पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के बिजनौर विधान सभा प्रभारी मोहन तायल के प्रथम बार जनपद आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया।
राधा कृष्ण की प्रतिमा भेंट- भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल के निवास स्थान पर बिजनौर विधान सभा प्रभारी मोहन तायल के प्रथम बार जनपद आगमन पर जोरदार स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती मोनिका यादव एवं नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल ने प्रभारी को संयुक्त रूप से राधा कृष्ण का प्रतिमा भेंट की एवं पुष्प देकर उनका जोरदार स्वागत किया
इस अवसर पर निवर्तमान सांसद राजा भारतेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, रुस्तम यादव, सभासद संजय त्यागी, दुष्यंत सिंह, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, नरेंद्र पहलवान, सुनीता, सीमा, सरोज अग्रवाल, सैफ अली, नेहा, संदीप, सोनू आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बिजनौर। भाजपा कार्यालय पर विधान सभा प्रभारी मोहन तायल के मुख्य आथित्य में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी मंडल अध्यक्ष, सैक्टर प्रभारी/सैक्टर संयोजक उपस्थित रहे।
बैठक में बूथ सत्यापन के विषय पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बूथ चलो कार्यक्रम के तहत सैक्टर प्रभारी सभी बूथ समितियों का सत्यापन कर रहे हैं। समितियों में महिला एवं सभी जातियों का समावेश होना आवश्यक है।
निवर्तमान सांसद बिजनौर राजा भारतेन्द्र सिंह ने कहा कि सत्यापन करते समय बूथ समिति के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर अवश्य जांच लें, यदि किसी सदस्य का मोबाइल नंबर ग़लत है या बदल गया है तो उसे सुधार लें। कार्यकर्ता पूरे मनोबल से और ईमानदारी से काम करें, जिससे उत्तर प्रदेश में फिर से योगी आदित्यनाथ की सरकार स्थापित हो सके। अंत में जिलाध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, एवं आभार व्यक्त किया। संचालन वेदप्रकाश विश्वकर्मा जिला उपाध्यक्ष ने किया।
बैठक में जिला महामंत्री विनय राणा, श्रीमती मोनिका यादव जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा, दीपक गर्ग मोनू, जिला मीडिया प्रभारी, केके रवि जिला कोषाध्यक्ष, संजय त्यागी सभासद, मंडल अध्यक्ष ललित कुमार, राजेंद्र सिंह, देवेन्द्र मलिक, राजीव राजपूत, मंडल प्रभारी संदीप तायल, जिला महामंत्री महिला मोर्चा भारती गौड़, संगीत अग्रवाल, नरेन्द्र पहलवान, दुष्यंत सिंह, पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डाक्टर नवनीत गर्ग, भीष्म राजपूत, रुपेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से हुआ आयोजन। दैनिक सियासत समाचार पत्र का रहा सौजन्य।
बिजनौर। पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से रिजर्व पुलिस लाइन में रविवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने फीता काटकर किया। शिविर में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मित्ताली आत्रेय वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के स्वास्थ्य की जांच की और दवाइयां दीं। शिविर में ईसीजी, ब्लड शुगर, कंप्यूटर द्वारा फेफड़ों की जांच व आंखों की जांच आदि की गई। डॉक्टर अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मिताली आत्रेय ने मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दीं।
एसपी सिटी ने की सराहना– इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि पुलिस कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच करना एवं निःशुल्क दवाइयां वितरित करना एक सराहनीय कार्य है। पुलिस हर वर्ग के लिए प्रत्येक समय समर्पित रहती है, इसलिए पुलिसकर्मी भी अन्य सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।
पुलिस के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी- डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने कहा कि पुलिसकर्मी प्रत्येक परिस्थिति में हम लोगों की रक्षा करती है। चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात, बिना मौसम की चिंता किए पुलिस हमारे लिए खड़ी रहती है। गली मोहल्लों के छोटे-छोटे झगड़ों से लेकर बड़े से बड़े बलवे हो, प्रत्येक मोर्चे पर पुलिस सबसे आगे खड़ी रहती है। कोरोना काल में भी पुलिस ने लोगों के प्रति अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई और चिकित्सकों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। पुलिस दिन-रात, 24 घंटे ड्यूटी करती है, इस कारण पुलिस के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसी के चलते पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से शिविर लगाकर पुलिस व उनके परिवार की नि:शुल्क जांचें की गईं और दवाइयां भी नि:शुल्क दी गईं।
भविष्य में भी लगेगा शिविर- डॉ. मिताली आत्रेय वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती है, इसलिए हम भी पुलिस के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनके अस्पताल के माध्यम से शिविर लगाकर पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
आरआई पुलिस लाइन शिव बालक वर्मा ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा किए गए इस कार्य की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वे तथा उनका पूरा स्टाफ चिकित्सकों द्वारा किए जाने वाले इस तरह के आयोजनों में पूरा सहयोग करते आए हैं और भविष्य में भी अपनी ओर से सहयोग करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। शिविर में अस्पताल प्रबंधक दीपक वशिष्ठ व अभिषेक गौड़ के साथ महक, कामिनी, दुष्यंत कुमार, साजिद खान, समीर, नाहिद, नीतीश, मोहित शर्मा, कपिल कुमार व सचिन आदि के अलावा दैनिक सियासत समाचार पत्र के जिला प्रभारी अवनीश गौड़ मोंटी समेत स्टाफ मौजूद रहा।
भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर
लखनऊ (‘पीटीआई-भाषा’)। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में शनिवार को गोमती नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के अनुसार अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ मारपीट करने का मामला गोमती नगर थाने में दर्ज किया गया है।
हजरतगंज थाने के पुलिसकर्मी शुक्रवार को अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार करने गोमती नगर स्थित उनके आवास गये थे। आरोप है कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने पुलिस के काम में बाधा डाली और कथित तौर पर मारपीट की थी। हजरतगंज कोतवाली पुलिस के अनुसार अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर उनका डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने शुक्रवार को बताया था कि उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने एक दुष्कर्म पीड़िता और उसके सहयोगी को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वक्त से पहले जबरन कर दिए गए थे रिटायरः ठाकुर उत्तर प्रदेश काडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें वक्त से पहले ही सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश में उनके बारे में कहा गया था कि उन्हें अपनी सेवा के शेष कार्यकाल के लिए बनाए रखने के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। ठाकुर का कार्यकाल 2028 में पूरा होना था। ठाकुर ने 2017 में केंद्र से अपना काडर राज्य बदलने का आग्रह किया था। सपा संरक्षक मुलायम सिंह पर उन्हें धमकी देने का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद उनको 13 जुलाई 2015 को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने अप्रैल 2016 में उनके निलंबन पर रोक लगा दी और 11 अक्टूबर 2015 से पूरे वेतन के साथ उनकी बहाली का आदेश दिया था।
सीएम योगी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव: पूर्व आईपीएस ने अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इस महीने की शुरुआत में, ठाकुर की पत्नी नूतन ने घोषणा की थी कि वह (अमिताभ ठाकुर) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने एक राजनीतिक दल के गठन का भी एलान किया था।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत को मिले तीन मैडल। भाविनाबेन पटेल ने दिया देश को पहला सिल्वर तोहफा। निषाद कुमार ने भी कब्जाया सिल्वर। विनोद कुमार को मिला कांस्य।
टोक्यो (एजेंसी)। भाविनाबेन पटेल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर पूरे भारत को सिल्वर मेडल का तोहफा दिया है। टोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत के खाते में पहला मेडल टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल लेकर आई हैं। गोल्ड मेडल के लिए खेले गए मैच में भाविना को दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की यिंग झोउ के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है। बेस्ट ऑफ फाइनल सेट में भाविना एक भी सेट नहीं जीत सकीं और झोउ ने 3-0 से जीत दर्ज गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। रविवार की सुबह विमेंस सिंगल्स क्लास-4 का फाइनल मैच खेला गया।
टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में राष्ट्रीय खेल दिवस का दिन भारत के लिए शानदार रहा। पैरालंपिक में विनोद कुमार ने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले हाई जंप में निषाद कुमार ने सिल्वर मेडल जीता और उनसे पहले टेबल टेनिस में भाविना और दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी चीन की झोउ के बीच गोल्ड मेडल मैच हुआ, जिसे झोउ ने 3-0 से अपने नाम किया, इसके साथ ही भाविना ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। टेबल टेनिस में मेडल जीतने वाली भाविना पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
34 वर्षीय भाविना ने पैरालंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और शनिवार को सेमी फाइनल मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी को 7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8 से हराकर भारतीय खेमे में भी सभी को चौंका दिया था। भाविना हालांकि फाइनल मैच में यह लय नहीं दिखा पाईं और झोउ के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच 19 मिनट में ही गंवा दिया। इस मेडल के साथ टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भारत का खाता भी खुल गया। टोक्यो ओलंपिक गेम्स में भी भारत का खाता सिल्वर मेडल से ही खुला था और तब भी महिला एथलीट ने ही भारत का खाता खोला था। टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था, जो भारत का इन खेलों में पहला मेडल था।
झोउ के खाते में पांच पैरालंपिक मेडल हैं, जिसमें बीजिंग और लंदन पैरालंपिक में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। छह बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकीं झोउ ने फाइनल में भाविना को खुद पर हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। भाविना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि विलक्षण भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया। वह ऐतिहासिक रजत पदक के साथ घर आएंगी। उसके लिए बधाई। उनकी जीवन यात्रा प्रेरित करने वाली है और अधिक युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करेगी।
रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज। 5 दिन में आए कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस।
नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने देश की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में पिछले चार दिन से रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किए जा रहे हैं। महज 5 दिन में केरल में कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस आ चुके हैं। दूसरी तरफ देश में भी केरल के आंकड़ों के कारण नए मामलों की संख्या रोजाना 45 हजार से अधिक आ रही है। वहीं स्थिति खराब होते देख केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने अगले हफ्ते से राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है।
शनिवार को देश में कोरोना के 45 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए और इनमें से 31 हजार से ज्यादा मामले केरल से थे, जो कि कुल मामलों का करीब 70 फीसदी है। शुक्रवार को जहां राज्य में संक्रमण दर 19.22 फीसदी तक पहुंच गया था वहीं, शनिवार को यह 18.67 फीसदी रहा।
लगातार बढ़ रहे एक्टिव केस केरल में शनिवार तक 2 लाख से ज्यादा उपचाराधीन मरीज थे। देशभर में कोरोना के कुल 3.7 लाख एक्टिव मरीज हैं और अकेले केरल में ही इसके 55 फीसदी मामले हैं। बीते पांच दिन में राज्य में एक लाख 49 हजार 814 नए मामले आए हैं।
केरल के अलावा महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना के 4 हजार 831 नए मामले दर्ज किए गए। मिजोरम में भी लगातार दो दिन से कोरोना के एक हजार के करीब मामले पहुंच रहे हैं।
मौतों में भी केरल अव्वल भारत में शनिवार को कोरोना से कुल 444 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 153 अकेले केरल से थीं। इसके अलावा 126 महाराष्ट्र, 68 ओडिशा, 21 तमिलनाडु और 19 मौतें आंध्र प्रदेश में दर्ज की गईं।
अब नाइट कर्फ्यू का ऐलान केरल सरकार ने राज्य में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अगले हफ्ते से रात में कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में अगले सप्ताह से राज्य में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। फेसबुक, WhatsApp या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फेक न्यूज की बाढ़ आई हुई है। मोदी सरकार की योजनाओं के नाम पर फ्री रिचार्ज से लेकर बेरोजगारी भत्ता तक मिलने की खबर वायरल हो रही है। अब इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के तहत कोरोना वायरस के फ्री इलाज के साथ-साथ सभी युवाओं को केंद्र सरकार 4000 रुपए की सहायता दे रही है। इससे पहले यह भी वायरल हुआ था कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिलने की खुशी में मोदी सरकार सभी नागरिकों को 12 महीने फ्री रिचार्ज का अवसर दे रही है।
ऐसे दावों पर यकीन करने से पहले जान लें कि ये पूरी तरह से फर्जी हैं। भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। यह बात PIB Fact Check में साबित हो चुकी है। पीआईबी भारत सरकार की नीतियों, कार्यक्रम पहल और उपलब्धियों के बारे में समाचार-पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को सूचना देने वाली प्रमुख एजेंसी है। पीआईबी ने इस दावे को लेकर लोगों को अगाह करते हुए ट्वीट किया है।
ऐसी किसी भी खबर की यहां करें शिकायत
सरकार से जुड़ी कोई खबर सच है या फर्जी, यह जानने के लिए PIB Fact Check की मदद ली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति PIB Fact Check को संदेहात्मक खबर का स्क्रीनशॉट, ट्वीट, फेसबुक पोस्ट या यूआरएल वॉट्सऐप नंबर 918799711259 पर भेज सकता है या फिर pibfactcheck@gmail.com पर मेल कर सकता है।
आज़म साहब का यह बयान क्या तालिबानी मानसिकता का परिचायक नहीं था! -मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
28 दिसम्बर 2018 को “आज तक” समाचार चैनल की एक ख़बर के अनुसार यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सपा नेता आजम खान ने संसद में तीन तलाक पर बहस के दौरान कहा था कि- “जो मुसलमान हैं, जो कुरान को मानते हैं, वे जानते हैं कि तलाक का पूरा प्रोसीजर कुरान में दिया गया है। हमारे लिए उस प्रोसीजर के अलावा कोई कानून मान्य नहीं है। सिर्फ कुरान का कानून ही मुसलमानों के लिए मान्य है।”
अब ज़रा तालिबानी विचारधारा को समझिये। तालिबान कहता है कि अफगानिस्तान को इस्लामिक कानूनों (शरिया) के अनुसार ही चलाया जाएगा, अर्थात केवल कुरान का कानून ही तालिबान का संविधान है। अब ज़रा इन दोनों बातों पर गम्भीरता से विचार कीजिये तो आपको मालूम होगा कि समाजवादी पार्टी के कद्दावर और संस्थापक नेताओं में से एक जनाब आज़म खान साहब ने जो कुछ 2018 में कहा था, बिल्कुल वही आज अफगानिस्तान में तालिबानियों ने दोहराया है। आज़म साहब के उपरोक्त बयान से स्पष्ट है कि भारत के मुसलमानों के लिए कुरान के कानून से ज़्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। मतलब भारत का संविधान मज़हबी कानूनों से ऊपर नहीं है। आज़म खान साहब की तरह ही शफीकुर्रहमान बर्क़ साहब, एसटी हसन साहब जैसे समाजवादी नेताओं के बयान भी आपने पढ़े ही होंगे, उनसे भी यही समझ आता है कि समाजवादी नेताओं की नज़रों में उनका मज़हब और मज़हबी कानून सर्वोपरि है। दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसे तमाम नेताओं के लिए राष्ट्र धर्म से अधिक महत्वपूर्ण मज़हब है और भारतीय संविधान से बड़ा मज़हबी कानून है।
बस यही तालिबानी विचारधारा है, जिसे हमारे देश में पुष्पित-पल्लवित किया जा रहा है। भारत को यह नहीं भूलना चाहिए कि तालिबानी और अफगानी भी एक समय भाई-भाई ही थे। तालिबान कोई आसमान से नहीं उतरा और न ही ज़मीन से पैदा हुआ है, बल्कि वहीं उसी अफ़ग़ानी ज़मीन पर बढ़ता-पनपता रहा और शनैः-शनैः बढ़ते हुए आज एक अजगर बन गया है, जिसने आज पूरे अफगानिस्तान को निगल लिया है। जो लोग कल तक इन तालिबानियों के साथ भाईचारा निभा रहे थे, वही आज “चारा” बन रहे हैं। अफगानिस्तान और अफ़ग़ान के हालातों को देखने और समझने के बाद भी जो लोग यह समझते हैं कि-
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।
सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा।।
उनके लिए अल्लामा इक़बाल साहब का एक शेर अर्ज है-
न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिंदोस्ताँ वालों।
तुम्हारी दास्तां तक भी न होगी दास्तानों में।।
🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री” समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार- (नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)
विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र व newsdaily24.news.blog के सम्पादक मंडल का उनसे सहमत होना, न होना आवश्यक नहीं है। हमारा उद्देश्य जान बूझकर किसी की धार्मिक-जातिगत अथवा व्यक्तिगत आस्था एवं विश्वास को ठेस पहुंचाना नहीं है। यदि जाने-अनजाने ऐसा होता है, तो उसके लिए हम करबद्ध होकर क्षमा प्रार्थी हैं।
बिजनौर। एसएसडी कालेज से सटे खेत में एक मादा गुलदार अपने चार बच्चों को छोड़, दीवार फांद कर चली गयी। कालेज प्रशासन को सीसीटीवी में कैद तस्वीरों से गुलदार के होने की जानकारी मिली। सूचना पर वन विभाग के सामाजिक वानिकी के अधिकारी व कर्मचारी शावकों को रेस्क्यु करने में जुट गए हैं।
शुक्रवार की सुबह ग्राम गढ़मलपुर स्थित एसएसडी डिग्री कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों में स्कूल परिसर से सटे खेत में गुलदार के शावकों के होने की तस्वीरें कैद हो गईं। इस पर कालेज प्रबंधक ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सामाजिक वानिकी के रेंज अधिकारी व वन कर्मियों ने खेत में छिपे गुलदार के चार शावकों को रेस्क्यु करने की तैयारी शुरु कर दी। टीम ने चारों शावकों को पकड़े जाने के बाद जंगल में ले जाकर छोडऩे की बात कही। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रात होने के बाद मादा गुलदार अपने शावकों को अपने साथ ले जा सकती है। सभी को खेत से दूर रहने की हिदायत दी गई है। वन विभाग की टीम रेस्क्यु कर रही है। अनुमान लगाया गया कि मादा गुलदार ने कालेज परिसर के निकट खेत में ही शावकों को जन्म दिया होगा। मादा गुलार भोजन की तलाश में शिकार के लिए दीवार फांदकर निकल गयी, जबकि शावक छोटे होने के चलते दीवार नहीं फांद सके।
इस बीच मादा गुलदार की उपस्थिति से निकटवर्ती गढ़मलपुर व जहानाबाद आदि के ग्रामीणों में गुलदार की दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ कर जंगल में छुड़वाने की मांग की है।
जंगल के आसपास गुलदार का होना स्वाभाविक बात है। धान के खेत में शावकों को छोड़ कर मादा गुलदार शायद भोजन की तलाश में गई होगी। हमारी टीम रेस्क्यु में लगी है। इस दौरान वहां से लोगों को दूर रहने को कहा गया है। -अरविन्द श्रीवास्तव, रेंजर सामाजकिक वानिकी, नजीबाबाद
दिल्ली। अगर आप भी चेक से पैसे भेज रहे हैं या चेक पेमेंट करते हैं। तो आपके लिए बेहद काम की खबर है। अब 1 सितंबर से 50,000 रुपये से अधिक का चेक जारी करना आपके लिए दिक्कत भरा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों ने अब पॉजिटिव पे सिस्टम को लागू करना शुरू कर दिया है। ज्यादातर बैंक 1 सितंबर से PPS को लागू करने जा रहे हैं।
एक्सिस बैंक (Axis Bank) अगले महीने से पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत कर रहा है। बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को SMS के जरिए इसकी जानकारी दी है। अब नए नियम के मुताबिक, 1 सितंबर से चेक जारी करने से पहले आपको पूरी डिटेल्स देनी होगी। वरना आपका चेक कैंसिल कर दिया जाएगा और आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक्सिस बैंक के अलावा अन्य बैंक भी पॉजिटिव पे को लागू कर सकती है।
इन बैंकों ने लागू किए नियम: एक्सिस बैंक (Axis Bank) समेत कुछ बैंकों ने PPS को अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत ग्राहकों को बैंक को नेट/मोबाइल बैंकिंग या शाखा में जाकर चेक डिटेल्स देनी होगी। पॉजिटिव पे सिस्टम 50,000 या इससे बड़ी रकम के बैंक चेक पेमेंट पर लागू किया जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), कोटक महिंद्रा बैंक ने भी पॉजिटिव पे सिस्टम को 50 हजार रुपये से ज्यादा वाले चेक के लिए लागू कर दिया है।
नई दिल्ली (एजेंसी): कोरोना के बाद भारत में कई देसी ऐप्स आ गए हैं वो विदेशी ऐप्स को काफी बढ़िया से टक्कर दे रहे हैं, फिर चाहे वह ट्विटर देसी वर्जन Koo हो या PUBG का देसी ऐप बैटलग्राउंड इंडिया। इसी कड़ी में अब भारत में कॉलर आईडी ऐप Truecaller को टक्कर देने के लिए देसी ऐप BharatCaller ने दस्तक दी है। इस ऐप के निर्माता का कहना है कि उनकी ऐप ट्रूकॉलर से कुछ मामलों में आगे है और यह ऐप भारतीयों को ट्रूकॉलर से बेहतर अनुभव देगी।
जानिए इस ऐप के बारे में…:
कॉलर आईडी ऐप के जरिए आपके फ़ोन पर आए किसी भी अनजान कॉल करने वाले का नाम पता चल जाता है। यानि आपको आसानी से पता चल जाता है कि आपको कॉल करने वाले का नाम क्या है, वो कौन है? यहाँ तक कि आपको उसकी email id, facebook id भी नज़र आ सकती है। ऐसे में यदि कोई नंबर आपके फ़ोन में सेव (save) नहीं है तो वो सूचना आपके काफी काम आ जाती है। यानि आपको बिना फ़ोन उठाये पता चल जाता है कि फ़ोन किसी बैंक का है, क्रेडिट कार्ड वालों का है या किसी और का। इस ऐप के जरिए फ्रॉड कॉल को भी ब्लॉक किया जा सकता है। इसके साथ ही रियल स्टेट कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी सहित शेयर मार्केट से संबधित कॉल से परेशान है तो आप उन्हें भी ब्लॉक कर सकते हैं।
भारतकॉलर ऐप बाकी कॉलर आईडी ऐप्स से इस तरह भिन्न है कि यह अपने यूजरस के कॉन्टैक्ट्स और कॉल लॉग्स को अपने सर्वर पर सेव नहीं करता जिससे यूजर्स की प्राइवेसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। साथ ही कंपनी के किसी भी कर्मचारी के पास यूजर्स के फोन नंबर्स का डाटाबेस नहीं होता है और न ही ऐसे किसी डाटा का एक्सेस होता है। इस ऐप का सारा डाटा इन्क्रिप्टेड फॉर्मैट में स्टोर किया जाता है और इसका सर्वर भारत के बाहर कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इसलिए भारतकॉलर ऐप पूरी तरह से सुरक्षित, भारतीय और यूजर-फ्रेंडली है। भारतकॉलर को कई भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया गया है, जैसे अंग्रेजी, हिन्दी, तमिल, गुजराती, बांग्ला, मराठी आदि। ऐसे होने से कोई भी अपनी पसंद से भाषा चुन कर इस ऐप का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है। यह एओ एंड्रॉयड और iOS दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है। यह एक फ्री ऐप है। यह ऐप अभी तक 6000 बार डाउनलोड की गई है।
भारतकॉलर ऐप को एक भारतीय कंपनी किकहेड सॉफ्टवेयर्स प्रा. लि. ने बनाया है। इस कंपनी के संस्थापक हैं IIM बैंगलोर से आये प्रज्ज्वल सिन्हा और सह-संस्थापक हैं कुणाल पसरीचा। इनका ऑफिस नॉएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
BharatCaller को बनाने के पीछे जो उद्देश्य भारत का अपना कॉलर आईडी ऐप पेश करना है। क्योंकि प्राइवेसी के चलते कुछ ही समय पहले भारतीय सेना ने Truecaller को बैन कर दिया था। इस ऐप में स्पाईवेयर की वजह से ऐसा किया गया था। भारतीय सेना ने अपने जवानों से यह कहा था कि वो सभी अपने फोन्स से TrueCaller ऐप को तुरंत डिलीट कर दें।
काबुल एयरपोर्ट के बाहर दो बम धमाके, 13 लोगों की मौत- ISIS ने ली हमले की जिम्मेदारी
