पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
चांदपुर में जगदंबा फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में मजदूर की मौत
बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र स्थित जगदंबा प्लाई फैक्ट्री में बीती रात एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रात में ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने सुबह फैक्ट्री पहुंचकर विरोध जताया। असंतुष्ट परिजन मामले में इंसाफ मांग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार थाना चांदपुर क्षेत्र अंतर्गत हल्दौर मार्ग पर शुगर मिल के पास जगदंबा प्लाई फैक्ट्री है। नितिन पुत्र जयपाल सैनी (22 वर्ष) निवासी ग्राम गल्ला खेड़ी थाना स्योहारा इसी फैक्ट्री में काम करता था। बीती रात युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह सूचना मिलने पर मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रशासन से मौत का कारण पूछा। परिजनों के मुताबिक उसकी मौत सांप का काटना बताया गया। इस पर परिजन संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने फैक्ट्री के गेट के सामने एक चार पहिया वाहन खड़ा कर विरोध जताया। परिजनों का आरोप है कि जब घटना रात में हुई तो उस वक्त क्यों नहीं बुलाया गया और कह रहे हैं कि रात में उंगली में सांप ने काटा है। वह जानना चाहते हैं कि ऐसा कौन सा सांप था कि उंगली में काटते ही 2 घंटे में मौत हो गई? उन्हें मामले में इंसाफ चाहिए। वहीं मामले में फैक्ट्री के मालिक ने बात करने की जगह कहीं मीटिंग में व्यस्त होना बताया। यही नहीं बाद में कॉल करने की बात करते हुए फोन काट दिया। करीब 2 घंटे तक उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए फोन नहीं किया। इस मामले में सीएससी प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि रात में एक युवक को कुछ लोग लाए थे, जो मृत अवस्था में था। पानी में भीगा होने से उसके कोई निशान दिखाई नहीं दिया। पुलिस के लिए इंफॉर्मेशन भेजी थी। सीओ चांदपुर सर्वम सिंह ने बताया कि सुबह लोग आए थे। मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
कहीं पेड़ पर चढ़ा, तो कहीं घर के दरवाजे पर दस्तक दे रहा गुलदार!
बिजनौर। एक गांव में पेड़ पर बैठे गुलदार को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार खेतों में भाग गया। वहीं दूसरे गांव में घर के दरवाजे पर गुलदार पहुंच गया। किसान की टॉर्च की तेज रोशनी से वह वापस भाग खड़ा हुआ। जिले में गुलदार की चहल कदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
नहटौर क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में तालाब के किनारे एक पेड़ पर कुछ ग्रामीणों ने गुलदार बैठा हुआ देखा। पेड़ पर गुलदार बैठे होने की सूचना पर ग्रामीणों में हड़कंप बच गया दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शोर शराबा सुनकर गुलदार पेड़ से कूदकर खेतों की ओर भाग गया। उधर गांव में गुलदार आने की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अकेले जंगल जाने से भी डर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जंगल में गुलदार आने से खतरा बना हुआ है इसलिए किसान एकजुट होकर चारा आदि लेने के लिए जंगल जा रहे हैं।
वहीं हल्दौर क्षेत्र के गांव नवादा तुल्लाका गुलदार देखे जाने से ग्रामीणों में भय में व्याप्त हो गया। रात्रि में ही ग्रामीणों ने वन रेंजर के साथ जंगलों में कांबिंग की लेकिन गुलदार नहीं मिला। ग्रामीणों में गुलदार की वजह से भय बना हुआ है।
किसान शुभम चौधरी का मकान गांव के पास जंगल में है।बुधवार की रात्रि को वह अपने घर पर सो रहा था। वह लघु शंका के लिए उठा तो उसे ऐसा लगा कि खेतों में पशु फसल रौद रहे हैं। उसने अपनी टॉर्च उठाई और दरवाजा खोला तो उसके सामने गुलदार खड़ा हुआ था। उसने टॉर्च गुलदार के मुंह से नहीं हटाई तब कहीं जाकर गुलदार वहां से भाग खड़ा हुआ। तब शुभम चौधरी ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। रात्रि में ही उन्होंने वन रेंजर महेश गौतम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन रेंजर महेश गौतम ने ग्रामीणों के साथ रात भर कॉबिंग की लेकिन गुलदार नहीं मिल पाया। ग्रामीणों में गुलदार का भय बना हुआ है।
बिजनौर। चांदपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक ने 5 वर्षीय बच्ची को रौंद कर मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है। वहीं दूसरी ओर चांदपुर में ही रेलवे ट्रैक पर शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के साथ ही परिजनों को सूचित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।
प्राप्त समाचार के अनुसार चांदपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक ने 5 वर्षीय बच्ची को रौंद दिया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि बच्ची अपने परिजनों के साथ दरगाह के लिए गई थी। रास्ते में ई-रिक्शा से नीचे उतर कर खड़ी थी कि पीछे से आए ट्रक ने बच्ची को कुचल दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक को कब्जे में लेने के साथ ही चालक को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार बच्ची माही नूर पुत्री सद्दाम चांदपुर के मोहल्ला सराय रफी फीना कॉलोनी निवासी थी। वह अपनी मां, दादी व पिता के साथ ई रिक्शा में बैठकर अमरोहा जनपद के फंदेड़ी गांव में एक दरगाह पर जा रही थी। प्यास लगने के कारण रिक्शा रुकवा कर पानी पीने के लिए नीचे उतरी ही थी कि अचानक पीछे से आ रहे ट्रक ने बच्ची को कुचल दिया।
चांदपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव चांदपुर में रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान चाँदपुर कस्बा निवासी संजय के रूप में हुई है। घटना चांदपुर से धनोरा की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक की है। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, हालांकि मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। चांदपुर से धनोरा की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने से शहर में सनसनी फैल गई। देखने के लिए घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय पुलिस ने जांच पड़ताल की और शव की शिनाख्त कराई। पहचान चांदपुर कस्बे के संजय (50 वर्ष) पुत्र जीवन के रूप में हुई। घटनास्थल चांदपुर रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के बाहर था। इसलिए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिलाई में उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भागे दो लोगों को कारण बताओ नोटिस
आकस्मिक छापामार कार्रवाई से जिले भर में मचा हड़कंप
बिजनौर। उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के क्रम में कुल 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 09 उर्वरकों के नमूने लिए गए। बिलाई में उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर दो लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, चांदपुर, नगीना में अधिकारियों का छापा
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं राजवीर सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर व नजीबाबाद एवं गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक, बिजनौर एवं पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर एवं मनोज रावत, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं अमित कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों की टीम ने किया 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 09 उर्वरकों के नमूने लिए गए। साथ ही मै. विवेक ट्रेडर्स, बिलाई एवं मै0 किसान खाद एवं बीज भंडार, बिलाई द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन से उर्वरकों का वितरण होते हुए पाया गया और पीओएस मशीन में अवशेष स्टाक एवं गोदाम में भंडारित स्टॉक में कोई अंतर नहीं मिला। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किए जाने के निर्देश दिए गए तथा किसी भी दशा में यूरिया उर्वरक की बिक्री बल्क में न किये जाने के सख्त निर्देश दिए गए।
खेत पर गया युवक संदिग्ध परिस्थिति में लापता, गुलदार की तलाश में कांबिंग
प्रशांत कुमार
कोतवाली देहात। मोटरसाइकिल द्वारा खेत पर गया एक युवक संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया। युवक की मोटरसाइकिल सड़क के किनारे पड़ी मिली तथा पास के ही गन्ने के खेत में युवक की चप्पल मोबाइल पड़ा मिला। परिजनों ने युवक को गुलदार द्वारा जंगल में खींच ले जाने आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस व वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कई घंटे युवक की तलाश की। ड्रोन कैमरे की भी मदद ली गई लेकिन युवक का कुछ पता नहीं चला। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव बेगमपुर शादी उर्फ रामपुर निवासी रामकुमार का 22 वर्षीय पुत्र ललित लगभग 11:00 बजे मानपुर मंगोलपुर मार्ग पर स्थित अपने खेत पर मोटरसाइकिल द्वारा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत से कुछ दूरी पर उसकी मोटरसाइकिल गिरी पड़ी थी, जबकि चप्पल व मोबाइल ईख के खेत में पड़ा था। बताया गया है कि इस क्षेत्र में गुलदार का काफी विचरण है आशंका व्यक्त की जा रही है कि युवक को नरभक्षी गुलदार जंगल में खींच कर ले गया।
जंगल में काम कर रहे हैं मानपुर के किसानों ने युवक के परिजनों को सूचना दी। इस पर ग्रामीणों का भीड़ एकत्रित हो गई। मौके पर थाना प्रभारी जयवीर सिंह अपनी टीम के साथ एवं वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। युवक की जंगल में कई घंटे तलाश की गई, लेकिन किसी भी प्रकार की कोई सफलता नहीं मिली। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया जा रहा है युवक की शादी लगभग दो माह पूर्व जून में हुई थी।
कम्पोजिट विद्यालय में अध्यापकों और बच्चों ने बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस
लखनऊ (हरदोई/संडीला)। पूरे देश में 77 वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। उसी क्रम में कम्पोजिट स्कूल गोसवा डोंगा संडीला में भी बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधानाध्यापिका कहकशा खां ने बताया कि पूरा देश कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक देश आज अपनी आजादी का जश्न मना रहा है। वीरेंद्र कुमार सिंह सहायक अध्यापक ने इसी कड़ी में कहा कि बच्चों आप और आप सभी के अध्यापक एक साथ मिलकर आज इस खास पर्व को मना रहे हैं। सहायक अध्यापिका दीपक ज्योति ने तिरंगे झण्डे के रंग के महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक बच्चों को बताया । विद्यालय की सीनियर शिक्षिका शकुंतला ने कहा, कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झण्डे को नीचे से रस्सी द्वारा खींचकर ऊपर ले जाया है, फिर खोल कर फहराया जाता है जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है। संविधान में इसे अंग्रेजी में फ्लैग होस्टिंग (ध्वजारोहण) कहा जाता है। बच्चे व उनके अभिभावक की उपस्थिति में बड़े हर्ष के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। बच्चों ने विद्यालय में गुड़हल व रातरानी के पेड़ लगाए। बच्चों ने देश भक्ति के गीत गाये, देश भक्ति के गानों पर नाचे, देश भक्ति के डायलॉग बोले और देश भक्ति के भाषण दिए। कक्षा चार के एक बच्चे ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का रूप बनाकर परिचय दिया और सभी बच्चे एवं उनके अभिभावक गण देकर प्रफुल्लित हुए।बच्चों में काफ़ी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान ग्राम के उत्कृष्ट बच्चों को सम्मानित किया गया। तत्पश्चात प्रधानाध्यापिका कहकशा खां द्वारा ध्वजारोहण कर सभी बच्चों में प्रसाद वितरण किया गया। इस खास अवसर पर कहकशा खां, वीरेंद्र कुमार सिंह, शकुंतला, रश्मि शुक्ला, अंजली वर्मा, सरिता सिंह, कंचन सिंह, राघवेंद्र पांडे, सुखदेवी, दीपा, ज्योति आदि टीचर स्टॉफ, गांव के सम्मानित सदस्यगण, विद्यालय प्रबंध समिति के सम्मानित सदस्य गण, बाल संसद में विजई हुए बच्चों के अभिभावक गण, सभी रसोइया स्टॉफ व बच्चे उपस्थित रहे।
बिजनौर। मंडावर किरतपुर मार्ग पर गांव मोहंडिया के पास बुधवार की शाम सरकारी नलकूप के सामने सड़क पर बैठे गुलदार को देख दोनों ओर लंबी लाइन लग गई। राहगीरों के शोर मचाने पर गुलदार खेतों की ओर भाग गया।
बुधवार की शाम गांव मोहंडिया के सामने मंडावर किरतपुर मार्ग पर सरकारी नलकूप के सामने गुलदार आकर बैठ गया। गुलदार को सड़क पर बैठा देख किसी भी राहगीर की सड़क पार करने की हिम्मत नहीं हुई। इस दौरान सड़क पर दोनों ओर राहगीरों की लंबी लाइन लग गई। राहगीरों के शोर मचाने पर गुलदार खेतों की और भाग गया। गुलदार के चले जाने के बाद ही सड़क की दोनों ओर खड़े राहगीर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
बिजनौर। सी0बी0एस0ई0, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त नहटौर के ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल के प्रबंधतंत्र, अध्यापकों, स्टाफ एवं छात्र -छात्राओं द्वारा धूमधाम से राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि धामपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन तथा विद्यालय की प्रबंध निदेशिका श्रीमती लीना सिंघल द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष इं0 आशीष सिंघल, प्रधानाचार्य इदरीस अहमद तथा विशिष्ट अतिथि नृत्यांगना कु0 शिप्रिया अग्रवाल तथा कॉर्डिनेटर तब्बसुम जै़दी आदि उपस्थित रहे।
डीएफओ को गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के निर्देश
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ग्रामवासियों द्वारा गांव के पास स्थित पुलिया पर निरन्तर रूप से गुलदारों को बैठे अथवा चलते-फिरते देखे जाने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ को तत्काल उनको पकड़ने के लिए टीम को सतर्क करने तथा पिंजरा स्थापित करने के दिए निर्देश
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा विकास खण्ड अफजलगढ़ के गुलदार प्रभावित ग्राम पंचायत शाहपुर जमाल में वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही का आकस्मिक रूप से निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए समुचित रणनीति बनाएं और सर्चिंग टीम सजगता और सतर्कता के साथ गुलदार को पकड़ने की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गुलदार को पकड़ने वाली टीमों की सुरक्षा एवं कार्य की सुगमता के यथासंभव सामग्री अथवा संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि जिले के लोगों को गुलदार के आतंक से सुरक्षित रखा जा सके। ग्रामवासियों की मांग पर उन्होंने डीएफओ को गांव के आसपास गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के भी निर्देश दिए।
आदमखोर गुलदार को पकड़ना नितांत आवश्यक
उन्होंने कहा कि जिले में आदमखोर गुलदार का आतंक बना हुआ है, उसको पकड़ना नितांत आवश्यक है ताकि जनसामान्य में उसके भय का अंत हो सके और लोग खेतों में आसानी के साथ आवागमन कार्य कर सकें। उन्होंने टीम के सदस्यों को निर्देश दिए कि गुलदार की ट्रैकिंग अथवा कांबिंग के लिए टीम के सदस्य किसी भी अवस्था में बिना हेलमेट, गर्दन एवं चेस्ट कवर के बिना क्षेत्र में जाने का साहस न करें क्योंकि गुलदार का वार सिर, गर्दन एवं सीने पर ही अधिकतर होता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुलदार से बचाव के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें और पंपलेट आदि का वितरण कराएं। ग्रामवासियों द्वारा गांव के पास स्थित पुलिया पर अधिकतर रूप से गुलदारों को बैठे अथवा चलते-फिरते देखे जाने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने डीएफओ को तत्काल उनको पकड़ने के लिए पिंजरा स्थपित करने के निर्देश दिए।
…ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए
जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण बंधुओं का आह्वान किया कि जंगल में किसी भी अवस्था में अकेले न जाएं और जरूरत पड़ने पर ही खेतों में लाठी-डंडे लेकर ग्रुप के साथ जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए। उन्होंने ग्राम वासियों को सलाह दी कि जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए कवर का प्रयोग करें ताकि गुलदार के अचानक किए गए हमले से उनकी जान सुरक्षित रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों में सहयोग प्रदान करें और गुलदार से सुरक्षित रहने के लिए भी सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करें। इस अवसर पर डीएफओ अरूण कुमार, उप जिलाधिकारी धामपुर मोहित कुमार ,एसडीओ वन ज्ञान सिंह, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सदस्य सहित वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद थे।
— Varanasi Postal Region (@pmg_varanasi) July 3, 2023
पहल : #सावन माह में देश के किसी भी कोने में घर में बैठे स्पीड पोस्ट से प्राप्त करें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद। मात्र ₹251 का मनीआर्डर भेजें प्रवर डाक अधीक्षक, #वाराणसी पूर्वी मंडल-221001 के पते पर।
आप भी राष्ट्र भक्ति का दीप प्रज्जवलित करें फहरा कर अपने घर पर तिरंगा
मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं, हर घर तिरंगा अभियान को सफल
100 वर्ष के ईश्वरलाल नारणलाल दवे, 18 साल की उम्र में स्वाधीनता संग्राम के आंदोलन में शामिल हुए थे। भारतीय डाक विभाग ने श्री ईश्वरलाल नारणलाल जी को तिरंगा भेंट किया, मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं, हर घर तिरंगा अभियान को सफल।
100 वर्ष के ईश्वरलाल नारणलाल दवे,18 साल की उम्र में स्वाधीनता संग्राम के आंदोलन में शामिल हुए थे। भारतीय डाक विभाग ने श्री ईश्वरलाल नारणलाल जी को तिरंगा भेंट किया, मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं हर घर तिरंगा अभियान को सफल 🇮🇳🇮🇳
चर्चित साहित्यकार और पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के जन्मदिन पर हुआ पौधारोपण, वाराणसी में लगाए गए 46 पौधे
प्रकृति को श्रृंगारित करके मनाया गया पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का जन्मदिन, 46 वें जन्मदिन पर हुआ 46 पौधों का रोपण
जन्मदिन व वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण दिनों पर पौधारोपण कर दी जा सकती है समाज को नई दिशा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। पर्यावरण की रक्षा के लिए जरुरी है कि हम इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के साथ पौधारोपण को जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण दिनों से जोड़ें। भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान बनाया गया है। हमारी साँसें चलती रहें, इसके लिए ऑक्सीजन बेहद जरुरी है। ऐसे में जन्मदिन व विवाह वर्षगांठ जैसे जीवन के महत्वपूर्ण दिनों को विशेष बनाने के लिए पौधारोपण कर समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उक्त उद्गार चर्चित ब्लॉगर, साहित्यकार एवं वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने स्वदेशी समाज सेवा समिति द्वारा अपने 46वें जन्मदिन पर वाराणसी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में व्यक्त किये।
स्वदेशी समाज सेवा समिति, फिरोजाबाद के तत्त्वावधान में वाराणसी में मकबूल आलम रोड स्थित पी. एंड टी. कॉलोनी में आयोजित उक्त कार्यक्रम में रुद्राक्ष, तुलसी, बादाम, नीम, शरीफा, नींबू, आंवला, आम, अमरुद, बेल, गूलर, इमली इत्यादि के फलदार, औषधीय, छायादार वृक्षों, बेल व पुष्प सहित 46 पौधों का रोपण कर धरा को हराभरा एवं पर्यावरण को शुद्ध बनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष प्रो अजब सिंह ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों में जब वन क्षेत्र का निरंतर ह्रास होता जा रहा है तब संपूर्ण समाज को इस तरह के आयोजनों से सीख लेने की आवश्यकता है। संगठन मंत्री श्री कमल किशोर यादव ने कहा कि सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पौधारोपण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा।
स्वदेशी समाज सेवा समिति के संस्थापक सचिव विवेक यादव ‘रुद्राक्ष मैन’ ने कहा कि मानवीय जीवन में आ रहे बदलाव ने एक बार फिर से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति सचेत किया है। इस अवसर पर श्रीमती सरला यादव, कमल किशोर, शुभकांत, सर्वेश, पुनीत, विवेक यादव, श्रीकांत पाल, अखिलेश यादव सहित तमाम पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
घंटों चले तलाशी अभियान के बावजूद हत्थे नहीं चढ़ा गुलदार
गुलदार को दबोचने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा
~भुवन राजपूत
बिजनौर। तहसील चांदपुर क्षेत्र के ग्राम मंसूरपुर में गुलदार देखे जाने की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए जंगल में पहुंच कर वन विभाग की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। आसपास जंगल में काफी तलाश के बावजूद गुलदार को तलाशा न जा सका। गुलदार के न मिलने पर चांदपुर वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने अपनी टीम के साथ ग्राम मंसूरपुर के जंगल में पिंजरा लगा दिया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार गुलदार को पकड़ने के लिये रात्रि तकरीबन 11:30 बजे पिंजरा लगाया गया। वन रेंजर दुष्यंत सिंह के साथ दरोगा राजा, फॉरेस्ट गार्ड बबलू सादिक, गौरव व अवनीश आदि मौजूद रहे। वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि जंगलों में गुलदार को तलाश किया, न मिलने पर पिंजरा लगाकर उसको पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गलत नंबर लिखे होने से मंजिल की तलाश में भटकते हैं मरीज और तीमारदार
कुछ ऐसा है ऋषिकेश एम्स का हाल…!
ऋषिकेश। करोड़ों रुपए की लागत से बने एम्स का हाल बेहाल है। सर्वर ठप होने से परेशान मरीज और उनके तीमारदार जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए कई कई दिन भटकते रहते हैं। वहीं बद इंतजामी का शिकार शौचालयों का प्रयोग करना किसी के लिए भी दूभर हो गया है। प्रत्येक मंजिल पर नंबर गलत लिखे होने से लोग हैरान परेशान रहते हैं। मंजिल दो पर तीन, तीन पर चार आदि गलत लिखा होने से अधिकांश लोग भ्रमित होकर मंजिल की तलाश में भटककर अपना बेशकीमती वक्त बर्बाद करते हैं।
सूरत ए हाल बयां करने को है काफी
ऋषिकेश में करोड़ों रुपए की लागत से बने एम्स का हाल बेहाल हो गया है। यहां आने वाले मरीज और उनके तीमारदार अनेक तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।
बद इंतजामी का शिकार शौचालयों का प्रयोग करना किसी के लिए भी दूभर हो गया है। यहां प्रत्येक मंजिल पर शौचालय हैं, लेकिन अधिकांश टूटे फूटे पड़े हैं। वाश बेसिन तो हैं, बस टोंटियों से पानी नहीं निकलता।
वाश बेसिन तो हैं, बस टोंटियों से पानी नहीं निकलता12:19 pm
अधिकांश ठप रहता है सर्वर
सर्वर ठप होने से परेशान मरीज और उनके तीमारदार जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए कई कई दिन भटकते रहते हैं। बताया गया है कि अपनी जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए लोग परेशान रहते हैं। लापरवाही भी हद पार कर चुकी है। अभी हाल ही में मुरादाबाद की एक महिला के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के साथ ही महीनों से चल रहे इलाज के पर्चे व अन्य कागजात आश्चर्यजनक रूप से गायब हो गए। डिपार्टमेंट ऑफ रेडियो डायोग्नोसिस एंड इमेजिंग में तैनात कर्मचारी महिला को लगातार टहला रहे हैं। महिला इस बात को लेकर परेशान है कि पुराना रिकार्ड आखिर लाए तो लाए कहां से?
