पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। जिला बिजनौर में झमाझम बारिश हुई, सड़कें तालाब में तब्दील हो गई ताउते तूफान के असर के बाद हो रही लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ।
बिजनौर में भी ताउते तूफान का असर देखने को मिला। आसमान में बादल छा गए और रुक रुक कर बारिश होती रही। सड़कें जलमग्न हो गई, मई के महीने में ही सावन की याद आ गई। झमाझम बारिश हुई, तापमान गिरा और मौसम ठंडा हो गया। बारिश के चलते जरूरत का सामान लाने के लिए लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
बिजनौर नगर पालिका में शामिल हुए ग्राम फतेहपुर नौआबाद उर्फ बक्शीवाला में नालियों की सफाई ना होने के कारण हो रही झमाझम बारिश का पानी सड़क पर फैल गया और लोगों के मकानों के आसपास जमा हो गया जिससे तालाब जैसा नजारा दिखाई दिया। बताते चलें कि बक्शीवाला से जोधुवाला जाने वाली रोड जे दोनों तरफ की नालियां जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। इस कारण रोड भी क्षतिग्रस्त है और बरसात का पानी रोड को पार करते हुए मकानों के आसपास खाली प्लाटों में जमा हो होकर तालाब का रूप ले लेता है।
अखबार बांटने में भी परेशानी लगभग 24 घंटे कभी हल्की बूंदाबांदी कभी तेज हुई बारिश से बिजनौर क्षेत्रवासियों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना रहा लेकिन बारिश में बाहर निकल रहे लोगों को मुश्किल का सामना भी करना पड़ा। खासकर सुबह अखबार वितरण में काफी दिक्कत आई कुछ जगह पर अखबार पहुंच नहीं पाया। कई घंटों तक होती रही बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिल गए क्योंकि किसानों के खेतों की सिंचाई मुफ्त में हो गई। यह बारिश खेती के लिए लाभदायक है। इसलिए इस बारिश से किसान खुश है।
नई दिल्ली। पश्चिमी तट पर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के आने के बाद एक अन्य चक्रवात ‘यास’ के 26-27 मई को पूर्वी तट पर पहुंचने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि उत्तर अंडमान सागर और बंगाल की पूर्वी मध्य खाड़ी में 22 मई को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो इसके बाद 72 घंटों में चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने बताया कि यह उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ सकता है और 26 मई की शाम तक पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक पहुंच सकता है। IMD के अधिकारियों ने तूफान यास के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
उसने बताया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय में 25 मई से हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि इसके बाद बारिश तेज होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय सचिव एम राजीवन ने कहा कि 23 मई को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात परिसंचरण बनने का अनुमान है। राजीवन ने कहा कि इसके चक्रवात में तब्दील होने और पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा के तट से टकराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह ‘ताउते’ चक्रवात की तरह प्रचंड नहीं होगा, जो बेहद विकराल चक्रवातीय तूफान का रूप ले चुका था।
मानसून से पहले के महीनों अप्रैल-मई में पूर्वी और पश्चिमी तट पर अक्सर चक्रवात बनते देखे जाते हैं। मई 2020 में पूर्वी तट पर विकराल चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान’ और पश्चिम तट पर प्रचंड चक्रवातीय तूफान ‘निसर्ग’ ने दस्तक दी थी।
IMD के अधिकारी ने कहा कि यास, बीते साल आए तूफान अम्फान की तरह तेज हो सकता है। आईएमडी में चक्रवातों पर नज़र रखने वाली सुनीता देवी ने कहा कि हम अम्फान जैसी तीव्रता से इनकार नहीं कर सकते। अच्छी बात यह है कि अभी के मॉडल दिखा रहे हैं कि सिस्टम समुद्र के ऊपर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। समुद्र के ऊपर इसका समय कम होने पर इसकी तीव्रता प्रतिबंधित हो जाएगी।
इस बीच ओडिशा में अधिकारियों ने चक्रवात की तैयारी शुरू कर दी है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप के. जेना ने बुधवार को 10 तटीय जिलों के कलेक्टरों के साथ एसपी, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और आपातकालीन अधिकारियों के साथ एक तैयारी बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारियों को राहत आश्रयों की पहचान करने, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जांच करने और कर्मचारियों को तैनात करने और निकासी योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दवाओं, पीने के पानी, सूखे भोजन और तिरपाल के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब होने की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 24 मई से बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि अप्रैल और मई के प्री-मानसून महीनों में आमतौर पर पूर्वी और साथ ही पश्चिमी तट पर चक्रवात बनते हैं।
पत्रकारों पर काल बनकर टूटा कोरोना का कहर, पूरे देश में 300 से ज्यादा मीडियाकर्मी गंवा चुके अपनी जान
नई दिल्ली। पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर ने अपना रौद्र रूप धारण कर रखा है, हालांकि पिछले तीन दिनों में कोरोना के नए मामलों में कमी देखने को मिली है, लेकिन मौत के आंकड़ों में कोई गिरावट दर्ज नहीं हो रही है। इस बीच पहली लहर के बाद इस संक्रमण का सबसे ज्यादा बुरा असर पत्रकारों पर पड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कई जाने-माने पत्रकारों सहित 300 से अधिक मीडियाकर्मियों ने अपनी जिंदगी खोई हैं।
पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान बड़ी संख्या में फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और पुलिस कर्मियों की जान गई थी, जिसके बाद देश में शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान में सबसे पहले उन्हें प्राथमिकता देते हुए टीका लगाया गया था। वहीं अब दूसरी लहर में अपनी फ्रंटलाइन वर्कर्स का ग्राफ पहले की तुलना में काफी कम है, लेकिन इस बार की दूसरी लहर ने पत्रकारों पर जमकर अपना कहर बरपाया है।
कोरोना की दूसरी लहर से कई वरिष्ठ पत्रकारों के साथ-साथ भारत के कई जिलों, कस्बों और गांवों में काम करने वाले पत्रकारों ने भी अपनी जिंदगी खोई है। दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2020 से 16 मई 2021 तक कुल 238 पत्रकारों की मौत हुई है, ये ऐसे मामले हैं जिनकी पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा संस्थान में 82 अन्य नाम हैं, जिनका सत्यापन होना बाकी है।
रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से दिसंबर 2020 तक महामारी की पहली लहर ने 56 पत्रकारों की जान ले ली थी। इसकी तुलना में दूसरी लहर ने 1 अप्रैल 2021 से 16 मई 2021 के बीच 171 पत्रकारों की जान ले ली है। बाकी 11 पत्रकारों की मौत जनवरी से अप्रैल के बीच में हुई हैं। इंस्टिट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज ने उन सभी पत्रकारों को इस लिस्ट में शामिल किया है, जो फील्ड में न्यूज कवर करने या ऑफिस में काम करने के दौरान संक्रमित होने के बाद मौत के मुंह में गए हैं। इनमें मीडिया संस्थानों के पत्रकार, स्ट्रिंगर, फ्रीलांसर, फोटो जर्नलिस्ट और सिटीजन जर्नलिस्ट शामिल हैं।
वहीं एक अन्य नेटवर्क ऑफ वीमेन इन मीडिया, इंडिया ने भी कहा है कि कोविड -19 के कारण लगभग 300 पत्रकारों की मौत हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक तेलंगाना में 39 पत्रकारों की मौत हुई है, जो राज्यों में सबसे ज्यादा है। उत्तर भारत में सबसे अधिक संख्या 37 पत्रकारों की संक्रमण से मृत्यु हो गई है। इसके बाद दिल्ली में 30, महाराष्ट्र में 24, ओडिशा में 26, मध्य प्रदेश में 19 पत्रकारों की मौत हुई है। इनमें वे 82 मौतें शामिल नहीं हैं, जिनकी पुष्टि होनी बाकी है। कोरोना से मरने वाले पत्रकारों में से लगभग 55 प्रतिशत पत्रकार प्रिंट मीडिया से, 25 प्रतिशत टीवी और डिजिटल मीडिया से और 19 प्रतिशत स्वतंत्र पत्रकार हैं।
कोरोना संक्रमित के ससुराल पहुंचने पर मोहल्लेवासियों ने जताया एतराज। मोहल्लेवासियों के स्वास्थ्य विभाग में शिकायत को संपर्क करने पर लौटा।
बिजनौर। नजीबाबाद में कोरोना पॉजिटिव एक युवक अपने आवास पर बैरिकेटिंग लगाए जाने के बावजूद समीप के मोहल्ले में स्थित अपनी ससुराल पहुंच गया। मोहल्लेवासियों के विरोध करने पर युवक व उसके ससुरालीजन लोगों से अभद्र व्यवहार करने लगे। इसकी शिकायत मोहल्लेवासियों ने स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन से की।
नजीबाबाद नगर के मोहल्ला कटरा चेतराम निवासी युवक जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया। इसके बाद विभाग की ओर से उसके उसके आवास पर बैरिकैटिंग लगा दी गयी। इस सबके बावजूद कोरोना संक्रमित युवक अपने घर से समीप के मोहल्ला टकसाल स्थित अपनी ससुराल में रहने पहुंच गया। जानकारी होने पर ससुराल वाले मकान में रहने वाले अन्य किराएदारों ने युवक से उसके घर लौट जाने को कहा। बताया जाता है कि इस पर कोरोना संक्रमित युवक व उसके ससुरालीजन मोहल्लेवासियों से ही अभद्र व्यवहार पर उतारू हो गए। मोहल्लेवासियों ने कोरोना संक्रमित युवक के अपने घर से ससुराल में रहने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग में संपर्क कर की। हालांकि रात्रि भर युवक अपनी ससुराल में ही रहा। मोहल्लेवासियों के अनुसार मंगलवार को ससुराल आया कोरोना संक्रमित युवक बुधवार की दोपहर तक वहीं डटा रहा। वहीं कटरा चेतराम के मोहल्लेवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोरोना संक्रमित युवक के परिजन भी दिन भर इधर-उधर घूमते फिर रहे हैं। घर में ही रहने को कहने पर वह लोग झगड़ा करने पर उतारू हो रहे हैं।
उधर बुधवार की शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्ला कटरा चेतराम स्थित कोरोना संक्रमित युवक के आवास पर पहुंचकर उस व उसके परिजनों को घर में ही रहने की हिदायत दी। बताया गया है कि युवक के लापरवाही वाले व्यवहार के चलते उसके संपर्क में आने वाले उसके परिजनों तथा सभी ससुरालीजनों की भी कोविड-19 जांच कराई जाएगी।
लखनऊ। हापुड़ नगर के एक प्लाजा में कोविड-19 के चलते लाकडाउन के बावजूद कॉकटेल पार्टी कर रहे लोगों पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही की है। पुलिस ने होटल मालिक सहित 10 पत्रकार व कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित आरके प्लाज़ा में रविवार रात एक बीजेपी नेता ने कोविड महामारी के नियमों को ताक पर रखकर पत्रकारों को कॉकटेल पार्टी के लिए निमंत्रण दिया था। इस पार्टी से संबंधित वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर घूमते रहे।
पुलिस ने बताया कि यह आयोजन सुयांश वशिष्ठ ने किया था। होटल मालिक अजय कंसल हैं। महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग कानून लागू होने के बावजूद होटल में आयोजन कैसे करवा दिया गया।पुलिस ने होटल मालिक अजय कंसल व 10 पत्रकारों व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। इस मामले में बीजेपी नेता सुयांश वशिष्ठ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपो को निराधार बताते हुए साजिश के तहत फ़ंसाए जाने का जवाबी आरोप लगाया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अध्यक्ष शक्ति ठाकुर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। कोरोना महामारी में पार्टी करना व कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करना गलत है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर कार्यवाही न कर कार्यक्रम का आयोजन करने वाले व होटल मालिक पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना देकर बुलाया गया था। हापुड़ एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि कोरोना महामारी में पार्टी करने वाले लोगों पर कार्यवाही की जाएगी। मामले की पुलिस जांच कर रही है। निर्दोष लोगों पर कार्यवाही नहीं होगी। कोविड-19 महामारी नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगो को चिन्हित कर पुलिस कार्यवाही करेगी।
लखनऊ। कोरोना संक्रमण के जोखिम के बीच सम्पन्न चुनाव में ग्राम प्रधान, जिला पंचायत और ब्लॉक के सदस्य चुन लिए गए। योगी सरकार अब निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ नहीं दिला रही है। बहाना कोविड संक्रमण का फैलाव है। जानकारों का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सफलता न मिलने की वजह से भाजपा संगठन के कहने पर सरकार अभी न तो जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव चाहती है न ही निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाने में कोई जल्दबाजी। भाजपा अभी समीकरण दुरुस्त करने में जुटी है। जब उसे विश्वास हो जाएगा कि उसके कम से कम 60 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे तब वह एक साथ दोनों काम करेगी। निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह और जिला पंचायत अध्यक्षों का निर्वाचन।
20 से 25 जिलों में भाजपा का बहुमत यूपी के 75 जिलों में से सिर्फ 20 से 25 जिले ही ऐसे हैं जहां भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों का बहुमत है। यहां भाजपा अध्यक्ष बन सकते हैं, जबकि 50 जिलों में निर्दलीयों और सपा का बहुमत है। भाजपा की मंशा कम से कम 60 से 65 जिलों में अपना जिला अध्यक्ष बनवाना है। यही हाल ब्लॉक प्रमुखों का भी है। भाजपा अभी आधे से कम ब्लॉक प्रमुख अपने बूते बना पाने की स्थिति में है। इसलिए जिलों में भाजपा सांसदों और विधायकों को समीकरण सही करने में जुटाया गया है। बागियों और निर्दलीयों को मनाया जा रहा है। उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। अपने पाले में लाने के लिए हर जतन किए जा रहे हैं।
…तो अध्यक्ष बनने के लिए चुकाने होंगे 23 करोड़ पंचायत अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ में सभी दल जुटे हैं। इस चुनाव में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कहा तो यह भी जा रहा है कि एक वोट की कीमत इस बार एक करोड़ तक जा सकती है। जिला पंचायत सदस्य यानी डीडीसी को अध्यक्ष पद के दावेदार 50 लाख से लेकर एक करोड़ तक का ऑफर कर रहे हैं। इसी तरह ब्लॉक प्रमुख के लिए एक वोट की कीमत तीन से पांच लाख आंकी गयी है। 2015 में सपा की सरकार में 62 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपाई थे। तब जिला पंचायत सदस्यों को एक वोट के बदले एक स्कॉर्पियो देने की चर्चा आम थी। लेकिन इस साल यह रेट बढ़ गया है। अमूमन एक जिले में कम से कम 45 डीडीसी हैं। अध्यक्ष बनने के लिए इस तरह कम से कम 23 सदस्यों का वोट चाहिए। एक करोड़ का गणित मानें तो एक अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 23 करोड़ की कीमत चुकानी होगी।
तत्काल चुनाव कराने की बाध्यता नहीं निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 12 जनवरी और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल 21 मार्च को समाप्त हुआ था। बाद में सरकार ने इन पदों पर प्रशासक नियुक्ति कर दिया था। इसके बाद अब जिपं के लिए 12 जुलाई और ब्लॉक प्रमुख के लिए 21 सितंबर तक चुनाव करा लेना जरूरी होगा।
निर्वाचित सदस्यों में अकुलाहट शपथ ग्रहण न होने से नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में अकुलाहट है। जोखिम में चुनाव लड़कर जीत जाने के बाद भी अभी वे विधिवत प्रतिनिधि नहीं बने हैं। इसलिए जिलों में इन्हें अधिकारी समुचित सम्मान नहीं दे रहे हैं। पंचायतों के पास खूब फंड है ग्राम प्रधान इसका इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं।
कालागढ़ की आवासीय कालोनी में जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री की किट सौंपती उपनिरीक्षक प्रीति कर्णवाल
थाने में लोग जमा कर रहे आटा चावल तेल मसाले। मिशन हौसला के तहत स्थापित कम्युनिटी बास्केट।
कालागढ़। पुलिस द्वारा संचालित मिशन हौसला के तहत जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री की किट वितरित कर कोरोना संक्रमण से बचाव सम्बन्धी उपाय बताकर जागरूक किया जा रहा है।
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के निर्देश तथा एसएसपी कु. रेणुका देवी के निर्देशन में पुलिस द्वारा “मिशन हौसला” संचालित किया जा रहा है। मिशन के तहत रोजमर्रा की जरूरत के लिए जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। जनसहयोग से आवश्यक सामग्री एकत्र करने के लिए दानदाता दे जाए तथा जिसको जरूरत है, ले जाए, उद्देश्य के चलते थाना परिसर में कम्युनिटी बास्केट स्थापित की गई है। यहां लोग लगातार आटा, चावल, तेल, मसाले, साबुन तथा सब्जी जमा कर रहे हैं।थानाध्यक्ष उमेश कुमार ने कहा कि जरूरतमंदों को चिन्हित करके लगातार किट वितरित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 50 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को राशन किट तथा मास्क व सैनिटाईजर उपलब्ध कराये जा चुके हैं।
एसडीएम की जांच में खुलासा: गोदाम से गायब हो गए खाद के 350 कट्टे। षडय़ंत्र के तहत खाद बेचने को लेकर किसानों ने किया हंगामा। अहमदपुर सादात साधन सहकारी समिति पर किसानों ने किया हंगामा।
बिजनौर। साधन सहकारी समिति अहमदपुर सादात में घोटाला और किसानों के हंगामे की सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी नजीबाबाद ने खाद के स्टाक में 350 कट्टे कम पाए। एसडीएम ने समिति के गोदाम इंचार्ज को पुलिस की हिरासत में सौंपते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब सवा नौ बजे उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा को सूचना मिली कि साधन सहकारी समिति अहमदपुर सादात पर षडय़ंत्र के तहत खाद के कट्टे बेच दिए जाने को लेकर क्षेत्रीय किसान हंगामा कर रहे हैं। इस पर एसडीएम मौके पर पहुंच गए और समिति के स्टाक रजिस्टर से मिलान कर गोदाम के स्टाक की जांच की। उन्होंने पाया कि गोदाम में 550 के स्थान पर मात्र दो सौ कट्टे ही रखे हुए हैं। स्टाक में खाद के 350 कट्टे कम पाए गए। एसडीएम ने समिति के खाद गोदाम प्रभारी लिपिक सुधीर कुमार पुत्र किशन लाल से खाद के 350 कट्टे कम पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा। बताया जा रहा है कि सुधीर कुमार की ओर से गलती होना भी स्वीकार किया गया। समिति के एमडी नंद किशोर, सभापति जोगिन्दर सिंह तथा पदाधिकारी कुंवरपाल सिंह ने बताया कि साधन सहकारी समिति के मुख्य गेट की चाबी चौकीदार वीरेश कुमार पुत्र घनश्याम सिंह तथा गोदाम की चाबी खाद गोदाम प्रभारी लिपिक सुधीर कुमार पुत्र किशनलाल के पास रहती है। सोमवार की शाम साढ़े पांच बजे समिति कार्यालय को बंद कराए जाने तक गोदाम में 550 कट्टे खाद रखा हुआ था, जिसे मंगलवार को किसानों को वितरित किया जाना था, जबकि सुबह गोदाम में मात्र 200 कट्टे खाद ही मिला। एसडीएम ने आरोपी सुधीर कुमार को पुलिस के हवाले कर दिया और गोदाम को सील करने तथा इस मामले में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। समिति के पदाधिकरियों की ओर से पुलिस को मामले में तहरीर दी गयी है। पुलिस साधन सहकारी समिति से लिपिक सुधीर कुमार तथा चौकीदार वीरेश कुमार को थाने ले गयी। उधर थाना प्रभारी नगीना देहात उदय प्रताप सिंह ने बताया कि अभी मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है। विभागीय मामले में उच्च अधिकारियों की जांच व आरोप सिद्ध होने के बाद मुकदमा दर्ज किया जा सकेगा।
मलिहाबाद,लखनऊ। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गांव में गठित निगरानी समिति के सदस्य घर घर जाकर संक्रमित परिवारों की व्यवस्था देख रहे हैं। मंगलवार को ग्राम पंचायतों में बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा के निर्देशन में कार्य किया गया। निगरानी समितियों द्वारा गांवों में भ्रमण कर लोगों से संपर्क कर लक्षण युक्त लोगों को चिह्नित करना, टेस्टिंग कराना, मेडिकल किट उपलब्ध कराना, वैक्सीनेशन तथा कोविड प्रोटोकॉल अनुपालन के लिए जागरूक करना, साथ ही साफ सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद रखना इत्यादि महत्त्वपूर्ण कार्य निगरानी समिति द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे हैं, ताकि गाँवों में संक्रमण फैलने न पाए और संक्रमित व्यक्तियों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकें। बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। पंचायत सचिवों के द्वारा नियमित बैठक कर सर्वे कार्य कराए जा रहे हैं।
नबीनगर, बदौरा, मुजासा, कटौली, कसमण्डी कला सहित सभी गांवो में सर्विलांस कार्य पंचायत सचिव और आशा बहू द्वारा संपादित किये जा रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत कसमण्डी कला में पहुँचकर बीडीओ ने ग्रामीणों से बात कर कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ ही निगरानी समिति को जरूरी दिशा निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों से साफ सफाई और सेनेटाइजेशन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा निश्चित अंतराल पर उपरोक्त कार्य होने के लिए आश्वस्त भी किया।
एक करोड़ रुपए का एक वोट: पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जोड़-तोड़, अब तक के सबसे महंगे होंगे चुनाव, पार्टियों ने शुरू की निगरानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों में निर्दलियों के दबदबे के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों के चुनाव बेहद मंहगे होने की संभावना है। जिलों में जीते सदस्यों के बीच ‘वोट के बदले नोट’ की चर्चा शुरू हो गई है। छोटे जिलों में भी जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए प्रति जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) 50 लाख से एक करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है।
प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय सदस्यों का समर्थन निर्णायक है। ब्लाक प्रमुख के लिए प्रति वोट औसतन 3 लाख रुपए ‘रेट’ बताया जा रहा है। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद से ही राजनीतिक दलों ने अपने जिला पंचायत सदस्यों की पहरेदारी शुरू कर दी है।