काबुल (एजेंसी)। अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के बाहर दो बम धमाकों में कम से कम 13 लोग मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। एयरपोर्ट के पास बने बरून होटल के नजदीक पहला धमाका हुआ, वहां पर ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे। दूसरा धमाका भी एयरपोर्ट के नजदीक ही हुआ। पहले ब्लास्ट के बाद फ्रांस ने दूसरे धमाके को लेकर अलर्ट जारी किया था, जिसके कुछ देर बाद फिर से धमाका हुआ। काबुल एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में धमाके की वजह से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आईएसआइएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
इस हमले पर पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाका हुआ है। काबुल एयरपोर्ट पर धमाका होने के बाद अफगानिस्तान में फ्रांसीसी दूत ने संभावित दूसरे हमले की चेतावनी दी और नागरिकों से कहा कि वह उस क्षेत्र को खाली कर दें। अफगानिस्तान में अमेरिकियों को इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादी समूह से जुड़े खतरों के कारण काबुल हवाई अड्डे से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही थी। कई अमेरिकी रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आफगानिस्तान में आईएसआईएस फिदायीन आतंकी हमला करा सकते हैं। वहीं ब्रिटिश सरकार ने भी गुरुवार को चेतावनी दी थी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर हमला किए जाने की ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया रिपोर्ट है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस हफ्ते के शुरू में अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो बलों के 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़ने की समय सीमा को बढ़ाने से इंकर करने वाले फैसले की जब घोषणा की थी तब उन्होंने भी अफगानिस्तान में आईएसआईएस से संबद्ध आईएसाईएस के द्वारा हमला किए जाने की आशंका जताई थी। ब्रिटिश सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने बीबीसी से कहा कि ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया सूचना है कि अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश में काबुल हवाई अड्डे पर जमा हुए लोगों पर इस्लामिक स्ट्टेट जल्द ही हमला करने की योजना बना रहा है।
पंचायत के विकास कार्य की जानकारी मांगने पर पत्रकार को मिल रही धमकी
बिजनौर। विकास खण्ड नजीबाबाद की ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जानकारी मांगने पर प्रधान व पंचायत सचिव ने एक कथित महिला नेत्री को धमकी देने के लिए पत्रकार के घर पर भेज दिया।
ग्राम पंचायत तातारपुर लालू में रहने वाले पत्रकार ने अपनी पंचायत के विकास कार्य की कुछ जानकारी लेने के लिए सीएम हेल्प डेस्क पर सितम्बर महीने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका जवाब समय सीमा में देना तय है। निर्धारित समय में शिकायत का उत्तर लेने के लिए जैसे ही अधिकारियों ने संबंधित पंचायत सचिव व प्रधान से सम्पर्क किया तो खलबली मच गयी। इस पर पड़ी तारीख को अधिकारियों ने सम्बंधित व्यक्तियों से सम्पर्क किया। वैसे ही संबंधित व्यक्तियों ने शिकायतकर्ता पत्रकार पर दवाब बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस चौकड़ी में शामिल पंचायत की ही रहने वाली स्वयंभू नेत्री और कथित समाजसेवी पिछले रात्रि लगभग साढ़े दस बजे शिक़ायतकर्ता पत्रकार के घर आ धमकी। बताया गया है कि वह अपना नाम कामिनी शर्मा बता रही थी। इतनी रात को घर आने का कारण पूछने पर कहने लगी कि मैं सुबह से तीन बार तेरे घर आ गयी हूं, तू नहीं मिल रहा था। मैंने इस प्रधान को चुनाव लड़ाया था और जीत दिलवायी थी। अगर इसकी कोई भी जाँच कराने की कोशिश की, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मेरी पहुँच बहुत ऊपर तक है। इस बीच उक्त महिला नेत्री वीडियो बनने का एहसास होने पर वहां से नौ दो ग्यारह हो गई। पत्रकार के घर से बाहर निकलने के समय भी पंचायत सचिव, प्रधान, प्रधान पति पतेन्द्र व महिला नेत्री गालियां व अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देते रहे।
…अब घर बैठ जाएं पत्रकार! कुल मिला कर ये तो साबित हो रहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों को अपने घर ही बैठ जाना चाहिए। यदि पत्रकारों को ऐसी ही धमकियां मिलने लगीं और पत्रकार चुप होकर घर बैठ जाते हैं, तो ऐसे लोग भ्रष्टाचार करने से बिलकुल नहीं डरेंगे । अपनी मनमर्जी के कार्य करते रहेंगे। शासन, प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
बिजनौर। भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती गार्गी अग्रवाल के भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर हर्ष व्यक्त किया गया है। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती मोनिका यादव द्वारा घोषित जिला कार्यकारिणी में श्रीमती गार्गी अग्रवाल को जिला उपाध्यक्ष घोषित किया गया।
श्रीमती गार्गी अग्रवाल के जिला उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर व्यापारी नेता मुकुल अग्रवाल, विनीत राजपूत, अमित अग्रवाल, संदीप शर्मा, जॉनी राजपूत, राजेंद्र चौधरी, अमित चौधरी, ललित कुमार, आयुष अग्रवाल, नगर पालिका परिषद के सभासद व जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू आदि ने बधाई देते हुए मोनिका यादव का आभार व्यक्त किया। उनके मनोनयन पर सम्मान स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण व राधा जी के चित्र भेंट किए।
पद मिलने की सूचना पर समर्थकों ने किया खुशी का इजहार
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के बने प्रदेश अध्यक्ष
नजीबाबाद (बिजनौर)। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष खुर्शीद मंसूरी को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनको उक्त पद मिलने पर समर्थकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनकी जनता के बीच रहकर जनसेवा करने के ईनाम से कम नहीं है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बिजनौर खुर्शीद मंसूरी को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष मनोनीत किया है। उनको मोर्चा का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर उनके समर्थकों में हर्ष की लहर दौड़ गयी। परवेज सिद्दीकी ने उनसे जल्द ही कमेटी बनाकर संगठन का विस्तार करने का आह्वान किया है। उनको राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर हाजी कदीर ने कहा कि इस पद के मिलने से खुर्शीद मंसूरी का औहदा बढ़ा है। यह उनकी ओर से कोरोना काल समेत अन्य समय पर जनहित में काम करने का ईनाम समझा जाना चाहिए। माजिद बैग ने कहा कि खुर्शीद मंसूरी ने क्षेत्र में सभी वर्गों के लोगों के लिए आगे बढ़कर काम किया है। नगर पंचायत सहानपुर का चेयरमैन रहने के दौरान भी उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के कराए हैं। सय्यद मुज्जफर अली, वसीम शेख, कफील अंसारी, शददन खां, काले खां, लईक मेम्बर, शादाब मंसूरी, मुस्तकीम मंसूरी, जावेद मंसूरी, फैजान आलम, विशाल कुमार प्रजापति, दानिश मंसूरी आदि ने उनको राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी का इजहार किया।
उरई (जालौन)। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा के आगमन को लेकर जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। श्री मिश्रा 27 अगस्त 2021 को जानकी पैलेस उरई में प्रबुद्ध समाज सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आ रहे हैं। उनके आगमन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में पूरे जनपद से प्रबुद्ध समाज की सहभागिता को लेकर रणनीति तैयार की गई।
जिला मुख्यालय पर एक स्थानीय गेस्ट हाउस में बसपा जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता एवं बुंदेलखंड प्रभारी डॉ. बृजेश जाटव के मुख्य आतिथ्य में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 27 अगस्त 2021 को प्रातः 11 बजे प्रबुद्ध समाज सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंच रहे राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा (सदस्य राज्यसभा) के कार्यक्रम को लेकर रणनीति तैयार की गई। बहुजन समाज पार्टी की जिला इकाई एवं पार्टी के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सम्पूर्ण जिले से सहभागिता और भव्य आयोजन का संकल्प लिया। बैठक का संचालन कन्हैया लाल कुशवाहा जिला महासचिव ने किया। बैठक में प्रमुख रूप से डॉ. अवनीश दीक्षित मंडल प्रभारी प्रबुद्ध समाज भाईचारा, मुख्य सेक्टर प्रभारी नरेश बाबू राठौर, एड. बृजमोहन कुशवाहा, पूर्व मंत्री जगदीश प्रजापति, रफीउद्दीन पन्नू, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी माधौगढ़ गिरीश अवस्थी, नारायण हरि अवस्थी, संजीव थापक, राघवेन्द्र पांडेय जिला पंचायत सदस्य, राजेश तिवारी भुआ प्रधान, सुरेश तिवारी ईकहरा, बृजमोहन दीक्षित, एड.अंशुमान दीक्षित, राजेश द्विवेदी, राकेश उपाध्याय, राजीव द्विवेदी नारायणपुरा, मनोज कुमार याज्ञिक जिला पंचायत सदस्य, श्यामसुंदर कुशवाहा जिला सचिव, मानवेन्द्र पाल सभासद विधानसभा संयोजक पिछड़ा वर्ग, शशिकांत दोहरे जिला संयोजक बीवीएफ, अमर नाथ सिंह विधानसभा उरई संयोजक बीवीएफ, चन्द्रशेखर गौतम विधानसभा माधौगढ़ संयोजक बीवीएफ, जनवेद गौतम बीवीएफ रेढ़र, सुनील कुमार, मिथलेश कुमार आदि उपस्थित रहे। (साभार-जालौन टाइम्स)
ज्योतिर्मयानंद गिरि शिष्या ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर स्वामी गणेशानंद गिरि ने श्रीपंचायती अखाड़ा के सचिव पर उत्तरी हरिद्वार स्थित आश्रम पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
हरिद्वार। स्वामी ज्योतिर्मयानंद गिरि शिष्या ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर स्वामी गणेशानंद गिरि ने श्री पंचायती अखाड़ा के सचिव पर उत्तरी हरिद्वार स्थित आश्रम पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया कि उक्त आश्रम का महंत उन्हे बनाया गया है। इसके बावजूद उनके हरिद्वार से बाहर जाने के दौरान अखाड़ा के सचिव की ओर से षडयंत्र कर करोड़ो के आश्रम पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद भी किसी प्रकार की कोई कारवाई नही कर रही है।
मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी ज्योर्मियानंद गिरि ने बताया कि उन्होंने 07अप्रैल 1986 को हरिद्वार के पूर्ण कुम्भ मेला में श्री मोहनानंद आश्रम भीमगोड़ा में पूज्य स्वामी श्री गणेशानंद जी से सन्यास दीक्षा ग्रहण किया। गुरूदेव के साथ रहकर कथा करक सभी संस्थाओ को चलाया। 16 फरवरी 1996 को पटियाला पंजाब में कथा हो रही थी। पूज्य गुरूदेव पूर्णाहूति के समय महाशिवरात्रि को ब्रहमलीन हो गए। पटियाला से पार्थिव शरीर हरिद्वार भीमगोड़ा लाया गया। श्रीनिरंजनी अखाड़े के मुख्य महंत श्री शंकरभारती, श्री रामकिशन गिरि व अन्य संतमण्डली के साथ ज्योतिमयानंद ने समस्त विधि से नीलधारा में जलसमाधि दी गई। मेरे गुरू भाई स्व. सुदर्शनानंद जी महाराज हरिद्वार में रहते थे। गुरूदेव के स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण वे भरूच में मुख्य संस्था में रहते थे। 23 जून 2014 को मेरे गुरू भाई का शरीर शान्त हो गया। उस समय मैं हरिद्वार आयी, किन्तु मुझे कोई कागजात नहीं दिया गया और सभी कागजात निरंजनी अखाड़े वाले ले गए। हरिद्वार से मुरादाबाद के पास राजा का सहसपुर में अपनी संस्था में जाकर पोषसी भण्डारा किया। तब से आज तक मेरी संस्थाओं में कथित रूप से अखाड़ा सचिव ने अपना नाम लिख दिया है। यह भी कहा निरंजनी अखाडे का प्रमाण पत्र, सभी कुम्भ मेले में दी गई दक्षिणा का रसीद मेरे पास है। उन्होने आरोप लगाया कि अखाड़े के सचिव द्वारा जबरन उक्त आश्रम को अपने नाम कराकर खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। चेतावनी दी कि उक्त आश्रम को खुर्द-बुर्द नही होने दुंगी।
लखनऊ (एजेंसी)। प्रदेश में मंगलवार को 13 आइपीएस अफसरों का ट्रांसफर कर दिया गया। पहले दो और फिर 11 आइपीएस अफसरों की तबादला लिस्ट जारी की गई। कई युवा आइपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने के साथ ही पीपीएस संवर्ग के 14 अपर पुलिस अधीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं।
गृह विभाग की ओर से जारी लबादला लिस्ट के अनुसार नरेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस अधीक्षक सुरक्षा से पुलिस अधीक्षक विधि प्रकोष्ठ पुलिस मुख्यालय में नियुक्त किया गया है। अनिल कुमार पांडेय को सेनानायक 28वीं वीहिनी पीएससी इटावा से सेनानायक 36वीं वाहिनी पीएससी वाराणसी और सुशील शुक्ला को पुलिस अधीक्षक लाजिस्टिक से पुलिस अधीक्षक डायल 112 बनाया गया है। रुचिता चौधरी पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट, सभाराज पुलिस अधीक्षक एससीआरबी लखनऊ, शालिनी को पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट से सेनानायक 23वीं वाहिनी पीएससी मुरादाबाद और प्रताप गोपेंद्र को पुलिस मुख्यालय से सेनानायक चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज बनाया गया है। गौरव बंसवाल को पुलिस अधीक्षक अपराध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक से सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज, मोहम्मद मुस्ताक पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा और अभिषेक अग्रवाल को अपर पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट कानपुर से अपर पुलिस अधीक्षक गंगापार प्रयागराज बनाकर भेजा गया है।
इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार 1990 बैच की आइपीएस अधिकारी तनूजा श्रीवास्तव को अपर पुलिस महानिदेशक लोक शिकायत पुलिस महानिदेशक कार्यालय से अपर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण लखनऊ पद पर तैनात किया गया। वहीं 2017 बैच की आइपीएस दीक्षा शर्मा को मुजफ्फरनगर जिले से गाजियाबाद जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) के पद पर तैनात किया गया है।
तनूजा श्रीवास्तव : एडीजी, लोक शिकायत : एडीजी, प्रशिक्षण।
दीक्षा शर्मा : एएसपी, मुजफ्फरनगर : एएसपी (अपराध), गाजियाबाद।
नरेन्द्र प्रताप सिंह : एसपी/एएसपी, सुरक्षा लखनऊ : एसपी विधि प्रकोष्ठ, डीजीपी मुख्यालय।
नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को जिस तरह से एक बयान के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है, ठीक उससे भी बुरे शब्दों में राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए खुलेआम एक रैली में कह चुके हैं। रायगढ़ जिले में सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान नारायण राणे ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री (उद्धव) को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। वह यहीं नहीं रुके। आगे उन्होंने कहा, ”भाषण के दौरान वह पीछे मुड़ कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’
राणे की गिरफ्तारी के बाद उद्धव ठाकरे के एक पुराने और आपत्तिजनक बयान की चर्चा होने लगी है, जो उन्होंने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दिया था। ठाकरे ने योगी को चप्पल से मारे की बात कही थी। ठाकरे ने यह बयान 2018 के मई के महीने में महाराष्ट्र के पालघर में चुनाव प्रचार के दौरान दिया था। इस दौरान बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते में खटास आ चुकी थी।
उद्धव ठाकरे का कहना था कि शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते वक्त योगी आदित्यनाथ ने खड़ाऊं पहन रखे थे, उन्होंने ऐसा करके शिवाजी का अपमान किया। आगे उन्होंने कहा, ‘यह योगी तो गैस के गुब्बारे की तरह है, जो सिर्फ हवा में उड़ता रहता है। आया और सीधे चप्पल पहनकर महाराज के पास गया। ऐसा लग रहा है उसी चप्पल से उसे मारूं।’
ठाकरे के उस बयान पर योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, ‘ मेरे अंदर उनसे कहीं ज्यादा शिष्टाचार है और मैं जानता हूं कि कैसे श्रद्धांजलि दी जाती है। मुझे उनसे कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है।’’
राणे किस बयान पर मचा हंगामा? केंद्रीय मंत्री राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कथित तौर पर कहा, ‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़ कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’ राणे ने दावा किया कि 15 अगस्त को जनता को संबोधित करते समय ठाकरे यह भूल गए थे कि आजादी को कितने साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाषण के बीच में वह अपने सहयोगियों से पूछ रहे थे कि स्वतंत्रता दिवस को कितने साल हुए हैं।
विदित हो कि वर्ष 2018 में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक विवादित बयान दिया था। शिवसेना के मुखपत्र सामना में उन्होंने योगी की पालघर यात्रा के बारे में कहा कि उनका मन किया उन्हें उनकी ही चप्पल से मार दें। यूपी के सीएम को ठाकरे ने भोगी करार दिया। उन्होंने कहा कि शिवाजी की प्रतिमा पर माला पहनाते समय उन्होंने अपनी चप्पलें नहीं उतारी थी। योगी को ढोंगी सीएम करार देते हुए उद्धव ने कहा- ‘उन्होंने चप्पल पहनकर शिवाजी की प्रतिमा को माला पहनाई। मेरा मन किया कि उन्हें उन्हीं की चप्पल से उनके चेहरे पर मारुं। वह कोई योगी नहीं हैं वह भोगी है। यदि वह योगी होते तो सबकुछ छोड़कर चले जाते और गुफा में जाकर रहते, लेकिन वह जाकर सीएम की कुर्सी पर बैठ गए हैं।’
चंडीगढ़ (एजेंसी)। गन्ने का मूल्य प्रति क्विंटल 360 रुपए तय होने के बाद किसानों और पंजाब सरकार के बीच जारी विवाद समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट में स्वयं यह जानकारी दी। इसी के साथ किसानों ने जालंधर से धरना हटाने की घोषणा कर दी है।
कैप्टन ने लिखा कि उनकी सरकार का उद्देश्य समूची फसली विभिन्नता के प्रयासों के रूप में पंजाब में गन्ने के उत्पादन को बढ़ाना व चीनी की रिकवरी सुधार करना है। बैठक के बाद किसानों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का मुंह मीठा भी करवाया। इसी के साथ किसानों ने जालंधर से धरना हटाने की घोषणा कर दी है। किसान नेता मनजीत सिंह राय ने इसकी पुष्टि की है। विदित हो कि किसान पिछले शुक्रवार से जालंधर में धन्नोवाली फाटक के सामने दिल्ली नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक को ब्लाक करके बैठे थे। इसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। रोजाना पंजाब रूट की ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ रहा था। इसका असर पंजाब के साथ-साथ पूरे देश में पड़ रहा था।
बाजार से भी कम कीमत पर लोगों को बेचा जा रहा था पेंट। नकली पेंट की 38 बाल्टियां, 124 लीटर नकली पेंट के डिब्बे, 73 खाली बाल्टियां आदि बरामद।
गाजियाबाद (एजेंसी)। देश की नामचीन एशियन पेंट कंपनी के नाम पर नकली रंग रोगन बनाने वाली नकली पेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़ पुलिस ने किया है। इस मामले में एक व्यक्ति को तब गिरफ्तार किया गया, जब पेंट को बाजार से भी कम कीमत पर लोगों को बेचा जा रहा था।
दिल्ली के मयूर विहार से एशियन पेंट्स कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि पंकज सिंह ने गाजियाबाद के नंदग्राम थाना पुलिस को इलाके में नकली पेंट बनाए जाने का इनपुट दिया था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि और पुलिस ने मंगलवार अपरान्ह संयुक्त रूप से गाजियाबाद के मोरटा स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां से फैक्ट्री मालिक राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोकल पेंट को नकली पेंट फैक्ट्री में ब्रांडेड का रूप दिया जा रहा था। पुलिस को मौके से भारी संख्या में एशियन पेंट्स नाम से छपे हुए डिब्बे और बाल्टियां बरामद हुई हैं। नकली पेंट को इन डिब्बों में भरकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता था। कंपनी प्रतिनिधि को उस समय शक हुआ जब बाजार में अधिकृत रेट से भी कम पर पेंट्स बिकने की जानकारी मिली। कंपनी के रेट और मार्केट के रेट में भारी अंतर देख उन्होंने जांच की तो पता चला कि एशियन पेंट्स के नाम पर नकली पेंट बनाकर बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद पूरी तरह से रेकी करके छापामार कार्रवाई की गई। फैक्ट्री से नकली पेंट की 38 बाल्टियां, 124 लीटर नकली पेंट के डिब्बे, 73 खाली बाल्टियां आदि सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने सारे सामान को जब्त करते हुए सील कर दिया है।
बिजनौर। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस नजीबाबाद में नवनियुक्त विधानसभा प्रभारी धनौरा चेयरमैन राजेश सैनी की अगुवाई में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया।
शोकसभा में वक्ताओं ने दिवंगत मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही देश, समाज व पार्टी के लिए किये गए उनके कार्यों को याद किया। सभी ने एक स्वर से उनके निधन को पार्टी के लिये अपूर्णीय क्षति बताया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई।
शोक सभा में जिला मंत्री बलराज त्यागी, जिला मंन्त्री तरुण राजपूत, जिला मंत्री राजन टंडन गोल्डी, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, विपिन राज चौहान, नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, मंडल अध्यक्ष जुगनेश कुमार, मंडल अध्यक्ष आर्य वीरेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल, कमल सैनी, पूर्व नगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल, नकुल अग्रवाल, लवी अग्रवाल, अशोक राजपूत, राकेश चौधरी, शोभित चौधरी, शिवम चौहान, अंकित शर्मा उपस्थित रहे।
नई दिल्ली। आगामी 7 दिन में से 4 दिन सरकारी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए अगर आपको बैंक संबंधित कोई जरूरी काम है तो उसे निपटा लें वरना परेशान होना पड़ सकता है। आरबीआई से अगस्त 2021 के लिए बैंक छुट्टियों की जजरी सूची के मुताबिक महीने में कुल 15 छुट्टियां थी। अब इस माह चार छुट्टियां बच गई हैं। इस महीने के अंतिम हफ्ते में चार दिन यानी 28 से 31 अगस्त तक बैंक बंद रहेंगे। 28 अगस्त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 30 अगस्त 2021 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में देश के अधिकतर शहरों में बैंक बंद रहेंगे।
हालांकि जरूरी नहीं इन छुट्टियों की वजह से आपके शहर में भी बैंक बंद रहे, क्योंकि रिजर्व बैंक अलग-अलग राज्यों में वहां के स्थानीय त्योहारों की वजह से अलग-अलग जोन के लिए बैंकों की छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है। इसमें 30 अगस्त, 2021 को जन्माष्टमी / कृष्णा जयंती है। इस दिन अहमदाबाद, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरादून, जयपुर, जम्मू, कानपुर, लखनऊ, पटना, रायपुर, रांची, शिलांग, शिमला, श्रीनगर और गंगटोक के बैंकों में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 28 अगस्त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 31 अगस्त 2021 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में हैदराबाद के बैंक बंद रहेंगे।
बिजनौर। लगातार ख़तरों से खेलते हुए आम और खास जनमानस को पल-पल की खबरों से रूबरू कराने वाले मीडियाकर्मी अब अपने ही कार्यालयों में सुरक्षित नहीं रह गए हैं। वजह?…पालिका बाजार की प्रेस गैलरी में संचालित कई मीडिया संस्थानों के कार्यालय भवन जर्जर हो गए हैं। हाल ही में हुई बरसात के बाद अधिकांश परिसर पानी में डूब गए। रही सही कसर सफ़ाई न होने से अवरुद्ध नालों के गंदे पानी ने पूरी कर दी। प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मीडिया कर्मियों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत की है।
पालिका बाजार स्थित प्रेस गैलरी के जर्जर हुए कार्यालयों को ठीक कराने के संबंध में डीएम उमेश मिश्रा से प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से न केवल कार्यालयों की मरम्मत कराए जाने की मांग की, अपितु कार्यालयों की छत पर फैले पड़े बिजली के नंगे तारों को भी दुरुस्त कराने को कहा। डीएम ने मांग उचित ठहराते हुए जल्द समस्या निस्तारण का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ज्योतिलाल शर्मा व राजनारायण कौशिक ने किया।
महृषि वाल्मीकि का अपमान केवल दलित समाज का नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत का अपमान है
—मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
एक खास गिरोह के दरबारी शायर मुनव्वर राना ने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि, ‘वाल्मीकि, रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, इससे पहले वह एक डकैत थे, व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है. इसी तरह तालिबान अभी आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.’
राना ने कहा, ‘जब आप वाल्मीकि के बारे में बात करते हैं, तो आपको उनके अतीत के बारे में भी बात करनी होगी. अपने धर्म में आप किसी को भी भगवान बना सकते हैं, लेकिन वह एक लेखक थे और उन्होंने रामायण लिखी. लेकिन हम यहां प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं.’
