पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी देने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है। मंगलवार को भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर के आवास पर संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूराम तोमर ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता को हमलावर जान से मारने की धमकी दे रहे है तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शीघ्र ही प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो टिकैत साहब का आदेश मिलते ही अपने नेता की सुरक्षा दिलाने के लिए जिले में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। इस अवसर पर चौधरी ऋषि पाल सिंह, ध्यान सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुधीर कुमार, मोहित कुमार, ओमवीर सिंह, सतीश राजपूत, कासिम अली, शहजाद अहमद आदि उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि राकेश टिकैत को मिली धमकी के मामले में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्वीट कर ये जानकारी दी और ये भी कहा कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक मुख्य आरक्षी ने मामला भी दर्ज कराया था.
बिजनौर। बास्टा में हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ कर किसान की मौत हो गई। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रसूलपुर नगला निवासी चन्द्रप्रकाश मंगलवार को अपने ईख के खेत में नलाई कर रहा था। इस बीच खेत के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन का तार अचानक टूट कर उसके शरीर पर गिर गया। घटना में किसान की मौके पर ही मौत हो गयी। जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने सरकारी मदद के आश्वासन के बाद शव को उठने दिया। परिजनों के अनुसार किसान तीन पुत्रियां और दो पुत्र रोते बिलखते हुऐ छोड़ गया है।
पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च
नई दिल्ली (एजेंसी)। महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।
पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत महिलाओं को बस एक आवेदन करने की जरूरत है। ये योजना हर एक राज्य की 50,000 महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका
पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका देगी। भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।
नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द सामने आने के बाद इस बार नए साल यानी नवरेह पर घाटी में पंडितों की वापसी की आवाज बुलंद होगी। देशभर से कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। जम्मू से भी बस के जरिये कश्मीरी पंडित घाटी में जाकर हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पंडितों की वापसी की कामना करेंगे। सार्वजनिक समारोह कर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास होंगे, जिसमें सभी धर्मों व संप्रदाय के लोग शामिल होंगे। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी इस मौके की साक्षी होंगी। जेके पीस फोरम की ओर से देशभर के कश्मीरी पंडितों को नवरेह पर दो अप्रैल को कश्मीर में जुटाने की तैयारियां की गई हैं। इसके तहत शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही शेर-ए कश्मीर पार्क में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ ही पंडितों की सम्मानजनक वापसी की आवाज बुलंद की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराना और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाना है। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि इस बार कोशिश है कि सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर पंडितों की वापसी का माहौल बनाया जाए। इसके लिए अंतर समुदाय सांस्कृतिक महोत्सव भी कराया जा रहा है। कोशिश होगी कि सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें व सभी के प्रति सम्मान का भाव जगे। विस्थापन का दर्द झेल रहे पंडितों को सम्मान मिले। सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत भी नवरेह पर इस बार ऑनलाइन संबोधित करेंगे। संजीवनी शारदा केंद्र जम्मू के माध्यम से इस कार्यक्रम का आयोजन तीन अप्रैल को होगा। सर संघचालक पिछले साल संबोधन करने वाले थे, लेकिन अस्वस्थ होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था।
मायावती ने लिया बड़ा एक्शन, BSP की सभी इकाइयों को भंग किया
नई दिल्ली (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सभी प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को बुलाकर हार के कारणों पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सारी कार्यकारिणी को भंग करने के साथ ही 3 चीफ कोऑर्डिनेटर्स की नियुक्ति कर दी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में हार पर बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया। उन्होंने हार के कारणों पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के साथ हारे हुए 402 प्रत्याशी भी बुलाए गए। विदित हो कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक पंडितों का कहना है कि बसपा लगभग खत्म हो चुकी है। उसके वोट बैंक का एक बड़ा हिस्सा भी भाजपा और अन्य पार्टियों में शिफ्ट हो चुका है।
एफ.पी.ओ. द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल
बिजनौर। ग्राम अगरी में कृषक उत्पादक संगठन “हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” द्वारा एक मृदा परीक्षण लैब स्थापित की जा रही है।
एफ.पी.ओ. के सीईओ विकास कुमार ने बताया कि इस प्रयोगशाला में कृषक नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, पीएच, ईसी,सल्फर, जिंक, बोरोन, कापर, जीवांश कार्बन आदि की जांच करा सकते हैं। एक मृदा नमूना के सभी तत्वों की टेस्टिंग की फीस 400 रूपये निर्धारित की गयी है। इसके साथ ही यदि कोई कृषक कुछ चुनिंदा तत्वों की जांच कराना चाहता है तो इसकी फीस तुलनात्मक रूप से उसी तरह से कम हो जाएगी। नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश में से किसी एक तत्व की जांच के लिए ₹28 देने होंगे। पीएच मान की जांच के लिए ₹48 तथा ऑर्गेनिक कार्बन के लिए 65 रुपए का शुल्क देय होगा। एक मृदा नमूने के संपूर्ण तत्वों की जांच के लिए लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कृषक उत्पादक संगठन के चेयरमैन ब्रह्मपाल सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद बिजनौर में किसी भी एफपीओ द्वारा यह अनूठी पहल है तथा संतुलित उर्वरक प्रयोग हेतु यह प्रयोगशाला मील का पत्थर साबित होगी। स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला का निरीक्षण उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा किया गया। मौके पर उपस्थित कृषकों को उप कृषि निदेशक द्वारा जानकारी दी गई कि मृदा परीक्षण से भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों के स्तर की जानकारी होगी तथा आगामी मौसम में बोई जाने वाली फसल के लिए पोषक तत्वों की सही आवश्यकता की जानकारी से संतुलित उर्वरकों का प्रयोग कर सकेंगे, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस अवसर पर उनके साथ उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी बिजनौर व आत्मा प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी उपस्थित रहे। आत्मा प्रभारी द्वारा उपस्थित कृषकों से परिचर्चा में जैविक कृषि अपनाए जाने पर बल दिया गया।
नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई गई है। Petrol-Diesel की कीमतों में आज दिल्ली समेत अधिकतर शहरों में 70-80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल आज 70 पैसे महंगा हुआ, वहीं डीजल 80 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हुआ है।
विदित हो कि पिछले पांच दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। तेल कंपनियों ने 22 मार्च (24 मार्च को छोड़कर) से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रखी है। इस तरह पांच दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3.20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 98.61 रुपये हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 89.87 रुपये है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 84 पैसा महंगा होकर 113.35 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जबकि डीजल 97.55 रुपये पर है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 83 पैसा महंगा हुआ है और यह 107.18 रुपए से बढ़कर 108.01 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। कोलकाता में डीजल 93.01 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक करा है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत में 76 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 104.43 रुपये लीटर पर पहुंच गया है और डीजल 94.47 रुपये लीटर मिल रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी ली उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ
लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने योगी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
केशव प्रसाद मौर्य ने दोबारा सूबे के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। वहीं कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पार्टी में ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया गया है। तय हो गया है कि भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव कर रही है।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल का नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे कुछ विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा गया है।
उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया है। वह यूपी भाजपा अध्यक्ष हैं।
शाहजहांपुर से विधायक सुरेश कुमार खन्ना को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा योगी सरकार में सूर्य प्रताप शाही ने भी शपथ ली है। शाही को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। नंद गोपाल नंदी को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जगह मिली है। नंदी प्रयागराज दक्षिण सीट से विधायक चुने गए हैं। नंदी तीसरी बार विधायक बने हैं।
मैनपुरी विधानसभा से विधायक जयवीर सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जयवीर मुलायम और मायावती सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मथुरा के लक्ष्मी नारायण चौधरी को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वह छाता विधानसभा से पांच बार विधायक और मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं।
WhatsApp Tricks – WhatsApp का यूज आज के समय में ज्यादातर लोग करते हैं। इस लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में कई सारे फीचर्स मिलते हैं। इनकी मदद से चैटिंग करने के अलावा यूजर्स अपने दोस्तों के साथ वॉइस और वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, यहां से लोगों को फोटो, डॉक्यूमेंट भी भेज सकते हैं।
फोटो भेजने पर क्वालिटी कम हो जाती है –
WhatsApp से फोटो भेजने पर फोटो की क्वालिटी कम हो जाती है। पर अगर आप चाहे तो लोगो को WhatsApp के जरिये ही हाई क्वालिटी में भी फोटो सेंड कर सकते है। WhatsApp से हाई क्वालिटी में फोटो शेयर करने के 2 तरीके हैं। पहला तरीका है, यूजर सेटिंग में बदलाव करके और दूसरा तरीका है, फोटो को डॉक्यूमेंट के तौर पर भेजकर। तो चलिए आइये जानते है, कैसे आप WhatsApp के जरिये हाई क्वालिटी में फोटो सेंड कर सकते है।
Whatsapp की इस सेटिंग में बदलाव करें –
पहला तरीका सेटिंग में बदलाव करना है। इसके लिए सबसे पहले अपने डिवाइस पर WhatsApp ओपन करें।
उसके बाद होम पेज पर राइट साइड में सबसे ऊपर बने तीन डॉट आइकन पर क्लिक कर दें।
फिर सेटिंग के ऑप्शन को सिलेक्ट करें।
अब Storage and Data पर क्लिक करें।
यहां पर आपको सबसे नीचे Photo Upload Quality का ऑप्शन दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।
फिर स्क्रीन पर आ रहे 3 ऑप्शन Auto, Best Quality और Data Saver में से Best Quality को सिलेक्ट कर लें।
WhatsApp में फोटो को डॉक्यूमेंट में भेजें –
WhatsApp में डॉक्यूमेंट के जरिये फोटो भेजना। यह हाई क्वालिटी फोटो सेंड करने का यह सबसे आसान और अच्छा तरीका है।
इसके लिए WhatsApp ओपन करें और फिर कोई भी चैट ओपन कर लें।
अब नीचे मैसेज बार में दिए गए पेपर क्लिप आइकन पर क्लिक करें।
यहां आपको Document पर क्लिक करना होगा।
अब आप जो फोटो भेजना चाहते हैं, उसे सिलेक्ट करके डॉक्यूमेंट के तौर पर भेज दें।
इन दो तरीके से आप WhatsApp के जरिये High Quality में फोटो भेज सकते हैं।
लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था।
सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण
डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।
नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह
नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।
28 को भी ओटीपी से राशन वितरण
वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।
LPG Subsidy:घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।
इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।
सरकार ने दिया नया प्लान
घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।
आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत
पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।
नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में बैंक की कई यूनियनें शामिल होंगी लेकिन आल इंडिया बैंक आफिसर कंफेडरेशन (All India Bank Officer Confederation) इससे दूर रहेगा। असर यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) का शटर नहीं गिरेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 28 एवं 29 मार्च को औद्योगिक हड़ताल प्रस्तावित है। इसमें आल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेफी आदि यूनियनों ने शामिल होने का निर्णय किया है।
हड़ताल के दौरान भी खुले रहेंगे sbi शाखाएं और एटीएम
आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन इस हड़ताल में शामिल नहीं है। एसबीआइ में यह यूनियन प्रभावी है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के महासचिव अजीत मिश्रा ने कहा कि एसबीआइ में हड़ताल का असर नहीं होगा क्योंकि आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन से ही जुड़े अधिक सदस्य हैं। हड़ताल के दौरान शाखाएं और एटीएम खुले रहेंगे। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी है। इस वजह से बैैंक 26 से 29 मार्च तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे।
अन्य बैंकों में चार दिनों तक लटके रहेंगे ताले
विदित हो कि बैंकों में हड़ताल और साप्ताहिक छुट्टी के कारण चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएंं प्रभावित रहेंगी। लेकिन स्टेट बैंक की इसमें सहभागिता नहीं होगी तो लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। लोगों को चिंता सता रही थी कि मार्च के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग की समस्या होगी लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। मार्च क्लोजिंग के समय की यह हड़ताल प्रभाव तो डालेगी ही। बता दें कि इस महीने होली की छुट्टी भी हो गई। इसके अलावा बिहार दिवस, हड़ताल, साप्ताहिक छुट्टी के कारण भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि बैंकिंग उद्योग के दो प्रमुख संगठनों एआइबीईए, एआइबीओए और बेफी ने हड़ताल का आह्वान किया है।
नयी दिल्ली। आजकल अखबारों में हर तरफ विज्ञापनों की भरमार रहती है और यह विज्ञापन अखबार मालिकों के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होते हैं। अब सवाल यह पैदा होता है कि पहला विज्ञापन कब और कहां प्रकाशित हुआ होगा? हम बताते हैं…
विभिन्न समाचार माध्यमों के राजस्व का जरिया विज्ञापन होते हैं। अखबार, टीवी के अलावा सोशल मीडिया आदि के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले विज्ञापन ही इनकी निरंतरता का आधार हैं। विज्ञापनों से होने वाली आय से ही पूरे संस्थान के खर्चे सम्पन्न होते हैं। इनमें कर्मचारियों का वेतन, मशीनरी, कम्प्यूटर, बिजली, परिवहन आदि सभी कुछ शामिल हैं। कुल मिलाकर विज्ञापन को मीडिया संस्थानों की रीढ़ कहा जा सकता है।
भारत में वह 25 मार्च 1788 का दिन था जब कलकत्ता गजट में भारतीय भाषा में पहला विज्ञापन प्रकाशित हुआ। यह बांग्ला भाषा में प्रकाशित हुआ था। तभी से अखबारों में विज्ञापन देने की परंपरा का सूत्रपात हुआ। पहले तो किसी सामान, कंपनी आदि के विज्ञापन ही प्रकाशित हुआ करते थे। धीरे-धीरे बधाई, शोक संदेश, राजनीतिक दलों का प्रचार, सरकारी योजनाओं के टेंडर आदि सब कुछ विज्ञापनों पर निर्भर होते चले गए। अब हालात यह है कि विज्ञापन के बिना किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म की परिकल्पना करना भी बेमानी है।
अतः आप भी ध्यान रखें कि जब कोई मीडिया कर्मी आपसे विज्ञापन के लिये कहे तो उसके पीछे का मंतव्य समझना होगा। …क्योंकि बहुत से ऐसे पत्रकार भी हैं जो किसी मीडिया संस्थान की नौकरी न कर के स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं और आपके सहयोग से ही उसके परिवार का खर्च चलता है। वैसे भी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है पत्रकार।
हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है.
पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’
पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल
योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.
5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था
लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.
मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम
आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल है. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी छोड़ने के मूड में नहीं है. समारोह में 200 विशिष्ट समेत करीब पच्चास हज़ार लोगों के शामिल होने की सम्भावना है. वही खबर है कि तमाम विपक्ष के बड़े चेहरों को भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया गया है. भाजपा की तैयारी जोरों पर है. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वही इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में जुटी हुई है.
अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण को कहा-
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा है कि अभी इस विषय पर कुछ सोचा नहीं है और मुझे नहीं नहीं लगता कि मैं जाऊंगा और ना ही मुझे बुलाया जायेगा. वहीं अखिलेश यादव का कहना है गठित होने वाली नई सरकार ने पहले भी काम नहीं किया तो अब आगे कैसे करेगी. 2017 में योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश उपस्थित हुए थे जहां पर मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करते हुए एक तस्वीर काफी चर्चा का विषय बानी थी.
मायावती ने दिया ये जवाब-
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी इस शपथ ग्रहण में जाने को लेकर को ठोस जानकारी नहीं दी है. हालाँकि पिछले दिनों एक ट्वीट में उन्होंने सपा और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि मुलायम सिंह यादव ही भाजपा से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिलाते हैं.
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस की ओर से अभी किसी प्रकार का बयान सामने नहीं आया है. लेकिन योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत अन्य कई नेताओं को बुलाया गया है.
गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल को लेकर खबर आ रही है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं व युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जा सकती है. बता दे कि योगी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 25 मार्च को लखनऊ स्थित इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहाँ पर तैयारियां जोरों पर है. साज सज्जा के साथ अन्य सभी तैयारी की जा रही है. भाजपा इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि जनमत आने के इतने दिनों बाद शपथ ग्रहण का कार्यक्रम किया जा रहा है।
इकाना में लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन
इकाना में 80×40 की एलईडी स्क्रीन लगाई गई
समारोह को दिव्य और बनाया जा रहा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल का किया निरीक्षण
बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इकाना का किया निरीक्षण
बीजेपी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, जेपीएस राठौर, अश्वनी त्यागी, अमरपाल मौर्य रहे मौजूद
दिग्गज उद्योगपति, सिने सितारे भी इन्वाइट- योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा मुकेश अंबानी ,गौतम अदानी, आनंद महिंद्रा सहित दर्जनों उद्योगपतियों को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है। वहीं बॉलीवुड में अक्षय कुमार, कंगना राणावत, अजय देवगन, बोनी कपूर, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर और कलाकारों को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया है।
पशुपालन विभाग ने किया किसान गोष्ठी एवं नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन। गौ पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाया गया। शुभारंभ नजीबाबाद के ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, मंडल अध्यक्ष भाजपा जुगनेश कुमार ने संयुक्त रुप से गौ पूजन तथा मुख्य द्वार पर बंधा फीता काटकर किया।
इस अवसर पर उप जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने विस्तार से पशुपालन विभाग की योजनाओं के बारे में शिविर में उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अनेक योजनाएं चलाकर किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्य कर रही है जिसमें पशुपालन विभाग पशुओं के लिए नि:शुल्क दवाइयां नि:शुल्क उपचार टीकाकरण आदि की व्यवस्था कर रहा है। अपने संबोधन में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ कर्मवीर सिंह एवं डा अंकित चौधरी ने कहा कि पशुओं की किसी भी समस्या के लिए हम सब तत्पर हैं। हर समय जो भी समस्या किसी को होती है, वह किसान भाई संपर्क कर सकते हैं।
ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा दी जा रही योजनाओं का समुचित प्रचार-प्रसार ना होने के कारण क्षेत्र के किसान भाई सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का आह्वान करते हुए सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
अपने संबोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के आधार पर विकास योजनाएं चलाकर जनता के विकास का कार्य कर रही है। इसमें पशुपालन विभाग पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाकर घर-घर तक विभागीय योजनाओं का लाभ किसान भाइयों, पशुपालकों तक पहुंचने का कार्य कर रही है। यह विभाग का सराहनीय कार्य है। उन्होंने सभी से उन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भागीरथ सिंह की अध्यक्षता एवं अनुज कुमार के संचालन में किसान गोष्ठी एवं पशु आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, चौधरी ईशम सिंह, गजेंद्र सिंह, अनुज कुमार, चमन सिंह सैनी, राम कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य अतर सिंह चौहान, ओमप्रकाश सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित कुमार, पैरावेट जुगनेश कुमार, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभय रघुवंशी, सुधीर चौधरी चंदोक सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पशु आरोग्य शिविर में 406 पशुओं का पंजीकरण हुआ, जिसमें 404 बड़े पशु एवं दो छोटे पशु शामिल हैं। शिविर में 104 पशुओं की सामान्य चिकित्सा की गई। कृमि नाशक दवाइयों का वितरण 404 पशुओं के लिए किया गया, बांझपन चिकित्सा 32, पशुओं की गर्भधान 12, बधियाकरण दो, टीकाकरण 300, पशुओं का किया गया, उक्त सभी कार्य नि:शुल्क किए गए।
लखनऊ। सी.आर.सी. लखनऊ के प्रांगण में स्थित पुनर्वास एवं छात्रावास भवन में डॉक्टर रेड्डी फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रोज़गार मेले का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों एवं अन्य प्रदेशों के दिव्यांग प्रतिभागियों ने रोज़गार मेले में प्रतिभाग किया। डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन एवं सी.आर.सी. लखनऊ की ओर से कुल 18 कम्पनियों (रिलायंस ट्रेंड्स, क्वीस क्वार्प लिमिटेड, अदान सॉल्यूशन प्राईवेट लिमिटेड, प्रणव एसोसिएट्स, जी.वी.के.ई.एम.आर.आई., स्टारटेक, वॉव मोमोज़, होटल कम्फर्ट विस्टा, डायल 112 टेक महिन्द्रा, होटल लेमन ट्री, सिटी कार्ट, सॉपर्स स्टॉप, टाटा क्रोमा, टेक्नो टास्क, बिजनेस सॉल्यूशन, बजाज कैपिटल, के.एफ.सी., इम्रोल्ड मैनेजमेन्ट सर्विस प्राईवेट लिमिटेड एवं बिग बास्केट) ने 250 से अधिक दिव्यांगजनों का साक्षात्कार किया तथा उनमें से लगभग 150 से अधिक दिव्यांगजनों को रोज़गार के अवसर प्रदान किये गये।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश पाण्डेय, निदेशक सी.आर.सी. लखनऊ ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक भागीदारी हेतु अत्यन्त ही आवश्यक हैं। सी.आर.सी. लखनऊ नित-नवीन गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों के कुशल संवर्द्धन एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुये समाज में दिव्यांगजनों की महत्ता को स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन की ओर से कौशल कुशवाहा ने आये हुए सभी दिव्यांगजनों, कम्पनियों के प्रतिनिधियों एवं सी.आर.सी. लखनऊ के समस्त कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि भविष्य में भी सी.आर.सी. लखनऊ के अभिनव प्रयासों के साथ मिलकर दिव्यांगजनों के हितार्थ क्रियाकलापों का क्रियान्वयन करते रहेंगे।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत कृषक बंधुओं को भरपूर लाभ दिलाए जाने के उद्देश्य से जिला बिजनौर में गेहूं ख़रीद के लिए कुल 34 क्रय केंद्र अनुमोदित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अनुमोदित क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 09 एवं पीसीएस के 25 क्रय केंद्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वपूर्ण गेहूं खरीद योजना आगामी 1 अप्रैल 2022 से शुरू होगी, जिसके तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹ 2015 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीयन खाद्य विभाग की वेबसाइट http://www.fcs.up.gov.in पर (बैंक खाता संख्या खतौनी आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के आधार पर) कृषक द्वारा स्वयं, जन सूचना केंद्र अथवा इंटरनेट कैफे के द्वारा कराया जा सकता है। उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि कृषक बंधु ख़रीफ़ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, उन्हें गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पंजीयन प्रपत्र में यथा आवश्यक संशोधन करते हुए पंजीयन में दर्ज कुल रकबे में अपने हिस्से में बोए गए गेहूं के रकबे की घोषणा करते हुए पंजीयन प्रपत्र को पुनः लाक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन/ जिला ख़रीद अधिकारी (गेहूं ख़रीद) बिजनौर के मोबाइल नंबर 9454416895 तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बिजनौर के मोबाइल नंबर 9794032966 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