जानकार कहते हैं कि ‘पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के निर्वाचन में पैसे देकर वोट खरीदने की परंपरा है। इसको सरकार का हस्तक्षेप भी नहीं रोक पाएगा। इसीलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीवार ही उतारा जाता है। जिला पंचायत के जरिए होने वाले विकास कार्यों में अध्यक्ष, छह प्रतिशत या इससे अधिक ‘कट-मनी’ लेता है, लेकिन अध्यक्ष पद का चुनाव प्रतिष्ठा का अधिक है। यदि दो मजबूत धनी दावेदार होते हैं तो रेट बढ़ता जाता है। ठीक नीलामी की बोली की तरह। पंचायत में यह पंरपरा भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा कारण है।’ दूसरी ओर, डीडीसी में सपा से पिछड़ने के बाद भाजपा प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा जिलों में अपना अध्यक्ष निर्वाचित करा कर बेहतर संदेश देना चाहती है।
2015 में सपा सरकार के दौर में 62 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पर पर कब्जा किया था। भाजपा, सपा के आंकड़े से आगे निकलना चाहती है। सत्तारूढ़ दल के सांसद व विधायक चाहते है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव जल्दी से जल्दी हो जाएं। देर होने पर सदस्यों की कीमतें बढ़ती जाएंगी।
गिफ्ट में स्कोर्पियो और बुलेरो का ऑफर
डीडीसी के परिणाम आने के साथ ही अध्यक्ष पद के दावेदारों ने कोशिशें शुरू कर दी है। कुछ जिलों में भावी उम्मीदवारों ने डीडीसी को शुरुआती गिफ्ट में स्कॉर्पियो व बुलेरो जैसी गाड़ियां देने की पेशकश की है। प्रतिष्ठा के प्रतीक इन चुनाव में बेहिसाब खर्च पर कोरोना की महामारी का भी कोई असर नहीं है। यदि किसी जिले में 45 डीडीसी सदस्य हैं, तो अध्यक्ष बनने के लिए 23 सदस्यों का समर्थन चाहिए। प्रति डीडीसी एक करोड़ के हिसाब से 23 करोड़ का खर्च हो सकता है। यह मौजूदा प्रत्याशियों की क्षमता के मुताबिक घट-बढ़ भी सकता है।
तत्काल चुनाव कराने की बाध्यता नहीं– निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 12 जनवरी और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल 21 मार्च को समाप्त हुआ था। बाद में सरकार ने इन पदों पर प्रशासक नियुक्ति कर दिया था। इसलिए अब जिपं के लिए 12 जुलाई और ब्लॉक प्रमुख के लिए 21 सितंबर तक चुनाव करा लेना जरूरी होगा।
बिजनौर। कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के दौरान भी उचक्के सक्रिय हैं। एक युवती तथा युवक से उनके मोबाइल लूट कर उचक्के फरार हो गए। दोनों पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी है।
कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के बावजूद बदमाशों की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। दवा लेकर लौट रही युवती समता से उचक्कों ने सीकेआई चौराहे के समीप मोबाइल लूट लिया। युवती के अनुसार उसके एंड्रायड मोबाइल की कीमत साढ़े 12 हजार रुपए है। उधर गुरुद्वारे के समीप अख्तर से बाइक सवार दो उचक्कों ने मोबाइल लूट लिया। घटना के वक़्त मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा था। अख्तर के मुताबिक उसके एंड्रायड मोबाइल की कीमत दस हजार रुपए है। दोनों पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दे ढ़ि है। अभी तक पुलिस मोबाइल लूटने वालों को पकडऩे में कामयाब नहीं हो सकी है।
लखनऊ। कुछ शराराती तत्वों ने इंटरनेट मीडिया पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटर तथा हाईस्कूल परीक्षा 2021 का फर्जी कार्यक्रम वायरल कर दिया। इसमें पांच जून से परीक्षा कार्यक्रम को देखकर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के होश उड़ गए। इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने इसका खंडन करने के साथ ही इसको वायरल करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने सीबीएसई और आइसीएससी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। इसके बाद बोर्ड कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद जुलाई के पहले हफ्ते तक इंटर की परीक्षा कराने की योजना बना रही है।
इसी बीच सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर परीक्षा कार्यक्रम वायरल हो गया। मैसेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021 को पांच से 25 जून के मध्य में सम्पन्न कराने का संदेश है। इसके साथ ही इसमें निर्देश है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान मे रखते हुए परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा-2021 की कोई समय सारिणी नहीं जारी हुई है। वायरल शेड्यूल पूरी तरह से फर्जी है।
यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी है। यह नितांत ही गलत कृत्य है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया है कि इस फर्जी कार्यक्रम का संज्ञान न लें, इनकी अनदेखी करें। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। इस तरह की फर्जी सूचना प्रसारित करने वालों पर शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई भी होगी।
मलिहाबाद, लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण का कार्यक्रम किया गया।
सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव एवं श्रीमती पुष्पा यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद के अमानीगंज में सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई। आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जब संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।
फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, राहुल यादव, सुरेंद्र यादव, शशिकांत यादव, दीपक, पूर्व प्रधान वसी अहमद व अन्य लोग उपस्थित रहे ।
समाजसेवी फहीम अख्तर ने की मांग, ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं ई-रिक्शा
बिजनौर। समाजसेवी फहीम अख्तर उर्फ राजा ने प्रशासन से मांग की है कि गरीब रिक्शा वालों की समस्याओं को देखते हुए। ई-रिक्शा को पूरी तरीके से बंद ना करके ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं। फहीम का कहना है कि गरीब रिक्शा चालक रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। कोरोना महामारी से हर कोई परेशान है। इस बार इस महामारी से मरने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। परंतु गरीब कि रोजी रोटी का साधन उसे छीन लिया जाता है तो उसके परिवार और वह महामारी से ना मार कर भुखमरी से मर जाएगा। ई-रिक्शा बंद होने से उन लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिनके पास या तो इलाज के पैसे हैं या फिर एंबुलेंस का किराया देने के, यदि ऐसे लोग एंबुलेंस में अपने मरीजों को हॉस्पिटल तक ले जाते हैं तो एक हजार से 15 सौ रुपए किराया उनको देना पड़ता है, जबकि ई रिक्शा में ले जाने पर मात्र 50 रुपए ही किराया देना पड़ता है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों को बड़ी राहत देते हुए उनको मासिक भत्ता देने की घोषणा की है। इस भत्ते से गरीबों को काफी हद तक राहत मिलेगी। परंतु यह भत्ता परिवार के पालन पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है और देखा जाए तो अभी यह सिर्फ घोषणा की गई है। गरीबों के खाते तक इस भत्ते को पहुंचने के लिए अभी 10 से 15 दिन का समय लगेगा। ऐसे में 10 से 15 दिन रोजमर्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में यदि ई रिक्शा को ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलने की परमिशन मिल जाती है। गरीब रिक्शा वालों को अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए पर्याप्त रकम मिल जाएगी। प्रशासन को गरीब रिक्शा वालों के परिवार वालों के बारे में सोच कर कोई उचित समाधान निकालना चाहिए।
वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)
पोस्टमास्टर जनरल की पहल : प्रधान डाकघर वाराणसी कैंट में डाककर्मियों का हुआ वैक्सिनेशन
वाराणसी। कोरोना को हराना है तो मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड वाश के साथ-साथ वैक्सिनेशन भी जरूरी है। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव की पहल पर वाराणसी कैंट स्थित प्रधान डाकघर में 17 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के डाककर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई।
वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा डाक सेवाओं को आवश्यक सेवाओं की सूची में रखा गया है,अतः डाकघर नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना वॉरियर्स के रूप में पोस्टमैन व ग्रामीण डाक सेवक डाक बाँटने के लिए नियमित रूप से क्षेत्र में जा रहे हैं, वहीं काउंटर पर भी स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल बुकिंग के अलावा बचत बैंक, बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, आधार जैसी तमाम सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इससे पूर्व भी 15 व 16 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्वेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का वैक्सिनेशन किया जा चुका है।
चंदक पीएचसी पर तैनात महिला बीपीसीएम की मौत के चार दिन बाद हुई अधिकारिक पुष्टि
बिजनौर। जनपद में रविवार को 57 नए कोरोना संक्रमित मिले, वहीं 414 के ठीक होने की राहत भरी खबर भी है। सक्रिय केस इस समय 2240 हैं। वहीं दूसरी ओर चार दिन पूर्व विभाग में तैनात संक्रमित महिला बीपीसीएम की मौत की रविवार को पुष्टि भी की गई है।
जनपद बिजनौर में रविवार को 1926 टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 57 को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम ने बताया, कि सभी को नियमानुसार आइसोलेशन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बीती 12 मई को मेडिकल कालोनी बिजनौर निवासी चंदक पीएचसी पर तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर बबीता सैनी (40 वर्ष) की मृत्यु की पुष्टि की। बबीता 11 मई को हुई जांच में कोरोना संक्रमित निकली थी और 12 मई की रात को घर पर ही उसकी दु:खद मृत्यु हो गई। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती हीमपुर बुजुर्ग निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति तथा सीएचसी हल्दौर से यहां रेफर चांदपुर क्षेत्र की ही एक 76 वर्षीय महिला की मृत्यु होने की भी जानकारी मिली, लेकिन अधिकारियों ने पोर्टल पर इसकी जानकारी न होने से अनभिज्ञता जताई है।
लखनऊ। कोतवाली मलिहाबाद क्षेत्र के कनार गांव निवासी दो युवकों की मोटरसाइकिल मे पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी। एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शाम को सडक पर शव रखकर लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी पीडित परिवारों को 10 लाख रू0 मुआवजा,जमीन एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिये जाने के साथ ही हादसे के बाद भागे वाहन एवं चालक को पकडकर कठोर कार्यवाही की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे एसडीएम मलिहाबाद अजय कुमार राय ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया एवं दोनों शवों का अन्तिम संस्कार कराया। करीब ढाई घण्टे बाद आवागमन शुरू हो सका। मलिहाबाद के कनार गांव निवासी किसान गुलजारी रावत का बेटा इन्द्रजीत रावत (30) अपने पडोसी महेन्द्र रावत के बेटे श्याम (25) व इनके परिवार के ही प्रदीप के साथ शनिवार देर रात स्पलेंडर मोटरसाइकिल से खालिसपुर गांव से वापस घर लौट रहा था। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक मोटीनीम चौराहे पर स्थित शराब के ठेके के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक के अगले हिस्से मे जोरदार ठोकर मार दी। जिससे गाडी पर बैठे इन्द्रजीत व श्याम उछल कर सडक पर जा गिरे और सन्दीप फुटपाथ पर गिरा। इस हादसे मे इन्द्रजीत और श्याम की मौके पर ही मौत हो गयी। प्रदीप के भी चोटें आयी है। उसको ईलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद कार सवार मौके से भाग निकला। मौके पर पहुंची काकोरी व मलिहाबाद माल तीनो पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने रविवार करीब 2:30 बजे कनार गांव के सामने स्थित लखनऊ- हरदोई राजमार्ग पर शवों को रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर मलिहाबाद मालवा काकोरी तीनों थानो की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे इन्सपेक्टर मलिहाबाद चिरंजीव मोहन ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतकों के परिवार को दस-दस लाख रूपये मुआवजा, एक- एक बीघा जमीन एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये। मौके पर पहुंचे एसडीएम अजय कुमार राय के आश्वासन के बाद ग्रामीण शान्त हुये और शवों का अन्तिम संस्कार किया गया।
नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने की कवायद। गंगा के साथ ही सहायक नदियों में भी होगी पेट्रोलिंग।
बिजनौर। नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने के लिए रविवार को भी पीएसी के जवानों ने गंगा में पेट्रोलिंग की। वहीं गंगा के साथ ही उसकी सहायक नदियों में भी पुलिस बल रिवर पेट्रोलिंग करेगा। दूसरी ओर गंगा किनारे बसे ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। निर्धनों के अंतिम संस्कार के खर्च का जिम्मा अब ग्राम पंचायत और निकाय उठाएंगे।
नदियों में शवों को बहाने से रोकने के अभियान के तहत रविवार को लगातार दूसरे दिन पीएसी के जवानों ने मोटर बोट से गंगा में पेट्रोलिंग की। बालावाली से लेकर जलीलपुर तक पुलिस बल लगातार गंगा में निगरानी करता रहा। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने आदेश जारी किया है कि सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि उसकी सहायक नदियों पर भी निगाह रखी जाए। जिले में बहने वाली मालन, खोह और राम गंगा नदी के तटों पर भी कड़ी निगरानी की जाए। इन सभी नदियों में भी पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके अलावा सहायक नदियों के किनारे बसे ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है पुलिस गांव-गांव जाकर यह बता रही है कि पैसे के अभाव में कोई भी सबको नदी में प्रवाहित न करें। अगर किसी को अंतिम संस्कार में आर्थिक दिक्कत आ रही है तो सरकार के खर्च पर विधि विधान से अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
जिले में रिवर पेट्रोलिंग की शुरुआत शनिवार को एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह की अगुवाई में बिजनौर बैराज से कराई गई थी। विदित हो कि प्रदेश भर में कई स्थानों पर नदियों में शवों के बहा दिए जाने की सूचनाएं मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते गंगा के किनारे बसे जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है।
कालाबाजारी की सूचना पर पकड़े 38 ऑक्सीजन सिलेण्डर! पुलिस ने की बैट्री निर्माता के यहां से बरामदगी
बिजनौर। नजीबाबाद में एक ओर ऑक्सीजन गैस प्लांट को शुरू कराने के लिए सामाजिक संगठन और राजनैतिक लोग प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने एक बैट्री निर्माता के यहां दर्जनों ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर पकड़े। इस मामले में पुलिस ने अपने स्तर से सिलेंडर रखने सम्बन्धित किसी प्रकार की अनुमति नहीं होने की बात कही है। रविवार को गोविन्द नगर कालोनी में एक बैट्री निर्माता के यहां पर पुलिस ने छापामारी की। पुलिस को एक वाहन से करीब 38 ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर मिले। बताया जा रहा है कि पुलिस को छानबीन के दौरान 11 सिलेन्डर मकान के अंदर से बरामद हुए। उक्त मामले में काफी संख्या में नगर के नामचीन लोग बैट्री निर्माता के बचाव में उतरकर पैरवी करने में जुट गए। बाद में एक बैट्री निर्माता की ओर से बचाव में बताया गया कि उक्त सिलेण्डर गुरुद्वारे की ओर से जरूरतमंदो के लिए लाए गए थे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जनहित में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की अनुमति होनी जरूरी है, लेकिन उपजिलाधिकारी ने किसी भी प्रकार की अनुमति अपने स्तर से न दिए जाने अथवा अपने संज्ञान में न होने की बात कही है। छापामारी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी के अनुसार मामा बैट्री वाले के घर में 11 ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर थे और बाकी वाहन में थे, जो मौके पर मिले। पुलिस को ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी की सूचना मिली थी, जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की।
किसी संस्था ने नहीं ली अनुमति: एसडीएम
इस मामले में उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने कहा कि पुलिस की ओर से छापा मारकर गोविन्द नगर कॉलोनी में काफी संख्या में ऑक्सीजन सिलेन्डर पकड़े जाने का मामला संज्ञान में आया है। बताया जा रहा है कि उक्त सिलेण्डर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराने के लिए मंगाए गए थे, जबकि इसके लिए किसी संस्था की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गयी है।
बेतकल्लुफ होकर घूमते लोग। सोशल डिस्टेंसिंग तार तार। लॉक डाउन में नहीं दिखता पहले जैसा नजारा।
बिजनौर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाया गया लॉकडाउन विफल साबित हो रहा है। पिछली बार की तरह इस बार कई स्थानों पर पुलिस पिकेट न होने और बल्लियां न लगी होने के चलते लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग तो तार तार हो ही रही है। लगभग पूरे जनपद का यही हाल है।
विदित हो कि विगत वर्ष कोरोना संक्रमण के दौरान एक भी केस आने पर उस क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया जाता था। बाजार किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दिया जाता था। बाजार के मुख्य प्रवेश मार्गों पर बल्लियां लगाकर पुलिस तैनात कर दी जाती थी। लोग वहां से गुजरने में भी झिझकते थे। मुख्य सडक़ें ही नहीं, गली मोहल्ले भी वीरान से नजर आते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा। सब जगह रौनक है। लॉकडाउन लगा होने के बावजूद लोग बाजारों में बेखौफ घूम रहे हैं। दुकानदार भी अपना कारोबार कर रहे हैं। कोई दुकान के अंदर से व्यापार कर रहा है तो कुछ खुलेआम सुबह-शाम दुकान खोल रहा है। लॉकडाउन का असर कहीं दिखाई ही नहीं दे रहा। लोग सुबह और शाम बेखौफ होकर बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। वहीं इससे सबसे अधिक प्रभावित मध्यम वर्ग के लोग हो रहे हैं। किराना परचून, शराब, फल-सब्जी की दुकान बाजारों में ही नहीं बल्कि मोहल्लों में भी खुल रही हैं।
रविवार को पुलिस दिखी कुछ सख्त- बिजनौर। जिला मुख्यालय पर रविवार को पुलिस कुछ सख्त नजर आई। शक्ति चौक पर चारों तरफ से आने जाने वाले वाहन चालकों को रोक कर कारण पूछा गया। लॉक डाउन के दौरान सडक़ पर निकलने का जो सही कारण नहीं बता सके, उन्हें हिदायत दी गई। वहीं कुछ के चालान भी काटे गए। चौपहिया, दुपहिया वाहनों के अलावा पैदल गुजरने वालों से भी पूछताछ की गई। कई वाहन चालक दूर से ही पुलिस को देख या तो वापस मुड़ लिए या फिर समीप की गलियों में घुस गए।
गौकशी करते तीन पकड़े जाने की रही क्षेत्र में चर्चा।
पुलिस ने भैंस के मीट के साथ दो का किया चालान।
बिजनौर। नजीबाबाद पुलिस ने दो युवकों को 20 किलो भैंस के मीट के साथ गिरफ्तार कर चालान किए जाने का प्रेस नोट जारी किया है। साथ ही तीसरा आरोपी को/ फरार हो जाना बताया है। वहीं क्षेत्र में गौकशी करते तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की चर्चा जोरों पर बनी रही। कोतवाली थाना नजीबाबाद पुलिस ने शनिवार को जारी किए गए प्रेस नोट में बताया है कि शुक्रवार की शाम दरोगा विजय यादव अपनी टीम के साथ लाकडाउन चैकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस टीम को ग्राम हर्षवाड़ा स्थित एक मदरसे के पास तीन युवक हाथ में कट्टे ले जाते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और घूमने का कारण पूछा। पूछताछ व तलाशी लेने पर दो युवकों के पास से 30 किलो भैंस का मीट, औजार, चाकू आदि बरामद हुए। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम आकिब पुत्र यूसूफ काला और रिजवान पुत्र सरफराज बताए। उन्होंने बताया कि गुरुवार की रात्रि में उन्होंने एक भैंस काटी थी, जिसमें से कुछ मीट बेच दिया गया था। शेष मीट को खेत में छुपा कर रखा गया था। उसे लेकर वे लोग बेचने के लिए जा रहे थे। उधर शुक्रवार को दिन भर क्षेत्र में चर्चा बनी रही कि पुलिस ने तीन लोगों को हर्षवाड़ा क्षेत्र से गौकशी करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनमें एक क्षेत्र के नामचीन और रसूखदार व्यक्ति का पुत्र है। अब क्या कहें चर्चा तो आखिर चर्चा ही है। बहरहाल पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को भैंस के मांस के साथ गिरफ्तार किए जाने और उनके एक साथी के फरार हो जाने का प्रेस नोट जारी कर देने से साफ हो गया कि क्षेत्र में गौकशी नहीं की गयी और पुलिस ने भी रंगेहाथ गौकशी करते तीन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आकिब व रिजवान का चालान दिया है। वहीं तीसरा आरोपी आजाद पुत्र जाहिद पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पुलिस के मुताबिक भैस के अवशेष भी नष्ट किए गए हैं। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में भी अब बस यही चर्चा है कि तो यह गौकशी का मामला नहीं था, भैस के मांस के साथ दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया था। साथ ही यह भी चर्चा रही कि एक तेज तर्रार उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबिल होने के बावजूद दो दिनों में भी फरार आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस की उक्त कार्रवाई में उपनिरीक्षक विजय यादव के साथ कांस्टेबिल रविन्द्र कुमार, कांस्टेबिल मान सिंह. कांस्टेबिल ईशू पवार व कांस्टेबिल योगेश कुमार के साथ होने की बात पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में भी है।