01:15 pm
एक्स – रे, अल्ट्रा साउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई की स्थिति ऑन स्क्रीन देखने को लोग तरस जाते हैं। कर्मचारी लगातार सर्वर डाउन होने की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। रिपोर्ट ऑन लाइन हासिल करना भी टेढ़ी खीर है। एम्स की साइट खोलते खोलते लोग थक हार कर बैठ जाते हैं।
04:35 pm
मंजिल की तलाश में भटकते हैं मरीज और तीमारदार
प्रत्येक मंजिल पर नंबर गलत लिखे होने से लोग हैरान परेशान रहते हैं। मंजिल दो पर तीन, तीन पर चार आदि गलत लिखा होने से अधिकांश लोग भ्रमित होकर मंजिल की तलाश में अपना बेशकीमती वक्त बर्बाद करते हैं। यही नहीं लगभग हरेक बिल्डिंग में लगी लिफ्ट भी सही हालत में नहीं हैं। लोगों को सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ता है।
पार्किंग का हल
दुर्दशा का शिकार वाहन पार्किंग स्थल
इसी तरह वाहन पार्किंग स्थल भी दुर्दशा का शिकार है। ड्यूटी पर मौजूद गार्ड की फौज भी यहां लाचार है। लोग बेतरतीब तरीके से अपने वाहन खड़े कर निकल लेते हैं और जरूरत पर अन्य लोगों को अपना वाहन वहां से निकालने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
पार्किंग का हालपार्किंग का हाल
चिकित्सा अधीक्षक के आदेश, निर्देश का भी पालन नहीं
चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अस्पताल के सभी संकाययण / रेजीडेंटस डाक्टर्स / नर्सिंग आफिसर्स व अन्य स्टाफ को दिए गए आदेश, निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा। स्पष्ट कहा गया है कि वे वार्डों व अस्पताल के अन्य स्थानों पर कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करें। अस्पताल के रोगी से सम्बन्धित क्षेत्रों व भीड़भाड़ क्षेत्रों वाली जगहों में मास्क प्रयोग करना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, साबुन / सेनेटाइजर से हाथ की सफाई नियमित रूप से करें तथा ओपीडी क्षेत्रों में मरीज के रिश्तेदारों से दूरी बनाए रखें। इसके बावजूद अधिकांश बिना मास्क पहने देखे जा सकते हैं।
किसी काम की नहीं संवाद डेस्क
मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए संचालित संवाद डेस्क भी किसी काम की नहीं। कई जगहों पर इस पर संपर्क के लिए मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर +91 72170 14336 अंकित है। इसके बावजूद संपर्क करने पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता। यही नहीं अस्पताल का मोबाइल नंबर 084750 00144 या तो व्यस्त मिलेगा या फिर कॉल रिसीव नहीं की जाएगी। इस संबंध में पीआरओ एम्स हरीश थपलियाल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
आनन – फानन में गड्ढा खुदवा कर अधिकारियों ने गोवंश को दबाया
जलीलपुर गोशाला में सात गोवंश की मौत, भाजपाइयों का हंगामा
~भुवन राजपूत
बिजनौर। चांदपर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक जलीलपुर गोशाला में सात गोवंशों की मौत होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे विकास खंड अधिकारियों ने आनन – फानन में गड्ढा खुदवा कर गोवंश के शवों को दबा दिया।
50 बीघा भूमि में चारा होने के बावजूद भूख से दम तोड़ रहे हैं गोवंश
जलीलपुर गोशाला में सात गोवंश की मौत होने से गोशाला की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। तीन दिन तक मृतक गोवंश गोशाला में पड़े रहे, लेकिन किसी ने उन्हें देखना गवारा नहीं समझा। भाजपा नेताओं ने हंगामा किया तो प्रशासनिक अमले की नींद टूटी। बीडीओ जलीलपुर गोशाला की ओर दौड़ पड़े। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने जलीलपुर में 70 बीघा जमीन खाली कराकर उसमें गोशाला का निर्माण कराया। वर्तमान में 100 गोवंश संरक्षित हैं। 50 बीघा भूमि में चारा होने के बावजूद गोवंश भूख से दम तोड़ रहे हैं।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे बीडीओ
हंगामे की सूचना पर पहुंचे खंड विकास अधिकारी ओमवीर सिंह, पशु चिकित्सक डा. मुनेंद्र कुमार व एडीओ पंचायत अनिल कुमार ने आनन फानन में गड्ढे खुदवाकर मृत गोवंश को दबा दिया। हंगामा करने वालों में धर्मेंद्र प्रजापति, दुष्यंत चौहान, जितेंद्र चौधरी, नवनीत प्रजापति, सुभाष चौहान, सौरभ त्यागी व कमल सिंह आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
थाने पहुंच कर पिता बोला- ‘मैंने बेटे को मार दिया है, मुझे गिरफ्तार कर लो’
मैनपुरी में पत्रकार बेटे की गोली मारकर हत्या
लखनऊ। जिला मैनपुरी में पिता ने अपने पत्रकार बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। औंछा थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव में घटी इस घटना से सनसनी फैल गई। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। परिजनों में कोहराम मच गया। इस बीच आरोपी पिता ने थाने पहुंच कर पुलिस से कहा कि मैंने बेटे को मार दिया है। इसके बाद पुलिस उसे लेकर घर पहुंची और साक्ष्य जुटा कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी।
कृषि विभाग से रिटायर होने के बाद विजयपाल यादव कस्बे में ही घर बनाकर बेटे के साथ रह रहे हैं। बेटा राजीव यादव शिक्षामित्र के साथ-साथ अमर उजाला के पत्रकार भी था।सुबह करीब पौने नौ बजे राजीव और उनके पिता में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर पिता विजयपाल गुस्से में आकर अपनी रायफल निकाल लाए और राजीव पर फायरिंग कर दी। गोली राजीव की गर्दन को पार कर गई। घर में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन राजीव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी बीच विजयपाल ने थाने पहुंच कर पुलिस से कहा कि मैंने बेटे को मार दिया है, मुझे गिरफ्तार कर लो। इसके बाद पुलिस उसे लेकर घर पहुंची और साक्ष्य जुटा कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि विजयपाल काफी समय मानसिक रूप से परेशान है। परेशानी में ही उसने यह कदम उठा लिया।
मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के मेन बाजार की घटना
बिजली की लाइन में फाल्ट से दुकान में लगी आग, लाखों का नुकसान
~by Mukesh Kumar
बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के मेन बाजार स्थित एक दुकान में लगी आग से लाखों रुपए कीमत का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण दुकान की मेन लाईन में फाल्ट होने से निकली चिंगारी को बताया जा रहा है।
ग्राम मोहम्मदपुर देवमल निवासी नवीन कुमार ने कस्बे के ही मेन बाजार में 7~8 वर्ष से परचून की दुकान चलाते हैं। बताया गया है कि दोपहर करीब 2 बजे नवीन कुमार अपनी दुकान पर छोटे बच्चे को बैठाकर किसी जरूरी कार्य से कस्बा मंडावर गए थे। इसी बीच दुकान में बिजली के मीटर की लाईन में फाल्ट हो गया और उससे निकली चिंगारी ने भयानक आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।
आसपास के दुकानदारों ने यह देख किसी तरह आग बुझाई और दुकान मालिक नवीन कुमार को सूचना दी। इस पर वापस पहुंचे नवीन कुमार ने बताया कि काफी सामान जल चुका है और डेढ़ से दो लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।
कोर्ट के आदेश पर हीमपुर दीपा पुलिस ने दिया कार्रवाई को अंजाम
अवैध तरीके से जमा की गई संपत्ति को पुलिस ने किया कुर्क
बिजनौर। थाना हीमपुर दीपा अंतर्गत ग्राम राजपुर परसु में लूट व हत्या जैसे जघन्य अपराधों में शामिल गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को कोर्ट के आदेश के बाद गांव में ढोल बजवा कर कुर्क कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार थाना हीमपुर दीपा के ग्राम राजपुर परसु निवासी करन व हरिओम उर्फ छोटू पुत्रगण रामपाल की अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को पुलिस ने कुर्क कर लिया है। इस दौरान ग्रामीणों के सामने ही ढोल बजाकर कार्रवाई के विषय में अवगत कराया गया। साथ ही इस बाबत मकान पर पोस्टर भी चस्पा किया गया। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के दौरान कुर्क किए गए मकान की कीमत करीब 12 लाख 64 हजार 600 रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार उपरोक्त दोनों अभियुक्तों के खिलाफ करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सीओ सर्वम सिंह के नेतृव में हीमपुर दीपा पुलिस ने आरोपियों की लाखों की संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है।
चांदपुर तहसील के गांव में गुलदार दिखाई देने से दहशत का माहौल
कोतवाली देहात के हाजीपुर के निकट गुलदार देखे जाने से ग्रामीण भयभीत
चांदपुर और कोतवाली देहात क्षेत्र में देखा गया गुलदार
चांदपुर से भुवन राजपूत, कोतवाली देहात से प्रशांत कुमार और मंडावर से मुकेश कुमार की रिपोर्ट
बिजनौर। चांदपुर और कोतवाली देहात क्षेत्र में गुलदार देखे जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई है। बताया गया है कि चांदपुर तहसील के गांव शाहपुर भसोड़ी और कोतवाली देहात के हाजीपुर के निकट गुलदार को देखा गया। मामलों की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। इधर मंडावर थाना क्षेत्र के कई गांवों में गुलदार देखे जाने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ने टीम के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया।
गुलदार के पद चिन्ह
शहतूत के पेड़ के नीचे दिखाई दिया गुलदार
चांदपुर तहसील के गांव शाहपुर भसोड़ी में सोमवार की शाम किसान सीटू पुत्र जय लाल सिंह अपने घर पर जब पशुओं को देखने गए तो शहतूत के पेड़ के नीचे उसको गुलदार दिखाई दिया। किसान किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागा। उसने शोर मचा कर ग्रामीणों को सूचना दी। लाठी डंडों से लैस ग्रामीण इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को देख गुलदार वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुलदार को जल्द से जल्द पकड़वाने की गुहार लगाई है।
गुलदार की तलाश में जंगलों में की गई कांबिंग
कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत हाजीपुर के निकट गुलदार देखे जाने से ग्रामीण भयभीत हो गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कांबिंग की लेकिन गुलदार हाथ नहीं आया। सिकंदरपुर, मखवाड़े और तेलीपुरा में आदमखोर द्वारा तीन लोगों के मारे जाने के बाद से वन विभाग की टीम क्षेत्र में गुलदार को तलाश रही है। मंगलवार सुबह गुलदार को हाजीपुर के पास देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को सूचित किया। सिकंदरपुर के ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम द्वारा गुलदार को तलाशा गया लेकिन कुछ पता नहीं लगा। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पिंजरा लगाने की बात कही है। गुलदार आसपास के क्षेत्र में ही घूम रहा है। सोमवार को गुलदार ने मचान के पास बंधी बकरी को निवाला बना लिया था।
गुलदार की तलाश में वन क्षेत्राधिकारी ने टीम के साथ जंगल में चलाया सर्च अभियान
मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम पदमपुर, करीमपुर, नगली शहबाजपुर आदि में गुलदार होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। इस पर वन क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने वन कर्मियों के साथ जंगलों में गुलदार की तलाश में कांबिंग की।
बच्चों को छोड़ने और लेने जाएं अभिभावक
कांबिंग के दौरान स्कूली बच्चों की छुट्टी होने पर क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने अपनी अभिरक्षा में स्कूली बच्चों को उनके गांव तक छोड़ा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि अभी कुछ समय तक वह अपने बच्चों को साथ में छोड़ने और लेने विद्यालय आएं।
धामपुर तहसील क्षेत्र में काफी दिनों से मचा रखा था आतंक
पद चिन्हों के सैंपल से पकड़े गए गुलदार की कराई जाएगी पहचान
आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ एक गुलदार
बिजनौर। धामपुर तहसील क्षेत्र में काफी दिनों से आतंक का पर्याय बना एक गुलदार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है। उसे देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जानकारी के अनुसार रेहड़ थाना के क्षेत्र गांव सादकपुर के पास जंगल में गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाया गया था। सोमवार देर रात किसी समय पिंजरे में एक गुलदार फंस गया। सुबह खेत पर पहुंचे किसानों ने सूचना वन विभाग को दी। वहीं गुलदार के पिंजरे में बंद होने की सूचना क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। थोड़ी ही देर में गुलदार को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
सूचना पर डीएफओ अरुण कुमार सिंह, वन्य जीव विशेषज्ञ डा. आरके सिंह आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पिंजरे में कैद गुलदार की उम्र लगभग दो वर्ष के आसपास है। गुलदार को अमानगढ़ के कहरीपुर स्थित कार्यालय ले जाया जा रहा है। वहां वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा भटपुरा स्थित पहले की घटनाओं के बाद लिए गए गुलदार के पद चिन्हों के सैंपल से पकड़े गए गुलदार की पहचान कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अग्रिम कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही की जाएगी।
गौरतलब है कि उक्त स्थान से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित गांव भटपुरा में गत 30 जुलाई को गुलदार ने 18 वर्षीय युवती जमुना देवी को मार डाला था। इस पर वन विभाग ने दो अगस्त को भटपुरा से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर गांव सादकपुर में किसान सर्वेश चौहान के गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिन से गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा खाली चल रहा था। गांव के कुछ लोगों ने सोमवार रात एक कुत्ते को पिंजरे में बंधवा दिया। मंगलवार सुबह गुलदार उसमें कैद मिला। बताया गया है कि 19 अप्रैल को गुलदार के हमले की पहली घटना अफजलगढ़ में हुई थी, जब गुलदार ने एक बुजुर्ग को मार डाला था। इसके बाद जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर गुलदार के हमलों में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है।
खेत गए मां बेटे के साथ मारपीट, एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
फार्म हाउस पर तोड़फोड़ के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक फार्म हाउस पर तोड़फोड़ करने वाले चार लोगों के खिलाफ बढ़ापुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है।वहीं खेत पर काम करने गए मां बेटे के साथ मारपीट की घटना में भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम वीरभान वाला में जनपद हापुड़ के थाना पिलखुआ निवासी सतीश कुमार पुत्र भोपाल सिंह का कृषि फार्म है। सतीश कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि उक्त फार्म की देखभाल के लिए उन्होंने गुलफाम एवं दिलबाग नाम के दो नौकर रखे हुए हैं। दिनांक 21 जुलाई 2023 को रात्रि करीब 11:00 बजे चार लोग फार्म हाउस पर आए और तोड़फोड़ करने लगे। नौकर के विरोध करने पर उसकी पिटाई व जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पता करने पर पता चला कि उसमें एक व्यक्ति लब्बी पुत्र बाज सिंह निवासी मदपुरी चाहड़वाला व गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मांगा सिंह निवासी वीरभान वाला व दो अज्ञात लोग थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष बढ़ापुर द्वारा सतीश कुमार की तहरीर पर नामजद दो आरोपियों व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 323,427,504 भादवी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बढ़ापुर पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की गई है।
दूसरी तरफ खेत पर काम करने गए मां बेटे के साथ मारपीट के मामले में एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना क्षेत्र के ग्राम जलालपुर निवासी मेवाराम पुत्र मान सिंह द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि बीते शनिवार 5 अगस्त को उसकी पत्नी अनीता अपने पुत्र प्रिंस के साथ खेत पर काम करने के लिये गई थी। जब दोनों माँ बेटे खेत पर काम रहे थे उसी समय गांव का काकू पुत्र बिट्टू भी खेत पर आ गया और प्रिंस के साथ गाली गलौज करने लगा। अनीता द्वारा समझाने और बीच बचाव का प्रयास किया गया। आरोप है कि काकू ने लाठी डंडे सहित ईंट से अनीता पर हमला कर दिया। हमले में अनीता के चहेरे, कन्धे व पैर पर चोट आई और वह बेहोश हो गई। इतने में गांव के लोग मौके पर आ गए और उन्होंने आरोपी से बचाया। उसके भाई हरिओम ने अनीता को सरकारी अस्पताल नगीना में भर्ती कराया। पुत्र से सूचना मिलने पर वह देहरादून से आ कर थाना बढ़ापुर पुलिस से शिकायत करने आया है। घायल महिला के पति की तहरीर पर बढ़ापुर पुलिस ने आरोपी युवक काकू के खिलाफ धारा 323,504,308 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है।
31 अगस्त तक ही एम्स में ड्यूटी कर सकेगा 400 आउटसोर्स नर्सिंग स्टाफ
एम्स ऋषिकेश को मिलने वाला है 289 नर्सिंग स्टाफ
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश को करीब 289 नर्सिंग स्टाफ मिलने वाले हैं। इसके लिए दो माह पहले नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए नोडल एम्स दिल्ली ने भर्ती परीक्षा कराई थी। दूसरी तरफ आउटसोर्सिंग से तैनात बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ को अनुबंधित कंपनी द्वारा सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के बाद कर्मचारी आंदोलित हो गए हैं।
बताया गया है कि एम्स में आउटसोर्सिंग से तैनात बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ को अनुबंधित कंपनी ने सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस के अनुसार कर्मचारी 31 अगस्त के बाद एम्स में सेवाएं नहीं दे पाएंगे। नोटिस मिलते ही आउटसोर्स कर्मचारी आंदोलित हो गए। गुरुवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने एम्स चिकित्सा अधीक्षक और कार्यकारी निदेशक कार्यालय पर धरना दिया। एम्स में प्रिंसिपल सिक्योरिटी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से करीब 400 से अधिक बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ तैनात है।आउटसोर्स कंपनी ने उक्त सभी नर्सिंग कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया। इस पर सभी आउटसोर्स नर्सिंग स्टाफ एम्स चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता न होने पर उक्त सभी कर्मी कार्यकारी निदेशक प्रो. (डा.) मीनू सिंह के कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि वह वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। कोरोनाकाल में खुद की जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जान बचाई। अब आउटसोर्स कंपनी और एम्स प्रशासन ने उन्हें बाहर करने का नोटिस थमा दिया है।
रिपोर्ट लेने को लगी लाइन
प्रिसिंपल आउटसोर्स कंपनी के उत्तराखंड मैनेजर चंदन कुमार मेहरा के अनुसार एम्स प्रशासन के नियमित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होने पर आउटसोर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए नर्सिंग आउटसोर्स कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।
सर्वर डाउन होने का बहाना…
सोमवार को अधिकांश काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी रही। कोई काउंटर 8 बजे खुलना था तो कोई 9 और 10 बजे। लंबी लाइन में समय बीतने का इंतजार करते लोगों को हड़ताल की जगह बहाना बनाकर बताया गया है सर्वर डाउन है। खैर देर से ही सही काउंटर पर कामकाज शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।
सभी एम्स में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए होती है, जिसके लिए एम्स दिल्ली को नोडल बनाया गया है। दो माह पहले हुई भर्ती परीक्षा के जरिए एम्स ऋषिकेश को करीब 289 नर्सिंग स्टाफ मिलने हैं। एम्स में जो भी नर्सिंग स्टाफ आउटसोर्स से तैनात हैं, उनकी तैनाती स्वीकृत पदों के सापेक्ष हुई है। नियमित स्टाफ मिलने पर आउटसोर्स को रखना संभव नहीं है। – हरीश थपलियाल, पीआरओ एम्स
आखिरकार क्यों नहीं रुक रही खाद्य पदार्थों में मिलावट
दूध, घी, मावा, धनिया, मिर्च पाउडर, जिंजर पाउडर, बेसन, बूंदी के लड्डू और आन्टी स्वीटी सुपारी तक शामिल
खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकलने पर 28 मुकदमों में जुर्माना ₹ 16 लाख
बिजनौर। जुलाई माह में खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकलने पर 28 मुकदमों में 16 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अपर जिलाधिकारी कोर्ट से इन वादों के निस्तारण में यह अर्थदंड लगाया गया।
जिले में खाद्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। विभाग की ओर से लिए गए इन खाद्य पदार्थों के नमूने की जांच रिपोर्ट समय-समय पर आती रहती है। इनमें अधोमानक से लेकर मिसब्रांडेड तक के मामलों में अलग-अलग अर्थदंड का निर्धारण किया जाता है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के अनुसार अय्यूब भोगनवाला के अधोमानक मावे के लिए 25 हजार रुपए और अधोमानक बेसन के लिए 30 हजार रुपए, महबूब भोगनवाला के अधोमानक दूध के लिए 25 हजार व बूंदी के लड्डू के लिए 30 हजार, शकील नई बस्ती बिजनौर के अधोमानक दूध के लिए एक लाख रुपए, जुल्फकार निवासी जुलाहान बिजनौर व विक्रम सेल्स बरेली तथा एसकेबी इंडस्ट्रीज इंदौर पर मिसब्रांडेड आन्टी स्वीटी सुपारी के लिए 2 लाख 15 हजार रुपए, रंजा पुत्र यूसुफ निवासी गनौरा कोतवाली देहात पर अधोमानक मावे के लिए 25 हजार रुपए, शबूर आलम शेरकोट पर अधोमानक कचरी व मिर्च पाउडर के लिए 50- 50 हजार रुपए, दीपांकर अग्रवाल निवासी जाटान बिजनौर व पुष्प ब्रांड इंदौर पर जिंजर पाउडर में नियमों के उल्लंघन में एक लाख रुपए जुर्माना किया गया है।
यामीन नगीना पर धनिया पाउडर के लिए 20 हजार रुपए, मोहम्मद बिलाल कोतवाली देहात पर अधोमानक मिक्स दूध के लिए 20 हजार रुपए, मोहम्मद अकील चांदपुर पर अधोमानक मिक्स दूध के लिए 60 हजार रुपए, अधोमानक घी निकलने पर मोहम्मद तबरेज हल्दौर तथा वितरक विष्णु एंड कंपनी हल्दौर व निर्माता वीआरएस फूड्स लिमिटेड बुलंदशहर पर 3 लाख 50 हजार रुपए जुर्माना किया गया है।
आखिरकार क्यों नहीं रुक रही खाद्य पदार्थों में मिलावट
बावजूद विभागीय छापामारी, आम जनमानस के दिलो दिमाग में यह सवाल कौंधता रहता है कि आखिरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रुकने का नाम क्यों नहीं ले रही है। इसका एक कारण ये है कि बहुत सी चीजों की मांग इतनी बढ़ गई है कि उसकी पूर्ति सम्भव नहीं है। जब पूर्ति सम्भव नहीं तो मात्रा बढ़ाने के लिए मिलावट का सहारा लिया जाता है। दूसरी बात ये है कि लोग सस्ते सामान पसंद करते हैं। मिलावट करके दुकानदार सस्ती चीजें दे देते हैं। सरकार को खाद्य पदार्थों की समय-समय पर जांच करवाना चाहिए। यही नहीं लोक स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण सरकार को इस विषय पर गंभीर होकर सोचना चाहिए। भ्रष्ट अफसरों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, जो महज खानापूर्ति करके दोषियों को सरंक्षण देते हैं।
जनशिकायतों के निस्तारण में बिजनौर को मिला प्रदेश में प्रथम स्थान
अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर व नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को प्रशस्ति पत्र
बिजनौर। मुख्यमंत्री उ0प्र0 के बिजनौर में भ्रमण कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने व माह जुलाई में I.G.R.S पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। इसी प्रकार नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को पुलिस अधीक्षक नीरज जौदान ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह, एसपी ग्रामीण राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्छल सिंह आदि मौजूद रहे।
पिछले कई माह से बिजनौर जिले की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। शासन के साथ-साथ एसपी नीरज कुमार जादौन की प्राथमिकताओं में जनसुनवाई शामिल है। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक लगातार जन सुनवाई करने वाले एसपी के सभी थाना प्रभारियों को भी गुणवत्तापूर्वक निस्तारण के निर्देश हैं। इसके चलते जुलाई माह में बिजनौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सम्मानित करने के मौके पर एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह, एसपी ग्रामीण राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्छल सिंह आदि मौजूद रहे।
अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करते एसपी नीरज जादौन
प्रथम स्थान हासिल करने वाले जिले ~ जोन अंतर्गत जिला स्तर पर बदायूं, पीलीभीत, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर व बिजनौर ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली व संभल को संयुक्त रूप से 34वां स्थान मिला।सबसे खराब प्रदर्शन शाहजहांपुर का रहा, उसे 57वां स्थान मिला।
नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को सम्मानित करते पुलिस अधीक्षक नीरज जौदान
गौरतलब है कि जनसुनवाई पोर्टल (आइजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में बरेली जोन ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। बरेली रेंज पहले से 14वें स्थान पर पहुंच गया जबकि मुरादाबाद रेंज ने प्रथम स्थान पर अपनी स्थिति बरकरार रखी है। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) के जुलाई माह की रैंकिंग बुधवार को जारी हुई थी। एडीजी जोन पीसी मीना के अनुसार जुलाई में बरेली जाेन में प्राप्त कुल 140 शिकायतों में से 139 का निस्तारण कर दिया गया। इसी के चलते जोन ने प्रथम स्थान हासिल किया।
बिजनौर। खेत पर जाते समय मोबाइल पर तेज आवाज़ में फिल्मी स्टोरी या कव्वाली सुनने जैसी सलाहों के खास मायने हैं। वन विशेषज्ञों का कहना है कि शोर शराबा सुनकर गुलदार सामने नहीं आता। कुछ इसी तर्ज पर उर्वरकों का छिड़काव करने के लिए एक किसान ने खेत पर ढोल नगाड़े बजवा दिए। सोशल मीडिया पर ये वीडियो क्लिप जमकर वायरल हो रहा है।
बताया गया है कि शनिवार को बुंदकी क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के किसान को अपने खेत में उर्वरकों का छिड़काव करना था। गुलदार के डर से मजदूर जाने को तैयार नहीं हुए तो किसान ने वन विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखकर ढोल नगाड़े बजवाए। उर्वरक के साथ-साथ ढोल बजाने वालों को भी खेत पर ले जाया गया। खेत में घुसने से पहले ही ढोल बजवाए गए, जिससे अगर गुलदार खेत में हो तो भाग जाए। कुल मिलाकर तरकीब काम कर गई और उर्वरकों का छिड़काव निर्विघ्न संपन्न हो गया। इस दौरान कई ग्रामीण लाइसेंसी असलहे और भाले, बरछी भी लिए रहे।
जिले में तैनात वन विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर …
नोएडा, एनसीआर और गाजियाबाद के यात्री कृपया ध्यान दें
हाई स्पीड कार चालकों पर नकेल कसने के लिए एक योजना तैयार
एक्सप्रेस~वे: कार का मीटर पहुंचा 100 के पार, तो सरकार वसूलेगी ₹ 1000
नई दिल्ली। अगर एक्सप्रेस वे और हाईवे पर रोड एक्सीडेंट की रिपोर्ट निकाली जाए तो पता चलेगा कि सबसे ज्यादा सड़क हादसे ओवरस्पीड की वजह से हुए हैं। अब ओवर स्पीड पर लगाम लगाने के लिए बेंगलुरु पुलिस डिपार्टमेंट ने एक नई योजना तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर हाई स्पीड कार चालकों पर नकेल कसने के लिए एक योजना तैयार की गई है। इसके मुताबिक अगर कोई भी गाड़ी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज चलेगी तो सीधे उसके फास्टैग से पैसे कट जाएंगे। बेंगलुरु पुलिस डिपार्टमेंट में इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर एनएचएआई यानी कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेज दी है। इस प्रस्ताव पर बहुत जल्द बैठक होने की बात चल रही है।
सरकार के खाते में सीधे जाएंगे जुर्माने और Fasteg के पैसे
बताया गया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात के एडिशनल डायरेक्टर आलोक कुमार ने एनएचएआई से कहा है कि ऐसे मामलों में सीधा Fasteg से पैसे काटे जाने चाहिए, जिससे सीधा जुर्माने की राशि सरकार के अकाउंट में ट्रांसफर की जाए। अभी राशि सीधा सरकार के अकाउंट में नहीं जाती है। नई योजना आने के बाद जुर्माने और Fasteg के पैसे सीधे सरकार के खाते में जाएंगे। बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर नोएडा, एनसीआर और गाजियाबाद के हजारों लोग सफर करते हैं।
कटेगा ₹1000 का चालान
बेंगलुरु पुलिस के प्रस्ताव पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस प्रस्ताव के पास होने के बाद बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों की संख्या बेहद कम हो जाएगी। बेंगलुरु पुलिस ने मैक्सिमम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी है, लेकिन अगर उसके बावजूद भी तेज रफ्तार में वाहन चलेंगे तो ₹1000 का चालान काटा जाएगा। इससे सड़क हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी।
ग्रामीणों की भीड़ देखकर गन्ने के खेत में भागा गुलदार
अस्थाई गौशाला में घुसकर गुलदार ने किया गाय पर हमला
सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह
मालिक को बचाने के लिये गुलदार से भिड़ कर कुत्ते ने गंवाई जान
बिजनौर। रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव हरकिशनपुर में गुलदार के चंगुल से अपने मालिक को छुड़ाते कुत्ते की जान चली गई। आबादी के नजदीक हुई इस घटना से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव हरकिशनपुर निवासी भूदेव सिंह पुत्र नन्हे सिंह शुक्रवार शाम त्रिखुंटी मंदिर जा रहा था। इस दौरान भूदेव सिंह का जर्मन शेफर्ड प्रजाति का पालतू कुत्ता भी आगे चल रहा था। मंदिर के निकट किसान महीपाल सिंह के खेत से निकलकर आए गुलदार ने भूदेव पर हमला कर दिया। भूदेव के चिल्लाने पर कुत्ता गुलदार पर टूट पड़ा और अपने मालिक को गुलदार के चंगुल से छुड़ा लिया। इस बीच शोर सुनकर लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ को देखकर गुलदार गन्ने के खेत में भाग गया। इधर गुलदार के हमले में गंभीर घायल कुत्ते ने दम तोड़ दिया। घायल भूदेव को भी निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह
ग्राम प्रधान हुकुम सिंह, मदनपाल सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, हेतराम सिंह, बनवारी सिंह आदि ने बताया कि आबादी के पास अक्सर गुलदार देखा जा रहा है। आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचना गवारा नहीं समझते। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को शीघ्र पकड़ने की मांग की। उधर घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुचे उपक्षेत्रीय वनाधिकारी सरोप सिंह रावत व सेक्शन इंचार्ज जगत सिंह राणा ने शीघ्र पिंजरा लगाकर गुलदार पकड़ने का आश्वासन देते हुए सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह दी है।
इस बीच थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम तिसोतरा के समीप रात्रि में बाइक से अपनी रिश्तेदारी में गौसपुर जा रहे युवक पर गुलदार ने हमला कर दिया। नांगल क्षेत्र में कई लोगों पर गुलदार के हमले की घटनाएं पूर्व में भी ही चुकी हैं। वहीं मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बादशाहपुर के समीप पेड़ के नीचे बैठे गुलदार का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।
अस्थाई गौशाला में घुसकर गुलदार ने किया गाय पर हमला
इसके अलावा राजा का ताजपुर क्षेत्र के ग्राम पोटी की अस्थाई गौशाला में गुलदार ने गाय को अपना निशाना बनाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आवाज सुनकर गौशाला में गाय की देखभाल करने वाले नितिन, सुनील, अनिल कुमार ने गुलदार को देखकर कर शोर शराबा मचाया तो गुलदार जंगल की ओर भाग गया। गांव वाले लाठी डंडे लेकर गौशाला पर पहुंचे। पशु चिकित्साक को बुला कर गाय का इलाज शुरू करा दिया गया। क्षेत्र में गुलदार के घूमने से दहशत का माहौल बना हुआ है
क्योंकि क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर, पोटा मुस्सेपुर रोड, सौलान पोटी के जंगल में आधा दर्जन से ज्यादा गुलदार को देखा गया है। गुलदार के देखे जाने से किसानों में डर का मौहाल बना हुआ है। महिला बच्चों ने घरों से बाहर निकलना बिल्कुल बंद कर दिया है। ग्राम प्रधान पुत्र राशीद अहमद ने गुलदार की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
तीन बच्चों समेत करीब 10 घायल, सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी
नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर का मामला
झुग्गी-झोपड़ियों में घुसकर गुलदार का हमला
बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर में शनिवार तड़के तीन बजे गुलदार ने झुग्गी-झोपड़ियों पर हमला बोल दिया। हमले में तीन बच्चों समेत करीब दस लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी का प्राथमिक उपचार कराया गया। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका मुआयना किया।
जिले में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग अलग स्थानों पर गुलदार द्वारा किए जा रहे हमलों से दहशत का माहौल है। शनिवार तड़के तीन बजे गुलदार ने नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर में झुग्गी-झोपड़ियों पर हमला बोल दिया। अचानक गांव में चीख पुकार मचने से ग्रामीण सकते में आ गए।
बताया गया है कि गुलदार के हमले में तीन बच्चों समेत करीब दस लोग घायल हो गए हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। सूचना मिलने पर एसडीएम रम्या आर, सीओ गजेंद्र पाल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में मिले पंजों की जांच की। वन विशेषज्ञों ने घटनास्थल के पास मिले पगमार्क लकड़बग्घा के होने का दावा किया है। वहीं क्षेत्रवासी प्रथम दृष्टया गुलदार का शावक होने की बात कह रहे हैं।
गुलदार के बाद अब लकड़बग्घा हमलावर?
उधर लोगों की चिंता इस बात को लेकर और बढ़ गई है कि जिले में लकड़बग्घा की मौजूदगी पहले ही पता चल चुकी थी। गुलदार के बाद अब लकड़बग्घा के हमलावर होने से नई परेशानी सामने आ गई है।
मोटा फीलगुड करने के बाद छोड़ने का मामला बना चर्चा का विषय
आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति की एंट्री पर है रोक
जंगल में मंगल करते पकड़ा गया प्रेमी युगल
बिजनौर। आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर प्रेमालाप कर रहे एक प्रेमी युगल को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़कर मोटा फीलगुड करने के बाद छोड़ने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
शुक्रवार को देर शाम बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव निवासी एक प्रेमिका अपने प्रेमी के साथ बढ़ापुर वन रेंज कार्यालय के समीप आरक्षित वन क्षेत्र में प्रेमालाप कर रही थी कि उसी समय एक वन विभाग के कर्मचारी की उन पर नजर पड़ गई। बताया जा रहा है कि कर्मचारी द्वारा तत्काल उच्च अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद बढ़ापुर वन रेंज के उक्त अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर प्रेमालाप कर रहे प्रेमी युगल को पकड़ लिया। प्रेमी युगल द्वारा परिवार सहित गांव बिरादरी में बदनामी का हवाला देकर छोड़ने की मिन्नतें की गई, परन्तु प्रेमी युगल की कोई सुनवाई नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रेमी युगल ने अपनी गलती की सजा बतौर जुर्माना देने की पेशकश की, जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी तैयार हो गए और मोटा फीलगुड करने के बाद प्रेमी युगल को छोड़ दिया गया। प्रेमी युगल से मोटी रकम ऐंठने का मामला नगर में चर्चा का विषय बन गया। इस बाबत जब बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कोई घटना उनकी जानकारी में नहीं है। उन पर लगे सारे आरोप निराधार हैं।
गौरतलब है कि बढ़ापुर नगर की सीमा से सटे आरक्षित वन क्षेत्र में प्रेमी युगल द्वारा प्रेमालाप करने का मामला आम हो गया है। सूरज ढलने के साथ ही बढ़ापुर कोटद्वार मार्ग पर प्रेमालाप करते हुए प्रेमी युगल के दो पहिया व चार पहिया वाहनों को खुलेआम देखा जा सकता है। एक ओर जहां वन विभाग आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति के न जाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर यह प्रेमी युगल लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर प्यार की पींगे बढ़ाते नजर आते हैं।
बादशाहपुर में पुलिस के हत्थे चढ़े छह सदस्य, पांच बाइक सीज
खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को आएदिन देते थे अंजाम
~मुकेश कुमार, मंडावर
बिजनौर। मंडावर पुलिस ने आएदिन खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले बाइकर्स गैंग के छह सदस्यों को पकड़ कर चालान कर दिया है। गुरुवार शाम ग्रामीणों द्वारा मंडावर पुलिस को सूचना मिली कि दर्जनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुछ युवक इनामपुर से बादशाहपुर गांव की ओर गए हैं।
पुलिस ने देरी न करते हुए गांव बादशाहपुर में बाइक सवार युवकों को रोक लिया, पुलिस को देख कुछ युवक अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़ खेतों की ओर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से पांच मोटरसाइकिल के साथ दो युवकों को पकड़ लिया। सभी बाइक ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर पुलिस आरोपियों को भी अपने साथ थाने ले गई। बाद में पूछताछ कर अन्य को भी हिरासत में लिया गया। ग्रामीणों के अनुसार युवकों ने अपनी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पर कपड़ा बांध रखा था। बताया गया है कि पिछले काफी दिनों से मंडावर चंदक क्षेत्र में बाइकर्स गैंग ने आतंक मचा रखा है। बाइकर्स गैंग आएदिन खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहता है।
ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर थाने ले जाई गईं पांच बाइक
इस मामले में थानाध्यक्ष मंडावर हरीश कुमार ने बताया कि पांच मोटरसाइकिल के साथ 6 युवकों को पकड़ा गया है। बाईकों को सीज करने के साथ ही शुक्रवार को उक्त युवकों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
आरोपी युवकों के नाम रवि पुत्र ऋषिपाल (22 वर्ष) ग्राम सीमला कलां थाना मंडावर, भोले पुत्र धर्मवीर (20 वर्ष) ग्राम गुर्जरापुर थाना कोतवाली शहर, अमन पुत्र चेतराम (20 वर्ष) ग्राम डुंगराजट थाना हल्दौर, सचिन पुत्र देवेंद्र सिंह (19 वर्ष) ग्राम शहबाजपुर थाना मंडावर, विकीन पुत्र शीशपाल सिंह, (21 वर्ष) निवासी अमाननगर थाना किरतपुर तथा मयंक पुत्र ओमवीर सिंह (19 वर्ष) ग्राम खेड़ा थाना हीमपुर दीपा बताए गए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद नहीं हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच
बोले बीडीओ…धराशायी दीवार व द्वार का निर्माण स्वयं अपनी जेब से करेगा कार्यदायी
निर्माणाधीन गौशाला का गेट व दीवार गिरने के बाद भी कर दिया भुगतान
बिजनौर। किरतपुर के गांव बहादरपुर में निर्माणाधीन नंदी गौशाला का मुख्य द्वार और दीवार गिरने के बावजूद ठेकेदार को साढ़े 6 लाख लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। वहीं बीडीओ का कहना है कि भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है। धराशायी हुई दीवार व द्वार का निर्माण कार्यदायी स्वयं अपनी जेब से करेगा।
गत माह, जुलाई में किरतपुर के गांव बहादरपुर में निर्माणाधीन नंदी गौशाला का मुख्य द्वार और दीवार धराशाई हो गयी थी। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। बताया गया है कि इसके बावजूद बीडीओ कार्यालय से ठेकेदार को 6 लाख 60 हजार 285 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। आरोप है कि गांव बहादरपुर में निर्माणधीन नंदी गौशाला की धराशायी हुई दीवार व मुख्य द्वार अनियमितता और भ्रष्टाचार की दास्तां बयां कर रहे हैं।
प्रतीकात्मक चित्र
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा मंडावर मार्ग स्थित मालन नदी के किनारे गांव बहादरपुर में सौ बीघा से अधिक भूमि पर नंदी गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। गौशाला में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के रहने और चारे की व्यवस्था की गई है। निर्माण कार्य अभी जारी है, गौशाला की दीवार व मुख्य द्वार को बने एक माह का समय बीता था कि वह पहली बरसात भी नहीं झेल पाए। अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की जांच किये बिना बीडीओ कार्यालय से कार्यदायी को 3 अगस्त 2023 को 6 लाख 60 हजार 285 रुपए का भुगतान कर दिया गया है।
भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं: इस संबंध में बीडीओ श्री जायसवाल का कहना है कि धराशायी हुई दीवार व द्वार का निर्माण कार्यदायी स्वयं अपनी जेब से करेगा। उसका भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र में रामगंगा नहर में गिरी स्कूली बस दरअसल जुगाड़ वाहन है। एआरटीओ की जांच में यह बात सामने आई है। कुल मिलाकर विभागीय हीलाहवाली और स्कूल प्रबंधन की धनलिप्सा के चलते इस वाहन में मासूम बच्चे ढोए जा रहे थे।
एआरटीओ गौरीशंकर अपनी टीम के साथ रामगंगा नहर में गिरी स्कूली बस की जांच करने पहुंचे। खुलासा हुआ तो बस जुगाड़ वाहन निकला, जो खुद से तैयार कराया गया था। बस की लम्बाई-चौडाई भी मानकों से हटकर थी। बस का रजिस्ट्रेशन नहीं है। वाहन पर दिल्ली का फर्जी नम्बर प्रयोग किया जा रहा था।
गौरतलब है कि स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सदाफल में एनएस इंटरनेशनल स्कूल की बस रामगंगा नहर में गिर गई थी। बुधवार को छुट्टी के बाद घर जाते समय हुए इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई थी और कई मासूम बच्चे घायल हो गए थे। पुलिस प्रशासन को रोड पर जाम लगाए ग्रामीणों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसी क्रम में शुक्रवार को एआरटीओ गौरीशंकर ने अपनी टीम के साथ थाने पहुंचकर स्कूली बस की जांच की। इस दौरान खुलासा हुआ कि बस का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। एआरटीओ ने बयाया कि दिल्ली का फर्जी नम्बर बस पर प्रयोग किया जा रहा था। स्कूली बस जुगाड़ वाहन है, जो खुद से तैयार कराया गया था। बस की लम्बाई-चौडाई भी मानकों से हटकर थी। जांच टीम में एआरटीओ गौरीशंकर के साथ आरआई सुरेंद्र सिंह मौजूद थे।
डीएम के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हुए अधिकारी
डीएम उमेश मिश्रा ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे कि विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस जांच कराने के साथ स्कूलों में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के विषय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएं। शत प्रतिशत स्कूली बसों के फिटनेस की जांच पूर्ण कराने के सख्त निर्देश देते हुए ये भी कहा था कि किसी भी दशा में अनफिट स्कूली वाहनों का संचालन न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आगामी बैठक में कराए गए कार्यों की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक को जनपद के सभी स्कूलों के मैनेजर व प्रिंसिपल के साथ सड़क सुरक्षा की बैठक कर सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के भी सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज का हादसा स्पष्ट संकेत देता है कि बिजनौर के अधिकारी अपने बॉस जिलाधिकारी के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हो चुके हैं।
अभिभावकों की लापरवाही या मजबूरी!