इस बयान के बाद राना के खिलाफ धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 295ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य), 505 (1) (बी) (सामान्य जन या जनता के किसी वर्ग के बीच भय पैदा करना) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुनव्वर राना से ज्यादा दोषी कौन? मुनव्वर राना के विरुद्ध देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए, लेकिन यहाँ मुनव्वर राना से भी ज़्यादा बड़े अपराधी वह तमाम मीडिया बन्धु और नेतागण इत्यादि हैं जिन्होंने मुनव्वर राना द्वारा महृषि वाल्मीकि जी के अपमान को केवल दलित समाज के अपमान तक ही सीमित कर दिया। यह ठीक ऐसा ही है जैसे कहा जाता है कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम किया गया और उन्हें कश्मीर छोड़ने पर विवश किया गया। जबकि सच यह है कि कश्मीर से हिंदुओं का पलायन हुआ था न कि किसी जाति विशेष का। ठीक इसी प्रकार पवित्र रामायण लिखने वाले महृषि वाल्मीकि केवल दलित समाज के ही नहीं अपितु सम्पूर्ण भारत के पूर्वज थे, उनका अपमान पूरे भारत का अपमान है।
ऐसे तमाम लोग “बौद्धिक आतंकी”- पवित्र रामायण हिंदुओं का ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए पवित्र और पावन धर्मग्रन्थ है, और श्रीराम सभी के हृदय में बसे हैं। वह सभी लोग जिनके हृदय में श्रीराम बसे हैं, उनको महृषि वाल्मीकि अपने गुरु समान ही प्रतीत होते हैं, जिन्होंने श्रीराम के जीवन चरित्र से हम सबको भलीभांति अवगत कराया था। मुनव्वर राना द्वारा महृषि वाल्मीकि के अपमान को केवल दलित समाज का अपमान मानना बेहद संकुचित और संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। ऐसे में उन तमाम लोगों पर भी कार्यवाही होनी ही चाहिए जो महृषि वाल्मीकि को केवल एक जाति विशेष से जोड़कर देख रहे हैं। क्योंकि ऐसा करके वह हिन्दू समाज को तोड़ने का षडयंत्र रच रहे हैं। मुनव्वर राना जैसे लोग “शायर” नहीं बल्कि “शातिर” हैं। ये किसी समाज या वर्ग विशेष के शत्रु नहीं हैं बल्कि यह पूरे मानव समाज के दुश्मन हैं। मुनव्वर राना जैसे तमाम लोग “बौद्धिक आतंकी” की श्रेणी में आते हैं, जो अपने विचार और वाणी के माध्यम से भारत की एकता, अखंडता और सौहार्द को पलीता लगाने का हरसम्भव प्रयास करते रहते हैं। ऐसे लोगों को उनके असल मकसद में कामयाब होने देना भी स्वयं में एक गम्भीर श्रेणी का अपराध ही है।
🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री” समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार- (नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)
*विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र के सम्पादक मंडल व newsdaily24 का उनसे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं है। हमारा उद्देश्य जान बूझकर किसी की धार्मिक-जातिगत अथवा व्यक्तिगत आस्था एवं विश्वास को ठेस पहुंचाने नहीं है। यदि जाने-अनजाने ऐसा होता है तो उसके लिए हम करबद्ध होकर क्षमा प्रार्थी हैं।
लखनऊ। जब ढांचा टूट रहा था तब कल्याण सिंह 5 कालिदास मार्ग… मुख्यमंत्री आवास की छत पर आराम से जाड़े की धूप सेंक रहे थे… अगर तब कल्याण सिंह नहीं होते तो आज भूमिपूजन भी नहीं होता।
एक छोटे कद का आदमी… जो दिखने में बहुत सुंदर नहीं था… काला रंग…चेहरे पर दाग… लेकिन संघर्षों में तपा हुआ व्यक्तित्व… ऐसी पर्सनेलिटी की जहां वो पहुंच जाए वहां बड़े से बड़े नेता का कद छोटा हो जाए । व्यक्तित्व की धमक ऐसी बड़े बड़े किरदार बौने दिखने लगें… ऐसे थे कल्याण सिंह
कल्याण सिंह ऐसे इसलिए थे क्योंकि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं था… उनके दिल और दिमाग में कोई अंतर नहीं था… उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा उसूल था… भगवान राम की भक्ति… भगवान राम के प्रति के समर्पण को लेकर उन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया
1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए जनसमर्थन इकट्ठा करने का लक्ष्य लेकर राम रथयात्रा निकाली । बिहार में तब लालू यादव मुख्यमंत्री थे और उन्होंने आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया । जिसके बाद राम राथ यात्रा को भारी मात्रा में जनसमर्थन मिल गया और उत्तर प्रदेश में पहली बार बीजेपी की सरकार चुन ली गई जिसके मुख्यमंत्री कल्याण सिंह चुने गए
जून 1991 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और इसके बाद राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद में उत्साह की लहर दौड़ गई और उसने ये घोषणा कर दी कि 6 दिसंबर 1992 को राम मंदिर का निर्माण आरंभ किया जाएगा
वीएचपी की घोषणा के वक्त मुख्यमंत्री के पद पर कल्याण सिंह थे और प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभालने का पूरा जिम्मा कल्याण सिंह पर था । वीएचपी की घोषणा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के कान खड़े हो गए और उन्होंने बातचीत के लिए कल्याण सिंह को दिल्ली बुलाया
कल्याण सिंह से पी वी नरसिम्हा राव ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दीजिए लेकिन कल्याण सिंह ने साफ जवाब दिया कि विवाद का एक ही हल है और वो ये कि बाबरी मस्जिद की जमीन हिंदुओं को सौंप दी जाए । इस तरह बात नहीं बनी और केंद्र – राज्य के बीच टकराव तय हो गया
-नरसिम्हा राव ने ऐहतियात बरतते हुए पहले ही केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या रवाना कर दिए… केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या के चारों तरफ फैला दिए गए
6 दिसंबर तक अयोध्या में राम जन्मभूमि के आस पास 3 लाख कारसेवक इकट्ठे हो गए थे… ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पास पूरी ताकत थी कि वो कारसेवकों पर गोली चला सकती थी… इससे पहले भी जब मुलायम सिंह यादव की सरकार थी तब मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी
कल्याण सिंह को इस बात का अंदेशा लग गया था कि 6 दिसंबर को कारसेवकों को कंट्रोल करने के लिए उनपर फायरिंग का आदेश कोई भी अधिकारी दे सकता है । इसलिए कल्याण सिंह ने 5 दिसंबर की शाम को ही समस्त अधिकारियों को एक लिखित आदेश जारी किया था और वो ये था कि कोई भी कारसेवकों पर गोली नहीं चलाएगा ।
ये फैसला लेना… संवैधानिक पद पर बैठे हुए किसी व्यक्ति के लिए आसान नहीं था । कल्याण सिंह इस बात को जानते थे कि जब वो ये फैसला ले रहे हैं तो अगर अयोध्या में कुछ हो जाता है तो इससे उनकी कुर्सी चली जाएगी… सारी दुनिया उन पर आरोप लगाएगी… ये कहा जाएगा कि कल्याण सिंह एक अराजक मुख्यमंत्री हैं… ये आरोप ही मंदिर आंदोलन का वो विष था… जिसे कल्याण सिंह ने अमृत मानकर पी लिया ।
-आखिर वही हुआ 6 दिसंबर 1992 को दोपहर साढ़े 11 बजे कारसेवक ढांचे को तोड़ने लगे… कल्याण सिंह को पल पल की खबर मिल रही थी…. लेकिन वो आराम से अपने मुख्यमंत्री आवास पर जाड़े की धूप सेंक रहे थे… दिल्ली से फोन घनघना रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने राम भक्ति को प्राथमिकता दी और किसी की कोई बात नहीं सुनी
केंद्र से गृहमंत्री चव्हाण का फोन आया और उन्होंने कहा कि कल्याण जी मैंने ये सुना है कि कारसेवक ढांचे पर चढ गए हैं तब कल्याण सिंह ने जवाब दिया कि मेरे पास आगे की खबर है और वो ये है कि कारसेवकों ने ढांचा तोड़ना शुरू भी कर दिया है लेकिन ये जान लो कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा
कल्याण सिंह के पूरे व्यक्तित्व और महानता का दर्शन सिर्फ इसी एक लाइन से हो जाता है… कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा… मैं गोली नहीं चलाऊँगा… मैं गोली नहीं चलाऊंगा । ढांचा टूट रहा था और केंद्रीय सुरक्षा बल विवादित स्थल पर आने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने ऐसी व्यवस्था करवा दी कि केंद्रीय सुरक्षा बल भी ढांचे तक नहीं पहुंच सके और आखिरकार ढांचा टूट गया… वो कलंक… वो छाती का शूल… वो बलात्कार अनाचार का दुर्दम्य प्रतीक भारत मां की छाती से हटा दिया गया… चारों तरफ हर्ष फैल गया… जन्मभूमि मुक्त हो गई
नरसिम्हा राव अब कल्याण सिंह की सरकार को बर्खास्त करने का फैसला लेने जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही शाम साढे 5 बजे कल्याण सिंह राजभवन गए राज्यपाल से मिले और अपना इस्तीफा सौंप दिया… यानी कुर्सी छोड़ दी लेकिन गोली नहीं चलाई… सिंहासन को लात मार दिया और श्री राम की गोद में बैठ गए… श्रीराम के प्यारे भक्त बन गए । ऐसे थे हमारे कल्याण सिंह
अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो शायद किसी और मुख्यमंत्री में ये फैसला लेने की ताकत नहीं होती । कल्याण सिंह ने इसलिए भी गोली ना चलाने का लिखित आदेश दिया ताकि कल को कोई अफसरों को जिम्मेदार नहीं ठहराए । कल्याण सिंह ने कहा कि सारी जिम्मेदारी मेरी है जो करना है वो मेरे साथ करो । सजा मुझे दो ।
अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो बाबरी नहीं गिरती… अगर बाबरी की दीवारें नहीं गिरतीं तो पुरातत्विक सर्वेक्षण नहीं होता… बाबरी की दीवार के नीचे मौजूद मंदिर की दीवार नहीं मिलती… कोर्ट में ये साबित नहीं हो पाता कि यही रामजन्मभूमि है ।
उस कलंक के मिटने का जो शुभ कार्य हुआ…. उसका श्रेय स्वर्गीय कल्याण सिंह जी को है… 6 दिसंबर कल्याण सिंह के पॉलिटिकल करियर को कालसर्प की तरह डस गया लेकिन कल्याण सिंह का यश दिग दिगंत में फैल गया ।
सबसे जरूरी बात अगर कल्याण सिंह ने गोली चलवा दी होती तो बीजेपी और एसपी में कोई फर्क नहीं रह जाता और आज मोदी प्रधानमंत्री भी नहीं होते इसीलिए ये सत्य है कि जहर पिया कल्याण ने अमृत पिया बीजेपी ने ।
मैं उस पुण्य आत्मा को अपने हृदय और आत्मा में मौजूद समस्त ऊर्जा के साथ नमन करता हूं… प्रणाम करता हूं… ईश्वर आपको मोक्ष दे
ये लेख अपने बच्चों को पढ़ाना… हर ग्रुप में शेयर कर देना, जय श्री राम
(नोट- मेरे कई मित्र ऐसे हैं जिन्होंने मेरा नंबर 7011795136 को दिलीप नाम से सेव तो कर लिया है लेकिन मिस्ड कॉल नहीं की है… जो मित्र मुझे मिस्ड कॉल भी करेंगे और मेरा नंबर भी सेव करेंगे… यानी ये दोनों काम करेंगे सिर्फ उनको ही मेरे लेख सीधे व्हाट्सएप पर मिल पाएंगे… व्हाट्सएप स्टेटस पर भी आर्टिकल के लिंक होते हैं) साभार
पुरुषोत्तम नागेश ओक की एक पुस्तक में दिये उनके परिचय के अनुसार, श्री ओक का जन्म इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के समय उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी में प्रविष्टि ली, जिसके द्वारा इन्होंने जापानियों के संग अंग्रेज़ों से लड़ाई की थी। इन्होंने कला में स्नातकोत्तर (एम०ए०) एवं विधि स्नातक (एलएल०बी०) की डिग्रियाँ मुंबई विश्वविद्यालय से ली थीं। सन 1947 से 1953 तक वे हिंदुस्तान टाइम्स एवं द स्टेट्समैन जैसे समाचार पत्रों के रिपोर्टर रहे। 1953 से 1957 तक इन्होंने भारतीय केन्द्रीय रेडियो एवं जन मंत्रालय में कार्य किया। 1957 से 1959 तक उन्होंने भारत के अमरीकी दूतावास में कार्य किया।[1]
जिसे वे “भारतीय इतिहास का हमलावरों एवं उपनिवेशकों द्वारा पक्षपाती एवं तोड़ा मरोड़ा गया वृत्तांत” मानते थे, उसे सही करने में उन्मत्त, ओक ने कई पुस्तकें और भारतीय इतिहास से सम्बन्धित लेख लिखे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय इतिहास पुनरावलोकन संस्थान की स्थापना 14 जून, 1964 को की। ओक के अनुसार, आधुनिक और मार्क्सवादी इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास के “आदर्शीकृत वृत्तांत” को कल्पित करके उसमें से सारे वैदिक सन्दर्भ और सामग्री हटा दिये हैं। ओक के योगदान, हिन्दू धर्म की अन्य धर्मों पर वर्चस्व एवं अपार श्रेष्ठता सिद्ध करने की कोशिश करते हैं।
जहाँ ओक के सिद्धान्तों का कई हिन्दू वादी गुटों ने भरपूर प्रसार एवं समर्थन किया है[2][3], वहीं, किसी भी मुख्यधारा के धार्मिक एवं स्थापत्य इतिहासविदों द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है। एडविन ब्राइट के अनुसार, अधिकांश पाठक उन्हें केवल एक अफवाह ही मानते हैं।[4]
ताजमहल एवं अन्य मध्यकालीन इस्लामिक स्मारक
अपनी पुस्तक ताजमहल: सत्य कथा में, ओक ने यह दावा किया है, कि ताजमहल, मूलतः एक शिव मन्दिर या एक राजपूताना महल था, जिसे शाहजहाँ ने कब्ज़ा करके एक मकबरे में बदल दिया।
ओक कहते हैं, कि कैसे सभी (अधिकांश) हिन्दू मूल की कश्मीर से कन्याकुमारी पर्यन्त इमारतों को किसी ना किसी मुस्लिम शासक या उसके दरबारियों के साथ, फेर-बदल करके या बिना फेरबदल के, जोड़ दिया गया है।[5] उन्होंने हुमायुं का मकबरा, अकबर का मकबरा एवं एतमादुद्दौला के मकबरे, तथा अधिकांश भारतीय हिन्दू ऐतिहासिक इमारतों, यहाँ तक कि काबा, स्टोनहेन्ज व वैटिकन शहर।[6] तक हिन्दू मूल के बताये हैं। ओक का भारत में मुस्लिम स्थापत्य को नकारना, मराठी जग-प्रसिद्ध संस्कृति का अत्यन्त मुस्लिम विरोधी अंगों में से एक बताया गया है।[7] के०एन०पणिक्कर ने ओक के भारतीय राष्ट्रवाद में कार्य को भारतीय इतिहास की साम्प्रदायिक समझ बताया है।[8] तपन रायचौधरी के अनुसार, उन्हें संघ परिवार द्वारा आदरणीय इतिहासविद कहा गया है।[9]
ओक ने दावा किया है, कि ताज से हिन्दू अलंकरण एवं चिह्न हटा दिये गये हैं और जिन कक्षों में उन वस्तुओं एवं मूल मन्दिर के शिव लिंग को छुपाया गया है, उन्हें सील कर दिया गया है। साथ ही यह भी कि मुमताज महल को उसकी कब्र में दफनाया ही नहीं गया था।
इन दावों के समर्थन में, ओक ने ताज की यमुना नदी की ओर के दरवाजों की काष्ठ की कार्बन डेटिंग के परिणाम दिये हैं, यूरोपियाई यात्रियों के विवरणों में ताज के हिन्दू स्थापत्य/वास्तु लक्षण भी उद्धृत हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा है, कि ताज के निर्माण के आँखों देखे निर्माण विवरण, वित्तीय आँकड़े, एवं शाहजहाँ के निर्माण आदेश, आदि सभी केवल एक जाल मात्र हैं, जिनका उद्देश्य इसका हिन्दू उद्गम मिटाना मात्र है।
पी०एस० भट्ट एवं ए०एल० अठावले ने “इतिहास पत्रिका ” (एक भारतीय इतिहास पुनरावलोकन संस्थान के प्रकाशन) में लिखा है, कि ओक के लेख और सामग्री इस विषय पर, कई सम्बन्धित प्रश्न उठाते हैं।[10]
ताजमहल के हिन्दू शिव मन्दिर होने के पक्ष में ओक के तर्क
पी०एन० ओक अपनी पुस्तक “ताजमहल ए हिन्दू टेम्पल” में सौ से भी अधिक प्रमाण एवं तर्क देकर दावा करते हैं कि ताजमहल वास्तव में शिव मन्दिर था जिसका असली नाम ‘तेजोमहालय’ हुआ करता था। ओक साहब यह भी मानते हैं कि इस मन्दिर को जयपुर के राजा मानसिंह (प्रथम) ने बनवाया था जिसे तोड़ कर ताजमहल बनवाया गया। इस सम्बन्ध में उनके निम्न तर्क विचारणीय हैं:
किसी भी मुस्लिम इमारत के नाम के साथ कभी महल शब्द प्रयोग नहीं हुआ है।
‘ताज’ और ‘महल’ दोनों ही संस्कृत मूल के शब्द हैं।
संगमरमर की सीढ़ियाँ चढ़ने के पहले जूते उतारने की परम्परा चली आ रही है जैसी मन्दिरों में प्रवेश पर होती है जब कि सामान्यतः किसी मक़बरे में जाने के लिये जूता उतारना अनिवार्य नहीं होता।
संगमरमर की जाली में 108 कलश चित्रित हैं तथा उसके ऊपर 108 कलश आरूढ़ हैं, हिंदू मन्दिर परम्परा में (भी) 108 की संख्या को पवित्र माना जाता है।
ताजमहल शिव मन्दिर को इंगित करने वाले शब्द ‘तेजोमहालय’ शब्द का अपभ्रंश है। तेजोमहालय मन्दिर में अग्रेश्वर महादेव प्रतिष्ठित थे।
ताज के दक्षिण में एक पुरानी पशुशाला है। वहाँ तेजोमहालय के पालतू गायों को बाँधा जाता था। मुस्लिम कब्र में गौशाला होना एक असंगत बात है।
ताज के पश्चिमी छोर में लाल पत्थरों के अनेक उपभवन हैं जो कब्र की तामीर के सन्दर्भ में अनावश्यक हैं।
संपूर्ण ताज परिसर में 400 से 500 कमरे तथा दीवारें हैं। कब्र जैसे स्थान में इतने सारे रिहाइशी कमरों का होना समझ से बाहर की बात है। (साभार-विकिपीडिया)
बरेली। समाजवादी पार्टी मिशन 2022 की तैयारियों में जुटी है और कार्यकर्ताओं को एकजुटता का पाठ भी पढ़ा रही है, लेकिन गुटबाजी का फौरी इलाज नहीं तलाश पा रही। पार्टी संगठन के प्रति निष्क्रियता के चलते ही एक दिन पहले जिला उपाध्यक्ष प्रमोद बिष्ट और पार्षद रईस मियां को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। पिछले छह महीने में हुए तमाम बड़े कार्यक्रमों और आंदोलनों में गुटबाजी खुलकर उजागर भी हो चुकी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यकर्ताओं के नाम भी तलब किए थे। मगर चुनाव से पहले नाराजगी से बचने की खातिर इस पर एक्शन नहीं लिया जा सका। ऐसे में सभी सीटों पर मजबूती से दावा करने के बीच विधानसभा चुनाव की राह आसान नहीं दिखती।
विदित हो कि, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने रविवार को जिला संगठन के पदाधिकारियों की संशोधित सूची जारी की थी। इसमें जिला उपाध्यक्ष पार्षद रईस मियां और प्रमोद बिष्ट के नाम नदारद थे। दोनों पदाधिकारियों को हटाने के पीछे की वजह को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं रहीं। भले ही कोई भी पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता नाम उजागर होने की वजह से खुलकर सामने नहीं आया लेकिन दोनों की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए। पार्टी में लंबे अरसे से हावी गुटबाजी पर भी तंज कसा। उनके मुताबिक संगठन में निष्क्रियता और अनुशासनहीनता पर पदाधिकारियों को हटाया गया। एक चर्चा यह भी है कि दोनों पदाधिकारी पार्टी को मजबूती देने के बजाए अपनी एक अलग रणनीति के तहत काम कर रहे थे।
आए दिन कार्यक्रमों में उजागर होती रही है गुटबाजी सपा की मासिक बैठक हो या कोई अन्य कार्यक्रम अधिकांश में गुटबाजी देखने को मिलती है। पिछले साल सपा संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर हावी गुटबाजी के चलते दो बार केक काटना पड़ा था। इसी तरह करीब छह महीने पहले पीलीभीत रोड स्थित आयोजित वर्कशाप में तो खुद अखिलेश यादव ने गुटबाजी का पता चलने पर नाराजगी जताई थी। पंचायत चुनाव में भी कुछ इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी, जिसकी वजह से सपा को जीत के करीब होने के बाद भी हार मिली।
चुनावी नतीजों के बाद भाजपा व जिला प्रशासन के खिलाफ निकाली जाने वाली रैली में भी जिला व महानगर की टीम कलक्ट्रेट पर बिखरी दिखी। इसी तरह 17 अगस्त को जनाक्रोश यात्रा में बहेड़ी चेयर पर्सन के पति नसीम अहमद और पूर्व मंत्री आतउर्रहमान के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत आ गई थी। नसीम ने कार्यक्रम पार्टी का न होकर महज एक परिवार के होने की बात कहते हुए पूर्व मंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
सपा कार्यालय पर नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत मिशन कम्पाउंड स्थित सपा के जिला कार्यालय पर जिला उपाध्यक्ष संजीव सक्सेना, शहजिल इस्लाम के करीबी तनवीरुल इस्लाम, जिला सचिव अर्जुन, अरविंद, कार्यकारिणी सदस्य संजीव, अहमद जान आदि पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया। स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष अगम मौर्य, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, शहजिल इस्लाम, सतेंद्र यादव, आदेश यादव, मयंक शुक्ला, भूपेंद्र कुर्मी, हरीश लाखा, ब्रजेश, अनिल गंगवार, सुरेश गंगवार, सुनील यादव, गजेंद्र कुर्मी, भुवनेश यादव आदि शामिल रहे।
नई दिल्ली (एजेंसी)। कॉलर आईडी ऐप ट्रूकॉलर को टक्कर देने के लिए भारतीय कॉलर आईडी ऐप लॉन्च हो गया है। इस स्वदेशी कॉलर आईडी का नाम भारतकॉलर है। इसे बनाने वाले इंजीनियरों का दावा है कि यह कॉलर आईडी विदेशी और अन्य कॉलर आईडी की तरह आपके कॉल लॉग्स, कॉन्टैक्ट्स या संदेशों को अपने सर्वर पर अपलोड नहीं करता। न ही इसके कर्मचारियों के पास आपके फोन नंबर्स का डेटाबेस एक्सेस करने का अधिकार है। इस एप के निर्माता का यह कहना है कि वे ट्रूकॉलर से कुछ मामलों में आगे हैं और यह एप भारतीयों को ट्रूकॉलर से बेहतर लगेगी।
इस ऐप को भारत के ही कुछ इंजीनियरों ने बनाया है। आईआईएम बैंगलोर के पूर्व छात्र और इस एप की निर्माता टीम के प्रमुख सदस्य, प्रज्ज्वल सिन्हा यह कहते हैं कि यह एप भारत में ट्रूकॉलर का विकल्प बन सकता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। प्रज्ज्वल कहते हैं कि कुछ समय पहले भारतीय सेना ने भारत में ट्रूकॉलर को बैन कर दिया था। इस समय प्रज्ज्वल और उनके मित्र को यह सूझा कि भारत की कोई अपनी कॉलर आइडी एप नहीं है और होनी चाहिए। तभी उन्होंने इस एप को बनाने का फैसला किया।
प्रज्ज्वल बताते हैं कि तीन महीने की रिसर्च के बाद, दिसंबर 2020 में इस एप पर काम शुरू हुआ और इसे पूरी तरह तैयार होने में छह महीने का समय लग गया। ट्रायल्स के सफल होने के बाद इस एप के पहले वर्जन को लॉन्च किया गया, जो करीब 1 करोड़ यूजर्स के उपयोग करने के लायक है। भारतकॉलर के निर्माता कहते हैं कि अभी भी वह अपनी एप को वहां नहीं पहुंचा पाए हैं जहां यह एप अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ऐसी दूसरी एप्स से मुकाबला कर सके। अपडेट्स की प्रक्रिया चल रही है और एआई आधारित ऐल्गोरिद्म में सुधार किए जा रहे हैं। वह कहते हैं कि अभी उन्हें काफी काम और करना है।
भारतकॉलर एप में क्या है खास यह एप बाकी एप्स से इस तरह भिन्न है कि यह अपने यूजरस के कॉन्टैक्ट्स और कॉल लॉग्स को अपने सर्वर पर सेव नहीं करता जिससे यूजर्स की निजता पर कोई प्रभाव न पड़े। साथ ही, इस एप का डाटा इन्क्रिप्टेड फॉर्मैट में स्टोर किया जाता है और इसका सर्वर भारत के बाहर कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इसलिए भारतकॉलर एप पूरी तरह से सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली है। भारतकॉलर को विभिन्न भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया गया है, जैसे अंग्रेजी, हिन्दी, तमिल, गुजराती, बांग्ला, मराठी आदि। इसके पीछे का कारण है एप को समावेशी यानी इन्क्लूसिव बनाना जिससे हर भारतीय अपने सुख और अपनी पसंद से भाषा चुन सके और उस भाषा में एप को इस्तेमाल कर सके। इस एप को एंड्रॉयड और iOS का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स, सभी डाउनलोड कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है जिसकी हेडिंग है, ‘सर’ शब्द का मतलब। इस पोस्ट में समझाया गया है कि सर (Sir) का मतलब है, मैं गुलाम रहूंगा (Slave IRemain) । कई लोग इसे वॉट्सऐप पर शेयर कर रहे हैं और कुछ इस शब्द का इस्तेमाल न करने की गुजारिश करके फेसबुक पर पोस्ट कर रहे हैं। महीने भर पहले एक ऐसी ही पोस्ट फेसबुक पर अपलोड की गई थी जिसे 123,243 लोगों ने शेयर किया है, 3 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है और डेढ़ हजार लोगों ने कॉमेंट्स किए हैं। यह पोस्ट अभी भी शेयर किया जा रहा है।
इस पोस्ट में लोगों के कॉमेंट्स हैं, अब मैं और सर नहीं कहूंगा। किसी ने लिखा है कि हमें सर शब्द का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। कुछ लोगों ने लिखा है कि अब बॉस को सर नहीं कहेंगे वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट को गलत भी बताया है।
तो क्या वाकई ‘सर’ (SIR) का मतलब होता है, मैं गुलाम रहूंगा (Slave I Remain)? और क्या अंग्रेज जब भारत पर राज्य करने आए थे तो इसीलिए चाहते थे कि यहां के लोग उन्हें सर कहकर बुलाएं? इस बात की पुष्टि के लिए हमने जब इस शब्द को गूगल पर खोजना शुरू किया तो इसके ये नतीजे सामने आए…
ऑक्सफर्ड डिक्शनरी के मुताबिक, सर शब्द का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को आदर या सम्मान से संबोधित करने के लिए किया जाता है, खासकर ऐसे व्यक्ति को जो किसी ऊंची पोजिशन पर हो। सर का एक और मतलब दिया है जिसके मुताबिक, सर टाइटल किसी योद्धा या राजकुमार या नवाब के नाम के पहले इस्तेमाल किया जाता था।
वहीं मीरियम वेबस्टर डिक्शनरी सर्च करने पर भी सर के यही मतलब सामने आए , साथ ही उसमें यह भी बताया गया है कि इस शब्द का इस्तेमाल 13वीं सदी से हो रहा है, जबकि ब्रिटिश शासक भारत में बहुत बाद में आए थे।
वही थोड़ा और सर्च करने पर पता चलता है कि सर शब्द को ऐक्रोनिम है ही नहीं बल्कि यह Sire (सायर) शब्द से ही बना है। दोनों शब्दों का इस्तेमाल सम्मान के लिए किया जाता है। Sire शब्द पुराना है और चलन से बाहर हो चुका है लेकिन एक वक्त में इसका भी इस्तेमाल सम्मान सूचक शब्द के तौर पर किया जाता था।
इस शब्द के इस्तेमाल के बारे में जब और खोजा गया तो पता चला कि इसका इस्तेमाल 18वीं शताब्दी से घटता जा रहा है। इस ग्राफ में आप देख सकते हैं
वहीं सवाल-जवाब के फॉरम क्वॉरा पर भी यह सवाल उठाया गया है और इसके कई जवाब मिले हैं। इसमें भी ज्यादातर लोगों ने यही कहा है कि सर एक सम्मानसूचक शब्द है…
इन सारे फैक्ट्स को देखने के बाद हमें ऐसा कोई प्रूफ नहीं मिला जिसके आधार पर हम कह सकें कि सर का मतलब होता है, ‘Slave I remain’।
हम इस ब्लॉग के ज़रिए सोशल मीडिया के झूठ पाठकों के सामने ला रहे हैं। आपको भी कभी कोई ऐसी सूचना का पता चले जो गलत है लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है तो उसके स्क्रीनशॉट के साथ हमें इस आइडी पर भेजें – nbtonline@timesinternet.in। सब्जेक्ट फ़ील्ड में लिखें – Social Media lies या सोशल मीडिया के झूठ। हम इसे आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।
लखनऊ। अखबार में छपे विज्ञापनों के ₹30 हजार हजम कर गए नेता जी। …जी हां, आश्चर्यजनक किंतु सत्य! जनपद बिजनौर के भाजपा नेता का चिट्ठा अब खोला जाना है। उनके द्वारा दिये गए विज्ञापन दैनिक जागरण नंबर-1, सान्ध्य दैनिक प्रयाण व साप्ताहिक युगदीप टाइम्स में प्रकाशित हुए। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।
सर्वविदित है कि अखबारों में मौखिक रूप से अनुमति लेकर विज्ञापन प्रकाशित कर दिये जाते हैं। सरकारी विज्ञापनों के लिए रिलीज ऑर्डर लिया जाता है। बड़ा नेता बनने के बाद इन भाजपा नेता को RO (रिलीज ऑर्डर) का जादुई शब्द पता लग गया। कभी फोन रिसीव भी कर लिया तो RO की बात पूछा करते। दैनिक जागरण के धामपुर इंचार्ज रहते इनका विज्ञापन छापने का ₹ 20 हजार का पेमेंट मांगने पर पहले तो वह करीब 2 साल तक टहलाते रहे। कभी किसी ठेकेदार से, तो कभी किसी अधिकारी से पेमेंट कराने की बात कहते रहे। …लेकिन पेमेंट आज तक नहीं हुआ। उसके बावजूद इस समाचार के लेखक ने सांध्य दैनिक प्रयाण और अपने बड़े भाई समान रविन्द्र भटनागर जी के साप्ताहिक अखबार युगदीप टाइम्स में इन्हीं नेता जी से मोबाइल फोन पर पूछ कर ₹ 5-5 हजार के विज्ञापन प्रकाशित करा दिए। कारण ये था कि तब मंत्री जी सिर्फ छोटे से नेता थे, जिला स्तर के। धामपुर दैनिक जागरण के कार्यालय में इंचार्ज संजय सक्सेना के पास आकर घंटों बैठक करते, चाय नाश्ता करते। विभिन्न प्रकार के मामलों पर चर्चा भी करते। इस कारण विश्वास था कि आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों विज्ञापन का भुगतान वो कर, या करा ही देंगे। लेकिन पद मिलते ही नजर और मंशा बदल गईं! वो यह भी भुला बैठे कि जिस को वो इतने साल से टहला रहे हैं, वो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कॉलेज के दिनों का साथी व कनिष्ठ है। उरई जालौन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नगर मंत्री, भाजपा युवा मोर्चा और हिंदू जागरण मंच के जिला प्रवक्ता का पद संभालने के बावजूद पत्रकारिता का क्षेत्र चुना। वहीं स्वतंत्र देव उर्फ कांग्रेस सिंह जी ने राजनीति चुन ली। अब क्योंकि काम अपना है तो प्रदेश अध्यक्ष के सामने ये मामला ले जाना भी उचित नहीं लगता।
…हालांकि रकम केवल ₹ 30 हजार की है, लेकिन उनकी मंशा नहीं थी और न है भुगतान करने की। इस मामले को तकरीबन 10 साल हो गए। अब वो फोन रिसीव नहीं करते। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।
खतरा है, लेकिन no problem- नेता जी का नाम औऱ फोटो अतिशीघ्र दी जाएगी। अब वो इतने बड़े पद पर हैं कि इन पंक्तियों के लेखक को किसी भी फर्जी मामले में फ़ांस सकते हैं, या फंसवा भी सकते हैं। एक वजह ये भी है कि चाटुकार पत्रकारों की फौज भी अब जुड़ी है उनके साथ।…लेकिन हम भी डरने वाले नहीं, उरई जालौन में मशहूर है, अपना एक ही नारा… हिंदी है मजबूत, गणित कमजोर! मतलब समझ ही गए होंगे! क्योंकि हम हैं बुंदेलखंडी।
बरेली। जैम एनवायरो मैनेजमेंट प्रा.लि. एवं नगर निगम बरेली के द्वारा “ग्रीन अर्थ मूवमेंट मुहिम” कार्यक्रम का आयोजन आईंएमए, बरेली के सभागार में किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, विशिष्ट अतिथि मंडल आयुक्त रमेश कुमार, महापौर नगर निगम डॉ. उमेश गौतम, नगर आयुक्त बरेली के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। “ग्रीन अर्थ मूवमेंट मुहिम” के अंतर्गत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा पंजीकृत “नवज्योति नृत्य नाट्य संस्था” के सरंक्षक डॉ. रजनीश सक्सेना के सरंक्षण में बरेली के कलाकारों ने नाटक का मंचन किया। इसके अंतर्गत कलाकारों ने स्वच्छता एवं सफाई नायकों की भूमिका प्रस्तुत कर दर्शाया कि (रेगपिकर) सफाई नायकों के प्रति हम सभी को कुशल व्यवहार एवं स्वास्थ्य, सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिए।
कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था की संस्थापक/सचिव हरजीत कौर एवं संचालन रवि सक्सेना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधि, अधिकारीगण, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, पर्यावरण अधिशासी अधिकारी एवं जैम एनवायरो मैनेजमेंट प्रा.लि. कंपनी से विक्रम शर्मा के द्वारा कलाकारों की सफल प्रस्तुति के लिए खूब सराहना मिली। कंपनी के द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्ट करने वाले सफाई नायकों को सुरक्षा किट भी वितरण किया गया। अन्त में आभार डॉ. रजनीश सक्सेना ने व्यक्त किया।
कल्याण सिंह के नाम पर होगी राम मंदिर तक जाने वाली सड़क। अयोध्या समेत 5 जिलों में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग।
लखनऊ (एजेंसी)। अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने का सपना लेकर दुनिया को अलविदा कहने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रामनगरी समेत पांच जिलों में सड़क का नामकरण किया जाएगा। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ट्वीट कर कहा “ राम भक्त स्वर्गीय कल्याण सिंह बाबू जी के नाम पर अयोध्या, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर और प्रयागराज में एक-एक मार्ग होगा। बाबू जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी परंतु कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई। अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश।”
मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर तक जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह मार्ग रखा जायेगा। इस सिलसिले में लोक निर्माण विभाग को औपचारिक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिये गये हैं। सिंह राम भक्तों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। उनका निधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिये अपूरणीय क्षति है।
PM मोदी से मिले CM नीतीश, तेजस्वी समेत विपक्ष के 10 नेता भी शामिल
नई दिल्ली (एजेंसी)। बिहार में जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर सियासत गर्माने लगी है। इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कुल 11 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने पहुंचा। अलग-अलग दलों के ये नेता, प्रधानमंत्री से मिलकर उनके सामने जाति आधारित जनगणना को लेकर अपना पक्ष रख रहे हैं। यह मुलाकात साउथ ब्लॉक के प्रधानमंत्री के दफ़्तर पर हो रही है। राज्य के 11 राजनीतिक दलों के नेता, जिसमें विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और भाजपा के मंत्री जनक राम शामिल हैं। इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई फिलहाल ये साफ़ नहीं हुआ है। इससे पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा, कि जातिगत जनगणना एक अहम मुद्दा है।
वहीं मुलाकात से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा में दो बार जातीय जनगणना का प्रस्ताव पारित हुआ और पहली जातीय जनगणना 1931 में हुई। जनगणना से सही आंकड़े सामने आएंगे, जिससे हम लोगों के लिए बजट में योजना बना सकते हैं। दूसरी ओर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जातिगत जनगणना कराने के लिए बिहार विधानसभा ने दो बार सर्वसम्मति से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। 1931 के बाद कोई जातिगत जनगणना नहीं हुई है। बिहार के सत्ता और विपक्ष सभी इस मुद्दे के लिए तैयार हैं।
कई साल से कर रहे नीतीश कर रहे मांग- नीतीश कुमार देश में जातिगत जनगणना की मांग पिछले कई साल से कर रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बयान दिया था कि केंद्र जाति के आधार पर जनसंख्या की गणना नहीं करेगा। इसके बाद भी नीतीश कुमार ने मांग रखी थी। पीएम से मिलने वाले लोगों में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, सीपीआईएमएल से महबूब आलम, एआईएमआईएम से अख्तरुल इमान, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, मुकेश सहनी, सीपीआई से सूर्यकांत पासवान, सीपीएम अजय कुमार भी शामिल हैं।
भाजपा नहीं चाहती जातिगत जनगणना- जानकारी के अनुसार देश में पहली बार जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। इसके बाद 2011 में भी जातिगत जनगणना कराई गई, लेकिन सरकार की ओर से इसके आंकड़े जारी नहीं किए गए। एक बार फिर इस मांग को लेकर राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है, लेकिन भाजपा ऐसी कोई गणना कराना नहीं चाहती है।
केजरीवाल ने किया देश के पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन। प्रति सेकेंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को करेगा साफ।
नई दिल्ली (एजेंसी)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत सोमवार को देश के प्रथम ‘स्मॉग टावर’ (हवा साफ करने वाली सार्वजनिक आधुनिक प्रणाली) का उद्घाटन किया। केजरीवाल ने दिल्ली का दिल माने जाने वाले कनॉट प्लेस में स्थापित इस टॉवर को प्रदूषण के खिलाफ जारी युद्ध में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यदि यह प्रयोग सफल सबित हुआ तो अन्य हिस्सों में भी ऐसा प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हवा साफ करने की यह प्रणाली अमेरिका से लायी गई है। इसके असर के आंकलन आईआईटी दिल्ली और मुंबई के विशेषज्ञों द्वारा किये जाएंगे। वे एक माह के आंकड़ों के आधार पर शुरुआती और अगले दो साल में उसके असर के बारे में पूरी जानकारी देंगे। उनके सुझावों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा कि इस प्रणाली को शहर के अन्य हिस्सों में स्थापित किया जाए या नहीं।
उन्होंने कहा कि करीब 24 फुट ऊंचाई का यह टावर एक किलोमीटर के दायरे में हवा को साफ करेगा, जिससे राजधानी का प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो दिल्ली सरकार के प्रयासों से पहले के मुकाबले प्रदूषण में कमी आई है लेकिन इस अनूठी कोशिश के बाद लोगों को और भी राहत मिल सकती है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि बीस मीटर से भी ऊंचा टावर अपने आसपास के एक किलोमीटर की परिधि में हवा की गुणवत्ता सुधारने का काम करेगा और मानसून के बाद पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा। स्मॉग टॉवर प्रति सेकंड एक हजार क्यूबिक मीटर हवा को शुद्ध करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि स्मॉग टावर का संचालन शुरू होने के बाद दो साल तक इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 25 मीटर ऊंचा एक अन्य टावर आनंद विहार में 31 अगस्त तक काम करना शुरू कर देगा।
बरेली। सूचना विभाग में तैनात महिला सिपाही के सरकारी आवास से दिनदहाड़े लाखों की चोरी हो गई। प्रेम नगर पुलिस ने महिला सिपाही की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला सिपाही प्रीति कोहाड़ापीर पुलिस चौकी के पीछे बने सरकारी आवास में रहती है। सोमवार को वह भाई को राखी बांधने के लिए गई हुई थी। जब वह वापस लौटी तो घर के ताले टूटे हुए देखे। अंदर जाकर देखा तो लॉकर, अलमारी भी खुले पड़े थे। इसके बाद महिला सिपाही ने तत्काल प्रेम नगर पुलिस को सूचना दी। तहरीर के अनुसार चेन, अंगूठी व पाजेब समेत लाखों का माल चोरी हुआ है। प्रेम नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
देश में अब मंडरा रहा है कोरोना की तीसरी लहर का खतरा। बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक।
नई दिल्ली (एजेंसी): राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के तहत गठित विशेषज्ञों की एक समिति ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है।
कोरोना की दूसरी लहर के खतरनाक समय से बाहर निकलने के बाद अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार की भी कोशिश जारी है ताकि कोरोना एक बार फिर देश में हाहाकार न मचा सके। इस बीच विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास चरम पर पहुंच सकती है और यह बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
PMO को चेतावनी: प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्टूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका जाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेस, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेजी से काम शुरू किया जाना चाहिए।
अगले महीने रोजाना 4-5 लाख केस: सितंबर में रोजाना आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस नीति आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने आशंका जताई है कि सितंबर में 4 से 5 लाख कोरोना केस रोजाना आ सकते हैं। हर 100 कोरोना मामलों में से 23 मामलों को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। ऐसे में पहले से ही 2 लाख आईसीयू बैड्स तैयार रखने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली। नैरोबी में चल रहे अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (U-20 World Athletics Championships) में भारतीय युवा खिलाड़ी शैली सिंह ने सिल्वर मेडल जीत कर देश को गौरवान्वित किया है। झांसी की 17 वर्षीय युवा एथलीट शैली ने रविवार को लॉन्ग जम्प स्पर्धा में 6.59 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक पर कब्जा लिया। वो गोल्ड मेडल जीतने के बेहद करीब थी और महज एक सेमी से इतिहास रचने से चूक गईं। स्वीडन की मौजूदा यूरोपीय जूनियर चैंपियन माजा अस्काग ने 6.60 मीटर जम्प लगाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया।
शैली सिंह का परिचय
बेहद गरीबी से उठकर खेल में आगे बढ़ने वाली झांसी की 17 वर्षीय शैली सिंह को अनुभवी लॉन्ग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। भारतीय एथलेटिक्स में सबसे चमकीले उभरते सितारों में से एक माने जाने वाली शैली ने शुक्रवार को 6.40 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया था। वर्तमान में वो बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती है। उन्हें अंजू के पति बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। जून में शैली सिंह ने राष्ट्रीय (सीनियर) अंतर-राज्य चैंपियनशिप में महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में 6.48 मीटर के प्रयास से जीत हासिल की थी, जो उनका पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। वह वर्तमान U-18 विश्व नंबर 2 और U-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने ट्विटर हैंडल पर एथलीट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। ठाकुर ने अपने ट्वीट में यह भी साझा किया कि झांसी में जन्मी एथलीट बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं और अंजू के पति बॉबी जॉर्ज द्वारा प्रशिक्षित हैं।
Shaili Singh has won the Silver🥈 ! World Athletics U20 Championships,Nairobi
A personal best, she registered a jump of 6.59m in the long jump event final.