‘योग’ सम्पूर्ण मानव जाति को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन करने का एक ऐसा उपाय है, जिससे व्यक्ति आजीवन स्वस्थ रहते हुए अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करता है। हमारे देश के महान योग ऋषि पंतजलि ने अपने विवेक और आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर योग को आठ भागों में विभाजित किया है। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। उनके अनुसार इन आठ नियमों का पालन करने वाला मनुष्य ही एक सम्पूर्ण योगी होता है। वस्तुत: देखा जाये तो भिन्न-भिन्न व्यक्तियों, संतों, ऋषियों ने अपने ज्ञान और प्राचीन ग्रंथों के आधार पर योग शब्द की भिन्न-भिन्न व्याख्याएं की हैं, जिन पर फिर कभी मंथन या चिंतन करेंगे। इस वक्त सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो इसी विषय को पूर्व की भांति आगे बढ़ाते हुए आज हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये योग के दो अन्य प्राणायाम 1. सूर्यांग प्राणायाम और 2. चन्द्राग प्राणायाम पर चर्चा करेंगे। इन प्राणायामों का अभ्यास करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता हैं। साथ ही शरीर के मुख्य अंग जैसे हृदय, मस्तिष्क, फेफड़ों, लीवर, किडनी, आंतों और आमाश्य को शक्ति मिलती है।
सूर्यांग प्राणायाम
1. सूर्यांग प्राणायाम– किसी भी ध्यानात्मक आसन से सीधे बैठ जायें। पहले श्वांस को सामान्य करें फिर दाहिने हाथ की मध्यमा व अनामिका अंगुलियों से बाईं नासिका को बंद करके दाहिनी नासिका से श्वांस भरकर दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करके बाईं नासिका से निकाल दें। बार-बार इस क्रिया को करें। ध्यान रहे श्वास हमेशा दाहिनी नासिका से लेना है और बायीं नासिका से छोडऩा है। 2 से 3 मिनट अभ्यास करें।
चंद्राग प्राणायाम
2. चंद्राग प्राणायाम- पूर्व की भांति ध्यानात्मक आसन में बैठ जायें। यह सूर्यांग का विपरीत प्राणायाम है अर्थात इस प्राणायाम में दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करके बाईं नासिका से श्वांस भरकर मध्यमा व अनामिका अंगुलियों से बाईं नासिका को बंद करके हमेशा दाहिनी नासिका से बाहर निकालना है। बार-बार इस क्रिया को करें। ध्यान रहे श्वांस हमेशा बाईं नासिका से लेना है व दाहिनी नासिका से छोडऩा है। 2 से 3 मिनट अभ्यास करें।
अब चलते हैं खानपान की तरफ। यदि योग के साथ-साथ एक रोग प्रतिरोधक आहार भी लिया जाये तो सोने पर सुहागा वाली कहावत सिद्ध होती है। कोरोना संक्रमण से हमें बचाने व संक्रमित होने की स्थिति में विटामिन ‘सी’ जिंक और विटामिन ‘डी’ का सेवन हमारे बहुत काम आता है।
विटामिन ‘सी’ से सम्पन्न फल नींबू, मौसमी, संतरा, ब्रोकली, कीवी, पपीता, आंवला, स्ट्रावरी, अमरूद, अन्नास, मिर्च, अंकुरित मूंग आदि।
‘जिंक’ से सम्पन्न खाद्य पदार्थमशरूम, तिल, पालक, मसूर दाल, चने, काजू, शतावर, सोयाबीन आदि।
विटामिन ‘डी’ से सम्पन्न खाद्य पदार्थसभी डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, पनीर आदि।
नोट: यदि पाठकगण किसी भी प्रकार की जीर्ण, साध्य या फिर कोई ऐसी बीमारी से पीडि़त हैं, जिसका इलाज करते-कराते आप थक चुके हैं और आपने उसको असाध्य मान लिया है। कैसा भी, कितना भी पुराना (स्त्री/पुरुष) रोग हो नीचे दिये नम्बर पर व्हाटसअप या ईमेल करें। आपको आपकी बीमारी का सटीक, स्थाई व शीघ्र प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार बताया जाएगा।
वी. प्रकाश तनोट वैदिक योग चिकित्सक (पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र) संपर्क-6395575501
बिजनौर। स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार भूदेव कौशिक का शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारों में शोक व्याप्त हो गया। श्री कौशिक (68 वर्ष) पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे तथा वर्तमान में उनका उपचार एक निजी हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र कमल कौशिक ने बताया कि पिछले काफी समय से बीमार होने के बाद वह ठीक हो गए थे किंतु दो दिन से फिर से तबियत खराब हुई तो उन्हें एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। भूदेव कौशिक के निधन से स्थानीय पत्रकारों में शोक व्याप्त हो गया। सोशल मीडिया ग्रुपों में उन्हें श्रद्धाजंलि देने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं उनके निवास पर भी तमाम लोगों ने पहुंचकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। स्व. कौशिक एक जिंदादिल व नेक इंसान थे। पत्रकारिता में उनका काफी लंबा अनुभव रहा है। वह लखनऊ, दिल्ली के कई समाचार पत्रों में जिला संवाददाता रहे, वहीं उन्होंने अपना एक दैनिक समाचार पत्र भी शुरू किया था, जिसे उन्हें आर्थिक अभाव में बंद करना पड़ा था।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के पूर्व जिला महामंत्री एवं ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने उनके निधन को पत्रकारिता जगत के लिये अपूर्णीय क्षति बताया। शोक संदेश में कहा कि उन्होंने न सिर्फ एक बड़े भाई बल्कि अभिभावक को खोया है। उनकी कमी सदा महसूस होगी।
लखनऊ। कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए 1000 रुपए भरण पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसी के साथ प्रदेश में कक्षा 9 से 12 वीं और विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं 20 मई से शुरू की जाएंगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को हुई वर्चुअल कैबिनेट बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई की सुबह 7 बजे तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में 30 अप्रैल से कर्फ्यू लागू है। शुरू में इसे 3 मई तक लागू रहना था, लेकिन बाद में इसकी अवधि 6 मई तक बढ़ा दी गई थी। बाद में इसे और विस्तार देते हुए 10 मई तक कर दिया गया था और बढ़ाकर 17 मई किया गया। यूपी में आंशिक कोरोना कर्फ्यू का असर यह हुआ कि कोरोना के सक्रिय मामलों में 60 हजार की कमी आ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार 18 से 44 साल के लोगों का कोविड वैक्सीनशन कराने के लिए तेजी से काम कर रही है।
लखनऊ। कोरोना संक्रमण या अन्य किसी कारण से मौत होने पर, शव का अंतिम संस्कार करने के लिए, ग्राम प्रधान द्वारा तत्काल 5000 रुपए उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश के अपर प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने आदेश जारी किए हैं।
लखनऊ। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कोविड-19 से संक्रमित या किसी अन्य कारण से मृत्यु होने पर शवों की अंत्येष्टि के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।
कहा गया है कि शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि कोविड-19 से संक्रमित या किसी अन्य कारण से मृत्यु होने पर शवों को पारम्परिक रीति से अंतिम संस्कार के स्थान पर नदियों में बहा दिया जा रहा है। फलतः नदियों में कई जगह शव प्राप्त हुए हैं।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक निर्धन व निराश्रित परिवारों में मृत्यु होने पर अंत्येष्टि हेतु राज्य वित्त आयोग से धनराशि रू. 5,000/- शासनादेश संख्या 1075 / 33-1-2020-3003 / 2017 दिनांक 02.06.2020 निर्गत किया गया है। इसी प्रकार शासनादेश संख्या- यू. ओ. 23 / 33-3-2021- यू.ओ. 23 / 2021 दिनांक 29.04.2021 द्वारा भी यह निर्देश प्रसारित किए गए हैं कि कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर अंतिम किया के लिए तत्काल धनराशि रु.5,000/- प्रदान किया जाए। यदि इस प्रकार से कोविड संक्रमण से मृत्यु जिसमें परिवारजन अंतिम संस्कार में सहयोग न कर पा रहे हों तों, ग्राम पंचायत उक्त रू.5,000/- की धनराशि का उपयोग शवों के दाह संस्कार पर करेगी। इस सम्बन्ध में नगर विकास विभाग द्वारा भी शासनादेश संख्या- 536 / 9-7/ 2021 27 (ज) / 2014 टी.सी.-1 दिनांक 07.05.2021 द्वारा कोविड-19 से संक्रमण के कारण मृत्यु की दशा में शवों के निस्तारण हेतु रू.5,000/- व्यय करने हेतु नगरीय निकायों को अधिकृत किया गया है।
प्राप्त सूचना के अनुसार शवों का उचित अंतिम संस्कार के स्थान पर जल में प्रवाहित करने के निम्न कारण इंगित किए जा गए हैं- (A) अंतिम संस्कार हेतु धन का अभाव (लकड़ी व अन्य व्यवस्था न होना) (B) पंथ / परम्परा। (C) कोविड-19 के शव को संक्रमण के भय से लावारिस छोड़ देना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से निर्धन परिवारों में एवं कोविड-19 में मृत्यु की दशा में शवों के अंतिम संस्कार हेतु जब पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है तो धन का अभाव कारण नहीं बनता कि शवों का अंतिम संस्कार करने के स्थान पर नदियों में प्रवाहित किया जाय। पंथ व परम्परा के प्रकरण में भी संबंधित को शव के जल प्रवाह से होने वाले कुप्रभाव को समझाते हुए इन शवों की अंत्येष्टि की जानी चाहिए। किसी भी दशा में शव किसी नदी में प्रवाहित नहीं किया जाना चाहिए। कोविड-19 से अगर किसी की मृत्यु होती है तो कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही उन शवों का अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए ।
पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों में नव निर्वाचित ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि शासन द्वारा अंतिम संस्कार के लिए अनुमन्य धनराशि का पूर्ण उपयोग हो एवं किसी भी दशा में शव नदी में प्रवाहित न किए जाए। इस सम्बन्ध में क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों का भी सहयोग लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाय कि जल स्रोतों / नदियों में शव प्रवाहित न हों, उनका उचित तरीके से अंत्येष्टि की जाए।
जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि पंचायतीराज विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जल स्रोत / नदी में शव प्रवाहित न किया जाए। जिलाधिकारी उपरोक्त तीनों शासनादेशों में अनुमन्य कराई गई धनराशि के व्यय का नियमित अनुश्रवण करें तथा इसकी सूचना निदेशक, पंचायतीराज उ०प्र० को प्रति सप्ताह उपलब्ध कराएं। जनपदों को पर्याप्त धनराशि इस हेतु उपलब्ध कराई गई है तो जिलाधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि उनके जनपद में उचित तरीके से शव का अंतिम संस्कार हो, जल में प्रवाहित न किया जाए।
बिजनौर। यूपी एजुकेशन मिनिस्ट्रियल आफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महामंत्री व कर्मचारियों के हित में अग्रणी भूमिका निभाने वाले होमेश चौधरी का कल रात कोरोना से निधन हो गया है। वह पिछले एक सप्ताह से जॉली ग्रांट देहरादून में भर्ती थे। धामपुर निवासी होमेश चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेशीय संरक्षक एवं क्रीड़ा भारती के जनपदीय अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा इसे कर्मचारी संगठनों के गहरा आघात बताया गया है। शिक्षा विभाग में कार्यरत होमेश चौधरी का नाम एक ईमानदार कर्मचारी के रूप में विख्यात था। अन्य कर्मचारी संगठनों द्वारा भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करनेऔर परिवार को दु:ख वहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। होमेश चौधरी के निधन पर जनपद के कर्मचारी शिक्षक संगठनों द्वारा दु:ख व्यक्त करते हुए संगठनों की बहुत बड़ी क्षति बताया है। श्रद्धांजलि देने हुए राकेश शर्मा, टीकम सिंह सेंगर अशोक यादव, क्रांति शर्मा, नरेंद्र कुमार, गजेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र मलिक, चन्द्र हास सिंह, दिनेश त्यागी, चौधरी गिरिराज सिंह, टीकेश चौधरी आदि द्वारा गहरा दु:ख व्यक्त किया गया और इसे कर्मचारी व शिक्षकों के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
खुशखबरी: कोरोना की दूसरी लहर पर लगा ब्रेक! लॉकडाऊन और सख्त प्रतिबंधों से कोरोना की दूसरी लहर पर लगा ब्रेक! आने लगी संक्रमण दर में कमी।
नई दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ने लगी है। केंद्र सरकार ने शनिवार को राहत भरी खबर दी कि देश में कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से कम हो रही है। वहीं सरकार ने चेतावनी दी है कि ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस से बचने की जरूरत है।
इसके कारण कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति स्थिर हो रही है। हम यह भी सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे कि कोरोना वायरस का तांडव आगे और स्थिर हो और संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की जाए। मंत्रालय के मुताबिक, पिछले सात दिन में (8 से 14 मई) के बीच 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 22 राज्यों में नए मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में नए कोरोना मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इनमें से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए मरीजों में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में पिछले सात दिनों में नए मामलों में 39 फीसदी की गिरावट आई। छत्तीसगढ़ में 31 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 29 फीसदी, बिहार में 27 फीसदी, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में 21 फीसदी और झारखंड 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में शुक्रवार से सक्रिय मामलों में कमी आ रही है, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्यों में लगे सख्त प्रतिबंधों और लॉकडाऊन के कारण संक्रमण दर में कमी आने लगी है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि ब्लैक फंसग की रोकथाम के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मधुमेह को नियंत्रित करें क्योंकि इससे मृत्यु दर का जोखिम बढ़ जाता है। यह तब अधिक होता है जब कोविड मरीजों को स्टेरॉयड दिए जा रहे हों। स्टेरॉयड को जिम्मेदारी से दिया जाना चाहिए। ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और कई राज्यों में 400 से 500 केस सामने आ चुके हैं।डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इस बीमारी से कैसे लड़ना है इसके बारे में अभी हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। ये एक उभरती हुई समस्या है और ICMR ने डेटा एकत्र करना शुरू कर दिया है। हमने राज्यों से इस पर नजर रखने को भी कहा है।
लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण का कार्यक्रम चलाया गया।
सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद लखनऊ, पश्चिम सरोजनी नगर और काकोरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई।
आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जो संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।
फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, पुष्पा यादव, शालू यादव, सूर्यांश यादव, उज्जवल यादव, पूर्व पार्षद प्रत्याशी जीशान सफीक, राहुल यादव व अन्य लोग उपस्थित रहे ।
फल व सब्जी थोक मंडी में नहीं किसी को कोरोना संक्रमण का डर। -मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी कारोबारी कर रहे कोविड गाइड लाइन की अनदेखी।
बिजनौर। कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद परिसर स्थित थोक फल व सब्जी मंडी में लोग कोरोना संक्रमण के खतरे से बेपरवाह होकर जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। उपजिलाधिकारी की ओर से मंडी में नौ बजे तक ही कारोबार करने तथा भीड़ न लगने देने व मास्क का प्रयोग अवश्य करने के निर्देश के मंडी समिति सचिव को दिए जाने का भी कोई असर होता दिखायी नहीं दे रहा है। शनिवार को नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी मंडी में पहुंची भीड़ को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि देश में वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर लोग गंभीर हैं।
मास्क टांग कर करते हैं अहसान-फल व सब्जी मंडी में जमा भीड़ के बीच अधिकांश लोग बिना मास्क लगाए हुए दिखाई दिए और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना तो दूर की बात थी यदि मास्क था भी तो उन्होंने नाक व मुंह की बजाय जेब में रखा हुआ था या फिर पुलिस व प्रसाशन की कार्रवाई से बचने के लिए सिर्फ अपने कानों पर टांग रखा था। ऐसा लगता है कि सरकारों की ओर से बेशक देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की जा रही हो परंतु लोग हैं कि मानते ही नहीं। उधर उपजिलाधिकारी परमानंद झा का इस मामले में कहना है कि मंडी समिति सचिव को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व भीड़ पर अंकुश लगाने के लिए लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मंडी में सुबह छह बजे से नौ बजे तक ही कारोबार करने के निर्देश का पालन न किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रशासन के दावे हवा-हवाई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से हरकत में आया प्रशासन। उपजिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंच दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
बिजनौर। नजीबाबाद नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोविड मरीजों के लिए बनाए गए एल-2 अस्पताल में प्रशासन की ओर से आवश्यक सुविधाओं, ऑक्सीजन की और दवाइयों की उपलब्धता के किए गए दावों की पोल एक वायरल वीडियो में खुलकर सामने आयी। इस कारण प्रशासन की ओर से किए गए दावे हवा-हवाई दिखायी दिए। उपजिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंच कर स्वयं स्थिति को देखने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विगत दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर को कोविड मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से एल-2 श्रेणी में 30 बैड का अस्पताल घोषित किया गया था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उक्त अस्पताल पर मरीजों को ऑक्सीजन, दवाएं व बेहतर सुविधा मुहैया कराए जाने के दावे किए थे, जबकि वायरल हुयी एक वीडियो में जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आयी है। इसमें बताया गया कि नजीबाबाद के समीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर न ही चिकित्सक मौजूद हैं न ही मरीजों का इलाज करने के लिए कोई बेहतर सुविधा ही। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने चिकित्सा व्यवस्थाओं और सिस्टम की सारी पोल खोलकर रख दी। इसमें पूरे अस्पताल में घूम कर मरीजों के हाल और बिना चिकित्सक के पूरे अस्पताल में बेहाल मरीजों की दशा को दिखाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार और सरकारी सिस्टम की हकीकत और दावों के बींच अंतर साफ देखा जा सकता है। मरीजों ने भी बताया कि सुबह से अस्पताल में कोई चिकित्सक ही नहीं पहुंचा है। मरीजों का इलाज करना तो दूर उनका हाल पूछने भी कोई नहीं आया। अभी हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात डा. सर्वेश निराला के कार्यो की प्रशंसा भी की गयी थी। उनके बारे में मरीजों की भी राय थी कि वे दिन रात मरीजों की सेवा में जुटे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल पहुंचे उपजिलाधिकारी ने समस्त स्टाफ की जमकर क्लास ली और कमियों को तत्काल दूर कर मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। उपजिलाधिकारी परमानंद झा का कहना है कि वीडियो वायरल होने का मामला सामने आने पर संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाए जाने के समय चिकित्सक अस्पताल में ही दूसरे हिस्से में थे। हालांकि समस्त स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तीमारदारों को भी कोविड मरीजों से दूर रहने को कहा गया है। तीमारदारों को किट उपलब्ध करायी जा रही है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई सुबह 07 बजे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके दृष्टिगत इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा, निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 3 माह के लिए प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं तथा 2 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार, प्रति यूनिट 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग 01 करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। विज्ञापन
कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए। आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा को छोड़कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।
रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं पिछली बार की तरह पसरा है सन्नाटा
बिजनौर (आसिफ अली)। लॉकडाउन के चलते रोडवेज पर बसें तो खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं है। ईद उल फितर के त्योहार के मौके पर रोडवेज पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती थी। बसें खचाखच भर कर चलती थीं, लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण बसें तो रोडवेज पर खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं हैं। रोडवेज को भी कोविड-19 के कारण काफी घाटा हो रहा है।रोडवेज पर ऐसे जरूरतमंद लोग भी घूमते हैं जो यात्रियों से मांग कर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। कुछ लोग बसों में अपना सामान बेचकर परिवार चलाते हैं। यह लोग भी मायूस हैं क्योंकि इस बार भी ईद के मौके पर रोडवेज पर यात्री ही नहीं हैं। विदित हो कि पिछली ईद पर भी लॉक डाउन लगा हुआ था और रोडवेज पर इसी तरह का हाल था, यानी यह दूसरी ईद है जब रोडवेज पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। इस लॉकडाउन ने जरूरतमंदों की कमर तोड़ कर रख दी है। उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है। ई-रिक्शा चलाने वाले भी अपनी रोजी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्हें भी सवारी नहीं मिल रही और पुलिस का डर भी उन्हें सताता है। कोविड-19 के चलते इस वर्ष भी ईद का त्योहार फीका रहा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन किया। लोग ईदगाह में नमाज अदा करने नहीं पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही रहकर ईद की नमाज अदा की। पुलिस ईदगाह,मस्जिदों पर सुबह से ही तैनाती रही।