ग्राम धौलागढ में हुआ पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य पशु मेले का आयोजन। मेले में हुआ 433 पशुओं का हुआ पंजीकरण।
बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत धौलागढ में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर व मेला का आयोजन किया गया। बुधवार को आयोजित मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान चंद्रप्रभा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद गोपूजन किया। इस अवसर पर नूरपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मोहम्मद अहमद ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी पशुपालकों को दी। उन्होंने पशु टीकाकरण, बांझपन, संतुलित आहार आदि के प्रति पशु पालकों को जागरूक किया। मेले में वैक्सीनेटर मुनेश कुमार, मोहम्मद दानिश, अमन कुमार आदि उपस्थित रहे। मेले में कुल 433 पशुओं का पंजीकरण हुआ। विभाग की ओर से पशु पालकों को निःशुल्क मिनरल मिक्सचर का वितरण किया गया।
मंडलायुक्त ने किया पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र में नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार।
बिजनौर। अब बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र को देश के मशहूर कवि हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा। मंडलायुक्त ने नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार किया। काफी समय से जिले के लोग दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय की मांग कर रहे थे।
मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर स्थित गजलकार दुष्यंत कुमार पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में भी किताबों की अहमियत बरकरार है। उन्होंने कहा, बिजनौर की धरती पौराणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक रूप से बहुत मूल्यवान है। यह केंद्र इस विरासत को संवारने में उपयोगी सिद्ध होगा। डीएम को निर्देशित किया कि वह इस पुस्तकालय को साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करें, ताकि बिजनौर शहर और आसपास क्षेत्रों के युवा लाभान्वित हो सकें। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा एवं एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक के प्रयासों की सराहना की। डीएम ने कहा कि इस पुस्तकालय का निर्माण अकौर विकास जनसहयोग से हुआ है। इसके निर्माण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है। एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि कई स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी है। जनपद की साहित्यिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक और प्राचीन ध रोहरों को सहेजने, लिपिबद्ध करने और उनके लिए संग्रहालय बनाने का काम भी चल रहा है। सीडीओ केपी सिंह, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह, सूर्यमणि रघुवंशी, अनिल चौधरी, नवीन किशोर, खान जफर सुल्तान, डा. राहुल बिश्नोई, तौसिफ अहमद, शकील बिजनौरी आदि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि बिजनौर जिले के राजपुर नवादा गांव के रहने वाले देश के मशहूर कवि, हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर बिजनौर पुस्तकालय का नाम रखा गया है। बहुत दिनों से जिले के लोग मांग कर रहे थे कि दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय होना चाहिए।
चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के प्रयासों से किया गया फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन। उपलब्ध रही मेन्टोल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम। गरीब असहाय लोगों को मिली मुफ्त में इलाज व जांच की सुविधा।
बिजनौर। मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से मोहल्ला खत्रियान में एक फ्री कैंप का आयोजन किया गया। इसमें सभी गरीब असहाय लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा प्रदान की गई और मुफ्त में कई बीमारियों की जांच भी की गई। कैम्प का लाभ उठा कर गरीब असहाय लोगों ने काफी राहत महसूस की। बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग स्थित स्वयंवर बैंक्विट हॉल के पास मेन्टोल हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर जुबेर व डॉक्टर अयूब के नेतृत्व में शहर के मोहल्ला खत्रियान में नगरपालिका चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के कैंप कार्यालय पर एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैम्प में आसपास क्षेत्रों से आए गरीब मरीजों का मुफ्त में इलाज कराया गया। बता दें कि मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से लगातार गरीबों को सस्ता और अच्छा इलाज मुहैया कराने की कवायद की जा रही है, ताकि गरीब लोग इसका फायदा उठा सकें। कैंप में सैकड़ों की संख्या में गरीब लोगों का मुफ्त में इलाज कराया गया।
राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2022 : राहु वृषभ राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे वहीं केतु वृश्चिक राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
Rahu Transit 2022 Effects: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन बहुत ही मायने रखते है,क्योंकि इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर होता है। साल 2022 कई ग्रहों के राशि परिवर्तन का वर्ष होगा। इस वर्ष अप्रैल का महीना ग्रहों के राशि परिवर्तन के हिसाब से खास रहने वाला है। अप्रैल के महीने में शनि,गुरु और राहु-केतु काफी अंतराल के बाद राशि बदलेंगे। अप्रैल के महीने में राहु-केतु करीब 18 महीनों के बाद राशि बदलने वाले हैं। राहु-केतु का राशि परिवर्तन 11 अप्रैल को होगा। राहु-केतु दोनों ही छाया ग्रह माने गए हैं और ये हमेशा वक्री यानी उल्टी चाल से चलते हैं। 11 अप्रैल को राहु मेष में और केतु तुला राशि में प्रवेश करेंगे। मौजूदा समय में राहु वृषभ और केतु वृ्श्चिक राशि में मौजूद हैं।
ज्योतिष गणना के अनुसार शनिदेव के बाद राहु-केतु सबसे ज्यादा दिनों तक किसी एक राशि में विराजमान रहते हैं। शनि जहां ढाई साल के बाद राशि परिवर्तन करते हैं तो वहीं राहु-केतु डेढ़ साल के बाद उल्टी चाल से चलते हुए राशि बदलते हैं। 18 साल बाद दोबारा से राहु-केतु मेष और तुला राशि में प्रवेश करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं और तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह है। मंगल और राहु एक-दूसरे के प्रति शत्रुता का भाव रखते हैं। वहीं केतु और शुक्र ग्रह एक दूसरे के प्रति समान भाव के माने गए हैं। राहु-केतु के बारे में पौराणिक कथा काफी प्रचलित है कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन हो रहा था तो राहु-केतु चुपके से मंथन के दौरान निकला अमृत पी लिया था। तब भगवान विष्णु मोहनी का रूप धारण करके सभी देवताओं को अमृतपान करा रहे थे जैसे ही उन्हें इस बात का आभास हुआ फौरन ही अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया था। हालांकि इस दौरान राहु ने अमृत पान कर लिया जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। तभी से राहु को सिर और केतु को धड़ के रूप में है।
देश दुनिया पर राहु-केतु का असर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी राहु-केतु का राशि परिवर्तन होता है। तब इस प्रभाव न सिर्फ सभी जातकों के ऊपर होता बल्कि देश-दुनिया पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। राहु-केतु के गोचर से कई तरह के प्राकृतिक उथल-पुथल होने की संभावना रहती है। पृथ्वी पर गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है और वर्षा भी कम होती है। देश-दुनिया में राजनीति अपने चरम पर होती है। एक-दूसरे देशों में तनाव काफी बढ़ जाता है। रोग बढ़ जाते है जिससे जनता का हाल बुरा हो जाता है।
12 राशियों पर असर राहु-केतु के गोचर से सभी राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष गणना के अनुसार कुंडली में मौजूद राहु-केतु की दशा के आधार पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ता है। राहु-केतु के 18 महीनों के बाद राशि बदलने के कारण मेष, वृषभ, कर्क, कन्या और मकर राशि वालों को सावधानी बरतनी पड़ेगी। आप सभी के लिए राहु-केतु का प्रभाव अच्छा नहीं रहेगा। वहीं सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर शुभ और लाभ दिलाने वाला साबित होगा। धन लाभ और मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी वहीं मिथुन और मीन राशि वालों पर इस राशि परिवर्तन का कोई भी प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और कुंभ राशि-
इन राशि के जातकों को करियर और नौकरी में अच्छी तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं। पिछले समय में किए गए प्रयासों का फल इस दौरान मिल सकता है। अचानक से धन की प्राप्ति होने के आसार रहेंगे। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। आर्थिक स्थिति कुल मिलाकर अच्छी रहेगी। अगर इस दौरान आप कोई नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं तो यह समय निवेश के लिए अनुकूल है। आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान संपत्ति की खरीदारी भी कर सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये समय काफी अनुकूल दिखाई दे रहा है। जो लोग राजनीति में हैं उन्हें भी ये गोचर लाभकारी सिद्ध हो सकता है, उन्हें कोई बड़ा पद मिल सकता है।
उपाय जिन जातकों की कुंडली में राहु-केतु अशुभ प्रभाव रखते हैं उनको इससे बचने के लिए शनिदेव और भैरव भगवान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ करने से राहु-केतु का प्रभाव नहीं रहता। राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए काले कंबल और जूते का दान करना शुभ रहता है। (साभार)
बिजनौर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट के मामले में छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसके अलावा कई अन्य को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। शेरबाज को जिला बदर किए जाने से चांदपुर में नगर पालिका चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उनके व्यक्तिगत विरोधी काफी खुश बताए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने कई आरोपियों को गुंडा अधिनियम में कार्यवाही करते हुए छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला बदर होने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष व चांदपुर के मोहल्ला चाहसंग निवासी शेरबाज पठान पुत्र निसार अहमद के अलावा ग्राम हीमपुर बुजुर्ग निवासी शाहरुख पुत्र शकील, शेरकोट के मोहल्ला अफगानान निवासी इल्यास पुत्र हनीफ व नईम अहमद पुत्र खुदाबख्श, मोहल्ला हकीमान निवासी सलीम अहमद कुरैशी पुत्र मोहम्मद समी व फहीम अहमद पुत्र इमामद्दीन, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम रावटी निवासी गोपाल पुत्र दयाराम तथा स्योहारा के ग्राम कमाला निवासी विपिन पुत्र ऋषिपाल, अनीस नंगली निवासी मुस्लिम उर्फ सुक्कू पुत्र शब्बीर व अम्मन खां पुत्र शकूर शामिल बताए गए हैं।
विदित हो कि चांदपुर पुलिस ने मौजूदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था। मामले में सुनवाई करने के बाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए। इसी के साथ उक्त अवधि में जिले में दिखाई देने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है।
इस मामले में चांदपुर पुलिस को भनक नहीं लग पाई, जिसके चलते मंगलवार तक शेरबाज पठान को जिले में ही घूमते हुए देखा गया। इतना ही नहीं मंगलवार को ही वह जिला मुख्यालय पर घूमते हुए दिखाई दिए। एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि शेरबाज पठान काफी लंबे समय से हाजिर नहीं हो रहे थे। कई आपराधिक मामले दर्ज थे। यह फाइल काफी लंबे समय से पेंडिंग थी। अब इस पर जिला बदर की कार्रवाई हुई है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने बताया कि यह एक पक्षीय कार्रवाई है। 2017 में मेरे पास एक नोटिस आया था, उस समय जिले में तैनात डीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। इतने लंबे समय बाद यह कार्रवाई क्यों हुई, समझ नहीं आ रहा। उच्चाधिकारियों से इस मामले में वार्ता की जाएगी।
एक झटके में 50 रुपये महंगी हो गई रसोई गैस, पटना में 1000 रुपये से महंगा हुआ सिलेंडर
दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई
नई दिल्ली (एजेंसी)। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए. इसकी कीमत में पिछले साल अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं हुआ था।
दिल्ली में 949.50 रुपये हुई रसोई गैस की कीमत
6 अक्टूबर से कीमतों में नहीं हुआ था बदलाव
रसोई गैस उपभोक्ताओं को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। इसकी वजह ये है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को एक झटके में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 50 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की कीमत 1,047.50 रुपये हो गई। इसी तरह देश के अधिकतर प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।
दिल्ली, मुबंई में एलपीजी सिलेंडर के दाम
देश में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 अक्टूबर, 2021 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब रेट अचानक से 50 रुपये बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) का दाम 899.50 रुपये से बढ़कर 949.50 रुपये हो गया है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी एलपीजी सिलेंडर का मूल्य 949.50 रुपये हो गया है। मायानगरी में भी मंगलवार से पहले रसोई गैस सिलेंडर का भाव 899.50 रुपये पर था।
कोलकाता, चेन्नई में इतने हो गए हैं दाम
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का मूल्य बढ़कर 965.50 रुपये हो गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में LPG Cylinder लेने के लिए अब 976 रुपये का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 987.5 रुपये हो गई है।
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 2,003.5 रुपये पर है। वहीं, चेन्नई में इसकी कीमत 2,137.50 रुपये पर है. मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1954.50 रुपये पर आ गई है।
रेट बढ़ने की वजह
रूस और यूक्रेन के बीच जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में 40 फीसद तक की तेजी देखने को मिली है। इस वजह से घरेलू स्तर पर एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए जरूरी हो गया था।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये क्षय रोगियों के चिन्हॉकन के पश्चात उनकी चिकित्सा नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इस बीमारी के समुचित इलाज से वंचित न रहने पाए और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर स्वस्थ समाज का हिस्सा बने। उन्होंने चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पूरी गहनता और गंभीरता के साथ क्षय रोगियों के चिन्हिीकरण का कार्य करें और जो भी रोगी पाया जाए उसके समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा की अवधि में उत्तम पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे पूर्णरूप से स्वस्थ हो सके। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कल देर शाम विकास भवन के सभागार में आगामी 24 मार्च 2022 को आयोजित होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्पन्न होने वाले कार्यक्रमों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी क्षय रोग को निर्देश दिए कि जिले में सुनियोजित एवं सुव्यस्थित रूप से क्षय रोगियों का चिन्हिकरण का कार्य कराएं और एक भी क्षय रोगी इलाज से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले में भिन्न-भिन्न श्रेणी के क्षय रोगियों को विभिन्न समाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों / शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिकारियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जनसहयोग के साथ इस बीमारी से जिला बिजनौर को मुक्त किया जाना सम्भव हो सके।
इसी क्रम में जनपद बिजनौर में उक्त दिवस पर अधिक से अधिक मरीजों को गोद लिया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनकी संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति आए जिसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रही है, तो तत्काल उसकी जांच कराना सुनिश्चित करें तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं के व्यवस्थापकों एंव अध्यापकगणों को भी सूचित करें कि यदि कोई विद्यार्थी दो हफतों से अधिक खांसी से पीड़ित है तो उसको भी तत्काल जांच के लिए चिकित्सालय भेजना सुनिश्तिच करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राईवेट चिकित्सक, नर्सिंग होम संचालक, समस्त स्कूल प्रधानाचार्य तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।
बिजनौर। गंगोड़ा जट में गुलदार की मौत के मामले में एक किसान को जेल भेजने व कई किसानों को झूठे मुकदमे में फसाने से आक्रोषित भाकियू पदाधिकारियों ने गन्ना समिति बिजनौर में इक्कट्ठा होकर मासिक पंचायत की और जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सभी किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए डीएफओ ऑफिस पहुंचे और डीएफओ ऑफिस के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन में किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।
भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के खेत में कोई जाल लगा जाए और उसमे गुलदार फंस जाए और किसान उस गुलदार को पकड़ कर वन व पुलिस विभाग को जिंदा सौप दे फिर में वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखाए और एक बेकसूर किसान को जेल भेजकर जिला प्रशासन इस मामले में इति श्री कर ले ऐसा भाकियू कतई बर्दास्त नही करेगी उन्होंने कहा कि वन विभाग व पुलिस किसानों के घर दबिश देने की आड़ में खुले आम घर में घुस जाते हैं और एक किसान की मोटर साइकिल चोरी कर लाए ये कौन से कानून की किताब में लिखा हैं कि किसान का सामान चोरी करने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और गंगोडा जट में एक गुलदार की मौत के मामले में एक मुकदमा हल्दौर थाने में और एक मुकदमा अपने विभाग में दर्ज कर बेकसूर किसानों का शोषण किया जा रहा है और प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा है।
किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच डीएफओ के न आने से आक्रोषित भाकियू जिला अध्यक्ष के आदेश पर भाकियू पदाधिकारी ऑफिस में बैठे सहायक वन संरक्षक डॉक्टर हरेन्द्र सिंह को उठाकर मीटिंग में ले आए और खूब खरी खोटी सुनाई और अपने बीच ही बैठा लिया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि भाकियू ने जिला प्रशासन को एक महीने का टाइम दे दिया कि प्रशासन मामले की सही जांच कर जाल लगाने वाले शिकारी और गुलदार को नशे की ओवर डोज देकर मौत के घाट उतारने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कारवाही करे परन्तु जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंद कर बैठ गया है इसलिए आज किसान वन विभाग की आंखे खोलने के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पूर्व मंडल महासचिव सुरपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला मिडिया प्रभारी संदीप त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल चौधरी विजय सिंह, स्योहारा ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र टिकैत, अल्लेहार पुर ब्लॉक अध्यक्ष कविराज सिंह, जलीलपुर ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, अशोक कुमार, लुद्धियांन सिंह, जय सिंह, संजीव कुमार, सत्यपाल सिंह, अनुज चौधरी, मुकेश कुमार, सोनू विर्क, रवि शेखर तोमर, देवेश चौधरी, हरिओम यादव, संदीप सिंह, विकास कुमार, मुनेश कुमार, कल्याण सिंह, अजय वालियान, श्रीशपाल सिंह, अवनीश कुमार, बलजीत सिंह, पंकज सहरावत, मास्टर महेंद्र सिंह, दलेल सिंह, मोनू चौधरी, किसान यूनियन नेत्री रानी, ममता, बाला, मुनिया, राजो, पिंकी, उषा आदि सकड़ो महिला पुरुष पदाधिकारी मौजूद रहे।
ग्रीन लाइट सीनियर सेंकेडरी पब्लिक स्कूल में हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन। गोष्ठी में कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांध्य हिंदी दैनिक पब्लिक इमोशन के संपादक डॉ. पंकज भारद्वाज।
बिजनौर। साहित्य संगम के तत्वावधान में ग्रीन लाइट सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल अभिभुरा मंडावली में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. पंकज भारद्वाज ने कहा कि कविता इंसान को सिर्फ जिंदा नहीं रखती बल्कि जवान रखती है। उन्होंने कहा कि कविता के जरिए मौहब्बत एवं पीड़ा को व्यक्त किया जा सकता है किंतु नफरत बांटने का जरिया कविता को नहीं बनाया जा सकता। संयोजक रविंद्र कुमार और संरक्षक कर्मवीर सिंह के सानिध्य में हुई गोष्ठी की अध्यक्षता श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन जितेंद्र सिंह कक्कड़ ने किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवल एवं माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद संरक्षक कर्मवीर सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तत्पश्चात काव्य गोष्ठी में कुमुद कुमार ने कहा- शौर्य के पन्नों पर लिखा हमनें इतिहास भारत का; शस्त्र और शास्त्र से सजाया हमनें इतिहास भारत का।
वरिष्ठ कवि प्रदीप डेजी ने कहा-अपने आंसू पीते पीते हम प्यास बुझाना भूल गए; थोड़े से बस क्या बड़े हुए हम वक्त पुराना भूल गए। जितेंद्र कक्कड़ ने कहा- दर्द जमाने का सह लेते तो सफर कैसा होता; हम तो पी लेते पर आशियाने का क्या होता। राजेंद्र त्यागी ने कहा नफरतों को मेरे दोस्त दिल से हटा; दु:ख को मैं तेरे तू मेरे दु:ख को बंटा। संत भगीरथ सिंह ने कहा- नफरतों की आग को दिल से बुझाने आ गया हूं। डा. प्रमोद शर्मा प्रेम ने कहा- सारी नफरत जहाँ से हटा दीजिये; कोई रूठे अगर फिर मना लीजिए। अशोक सविता ने कहा- भावनाओं को लहूलुहान करना पड़ता है। मनोज कुमार मानव ने कहा – लाया पुत्र विशेष था जाकर बसा विदेश; घर पर सेवा कर रहा नालायक अवशेष। बेगराज यादव ने कहा- मेरे अपने अपने से नहीं लगते; मिलते हैं होली लेकिन दिल से नहीं मिलते। जयपाल रसिक ने कहा- कौन कहता है चार दिन चांदनी फिर अंधेरी रात है। मैं मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा। गमगीन साबिर ने कहा- पहले नफरत की दीवार गिराई जाए फिर होली और ईद मनाई जाए। रंग बिरंगी बहुरंगी सतरंगी छटा सजाई है। यह कौन है तेरा जिसने सुंदर तस्वीर बनाई है।
गोष्ठी में कर्मवीर सिंह, रविंद्र काकरण आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। बालक अंश प्रताप ने शिव तांडव सुनाकर सभी का अशीर्वाद प्राप्त किया। अशोक कुमार अग्रवाल ने सभी कवियों की रचनाओं पर समीक्षा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्याम प्रकाश तिवारी ने सभी कवियों के प्रति अपना आभार प्रकट किया। साथ ही सभी कवियों के काव्य पर अपना विचार प्रकट कर संबोधित किया। अंत में मुख्य अतिथि पंकज भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन कर रहे जितेंद्र कक्कड़ को शाल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।
वृंदावन। ग्रीष्मकाल शुरू होने के साथ ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदल गया है। मंदिर के पट सुबह पौने आठ बजे से खुलना शुरू हो गए हैं। दर्शन समय के साथ ही ठाकुर जी की पोशाक और भोग सेवा में भी बदलाव कर दिया गया है।
मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 20 मार्च से मंदिर में श्रृंगार आरती सुबह 7.55 बजे होने लगी है। राजभोग आरती 11.55 बजे, दर्शन का समय सुबह 7.45 से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। सायंकाल में 5.30 से 9.30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। शयन आरती 9.25 पर होगी। सुबह 11 से 11.30 के बीच ठाकुरजी को राजभोग निवेदित किया जाएगा, जबकि शाम 8.30 बजे शयनभोग परोसा जाएगा। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को अब हल्के रेशम की पोशाक धारण करवाई जा रही है। साथ ही चार पहर परोसे जाने वाले भोग में भी बदलाव किया गया है। गरिष्ठ पदार्थों की कम और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दी गई है।
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने मुलाकात की। इस अवसर पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।
सोमवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष व प्रवक्ता जनाब मुर्तज़ा अली ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से प्रदेश कार्यालय लखनऊ में मुलाकात की।
अहम मीटिंग जल्द- इस मौके पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। इसके लिए एक अहम मीटिंग जल्दी ही केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर बुलाई जाएगी।
ये रहे मौजूद- मीटिंग में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश व नगर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट बदरुल हसन, प्रेम प्रकाश वर्मा, मोहम्मद फरहान, अमन मिश्रा, शमीम सिद्दीकी आदि लोग उपस्थित थे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने एमएलसी चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने जहां सबसे ज्यादा ठाकुर समुदाय के उम्मीदवारों पर दांव लगाया है तो वहीं, सपा ने यादव समुदाय पर भरोसा जताया है. हालांकि, बीजेपी और सपा दोनों ने ही दलित समुदाय से किसी को भी एमएलसी का प्रत्याशी नहीं बनाया है.
बीजेपी का ठाकुर-ओबीसी पर दांव स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 विधान परिषद सीटों में से बीजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने सपा और कांग्रेस से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है तो सियासी समीकरण को साधने का दांव भी चला है. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी ने सबसे ज्यादा ठाकुर और पिछड़ा वर्ग पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. बीजेपी ने 16 ठाकुर, 11 पिछड़े, 5 ब्राह्मण, 3 वैश्य और 1 कायस्थ को एमएलसी का टिकट दिया है.