कुल मिलाकर यह बात साफ हो गई है कि विभागीय हीलाहवाली और स्कूल प्रबंधन की धनलिप्सा के चलते इस वाहन में मासूम बच्चे ढोए जा रहे थे। कुछ लोग इसमें अभिभावकों की गलती और लापरवाही भी मानते हैं तो कई ऐसे भी हैं, जिनका मानना है… स्कूल प्रबंधन से अभिभावक लड़ नहीं सकते। उन्हें अपने बच्चों को स्टाफ द्वारा उत्पीड़ित किए जाने का डर सताता रहता है।
बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं थी या फिर किन्हीं कारणों से मूंदी हुई थीं आंखें?
चलती मिली डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन
पूरी प्लानिंग के साथ किया अल्ट्रासाउंड सेंटर का भंडाफोड़
हरियाणा की टीम ने बिजनौर में किया अस्पताल सील: भ्रूण परीक्षण का खेल उजागर
बिजनौर। जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर धड़ल्ले से भ्रूण परीक्षण का खेल चल रहा है। यह खुलासा हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापामार कार्रवाई में हो गया। शुक्रवार को बिजनौर के स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा की टीम के साथ नहटौर में संचालित एक अस्पताल को सील कर दिया। यहां पर लिंग निर्धारण की जांच के सबूत हरियाणा की टीम ने पहले ही जुटा लिए थे। हैरत की बात यह है कि डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन भी चलती मिली। अब जांच का विषय ये भी है कि बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी या फिर किन्हीं कारणों से आंखें मूंदी हुई थीं?
जानकारी के अनुसार, हरियाणा के अंबाला की एक महिला ने एक अगस्त को नहटौर स्थित सिटी हॉस्पिटल में लिंग निर्धारण की जांच कराई थी। मामले की सूचना हरियाणा के डिप्टी सीएमओ डॉ. बी सोढी ने बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद शुक्रवार को 10 सदस्यीय टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया। एक अगस्त को लिंग निर्धारण की जांच कराने वाली महिला ने कार्रवाई के दौरान बताया कि उसका अल्ट्रासाउंड किस कमरे में किया गया था। यहां डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन भी चलती मिली, जबकि कागजों में यह मशीन आज भी सील बताई जा रही है। सील तोड़कर मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। इसी के साथ पुलिस ने मौके से अस्पताल प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया। बाद में थाना नहटौर में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, अल्ट्रासाउंड मशीन की सील तोड़कर काम करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई।
हरियाणा की टीम ने महिला से पहले कराई थी रेकी
पूरा छापामारी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। नहटौर के सिटी हॉस्पिटल में जिस महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया, वह हरियाणा के अंबाला की रहने वाली है। उसे वहां के स्वास्थ्य विभाग ने रेकी के लिए हायर किया था। इसी प्लानिंग के अनुसार महिला ने अपना अल्ट्रासाउंड कराया और लिंग निर्धारण जांच का भंडाफोड़ हो गया।
छापामार टीम में ये रहे शामिल
हरियाणा की टीम से डिप्टी सीएमओ डॉ. बी सोढी, मेडिकल अफसर, जांच कराने वाली महिला, दो पुलिसकर्मी रहे, जबकि बिजनौर से डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास, दो पुलिसकर्मी, एक स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
नहटौर के सिटी हॉस्पिटल में लिंग निर्धारण जांच की सूचना पर हरियाणा टीम के साथ अस्पताल सील करने की कार्रवाई की गई। थाना नहटौर में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, अल्ट्रासाउंड मशीन की सील तोड़कर काम करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में होंगे 12 सदस्य
अलीपुरजट के पास ट्रेस हुआ गुलदार, ग्रामीणों के शोर से हुआ फरार
चिकित्सक ने साध लिया था निशाना, अंतिम समय में निकल भागा गुलदार
बिजनौर। नगीना-कोतवाली देहात के बीच गांव अलीपुर जट में गुरुवार को टीम ने गुलदार को ट्रेस कर लिया था। पूरा इंतजाम हो गया था और चिकित्सक ने ट्रैंक्यूलाइज गन को भी लोड कर लिया। निशाना भी लगभग साध लिया था। जैसे ही निशाना लगाते, ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार भाग गया। गुरुवार शाम करीब चार बजे विशेषज्ञों की टीम पगचिह्नों का पीछा करते हुए गांव अलीपुरा जट के तिराहे पर पहुंच गई। वहां आहट हुई तो समझने में देर न लगी कि गुलदार छिपा हुआ है। टीम ने सभी तैयारी पूरी कर ली, वहीं इस दौरान ग्रामीणों को भी गुलदार के वहां होने की खबर मिल गई। उधर, गुलदार को बेहोश करने की तैयारी हो रही थी, वहीं ग्रामीण डंडे लेकर उधर की ओर चल दिए। निशाना लगाने से पहले ही गुलदार शोर सुनकर भाग गया। सिकंदरपुर में 200 मीटर तक मिले नरभक्षी के पगचिह्न इस बार वन विभाग की टीम को एक सफलता और मिल गई है। एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि बुधवार को सिकंदरपुर में विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल के आसपास जांच की। वहां एक गुलदार के पगचिह्न मिले हैं। करीब 200 मीटर तक पगचिह्नों का पीछा किया गया। वह एक झील या तालाब जैसी जगह तक पहुंचे। अब जहां गुलदार ने वृद्ध को मारा था, वहां खुले में बकरी बांधी गई है। उसके आने के इंतजार में वहां मचान भी बनाने की तैयारी हो रही है
12 संवेदनशील जगह, 12 टीम, घात लगाकर इंतजार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पहुंचे बिजनौर
कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में तैनात होंगे 12 सदस्य
गुलदार की घेराबंदी के लिए तेज हुआ अभियान, बिजनौर पहुंच रहे हैं पीसीसीएफ
बिजनौर। अब कोतवाली देहात से रेहड़ तक एक साथ गुलदार की घेराबंदी की तैयारी है। करीब 50 किलोमीटर की दूरी में 12 संवेदनशील स्थान चिह्नित कर वहां पर 12 टीम तैनात की जा रही हैं। सभी टीम में वन अफसर, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, राजस्व कर्मी भी तैनात होंगे। टीम हथियार, ट्रैंक्यूलाइज गन, जाल और पिंजरों के साथ गुलदार को पकड़ने का काम करेंगी। लखनऊ से पीसीसीएफ एसके शर्मा भी बिजनौर पहुंच रहे हैं।
कोतवाली देहात से रेहड़ तक गुलदार सात माह में 13 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। विशेषज्ञों ने कोतवाली देहात से रेहड़ तक लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र में 12 ऐसी जगह चिह्नित की हैं, जहां पर गुलदार की चहलकदमी सबसे ज्यादा है। इसके लिए 12 टीम बनाने के साथ ही हर टीम में 12 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें दो पुलिसकर्मी, दो राजस्वकर्मी, एक ट्रैंक्यूलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक, एक रेंजर, एक वाचर तैनात रहेंगे। इसके अलावा टीम के पास दो हथियार, एक ट्रैक्यूलाइज गन, एक ड्रोन कैमरा, जाल भी रहेगा। टीम ने इन संवेदनशील जगहों पर मचान बनानी शुरू कर दी है।
आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग के अधिकारियों ने डेरा डाला
आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए सामग्री, संसाधन उपलब्ध कराएगा प्रशासन
बिजनौर। जिले में आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही का जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा आकस्मिक रूप से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट द्वारा गुलदार को ट्रैक कर उसे पकड़ने के लिए किस भी प्रकार की समुचित रणनिति न बनाए जाने तथा ट्रेंकुलाइजर के लिए अपेक्षित संख्या में डॉक्टर्स न होने तथा अन्य संसाधन का अभाव पाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए समुचित रणनीति बनाएं और सक्रिय टीमों की संख्या में भी वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उनको भरपूर सहयोग करने के लिए तत्पर है, उनको जिस सामग्री अथवा संसाधन की आवश्यकता होगी उसकी सूची उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि उनका यथाशीघ्र प्रबंध किया जा सके।
परफेक्ट स्ट्रेटजी बना कर ड्रोन और फिक्स कैमरों का भी आवश्यक रूप से करें प्रयोग
जिलाधिकारी श्री मिश्रा गुरुवार को ग्राम जलालपुर सुल्तान स्थित शिव मंदिर में कैम्प किए हुए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में आदमखोर गुलदार का आतंक बना हुआ है, उसको पकड़ना नितांत आवश्यक है ताकि जनसामान्य में उसके भय का अंत हो सके और लोग खेतों में आसानी के साथ आवागमन कार्य कर सकें। उन्होंने वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए परफेक्ट स्ट्रेटजी बनाएं और ड्रोन कैमरों का भी आवश्यक रूप से प्रयोग करें, इसके अलावा फिक्स कैमरे भी जगह जगह ट्रैकिंग के लिए लगाए जाएं। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि टीमों की संख्या बढ़ाएं और हर टीम के साथ एक वेटरनरी डॉक्टर को भी शामिल करें ताकि वह ट्रेंकुलाइजर गन में प्रयोग किए जाने वाले ट्रेंकुलाइजर की समुचित मात्रा का निर्धारण कर सके। उन्होंने टीम के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी अवस्था में गुलदार की ट्रैकिंग अथवा कांबिंग के लिए टीम के सदस्य हेलमेट, गर्दन एवं चेस्ट कवर के बिना क्षेत्र में जाने का साहस न करें क्योंकि गुलदार का वार सिर, गर्दन एवं सीने पर ही अधिकतर होता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुलदार से बचाव के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें और पंपलेट आदि का वितरण कराएं।
ग्राम सुरक्षा समितियों को क्रियाशील करने के निर्देश
उन्होंने उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रस्ट द्वारा जो भी टीमें बनाई जाए उसमें पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को निश्चित रूप से शामिल किया जाए और जिस पुलिसकर्मी को भी टीम में रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि उप जिलाधिकारी ग्राम सुरक्षा समितियों को क्रियाशील करें और उन्हें गुलदार से बचाव का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं तथा टीम के सदस्यों के सहयोग के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी उपलब्ध कराएं।
जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए प्रयोग करें कवर
जिलाधिकारी श्री मिश्रा द्वारा इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण बंधुओं का आह्वान किया गया कि जंगल में किसी भी अवस्था में अकेले न जाएं और जरूरत पड़ने पर ही खेतों में लाठी-डंडे लेकर ग्रुप के साथ जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए। उन्होंने ग्राम वासियों को सलाह दी कि जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए कवर का प्रयोग करें ताकि गुलदार के अचानक किए गए हमले से उनकी जान सुरक्षित रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों में सहयोग प्रदान करें और गुलदार से सुरक्षित रहने के लिए भी सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करें। इस अवसर पर डीएफओ मुरादाबाद सूरज कुमार, उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार, सीओओ पुलिस संग्राम सिंह एसडीओ वन ज्ञान सिंह, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सदस्य सहित वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद थे।
इंकम टैक्स विभाग ने कई भ्रष्ट IAS व अन्य अधिकारियों का काला चिट्ठा मज़बूत सबूत समेत चीफ सेक्रेट्री DS मिश्रा को भेजा,CM योगी को CS सौंपेंगेसैकड़ों पन्ने की रिपोर्ट, मामला अत्यंत गंभीर है, नामों का खुलासा जल्द किया जायेगा !!
भ्रष्ट आईएएस-आईपीएस अफसरों का काला चिट्ठा तैयार!
UP में भ्रष्ट आईएएस-आईपीएस अफसरों का काला चिट्ठा तैयार हो गया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जल्द ही गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर एक्शन ले सकते हैं।
लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ सरकार में माफिया, अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बुलडोजर चलाने के बाद अब भ्रष्ट आईएएस, आईपीएस अफसरों की बारी आ गई है। इनका काला चिट्ठा तैयार हो चुका है। इंकम टैक्स विभाग ने कई भ्रष्ट आईएएस और अन्य अधिकारियों का काला चिट्ठा तैयार कर मुख्य सचिव डीएस मिश्रा को रिपोर्ट भेज दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से ज्यादा पन्नों की यह रिपोर्ट CM योगी को सौंपी जानी है। सूत्रों के हवाले से गुरुवार को ये बड़ी खबर सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार तमाम शिकायतों के बाद शासन द्वारा यूपी में तैनात अफसरों की गोपनीय जांच कराई गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद ऐसे अफसरों की सूची तैयार कर उनके बारे में साक्ष्य एकत्रित करने की जिम्मेदारी इंकम टैक्स विभाग को सौंपी गई।
इसके बाद इंकम टैक्स विभाग की कई टीमों ने यूपी में तैनात आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और पीपीएस अफसरों की 100 पन्नों से अधिक की रिपोर्ट तैयार की है। बताया गया है कि इसमें कई बड़े आईएएस अफसरों और आईपीएस अफसरों का भी नाम शामिल है। विभाग द्वारा चीफ सेक्रेटरी DS मिश्रा को पत्र के साथ साक्ष्य सौंपे गए हैं। अब सेक्रेटरी इस पूरे मसले को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। इसके बाद कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
गुलदार को आरक्षित वन्य जीव की श्रेणी से बाहर निकाला जाए ताकि आत्मरक्षा के लिए गुलदार को मारने पर लोगों पर मुकदमे ना लिखे जाएं।
~भाकियू
ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को सौंपा क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम ज्ञापन
चिंता:अगर जिले में पांच सौ मादा गुलदार होंगी तो आने वाले वर्ष में इनकी संख्या हो जायेगी तीन हजार।~भाकियू
भाकियू ने गुलदार को मारने की छूट मांगी
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के अफजलगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष सरदार महल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में गुलदार से निजात दिलाने के मामले में क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम एक ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को सौंपा।
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष सरदार महल सिंह के नेतृत्व में किसान यूनियन के कार्यकर्ता ब्लॉक कासमपुर गढ़ी में एकत्र हुए। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को क्षेत्र में गुलदार से निजात दिलाने के लिए क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष महल सिंह ने कहा कि गुलदार को आरक्षित वन्य जीव की श्रेणी से बाहर निकाला जाए ताकि आत्मरक्षा के लिए गुलदार को मारने पर लोगों पर मुकदमे ना लिखे जाएं। उन्होंने बताया कि अगर जिले में पांच सौ मादा गुलदार होंगी तो आने वाले वर्ष में इनकी संख्या करीब तीन हजार हो जाएगी। इसलिए गुलदार से निजात दिलाने का एकमात्र हल है कि विशेष अध्यादेश के तहत गुलदार को मारने की छूट दी जाए। इस मौके पर किसान यूनियन के कुलविंदर सिंह के अलावा बलवीर सिंह, गजराज सिंह, अनिल त्यागी, मंगल सिंह, सुरेंद्र सिंह, सरदूल सिंह, मुस्तकीम अहमद, रविकांत चतर सिंह, सद्दाम आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चांदपुर तहसील क्षेत्र में गुलदार ने युवक पर किया हमला
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौधेड़ी निवासी युवक पर गुलदार ने हमला कर दिया। युवक किसी तरह जान बचाकर भागा, उसके पैर में गुलदार के पंजे के जख्म हो गए। मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए वन क्षेत्राधिकारी दुष्यंत सिंह को ज्ञापन दिया।
जानकारी के अनुसार चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौधेड़ी निवासी मुरसलीन पुत्र मुस्तकीम और फिरोज पुत्र खुर्शीद किसी काम से चांदपुर जा रहे थे। रास्ते में गुलदार ने हमला कर दिया। दोनों बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए। हमले में मुदस्सिर के पैर में गुलदार के पंजे के जख्म हो गए। घटना की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ब्लॉक जलीलपुर संगठन के लोग गांव में पहुंचे। जिला सचिव मोहम्मद याकूब ने वन क्षेत्राधिकारी चांदपुर दुष्यंत सिंह को गुलदार के हमले के मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही रेंजर चांदपुर मौके पर पहुंचे और ग्राम वासियों को गुलदार से बचने के टिप्स दिए। इस संबंध में जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने वन रेंजर, क्षेत्राधिकारी चांदपुर से वार्ता की। रेंजर ने ग्राम वासियों को शाम तक पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संगठन मंत्री मनोज शर्मा, न्याय पंचायत अधिकारी मोनिस खान, ग्राम अध्यक्ष चौधरी सतपाल सिंह, मीडिया प्रभारी मोहम्मद हनीफ, ग्राम अध्यक्ष अली वारिस, ग्राम अध्यक्ष जैनुद्दीन आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्लॉक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर समेकित शिक्षा के अंतर्गत हुआ आयोजन
मेडिकल एसेसमेंट कैंप में शामिल हुए 66 दिव्यांग बच्चे
लखनऊ। ब्लॉक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर गुरुवार को समेकित शिक्षा के अंतर्गत मेडिकल एसेसमेंट कैंप का आयोजन खण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। कैंप में विकासखंड मलिहाबाद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के 66 दिव्यांग बच्चों ने प्रतिभाग किया।
मेडिकल बोर्ड में डाक्टर आरसी गुप्ता आर्थो, डाक्टर रंजना आई सर्जन, डॉक्टर राकेश कुमार ईएनटी, डॉक्टर लवकुश सिकेट्रिस्ट, गरिमा सिंह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं आदित्य सिंह यादव ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा 50 दिव्यांगत प्रमाणपत्र जारी किए गए।
समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक मीनू तिवारी, फिजियोथैरेपिस्ट अमरेश सिंह, स्पेशल एजुकेटर अरविन्द दत्त शर्मा बीआरसी मलिहाबाद, संजीव मिश्र, अरुण मिश्र काकोरी, संतोष सिंह, मनीष कुमार और योगेंद्र सिंह नगर क्षेत्र द्वारा मेडिकल कैम्प को सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया गया। कैम्प को सुचारू रूप से संचालित करने का कार्य एआरपी सत्यप्रकाश पांडे, स्वतंत्र कुमार और यादवेंद्र पांडे द्वारा किया गाय।
अदालत के माध्यम से हुई रिहाई के बाद पांचों पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों में हर्ष का माहौल
2 रुपए की वसूली करते हुए पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी 37 साल बाद…
पटना। पुलिस अधीक्षक द्वारा बेगूसराय जनपद की लाखो पोस्ट पर आती-जाती गाड़ियों से चेकिंग के दौरान दो रुपए की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी साक्ष्य के अभाव में 37 साल बाद अदालत द्वारा बरी कर दिए गए हैं। अदालत के माध्यम से हुई रिहाई के बाद पांचों पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों में हर्ष का माहौल दिखाई दिया। दरअसल वर्ष 1986 की 10 जून को बिहार के बेगूसराय जनपद की लाखो पोस्ट पर तैनात किए गए पांच पुलिसकर्मी जब आते जाते वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तो किसी व्यक्ति ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को वाहनों से अवैध वसूली किए जाने की सूचना दे दी थी।
जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने पुलिस के जवानों को दो रुपए की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। भ्रष्टाचार के मामले में रंगे हाथ पकड़े गए सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुफस्सिल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। भागलपुर की निचली अदालत में कई बार इस मामले की सुनवाई की गई। आखिरकार 37 साल बाद राम रतन शर्मा, कैलाश शर्मा, गयानी शंकर, योगेश्वर महतो तथा रामबालक राय को अदालत द्वारा साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। हालांकि मौजूदा समय में पांचों पुलिसकर्मी जमानत पर बाहर आए हुए हैं। यह मामला भागलपुर कोर्ट में चल रहा था।
2 रुपए की वसूली करते हुए पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी 37 साल बाद..
बोले किसान; जंगल में जाकर मरने से अच्छा है कि कलक्ट्रेट में धरना देकर बैठ जाएं, जान तो बची रहेगी
गुलदार मुक्त बिजनौर के लिए भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
बिजनौर। गुलदार मुक्त बिजनौर के लिए भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने गुरुवार से कलक्ट्रेट अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संगठन के कार्यकर्ता सुबह से ही कलक्ट्रेट में पहुंचना शुरू हो गए और जिला प्रशासन पर गुलदार प्रकरण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि जंगल में जाकर मरने से अच्छा है कि कलक्ट्रेट में धरना देकर बैठ जाए, यहां कम से कम जान तो बची रहेगी। धरने में मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर, जिला अध्यक्ष सत्यवीर सिंह सोनू, दिनेश कुमार, नरदेव सिंह, नागेंद्र सिंह, संदीप त्यागी, अतुल कुमार, ठाकुर राम अवतार सिंह, महेंद्र सिंह, जय सिंह, अजीत, विवेक वालियान आदि मौजूद रहे।
नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के आश्वासन पर जाम खुलवा सके अफसर
अब तक 13 व्यक्तियों को निवाला बना चुका गुलदार
गुलदार ने किसान को उतारा मौत के घाट, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम
~(प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात)।
बिजनौर। गुलदार को लेकर जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है। बुधवार को एक बार फिर गुलदार ने एक किसान को अपना निवाला बना लिया। अपने पशुओं का चारा लेने जंगल गए कोतवाली देहात के ग्राम सिकंदरपुर निवासी किसान को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
कोतवाली देहात के ग्राम सिकंदरपुर निवासी ब्रह्मपाल सिंह (60 वर्ष) बुधवार को अपने पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे। उनके साथ 4 मजदूर भी थे। घर वापसी के समय मजदूर आगे निकल गए लेकिन धर्मपाल सिंह थोड़ा पीछे रहे गए। घर पहुंच कर मजदूरों ने कुछ देर बाद देखा कि चौधरी साहब नहीं आए। इस पर परिवार वाले धर्मपाल सिंह को देखने गए तो खेत में एक साइड उनका गुलदार का खाया हुआ शव पड़ा मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुलदार ने किसान का चेहरा, गला व सीने का काफी हिस्सा खा लिया था। शव देखने वालों का कलेजा मुंह को आ गया।
घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगीना, एसडीएम नजीबाबाद, तहसीलदार नजीबाबाद, किसान नेता नितिन चौधरी, वन विभाग की टीम एवं थानाध्यक्ष कोतवाली देहात जयवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ सिकंदरपुर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने ग्रामीणों को समझाबुझा कर नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
वहीं गुलदार को लेकर जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले भर में आदमखोर गुलदार अब तक 13 व्यक्तियों को निवाला बना चुके हैं। इसके अलावा गुलदार निरीह पशुओं का भी शिकार कर रहे हैं। हमलों में घायल होने वाले लोगों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
गंभीर रूप से घायल कई बच्चे निजी अस्पतालों में भर्ती
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने किया थाने का घेराव
30 बच्चों समेत स्कूल बस नहर में गिरी, एक की मौत
~By आकाश तोमर
बिजनौर। स्योहारा के अलियापुर में एक स्कूल बस नहर में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। बस में 30 बच्चे सवार थे। 10 गंभीर रूप से घायल बच्चों को उपचार के लिए अलग अलग अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। हादसा पोषक नहर के अलियापुर गांव का है।
जानकारी के अनुसार एनएस इंटरनेशनल स्कूल सदाफल की बस के साथ जिस वक्त हादसा हुआ उस दौरान उसमें लगभग 30 बच्चे सवार थे। रोजाना की तरह बस ड्राइवर स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था। जब बस पोषक नहर के पास अलियापुर गांव के लिए मुड़ी तो गड्ढे से बचाते समय खटारा बस कई फिट नीचे नहर में जा गिरी। घटना के बाद बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीर व ग्रामीणों ने मामले की जानकारी अन्य ग्रामीणों व पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही अलियापुर गांव के ग्रामीण सहित आसपास के गांव के ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़ पड़े।
सूचना पाकर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य करते हुए सभी घायल बच्चों को बाहर निकलवाया। घटना में लगभग 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि घटना में गंभीर रूप से घायल हुए गांव अलियापुर निवासी 9 वर्षीय छात्र लक्की पुत्र महेश उर्फ कलवा की उपचार को ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। छात्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया वहीं अन्य गंभीर रूप से घायल बच्चों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय बस का ड्राइवर नशे में था और उसी की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है। हादसे में घायल हुए बच्चों के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंप कर मामले की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की। एनएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक से जब घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन उठाना भी गवारा नहीं समझा। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी का कहना है कि परिजनों द्वारा तहरीर मिलने पर मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसकेे खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
बच्चों की जान खतरे में डाल रहे स्कूल वाहन
विद्यालयों के बाहर स्कूल वाहनों की कतार आम है। यह कितने फिट हैं इसका कोई लेखा जोखा नहीं है। आधे से ज्यादा स्कूल वाहन जुगाड़ पर निर्भर हैं। किसी को घरेलू सिलेंडर से चलाया जा रहा तो किसी में बच्चों को ठूंसकर बैठाया जाता है। किसी भी स्कूल वैन में बच्चे सुरक्षा बेल्ट लगाए नहीं मिलते हैं। इनकी तरफ न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान दे रहा और न परिवहन विभाग। किसी भी स्कूल के बाहर कोई विभागीय अफसर वाहनों की जांच के लिए आता नहीं दिख रहा। सुरक्षित यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए भी जिम्मेदार मौजूद नहीं हैं।
डीएम एसपी समेत मौके पर पहुंचे कई अधिकारी
हादसे की सूचना मिलने पर डीएम उमेश मिश्रा, एसपी नीरज कुमार जादौन, एसडीएम धामपुर मोहित कुमार, एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छल, सीओ धामपुर शुभसुचित सिंह, सीओ अफजलगढ सरवम सिंह समेत कई अधिकारी व चांदपुर, धामपुर, नूरपुर थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
परिजनों ने किया थाने का घेराव
अलियापुर में हुए स्कूल बस हादसे के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। हादसे से गुस्साए बच्चों के परिजनों व सैकड़ों लोगों ने लकी के शव को थाने पर रखकर घंटों जमकर हंगामा किया। थाने पर हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस से हादसे में दोषी सभी आरोपियों को मौके पर बुलाने की मांग की। थाने पर लोगों का आक्रोश देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
डीएम के आदेश भी ठेंगे पर!
डीएम उमेश मिश्रा ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे कि विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस जांच कराने के साथ स्कूलों में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के विषय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएं। शत प्रतिशत स्कूली बसों के फिटनेस की जांच पूर्ण कराने के सख्त निर्देश देते हुए ये भी कहा था कि किसी भी दशा में अनफिट स्कूली वाहनों का संचालन न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आगामी बैठक में कराए गए कार्यों की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक को जनपद के सभी स्कूलों के मैनेजर व प्रिंसिपल के साथ सड़क सुरक्षा की बैठक कर सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के भी सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज का हादसा स्पष्ट संकेत देता है कि बिजनौर के अधिकारी अपने बॉस जिलाधिकारी के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हो चुके हैं।
सरकारी नंबर भी बंद रखते हैं आरटीओ!
सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों को विशेष मोबाइल नंबर अलॉट कर निर्देश दिए हुए हैं कि ये हमेशा ऑपरेट होने चाहिए। इसके बावजूद आरटीओ/एआरटीओ का सरकारी नंबर ही नहीं प्राइवेट नंबर भी स्विच ऑफ था। मतलब साफ है कि शासन प्रशासन और यहां तक कि जनता के प्रति संबंधित अधिकारियों का कोई लेना नहीं है।
जिले के एक स्कूल में वाहन में भरी जा रही घरेलू गैस
गुलदार पकड़वाने को ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
चांदपुर से भुवन राजपूत और कोतवाली देहात से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट
बिजनौर। गुलदार की दहशत से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। किसानों को लाठी-डंडों, भाले से लैस होकर जंगल जाना पड़ रहा है। चांदपुर नगर के समीप ग्राम स्याऊ स्थित झारखंडी शिव मंदिर के समीप गुलदार ने युवक को खदेड़ दिया तो कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में गुलदार ने एक निराश्रित गोवंश को निवाला बना लिया। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि एक किसान के लिए 4 किसान मिलकर चारा काटते हैं, जबकि लाठी डंडों से लैस 4 किसान पहरा देते हैं। चांदपुर में तो ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान स्याऊ अमित कुमार के साथ एसडीएम को ज्ञापन देकर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
चांदपुर नगर के समीप ग्राम स्याऊ स्थित झारखंडी शिव मंदिर पर स्थानीय शिवभक्त ठाकुर हर्षित कुमार आर्य श्रावण मास का सोमवार होने के कारण प्रसाद चढ़ाने के लिए गए हुए थे। वहां से वापस लौटते समय गुलदार ने 500 मीटर तक ठाकुर हर्षित का पीछा किया। युवक के शोर मचाने पर अन्य शिव भक्तों ने गुलदार को भगाया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान स्याऊ अमित कुमार के साथ एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया गया कि पहले ग्राम पंचायत स्याऊ के जंगलों में गुलजार देखे जाने की घटना सुनने को मिलती थी, जो अब आएदिन की बात हो गई है। उन्होंने गुलदार को पकड़वाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान अमित कुमार, मीनू राजपूत महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष, संदीप कुमार, मुकुल राजपूत, पिंटू, सोनू, कपिल, नागेंद्र सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
इस बीच कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में गुलदार ने एक निराश्रित गोवंश को निवाला बना लिया। क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में घूम रहे एक निराश्रित गोवंश पर गुलदार ने सोमवार की रात्रि हमला करके अपना निवाला बना लिया। गोवंश मृत अवस्था में गांव के ही दयाराम सिंह के खेत पर पड़ा मिला। उसके गर्दन पर गहरे निशान थे तथा गोवंश के शरीर का काफी हिस्सा गुलदार द्वारा खा लिया गया था। उधर ग्राम शादीपुर निवासी हरवीर सिंह अपने खेत पर गुलदार देख कर गांव की ओर दौड़ पड़े। शोर मचाने पर गुलदार भाग गया, जबकि हरवीर चौधरी दहशत से बेहोश हो गए।
4 किसान मिलकर काटते हैं एक का चारा, लाठी डंडों से लैस होकर 4 किसान देते हैं पहरा
क्षेत्र में लगातार गुलदार दिखाई दिए जाने से किसान भयभीत हैं। ग्रामीण बेहद चौकन्ने हो गए हैं। वन विभाग द्वारा कहा गया है कि गुलदार के साथ रहना सीखना होगा। क्षेत्र के ग्राम मखवाड़ा में महिला गुड्डी देवी तथा ग्राम तेलीपुरा में युवक संदीप को गुलदार द्वारा मारे जाने के बाद से किसान समूह बनाकर जंगल में जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष ग्राम तेलीपुरा निवासी चौधरी बलजीत सिंह ने बताया कि किसानों ने गुलदार का सामना करने के लिए रणनीति बनाई है। किसान लाठी-डंडों तथा भाले से लैस होकर जंगल जा रहे हैं। इस दौरान किसान साथ में मिलकर काम कर रहे हैं। यदि एक किसान को चारा काटना है तब उक्त किसान का चारा 4 किसान मिलकर कटवाते हैं और 4 किसान लाठी डंडे के साथ पहरा देते हैं। किसान सुनील कुमार ने बताया कि वह अपना लाइसेंसी हथियार हर समय साथ लेकर जंगल जाते हैं। वह खेतों में काम करने के दौरान सतर्क रहते हैं और अपना लाइसेंसी हथियार हमेशा साथ रखते हैं। किसान राम भजन सिंह, अमित कुमार, अवनीश कुमार, यशपाल सिंह, नितिन कुमार, कामेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि गुलदार आसपास ही घूम रहा है। 5 किलोमीटर के दायरे में गुलदार कई स्थानों पर देखा जा चुका है। रविवार को गांव के बाहर पड़े रेत के ढेर पर गुलदार के पंजों के निशान देखे गए। किसान बेहद चौंकाने होकर जंगल को जा रहे हैं।
चार अलग-अलग स्थानों पर हमले
रविवार को गुलदार ने क्षेत्र में चार अलग-अलग स्थानों पर हमले किए। ग्राम बेगमपुर शादी और ग्राम सराय डूडूम्बर में कुत्ता, ग्राम दयालपुर में एक बकरी पर हमला कर उन्हें मार दिया। वहीं क्षेत्र के ग्राम लल्लावाला में चारा लेकर आ रही दो महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
लोहार से बनवा रहे हैं नुकीले भाले
किसान नगीना तथा अकबराबाद में लोहारों से लोहे के नुकीले भाले बनवा रहे हैं। इसके लिए ठोस लोहा लेकर जाते हैं। लोहार अस्सी से 120 रुपए लेकर लोहे को नुकीला कर लाठी के आगे लगा देते हैं, जिससे भाला तैयार हो जाता है।
पिजड़े की ओर नहीं आया गुलदार
ग्राम तेलीपुरा में लगे पिंजरे की ओर गुलदार नहीं आया है।वन विभाग द्वारा पिंजरे के साथ-साथ ट्रेम्प कैमरे भी लगाए गए हैं लेकिन गुलदार पिंजरे की ओर नहीं आया।
हरीश कुमार ने संभाला थाना मंडावर प्रभारी निरीक्षक का कार्यभार
थाने पर हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से होगी सुनवाई: हरीश कुमार
मंडावर (मुकेश कुमार)। बिजनौर पुलिस कप्तान नीरज जादौन के आदेश अनुसार मंडावर थाने में हल्दौर से स्थानांतरित होकर आए हरीश कुमार ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसी साथ अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। थाने आने वाले हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से सुनवाई की जाएगी।
परिचय ~
जिला बागपत के मूल निवासी हरीश कुमार 29 सितंबर 1997 को सहारनपुर में सिपाही के पद पर भर्ती हुए तथा वर्ष 2011 में हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति प्राप्त की। 26 मई 2013 को दरोगा के पद पर पदोन्नति हुई तथा 3 जुलाई 2023 को उनकी पदोन्नति इंस्पेक्टर के पद पर हुई है।
मंगलवार सुबह उन्होंने मंडावर थाना प्रभारी निरीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण किया। नवनियुक्त इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि उनकी प्राथमिकता कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की रहेगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से सुनवाई की जाएगी।
अब कलक्ट्रेट बिजनौर में डिप्टी कलेक्टर होंगे मनोज कुमार सिंह
विजय वर्धन तोमर बने एसडीएम सदर, मोहित कुमार को भेजा धामपुर
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद में तैनात चार उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। एसडीएम सदर मोहित कुमार को धामपुर तहसील क्षेत्र का उप जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नजीबाबाद के एसडीएम विजय वर्धन तोमर को एसडीएम सदर बनाया गया है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्य एवं जनहित दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 23 (2) के अंतर्गत जिले के चार डिप्टी कलक्टर/उप जिला मजिस्ट्रेट के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। उपजिलाधिकारी बिजनौर मोहित कुमार को इसी पद पर धामपुर भेजा गया है। वहीं उपजिलाधिकारी नजीबाबाद विजय वर्धन तोमर को उपजिलाधिकारी बिजनौर पद की कमान सौंपी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुश्री रम्या आर. को उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के पद पर भेजा गया है। वहीं उपजिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह को कलक्ट्रेट बिजनौर में डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। उक्त आदेश जारी कर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों से अपनी नवीन तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन से अवगत कराने के आदेश दिए हैं।
Tide जैसे रंगरूप की पैकिंग में खुलेआम बेचा जा रहा है Tied
बिजनौर। दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड Tide 100 रुपए में 4 किलो बिक रहा है। शहर में गाड़ी से घूम कर इसकी बिक्री की जा रही है। सस्ते के चक्कर में लोग इसे खरीद भी रहे हैं।
दरअसल ये असली Tide नहीं, बल्कि असली जैसी पैकिंग में नकली माल है। असली जैसे रंगरूप वाली पैकिंग पर Tide की जगह Tied लिखा हुआ है। हालांकि खरीदकर, घर ले जा कर चैक करने वाले लोग अपना सिर पीट ले रहे हैं। कुछेक ने वापस कर अपने रुपए भी वसूल लिए। एक ग्राहक ने बताया कि पाउडर को पानी के साथ काफी देर तक रगड़ने के बाद भी झाग नाम की कोई चीज बनी ही नहीं।
गाड़ी में Tied बेचता युवक
दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड है Tide
गौरतलब है कि Tide लॉन्ड्री डिटर्जेंट का एक अमेरिकी ब्रांड है, जो प्रॉक्टर एंड गैंबल द्वारा निर्मित और विपणन किया जाता है। यह 1946 में पेश किया गया और वैश्विक बाजार में अनुमानित 14.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड है। यह विभिन्न क्वालिटी और वैरायटी में सौ रुपए से लेकर दो सौ रुपए किलो तक में बिकता है।
ग्रामीणों की सुरक्षा को पिंजरा लगाने की तैयारी में वन विभाग
गुलदार देखे जाने से गांव बादशाहपुर में खौफ का माहौल
बिजनौर (मुकेश कुमार)। मंडावर क्षेत्र में गुलदार की आमद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर रोज़ कहीं न कहीं गुलदार देखे जाने की खबर सुनने को मिल रही है। मंडावर से गांव बादशाहपुर जाने वाली रोड पर आरिफ खां के खेत पर गुलदार देखा गया है। उसे देखकर उनके ट्रैक्टर ड्राइवर चंद्रू ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के काफी लोग मौके पर पहुंच गए। वहीं शोर शराबा सुनकर गुलदार खेतों की ओर भाग गया। सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे रेंजर महेश गौतम व वन दरोगा रूचित ने मामले की जानकारी ली। लोगों ने रेंजर को बताया कि काफी समय से गुलदार कस्बे के आसपास देखा जा रहा है। वन दरोगा ने जल्दी ही पिंजरा लगवाने की बात कही है।
तीन दिन पूर्व मंडावर के किशनबास, नई बस्ती के निकट गुलदार ने चरवाहे की एक बकरी को अपना शिकार बनाया था। उससे थोड़ा आगे खानपुर दुल्ली में पठानों वाले बाग में रखवाले पर गुलदार ने हमला करने की कोशिश की। गनीमत ये रही कि पास में एक ट्रैक्टर पर कुछ किसान आ गए, जिसको देखकर गुलदार भाग गया अन्यथा अनहोनी हो जाती। बताया गया है कि खानपुर दुल्ली में अक्सर गुरुद्वारे के पास, नई बस्ती के निकट, सलीम के फार्म के निकट, पठानों वाले बाग में गुलदार देखे जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई गुलदार हैं और अब आक्रामक होने लगे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि छोटी मोटी घटनाएं तो रोज होती हैं लेकिन अब किसानों ने डर के कारण खेत पर जाना भी कम कर दिया है।
ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत ग्राम मोमिनपुर दर्गो का मामला
गांव की राजनीति में नहीं बन पा रहा पक्का मकान
बिजनौर। ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत मोमिनपुर दर्गो के एक परिवार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। इनकी दु:ख भरी दास्तान सुन कर किसी का भी दिल पसीज जाए। …लेकिन मोटी तनख्वाह लेने वाले सरकारी नुमाइंदों के कान पर जूं तक नहीं रेंग सकी। बीमार पति और दो छोटे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए महिला पर गंदी नजर रखने वाले गांव के ही कुछ लोग शोषण करने को किसी भी हद तक जाने को उतारू हैं।
ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत मोमिनपुर दर्गो में रहने वाली चमार रविदास बिरादरी की पायल को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। प्रदेश सरकार के पक्का मकान देने की घोषणा यहां दम तोड़ती दिखाई देती है। बताया गया है कि पंचायत के ग्राम पेदी में भी 5 मकान बने हैं, लेकिन इस परिवार का नंबर नहीं आ रहा। महिला का आरोप है कि मकान की लिस्ट में परिवार का नाम शामिल नहीं किया। गांव के ही कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं और उसका मकान नहीं बनने दे रहे। पहले वह ससुराल में थी, लेकिन वहां से मारपीट कर निकाल दिया गया इस कारण वह यहां आकर रहने लगे। लगभग 10 साल से परिवार यहां रह रहा है। हादसे में घायल पति कामधाम करने से लाचार है। पति की सेवा और बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए मजबूरन उसे मेहनत मजदूरी करनी पड़ती है। पायल ने बताया कि बरसात में घर की छत से पानी टपकता है। इससे सामान खराब हो रहा है। महिला ने शासन प्रशासन से उसकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।
प्रयास करेंगे: पंचायत सेक्रेट्री मोहित
पंचायत के सेक्रेट्री मोहित ने बताया कि महिला पायल ने उनसे संपर्क किया था। विभागीय साइट कई साल से खुली तक नहीं है। योजना के खुलते ही उसे आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने किसी के भी बहकावे में आकर कोई भी कार्य न करने की बात कही।
इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने में नगर निगम के 11 हजार सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर में रहने वाले 30 लाख लोगों का भी योगदान है।
इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने का सबसे कारगर मंत्र तीन आर-रिड्यूस, रीयूज एवं रिसाइकिल है। कूड़ा उठाने वाले वाहनों से प्रख्यात गायक शान की आवाज में एक गीत रोज बजता है-‘इंदौर हुआ है नंबर एक-इंदौर रहेगा नंबर एक’
1 अगस्त: विनोबा ने आज ही इंदौर में रोपा था सफाई का बीज
इंदौर देश का सबसे साफ सुथरा शहर है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार छठवीं बार उसे इस साल भी पहला स्थान मिला। इंदौर की बदौलत ही राज्यों की रैंकिंग में मध्य प्रदेश भी पहले नंबर पर है। इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने में नगर निगम के 11 हजार सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर में रहने वाले 30 लाख लोगों का भी योगदान है। करीब 6000 करोड़ के वार्षिक बजट वाले इंदौर नगर निगम की 25 फीसदी धनराशि सफाई पर खर्च होती है। कूड़ा उठाने के लिए 1500 वाहनों का बेड़ा है। ऐसे वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और हर जोन के लिए अलग-अलग टीवी स्क्रीन भी लगे हैं। नगर के बाहर 148 एकड़ का डंपिंग ग्राउंड। 150 आदर्श यूरिनल और हर 200 मीटर पर एक सार्वजनिक शौचालय। इंदौर में रोज 1900 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। अहमदाबाद की एक कंपनी ने यहां देश का सबसे बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट लगा रखा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से साफ किए गए गंदे पानी से नगर की 2200 किलोमीटर आंतरिक सड़क रोज साफ की जाती हैं। अभी इंदौर में प्रति व्यक्ति 402 ग्राम कचरा पैदा होता है। इसे 298 ग्राम स्तर पर लाने का लक्ष्य लेकर इंदौर निगम कार्य कर रहा है। इंदौर ही देश में अकेला ऐसा नगर है, जहां अब तक दो बार जीरो वेस्ट इवेंट हो चुके हैं। 29 हजार घरों में गीले कचरे से घरेलू खाद बनाने का कार्य हो रहा है। शहर के 27 बाजार पूरी तरह प्लास्टिक फ्री हो चुके हैं। शौचालयों-मूत्रालयों से लेकर 3000 सड़क किनारे डिब्बे और इनकी लाइव ट्रैकिंग प्रणाली साफ-सुथरा बनाए रखने में कारगर है। देशभर के 600 नगर निगम के अधिकारी इंदौर की सफाई व्यवस्था के अध्ययन के लिए समय-समय पर यहां आते रहते हैं। इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने का सबसे कारगर मंत्र तीन आर-रिड्यूस, रीयूज एवं रिसाइकिल है। इंदौर में कूड़ा उठाने वाले वाहनों से प्रख्यात गायक शान की आवाज में एक गीत रोज बजता है-‘इंदौर हुआ है नंबर एक-इंदौर रहेगा नंबर एक’
साफ-सुथरे इंदौर की यह आधुनिक कहानी कर्णप्रिय है लेकिन इसका आधार क्या है ? क्या आपको इंदौर में सफाई की पुरानी कहानी का जरा सा भी इल्म है। शायद ही कोई ‘हां’ में जवाब दे पाए। पुरानी पीढ़ी को भले यह इतिहास पता हो। याद तो उन्हें भी नहीं रह गया होगा। इस कहानी को जानने के लिए 63 वर्ष पीछे चलिए। यह कहानी जानने के लिए हमें अभी हाल ही में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई ‘विनोबा दर्शन’ नामक पुस्तक से गुजरना होगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय के निर्देशन, वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र के संपादन एवं कमलेश सेन के संकलन से प्रकाशित यह पुस्तक महात्मा गांधी के आध्यात्मिक पुत्र आचार्य विनोबा भावे द्वारा 24 जुलाई 1960 से 40 दिनों तक इंदौर यात्रा से जुड़ी है। ‘नई दुनिया‘ अखबार के मालिक और संपादक के विशेष आग्रह पर आचार्य विनोबा भावे के इस इंदौर प्रवास की दिन प्रतिदिन आंखों देखी रिपोर्टिंग देश के प्रख्यात पत्रकार रहे प्रभाष जोशी ने की थी। तब उनकी उम्र केवल 23 वर्ष की ही थी। ‘विनोबा दर्शन‘ नाम की यह पुस्तक प्रभाष जोशी की 39 रिपोर्टिंग का संग्रह है। इस पुस्तक को पढ़कर आप विनोबा के दर्शन से परिचित तो हो ही सकते हैं, नई और पुरानी पीढ़ी के पत्रकार रिपोर्टिंग की रीति-नीति भी सीख सकते हैं।
इसी पुस्तक के पृष्ठ संख्या-37 में इंदौर की सफाई का संक्षिप्त इतिहास दर्ज है। आचार्य विनोबा भावे ने अपनी यात्रा में इंदौर में एक अगस्त 1960 से सफाई सप्ताह शुरू करने का निर्णय लिया और रत्नागिरी महाराष्ट्र के अप्पा साहब पटवर्धन के नेतृत्व में सफाई समिति भी गठित की। आप पूछ सकते हैं कि आचार्य भावे ने सफाई सप्ताह के लिए एक अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी? प्रभाष जी की रिपोर्टिंग में ही इसका जवाब निहित है। रिपोर्टिंग बताती है कि एक अगस्त लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि है। इसीलिए आचार्य विनोबा भावे ने सफाई सप्ताह के लिए इस तारीख को चुना। यात्रा के दूसरे दिन (26 जुलाई 1960) को संत विनोबा भावे ने यात्रा के बीच ही सफाई समिति की बैठक कर सफाई सप्ताह के कार्यान्वयन पर विचार किया था। इस बैठक में इंदौर के तत्कालीन मेयर सरदार शेर सिंह, पूर्व में ईश्वर चंद जैन, मध्य प्रदेश हरिजन सेवक संघ और गांधी निधि के संचालक श्री दाते, मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चौहान, नगर अध्यक्ष कांतिलाल पटेल, हीराबाई बोर्डिया, श्रीमती चौहान, शिक्षा उप संचालक श्री जोशी, श्री महेंद्र त्रिवेदी तथा अन्य कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित थे। आचार्य विनोबा भावे द्वारा शुरू किया गया यह सफाई सप्ताह केवल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के भरोसे नहीं था। संत विनोबा भावे ने कहा था कि नागरिक और नगर निगम के कामगार दोनों मिलकर सफाई सप्ताह सफल बनाएं। उनका स्पष्ट मानना था कि हमें सफाई के लिए जनमानस तैयार करना है। इस तत्व से यह कार्य करना है कि बाबा (विनोबा भावे) के जाने के बाद भी यह कार्य चलता रहे और लोगों के मन की भावना उत्तरोत्तर बढ़ती जाए। इसीलिए उन्होंने तय किया कि सफाई सप्ताह में काम करने वाले स्वयं प्रेरणा से काम करें और इसके लिए खुद अपना नाम लिखाएं। इसके लिए सफेद कोठी पर एक अस्थाई कार्यालय भी खोला गया। उनके प्रवचन और प्रार्थना के बाद भी ऐसे स्वयंसेवकों के नाम लिखने की परंपरा रही। आचार्य विनोबा भावे ने इस बैठक में यह भी कहा था कि यह सप्ताह किसी संस्था विशेष के नेतृत्व में नहीं मनेगा। सभी संस्थाएं इसमें सहयोग देंगी और यह नागरिकों का सप्ताह होगा। वह मानते थे कि अंग्रेजों ने हमें मुक्त कर दिया लेकिन जब तक मेहतरों को उनके काम से मुक्त नहीं करते, तब तक आजादी सच्ची नहीं हो सकती। इस इतिहास से गुजरते हुए आप सहज ही समझ सकते हैं कि इंदौर साफ सफाई में देश में नंबर वन क्यों है? साफ है कि इंदौर को साफ सुथरा बनाने का बीजारोपण आज से 63 वर्ष पहले 1960 में आचार्य विनोबा भावे ने अपनी यात्रा के दौरान ही कर दिया था। समय पर खाद पानी पाकर सफाई की यह मनोवृत्ति हरा-भरा वृक्ष बनकर आप सबके सामने एक नए उदाहरण के साथ प्रस्तुत है। इंदौर की सफलता में पवित्र संकल्प का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उस इतिहास की अनदेखी कर वर्तमान की उपलब्धियों का बखान अपने पूर्वजों का ‘अपमान’ ही होगा।
सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोपी गिरफ्तार
बिजनौर। सोशल मीडिया प्लेटफार्म (व्हाट्सएप) पर हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी को बढ़ापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम व वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना बढापुर पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त फैज पुत्र रियासत निवासी मौ0 नौमी कस्बा व थाना बढापुर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया है कि शुभमपाल पुत्र धन सिंह द्वारा थाना बढापुर पर फैज पुत्र रियासत द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म (व्हाट्सएप) पर हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक ऑडियो मैसेज भेजने के संबंध में मु0अ0सं0 175/23 धारा 295ए / 505 भादवि व धारा 66 आई0टी0 एक्ट बनाम फैज उपरोक्त पंजीकृत कराया गया था।
बरेली में बलवाई कावड़ियों पर लाठीचार्ज करने वाले एसएसपी प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफ़र कर दिया गया है, उन्होंने लाठीचार्ज के बाद बयान दिया था “कावड़ियों में कुछ लोग शराब के नशे में थे और उनके पास अवैध हथियार थे”
बरेली में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद SSP प्रभाकर चौधरी पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर समेत दो निलंबित
सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया
बरेली (संजय सक्सेना)। शहर के जोगी नवादा में रविवार को कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद शासन ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है।
बरेली में पुराना शहर के मोहल्ला जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को एक बार फिर बवाल हो गया था। पुलिस द्वारा कांवड़ियों पर लाठीचार्ज को शासन ने गंभीर मानते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा कर 32वीं पीएसी (लखनऊ) भेज दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है। वहीं बारादरी थाने के इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह और जोगी नवादा चौकी प्रभारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
बताया गया है कि रविवार सुबह से जारी रस्साकसी के बीच शाम पांच बजे एसएसपी प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने पहले सख्ती दिखाते हुए भीड़ को बलपूर्वक हटाया, फिर लाठीचार्ज कर दिया। एसएसपी का दावा था कि अराजकतत्वों ने हवाई फायरिंग की, इस कारण लाठीचार्ज करना पड़ा। डीएम शिवाकांत द्विवेदी की मौजूदगी में हुए लाठीचार्ज में कांवड़ियों समेत कुछ महिलाएं भी घायल हुईं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर डीजे जब्त कर लिया गया।
मजूबर होकर चलवाई लाठी: एसएसपी एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि एक पक्ष को समझा दिया गया था। वह लोग गलियों में 150 मीटर अंदर चले गए थे। दूसरा पक्ष नई परंपरा शुरू करना चाहता था। मजबूरी में भीड़ को लाठी चलवाकर खदेड़ना पड़ा। पूरे घटनाक्रम का वीडियो व फुटेज मौजूद है। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
एक हफ्ते भी हुआ था बवाल: जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान पिछले रविवार को दो समुदाय के लोग आमने सामने आने के साथ ही पत्थरबाजी भी हुई थी। इस रविवार को चक महमूद से इसी इबादत स्थल के पास से होकर कांवड़ियों का जत्था निकालने की योजना थी। सुबह नौ बजे से ही तनातनी की माहौल बन गया। कांवड़िये डीजे के साथ इसी रास्ते से निकलने पर अड़े हुए थे तो दूसरे समुदाय ने नई परंपरा बताकर विरोध शुरू कर दिया। अधिकारी दोनों पक्षों को मनाने में जुटे रहे। बताया गया है कि शाम को दूसरे समुदाय के लोग इस बात पर राजी हो गए कि इबादत स्थल के पास डीजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कांवड़िये तैयार नहीं हुए। उनके साथ मौजूद महिलाओं ने पीलीभीत बाईपास पर धरना शुरू कर दिया। जाम लगने पर पहुंचे तो एसपी सिटी ने उन्हें मना भी लिया था। पुलिस ने जोगी नवादा की घटना के बाद मौके से कुछ कांवड़ियों व हंगामा करने वालों को हिरासत में लिया था। बारादरी थाने में करीब छह सात लोग पकड़ कर पूछताछ की जा रही थी। भाजपा सांसद गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल आदि ने उन्हें छुड़वा लिया था।
डीएम ने की अपील: जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि बगैर अनुमति कांवड़िये जिस मार्ग से जत्था निकालना चाहते थे, उस पर दूसरा पक्ष सहमत नहीं था। समझाने पर दूसरा पक्ष बगैर डीजे बजाए जत्था निकालने पर मान गया था, पर कांवड़िये उसी मार्ग से डीजे बजाते हुए जाना चाहते थे। संगठन के पदाधिकारियों की बात भी नहीं मानी। अराजक होते माहौल में शांति व्यवस्था के लिए हल्का बल प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सावन शिव आराधना का पवित्र माह है। परंपरागत तरीके से धार्मिक आयोजन हों और जत्थे निकाले जाएं। प्रयास रहे कि किसी की भावनाएं आहत न हों।
दूसरे पक्ष से दरोगा इसरार व ललित ने की वार्ता
दरोगा इसरार अली व ललित कुमार ने दूसरे पक्ष के साथ बैठक की। पूर्व पार्षद शराफत अल्वी, सलीम अल्वी, साबिर और जुल्फिकार अल्वी आदि ने बताया कि इस तरह बड़ा जत्था और डीजे यहां से कभी नहीं निकला, हो सकता है कि कुछ लोग बाइक से कभी निकल गए हों या फिर बंद होकर डीजे चला गया हो। यह जत्था निकला तो नई परंपरा पड़ जाएगी जो इलाके की शांति व्यवस्था को प्रभावित करेगी।बाद में एसपी सिटी और सीओ तृतीय ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। ।
14 आईपीएस का तबादला, बरेली समेत दस जिलों के बदले कप्तान
प्रभाकर चौधरी को भेजा 32वीं पीएसी, अमरोहा कप्तान आदित्य लांग्हे भी हटाए गए
लखनऊ (संजय सक्सेना)। राज्य सरकार ने रविवार को 14 आईपीएस का तबादला कर दिया, जिसमें 10 जिलों के पुलिस कप्तान शामिल हैं। प्रभाकर चौधरी को 32वीं पीएसी भेजा गया है। वहीं, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात विनीत जायसवाल को चंदौली का एसपी बनाया गया है।
प्रभाकर चौधरी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली को सेनानायक 32 वी वाहिनी पीएससी लखनऊ, अमरोहा एसपी आदित्य लगेह को पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा, राठौर किरीट कुमार हरिभाई पुलिस अधीक्षक अपराध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक लखनऊ को सेनानायक 35 वी वाहिनी पीएससी लखनऊ, धुले सुशील चन्द्रभान पुलिस अधीक्षक सीतापुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर को पुलिस अधीक्षक अपराध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक लखनऊ, कुंवर अनुपम सिंह पुलिस अधीक्षक कन्नौज को पुलिस अधीक्षक अमरोहा, अभिनन्दन पुलिस अधीक्षक बांदा से पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर, विनित जासवाल पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नर लखनऊ को पुलिस अधीक्षक चन्दौली, मो. मुशताक पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा को पुलिस अधीक्षक ललितपुर, अमित कुमार आनंद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ नगर से पुलिस अधीक्षक कन्नौज, अंकुर अग्रवाल पुलिस अधीक्षक चन्दौली को पुलिस अधीक्षक बांदा, चक्रेश मिश्र पुलिस अधीक्षक सम्भल को पुलिस अधीक्षक सीतापुर, अभिषेक कुमार अग्रवाल पुलिस अधीक्षक ललितपुर को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ नगर, कुलदीप सिंह गुनावत को पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ से सम्भल भेजा गया है।
नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में हो चुकी है युवक की मौत
वन विभाग ने लखीमपुर खीरी से बुलाई हैं दो हथिनी
अब गुलदार का शिकार बनी युवती, कांबिंग कर लौटीं हथिनियां
बिजनौर (संजय सक्सेना)। रेहड़ के गांव भटपुरा में गुलदार ने युवती को मार डाला। परिवार समेत वह बनैली नदी के पुल के पास पशु चारा काटने गई थी। इससे पहले गुरुवार शाम नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने लखीमपुर खीरी से दो हथिनी बुलाई हैं। हालांकि करीब एक घंटे तक जंगल में 03 किलोमीटर कांबिंग करने के बाद दोनों हथिनी वापस लौट आई। अब सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
रेहड़ के गांव भटपुरा में गुलदार के हमले में युवती की मौत
बनैली नदी के पुल के पास पशु चारा काटने गई थी युवती
मृतका जमुना पुत्री शमशेर के परिवार में मचा कोहराम
परिवार के अन्य सदस्य भी जंगल से लेने गए थे घास
अफजलगढ़़। रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा के जंगल में परिजनों के साथ चारा लेने गई एक 18 वर्षीय युवती को गुलदार ने हमला कर मार डाला। घटना से युवती के परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं ग्रामीणों में रोष है। अफजलगढ़ क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले गुलदार अलग-अलग गांवों में पांच लोगों की जान ले चुका है। वहीं वन विभाग की कई टीम मिलकर भी गुलदार को अभी तक नहीं पकड़ पाई थी। रविवार की शाम रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा के जंगल में गांव भटपुरा निवासी जमुना (उम्र 18 वर्ष) पुत्री शमशेर अपने परिजनों के साथ बनेली नदी के पुल के नजदीक पशुओं का चारा लेने के लिए गई थी। जब वह चारा को काट रही थी, तो अचानक गन्ने के खेत से निकलकर एक गुलदार ने जमुना पर हमला कर दिया मौके पर ही युवती की मौत हो गई। गुलदार ने युवती की गर्दन पर वार किया है। घटना से युवती के परिजनों में कोहराम मच गया वहीं ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। घटना के बाद परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से आवश्यक जानकारी हासिल की। इस संबंध में नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा का कहना है कि मौके पर टीम को भेज दिया गया है। गुलदार को पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किए जाने की बात कही है।
हमलावर गुलदार की तलाश में दोनों हथिनी ने खंगाला ३ किमी जंगल, नहीं मिली सफलता
इस बीच नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद हमलावर गुलदार को चिन्हित करने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से नगीना पहुंची दो हथिनियों ने रविवार की सुबह अपना काम प्रारंभ कर दिया। हालांकि करीब 1 घंटे तक जंगल में 3 किलोमीटर कांबिंग करने के बाद दोनों हथिनी वापस लौट आई। अब सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा। गुरुवार की शाम नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। ग्रामीणों व किसान यूनियन के नेताओं के आक्रोश को भांपते हुए हरकत में आए वन विभाग ने हमलावर गुलदार को चिन्हित करने के लिए लखीमपुर खीरी से दो हथिनी बुलाई हैं।
कैमरे फेल, मैदान में उतरीं सात टीम
नगीना से करीब 9 किलोमीटर दूर तेलीपुरा गांव में पैदल चलकर पहुंची दोनों हथिनी रविवार को सिर्फ 3 किलोमीटर ही जंगल में कांबिंग कर पाई। हालांकि इस दौरान कोई सफलता नहीं मिली। वन विभाग के आला अधिकारियों ने गुलदार को पकड़ने व चिन्हित करने के लिए 7 टीमों को भी मैदान में उतार दिया है। गुलदार की हलचल कैद करने के लिए लगाए गए कैमरों में भी अभी तक कुछ नहीं आया है।
जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने किया 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
एग्रो एजेंसी हल्दौर का मालिक प्रतिष्ठान बंद कर भागा! कारण बताओ नोटिस जारी
बिजनौर (संजय सक्सेना)। उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर जिले भर में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। डीएम के निर्देशों के क्रम में अधिकारियों की टीम ने कुल 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया। कुल 11 उर्वरकों के नमूने भी लिए गए। वहीं मै. एग्रो एजेंसी हल्दौर के मालिक/संचालक के उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भागने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं राजवीर सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर व नगीना एवं गिरीश चंद उप कृषि निदेशक एवं पीएन सिंह जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर एवं मनोज रावत जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद एवं अमित कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया। इसके साथ ही कुल 11 उर्वरकों के नमूने लिए गए।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मै. एग्रो एजेंसी हल्दौर का मालिक संचालक उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग गया। इस पर उसको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन से उर्वरकों का वितरण होते हुए पाया गया और पीओएस मशीन में अवशेष स्टाक एवं गोदाम में भंडारित स्टॉक में कोई अंतर भी नहीं मिला।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।
निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि किसी भी दशा में यूरिया उर्वरक की बिक्री बल्क में न किये जाने के सख्त निर्देश सभी को दिए गए हैं।
जल्लाद दादी ने पोते को उतारा था मौत के घाट, गिरफ्तार
बिजनौर। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने 26 जुलाई को 8 वर्धीय मासूम बच्चे समद की हत्या के आरोप में उसकी दादी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली शहर के सदर बाजार में उस समय हड़कंप मच गया था, जब 8 साल के बच्चे समद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। समद अपनी दादी बुंदिया के पास रहता था। उसके पिता आरिफ दिल्ली में रहते हैं। उसकी माँ शमा परवीन से उसके पिता का 4 साल से विवाद चल रहा था। इसके चलते वह अपने दो बच्चों को दादी के यहाँ छोड़कर मायके में रह रही थी।
मृतक बच्चे की मां शमा परवीन और मामा शहनवाज का आरोप था कि समद का पिता आरिफ दिल्ली में नौकरी कर पैसे भिजवाता था। उक्त रकम समद की दादी बुंदिया होटलों पर खाना खाकर उड़ाती थी और पोतों को भूखा रखती थी। खाना मांगने पर उनके साथ मारपीट करती थी। कभी खाना दे देती थी, तो कभी बच्चों को भूखा सोना पड़ता था। आरोप है कि दादी बुंदिया अक्सर कई दिन के लिए बच्चों को घर में बंद कर चली जाती है। दोनों बच्चे भूखे प्यासे घर में बन्द रहते हैं। घटना केनचार दिन पहले भी दादी बच्चों को कमरे में बंद कर कहीं चली गई थी। बच्चे भूखे प्यासे थे, जिसके चलते 8 साल के समद की मौत हो गई।
मृतक बच्चे के परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने बड़ा खुलासा किया तो सुनने वालों का दिल दहल गया। पुलिस के अनुसार दादी ने किलस कर (परेशान होकर) अपने ही पोते का गला दबा दिया था। इस कारण उसकी हो गई थी। पुलिस ने आरोपी दादी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोर्ट के आदेश पर फर्जी वोट मामले में 46 के खिलाफ मुकदमा दर्ज बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में है तैनात
मुख्य षड्यंत्रकारी बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में है तैनात
फर्जी वोटर के सहारे प्रधान चुना गया था शहजाद अनवर!