बिजनौर। जिला अस्पताल में स्थापित L-2 कोविड केयर फैसिलिटी में सीसीटीवी कैमरे के द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका लिंक कचहरी स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में भी दे दिया गया है ताकि पूरी व्यवस्था का अवलोकन करने में आसानी हो।
इसमें मरीजों का इलाज, अस्पताल तथा वार्डों की साफ-सफाई, सही टाइम से खाना दिया जाना, ऑक्सीजन सप्लाई आदि की सुचारू रूप से मॉनिटरिंग शामिल है। उपरोक्त फोटोज आज शनिवार की हैं, जिनसे मरीजों की देखभाल, साफ सफाई तथा ऑक्सीजन सप्लाई सही ढंग से होना स्पष्ट है।
बिजनौर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल पर “Medical Oxygen for All” संस्थान द्वारा 10 वेंटीलेटर (नॉन इनवेसिव वेंटीलेटर) उपलब्ध/डोनेट कराए गए। जिलाधिकारी रमाकांत पांडे, मुख्य विकास अधिकारी महोदय केपी सिंह और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा इन सभी उपकरणों को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके निगम को हैंड ओवर किए गए। इनका इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्र के कोरोना ग्रसित लोगों को, जो मुरादाबाद या मेरठ जाने में समर्थ नहीं हैं और/अथवा जिन मरीजों का इलाज तुरंत करवाया जाना है, के लिए किया जाएगा।
Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। इन दलों को पांचों राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। उधर, आईएमडी ने यह भी कहा है कि 17 मई को तौकते के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है। इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान तौकते में तब्दील होने की संभावना है। रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16 से 19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा। हवा की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि लक्षद्वीप में 15 मई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होगी। केरल में गुरुवार रात से ही हो रही लगातार बारिश– केरल के विभिन्न इलाकों में गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किए हैं। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक गुरुवार रात को खोल दिए गए। लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है। अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गए। तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में गुरुवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं। भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है। एनडीआरएफ ने पांच राज्यों के लिए 53 दल तैयार किए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात तौकते से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में इन दलों को तैनात किया जा रहा है। इन 53 दलों में से 24 दलों को पहले ही तैनात कर दिया गया है, जबकि शेष को तैयार रहने को कहा गया है। आईएमडी ने बताया कि यह तूफान 18 मई की शाम तक गुजरात तट के नजदीक पहुंच सकता है। इस चक्रवात को तौकते नाम म्यांमार ने दिया है। यह भारतीय तट पर इस साल पहला चक्रवाती तूफान होगा।
महाराष्ट्र के रायगढ़ तट पर लौटीं 142 नौकाएं मुंबई और कोंकण क्षेत्र में चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी के बीच मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं तट पर लौट आईं। रायगढ़ के मत्स्य पालन विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश भारती ने बताया कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम संबंधी परामर्श के बाद विभाग ने मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी थी। अलीबाग, मुरुद और उरण तालुक से मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं शुक्रवार सुबह तट पर लौट आईं। आईएमडी ने कहा कि रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सोमवार को बारिश होगी। रायगढ़ में शनिवार को तेज हवा चलने के साथ बारिश का अनुमान है।
शामली। लॉक डाउन के बावजूद शटर गिरा कर दुकानदारी करने के आरोप में मशहूर बंसल रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान सील कर दी गई।
लॉकडाउन के चलते जिलाधिकारी द्वारा कुछ दुकानों को खोलने की छूट दी गई है, लेकिन ईद के चलते कुछ दुकानदार ग्राहकों को सामान बेचने में जुटे रहे। इसी क्रम में सूचना के आधार पर एसडीएम सदर व सीओ सदर को सूचना मिली कि एमएसके रोड पर स्थित बंसल रेडिमेड गारमेंट्स की दुकान का शटर बंद है, लेकिन दुकान के अंदर कई ग्राहक मौजूद हैं। सूचना पर अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
बाथरूम में बंद थे ग्राहक- अधिकारियों द्वारा माइक से दुकानदार को शटर खोलने के लिए कहा गया। 2 घंटे बीतने के बाद भी अंदर से कोई जवाब ना मिलने पर दुकान का ताला तोड़ा गया। अंदर जाकर देखा तो सभी ग्राहकों को बाथरूम में बंद किया हुआ था। अधिकारियों द्वारा दंडात्मक कार्यवाही करते हुए अतुल बंसल और कपिल बंसल का धारा 151 में चालान काटने के साथ ही 188/269/270 महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर दुकान को सील कर दिया गया।
साभार-C24न्यूज़ ब्यूरो टीम & iNDiA अलर्ट सिटीजन राईटर्स टीम अलीशा कुरेशी
बिजनौर। 14 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्रामीण अंचलों में प्रचलित बाल विवाह रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी रमाकान्त पांडेय ने सभी उपजिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बाल विवाह न करने दिया जाय। यदि बाल विवाह की शिकायत आती है तो तत्काल कार्रवाई करें।
डीएम ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर या उसके आसपास सामूहिक बाल विवाह सम्पन्न किये जाने की कुप्रथा चल रही है। वर्ष 2021 में अक्षय तृतीया का पर्व 14 मई को पड़ रहा है। इस दिन बाल विवाह पर प्रतिबंध होने के बावजूद बाल विवाह किये जाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बाल विवाह के रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाये गए हैं। निदेशालय महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ की ओर से वैश्विक महामारी के इस अत्यंत महत्वपूर्ण दौर में महामारी तथा बाल विवाह की कुरीति दोनों की रोकथाम के निर्देश दिये गये हैं।
जिलाधिकारी ने कहा है कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने हेतु विशेष सजगता एवं सर्तकता के साथ आवश्यक सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। इस सम्बंध में प्रभावी कदम उठाने तथा किसी भी दशा में विवाह न होने देने का संकल्प आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पुलिस का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए इसकी सूचना 181 महिला हेल्प लाइन एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 112 आकस्मिक सेवा, नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दी जा सकती है। यदि कोई बाल विवाह करता है तो तत्काल सूचित करें, ताकि बाल विवाह को रोका जा सके और सम्बन्धित के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा सके।
लखनऊ। लॉक डाउन के दौरान हुक्का बार पर हजरतगंज पुलिस की रात 1 बजे छापेमारी। राजभवन के सामने एम्परर कैफे पर छापेमारी। लॉक डाउन में भी रात को चोरी छिपे चल रहा था हुक्का बार। पुलिस ने हुक्का पीते 16 आरोपियों को किया गिरफ्तार। भारी मात्रा में हुक्के, फ्लेवर और लग्जरी कारें बरामद।
शराब एसोसिएशन ने चलाया शराब की दुकानों पर जागरूकता अभियान
लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने कोविड-19 का पालन करने के लिए तथा आबकारी विभाग के सहयोग व ग्राहकों की सुरक्षा का अभियान चलाया। नि:शुल्क मास्क तथा शराब की दुकानों पर मास्क नहीं तो शराब नहीं, बगैर मास्क शराब की दुकानों पर प्रवेश नहीं का स्टीकर तथा पोस्टर लगाकर जागरूक किया गया।
एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया आज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हुसैनगंज, लाल कुआं, हजरतगंज, नरही, लालबाग, आशियाना, केशव नगर, चारबाग तथा सहारागंज में शराब की दुकानों पर स्टिकर और बैनर लगाकर 2 गज की दूरी , मास्क है जरूरी की अपील की । मौर्य ने बंद पड़ी शराब की दुकानें खोलने के लिए आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।
● जागरूकता अभियान में शराब एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, विकास श्रीवास्तव, नीरज जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जायसवाल कोषाध्यक्ष, कुमार जयसवाल, शुभम मौर्या, संजय जायसवाल तथा मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
नजीबाबाद में ऑक्सीजन प्लांट चलवाने की मांग। भाजपा नेत्री लीना सिंघल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मांग। ड्रग इंस्पेक्टर पर लगाया लिक्विड ऑक्सीजन आपूर्ति रोकने का आरोप।
बिजनौर। नजीबाबाद में एक मई से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरु कराए जाने के लिए भाजपा नेत्री लीना सिंघल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर पर उक्त प्लांट की लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकवाने का भी आरोप लगाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रांतीय पार्षद, पूर्व क्षेत्रीय मंत्री, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्व क्षेत्रीय प्रभारी बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर जनपद बिजनौर के नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के सिकन्दरपुर बसी में स्थित गोयल इंडस्ट्रियल गैस प्लांट को पुन: संचालित कराए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जनपद बिजनौर में ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति एक नजीबाबाद तथा दूसरा हल्दौर में स्थापित केवल दो प्लांट से की जा रही थी। महामारी के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निरंतर जनता की सुविधा के लिए ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंन्संट्रेटर आदि की आपूर्ति लगातार बढ़ायी जा रही है तथा निरंतर सप्लाई भी की जा रही है। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के सिकन्दरपुर बसी गांव में स्थापित गोयल इंडस्ट्रियल गैस प्लांट में एक मई से लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर की ओर से रोक दी गयी है, जिसके चलते उक्त प्लांट में मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बन्द हो गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के मार्गदर्शन तथा कंट्रोल में 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नजीबाबाद क्षेत्र के 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर, पूजा हॉस्पिटल, आजाद हॉस्पिटल, संसार हॉस्पिटल आदि अस्पतालों में तथा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को प्रतिदिन ऑक्सीजन दी जा रही थी। इसकी अनुमति उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के स्तर पर कराए जाने के दौरान प्रतिदिन 24 घण्टे दो पुलिस वालों की उपस्थिति में आपूर्ति की जा रही थी। साथ ही एसडीएम प्रतिदिन प्लांट का निरीक्षण करते रहे हैं। जबकि 30 अप्रैल के बाद से ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर ने उक्त प्लांट के लिए लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक दी, जिससे उपरोक्त प्लांट से प्रतिदिन मिलने वाली 400 सिलेंडर ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति बाधित हो गयी। उक्त प्लांट से जीवनदायिनी ऑक्सीजन का उत्पादन पुन: शुरु कराए जाने से पूरे क्षेत्र की जनता के लिए इस महामारी के दौर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित कर उक्त प्लांट को लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति कराए जाने तथा किसी सक्षम अधिकारी की देखरेख में पुन: ऑक्सीजन उत्पादन कराए जाने की मांग की है। उधर नजीबाबाद बार एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपकर सिकन्दरपुर बसी स्थित ऑक्सीजन गैस प्लान्ट शुरू कराने की मांग की गयी है। ज्ञापन सौंपने वालो में अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, सचिव फहीम अहमद एड, इंतजार अहमद एड, आसिफ हुसैन आदि मौजूद रहे।
बार्डर पर भीड़ की शक्ल में एकत्रित हो रहे लोग-दोनों प्रदेशों की सीमा तक ही संचालित हो रही बसें-सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की उड़ रही धज्जियां
बिजनौर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर कोटा वाली नदी के किनारे तक ही दोनों राज्यों के परिवहन निगम की रोडवेज बसें संचालित होने से लोगों की भीड़ जमा हो रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों को प्रदेश की सीमाओं के अंदर ही चलाने का निर्देश दिया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के दूर-दराज के डिपो की बसें भी राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर कोटावाली नदी के पार उत्तराखंड प्रदेश की सीमा तक ही संचालित की जा रही हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन निगम की काफी संख्या में बसें भी इसी सीमा तक के लिए संचालित की जा रही हैं। हालांकि उत्तराखंड परिवहन निगम की उत्तराखंड के मसूरी, देहरादून, रूडक़ी, हरिद्वार आदि से आकर उत्तराखंड के जसपुर, काशीपुर, रामनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, कोटद्वार, बाजपुर, पिथौरागढ़ आदि के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर होकर नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नगीना, धामपुर, अफजलगढ़ व रेहड़ से होकर संचालित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की ओर से अंतर्राज्जीय बसों के परिचालन को बंद कर दिए जाने के चलते काफी संख्या में यात्री उत्तराखंड सीमा तक ही उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों में सफर कर पहुंच रहे हैं। इस वजह से दोनों राज्यों की रोडवेज बसें यात्रियों को अपने-अपने राज्य की सीमा में उतार देती हैं, जिससे भागूवाला के पास कोटा वाली नदी पर लॉकडाउन लगा होने के बावजूद सवारियों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। इस भीड़ में शामिल काफी संख्या में लोग सरकार की ओर से जारी दो गज की दूरी और मास्क जरूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कोरोना के संक्रमण का खतरा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस भीड़ में शामिल लोगों की ओर से सरकार की गाइडलाइन का पालन न किए जाने से नदी किनारे बसे कोटा वाली गांव के ग्रामीणों को कोरोना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोनों राज्यों की पुलिस से बसों से यहां पहुंचने वाले लोगों से सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराए जाने की मांग की है।
बेवजह वाहन लेकर सडक़ों पर निकलने वालों पर दिखायी सख्ती।
बिजनौर। कोरोना संक्रमण का प्रभाव ईद उल फितर पर इस बार भी साफ दिखायी दे रहा है। सडक़ों पर ईद के त्योहार के मुताबिक पूर्व के वर्षों की तरह भीड़ नहीं है। रोजोना की तरह निर्धारित समय पर किराना, दूध, फल सब्जी व मेडिकल सुविधाओं को छोड़ कर बाजार बन्द रहे। लोगों में पुलिस का भी डर साफ दिखायी दिया।
गुरुवार को सुबह लगभग नौ बजे तक बाजारों में भीड़ देखकर लग रहा था कि ईद की खरीददारी करने के लिए लोग निकल पड़े हैं। हालांकि दस बजे के बाद पुलिस ने वाहन लेकर सडक़ों पर निकलने वालों पर पैनी नजर रखी। पुलिस की सख्ती होती देख फिर से बाजार में सन्नाटा पसर गया। विगत वर्षों में ईद से एक दिन पहले बाजार में खरीददारी को लेकर काफी चहल-पहल दिखायी देती थी। कोरोना संक्रमण के कारण सरकार की ओर से कोरोना कर्फ्यू लागू होने के चलते बाजार बंद है और लोगों से निरंतर घरो में रहने की अपील की जा रही है। ईद के मौके पर मस्जिदों के बजाय घर पर ही रहकर नमाज अदा करने की हिदायत दी जा रही है। अधिकांश स्थानों पर फुटवियर, रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानें बन्द रहीं परंतु कुछ दुकानदारों ने शटर गिराकर अन्दर से या पिछले दरवाजे से बिक्री की। कई स्थानों पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए डंडे भी फटकारे। इस बार भी विगत वर्ष की तरह ही ब्यूटी पार्लर बंद रहे। इससे महिलाओं को निराशा हाथ लगी। व्यापारियों का कहना है कि फुटवियर, रेडिमेड कपड़े का कारोबार बुरी तरह से मंदे की मार झेल रहा है। कुछ लोगों ने ईद को सादगी से मनाने का निर्णय लिया और नए कपड़े और जूते आदि की खरीददारी भी नहीं की।
उत्तराखंड में आवागमन को घंटों बसें रोककर बनवा रहे ई-पास बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते रोजी-रोटी के जुगाड़ में लगे लोग बसों में सवार होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में कारोबार के लिए आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आवश्यक ई-पास को बनवाने के लिए बसों के चालक-परिचालक घंटों बसों को भागूवाला क्षेत्र में रोककर यात्रियों के ई-पास बनवाने में लगे हुए हैं। इसके चलते क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। लॉकडाउन के दौर में भी लोग अपनी रोजी रोटी को लेकर परेशान हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मजदूर पेशा लोग उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में चल रही फैक्ट्रियों में कामकाज के सिलसिले में उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम व उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमण की अधिक दर वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ डिपो, सीतापुर डिपो, चारबाग डिपो आदि की बसों में सवार होकर उत्तराखंड में पहुंचने के लिए आ रहे हैं। तहसील के भागूवाला क्षेत्र में कई लोगों ने ई-पास जारी करने का धंधा शुरु किया हुआ है। जहां यात्रियों से एक ई-पास बनवाने के लिए 80 से लेकर एक सौ रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के कई डिपो के चालक व परिचालक भी यात्रियों के ई-पास बनवाने के लिए अपनी बसों को ई-पास बनाने वालों के स्थान पर ले जाकर घंटों खड़ा कर देते हैं। बसों से यहां पहुंचने वाले यात्री सामान आदि की खरीददारी के लिए इधर-उधर क्षेत्र में घूमते रहते हैं। साथ ही बस चालक-परिचालक बसों को रास्ते में खाने की व्यवस्था के लिए चोरी-छिपे संचालित होटलों पर भी रोक रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ई-पास बनाने वालों तथा होटल संचालित करने वालों ने बसों के चालकों व परिचालकों से सांठगांठ की हुयी है। इसके चलते चालक-परिचालक बसों को घंटों उनके यहां लाकर खड़ा कर देते हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों पुष्पेंद्र, सत्यम, रईस, शहजाद, मुकेश आर्य, मुकेश राजपूत का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने गांवों तक दस्तक दे दी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के अधिक मामलों वाले प्रदेश की राजधानी लखनऊ आदि क्षेत्रों से आने वाले लोगों का क्षेत्र में इस तरह व घंटों खुलेआम घूमने से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ावा देने वाला मान जा रहा है। उन्होंने बाहर से आने वाली बसों को क्षेत्र में न रोके जाने की मांग की है।
गुमशुदा की तलाश के बाद जागे बिजनौर सांसद मलूक नागर।
बिजनौर की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को भेजे पत्र।
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज के बाद याद आया अपना संसदीय क्षेत्र।
सूचना गुमशुदा की तलाश, आदरणीय मलूक नागर जी बिजनौर लोकसभा सांसद वापस आ जाएं। हम आपसे कोई सवाल नहीं करेंगे, ना ही ऑक्सीजन का और सोशल मीडिया, ना ही किसी भी अन्य मदद का। मलूक जी आप बिजनौर का रास्ता भूल गए पर रास्ता बताना मेरा फर्ज़ है। नोएडा से आते टाइम पहले गाजियाबाद आएगा, उसके बाद मेरठ आएगा, फिर उसके बाद आपका अपना बिजनौर लोकसभा क्षेत्र आ जाएगा।“मैसेज के अंत में लिखा है… खास बात-कोई समर्थक ज्यादा ज्ञान ना दें, आपकी अति कृपा होगी।”
बिजनौर। गुमशुदा की तलाश शीर्षक से सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सांसद मलूक नागर अचानक जाग गए हैं। वहीं बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के दौर में सांसद व्यक्तिगत रूप से व्यस्त होने के कारण अपने संसदीय क्षेत्र का ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
बिजनौर सांसद मलूक नागर ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्रचिन्ह लगा दिया है। सांसद के लिए वायरल मैसेज को उनके संज्ञान में लाए जाने पर वह सक्रिय हो गए। आनन-फानन में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि सीएमओ बिजनौर का व्यवहार जनता के खराब है। सीएमओ कार्यालय में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी कोरोना संक्रमितों के स्वजनों से बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद ने क्षेत्र से मिल रही लगातार शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री और डीएम को पत्र भेजकर व्यवस्था में सुधार लाए जाने को कहा है। उनका आरोप है कि सीएमओ एवं अन्य अधिकारी क्षेत्र के प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, पालिका सभासदों, जिला पंचायत सदस्यों एवं सभी राजनीतिक पार्टियों के लोगों से बात करना मुनासिब नहीं समझते। उनका कहना है कि एल-टू अस्पतालों में रखे वेंटीलेटर अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। इस कारण गंभीर रूप से संक्रमितों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि सीएमओ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि अन्य अन्य अधिकारियों के लिए नजीर बन सके। सांसद ने कहा कि गरीब दलित, अकलियत समाज के लोगों और असरदार लोगों में कोरोना के इलाज के बीच भेदभाव न किया जाए। सांसद ने डीएम से अपने संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभा क्षेत्रों में अब तक कोरोना से हुई मौतों की जानकारी मांगी है, ताकि वह निजी स्तर से असहाय परिवारों की मदद कर सकें।