सपा ने साधा ऐसे सियासी समीकरण– वहीं, समाजवादी पार्टी 36 एमएलसी सीटों में से 34 सीटों पर खुद चुनावी मैदान में है तो 2 सीटें सहयोगी दल आरएलडी के लिए छोड़ी हैं. सपा ने सबसे ज्यादा 19 यादव समुदाय के प्रत्याशी बनाए हैं और इसके बाद चार अन्य ओबीसी को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा चार मुस्लिम, तीन ठाकुर, तीन ब्राह्मण और एक जैन समुदाय के नेता को विधान परिषद का टिकट दिया है. इस तरह से सपा ने अपने सियासी समीकरण साधने का दांव चला है.
सपा के 19 यादव एमएलसी कैंडिडेट– सपा ने एमएलसी चुनाव के लिए लखनऊ-उन्नाव सीट से सुनील सिंह साजन, बाराबंकी से राजेश कुमार यादव, इलाहाबाद से वासुदेव यादव, बहराइच से अमर यादव, वाराणसी से उमेश कुमार यादव, पीलीभीत-शाहजहांपुर से अमित यादव, प्रतापगढ़ से विजय बहादुर यादव, आगरा-फिरोजाबाद से दिलीप सिंह यादव, गोरखपुर-महराजगंज से रजनीश यादव, सीतापुर सीट से अरुणेश कुमार यादव, रायबरेली से वीरेंद्र शंकर सिंह यादव, मथुरा-एटा-मैनपुरी से राकेश यादव को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, आजमगढ़-मऊ से राकेश कुमार यादव, जौनपुर से मनोज कुमार यादव, झांसी-जालौन-ललितपुर सीट से श्याम सुंदर यादव, कानपुर-फतेहपुर सीट से दिलीप सिंह यादव, इटावा-फर्रुखाबाद से हरीश कुमार यादव, बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष सनी यादव सनी, अलीगढ़ से जयवंत सिंह यादव और फैजाबाद से हीरालाल यादव को प्रत्याशी बनाया है.
सपा का मुस्लिम- ब्राह्मण- ठाकुर- ओबीसी समीकरण सपा ने मुस्लिम समुदाय से रामपुर-बरेली सीट से मसकूर अहमद, देवरिया-कुशीनगर से गोरखपुर के चर्चित डॉ. कफील खान, हरदोई से रजीउद्दीन और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर से मो. आरिफ को टिकट दिया. बांदा- हमीरपुर से आनंद कुमार त्रिपाठी, गोंडा से भानु कुमार त्रिपाठी और गजीपुर से भोलानाथ शुक्ला को प्रत्याशी बनाया. बदायूं से सिनोज कुमार शाक्य, खीरी से अनुराग वर्मा, बलिया से अरविंद गिरी, सुल्तानपुर से शिल्पा प्रजापति को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, सपा ने ठाकुर समुदाय के तौर पर मुरादाबाद-बिजनौर से अजय प्रताप सिंह, मिर्जापुर-सोनभद्र रमेश सिंह और मथुरा-एटा-मैनपुरी से उदयवीर सिंह को टिकट दिया है।
बीजेपी की लिस्ट में तीन महिलाएं भी– बीजेपी ने एमएलसी चुनाव में ठाकुर और ओबीसी की जातियों पर दांव खेला है. एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने सबसे ज्यादा भरोसा ठाकुर समुदाय पर किया है. एमएलसी उम्मीदवारों सूची में 16 ठाकुर, 5 ब्राह्मण, 11 पिछड़े, तीन वैश्य, एक कायस्थ वर्ग का प्रत्याशी है. ओबीसी में तीन यादव, एक सैनी, दो जाट, दो कुर्मी, एक कलवार, एक नाई, एक गुर्जर का सूची में नाम है. तीन महिलाओं को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के सियासी समीकरण को देखे तो ओबीसी के तमाम जातियों का साधने का दांव चला है.
दल-बदलुओं पर खेला बीजेपी ने दांव– बीजेपी ने कांग्रेस और सपा से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है. सपा से भाजपा में आए शैलेंद्र सिंह को सुल्तानपुर से, सीपी चंद को गोरखपुर-महराजगंज से, रवि शंकर पप्पू को बलिया से, नरेंद्र भाटी को बुलंदशहर से तो रमा निरंजन को झांसी-जालौन सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा कांग्रेस से आए दिनेश प्रताप सिंह को रायबरेली और निर्दलीय जीत रहे चंचल सिंह को गाजीपुर से एमएलसी का कैंडिडेट घोषित किया है. ऐसे ही बसपा से आए बृजेश सिंह को भी कैंडिडेट बनाया है. बीजेपी ने तीन महिला कैंडिडेट उतारे हैं, जिनमें रमा निरंजन, डॉ. प्रज्ञा और वंदना मुदित वर्मा है.
Paytm UPI Lite – NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस ! Paytm या किसी भी एप्प से UPI Lite के जरिये बिना इंटरनेट कर सकेंगे पैसे ट्रांसफर !
नई दिल्ली। NPCI यूपीआई को लेकर समय समय पर काफी बदलाव लाते रहती है, अभी कुछ दिन पहले ही NPCI ने Aadhaar OTP के जरिये UPI Pin बनाने की सर्विस शुरू करने के लिये सभी बैंको को बोला था और अभी फिर से NPCI ने UPI Lite सर्विस शुरू करने जा रही है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी व्यक्ति बिना इंटरनेट के ही Paytm, Phone Pe, Google Pay जैसे UPI एप्प से पैसे भेज पायेंगे।
NPCI ने जारी किया UPI को लेकर नोटिफिकेशन –
अभी हॉल ही में NPCI ने 16 मार्च 2022 को सभी UPI मेंबर बैंक को एक एप्लीकेशन लिखा है, यह एप्लीकेशन UPI से सम्बंधित है। एप्लीकेशन के अनुसार NPCI यूपीआई से सम्बंधित एक नयी सर्विस शुरू करने वाली है। इस नयी सर्विस का नाम UPI Lite रखा गया है, इस नयी सर्विस से यूजर्स को Wallet जैसी सर्विस मिलने वाली है।
यह जो UPI Lite है यह एक On Device Wallet है, मतलब Paytm, Phone Pe में जैसे Wallet होते है, उसी तरह के wallet आपको सभी UPI एप्प में मिलेंगे। ऐसे कई UPI एप्प है, जैसे BHIM, Google Pe जिसमे आपको वॉलेट सुविधा नहीं मिलती है, लेकिन अब UPI Lite के जरिये इन एप्प में भी आपको Wallet जैसी सुविधा मिलने लगेंगी।
इस वजह से लांच हुआ है UPI Lite –
जब से UPI Payment सर्विस लांच हुई है, दिनों दिन इसके ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे है। पर इन ट्रांजेक्शन में 75% ट्रांजेक्शन 100 रूपये से कम के है और 50% ट्रांजेक्शन 200 रूपये से कम के। और इन छोटे UPI ट्रांजेक्शन होने के कारण कई बार Bank का सर्वर डाउन हो जाता है, और कई UPI ट्रांजेक्शन Fail हो जाते है। और इन छोटे छोटे ट्रांजेक्शन होने के कारन बैंक में भी बहुत ज्यादा एंट्री हो जाती है। जिसके कारण बैंक पर भी लोड पड़ता है, तो इन्ही समस्या को देखते हुआ UPI Lite लांच किया है।
ऐसे काम करेंगा UPI Lite –
UPI Lite में आप Wallet की तरह पैसे Add कर पायेंगे और किसी को भी बिना इंटरनेट के ही पेमेंट कर पायेंगे। पर UPI Lite में आप बहुत ज्यादा पैसे add नहीं कर पायेंगे। क्यूंकि यूपीआई लाइट में पैसे लोड करने की लिमिट 2 हजार रूपये ही है। UPI Lite में लोड हुए पैसे को आप किसी भी व्यक्ति को भेज पायेंगे। पर एक बार में आप 200 रूपये से ज्यादा नहीं भेज पायेगे। अगर आपको 200 रूपये से ज्यादा भेजना होगा तो फिर आपको 2-3 या इससे ज्यादा बार में पैसे भेजना पड़ेगा।
25 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड जीत के बाद 25 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। इस बीच पार्टी ने कार्यकर्ताओं के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह वाले दिने कार्यकर्ता पूरे राज्य में पूजा-पाठ करें। समारोह में आने वाले कार्यकर्ताओं से अपनी गाड़ियों में पार्टी का झंडा लगाकर आने को कहा गया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने इस संबंध में 12 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं।
12 सूत्री निर्देश जारी
1-प्रदेश के सभी जिलों के प्रत्येक मंडल और शक्ति केंद्र तक के कार्यकर्ता आएं। 2-जिलाध्यक्ष कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर संख्या सूचना सुनिश्चित करें। 3-आवश्यकता हो तो आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था विधायक, सांसद और संगठन के द्वारा की जाए। अपने व्यक्तिगत वाहनों से भी लोग आएं। 4-हर क्षेत्र से दो कार्यकर्ता एक दिन पहले 24 मार्च को ही भेज दें। 5-जिले के जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, चेयरमैन और अन्य प्रमुखों की सूची की अलग से सूचना करें। 6-सभी आने वाले लोगों के लिए आमंत्रण पत्र/ प्रवेश पत्र की व्यवस्था की जाएगी। इसको जिलों से ही देकर भेजना है। 7-अपनी गाड़ियों में लोग झंडा लगाकर आएं। 8-प्रत्येक जिले के प्रमुख चौराहों, बाजारों में होर्डिंग लगाने और साज-सज्जा की व्यवस्था करें। 9-शपथ ग्रहण समारोह में आने से पहले सुबह 8:10 बजे शक्ति केंद्र स्तर पर कार्यकर्ता मंदिरों में लोककल्याण के लिए पूजन का कार्यक्रम तय करें और सम्पन्न कराएं। 10-जिले में सामाजिग वर्ग के प्रमुख नेताओं सहित समाजसेवी, लेखक-साहित्यकार, प्रोफेशनल, डॉक्टर, इंजीनियर, धार्मिक, मठ-मंदिरों के साधू-संतों की सूची बनाकर उन्हें भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करना है। 11-विस्तारक और प्रवासी कार्यकर्ता को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना प्रदेश से दी जाएगी। 12-किसी अन्य जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय प्रभारी या क्षेत्रीय अध्यक्ष से बात करें।
प्रचंड बहुमत से जीती है बीजेपी– यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की जीत प्रचंड बहुमत से हुई है। भाजपा गठबंधन ने कुल 273 सीटें पाई हैं। इनमें से 255 सीटें अकेले भाजपा ने जीती हैं। अपना दल (सोनेलाल पटेल) को 12 सीट, निषाद पार्टी को छह सीट मिली हैं। वहीं सपा गठबंधन ने 125 सीट जीती हैं। इनमें से सपा को 11, राष्ट्रीय लोकदल को आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह सीट मिली हैं। बसपा को सिर्फ एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कांग्रेस को दो सीट और अन्य के खाते में दो सीट गई हैं।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की खराब पड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बुलडोजर का उपयोग किया आज वह उसी के ब्रांड अम्बेसडर बन गए हैं।
आमतौर पर नेताओं को लोग सार्वजनिक कार्यक्रम में स्मृतिका के रूप में देवी देवताओं की मूर्तियां या फिर गदा, तलवार, धनुष-बाण देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार में चांदी का बुलडोजर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते तीन दिन से अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में थे। होलिका दहन के साथ ही होली में रंग खेलने के बेहद इच्छुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के गोरखपुर प्रवास में हजारों लोगों से भेंट की। इसी बीच उनको गोरखपुर के व्यापारियों ने जो उपहार दिया, उसको तो देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान फैल गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में भी बुलडोजर बाबा के नाम से विख्यात हो चुके सीएम आदित्यनाथ के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। योगी आदित्यनाथ को अपने ही शहर में चांदी का बुलडोजर उपहार में मिला है। गोरखपुर मंडल में जनता ने भारतीय जनता पार्टी सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में शानदार जीत दर्ज की। मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है।
माफिया के खिलाफ चला बुलडोजर- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ एक मुहीम छेड़ दी थी। माफिया और उनके गुर्गों को जेल तो भेजा ही गया, साथ ही उनके अवैध संपत्तियों पर जमकर बुलडोजर चला। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही विपक्ष के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। इसी दौरान माफिया पर बुलडोजर चलाने का स्लोगन हर जनसभाओं में गूंजने लगा। (साभार)
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुरीद हो गए हैं। अपनी गद्दी पर मंडरा रहे खतरे के बीच उन्होंने रविवार को भारत सरकार की विदेश नीति की तारीफ में कसीदे पढ़े। खैबर पख्तूनख्वा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि हमारे पड़ोसी की विदेश नीति अपने लोगों के लिए है। भारत क्वाड का सदस्य है लेकिन प्रतिबंधों के बावजूद वह रूस से तेल खरीद रहा है।
खैबर पख्तूनख्वा के मलकंद जिले की दरगई तहसील में एक रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान ने कहा कि विपक्ष उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर जनता के साथ धोखा कर रहा है। वह माफ करने और अपनी पार्टी के बागी सांसदों को वापस लाने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि विपक्ष लगातार दावा करता रहा है कि पीटीआई (इमरान खान की पार्टी) गठबंधन के कई दल उनके साथ संपर्क में हैं, जो अविश्वास प्रस्ताव में इमरान सरकार के खिलाफ वोट देंगे। पाकिस्तानी लोगों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने अपने राजदूतों पर राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि वे भारत को यह बताने से डरते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान से क्या कहा, जैसे यूक्रेन पर रूसी हमले की आलोचना करना। इस जनसभा में चौंकाने वाली बात यह रही कि इमरान खान ने खुले मंच से भारत की तारीफों के पुल बांधे।
भारत को करता हूं सलाम: इमरान इमरान खान ने कहा, ‘मैं आज भारत को सलाम करता हूं। उन्होंने हमेशा एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन किया है। आज भारत का अमेरिका के साथ गठबंधन है और वह रूस से तेल भी खरीद रहा है जबकि प्रतिबंध लागू हैं क्योंकि भारत की नीति अपने लोगों के लिए है। इमरान खान ने इस जनसभा में पीटीआई के बागी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश समझ जाएगा कि सांसदों ने चोरों के पक्ष में वोट देकर अपना विवेक बेच दिया है।
इमरान रचेंगे इतिहास? आगामी 2023 को पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं, लेकिन अभी से ही इमरान खान की कुर्सी खतरे में है। पाकिस्तान में विपक्ष एकजुट है, साथ ही इमरान की पार्टी के कई सांसद भी उनके खिलाफ हैं और इन सबके बीच आगामी 25 मार्च को नेशनल असेंबली में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो मतदान होगा। सांसदों के गणित में अभी इमरान सरकार अल्पमत में नजर आ रही है। पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में पाकिस्तान के एक भी प्रधानमंत्री ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। इमरान खान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पनामा मामले में दोषी ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया था और उसके बाद नवाज शरीफ को इस्तीफा देना पड़ा था।
बाजवा ने कहा पद छोड़ें इमरान– यह भी ध्यान योग्य है कि पाकिस्तान में अब राजनीतिक संकट अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। एकजुट विपक्ष अब इमरान खान सरकार के खिलाफ अपने अविश्वास प्रस्ताव को सोमवार को नैशनल असेंबली के अध्यक्ष के पास ले जाएगा। नैशनल असेंबली के अध्यक्ष अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं तो पाकिस्तानी संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान 28 मार्च होगा। इस बीच खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि इमरान खान पर इस्तीफे के लिए दबाव बन रहा है और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ नदीम अंजुम ने उन्हें इस्लामिक देशों के संगठन (OIC) की बैठक के बाद पद छोड़ने के लिए कह दिया है।
सेना के लाडले रह चुके इमरान खान को दोबारा मौका नहीं- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले इमरान खान की पार्टी ने सरकार बचाने के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ को मध्यस्थता के लिए सऊदी अरब से बुलाया था जो संभवत: फेल हो गया है। जनरल राहिल शरीफ ने इमरान खान की ओर से जनरल बाजवा से मुलाकात की लेकिन वह उन्हें मना नहीं पाए। जनरल बाजवा और अन्य वरिष्ठ जनरलों ने कहा कि सेना के लाडले रह चुके इमरान खान को दोबारा मौका नहीं दिया जाए। नई दिल्ली के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना का आंकलन है कि इमरान खान का इस्तीफा दे देना ही ठीक रहेगा क्योंकि आर्थिक संकट के बीच वर्तमान राजनीतिक संकट देश के हित में नहीं है।
जैसलमेर। पिछले दिनों भारतीय मिसाइल के गलती से पाकिस्तानी हवाई सीमा में फायर होने से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट का असर होली के त्योहार पर भी देखने को मिला। इस बार इस त्योहार पर दोनों देशों की तरफ से होली की मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस बार होली के त्योहार पर दोनों देशों में मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ जबकि इस बार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर रिश्तों में मिठास थी लेकिन मिसाइल वाली घटना के बाद रिश्तों में इस कड़वाहट को देखा जा रहा है।
रिश्तों की कड़वाहट नहीं हुई होली पर दूर- सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा मिसाइल की घटना को गलत तरीके से पेश किए जाने से भारत भी नाराज है। भारत द्वारा गलती स्वीकार किए जाने के बाद भी उस ओर से गलत बयानबाजी से भारत नाराज है। बताया ये भी जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान से बधाई और मिठाई लेने से इनकार किया है। बदले में भारत द्वारा जो मिठाई दी जाती है वह भी नहीं दी गई। दरअसल पुलवामा हमले के बाद से रिश्तों में आई तल्खी धीरे धीरे कम हुई थी तथा दीवाली से रिश्तों में मिठास आनी शुरू हुई थी। मगर कुछ दिन पहले गलती से सीमा पार जा गिरी मिसाइल कीं वजह से पाकिस्तान में पैदा हुई रिश्तों की कड़वाहट को होली पर दूर किया जाना था। मगर इस बार होली पर ये सब नहीं हो पाया।
मिसाइल गिरी थी पाकिस्तान के इलाके में- उल्लेखनीय है कि नौ मार्च को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी के चलते एक मिसाइल दुर्घटनावश फायर हो गई थी। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। ये जानने में आया है कि मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में गिरी थी।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने पीएम मोदी, बाइडन, जॉनसन को भी पछाड़ा
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। ग्लोबल लीडर अप्रूवल ट्रैकर मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी की गई नेताओं की सूची में पीएम मोदी को 77 फीसदी अप्रूवल रेटिंग मिली है। इस रेटिंग के साथ वह पहले स्थान पर हैं। मॉर्निंग कंसल्टेंट की ओर से डेटा जारी करने के साथ कहा गया कि, 13 देशो में सबसे ज्यादा अप्रूवल रेटिंग पीएम मोदी की है, जो दिखाता है कि वह कितने लोकप्रिय नेता हैं।
इस सूची में पीएम मोदी के बाद दूसरे स्थान पर मेक्सिको के मैनुअल लोपेज हैं, जिन्हें 63 प्रतिशत रेटिंग मिली है। वहीं इटली के मारिया द्राघी 54 फीसदी रेटिंग के बाद सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। जापान के फुमियो किशिदा को 42 प्रतिशत रेटिंग मिली है। इसमें एक बात और खास है कि पीएम मोदी की डिसअप्रूवल रेटिंग भी सबसे कम 17 प्रतिशत है। संस्था के मुताबिक, पीएम मोदी 2020 से 2022 तक के अधिकांश महीनों में सबसे लोकप्रिय नेता बने रहे।
पीएम मोदी ने इस सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो को भी पीछे छोड़ दिया है। सूची में जो बाइडन को 42 प्रतिशत, ट्रूडो को 41 प्रतिशत रेटिंग मिली है। वहीं जॉनसन इस सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं। उन्हें 33 प्रतिशत रेटिंग मिली है।
मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की गाड़ियों में खत्म हुआ पानी। पालिका से कराई गई व्यवस्था। दुकान में रखा बिजली का सामान जलकर राख।
बिजनौर। बिजली की तीन मंजिला दुकान में शार्ट शर्किट से भयंकर आग लग गई। आग से दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर आग बुझाने के लिए पहुंची। गाड़ियों का पानी खत्म हो जाने से नगर पालिका के टैंकर भी मंगाए गए। बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के मोइन के चौराहै पर एक इलेक्ट्रिक के सामान की तीन मंजिला दुकान में सवेरे सवेरे भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आग की लपटें दूर तक दिखाई देने लगी। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंची। आग इतनी भयंकर थी कि गाड़ियों का पानी भी खत्म हो गया और मौके पर नगरपालिका के पानी के टैंकर मंगाया गए। बताया जा रहा है कि मोइन के चौराहे पर स्थित यह तीन मंजिला दुकान आबाद हसन ने एके इलेक्ट्रॉनिक के नाम से अभी हाल ही में खोली थी, जिसमें बिजली के सभी सामान बिकते थे। नीचे एक मंज़िल में दुकान और ऊपर दो मंज़िल में गोदाम बना हुआ था, जिसमें बहुत सामना रखा हुआ था।
बिजनौर। स्योहारा के ग्राम सदाफल में दो पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ। मामले की तहरीर देते हुए पवन सिंह पुत्र खानचंद ने बताया कि शुक्रवार की शाम को जब वो अपने घर पर नहीं था तभी गांव निवासी हरिओम जितेंद्र, पवन पुत्र गण नोबाहर सिंह व अन्य कई लोग उसके घर मे लाठी डंडों से लैस होकर घुस आए और बिना किसी बात पर प्रार्थी की पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने लगे। हमलावरों ने घर का सभी सामान भी तोड़ डाला।
इस मारपीट में महिलाओं सहित कई लोगों के चोट आई है।वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दूसरा पक्ष डीजे बजा रहा था व भद्दी हरकते कर रहा था। इसका पवन व उसके फौजी भाई लोकेश ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने हमसाज़ होकर इस मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। साथ ही उनके फौजी भाई को कल शाम से पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक अपनी हिरासत में रखा हुआ था। वहीं पुलिस ने बताया कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। दोनों की ओर से ही तहरीर मिली थी। दोनों पक्षो के ही चोट आई हैं ।
बिजनौर। अफजलगढ़ में पुलिसकर्मियों पर शनिवार को होली का खूब रंग चढ़ा। उन्होंने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मी होली की मस्ती में झूमते नजर आए।
अफजलगढ़ कोतवाली में दोपहर 12:00 बजे कोतवाली प्रांगण के पीछे आवंटित परिसर के ग्राउंड में पुलिसकर्मी जमकर होली खेलते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने गुलाल उड़ाते हुए डीजे पर डांस किया। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंग दिया और होली की शुभकामनाएं दीं। डीजे पर जमकर ठुमके लगाए।
होली की मस्ती में डूबे रहे पुलिसकर्मी जबकि थाने के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई कमल किशोर, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार ने एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मियों ने भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली और डीजे पर जमकर ठुमके लगाते हुए फिल्मी गानों पर डांस किया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह को होली की शुभकामनाएं दी।
बिजनौर। अफजलगढ़ नगर में बस स्टैंड पर स्थित अबु बकर मस्जिद में शब ए बराअत की रात में मुफ्ती रियाज क़ासमी ने नमाजियों को उन चार लोगों के बारे में बताया, जिनकी शब ए बराअत को खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी।
शुक्रवार को शब ए बराअत के मौके पर इशा की नमाज पढ़ने के बाद मुफ्ती रियाज साहब क़ासमी ने बयान करते हुए लोगों से कहा कि इस रात में उन चार लोगों की खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी जो शराब पीकर लोगों सहित अपने परिवार के साथ मारपीट करते हुए और शराब पीने के आदी बन चुके हैं और जो लोग एक दूसरे की बुराई करने से बाज नहीं आते है और एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हो और जो लोग अपने मां बाप की इज्जत नहीं करते है और अपने मां बाप की ना फरमानी कर उनकी बातों को नहीं सुनते हैं और आखिरी उन लोगों की जो रिश्तेदारों में लड़ाई कराकर दूरी बनाने की कोशिश करते हैं उन लोगों की खुदा के यहां शब ए बराअत की रात में बख़्शीश नहीं होगी। इस मौके पर उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो लेकिन दीनी तालीम पहले हासिल करानी चाहिए क्योंकि जब बच्चा अच्छा आदमी होगा तो वह अच्छा अधिकारी भी होगा अच्छा इंजीनियर भी होगा दीनी तालीम का इंतिज़ाम पहले किया जाये उसके साथ साथ दुनयावी तालीम जितना ज्यादा हो अपने बच्चों को दिलायें और अच्छे मां बाप बनकर अच्छी शिक्षा दिलाकर अपना फर्ज निभाने का काम करें। शबे बराअत ये समझें के अल्लाह की तरफ से बंदों को बख्शने का एक बहाना है और ये रमज़ान की तैयारी है ताके हम अभी से रमज़ान के लिए तैयार हो जाये। आखिर में पूरे मुल्क के अमनो अमान के लिये दुआ कराई गई। इस मौके पर पुलिस बल की तरफ़ से की गई तैयारी और इंतिज़ाम क़ाबिल ए तारीफ़ रहा और पूरे प्रदेश में दोनों त्योहारों को अमन शांति से गुज़र जाने पर पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए हिन्दुस्तान की गंगा जमुना तहज़ीब की जमकर सराहना की।
बिजनौर। गांव केहरीपुर जंगल के सीमावर्ती क्षेत्र में हाथी का शव पड़ा मिला है। घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना पर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और हाथी के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। बाद में हाथी के शव को दफना दिया गया।
फाइल फोटो
जनपद बिजनौर के गाँव केहरीपुर जंगल के सीमावर्ती अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज के जसपुर कक्ष संख्या ग्यारह में गश्ती दल को एक मृत हाथी मिला। हाथी का श्रव मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेंजर राकेश कुमार शर्मा ने बताया की बीट इंचार्ज वन दरोगा भोपाल सिंह, वन रक्षक नईम अहमद वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अमानगढ़ रेंज के जसपुर कक्ष संख्या 11 मे मृत अवस्था में हाथी पड़ा मिला। घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी गयी हैं। प्रथम दृष्टया हाथी की मौत का कारण किसानों के खेतों में करंट लगने से होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद हाथी की मौत का कारण स्पष्ट हो पायेगा।
लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (वाराणसी) : मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द, सोवियत संघ रूस), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी। पुलिस मंत्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया। 1951 में, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वह अखिल भारत कांग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किये गये। उन्होंने 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत से जिताने के लिये बहुत परिश्रम किया।