• Shaili trains under Robert Bobby, the husband of Indian veteran Anju Bobby George, at the SAI NCE, Bangalore. pic.twitter.com/2KiFmYY8K0— Anurag Thakur (@ianuragthakur) August 22, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का 89 साल की उम्र में शनिवार शाम निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। कल्याण सिंह की सेहत को देखते हुए सबसे पहले उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते 4 जुलाई को उनकी हालत फिर से बिगड़ने पर उन्हें यहां से उन्हें पीजीआई में शिफ्ट किया गया था। कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार कल यानि सोमवार 23 अगस्त को अलीगढ़ में किया जाएगा। कल सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पार्थिक शरीर शाम पांच बजे अलीगढ़ पहुंच गया। एअर एंबुलेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। पार्थिव शरीर को सबसे पहले पैतृक गांव मढौली ले जाया जाएगा। अलीगढ़ के धनीपुर हवाई पट्टी से उनका पार्थिव शरीर जिला स्पोट्र्स स्टेडियम लाया गया। यहां पर पंडाल के नीचे पूर्व सीएम का शव रखा गया है, जहां आम जनता श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। राजस्थान सरकार ने पूर्व राज्यपाल दिवंगत कल्याण सिंह के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक और 23 अगस्त (सोमवार) को राजकीय अवकाश की घोषणा की है।
भावुक हुए राजवीर- पिता को श्रद्धांजलि देते वक्त भावुक हुए कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह। उन्होंने कहा कि बाबू जी का जन्म राम मंदिर के लिए ही हुआ था। वो भगवान राम की शरण में चले गए हैं। वहीं सीएम योगी ने खुद कल्याण सिंह की अंतिम यात्रा की कमान संभाली। उन्होंने मंत्रियों की ड्यूटी लगा दी। अलीगढ़ में गन्ना मंत्री सुरेश राणा और कल्याण सिंह के पैतृक गांव अतरौली में परिवहन मंत्री अशोक कटारिया मौजूद रहे। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर दिनेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल सहित कई केंद्रीय राज्य के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी व भारी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय मौजूद।
इससे पहले भाजपा कार्यालय में कल्याण सिंह को अनुप्रिया ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।अंतिम दर्शन के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे, श्रद्धाजंलि दी।
बाबू जी के जाने के गम को शब्दों में नही बांधा जा सकता है, जब राम मंदिर निर्माण का फैसला आया था तो बाबू जी ने कहा था अब संसार को सुकून से त्याग सकता हूँ: केशव प्रसाद मौर्य
कल्याण सिंह का निधन देश की क्षति, राम जन्म भूमि के जन नायक को नमन करती हूँ, कल्याण सिंह का जाना मेरी व्यक्तिगत नुकसान, वो रिश्तों को निभाने वाले व्यक्ति थे: संयुक्ता भाटिया
पीएम मोदी बोले, कल्याण सिंह के सपनों को पूरा करने में कोई कमी ना रखें। कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देकर बोले, प्रभु श्रीराम अपने चरनों में स्थान दें, देश ने मूल्यवान, सामर्थ्यवान नेता खो दिया। कल्याण सिंह जनकल्याण के लिए जीए।
कल्याण से ये लोग मिले
1 अगस्त: गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। 21 जुलाई: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। 8 जुलाई: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा। 20 जुलाई: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। 4, 8, 18 जुलाई, 1अगस्त, 20 और 21 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। 28 जुलाई: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती 12 जुलाई: कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी।ब 22 जुलाई: विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षितब 9 जुलाई: भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन।
संपूर्ण राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति : योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि समाज, कल्याण सिंह को उनके युगांतरकारी निर्णयों, कर्तव्यनिष्ठा व शुचितापूर्ण जीवन के लिए सदियों तक स्मरण करते हुए प्रेरित होता रहेगा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता व जन सेवा के पर्याय, अप्रतिम संगठनकर्ता एवं लोकप्रिय जननेता आदरणीय कल्याण सिंह का देहावसान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जननेता के तौर पर उन्होंने आदर्श प्रस्तुत किया। राम मंदिर आंदोलन के वह अग्रणी नेता थे। उन्होंने हाशिए पर खड़े समाज के करोडों लोगों को आवाज दी।
अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों की पंजीकरण की तिथियों में परिवर्तन किया गया
बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 23 व 25 अगस्त से कृषि यंत्र एवं कस्टम हायरिंयग सेंटर के पंजीकरण का कार्यक्रम घोषित किया गया था। अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल हिमाचल प्रदेश राजस्थान कल्याण सिंह के आकस्मिक निधन होने से एवं 23अगस्त का सार्वजनिक अवकाश घोषित हो जाने के कारण कारण प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर का पंजीकरण की दिनांक में परिवर्तन कर दिया गया है। कृषि यंत्रों हेतु पंजीकरण 24 अगस्त व कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु 26 अगस्त को अपराहन 3:00 बजे से कृषक भाई अपना पंजीकरण कृषि विभाग के वेबसाइटwww.upagriculture.com पर पहले आवक पहले पावक के सिद्धांत पर करके टोकन कटवाएंगे ।
उप कृषि निदेशक बिजनौर गिरीश चंद्र ने बताया कि टोकन के रूप में 10,000 से 1 लाख रुपए तक 2500 व एक लाख से अधिक के यंत्र पर 5000 की धनराशि जमानत के रूप में रखी गई है। यह राशि यूनियन बैंक की किसी शाखा में प्राप्त चालान के माध्यम से जमा करनी होगी। 10000 से कम के कृषि यंत्र पर कोई टोकन राशि नहीं रखी गई है। कृषक रोटावेटर पावर टिलर हैरो, मिनी राइस मिल कल्टीवेटरकृ, थ्रेशिंग फ्लोर मिनी गोदाम ऑयल मिल विद फिल्टर, पम्प सेट स्ट्रारीपर, ट्रेक्टर माउन्टेड स्प्रेयर, लेजर लैंड लेवलर, डिस्क प्लाउ आदि किसी एक यंत्र का पंजीकरण करा सकते हैं। इन यंत्रों पर 50% व कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40% का अनुदान निर्धारित लक्ष्यों तक देय है। इच्छुक कृषक, पंजीकृत कृषक समितियां,एफ पी ओ,एन आर एल एम् के समूह निर्धारित तिथि को अपनी प्री-बुकिंग करा सकते हैं।
काबुल एयरपोर्ट पर बिगड़े हालात, भगदड़ में 7 अफगान नागरिकों की मौत
काबुल (एजेंसियां): अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निकट एकत्र हुई लोगों की भीड़ में शामिल सात अफगान नागरिकों की मौत हो गई है। ब्रिटेन की सेना ने यह जानकारी दी। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा, ‘जमीनी स्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हम अधिक से अधिक सुरक्षित तरीके से हालात को संभालने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’ अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उसके शासन से बचकर भागने की कोशिश में हजारों लोग हवाईअड्डे पर एकत्र हो गए हैं।
भारत पहुंचते ही रो पड़े अफगान सांसद
बोले- 20 साल में जो बनाया सब खत्म हो गया
नई दिल्ली (एजेंसी)। काबुल में तालिबान का कब्जा होने के बाद अफगानिस्तान से भारतीयों की वतन वापसी जारी है। रविवार को भारतीय वायुसेना का विमान कुल 168 यात्रियों को लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंचा। तालिबान के खौफ से बचकर भारत आए नागरिकों की आंखों में सकून साफ देखा जा सकता है। एक तरफ भारतीयों को जहां अपने वतन वापसी पर खुशी हो रही थी तो दूसरी तरफ कुछ अफगान नागरिक भी थे जिन्हें अपना सब कुछ बर्बाद होते देखकर रोना आ रहा था। अफगान सांसद नरेंदर खालसा तो मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘अफगानिस्तान में हम पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन जो अब देखा वो कभी नहीं देखा। सब कुछ हमारा खत्म हो गया है। 20 साल पहले जो सरकार बनी थी.. अब सबकुछ खत्म हो गया है।
उन्होंने तालिबान के हालात बयां करते हुए कहा, ‘एयरपोर्ट पर हर गेट पर 5 से 6 हजार लोग खड़े हैं। तालिबान के लोग जब वहां आए तो वो भी नहीं पहचान पाए कि कौन बुरा है और कौन अच्छा।’ हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सभी यात्रियों के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए। यहां पहुंचने वालों में कुछ नवजात भी शामिल हैं। एक अफगान महिला ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘अफगानिस्तान में हालात बिगड़ रहे थे, इसलिए मैं अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों के साथ यहां आई। हमारे भारतीय भाई-बहन हमारे बचाव में आए। उन्होंने (तालिबान ने) मेरा घर जला दिया। मैं हमारी मदद करने के लिए भारत को धन्यवाद देती हूं।’
गौरतलब है कि तालिबान के पिछले रविवार को काबुल पर कब्जा जमाने के बाद भारत अफगान राजधानी से पहले ही भारतीय राजदूत और दूतावास के अन्य कर्मियों समेत 200 लोगों को वायुसेना के दो सी-19 परिवहन विमानों के जरिये वहां से निकाल चुका है। सोमवार को 40 से ज्यादा भारतीयों को लेकर पहली उड़ान भारत पहुंची थी।
लखनऊ (शैली सक्सेना)। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खासा उत्साह रहा। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक राखी का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार राखी यानि रक्षा बंधन 22 अगस्त को मनाया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के बीच सरकार के द्वारा दी गई छूट होने से बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में राखी से लेकर मिठाई और गिफ्ट की काफी अच्छी बिक्री हुई। स्टोन, कुंदन और एडी की छोटी राखियों की मांग सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा भाभी के लिए लुंबा राखी, कंगन राखी और बच्चों के लिए कार्टून राखी भी खूब बिक्री हुई। वहीं लड़कियां मेहदी लगाने के लिए भी आतुर रहीं। कुछ ने घरों में, तो कुछ ने ब्यूटी पार्लर जाकर मेंहदी लगवाई।
दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी
इस बार दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी उपलब्ध रही। सबसे ज्यादा मध्यम दर्जे की राखी खरीदी गई। स्टोन वर्क की रेशम धागे वाली राखी की रेंज 60 से लेकर 120 रुपए तक तो वहीं चांदी की राखी पांच सौ रुपए से लेकर दो हजार तक में बिकी। इसके अलावा सोने की राखी भी मौजूद रही।
खूब बिकी मिठाई, पीछे नहीं रहा पनीर
रक्षा बंधन को लेकर बाजार में मिठाई के साथ पनीर की भी मांग काफी ज्यादा बढ़ गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी मांग काफी ज्यादा बढ़ी रही। इसे पूरा करने के लिए आसपास के गांवों के अलावा डेयरी के दूध की मदद ली गई। सबसे ज्यादा रसगुल्ला, मिल्क केक, काजू कतली और बूंदी लड्डू बिका।
गिफ्ट दुकान पर भी रही भीड़
जहां एक तरफ बहनें अपने भाई के लिए राखियां खरीदने में लगी रही तो वहीं भाई भी बहनों के लिए रिटर्न राखी गिफ्ट खरीदने में पीछे नहीं रहे। चाकलेट के कई आकर्षक गिफ्ट पैक कंपनियों ने बाजार में उतारे। इसके अलावा कस्टमाइज काफी मग, फोटो फ्रेम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, बैंगल, की रिंग, होम डेकोर आदि की मांग काफी ज्यादा रही।
कपड़ा बाजार ने भी काटी चांदी
बहनों को कपड़ा देने का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ा है। कुछ व्यापारी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद बाजार की स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा, लेकिन राखी से लेकर तीज त्योहार तक के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस वर्ष भी सावन और तीज को ध्यान में रखकर हरे कपड़ों का विशेष क्लेक्शन बाजार में उपलब्ध है। गर्ल्स क्लेक्शन में जींस टाप, प्लाजो, जैगिंस टीशर्ट, डिजाइनर वन पीस आदि पंसद बने रहे। वीमेन के साड़ी क्लेक्शन में सिल्क के अलावा शिफॉन पर लाइट वर्क, जॉर्जेट में प्रिंट के साथ बॉर्डर पर रेशम के काम को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण साउथ से कपड़ों का व्यापार प्रभावित है।
बाजार में रेट- डोरेमानः 20-35 रुपए, छोटा भीमः 20 रुपए, बेन टेनः 25 रुपए, मोटू पतलूः 30 रुपए, बार्बी डॉलः 35 रुपए, डबलू-बबलूः 20 रुपए, म्यूजिकल राखीः 100 रुपए, चांदी (हल्का): 500 रुपए, लट्टू राखीः 150 रुपए, बैटमैन राखीः 150 रुपए, लुंबा राखी: 20 रुपए से लेकर 350 तक, कुंदन धागा: 10 रुपए से लेकर 100 तक, स्टोन वर्क राखीः 50 रुपए से लेकर 150 रुपए, वैक्सीन राखीः 80 रुपए।
लखनऊ। (शैली सक्सेना)। श्रावण माह की पूर्णिमा को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह पर्व 22 अगस्त 2021 रविवार के दिन रहेगा। यदि भाई और बहन एक समान उम्र के हैं तो उनमें प्यार और तकरार चलती रही है, परंतु उन्हें एक दूसरे का दोस्त भी बनना चाहिए।
कुछ आवश्यक- 1. आपका भाई या आपकी बहन आपके लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दोस्त साबित हो सकते हैं। आज के दौर में लड़की द्वारा किसी अन्य से दोस्ती रखना खतरे का खेल भी है। 2. भाई या बहन आपके सबसे अच्छे दोस्त तब साबित हो सकते हैं जबकि आप उनके साथ संवाद स्थापित करें और एक दूसरे का ध्यान रखें। 3. भाई या बहन के साथ-साथ आप अपने सुख-दुःख बांटकर खुश रह सकते हैं। 4. भाई हरदम बहन की मदद करने के लिए हरदम तैयार रहता है और बहन को भी भाई की मदद के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए। 5. रक्षा बंधन पर भाई के हाथ में बांधें दोस्ती का सूत्र और भाई भी वचन के साथ दोस्ती का नेग दें। 6. रक्षाबंधन का दिन ऐसा मौका है, जबकि भाई-बहन गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्यार को बांटते हैं। 7. भाई की रक्षा के लिए बहनें उसकी कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। 8. भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सुख-दुःख में साथ देने का वचन देता है। 9. इस अनूठे मौके पर अनोखा उपहार देकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं। 10. कभी कभार चल सकता है कि आप बाहर के लोगों के साथ भी समय बिताएं पर आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अपने तो अपने ही होते हैं, बाकी सब सपने होते हैं। इसीलिए परिवार के सदस्य एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय दें और उन्हीं के साथ घूमने फिरने जाएं।
माता-पिता करें ये कार्य:
1. भाई बहन के बीच किसी भी प्रकार का फर्क ना करें। 2. दोनों को साथ ही खेलने और शिक्षा प्राप्त करने का मौका दें। 3. कोशिश करें कि वे साथ में बैठ कर ही भोजन करें। 4. वो साथ समय बिता सकें, इसके लिए एक समय तय कर दें। 5. वर्ष में एक या दो बार पूरा परिवर सैर सपाटे के लिए बाहर जाए। 6. उन्हें एक दूसरे का खयाल रखना और एक दूसरे की मदद करना सिखाएं। 7. उनके भीतर पारिवारिक भावना और टीम भावना का विकास करें। 8. जब भी वो एक दूसरे के लिए कुछ अच्छा करें, तो उनकी प्रशांसा करें। 9. एक दूसरे के जन्मदिन पर दोनों को ही कुछ करना सिखाएं। 10. रक्षाबंधन के त्योहार को हर वर्ष कुछ स्पेशल करें या स्पेशल बनाएं।
लखनऊ के बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप को मिला बेस्ट बिजनेस अवार्ड
लखनऊ (पंचदेव यादव)। रीयल स्टेट के क्षेत्र में तहलका मचाने वाले बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप ने एक और धमाका करते हुए यूपी की सबसे तेज बिजनेस करने वाली कम्पनी का दर्जा अपने नाम कर लिया है। बन्धन ग्रुप की इस कामयाबी की राजधानी लखनऊ वासियों ने प्रशंसा की तथा उसे और तेजी से बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
बन्धन ग्रुप ने दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में भारत का सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित पुरस्कार (राजीव गांधी एक्सीलेंस ग्लोबल अवार्ड) प्राप्त किया है। दिल्ली के “द-पार्क” होटल में राजीव गांधी फाउंडेशन की तरफ से पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर में साम्प्रदायिक सद्भाव और मानवता के साथ यूपी में तेजी से आगे बढ़ने वाली कम्पनी बन्धन इंफ्रास्टेट के सीएमडी अनित सिंह, एमडी प्रमोद कुमार, विपिन कुमार तथा अजय यादव को समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित फ़िल्म जगत के जाने माने अभिनेता रजा मुराद, बागवान फ़िल्म के अभिनेता अमन वर्मा तथा करणवीर बोहरा ने यह पुरस्कार दिया। बहुत कम समय में इस अवार्ड तक पहुंचने पर कम्पनी के सीएमडी अनित सिंह ने कहा कि यह सब हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कम्पनी शुरू करने के दिन से ही हमारे बिजनेस गुरु अवधेश नारायण पांडेय व सीबी सिंह का आशीर्वाद साथ रहा। उन्होंने एवं उनके पार्टनर प्रमोद पांडेय, विपिन कुमार, अजय यादव के साथ साथ कम्पनी के सहयोगी साथी सत्यम साहू, विमलेश साहू, अंकित पांडेय, अखिलेश यादव सहित सैकड़ों साथियों ने एक परिवार की तरह रहकर काम किया है, जिसका नतीजा है कि आज हम इस मुकाम पर पहुच सके हैं। हम अपने कस्टमर्स को भी एक कम्पनी का हिस्सा मानते हैं और सदैव उनके साथ खड़े रहते हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।
लखनऊ। विकास खण्ड मलिहाबाद में नेहरू युवा केन्द्र लखनऊ के तत्वावधान में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत फिट इंडिया (रैली) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रैली घड़ी सँज्जर प्राथमिक विद्यालय से निकाली गई और पूरे गाव में भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान जमकर भारत माता की जय, वंदे मातरम इत्यादि के गगनभेदी नारे लगाए गए। कुंडारा खुर्द, टिकरी हार, नजर नगर, रूपनगर आदि जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती प्रतिभा, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती विनीता जयसवाल, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक व आकार फाउंडेशन के महासचिव शाश्वत शुक्ला, नई बस्ती धनेवा युवा समिति के सदस्य प्रशांत मिश्रा, विकास मौर्य, महमूद नगर युवा समिति के आदित्य गुप्ता, हिमांशु राठौर की उपस्थिति रही।
पुष्पा गौतम ने बताया कि नेहरू युवा केंद्र लखनऊ की ओर से आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव समस्त विकास खंडों में जिला युवा अधिकारी विकास कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में मनाया जा रहा है। साथ ही युवाओं से अपील की, कि भारत सरकार का सपना साकार करने के लिए सभी युवा साथियों को प्रतिदिन फिट इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने से अनेक बीमारियां दूर होंगी।
श्रीमती विनीता जयसवाल ने युवाओं से भारत सरकार के इस पहल में अपनी भागीदारी को बढ़ावा देने का उत्साह दिया। इसके साथ ही साथ पूर्व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक व आकार फाउंडेशन के महासचिव शाश्वत शुक्ला कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव यानी आजादी की ऊर्जा का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणाओं का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी नए विचारों का अमृत। नए संकल्पों का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी आत्मनिर्भरता का अमृत।
उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण भी करवाया गया। मुख्य रुप से इंचार्ज अध्यापक मोहम्मद मंसूर, अध्यापक पंकज कुमार व प्रमोद कुमार सहित सभी लोगों ने वृक्षारोपण किया। उन्होंने वृक्षारोपण के प्रति भी लोगों को बताया और इसे बढ़ावा देने को भी कहा।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मोनिका, शालिनी, क्रांति, शिवानी, सलोनी, पूजा, आरती, दिशा गौतम, रिचा गुप्ता, युवा व ग्रामीण क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम में अपना अहम सहयोग योगदान दिया।
बिजनौर। स्योहारा में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना में कई उपभोक्ता घायल हो गए। पुलिस ने मामले के आरोपी गार्ड को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार त्योहारों के मद्देनजर बैंकों में भीड़ उमड़ रही है। स्योहारा के स्टेशन मार्ग स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में भी लोग मौजूद थे। बताया गया है कि इसी बीच बैंक के गार्ड नरदेव सिंह की लापरवाही से उसकी बन्दूक से फायर हो गया। गोली के छरें वहां मौजूद उपभोक्ताओं को जा लगे। घटना में हरफूल सिंह (60 वर्ष) पुत्र बाबूराम निवासी डूंगरपुर, श्याम सिंह (45 वर्ष) पुत्र शेर सिंह निवासी मुंडा खेड़ी, वाशु (19 वर्ष) पुत्र ब्रजवीर सिंह निवासी जट नंगला व सुंदर (45 वर्ष) पुत्र अतर सिंह निवासी दौलताबाद व नवीन चौधरी (30 वर्ष) घायल हो गए। सभी को तुरन्त स्थानीय सीएचसी ले जा कर प्राथमिक उपचार कराया गया। वहीं गार्ड नरदेव सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसने बताया कि हादसा गन को साफ करते हुए भूलवश हुआ।
पुलिस का कहना है कि थाना स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में नरदेव सिंह (66 वर्ष) पुत्र कृपाल सिंह निवासी ग्राम अखेडा थाना नहटौर जनपद बिजनौर बैंक में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। इसके पास स्वयं की 12 बोर की लाइसेंन्सी बन्दूक है। शनिवार को प्रातः करीब 10.00 बजे नरदेव सिंह अपनी लाइसेन्सी बन्दूक की बैरल नीचे करके चैक कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई। फर्श से टकराने के बाद उसके छर्रे वहां खड़े पांच लोगों के घुटने से नीचे लगे हैं। सभी का प्राथमिक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
भारत वापसी का इंतजार कर रहे कई भारतीयों समेत 150 लोगों को साथ ले गए तालिबानी, फिलहाल सभी सुरक्षित।
काबुल (एजेंसी)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरपोर्ट के पास से कई भारतीयों समेत 150 लोगों को तालिबान द्वारा अगवा किए जाने की खबर है। हालांकि सरकार के सूत्रों के मुताबिक सभी भारतीय सुरक्षित हैं। वहीं तालिबान ने इस खबर को खारिज किया है। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक तालिबानी अपहरणकर्ताओं ने उनसे कहा था कि सभी लोगों को काबुल एयरपोर्ट पर फिर से ले जाया जाएगा। अब ये सभी लोग काबुल एयरपोर्ट के पास एक गैराज में मौजूद हैं।
अपहरण किए गए ज्यादातर लोग भारतीय हैं। उनके साथ अफगान नागरिक और अफगानिस्तान में रहने वाले सिख भी शामिल हैं। एक अफगानी पत्रकार के मुताबिक सभी भारतीय सुरक्षित हैं, जिन लोगों को तालिबानी अपने साथ ले गए थे, उनके पासपोर्ट की जांच की गई। सूत्रों के मुताबिक बिना हथियार के कुछ तालिबानी आए और लोगों के साथ मारपीट की। फिर उन्हें काबुल के तारखिल ले गए। एक व्यक्ति ने बताया कि वह और उसकी पत्नी कार से कूदकर भागने में सफल रहे। उसने बताया कि कुछ लोग ही कार से कूद पाए बाकी अन्य लोगों के साथ क्या हुआ होगा वह नहीं जानता।