गौरतलब है कि वायरल मैसेज मे व्यंग्य के तौर पर सांसद मलूक नागर के लापता होने की बात लिखी जा रही है। कहते हैं कि कि जनता अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मुश्किल समय में मदद की उम्मीद रखती है, लेकिन बाहरी नेता चुनाव जीतते ही जनता से बहुत दूर हो जाते हैं। इसका जीता जागता प्रमाण यह है कि चुनाव जीतने के बाद सांसद जी ने अपने लोकसभा क्षेत्र की सुध भी नहीं ली। उन्हें वोट देने वाले समस्याओंं के समाधान को परेशान हाल घूमते रहे, संपर्क की कोशिश में लगे रहे, वहीं खास बात यह रही कि सांसद जी किसी के हाथ नहीं आए।
बिल्ली के भाग्य से छींका फूटा! यह बात अलग है कि बुधवार को प्रदेश शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल करते हुए सीएमओ डा. विजय कुमार यादव को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय सोनभद्र व सीएमएस डा. ज्ञान चंद्र को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय बांदा के पद पर स्थानांतरित कर दिया। साथ ही अन्य जिलों में भी फेरबदल हुआ है। अब इन तबादलों का श्रेय लेने की होड़ मच गई है। कई नेता, पत्रकार आदि अपनी पीठ थप-थपाने लगे हैं।
लखनऊ। मलिहाबाद से निर्मल वर्मा ने ब्लाक प्रमुख के पद के लिए दमदार तरीके से अपनी दावेदारी पेश की है वहीं विपक्ष से अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आ पाया है। हांलांकि चुनाव की तारीख अभी तक तय नहीं हैं फिर भी संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं। मलिहाबाद से युवा नेता और निर्मल वर्मा के भाई मीनू वर्मा ने बताया कि ब्लाक प्रमुख के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों का जरूरी समर्थन लगभग मिल चुका है और जीत के लिए बस औपचारिकता मात्र बची है। मीनू वर्मा की गिनती भाजपा सांसद कौशल किशोर के काफी करीबी लोगों में होती है । मीनू वर्मा के मुताबिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मिल रहा समर्थन जीतने के लिए जरूरी आंकड़े से काफी ज्यादा है ।
मलिहाबाद में ब्लाक प्रमुख के पद के लिए अनुसूचित जाति की सीट आरक्षित है। अभी तक किसी भी पार्टी के द्वारा ब्लाक प्रमुख के पद के लिए किसी औपचारिक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। वहीं सूत्रों के मुताबिक जल्द ही भाजपा द्वारा ब्लाक प्रमुख के पद के लिए निर्मल वर्मा के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो केंद्र और प्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के कारण निर्मल वर्मा की जीत लगभग तय होगी। संभावित प्रत्याशियों को ध्यान में रखते हुए निर्मल वर्मा ने अपने समर्थकों के साथ जीते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों से मुलाकात करना शुरू कर दिया है। मिल रहे समर्थन के चलते मीनू वर्मा ब्लाक प्रमुख पद पर अपने भाई निर्मल वर्मा की जीत के लिए लगभग पूरी तरह आश्वस्त हैं।
बताते चलें कि कोरोना कर्फ्यू के चलते चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव को ध्यान में रखते हुए निर्मल वर्मा ने अभी से जोर शोर से तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर जहां निर्मल वर्मा ने जोर शोर से तैयारी शुरू कर दी है वहीं विपक्ष में अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आ सका है। सपा – बसपा ने भी अभी तक किसी भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। करीबी सूत्रों की मानें तो यदि भारतीय जनता पार्टी मौका देती है तो अनिल सिंह चौहान और सपा कार्यकर्ता तथा युवा नेता वीरेंद्र यादव समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार को दावेदारी के लिए पेश कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण ने दिया विद्युत विभाग का तगड़ा झटका काल के गाल में समा गए कई अधिकारी कर्मचारी
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने विद्युत विभाग को जोर का झटका दिया है। मुरादाबाद जोन में बड़े अफसर से लेकर आफिस स्टॉफ तक कई लोगों को विभाग अब तक खो चुका है। वहीं मुरादाबाद शहर के तीनों डिवीजन के बिजलीघरों पर तैनात कई अफसर और स्टाफ संक्रमित बताए गए हैं। कई ठीक होकर जैसे तैसे बिजली सप्लाई को सुचारू कराने के काम में जुटे हुए हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस संक्रमण की लहर से विभाग को काफी नुकसान पहुंचा है, इसकी भरपाई जल्द होना मुश्किल है। कोरोना संक्रमण में के इस दौर में व्यवस्थाएं कराने से जुड़े डीएम, सीडीओ भी संक्रमित हो चुके हैं। जिला स्तर के कई अधिकारी संक्रमित होकर स्वस्थ्य हो गए तो वहीं कई जिंदगी की जंग हार गए। बताया जाता है कि बिजली विभाग अधिकारियों कर्मचारियों के फ्रंट लाइन पर काम करने के कारण लगातार लोगों के संपर्क में होने से काफी लोग संक्रमित हो गए। इस कारण कई अधिकारियों की संक्रमण से मौत हो गई तो कई अधिकारी व स्टाफ पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद होम आइसालेट हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शहर के डिवीजन तीन में सबसे अधिक स्टाफ इस संक्रमण से जूझ रहा है। एसडीओ, जेई के साथ ही आफिस स्टाफ भी संक्रमित हुआ है। इनमें से कई ठीक होकर अब घर से ही बिजली व्यवस्था को मेनटेन कराने के काम को पूरा करा रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि इस समय सारा फोकस निर्बाध विद्युत आपूर्ति पर है, बाकी काम तो जैसे तैसे पूरे करा ही लिए जाएंगे।
यूपी में वैक्सीन लगवाने को आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म योगी सरकार ने वापस लिया अपना फैसला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आधार और स्थाई निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। योगी सरकार के नए आदेश के अनुसार अब यूपी में निवास करने का कोई भी डॉक्यूमेंट देने पर टीकाकरण किया जाएगा। यानि किअब यूपी में स्थायी और अस्थायी रूप से रहने वाले सभी लोगों का टीकाकरण होगा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में टीकाकरण चल रहा है। इस बीच योगी सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अपना एक फैसला वापस ले लिया है। पहले सरकार ने सिर्फ यूपी वालों को वैक्सीनेशन लगाने का आदेश दिया था। नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया था कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के 18 से 44 साल के लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, इसके चलते यूपी के लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में टीकाकरण का काम जारी है। प्रदेश के 18 जिलों में 18 साल से ऊपर वालों को टीका लगना शुरू हो गया है। ———-
स्वास्थ्य सुरक्षा को देनी होगी प्राथमिकता : गामेंद्र सिंह गजरौलिया बिजनौर। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचा रखी है, शव नदी में बह रहे हैं। उन्हें जलाने के लिए लकडिय़ां तक नहीं मिल रही हैं। कोविड-19 के कहर से गंगा घाटों पर लाशों के अंबार, और कब्रिस्तान में भी अधिक संख्या में शव दफनाए जा रहें हैं। गामेंद्र सिंह गजरौला ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि 21 वीं शताब्दी के भारतवर्ष में जहां एक तरफ दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना तलाशने की कोशिश की जा रही है, वहीं भारत के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी से लोग दम तोड़ रहें हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की हालत कितनी खराब है। भारतवर्ष के अमूमन हर राज्य में चिकित्सा कर्मीयों के लगभग आधे से ज्यादा पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण पाना इतना आसान नहीं है कि कोई जादू की छड़ी एक बार घुमा दी और यह नियंत्रित हो जाए। महामारी पर नियंत्रण एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें ग्रामीण स्तर तक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा, सरकार की इच्छा शक्ति, प्रबंधन, संसाधन, जन जागरूकता इत्यादि बहुत महत्वपूर्ण और अहम भूमिका अदा करते हैं। युवा समाजसेवी ने कहा कि कोविड-19 वायरस शुरू होने की तारीख तो हम जानते हैं लेकिन यह महामारी कब खत्म होगी यह किसी किताब के किसी पृष्ठ पर नहीं लिखा है और ना ही कोई विशेषज्ञ इसे बता सकता है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम सर्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सबसे प्राथमिकता पर रखें और उसको मजबूत करें। आप कल्पना करें कि इससे भी भयानक महामारी अगर आई तो यह और भी जानलेवा और खतरनाक साबित होगी। इसलिए देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना ही पड़ेगा। हमारे देश की केंद्र व राज्य सरकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। जल्द से जल्द इस महामारी को रोकने के उपाय केंद्र व राज्य सरकारों को करनें होंगे।
बिजनौर। धोखाधड़ी के मामले में महाराष्ट्र पुलिस की टीम नजीबाबाद क्षेत्र के एक गांव से दो युवकों को पकड़ ले गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाणे में मुकदमा दर्ज है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात मुबंई पुलिस ने नजीबाबाद थाने पहुंच कर आमद कराई। महाराष्ट्र पुलिस के एसआआई सचिन ढगे, कां. गोकुल ठाकरे व कां. कैशव डगरे नजीबाबाद थाने से एसआई विनोद कुमार पिप्पल, कां.आकाश यादव व कां. प्रवीण शर्मा को साथ लेकर ग्राम कनकपुर पहुंच कर दबिश दी। वहां पुलिस ने कलीम अंसारी व फिरोज अंसारी पुत्रगण रईस अंसारी निवासी कनकपुर कला थाना नजीबाबाद को गिरफ्तार कर लिया। महाराष्ट्र पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ मुबई ले गई।
दिल्ली। मौसम विभाग ने देश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के असर को देखते हुए कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, असम, मेघालय और झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। वहीं इन राज्यों के कुछ इलाकों नें धूल भरी आंधी और बादल की गर्जना के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं।
एसपी ने किया महिला हैल्प डेस्क व थाना प्रभारी कार्यालय का उद्घाटन थाना पुलिस कर्मियों को क्षेत्र में सख्ती से गाइडलाइन का पालन कराने के निर्देश
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक ने थाना नांगलसोती पर महिला हैल्प डेस्क तथा थाना प्रभारी कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मिशन शक्ति अभियान और अपराध नियंत्रण को परवान चढ़ाने में कोई कोर कसर न छोडऩे के निर्देश दिए। बुधवार को पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी पुलिस गजेन्द्र पाल सिंह ने संयुक्त रूप से थाना नांगल पर नवनिर्मित महिला हेल्प कार्यालय और थाना प्रभारी निरीक्षक कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने के लिए प्रदेश भर में मिशन शक्ति अभियान की बड़े जोश के साथ पहल की गई है। इस अभियान को परवान चढ़ाने के लिए पुलिस ने पूरी तरह कमर कस ली है। काफी दिन से लगातार मिशन शक्ति अभियान के कार्यक्रम पुलिस आम जनता और महिलाओं के बीच पहुंचकर आयोजित कराती आ रही है। इसके तहत महिलाओं से जानकारी साझा कर उन्हें जागरूक करने का काम किया गया है। इसी क्रम में नांगल पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत महिला हेल्प डेस्क कार्यालय का विधिवत रूप से उद्घाटन कराकर एक कदम और महिला सुरक्षा की ओर बढ़ा दिया है। थाना परिसर में अलग से महिला कार्यालय बनने से महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने में बड़ी सफलता मिलेगी। अब पीडि़त महिलाएं किसी भी समय इस कार्यालय में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
अंग्रेजों के समय का है थाना-नांगल थाना करीब सन 1865 का स्थापित हुआ था। इसका वर्तमान में मौजूद भवन 1904 का निर्मित है। इस थाने में प्रभारी निरीक्षक के कार्यालय का अभाव था, जिसे वर्तमान स्टाफ ने बनवाकर पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी संजय पांचाल, उपनिरीक्षक विनोद कुमार की मेहनत से एक बहुत अच्छा कार्यालय इस थाने को मिला है। इस अवसर पर दरोगा प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक विपिन कुमार, कांस्टेबिल अमर पाल सिंह, शादाब अहमद, अमित कुमार, संजीव कुमार सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा।
आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाला गिरफ्तार। महाराज नरसिहानन्द की आपत्तिजनक फोटो फेसबुक पर की थी वायरल। पुलिस ने धार्मिक भावनाओं भडक़ाने के मामले में हर्षवाड़ा से किया गिरफ्तार।
बिजनौर। महाराज नरसिहानन्द की आपत्तिजनक फोटो फेसबुक के माध्यम से वायरल करने वाले युवक को नजीबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार व बुधवार की दरम्यानी रात्रि कोतवाली थाना पुलिस ने निकटवर्ती ग्राम हर्षवाड़ा से परवेज अंसारी पुत्र नफीस आलम हाल निवासी हर्षवाड़ा तथा स्थायी निवासी बुलन्दशहर जनपद के ग्राम कियाला, गुलावठी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उक्त युवक ने विगत दिनों महाराज नरसिहानन्द की आपत्तिजनक फोटो फेसबुक पर वायरल की थी। फेसबुक पर वायरल उक्त फोटो में महाराज नरसिहानन्द की फोटो पर कुत्ते द्वारा मूत्र विर्सजन करते हुए दिखाया गया था। पुलिस के मुताबिक उक्त वायरल फोटो को हिन्दू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने, भडक़ाने एवं जनता को उत्तेजित करने के लिए पोस्ट किया गया, जिससे दो धर्म तथा जाति के समुदायो के बीच शत्रुता, धर्म का अपमान होने एवं दोनो धर्मो के मध्य शत्रुता फैलाने का कृत्य किया गया है। इस सम्बन्ध में थाना नजीबाबाद पर मुकदमा अपराध संख्या 237/2021 धारा 153 ए 295 भारतीय दंड विधान बनाम परवेज अंसारी पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी परवेज अंसारी पुत्र नफीस आलम का सम्बन्धित धाराओं में चालान कर दिया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक विजय यादव तथा कांस्टेबिल मान सिंह शामिल रहे।
नई दिल्ली। खाद्य तेलों की खुदरा में एक साल में 55.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब बंदरगाह पर फंसे तेल के बाजार में आने के बाद कीमतें नरम पड़ने की उम्मीद की जा रही है। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकट का सामना कर रहे उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ी है।
केंद्र ने उम्मीद जताई है कि बंदरगाह पर मंजूरी मिलने के इंतजार में फंसे आयातित स्टॉक के जारी होने के बाद खाद्य तेलों की खुदरा कीमतें नरम पड़ जायेंगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में एक साल में 55.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके कारण पहले से ही कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकट का सामना कर रहे उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ी है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे के अनुसार सरकार कीमतों पर करीबी से नजर रखे हुए है। तेल उद्योग ने हाल ही में इसका जिक्र किया है कि कोविड स्थिति के मद्देनजर सामान्य जोखिम विश्लेषण के रूप में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए जा रहे परीक्षणों से संबंधित मंजूरी में देरी के कारण कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर कुछ स्टॉक फंसा है। उन्होंने एक आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ” इस समस्या का सीमा शुल्क और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के साथ मिलकर समाधान किया गया है और जैसे ही यह स्टॉक को बाजार में जारी होगा, हमें खाद्य तेलों के दाम पर इसका असर होने की उम्मीद है।’’ सचिव ने कहा कि खाद्य तेल की कमी को पूरा करने के लिए देश आयात पर निर्भर है। सालाना, देश में 75,000 करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात होता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल आठ मई को वनस्पति की खुदरा कीमत 55.55 प्रतिशत बढ़कर 140 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है, जो एक साल पहले इसी अवधि में 90 रुपए प्रति किलोग्राम थी। इसी तरह पाम ऑयल का खुदरा मूल्य 51.54 प्रतिशत बढ़कर 132.6 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है, जो पहले 87.5 रुपए प्रति किलोग्राम था, सोया तेल का 50 प्रतिशत बढ़कर 158 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 105 रुपए प्रति किलोग्राम था, जबकि सरसों का तेल 49 प्रतिशत बढ़कर 163.5 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 110 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। उक्त अवधि में सोयाबीन तेल की खुदरा कीमत भी 37 प्रतिशत बढ़कर 132.6 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है जो पहले 87.5 रुपए किलो थी, जबकि मूंगफली तेल 38 प्रतिशत बढ़कर 180 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 130 रुपए प्रति किलोग्राम पर था।
बुरा मानो या भला। कोविड-19 काल में सरकार इन मुफ्तखोरों पर भी ध्यान करे: मनोज शास्त्री
इधर देश में कोविड-19 शुरू हुआ और उधर मुफ्तखोरों और उनके आकाओं ने चिल्लपों मचानी शुरू कर दी कि लॉकडाउन में सरकार बिजली, पानी, गेहूं राशन इत्यादि मुफ़्त दे। दरअसल ग़लती इन मुफ्तखोरों की नहीं है, गलती है उन “अयोग्य राजनीतिक नेताओं” की है, जिन्होंने चुनाव जीतकर “मुफ़्त राशन-कपड़ा बांटो” अभियान चलाकर कुछ लोगों को हरामखोरी की आदत डाल दी। किसी ने मुफ़्त में लैपटॉप बांटे, किसी ने बिजली-पानी मुफ़्त दिया, किसी ने बसों में यात्रा मुफ़्त कर दी तो कोई सब्सिडी के नाम पर सरकारी खज़ाना लुटा रहा है। जनता के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई को अपने राजनीतिक फायदे के लिए बांटने की एक नई परम्परा की शुरुआत हो चुकी है और मुफ्तखोरों को अब उसकी लत लग गई है। मुफ़्त में शराब और कबाब पाने वाले अब मुफ़्त का बिजली, पानी, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि पाने की इच्छा करने लगे हैं। हद तो यह है कि अपने घर के शौचालय में जाने के लिए भी बाइक का इस्तेमाल करने वाले भी मुफ़्त का पेट्रोल चाहते हैं। इन मुफ्तखोरों से कोई पूछे कि इनके बाप-दादाओं ने भी कभी इन्कम टैक्स/सेल्स टैक्स या कोई सा भी टैक्स सरकार को कभी दिया है? कभी सरकार को अपनी कमाई का हिसाब-किताब देना तो दूर की बात है, इनमें से बहुतों के पास तो वैध दस्तावेज़ भी नहीं होंगे। अगर CAA और NRC लागू करा दिया जाए तो इनमें से 90 प्रतिशत लोग घुसपैठियों की सूची में शामिल होंगे और इनके आका सड़कों पर ढपलियाँ बजाते नज़र आएंगे। इन मुफ्तखोरों को न कोई धर्म है, न ईमान। हरामखोरी और मुफ़्तख़ोरी इनका मुख्य व्यवसाय है। अपने आकाओं के ईशारों पर सोशल मीडिया पर सरकार का विरोध और हमेशा मुफ़्तख़ोरी की पैरवी करना ही इनका एकमात्र धर्म है।
इस देश में बहुत लोग ऐसे हैं जो वास्तव में जरूरतमंद हैं, ग़रीब हैं, सही शब्दों में कहा जाए तो जो लोग वाकई में सरकारी मदद के मुस्तहिक़ हैं, उन बेचारों को तो 1kg गेहूं भी बमुश्किल मिल पाता है, जबकि अवैध घुसपैठ करने वाले कथित शरणार्थी और मुफ़्तख़ोर अपने आकाओं के दम पर सरकारी मदद की सबसे ज़्यादा मौज उड़ा रहे हैं। यह सही है कि कोविड-19 की इस आपदा की घड़ी में सरकार को बिजली के बिल/पानी के बिल माफ़ करने चाहिए और सम्भव हो तो कोरोना मरीजों को मुफ़्त में ईलाज भी मिले। लेकिन यह सब उन लोगों के लिए हो, जो इस सबके वाकई मुस्तहिक़ हैं या जो लोग समय पर आयकर/बिक्रीकर भरते हैं और जिनपर वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं।
🖋️ *मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”* समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-पत्र (नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)
योगाचार्य मीनाक्षी शर्मा (दिल्ली)योग, मेडिटेशन, डाईटिशन व नेचुरोपैथिक थैरपिस्ट
योगाचार्य मीनाक्षी शर्मा (दिल्ली)
इम्यूनिटी या प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर का वह कवच है जो बैक्टीरिया, वायरस और अनेकों बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करता है। बुरी आदतों की वजह से या बुढ़ापा आने के कारण इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और जैसे ही इम्यूनिटी कमजोर होती है बीमारियां शरीर पर धावा बोल देती है। यदि आपके शरीर की इम्युनिटी हमेशा मजबूत रहे तो आप ज्यादातर बीमारियों से बचे रह सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
इम्यूनिटी कमजोर होने के कौन-कौन से कारण होते हैं
(1) लाइफ स्टाइल और खराब खान-पान – आज के समय में जिस प्रकार की लाइफ स्टाइल और जिस प्रकार का खानपान ज्यादातर लोगों का हो चला है वह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रहा है। लोग बैलेंस डाइट के जगह सिर्फ और सिर्फ स्वाद के लिए खाना खा रहे हैं, जिसके कारण जंक फूड का सेवन लगातार बढ़ता चला जा रहा है। जंक फूड में केमिकल और फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो आपके शरीर को और आपके इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है।
(2) कम नींद लेना – कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि जब कोई व्यक्ति कम नींद लेता है तो उसका सीधा असर शरीर के इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। जब व्यक्ति कम नींद लेना शुरु करता है तो दिमाग के सेल्स कमजोर होने लगते हैं और शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol)की मात्रा बढ़ने लग जाती है। कोर्टिसोल adrenal gland में बनने वाला एक हार्मोन है। इसकी अधिक मात्रा आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है.