साफ सुथरी छवि-जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधानमंत्री का पद भार ग्रहण किया। उनके शासनकाल में 1965 का भारत पाक युद्ध शुरू हो गया। इससे तीन वर्ष पूर्व चीन का युद्ध भारत हार चुका था। शास्त्रीजी ने अप्रत्याशित रूप से हुए इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इसकी कल्पनापाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। ताशकंद में पाकिस्तान के प्रधानमन्त्रीअयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस पर 2 अक्टूबर को शास्त्री जयन्ती व उनके देहावसान वाले दिन 11 जनवरी को लालबहादुर शास्त्री स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
श्रीवास्तव से बने शास्त्री– लालबहादुर शास्त्री का जन्म 1904 में मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) में एक कायस्थ परिवार में मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव के यहाँ हुआ था। उनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे अत: सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे। बाद में उन्होंने राजस्व विभाग में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी कर ली थी। लालबहादुर की माँ का नाम रामदुलारी था। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण बालक लालबहादुर को परिवार वाले प्यार में नन्हें कहकर ही बुलाया करते थे। जब नन्हें अठारह महीने के हुए तो दुर्भाग्य से पिता का निधन हो गया। उनकी माँ रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के घर मिर्जापुर चली गयीं। कुछ समय बाद उसके नाना भी नहीं रहे। बिना पिता के बालक नन्हें की परवरिश करने में उनके मौसा रघुनाथ प्रसाद ने उसकी माँ का बहुत सहयोग किया। ननिहाल में रहते हुए उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद की शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई। काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द श्रीवास्तव हमेशा हमेशा के लिये हटा दिया और अपने नाम के आगे ‘शास्त्री’ लगा लिया। इसके पश्चात् शास्त्री शब्द लालबहादुर के नाम का पर्याय ही बन गया।
1928 में उनका विवाह मिर्जापुर निवासी गणेशप्रसाद की पुत्री ललिता से हुआ। ललिता और शास्त्रीजी की छ: सन्तानें हुईं, दो पुत्रियाँ-कुसुम व सुमन और चार पुत्र – हरिकृष्ण, अनिल, सुनील व अशोक। उनके चार पुत्रों में से दो दिवंगत हो चुके हैं। अनिल कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं जबकि सुनील शास्त्री भाजपा के नेता हैं।
देशसेवा का व्रत- संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर तक की शिक्षा समाप्त करने के पश्चात् वे भारत सेवक संघ से जुड़ गये और देशसेवा का व्रत लेते हुए यहीं से अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की। शास्त्रीजी सच्चे गांधीवादी, थे जिन्होंने अपना सारा जीवन सादगी से बिताया और उसे गरीबों की सेवा में लगाया। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों व आन्दोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही और उसके परिणामस्वरूप उन्हें कई बार जेलों में भी रहना पड़ा। स्वाधीनता संग्राम के जिन आन्दोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमें 1921 का असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च तथा 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं।
“मरो नहीं, मारो!”किया बुलंद- दूसरे विश्व युद्ध में इंग्लैण्ड को बुरी तरह उलझता देख जैसे ही नेताजी ने आजाद हिन्द फौज को “दिल्ली चलो” का नारा दिया, गान्धी जी ने मौके की नजाकत को भाँपते हुए 8 अगस्त 1942 की रात में ही बम्बई से अँग्रेजों को “भारत छोड़ो” व भारतीयों को “करो या मरो” का आदेश जारी किया और सरकारी सुरक्षा में यरवदा पुणे स्थित आगा खान पैलेस में चले गये। 9 अगस्त 1942 के दिन शास्त्रीजी ने इलाहाबाद पहुँचकर इस आन्दोलन के गान्धीवादी नारे को चतुराई पूर्वक “मरो नहीं, मारो!” में बदल दिया और अप्रत्याशित रूप से क्रान्ति की दावानल को पूरे देश में प्रचण्ड रूप दे दिया। पूरे ग्यारह दिन तक भूमिगत रहते हुए यह आन्दोलन चलाने के बाद 19 अगस्त 1942 को शास्त्रीजी गिरफ्तार हो गये।
गृहमन्त्री के बाद प्रधानमंत्री- शास्त्रीजी के राजनीतिक दिग्दर्शकों में पुरुषोत्तमदास टंडन और पण्डित गोविंद बल्लभ पंत के अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे। सबसे पहले 1929 में इलाहाबाद आने के बाद उन्होंने टण्डन जी के साथ भारत सेवक संघ की इलाहाबाद इकाई के सचिव के रूप में काम करना शुरू किया। इलाहाबाद में रहते हुए ही नेहरूजी के साथ उनकी निकटता बढ़ी। इसके बाद तो शास्त्रीजी का कद निरन्तर बढ़ता ही चला गया और एक के बाद एक सफलता की सीढियाँ चढ़ते हुए वे नेहरूजी के मंत्रिमण्डल में गृहमन्त्री के प्रमुख पद तक जा पहुँचे। और इतना ही नहीं, नेहरू के निधन के पश्चात भारत वर्ष के प्रधान मन्त्री भी बने।
जय जवान-जय किसान का नारा- उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और वे ऐसा करने में सफल भी रहे। उनके क्रियाकलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णत: व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप थे। निष्पक्ष रूप से यदि देखा जाये तो शास्त्रीजी का शासन काल बेहद कठिन रहा। पूँजीपति देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन देश हम पर आक्रमण करने की फिराक में थे। 1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया। परम्परानुसार राष्ट्रपति ने आपात बैठक बुला ली जिसमें तीनों रक्षा अंगों के प्रमुख व मन्त्रिमण्डल के सदस्य शामिल थे। संयोग से प्रधानमन्त्री उस बैठक में कुछ देर से पहुँचे। उनके आते ही विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ। तीनों प्रमुखों ने उनसे सारी वस्तुस्थिति समझाते हुए पूछा: “सर! क्या हुक्म है?” शास्त्रीजी ने एक वाक्य में तत्काल उत्तर दिया: “आप देश की रक्षा कीजिये और मुझे बताइये कि हमें क्या करना है?” शास्त्रीजी ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी।
अमेरिका ने की युद्धविराम की अपील- भारत पाक युद्ध के दौरान 6 सितम्बर को भारत की 15वीं पैदल सैन्य इकाई ने द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी मेजर जनरल प्रसाद के नेत्तृत्व में इच्छोगिल नहर के पश्चिमी किनारे पर पाकिस्तान के बहुत बड़े हमले का डटकर मुकाबला किया। इच्छोगिल नहर भारत और पाकिस्तान की वास्तविक सीमा थी। इस हमले में खुद मेजर जनरल प्रसाद के काफिले पर भी भीषण हमला हुआ और उन्हें अपना वाहन छोड़ कर पीछे हटना पड़ा। भारतीय थलसेना ने दूनी शक्ति से प्रत्याक्रमण करके बरकी गाँव के समीप नहर को पार करने में सफलता अर्जित की। इससे भारतीय सेना लाहौर के हवाई अड्डे पर हमला करने की सीमा के भीतर पहुँच गयी। इस अप्रत्याशित आक्रमण से घबराकर अमेरिका ने अपने नागरिकों को लाहौर से निकालने के लिये कुछ समय के लिये युद्धविराम की अपील की।
रूस और अमरिका की मिलीभगत? आखिरकार रूस और अमरिका की मिलीभगत से शास्त्रीजी पर जोर डाला गया। उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत रूस बुलवाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। हमेशा उनके साथ जाने वाली उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को बहला फुसलाकर इस बात के लिये मनाया गया कि वे शास्त्रीजी के साथ रूस की राजधानी ताशकंद न जायें और वे भी मान गयीं। अपनी इस भूल का श्रीमती ललिता शास्त्री को मृत्युपर्यन्त पछतावा रहा। जब समझौता वार्ता चली तो शास्त्रीजी की एक ही जिद थी कि उन्हें बाकी सब शर्तें मंजूर हैं परन्तु जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाना हरगिज़ मंजूर नहीं। काफी जद्दोजहेद के बाद शास्त्रीजी पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर ताशकन्द समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करा लिये गये। उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर किये थे कि वे हस्ताक्षर जरूर कर रहे हैं पर यह जमीन कोई दूसरा प्रधान मन्त्री ही लौटायेगा, वे नहीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्धविराम के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घण्टे बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही उनकी मृत्यु हो गयी। यह आज तक रहस्य बना हुआ है कि क्या वाकई शास्त्रीजी की मौत हृदयाघात के कारण हुई थी? कई लोग उनकी मौत की वजह जहर को ही मानते हैं।
शास्त्रीजी को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये आज भी पूरा भारत श्रद्धापूर्वक याद करता है। उन्हें मरणोपरान्त वर्ष 1966 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
शास्त्रीजी की अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ शान्तिवन (नेहरू जी की समाधि) के आगे यमुना किनारे की गयी और उस स्थल को विजय घाट नाम दिया गया। जब तक कांग्रेस संसदीय दल ने इंदिरा गांधी को शास्त्री का विधिवत उत्तराधिकारी नहीं चुन लिया, गुलजारी लाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमन्त्री रहे।
पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया? शास्त्रीजी की मृत्यु को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जाते रहे। बहुतेरे लोगों का, जिनमें उनके परिवार के लोग भी शामिल हैं, मानते है कि शास्त्रीजी की मृत्यु हार्ट अटैक से नहीं बल्कि जहर देने से ही हुई। पहली इन्क्वायरी राज नारायण ने करवायी थी, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी ऐसा बताया गया। मजे की बात यह कि इण्डियन पार्लियामेण्ट्री लाइब्रेरी में आज उसका कोई रिकार्ड ही मौजूद नहीं है। यह भी आरोप लगाया गया कि शास्त्रीजी का पोस्ट मार्टम भी नहीं हुआ। 2009 में जब यह सवाल उठाया गया तो भारत सरकार की ओर से यह जबाव दिया गया कि शास्त्रीजी के प्राइवेट डॉक्टर आर०एन०चुघ और कुछ रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जाँच तो की थी परन्तु सरकार के पास उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। बाद में प्रधानमन्त्री कार्यालय से जब इसकी जानकारी माँगी गयी तो उसने भी अपनी मजबूरी जतायी।
आउटलुक पत्रिका ने खोली पोल- शास्त्रीजी की मौत में संभावित साजिश की पूरी पोल आउटलुक नाम की एक पत्रिका ने खोली। 2009 में, जब साउथ एशिया पर सीआईए की नज़र (अंग्रेजी CIA’s Eye on South Asia) नामक पुस्तक के लेखक अनुज धर ने सूचना के अधिकार के तहत माँगी गयी जानकारी पर प्रधानमन्त्री कार्यालय की ओर से यह कहना कि “शास्त्रीजी की मृत्यु के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से हमारे देश के अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध खराब हो सकते हैं तथा इस रहस्य पर से पर्दा उठते ही देश में उथल-पुथल मचने के अलावा संसदीय विशेषधिकारों को ठेस भी पहुँच सकती है। ये तमाम कारण हैं जिससे इस सवाल का जबाव नहीं दिया जा सकता।”।
ललिता के आँसू- सबसे पहले सन् 1978 में प्रकाशित एक हिन्दी पुस्तक ललिता के आँसू में शास्त्रीजी की मृत्यु की करुण कथा को स्वाभाविक ढँग से उनकी धर्मपत्नी ललिता शास्त्री के माध्यम से कहलवाया गया था। उस समय (सन् उन्निस सौ अठहत्तर में) ललिताजी जीवित थीं। यही नहीं, कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अन्य अंग्रेजी पुस्तक में लेखक पत्रकार कुलदीप नैयर ने भी, जो उस समय ताशकन्द में शास्त्रीजी के साथ गये थे, इस घटना चक्र पर विस्तार से प्रकाश डाला है। जुलाई 2012 में शास्त्रीजी के तीसरे पुत्र सुनील शास्त्री ने भी भारत सरकार से इस रहस्य पर से पर्दा हटाने की माँग की थी। मित्रोखोन आर्काइव नामक पुस्तक में भारत से संबन्धित अध्याय को पढ़ने पर ताशकंद समझौते के बारे में एवं उस समय की राजनीतिक गतिविधियों के बारे में विस्तरित जानकारी मिलती है।
बेंगलुरु (एजेंसी)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 45 दिन में ही 7 मंजिला इमारत बनाकर खड़ी कर दी है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और डीआरडीओ चीफ जी सतीश रेड्डी भी मौजूद रहे।
इस बिल्डिंग का इस्तेमाल 5वीं पीढ़ी के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के रिसर्च एंड डेवेलपमेंट फैसिलिटी के तौर पर किया जाएगा। बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट इस बिल्डिंग में एयरक्राफ्ट फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए एवियोनिक्स का विकास करेगा। रक्षा मंत्री के सामने इससे जुड़े प्रोजेक्ट्स का एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ ने एडीई, बेंगलुरु में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के जरिए एक बहु-मंजिली बिल्डिंग का निर्माण रिकॉर्ड 45 दिन में पूरा किया। इस बिल्डिंग में एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोजेक्ट के तहत फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम (एफसीएस) के लिए एवियोनिक्स डेवलमेंट की सुविधा होगी।
गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण
गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।
पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।
मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल
प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।
हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।
हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच
छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।
हापुड़ के बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़, मौके पर भारी पुलिस बल
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में होली के त्योहार पर कुछ शरारती तत्वों ने सर्किल के गांव बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में मूर्तियां खंडित कर दीं और आग लगा दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। एएसपी, सीओ समेत तीनों थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।
गढ़ सर्किल के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर करीब 40 वर्ष पुराना मंदिर है। गुरुवार की रात कुछ शरारती तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियां खंडित कर दीं, आरोपी एक मूर्ति को चोरी कर ले गए। इसके अलावा आग लगा दी। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना करने पहुंचे ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई जो बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में फैल गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए, और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।
वहीं घटना के संबंध में सूचना मिलते ही एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ पवन कुमार, सीओ पिलखुआ डॉ. तेजवीर सिंह, गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी ने समझा बुझा कर और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2013 में भी मुक्तेश्वर के गांव बदरखा में असामाजिक तत्वों ने मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की थी। गेट पर लगी मूर्तियां तोड़ कर मंदिर की मुख्य मूर्ति को बाहर फेंक दिया था। सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों को देवी-देवताओं की मूर्तियां सड़क पर क्षतिग्रस्त मिलीं तो खबर आग की तरह फैली। मिनटों में ही भीड़ जमा हो गई और गुस्सा परवान चढ़ने लगा। सूचना पर हालात की गंभीरता देख पुलिस और प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत किया। बाद में अफसरों की मौजूदगी में मरम्मत की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियां फिर से मंदिर में स्थापित की गईं थीं।
यूक्रेन युद्ध के बीच Petrol 3 रुपए हुआ महंगा, सबसे सस्ता तेल बेचने वाले देशों में भी महंगाई
नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं हैं। इसका असर दुनिया के सभी देशों पर पड़ा। सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले देशों में भी महंगाई की मार पड़ी है। पेट्रोल की कीमत 3 रुपये तक बढ़ गई, जबकि दुनिया भर में पेट्रोल औसतन 7 रुपये लीटर महंगा हुआ है। आज भी सबसे सस्ता पेट्रोल वेनेजुएला में है तो सबसे महंगा हांगकांग में है। हालांकि, पिछले 132 दिन से भारत के लोगों पर क्रूड के महंगा होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पेट्रोल के रेट अभी भी स्थिर हैं।
हांगकांग में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 18 रुपये बढ़कर 220.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, वेनुजुएला में भारतीय रुपये के रूप में 1.91 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दुनिया में 5 ऐसे देश हैं, जहां पेट्रोल की कीमत 25 रुपये प्रति लीटर से भी कम है। हालांकि दुनिया भर में पेट्रोल (गैसोलीन) की औसत कीमत 94.60 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.28 रुपये हो गई है। हालांकि, देशों के बीच इन कीमतों में काफी अंतर है। विभिन्न देशों में कीमतों में अंतर पेट्रोल के लिए विभिन्न टैक्सों और सब्सिडी के कारण है। वैसे भारत में पेट्रोल की कीमत अब कुछ शहरों में ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार है।
वेबसाइट globalpetrolprices.com के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में 7 फरवारी को एक लीटर पेट्रोल की औसत कीमत 63.07 रुपये थी और अब बढ़कर 64.03 भारतीय रुपया हो गई है। वहीं, श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत अब 76.54 रुपये से बढ़कर 84.97 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां पेट्रोल का भाव 25 अक्टूबर को 68.35 रुपये और 8 नवंबर को 67.55 रुपये लीटर था। वहीं 29 नवंबर को यहां पेट्रोल की कीमत 68.12 रुपये पर पहुंच गई थी। इसके अलावा 21 फरवरी के रेट के मुताबिक बांग्लादेश में पेट्रोल 77.52 रुपये तो नेपाल में 90.95 रुपये लीटर था। अब नेपाल में पेट्रोल 93:80 रुपये लीटर है। वहीं, बांग्लादेश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारतीय रुपये में 79.19 रुपये पड़ रही है।
मथुरा यात्रा-२ कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली
रंगभरनी एकादशी कृष्ण जन्मभूमि और यहां की होली देखने आने वालों दोनों के लिए एक खास अवसर है। इस बार की मथुरा यात्रा का खास मकसद ही जन्म भूमि की लठामार होली ही थी। कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय विश्राम गृह का कमरा नंबर- 6 ही अपना ठिकाना बना। मथुरा की होली ऐसे ही आकर्षित करती है। उस पर रंगभरनी एकादशी का दिन हो तो नींद कहां से आए? सुबह 5 बजे ही आंख खुल गई। चाय की तलब जन्म भूमि के मुख्य द्वार के सामने “दनादन चायवाले” की तरफ खींच ले गई। कई युवा, महिलाएं रंगभरनी एकादशी की होली का मजा लेने के लिए बाहर बरामदे में, खुले में रात बिताती नजर आई। गेट पर कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। कुछ लड़कियां फोटो खींचने में मशगूल थीं और कुछ लड़के सेल्फी लेने में। सुबह का आगाज ही यह एहसास कराने लगा था कि आज मंदिर में कुछ खास है। घड़ी की सुई बढ़ती जा रही थी और अपनी होली वाली टोली (विनय द्विवेदी, करुणाशंकर मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, अमर द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रमणि बाजपेई, सुनील मिश्रा “सेनानी”) की धड़कन। ट्रस्ट के ही भोजनालय में दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद विश्राम गृह के सेवादार प्रेम शंकर दीक्षित उर्फ पप्पू मंदिर में प्रवेश कराने के लिए सक्रिय हो चुके थे। कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री कपिल शर्मा जी और भाई वात्सल्य राय जी ने विश्राम गृह के केयरटेकर रणधीर सिंह एवं पप्पू को ही लट्ठमार होली महोत्सव स्थल केशव वाटिका तक पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों को सौंपी थी। दो बजते-बजते हम सब जन्मभूमि परिसर में शॉर्टकट से दाखिल हो गए। धूप तेज थी और होली महोत्सव देखने की जिज्ञासा उससे भी ज्यादा। उस समय केशव वाटिका का मैदान लगभग खाली ही था। अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए हम सब एक जगह कुर्सियों पर जम गए। थोड़ी देर बाद होली गीतों की धुन, आर्केस्ट्रा के कलाकार बजानी शुरू करते हैं। एंकरिंग के लिए एक मोटी सी महिला स्टेज पर ही कपिल शर्मा के साथ कुछ होमवर्क के साथ अवतरित होती है और शुरू हो जाता है लठामार होली महोत्सव। ब्रज और बुंदेलखंड से आए कलाकारों-गायकों से सुसज्जित होली महोत्सव के मंच पर गणेश वंदना के बाद शुरू होते हैं होली के गीत। श्री श्री 1008 स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज की उपस्थिति इस मंच और महोत्सव दोनों की शोभा बढ़ाती है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे माहौल होली मय होना शुरू होता है तो होता ही चला जाता है। कभी कृष्ण कन्हाई और राधा रानी के वेश में सजे दो बच्चों की झांकी धूम-धड़ाके के साथ पहुंचती है। घड़ी की सुई जैसे ही 5:00 बजे के आगे बढ़नी शुरू होती है वैसे-वैसे होली का मजा भी बढ़ता चला जाता है। ब्रज का प्रसिद्ध चरकुला नृत्य (जिसमें कलाकार सिर पर मटकी, जलते हुए दीपकों को रखकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं) देखकर होली का रोमांच बढ़ गया। फूलों की होली के बीच ही द्वारकाधीश मंदिर से उठने वाला जन्मभूमि का डोला पुराने केशव देव मंदिर होते हुए केशव वाटिका पहुंचना शुरू होता है। डोले के साथ सैकड़ों गोपियां और ग्वाल बाल लट्ठमार होली खेलते हुए चल रहे हैं। यह होरिहारे और गोपियां बरसाना वृंदावन और नंदी गांव से खास तौर पर होली खेलने के लिए आई हैं। होली के उल्लास में डूबे होरिहारों में गोपियों के लट्ठे से बचने के लिए बीच-बीच में भगदड़ मचती है और यह भगदड़ आपको मजा भी देती है और डराती भी है। होरिहारों और लट्ठ से लैस इस जत्थे केशव वाटिका पहुंचते ही शुरू होता है जन्मभूमि की लठामार होली। मंच पर होली गीतों पर थिरकते कलाकार और मैदान में और होरिहारों पर लठ बरसाती गोपियों के दृश्य अद्भुत हैं और अवर्णनीय भी। लठामार होली देखने-सुनने के आई भक्तों की भारी भीड़ से केशव वाटिका का मैदान छोटा पड़ गया। जन्मभूमि की सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गई। सुरक्षा बौनी हो गई। वाटिका में तैनात पुलिस वाले खुद होली के रंग में डूब से गए। पूरे देश से आए लोगों से खचाखच भरे मैदान में अबीर गुलाल से आसमान रंगीन हो गया। लाल-हरे-नीले-पीले-बैगनी रंगों से पटे इस आसमान के नीचे चल रही लट्ठमार होली के दौरान कभी इस हिस्से में भगदड़ कभी उस हिस्से में भगदड़। लट्ठ लगने से कुछ होरिहारे लंगड़ाते हुए भी गए। गोपियों के लट्ठ से खाकी वर्दीधारी भी बच नहीं पाते। हमेशा दूसरों पर लाठी बरसाने वाले यह खाकी वर्दीधारी आज गोपियों के लट्ठ हंसते हुए खा रहे हैं। भाग रहे हैं। एक घंटे तक चलने वाली इस लट्ठमार होली में टैंट के स्ट्रक्चर के ऊपर लगी पिचकारियों से टेसू के फूल वाले बरसते रंग में भीगते हुए होली की मस्ती में डूबना अब सपना ही है। इस सपने को सच करता है रंगभरनी एकादशी पर कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से आयोजित लठमार होली महोत्सव। स्थानीय और विभिन्न राज्यों के हजारों-हज़ार महिलाएं-पुरुष-बच्चे भाग लेने पहुंचे हुए हैं। लट्ठ लगने का डर भी सभी को मजा लूटने से रोक नहीं पाता। जय श्री कृष्ण- जय श्री राधे
द्वारकाधीश मंदिर कृष्ण जन्म भूमि से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर चौक बाजार में स्थित दो-ढाई सौ वर्ष पुराने द्वारकाधीश मंदिर की होली का भी अपना अलग ही मजा है। रंगभरनी एकादशी पर हम सबकी होली खेलने की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर से ही हुई। ई-रिक्शा की सवारी का मजा लेते हुए हम सब सुबह 8:00 बजे ही द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए। मुगल काल में मथुरा के मंदिर तोड़े जाने के बाद लक्ष्मीचंद जैन ने द्वारिकाधीश मंदिर बनवाया। आजकल पुष्टिमार्गीय संतों की देखरेख में द्वारकाधीश मंदिर संचालित है। सुबह 8:25 मिनट पर श्रंगार आरती और 10:00 बजे द्वारिकाधीश को भोग के बाद शुरू हुआ होली गीत-फाग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला। एक घंटे तक गीत गूंजते रहे और अबीर गुलाल उड़ता रहा। नाचते गाते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते कब 11:00 बज गए पता ही नहीं चला। आरती के बाद पट बंद होने पर मंदिर की होली ने विश्राम ले लिया।
यमुना जी का तट और विश्राम घाट जगदीश मंदिर में होली के बाद हम सब यमुना जी के दरस परस के लिए हम सब विश्राम घाट की ओर बढ़े। घाट पर पहुंचने के पहले ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम के लिए प्रसिद्ध धर्मराज यमराज और यमुना जी के मंदिर में माथा टेकने का सुयोग भी इस बार ही बना। इस मंदिर में यम द्वितीया पर यमुना जी में स्नान में बाद भाई बहन के साथ-साथ पूजा-प्रार्थना की परंपरा है। यह मंदिर देखकर मन अपने आप भावुक इसलिए हुआ कि भैया (स्मृति शेष नीरज अवस्थी) पहले कई बार हमसे और दीदी (गरिमा मिश्रा) से यह द्वितीया पर यहां आने के लिए कहते रहे लेकिन शायद द्वारकाधीश को यह मंजूर नहीं था। यमुना जी के दरस-परस के बाद बोटिंग के दौरान यमुना जी के बदबूदार काले पानी को देखकर मन खिन्न हो गया। हालांकि, पढ़ाई के साथ-साथ गाइड काम करने वाली युवा माधव चतुर्वेदी लगातार इस बात पर ही जोर देता रहा कि यमुना मिशन अच्छे से चल रहा है और नाले का गंदा पानी साफ होकर ही यमुना में गिर रहा है। अथ होली यात्रा समाप्तम..
