजह से जी का जंजाल भी बन चुकी है। साइबर फ्रॉड के नए तरीके में सिर्फ कॉल आएगी और रिसीव करते ही बैंक अकाउंट से रकम उड़ जाएगी।

    अलीगढ़ की महिला गंवा बैठी ₹ एक लाख

    फोन कॉल्‍स से लाखों की ठगी के मामले देश भर में रोजाना सामने आ रहे हैं। हाल ही में यूपी के अलीगढ़ की एक महिला ने स्‍मार्टफोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आते ही रिसीव कर ली। महिला ने पूछा कि कौन बोल रहा है और किससे बात करनी है? बातचीत करीब 20 सेकेंड चली। इस बीच गलत नंबर की आशंका पर वह फोन काटने की कोशिश करती है लेकिन नहीं कटता, बल्कि बैंक अकाउंट से 1 रुपए कटने का मैसेज आ गया। महिला कुछ समझ पाती कि उससे पहले ही अकाउंट से 99999 रुपए डिडक्‍ट होने का दूसरा मैसेज आ गया। खासबात ये है कि महिला ने न तो किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को फोन पर कोई गोपनीय ओटीपी या कोड बताया, इसके बावजूद उसके अकाउंट से पैसे कैसे कट गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत बैंक और पुलिस से की है।

    बचने के तरीके~
    अपनी सिम को हमेशा अपडेट करें।
    KYC समय समय पर कराते रहें।
    अनजान कॉल रिसीव नहीं करें।
    अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।
    अगर आपके अकाउंट से रुपए निकल चुके हैं तो बैंक से तुरंत संपर्क करें।
    बैंक अकाउंट को लॉक करवाएं और फ्रॉड की जानकारी साइबर सेल को दें।

    पहले कॉल कर के मांगा जाता था ओटीपी या कोड

    फोन रिसीव करते ही ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं आएदिन हो रही हैं। साइबर मामलों के एक्‍सपर्ट कहते हैं कि फोन से ठगी के मामले बहुत ज्‍यादा बढ़ गए हैं। साइबर अपराधियों के फ्रॉड के तरीके भी अलग-अलग हैं। पहले फोन करके ओटीपी या कोड मांगा जाता था लेकिन अब इससे भी एडवांस तरीका आ गया है। अलीगढ़ जैसी ठगी की घटनाएं दिल्‍ली और आसपास में भी हो रही हैं।

    विदेशी नंबरों से हो रहा फ्रॉड 

    दिल्ली पुलिस साइबर ब्रांच के एक्सपर्ट किसलय चौधरी के अनुसार अलीगढ़ की महिला वाले मामले में फोन जरूर भारत के बाहर से आया होगा। विदेश में बैठे ठग के पास आपकी लगभग पूरी जानकारी होती है। वह आपको कॉल कर के बातचीत के दौरान ही फोन की सेटिंग्‍स को डिकोड कर लेता है और चंद सेकेंडों में अकाउंट से पैसे उड़ा लेता है।भारतीय कोड वाले नंबर से कॉल आने पर सिर्फ बातचीत के जरिए इस तरह की ठगी नहीं की जा सकती। भारतीय नंबर से आई कॉल पर किसी लिंक पर क्लिक करने, एप डाउनलोड करने या ओटीपी या एटीएम का सीवीवी नंबर बताने पर ही ठगी हो सकती है।

    बार बार कॉल कर सकते हैं साइबर अपराधी

    साइबर अपराधी एक बार रिसीव न होने पर बार-बार भी कॉल करते हैं। इसलिए ठगी से बचने के लिए हमेशा सावधान रहें। आजकल कुछ स्‍मार्ट फोन्‍स ऐसे आ रहे हैं, जिनमें कोई फ्रॉड कॉल होने पर वे जंक कॉल का अलर्ट कर देते हैं। इसके अलावा जब भी ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर, किसी अनजान लिंक पर क्लिक करते समय विशेष सावधानी बरतें और भरोसेमंद सोर्स पर ही जाएं। अगर आपके साथ ऐसा कोई फ्रॉड हो गया है तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।