बिजनौर। फर्जी वोटर के सहारे किरतपुर क्षेत्र के गांव शाहजहांपुर रोशन उर्फ गड़ीकपुरा का प्रधान चुने गए शहजाद अनवर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पराजित प्रत्याशी के चुनाव को निरस्त करने की मांग पर अदालत ने वाद को स्वीकार करने के साथ ही किरतपुर थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश पारित किए। इस पर किरतपुर थाने में 46 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि इस पूरे षड्यंत्र में मुख्य आरोपी बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में तैनात है।
वर्ष 2021 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में इकबाल अहमद ने शाहजहांपुर रोशन से चुनाव लड़ा था। चुनाव में शहजाद अनवर जीत गया, जबकि इकबाल अहमद पराजित। चुनाव परिणामों को गलत ठहराते हुए इकबाल अहमद ने अदालत में चुनौती दी। आरोप लगाया कि बीएलओ सचिन ने शहजाद अनवर से हमसाज होकर लगभग 44 वोट फर्जी बनवाए, जिन लोगों के वोट बनवाए, वह नाबालिग हैं। इसी को आधार बनाकर इकबाल ने बीएलओ और अन्य के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिजनौर की अदालत में वाद दायर किया। इकबाल अहमद ने दावा किया कि फर्जी वोटों की वजह से वह मात्र 15 वोट से चुनाव हार गए। बताया गया है कि बीएलओ सचिन वर्तमान में थाना मण्डावली क्षेत्रान्तर्गत एक परिषदीय विद्यालय में तैनात है। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि अदालत के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई
संविधान बचाओ ट्रस्ट उत्तर प्रदेश, वर्ल्ड दलित काउंसिल/विश्व दलित परिषद एवं अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा व सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के अथक प्रयास एवं लगातार किए गए संघर्ष व बड़ी मेहनत के लगभग 1 वर्ष 6 माह बाद थाना किरतपुर पर एफआईआर रजिस्टर्ड की गई है। ~भूपेंद्र पाल सिंह चमार, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष
दो आबकारी निरीक्षकों ने नांगल जट देशी शराब की दुकान के सेल्समैन को पीटा
जिलाधिकारी से पीड़ितों ने की लिखित में शिकायत
आबकारी अधिकारी का दावा, शराब सिंडिकेट बना रहा बेजा दबाव
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर लगे रिश्वत और महीना बंदी के आरोप
बिजनौर। जिले के दो आबकारी निरीक्षकों पर नांगल जट देशी शराब की दुकान के सेल्समैन से गाली गलौच करने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। दिनांक 24-7-2023 की इस घटना के पीछे एक ग्राहक द्वारा शराब का एक पव्वा खरीदने के बाद उसमें मक्खी निकलने की शिकायत करना बताया जा रहा है। बहरहाल पीड़ित के साथ ही अन्य कई सेल्समैन ने महीना बंदी और रिश्वत वसूलने की शिकायत जिलाधिकारी को लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र सौंप कर की है। उधर जिला आबकारी अधिकारी ने आरोपों से इंकार करते हुए दावा किया कि शराब सिंडिकेट द्वारा बेजा दबाव बनाने की नीयत से प्रोपेगेंडा किया जा रहा है। डीएम से मिलने वाले सेल्समैन ओवररेट की शिकायतों के बाद हटाए जा चुके हैं। वह किसी भी सूरत में शराब के ठेकों पर धांधली और अनियमितता नहीं होने देंगे।
विभागीय उत्पीड़न से त्रस्त अंग्रेजी व देशी शराब, बीयर की दुकानों के कई सेल्समैन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को अपनी आपबीती बताई। इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया। नांगल जट देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन संदीप कुमार शर्मा पुत्र पूरनदत्त शर्मा निवासी मो० जोशियान कस्बा व थाना नहटौर ने जिलाधिकारी को बताया कि दिनांक 24-7-2023 की एक व्यक्ति ने उसकी दुकान से शराब का एक पव्वा खरीदा। कुछ देर बाद वह आधा पव्वा लेकर आया और बोला कि इसमें मक्खी है। सेल्समैन द्वारा मना करने के बावजूद वह नहीं माना। उक्त व्यक्ति ने झूठी शिकायत आबकारी विभाग में कर दी।
पीड़ित सेल्समैन संदीप कुमार शर्मा
आरोप लगाया कि इस पर आबकारी उपनिरीक्षक हरि नारायण यादव क्षेत्र बिजनौर व उपनिरीक्षक अभ्यप्रताप सिंह क्षेत्र चांदपुर उसकी दुकान पर पहुंचे और आते ही मां बहन की गन्दी गन्दी गालियां देना शुरू कर दिया। यह भी कहने लगे कि सालों समय पर हमारा कमीशन देते नहीं और हम लोगों को दिक्क व परेशान अलग से कराते हैं। इसके बाद उप निरीक्षकों ने गाली गलौच करते हुए उसे मारना पीटना शुरू कर दिया। उसने अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाया। इस पर पड़ोसी बीयर की दुकान पर कार्य करने वाले ऋषभ कुमार पुत्र अरजेन्द्र सिंह व वरुण कुमार पुत्र दयाराम सिंह आ गए, जिन्होंने उसको उप निरीक्षकों से बचाया। यह भी आरोप लगाया कि उक्त उपनिरीक्षक गण पूर्व में भी अन्य शराब की दुकानों पर सेल्समैन के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। प्रार्थना पत्र में अवगत कराया कि उक्त घटना दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। उक्त घटना से सभी सेल्समैन बहुत ही परेशान हैं तथा आएदिन उपनिरीक्षकों के व्यवहार से परेशान हैं। डीएम से मिलने वालों में सेल्समैन पवन सैनी, सुरेंद्र चौधरी, अवनीश कुमार, अशोक सैनी, संजीव चौधरी, नीरज चौधरी, जितेंद्र व अजय आदि शामिल थे। डीएम ने उन्हें यथोचित कार्रवाई का भरोसा देते हुए चेताया भी कि ओवर रेटिंग नहीं होनी चाहिए, आबकारी अधिकारी से भी पूछा जाएगा।
केस निपटाने को ली ₹40 हजार रिश्वत, महीना बंदी अलग से ?
सबसे गंभीर बात ये है कि विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत और महीना बंदी के आरोप लगे हैं। नांगल जट स्थित बीयर शॉप के सेल्समैन ऋषभ कुमार द्वारा एक ऑडियो उपलब्ध कराते हुए बताया गया है कि जब वह दुकान पर नहीं था, तब 10 रुपए ओवर रेट का मामला पकड़ा गया। इंस्पेक्टर ने खुद बात न कर के आबकारी विभाग के कर्मचारी केपी सिंह से बात कराई। मामला निपटाने के एवज में उससे 40 हजार रुपए लिए और प्रतिमाह ₹6000 रिश्वत ली जा रही है। वहीं ऑडियो क्लिप में किसी ओवर रेट के मामले को रफा-दफा करने के लिए भी ₹20000 की मांग की जा रही है। ऑडियो किस कर्मचारी की है, यह भी जांच का विषय है? बहरहाल उक्त ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग विभागीय अधिकारियों की कथित करतूतों को चटखारे ले कर प्रचारित कर रहे हैं।
ठेकेदार ही बिकवाते हैं ओवर रेट पर शराब!
ओवर रेट पर शराब बिकवाने के आरोप ठेकेदारों पर ही लगाए गए हैं। चक्कर रोड स्थित दुकान के सेल्समैन ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदार राकेश कर्णवाल, सुबोध शर्मा आदि उनसे 10 रुपए ओवर रेट पर शराब बेचने का दबाव बनाते हैं। इसमें से तीन रुपए उन्हें जमा करने होते हैं। हरेक क्वाटर पर 01 रुपए 25 पैसे कटिंग के अलग से लिए जाते हैं। उन्हें दो सौ रुपए वेतन में 12 घंटे से ज्यादा की ड्यूटी करनी पड़ती है। यहां तक कि ठेके पर चोरी जैसी घटना न हो जाए, इसके लिए रात में वहीं पर सोने को कहा जाता है।
नहीं होने देंगे धांधली और अनियमितता: जिला आबकारी अधिकारी
उधर जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार ने आरोपों से इंकार करते हुए दावा किया कि शराब सिंडिकेट द्वारा बेजा दबाव बनाने की नीयत से प्रोपेगेंडा किया जा रहा है। डीएम से मिलने वाले सेल्समैन ओवररेट की शिकायतों के बाद हटाए जा चुके हैं। वह किसी भी सूरत में शराब के ठेकों पर धांधली और अनियमितता नहीं होने देंगे।
गांव में पेयजल टंकी के निर्माण का विरोध कर रहे हैं दबंग
ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही विभागीय अधिकारियों की चुप्पी
दबंगों के हमले में गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष की मां घायल
बिजनौर। तहसील व थाना धामपुर अंतर्गत ग्राम पाडली मांडू में कुछ दबंग व्यक्ति पेयजल टंकी बनने का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ गांव में पानी की टंकी के निर्माण की पैरवी करने वालों को प्रताड़ित और उनके साथ मारपीट करते हैं। सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ विभागीय अधिकारियों द्वारा पुलिस प्रशासन में शिकायत न करना ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है। इस बीच दबंगों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। घटना में गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष की माता जी घायल हो गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
धामपुर तहसील व थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाडली मांडू में प्रधानमंत्री पेयजल मिशन अंतर्गत टंकी स्वीकृत हुई थी। बताया गया है कि लगभग एक वर्ष से कुछ दबंग व्यक्ति पेयजल टंकी बनने का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को लेखपाल इस मामले को लेकर गांव के लोगों के साथ पंचायत कर रहे थे तो उक्त दबंगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उन्होंने टंकी के समर्थन में आवाज उठाने वाले एक परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में घायल विनीता शर्मा पत्नी युगल किशोर शर्मा ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि दोपहर लगभग 2 बजे वह अपने घर के पास में खडी हुई थी। उसी समय अर्जुन पुत्र सौराज, जितेन्द्र व धीरज पुत्रगण अर्जुन, ओमप्रकाश, राजेश, सोम, शुभम, सुमित आदि गाली गलौच करते हुए उसके पास आए। उन्हें मना किया तो सबने मिलकर लाठी डन्डे व ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। शोर सुनकर पति युगल किशोर शर्मा व पुत्र नीरज कुमार शर्मा बचाने आए तो उन पर भी हमलावर हो गए। बताया कि ग्राम प्रधान, लेखपाल तथा अन्य ग्रामीणों के सामने भी दबंग हमलावर गाली गलौच करते हुए लात घूंसों से मारपीट करते रहे। आसपास के लोगों ने आकर बीच बचाव किया। इसके बावजूद भी परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि मुकेश कुमार सैनी ने धमकी दी कि उसके पुत्र नीरज को सुपारी देकर मरवा देंगे!
मामले की शिकायत करतीं ग्रामीण महिलाएं
इस मामले में गांव निवासी गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष नीरज ने बताया कि गांव में पानी की टंकी बन रही है। जिस जमीन पर टंकी का निर्माण होना है, उस पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। इस कारण टंकी का निर्माण अधर में लटका पड़ा है। गुरुवार को लेखपाल इस मामले को लेकर पंचायत कर रहे थे तो उक्त दबंगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि इसी दौरान उनकी माता जी और बीच बचाव करने पर उनके घर पर हमला किया गया। घटना में उनकी मां विनीता शर्मा घायल हो गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जुलाई 2014 और उसके बाद भी अक्सर किया जाता रहा है सोशल मीडिया पर वायरल
टाटा मोटर्स ने आम जनता को फर्जी प्रमोशन विज्ञापनों के प्रति किया सावधान
मुंबई। सोशल मीडिया पर एक एप्लिकैड संदेश वायरल हो रहा है जिसमें लकी स्टूडियो को टाटा नेक्सॉन पेश करने का वादा किया गया है। जब क्लिक किया जाता है, तो लिंक पर एक संदेश लिखा होता है, “टाटा मोटर्स ग्रुप हेडक्वार्टर प्रमोशन, प्रश्नावली के माध्यम से, आपके पास टाटा नेक्सन प्राप्त करने का मौका होगा।” इस पर 10 जुलाई 2014 को टाटा मोटर्स ने संभावित ग्राहकों और आम जनता को धोखाधड़ी वाले प्रचार प्रस्तावों और विज्ञापनों के बारे में सावधान किया था, जिसमें अन्य चीजों के अलावा, व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह आम जनता से कुछ निर्दिष्ट बैंकों में गलत तरीके से नकद जमा की मांग कर रहा है। ये लोग जनता को इस जाल में फंसाने के लिए टाटा मोटर के पंजीकृत ट्रेडमार्क का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
टाटा मोटर्स यह बताना चाहेगी कि ये संचार पूरी तरह से आम जनता को धोखा देने के इरादे से किए गए हैं और टाटा मोटर्स ने किसी भी व्यक्ति को किसी भी भुगतान/नकद जमा की आवश्यकता के लिए अधिकृत नहीं किया है। कंपनी ने लोगों को सलाह दी है कि वे सावधानी बरतें और टाटा मोटर्स की ओर से भेजे जाने वाले कथित/दावा किए गए ऐसे किसी भी धोखाधड़ी वाले प्रमोशनल ऑफर का शिकार न बनें। कंपनी ने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और जनता से आग्रह किया है कि वे ऐसे किसी भी संचार से गुमराह न हों जो किसी प्रचार योजना के हिस्से के रूप में भुगतान या अन्यथा की मांग करता हो।
हाल के दिनों में, धोखेबाजों ने ईमेल/एसएमएस/बेईमान समाचार पत्र/टेलीविजन विज्ञापनों के माध्यम से सावधानी राशि जमा करने पर टाटा मोटर्स का वाहन जैसे पुरस्कार देने का वादा किया है। इन धोखेबाजों द्वारा अपनाई जाने वाली सामान्य कार्यप्रणाली संभावित खरीदारों/ग्राहकों से पुरस्कार या लकी ड्रा का लाभ उठाने के लिए कुछ भुगतान करने के लिए कहना है। एक विज्ञापन भी जारी किया गया था जिसमें दर्शकों को कुछ फिल्मस्टारों की पहचान करने के लिए आमंत्रित किया गया था और जवाब देने पर उन्हें वाहन के पंजीकरण और हस्तांतरण के लिए राशि जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था और उसके बाद वाहन लेने के लिए टाटा मोटर्स की सुविधा के लिए निर्देशित किया गया था।
इसके अलावा, कंपनी के नाम- टाटा मोटर्स लिमिटेड के अनधिकृत उपयोग और उसके वाहनों के संरक्षित नामों, अर्थात्- ‘टाटा सफारी’ का उपयोग करके टाटा मोटर्स के बौद्धिक संपदा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, जबकि जनता के निर्दोष सदस्यों को इस जाल में फंसाने के लिए ऐसे बेईमान समाचार पत्र विज्ञापन दिए गए हैं।
टाटा मोटर्स ने जनता से पुरस्कार या लकी ड्रा जीतने के लिए किसी भी तरह की कॉशन मनी मांगे जाने पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया।
असल की जांच टाटा मोटर्स ग्रुप मुख्यालय प्रोमोशन असली का नकली? यहां पर लोकप्रिय हो रहे टाटा नेक्सन को अवॉर्ड के तौर पर पेश किए जाने वाले प्रचार विज्ञापन के तथ्य की जांच की जा रही है। एक यात्री ने जवाब देते हुए कहा कि टाटा मोटर्स ने साझीदारी जारी की है और कहा है कि उन्होंने ऐसी किसी भी प्रतियोगिता की घोषणा नहीं की है और वे ऐसी मंजूरी को किसी भी तरह के दायरे से बाहर कर देते हैं। टाटा मोटर्स ने कहा, “हम दृढ़ता से सुझाव देते हैं कि इस तरह के धोखाधड़ी वाले संदेश को सोशल मीडिया पर शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कृपया क्लिक करें या संलग्न होने से अनुमति दें।” ~सनी रोड्रिक्स
टाटा मोटर्स के बारे में
टाटा मोटर्स भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है, जिसका समेकित राजस्व रु। 2012-13 में 1,88,818 करोड़ ($ 34.7 बिलियन)। सहायक कंपनियों और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से, टाटा मोटर्स का संचालन यूके, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया में है। इनमें जगुआर लैंड रोवर भी शामिल है, इस व्यवसाय में दो प्रतिष्ठित ब्रिटिश ब्रांड शामिल हैं। इसका भारत में फिएट के साथ एक औद्योगिक संयुक्त उद्यम भी है। भारत में चलने वाले 8 मिलियन से अधिक टाटा वाहनों के साथ, टाटा मोटर्स वाणिज्यिक वाहनों में देश के बाजार में अग्रणी और यात्री वाहनों में शीर्ष पर है। यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा ट्रक निर्माता और चौथा सबसे बड़ा बस निर्माता भी है। टाटा कारों, बसों और ट्रकों का विपणन यूरोप, अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका, सीआईएस और रूस के कई देशों में किया जा रहा है।
ढकरिया बीट में अवैध रूप से काटे गए यूकेलिप्टस के 57 पेड़ों में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी: डीएफओ
काशीवाला में नर्सरी के निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर डीएफओ ने जताई नाराजगी
वन रक्षक सस्पेंड जबकि वन दरोगा पर वरिष्ठ अधिकारी अब तक मेहरबान!
बिजनौर/बढ़ापुर। आरक्षित वन क्षेत्र से काटे गए पेड़ों की जांच करने मौके पर पहुँचे प्रभागीय वनाधिकारी ने साहुवाला वन रेंज के अंतर्गत आने वाली कांशीवाला नर्सरी का निरीक्षण कर कमी पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में बीती करीब दो सप्ताह पहले काटे गए यूकेलिप्टस के पेड़ों की जांच करने के लिये प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष पांडे व उप प्रभागीय वनाधिकारी राजीव चौधरी ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में पहुँचे और घटना का स्थलीय निरीक्षण किया। बताते चलें कि ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में यूकेलिप्टस के 57 पेड़ों का कटान विभाग क़बूल कर रहा है, जबकि विभागीय सूत्रों की माने तो उक्त स्थान से यूकेलिप्टस के 130 पेड़ों का कटान किया गया है, जिसमें बीट पर तैनात वन रक्षक व वन दरोगा संलिप्त है। इसके चलते हुए विभाग द्वारा जांच करने व उसमें दोषी पाए जाने पर वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि वन दरोगा पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अभी तक मेहरबान हैं। फ़िलहाल पेड़ों की यह संख्या विभागीय पोल खोलने के लिये काफी है कि रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। पेड़ों के अवैध रुप से कटान किये जाने की जांच को दोनों अधिकारियों ने नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली साहुवाला वन रेंज की कांशीवाला नर्सरी का निरीक्षण किया। बताते चलें कि नर्सरी तक पहुचने के लिये ही दोनों अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कच्चे मार्ग के कारण कीचड़ से भरे रास्तों से होते हुए जब दोनों अधिकारी नर्सरी पहुँचे और वहां पर नर्सरी से संबंधित रजिस्टर मांगा तो साहुवाला रेंजर बगले झांकते नजर आए। नर्सरी इंचार्ज के मौके पर न मिलने के कारण प्रभागीय वनाधिकारी खफा हो गये। निरीक्षण करते हुए पौध के सही से रख रखाव न होने के कारण प्रभागीय वनाधिकारी को गुस्सा आ गया, जिसके चलते हुए पूरी नर्सरी का निरीक्षण किया गया। साथ ही पौधों के रख रखाव व उनके सही तरीके से रोपड़ के लिये विभाग द्वारा बताई गई तकनीक के आधार पर ही रोपड़ करने के लिये आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष पांडे से बात करने पर उन्होंने बताया कि बढ़ापुर वन रेंज के ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में 57 पेड़ों के अवैध रूप से कटान का मामला सही पाया गया है। मौके से काटे गए 15 पेड़ों का प्रकाष्ठ बरामद किया जा चुका है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
पीएम-किसान योजना की 14 वीं किस्त के रूप में 8.8 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ से अधिक की राशि का हस्तान्तरण
वीडियो कान्फ्रेन्स से पीएम-किसान सम्मेलन में जुटे जनपदीय अधिकारी
यूरिया गोल्ड-सल्फर कोटेड यूरिया का शुभारम्भ
1.25 लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र राष्ट्र को समर्पित
बिजनौर। पीएम-किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से 1.25 लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का राष्ट्र को समर्पण, यूरिया गोल्ड-सल्फर कोटेड यूरिया का शुभारम्भ एवं पीएम-किसान की 14 वीं किस्त के रूप में 8.8 करोड से अधिक किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ से अधिक की राशि का हस्तान्तरण किया गया।
जनपद में कृषि भवन सभागार बिजनौर में प्रधानमंत्री के उद्बोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती इन्दिरा सिंह अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बिजनौर, संजीव मलिक जिला पंचायत सदस्य बिजनौर, गिरीश चन्द उप कृषि निदेशक बिजनौर, जसवीर सिंह तेवतिया जिला कृषि अधिकारी बिजनौर एवं मनोज रावत जिला कृषि रक्षा अधिकारी बिजनौर के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों पर किसानों को खेती में जरूरत की सभी वस्तुएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराई जायेगी जैसे-बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं खेती से जुड़े सभी औजार/मशीनें तथा खेती से सम्बन्धित समस्त जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
साथ ही जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बिजनौर में अभी तक 104 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित कराए गए हैं, जिन पर जनपद के किसानों को समस्त प्रकार के कृषि निवेश उपलब्ध कराए जायेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जनपद में प्रचार-प्रसार हेतु प्रचार वाहन को मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
क्रीड़ा भारती एवं आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर ने संयुक्त रुप से किया आयोजन
इंटर स्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में डीडीपीएस बना विजेता
बिजनौर। आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर में जनपद स्तरीय इन्टर कालेज बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन क्रीड़ा भारती विकास खण्ड नूरपुर एवं आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर द्वारा संयुक्त रुप से किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अध्यक्ष क्रीड़ा भारती जनपद बिजनौर एवं विशिष्ट अतिथि प्रणय मनु गुप्ता प्रधानाचार्य द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजक सचिव संजीव डवास ने बताया कि प्रतियोगिता में 8 टीमों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
प्रतियोगिता के प्रथम सेमी फाइनल में डीएडीपीएस बिजनौर ने सेंट मेरिज स्कूल नजीबाबाद को 41- 26 से तथा दूसरे सेमी फाइनल में आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर द्वितीय को मूलचन्द एकेडमी नजीबाबाद ने 21-26 से हराया। प्रतियोगिता का फाइनल बहुत ही रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीम अतिरिक्त टाइम व गोल्ड बास्केट में भी बराबर रही। उसके बाद शूट आउट के द्वारा डीडीपीएस ने मूलचन्द एकेडमी को 3-2 से हराया। अधिक स्कोर के लिए पुनीत कुमार व अभिनव कुमार को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक अशोक त्यागी, राजेश चौहान, भावना सिंह व अरविंद अहलावत रहे।
विजेता व उप विजेता टीम को मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह “योगी” व विद्यालय के चेयरमैन मनुजेंद्र गुप्ता द्वारा संयुक्त रुप से ट्राफी व मेडल देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय चेयरमैन द्वारा सभी का आभार व खिलाडियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में संजीव डवास आयोजक सचिव व अध्यक्ष क्रीड़ा भारती विकास खण्ड नूरपुर, टीकम सिंह, चंचल कटारिया, विनय तितोरिया, विक्रांत त्यागी, अतुल कुमार, कपिल चौधरी, हर्ष ढिलानिया, वर्णित रवि, पुनीत कुमार, बासु, आदित्य आदि का सहयोग रहा।
तीन आरोपियों ने की थी घर में घुसकर महिला के साथ छेड़छाड़
बन्द होते दिख रहे अभियुक्त के बचाव के रास्ते
रामपुर। टांडा में एक घर में घुसकर कथित रूप से महिला के साथ छेड़खानी के तीन आरोपियों के बचाव के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। इनमें से एक को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 28 मई 2023 को परिवार के सभी लोग वैवाहिक कार्यक्रम में हल्द्वानी गए हुए थे। वह घर पर अकेली थी। देर शाम करीब 09.00 बजे कस्बा टाण्डा के मौ0 आजाद नगर निवासी इनाम अली पुत्र दायम अली, अनस पुत्र अब्दुल मलिक व फईम अख्तर ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की, विरोध करने पर आरोपियों ने गाली गलौज की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर चले गए। पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर एक आरोपी अनस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि अन्य दो फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी इनाम अली ने न्यायालय जनपद रामपुर अदालत में राहत हेतु अग्रिम जमानत प्रथम प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जो दिनांक 16/06/2023 एवं द्वितीय अग्रिम जमानती प्रार्थना पत्र 06/07/2023 को खारिज कर दिया गया था। बताया गया है कि इसी बीच विवेचक ने तथ्य जुटा कर धारा 376(2)(N) की बढ़ोतरी की, जबकि अग्रिम कारवाई प्रचलित है। उसके बाद अभियुक्त ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का रुख किया और अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। दिनांक 24/07/2023 को मेरिट के आधार पर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो गया, जिस कारण अभियुक्त के बचाव के रास्ते बन्द होते दिख रहे हैं। अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। फहीम ने भी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया है मगर अभी पेंडिंग है। वहीं महिला का यह भी आरोप है कि अपने आप को वकील बताने वाले इनाम अली नाम के इस दलाल के पास न तो कोई चेंबर है और न ही कोई डिग्री।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से की गई शिकायत
अवैध ट्रैक्टर ट्रालों में 500 कुंतल से अधिक वजन लाद कर लगा रहे राजस्व को चूना
7 कुंटल लोड पर पास ट्रांसपोर्ट वाहन कर रहे 30 कुंटल तक ओवरलोडिंग
गन्ना मिल महाप्रबंधक चहेते ट्रैक्टर ट्राला ठेकेदारों को कर रहे प्रमोट!