एक स्टडी में यह बात सामने आई थी कि यदि आप एक रात नींद नहीं लेते तो इसके कारण आपके अगले 21 दिन का शेड्यूल बिगड़ जाता है जो आपके इम्यून सिस्टम को बहुत नुकसान पहुंचाता है।
(3) तनाव – आज कि भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लोगों की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। ज्यादातर लोग अपना अधिकतर समय तनाव में बिता रहे हैं जिसके कारण उनके खून में कोर्टिसोल की मात्रा लगातार बढ़ रही है और इस वजह से उनकी इम्यूनिटी लगातार कमज़ोर होती चली जा रही है।
(4) कम पानी पीना – इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में पानी का भी एक बहुत ही अहम किरदार होता है। जैस कि हम जानते हैं इंसान के शरीर का लगभग 75% हिस्सा पानी से बना होता है जिसके कारण यदि शरीर में पानी की कमी हो तो कार्यप्रणाली में बाधा आती है और इससे भी इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए 1 दिन में 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।
(5) चाय या कॉफ़ी का ज़्यादा सेवन – वह लोग जो कॉफी और चाय ज्यादा पीते हैं उनके शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे हारमोंस डिसबैलेंस हो जाते हैं। इससे आपकी नींद में भी कमी आती है और आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है।
(6) पर्सनल हाइजीन– पर्सनल हाइजीन यानी खुद को साफ़-सुथरा स्वच्छ रखना। हम सभी इसका महत्त्व जानते हैं पर फिर भी कई लोग लापरवाही बरतते हैं। यहाँ तक कि कई लोग खाना खाने से पहले हाथ धोने तक की जरुरत नहीं मानते। एक स्टडी में यह बात सामने आई कि यदि खाना खाने से पहले लोग साबुन से हाथ धोना शुरू कर दे तो वह 90% कम बीमार पड़ेंगे। पर्सनल हाइजीन के अंतर्गत और भी चीजें आती है जैसे कि रोज नहाना और अपने नाखून साफ रखना। अगर आप अपनी पर्सनल हाइजीन का ख्याल नहीं रखते हैं तो इससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर होती चली जाती है।
(7) कम शारीरिक श्रम – जिस प्रकार से टेक्नोलॉजी एडवांस होती चली जा रही है लोगों को शारीरिक श्रम कम होता चला जा रहा है जो एक अच्छी बात भी है पर शारीरिक तौर पर एक बहुत ही बुरी बात है। जब आप कम शारीरिक श्रम करते हैं तो आपके शरीर में फैट जमा होने लगता है और आपके शरीर से पसीना भी नहीं निकल पाता जिसके कारण कई टॉक्सिंस आपके शरीर में जमा होने लगते हैं और यह आपके इम्यूनिटी को कमज़ोर करने लग जाता है।
(8) गंभीर व्यवहार – यह बात जानकर आपको शायद हैरानी हो पर एक स्टडी के मुताबिक जिन लोगों का व्यवहार ज्यादा गंभीर होता है और जो अपने इमोशंस को ज्यादा कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं उनके शरीर में कॉर्टिसोल की मात्रा बढ़ती है और कॉर्टिसोल हारमोन (cortisol)बढ़ जाने के कारण इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए हमेशा रिलैक्स रहना चाहिए और खुश रहना चाहिए। जिंदगी में ज्यादा गंभीर व्यवहार रखने से आपके दिमाग पर ही इसका प्रेशर पड़ता है और आपके रिलेशंस भी अच्छे नहीं रहते।
इम्युनिटी को वूष्ट करने के प्राकृतिक उपाय
🧘♀️️इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए सही खानपान का होना बेहद जरूरी है क्योंकि इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे कि विटामिंस और मिनरल्स की अति आवश्यकता होती है।
🧘♀️️ विज्ञान के अनुसार हर व्यक्ति को रोज 7 से 8 घंटे नींद की आवश्यकता होती है। कोशिश करनी चाहिए कि आप रात में 9:00 से 10:00 बजे तक सो जाएं और सुबह 4:00 से 5:00 तक उठ जाए।
🧘♀️️ शरीर को स्वस्थ एवं लचीला बनाए रखने के लिए और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए योग बहुत ही कारगर होता है।
🧘♀️️प्राणायाम करने से शरीर के कई टॉक्सिक तत्व एवं नैनो पार्टिकल्स बाहर निकल जाते हैं। आप अनुलोम-विलोम और कपालभाति रोज करना शुरू कर दें। यदि आप रोज यह दोनों प्राणायाम करते हैं तो आपका फेफड़ा हमेशा स्वस्थ रहेगा एवं आपका दिमाग भी तेज हो जाएगा और आपकी इम्युनिटी भी बढ़ेगी।
बिजनौर। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती स्वास्थ्य विभाग की एक रिटायर्ड वार्ड आया के ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर न बदलने पर बेटे ने शोर मचाया तो उसे बाहर कर दिया गया। सीएमएस के फोन न उठाने की जानकारी मिलते ही डीएम रमाकान्त पाण्डे स्वयं सीएमओ के साथ आईसीयू में पहुंच गए। डीएम के निर्देश पर व्यवस्थाएं फटाफट दुरुस्त हो गईं।
डीएम बिजनौर रमाकान्त पाण्डे
नगीना निवासी राजेश्वरी देवी जिला अस्पताल के आईसीयू में तीन दिन से भर्ती है। उनके बेटे रोशिक ने बताया कि राजेश्वरी देवी स्वास्थ्य विभाग के वार्ड आया के पद से रिटायर्ड हैं। कई-कई घंटे यहां कोई देखने भी नहीं आता। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उनके सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म हो गई। कहने के बावजूद जब स्टाफ का कोई सदस्य ऑक्सीजन लगाने नहीं आया तो उसने बाहर रखा सिलेंडर खुद लगाना चाहा, उसे वह भी नहीं लगाने दिया। इस बीच उसकी मां की हालत बिगड़ने लगी। इस पर उसने शोर मचाया तो उसे आईसीयू से बाहर निकाल दिया। सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद के फोन नहीं उठाने की सूचना जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डे को दी गई। 5 मिनट के भीतर ही जिलाधिकारी स्वयं सीएमओ के साथ जिला अस्पताल के आईसीयू में पहुंच गए। जिलाधिकारी ने मरीज राजेश्वरी देवी के बारे में जानकारी की और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यूपी पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी करते समय कोरोना के कारण मारे गए कर्मचारियों को कम-से-कम एक करोड़ रुपए मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि उनके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना अनिवार्य था। इसलिए राज्य चुनाव आयोग और सरकार मुआवजे की राशि पर फिर से विचार करें।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग और यूपी सरकार से कहा कि मुआवजे की घोषित राशि को वापस ले लें। यूपी सरकार ने इससे पहले हाईकोर्ट को बताया था कि वह 35 लाख रुपए मुआवजा दे रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह राशि बहुत कम है, इसे कम से कम-एक-करोड़ होना चाहिए।
48 घंटे में किया जाए महामारी लोक शिकायत समिति का गठन- हाईकोर्ट ने 48 घंटे के अंदर हर जिले में तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया कि बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, जौनपुर और श्रावस्ती के शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों में किए गए कोरोना जांच की संख्या और उस प्रयोगशाला की जांच की जाए, जहां से परीक्षण किया जा रहा है। डेटा 31 मार्च 2021 से आज तक का होना है। तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति में जिला न्यायाधीश द्वारा नामित किए जाने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या एक समान रैंक के न्यायिक अधिकारी, एक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल होंगे। यदि कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है तो जिला अस्पताल के डॉक्टर को उस जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा नामित किया जाएगा। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के रैंक का एक प्रशासनिक अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित किया जाए। यह तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति इस आदेश के पारित होने के 48 घंटे के भीतर अस्तित्व में आ जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत सीधे संबंधित तहसील के एसडीएम के पास की जा सकती है, जो कि महामारी जन शिकायत समिति को भेजेंगे।
अब कोर्ट में खुलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की कलई- कोर्ट ने कहा कि बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, जौनपुर और श्रावस्ती जिलों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के निम्नलिखित विवरण पेश किया जाए। (I) शहर की आबादी (2) बेड के विवरण के साथ लेवल -1 और लेवल -3 अस्पतालों की संख्या (3) डॉक्टरों की संख्या, लेवल -2 लेवल -3 अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट; (4) चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ (5) बीवाईएपी मशीन की संख्या (6) ग्रामीण आबादी तहसील वार, 7-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या, 8-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड की उपलब्धता (9) जीवन रक्षक उपकरणों की संख्या (10) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्षमता विवरण के साथ, (11) चिकित्सा और अर्ध-चिकित्सा कर्मचारियों की संख्या।
गुमशुदा सांसद मलूक नागर की तलाश सोशल मीडिया पर खूब हो रहे वायरल
सूचना गुमशुदा की तलाश, आदरणीय मलूक नागर जी बिजनोर लोकसभा सांसद वापस आ जाएं। हम आपसे कोई सवाल नहीं करेंगे, ना ही ऑक्सीजन का और सोशल मीडिया ना ही किसी भी अन्य मदद का। मलूक जी आप बिजनौर का रास्ता भूल गए पर रास्ता बताना मेरा फर्ज़ है। नोएडा से आते टाइम पहले गाज़ियाबाद आईयेगा। उसके बाद मेरठ आएगा, फिर उसके बाद आपका अपना बिजनौर लोकसभा क्षेत्र आ जायगा।
बिजनौर। गुमशुदा सांसद मलूक नागर की तलाश शीर्षक से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमे व्यंग्य के तौर पर सांसद मलूक नागर के लापता होने की बात लिखी जा रही है। सीधी सी बात है कि जनता अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मुश्किल समय में मदद की उम्मीद रखती है, लेकिन कुछ बाहरी नेता चुनाव जीतते ही जनता से बहुत दूर हो जाते हैं ।
खास बात-कोई समर्थक ज्यादा ज्ञान ना दे, आपकी अति कृपा होंगी।
थोक फल व सब्जी मंडी में केवल नौ बजे तक ही होगा कारोबार। कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद परिसर में बिना मास्क व सोशल डिस्टेंस घूम रहे लोग। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए एसडीएम ने जारी किए निर्देश।
बिजनौर। नजीबाबाद के कोटद्वार मार्ग पर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर स्थित थोक सब्जी व फल मंडी में कोरोना संक्रमण के खतरे से बेपरवाह होकर कुछ लोग सरकार की गाइड लाइन दरकिनार करते हुए लापरवाही करने पर उतारू हैं। इस पर उपजिलाधिकारी ने मंडी समिति सचिव को नौ बजे तक ही कारोबार करने के निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को भी नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में स्थित फल व सब्जी मंडी में काफी संख्या में पहुंचे लोगों को भीड़ की शक्ल में ही खरीददारी करते हुए देखा गया। इससे लगा कि क्षेत्र में वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को लेकर लोग गंभीर नहीं हैं। थोक फल व सब्जी मंडी में जमा भीड़ के बीच काफी संख्या में लोग बिना मास्क लगाए हुए घूम-घूमकर खरीददारी करते दिखायी दिए। भीड़ में किसी को सरकार की गाइड लाइन के अमुपालन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना याद नहीं रहा। इसके अलावा काफी संख्या में लोगों ने अपने मुंंह व नाक को मास्क से ढक़ने के स्थान पर मास्क को कानों पर टांगा हुआ था, जिससे साफ लग रहा था कि क्षेत्र में पुलिस की ओर से मास्क को लेकर की जा रही सख्ती तथा पुलिस व प्रशासन की ओर से सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर की जाने वाली कार्रवाई से बचने के लिए ही उन्होंने मास्क अपने कानों पर टांगा हुआ था।
जिंदगी मौत ऊपर वाले के हाथ-इस दौरान कई लोगों से मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए कहने पर पलट कर जवाब दिया कि जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है, इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता है। सरकार की गाइलाइन का उल्लंघन करने पर तुले लोगों में से अधिकांश के उत्तर इसी से मेल खाते हुए मिले। इससे पता चलता है कि केन्द्र व प्रदेश सरकारों की ओर से बेशक देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की जा रही हो परंतु लोग मानने और समझने को कतई तैयार नहीं हैं।
मौके पर पहुंचे एसडीएम-इस प्रकार की स्थिति की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा ने स्वयं कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंच कर हालात देखे और कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद के सचिव संभव तोमर को लिखित पत्र जारी करते हुए मंडी को निर्धारित समय नौ बजे तक कारोबार करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
हालात खतरनाक-एसडीएम नजीबाबाद परमानंद झा का कहना है कि मंडी समिति परिसर के निरीक्षण के दौरान देखा कि हालात काफी खतरनाक हैं। सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराने के लिए मंडी समित सचिव को लिखित में निर्देश जारी किए हैं। साथ ही मंडी में सुबह छह बजे से नौ बजे तक ही कारोबार किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गौवंशीय मांस के साथ एक गिरफ्तार, तीन फरार। पुलिस ने किया 40 किलो गौवंशीय मांस बरामद। आरोपी के पास से चापड़, छुरा व रस्सी भी बरामद।
बिजनौर। नजीबाबाद पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए नगर के मोहल्ला मेहंदीबाग में चारमीनार बारादरी के समीप स्थित एक मकान से 40 किलो गौवंशीय मांस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पशु वध करने के हथियार व रस्सी भी बरामद की है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का चालान कर दिया।
कोतवाली थाना नजीबाबाद पुलिस ने नगर के मोहल्ला मेहंदीबाग में छापामारी कर चोरी गयी गाय की बछिया के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने छापामारी के दौरान मौके से 40 किलो गौवंशीय मांस, पशु वध में प्रयोग किए जाने वाले औजार चापड़, लोहे का छुरा, लकड़ी का गुटका व रस्सी आदि बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार छापामारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य तीन साथी फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम उस्मान पुत्र सुलेमान निवासी मौहल्ला बिसातियान, नजीबाबाद हाल निवासी मोहल्ला चारमीनार बारादरी मेंहदीबाग बताया। गिरफ्तार आरोपी ने अपने फरार हुए साथियों के नाम इस्लाम, अहसान व सुल्तान पुत्रगण अनीस निवासीगण मोहल्ला पठानपुरा नजीबाबाद बताए। पूछताछ में उसने बताया कि उसने व इस्लाम ने मोहल्ला पठानपुरा से नदीम की बछिया चोरी की थी, जिसे वह अपने साथियों के साथ अपने घर पर काट रहा था कि पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से करीब 40 किलोग्राम गौवंशीय मांस व शेष अवशेष तथा पशुवध के उपकरण आदि बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी का सम्बन्धित धाराओं में चालान कर दिया।
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश गौड़ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में बी कई आपराधिक मुकद्दमे दर्ज हैं। गौवंशीय मांस व उपकरण बरामद करने वाली टीम में जाब्तागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबिल नेसर सिंह, कांस्टेबिल शमशेर अली, कांस्टेबिल अमित कुमार, कांस्टेबिल आशीष त्यागी व कांस्टेबिल देवकरण शामिल रहे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक 2,365 बेड का इंतजाम अपने संसाधनों द्वारा पुलिस लाइनों में किया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि इनमें 260 बेड ऑक्सीजन सुविधायुक्त हैं।
इन अस्पतालों में कुल 1891 पॉजिटिव पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और 854 डिस्चार्ज हो चुके हैं,
भर्ती हुए पुलिसकर्मियों में 15 ऐसे रहे हैं, जो बीमारी बढ़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किए गए।
GRP के एक कोविड केयर सेंटर में भर्ती पुलिसकर्मी की मौत भी हुई।
प्रदेश में 4,256 पुलिसकर्मी अभी कोरोना पॉजिटिव हैं।
अब तक कुल 15,409 पुलिसकर्मी ठीक होकर घर जा चुके हैं।
लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में जारी कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शराब को भी शामिल किया गया है।
प्रदेश में 11 दिन से बंद शराब की दुकानें मंगलवार को कुछ जिलों में खोली गई। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ उमड़ी। सूत्रों का कहना है कि जिलों में शराब की दुकानों को खोलने का फैसला सभी जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया गया है।
यही वजह है कि कई शहरों में मंगलवार से शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। कई जगह पर इनको सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोले जाने का निर्देश है तो कुछ जगहों पर दोपहर 12 बजे से शाम को छह बजे तक का समय है। कानपुर में शराब की दुकान खोलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया गया है। राजधानी लखनऊ सहित अन्य जिलों में दुकानें बुधवार से खुलेंगी। जिन शहरों में आज शराब की दुकानें खुली हैं, वहां पर लम्बी लाइन लगी है। देशी के साथ ही विदेशी शराब की दुकानों पर लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे।
प्रशासन ने सोमवार शाम को जारी किए निर्देश। कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे वाली शराब की दुकानें रहेंगी बंद। मोडल शॉप व देशी शराब की कैंटीन भी बंद रहेंगी।
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके चलते प्रदेश भर में जरूरी सामान की दुकानों के अलावा सभी दुकानों को बंद कराया गया है। इस बीच अब शराब प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। कारण, आगरा प्रशासन ने मंगलवार से शराब की दुकानों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। दरअसल, सोमवार शाम को आगरा जिलाधिकारी पीएन सिंह ने आदेश जारी करते हुए मंगलवार से समस्त थोक व फुटकर आबकारी अनुज्ञापन (बार को छोड़कर) सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोलने की अनुमित दी है। इसके अलावा मेरठ में भी शराब की दुकानें खोलने के आदेश जारी हो गए हैं।
आदेश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि सभी दुकानों पर विक्रेताओं द्वारा मास्क अनिवार्य रूप से पहना जाएगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए ही मदिरा विक्रय की जाएगी। वहीं प्रत्येक अनुज्ञापन पर सैनिटाइजर की उपलब्धता अनिवार्य है। फिलहाल मॉडल शॉप और देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन बंद ही रहेंगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।
शराब विक्रेताओं ने फीस माफ करने की सिफारिश की
शराब विक्रेताओं ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक पत्र भेजकर मांग की है कि जितनी अवधि में दुकानें बंद रही हैं, उस दौरान की फीस माफ की जाए। आगरा लिकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल दुबे ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर शराब पर कोविड सेस लगाए जाने से दाम बढ़ने की बात बताई जा रही है। जबकि ऐसा नहीं है। सरकार ने केवल 90 मि.ली. के नए पैक पर ये शुल्क लगाया है। बाकि जो भी शराब है वह पुरानी दरों पर ही बेची जाएगी।
यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।
लखनऊ। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। चुनाव 15 से 20 मई के बीच होने थे। अब यह चुनाव 15 जून के बाद होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। जिला पंचायत के पदों के लिए प्रमुख दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था। चूंकि पंचायत चुनाव पार्टी के प्रतीक द्वारा नहीं लड़े जाते हैं, इसलिए जीतने वाले सदस्यों के बारे में पार्टी के दावों में एकरूपता लाना आसान नहीं है।
इस आदेश से पहले सूबे के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने इस चुनाव की संभावनाओं को नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस समय सरकार का पूरा ध्यान कोरोना नियंत्रण पर है। प्रदेश में पंचायत चुनाव भी हाई कोर्ट के निर्देश पर कराने पड़े, क्योंकि इस समय स्थितियां ठीक नहीं हैं तो ऐसे में इन पदों पर भी चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं होगा।
महामारी अधिनियम उल्लंघन में पुलिस ने काटे 34 के चालान। जुर्माना वसूला ₹34 हजार।
