उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा तथा जिला प्रशासन द्वारा उनको हर संभव सहायता की जाएगी प्रदान,
महाप्रबंधक उद्योग केंद्र को जिले के सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा दिए निर्देश
बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने कहा कि उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा तथा जिला प्रशासन द्वारा उनको हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बैठक में औद्योगिक आस्थान में बिजली फीडर की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने महाप्रबंधक उद्योग केंद्र को निर्देशित किया कि जिले के सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों को शासन द्वारा निर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिक से अधिक रूप से लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

मुख्य विकास अधिकारी श्री बोरा शनिवार शाम 04ः00 बजे कलक्ट्रट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जिला उद्योग बन्धु व व्यापार बन्धु की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि उद्योग एवं व्यापार बंधुओं की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित होने वाली इस बैठक की गरिमा को बनाए रखें और जो भी निर्देश उपलब्ध कराएं जाएं, उनका पूर्ण मानक एवं समय सीमा के भीतर अनुपालन करना सुनिश्चित करें ताकि फोरम की विश्वस्नीयता क़ायम रहे। उन्होंने निवेश मित्र योजना, सिंगल विण्डो सिंस्टेम, उद्यमी निवेश मित्र योजनांतर्गत उद्यम से संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय अधिकारी प्राप्त होने वाली शिकायतों को त्वरित गति से निस्तारित करें ताकि उसका लाभ उद्यमी एवं व्यापार बंधुओं को उपलब्ध हो सके।
श्री पूर्ण बोरा द्वारा एमएसएमई के वार्षिक क्रेडिट प्लान के क्रम में ऋण समीक्षा में पाया गया कि 2022-23 में रू0 915.87 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक तक रू0 244.58 करोड़ का ऋण स्वीकृत, ओडीओपी योजना के तहत 160 लाख के सापेक्ष मात्र 120.53 लाख स्वीकृत, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 67254 लाभार्थियों को 344.81 करोड़ की धनराशि का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजनांतर्गत 219.22 के विरूद्व 184.48 लाख तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 523.88 करोड़ रूपये की धनराशि वितरित की गई। निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा में उन्होंने कहा कि निरस्त होने वाले आवेदनों का अवलोकन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि एलडीएम सभी निरस्त आवेदनों का विवरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उनके द्वारा निर्धारित ऐजेण्डे के अनुरूप शासन द्वारा निर्धारित बिन्दुओं पर औधोगिक इकाईयों की कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था, एकल मेज व्यवस्थान्र्तगत लम्बित मामलों, विधुत भार स्वीकृति/अवमुक्ति के मामलों, डीआरआई स्कीम के अंतर्गत माइक्रो इकाईओं को दिये गये ऋण, एक जनपद एक उत्पाद योजनान्तर्गत ऋण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना, स्टैण्डअप इंडिया ऋण, जैम पोर्टल, आदि की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर एलडीएम, उपायुक्त उद्योग लोकेन्द्र कुमार, उद्यमिगण विकास अग्रवाल, जुल्फुकार आलम, मुनीष त्यागी, उपायुक्त व्यापार कर जीएसटी सहित जिले के उद्योग बन्धु/व्यापार बन्धु मौजूद थे।





























































































































































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