इस बीच तालिबान के प्रवक्ता अहमदुल्लाह वासे ने 150 लोगों को अगवा करने की बात से इंकार करते हुए कहा कि इन लोगों को अगवा नहीं किया बल्कि सुरक्षित एयरपोर्ट पहुंचाने की कोशिश की है। अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के सभी अधिकारियों को एयरलिफ्ट कर लिया गया है, लेकिन काबुल समेत दूसरे शहरों में अभी 1000 भारतीयों के और फंसे होने का अनुमान है।
बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जाने वाले यंत्रों एवं कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु पंजीकरण करने की तिथियों की घोषणा कर दी गई है । यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने अवगत कराया की प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को कृषकों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2021-22 में पंजीकरण पर दिए जाने वाले यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर के पंजीकरण कृषि विभाग की बेबसाइट पर दिनांक 23 अगस्त से कृषि यंत्रों के लिए एवं कस्टम हायरिंग सेंटर मिनी गोदाम व थ्रेसिंग फ्लोर का पंजीकरण दिनांक 25 अगस्त से सायं तीन बजे से प्रारंभ होंगे। अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने की पात्रता पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर है।
बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के ग्राम मटौरा दुर्गा में मुख्य रास्ते के बीचों बीच खड़ा बिजली का पोल आवागमन में बाधक बन रहा है। इस पोल के कारण ट्रैक्टर, टिपलर व अन्य वाहनों का ग्राम में आवागमन बन्द हो गया है। इस कारण ग्रामवासियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की शिकायत एसडीओ से की गयी तो उनके द्वारा मौके का निरीक्षण करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाही नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि इस पोल की वजह से उनको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके वाहनों का आवागमन बंद हो गया है।
न्यूज़ एजेंसियां- अफगानिस्तान में तालिबान का सबसे पुराना दुश्मन उठ खड़ा हुआ है और उसकी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। तालिबान के कब्जे के बीच उसकी हुकूमत के खिलाफ खेमेबंदी तेज हो गई है। आतंकी संगठन से निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए तालिबान विरोधी ताकतें बेहद खतरनाक पंजशीर घाटी में इकट्ठा हुई हैं। इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह और अफगान सरकार के वफादार सिपहसालार जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम व अता मोहम्मद नूर के अलावा नॉदर्न अलायंस से जुड़े अहमद मसूद की फौजें शामिल हैं। अहमद मसूद ‘पंजशीर के शेर’ के नाम से मशहूर पूर्व अफगान नेता अहमद शाह मसूद के बेटे हैं।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, तालिबान के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाली फौजों यानी नॉदर्न अलायंस ने परवान प्रांत के चारिकार इलाके पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है। चूंकि, चारिकार राजधानी काबुल को उत्तरी अफगानिस्तान के सबसे बड़े शहर मजार-ए-शरीफ से जोड़ता है, लिहाजा उस पर जीत को विद्रोहियों की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। खबरों के अनुसार, चारिकार पर कब्जे के लिए सालेह के सैनिकों ने पंजशीर की तरफ से हमला किया था। यह अफगानिस्तान का अकेला ऐसा प्रांत है, जिस पर तालिबान का कब्जा नहीं हो सका है। विद्रोहियों ने पंजशीर में नॉदर्न अलायंस उर्फ यूनाइटेड इस्लामिक फ्रंट का झंडा भी फहरा दिया है। अब उनका इरादा पूरी पंजशीर घाटी पर कब्जा जमाने का है।
दो दशक बाद फिर खड़ा हुआ नॉदर्न अलायंस नॉदर्न अलायंस को 1990 के दशक में अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए जाना जाता है। शुरुआत में इस अलायंस से सिर्फ तजाख और तालिबान विरोधी मुजाहिद्दीन ही जुड़े थे, पर बाद में अन्य कबीलों के सरदार भी इसमें शामिल हो गए। अफगानिस्तान के पूर्व रक्षा मंत्री अहमद शाह मसूद ने नॉदर्न अलायंस का नेतृत्व किया था।
सालेह ने अफगान अवाम के मन में जगाई उम्मीद तालिबान से मुकाबले की रणनीति अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह के नेतृत्व में बन रही है। सालेह ने अफगान राष्ट्रपति अशरफ घनी के मुल्क छोड़कर भागने के बाद खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। उन्होंने आखिरी दम तक तालिबान से लड़ने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही भरोसा दिलाया है कि मुल्क को कभी तालिबान के हवाले नहीं होने देंगे। यही वजह है कि नॉदर्न अलायंस एक बार फिर से तालिबान से लोहा लेने को तैयार है।
पंजशीर घाटी पर कभी कब्जा नहीं कर पाया तालिबान पंजशीर घाटी अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में से एक है। यह राजधानी काबुल के उत्तर में हिंदूकुश क्षेत्र में स्थित एक बेहद दुर्गम घाटी है, जो ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से घिरी है। अफगान अवाम इसे भूलभुलैया के तौर देखती है, जहां परिंदे का पर मारना भी मुश्किल माना जाता है। यही कारण है कि 1980 के दशक से लेकर अब तक पंजशीर घाटी पर तालिबान का कब्जा नहीं हो सका है।
नामकरण की कहानी पंजशीर घाटी का अर्थ है पांच शेरों की घाटी। मान्यता है कि दसवीं शताब्दी में पांच भाइयों ने गजनी के सुल्तान महमूद के लिए एक बांध बनाया था, जिससे बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने में कामयाबी मिली थी। इसके बाद यह इलाका पंजशीर घाटी के नाम से जाना जाने लगा।
प्रतिरोध का गढ़ पंजशीर घाटी 1980 के दशक में सोवियत संघ तो 1990 के दशक में तालिबान के खिलाफ प्रतिरोध का गढ़ रही थी। इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अमेरिका नीत फौजें भी क्षेत्र में जमीनी कार्रवाई करने की हिम्मत जुटा सकीं। उनका अभियान सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित रहा।
सालेह की जन्मभूमि पंजशीर घाटी अफगानिस्तान के ‘नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट’ का गढ़ कहलाती है। अमरूल्ला सालेह और अहमद मसूद इसके प्रमुख नेता हैं। सालेह का जन्म पंजशीर घाटी में ही हुआ था। उन्हें सैन्य प्रशिक्षण भी यहीं पर मिला था। वहीं, अहमद मसूद पूर्व अफगान नेता अहमद शाह मसूद के बेटे हैं, जिन्हें ‘पंजशीर के शेर’ के नाम से जाना था।
ताजिक बाहुल क्षेत्र -01 लाख से अधिक है पंजशीर घाटी की आबादी, इनमें ज्यादातर ताजिक मूल के लोग शामिल -150 किलोमीटर के लगभग है राजधानी काबुल से इसकी दूरी, पन्ना खनन का केंद्र कहलाती है।
अशरफ गनी का भाई निकला अफगान का ‘विभीषण’, दुश्मन तालिबान संग मिलाया हाथ, मदद का किया ऐलान
न्यूज़ एजेंसियां- तालिबान से डर और अफगानिस्तान छोड़कर भागने वाले पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत गनी अहमद जई अब तालिबान के साथी हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि अशरफ गनी के भाई हशमत गनी तालिबानियों के साथ मिल गए हैं और उन्होंने आतंकी संगठन का हर संभवव मदद करने का भरोसा जताया है।
इंडिया टुडे ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि अफगान संकट के बीच अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत गनी अहमदजई ने कथित तौर पर तालिबान को समर्थन देने की घोषणा की है। कुचिस की ग्रैंड काउंसिल के प्रमुख हशमत गनी अहमदजई ने तालिबान नेता खलील-उर-रहमान और धार्मिक विद्वान मुफ्ती महमूद जाकिर की उपस्थिति में तालिबान के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। बता दें कि तालिबान अफगान में सरकार बनाने की कवायदें कर रहा है।
दरअसल, यह खबर जहां एक ओर अशरफ गनी के लिए बड़ा झटका है, वहीं तालिबान के लिए किसी गुड न्यूज से कम नहीं है। काबुल में तालिबान के कब्जे के बाद से ही फरार अशरफ गनी संयुक्त अरब अमीरात में डेरा जमाए हुए हैं। साथ ही अशरफ गनी वतन वापसी को लेकर बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में भाई का दुश्मन तालिबान के साथ मिलना किसी झटके से कम नहीं है। अफगानिस्तान के नाम संदेश में अशरफ गनी ने कहा था कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ देश से बेदखल किया गया। भगोड़ा कहने वालों को उनके बारे में जानकारी नहीं है। अशरफ गनी ने कहा कि सुरक्षा वजहों से मैं अफगानिस्तान से दूर हूं। अगर मैं वहां रहता तो काबुल में कत्लेआम मच जाता। किसी अनहोनी से बचने के लिए मैंने देश छोड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट में ऐसा कहा गया था कि अशरफ गनी चार कारों और एक हेलीकॉप्टर में धन भरकर देश से भागे हैं। हालांकि, यूएई से अफगानिस्तान के नाम संदेश में गनी ने इन अफवाहों को बकवास बताते हुए कहा कि वह जूते तक नहीं बदल पाए और सैंडल में ही रविवार रात को काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन से निकले। गनी ने कहा कि अगर मैं वहीं रहता तो एक बार फिर अफगानिस्तान के एक चुने हुए राष्ट्रपति को अफगानों की आंखों के सामने फांसी पर लटका दिया जाता। गनी पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह के संदर्भ में ऐसा कह रहे थे, जिनका शव 27 सितंबर 1996 को काबुल में एक खंभे से लटका मिला था।
गनी ने तालिबान पर समझौता तोड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तालिबान ने काबुल में न घुसने का समझौता किया था। उन्होंने कहा कि वह सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण चाहते थे लेकिन उन्हें निकाल दिया गया। अमेरिका अशरफ गनी भले ही अफगानिस्तान लौटना चाहते हैं लेकिन अमेरिका ने कहा है कि वह अब एक अहम नहीं हैं। इधर, इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पुष्टि की है कि अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी उनके देश में हैं। यूएई ने कहा कि उसने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार को मानवीय आधार पर स्वीकार कर लिया है। तालिबान के काबुल के नजदीक पहुंचने से पहले ही गनी देश छोड़ कर चले गए थे।
बिजनौर। नूरपुर थाने में तैनात एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और 1 सिपाही सहित 8 लोगों पर न्यायालय के आदेश के बाद हत्या व एससी एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी चाँदपुर को सौंपी गयी है।
जानकारी के अनुसार नूरपुर क्षेत्र के गांव झीरन निवासी जयपाल सिंह ने एडीजे कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि गत 12 जुलाई को उसके पुत्र नीटू का किसी बात को लेकर गांव के ही कल्लन, मनीष पुत्र शीशराम, मनीष पुत्र दलीप, देशी व चमन से विवाद हो गया था। इस विवाद के चलते हुई कहासुनी में पुलिस को बुला लिया गया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिव कुमार, हलका दरोगा शहजाद अली, कांस्टेबल सचिन व अन्य 4 से 5 अज्ञात पुलिसकर्मियों ने नीटू की निर्ममता से पिटाई की और मरणासन्न अवस्था में उठाकर अपने साथ ले गए थे।जयपाल सिंह ने कई बार अपने पुत्र के विषय में पुलिस से जानकारी चाही परन्तु उसे कोई संतोषजनक जबाब नहीं मिला। पत्र में बताया गया कि 17 जुलाई को दरोगा शहजाद अली उसके घर पहुंचा और जयपाल को बिजनौर स्थित गंगा बैराज ले गया। वहां पहले से ही काफी पुलिसकर्मी मौजूद थे। जयपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि वहां उसके साथ अभद्र व्यवहार कर गाली गलौज व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कोरे कागज पर उसके अंगूठे लगवा लिए गए और उसकी मर्जी के बिना नीटू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। न्यायालय ने उक्त प्रार्थना पत्र पर विचार करने के बाद कल्लन, मनीष पुत्र शीशराम, मनीष पुत्र दलीप, देशी व चमन के साथ ही वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिव कुमार, उपनिरीक्षक शहजाद अली, कांस्टेबल सचिन कुमार व 4 से 5 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या व एससी एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी चाँदपुर को सौंपी गयी है। एसएचओ रविंद्र वर्मा ने मुकदमा दर्ज होने ने की पुष्टि की है।
By Hidden Facts- कोरोना वायरस की तीसरी लहर के खतरे के बीच एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है। इसमें कहा गया है कि 3 साल से कम उम्र का बच्चा अगर कोरोना संक्रमित होता है, तो घर के बड़े लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। कनाडा की स्वास्थ्य एजेंसी पब्लिक हेल्थ, ओंटारियो के रिसर्चर्स ने ये दावा किया है।
जामा नेटवर्क ओपन में पब्लिश इस रिसर्च के मुताबिक 14 से 17 साल के टीन एजर्स के मुकाबले तीन साल से कम उम्र के बच्चों से घर के सदस्यों के संक्रमित होने का खतरा 1.4 गुना ज्यादा है। इसके अलावा, छोटे बच्चों से 20 से 40 साल की उम्र वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। जबकि बड़े बच्चों से 40 से 60 साल की उम्र वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। रिसर्चर्स का मानना है कि छोटे बच्चों से संक्रमण का खतरा इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि उनका घर के बाकी सदस्यों के साथ फिजिकल कॉन्टैक्ट ज्यादा होता है। साथ ही छोटे बच्चों को आइसोलेट करना भी मुश्किल होता है, इसलिए इनका ख्याल रखने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
6,280 ऐसे घरों में रिसर्च हुई जहां बच्चे संक्रमित थे
बच्चों से बड़ों में संक्रमण फैलने का खतरा किस हद तक है, इसे समझने के लिए रिसर्च की गई। शोधकर्ताओं की टीम 1 जून 2020 से 21 दिसंबर 2020 के बीच 6,280 ऐसे घरों में गई जहां बच्चे संक्रमित थे।
रिसर्च में 4 तरह की एज ग्रुप वाले बच्चे शामिल थे। पहला- 0 से 3 साल, दूसरा- 4 से 8 साल, तीसरा- 9 से 13 साल, चौथा 14 से 17 साल।
रिजल्ट में सामने आया कि 0 से 3 साल के 766 संक्रमित बच्चों से 234 घरों के दूसरे सदस्यों तक संक्रमण फैला। वहीं, 14 से 17 साल की उम्र के 17,636 बच्चों से 2376 फैमिली मेंबर्स में कोविड फैला।
रिसर्चर्स का कहना है कि 1 लाख संक्रमित छोटे बच्चों से 30,548 फैमिली मेंबर्स को संक्रमित होने का खतरा रहता है। दूसरी ओर टीनएजर्स से संक्रमण का खतरा इससे कम रहता है। 1 लाख संक्रमित टीनएजर्स से 26,768 फैमिली मेंबर्स को संक्रमित होने का खतरा रहता है।
छोटे बच्चों में संक्रमण की दो वजह
रिसर्चर्स के अनुसार बड़े बच्चों की तुलना में छोटे बच्चों से परिवार के सदस्यों को संक्रमण का खतरा बढ़ने की दो वजहें हैं।
पहली वजह- छोटे बच्चों के नाक और गले में वायरस लोड, बड़े बच्चों की अपेक्षा ज्यादा होता है।
दूसरी वजह- संक्रमण के बाद किसी तरह का लक्षण नजर न आना। बच्चों के एसिम्प्टोमैटिक होने की वजह से बड़ों तक यह इन्फेक्शन आसानी से पहुंच जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि बच्चों के जरिए बड़ों में संक्रमण बहुत तेजी से नहीं फैलता है, लेकिन फिर भी अलर्ट मोड में रहने की जरूरत है। अगर घर में बच्चा इन्फेक्टेड है तो माता-पिता और दूसरे बड़े सदस्यों को उसकी केयर के दौरान मास्क जरूर पहनना चाहिए।
मोदी सरकार को घेरने के लिए सोनिया गांधी ने की 19 विपक्षी दलों के साथ बैठक। एकजुटता से चुनाव 2024 की तैयारी करने का आह्वान।
नई दिल्ली (एजेंसियां) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष के 19 दलों के नेताओं को संबोधित करते हुए आज कहा कि देश की जनता मोदी शासन से मुक्ति चाहती है। इसलिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर 2024 के लोकसभा चुनाव पर फोकस करना है।
श्रीमती गांधी ने विपक्ष के प्रमुख नेताओं और मुख्यमंत्रियों को वर्चुअल बैठक के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव की योजना पर व्यवस्थित रूप से और एकमात्र एजेंडे के तौर पर काम करना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की अपनी कुछ बाध्यताएँ हो सकती हैं लेकिन चुनौती लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना की है और इस चुनौती से निपटने के लिए सब को एकजुट होकर के काम करना है तथा मिलकर मोदी सरकार से देश की जनता को मुक्ति दिलाना है। श्रीमती गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुटता से बहुत बड़ा राजनीतिक युद्ध लड़ना है। संसद सत्र के दौरान जिस तरह से सभी ने एक होकर एकता का परिचय दिया है उसी एकजुटता से संसद के बाहर भी इस सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकता के कारण ही संसद के मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक पारित हो सका है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से विभागीय अफसरों को खास दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में मिशन शक्ति से जुड़े भव्य आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाली महिलाओं को कोरोना संक्रमण के बीच आ रहे रक्षाबंधन के त्योहार के चलते उपलक्ष्य एक मास्क और राखी उपहार के रूप में भेट करने को कहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के तीसरे चरण की शुरुआत 21 अगस्त से हो रही है। इसके चलते राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह की तर्ज पर सभी जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाए। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के ‘अमृत महोत्सव’ वर्ष को देखते हुए इस खास मौके पर कोरोनाकाल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण आदि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली 75 महिलाओं को सम्मानित किया जाना चाहिए।
मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद में मनाया गया “मेगा इवेंट” ” रक्षा उत्सव”
रंग लाने लगी महिला कल्याण अधिकारी की मुहिम। रविता राठी के प्रयासों को मिला जनसहयोग। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर लगाई बेटियों की नेम प्लेट। आबकारी पुलिस चौकी इंचार्ज ने ली बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी।
बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद बिजनौर में महिला कल्याण विभाग व पुलिस विभाग द्वारा नगर पालिका चौराहे पर कैंप लगाकर व्यापारियों व बाजार में आई महिलाओं को इकट्ठा किया गया।
इस दौरान महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी द्वारा व्यापारियों को बच्चों तथा महिलाओं को विभिन्न प्रकार की हिंसा से बचाव संबंधी हाट बाजार आदि सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को जागरूक किया गया। बेटियों से पहचान, नारी सम्मान थीम पर समस्त व्यापारियों को जागरूक किया गया। व्यापारियों व अन्य लोगों का आह्वान किया गया कि अपने व्यापार को परिवार की महिलाओं, बेटियों के नाम से पहचान दें। इस हेतु अपनी दुकान व मकान पर सन बोर्ड, फ्लैग बोर्ड नेम प्लेट का उपयोग अपनी बेटी के नाम से किया जाना है।
पुलिस विभाग से आबकारी चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार द्वारा हाट बाजार में आने वाली महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बताया गया कि यदि कोई परेशानी है तो वह आबकारी चौकी इंचार्ज से संपर्क कर अपनी समस्या को बता सकती है। महिलाओं की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी चौकी इंचार्ज द्वारा ली गई।
कुछ व्यापारियों ने अपनी बेटियों के नाम से आज ही अपनी दुकान पर नेम प्लेट भी लगाई। राधिका साड़ी हाउस, वंशिका कोचिंग सेंटर, सविता कॉस्मेटिक स्टोर, मुस्कान सेंटर, अंशिका दूध डेयरी, रूपसी ब्यूटी पार्लर, गंभीर कलेक्शन ने अपनी बेटी मिताली के नाम की नेम प्लेट मिताली कलेक्शन के नाम से लगाई।
इस मौके पर पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल, अनिल गंभीर नगर अध्यक्ष, सुरेश कपूर नगर प्रभारी, आशीष अग्रवाल जिला उपाध्यक्ष, मुकेश टीकू जिला महामंत्री, लक्की चोपड़ा जिला उपाध्यक्ष, मनोज जैन नगर उपाध्यक्ष, महिला कल्याण विभाग से जिला समन्वयक आशु सिंह, एंटी रोमियो से आकाश धामा, शिखा मलिक मौजूद रहे।
बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। मिशन शक्ति “3.0” के अंतर्गत “मेगा इवेंट” “रक्षा उत्सव” जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक/ जिला महिला कल्याण अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों/अध्यापक/अध्यापिकाओं के माध्यम से (ग्राम, ब्लॉक, जनपद, कालेज, स्कूल) पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान अध्यापिकाओं द्वारा कॉलेज में पढ़ने वाली छात्र छात्राओं को, परिवारों तथा दुकानदारों को अपने परिवार की महिलाओं व बेटियों के नाम से पहचान देने हेतु सन बोर्ड, प्लेग बोर्ड, नेम प्लेट का उपयोग करने का आह्वान किया गया। अध्यापिकाओं द्वारा बताया गया कि सभी लोग बेटियों से पहचान नारी सम्मान थीम पर, अपने घरों व दुकानों पर अपनी बेटी या बहू या किसी भी महिला के नाम की नेमप्लेट लगा सकते है। वहीं दूसरी तरफ महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी, जिला समन्वयक आशु सिंह, आबकारी चौकी इंचार्ज नीरज कुमार, कॉन्स्टेबल आकाश धामा, पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी गण, पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल द्वारा नगर पालिका चौराहे पर कैंप लगाकर व्यापारियों व जनसामान्य को बताया गया कि बेटियों से पहचान नारी सम्मान थीम पर सभी दुकानदार अपनी-अपनी दुकान पर अपनी बेटियों के नाम से एक नेमप्लेट अवश्य लगाएं, जन सामान्य को भी यह संदेश दिया गया कि वह भी अपने घरों पर अपनी बेटियों के नाम की नेम प्लेट अवश्य लगाएं।
आईआईएमसी के पत्रकार नितिन कुमार को मिला सीमा – नाजरेथ बिज़नेस स्टैंडर्ड अवॉर्ड
लखनऊ। आईआईएमसी से नई दिल्ली से प्रशिक्षित पत्रकार नितिन कुमार को पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए सीमा नाजरेथ अवॉर्ड से नवाजा गया. यह पुरस्कार कोरोना के दौरान प्रवासी मजदूर, किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए दिया गया है. यह मुकाम नितिन कुमार ने बहुत कम उम्र में हासिल कर पत्रकारिता जगत नया अध्याय लिखा है.
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के पटौदी के सफेदार नगर में जन्में नितिन कुमार की प्रारिंभक शिक्षा गुरुग्राम से हुई है. उसके बाद नितिन का दाखिला भारत के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली में हुआ है. 2017-18 बैच के इंग्लिश जर्नलिज्म की पढ़ाई कर निकले नितिन की नौकरी बिज़नेस स्टैंडर्ड अखबार में लग गई. उसके बाद नितिन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने अपनी तमाम ग्राउंड रिपोर्टिंग व इंटरव्यू करके दिल्ली ही नहीं हरियाणा, यूपी राज्यों में अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा.