बिजनौर। होली और शब ए बारात के मद्देनजर अफजलगढ़ सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार व कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ नगर में पैदल मार्च किया।
सीओ सुनीता दहिया ने नागरिकों से आपसी सौहार्द के साथ त्योहार को मनाने, शांति व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने और शरारती तत्वों पर नजर रखकर उनकी सूचना पुलिस को देने की सलाह दी। पैदल मार्च के दौरान लोगों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास कराते हुए उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भी भरोसा कराया।
बुधवार देर शाम सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली अफजलगढ़ प्रांगण से पैदल फ्लैग मार्च शुरू हुआ। पैदल फ्लैग मार्च मोहल्ला बेगम सराय, नायक सराय, नेजो सराय, मुमताज हुसैन, सब्जी मंडी, होली चौक, गौहर अली खां, कालागढ़ अफजलगढ़ मार्ग, जसपुर तिराहे अफजलगढ़ से होते हुए कोतवाली प्रांगण में सम्पन्न हुआ।
पैदल मार्च के दौरान सीओ सुनीता दहिया ने नागरिकों को त्योहार के मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखकर उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने पुलिस को भी त्योहार के मौके पर सतर्क व गम्भीर रहने के निर्देश दिए।
वहीं कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पैदल मार्च का उद्देश्य जनता में कानून के प्रति विश्वास दिलाना और अपराधियों में खौफ पैदा करना है। उन्होंने नगरवासियों से होली और शब ए बारात का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च में कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई विनित कुमार, एसआई कमल सिंह, कांस्टेबल राहुल चौधरी, सनोज चौहान, शाकिर अली, विजय तोमर समेत पुलिस फोर्स मौजूद रही।
बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर इन खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे,डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।
थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला, कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी का भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लग रहे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।
क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।
अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।
बिजनौर। बीती रात्रि सड़क हादसे में एक युवती की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने गांव के ही युवक पर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
थाना क्षेत्र के ग्राम तुल्ला का नवादा निवासी दलित युवती वर्षा (21 वर्ष) पुत्री कल्लन बीती रात्रि लगभग दस बजे अपनी बहन से दवाई लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके पीछे उसकी बहन ने अपने पड़ोसी युवक को भेजा तो वह उसे कहीं नहीं मिली। इसके बाद वर्षा को हाईवे बस स्टैंड पर तलाश किया गया तो वर्षा की लाश बिजनौर मुरादाबाद हाईवे पर पड़ी मिली। मृतका के परिजनों का कहना है कि आरोपी युवक भी घटना के समय बस स्टैंड पर मौजूद था। मृतका वर्षा के पिता ने थाने में पुलिस को तहरीर देकर आरोपी युवक को नामजद किया है। तहरीर मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गौरतलब है कि पिछले दिनों ग्राम बिलाई में डबल मर्डर व ग्राम नांगल जट में भी एक हत्या हो गई थी। नांगल जट में हुई हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि ग्राम बिलाई में हुए डबल हत्याकांड के कातिलों को तलाश करने में पुलिस नाकाम रही है।
शुगर मिल से गन्ना डालकर लौट रहे किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी
हीमपुर दीपा (बिजनौर)। शुगर मिल से गन्ना डाल कर लौट रहे किसान को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर खेत में बंधक बना लिया। साथ ही हथियारों के बल पर ट्रैक्टर ट्राली व उसका मोबाइल लूट फरार हो गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। थाना क्षेत्र के ग्राम ढेला गुर्जर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली से शुगर मिल में गन्ना डालने के लिए गया था। रात्रि लगभग दो बजे गन्ना डालने के बाद वह वापस लौट रहा था। गांव अज्जू नंगली के पास सीबीजेड बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर रोक लिया। बदमाश उसे तमंचे के बल पर पास के ही खेत में ले गए तथा उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना कर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश उससे मोबाइल व ट्रैक्टर ट्राली लूट कर फरार हो गए। कुछ देर बाद किसी तरह अपने हाथ पाव खोलकर पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई घटना की सूचना शुगर मिल चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लूटी गई ट्रैक्टर ट्राली को बिजनौर में कालिका मंदिर के पास से बरामद कर लिया, जबकि बदमाश पुलिस को आता देख कर फरार हो गए।
बिजनौर। कोचिंग के लिए जा रही स्कूटी सवार शिक्षिका को सामने से आ रही एक ट्रैक्टर ट्राली टक्कर मार दी। दुर्घटना में घायल शिक्षिका को तत्काल ही निकट के निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने उसे सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस दौरान अत्यधिक खून बहने के कारण शिक्षिका की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
धामपुर थाना क्षेत्र के रानी बाग कॉलोनी निवासी शिवांगी पांडे (24 वर्ष) पुत्री मनोज पांडे नगर के पंजाबी कालोनी स्थित वेरिएंट कोचिंग सेंटर पढ़ाती है। बताया जाता है कि रोजाना की तरह आज भी शिवांगी अपनी स्कूटी पर सवार होकर कोचिंग सेंटर जा रही थी। जब वह चंपा देवी मंदिर के पास पहुंची तो सामने से आ रही एक ट्रैक्टर ट्राली से उसकी स्कूटी की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसके चलते सड़क पर गिरकर उसके ऊपर से ट्रैक्टर का पहिया गुजर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर जमा हुए आसपास के लोग उसे तत्काल ही प्राइवेट नर्सिंग होम में ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता मनोज पांडे अपनी पत्नी के साथ अस्पताल पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी की। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही आरोपी ट्रैक्टर ट्राली चालक को पुलिस हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
हल्दौर (बिजनौर)। पुलिस अधीक्षक डाॅ धर्मवीर सिंह ने थाना हल्दौर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सर्वप्रथम सलामी ली गई व सलामी गार्द का निरीक्षण किया गया, जिसके पश्चात थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय अभिलेख, बन्दी गृह, मैस, बैरक, हवालात, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कार्यालय इत्यादि का निरीक्षण किया गया। थाने पर गठित महिला हेल्प डेस्क को प्राथमिकता के आधार पर फरियादियों की शिकायत सुनकर, इन्द्राज कर प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
थाना प्रभारी हल्दौर को अपने थाना क्षेत्र के दूरस्थ गाँवो में जाकर महिला एवं बच्चों सम्बन्धी अपराधों, साईबर अपराधों के सम्बन्ध में सम्बन्धित गांवों के व्यक्तियों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस कार्मिको को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा बीट आरक्षी को बीट क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी के साथ-साथ आमजन के साथ बेहतर समन्वय बनाये रखने हेतु निर्देशित किया। थाना कार्यालयों में रखे अभिलेखों को चेक कर अभिलेखों का सही ढ़ग से रखरखाव एवं लम्बित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। बैरक, मेस, कम्प्यूटर कक्ष, सीसीटीएनएस, सीसीटीवी कैमरे, कम्प्यूटर उपकरणों आदि का निरीक्षण कर उपकरणों का रखरखाव उचित तरीके से करने हेतु निर्देशित किया गया। थाने के अधि0/कर्म0 से शस्त्राभ्यास तथा आपदा प्रबन्धन हेतु उपलब्ध कराई सामग्री को चैक करते हुए उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली गई।
पुलिस अधीक्षक द्वारा थाने में नियुक्त समस्त कार्मिकों का सम्मेलन लेकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर सम्बन्धित प्रभारियों को निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया। अनुशासित बल होने के कारण पुलिस कर्मिकों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिये स्वास्थ्य के दृष्टिगत योगा व पीटी व परेड नियमित रूप से करने के लिये प्रेरित किया गया साथ ही आगामी त्योहार होली व शब-ए-बारात के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। वार्षिक निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद व थाना प्रभारी हल्दौर मौजूद रहे।
नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में 18 वीं विधानसभा के गठन के लिए हुए चुनाव की मतगणना में मिली शर्मनाक हार से बहुजन समाज पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है। पार्टी की हार का असर लोकसभा के भीतर तक अब दिखाई देने लगा है। बसपा मुखिया ने लोकसभा में पार्टी के नेता पद से रितेश पांडे को हटाकर उनके स्थान पर गिरीश चंद्र जाटव को कमान सौंप दी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली शर्मनाक हार के बाद मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को उन्होंने लोकसभा में पार्टी के नेता पद से रितेश पांडे को हटाकर उनके स्थान पर गिरीश चंद जाटव की तैनाती कर दी है। गिरीश चंद्र जाटव की जगह संगीता आजाद को सौंपी गई है। बसपा मुखिया मायावती ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को खत लिखकर इस आशय की जानकारी दे दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती के इस फैसले को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार और अगले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर इस बदलाव की जानकारी दी। साथ बताया कि पार्टी ने लोकसभा में दल के नेता रितेश पांडे के स्थान पर अब गिरीश चंद जाटव को नामित किया है। राम शिरोमणि वर्मा पार्टी के उप नेता बने रहेंगे। संगीता आजाद को गिरीश चंद्र जाटव की जगह सौंपने का फैसला लिया गया है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच रूस ने भारत को सस्ता पेट्रोल डीजल और यूरिया खरीदने की आफर दिया है। ऐसा अमेरिका द्वारा रूस से तेल के इम्पोर्ट पर रोक लगाने से हुआ है। ऐसी स्थिति में रूस अपने क्रूड आयल एवं अन्य सामान को पूरी दुनिया में बेचने की जुगत में है। इसी कारण रूस ने अपने मित्र राष्ट्र भारत से संपर्क किया है। अतः भारत सरकार, रूस से डिस्काउंट प्राइस पर क्रूड ऑयल एवं अन्य चीजों को खरीदने के बारे में विचार कर रही है, ऐसा भारतीय अधिकारियों का कहना है।
गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरतों का 80 फीसदी ऑयल इम्पोर्ट करता है। भारत करीब 2-3 फीसदी तेल रूस से खरीदता है, चूंकि अभी कच्चा तेल की कीमतें 40 फीसदी ऊपर जा चुकी हैं, भारत सरकार इम्पोर्ट बिल कम करने के लिए विकल्पों की तलाश कर रही है। क्रूड की कीमतें बढ़ने से अगले वित्त वर्ष में भारत का इम्पोर्ट बिल 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। इस कारण सरकार सस्ते तेल के साथ ही रूस और बेलारूस से यूरिया जैसे फर्टिलाइजर्स का सस्ता कच्चा माल भी खरीदने पर गौर कर रही है। इससे सरकार को खाद सब्सिडी के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
मेरठ। अक्सर विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब यूपी में बाबा का बुलडोजर और सोम का डंडा दोनों चलेगा।
सीएम योगी आदित्याथ ने अपने कार्यकाल में कई अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलवाए थे। इस संदर्भ में बुलडोजर बाबा शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरधना सीट से दो बार के विधायक संगीत सोम ने खेड़ा गांव में आयोजित सभा में कहा- ‘सपाई गलतफहमी में ना रहें, शपथ ग्रहण के बाद बाबा का बुलडोजर और संगीत सोम का डंडा दोनों चलेगा।’ वो अपनी पार्टी के साथ माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करते रहेंगे। संगीत सोम ने ये भी कहा कि कोई मुगालते में ना रहे कि मैं चुनाव हार गया हूं। मैं आज भी उतना पावर में हूं, जितना चुनाव जीतने के बाद होता। जो नेता आज जीते हैं उन्हें जनता ने लंबे समय तक सत्ता से दूर रखा है। कुछ नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए मेरी जाति को लेकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम उन्हें किसी भी हाल में कामयाब नहीं होने देंगे।
गौरतलब है कि संगीत सोम पर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगो को लेकर कई मामले दर्ज हैं। इस बार सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने करीब 18 हजार वोटों के अंतर से उन्हें हरा दिया। संगीत सोम ने कहा ‘बेशक मैं इस बार चुनाव हार गया हूं लेकिन में समाज के लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा।
चुनाव में सपा को फायदा पहुंचाने के प्रयास का लगा है आरोप !!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ होली के बाद 21 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ कैबिनेट के सहयोगी भी शपथ लेंगे। वहीं, कहा जा रहा है कि सरकार बनने के बाद नौकशाही में बड़े बदलाव होंगे। कैबिनेट के गठन के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसरों को बदले जाने की तैयारी है। वहीं, सीएम कार्यालय यानी पंचम तल में भी अफसरों को बदला जा सकता है।
चुनाव के दौरान मिली थी अफसरों की शिकायत – चुनाव के दौरान जिन अफसरों के बारे में शिकायतें मिली थीं, उन्हें शासन से लेकर जिलों से हटाया जाएगा। दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खबरे तेजी से वायरल हुई थीं कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके कुछ अफसरों ने समाजवादी पार्टी में अपने पुराने कनेक्शन को लेकर वहां के बड़े नेताओं को साधने की तैयारी कर ली थी। हालांकि, कुछ अफसरों के बारे में ये भी कहा जा रहा था कि उन्होंने बैकडोर से समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाया।
केंद्र से बुलाए जा सकते हैं अधिकारी….
फिलहाल केंद्र में यूपी कैडर के कई अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, राज्य में भी आईएएस और आईपीएस अफसरों की कमी है। ऐसे में राज्य सरकार आने वाले दिनों में कुछ अफसरों को वापस राज्य में बुला सकती है। इसके साथ ही राज्य में अन्य राज्य के भी आईएएस और आईपीएस इंटरस्टेट डेप्यूटेशन पर आ सकते हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि राज्य में पिछली योगी सरकार में कई अफसर डेप्यूटेशन पर आए थे और कई अफसरों ने इसके लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया था !!