बिजनौर। अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट एवं नजीबाबाद पब्लिक कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन ने गन्ना मिल महाप्रबंधक पर अपने चहेते ट्रैक्टर ट्राला ठेकेदारों को प्रमोट करने का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से शिकायत की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से राजधानी लखनऊ पहुंच कर अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट ने शिष्टाचार भेंट की। उनके साथ में नजीबाबाद पब्लिक कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन (ट्रक यूनियन) का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था। शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट ने यूनियन की समस्या को प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखा।
ट्रक यूनियन की ओर से दिए गए ज्ञापन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि 7 कुंटल लोड पर पास ट्रांसपोर्ट वाहन 30 कुंटल तक ओवरलोडिंग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि नजीबाबाद गन्ना मिल के महाप्रबंधक गन्ने के सेंटरों से ढुलान के लिए जानबूझकर व सोच समझकर नाजायज फायदा कमाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा अधिकृत वाहन ट्रक वालों को दरकिनार कर अपने चहेते ट्रैक्टर ट्रालों वाले ठेकेदारों को प्रमोट कर रहे हैं।
यह आरोप भी लगाया कि दस टायरा ट्रक में 180 कुंतल माल लाया जा सकता है लेकिन अवैध ट्रैक्टर ट्रालों से 500 कुंतल से अधिक वजन लाकर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। उन्होंने नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल में ट्रक यूनियन से अधिकृत लोकल गाड़ियों को प्राथमिकता देने की मांग की।
अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जो भी सरकारी नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट के साथ में सरदार रक्षपाल पूर्व प्रधान, रईस अहमद, सचिव मुस्तकीम भाई, शहजाद अहमद, मोहम्मद इदरीश कोषाध्यक्ष, सूर्य प्रताप सिंह, अनिल कुमार बाबू, त्यागी जी, गुलबहार भाई एवं अन्य मौजूद रहे।
बेगमपुल पर 14 मीटर की गहराई पर निर्मित रीट्रिविंग शाफ्ट से बाहर निकल आई टनल बोरिंग मशीन सुदर्शन 8.2
लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में आने और जाने के लिए तीन समानांतर टनलों का निर्माण महज 15 महीने में पूरा
दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर भूमिगत सेक्शन में टनलिंग कार्य पूरा
मेरठ (एजेंसियां)। दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर भूमिगत सेक्शन में टनलिंग का कार्य पूरा कर एनसीआरटीसी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। भैंसाली से बेगमपुल के बीच निर्मित इस छठी और आखिरी टनल का निर्माण कर रही टनल बोरिंग मशीन, सुदर्शन 8.2, 14 मीटर की गहराई पर बेगमपुल पर निर्मित रीट्रिविंग शाफ्ट से बाहर निकल आई। इसी के साथ मेरठ में टनलिंग का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
आरआरटीएस कॉरिडोर पर मेरठ के भूमिगत सेक्शन में तीन स्टेशन हैं, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल । इन तीनों स्टेशनों को आपस में जोड़ने के लिए तीन भाग में कुल छह टनलों का निर्माण किया गया है। भैंसाली और बेगमपुल को जोड़ने वाली यह छठी और आखिरी टनल लगभग एक किलोमीटर लंबी है। मेरठ में लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में आने और जाने के लिए तीन समानांतर टनलों को महज 15 महीने के समय में पूरा कर लिया गया है। मेरठ की पहली टनल का निर्माण अक्टूबर 2022 में पूरा पूरा कर लिया गया था और अब जुलाई 2023 में छठी टनल के पूर्ण होने के साथ ही टनलिंग का कार्य संपन्न हो गया है। अब निर्मित हो चुकी टनलों में ट्रैक बिछाने और ओएचई इंस्टॉलेशन का कार्य प्रगति में है। सभी छह टनल के निर्माण में लगभग 35000 प्री-कास्ट सेग्मेंट्स का प्रयोग किया गया है। टनलिंग की प्रक्रिया में, सात सेग्मेंट्स को जोड़कर एक टनल रिंग का निर्माण किया गया है। इन सेग्मेंट्स और रिंग्स को बोल्ट्स की सहायता से जोड़ा जाता है। रैपिडएक्स टनलों का व्यास 6.5 मीटर है जो 180 किमी प्रति घंटे की समान डिजाइन गति के साथ चौड़े एवं ऊँचे रोलिंग स्टॉक के लिए विश्व में निर्मित अन्य टनलों के वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में काफी अनुकूलित है। देश में अन्य रेल- आधारित शहरी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की तुलना में, यह पहली बार है, जब इतने बड़े आकार की सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।
घनी आबादी व नाले के नीचे से निकाली सुरंग
इस सेक्शन में निर्मित टनलें शहर के बहुत घनी आबादी वाले इलाकों को पार करते हुए, बेगमपुल नाले के नीचे से गुजरते हुए बेगमपुल स्टेशन पहुची हैं। सुदर्शन 8.2 (टीबीएम) द्वारा नाले को पार करने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया गया और टनल विशेषज्ञों द्वारा अत्यधिक सावधानी बरती गई। इस सेक्शन में 600 मीटर रेडियस का एक बहुत ही तीखा मोड़ भी था, जहाँ टीबीएम द्वारा टनलिंग करना एक कठिन काम था। इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद, टीम एनसीआरटीसी ने पूरी तत्परता और सावधानी से इसे सफलतापूर्वक संभव बनाया।
रैपिड व मेट्रो दोनों की सुविधा
इन भूमिगत स्टेशनों में मेरठ सेंट्रल और भैंसाली मेरठ मेट्रो की सुविधा प्रदान की जाएगी, वहीं बेगमपुल स्टेशन मेट्रो एवं रैपिडएक्स, दोनों सुविधाएँ मुहैया कराएगा। ज्ञातव्य है कि एनसीआरटीसी 23 किलोमीटर के क्षेत्र में 13 स्टेशनों के साथ, आरआरटीएस कॉरिडोर पर ही स्थानीय मेट्रो की सुविधा प्रदान करने की पहल कर रहा है। इस पूरे कॉरिडोर को 2025 तक जनता के लिए संचालित करने का लक्ष्य है। यात्रियों को एक आधुनिक, कुशल और आरामदायक यात्रा साधन उपलब्ध कराने के साथ यह परियोजना मेरठ के शहरी परिवहन परिदृश्य में एक क्रांति लेकर आएगी।
मां और मामा का आरोप बच्चों को घर में बंद कर दादी चली गई थी बाहर
घर से निकाले जाने के बाद चार साल से मायके में रह रही है मां
चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत!
बिजनौर। चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत हो गई! मृतक बच्चे के ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चे की दादी पर कमरे में बंद कर कहीं जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर सीओ व शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डाकघर चौराहे के समीप पामर गंज निवासी आरिफ की शादी 12 साल पहले मोहल्ला जुलाहान की शमा परवीन से हुई थी। दोनों के दो पुत्र हैं। बताया गया है कि 4 साल पहले आरिफ ने मारपीट कर शमा को घर से निकाल दिया था। तभी से शमा अपने मायके में रह रही है, जबकि उसके दोनों बच्चे समद (8 वर्ष) और अर्श (12 वर्ष) दादी और पिता के पास ही रह रहे थे। मृतक बच्चे की मां शमा परवीन और मामा शहनवाज ने बताया कि आरिफ दिल्ली में होटल पर नौकरी करता है और बच्चे अपनी दादी के पास रहते हैं। बच्चों के मामा शहनवाज ने आरोप लगाया कि दादी बुंदिया अक्सर कई दिन के लिए बच्चों को घर में बंद कर चली जाती है। दोनों बच्चे भूखे प्यासे घर में बन्द रहते हैं। चार दिन पहले भी दादी बच्चों को कमरे में बंद कर कहीं चली गई थी। बच्चे भूखे प्यासे थे, जिसके चलते 8 साल के समद की मौत हो गई है।
बच्चे के मामा ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसका पिता आरिफ घर पर आया हुआ था, उसने और दादी ने बच्चे की पिटाई भी की थी! बच्चे की मौत की खबर सुनकर आसपास के काफी लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। वहीं मृतक बच्चे की दादी बुंदिया ने लोगों के पूछने पर सफाई दी कि बच्चा बेहोश हो गया था, उसे डॉक्टर के पास दिखाया गया था, तभी उसकी मौत हो गई।
मामा शहनवाज
घटना की सूचना पर सीओ सिटी अनिल सिंह, शहर कोतवाल जीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चे के पिता को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। शहर कोतवाल जीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच की जा रही है।
पिता ने ससुरालियों के आरोप को ठहराया झूठा
मृतक बच्चे के पिता को पूछताछ के लिए ले जाती पुलिस
इस मामले में बच्चे के पिता आरिफ ने कहा कि वह दिल्ली में रहकर काम करता है। उसी के पैसों से घर का गुजारा चलता है। मंगलवार दोपहर समद की तबियत खराब हुई, तो उसकी मां बुंदिया (बच्चे की दादी) ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया और उसको भी सूचना दी। मंगलवार शाम उपचार के दौरान समद की मौत हो गई। आरिफ ने कहा कि उसके ससुराल वालों के सभी आरोप झूठे हैं। आरिफ का आरोप है कि समद और अर्श की मां चंद कदमों की दूरी पर अपने मायके में रहती है, लेकिन पिछले चार साल में बच्चों से मिलने तक नहीं आती थी। उसकी 65 वर्षीय मां ही बच्चों का ध्यान रखती थी।
मोदीनगर। गांव बिसोखर स्थित नाले में मंगलवार देर रात लगभग चार फुट लंबा व तीन फुट चौड़ा कछुआ बहता हुआ आ गया। विशालकाय कछुआ नाले के कबाड़ में फंस गया। मौके पर एकत्र ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कछुए को नाले से निकाला और ठेले में रखकर गोविंदपुरी चौकी ले गए। कछुए को देखने के लिए चौकी पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम कछुए को मिनी ट्रक में रखकर मोदीनगर क्षेत्रीय वन कार्यालय मुरादनगर गंगनहर पर ले गई।
मोदीनगर के गांव बिसोखर के ग्रामीणों को मंगलवार रात वहां से गुजरने वाले नाले में कुछ अजीब सा जीव दिखाई दिया। टॉर्च की रोशनी की गई तो लगभग 4 फुट लंबा व तीन फुट चौड़ा कछुआ देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। नाले के समीप रहने वाले झुग्गी वासियों और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कबाड़ में फंसे कछुए को बाहर निकाला और गोविंदपुरी चौकी ले गए। ग्रामीण शाहिद और शानू ने बताया कि कछुए ने दो लोगों को काट लिया। वन दरोगा संजीव कुमार ने बताया कि कछुए की उम्र 60 के आसपास है। प्रजाति जानने के लिए वन जीव विशेषज्ञों के पास फोटो भेजे गए हैं। आमतौर पर इस प्रकार के कछुए नदी में पाए जाते हैं। इसे भी नदी में छोड़ दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने राजकीय कृषि निवेश भंडार, जलीलपुर में किया वितरण
श्री अन्न मिलेट्स योजना अंतर्गत किसानों को निःशुल्क मिनी किट वितरित
बिजनौर। राजकीय कृषि निवेश भंडार, जलीलपुर में कृषकों को श्री अन्न मिलेट्स योजना के अंतर्गत (मोटा अनाज) की मिनी किट का निःशुल्क वितरण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा कृषक महावीर सिंह मीरापुर को बाजरा, दयाराम सिंह ग्राम नवादा एवं हरपाल सिंह ग्राम खानपुर खादर को उड़द तथा श्रीमती नीता ग्राम नवादा को बाजरा की नि:शुल्क मिनी किट का वितरण किया गया। साथ ही कृषकों से अनुरोध किया गया कि सभी कृषक उक्त मिनी किट को अपने खेतो में बुआई कर उत्पादन करें। साथ ही अपने उपयोग में लाएं। इस अवसर पर संजीव कुमार सहायक विकास अधिकारी (कृषि) जलीलपुर, नमेश कुमार प्रभारी कृषि निवेश भंडार जलीलपुर एवं अन्य प्राविधिक सहायक उपस्थित रहे।
दिन में कब-कब चार्ज करना चाहिए फोन? कोई लगा लेता है 30% पर तो कोई 40% पर, आधे से ज्यादा लोग करते हैं गलती
अगर आपको नहीं मालूम है कि 20-80 रूल क्या है तो जान लीजिए कि 20 यानी कि 20% तक बैटरी ड्रेन होने पर चार्जिंग पर लगाएं और 80 का मतलब है 80% होने पर चार्जिंग को निकाल लेना सही होता है। यानी कि अगर आपका फोन दिन में दो बार 20% तक पहुंच जाता है तो आप दो बार चार्जिंग पर लगाना होगा, उससे ज्यादा बार नहीं।
Phone Charging Mistakes: अगर आप भी फोन को बार-बार चार्जिंग पर लगा देते हैं तो आपके लिए ज़रूरी सलाह है. वह इसलिए क्योंकि फोन को चार्जिंग पर लगाने का एक सही तरीका है. अगर आप उसे फॉलो नहीं करते हैं तो आपकी बैटरी की सेहत के लिए खराब हो सकती है.
Phone Charging Rule: फोन की बैटरी अगर जल्दी-जल्दी ड्रेन होने लगती है तो बहुत गुस्सा आता है. बैटरी डेड हो जाना मतलब अच्छे खासे फोन का कबाड़ बन जाना. ये तो हम सभी ने नोटिस किया होता कि नए स्मार्टफोन की देखभाल हम बहुत प्यार से करते हैं. लेकिन जहां फोन थोड़ा पुराना होने लगता है, इसे लेकर हम कई तरह की लापरवाही बरतने लगते हैं.
बात चार्जिंग की आती है तो कुछ लोग ऐसे भी हैं कि जब भी उनका फोन थोड़ा सा भी डिस्चार्ज होता है तो वह तुरंत चार्जिंग पर लगा देते हैं. साथ ही कई लोग ऐसे भी हैं जो फोन चार्जिंग पर लगाने के थोड़ी ही देर बाद फिर से उसे निकाल लेते हैं, और ये सिलसिला चलता रहता है.
लेकिन क्या आपको पता है कि लोगों की इन आदतों के चलते फोन में खराबी आने लगती है. फोन को चार्जिंग पर लगाने का एक सही तरीका है. अगर आप बार-बार फोन चार्ज पर लगाते रहेंगे तो फोन की बैटरी समय के साथ खराब हो जाएगी. इसलिए जान लीजिए कि दिन में कितनी बार फोन को चार्ज पर लगाना चाहिए…
बैटरी को 20% या उससे ज़्यादा कम न होने दें और बैटरी को पूरी तरह से डिस्चार्ज होने से बचाएं. 80% (या उससे कम) और 100% के बीच बैटरी लेवल हो जाए, तभी फोन को चार्जर से अनप्लग कर दें. अपने फोन को ज़्यादा देर तक 100% लेवल पर न रहने दें, यानी पूरी तरह चार्ज होने के बाद चार्जर से हटा दें.
ज़्यादातर लोग 20-80 रूल को अपनाने की सलाह देते हैं, जिसका आप भी निश्चित रूप से पालन कर सकते हैं. अगर आपको नहीं मालूम है कि 20-80 रूल क्या है तो हम आपको बता दें कि 20 यानी कि 20% तक बैटरी ड्रेन होने पर चार्जिंग पर लगाएं, और 80 का मतलब है 80% होने पर चार्जिंग को निकाल लेना सही होता है. यानी कि अगर आपका फोन दिन में दो बार 20% तक पहुंच जाता है तो आप दो बार चार्जिंग पर लगाना होगा, उससे ज्यादा बार नहीं.
आपने ध्यान दिया होगा कि आपके फोन की बैटरी जब 20% होती है, तभी ‘Low Battery’ का अलर्ट फोन पर आ जाता है. इसका मतलब उससे पहले तक फोन को आराम से चलाया जा सकता है. इसके अलावा आप 45-75 रूल को भी फॉलो कर सकते हैं.
दंपति/दंपती एक ऐसा शब्द है जिसने मुझे पत्रकारिता में आने के साथ ही परेशान करना शुरू कर दिया था। ख़बरों में दंपति/दंपती शब्द आता और हमारे सीनियर हमें बता नहीं पाते कि क्या सही है क्योंकि शब्दकोश में दोनों शब्द दिए रहते।
पति-पत्नी के लिए सही क्या – दंपति, दंपती या दंपत्ति?
दंपति, दंपती या दंपत्ति? जब इसके बारे में फ़ेसबुक पर पोल किया गया तो 73% ने कहा, दंपति सही है जबकि 27% ने दंपती पर मुहर लगाई। कुछ ने कहा – दोनों ग़लत हैं, सही है दंपत्ति। आइए, जानते हैं – सही क्या है और क्यों है।
सबसे पहले तो आपत्ति का निपटारा। दंपत्ति ग़लत है, 100% ग़लत है। लेकिन दंपति और दंपती में कौनसा सही है, जेजे इसका जवाब मुझे देना है और मैं बहुत मुश्किल में हूँ कि किसे सही बताऊँ क्योंकि शब्दकोशों में कोई दंपति को सही बताता है, कोई दंपती को और कोई दोनों को (देखें चित्र)।
लेकिन मेरा ख़्याल है कि दोनों को सही मानने से बात बनेगी नहीं। हमें इस शब्द की गहराई में जाना होगा और तब शायद कोई निष्कर्ष निकलेगा।
दंपति/दंपती एक ऐसा शब्द है जिसने मुझे पत्रकारिता में आने के साथ ही परेशान करना शुरू कर दिया था। ख़बरों में दंपति/दंपती शब्द आता और हमारे सीनियर हमें बता नहीं पाते कि क्या सही है क्योंकि शब्दकोश में दोनों शब्द दिए रहते। फिर किसी ने बताया कि संस्कृत में दंपती है। तब से मैंने दंपती को ही अपनाना शुरू कर दिया यह सोचकर कि जिस संस्कृत से यह शब्द आया है, अगर वहीं दंपती है तो हिंदी में भी दंपती ही होना चाहिए।
लेकिन कुछ साल पहले विद्वानों से संपर्क हुआ और उनसे चर्चा करके जो ज्ञान मिला, उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि हिंदी में दंपती नहीं, दंपति होना चाहिए। ऐसा क्यों, यह मैं नीचे डिस्कस करूँगा लेकिन उससे पहले यह जानना लाभदायक होगा कि यह दंपति/दंपती शब्द बना कैसे और यहाँ दम् का क्या मतलब है। मैंने अपने भाषामित्र योगेंद्रनाथ मिश्र से पिछले साल इसके बारे में पूछा था और उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से जो जवाब दिया, वह नीचे बहुत मामूली से संपादन के साथ पेश कर रहा हूँ।
आलिमजी ने दम्पति/दम्पती शब्द की विस्तार से व्याख्या करने के लिए कहा है।
इसमें अपनी बुद्धि लगाने या यों कहें कि अपनी होशियारी दिखाने का कोई अवकाश नहीं है।
सर मॉनियर विलियम्ज़ की संस्कृत-इंग्लिश-डिक्शनरी में जो कुछ दिया है, उसे अपने ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा हूँ –
दम् का प्रयोग ऋग्वेद से होता आ रहा हे।
‘दम्’ धातु (क्रिया) भी है और संज्ञा भी।
‘दम्’ का मूल अर्थ है ‘घर’। मूल अर्थ पत्नी या स्त्री नहीं है। स्त्री तो बिल्कुल नहीं। ‘दम्’ का स्वतंत्र प्रयोग नहीं मिलता।
‘दम्’ के साथ पति द्वंद्व समास के रूप में जुड़ता है। मज़े की बात यह कि वह आगे-पीछे दोनों तरफ जुड़ता है – दम्पति तथा पतिदम्। ये दोनों रूप कोश में दिए गए हैं।
दम्पति का मूल अर्थ है – घर का स्वामी। दम् यानी घर। पति यानी स्वामी।
चूँकि घर के स्वामी पति तथा पत्नी दोनों होते हैं (या उस जमाने में होते रहे होंगे)। इसलिए आगे चलकर दम्पति का अर्थ हो गया पत्नी-पति (पति-पत्नी)। ‘दम्’ यानी पत्नी।
और आगे चलकर पाणिनि काल में दम्पति का समास-विग्रह किया गया – जाया च पतिश्च दम्पतिः।
फिर सवाल यह हो सकता है कि विग्रह में दम् क्यों नहीं आया? जाया क्यों आया?
इसका जवाब मेरी अल्पमति से यह हो सकता है कि चूँकि ‘दम्’ शब्द का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता और विग्रह में स्वतंत्र शब्द चाहिए, इसलिए ‘दम्’ के पर्याय जाया (पत्नी) का प्रयोग ‘दम्’ के स्थान पर हुआ होगा।
सर मॉनियर विलियम्ज़ के कोशग्रंथ के सहारे अपनी अल्पमति से मैंने यह व्याख्या की है।
यानी योगेंद्र जी के पोस्ट से यह स्पष्ट हो गया कि दंपति/दंपती में जो दम् शब्द है, उसका अर्थ पत्नी है और बाद का शब्द तो पति है ही। अगर ऐसा है तो दोनों को मिलाकर जो नया शब्द बना, उसके अंत में भी पति ही होना चाहिए, वह पती किस तरह से हो सकता है? मसलन राष्ट्र और कवि से मिलकर कोई शब्द बने तो वह राष्ट्रकवि ही होगा, राष्ट्रकवी तो नहीं हो जाएगा! लेकिन यहाँ दम् (पत्नी) और पति से मिलकर जो शब्द बन रहा है, वह (कम-से-कम संस्कृत में) दंपति नहीं, दंपती हो रहा है। आख़िर क्यों?
इसके लिए संस्कृत का व्याकरण समझना होगा। हिंदी में दो वचन होते हैं – एकवचन और बहुवचन। संस्कृत में तीन वचन होते हैं, एकवचन, द्विवचन और बहुवचन। हिंदी में एक पति की बात होगी तो भी लिखेंगे पति (उसने अपने पति को फ़ोन किया) और दो या उससे अधिक पति होंगे तो भी लिखेंगे पति (द्रौपदी के पाँच पति थे)। पति, पति ही रहा। लेकिन संस्कृत में यदि दो पति होंगे तो लिखा जाएगा पती। एकवचन में पतिः, द्विवचन में पती। (नीचे तस्वीर देखें)।
अब आते हैं दंपति/दंपती पर। चूँकि दंपति/दंपती में पति-पत्नी दोनों हैं (यानी दो व्यक्ति हैं) सो संस्कृत में इसे द्विवचन माना गया और शब्द में पति की जगह पती कर दिया गया क्योंकि संस्कृत में द्विवचन में पतिः का पती हो जाता है। यानी संस्कृत में शब्द है दंपती। वहाँ दंपति है ही नहीं।
लेकिन हिंदी में तो एक पति हो तो भी पति और दो पति हों तो भी पति और पाँच पति हों तो भी पति, इसलिए हिंदी में क्या दंपति नहीं लिखा जाना चाहिए? यह दलील है उन लोगों की जो दंपति के पक्षधर हैं और मानते हैं कि हिंदी अपने शब्द चाहे जहाँ से ले, व्याकरण उसका अपना ही चलना चाहिए। उनकी दलील को समझने के लिए हमें संस्कृत का ही एक और शब्द लेना होगा – कवि जो हिंदी में भी इस्तेमाल होता है। संस्कृत में एकवचन में तो कविः होता है मगर दो कवि हों तो कवी हो जाता है। अब अगर हिंदी में आपको लिखना हो कि ‘वहाँ दो कवि बात कर रहे थे’ तो क्या आप ‘दो कवि बात कर रहे थे’ लिखेंगे या ‘दो कवी बात कर रहे थे’ लिखेंगे? निश्चित रूप से कवि।
लेकिन दूसरी और वे लोग हैं जो मानते हैं कि यह शब्द संस्कृत से आया है और जिस रूप में आया है, हमें उसे उसी (तत्सम) रूप में लिखना चाहिए – वहाँ दंपती है तो हम दंपती ही लिखेंगे।
चूँकि इस विवाद का कोई हल अब तक नहीं निकला है, इसीलिए शब्दकोश भी दोनों को अपने पन्नों पर जगह दे रहे हैं। मैं हालाँकि अब दंपति के साथ हो गया हूँ लेकिन जो दंपती के पक्ष में हैं, उनकी बात में भी ‘दम’ नज़र आता है, पत्नी वाला दम् नहीं, ज़ोर वाला दम।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने दी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी
2022-23 खरीफ एवं रबी मौसम में कुल 7046 कृषकों द्वारा कराया गया बीमा
1420 कृषकों को 21.52 लाख रुपए की धनराशि से किया गया लाभान्वित
बिजनौर। भारत अमृत महोत्सव अंतर्गत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मानीटरिंग समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएम द्वारा बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति की प्रगति तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत समीक्षा की गई।
सर्वप्रथम जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए यह जानकारी दी कि विगत वर्ष 2022-23 खरीफ एवं रबी मौसम में कुल 7046 कृषकों द्वारा बीमा कराया गया और 1420 कृषकों को 21.52 लाख रुपए की धनराशि से लाभान्वित किया गया। वर्तमान खरीफ 2023 मौसम में जनपद हेतु धान, उर्द एवं मूंगफली की फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत आच्छादित हैं। बीमित धनराशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम कृषक द्वारा देय है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, उप कृषि निदेशक एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एवं समस्त बैंक समन्वयक को निर्देशित किया गया कि उनके बैंक शाखा के जो ऋणी कृषक योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते, उन्हें अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक आप्ट-आउट फार्म जमा करने संबंधी सूचना देना सुनिश्चित करें। शेष ऋणी किसानों के अधिसूचित फसलों का योजना की निर्धारित गाइड लाइंस के अनुसार प्रीमियम धनराशि की कटौती करते हुए समस्त वांछित सूचनाएं पोर्टल पर 15 अगस्त 2023 तक अवश्य दर्ज करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि नामित बीमा कम्पनी से इस संबंध में कोई सहयोग अपेक्षित हो तो तत्काल अवगत कराएं। योजना का कवरेज बढाने के साथ-साथ बीमित किसानों को अधिक से अधिक क्षतिपूर्ति के भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा रबी वर्ष 2022-23 में बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति की प्रगति तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत समीक्षा की गई और खरीफ-2023 में आपदा से प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान समय से किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देशित किया गया कि बीमित किसानों को चिन्हित करते हुए उन्हें नोडल बीमा कम्पनी एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों के द्वारा योजना की विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराते हुए यह भी अवगत कराया जाए कि आपदा की स्थिति में यदि बीमित फसलें प्रभावित होती हैं तो किस प्रकार बीमा का अधिकतम व समय से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित निपेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, राजवीर सिंह, केहर सिंह, रामौतार, केहर सिंह, कल्याण सिंह आदि कृषकों को ज्वार, उर्द, मूंग, कोदो एवं मूंगफली के मिनी किट का निःशुल्क वितरण किया गया।
एक हिंदी अखबार ने आयोजन की पूरी खबर समेट दी 6 लाइन में, जबकि दूसरे ने दीं मात्र 17 लाइन
जागरण ने जरूर डबल कॉलम खबर फोटो के साथ देकर अपना कुछ कर्ज चुकाने की कोशिश की
हिंदी अखबारों में अपनों का तिरस्कार..अंग्रेजी का अपनापा
हमारे तीन दशक के पत्रकारीय जीवन में यह पहला अवसर था, जब लखनऊ में पद और जीवन दोनों से कूच कर गए अलमस्त और सदैव सजग संपादक रहे स्मृतिशेष सुनील दुबे जी की स्मृति में प्रकाशित संस्मरणात्मक पुस्तक ‘सुनील दुबे- कुसुमादपि कोमल वज्रादपि कठोर’ के विमोचन अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार सेंट जोसेफ स्कूल सीतापुर रोड में जुटे। दुबे जी जागरण में अपनी सेवाएं देने के बाद राष्ट्रीय सहारा और हिंदुस्तान के लखनऊ में संस्थापक संपादक रहे। उनकी कार्यशैली, उनके स्वभाव-प्रभाव-दबाव की उनके शागिर्दों ने खुलकर चर्चा की। गुण तो गाए ही गए। किन्हीं-किन्हीं ने दुबे जी के स्वभाव के कमजोर पक्ष भी यह कहते हुए सामने रखे कि पीठ पीछे की सब हरकतें जानकारी में होने के बाद भी दुबे जी ने किसी का अहित नहीं किया। कचोटतब पैदा हुई जब हिंदी पत्रकारिता को अपना सर्वस्व और सर्वश्रेष्ठ देने वाले दुबे जी की स्मृति से जुड़े इस कार्यक्रम को हिंदी अखबारों में ही वह महत्व नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। उन अखबारों में भी नहीं जिन अखबारों को उन्होंने लखनऊ में लांच किया और आम अभिरुचि का अखबार निकालकर लोकप्रियता के शिखर पर भी पहुंचाया। एक हिंदी अखबार ने आयोजन की पूरी खबर 6 लाइन में दी है और दूसरे ने 17 लाइनें। जागरण ने जरूर डबल कॉलम खबर फोटो के साथ देख कर अपना कुछ कर्ज चुकाने की कोशिश की।
अब विडंबना देखिए, पूरी उम्र हिंदी पत्रकारिता में बिताने वाले दुबे जी के इस स्मृति समारोह को अंग्रेजी अखबारों ने हिंदी से ज्यादा महत्व दिया। हिंदुस्तान टाइम्स हो या टाइम्स ऑफ इंडिया। इस पोस्ट के साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबारों की खबर चस्पा कर रहा हूं। आप खुद ही देख और समझ सकते हैं। चाहे तो मन मसोस भी सकते हैं। हिंदी पत्रकारिता की अपने ही स्वनामधन्य संपादक के प्रति यह बेरुखी भविष्य की हिंदी पत्रकारिता के अपने पूर्वजों को याद रखने के अध्याय के और काला होते जाने का ही अहसास कराती है। संकेत देती है।
इसलिए जरूरी है कि ‘रोबोट’ सी हो रही हिंदी पत्रकारिता में अब जरूरत से ज्यादा अपना सिर खपाने और पसीना बहाने की जरूरत ही नहीं रह गई है। आपके उत्तराधिकारी पता नहीं किस लक्ष्मण रेखा से बांधे गए हों! त्रेता युग में माता सीता (महिला या मातृशक्ति जो शब्द दें) लक्ष्मण रेखा लांघने का मन और साहस कर सकती हैं लेकिन कलयुग में मर्दों से ऐसी मर्दानगी की उम्मीद बेमानी है। बेवकूफी है।
दूसरी ओर, इलीट क्लास तक सीमित बताई जाने वाली अंग्रेजी पत्रकारिता इस माने में हिंदी से कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में है। संपादक स्वतंत्र है। हर घटना को अपने पाठकों तक पहुंचाने का प्रवाह अंग्रेजी में बना हुआ है। भले ही वह अपनी ही बिरादरी से जुड़ी खबर और हलचल ही क्यों ना हो? सारे जहां की खबरें और सूचनाएं देने वाले पत्रकारों की अपने बीच की कोई हलचल खबर क्यों नहीं बनती? सूचना क्यों नहीं समझी जाती? इसे नए सिरे से सोचने की जरूरत है।
इन सब परिस्थितियों-स्थितियों के बीच श्री दिनेश पाठक जी के संपादन और श्री अविनाश जी के संकल्प और मेहनत की बदौलत अपने दिवंगत पूर्वज के प्रति ऐसा श्रद्धाभाव प्रकट करना एक नई सामाजिक चेतना है। नई लकीर है और परंपरा भी। इसके लिए आप दोनों समेत पुस्तक के प्रति समर्पण भाव से सहयोग करने वाले सभी पत्रकारों का हृदय से अभिनंदन-वंदन। हिंदी पत्रकारिता भले ही पतन की राह में हो पर पत्रकार अपनी संवेदना के साथ हर जगह उपस्थित है। इसका जीता जागता प्रमाण सुनील दुबे जी पर आई पुस्तक ‘सुनील दुबे- कुसुमादपि कोमल वज्रादपि कठोर’ है। उत्तर प्रदेश में पूर्वज पत्रकार की याद में सिर्फ पत्रकारों की उपस्थिति के बीच पत्रकारों द्वारा पत्रकारों के लिए यह एक नया स्तुत्य प्रयास सामने आया है। आयोजक पत्रकार चाहते तो इस पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर तमाम राजनेता, साहित्यकार और दूसरे वर्ग के श्रेष्ठजन अपनी उपस्थिति दे सकते थे। तब निश्चित रूप से कार्यक्रम का प्रभाव तो बढ़ जाता। नेता-मंत्री की फोटो देखकर अखबारों (खासकर हिंदी) में खबर का स्थान भी बढ़ जाता, पर पत्रकार और पत्रकारिता का भाव न बचता। आयोजकों का इसे सिर्फ और सिर्फ पत्रकार बिरादरी और उनके परिवार के बीच सीमित रखने का भाव इसलिए प्रणम्य है, क्योंकि सुनील दुबे जी ने अवकाश के दिनों में पत्रकार और उनके परिवार को मिलाकर ‘बड़ा परिवार’ बनाने का एक नया जनजागरण किया था। बाद में उनके उत्तराधिकारी बने नवीन जोशी जी ने इस परंपरा को जारी रखा लेकिन अब यह लुप्तप्राय है। यह आयोजन उस परंपरा का लघु रूप नजर आया, जो सुनील दुबे जी ने स्थापित की थी। ऐसे सफल-सजग और सरल संपादक सुनील दुबे जी की स्मृति को एक बार फिर कोटि-कोटि नमन…
SHO और दो ASI को जान से मारने की धमकी देने वाले गैंगस्टर पर भी केस
नौकरानी को थर्ड डिग्री टॉर्चर करने पर 2 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR
गुरदासपुर। गुरदासपुर में एक महिला जज के घर चोरी के बाद पुलिस द्वारा संदेह के आधार पर घर की नौकरानी को कथित तौर पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने के आरोपों के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 पुलिस अधिकारियों, ASI अश्विनी शर्मा और मंगल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। महिला जज ने 26 जून को नौकरानी के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। नौकरानी ने पुलिस पूछताछ के बाद अधिकारियों पर कथित तौर पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने के आरोप लगाए थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक घरेलू नौकरानी पर जज की अनुपस्थिति में घर से सोने के गहने और 20,000 रुपए नकद लेकर भागने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में पहले SHO गुरमीत सिंह और 2 ASI और एक गनमैन को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी मामले में अब पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए ASI अश्विनी शर्मा और ASI मंगल सिंह के खिलाफ IPC की धारा 330 और 348 के तहत FIR दर्ज की गई है। थाना सिटी SHO इंस्पेक्टर करिश्मा ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की पुष्टि कर दी है। बता दें कि कुछ ईसाई व किसान संगठनों द्वारा आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को 25 जुलाई तक का समय दे रखा था व कार्रवाई न होने की सूरत में आंदोलन करने की चेतावनी दे रखी थी। इस मामले में उस समय एक नया मोड़ आया था जब लड़की के हक में बोलते हुए एक गैंगस्टर ने SHO और दोनों ASI को जान से मारने की धमकी दी थी। एसएचओ गुरमीत सिंह ने गैंगस्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है। ~साभार (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरो)
वृक्षारोपण कर महाअभियान में सहभागी बना प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक
बिजनौर। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ने वृक्षारोपण कर प्रदेश सरकार के महा अभियान में उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज़ कराई। बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने ग्रामीण बैंक परिवार सहित बैंक के सामने पौधारोपण किया।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में इस साल 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान शुरू हुआ है। एक ही दिन में 30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, जबकि 5 करोड़ पौधे आगामी 15 अगस्त को लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के हरित आवरण को 9 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि विगत वर्षों में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक द्वारा लगाए गए पौधे स्वतंत्र वृक्षों का रूप ले चुके हैं और बैंक कर्मियों की शासकीय नीतियों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वृक्षारोपण के इस महाअभियान में प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह के अतिरिक्त अनेक अन्य बैंक अधिकारी/स्टाफ जगदीश सरकार, विनीत कुमार, स्वतंत्रवीर सिंह, विशेष कुमार, राहुल देशवाल, लोकेन्द्र कुमार व जितेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।
लोक कवि हलधर नाग अब किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं। उन्हें भारत सरकार का प्रतिष्ठित पद्म सम्मान ‘पद्मश्री’ सम्मान भी प्राप्त है, पर ईश्वर प्रदत्त गुणों से उनकी पहचान इस सम्मान से बहुत बड़ी है। प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण न होने के बावजूद उन्हें अपने लिखे 20 महाकाव्य ज्यों के त्यों याद हैं। ओडीशा की उप लोकभाषा कोसलपुरी में अपने साहित्य को रचने वाले हलधर नाग की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘लोक’ को पूरी तरह से समर्पित उनके महाकाव्यों को हिंदी भाषी समाज से परिचित कराने का गुरुतर दायित्व श्रेष्ठ अनुवादक एवं साहित्यकार श्री दिनेश कुमार माली ने उठा रखा है। अब तक वह हलधर नाग के साहित्य पर तीन अनुवादित पुस्तकें समाज को समर्पित कर चुके हैं।