यह पुरस्कार वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह के द्वारा नवाजा गया. नितिन ने अपनी इस उपलब्धि पर आईआईएमसी के सभी प्रोफेसर को धन्यवाद कहा. खासकर प्रोफेसर अनुभूति यादव का इस उपलब्धि में अहम योगदान रहा।
योगी कैबिनेट का जल्द विस्तार संभव। लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, विद्यासागर सोनकर को मिल सकती है जगह।
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का जल्द विस्तार हो सकता है। गुरुवार को नई दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई सीएम योगी की मुलाकात के बाद संभावना जताई जा रही है कि रक्षाबंधन के बाद कभी भी इसकी तारीख तय हो सकती है। नए कैबिनेट विस्तार में पांच से छह नए चेहरों को शामिल करने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए मंत्री बनने की दौड़ में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, हाल में कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और एमएलसी विद्यासागर सोनकर समेत एक-दो और नाम शामिल हैं।
गुरुवार को दिल्ली में गृहमंत्री से उनके आवास पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जरूर कहा कि निषाद आरक्षण लागू करने, निषाद आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछली सरकारों द्वारा किए गए राजनैतिक मुकदमों की वापसी सहित कई मुद्दों पर उनकी बातचीत हुई है। बैठक में अमित शाह के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी मौजूद रहे। संजय निषाद ने बताया कि पिछली सरकारों के द्वारा मछुआरों के जीवकोपार्जन के संसाधन ताल, झील, जलाशय, पोखरों को काला कानून बनाकर निषादों से छिनने वाले कानून को समाप्त करने की मांग प्रदेश सरकार से की गई। इन तालाब के पट्टे फिर से निषादों को आवंटित होने का शासनादेश जारी हो इसके लिए सार्थक बात हुई। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा में निषाद पार्टी की हिस्सेदारी के साथ ही निषाद बाहुल्य सीटों पर चर्चा हुई। जिससे आने वाले समय में निषाद समाज का भविष्य उज्जवल हो।
योगी मंत्रिमंडल में हैं कुल 53 मंत्री
योगी मंत्रिमंडल में अभी कुल 53 मंत्री हैं। इनमें 23 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्यमंत्री हैं। बताया जा रहा है मानक के अनुसार कुल 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस लिहाज से अभी सात और मंत्री बनाए जा सकते है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ महीने ही बचे हैं। योगी सरकार और भाजपा इस समय पूरी तरह चुनावी तैयारी में जुटी है। इसी के तहत जातीय और अन्य समीकरण साधने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश में होने वाले चार एमएलसी के मनोनयन पर भी चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश में अभी जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा रात्रिकालीन कर्फ्यू।
लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के 22 अगस्त से रविवार की बंदी समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य मंडलीय अधिकारियों को भेजे गये पत्र में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार 22 अगस्त से रविवार की साप्ताहिक बंदी खत्म की जाती है और अब प्रत्येक सोमवार से रविवार तक प्रात: छह बजे से रात्रि 10 बजे तक मास्क, दो गज की दूरी व सेनिटाइजर के प्रयोग जरूरी करने के साथ गतिविधियां शुरू किए जाने की अनुमति होगी। रात्रिकालीन कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा।
अब पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत: उन्होंने कहा कि प्रत्येक बाजार की पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत लागू रहेगी। इससे पहले प्रदेश में कोरोना की स्थिति में सुधार के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से रविवार की साप्ताहिक बंदी समाप्त करने पर विचार करने को कहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया था, प्रदेश में कोविड की बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत रविवार की प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है। अब से सभी शहरों/बाजारों/उद्योगों/कारखानों में, कोविड काल से पूर्व में प्रभावी रही साप्ताहिक बंदी की तिथि पर अवकाश लागू किया जाए। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया जाए। इससे पहले 11 अगस्त को शनिवार की बंदी खत्म करने का निर्देश जारी किया गया था।
15 जिलों में कोविड का एक भी मरीज नहीं- गौरतलब है कि जुलाई में, राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल जारी किया था जिसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बाजार, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई थी, जबकि शनिवार और रविवार साप्ताहिक बंदी रखा गया था। बयान में कहा गया कि सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। आज प्रदेश के 15 जनपदों (अलीगढ़, अमेठी, बदायूं, बस्ती, देवरिया फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, कासगंज, महोबा, मिर्जापुर, संतकबीर नगर, श्रावस्ती और शामली) में फिलहाल कोविड का एक भी मरीज नहीं है।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष खेल सिंह का शेरकोट मंडल में पहुँचने पर वरिष्ठ नेता कामेश्वर राजपूत के निवास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों के विषय में जानकारी देते हुए आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर हरकेश चौहान, अमित रुहेला, नितिन सैनी, अंचल चौहान, पुनीत वर्मा, दौलत पाल, छोटू कारीगर, पुरूषोत्तम शर्मा, मनोज त्यागी, राजीव त्यागी, विजयभान सिंह, जगदीश, कलवा प्रजापति, कोकिल, मुनीम जी, पंकज कुमार, प्रेरित राजपूत, धनराज चौधरी, निपेन्द्र कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भत्ता
एक करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन देगी सरकार
सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता। वकीलों की सुरक्षा निधि में इजाफा।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट भाषण के दौरान 5 बड़े ऐलान किए। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भत्ता, 1 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन, माफियाओं से खाली कराई जमीन पर गरीबों के लिए आवास, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, वकीलों की सुरक्षा निधि में इजाफा शामिल है। इस दौरान सदन में मुख्यमंत्री ने नौजवानों के लिए कविता भी पढ़ी। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कुछ लोग बेशर्मी के साथ तालिबान का समर्थन कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम माफियाओं को ढोकर नहीं चलते। ऐसे लोग पूरे प्रदेश का परसेप्शन खराब कर रहे हमने माफियाओं पर बुलडोजर चलवाया और अवैध कब्जा खाली करवाया। अब वहीं कोई दलित रहेगा, कोई गरीब रहेगा। ये होता है सामाजिक न्याय। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं की जब्त की गई जमीनों पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनेंगे। 1 जुलाई 2021 से सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामाजिक दिया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत अधिवक्ताओं की सुरक्षा निधि को डेढ़ लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने का ऐलान किया। सीएम योगी ने नौजवानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसी भी 3 प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले नौजवानों को सरकार की तरफ से भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा 1 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन दिया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय भी दोगुनी हुई। प्रदेश की विकास यात्रा में हम प्रति व्यक्ति आय को दोगुना होने में सफल हुए। पहले प्रदेश दंगे और भ्रष्टाचार में एक नम्बर पर था। विकास में सबसे पीछे था। हमें निवेशकों को यूपी बुलाया। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी 15 नम्बर पर था, आज दूसरे नम्बर पर बस अपने नाम पर स्मारक बन गए। काशी विश्वनाथ के जरिए यूपी अपने पौराणिक स्थान को पाने जा रहा है। ब्रज क्षेत्र का विकास हो रहा है। ये लोग भी कर सकते थे, लेकिन उनके लिए राम और कृष्ण को संप्रदायिकता का प्रतीक मानते थे। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग राम को नकारते थे, वो आज बताने में लगे हैं कि वो बड़े भक्त है। कर तो वो भी सकते थे, लेकिन सोच नहीं थी। प्रयागराज के कुम्भ की चर्चा वैश्विक स्तर पर हुई। आज पर्यटन में यूपी नम्बर 1 पर है। पहले चौथे पांचवे – नम्बर पर था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल को गरीबों को अनाज बांटना अच्छा नहीं लग रहा है। साथ में बैग दिया जा रहा है, वो तो बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। 1 लाख 52000 कन्याओं का सामूहिक विवाह के जरिए विवाह करवाया गया है। नेता प्रतिपक्ष जमीन पर चलने के आदी नहीं हैं।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल के कोतवाली रोड स्थित कार्यालय पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर लीना सिंघल ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता खेल सिंह को जिलाध्यक्ष मनोनीत होने की बधाई देते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व का आभार जताया और आशा व्यक्त की, कि उनके नेतृत्व में किसान मोर्चा मजबूती से कार्य करेगा।
कार्यकर्तायों के द्वारा भव्य स्वागत से अभिभूत खेल सिंह राजपूत ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए सभी कार्यकर्तायों को साथ लेकर चलने की बात कही। साथ ही सभी से आगामी विधानसभा चुनाव में जुट जाने का आह्वान किया। स्वागत करने वालो में जिला मंत्री बलराज त्यागी, पूर्व अध्यक्ष कमल सैनी, मंडल महामंत्री शिवम चौहान, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र ठाकुर, समर सिंह, प्रधान हिमांशु राजपूत आदि भी शामिल थे। प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, किसान नेता नितिन त्यागी, पिछड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रितेश सैन, ग्राम प्रधान राकेश चौधरी, शिव कुमार जोशी, देवेंद्र जोशी, रिंकू चौहान, रामपाल सिंह, सोशल मीडिया विधानसभा प्रभारी आशीष वर्मा, विपिन कुमार शर्मा, सुधीर भुइयार, उमापति गर्ग, पूर्व प्रधान गरीब सिंह, सुमित जोशी, मलखान सिंह, शोभित चौधरी आदि ने भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का जोरदार नारेबाजी से स्वागत किया।
बिजनौर। प्रथमा यूपी बैंक क्षेत्रीय कार्यालय बिजनौर में दुर्घटना बीमा चेक का वितरण फ्यूचर जनरली इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया। दुर्घटना बीमा खारी राजेंद्र पाल सिंह की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 620000 का क्लेम किया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश गुप्ता द्वारा चेक का वितरण किया गया साथ ही सभी किसानों को भी बीमा के प्रति जागृत करने का अनुरोध किया गया। क्लेम चेक प्राप्त करने के बाद परिजनों ने बैंक स्टाफ व फ्यूचर जनरली इंश्योरेंस कंपनी स्टाफ के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में बीमा कंपनी से गौरव कुमार, आशुतोष आनंद व शाखा प्रबंधक मामराज सिंह उपस्थित रहे।
नजीबाबाद (बिजनौर)। माहेश्वरी महिला सभा की ओर से तीज उत्सव मनाते हुए महिलाओं ने सावन के गीतों व मल्हार गाकर झूले पर पेंग बढ़ायी।
नगर के मोहल्ला बालकराम स्थित माहेश्वरी सभा में माहेश्वरी महिला समिति की अध्यक्ष मधु माहेश्वरी एवं सचिव दीपशिखा माहेश्वरी के नेतृत्व में तीज उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना, शिव स्तुति और गायत्री मंत्र के साथ किया गया। हरियाली तीज उत्सव में समय सीमा पुरस्कार रेशी माहेश्वरी को दिया गया। महिलाओं ने तीज के अवसर पर मल्हार गाए और सावन के गीतों पर झूले की पेंग बढ़ायी। महिलाओं ने हाऊजी गेम, फन गेम और सरप्राइज गेम का भी आनंद लिया। माहेश्वरी महिला समिति की ओर से विजेता प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अर्चना, माया, पुष्पा, स्वाति, लक्ष्मी, राजरानी, आंचल, रेखा, दीपा, निशा, शोभा, गीता आदि मौजूद रहीं।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा सम्पूर्ण जिला बिजनौर में तत्काल प्रभाव से धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कतिपय प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया जाना आवश्यक है तथा दिल्ली बार्डर पर किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन सम्बन्धी गतिविधियां जिले में विद्यमान है तथा विभिन्न समुदायों के त्योहार आसन्न हैं। उसके अलावा विश्वस्त सूत्रों एवं विभिन्न सामाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों से संज्ञानित है कि जिले में तेजी से चल रही राजनैतिक गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में कुछ अवांछित तथा असामाजिक तत्व सक्रिय होकर जिले की लोक शांति एवं सम्प्रदायिक सौहार्द के वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं, जिनके दृष्टिगत निषेधाज्ञा लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में लोक शांति बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से आगमी 04 अक्तूबर, 21 तक सम्पूर्ण जिला बिजनौर में निषेधाज्ञा अतंर्गत धारा 144 लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उक्त धारा के किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरूद्व धारा 188 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
नजीबाबाद (बिजनौर)। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज का भारतीय जनता पार्टी की प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल के कोतवाली रोड स्थित कैम्प कार्यालय पर जोरदार स्वागत किया गया। लीना सिंघल ने जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज को बुके देकर स्वागत किया। इस मौके पर आशीष सिंघल, आशु अग्रवाल, नितिन त्यागी, विकास आर्य, रूपेश कुमार, धर्मपाल सिंह, उमापति गर्ग, रविन्द्र त्यागी आफी मौजूद रहे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मानसून सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु सभी दलीय नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया। विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्यमंत्री, सुरेश कुमार खन्ना सहित सभी दलीय नेताओं ने अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में सदन के नेता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुरूप वर्ष में 03 बार विधान मण्डल की बैठक का प्रावधान है। विधान मण्डल की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कोरोना महामारी के बावजूद इस परंपरा का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते भी प्रदेश की स्थिति नियंत्रण में है। देश के कुछ राज्यों में अभी भी स्थिति खतरनाक दौर में है। दुनिया के कुछ देशों में स्थिति अभी बहुत सामान्य नहीं कही जा सकती है, लेकिन देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में कोरोना महामारी नियंत्रण में है लेकिन अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए सर्तकता और बचाव के जितने उपाय हो सकते है, वह सरकार द्वारा अपनाये जा रहे है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विधान मण्डल की कार्यवाही को सकुशल सम्पन्न कर सके, इसमें विभिन्न राजनैतिक दलों की भूमिका और दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। सरकार हर एक मद पर चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि विधान सभा को लोकतांत्रिक ढांचे का सम्मान करते हुए चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए। राजनीति की अपनी जगह हो सकती है लेकिन गम्भीर और सार्थक चर्चा से लोक कल्याण का विस्तार होगा। साथ ही कार्यवाही हमारी संस्थाओं को जन विश्वास का प्रतीक भी बनायेगी। कोरोना महामारी हो या अन्य तमाम ऐसे मुद्दे हो जिनको सभी सदस्य सदन में रखना चाहते होंगे, उन्हें चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए। प्रदेश के अन्दर हम लोगों ने क्या कार्य किया है, आगे की क्या कार्य योजना है। इन सब पर चर्चा करने के लिए सदन की कार्यवाही निर्विध्न रूप से चल सके, इसके लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग और समर्थन अपेक्षित है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गम्भीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने और सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने, विकास की योजनाओं को एक नई गति देने और आगे बढ़ाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य कर रही है। श्री योगी ने कहा कि सदन में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बहुत ही ऐसे सदस्यों के पास लम्बा अनुभव है। उस अनुभव का लाभ भी सदन की कार्यवाही से मिलता है। इसके लिए आवश्यक है कि एक सार्थक चर्चा/परिचर्चा का केन्द्र बिन्दु हमारी विधान सभा बन सके। इसके लिए सदन संचालन में सभी दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने पुनः आश्वस्त किया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। अध्यक्ष ने सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादाओं के अन्तर्गत रखें। उन्होंने कहा कि विगत सत्र के समय कोरोना की लहर से देश दुनिया व्यथित थी। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में विकट कोरोना के समय भी सदन चलाया गया। सदन ठीक से चला। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संसद और विधान मण्डल को सरकार को जवाबदेह बनाये जाने के उपकरण के रूप में विकसित किया है। यह प्रदेश की जनता का स्वप्न, आशा, अभिलाषा की पूर्ति का भी अंग है। उत्तर प्रदेश विधान सभा देश के सभी विधान सभाओं से बड़ी है। हम देश के सबसे बड़े राज्य है। हम सब मिलकर देश की सभी संस्थाओं को एक संदेश दे सकते है कि उत्तर प्रदेश में विचार विमर्श के कारण बहुत प्रेय और श्रेय ढंग से सदन की कार्यवाही संचालित हो रही है। बैठक में नेता विरोधी दल राम गोविन्द चौधरी के स्थान पर नरेन्द्र वर्मा, बहुजन समाज पाटी के नेता शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली, कांग्रेस पार्टी की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’, अपना दल (सोनेलाल) के नेता नील रतन पटेल के स्थान पर डॉ॰ लीना तिवारी एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी अपने-अपने विचार प्रकट किए और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढ़ंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री की भावना के साथ-साथ सम्बद्ध करते हुए सभी दलीय नेताओं से सदन में शान्तिपूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना की आशंका हर समय बनी हुई है। अतः कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सदन संचालित किया जाए। इसके पूर्व कार्य-मंत्रणा की बैठक सम्पन्न हुई। अध्यक्ष, हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि दिनांक 24 अगस्त, 2021 तक घोषित कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। दिनांक-23 अगस्त और 24 अगस्त कोे विधायी कार्य लिये जायेंगे। बीच-2 में आवश्यकतानुसार कार्यमंत्रणा समिति पुनः बैठेगी। इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, संसदीय अनुभाग उप्र एवं विधान सभा के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
लखनऊ। प्रदेश लेखपाल संघ की उप शाखा तहसील मलिहाबाद में पदाधिकारियों का अन्य तहसीलों में स्थानांतरण होने के कारण तहसील कार्यकारिणी विहीन हो गई थी। उक्त तहसील में आम सभा के निर्णयानुसार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत संघ के संविधान के अनुरूप निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र वर्मा जिला उपाध्यक्ष द्वारा निर्वाचन सम्पन्न कराया गया। कुल 32 वोट में प्रांजल द्विवेदी को 12 मत प्राप्त हुए। गौरव श्रीवास्तव 18 मत पाकर तहसील अध्यक्ष घोषित हुए। संघ के अन्य पदाधिकारी इन्द्रेश कुमार रावत वरि.उपाध्यक्ष, रूपेश गुप्ता कनि.उपाध्यक्ष, शशांक कनोजिया मंत्री, जितेन्द्र कुमार उपमंत्री, मनमीत सिंह कोषाध्यक्ष, रवि कुमार लेखा परीक्षक निर्विरोध घोषित किये गये। इस अवसर पर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष सुशील शुक्ला ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी। लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष रामशिरोमणि सिंह, महामंत्री विजय मौर्या, शैलेश पारस ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए बधाई दी।
मलिहाबाद,लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के पुरोधा संस्थापक भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी की पुण्यतिथि परम शिवाला में भाजपा मंडल कार्यालय पर श्रदांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल ने दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अटल बिहारी बाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण किया।कार्यक्रम में उपस्थित मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष रामविलास रावत, जिला संयोजक पंकज गुप्ता, भाजपा महामंत्री आशीष द्विवेदी, प्रमोद पाठक, राजेश लोधी, मूलचंद यादव, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष अरविंद शर्मा, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता खलील अहमद, मारूफ अंसारी, प्रधान प्रतिनिधि पुरवा अंजू सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने पंडित अटल बिहारी बाजपेयी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए देश और पार्टी के प्रति किये योगदान से सीख लेकर उनके विचारों को और आगे बढ़ाने का सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया।
नजीबाबाद। साहित्यिक संस्था “मेरी कलम” के तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत एक शाम शहीदों के नाम वेबिनार गोष्ठी आयोजित की गयी। अध्यक्षता मधु प्रसाद तथा संचालन डा. मंजु मधुर जौहरी ने किया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि सतीश अकेला तथा विशिष्ट अतिथि केशव सक्सेना रहे। गोष्ठी का शुभारंभ संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डा. मंजु जौहरी मधुर ने मां शारदे को वंदन कर किया।
वेबिनार गोष्ठी में काव्य पाठ करते हुए मधु प्रसाद ने कहा कि भारत मां के भाल पर लिख अभिनंदन नाम। वीर सपूतों कर दिया तुमने अदभुत काम। सतीश अकेला ने कहा कि जिंदगी को जितना समझता रहा उलझनों में उतना उलझता रहा। केशव सक्सेना ने कहा कि अपने प्यारे देश की खातिर हमको अलख जगानी है। डा. मंजु जौहरी मधुर ने कहा कि मैं अपने देश के गणतंत्र का सम्मान करती हूं। तिरंगा हो कफन मेरा यही अरमान करती हूं। अजय जौहरी ने कहा कि फीका-फीका दिखता है बाजारों में, मीठा-मीठा गायब हैं बाजारों में। डा. सतेंद्र गुप्ता ने कहा कि मौका मिले तो रिश्तों की किताब पढ़ लेना। खूबसूरत सी कोई तस्वीर निगाह में जड़ लेना। देवपुत्र गुलफाम ने कहा कि प्यार की खातिर हम तो अपना शीश झुकाते हैं। हमसे जो टकराए उसका शीश उड़ाते हैं। नीरज कांत सोती ने कहा कि भैया मुझको याद तुम्हारी आती है। दीपक की थर्राती बाती मुझको बहुत डराती है। डा. पूनम तिवारी ने कहा कि जब मिल गई जीवन की सौगात क्यों भूल गए अपनी औकात। डा. अर्चना चंचल ने कहा कि याद रहेगी दिल में वीरों की अमिट निशानी। ऊषा श्रीवास्तव ने कहा कि इतिहासों की बात करूं तो कलम वहीं रो पड़ती है। प्रतिभा पुरोहित ने कहा कि बहती जहां रसवंती धारा वह ये देश हमारा है। कविता नामदेव ने कहा कि दिन है शहीदों को याद करने का तिरंगा फहराने का। कार्यक्रम के अंत में संस्था की अध्यक्ष तथा सभी कवियों व गीतकारों ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
प्रसाद चढ़ाने को बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु़
दंगल में क्षेत्रीय पहलवानों ने की जोर आजमाइश
नांगलसोती (बिजनौर)। क्षेत्र में छड़ी जाहर दीवान मेले का आयोजन किया गया. प्रसाद चढ़ाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मेले के दौरान दंगल का भी आयोजन भी किया गया।
नांगल सोती में जाहर वीर गोगा जी के थले पर छड़ी जाहर दीवान मेले का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जाहर दीवान थले पर प्रसाद चढ़ाकर मन्नते मांगी। मेले में सजायी गयी विभिन्न दुकानों से ब’चों ने खेल खिलौनों की जमकर खरीददारी की। साथ ही लोगों ने जलेबी, चाट-पकौड़ी आदि स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। विगत वर्ष कोरोना काल में लगाए गए लाकडाउन के चलते मेले के स्थगित रहने पर श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाने भी नहीं पहुंच सके थे। इस बार लगाए गए मेले में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मेले में चारों ओर जाहर दीवान देवता के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर जाहरवीर गोगा जी के मठ से कुछ दूरी पर गंगा घट्टी क्षेत्र में एक दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय पहलवानों ने दांव-पेंच लगाकर अपना दम-खम दिखाया।
सपा जिला उपाध्यक्ष खुर्शीद मंसूरी के आवास पर लगाया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर
नजीबाबाद (बिजनौर)। कस्बा साहनपुर में समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष खुर्शीद मंसूरी के आवास पर विजन हास्पिटल के सौजन्य से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
बुधवार सुबह सपा जिला उपाध्यक्ष खुर्शीद मंसूरी के आवास पर लगाए गए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने चिकित्सीय परामर्श, जांच कर दवाईयां वितरित की। स्वास्थ्य शिविर में सर्दी, जुकाम, बुखार, डायबिटीज, थाइराइड, नजला, बीपी, मोटापा, रक्त प्रदर, स्त्री रोगों, खून की कमी, दमा, पाइल्स, पीलिया, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, एसिडिटी, दाद, खाज-खुजली, अस्थमा आदि बीमारियों से पीडि़त &00 मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम में परीक्षण कर दवाइयां दीं। इस अवसर पर मेडिसिन विशेषज्ञ डा. मौहम्मद अहमद, डा. संदीप कुमार, डा. शान इलाही, डा. मौहम्मद इलियास, डा. मौहम्मद अनीस, डा. रूही नाज एवं नार्सिंग स्टाफ के तय्यबा मेहर, मौहम्मद इश्हाक, जैनब परवीन, मोहसिना परवीन, गुलनाज, सूफिया, हनीफ आदि मौजूद रहे।
लखनऊ: कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार के अधीन देश में कौशल विकास हेतु ज़िला सन्दर्भ इकाई के रूप में कार्यरत 233 जन शिक्षण संस्थानों के गोमती नगर लखनऊ में संचालित जन शिक्षण संस्थान द्वारा ग्राम अटारी विकास खण्ड माल में स्विंग मशीन ऑपरेटर (सिलाई-कटाई) प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीवका मिशन के उपायुक्त (स्वतः रोजगार) सुखराज बन्धु ने कहा कि आजीवका के लिए हुनर एक ऎसा सशक्त माध्यम है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सबल बन सकती है ।साथ ही उन्होंने विभाग द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए संचालित योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को समूहों के गठन करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए अटारी ग्राम की प्रधान एवं प्रधान संघ माल विकास खण्ड की अध्यक्ष श्रीमती संयोगिता चौहान ने महिलाओं का आवाहन किया कि कौशल के द्वारा महिलाएं आत्मनिर्भर बन सरकार की आत्मनिर्भर योजना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।संस्थान के निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने जनपद में संस्थान द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे बताते हुए कहा कि महिलाएं भारत सरकार की योजना का लाभ उठायें।
इस अवसर पर देश में दिनाँक 13 अगस्त से 2 अक्टूबर तक मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में फिट इंडिया फ्रीडम रन का आयोजन जन आंदोलन से जन भागीदारी थीम पर मुख्य अतिथि की अगवाई में किया गया जिसमें लगभग 100 लोगों नें प्रतिभाग किया । समारोह को कार्यक्रम अधिकारी पन्नालाल ने भी संबोधित किया । कार्यक्रम का संचालन सहायक कार्यक्रम अधिकारी किरन धस्माना ने किया.
जमीन को कब्जामुक्त न कराने पर आत्महत्या की दी चेतावनी
विधवा महिला ने एसडीएम के नाम संबोधित पत्र सौंपा
पति की खरीदी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग
नजीबाबाद (बिजनौर) । नगर के मौहल्ला रम्पुरा निवासी विधवा महिला ने कुछ लोगों के साथ तहसील परिस र में धरना दिया। उपजिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्र में महिला ने पति की खरीदी गयी जमीन को कब्जा मुक्त न कराए जाने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
बुधवार को नगर के मौहल्ला रम्पुरा निवासी महिला गुलिस्ता पत्नी मौहम्मद यामीन परिवार की कुछ महिलाओं व पुरुषों के साथ तहसील परिसर पहुंची। जहां वह धरना देकर बैठ गयी। गुलिस्ता का कहना है कि उसके पति मौहम्मद यामीन की वर्ष 2017 में मृत्यु हो चुकी है। उसके पति की भागूवाला के खसरा नम्बर 489 में लगभग सवा दो बिघा भूमि शेष है, जिस पर गांव के ही नफीस पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला बुरी नजर रखता और जमीन को हड़पना चाहता है। उक्त खसरा नम्बर में जहांगीर के नाम पर 25& एअर जमीन थी। जिसमे से आसमा परवीन ने जहांगीर से सन 2007 में 114 एअर जमीन खरीदी थी, जिसे उसने जमील अहमद पुत्र अब्दुल रहमान निवासी हर्षवाडा को बेच दी थी लेकिन सन 2009 में नफीस पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला ने जहांगीर के साथ धोखाधड़ी करके 1&9 एअर के स्थान पर 25& एअर का बैनामा करा लिया। जहांगीर को धोखाघड़ी का पता चलने पर उसने न्यायालय नजीबाबाद में बैनामा कैसिल करने को वाद दायर कराया, जिसका मुकदमा अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। उसके पति ने सन 2009 में नफीस अहमद पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला के विरुद्ध अपनी भूमि को लेकर न्यायालय नजीबाबाद मे वाद दायर किया था, जिस पर न्यायालय की ओर से आदेश दिया गया था कि प्रतिवादी जमीन में रखे सामान व खड़े पेड़ों में तोडफोड करके डाल को नुकसान पहुचाकर या अन्य किसी प्रकार से वादी के कब्जे में किसी प्रकार की कोई मदाखलत व मजाहमत स्वयं अथवा नौकरों से कराए। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि नफीस अहमद राजनैतिक लोगों के सहारे लेखपाल और पुलिस के बल पर उसकी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहा है। महिला ने अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराए जाने की मांग करने के साथ ही इंसाफ न मिलने पर मजबूरन आत्महत्या कर लेने की चेतावनी दी है। महिला ने बताया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा चुकी है।
बक्सर : बिहार के बक्सर जिले के सिमरी से खबर है कि चार पत्रकारों को सिमरी सीओ अनिल कुमार ने नोटिस भेजा है। इन पत्रकारों ने सीओ अनिल कुमार की करतूत को लेकर खबरों का प्रकाशन किया था।
इन पत्रकारों में दैनिक जागरण के सवांददाता श्रीकांत दुबे, दैनिक भास्कर के पत्रकार अरविंद कुमार चौबे उर्फ चुनु चौबे, इंडिया24डिजिटल पोर्टल न्यूज़ के संचालक दिनेश राय और एमवी ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल के संचालक अनीश कुमार पाठक का नाम शामिल है।
इन पत्रकारों ने कुछ दिन पहले तक सीओ के खिलाफ कई खबरें छापी। सीओ ने अब कानूनी नोटिस भेज कर पूर्व में चलाई गई तमाम खबरों के सम्बंध में साक्ष्य की मांग की है।
नोटिस में सीओ अनिल कुमार ने कहा है कि यदि खबरों के साक्ष्य 5 दिनों में नहीं प्रस्तुत किए गए तो चारों पत्रकारों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बिजनौर: नगीना के बहुचर्चित श्री कृष्ण गौशाला प्रकरण में उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पुलिस अधीक्षक बिजनौर को लगाई गई लताड़ के उपरांत पुलिस ने विनीत नारायण एवं अलका लहोटी के खिलाफ दर्ज केस को बंद कर दिया है. अदालत में एसपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा मांगी. हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के गिरते स्तर पे नाराजगी जाहिर की तथा 6 अगस्त के निर्णय का गलत प्रयोग कर भ्रामक पोस्ट डालने पर संजय बंसल को लताड़ा उन्होंने तुरंत सभी पोस्टों को हटाने का भी आदेश दिया. ज्ञातव्य हो कि नगीना की ऐतिहासिक श्री कृष्ण गौशाला को लेकर वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण द्वारा एक पोस्ट फेसबुक पर डाली गई थी जिसमें नगीना निवासी चंपत राय बंसल (विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव) के कुटुंब कुटुंबियो पर श्री कृष्ण गौशाला की करोड़ों रुपए भूमि कबजाने में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिससे कुपित होकर चंपत राय बंसल के सबसे छोटे भाई संजय बंसल ने 19 जून 2021 को नगीना थाना में कइ गंभीर धाराओं में पत्रकार विनीत नारायण, रजनीश कुमार व श्री कृष्ण गौशाला की अध्यक्ष अलका लहोटी के विरुद्ध विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया था. जवाब में वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण रजनीश कुमार एवं अलका लाहोटी ने एफआई आर का विरोध करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके परिणाम स्वरूप न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए 6 अगस्त 2021 को बिजनौर एसपी को तलब किया तथा उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों के गिरते स्तर पर नाराजगी जाहिर की. उच्च न्यायालय के सम्मुख बिजनौर पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि एफआईआर को पूरी तरह पढ़ नहीं सके.
श्री कृष्ण गौशाला प्रकरण मे हाईकोर्ट के निर्णय के उपरांत नगीना मे चर्चाओं का बाजार गर्म है, बुद्धिजीवियों का कहना है कि दी गई तहरीर में जब एक व्यक्ति पर मुकदमा बनता था तो फिर अलका लाहोटी को 2 महीने तक क्यों परेशान किया गया? यही नहीं इसके कुछ दिनों के बाद ही एससी एसटी एक्ट में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया, लोगों का यह भी कहना है कि कहीं यह गौशाला पर कब्जा करने की साजिश तो नहीं है, विदित रहे कि पिछले छ-सात दशकों से अलका लाहोटी का परिवार ही गौशाला को पूरी लग्न एवं तन्मयता से चलाता आ रहा है तथा वहां की 1 इंच भूमि को भी इधर-उधर नहीं होने दिया, इस सत्य को नकारा भी नहीं जा सकता।
इस वक्त तालिबान दुनिया का सबसे शक्तिशाली आतंकवादी संगठन बन चुका है, जिसके पास अपनी एक पूरी की पूरी सेना है । यहां तक कि एयरफोर्स भी है ।
साल 2002 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में एक एयरफोर्स बनाई थी, जिसका काम तालिबान से जंग लड़ना था । इस एयरफोर्स का नाम था अफगान नेशनल आर्मी एयर कॉर्प्स । लेकिन 15 अगस्त को इस अफगान एयरफोर्स पर तालिबान का कब्जा हो गया.