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के संरक्षक एसके बबली द्वारा अपने आवास पर योग एवं नेचुरोपैथी का कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न रोगों की आहार द्वारा चिकित्सा, मिट्टी के द्वारा चिकित्सा, जल द्वारा चिकित्सा, वायु द्वारा चिकित्सा, उपवास द्वारा चिकित्सा, योग द्वारा चिकित्सा के बारे में बताया गया।
कैम्प में ओपी शर्मा ने मंत्रों द्वारा चिकित्सा, राम सिंह पाल प्रभारी जिला ने यज्ञ द्वारा चिकित्सा, बीआर पाल ने आसनों के बारे में बताया। डॉक्टर सुनील राजपूत ने भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताए। डॉ कैलाश ने फलों से चिकित्सा, डॉक्टर ओपी राणा ने अनुलोम विलोम के बारे में लाभ बताए। डॉ. राकेश कुमार ने मिट्टी चिकित्सा, डॉ लीना तोमर ने प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों को ठीक करने के बारे में बताया। राजवीर एडवोकेट ने आधुनिक विज्ञान के दवाइयों के अवगुण बताए, विनोद एडवोकेट ने बिना दवाई के स्वस्थ रहने के उपाय बताए। डॉक्टर जावेद ने प्रकृति से ताल में बनाए रखने के लिए कहा। डॉ राहत ने स्त्री रोगों के बारे में बताया, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की संरक्षक ने गर्भ में पल रहे बच्चे के संस्कार, कुसुम लता ने नारी के उत्थान के बारे में बताया। मीनू गोयल ने नारी एकता पर बल दिया, डॉ रामकुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा को सेमिनार के माध्यम से घर-घर पहुंचाने के लिए कह। हुक्का बिजनौरी ने कविता पाठ किया। फारुख बिजनौरी ने होली पर मिट्टी द्वारा चिकित्सा के लाभ बताए। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के अध्यक्ष योगेश कुमार द्वारा एक्यूप्रेशर चिकित्सा की गई।
कार्यक्रम का संचालन ओपी शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला कोऑर्डिनेटर जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह एवं पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली रहे।
जिला बार एसोसिएशन के शिव कुमार गुप्ता, संजीव राजन, लकी चोपड़ा एडवोकेट, सुरेंद्र कपूर एडवोकेट, देवेंद्र पाल चौहान एडवोकेट, प्रशांत गोयल एडवोकेट, नईम अहमद एडवोकेट, फारुख बिजनौरी, देवेंद्र कुमार, मुकेश चौधरी, श्रीमती नीता अग्रवाल बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अध्यक्ष कुसुम लता, मीनू गोयल, अनिल शर्मा, जसवीर सिंह, रंजीत सिंह एडवोकेट, सुरेश कश्यप प्रभारी जजी, इंतजार चौधरी एडवोकेट, महेंद्र सिंह एडवोकेट, राकेश कुमार एवं जिला जेल से आए कर्मचारी जजी से आए एडवोकेट ने अपने अपने विचार रखे।
आईएनओ संगठन बिजनौर अधिवक्ता संगठन बिजनौर ने साथ मिलकर सेमिनार को चार चांद लगा दिया। बाद में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। संरक्षक एसके बबली द्वारा आए हुए लगभग 300 लोगों को भोजन जलपान कराया गया। जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप एसके बबली का आईएनओ संगठन के द्वारा धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन यूनिक बिजनौर ने प्रकृति से तालमेल बनाए रखने के लिए बताते हुए कहा कि हम प्राकृतिक चिकित्सा को भारत के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। हम घर घर जाकर योग और प्राकृतिक चिकित्सा स्टैमिना लगाएंगे। प्रत्येक नागरिक का स्वस्थ होना अति आवश्यक है। इस अवसर पर मानव के कल्याण के लिए तथा राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी के स्वस्थ रहने के लिए कामना की गई और सभी का धन्यवाद किया गया।
अंत में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। साथ ही जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा हेतु कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र डॉक्टर नरेंद्र सिंह, एसके बबली एवं संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया और इसी प्रकार सहयोग करने की अपेक्षा की गई।
बिजनौर। वर्ष 1992 में लाल चौक पर तिरंगा फहराने पूरे देश से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हजारों कार्यकर्ता भी ट्रेनों में सवार होकर जम्मू पहुंचे थे। जम्मू से सभी बसों आदि वाहनों से कश्मीर के लाल चौक की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने सभी को उधमपुर में गिरफ्तार कर लिया। इन पंक्तियों का लेखक पत्रकार संजय सक्सेना (तत्कालीन नगर मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उरई जालौन), वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व जेल मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, विधायक मूलचंद निरंजन आदि भी गिरफ्तार होने वालों में शामिल थे। हम लोगों को एक डिग्री कालेज में तीन दिन तक हिरासत में रखा गया। तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने मात्र गिनती के कुछ वरिष्ठ लोगों को हवाई रास्ते से पहुंचा कर तिरंगा फहराने की अनुमति दी थी। बाद में हम लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रेनों से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए
भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से शुरू एकता यात्रा का 26 जनवरी 1992 को लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की सियासत करने वाले राजनीतिक दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के लिए पहली बार प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था।
आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक श्री जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे। भाजपा के इस एलान के बाद पूरी रियासत में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई थी।
हवाई जहाज से पहुंचाया था श्रीनगर– हालात को भांपते हुए तत्कालीन प्रशासन ने श्री मुरली मनोहर जोशी, श्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। लाल चौक पूरी तरह से युद्घक्षेत्र बना हुआ था। चारों तरफ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 15 मिनट में ही श्री मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल श्री नरेंद्र मोदी व अन्य ने तिरंगा फहराया। इस दौरान आतंकियों ने रॉकेट भी दागे जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए थे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी उस वक्त जोशी जी की उस टीम के सदस्य थे, जो घनघोर आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी।
कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट- उस समय कश्मीर में स्थिति बेहद विस्फोटक थी। आतंकवादी रेल पटरियों को उड़ाने से पीछे नहीं हट रहे थे। जब हम लोग जम्मू स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि हमारी ट्रेन पहुंचने के लगभग आधा घंटा पहले और बाद में भी आतंकवादियों ने कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट किये।
द कश्मीर फाइल्स! विवेक की ये चिंगारी जो है न! भारतीय राजनीति को बदलकर रख देगी। खासकर युवा वर्ग को सुन्न कर जाएगी। मन और दिमाग सिहर जाना है। भले बी-टाउन के बड़े मॉन्स्टर ने इसे स्क्रीन काउंट नहीं जाने दिए । महज 500 स्क्रीन काउंट मिली है।
लेकिन…लेकिन! इसका जो वर्ड ऑफ माउथ है न! इसे कहाँ तक ले जाने वाला है ट्रेड पंडितों को भी नहीं मालूम है। दर्शक घरों से निकल रहे है और एक बार नहीं, बल्कि रिपीट वैल्यू है। पहले दिन कश्मीर फाइल्स ने साढ़े तीन करोड़ का बिज़नेस किया है। जो अब बढ़ता ही जाएगा। ग्राफ नीचे न आना। कल्ट, क्लासिक, मास्टरपीस कोई भी स्टेटस इसे न माप पाएंगे।
स्टीवन स्पीलबर्ग की ‘द शिंडलर लिस्ट’ के बाद ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने सनक के होलोकॉस्ट में इंसानियत को शर्मसार होते देखा है। स्टीवन अपनी फिल्म से यहूदियों के दर्द में डूब कर निकले थे। उसी प्रकार विवेक ने कश्मीरी पंडितों की डल में तैरकर उनतक पहुँचे है और उन्हें धैर्य से सुना है। इस फाइल्स को ज्यादा से ज्यादा दर्शक मिलने चाहिए। ताकि देखें की सत्ता की पॉवर में आने पर क्या कर जाते है। राष्ट्र को सुरक्षित रखने के किये कैसा नेतृत्व आवश्यक है। इससे पहले किसी फिल्म मेकर को कश्मीर जाने की हिम्मत न होती थी। जाते भी तो सिर्फ़ बाहर से झाँकर निकल आते। दिल तक उतरने में डर लगता था ।
विवेक की कहानी व विज़ुअल्स देखकर दिमाग डिस्टर्ब है । वे दृश्य आँखें की स्क्रीन से हटने का नाम न ले रहे है। वे कहते है मास्टर का बेटा था। भटका हुआ मासूम नौजवान था। फौज के अत्याचारों से तंग आकर भटक गया। तो भैया ऐसा है अगर यूँ रहता तो कश्मीरी पंडित क्यों न भटके। काहे जुल्म सहते रहे। उनके दर्द पर झूठ के नैरेटिव रचे गए। इस काम में ख़ूब फंड व सारा तंत्र लगा बैठा। अब सच जूते भी पहन चुका है और दुनिया की सैर को भी निकल चुका है। भले सच को जूते पहनने में देर लगी। लेकिन बाहर निकला अवश्य ।
विवेक ने कश्मीर के बारे में जो मोनोलॉग लिखा है न! उसे बेहतरी से दर्शन कुमार ने कृष्णा पंडित के साथ मिलकर दर्शकों के बीच फेंका है। कश्मीर फाइल्स फिल्मी कंटेंट नहीं है बल्कि इमोशन है। बॉलीवुडिये रहनुमाओं ने तो आतताई खलनायकों को नायक के तौर पर पेश किया है और आगे भी करेगा। विवेक की मेहनत को समर्थन देकर आगे अनछुए विषयों को उठाने का हौसला दे। इस फाइल्स को आर्थिक तौर पर बड़ी सफलता देवे। इंटरनेशनल मूवी डेटा बेस यानी आईएमडीबी पर जाकर रेट अवश्य दे। इसे वहाँ भी अव्वल बनाएं।
नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोविड से हुई मौत के संबंध में मुआवजे के फर्जी दावों पर अपनी चिंता जताई और कहा कि वह इस मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को जांच का निर्देश दे सकता है। शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि कथित फर्जी मौत के दावों की जांच महालेखा परीक्षक कार्यालय को सौंपी जा सकती है।
न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने कहा: हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह के फर्जी दावे आ सकते हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस योजना का दुरुपयोग किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि अगर इसमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं तो यह बहुत गंभीर है। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 52 की ओर इशारा किया, जो इस तरह की चिंताओं को दूर करता है। न्यायमूर्ति शाह ने कहा, हमें शिकायत दर्ज करने के लिए किसी की आवश्यकता है।
एक वकील ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा मुआवजे के दावों की रैंडम जांच करने का सुझाव दिया। बच्चों को मुआवजे के पहलू पर, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके द्वारा आदेशित 50,000 रुपये का अनुग्रह भुगतान, कोविड -19 के कारण प्रत्येक मृत्यु के लिए किया जाना है, न कि प्रभावित परिवार के प्रत्येक बच्चे को। 7 मार्च को, सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा कोविड की मौतों के लिए अनुग्रह मुआवजे का दावा करने के लिए लोगों को नकली चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी करने पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि वह इस मामले की जांच का आदेश दे सकता है।
UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे Phone Pe के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करे UPI 123Pay साभार-Career Bhaskar
UPI 123Pay – UPI के जरिये पैसे लेना भेजना बहुत ही आसान और सुविधाजनक है। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग है, जो UPI पेमेंट सर्विस का यूज नहीं कर पा रहे है। और इसका कारण है, लोगों के पास स्मार्टफोन न होना। तो इसी को देखते हुए RBI ने UPI 123Pay सर्विस शुरू की है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी बिना इंटरनेट और स्मार्टफोन के UPI पेमेंट कर पायेंगे।
RBI ने शुरू की नयी सर्विस –
भारत में लगभग 40 करोड़ से भी ज्यादा फीचर फ़ोन (कीपैड मोबाइल) उपयोगकर्ता है। …और ये सभी फीचर फ़ोन उपयोगकर्ता डिजिटल पेमेंट करने में असमर्थ है। इसी को देखते हुए RBI ने एक नई पेमेंट सर्विस शुरू की है, इस नई पेमेंट सर्विस का नाम UPI 123Pay है।
बिना इंटरनेट कर पायेंगे यह सभी काम –
UPI 123Pay पेमेंट सर्विस के जरिये आप किसी भी व्यक्ति को UPI और Bank Account से पैसे भेज पायेंगे इसके अलावा आप इस सर्विस के जरिये बैंक बैलेंस चेक, Mobile रिचार्ज, DTH रिचार्ज, LPG Gas Refill, EMI Repayment आदि काम भी कर पायेंगे।
कीपैड मोबाइल में भी चला सकते है UPI 123Pay
अगर आपके पास कीपैड मोबाइल है, या आप ऐसे इलाके में रहते है, जहाँ अच्छे से इंटरनेट नहीं चलता है जिसके कारण आप डिजिटल पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। तो अब परेशान होने वाली कोई बात नहीं है, क्यूंकि इस नई पेमेंट सर्विस के जरिये यूजर्स बिना इंटरनेट की सहायता से सिर्फ कीपैड मोबाइल के जरिये ही डिजिटल पेमेंट कर पायेंगे।
ऐसे करे UPI 123Pay का यूज –
इस सर्विस का यूज आप 4 तरीके से कर सकते है। …पर इस पोस्ट में हम आपको Call के जरिये UPI पेमेंट कैसे करते हैं ?, इसके बारे में बतायेंगे। अगर आप इस नई पेमेंट सर्विस का यूज करना चाहते है, या जानना चाहते है, कि UPI 123Pay सर्विस कैसे काम करती है? तो आप नीचे दिया वीडियो देख सकते हैं। वीडियो में call के जरिये UPI 123Pay कैसे यूज करते हैं, इसका लाइव डेमो बताया है।
लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।
₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर- प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।
समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा- प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।
योगी सरकार बनते ही हिसाब शुरू! मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर बढ़े चार केस, पुलिस ने शुरू की जांच
मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विस चुनाव के दौरान प्रशाासन से हिसाब लेने की धमकी अब भारी पड़ने वाली है। अब्बास पर चार मुकदमे चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है। लखनऊ में दो और गाजीपुर में पहले से ही एक केस दर्ज है।
नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विस चुनाव के दौरान अधिकारियों को छह माह तक यहीं रखकर हिसाब किताब करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने शहर कोतवाली में धमकी का केस दर्ज करने के साथ ही चुनाव अचार संहिता के मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। इसमें बिना परमिशन के जुलूस निकालना और जीत के बाद भी जुलूस निकालना शामिल हैं। दक्षिणटोला थाने में भी बिना परिमिशन के भीड़ इकट्ठा करने के मामले में केस दर्ज है।
इस तरह से शहर कोतवाली में तीन व दक्षिणटोला में एक केस दर्ज है। अब अब्बास के ऊपर दर्ज जिले में चारों केस के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इसके अलावा पहले से ही लखनऊ में दो और गाजीपुर में एक केस दर्ज हो चुका है। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा का कहना है कि पुलिस सभी दर्ज केसों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शहर के दक्षिणटोला व शहर कोतवाली में दर्ज चारों मुकदमों की विवेचना शुरू हो गई है।
बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाली प्रांगण में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने सभी लोगों से होली का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की।
मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी करेंगे तो उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। कोई नई परम्परा शुरू नहीं की जायेगी, उन्होंने सभी लोगों से सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई अनोखेलाल गंगवार, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार, चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट, जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत, पूर्व चेयरमैन जावेद विकार, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, भीम सिंह रावत, रईस वकील, वसीम अंसारी, तेजपाल सिंह चौहान, ठाकुर रामबीर सिंह, सौरभ गहलौत, प्रधान कपिल कुमार, शरद कर्णवाल, महेश चौहान, देवराज सिंह चौहान, सभासद कलवा कुरैशी, प्रधान सुरेंद्र सिंह, प्रधान कैलाशचंद चौधरी, सरदार गुरविंदर सिंह, मुफ्ती सईदुर्रहमान, नफीस अहमद, पूर्व प्रधान श्याम लाल भारद्वाज, मौलाना मुख्तार अहमद, सभासद अफजाल अंसारी एडवोकेट, शेख मौहम्मद जैद, दानिश, तसव्वर कुरैशी, पूर्व प्रधान राजपाल सिंह, आदित्य चौहान, सभासद आकाश अग्रवाल, प्रधान गुरूवचन सिंह, आदेश पंवार, रियाज अहमद उर्फ राजू, ईश्वर सिंह उर्फ बोबी आदि उपस्थित रहे।
आज के दौर में हमारा देश डिजिटलीकरण की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सभी प्रकार की प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो रही है। सरकार द्वारा भी विभिन्न प्रकार की योजनाएं समय-समय पर आरंभ की जाती है। जिसके अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि कुछ गलत सूत्रों से ऐसी योजनाओं की जानकारी फैल जाती है जो सरकार द्वारा आरंभ ही नहीं की गई हो। आज हम आपको ऐसी ही एक योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जिसका नाम प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना है। इस लेख को पढ़कर आपको पता चलेगा यह योजना सच है या झूठ। तो दोस्तों यदि आप Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana की विश्वसनीयता की जांच करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।
FakePradhanmantri Ramban Suraksha Yojana
विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के सभी युवाओं को कोरोनावायरस के नि:शुल्क इलाज के लिए ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 है। यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना फॉर्म भरना होगा। आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजनाको फेक बताया गया है। आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें। यदि सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना लागू की जाएगी तो हम आपको योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। लेकिन अभी सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना संचालित नहीं की जा रही है।
फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना
यदि आपके पास भी Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana के आरम्भ होने से सम्बन्धित जानकारी सांझा की गयी है तो आपको बता दे पीएमरामबाण सुरक्षा योजना पूरी तरह से झूठी,भ्रामक और फ़र्ज़ी योजना है | पीआईबी द्वारा इस फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का खंडन करते हुए बताया कि इस प्रकार कि कोई भी योजना नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई आवेदन इस गलत भ्रामक रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत मांगे गए है | कृपया इस प्रकार कि गलत झूठी फेक योजना के झांसे में न आये और अपनी कोई भी जानकारी किसी से भी शेयर न करे | इस प्रकार के धोखे (Fraud Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana ) से खुद को बचाकर रखे और किसी भी योजना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता कि जांच कर ले
झूठ प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का उद्देश्य
यह दावा किया जा रहा है कि Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana का मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह आर्थिक सहायता ₹4000 की होगी। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। लेकिन आपको बता दें की यह दावा पूरी तरह से झूठ है। सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। कोरोनावायरस के इलाज के लिए सरकार द्वारा कई अन्य योजनाएं संचालित की जा रही है। लेकिन Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana नाम की कोई योजना सरकार द्वारा नहीं संचालित की जा रही है। जैसे ही सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना संचालित की जाएगी हम आपको जरूर सूचित करेंगे।
वायरल मैसेज के दावे के अनुसार प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के निम्नलिखित लाभ एवं विशेषताएं हैं।
विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है की हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है।
इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को कोरोनावायरस के इलाज ने ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 वायरस मैसेज के अनुसार बताई जा रही है।
मैसेज में इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए एक लिंक भी दी गई है।
इस लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरने पर यह दावा किया जा रहा है कि आप इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।
आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है।
सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट पैक चेक पर इस योजना को फेंक बताया गया है।
आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें।
गलत रामबाण सुरक्षा योजना पात्रता तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज
वायरल मैसेज के अनुसार यह दावा किया जा रहा है कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज होना अनिवार्य है।
आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
आधार कार्ड
राशन कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
आयु प्रमाणपत्र
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
सच/झूठ प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना आवेदन
वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि यदि आप प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।
लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
आपको इस आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इस प्रकार आप प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे।
Note:- अपनी कोई भी जानकारी किसी भी व्यक्ति या ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से शेयर न करे क्योकि यह योजना पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है | किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी अच्छी प्रकार से जाँच कर लें।
जिला प्रशासन द्वारा साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील चिन्हित स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए, रंगों का त्यौहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्व- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि आगामी रंगों का त्योहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और तत्पर है। उन्होंने सभी जन सामान्य का आह्वान किया कि किसी भी अवस्था में ऐसा कोई कार्य न करें जिससे साम्प्रदायिक वातावरण को आंच आए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हर स्थिति पर पैनी निगाह रखे हुए है और साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील स्थानों का चिन्हिकरण कर वहां विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिए कि जिन रास्तों पर धार्मिक स्थल मौजूद हैं, वहां होली के जलूस पर विशेष सतर्कता और सजगता रखी जाए और प्रयास किया जाए कि नमाज के समय जलूस का गुजर न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील एवं थाना स्तर पर अमन कमेटियों की मीटिंग आयोजित कर जन सामान्य को पूर्ण साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ होली के त्यौहार को सम्पन्न कराने में सहयोग के लिए आहवान करें।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा विकास भवन के सभागार में शांति व्यवस्था की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को होली के पावन पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में होली त्योहार को सम्पन्न कराने के लिए पूर्व की तरह सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने अपेक्षा करते हुए कहा कि यह पावन त्योहार पूर्ण संयम, समन्वय एवं आम नागरिकों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मनाया जाएगा और ऐसा कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे दुसरे सम्प्रदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को विशेष सफाई, प्रकाश एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जिले में साम्प्रदाकि सौहार्द के वातावरण को किसी भी अवस्था में दूषित नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति धार्मिक रूप से कोई अपशब्द, भड़काऊ भाषण अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे किसी भी कार्य का दुस्साहस न करे और न ही सोशल मीडिया आदि पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट की जाए, जिससे शांति एंव कानून व्यवस्था की स्थिति पर कोई आंच आए। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि होली के अवसर पर विक्रय होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान रखते हुए नियमानुसार चैकिंग करें और सामग्री के सिन्थेटिक अथवा दूषित पाए जाने पर दोषी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिये कि थाना स्तरीय त्योहार रजिस्टरों का गहनता के साथ अध्ययन कर लें और तहसील एवं थाना स्तर पर शांति मीटिंग का आयोजन करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर विशेष सर्तकता बरती जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखें ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने होली के अवसर पर सभी नगर निकाय क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, वि/रा अरविंद कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत 31 मार्च से पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के अधिशासी अधिकारियों को दिए निर्देश-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि पूरी गम्भीरता और तत्परता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाएं। साथ ही जिन निकायों द्वारा कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरूद्व कार्यवाही अमल में लाएं।
समीक्षा के दौरान डीएम ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रतिशत वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। उन्होंने जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्ट्रीट वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराने वाली स्वीकृत पत्रावली को अनावश्यक रूप से लम्बित न रहने दें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि होली के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर सड़क के किनारे कूड़े का ढेर नजर नहीं आना चाहिए और शहीद स्मारकों की भी विशेष रूप से साफ-सफाई कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कलक्ट्रेट स्थित सभागार में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह़, जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक, परियोजना अधिकारी सहित बैंकर्स एवं सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।
बिजनौर। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। पुलिस को जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालना पड़ा। बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम संबंध थे। मृतक दंपति निःसंतान थे और बिजनौर शहर में उनकी तीन दुकान व एक मकान उनकी हत्या का कारण बने।
एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिटी परवीन रंजन सिंह, सी ओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली राधेश्याम, एसआई आशीष पुनिया, धीरज सोलंकी, राजकुमार नागर, जर्रार हुसैन ने रात दिन मेहनत करके हत्या का खुलासा किया। इस पर एसपी ने 25 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।
लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस चुनाव में भाजपा गठबंधन (एनडीए) को 273 सीटें प्राप्त हुई हैं जिनमें अपना दल (सोनेलाल) की 12 सीटें शामिल हैं। भाजपा ने तो अकेले 255 सीटें जीतकर बहुमत का आकड़ा पार किया है। पिछले चुनाव की तुलना में पार्टी को कुछ सीटों का नुकसान जरूर हुआ लेकिन सभी भरम टूट गए और करीब 3 दशक बाद सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी हुई।