कृष्ण चरित्र पर नए तर्क-नए भाव के साथ लिखे गए महाकाव्य को हिंदी में अनुवाद करके ‘प्रेम पहचान’ शीर्षक से नई पुस्तक हम सबके समक्ष प्रस्तुत करने का स्तुत्य कार्य श्रीमाली ने हाल ही में किया है। ‘प्रेम पहचान’ नाम से आई इस पुस्तक में अपनी सम्मति देने का अवसर श्रीमाली ने हमें प्रदान किया। हिंदी में अनुवाद होकर आई ‘प्रेम पहचान’ पुस्तक के कवर पेज पर हमारी समिति को श्रीमाली और प्रकाशक संस्था ने स्थान दिया है। आप भी इसका अवलोकन करिए। हमारी गुजारिश है कि इस पुस्तक को आप पढ़िए भी। हमें पूरा विश्वास है कि आप हलधार नाग के इस महाकाव्य को पढ़ते हुए एक नए अनुभव से गुजरेंगे। कृष्ण चरित्र को नए ढंग से देख और समझ पाएंगे। श्री दिनेश माली जी एवं प्रकाशक संस्था को हृदय से आभार🙏🌹
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम
पौधारोपण कर छात्र छात्राओं ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ
लखनऊ। मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आर.डी पब्लिक स्कूल में आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में रेंजर सोनम दीक्षित, मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू, प्रबंधक जयशंकर बाजपेई, नीलम बाजपेई, समाजसेवी मनीष गुप्ता, आयुष बाजपेई, रचित मौर्या व छात्र छात्राओं ने अमरूद, केशिया सेमिया, कचनार के दो दर्जन पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
लखनऊ वन रेंज की क्षेत्रीय वनाधिकारी सोनम दीक्षित ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस को अवशोषित करने का काम धरती पर मौजूद पेड़ ही करते हैं और वह उन हानिकारक गैस को अवशोषित करके हमें शुद्ध अक्सीजन प्रदान करते हैं। हालांकि पेड़ इसके अलावा भी कई प्रकार से हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। वृक्षों के द्वारा ही हमें शुद्ध हवा मिलती है, इसके अलावा पेड़ों के द्वारा ही हमें ताजे ताजे फल खाने को मिलते हैं, साथ ही हम पढ़ाई लिखाई करने के लिए जिन किताबों का इस्तेमाल करते हैं वह भी पेड़ों के द्वारा बनाए गए कागज से ही हमें प्राप्त होती है। इसलिए हम सबको पौधारोपण कर उसकी रक्षा करनी चाहिए।
वहीं मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पंक्षी प्रेमी महेश साहू ने उपस्थित छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम और आप जो खुली हवा में सांस ले ले पा रहे हैं उस खुली हवा के पीछे सबसे बड़ा योगदान अगर किसी का है तो वह है पेड़, हालांकि इंसान धीरे-धीरे अब पेड़ों का महत्व भूलता जा रहा है परंतु पेड़ कभी भी अपने कर्तव्य को नहीं भूलते हैं, वह हमेशा से ही इंसानों को विभिन्न तरीके से फायदा पहुंचा रहे हैं। जब गर्मी के मौसम में अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण व्यक्ति पसीने से तरबतर हो जाता है तो उसे किसी पेड़ की छाया में ही आराम मिलता है। पक्षी भी पेड़ की छाया में ही अपना घोंसला बनाते हैं। इसके अलावा पेड़ से हमें कई प्रकार की औषधियां भी प्राप्त होती हैं।
प्रबंधक जयशंकर बाजपेई ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को ही बुद्धि/विवेक का गुण प्रदान किया है। यदि इस बुद्धि का प्रयोग हम विकास के नाम पर प्रकृति को नुकसान पहुँचाने में करते रहे तो यह मनुष्य के विवेक पर धब्बा होगा। आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने लिए ही नहीं बल्कि पूरी प्रकृति के लिए पेड़ों के संरक्षण पर कार्य करेंगे और इस धरा को हरा-भरा करेंगे। इस अवसर पर वन दरोगा शिवम यादव, विनोद कुमार, मंगटू प्रसाद, वन रक्षक दीपक कनौजिया, शैलेन्द्र सिंह समाजसेवी बबलू गुप्ता विद्यालय के छात्र यश, अंशु गुप्ता व छात्रा सानिया, अंशिका, तृप्ती, नेहा रावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य लोग अध्यापक, अध्यापिकाएं व सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रशासन ने जेसीबी मशीन से रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को बचाया
मंडावली के कोटावाली नदी में फंसी रूपईडीहा डिपो की बस
बिजनौर। नजीबाबाद भागूवाला अंतर्गत यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी के तेज बहाव में एक रोडवेज बस फंस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन से बस को पटलने से रोका और रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को सकुशल निकाला।
शनिवार सुबह मंडावली थाना क्षेत्र के भागूवाला की कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुबह 09 बजे यात्रियों को नजीबाबाद से लेकर हरिद्वार जा रही रूपईडीहा डिपो की बस UP 40 T 9003 अचानक कोटावाली नदी के रपटे पर बीचों बीच जाकर बन्द हो गई। पानी का तेज बहाव देख यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
मौके पर पहुंची मंडावली पुलिस ने क्रेन मंगवाकर राहत व बचाव कार्य शुरु किया। क्रेन की सहायता से बस को पानी में पलटने और बहने से रोका गया। यात्रियों को बचाने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जेसीबी मशीन के सहारे सभी यात्रियों को उफनती धारा में फंसी बस से सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस के अनुसार बस में 40 यात्री सवार थे।
मौके पर एसडीएम विजय वर्धन तोमर, एसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, मंडावली थानाध्यक्ष, जल पुलिस सहित अधिकारियों का पूरा अमला मौजूद रहा। विदित हो कि वर्ष 2016 में पिलर बैठने से कोटावली नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से सभी प्रकार के वाहन पुल के नीचे स्थित रपटे से ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते हैं। भारी बरसात में हर साल इस नदी का जलस्तर बढ़ जाता है।
मंडावली पुलिस पर लापरवाही का आरोप
लोगों का कहना था कि कावड़ यात्रा के दौरान तो रपटे के दोनों ओर पुलिस देखने को मिली, लेकिन कावड़ यात्रा खत्म होने के बाद से पुलिस भी गायब है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा से कोटावाली नदी उफान पर है। अभी कुछ दिन पहले भी रपटे पर पानी की तेज धार में कई वाहन नदी में फंस गए थे। इसके बावजूद मंडावली पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। मंडावली पुलिस की लापरवाही से ही आज फिर यात्रियों से भरी यह बस रपटे पर पानी के तेज धार में फंस गई। बरसात के समय मंडावली पुलिस को नदी के दोनों ओर बैठना चाहिए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर वाहनों को रोका जाए, और कोई हादसा न हो।
रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक किसान कर सकते हैं संपर्क
01342-262282 पर प्राप्त प्राप्त शिकायतों का त्वरित गति से होगा निस्तारण
अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार को बनाया कन्ट्रोल रूम प्रभारी एवं सहयोगी के तौर पर कनिष्ठ सहायक सरताज अहमद की तैनाती
खरीफ अभियान 2023-24 के लिए कन्ट्रोल रूम की स्थापना
बिजनौर। खरीफ अभियान 2023-24 के अन्तर्गत उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की सतत् निगरानी रखने तथा जनपद के कृषकों की उर्वरक मांग के सापेक्ष उपलब्धता एवं वितरण से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से जनपद मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसी क्रम में अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार को कन्ट्रोल रूम प्रभारी एवं कनिष्ठ सहायक सरताज अहमद को सहयोगी कर्मचारी नियुक्त किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रभारी एवं सहयोगी प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 10.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक कन्ट्रोल रूम नम्बर-01342-262282 पर प्राप्त उर्वरक से सम्बन्धित शिकायतों को पंजिका में तिथिवार पूर्ण विवरण अंकित कराएंगे। किसानो से प्राप्त शिकायतों का त्वरित गति से निस्तारण किया जाएगा।
पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने विदुर कुटी से शुरू किया वृक्षारोपण महाअभियान
बिजनौर। वृक्षारोपण महाअभियान के तहत 22 जुलाई 2023 का शुभारंभ करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह 11:00 बजे बिजनौर के विदुर कुटी आश्रम पहुंचे। वृक्षारोपण के तहत पेड़ लगाते हुए उन्होंने महाअभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में आज 30 करोड़ और 5 करोड़ पौधे 15 अगस्त को लगाए जाएंगे। कुल 35 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे पूरे उत्तर प्रदेश में इस अभियान के चलते पूर्ण करेंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां गंगा नदी उत्तराखंड के बाद सबसे पहले बिजनौर की धरती को छूती हैं, इसीलिए मैंने यह अभियान बिजनौर से शुरू किया। मुख्यमंत्री ने बिजनौर को 246 करोड़ की सौगात देते हुए एक संस्कृत महाविद्यालय का भी शुभारंभ महात्मा विदुर कुटी के पास किया। 12:30 पर वह हेलीकाप्टर से शुक्रताल मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।
मगरमच्छ को देख चीख पड़ी महिला, चारपाई से उठकर बचाई जान, ग्रामीणों ने हिम्मत से किया ये काम
घर के बरामदे में मगरमच्छ को टहलता देख कर उड़े होश
बिजनौर। नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में तालाब से निकलकर मगरमच्छ एक घर में घुस गया। जैसे ही वह चारपाई तक पहुंचा तो उसे देखकर महिला की चीख निकल गई। उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। वहीं, घर में मगरमच्छ होने से परिवार में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ को तालाब की ओर खदेड़ा।
नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में आबादी के निकट एक तालाब है। गुरुवार की रात्रि लगभग 12 बजे सात फीट लंबा मगरमच्छ जसराम सिंह के घर में घुस गया। मगरमच्छ जिस चारपाई के पास पहुंचा, उस पर जसराम की पुत्रवधू सो रही थी। चारपाई के पास कुछ आहट होने पर महिला नींद से जागी। उसने चारपाई के पास मगरमच्छ को देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने भागकर अपनी जान बचाई। परिवार में हड़कंप मच गया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को लाठी-डंडों से बामुश्किल तालाब की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से तालाब में एक मगरमच्छ रह रहा है। कई बार मगरमच्छ आबादी में भी आ चुका है। आरोप लगाया कि सामाजिक वानिकी विभाग को सूचना देकर मगरमच्छ को पकड़वाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दलदल से निकाले गए हाथी की मौत, 16 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया था बाहर
बिजनौर। भागूवाला में दलदल से निकाले गए हाथी की शुक्रवार तड़के मौत हो गई। हाथी की मौत से वन विभाग में हड़कंप मचा है। भागूवाला में धान के खेत में गुरुवार तड़के एक हाथी फंस गया था। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 16 घंटें बाद हाथी को दलदल से बाहर निकाला था।
दलदल से निकलने के बाद हाथी कुछ देर तो मूर्छित अवस्था में पड़ा रहा। करीब एक घंटे बाद हाथी लड़खड़ा कर चला और पास से गन्ने के खेत में जाकर बैठ गया। गन्ने के खेत में भी जलभराव होने के कारण हाथी एक बार फिर दलदल में फंस गया। वन विभाग की टीम ने दो-तीन घंटे का रेस्क्यू अभियान चलाकर ट्रैक्टर के माध्यम से हाथी को दलदल से बाहर निकाला। राजगढ़ वन क्षेत्र के रेंजर प्रिंस कुमार की देखरेख में हाथी को उपचार दिलाया गया। रेंजर प्रिंस कुमार के अनुसार हाथी शुक्रवार सुबह 4:30 बजे तक जिंदा था। करीब छह बजे हाथी की अचानक मौत हो गई। हाथी के पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने रामेश्वर वाटिका में किया वृक्षारोपण
उरई (जालौन)। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन रामेश्वर वाटिका में किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की टीचर सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि इस संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी हैं। ये एक लाभकारी संस्था है, जो कि 180 से भी ज्यादा देशों में मौजूद है। इस संस्था का उदृदेश्य मानवता के कल्याण के लिये कार्य करना है। साथ ही संस्था स्वास्थ्य शान्ति और खुशी के लिये कार्यक्रम कर रही है। इस अवसर पर संस्था द्वारा फल-फूल और छायादार पौधे लगाए गए।
आर्ट ऑफ लिविंग की टीचर सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि आगामी 8 से 13 अगस्त तक आनन्द महोत्सव का आयोजन टाइनी सीडस एकेडमी (पुरानी जीजीआईसी) के पीछे किया जाएगा। इसमें विश्व प्रसिद्व सुदर्शन क्रिया सिखाई जाएगी।कार्यक्रम में अनिरूद्व सिंह, आकाश श्रीवास्तव, आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से भारती श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, शशी, सोमेन्द्र सिंह, टीना गिरहोत्रा, मीरा वंशल, नम्रता वंशल, लीना वंशल, गीता गुप्ता, ऊषा गुप्ता, प्रिया गुप्ता, श्वेता अग्रवाल, मधु वंशल, रजनी सिंह के अलावा नरेन्द्र प्रजापति, विनय श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन आदर्श श्रीवास्तव ने किया।
22 जुलाई को सभी जनपदों में रोपे जायेंगे 35 करोड़ पौधे
35 करोड़ पौधों की लागत बताई जा रही है 3000 करोड़ रुपए
यूपी के सभी मंत्रियों को सौंपी गई 22 जुलाई को सभी जनपदों में वृक्षारोपण अभियान की जिम्मेदारी
लखनऊ। प्रदेश में इस बार 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य है। इसमें से 30 करोड़ पौधे 22 जुलाई को और 5 करोड़ पौधे 15 अगस्त को रोपे जाएंगे। इसके लिए सरकार के सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 22 जुलाई को सभी जनपदों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। सीएम योगी बिजनौर और मुजफ्फरनगर से महा अभियान की शुरुआत करेंगे। 35 करोड़ पौधों की लागत 3000 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश को हरा भरा करने और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लक्ष्य के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधारोपण अभियान की शुरुआत करते हुए एक दिन में 30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। पर्यावरण एवं वन मंत्री अरुण सक्सेना ने निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार बिजनौर, मुजफ्फरनगर में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रयागराज, कौशांबी में डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य, रायबरेली, बाराबंकी में डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, अयोध्या, अमेठी में मंत्री सूर्यप्रताप शाही, गोरखपुर, लखनऊ में मंत्री सुरेश खन्ना, झांसी, जालौन में मंत्री बेबी रानी मौर्य, अलीगढ़, हाथरस में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, मैनपुरी, फिरोजाबाद में मंत्री जयवीर सिंह, मेरठ, बागपत में मंत्री धर्मपाल सिंह, कानपुर, कानपुर देहात में मंत्री नंदगोपाल, वाराणसी, चंदौली में मंत्री अनिल राजभर, मुरादाबाद, संभल में मंत्री जितिन प्रसाद, बांदा, चित्रकूट में मंत्री राकेश सचान, आगरा, मथुरा में मंत्री अरविंद शर्मा, कन्नौज, फर्रुखाबाद में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, लखीमपुर, सीतापुर में मंत्री आशीष पटेल, बहराइच, श्रावस्ती में मंत्री संजय निषाद, प्रतापगढ़, जौनपुर में नितिन अग्रवाल, हापुड़ में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मऊ, गाजीपुर में मंत्री रविंद्र जायसवाल, एटा, कासगंज में मंत्री संदीप सिंह, बदायूं में मंत्री गुलाब देवी, अंबेडकरनगर, बस्ती में मंत्री गिरीश चंद्र, सिद्धार्थनगर तथा बलरामपुर में धर्मवीर प्रजापति को वृक्षारोपण अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक पौधा लगाने में 67 से 100 रुपए का खर्च आएगा। 35 करोड़ पौधों की लागत 3000 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
प्रोसेस में Agent का नहीं कोई रोल, रिफंड पोर्टल में निवेशक खुद कर सकेंगे Apply,
सहारा के निवेशकों को डेढ़ माह में वापस मिल जाएगा पैसा
नई दिल्ली। सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल के जरिए अपनी डिपॉजिट की गई राशि निवेशक आसानी से वापस पा सकेंगे। इसके लिए उन्हें घर बैठे ही मोबाइल या लैपटॉप के जरिए आवेदन देना होगा। आवेदन देने के बाद 45 दिन में आपके पैसे रिफंड होकर एकाउंट में पहुंच जाएंगे।
सहारा इंडिया के निवेशकों को अपने निवेश का रिफंड मिलने में एक दशक से भी ज्यादा समय बीत रहा है। अब सरकार ने इन निवेशकों के पैसे वापस करने के लिए सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया। इसके जरिए निवेशक आसानी से अपना जमा पैसा वापस निकाल सकेंगे। खास बात यह है कि इस प्रोसेस के लिए किसी एजेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले 10 हजार तक होगा रिफंड
सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल के जरिए करीब 4 करोड़ निवेशकों को पैसा वापस मिलना है, जिनके निवेश की मैच्योरिटी हो चुकी है। हालांकि सरकार ने रिफंड होने वाले पैसों पर 10 हजार रुपए की सीमा निर्धारित की है। यानि पहले चरण में उन निवेशकों की जमा राशि लौटाई जाएगी, जिनका निवेश 10 हजार रुपए है। जिन निवेशकों का निवेश 10 हजार से ज्यादा का है, तो उन्हें उनके कुल निवेश में से भी 10 हजार रुपए तक ही लौटाए जाएंगे। इस तरह से करीब 5 हजार करोड़ रुपए की रकम लौटाने की तैयारी की गई है।
वैरीफिकेशन होगा 30 दिन में
सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए निवेशकों को 45 दिन में पैसे वापस करने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सहारा ग्रुप की समितियां निवेशक के दस्तावेजों का वैरीफिकेशन 30 दिनों में पूरा करेंगी, जिसके बाद पैसा रिफंड होगा। पोर्टल के जरिए जिन निवेशकों को आवेदन देने में समस्या आती है तो उन्हें इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नजदीकी सीएससी सेंटर जाना पडे़गा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपए सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक (CRCS) को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। जिसके बाद सरकार ने 29 मार्च 2023 को कहा था कि चारों सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों का पैसा 9 महीने के भीतर लौटा दिया जाएगा। चार सहकारी समितियों- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में लगभग 2.5 करोड़ लोगों के 30,000 रुपये तक जमा हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि पहले चरण में 5,000 करोड़ रुपए डिपॉजिटर्स को वापस करने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर ज्यादा धनराशि जारी करने का अनुरोध करेगी। जिससे ऐसे निवेशकों जिन्होंने ज्यादा रकम डिपॉजिट किया हुआ है, उन्हें उनका पूरा पैसा रिफंड किया जा सके। अमित शाह ने बताया कि पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सेवा केंद्र होंगे जो डिपॉजिटर्स की मदद करेंगे।
उमरे पर जाने के लिए एक दिन पहले ही घर में लाकर रखी थी रकम
मकान की खिड़की तोड़कर लाखों रुपए की नकदी चोरी
बिजनौर। बढ़ापुर में अज्ञात चोरों द्वारा मकान की खिड़की तोड़कर लाखों रुपए की नकदी साफ कर दी गई। सवेरे घर में चोरी होने की जानकारी से परिजनों में हड़कंप मच गया। मकान स्वामी ने लाखों रुपए की रकम उमरे पर जाने के लिए एक दिन पहले ही घर में लाकर रखी थी। गांव में करीब पांचवी चोरी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
थाना क्षेत्र के ग्राम तारापुर निवासी याकूब पुत्र उमर का सड़क किनारे मकान है। याकूब ने सऊदी अरब में उमरा करने का प्लान बनाया था, जिस कारण याकूब व उसका परिवार पूरी तरह से तैयारी में लगा था। उमरे पर जाने के लिये एजेंट द्वारा आगामी 30 जुलाई की तिथि तय की गई थी, जिसके लिये याकूब को एजेंट ने 19 जुलाई को करीब दो लाख रुपए की रकम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के लिये कहा था। परन्तु बुधवार को ट्रांजेक्शन न हो पाने के कारण याकूब ने रकम ले जाकर घर के एक कमरे में रखी सेफ (अलमारी) में रख दी। बुधवार को देर रात किसी समय अज्ञात चोर याकूब की बैठक की खिड़की तोड़कर घर में दाखिल हो गए औऱ बैठक के जरिये घर के कमरे में पहुँच कर ताला तोड़कर सेफ में रखी करीब तीन लाख रुपए की नकदी चोरी कर ले गए। सवेरे याकूब ने जब कमरे का ताला टूटा और अलमारी को खुला पाया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। याकूब द्वारा घटना की लिखित सूचना थाना बढ़ापुर में दे दी गई है।
चार माह में चार घरों को चोरों ने बनाया अपना निशाना
याकूब द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में देर रात गांव में सवारी लेने आई एक गाड़ी, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे तथा गांव के ही दो लोगों पर चोरी का शक होने की बात कही गई है। इस बाबत जब ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बीते करीब चार माह में गांव में चार घरों को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। पहली चोरी यामीन पुत्र रमजानी, दूसरी नसीम पुत्र मीनू, तीसरी अशफर, चौथी चोरी स्व0 रईस पुत्र सुक्खे तथा पांचवी चोरी बुधवार की रात्रि याकूब पुत्र उमर के यहां हुई। चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। थाना बढ़ापुर पुलिस द्वारा तहरीर मिलने की पुष्टि की गई है।
मौके पर मिले टाइगर के पदचिन्ह, गुर्राने की आवाज सुनकर भाग खड़ी हुई टीम
बढ़ापुर वन रेंज में हाथी के बच्चे को टाइगर ने बनाया अपना निवाला
टाइगर ने किया हाथी के बच्चे का शिकार
~शाहिद रज़ा खान
बिजनौर। बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में एक बार फिर एक हाथी के बच्चे का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बना लिया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मृत हाथी के शव के पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी थी। परन्तु टाइगर द्वारा एक बार फिर मौके पर आ धमकने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को चिकित्सकों के पैनल को लेकर बैरंग वापस लौटना पड़ा। इसके बाद देर शाम पोस्टमार्टम कराया गया।
गुरुवार को बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन ढकरिया बीट के कक्ष संख्या तीन में एक हाथी के बच्चे का अधखाया हुआ शव पड़ा मिलने की सूचना ने वन विभाग में हड़कम मचा कर रख दिया। सूचना पर बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। विभागीय अधिकारियों के दिशा निर्देश पर रेंजर द्वारा हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई। इसके बाद चिकित्सकों के एक पैनल को मौके पर बुलाया गया। चिकित्सकों का पैनल अभी पोस्टमार्टम की तैयारियां कर ही रह था कि मौके पर एक टाइगर के आ जाने से अफरातफरी मच गई औऱ वन विभाग के कर्मचारी चिकित्सकों के पैनल के साथ मौके से भाग खड़े हुए।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हाथी के बच्चे का शव पड़ा हुआ था उसके आसपास टाइगर के पदचिन्ह पाए गये हैं। साथ ही हाथी के बच्चे के खाये हुए शव को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि टाइगर ने उसे अपना निवाला बनाया है। इस कारण गुरुवार को टाइगर अपनी भूख मिटाने के लिये एक बार उसी स्थान पर पहुचा, जहां पर उसने शिकार किया था। टाइगर के गुर्राने की आवाज को सुनकर वन विभाग के कर्मचारी के साथ साथ चिकित्सक भी सहम उठे। इस कारण सभी ने मौके से भागने में ही अपनी भलाई समझी। देर शाम टाइगर के जाने के बाद चिकित्सकों के पैनल ने मृत हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा सुरक्षित रख लिया।
परिवार से बिछड़ा होगा हाथी का बच्चा
इस बाबत जब रेंजर जितेंद्र सिंह यादव से बात की गई उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान हाथी के बच्चे का अधखाया शव पड़ा मिला, जो कि नर हाथी प्रतीत हो रहा है। उसकी उम्र करीब तीन से चार वर्ष रही होगी। चिकित्सकों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है। मौके से टाइगर के पदचिन्ह मिले हैं, जिस कारण ऐसा लग रहा है कि परिवार से बिछड़े हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बनाया है।
गोकशी के दो आरोपियों के दो मकानों को कुर्क कर किया गया सील
बढ़ापुर (बिजनौर)। गोकशी के दो आरोपियों द्वारा आपराधिक क्रियाकलापों से अवैध धन एकत्रित कर बनाये गए दो मकान जिनकी कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई थी स्थानीय पुलिस एवं तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों मकानों को कुर्क कर सील कर दिया गया है। कुर्की की प्रक्रिया के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बताया जा रहा है कि नगर के मोहल्ला झोझीयान/ कस्साबान निवासी वसीम पुत्र अ0 गफूर व शहजाद पुत्र सुक्के को बीते कुछ समय पहले स्थानीय पुलिस द्वारा गोकशी के आरोप में जेल भेजा गया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने विभागीय उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर गोकशी के आरोपियों पर कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर की कार्यवाही कर दी थी। इसके चलते हुए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा वाद संख्या 202313160001533/48 व 202313160001533/49 सरकार बनाम वसीम पुत्र गफूर कस्बा व शराफत पुत्र सुक्के थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर में पारित आदेश दिनांकित 11-07-2023 के अनुपालन में थाना बढ़ापुर के मु0अ0स0 112/2023 की धारा 3(1)2(ख)(17) गैंगस्टर अधिनियम थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर विवेचनाधीन से सम्बंधित आरोपियों शहजाद व वसीम के द्वारा आपराधिक क्रिया कलापों से अर्जित धन से बनाये गए दोनों के मकानों को कुर्क किया गया। गुरुवार को थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह व तहसीलदार नगीना जयेन्द्र कुमार की के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ मोके पर पहुँच कर दोनों अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों के घरों पर सील लगाकर बंद कर दिया गया। तहसीलदार नगीना जयेन्द्र कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर गोकशी के आरोपी शहज़ाद व वसीम निवासी कस्साबान कस्बा व थाना बढ़ापुर के खिलाफ कुर्की के आदेश के बाद दोनों आरोपियों के घरों को बंद कर सील किया गया है।
खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई
धान, उर्द, मूंगफली तथा गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं अधिसूचित फसलें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड नामित
बिजनौर में 7046 कृषकों ने कराया अपनी फसल का बीमा
इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी करेगी फसल बीमा
बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 खरीफ व रबी मौसम मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की कार्य योजना को जारी किया गया है। योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों खरीफ मौसम हेतु धान, उर्द, मूंगफली तथा रबी मौसम हेतु अधिसूचित फसलें गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं। फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा, चक्रवाती वर्षा से नुकसान के जोखिम को कवर किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022-23 रबी एवं खरीफ मौसम के अन्तर्गत जनपद के 7046 कृषकों द्वारा अपनी फसल का बीमा का कराया गया है। यह योजना स्वैच्छिक आधार पर लागू की गयी है। यदि ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अन्तिम तिथि से 7 दिन पहले तक योजनान्तर्गत प्रतिभागिता नहीं करने के सम्बन्ध मे लिखित रूप से अवगत कराना होगा। गैर ऋणी कृषक अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, फसल बुवाई का घोषणा पत्र, खतौनी की नकल, बैंक खाते का विवरण, आई0एफ0एस0सी0 कोड के साथ निकट के काॅमन सर्विस सेन्टर अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2023 है। अतः निर्धारित तिथि 31 जुलाई, 2023 से पूर्व ही जमा की गई प्रीमियम पर ही क्षति पूर्ति की धनराशि देय है, इसके बाद जमा की गई धनराशि पर फसल बीमित नहीं हो सकेगी व क्षति पूर्ति की धनराशि देय नहीं होगी।
वेटिंग लिस्ट लंबी बताकर रोगियों को भेजते थे निजी लैब, बदले में पाते थे कमीशन
कमीशनखोरी में टाटा अस्पताल के अधिकारी कर्मचारी समेत 11 गिरफ्तार
मुंबई (एजेंसी)। कैंसर रोगियों को कमीशन के लिए निजी प्रयोगशालाओं में रेफर करने के आरोप में शहर के टाटा मेमोरियल अस्पताल के कुछ कर्मचारियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत आने वाले अस्पताल को कैंसर के उपचार और अनुसंधान के लिए जाना जाता है और देशभर से यहां रोगी आते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ कर्मचारी रोगियों को जांच के लिए निजी इमेजिंग सेंटर और प्रयोगशालाओं में भेजते थे और इसके पीछे अस्पताल में लंबी प्रतीक्षा सूची होने की वजह बताते थे। आरोपियों में एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वॉर्ड ब्वॉय, आया, चपरासी और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
अधिकारी के मुताबिक इन्हें कथित रूप से निजी प्रयोगशालाओं से कमीशन मिलता था। इन जांच प्रयोगशालाओं की जांच की दरें अस्पताल से अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह आरोपियों ने रोगियों के साथ ही सरकार को भी लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया। अस्पताल के एक अधिकारी की शिकायत पर 16 जुलाई को एक निजी प्रयोगशाला के कर्मचारी समेत 21 लोगों के खिलाफ भोइवाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे जांच जारी है।
बूढ़ा हो या जवान, उन्हें हर कोई पुकारता था ‘‘भाई साहब”
उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव की त्रयोदशी पर आगामी 21 जुलाई को यहां पहुंचेंगे। इस अवसर पर राधिका गार्डन में शांति भोज होगा। सैफई से चलकर अखिलेश यादव राधिका गार्डन में इंद्रजीत सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इंद्रजीत सिंह जी के सुपुत्र आनंद यादव और अन्य परिजनों को ढाढस बंधाते हुए उनकी कुशलक्षेम पूछेंगे। लखनऊ प्रस्थान के पहले वे पत्रकारों से भी संक्षिप्त वार्ता कर सकते हैं।
15 साल तक जिलाध्यक्ष पद पर बने रहे इंद्रजीत सिंह यादव
स्व. इंद्रजीत सिंह यादव
15 साल तक लगातार जिलाध्यक्ष रहे इंद्रजीत सिंह यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेहद खास माने जाते थे। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। जब जनता दल बना, तब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 1980 में जिलाध्यक्ष बनाया और 6 अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन होने के बाद उन्हें संस्थापक सदस्य के साथ-साथ जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। इसके बाद वह लगातार 15 साल तक समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। समाजवाद के इस सच्चे सपूत की सरलता और सादगी के जीवंत उदाहरण के रूप में मिसाल दी जाती थी। कोई बूढ़ा हो जवान उन्हें हर कोई ‘‘ भाई साहब” ही कहकर पुकारता था। भाई साहब के राजनीतिक सफर की बात करें तो सरलता सादगी के प्रतीक इंद्रजीत सिंह यादव वर्ष 1980 तक कांग्रेस कमेटी जालौन के अध्यक्ष रहे।
विचारधारा में कभी आड़े नहीं आई दोस्ती
पार्टी ने सुरेश पालीवाल को उरई विधानसभा से टिकट दिया तो खिन्न होकर वह लोकदल में शामिल हो गए। फिर उन्होंने कांग्रेस की तरफ मुड़कर नहीं देखा वह समाजवाद की अलख जगाते रहे। मित्रता के मामले में उनका कोई सानी नहीं रहा। विचारधाराएं चाहें अलग रही पर पूर्व मंत्री स्व चौ शंकर सिंह, स्व बाबूराम एमकॉम की जोड़ी साथ रही लेकिन विचारधारा दोस्ती में कभी आड़े नहीं आई। वैसे भाई साहब की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं ज्यादा नहीं रही फिर भी पार्टी ने उन्हें 15 वर्ष सपा का जिलाध्यक्ष बनाये रखा। भाई साहब ने उरई को मेडिकल कॉलेज व जोल्हूपुर कदौरा की सड़क का तोहफा दिया। इन दोनों मांगों पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा था कि तुम अपने लिये कम समाज के लिये ज्यादा मांगे हो, सच्चे समाजवादी की मांग हम कैसे टाल सकते हैं। वह पिरौना इंटर कॉलेज के प्रबंधक अध्यक्ष भी रहे और उन्हीं के कार्यकाल मे कृभको चेयरमैन डॉ चन्द्रपाल सिंह यादव बतौर शिक्षक अपनी सेवाएं देते रहे। इसके अलावा जब मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें जल निगम बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इंद्रजीत यादव को बुंदेलखंड का गांधीवादी नेता कहा जाता था। सरल सौम्य होने के कारण विरोधी पार्टी के लोग भी उनका सम्मान करते थे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा दु:ख व्याप्त है।
पत्रकारों, खासकर नई पीढ़ी के पत्रकारों को यह जानना जरूरी है कि मिशनरी पत्रकारिता का ‘लोक’ कित्ता बड़ा होता जाता है? उसे नापना-मापना किसी के बस का नहीं। यह भी एक तरह का ‘शोध’ कार्य ही है।
परंपरा ऐसे ही बनती है, बचती है और बढ़ती भी। अक्सर देखा जाता है कि नाम के फेर में काम पीछे छूट जाते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि काम करने वालों को नाम बताने की जरूरत नहीं पड़ती।
चित चोर चित्तौड़-चहुं ओर प्रभाष..