बिजनौर। महामारी अधिनियम का उल्लंघन करने पर स्योहारा पुलिस ने 34 लोगों के चालान काट कर उनसे 34 हजार रुपए वसूल किए। सडक़ पर दौड़ रहे ई-रिक्शा चालकों और सब्जी विक्रेताओं को महामारी अधिनियम का पालन न करने पर थाने ले जाकर उनके चालान काटे गए। पुलिस ने प्रत्येक व्यक्ति से चालान के तौर पर एक हजार रुपए वसूले और बाद में उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि उक्त लोग न तो मास्क लगाए हुए थे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। पुलिस ने उन सभी लोगों के चालान काटकर प्रति व्यक्ति रुपए 1.000 दंड स्वरूप वसूल किए हैं। व्यापारियों द्वारा कालाबाजारी किए जाने की शिकायत पर थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ ने कहा कि सभी व्यापारियों को चेतावनी दे दी गई है और यदि अभी भी कोई कालाबाजारी करता हुआ पाया जाता है या कोई शिकायत मिलती है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए थाना परिसर, कार्यालय, हवालात, बैरक आदि को भी सैनिटाइज कराया कराया गया है।
पुलिस ने क्षेत्र में चलाया सघन चैकिंग अभियान -दुपहिया पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हैलमेट व मास्क पर किए ई-चालान -पुलिस ने चौपहिया वाहन चालकों की भी लगायी जमकर क्लास बिजनौर। सरकार की ओर से प्रदेश भर में वैश्विक महामारी को लेकर जारी किए गए लॉकडाउन का पालन कराने के लिए नजीबाबाद पुलिस ने कमर कस ली है। इसके चलते पुलिस ने सघन चैकिंग अभियान चलाकर दुपहिया व चौपहिया वाहनों में सवार लोगों के आवागमन का कारण पूछा तथा बिना हैल्मेट, ट्रिपल राइडिंग व चौपहिया वाहनों में निर्धारित से अधिक लोगों के सवार पाए जाने पर ई-चालान किए। सोमवार को पुलिस ने क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लॉकडाउन के दौरान वाहनों पर सवार होकर घूमने वाले लोगों की जमकर क्लास लगायी। नगर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर सराय चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार ने बाइक पर ट्रिपल राइडिंग करने वाले युवाओं के वाहन का ई चालान किया। कोतवाल दिनेश गौड़ ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से उद्घोषणा कर लोगों को घरों में ही रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अकारण सडक़ों पर घूमते पाए जाने वाले लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उधर पुलिस ने चौपहिया वाहनों की भी सघन चैकिंग की। वाहन में निर्धारित सवारियों से अधिक पाए जाने पर वाहनों के चालान किए।
शटर के अंदर से हो रही दुकानदारी पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते लॉकडाउन में भी रौनक सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार, उमड़ रही है भीड़ बिजनौर। हल्दौर पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते नगर में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। काफी संख्या में लोग घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। दोपहर करीब 1 बजे के समय नगर के विभिन्न स्थानों पर काफी चहल-पहल देखी गई। वहीं बैंकों पर भी भीड़ दिखाई दी। वाहन,साइकिल, कार, रिक्शा आदि से लोग जाते देखे गए। कोरोना के कहर के बीच कुछ इलाकों में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शासन की ओर से जारी चेतावनी और सख्ती के बावजूद लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग मानने को तैयार नहीं। कुछ ऐसा ही नजारा दिख रहा है। नगर के बैंक की शाखाओं और ग्रामीण इलाके में सीएसपी संचालन केन्द्रों के बाहर लोगों में रुपए निकालने की होड़ सी मची रहती है। उधर पोखर बाजार सहित मार्केट में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते ग्रामीण दिख रहे हैं। वहीं लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करवाने में बैंक प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। नगर में बैंकों और ग्रामीण इलाकों के सीएसपी में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही हैं। खाताधारियों की बढ़ी भीड़ फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए पैसे की निकासी के लिए जमावड़ा लगाए रहती है। सोमवार को नगर के लगभग सभी बैंक शाखाओं के बाहर यही स्थिति देखी गयी। उधर नगर के दुकानदार मानने को तैयार नहीं हैं जबकि किराना दुकानदारों को सुबह के कुछ समय की छूट मिली हुई है, इसके बावजूद अन्य दुकानदार भी अपनी दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं और किसी भी समय ग्राहक आने पर अपनी दुकानों के शटर खोलकर ग्राहक को अंदर लेकर शटर बंद कर सामान दे देते हैं। ग्राहक कोरोना पॉजिटिव ही क्यों न हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, बहराल बिक्री होनी चाहिए। गली मोहल्ले की अधिकतर दुकानें रोजाना खुली ही रहती हैं, जिन पर खासी भीड़ लगी रहती है। नगर में अनावश्यक घूमने वालों की भीड़ भी कुछ कम दिखाई नहीं देती।
डबल मर्डर के आरोपियों पर 25- 25 हजार रुपए का ईनाम। बढ़ सकती है ईनाम राशि। कुर्की भी संभव। पुलिस की चार टीमलगातार दे रहीं दबिश।
बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में चाचा भतीजे के मर्डर के आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित कर दिया है। इनकी गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीम लगातार दबिश दे रही हैं।
थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में एक दिन पूर्व हुए डबल मर्डर के नामजद आरोपी देवेन्द्र निवासी कम्भौर, कृष्णा पुत्र अमन निवासी धौकलपुर, ललित पुत्र हेमेन्द्र, अमित पुत्र हेमेन्द्र निवासीगण ग्राम रावणपुर थाना कोतवाली शहर, अनुज पुत्र अमन, नितिन पुत्र अमन निवासीगण ग्राम फरीदपुर संसारु उर्फ धौकलपुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने ईनाम घोषित कर दिया है। सभी नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम तक अगर आरोपियों की की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो मुरादाबाद डीआईजी शलभ माथुर के माध्यम से प्रत्येक हत्यारोपी पर अलग-अलग 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि हालांकि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने हत्यारोपियों तक पहुंचने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
गौरतलब है कि रविवार तडक़े गांव धौकलपुर में धीर सिंह और उनके भतीजे अंकुर की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब चाचा भतीजे खेत से ट्रैक्टर ट्राली में भूसा भरकर गांव लौट रहे थे। हत्या आरोपियों ने ट्रैक्टर के आगे कार लगाकर रास्ता रोक लिया था। इसके बाद चाचा भतीजे की हत्या की गई। घटना के पीछे वर्ष 2015 में अमन सिंह की हत्या की रंजिश पाई गई है। घटना में धीर सिंह, भतीजे अंकुर और भाई जगवीर जेल गए थे और करीब ढ़ाई साल पहले ही धीर सिंह और अंकुर जमानत पर छूटकर आए थे। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा भतीजे को मौत के घाट उतारा गया। इस डबल मर्डर में अमन सिंह के तीनों बेटों सहित 6 लोगों को नामजद किया गया है। ढक रखी थी कार की नंबर प्लेट- हत्यारोपियों ने न सिर्फ डबल मर्डर को अंजाम देने के लिए कई दिन पहले रैकी की और मौका ताडक़र चाचा भतीजे की हत्या कर दी। वहीं पहचान छिपाने के लिए घटना में प्रयुक्त कार की नंबर प्लेट को पॉलीथिन या कपड़े से ढक़ दिया था। यह बात पुलिस सूत्र और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे थे। यही कारण है कि अभी तक कार का नंबर ट्रेस नहीं हो पाया है।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की हालत बिगड़ने पर सोमवार शाम उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इससे पहले सीतापुर जिला कारागार में पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खान की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ जाने के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजा गया। आजम खान और उनके बेटे दोनों ही कोरोना संक्रमित हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की स्थिति स्थिर और संतोषजनक बताई गई है।
मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर के अनुसार रविवार 9 मई को शाम 9 बजे समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आज़म खान और उनके पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला खान कोरोना संक्रमण के कारण इलाज के लिए भर्ती हुए। रविवार को आजम खान को मॉडरेट इंफेक्शन बताया गया था और उन्हें 4 लीटर ऑक्सीजन के प्रैशर पर रखा गया था।
पिछले एक साल से ज्यादा समय से आजम खान सीतापुर में निरुद्ध हैं। सीतापुर जेल प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही कोविड टेस्ट कराया था। रिपोर्ट में आजम खान सहित 13 बंदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्हें पहले लखनऊ मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने की तैयारी की गई थी। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, एडीएम विनय पाठक, अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी डॉ. राजीव दीक्षित, एसडीएम सदर अमित भट्ट सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह जेल पहुंचे। आजम खान जेल से बाहर जाने को तैयार नहीं हुए। कई घंटे मनाने के बाद वह राजी हुए। उसके बाद शाम करीब 6:40 पर आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को एंबुलेंस से लखनऊ भेजा गया।
शेरनियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद उन्नाव का डियर पार्क बंद, 29 हिरन किए गए क्वारंटीनल
लखनऊ। कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ते ही नवाबगंज (उन्नाव) पक्षी विहार में हिरनों को क्वारंटीन कर दिया गया है। हिरनों तक संक्रमण पहुंचने की संभावना शून्य रहे, इसके लिए केअर टेकर को भी क्वारंटीन किया गया है। हिरनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इटावा लॉयन सफारी में शेरों के संक्रमित पाए जाने के बाद नवाबगंज पक्षी विहार के लिए भी अलर्ट जारी किया गया था। पक्षी विहार के हिरणों को क्वारंटीन जोन में भेजने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत डियर पार्क को बन्द कर दिया गया है। 10 हेक्टेयर के भूभाग में बने इस डियर पार्क में वर्तमान में 29 हिरन हैं। रेन्जर मयंक सिंह ने बताया कि हिरणों व उनके स्टाफ को आइसोलेट कर दिया गया है। पार्क में एक-एक कर्मचारी की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना से बचाव के लिए पौष्टिक आहार व मल्टी विटामिन दवाइयां हिरणों को समय-समय पर दी जा रही हैं। संक्रमण फैलने को रोकने के लिए अंदर यूपी टूरिज्म के सुरखाब रेस्टोरेंट को भी बन्द कर दिया गया है। वन्य जन्तु विभाग के झील परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पर्यटकों ने बनाई दूरी कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ पर्यटकों ने भी पक्षी विहार से दूरी बना ली है। पक्षी विहार में पिछले एक माह से सन्नाटा पसरा हुआ है। रेन्जर विवेक वर्मा ने बताया संक्रमण और लगातार बंदी के चलते पर्यटक नहीं आ रहे हैं।
एक साल में दूसरी बार हुए क्वारंटीन पक्षी विहार में हिरणों को एक साल में दूसरी बार क्वारंटीन किया गया है। इससे पहले मई 2020 में भी हिरणों के पूरे कुनबे को हिरणों को क्वारंटीन कर दिया गया था।
बिजनौर। वेव इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड इकाई बिजनौर में गोदाम अधिकारी के पद पर कार्यरत अरविंदर पाल सिंह उर्फ गोल्डी उम्र 40 साल का कोरोना संक्रमण की चपेट में आ कर निधन हो गया। श्री सिंह अपने पीछे अपनी पत्नी मनदीप कौर दो छोटी बच्चियों को छोड़ गए। मिल परिवार में शोक सभा कर उनकी आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए 2 मिनट मौन रहकर परम पिता परमेश्वर से सभी अधिकारी कर्मचारियों ने प्रार्थना की।
श्री गोल्डी बहुत ही कर्मठ व्यवहार कुशल और धार्मिक कार्यों में तल्लीन रहते थे मृदुभाषी और गुरुद्वारा आदि सेवा का कार्य किया करते थे, इनके जाने से मिल परिवार में शोक पसरा हुआ है।
अब तक पांच ने छोड़ा साथ-बिजनौर शुगर मिल में अब तक कुल 5 मौत हो चुकी हैं, श्रीकांत पांडे, राजेंद्र पाल सिंह, श्रीमती जुबेदा, ऐश्वर्या और अरविंद पाल सिंह गोल्डी। बहुत ही दुखद समय मिल परिवार के सभी लोगों पर गुजर रहा है, मानो एक पहाड़ टूट गया है।
मिल पेराई सत्र समाप्ति के बाद प्रोसेस संपन्न कर, जो सीजनल कर्मचारी थे वह अपने घर चले गए, जो स्थाई हैं उन्हें कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए अपनी सुरक्षा एवं अपने बच्चों की सुरक्षा हेतु क्वॉरेंटाइन रहने के लिए कहा गया है। मिल में प्लांट में चारों तरफ सैनिटाइजेशन का कार्य मिल प्रबंधन द्वारा कराया जा रहा है और इस दुख की घड़ी में सभी को अपना आत्मबल बनाए रखने हेतु अपील की गई। मिल के प्रशासनिक अधिकारी/जी एम प्रशासन एके सिंह अपने मिल परिवार की तरफ से हार्दिक वेदना प्रगट करते हुए सभी से अपनी सुरक्षा के लिए कोरनटाइन रहने का अनुरोध एवं अपील की है।
मुकेश अंबानी ने खरीदी इजराइल से टेक्नोलॉजी, भारत में लाने के लिए मांगी अनुमति। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी।
नई दिल्ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने इजरायल के विशेषज्ञों की एक टीम को भारत आने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। विशेषज्ञों की यह टीम कोविड-19 की त्वरित पहचान के उपकरण भारत में स्थापित करेगी। रिलायंस ने इस प्रणाली को इजरायल के एक स्टार्ट-अप से डेढ़ करोड़ डॉलर में हासिल किया है।
रिलायंस समूह ने जनवरी में बीओएच के साथ उसकी सांस के जरिये कोविड-19 का परीक्षण करने की प्रणाली को लेकर डेढ़ करोड़ डॉलर का समझौता किया है। समझौते के मुताबिक इस प्रणाली के जरिये रिलायंस इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर कोविड-19 की जांच कर सकेगी। कंपनी डेढ़ करोड़ डॉलर में ऐसी कई प्रणाली इजरायल से खरीदेगी, जिससे एक करोड़ डॉलर मासिक की लागत पर लाखों परीक्षण किए जा सकेंगे। बीओएच ने सांसों के जरिये परीक्षण की यह प्रणाली विकसित की है, जिसकी सफलता दर 95 प्रतिशत तक बताई जाती है।
कंपनी सूत्रों ने बताया कि ब्रेथ ऑफ हेल्थ (बीओएच) के एक प्रतिनिधिमंडल को रिलायंस के आग्रह पर पहले ही आपात मंजूरी दी जा चुकी है। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी। यह प्रणाली कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों और मरीजों के बारे में शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर देगी। प्रणाली कुछ ही सेकंड में परिणाम बता देती है। बहरहाल, इजरायल ने अपने नागरिकों को दुनिया के सात देशों में जाने से मना किया हुआ है। भारत भी इन सात देशों में शामिल है, जहां कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत को नियमित रूप से मिल रही वैश्विक सहायता और समर्थन, राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए राहत सामग्री का कुशल एवं त्वरित आवंटन निरंतर जारी
अब तक 6738 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 16 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 4668 वेंटिलेटर्स/ बीआई पीएपी और करीब 3 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए/ रवाना किए गए।
नई दिल्ली। भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना दिखाते हुए, वैश्विक समुदाय ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी सामूहिक लड़ाई में भारत के प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, भारत सरकार ने भी विदेशों से प्राप्त होने वाली इस सहायता सामग्री के प्रभावी आवंटन और शीघ्र वितरण एवं आपूर्ति के लिए एक सुव्यवस्थित और सुनियोजित तंत्र तैयार किया है। ये तंत्र तृतीय श्रेणी के कोविड देखभाल संस्थानों और सहायता प्राप्त करने वाले राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों के चिकित्सा क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे में वृद्धि करेगा और अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के मरीज़ों के प्रभावी नैदानिक प्रबन्धन के लिए उनकी नैदानिक प्रबन्धन क्षमता को मज़बूती प्रदान करेगा।
भारत सरकार को दुनिया के विभिन्न देशों/ संगठनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुदान और कोविड-19 राहत चिकित्सा सामग्री तथा उपकरणों के रूप में सहायता प्राप्त हो रही है। भारत सरकार को ये सहायता 27 अप्रैल, 2021 से लगातार मिल रही है।
27 अप्रैल, 2021 से 08 मई, 2021 तक कुल मिलाकर 6738 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 16 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 4668 वेंटिलेटर्स/ बीआई पीएपी और करीब 3 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए/ रवाना किए जा चुके हैं।
Ministry of Health and Family Welfare द्वारा प्रेस रिलीज में बताया गया है कि 8 मई, 2021 को कनाडा, थाइलैंड, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, इज़राइल, यूएसए, जापान, मलेशिया, यूएस (जीआईएलईएडी), यूएस (सेल्सफोर्स) और थाइलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय से राहत सामग्री के रूप में प्राप्त हुए प्रमुख सामान में निम्नलिखित शामिल हैं:-
ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर (2404)
रेमडेसिविर इंजेक्शन (25,000)
वेंटिलेटर्स (218)
टेस्टिंग किट (6,92,208)
प्राप्तकर्ता राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों और संस्थानों को इस राहत सामग्री का प्रभावशाली तरीके से शीघ्र आवंटन और सुव्यवस्थित आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। केन्द्र स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित तरीके से व्यापक स्तर पर इसकी निगरानी कर रहा है।
एम्स, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोविड के तेज़ी से बढ़ते मामलों से निपटने के लिए विदेश से वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के रूप में राहत सामग्री और चिकित्सा उपकरणों को भेजने वाले सभी देशों का धन्यवाद किया।
एम्स, रायबरेली के निदेशक डॉ. अरविंद राजवंशी ने एम्स रायबरेली में मरीज़ों की मदद करने के लिए विदेशी सहायता के अंतर्गत प्राप्त हुए कोविड-19 उपकरणों के बारे में बताया।
तेलंगाना स्थित एम्स, बीबीनगर की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस कल्याणी ने विदेशी राहत चिकित्सा सामग्री को तुरंत अस्पताल में पहुंचाने के लिए भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार का धन्यवाद किया। अस्पताल को ऑक्सीजन सिलेंडर, बीआई पीएपी मशीन और अन्य कोविड-19 उपकरण भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे घबराएं नहीं, और कोविड उपयुक्त व्यवहार (कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर) का पालन करें।
एम्स, भोपाल के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सरमन सिंह ने विदेशों से मदद का हाथ आगे बढ़ाने वाले और दान करने वाली एजेंसियों का धन्यवाद किया। एम्स भोपाल को अब तक भारत सरकार द्वारा आवंटित की गई विदेशी राहत सामग्री से उन्हें 80 बीआई पीएपी वेंटिलेटर्स, 80 ट्रॉलिज़, 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 1 लाख मास्क और 5000 सर्जिकल गाउन प्राप्त हुए हैं।
एम्स, पटना के प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि विदेशों से प्राप्त होने वाली राहत सामग्री कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी जंग में उनके अस्पताल के लिए किस प्रकार मददगार साबित होगी।
एम्स, रायपुर के डॉ. नितिन नागरकर कहते हैं कि अस्पताल को 50 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स और 64 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त हुए हैं, और अस्पताल ने मरीजों के लिए इनका उपयोग करना तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया है।