इसी बीच एनडीए की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने जनादेश के लिए उत्तर प्रदेश की जनता का शुक्रिया अदा किया। केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनडीए को दूसरा मौका मिला है और यह एक शानदार सफलता है। इस जनादेश के साथ उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के प्रति हमारी और भी बड़ी जिम्मेदारी है।
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपना दल (सोनेलाल) ने नीट में पिछड़ी जातियों के आरक्षण का मुद्दा उठाया और सरकार ने इस पर फैसला लिया। 1931 के बाद जाति आधारित जनगणना नहीं हुई है और 2021 की जनगणना की कवायद भी टाल दी गई है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट समय के साथ इस पर फैसला लेंगे। उत्तर प्रदेश के चुनावों में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली अपना दल (सोनेलाल) का यह चौथा चुनाव था और इस चुनाव में पार्टी ने 12 सीटों पर कब्जा किया।
लखनऊ (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा लेकिन इनका पूरा वोट भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। बसपा को इसी की सजा मिली। भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने बार-बार आजमाई पार्टी बसपा से ज्यादा सपा पर भरोसा करने की बड़ी भारी भूल की है।
विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती मीडिया के सामने आई। चुनाव में मिली भाजपा की जीत और बसपा, कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा और सपा पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को सपा के गुंडाराज से बचने के लिए एकतरफा वोट दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा परन्तु इनका पूरा वोट समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। इससे बसपा को भारी नुकसान हुआ।
मायावती ने पार्टी कार्यकताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की उम्मीद के विपरीत जो नतीजे आए हैं उससे बुरा और क्या हो सकता है ?. लेकिन इससे घबराकर और निराश होकर पार्टी के लोगों को टूटना नहीं है। उसके सही कारणों को समझकर और सबक सीखकर हमें अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है और आगे चलकर सत्ता में जरूर आना है।
उन्होंने कहा कि सपा ने यह प्रचारित किया कि बसपा भाजपा की बी-टीम है। बसपा, सपा के मुकाबले से कम मजबूती से चुनाव लड़ रही है जबकि सच इसके विपरीत है। कहा कि बसपा की भाजपा से लड़ाई राजनीतिक के साथ-साथ सैद्धान्तिक भी है। अगर मुस्लिमों का वोट एकतरफा सपा में नहीं जाता तो यूपी का चुनाव परिणाम ऐसा नहीं होता है। ऐसा करने वाले लोग समय बीतने के बाद पछताएंगे।
बसपा मुखिया ने कहा कि यदि मुस्लिम वोट भी दलित वोटों के साथ मिल जाता, तो पश्चिम बंगाल जैसा चमत्कार हो सकता था। भाजपा फिर से सत्ता में वापस आ गई। यदि त्रिकोणीय संघर्ष हुआ होता तो भाजपा को आने से रोका जा सकता था । मायावती ने कहा कि हर बार की तरह ही दलित वोट बैंक इस बार भी बसपा के साथ पूरी तरह बना रहा।
डाक्टरों को मिलने वाले महंगे उपहार का मामला, केंद्र सरकार को नोटिस
नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को दिए जाने वाले गिफ्ट और महंगे उपहारों को रेगुलेट करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। वर्तमान में फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को गिफ्ट देने के लिए डाक्टरों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।
याचिका में मांग की गई है कि महंगे उपहारों के लिए फार्मा कंपनियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। इसके पहले एक दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि डाक्टरों को महंगे उपहार देना कानून सम्मत नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि फार्मा कंपनियां डाक्टरों को महंगे गिफ्ट देकर कानून से भाग नहीं सकती हैं।
नयी दिल्ली (एजेंसी) । केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी केन्द्रीय जांच एजेन्सियों को जल्द से जल्द अपराध एवं अपराधी ट्रेकिंग नेटवर्क प्रणाली से जुड़कर पुलिस थानों की तरह विभिन्न मामलों से संबंधित प्राथमिकी, आरोपपत्र और जांच रिपोर्ट इस केन्द्रीय पोर्टल पर साझा करनी चाहिए।
शाह ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के 37वें स्थापना दिवस पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 99 प्रतिशत यानी 16390 पुलिस स्टेशन इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं लेकिन इसके केन्द्रीय व्यवस्था होने के बावजूद राष्ट्रीय जांच एजेन्सी, केन्द्रीय जांच ब्यूरो और मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो जैसी केन्द्रीय एजेन्सी इससे नहीं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब प्राथमिकी और उनमें लिखी बातें सार्वजनिक हो जाती हैं तो उसमें क्या गोपनीयता बचती है इनको इस प्रणाली पर दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा “सभी केन्द्रीय एजेन्सी इस प्रणाली से कुछ ही दिनों में जुड़ें। हां इतना जरूर ध्यान रखें कि पेशेवर नजरिये से क्या सूचना देनी है और क्या नहीं। जैसे सीबीआई है तो पी लेवल पर न करें लेकिन जब आर सी पंजीकृत हो जाती है तो क्यों नहीं करना चाहिए यह तो सार्वजनिक दस्तावेज है। इससे किसी भी एजेन्सी को बाहर नहीं रहना चाहिए और आंकड़ों को शतप्रतिशत परिपूर्ण करना चाहिए । ‘ “
उन्होंने केन्द्रीय गृह सचिव से कहा कि वह सभी एजेन्सियों के प्रमुखों के साथ बैठक करें और उन्हें बतायें कि इससे बाहर रहने का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि कितना और क्या दिखाना है यह पेशेवर नजरिया है इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या। 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से थे लापता। सम्पत्ति के लालच में की गई हत्या।
बिजनौर। सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या कर दी गई। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। वह गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। पुलिस ने जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर घटना का खुलासा किया है। हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम सम्बंध बताए गए हैं।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजनौर में नजीबाबाद रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी निवासी राजेश अग्रवाल (55 वर्ष) व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता (44 वर्ष) गत 28 फरवरी को रहस्यमय ढंग से गायब हो गये थे। उनकी गुमशुदगी बबली के भाई मनोज कुमार राणा, निवासी खड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद ने थाना कोतवाली शहर बिजनौर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की तो चौंका देने वाले तथ्य सामने आये। पता चला कि राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली की हत्या कर उनके शव ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबा दिये गये हैं।
पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल का मण्डावर रोड स्थित ग्राम हमीदपुर निवासी रोमा (35 वर्ष) पत्नी स्व. ओमवीर सिंह जाट के साथ प्रेम-प्रसंग था। योजनाबद्ध तरीके से 28 फरवरी 2022 को रोमा, राजेश अग्रवाल के घर गई, जहां मुकेश (रोमा का दूसरा प्रेमी) तथा उसका चचेरा भाई मोंटी उर्फ धीरज पहले से ही मौजूद थे। रोमा चाय बनाने के बहाने घर के अंदर चली गई तथा मुकेश व मोंटी ने राजेश अग्रवाल के मुंह पर चादर लपेटकर व गला रेतकर उसकी हत्या कर दी तथा शव को रोमा के घर हमीदपुर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। राजेश अग्रवाल की पत्नी बबली उर्फ बबीता नई बस्ती में पार्लर चलाती थी। वह अपने पार्लर में थी। रोमा का पुत्र तुषार बिजनौर आया तथा उसको बाइक पर बैठाकर अपने गांव हमीदपुर ले गया, जहां चारों ने मिलकर बबली की भी हत्या कर दी और शव को वहीं गड्ढे में दबा दिया। दोनों शवों को नमक डालकर दबाया गया, ताकि जल्दी गल-सड़ जायें। एक शव घर के आंगन में और दूसरा पशुओं की चर के पास दबाया गया था ।
निःसंतान दंपति की दुश्मन साबित हुईं संपत्ति- पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या अवैध सम्बंधों और सम्पत्ति के कारण की गई है। राजेश का एक मकान और तीन दुकानें हैं, जिन पर आरोपियों की नजर थी। दो दुकानों में राजेश की पत्नी बबली पार्लर व जनरल स्टोर चलाती थी। दोनों नि:संतान थे। रोमा ने अपने पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन, प्रेमी मुकेश व उसके चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज के साथ मिलकर राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या की योजना बनाई और गत 28 फरवरी को उनकी हत्या कर दी।
साथ लगी रही हत्यारोपी रोमा- राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद रोमा खुद को ऐसा दर्शा रही थी कि जैसे उसे दोनों के गायब हो जाने का बहुत गम है। कल 11 मार्च तक जब राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह से मिले और दोनों का पता लगाने की मांग की। एसपी से मिलने वालों में रोमा भी थी । वह परिजनों के साथ राजेश व उनकी पत्नी को ढूंढने में लगी हुई थी। हालांकि परिजन रोमा पर शुरू से ही शक कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी बताया था। शक के आधार पर पुलिस ने रोमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। बाद में पुलिस ने अन्य तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।
ये हैं आरोपी- राजेश व उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गये व मुल्जिमों में मुकेश ( 45 वर्ष ) रोमा का प्रेमी है। वह ग्राम रशीदपुर गढ़ी का रहने वाला है। मुकेश ने इस हत्याकांड में अपने चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज की भी सहायता ली। पुलिस ने धीरज को भी पकड़ लिया। हत्याकांड में तीसरी मुल्जिम रोमा और चौथा मुल्जिम रोमा का पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन है।
नजीबाबाद (बिजनौर)। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत और बुलडोजर बाबा के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पुनः सरकार बनने पर क्षेत्रवासियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा की जिला मंत्री गायत्री निराला के आवास पर पहुंचकर मनाया।
सभी ने रंग गुलाल एवं फूलों की होली खेली। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों का आभार प्रकट किया और कहा कि यह जीत हम सब की जीत है आम जनमानस की जीत है गरीब मजदूर की किसान की व्यापारी की महिलाओं की शोषित की वंचितों की जीत है। भारतीय जनता पार्टी कभी भी संप्रदायवाद जातिवाद की राजनीति नहीं करती है। भारतीय जनता पार्टी सिर्फ विकास की राजनीति करती है और यही बात विपक्ष को अच्छी नहीं लगती चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि आज महिलाएं अगर अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं यह उनकी जीत है आने वाले समय में और भी अच्छे विकास के कार्य होने वाले हैं। जातिवाद को खत्म करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। राष्ट्र के लिए और अपने धर्म के लिए हम सब एकजुट होकर रहें, यही हमारी जीत का मुख्य उद्देश्य होगा। हमने या हमारी पार्टी ने कभी भी किसी को सताने का कार्य नहीं किया है। वहीं विपक्ष जाति की राजनीति करता है एक दूसरे को बांटने का प्रयास करते हैं। अब जनता समझ चुकी है क्षेत्र का विकास प्रदेश का विकास और राष्ट्र का विकास सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। इसलिए पूरे देश की जनता आज कंधे से कंधा मिलाकर भारतीय जनता पार्टी को सपोर्ट कर रही है और प्रदेश ही नहीं आने वाले 2024 के चुनाव में भी जनता जनार्दन के माध्यम से फिर से केंद्र नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी।
इस अवसर भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिला मंत्री रितेश सैन, नामित सभासद दीपक बाल्मीकि, अरविंद विश्वकर्मा, रणवीर सिंह निराला, गायत्री निराला, दीपक कर्णवाल, सीमा कर्णवाल, मनीषा सैनी, मंडल अध्यक्ष भाजपा पिछड़ा मोर्चा नरेश सैनी, करुण पाल, कोमल सिंह हल्दिया, हितेंद्र कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता भगवानदास पाल, अभिषेक पंडित ,मनोज पाल, प्रमोद पाल, विपिन सैनी, मनदीप धस्माना, बंटू शर्मा, अजीत कुमार आदि मौजूद रहे।
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी चुनावी संकल्प पत्र का समर्थन करते हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का निर्णय लेते हुए भाजपा का समर्थन किया था। जहां एक ओर तमाम किसान विरोधी संगठन भाजपा का विरोध कर रहे थे, वहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने भाजपा का साथ दिया। यूपी में भाजपा की दोबारा प्रचण्ड बहुमत से सरकार बनने में कहीं न कहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की अहम भूमिका मानी जा रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने इस संबंध में बताया कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया था, जिसके बाद संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने तनमन से भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है। रामनिवास यादव ने बताया कि भाजपा ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी था, वह देश एवं प्रदेश के किसानों को काफी फायदा देने वाला है, जिस प्रकार से किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की, एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासन, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय,एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।
राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव
रामनिवास यादव ने भाजपा की प्रचण्ड जीत पर संगठन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए जनता का भी आभार व्यक्त किया। साथ इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसान हितैषी कार्यों के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बधाई दी।
बिजनौर। नारी शक्ति संगठन ने महिला दिवस का कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से मनाया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं गईं।
कार्यक्रम का आयोजन नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल के ज्ञान विहार कॉलोनी स्थित निवास स्थान पर किया गया। इस अवसर पर संगठन की बहनों ने योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। वहीं एक दूसरे को मिष्ठान खिलाकर भजन, चुटकुले, कविता, गीत आदि की प्रस्तुति की। संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल ने कहा कि आज नारी सामाजिक, राजनैतिक,आर्थिक, धार्मिक व सांस्कृतिक; किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। नारी अबला नहीं है,सबला बन चुकी है।
इस अवसर पर पूनम गोयल, नीता गुप्ता, मानदेवी शर्मा, सुषमा अग्रवाल, रामकौर, मुनेश गौतम, मधु भूषण, संगीता शर्मा, रेखा पाल, कल्पना शर्मा, ममता, शशि बाला शर्मा, बीना त्यागी, मृदुला, नीलम, मंजू चौधरी, भावना चौधरी, मोनिका चौधरी, नीलम, कविता, सुमन, राखी चौधरी आदि उपस्थित रहीं।
बिजनौर। नहटौर डिग्री पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रा इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का चौथा दिन बालिका सुरक्षा एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ दिवस के रूप में मनाया गया। शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ संजीव गौड़, कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सीमा शर्मा द्वारा संयुक्त रुप से मां सरस्वती के सम्मुख पुष्प अर्पित कर किया गया।
ग्राम महमूदपुर भिक्का में आयोजित शिविर में छात्र-छात्राओं द्वारा इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना; वंदना सामूहिक रूप से प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा करने के लिए ताइक्वांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
नहटौर ताइक्वांडो एकेडमी के कोच चमन सैनी ने छात्राओं को ताइक्वांडो के विभिन्न स्टेप सिखाएं ताकि वे समय पर इसका प्रयोग अपनी आत्म सुरक्षा के लिए कर सकें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित रहने के लिए जूडो कराटे सीखना आवश्यक है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थितियों में अपनी आत्म सुरक्षा कर सकें। ताइक्वांडो इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत रैली निकाल कर छात्राओं ने विभिन्न स्लोगनों के माध्यम से ग्राम वासियों को जागरूक किया। वर्तमान समय में बच्चों की कम होती संख्या गंभीर चिंता का विषय है इसकी तरफ हम सभी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। सर्वप्रथम आवश्यकता बेटी को बचाने की है तथा इसके साथ ही हमें अपनी बेटियों को बेटों के बराबर ही शिक्षा भी दिलानी होगी ताकि वर्तमान समय में वह कदम से कदम मिलाकर प्रत्येक परिस्थिति का सामना कर सकें। इसी का संदेश देते हुए छात्राओं ने ग्राम वासियों को रैली के माध्यम से समझाया। इस अवसर पर कुमारी स्वाति, लवी, शिवानी, शिल्पी, मुस्कान, आंचल, निशा, अंशु, लक्ष्मी, निकिता, अर्शी, पूर्णिमा, दुर्गा, सना, महक, रितु, कविता, सायमा, संजना, प्रियंका, काजल, प्रिया, आकांक्षा, शगुन, मेघा आदि छात्राएं उपस्थित रहीं।
बिजनौर। चांदपुर में ट्रैक्टर वर्कशॉप से लाखों का सामान चोरी हो गया। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार चांदपुर के धनौरा रोड स्थित ग्राम अकोंधा निवासी योगेंद्र कुमार के राणा ऑटोमोबाइल टैफे वर्कशॉप में अज्ञात चोरों ने लाखों की चोरी को अंजाम दिया। वर्कशॉप के कर्मचारी राजेंद्र के मुताबिक चोर नए ट्रैक्टरों के 8 बैटरे, एक बड़ा बैटरा, इनवर्टर, एक कंप्यूटर सैट और साढ़े 8 लीटर वाली मोबिल ऑयल की 15 बाल्टी समेत लगभग 2 लाख की चोरी कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना कर जांच शुरू कर दी है।
नजीबाबाद (बिजनौर)। प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत पर भाजपा नेता व वरिष्ठ समाजसेवी अवनीश अग्रवाल टांडे वालों के कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
इस मौके पर पर अवनीश अग्रवाल टांडे वालों ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत से जीत, हर आम नागरिक की जीत है। जनता विकास चाहती है, उसे पता है कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही बना सकती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दंभ भर रहे थे, लेकिन तीसरे-चौथे राउंड के बाद से ही भाजपा को पूर्ण बहुमत के रूझान शुरू हो गए। सीएम योगी द्वारा पांच वर्षों में किए गए कार्यों के आगे विपक्षी कहीं नहीं टिक पाए और जनता ने योगी आदित्यनाथ को प्रचंड बहुमत देकर एक बार फिर प्रदेश की कमान सौंप दी। जो विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, वह अब मीडिया से मुंह छिपाते फिर रहे हैं।
बिजनौर। बिजनौर सीट पर 29 साल बाद इतिहास दोहराया गया है। ऐसा 29 साल बाद हो सका जब मौजूदा विधायक को ही जनता ने फिर से जीत का ताज पहनाया, वरना साल 1993 के बाद इस सीट पर कोई भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर पाया। हालांकि दो दो बार विधायक जरूर बने, लेकिन लगातार नहीं। जिले की बिजनौर सदर सीट पर भाजपा की सूचि चौधरी ने जीत दर्ज कराई है। वह 1445 मतों से भगवा लहराने में कामयाब रहीं। लगातार दूसरी बाद जीतने का यह इतिहास 29 साल बाद दोहराया गया है। इससे पहले 1993 में महेंद्र पाल सिंह भी लगातार दूसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले महेंद्र पाल सिंह ने राम लहर में 1991 में जीत दर्ज कराई थी। महेंद्रपाल सिंह ने भी तीन दशक बाद इतिहास को दोहराया था। क्योंकि 1962 में कुंवर सत्यवीर सिंह ही ऐसे विधायक रहे, जो कि 1967 में भी जीते थे। कुंवर सत्यवीर सिंह से पहले 1957 में चंद्रावती लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई थी। बिजनौर सीट पर कुंवर भारतेंद्र सिंह भी दो बार विधायक चुने गए, लेकिन इन्हें भी लगातार चुनाव जीतने का मौका नहीं मिला। बीच में 2007 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।
बिजनौर सीट से चुने गए विधायक 1951 चंद्रावती कांग्रेस 1957 चंद्रावती कांग्रेस 1962 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस 1967 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस 1969 रामपाल सिंह बीकेडी 1974 अजीजुर्रहमान कांग्रेस 1977 कुंवर सत्यवीर जनता पार्टी 1980 अजीजुर्रहमान कांग्रेस 1989 सुखवीर सिंह जनता दल 1991 महेंद्र पाल सिंह भाजपा 1993 महेंद्रपाल सिंह भाजपा 1996 गजंफर अली बसपा 2002 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा 2007 शाहनवाज राणा बसपा 2012 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा 2014 रुचिवीरा सपा (उपचुनाव) 2017 सुचि चौधरी भाजपा 2022 सुचि चौधरी भाजपा
नई दिल्ली (एजेंसी)। रंगों का त्योहार ‘होली’ इस साल 18 मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, होली के ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है, जो होलिका दहन तक चलता है। मान्यताओं के मुताबिक, होलाष्टक के 8 दिनों तक विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, मकान-वाहन की खरीदारी आदि किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है। हालांकि ये आठ दिन पूजा पाठ के लिहाज से बेहद शुभ माने जाते हैं।
ऐसा माना जाता है कि, होलाष्टक के समय यानी होली से 8 दिनों पहले तक सभी ग्रहों का स्वभाव उग्र रहता है। शुभ कार्यों के लिए ग्रहों की ये स्थिति शुभ नहीं मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का पूरा पुण्य प्राप्त नहीं होता है। जानिए ‘होलाष्टक’ कब से शुरु हो रहा है और उसका समापन कब होगा।
‘होलाष्टक’
होलाष्टक 10 मार्च 2022, गुरुवार से लेकर 17 मार्च 2022, गुरुवार तक रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करना अपशकुन होता है। होलाष्टक से होली और होलिका दहन की तैयारी शुरु हो जाती है।
क्यों अशुभ होती है होलाष्टक की अवधि
होलाष्टक के आठ दिनों को शुभ कार्य नहीं करने के पीछे पौराणिक कथा है जिसके मुताबिक, कामदेव द्वारा भगवान शिव की तपस्या भंग करने के कारण फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि पर क्रोध में आकर कामदेव को भस्म कर दिया था। अन्य कथा के अनुसार राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका के साथ मिलकर अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से दूर करने के लिए इन आठ दिनों में कठिन यातनाएं दी थीं। इसलिए होलाष्टक काल को विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन समारोह आदि जैसे शुभ कार्यों को करने के लिए अशुभ माना जाता है।
होलाष्टक के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम
हिंदू धर्म में बताए गए सोलह संस्कार जैसे- विवाह, मुंडन आदि नहीं करने चाहिए।
नवविवाहिता को पहली होली ससुराल में नहीं मनानी चाहिए। पहली होली मायके में मनानी चाहिए।
घर, गाड़ी वगैरह नहीं खरीदना चाहिए, न ही सोने चांदी की खरीददारी करनी चाहिए ।
क्या करना चाहिए?
अधिक से अधिक भगवान का ध्यान, मनन और पूजन करना चाहिए ।
परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो उसके लिए विशेष अनुष्ठान कराना चाहिए।
‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना चाहिए, इससे अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है।
बिजनौर। स्कॉर्पियो कार और बाइक की आमने-सामने की हुई भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार हेतु सीएचसी पहुंचाया। घायल को चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया।
नगीना नगर के मोहल्ला कस्बा निवासी अर्जुन सैनी (26 वर्ष) पुत्र मुन्नू सिंह का 9 माह पूर्व ही विवाह हुआ था। अर्जुन सैनी मंगलवार की देर रात 9 बजे करीब अपने जीजा सुशील पुत्र रामपाल सैनी (45 वर्ष) बाइक द्वारा उनके घर कोटकादर छोड़ने जा रहा था। कोटकादर के पास पुलिया पर उसकी बाईक की सामने आ रही स्कॉर्पियो कार से आमने सामने की भीषण टक्कर हो गई। अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई तथा उसके जीजा रामपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची नगीना देहात पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से मृतक और घायल को सीएचसी पहुंचाया। सूचना पर मृतक के परिजन और सैकड़ों मोहल्लेवासी सीएचसी पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर नवीन चौहान ने अर्जुन को अर्जुन को मृत घोषित कर दिया तथा गंभीर रूप से घायल रामपाल सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रायपुर देहात पुलिस ने मृतक का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू करते हुए स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया है। घटना से मृतक और घायल के परिजनों में कोहराम मच गया है।
15 मार्च तक लागू रहेगी आदर्श चुनाव आचार संहिता। जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
बिजनौर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार जनपद में आदर्श चुनाव आचार संहिता 15 मार्च तक लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की परमिशन नहीं है। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए।
सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई मतगणना कभी धीमी तो कभी तेज गति से होती दिखी। दोपहर होते-होते जनपद की चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई। जनपद की पांच विधानसभाओं पर भाजपा विधायक काबिज थे।
निगरानी के लिए प्रत्येक गणना हॉल में चार-चार सीसीटीवी कैमरे व दो-दो वीडियो हैंडीकेम का इस्तेमाल किया गया। मतगणना स्थल पर एजेंटों को मोबाइल व धूम्रपान का सामान लेकर नहीं जाने दिया गया।
मतगणना के बाद किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई, वहीं हर्ष फायरिंग पर भी रोक लगा दी गई। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए जिले में भारी तादाद में फोर्स तैनात किया गया। थाना प्रभारी जिले भर में शांति व्यवस्था कायम रखने में लगे रहे। चुनाव में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई।
विधानसभा चुनाव पुलिस प्रशासन ने अहम भूमिका निभाई। सुबह से ही मतगणना स्थल पर पुलिस प्रशासन का कड़ा पहरा दिखाई दिया। शक्ति चौक से लेकर सेंट मैरी चौराहा एवं श्री हॉस्पिटल के पास बैरिकेडिंग लगाई गई, ताकि मतगणना स्थल पर अनावश्यक भीड़ न पहुंच सके।
इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्धमान कॉलेज के पास ही रोक दिया गया। मतगणना स्थल पर भी भारी सुरक्षा के इंतजाम किए गए। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा की गई पूर्व घोषणा के अनुसार ही मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नजर आई। इसके अलावा हारे हुए प्रत्याशी के खेमो में मायूसी नगर आई और उनके पंडाल भी खाली नजर आए।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बरसों तक संघ परिवार से जुड़े रहने के कारण भाजपा संगठन में उनका खासा कद है। अनेक मुददों पर उनसे बातचीत हुई, उन्होंने बेबाकी से जवाब दिये।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?
जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- जीतना तो तय ही था। सम्मानित मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनहित के कार्यों को देखते हुए एक बार पुनः भाजपा को सत्ता सौंपी है।
आपको क्या लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहेगा?
जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- यूपी के इस विधानसभा चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चलिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही बनेंगे। उनके नेतृत्व में देश ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है।
चुनाव में किसान आंदोलन का क्या असर पड़ा?
जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- किसान आंदोलन के फैक्टर ने उन्हीं जिलों में भाजपा के खिलाफ असर दिखाया जहां जाटों के अलावा मुस्लिमों की भी पर्याप्त संख्या है। आंदोलन के बाद भी भाजपा की स्थिति पश्चिम यूपी में उतनी कमजोर नहीं थी, जितने दावे किए जा रहे थे। खासतौर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट के जरिए भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की। कई जिलों में मुस्लिम बनाम हिंदू की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन यहां समीकरण बिगड़ते नहीं दिखे।
योगी आदित्यनाथ की छवि का क्या प्रभाव रहा?
जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- सीएम योगी बीजेपी के पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। भाजपा ने पिछला चुनाव बिना किसी सीएम फेस के लड़ा था, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ा गया। वहीं नोयडा को लेकर स्थापित मिथक को भी योगी जी ने वहां कई बार पहुंच कर तोड़ा।
कई सर्वे में सपा-रालोद गठबंधन को बढ़त और यहां तक कि सरकार बनाने का दावेदार भी बताया जा रहा था?
जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कुशल नेतृत्व में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सर्वे हमेशा सच नहीं होते, इनमें उतार चढ़ाव आता रहता है। अध्यक्ष जी का रणनीतिक कौशल पार्टी के लिये बेहद कारगर साबित हुआ।
चुनाव परिणामों से Share Market में तेजी, Sensex 1000 अंक के पार खुला
नई दिल्ली (एजेंसी)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना के बीच शेयर बाजार ने मजबूती के जोरदार संकेत दिये हैं। बाजार को मजबूत ग्लोबल ट्रेंड से भी सपोर्ट मिल रहा है। इन संकेतों के चलते बाजार ने आज कारोबार की जबरदस्त शुरुआत की और खुलते ही 1200 अंक चढ़ गया।
प्री-ओपन से ही मजबूत बाजार में सेंसेक्स 2.5 फीसदी तक चढ़ा हुआ था। एसजीएक्स निफ्टी भी मजबूत बना हुआ था। सुबह के 09:20 बजे सेंसेक्स 1130 अंक से ज्यादा मजबूत होकर 55,800 अंक के आस-पास ट्रेड कर रहा था। इसी तरह निफ्टी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 16.650 अंक के पार निकल चुका था।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई के चलते दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। इन सब घटनाक्रमों के बीच क्रूड ऑयल में उबाल है और यह 14 साल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर जा चुका है। रूस के तेल और गैस पर अमेरिका के प्रतिबंध के बाद इन्वेस्टर्स सहमे हुए हैं। भारत के बाजार में भी यह ट्रेंड साफ दिख रहा है क्योंकि एफपीआई लगातार पैसे निकाल रहे हैं। कल भले ही बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन एफपीआई ने भारतीय बाजार से करीब 5 हजार करोड़ रुपये की निकासी की थी।
बिजनौर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर कल्याण समिति की इकाई राष्ट्र सेवा समिति द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय की उप प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती राजुल त्यागी ने किया।
कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती छवि कौशल ने, नारी शक्ति महान है; गीत प्रस्तुत कर के कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उसके उपरान्त वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण पर विभिन्न प्रकार के सुविचार प्रस्तुत किये। डॉ. मंजुला कुमार ने महिला दिवस मनाए जाने के विषय में विस्तार से बताया। श्रीमती मंजू गुप्ता ने बताया कि घर परिवार में रहकर भी एक महिला समाज की नींव मजबूत कर सकती है। रश्मि गुप्ता ने बताया कि अब महिलाओं को भी शिक्षा रूपी पंख लग चुके हैं। डा. रंजना राजपूत ने महिलाओं की शैक्षिक स्थिति में आए सुधार के विषय में बताया। रचना खन्ना ने बताया कि महिला के पूर्ण विकास में सबसे महत्वपूर्ण रोल महिला की माँ का ही होता है। मनुश्री व अशोक निर्दोष ने महिला सशक्तिकरण पर कविता का सुन्दर का पाठ किया।
इस अवसर पर समिति की ओर से समाज सेविका श्रीमती ऊषा चौधरी, पुष्पा, अनीता चौधरी, नीरा अग्रवाल, डॉ.नीता सिंह, डा. मीना बक्शी व राजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।
बिजनौर। जिला मुख्यालय स्थित नीलकमल रोड से राहगीरों का निकलना और यहां के दुकानदारों का अपने प्रतिष्ठान पर बैठना दूभर हो गया है।
वजह है भूमिगत गैस पाइप लाइन बिछाने और रोड निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं और ठेकेदारों की हीलाहवाली।
जहां एक ओर यहां से पैदल और वाहन चालकों को गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर इस मार्ग पर स्थित दुकानों के लिये भी सिरदर्द है।
हवा के हल्के से भी झोंकों से उड़ती हुई धूल ने दुकानदारों का बैठना मुश्किल कर दिया है। वहीं कीचड़ से गंदगी फैल रही है। दिन दिन भर दुकानदार अपना काम छोड़कर सफाई में लगे रहते हैं।
यही नहीं यहां गड्ढों के कारण कई पैदल और वाहन चालक चोट भी खा चुके हैं। ऐसी ही स्थिति रही तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के अलावा सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई है।
मोदी सरकार ने शुरू की नई स्कीम, घरेलू कामगारों, ड्राइवरों को भी मिलेगा पेंशन का फायदा
नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत ‘दान-ए-पेंशन’ की घोषणा की। इसमें घरों और प्रतिष्ठानाें में काम करने वाले कामगारों, ड्राइवरों, सहायकों हेल्पर, देखभाल करने वालों, नर्सों जैसे अपने तत्काल सहायक कर्मचारियों को Oप्रीमियम योगदान किया जा सकता है। यादव ने ई-श्रम पोर्टल पर 25 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत दाता किसी भी समय के लिए सहायक की ओर से योगदान का भुगतान कर सकता है। इसलिए इस पहल से उन लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, जो किसी के दैनिक कामकाज करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्वयं अपने घरेलू कामगारों और सहायकों को पेंशन दान करके इस योजना की शुरुआत की और कामना की, कि उनका बुढ़ापा बेहतर होगा। पीएम-एसवाईएम के माध्यम से 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित पेंशन के रूप में घरेलू कामगारों को वृद्धावस्था में मिलेगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ई श्रम पोर्टल ने “सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास” के आदर्श वाक्य को पूरा किया है। छह महीने से भी कम समय में 25 करोड़ पंजीकरण सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ई. श्रम पोर्टल पर उत्तरप्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड अग्रणी राज्य हैं। जम्मू कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश थे। उन्होंने बताया कि उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर अब ईएसएचआरएम पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से असंगठित श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें अपने घर की सुविधा से ई. श्रम पर खुद को पंजीकृत करने का अधिकार है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। यूपी समेत 5 राज्यों के एग्जिट पोल सामने आए हैं। जी न्यूज-डिजाइन बॉक्स के पोल के मुताबिक, मणिपुर में भाजपा की सरकार बरकरार रहने का अनुमान है। गोवा के एग्जिट पोल में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से दूर है। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां सेपिअंस रिसर्च के एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।
उत्तर प्रदेश (403) न्यूज एक्स पोल का अनुमान भाजपा : 211-225 सपा: 146-160 कांग्रेस : 4-6 बसपा : 14-24 रिपब्लिक -टीवी का अनुमान भाजपा : 240 सपा : 140 बसपा : 17 अन्य : 2
रिपब्लिक भारत के अनुमान के मुताबिक दलों को सीटें भाजपा : 240 (+-15) कांग्रेस : 0 सपा : 140 (+-10) बसपा: 17 (+-15) अन्य: 2 (+-2)
सुदर्शन न्यूज एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 246 से 265 सीट मिल रही हैं।
एबीपी सी-वोटर एग्जिट पोल के अनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस को 32-38 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 26-32 सीटें मिल सकती हैं। वहीं इंडिया टीवी सीएनएस के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तराखंड में कांग्रेस को 37 से 41 सीटें, भाजपा को 25-29 जबकि अन्य के खाते में दो से चार सीटें जानें का अनुमान है। इंडिया टुडे- एक्सिस माय इंडिया के एक्जिट पोल के मुताबिक उत्तराखंड में भाजपा को 36-46, कांग्रेस को 20-30, बसपा को 02-04 जबकि अन्य के खाते में 02 से 05 सीटें मिलने का अनुमान है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार सभी भारतीय यूजर्स को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 3 महीने का रिचार्ज फ्री दे रही है। PIBFactCheck ने इस वायरल दावे को गलत बताया है।
बता दें कि #WhatsApp मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सभी भारतीय यूजर्स को 3 महीने का रिचार्ज फ्री में दे रही है। इस दावे को PIBFactCheck ने गलत बताया है और इस दावे को फर्जी करार दिया है। PIBFactCheck ने कहा है कि भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।
गौरतलब है कि अक्सर इस प्रकार के भ्रामक #WhatsApp मैसेज डालकर लोगों के बीच असमाजिक लोगों द्वारा फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं। इसके झांसे में आकर कई बाद लोग इसे सही मानने लगते हैं। ऐसी खबरें आए तो इसकी सच्चाई जरूर पता करें उसके बाद ही इसे अन्य ग्रुप में फारवर्ड करें। और इस प्रकार के दावों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करें।
ABP न्यूज़ और Chanakya Todays के Exit Poll का आज शाम होगा प्रसारण
ABP News UP, Uttarakhand, Punjab Exit Poll: एबीपी न्यूज आज शाम 6 बजे के बाद यूपी चुनाव का एग्जिट पोल दिखाने जा रहा है। एबीपी न्यूज चैनल (ABP News) ने सी वोटर (C-Voter) के साथ मिलकर एग्जिट पोल किया है। मतदान समाप्त होने के बाद एबीपी न्यूज के नेशनल और एबीपी गंगा चैनल पर इसे प्रसारित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के सातवें फेज की वोटिंग आज खत्म हो रही है। यूपी में किसकी सरकार बनने जा रही है इसका सही जवाब तो 10 मार्च को मतगणना के बाद ही मिलेगा। फिलहाल एबीपी न्यूज सी-वोटर के पोल से रुझान की ओर इशारा जरूर मिल सकता है। एग्जिट पोल से संकेत जरूर मिल सकता है कि यूपी में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी या अखिलेश यादव उनसे सत्ता छीनने में कामयाब रहेंगे। हालांकि, कई बार एग्जिट पोल के उलट भी नतीजे आए हैं।
वहीं ओपिनियन पोल में उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य लड़ाई देखने को मिल रही थी। यहां एक चरण में मतदान संपन्न हो गए हैं। 10 मार्च को परिणाम आएंगे। इससे पहले एग्जिट पोल में सर्वे के मुताबिक जीत और हार के अनुमान पेश किए जाएंगे। पंजाब में भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। जहां एक तरफ कांग्रेस और अकाली दल टक्कर में हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत नजर आई है। देखना है कि एग्जिट पोल में किसकी सरकार बनती दिखेगी। हालांकि फाइनल नतीजे तो 10 मार्च को ही पता लगेंगे।
उत्तर प्रदेश में सात चरणों में वोटिंग हुई है। पहले चरण की वोटिंग जहां पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी को हुई थी वहीं 7 मार्च को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ है। भाजपा और सपा ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को वोट डाले गए थे। यहां 70 विधानसभा सीटों पर 65.10 फीसदी मतदान हुआ था। पंजाब में 20 फरवरी को वोट डाले गए थे।
Chanakya Todays Exit Poll: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण के मतदान की समाप्ती के साथ शाम में एग्जिट पोल (Exit Poll 2022) आने शुरू हो जाएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर सहित पांच राज्यों में हुए मतदान के बाद सभी को 10 मार्च को आने वाले नतीजों का इंतजार है।
असली नतीजों से पहले सभी पांच राज्यों के चाणक्य टुडेज एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll) के नतीजे बताएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इसको लेकर कराए गए चाणक्य टुडेज के एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll Results) के नतीजे आज शाम 6 बजे के बाद आने शुरू हो जाएंगे।
समाजवादी नेता जय प्रकाश पांडेय ने भाजपा को बताया काशी की परंपरा के लिए खतरा।
लखनऊ। मतदान की पूर्व संध्या पर बीएचयू गेट पर संवाददाताओं से बात करते हुए समाजवादी नेता एवं चिंतक जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि असहमति के प्रति आदर भाव प्रदर्शित करने की परंपरा का नाम है- काशी। पौराणिक मान्यताओं का केंद्र होते हुए भी काशी ने स्थापित व्यवस्था की विसंगतियों के बरक्स मानवतावादी मौलिक विचारों एवं असहमति के स्वरों को धैर्य से सुना। महात्मा बुद्ध, शंकराचार्य से दयानंद सरस्वती तक के शास्त्रार्थ की साक्षी है- काशी। यहां कबीर और संत रविदास की सामाजिक समता की आग्रही दूसरी परंपरा भी संरक्षण पाती रही है। भाजपा की एकरंगी सोच लोकतांत्रिक विमर्श को खारिज करने एवं असहमति को कुचलने की है, जो काशी की परंपरा के खिलाफ है। काशी की इस गौरवपूर्ण विरासत के सच्चे उत्तराधिकारी समाजवादी ही हैं।
बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन पर हुआ हादसा। पेट्रोल पंप पर तेल के अंडर ग्राउंड टैंक की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत; दो मजदूर गंभीर घायल। गुस्साए परिजनों ने लगाया सड़क पर जाम। पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग। पेट्रोल पंप मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज।
बिजनौर। चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ पर काबू पाया। पेट्रोल पंप के मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार समेत दो लोगों के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। बताया गया है कि शनिवार को चार मजदूर इस टैंक के चारों से ओर मिट्टी खोदकर बाहर निकाल रहे थे। दोपहर बाद टैंक के चारों ओर बनी दीवार अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। दीवार के मलबे और मिट्टी में गांव सालमाबाद निवासी दीपक (25 वर्ष) पुत्र नौबहार सिंह, अश्वनी पुत्र भीकम सिंह तथा गोलू पुत्र राकेश निवासी गोपालपुर थाना भौजीपुरा बरेली दब गए। तीन मजदूरों के दीवार के मलबे में दबते ही हड़कंप मच गया। थाना शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया, जबकि अश्वनी और गोलू की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गुस्साए परिजनों और गांववालों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। परिजन और ग्रामीण चक्कर मार्ग पर बैठ गए और जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा तक जाम लगा रहा।
सीओ, कोतवाल ने दिया आश्वासन- सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता और प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और जाम खुलवाया। मामले में पेट्रोल पंप के मालिक लल्लन उर्फ अरविंद निवासी बुखारा और मजदूरों के ठेकेदार अख्तर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि टैंक की खोदाई के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर दी गई है।
शमशाद अंसारी ने पेश की मानवता की मिसाल- सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से यह घटना जंगल में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में लोग मौके पर एकत्र हो गए। दीपक को बचाने के लिए सभी प्रयास कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी भी मौके पर पहुंच गए और दीपक को निकालने का प्रयास करते लोगों के साथ खुद भी जुट गए। तीनों मजदूर न तो बिजनौर के निवासी थे, जिनसे वोटों का लालच हो और न ही बिरादरी अथवा धर्म के, लेकिन इस सबसे ऊपर उठकर शमशाद अंसारी अपना सामाजिक व राजनीतिक धर्म निभाते दिखे। वहीं दूसरी और सदर विधानसभा सीट से निवर्तमान एवं भावी विधायकों, जनप्रतिनिधियों ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बिजनौर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने मतगणना कार्मिकों को निर्देश दिए कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत आगामी 10 मार्च, 2022 को होने वाली मतगणना प्रक्रिया को कोविड- 19 प्रोटोकॉल का अनुपालन |सुनिश्चित कराते हुए पूर्ण रूप से निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराएं। उन्होंने सभी कार्मिकों को निर्देश दिए कि फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करते हुए अपने दायित्वों को पूर्ण निष्पक्षता और गंभीरता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तत्काल मतगणना स्थल का बारीकी के साथ निरीक्षण कर नकशा बना लें और मतगणना टेबिल्स को इस प्रकार नियोजित करें कि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे और प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं करा लें। को भी मतगणना प्रक्रिया का सुगमता के साथ अवलोकन होता रहे।
विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत आगामी 10 मार्च, 2022 को होने वाली मतगणना प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप सम्पन्न कराने के लिए उन्होंने संबंधित को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य को सुव्यवस्थित, निर्वाध और पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराने में मतदान कार्मिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सभी मतदान कार्मिक पूरी गंभीरता और ध्यान के साथ प्रशिक्षण ग्रहण करें और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत हस्तपुस्तिका भी गहनता के साथ अध्यन करें तथा मतगणना से संबंधित अपनी शंकाओं एवं समस्याओं का समाधान मौके पर ही मास्टर ट्रेनर्स से करा लिया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मतगणना स्थल के सभी महत्वूपर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों लगवाए जायें और उनका नियमित संचालन सुनिश्चित करते हुए सतत् निगरानी के लिए कर्मचारियों की क्रमवार नियुक्ति की जाए उन्होंने निर्देश दिए कि मतगणना स्थल के बाहर जन सामान्य को मतगणना परिणाम से नियमित रूप से अवगत कराने के लिए साउण्ड सिस्टेम तथा निर्वाध रूप से प्रकाश की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जनरेटर की भी व्यवस्था करें तथा प्रत्येक मतगणना स्थल पर अग्नि शमन / अग्नि सुरक्षा के लिए निश्चित रूप से समुचित बन्दोबस्त किया जाए।
सोशल मीडिया पर नकेल लगाई रूस ने। Facebook, Twitter के साथ Youtube पर बैन। ‘फर्जी खबर’ चलाई तो होगी जेल।
मोस्को (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूस की पुतिन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रूस ने फेसबुक के साथ-साथ ट्विटर और यूट्यूब को भी देश में ब्लॉक कर दिया है। रुस ने आरोप लगाया है कि ये सोशल साइट्स रूसी मीडिया कंपनियों के साथ भेदभाव कर रही हैं।
रूस सेंसरशिप एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने कहा है कि, साल 2020 के अक्टूबर महीने से फेसबुक की ओर से रूसी मीडिया के खिलाफ भेदभाव के 26 मामले सामने आए हैं। द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने सोशल साइट फेसबुक पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि, फेसबुक रूसी मीडिया समूहों के खिलाफ भेदभाव कर रहा है। इधर, बैन के बाद फेसबुक की ओर से कहा गया है कि, प्रतिबंध से लाखों लोगों को विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल पाएगी।बिज़नेस :
गौरतलब है कि यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत में रूसी सरकार ने फेसबुक पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद पुतिन सरकार ने पूरे रूस में फेसबुक पर बैन लगा दिया। इसके साथ ही रूसी सरकार ने अन्य सोशल साइट ट्विटर और यूट्यूब पर भी बैन लगा दिया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति ने एक प्रावधान पर भी मुहर लगा दी है, जिसके तहत सेना के खिलाफ जानबूझकर ‘फर्जी खबर’ फैलाने पर 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
गौरतलब है कि रूस यूक्रेन के बीच की जंग लगातार तेज होती जा रही है। लड़ाई के 10वें दिन रूस ने यूक्रेन पर हमले भी तेज कर दिए हैं। रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है। यूक्रेन पर हमले के 9वें दिन शुक्रवार को रूस की सेना और आक्रामक हो गई। रूसी सेना ने यूक्रेन को समुद्र मार्ग से काटने की कोशिश में नीपर नदी पर बसे एनेर्होदर शहर पर जम कर बमबारी की। इसी दौरान जपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) में आग लग गई। यूरोप के सबसे बड़े इस न्यूक्लियर पावर प्लांट में लगी आग पर दमकल कर्मियों ने काबू पा लिया।
नजीबाबाद (बिजनौर)। होली पर्व पर रेलवे नौ मार्च से निश्चित चार तिथियों में अमृतसर से बनमनखी बिहार के बीच चार दिन होली स्पेशल ट्रेन चलाएगा।
होली पर्व पर यात्रियों को अमृतसर से बनमनखी के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने चार निश्चित तिथियों में दोनों दिशा से होली स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। अमृतसर से डाउन दिशा के लिए नौ मार्च, 13 मार्च, 17 मार्च और 21 मार्च को होली स्पेशल ट्रेन चलेगी। वापसी में बनमनखी बिहार से अमृतसर के लिए 11 मार्च, 15 मार्च, 19 मार्च और 23 मार्च को स्पेशल ट्रेन चलेगी।
सीएमआई आरके सिंह ने बताया कि अमृतसर से प्रातः 6:35 बजे होली स्पेशल ट्रेन रवाना होकर दोपहर 2:30 बजे नजीबाबाद स्टेशन पहुंचेगी। उधर बनमनखी से निर्धारित तिथियों में ट्रेन प्रातः 6:30 बजे रवाना होकर अगले दिन 8:36 बजे नजीबाबाद रेवले स्टेशन पहुंचेगी। दोनों दिशा से ट्रेन का सहारनपुर, लक्सर, नजीबाबाद, स्योहारा और मुरादाबाद स्टॉपेज रहेगा। नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को पांच मिनट का स्टॉपेज दिया गया है।
धामपुर (बिजनौर)। उत्तराखंड की खानपुर पुलिस ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। मई 2021 में तत्कालीन उप खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय खानपुर के शिक्षक लोकेश कुमार निवासी बिजनौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच उपरांत मामला कुछ और ही निकलकर सामने आया। जब पुलिस सुबूतों के आधार पर धामपुर पहुंची और रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया तो उसने यकायक सब कुबूल लिया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस जांच में यह पता चला कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर, लोकेश कुमार के फर्जी प्रमाण-पत्रों पर नौकरी कर रहा था; जबकि उसकी शैक्षिक योग्यता बहुत कम थी। प्रथमदृष्ट्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी यही लगा था कि लोकेश कुमार फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा है; जबकि उसके डॉक्यूमेंट सही थे और प्रीतम सिंह उसके फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहा था। ऐसे में पुलिस फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी प्रीतम सिंह को तलाश कर रही थी, जो काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को धामपुर शहर पहुंचकर दयावती अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। खानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि फर्जी कागजों के बलबूते आरोपी शिक्षा विभाग में नौकरी कर रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि थाना खानपुर में पंजीकृत मु.अ.सं. 5/21 धारा 420/467/468/471 आईपीसी, जिसमें तत्कालीन उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा खानपुर जनपद हरिद्वार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी प्राप्त करने के संबंध में लोकेश कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी कादराबाद खुर्द स्योहारा जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश के विरुद्ध थाना खानपुर में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। विवेचना क्रम में प्रकाश में आया कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर द्वारा लोकेश कुमार उपरोक्त के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी पाई गयी। उन्होंने बताया कि आरोपी के दो-दो नाम होने से यह तय नहीं हो पा रहा था कि यह एक ही है या अलग अलग, लेकिन लोकेश के अनुसार आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह एक ही नाम है। इसके पश्चात अभियोग से संबंधित वांछित अभियुक्त रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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