तालिबान के कब्जे में आई इस अफगानी एयरफोर्स में 7 हजार 100 जवान हैं । तालिबान के कब्जे में अब 242 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें लड़ाकू विमानों का बेड़ा भी शामिल हैं । तालिबान को अमेरिका के द्वारा बनाया गया एयरफोर्स कमांड सेंटर भी मिल गया है जो काबुल में है।
भारत ने भी अफगान फोर्स को जंग करने के लिए अपने एमआई 35 अटैक हेलिकॉप्टर दिए थे लेकिन अब इस पर भी तालिबान का कब्जा हो चुका है।
तालिबान के पास अब लड़ाकू विमानों का एक पूरा जखीरा है । तालिबान के पास निम्नलिखित एयरक्राफ्ट हैं— ब्राजील के बने हुए A-29 Super अटैक एयरक्राफ्ट अमेरिका में बने हुए AC-208 हेलिकॉप्टर अमेरिका में ही बने हुए MD 500 Defender हेलिकॉप्टर HAL-चीता एयरक्राफ्ट , MI-8, MI 17 और Boeing 727
रूसी कलाश्निकोव ए के 47 बहुत लंबे समय तक आतंकवादियों की पहली पसंद थी लेकिन अब तालिबान लड़ाकों के हाथ में अब अमेरिकी बंदूकें लग गई हैं । नाटो और अमेरिका की सेना M 16 कार्बाइन राइफल यूज करती है। अमेरिका की ये बंदूकें ज्यादा अच्छा निशाना लगाती हैं और इनकी फायरिंग रेंज भी ए के 47 से ज्यादा है ।
अमेरिका ने जिस शर्मनाक तरीके से सरेंडर किया है बायडेन को पूरी दुनिया में शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया के अखबारों में बायडेन की आलोचना की जा रही है । अमेरिका के अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है बायडेन ने अमेरिकी एक्सपेरिमेंट का शर्मिंदगी भरा फाइनल चैप्टर लिखा। अमेरिका की बेवसाइट सीएनएन ने लिखा ये जो बाइडेन के लिए पॉलिटिकल डिजास्टर साबित होगा
दरअसल ये अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा ब्लंडर साबित हुई है, लेकिन इसका खामियाजा पूरे एशिया को चुकाना पड़ सकता है। खास तौर पर भारत को अब अपनी सुरक्षा को लेकर सुपर अलर्ट रहना पड़ेगा।
तालिबान दरअसल लड़ाका कौम है वो लड़ेगी जरूर… अब या तो पाकिस्तान में जाकर पख्तूनिस्तान बनाने के लिए लड़ेगी या फिर कश्मीर में घुसकर कोई बवंडर खड़ा करेगी। पाकिस्तान की पूरी कोशिश रहेगी कि भारत को सबक सिखाया जाए इसलिए वो कश्मीर में हमला करने के लिए तालिबान को उकसाएगी। भारत को हर परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहना चाहिए
तालिबान को खुला चैलेंज देने वाली लेडी गवर्नर हुईं कैद, महिला एंकर पर बैन शुरू
काबुल : अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान एक तरफ सरकार बनाने में जुटा है। दूसरी ओर वॉरलॉर्ड्स को ढूंढ-ढूंढकर पकड़ रहा है। पहले तालिबान ने वॉरलॉर्ड्स इस्माइल खान को पकड़ा था। अब इसके लड़ाकों ने अफगानिस्तान की पहली महिला गवर्नर सलीमा मजारी को पकड़ लिया है। मजारी बल्ख प्रांत की चारकिंत जिले की गवर्नर हैं। तालिबान से लड़ने के लिए उन्होंने अपनी आर्मी बनाई थी और खुद भी हथियार उठाए थे। सलीमा आखिरी वक्त तक तालिबान का सामना करती रहीं।विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हजारा समुदाय के सूत्रों इस बात की पुष्टि की है कि अफगानिस्तान की लेडी गवर्नर सलीमा मजारी अब तालिबान के हाथों पकड़ी जा चुकी हैं। अफगानिस्तान की सलीमा मजारी बल्ख प्रांत की चारकिंत ज़िले की महिला गर्वनर हैं, जो बीते कुछ दिनों से तालिबान से लोहा लेने के लिए अपनी सेना बना रही थीं। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब तालिबान ने सभी अफगान सरकारी अधिकारियों के लिए “सामान्य माफी” की घोषणा की और उनसे काम पर लौटने का आग्रह किया, जिसमें शरिया कानून के अनुरूप महिलाएं भी शामिल थीं।अंतर्राष्ट्रीय :
जब अफगानिस्तान में तालिबान कत्लेआम मचा रहा था और बाकी के नेता देश छोड़कर भाग रहे थे या फिर सरेंडर कर रहे थे, तब अपने लोगों को बचाने के लिए महिला गवर्नर सलीमा मजारी अपनी सेना खड़ी कर रही थीं और लोगों को साथ आऩे की अपील कर रही थीं। सलीमा ने अपने लोगों को बचाने के लिए तालिबान से डंटकर मुकाबला किया और पकड़े जाने से पहले तक बंदूक उठाकर अपने लोगों की रक्षा की। उनकी फौज में शामिल लोग अपनी जमीन और मवेशी बेच कर हथियार खरीद रहे थे और उनकी सेना में शामिल हो रहे थे। सलीमा मजारी खुद पिकअप की फ्रंट सीट पर बैठती थीं और जगह-जगह जाकर लोगों से अपनी सेना में शामिल होने को कहती थीं।
अफगानिस्तान मूल की सलीमा माजरी का जन्म 1980 में एक रिफ्यूजी के तौर पर ईरान में हुआ, जब उनका परिवार सोवियत युद्ध से भाग गया था। उनकी पढ़ाई-लिखाई ईरान में ही हुई है। तेहरान विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद उन्होंने दशकों पहले अपने माता-पिता को छोड़कर देश (अफगानिस्तान) जाने का फैसला करने से पहले विश्वविद्यालयों और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। 2018 में उन्हें पता चला कि चारकिंत जिला के गवर्नर पद की वैकेंसी आई है। यह उनकी पुश्तैनी मातृभूमि थी, इसिलए उन्होंने इस पद के लिए आवेदन भर दिया। इसके बाद वह गवर्नर के लिए चुनी गईं। तालिबान के खतरे को देखते हुए और जिले को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने सिक्योरिटी कमिशन की स्थापना की थी, जो स्थानीय सेना में भर्ती का काम देखता था। हिरासत में होने से पहले सलीमा अपने कार्यकाल में तालिबानियों के नाक में दम कर चुकी हैं।
तालिबान ने मंगलवार को पूरे अफगानिस्तान में ‘आम माफी’ की घोषणा की और महिलाओं से उसकी सरकार में शामिल होने का आह्वान किया। इसके साथ ही तालिबान ने लोगों की आशंका दूर करने की कोशिश की, जो एक दिन पहले उसके शासन से बचने के लिए काबुल छोड़कर भागने की कोशिश करते दिखे थे और जिसकी वजह से हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा होने के बाद कई लोग मारे गए थे। अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाला और कई शहरों को बिना लड़ाई जीतने वाला तालिबान वर्ष 1990 के क्रूर शासन के उलट खुद को अधिक उदार दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कई अफगान अब भी आशंकित हैं।
काबुल: अफगानिस्तान में तालिबानी शासन की शुरुआत होने के बाद से भारतीय दूतावास के अधिकारियों, स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों को वापस लाया गया है। अब अन्य भारतीयों को वापस लाने पर फोकस है। करीब 1650 भारतीयों ने काबुल स्थित भारतीय दूतावास में मदद की गुहार लगाई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय द्वारा अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर, ई-मेल आईडी जारी किए गए थे। इसी बीच करीब 1650 भारतीयों ने वतन वापसी के लिए अप्लाई किया है। माना जा रहा है कि अब जब तालिबानी राज़ का आगाज़ हो गया है, तो ये संख्या बढ़ भी सकती है। भारत ने बीते दिन तक करीब 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इनमें अधिकतर भारतीय दूतावास में काम करने वाले लोग ही हैं, लेकिन अन्य हिस्सों में फंसे भारतीय कर्मचारी और अन्य लोगों को निकालने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
काबुल में फंसे कई फैक्ट्री वर्कर और अन्य लोगों द्वारा बीते दिन सरकार से गुहार लगाई गई थी कि उन्हें यहां से सुरक्षित निकाल लिया जाए। यूपी के गाजीपुर, गाजियाबाद, उत्तराखंड के देहरादून और दिल्ली समेत अन्य कई इलाकों से लोग अफगानिस्तान में काम के मकसद से वहां पर गए हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीते दिन सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई थी। इसी में प्रधानमंत्री ने सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी की बात कही थी, साथ ही अफगानिस्तान में रहने वाले हिन्दू-सिख समुदाय के लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने को कहा। इसके अलावा सरकार की ओर से अफगानी लोगों को भी मदद दी जाएगी। काबुल में मौजूद भारतीय दूतावास अभी भी काम कर रहा है और वहां पर स्थानीय स्टाफ मौजूद है, जो कि वहां फंसे भारतीयों को मदद पहुंचा रहा है।
काबुल एयरपोर्ट पर भगदड़ के बाद कुछ वक्त के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन बंद हुआ था, लेकिन अब वो फिर से शुरू हो गया है। अमेरिका और नाटो फोर्स की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। गौरतलब है कि तालिबान की ओर से बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये भरोसा दिया गया है कि वो किसी भी विदेशी या स्थानीय नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। अमेरिका की मानें तो तालिबान इस बात पर राज़ी हो गया है कि अगर कोई देश छोड़कर जाना चाहता है, तो उसे सेफ पैसेज दिया जाएगा।
जस्टिस BV नागराथन होंगी देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश! कॉलेजियम ने की 9 जजों के नाम की सिफारिश
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम ने सरकार से 9 जजों के नाम की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने तीन महिला जजों के नाम की सिफारिश की है। अगर कॉलेजियम के नाम को मंजूरी मिलती है तो भारत को पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिल सकती है। कॉलेजियम ने कर्नाटका हाईकोर्ट की जस्टिस BV नागराथन, तेलंगाना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हिमा कोहली और गुजरात हाईकोर्ट की जस्टिस बेला त्रिवेदी के नाम की सिफारिश की है।
जस्टिस BV नागराथन भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश हो सकती हैं। कॉलिजियम ने वरिष्ठ वकील PS नरसिम्हा के नाम की भी सिफारिश की है। कॉलेजियम ने जस्टिस AS ओका, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस JK माहेश्वरी, जस्टिस CT रवींद्र कुमार, जस्टिस MM सुंदरेश के नाम की सिफारिश भी की है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट में 8 जजों के पद खाली हैं। अगले दो महीनों में सुप्रीम कोर्ट के दो और जज जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की कुल स्वीकृत 34 जजों में 29 फीसदी पद खाली हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में पिछले डेढ़ साल से जजों की नियुक्ति नहीं हुई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2018 में 8 और 2019 में 10 जजों की नियुक्ति हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में अभी 26 जज कार्यरत हैं, इसमें 25 पुरुष और सिर्फ एक महिला जज हैं।
वहीं अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति में हो रही देरी के लिए सीधे-सीधे मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि सरकार उन जजों को नियुक्त करने में देरी कर रही है, जिनका नाम हाईकोर्ट कॉलेजियम ने सुझाया है।
कुछ साल पहले भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, टीएस ठाकुर ने भी इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाया था और कहा था कि सरकार द्वारा जजों की नियुक्ति करने में देरी हो रही है। टीएस ठाकुर ने पीएम मोदी से कहा था कि यही मुख्य कारण है जो आज अदालतों में इतने केसेज पेंडिंग पड़े हैं। 2016 में भी जजों की नियुक्ति को लेकर न्यायालयों और सरकार के बीच विवाद हो चुका है।
नई दिल्ली: फेसबुक ने कहा है कि अमेरिकी कानून के तहत तालिबान एक आतंकवादी संगठन है। ऐसे में उसे फेसबुक की सेवाओं से वंचित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा तालिबान के सभी अकाउंट डिलीट किए जाएंगे। साथ ही तालिबान के समर्थन में पोस्ट करने वाले सभी अकाउंट पर बैन लगाया जाएगा। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी के पास दरी और पाश्तो भाषा के जानकारों की पूरी टीम है जो कि स्थानीय कंटेंट पर नजर रख रही हैं और हमें सूचित कर रही है।
फेसबुक ने कहा कि पिछले कई साल से तालिबान के कई नेता और प्रवक्ता फेसबुक पर मौजूद हैं जिनके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में है। फेसबुक का कहना है कि उसने तालिबान को अपने प्लेटफॉर्म पर बैन करना का फैसला राष्ट्रीय सरकार को ध्यान में रखते हुए नहीं लिया है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अधिकारों का पालन करती है। अपने सभी प्लेटफॉर्म यानी फेसबुक, फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर तालिबान को बैन कर दिया है।
राखी के धागों की अहमियत बरकरार, देश के साथ-साथ विदेशों में भी भाईयों के लिए भी बहनें स्पीड पोस्ट से भेज रही राखियाँ
विदेशों में भी राखी का क्रेज : डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी जा रही राखियाँ
विदेशों में भी भाईयों की कलाई पर सजेगी राखी, डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी गई राखियाँ
राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी होगा राखी डाक का वितरण – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को छोडकर बहनें, भाईयों की कलाइयाँ सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियाँ भेजना पसंद कर रही हैं। डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद है और तमाम तैयारियाँ किए हुये है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से अब तक 50 हजार से ज्यादा राखियॉं विभिन्न डाकघरों से बुक होकर देश-विदेश में भेजी गईं।
राखी का क्रेज देश से बाहर विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियाँ भेजी जा रही हैं। इस माह में 500 से अधिक राखियाँ वाराणसी के डाकघरों द्वारा विदेशों के लिए बुक की गईं। इनमें ज्यादातर राखियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका इत्यादि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनें भी वाराणसी में अपने भाईयों को राखी भेज रही हैं, जो डाक विभाग के माध्यम से तुरंत वितरित हो रही हैं। विदेशों में राखियाँ भेजने के लिए बहनें पहले से ही तैयारी करने लगती हैं, ताकि सही समय पर भाईयों को राखी पहुँच जाये और उनकी कलाई सूनी न रहे।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ स्पेशल सॉर्टिंग और इनके त्वरित वितरण हेतु डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल सॉर्टिंग हब तक में विशेष प्रबंध किये गए हैं। राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी डाकियों द्वारा राखी डाक का वितरण किया जायेगा, ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे।
मलिहाबाद,लखनऊ। श्रावण शुक्ल मास के पावन अवसर पर गोपेश्वर गौशाला परिवार में सप्त दिवसीय शिव भागवत महापुराण का आयोजन सोमवार से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ।
गौशाला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शिवानी गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, अभिषेक गुप्ता द्वारा व्यास गद्दी और गौपूजन किया।इस अवसर पर अनुसूचित मोर्चे के उपाध्यक्ष विकास किशोर पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक पंकज गुप्ता तहसील प्रभारी रुपेश मिश्र ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मीनू वर्मा डॉक्टर संत लाल खंड कारवां काकोरी अभिषेक गो हित चिंतक उपाध्यक्ष शैलेंद्र पांडे व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक निर्मल गुप्ता व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष गुप्ता सहित कई दर्जन लोग उपस्थित रहे।कथा के पहले दिन उपस्थित भक्तजनों को कथा व्यास बालेंद्र गुरु ने शिव महिमा का रसपान करवाया।
अफगानिस्तान से निकाले गए भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारी, IAF के C-17 ग्लोबमास्टर ने 120 नागरिकों के साथ काबुल से भरी उड़ान
काबुल.अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही हालात बिगड़ने लगे हैं। इस खतरे के बीच अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारियों को निकाल लिया गया है। मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना के विमान ने आज सुबह कर्मचारियों और सभी जरूरी दस्तावेजों को लेकर राजधानी काबुल के एयरपोर्ट से उड़ान भरी। तालिबान के लड़ाकों ने काबुल पर कब्जा कर लिया है।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान ने काबुल से 120 से अधिक भारतीय अधिकारियों के साथ उड़ान भरी है। इन लोगों को बीती देर शाम एयरपोर्ट के सुरक्षित इलाकों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया। गौरतलब है कि तालिबान का काबुल पर कब्जा हो चुका है।
सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान में कई भारतीय मौजूद हैं, जो स्वदेश वापस लौटना चाहते हैं। फिलहाल वे हिंसा वाले इलाकों से दूर सुरक्षित क्षेत्रों में हैं। सरकार उन्हें एक या दो दिनों में सुरक्षित घर वापस लाएगी। माना जा रहा है कि इसके लिए विशेष विमान भेजा जा सकता है। इससे पहले, अफगानिस्तान में फंसे हुए भारतीयों की संख्या को सरकार द्वारा सुरक्षा कारणों के चलते नहीं बताया गया है। रविवार रात को भी एक विमान काबुल पहुंचा और वहां से कुछ भारतीय यात्रियों के साथ सोमवार सुबह भारत लैंड हुआ था। वहीं, दूसरा विमान भी अपने रास्ते पर है, जल्द ही भारत लौटने वाला है। सूत्रों ने बताया है कि इन दोनों को अभी काबुल के कई चक्कर लगाने हैं।
इससे पहले सोमवार को भारत सरकार ने कहा कि वह अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच अपने नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के अफगानिस्तान से भारत लौटने समेत दूसरे मामलों के लिए एक विशेष ‘अफगानिस्तान सेल’ का गठन किया है। लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने के लिए एक मोबाइल नंबर और एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान में बिगड़ रही स्थिति पर नजर बनी हुई है। भारत लौटने वाले लोगों को लेकर सहयोगियों से चर्चा हो रही है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और सुरक्षा परिषद (UNSC) के अध्यक्ष राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने सोमवार को अफगानिस्तान में शत्रुता और हिंसा को तत्काल समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसी भी स्वीकृति और वैधता के लिए एक ऐसा राजनीतिक समझौता होना चाहिए जो महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का पूरी तरह से सम्मान करे। तिरुमूर्ति ने कहा कि ब्रीफिंग में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की टिप्पणी ‘अत्यंत महत्वपूर्ण है और परिषद के सदस्यों को इसे स्वीकार करने की आवश्यकता है।’
टीएस तिरुमूर्ति ने भारत की अध्यक्षता में अफगानिस्तान मामले पर हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि परिषद के सदस्यों ने भी इस तथ्य की पुष्टि, ‘हमें शत्रुता और हिंसा को तत्काल समाप्त करने की आवश्यकता है। परिषद के सदस्यों के बीच यह भावना भी है कि स्वीकृति और वैधता के लिए एक राजनीतिक समझौता होना चाहिए जो महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का पूरी तरह से सम्मान करे।’ भारत की अध्यक्षता में लगभग दस दिन बाद अफगानिस्तान के हालात पर दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद शामली का मामला। घटना के वक़्त पीड़िता जा रही थी मंदिर। आला अधिकारियों ने की मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल।
शामली। दुष्कर्म मामले के आरोपियों ने मंदिर में पूजा अर्चना करने जा रही पीड़िता युवती के अपहरण का प्रयास किया। बचाने पहुंचे दुष्कर्म मामले के गवाह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार की सुबह हुए इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल की जांच पड़ताल की। बदमाशों की तलाश में कई टीमें लगा दी गई हैं।
शामली जनपद के कैराना इलाके की एक युवती के साथ 2 साल पहले दुष्कर्म हुआ था। इस मामले में गांव के ही दो युवकों को पुलिस ने जेल भेजा था। गांव का ही एक युवक गवाह था। मामला विचाराधीन है।
पुलिस के अनुसार उक्त पीड़िता अपनी सहेली के साथ श्रावण मास के अंतिम सोमवार के मौके पर प्रातः 8 बजे पूजा अर्चना करने मंदिर जा रही थी। इसी दौरान उक्त दोनों आरोपियों ने पीड़िता को रोक लिया और उसे घसीटकर जंगल की तरफ ले जाने लगे। उसकी सहेली ने भाग कर मामले की जानकारी पीड़िता के परिजनों को दी। इस पर युवती की मां दुष्कर्म के मुकदमे के गवाह अजय के साथ मौके पर पहुंच गई और युवती को उठाकर ले जा रहे आरोपियों का विरोध किया। विरोध किए जाने पर दुष्कर्म के आरोपी गवाह को घसीटते हुए जंगल में ले गए और उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस बीच एकत्र ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए आरोपी पीड़िता को छोड़ कर फरार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के कई अफसरों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की। अजय के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि दुष्कर्म मामले के गवाह की हत्या कर फरार हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
ध्वजारोहण करते वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में डाक विभाग द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया गया।
वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में उपस्थित विभागीय कर्मी
आजादी को नए सिरे से करें महसूस- इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान का प्रतिमान है। हम अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करते हुए और लोगों की मदद करके भी देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। अमृत महोत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम आजादी को नए सिरे से महसूस करें और अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हों। स्वाधीनता के मूल्य को पहचानने और देश के लिए त्याग व बलिदान देने वाले महापुरुषों को याद करते हुए नई पीढ़ी को जोड़ने का कार्य भी करना होगा।
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि भारत सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं डाकघरों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। इन्हें समाज के सभी लोगों तक पहुंचाकर हम लोगों को उनका अधिकार दिला सकते हैं और अपने कर्तव्यों की पूर्ति कर सकते हैं। यही स्वतंत्रता दिवस की असली सार्थकता होगी।
सम्मानित होने वाले विभागीय अधिकारी व कर्मचारी
27 डाककर्मियों का सम्मान- कार्यक्रम के दौरान पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया। इनमें क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, जांच निरीक्षक विश्वम्भर नाथ द्विवेदी, श्रीकांत पाल, कार्यालय सहायक श्रवण कुमार सिंह, ललित कुमार सिंह, शम्भू प्रसाद गुप्ता, शम्भू कुमार, शशिकांत वर्मा, विजय कुमार, राकेश कुमार, वाराणसी पूर्व मंडल के डाक सहायक शोभनाथ, अतुल कुमार मौर्या, अनिल कुमार शर्मा, सुयष मिश्रा, डाक अधिदर्शक महेश प्रसाद शुक्ला, पोस्टमैन खदेरन यादव, निखिल कुमार, एमटीएस दिनेश तिवारी, ग्रामीण डाक सेवक अनुज कुमार, सुरेश कुमार एवं वाराणसी पश्चिम मंडल के डाक अधिदर्शक संजय कुमार, ग्रामीण डाक सेवक दीपू शर्मा, प्रीती गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार सिंह, मो. हफीज़ अहमद शामिल रहे।
कार्यक्रम में वाराणसी पूर्व मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक राजन, वाराणसी पश्चिम मंडल के डाकघर अधीक्षक कृष्ण चंद्र, सहायक निदेशक राम मिलन, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह बरुआ, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर आरएस वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए।
कर्जन वायली का वध करने वाले क्रांतिवीर मदन लाल धींगरा
राजस्थान के अजमेर में रेलवे स्टेशन के बाहर क्रांतिवीर मदन लाल धींगरा का स्मारक
बचपन में कुत्तों की भाषा बता कर अंग्रेजी पर प्रहार, किशोरवय में पिता की अंग्रेज परस्त बनाने की कोशिश को असफल, छात्र जीवन में आजादी के बीज का अंकुरण, युवावस्था में अंग्रेज अफसर कर्जन वायली का वध और हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लेना किसी सामान्य व्यक्ति के लक्षण नहीं थे. ऐसे क्रांतिवीर का नाम था मदन लाल धींगरा. सिर्फ 25 साल की उम्र में धींगरा ने भारत को आजाद कराने के लिए मृत्यु का वरण किया था. 1 जुलाई 1909 की रात लंदन के इंडियन नेशनल एसोसिएशन के जलसे में कंपनी सरकार में भारतीयों पर तरह-तरह के जुल्म ढहाने वाले कर्जन वायली के सीने में अपनी पिस्टल से तड़ातड़ 2 गोलियां भरी सभा में उतार दी. धींगरा यह मौका किसी भी सूरत में हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे. वही हुआ और कर्जन वायली मारा गया. उसे बचाने आया एक फ्रांसीसी नागरिक भी धींगरा की गोलियों का शिकार बना था. कुछ विद्वानों का मत है कि वायली के वध के बाद वीर धींगरा ने खुद को गोली मारने का जतन किया लेकिन पकड़े जाने पर वह इरादा पूरा नहीं हुआ. दूसरी ओर कुछ इतिहासकारों का मत है कि सभा से भागने के बजाय साहसी धींगरा वही खड़े रहे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. धींगरा के इस साहस भरे कारनामे की अखबारों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा भी हुई. वायली के वध की खबर लंदन और पेरिस समेत कई देशों के समाचार पत्रों की सुर्खियां बना था. अंग्रेजों की मंशा ना होने के बावजूद भारत में भी यह समाचार तेज गति से फैल गया था.
वायली के वध को दुनिया के सामने गलत तरीके से पेश न किए जाने और अपनी अंतिम इच्छा एक पत्र के रूप में लिखकर उन्होंने जेब में रख लिया था लेकिन ब्रिटिश हुकूमत ने भारत में कंपनी राज कमजोर न पड़ने देने के लिए उस पत्र को गायब कर दिया. हालांकि ब्रिटिश सरकार को यह नहीं पता था कि धींगरा उस पत्र की एक प्रति पहले ही वीर सावरकर को सौंप चुके थे. वीर सावरकर ने धींगरा का वह पत्र चोरी-छिपे पेरिस पहुंचा कर फ्रांस के एक समाचार पत्र में छपवाने का प्रबंध कर दिया. उसके बाद ब्रिटिश सरकार वायली के वध के कारणों को लेकर को दुनिया को गुमराह नहीं कर सकने में कामयाब हुई. धींगरा से ब्रिटिश हुकूमत इतनी डरी हुई थी कि उसने भारत में राज करने वाली कंपनी सरकार को पत्र लिखकर कहा-” हम यह नहीं चाहते हैं कि इस शहीद के अवशेष पार्सल से भारत भेजे जाएं”
एक दिन जरूर आजाद होगा भारत: साहस की प्रतिमूर्ति मदन लाल धींगरा भारत के एक ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों की धरती पर भारत विरोधी और अपने पिता भाइयों के करीबी अंग्रेज अफसर का वध करके दुनिया को एक संदेश दिया था कि वह दिन दूर नहीं जब भारत आजाद होगा. भारतीयों को वायली के वध के जुर्म में ब्रिटिश अदालत में दिया गया। धींगरा का वह बयान जरूर पढ़ना चाहिए जिसका एक-एक शब्द साहस को व्यक्त करने वाला है. वह मानते थे कि भारत पर राज करने वाले अंग्रेज अफसर 33 करोड़ भारतीयों के अपराधी हैं. अपने “चुनौती” नामक एक वक्तव्य में उन्होंने साफ-साफ कहा था- “मेरे को विश्वास है कि संगीनों के साए में पनप रहे भारत में एक युद्ध की तैयारी अवश्य चल रही होगी. क्योंकि यह लड़ाई असंभव मालूम पड़ती है और तमाम बंदूकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ऐसे स्थिति में मैं यही कर सकता था कि अपनी पिस्तौल से गोली मार दूं. मेरे जैसा गरीब और सामाजिक रुप से अप्रतिष्ठित व्यक्ति यही कर सकता था कि अपनी मातृभूमि के लिए अपना रक्त बहाऊं और मैंने यही किया. आज की स्थिति में हर भारतीय के लिए एक ही सबक है कि वह यह सीखे कि मृत्यु का वरण कैसे किया जाए? यह शिक्षा तभी फलीभूत होगी जब हम अपने प्राणों को मातृभूमि पर बलि चढ़ा दें. इसलिए मैं मर रहा हूं और मेरे शहीद होने से मातृभूमि का मस्तक ऊंचा ही होगा”
38 साल बाद अस्थियों को नसीब हुई देश की माटी: 17 अगस्त 1909 को लंदन की पेंटोनविले जेल में उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया. अपनी अंतिम इच्छा में मदनलाल धींगरा ने कहा था कि उनके शव को कोई भी गैर हिंदू हाथ न लगाए और शव वीर सावरकर को सौंप दिया जाए. हिंदू रीति रवाज से ही मेरा अंतिम संस्कार हो लेकिन अंग्रेज हुकूमत ने उनकी आखिरी इच्छा डर के मारे पूरी नहीं की. सनातन हिंदू धर्म की परंपरा के विरुद्ध एक कोड नंबर एलाट कर शव को दफना दिया गया. शहादत के 38 वर्ष बाद भारत के आजाद होने पर भी इस क्रांतिवीर को सरकार की उपेक्षा सहन करनी पड़ी. वर्ष 1976 में मदनलाल धींगरा के अवशेष भारत लाए जा पाए थे. वह भी तब जब शहीद उधम सिंह के अवशेष को खोजते हुए धींगरा के अवशेषों पर खोजकर्ताओ की नजर पड़ी. इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने उनके अवशेष भारत को सौंपा. वीर धगरा के अवशेष पंजाब भेजे गए लेकिन आज तक पंजाब में उनका कोई स्मारक का पता नहीं चलता. राजस्थान के अजमेर में जरूर रेलवे स्टेशन के बाहर एक छोटा सा स्मारक बना हुआ है.