चौदह बरस की निरंतरता कम नहीं होती। दिल्ली, इंदौर होते हुए ‘यादों की बारात’ इस साल चित्तौड़ पहुंच रही थी। प्रसंग वही प्रभाष जोशी जी की यादों से जुड़ने का। 15 जुलाई (प्रभाष जी की जयंती) को देश का ‘दिल’ दिल्ली जब पूरी तरह जागी भी नहीं थी, तब हिमाचल भवन के सामने उनके (प्रभाष जी) अनुयायियों की तरुणाई अंगड़ाई ले चुकी थी। एक-एक कर लोग पहुंच रहे थे। कई तो समय से पहले ही जम गए। इन्हीं में एक यह अकिंचन भी था। प्रभाष प्रसंग में जाने वालों में तीन पीढ़ियां- पहली, जिन्होंने उनके संग सत्संग या सत्कार्य किए। दूसरी, वह जो कुछ समय के लिए ही सही उनका सानिध्य सुख प्राप्त और तीसरी, नाम-काम-धाम से प्रभावित। तीन वर्ग-पुरुष, महिला और बच्चे। बस से जाने वालों में प्रभाष जी के पुत्र संदीप और पुत्रवधू श्रीमती उमा जोशी भी। दोनों उन्हीं की तरह अहम-वहम से दूर।
बसों की प्रतीक्षा बरबस हर वाहन की घर्र-घर्र पर हमारी ही क्या सभी की निगाह आड़ी-तिरछी कर देती। बस यात्रियों की इसी भीड़ के बीच एक कम वजनी (अंडर वेट) महिला बेझिझक पेट के लिए सभी से ‘वजन’ तुलवाने का अनुरोध कम गिड़गिड़ा सी ज्यादा रही थी। उधर, एक एकांत में कलाकार आदित्य अपनी कला को निखारने की मौन साधना में रमे थे। यह हमें पता भी न चलता अगर युगवार्ता और नवोत्थान के संपादकीय विभाग के सदस्य छोटे कद और बड़े संकल्प वाले तिवारी जी (पूरा नाम नहीं पता) यह कहकर ध्यान आकर्षित न करते- ‘आपकी फोटो बन गई..’ कुरूप हो या सुरूप। अपनी फोटो के लालच से भला कौन ऊपर? चाय की चुस्कियों के बीच भाई राकेश सिंह ने सूचना दी- बस थोड़ी देर और! खैर, इंतजार खत्म हुआ और दो बसें आ पहुंची। जाने और जानने की जल्दी में जल्दी-जल्दी सबने सामान धरा और बस में स्थापित। दस मिनट में प्रक्रिया पूरी और शुरू हो गई प्रभाष प्रसंग से जुड़ी एक और यादगार बनने वाली चित्तौड़ यात्रा। बच्चों में प्रभाष स्मृति का बीजारोपण और हम जैसों को खाद-पानी का सुयोग। यात्रा के अर्द्ध भाग में बस के अंदर सर्वोदयी रमेश चंद शर्मा के सर्वोदय गीत-‘हिम्मत से पतवार संभालो फिर क्या दूर किनारा ओ माझी’ और ग्राम दान से बन जाएगा गोकुल अपना गांव रे.. की मनमोहक प्रस्तुति ने कुछ और ही माहौल बना दिया। होते-करते रात 11 बजे हम सब चित्तौड़ मेवाड़ विवि के परिसर में दाखिल हो ही गए। 12 घंटे से अधिक इस यात्रा की थकान बड़ों में न छोटों में। पुरुषों में न स्त्रियों में। कमरे में सामान रख, मुंह हाथ धोकर सब उसी दिशा में बढ़ चले, जिधर अन्नपूर्णा माई का वास था। बिल्कुल वैसे ही जैसे- चल पड़े उधर ही कोटि पग..।
रात में अन्नपूर्णा माई से मुलाकात के वक्त ही नाश्ते के लिए सुबह साढ़े आठ बजे की ताकीद कर दी गई थी। सो, सब तैयार। भरपेट स्वादिष्ट नाश्ते के बाद शुरू हुआ सिलसिला प्रभाष प्रसंग का। विवि के महाराणा प्रताप सभागार में सबसे पहले वही ‘कबीर गायन’ जो प्रभाष जी की पसंद था और जीवन का आधार भी। पहले विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के अध्यक्ष डॉ. त्रिगुनातीत जैमिनी, हरिओम गंधर्व व रोशनी कसौधन की प्रभावी प्रस्तुति और बाद में भीलवाड़ा की सांस्कृतिक संस्था रसधारा के कलाकारों की प्रार्थनाएं । मुख्य समारोह के पहले लोक गायक प्रहलाद सिंह टिपानिया ने कबीर के पद सुंदर और मधुर वाणी में सुनाकर एकबार फिर मंत्र मुग्ध कर दिया। यह वही टिपानिया हैं, जिन्हें प्रभाष जी ने ही पहचान दिलाई और सही-सच्चे मुकाम तक पहुंचाया।
चित्तौड़ की अपनी यह पहली यात्रा थी। मेरी ही तरह पता नहीं कितनों की होगी? चित्तौड़ की लड़ाइयां विश्व प्रसिद्ध हैं। मौर्यवंशी, गुहिलवंशी, राजपूताना, मुगलों और गुजरात के सोलंकी शासकों के अधीन रह चुके चित्तौड़ की गाथाएं तो खूब हैं पर पन्ना धाय का अध्याय वाकई में चित्त चुरा लेता है। इतिहास में ऐसा कोई दूसरा अध्याय कहां? इस समृद्ध इतिहास के बावजूद चित चोर चित्तौड़ की इस यात्रा में चहुं ओर प्रभाष जी ही थे। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह हों या पूर्व सांसद महेश चंद्र शर्मा या केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान या पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर। सब उन्हीं गुणों का गान कर रहे थे, जो प्रभाष जी के सरल-तरल-विरल व्यक्तित्व में समाए थे।
चूंकि किसी काम को करने के लिए एक नाम जरूरी है। कहने के लिए इस सब आयोजन का करता-धरता तो प्रभाष परंपरा न्यास है पर मेरुदंड तो राम बहादुर राय जी ही हैं। प्रभाष जी की तरह ही नाम से ज्यादा काम पर ध्यान। यकीन न हो तो 13हवें प्रसंग में बीएचयू के प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी के प्रभाष जोशी स्मारक व्याख्यान की उस मुद्रित ‘पुस्तिका’ पर गौर फरमाएं, जिसमें नाम न परंपरा न्यास का है, न राम बहादुर राय या अन्य किसी का। परंपरा ऐसे ही बनती है, बचती है और बढ़ती भी। अक्सर देखा जाता है कि नाम के फेर में काम पीछे छूट जाते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि काम करने वालों को नाम बताने की जरूरत नहीं पड़ती।
आयोजन के लिए चित्तौड़ के चुनाव पर कुछ सवाल उठे। यह भी राय साहब के संबोधन से ही सबको या कहें खासतौर से हमें मालूम चला। इसीलिए प्रभाष प्रसंग चित्तौड़ में क्यों? का जवाब राय साहब को देना ही था। राय साहब ने दिया भी-‘इसलिए कि मेवाड़ विवि के कुलाधिपति डॉ अशोक कुमार गदिया जोशीले हैं और जिद्दी भी। उन्होंने अपने विवि के गांधी संग्रहालय को प्रभाष जी की स्मृति से जोड़ा है। प्रभाष जोशी स्मृति गांधी संग्रहालय का उद्घाटन प्रभाष प्रसंग के कार्यक्रम के अवसर पर ही संपन्न कराने का उनका संकल्प था। कई वर्षों से यह संकल्प अधूरा था। इसलिए उनकी इच्छा पर ही इस बार का प्रभाष प्रसंग चित्तौड़ में।’ प्रभाष जी की स्मृतियों से जुड़े इस संग्रहालय की बाहरी दीवार पर संग्रहकर्ता कलाकार सिद्दीक अहमद मंसूरी ने गांधी जी के 151 चित्र बनाकर न केवल अपनी कला बल्कि अपनी गांधीवादिता का प्रमाण भी दिया है। देश और दुनिया में गांधी जी से जुड़े तमाम संग्रहालय हैं पर अपनी तरह का यह अनूठा संग्रहालय है। यहां द स्टेट्समैन में 1948 का वह अंक भी संजो कर रखा गया है जिसमें बापू के शहीद होने की खबर छपी थी। हमने कौसानी का वह गांधी संग्रहालय भी देखा है, जहां गांधी जी ने कई दिन बिताए थे। इसमें और उसमें मूलभूत फर्क यह दिखा कि वहां चित्र संजोए गए हैं और यहां बनाए। विवि के संग्रहालयों की देखरेख करने वाली महानिदेशक डॉ चित्रलेखा सिंह को भी इसके लिए खूब सराहना मिलना भी इस बात का प्रमाण है कि अच्छे काम के कद्रदान समाज में आज भी हैं। यह भी प्रभाष परंपरा ही है। अपने संबोधन में विजय दत्त श्रीधर ने उनके इस गुण की चर्चा करके इसे प्रमाणित भी किया। इस पूरे आयोजन में प्रभाष जी की सहधर्मिणी श्रीमती ऊषा जोशी की मौन उपस्थिति भी यह बताने के लिए काफी है कि जिस तरह उन्होंने प्रभाष जी का ताजिंदगी साथ दिया, उसी तरह प्रभाष परंपरा न्यास का साथ और सानिध्य देने को वह तत्पर हैं। इस यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि ‘विनोबा दर्शन’ पुस्तक है, जिसमें विनोबा दर्शन की झलक प्रभाष जी की उन 39 रिपोर्ट से मिलती है जो उन्होंने 1960 में विनोबा के इंदौर प्रवास के वक्त नई दुनिया के लिए लिखीं थीं। प्रभाष जी का पहला लेखन 63 वर्ष बाद पुस्तकाकार रूप में आया है तो इसके पीछे भी अपने पूर्वज के प्रति आस्था और कर्म के प्रति निष्ठा ही है।
इस पुस्तक की जरूरत डॉ रामाशंकर कुशवाहा द्वारा प्रभाष जी के जीवन पर लिखी गई किताब ‘लोक का प्रभाष’ से निकली। लोक का प्रभाष तो प्रभाष जी के जीवन को समझा देती है पर प्रभाष जी का लोक बहुत बड़ा है। यह बताने और समझाने के लिए भी एक किताब की जरूरत महसूस हो रही है। प्रभाष जी को गए 14 बरस बीत गए। हर आयोजन में नए-नए चेहरे बताते हैं कि उनका पूरा ‘लोक’ एक आयोजन में समेटना मुश्किल ही नहीं असंभव है। इसीलिए ऐसी किताब भी हम जैसों को जरूरी लगती है। पत्रकारों खासकर नई पीढ़ी के पत्रकारों को यह जानना जरूरी है कि मिशनरी पत्रकारिता का ‘लोक’ कित्ता बड़ा होता जाता है? उसे नापना-मापना किसी के बस का नहीं। यह भी एक तरह का ‘शोध’ कार्य ही है।
फिर लौटते हैं विनोबा दर्शन पर। इसके संकलनकर्ता हैं हाल ही में दिवंगत नई दुनिया के इंदौर संस्करण के लाइब्रेरियन रहे कमलेश जैन। उन्होंने ही प्रभाष जी की वह रिपोर्ट सुरक्षित रखीं और सुरक्षित हाथों तक पहुंचाई भी। वरिष्ठ पत्रकार और प्रभाष परंपरा के वाहक श्री मनोज मिश्र के संपादन में निकली यह किताब नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए तो उपयोगी है ही, हम जैसे अधकचरे पत्रकारों के लिए भी कम प्रेरणादायक सिद्ध नहीं होगी।
लखनऊ। जनपद सहारनपुर में 8 से 26 अगस्त तक अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। भर्ती रैली डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में होगी। इसमें प्रदेश के 13 जनपदों के अभ्यर्थी भाग लेंगे।
सहारनपुर कलक्ट्रेट सभागार में अग्निवीर भर्ती की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं सेना के अधिकारियों की बैठक हुई। जिलाधिकारी डा.दिनेश चन्द्र ने सभी विभागीय अधिकारियों को उचित व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को पेयजल, साफ-सफाई, बेरीकेटिंग, लाइट, मोबाइल शौचालय, एम्बुलेंस आदि की उचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को पर्याप्त मात्रा में बसों को संचालन करने एवं अग्निशमन विभाग को रैली स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस विभाग को सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि भर्ती में जनपद रामपुर, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड, गाजियाबाद, बिजनौर, बागपत, मेरठ, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, शामली और सहारनपुर के अभ्यर्थी भाग लेंगे। भर्ती रैली डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में होगी। भर्ती रैली में युवाओं की दौड़, छाती, लंबाई, ऊंची कूद आदि का परीक्षण होने के बाद सभी शैक्षणिक व अन्य कागजातों की जांच होगी। इसके बाद मेडिकल परीक्षण होगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक, एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण एवं सेना भर्ती के अधिकारी मौजूद रहे।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दो वर्ष से घूम रहा था खुलेआम
ससुराल में रह रहा दामाद हरियाणा से चोरी बाइक के साथ गिरफ्तार
बढ़ापुर (बिजनौर)। ससुराल में रह रहे एक दामाद को बढ़ापुर पुलिस ने दो वर्ष पहले हरियाणा के थाना सधोरा जिला यमुना नगर से चोरी की गई एक स्प्लेंडर बाइक के साथ गिरफ्तार किया है।
नगर के अंतिम छोर पर ग्राम रामजीवाला जाने वाले मार्ग पर सोमवार देर शाम नगर पुलिस चौकी इंचार्ज वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार अपने हमराही सिपाही अंकित कुमार, मोबाइल चैकिंग सिपाही नीटू व बिजेंद्र कुमार के साथ छोटे नाले के पास पुलिया पर वाहन चैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजरी काले रंग की एक स्प्लेंडर बाइक की नम्बर प्लेट पर अंकित नम्बर को मोबाइल एप्प पर चैक किया गया। उक्त बाइक अजित कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी थाना छजलैट के नाम पर आई। इसके बाद स्प्लेंडर बाइक के चेसिस नं की जांच की गई तो उक्त बाइक का सही नं HR31B3983 आया जो कि अशोक कुमार पुत्र फूलचंद निवासी झुर माजरा थाना व पोस्ट सधोरा जिला यमुना नगर आया। इस पर बढ़ापुर पुलिस द्वारा हरियाणा पुलिस से सम्पर्क किया गया तो पता चला कि उक्त बाइक सधोरा बस स्टैंड से करीब दो वर्ष पहले चोरी हो गई थी। इस सम्बंध में थाना सधोरा पर बाइक स्वामी अशोक कुमार द्वारा गत 20 जून 2021 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बढ़ापुर ने पूरी तसल्ली के बाद चोरी की बाइक के साथ पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सरकार अली पुत्र औरंगजेब निवासी रणजीत नगर थाना विलासपुर जिला यमुनानगर हाल निवासी ग्राम रामजीवाला बताया। उक्त व्यक्ति ने बताया कि ग्राम रामजीवाला में उसकी ससुराल है। सरकार अली ने बाइक चोरी की बात कबूल करते हुए बताया कि वह दो वर्ष पहले सधोरा बस स्टैंड से बाइक चोरी कर रामजीवाला ले आया था। बाद में एक फर्जी नम्बर प्लेट बनवाई और उस पर UP21BT1586 अंकित कराया। उसके बाद वह उक्त बाइक को बेखौफ होकर चलाता रहा, परन्तु चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने चोरी की बाइक कब्जे में लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर देर रात ही सम्बंधित धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी।
थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान बाइक पकड़ी गई थी। खोजबीन करने पर पता चला कि उक्त बाइक हरियाणा से चोरी हुई थी। बाइक स्वामी व हरियाणा पुलिस से तस्दीक के बाद आरोपी सरकार अली के खिलाफ धारा 420,465,468,471,411 IPC में रिपोर्ट दर्ज कर उसका चालान किया गया है।
भारी बारिश: कई स्थानों पर धंसने व टूटने के कारण बंद होने को है बढ़ापुर- कोटद्वार मार्ग
(शाहिद रज़ा खान)
बढ़ापुर (बिजनौर)। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नगर में नकटा एवं गूला नदियों द्वारा किए जा रहे कटान के अलावा अब पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को जोड़ने वाले एकमात्र बढ़ापुर- कोटद्वार मार्ग भी कई स्थानों पर धंसने व टूटने के कारण आवागमन के लिए बंद होने वाला है।
पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश अब क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। नगर से सटकर बहने वाली नकटा एवं गूला नदियों ने मोहल्ला भजड़ावाला व नौमी में भारी कटान करके मकानों को बहाने के साथ ही लोगों की नींद उड़ा रखी है। इन नदियों के अलावा ऊनी नदी त्य्योपुर के समीप काशीवाला मार्ग को तोड़ने के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव के लोग इस मार्ग को लेकर चिंतित है परंतु सिंचाई विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है। उधर नगीना- बढापुर मार्ग पर खो नदी भी लगातार कटान करते हुए मार्ग के समीप पहुंचती जा रही है। बात पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को जोड़ने वाले एकमात्र मार्ग बढ़ापुर-कोटद्वार की जाए तो भारी बारिश के चलते उक्त मार्ग भी बढ़ापुर पाखरों के बीच कई स्थानों पर धंसने व कटने के कारण आवागमन बंद होने की स्थिति में पहुंच चुका है। इस मार्ग को कहीं भी नदी से तो कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है किंतु भारी बारिश ही इसके धंसने और कटने का सबब बनती जा रही है। मार्ग पर मिट्टी धंसने व कटान के कारण यह वाहनों के आवागमन के लिए खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है परंतु इसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। उक्त मार्ग पर कोटद्वार के अलावा अपने खेतों पर आने जाने वाले किसान मार्ग बंद होने की स्थिति से भारी चिंतित है और लोक निर्माण विभाग से शीघ्र ही मार्ग की मरम्मत कराने की मांग कर रहे है।
वारदात को अंजाम देने वाली भांजी, प्रेमी संग गिरफ्तार
अवैध संबंधों का राज खुलने से नाराज होकर की थी बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या
बिजनौर। खारी क्षेत्र में वृद्ध महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। अपने अवैध संबंधों का राज खुलने से नाराज होकर दोनों ने बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
एसपी नीरज कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हल्दौर थाना क्षेत्र के खारी गांव में 15 जुलाई को जरीना खातून (55 वर्ष) का 4 दिन पुराना शव घर के कमरे में मिला था। मृतका के बेटे यूनुस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई थी। पुलिस ने हल्दौर थाना क्षेत्र के मोहल्ला रईसान निवासी शाहिद व मोहल्ला सराय की कमरुन्निशा को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसका पति हनीफ 6 साल पहले लकवे का शिकार हो गया था। कमरुन्निशा लोगों से जकात लेकर परिवार की गुजर-बसर कर रही थी, लेकिन इसी दौरान वह जाहिद के संपर्क में आई और प्रेम संबंध होने पर दोनों चोरी-छिपे साथ रहने लगे। उसने बताया कि इस दौरान यह बात हनीफ की मौसी खारी निवासी जरीना खातून ने सभी रिश्तेदारों को बता दी। इसके बाद उन्होंने कमरुन्निशा को जकात यानी चंदा देकर मदद करना बंद कर दिया। इसी से नाराज होकर कमरुन्निशा, जाहिद के साथ 12 जुलाई को गांव खारी पहुंची। जरीना घर पर अकेली थी। दोनों गेट खोलकर अंदर चले गए। पुलिस का दावा है कि प्रेमी और प्रेमिका ने मिलकर चुनरी से बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर के बाहर से ताला लगाकर दिल्ली चले गए और रास्ते में घर की चाबी गंगा में फेंक दी।चर्चा यह भी है कि दोनों ने गुपचुप तरीके से निकाह कर लिया है।
गुरु द्रोणाचार्य आश्रम में खड़ा सैकड़ों साल पुराना पेड़ धराशायी
पीपल के पेड़ की चपेट में आकर शनिदेव मंदिर भी हुआ ध्वस्त
बिजनौर। लगातार हो रही बारिश के चलते चाँदपुर स्थित गुरु द्रोणाचार्य आश्रम में खड़ा सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आकर शनिदेव मंदिर भी ध्वस्त हो गया। पास से गुजर रही बिजली लाइन के पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त किसी के वहां नहीं होने से किसी की जान की हानि नहीं हुई।
पुरातत्व सर्वेक्षण में चांदपुर क्षेत्र स्थित गांव सैंद्वार में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम होने की पुष्टि हुई थी। यहां गुरु द्रोणाचार्य ने कौरव और पांडवों को शिक्षा-दीक्षा दी थी। आश्रम में ग्राम देवता, चामुंडा देवी, काली देवी सहित कई छोटे मंदिर है। यहां एक विशालकाय पुराना पीपल का पेड़ था। बुजुर्ग ग्रामीणों के अनुसार यह पेड़ सैकड़ों साल पुराना था। पिछले करीब पंद्रह दिन से हो रही बारिश के चलते सोमवार-मंगलवार रात यह पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़ा। दो साल पहले शनिदेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। पेड़ ने शनिदेव मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के पोल भी पेड़ की चपेट में आ गए। शनिदेव मंदिर स्थित प्राचीन पेड़ के गिरने के बाद ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चा चल रही है। मंगलवार को पेड़ के गिरने की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। (भुवन राजपूत)
नजीबाबाद। भारी बारिश व तेज हवा चलने से मजार पर खड़ा एक बहुत पुराना पीपल का पेड़ अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। पेड़ पास के एक मकान पर जा गिरा। आवाज सुनकर परिवार ने मकान से निकलकर जान बचाई।
मंगलवार की सुबह तड़के नगर के मोहल्ला जाब्तागंज के फाटक नम्बर 3 पर स्थित एक मजार पर खड़ा बहुत पुराना पीपल का पेड़ अचानक भरभरा कर गिर गया। पेड़ पास में रहने वाले इरफान के मकान पर जा गिरा। पेड़ की आवाज सुनकर इरफान के परिवार ने मकान से निकलते हुए भाग कर अपनी जान बचाई। पेड़ गिरने से इरफान का काफी नुकसान हुआ है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पेड़ की उम्र लगभग 100 साल है। जड़ भी काफी मजबूत थी, लेकिन तेज आंधी तूफान और भारी बारिश के कारण अचानक गिर गया, गनीमत रही कि जान का कोई नुकसान नही हुआ है। एक तरह से बड़ा हादसा टल गया। उधर पेड़ को देखने के लिए मोहल्लेवासियों को भीड़ उमड़ पड़ी।
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