    इंटरनेशनल नंबर की कॉल न करें रिसीव

    इंटरनेशनल नंबरों से आई कॉल को बिल्‍कुल भी रिसीव न करें। भारत का कंट्री कोड प्‍लस 91 है, अगर इसके अलावा किसी भी अन्‍य कोड से कॉल आ रही है तो वह इंटरनेशनल जंक या फ्रॉड कॉल हो सकती है, इसलिए ऐसी कॉल्‍स को न रिसीव करें।

    परिचित या रिश्तेदार की भी तो हो सकती है कॉल?

    समस्या ये है कि विदेशी नंबर से आने वाली कॉल किसी परिचित या रिश्तेदार की भी हो सकती है? भारत के बहुत से लोग विदेश में जा बसे हैं या फिर अपना व्यापार कर रहे हैं या नौकरी। वह भी कॉल कर सकते हैं। ऐसे में आपके पास उनका कॉन्टेक्ट नंबर तो होगा ही, जिसे रिसीव करना कोई परेशानी का कारण नहीं। यदि उनका नंबर नहीं है तो उनका देश और वहां का कोड ध्यान रखना बचाव का सशक्त उपाय है।

  • UPI ने शुरू की पूर्व-अप्रूव्ड लोन सुविधा

    बिना क्रेडिट कार्ड के भुगतान कर सकेंगे ग्राहक

    अब बैंक अकांउट में पैसे ना होने पर भी करें पेमेंट

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। आजकल ज्यादातर लोग UPI से भुगतान करना पसंद कर सकते हैं। UPI भुगतान को बड़े दुकानदारों से लेकर रेहड़ी वाले भी मानते हैं। UPI के बढ़ते चलन को देखते हुए, UPI ने लोगों के लिए पूर्व-अनुमोदित लोन सुविधा की शुरुआत की है। इस सुविधा से अब आप अपने बैंक खाते में पैसे नहीं होने पर भी यूपीआई भुगतान कर सकेंगे।

    यूपीआई ने शुरू किया पूर्व-अप्रूव्ड लोन

    RBI ने यूपीआई के पूर्व मंजूर ऋण की सुविधा को मंजूर कर दिया है। ग्राहक अब Pre Approved Loan द्वारा बिना क्रेडिट कार्ड के भुगतान कर सकते हैं। अब आप एक आवेदन के माध्यम से लोन के लिए apply कर सकते हैं, ठीक उसी तरह से जैसे आप लोन लेने के लिए बैंक जाते हैं। जमा करने के बाद बैंक इसे पूर्व मंजूर क्रेडिट लाइन दे देगा। अब आप अपने अकाउंट में पैसे नहीं होने पर भी UPI से भुगतान कर सकेंगे।

    60,000 रुपए तक की प्री अप्रूव क्रेडिट लाइन

    आरबीआई ने क्रेडिट के माध्यम से भुगतान करने के लिए RuPay क्रेडिट कार्ड को यूपीआई के साथ जोड़ने की अनुमति दी है। Pre Approved Loan लेने के लिए आपको बैंक क्रेडिट लाइनों के नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। बैंक अपनी बोर्ड की मंजूरी से क्रेडिट लाइनों का उपयोग करते समय नियम और शर्तें बना सकते हैं। यूपीआई लेनदेन में 60,000 रुपए तक की प्री अप्रूव क्रेडिट लाइन का उपयोग किया जा सकता है।

  • वन विभाग की टीम ने लगाया गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा

    पेड़ पर गुलदार को बैठा देख किसान के उड़े होश

    बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत पेड़ पर गुलदार को बैठा देख खेत से चारा लेने गए किसान के होश उड़ गए। किसान ने पेड़ पर गुलदार को बैठा देख शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास खेतों में मौजूद किसान मौके पर पहुंच गए। शोर शराबा सुनकर गुलदार पेड़ से उतरकर खेतों की ओर भाग गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है।