विदेश में भारत की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वह पहले क्रांतिवीर माने जाते हैं. उनकी शहादत को दुनियाभर ने सलाम किया था. फांसी दिए जाने के बाद एक आयरिश समाचार पत्र ने धींगरा को बहादुर व्यक्ति की संज्ञा दी थी. काहिरा से प्रकाशित होने वाले मिश्र के समाचार पत्र “लल्ल पेटी इजिप्शियन” ने धीगरा को अमर शहीद की उपाधि देते हुए आगामी 40 वर्षों में ब्रिटिश साम्राज्य के पतन की भविष्यवाणी की थी. यह भविष्यवाणी सच भी साबित हुई. धींगरा की शहादत के 38 साल बाद ही भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का पतन हो गया. कांगेस की संस्थापक मानी जाने वाली श्रीमती एनी बेसेंट ने कहा था कि देश को इस समय बहुत से मदनलाल की जरूरत है. वीरेंद्र नाथ चट्टोपाध्याय ने धींगरा की स्मृति में एक मासिक पत्रिका प्रारंभ की थी, जिसका नाम था “मदन तलवार” यानी (मदनलाल की तलवार). कुछ समय बाद ही यह पत्रिका विदेश के भारतीय क्रांतिकारियों के लिए मुखपत्र बन गई थी. यह पत्रिका बर्लिन में मैडम कामा द्वारा प्रिंट कराई जाती थी. शहादत के 10 वर्ष बाद 1919 में डब्लू डब्लू ब्लंट की प्रकाशित पुस्तक में भी धींगरा की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए लिखा गया- “धींगरा ने जिस बहादुरी के साथ एक न्यायाधीश के सामने अपना ओजस्वी बयान दिया वैसा किसी भी ईसाई शहीद ने नहीं दिया होगा” 1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के असफल होने और भारत पर ब्रिटिश हुकूमत के एकाधिकार के बीच 18 सितंबर 1886 ( अनुमान के आधार पर क्योंकि लंदन में अंग्रेज अफसर कर्जन वायली के वध के बाद संभवत अंग्रेजों के पिट्ठू पिता और भाई में सबूत मिटा दिए) को वीरों की धरती पंजाब के अमृतसर में जन्मे क्रांतिकारी मदन लाल धींगरा भारतीय स्वाधीनता संग्राम के चमकते सितारे थे. हालांकि अंग्रेज परस उनके पिता और भाइयों ने वायली के वध के बाद उनसे अपने सारे संबंध समाप्त कर लिए थे लेकिन देश के लोगों ने उन्हें शहीद का दर्जा दिया. देश की आजादी और मातृभूमि के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाले मदनलाल धींगरा को शहादत दिवस पर हर भारतीय की तरफ से शत-शत नमन..
लखनऊ (एजेंसियां)। अफगानिस्तान के एक युवक के कुशीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने से हड़कंप मचा हुआ है। टूरिस्ट वीजा पर भारत आया उक्त युवक फर्जी नाम पते पर आधार कार्ड बनवाने की कोशिश कर रहा था। खुफिया एजेंसियों ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
कुशीनगर जिले के कुबेर स्थान थाना क्षेत्र के ग्राम-पिपरा जटामपुर के खुशी पट्टी में एक व्यक्ति के घर से पुलिस ने अफगानिस्तानी युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना नाम अहमद सगीर व पता नहियेसेदेह, मजांग, काबुल अफगानिस्तान बताया। वह वर्ष 2014 में टूरिस्ट वीजा पर दिल्ली आया था और बीते 18 जुलाई को कुशीनगर पहुंचा था। वह एक सप्ताह से फर्जी नाम पते पर आधार कार्ड बनवाने की कोशिश में लगा हुआ था। पुलिस ने बिना वीजा के रह रहे युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आईबी और एटीएस की टीम युवक से पूछताछ में जुटी है।
जानकारी के अनुसार फखरुद्दीन अंसारी के घर 18 जुलाई से रह रहे एक अजनबी युवक की बोलचाल की भाषा से गांव के लोगों को उस पर संदेह हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना कुबेर स्थान पुलिस को दी। इस पर एसओ संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव से उक्त युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गयी। टूरिस्ट वीजा समाप्त होने के बाद वह कहां-कहां रहा, इसकी जानकारी की जा रही है।
IB और ATS सक्रिय- पुलिस ने उसके पास से एक आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज के पांच फोटो बरामद किए हैं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी एवं 14 विदेशी अधिनियम 1946 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अफगानिस्तान निवासी युवक के पकड़े जाने की जानकारी होने पर आईबी और एटीएस ने भी अपने स्तर से छानबीन शुरू कर दी है।
2014 में टूरिस्ट वीजा पर आया था दिल्ली- समीर ने बताया कि वर्ष 2014 में अफगानिस्तान में मारकाट आदि से तंग आकर वह छह माह के लिए टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपने देश न जाकर भारत में ही रहने लगा। लोगों से झूठ बोलकर और बहाना बनाकर भारत का नागरिक बनने के लिए उसने दिल्ली के पते पर आधार कार्ड बनवा लिया था। दिल्ली में रहकर वह एक गारमेंट कंपनी में सिलाई का काम कर रहा था। वहीं काम करने वाले कुशीनगर के पिपरा जटामपुर के रहने वाले फखरुद्दीन से दोस्ती हुई। बाद में वह उसके घर कुशीनगर आ गया। यहां के पते पर भी आधार कार्ड बनवाने की फिराक में था। हालांकि, कहा यह जा रहा है कि फखरुद्दीन को उसके देश की जानकारी नहीं थी।
अफगानिस्तान भेजने को कहा तो लगा रोने- अफगानी युवक अहमद समीर वतन वापसी को तैयार नहीं है। शनिवार को पकड़े जाने के बाद पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उसे उसके वतन वापस भेजने की बात कही तो वह रोने लगा। समीर बार-बार यही कह रहा था कि साहब उसे यहां कहीं भी रहने की व्यवस्था करा दें मगर उसके वतन न भेंजे। वहां के हालात से वह वापस जाना नहीं चाहता है।
सीओ सदर संदीप वर्मा का कहना है कि पुलिस को एक संदिध विदेशी नागरिक के संबंध में सूचना मिली थी। उसे पकड़कर पुलिस थाने लाई और कड़ाई से पूछताछ की तो वह अफगानी नागरिक निकला। वह वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी फर्जी आधारकार्ड बनवाकर भारत में रह रहा था। उसके खिलाफ केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बिना वीजा पकड़े गए अफगानिस्तान के संदिग्ध युवक के बारे में जो कुछ भी जानकारी और दस्तावेज मिले हैं, उसे अन्य एजेंसियों से भी साझा किया जा रहा है। पुलिस ने युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। एजेंसियों द्वारा अन्य जानकारियां हासिल होने पर उसके मुताबिक भी कार्रवाई की जाएगी- सचिन्द्र पटेल, एसपी, कुशीनगर
बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी कार्यालय में 15 अगस्त 2021 को देश के शहीदों को याद किया गया। इस अवसर पर धनीराम सिंह पूर्व मंत्री, अखिलेश कुमार हितेषी, धनीराम सैनी मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल, जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष बिजनौर द्वारा सामूहिक रूप से ध्वजारोहण तथा राष्ट्रगान कराया गया।
75वें स्वतंत्रता दिवस पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन बसपा कार्यालय में हुआ। अध्यक्षता जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष बिजनौर एवं संचालन ब्रह्मपाल सिंह जिला सचिव विधानसभा प्रभारी बिजनौर द्वारा की गई। इस अवसर पर भूरे भाई ने मिष्ठान वितरित किया। कविराज सिंह, मुन्ना सिंह, जगराम सिंह, दीपक राज, काम इंदर सिंह, तिलक राज बौद्ध, सद्दाम राणा, डॉक्टर बेग राज सिंह, मुंशी सदीक, हरदयाल सिंह, जीतसिंह कश्यप, गुलाब सिंह प्रजापति, प्रमोद कुमार, देशराज सिंह भूइयार एडवोकेट आदि ने विचार व्यक्त करते हुए उन वीर सपूतों को याद किया, जिन्होंने आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु हंसते-हंसते फांसी पर लटक गए। रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लड़ते लड़ते वीरगति को प्राप्त हुई। सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया, उन्होंने कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने कहा की शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मरने वालों का यही आखिरी निशा होगा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में विजय हासिल कर पांचवीं बार बहन कुमारी मायावती को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया और कहा कि अगले वर्ष विधानसभा लखनऊ के प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बहन कुमारी मायावती ही मुख्यमंत्री के रूप में ध्वजारोहण करेंगी। अंत में जितेंद्र सागर जिलाध्यक्ष बिजनौर ने सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।
बाइक की सवारी करने के नियम केंद्र सरकार ने बदले। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की कवायद।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और पीछे बैठने के नियमों में बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए नियम लागू किए हैं। बाइक चलाने वाले के पीछे बैठने वाले लोगों को इनका पालन करना होगा।
बाइक राइडर और पीछे की सीट के बीच हैंड होल्ड – सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, अब बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर हैंड होल्ड सवारी के लिए काफी मददगार साबित होता है। अभी तक अधिकतर बाइक में ये सुविधा नहीं होती थी। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिये के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वाले के कपड़े पिछले पहिये में ना उलझे।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। अल-जजीरा न्यूज नेटवर्क पर प्रसारित वीडियो फुटेज के मुताबिक, तालिबान लड़ाकों का एक बड़ा समूह राजधानी काबुल में स्थित राष्ट्रपति भवन के भीतर नजर आ रहा है। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर अपने कब्जे की घोषणा राष्ट्रपति भवन से करने और देश को फिर से ‘इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान’ का नाम देने की उम्मीद है। बीस साल की लंबी लड़ाई के बाद अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से निकलने के कुछ ही दिनों के भीतर लगभग पूरे देश पर फिर से तालिबान का कब्जा हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र ने बुलाई आपात बैठक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) एस्टोनिया और नॉर्वे के अनुरोध पर अफगानिस्तान की स्थिति पर आज सोमवार को आपात बैठक करेगी। परिषद के राजनयिकों ने रविवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस परिषद के सदस्यों को राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद के ताजा हालात से अवगत कराएंगे।
अमेरिका निकाल रहा अपने कर्मचारियों को बाहर रविवार सुबह काबुल पर तालिबान लड़ाकों की दस्तक के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया। वहीं देशवासी और विदेशी भी युद्धग्रस्त देश से निकलने को प्रयासरत हैं, हालांकि काबुल हवाईअड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें बंद होने के कारण लोगों की इन कोशिशों को झटका लगा है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के अनुसार, अमेरिका काबुल स्थित अपने दूतावास से शेष कर्मचारियों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाल रहा है।
नागरिकों को सता रहा क्रूर शासन का डर नागरिक इस भय से देश छोड़ना चाहते हैं कि तालिबान उस क्रूर शासन को फिर से लागू कर सकता है जिसमें महिलाओं के अधिकार खत्म हो जाएंगे। नागरिक अपने जीवन भर की बचत को निकालने के लिए एटीएम के बाहर खड़े हो गए। वहीं काबुल में अधिक सुरक्षित माहौल के लिए देश के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने घरों को छोड़कर आये हजारों की संख्या में आम लोग पूरे शहर में उद्यानों और खुले स्थानों में शरण लिये हुए दिखे। अफगान राष्ट्रीय सुलह परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने इसकी पुष्टि की है कि गनी देश से बाहर चले गए हैं।
एक हफ्ते में कर लिया पूरे देश पर कब्जा: अफगानिस्तान में लगभग दो दशकों में सुरक्षा बलों को तैयार करने के लिए अमेरिका और नाटो द्वारा अरबों डॉलर खर्च किए जाने के बावजूद तालिबान ने आश्चर्यजनक रूप से एक सप्ताह में लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। कुछ ही दिन पहले, एक अमेरिकी सैन्य आकलन ने अनुमान लगाया था कि राजधानी के तालिबान के दबाव में आने में एक महीना लगेगा।
काबुल का तालिबान के नियंत्रण में जाना अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध के अंतिम अध्याय का प्रतीक है, जो 11 सितंबर, 2001 को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के षड्यंत्र वाले आतंकवादी हमलों के बाद शुरू हुआ था। ओसामा को तब तालिबान सरकार द्वारा आश्रय दिया गया था। एक अमेरिकी नेतृत्व वाले आक्रमण ने तालिबान को सत्ता से उखाड़ फेंका। हालांकि इराक युद्ध के चलते अमेरिका का इस युद्ध से ध्यान भंग हो गया।
अमेरिका वर्षों से, युद्ध से बाहर निकलने को प्रयासरत है। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में वॉशिंगटन ने फरवरी 2020 में तालिबान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो विद्रोहियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई को सीमित करता है। इसने तालिबान को अपनी ताकत जुटाने और प्रमुख क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की अनुमति दी। वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस महीने के अंत तक अफगानिस्तान से सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी की अपनी योजना की घोषणा की।
रविवार की शुरुआत तालिबान द्वारा पास के जलालाबाद शहर पर कब्जा करने के साथ हुई, जो राजधानी के अलावा वह आखिरी प्रमुख शहर था जो उनके हाथ में नहीं था। अफगान अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों ने मैदान वर्दक, खोस्त, कपिसा और परवान प्रांतों की राजधानियों के साथ-साथ देश की सरकार के कब्जे वाली आखिरी सीमा पर भी कब्जा कर लिया।
बाद में बगराम हवाई ठिकाने पर तैनात सुरक्षा बलों ने तालिबान के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वहां एक जेल में करीब 5,000 कैदी बंद हैं। बगराम के जिला प्रमुख दरवेश रऊफी ने कहा कि इस आत्मसमर्पण से एक समय का अमेरिकी ठिकाना तालिबान लड़ाकों के हाथों में चला गया। जेल में तालिबान और इस्लामिक स्टेट समूह, दोनों के लड़ाके हैं।
Sawan 2021: आज है सावन का आखिरी सोमवार, जानिए पूजा का महूर्त
Sawan 2021: सावन माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित होता है। सोमवार के दिन लोग विशेष रूप से भगवान शिव का व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। इसलिए सावन के सोमवार पर शिव पूजन के लिए महत्व और भी बढ़ जाता है। इस साल 16 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।
मुहूर्त और राहुकाल : पंचांग के अनुसार सावन का महीना इस साल 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। सावन का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पड़ रही है। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा तथा अनुराधा नक्षत्र लग रहा है। सावन के आखिरी सोमवार पर व्रत और पूजन करने से भगवान शिव अवश्य प्रसन्न होते हैं। इस दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 29 मिनट से लेकर 09 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस काल में पूजन या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है।
पूजन की विधि : सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्ति हो कर सबसे पहने शिवलिंग को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद शंकर जी को उनके प्रिय पदार्थ बेल पत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प चढ़ाया जाता है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध, दही, घी,शहद और गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है। भगवान शिव का पूजन कर फलाहार व्रत का संकल्प लेना चाहिए। रात्रि में भगवान शिव की आरती तथा उनके दिव्य स्तोत्रों का पाठ कर स्तुति करनी चाहिए।
भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मान कार्यक्रम। जनपद के 15 कृषकों को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु किया गया सम्मानित। दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 30 कृषकों को पांच-पांच किग्रा उर्द के मिनी किट का वितरण।
बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किसान सम्मान कार्यक्रम में जनपद के 15 कृषकों को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु सम्मानित किया गया। दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीस कृषकों को पांच किग्रा उर्द के मिनी किट का वितरण भी जिला पंचायत अध्यक्ष के कर कमलों द्वारा किया गया।
75 वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मान कार्यक्रम व कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन कृषि भवन बिजनौर के प्रांगण में किया गया ।
कार्यक्रम में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार व उल्लेखनीय कार्य करने वाले 15 कृषकों को मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मानित किए कृषकों नाहर सिंह, विजेन्द्र सिंह रजनी देवी व नीटू राजपूत द्वारा हल्दी उत्पादन, मत्स्य पालन, फल संरक्षण व रिंग विधि से गन्ना की खेती के संबंध में अपने अनुभव बताए गए।
इस अवसर पर दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीस कृषकों को पांच पांच किग्रा के उर्द के मिनी किट का वितरण भी जिला पंचायत अध्यक्ष के कर कमलों द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने सम्मानित कृषकों को नवाचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम परम्परागत कृषि के स्थान पर बाजार की मांग के अनुसार कृषि फसलों का चयन करें। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. डीपी सिंह, डा. केके सिंह, डा. शकुंतला गुप्ता द्वारा औषधीय फसलों , बासमती धान की खेती व फल तथा सब्जियों के संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजेन्द्र सिंह द्वारा पशुपालन विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। इससे पूर्व जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में कृषकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुधीर कुमार, मत्स्य अधिकारी अरविंद कुमार, कुलदीप सिंह, रजत कुमार, गजेन्द्र कुमार, लाखन सिंह आदि का सहयोग रहा।
बिजनौर। जनपद में 75वां स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व परंपरागत रूप से सादगी, परन्तु आकर्षक ढंग के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह स्थानीय कलक्ट्रेट प्रांगण में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। प्रात: ठीक 08:00 बजे जिलाधिकारी ने ध्वजारोहण किया और इस मौके पर उपस्थित पुलिस के जवानों ने राष्ट्रीय ध्वज को अभिवादन कर राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री लेखराज सिंह को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने ध्वजारोहण के उपरान्त उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को सम्बोधित करते हुए सभी जनपद वासियों को शुभकामना दीं और कहा कि किसी भी देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह एक ऐतिहासिक दिन होता है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले जब हमें आजादी मिली, उसमें लाखों देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, आज का दिन उनके स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने का भी दिन है। जब देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई उस वक्त देश की आबादी लगभग 33 करोड़ थी और आज लगभग 125 करोड़ से अधिक जनसंख्या है। हमारे देश की भूमि उस समय भी अपने नागरिकों का पेट भरने में सक्षम थी और आज भी पर्याप्त मात्रा में देशवासियों के लिए अन्न एवं खाद्य सामग्री मौजूद है, बल्कि हम दूसरे देशों को अन्न का एक्सपोर्ट करने की स्थिति में हैं। आज हमारा देश हर क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की पक्ति में खड़ा है। हमारे देश के डाक्टर, इन्जीनियर, आईटी प्रोफेशनल तथा अन्य विविध वैज्ञानिकों आदि की अन्य देशों में अत्यधिक मांग है। चाहे खेल का मैदान हो या अन्तरिक्ष के कार्यक्रम, हिन्दुस्तान का व्यक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अब अग्रणी पंक्ति पर खड़ा है। इससे स्पष्ट है कि हमने इन 75 वर्षों में काफी तरक्की की है। उन्होंने आह्वान किया कि देश को स्वतंत्र कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा, अखण्डता और सर्वागीण विकास की कामना को पूरा करने का आज के दिन वचन लेते हुए समस्त आपसी मतभेद भुला कर उसे व्यवहारिक रूप देने में जुट जायें। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे देश का गौरवशाली और पराक्रम से भरपूर इतिहास है, इस देश को गौरवशाली और शक्तिशाली बनाने वाले विद्वानों, वीरों, ज्ञानियों का हमें स्मरण करना है और उनसे प्रेरणा लेते हुए हमें भी अपने मुल्क को समृद्ध, शक्तिशाली, पराक्रमी और विकासशील बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश जितना समृद्ध और शक्तिशाली होगा, उतने ही देशवासी भी समृद्ध और बलशाली होंगे। हम सबको याद रखना है कि हमें स्वतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले शहीदों और हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जैसी स्वतंत्रता की कल्पना की थी और जो सपने देखे थे, उसी के अनुरूप चलना होगा ताकि देश का भविष्य उज्वल हो सके। हम अपने बच्चों को नैतिक मूल्य सिखाएं। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे वर्ष के लिए निश्चय करें और अपने जीवन में वही नैतिक मूल्य अपनाएं जिससे देश मजबूत, समृद्ध होकर विश्व के देशों में सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा देश की सुरक्षा में शहीद होने वाले और सरदहों पर अपने शौर्य का प्रदर्शन करने वाले सैनिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों का शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। नाजिर सदर अजय महेन्द्रा के मार्ग निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन कलक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सलाहुद्दीन द्वारा किया गया। उन्होंने देश भक्ति गीत भी प्रस्तुत किया। एनए पाशा जादूगर द्वारा जादू कला के माध्यम से श्रोताओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की गई।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह द्वारा स्थानीय नेहरू स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवान शरण दास, वित्त / राजस्व अवधेश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संगीता, वरिष्ठ कोषाधिकारी सूरज कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों के कर्मचारीगण मौजूद थे। बाद में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला कारागार, कुष्ठ आश्रम, जिला महिला चिकित्सालय तथा प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संबंधित अधिकारियों द्वारा मिष्ठान एवं फल वितरित किए गए।
अधिकारियों को साथ लेकर विधायक सुचि चौधरी ने किया मंडी का निरीक्षण। अब होगा सीसी रोड निर्माण। बनेगा सुलभ शौचालय।
बिजनौर। सदर विधायक सुचि चौधरी ने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से वार्ता की और मंडी परिसर का निरीक्षण किया।
सदर विधायक सुचि चौधरी ने शनिवार को सीडीओ केपी सिंह, एडीएम प्रशासन भगवान शरण पटेल, एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश कुमार मिश्र, तहसीलदार प्रीति सिंह, पालिका ईओ मनोज कुमार के साथ से व्यापारियों की समस्याओं के संबंध में वार्ता की। साथ ही समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके उपरांत अधिकारियों के साथ मंडी परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी मौसम ने मंडी में मौके पर पड़ी गंदगी को देखकर डस्टबिन की व्यवस्था एवं प्रतिदिन शाम को मंडी में साफ सफाई कराने के निर्देश दिए। शीघ्र ही मंडी परिसर में टूटी पड़ी खडंजा पर सीसी का निर्माण, विधायक निधि के द्वारा महिलाओं एवं पुरूषों के लिए सुलभ शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। दरअसल दो दिन पूर्व व्यापारियों ने विधायक से मिल कर समस्या रखी थी। इस पर कुछ समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया था और बाकी समस्याओं के सम्बंध में अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया गया।
इंडिगो ने यात्रियों को दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा। बेंगलुरु से बरेली का सफर तय होगा अब केवल 2 घंटे 27 मिनट में।
बरेली (एकलव्य बाण समाचार)। दिल्ली-मुंबई के बाद शनिवार को बरेली-बेंगलुरु की उड़ान सेवा शुरू हो गई। स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन से ठीक पहले इंडिगो ने बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट शुरू कर दी। 2 घंटा 27 मिनट में बेंगलुरु से बरेली एयरबस पहुंची। पहली फ्लाइट में 155 यात्री बेंगलुरु से बरेली आए। सुबह 8.52 पर फ्लाइट बेंगलुरु से बरेली के लिए रवाना हुई। 11:19 बजे एयरबस बरेली पहुंच गई। 1:10 घंटे रुकने के बाद एयरबस ने 125 यात्रियों के साथ बेंगलुरु की उड़ान भरी।
इंडिगो ने 12 अगस्त को बरेली-मुंबई का हवाई सफर शुरू किया। दो दिन बाद बरेली-बेंगलुरू की उड़ान भी शुरू कर दी। शनिवार को एयरफोर्स के रनवे पर इंडिगो की एयरबस यात्रियों को लेकर पहुंची। यात्रियों को एयरफोर्स के एप्रेन से एयरपोर्ट तक बस के जरिए लाया गया।
केक काटकर स्वागत- पहली फ्लाइट का इंडिगो की टीम ने केक काटकर स्वागत किया। बरेली से बेंगलुरु की फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन, सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगी। विदित हो कि 12 अगस्त को बरेली-मुंबई फ्लाइट के उद्घाटन के मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बरेली-बेंगलुरु फ्लाइट के लिए भी बरेली वालों को शुभकामनाएं दी थीं।
बरेली-बेंगलुरु की उड़ान ने रुहेलखंड और उत्तराखंड को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ दिया। रुहेलखंड के साथ उत्तराखंड के विकास में बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। युवाओं को रोजगार को नए मौके पर मिलेंगे।
सीधी ट्रेन तक नहीं थी- फ्लाइट तो दूर की बात, दक्षिण भारत के लिए रुहेलखंड और उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से कोई ट्रेन नहीं थी। दिल्ली और दूसरे शहरों से लोग ट्रेन के जरिए किसी तरह बेंगलुरु पहुंच पाते थे। इसमें 40 से 50 घंटे का समय लगता था। बेंगलुरु और दक्षिण भारत के दूसरे शहरों में डाक्टर-इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को खासी दिक्कत होती थी। अब यह आसान हो गया। इंडिगो के अधिकारी यात्री के रेस्पांस को देखते हुए फ्लाइट की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
लेट हुए तो फौजी की छूटी फ्लाइट- बरेली में तैनात बेंगलुरु के फौजी सतीश की फ्लाइट छूट गई। 11:30 बजे के बाद इंडिगो के अधिकारियों ने एंट्री बंद कर दी। सतीश 11:40 बजे एंट्री प्वाइंट पर पहुंच सके।शनिवार दोपहर को 12:30 बजे बरेली से बेंगलुरु की पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी। हवाई यात्रा के नियमों के मुताबिक एयरपोर्ट के अंदर कम से कम एक घंटे पहले एंट्री करनी होती है। यात्रियों के दस्तावेज चेक करने के बाद एंट्री दी गई। 11:30 बजे तक यात्रियों की एंट्री कराई गई। सतीश 11:40 बजे पहुंच सके। सिक्योरिटी में तैनात जवानों ने सतीश को रोक दिया। इंडिगो के अधिकारियों से काफी देर तक बात की गई। बावजूद इसके सतीश को बोर्डिंग पास नहीं दिया गया।
घर जाने के पहले कोरोना जांच- बेंगलुरु से आने वाले प्रत्येक यात्री की कोरोना जांच रिपोर्ट और वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र देखे गए। जिनके दोनों टीके नहीं लगे या कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी उनके सैंपल लिए। उसके बाद घर भेजा गया। हालांकि ज्यादातर यात्रियों के पास जांच रिपोर्ट थी।
मोहर्रम को लेकर गृह विभाग की गाइडलान जारी। घर में ताजिया रखने की अनुमति। मजलिस में 50 लोग हो सकेंगे शामिल।
लखनऊ। शासन ने मोहर्रम के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। घरों में ताजिया रखने तथा किसी भी धार्मिक आयोजन में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकतम 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में 19 जून 2021 को जारी शासनादेश का पालन कराया जाए।इसमें कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों पर धर्मस्थलों के अंदर परिसर के आकार को देखते हुए एक बार में एक स्थान पर अधिकतम 50 लोगों के एकत्र होने की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई है कि मास्क, दो गज की दूरी, सैनेटाइजर का उपयोग तथा कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अन्य सावधानियां बरती जाएंगी। साथ ही प्रवेश द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा है कि मोहर्रम के अवसर पर किसी प्रकार का जुलूस या ताजिया निकालने की अनुमति न दी जाए। सार्वजनिक रूप से ताजिया एवं अलम भी स्थापित नहीं किए जाएंगे। ताजिया एवं अलम की स्थापना अपने-अपने घरों में किए जाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी।
उन्होंने किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों की भीड़ न एकत्र होने देने, संवेदनशील एवं कंटेनमेंट जोन में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी दशा में शस्त्रों का प्रदर्शन न होने देने तथा अवैध शस्त्र लेकर चलने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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