    शुक्रवार को बारिश बंद होने के बाद गांव किशनवास निवासी राजीव कुमार अपने खेतों पर पशुओं के लिए चारा लेने गया था। तभी उनकी नजर खेत में खड़े पेड़ पर बैठे गुलदार पर पड़ गई। गुलदार को पेड़ पर चढ़ा बैठा देख किसान राजीव के होश उड़ गए और उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास खेतों में मौजूद किसान मौके की और दौड़ पड़े। पेड़ पर गुलदार चढ़े होने की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। गुलदार को पेड़ पर बैठा देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। भीड़ का शोर सुनकर गुलदार पेड़ से उतरकर खेतों की तरफ भाग गया।

    वहीं वन क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने बताया कि गांव किशनवास में खेत में खड़े पेड़ पर गुलदार के बैठे होने की सूचना मिली थी। टीम को भेजा गया था, लेकिन गुलदार पहले ही जंगल की ओर भाग गया। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है।

  • सुनिए हिंदी के दो धुरंधर विद्वानों एवं पत्रकारों के विचार

    ‘हिंदी का वर्तमान स्वरूप: कारण और निवारण’ विषय पर 17 सितंबर 2023 को ऑनलाइन परिचर्चा

    प्रिय बंधु,
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ‘हिंदी का वर्तमान स्वरूप: कारण और निवारण’ विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा आयोजित की जा रही है।
    परिचर्चा में हिंदी की सेवा कर रहे श्री अनुराग शर्मा जी अमेरिका और देश के प्रतिष्ठित पत्रकार एवं पूर्व संपादक श्री शंभू नाथ शुक्ला जी प्रतिभाग करेंगे।
    आइए, हम सब हिंदी के दो धुरंधर विद्वानों एवं पत्रकारों के विचार सुनें..
    दिनांक:
    17 सितंबर 2023 रविवार
    समय:
    शाम 8:30 बजे भारत में
    सुबह 8:00 बजे अमेरिका में

    ~सादर
    श्रीमती मंजु मिश्रा
    विनोद शुक्ल

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    परिचर्चा का लाइव प्रसारण “हमारी भाषा हिन्दी” के फेसबुक पेज पर किया जाएगा
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    https://www.facebook.com/groups/118226466768373/?ref=share&mibextid=WiMSqg

  • 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023

    कई सरकारी कामों में सिंगल डॉक्यूमेंट के तौर पर इस्तेमाल होगा बर्थ सर्टिफिकेट

    अब सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट से बन सकेगा आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस

    नई दिल्ली। आगामी 1 तारीख से लोगों के रोजाना कामकाज का एक बड़ा नियम बदलने वाला है। अब कई सरकारी काम के लिए मात्र एक ही डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।

    गृह मंत्रालय ने 13 सितंबर को नोटिस जारी कर बताया कि 1 अक्टूबर 2023 से जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 लागू हो रहा है। इस नियम के अनुसार देश में सभी नागरिकों को बर्थ और डेथ के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेना हो या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो बर्थ सर्टिफिकेट सिंगल डॉक्यूमेंट के तौर पर इस्तेमाल होगा। यही नहीं मतदाता सूची तैयार करने, आधार संख्या, विवाह पंजीकरण और सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए भी इसे एकल दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

    दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 आगामी 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। बताया गया है कि 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चले मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया गया था। राज्यसभा में संशोधित विधेयक बीते 7 अगस्त को ध्वनिमत से पारित किया गया था। वहीं लोकसभा में यह 1 अगस्त को पारित हुआ। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के अस्तित्व में आने के 54 वर्षों बाद पहली बार इसमें संशोधन हुआ है। इस संशोधन के अनुसार गोद लिए गए, अनाथ और सरोगेट बच्चों के लिए पहचान पत्र जारी करना अब आसान हो जाएगा। साथ ही सिंगल माता-पिता या अविवाहित माताओं के बच्चों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया आसान हो जाएगी।