अनुदान, सहायता और दान के रूप में विदेशों से आने वाली कोविड राहत सामग्री की प्राप्ति और आवंटन के समन्वय के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ बनाया गया है। इस प्रकोष्ठ ने 26 अप्रैल, 2021 से काम करना शुरू कर दिया है। इस संबंध में 2 मई, 2021 से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक मानक संचालन प्रक्रिया को तैयार और कार्यान्वित किया गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के प्रयासों की कड़ी में 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है। रविवार को इससे संबंधित आदेश जारी किए गए। नई गाइडलाइन के अनुसार एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए लोगों को ई-पास बनवाना होगा।
किन्हें है छूट- किसी कंपनी या कारखाने में काम करने वाले, चिकित्सा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित परिवहन, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, अस्पताल के अन्य कर्मचारी, मेडिकल शॉप और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी छूट दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी, दूरसंचार सेवा, डाक सेवा, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, इंटरनेट मीडिया से जुड़े कर्मचारियों को ई-पास बनाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने संस्थान का आई-कार्ड दिखाकर आवनगमन कर सकते हैं।
ई-कॉमर्स को भी छूट के कारण ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त आवश्यक सामान के लिए ऑर्डर दिया जा सकता है।
आवेदन करने के लिए शासन की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर जाएं, फिर rahat.up.nic/epass पर जाकर आवेदन भर दें।
बिजनौर। ग्रामीण क्षेत्रो में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये पंचायती राज विभाग द्वारा पूर्ण रूप से एलर्ट होकर जनपद की ग्राम पंचायतों में सफाई के साथ-साथ सैनेटाईजेशन एवं फॉगिंग का कार्य किया गया।
रविवार दिनांक 09.05.2021 को विशेष स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत जनपद की 433 ग्राम पंचायतों में सफाई अभियान चलाया गया। समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं जनपद के 433 ग्राम पंचायत के सचिवों ने ग्राम पंचायतों में उपस्थित होकर अपना सम्पूर्ण सहयोग करते हुए अग्रणी भूमिका निभायी गयी।
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक शनिवार से सोमवार तक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में ग्राम पंचायत स्तर पर गठित निगरानी समिति के द्वारा सतर्कता बरती जा रही है। गांव में बाहर से आने वाले प्रवासी व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है।
निगरानी समिति द्वारा ग्राम पंचायत में बने क्वारंटाइन सैन्टरर्स में कोविड धनात्मक व्यक्तियों को रखा जा रहा है तथा यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जा रही है। इसके साथ-साथ कोई कोविड -19 के नियमों का उलंघन करता है तो इसकी सूचना भी जिला प्रशासन के साथ-साथ सम्बंधित थानाध्यक्ष एवं एम०ओ०ए०सी० को तत्काल उक्त समिति द्वारा दी जा रही है। निगरानी समिति द्वारा ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर थर्मल स्कैनर से लोगों का तापमान तथा पल्स ऑक्सीमीटर से लोगों का ऑक्सीजन लेवल चैक किया जा रहा है यदि ऑक्सीजन लेवल 90 से कम पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल एम०ओ०आई०सी० एवं कोविड कन्ट्रोल रूम को दी जाती है। यह भी जानकारी दी गयी कि जनपद में कोविड – 19 से सम्बंधित किसी भी प्रकार की घटना की सूचना तत्काल जनपदीय नियन्त्रण कक्ष 01342-262031 विकास भवन में पंचायती राज विभाग के नियन्त्रण कक्ष 01342-262557 या टोल फ्री नम्बर 18001805145 पर दे सकते हैं।
बिजनौर। जिले में रविवार को कोरोना ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिये। कुल 796 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई, जबकि संक्रमण दर करीब 30 फीसदी पर पहुंच गयी। तीन मौतों की भी अधिकारिक तौर पर पुष्टि की गयी, इनमें एक दिन पूर्व हुई जिला समाज कल्याण अधिकारी की भी मौत भी शामिल है। सक्रिय केस की संख्या 2551 पहुंच गई है।
बिजनौर में रविवार को 2699 टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 796 को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमितों में जिले के सभी तहसीलों व ब्लॉकों के विभिन्न शहर-कस्बों व गांवों के लोग शामिल हैं। तीन की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि इनमें अफजलगढ़ ब्लॉक के गांव शेरगढ़ निवासी 62 वर्षीय व्यक्ति की सुबह टीएमयू मुरादाबाद में मृत्यु हुई। 28 अप्रैल को उसे टीएमयू में भर्ती कराया था। इसके अलावा धामपुर ब्लॉक के नौरंगाबाद निवासी 56 वर्षीय महिला जो 5 मई से टीएमयू में भर्ती थी। दो वर्षो से डायबिटीज की बीमार इस महिला की भी शनिवार को मौत हो गयी। तीसरी मौत शनिवार को ही चन्द्रकांत आत्रेय हॉस्पिटल बिजनौर में भर्ती समाज कल्याण अधिकारी बद्रीविशाल की है, जिसकी पोर्टल पर चढ़ने के बाद अधिकारिक पुष्टि की गई है।
कुल केस: 12660, कुल ठीक: 10025, कुल मौत: 84, सक्रिय केस: 2551
न हुआ वैक्सीनेशन और न हुई जांच-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से फिर बैरंग लौटे लोग-एक सफाईकर्मी के हवाले रहा दिन भर अस्पताल
बिजनौर। नजीबाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को न ही कोविड की जांच हुई और न ही वैक्सीनेशन ही किया गया। इसके चलते विगत दो दिनों से बैरंग लौट रहे लोगों को एक बार फिर बिना वैक्सीनेशन कराए वापस लौटना पड़ा। नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कई दिनों से वैक्सीनेशन का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका कारण वैक्सीन की उपलब्धता न होना बताया जा रहा है। विगत तीन दिन से बैरंग लौट रहे लोगों को रविवार को भी बिना वैक्सीनेशन कराए ही वापस लौटना पड़ा। उक्त अस्पताल पर पांच दिन पूर्व कोविड की जांच का कार्य बंद कर दिया गया था। इस पर भाजपा कार्यकत्री सुशीला गुप्ता ने मुख्यमंत्री हैल्पलाइन 1076 तथा मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोविड जांच कराए जाने की मांग की थी। इस पर शनिवार को एक बार फिर उक्त अस्पताल पर कोविड जांच शुरु हुई। हालांकि यह अलहदा बाद है कि एक भाजपाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया है कि दोबारा कोविड जांच उनके व उनके सहयोगियों के प्रयास से शुरु हुई है। उधर अस्पताल में रविवार को कोई स्वास्थ्य कर्मी अथवा चिकित्सक मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद एकमात्र सफाईकर्मी ने बताया कि अस्पताल का अवकाश है।
बिजनौर में दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर चाचा भतीजे की हत्या
पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम देने का शक
आरोपियों की गिरफ्तारी को चार टीम गठित
बिजनौर। थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धौकलपुर में हत्या के आरोपी चाचा भतीजे की दिनदिहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक चाचा प्राइमरी स्कूल में टीचर था। आरोपियों को पकडऩे के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश सामने आई है। मृतक 6 साल पहले छेडख़ानी के बाद एक युवक की हत्या के मामले में जमानत पर थे।
कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर निवासी धीर सिंह उर्फ जॉली, भतीजे अंकुर और पिता महाराज के साथ रविवार तडक़े खेत पर गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा भरने के बाद तीनों वापस गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में सामने से कार आकर रुकी। कार सवार हमलावरों ने ट्रैक्टर चला रहे अंकुर पर गोलियां बरसा दी। गोली लगते ही अंकुर ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। इस पर हमलावरों ने दोबारा अंकुर पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। अंकुर के चाचा धीर सिंह को भी हमलावरों ने खेत में घेर लिया और गोलियां बरसा कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि हमलावरों ने ट्रैक्टर पर सवार अंकुर के दादा महाराज सिंह पर हमला नहीं किया। इसके बाद हमलावर हथियार लहराते हुए कार से फरार हो गए। दोहरे हत्याकांड से गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। एसपी डा. धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2015 में गांव के अध्यापक अमन सिंह की जनता इंटर कॉलेज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अंकुर और धीर सिंह को भी नामजद किया गया था। उसी का बदला लेने के लिए डबल मर्डर को अंजाम दिए जाने अनुमान पुलिस लगा रही है।
अमन हत्याकांड का बदला? एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि धीर सिंह व उसके भतीजे की धौकलपुर से कुछ दूरी पर तीन-चार हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। एसपी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 15 अगस्त 2015 को गांव निवासी टीचर अमन सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में धीर सिंह, उसका भाई जगवीर और भतीजा अंकुर जेल गये थे। धीर सिंह और अंकुर जमानत पर रिहा हो गए थे। पुलिस को संदेह है कि अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा-भतीजे की हत्या की गयी है। परिजनों ने पुरानी रंजिश में विपक्षियों पर चाचा-भतीजे की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने अभियुक्तों की तलाश के लिए चार टीम गठित की हैं।
शीघ्र ही गिरफ्तार होगें हत्यारोपी: डीआईजी
बिजनौर। मुरादाबाद से पहुंचे डीआईजी शलभ माथुर ने पीड़ित परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस के आला अफसरों से भी पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि जल्द ही हत्यारोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। उनके सामने 15 अगस्त 2015 में गांव के अमन सिंह की स्कूल में गोली मारकर हत्या करने व मामले में धीर सिंह, अंकुर और उसके पिता जगवीर को नामजद करने की बात भी सामने आई। डीआईजी ने भरोसा दिलाया है कि दोनों की हत्या करने वालों का इरादा कुछ भी हो ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा किंतु उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
घर पर ऑक्सीजन पाने के लिए प्रशासन ने की व्यवस्था डीएम ने एसडीएम को बनाया नोडल अधिकारी
बिजनौर। जनपद में होम आइसोलेशन के मरीजों तथा अन्य बीमारियों से पीडि़त ऐसे मरीजों, जो कि अपने घर पर ही चिकित्सा प्राप्त कर रहे हैं और उनको ऑक्सीजन की आवश्यकता है, उनको ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने हेतु जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाई गई है। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि इसके लिए हेल्प लाइन नम्बर 01342-262295 तथा मोबाईल नंबर 9454416928 निर्धारित किये गए हैं। यह 24&7 क्रियाशील रहेगें। ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए विक्रमादित्य सिंह मलिक, आईएएस उपजिलाधिकारी / ज्वाईन्ट मजिस्ट्रेट बिजनौर को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नियमानुवार एक समय में एक से अधिक ऑक्सीजन सिलेण्डर की रिफलिंग एक व्यक्ति को नहीं उपलब्ध नहीं करायी जाएगी। घर पर उपयोग के लिए ऑक्सीजन चिकित्सक, जिनका नाम, पता मोबाईल नंबर पर्चे पर स्पष्ट रूप से अंकित होगा, के स्पष्ट परामर्श पर ही उपलब्ध हो सकेगी। ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर (रिफलिंग) प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी निर्धारित हैं। इनमें आधार कार्ड की छायाप्रति, चिकित्सक द्वारा जारी दवाई का पर्चा (प्रेस्क्रिप्शन),ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवेल रिपोर्ट एवं कोरोना टेस्ट रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों की फोटो हेल्पलाइन नम्बर द्वारा बताए गए मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करनी होगी। उसके पश्चात उपरोक्त अभिलेख पूरे होने की स्थिति में नोडल अधिकारी द्वारा निर्णय लेते हुए स्पलायर (रिफिलर) को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। तीमारदारों को मोबाईल पर सूचित किया जायेगा। नोडल आफिसर तथा सप्लायर / रिफिलर द्वारा इसका रिकार्ड रखा जाएगा।
शराब एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा मांग पत्र।
100 करोड़ से अधिक का हो रहा है रोजाना यूपी को नुकसान।
लखनऊ (9 मई 2021) शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि शासनादेश में लॉक डाउन के दौरान दुकान बंद रखने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। बंदी से यूपी को रोजाना एक सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।
एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन कर्फ्यू में शराब की दुकानें बंद हैं। शराब की दुकानें बंद करने का शासन द्वारा शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश दिया गया है। इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग प्रदेश सरकार से कर रहे हैं। श्री मौर्य ने बताया कि रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान यूपी में हो रहा है। शराब की दुकानें बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता सता रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, आबकारी सचिव तथा आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शराब की दुकानें खोलने की मांग रखी गई है। पत्र पर एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, नीरज जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, जय जायसवाल शिवकुमार, देवेश जायसवाल के हस्ताक्षर हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पूर्व से जारी कोरोना लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। अब सारी पाबंदियां 17 मई तक पूर्व की भांति जारी रहेंगी। इस अवधि में ईद का त्योहार भी है, हालांकि उस दिन में सारे प्रतिबंध लागू होंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने प्रदेश में पाबंदियों के साथ लॉकडाउन लगाने का फैसला किया था। पूर्व में लॉकडाउन को 10 मई तक बढ़ाया गया था, जिसे अब 7 दिन और बढ़ाया गया है।
सीएम से बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सारे प्रतिबंधों को 17 मई की सुबह 7 बजे तक जारी रखा जाएगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए ही लोगों को मूवमेंट की इजाजत दी जाएगी। यूपी में 30 अप्रैल से ही कोरोना लॉकडाउन लगा हुआ है और लगातार सरकार इसकी मियाद को बढ़ा रही है।
Partial ‘corona curfew’ imposed in Uttar Pradesh extended till May 17: ACS Information Navneet Sehgal
14 मई को ईद पर भी रहेंगे प्रतिबंध 14 मई को यूपी में ईद का त्योहार भी है, ऐसे में सरकार ने यह फैसला किया है कि किसी तरह का खतरा ना लेते हुए प्रतिबंध को 17 मई तक बढ़ाया जाएगा। सरकार के फैसले के बाद समस्त जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में सूचना भेज दी गई है।
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। कर्फ्यू हटाने पर गांवों में संक्रमण में और तेजी आ सकती है। कोई खतरा न लेते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यूपी में 30 अप्रैल के बाद से ही आंशिक कोरोना कर्फ्यू है। इसका असर यह हुआ कि कोरोना के सक्रिय मामलों में 60 हजार की कमी आ गई है।
योगी सरकार ने प्रदेश में 29 अप्रैल को शुक्रवार शाम आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन करने का निर्णय लिया था और फिर तीन मई को दो दिन के लिए इसे और बढ़ा कर गुरुवार (6 मई) सुबह सात बजे तक कर दिया। इसके बाद 5 मई को इसकी मियाद सोमवार मतलब 10 मई सुबह सात बजे तक कर दी, जिसके एक दिन पहले ही लॉकडाउन 17 मई सुबह सात बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया।
वहीं प्रदेश सरकार ने मॉस्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बेंगलुरु। कोर्स ऑफ मिलिट्री पुलिस सेंटर एंड स्कूल (सीएमपी सी एंड एस) ने दिनांक 8 मई, 2021 को द्रोणाचार्य परेड ग्राउंड में 83 महिला सैनिकों के पहले जत्थे की अनुप्रमाणन परेड का आयोजन किया । सभी कोविड संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस परेड का आयोजन नियंत्रित ढंग से किया गया था ।
सीएमपी सेंटर एंड स्कूल के कमांडेंट ने परेड की समीक्षा करते हुए नवप्रमाणित महिला सैनिकों को उनकी त्रुटिहीन ड्रिल के लिए बधाई दी, साथ ही 61 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण- आधारभूत सैन्य प्रशिक्षण, प्रोवोस्ट ट्रेनिंग जिसमें सभी प्रकार की पुलिस संबंधी ड्यूटी एवं युद्धबंदियों का प्रबंधन शामिल है, वाहनों के रखरखाव एवं ड्राइविंग से जुड़ा कौशल विकास एवं सिग्नल संचार शामिल है- के पूरा होने पर शुभकामनाएं प्रेषित की । राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, धार्मिकता और निस्वार्थ सेवा के प्रति समर्पण का गुणगान करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उन्हें दिए गए प्रशिक्षण और प्राप्त मानकों से उन्हें बेहतर स्थिति में आने में सहायता मिलेगी एवं स्वयं को देश के विभिन्न भू-भाग और सामरिक परिस्थितियों में स्थित अपनी नई इकाइयों में एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर साबित करने में मदद मिलेगी ।
लखनऊ।उत्तर प्रदेश में 5G टेस्टिंग को लेकर अफवाहों को फैलाना अब भारी पड़ सकता है। देखने में आया है कि आम व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पत्रकारिता जैसे सम्मानित व गंभीर पेशे से जुड़े लोग भी सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश प्रसारित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों पर सतर्क निगाह रखेगी और आवश्कतानुसार कड़ी कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि कोरोना के संक्रमण काल में कुछ शरारती तत्व अफवाहें और भ्रांतियां फैलाकर उत्तर प्रदेश में व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं। इन दिनों 5-जी नेटवर्क के ट्रॉयल को लेकर इंटरनेट मीडिया पर कई तरह के भ्रामक संदेश वायरल हो रहे हैं। इसे लेकर अफवाहें फैलाने वालों पर पुलिस अब कठोर कार्रवाई करेगी। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के एसपी को अफवाह फैलाकर महौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे तत्वों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में इंटरनेट मीडिया पर 5-जी टेस्टिंग के दौरान पैदा हो रही तरंगों (वेब) से कोरोना फैलने और लोगों की मौत होने के मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं। सूबे के कुछ हिस्सों में 5-जी नेटवर्क ट्रायल से रेडीएशन फैल रहा है और लोगों की मृत्यु हो रही है। कुछ पोस्ट के जरिए इटली में कोविड से जान गंवाने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उनकी मृत्यु रेडिएशन से होने की बात सामने आने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
कुछ संदेश इस नेटवर्क के ट्रॉयल से कोरोना संक्रमण को बढ़ावा मिलने के भी वायरल हो रहे हैं। खुफिया विभाग ने ऐसे संदेशों को लेकर डीजीपी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भी दी है। वाराणसी के एक युवक की बिहार के निवासी व्यक्ति से बातचीत का आडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें 5-जी टावर की टेस्टिंग से लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर व सुलतानपुर के गांवों में फाइव-जी टावर टेस्टिंग से लोगों की मौत होने तथा ग्रामीणों की ओर से टावर को बंद कराने अथवा उखाड़ फेंकने की धमकी दिए जाने की सूचनाएं भी वायरल की जा रही हैं।
एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी वायरल सूचनाओं को लेकर खुफिया तंत्र को लगातार सक्रिय रखा जाए और ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इंटरनेट मीडिया की लगातार निगरानी के साथ ऐसी अफवाहों का तत्काल खंडन भी किया जाए।
इससे पहले newsdaily24.news ने 04 मई 2021 को 5G टेस्टिंग से नहीं फैलता कोरोना:WHO शीर्षक से प्रकाशित पोस्ट से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया था… https://wp.me/pcjbvZ-19o
लखनऊ। जेसीपी (एलओ) ने कोरोना मरीजों की मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर बैंक शुरू किया है। इस बैंक से कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे। सिलेंडर की उपलब्धता होने पर जरूरतमंद लोगों की भी मदद की जाएगी।
जेसीपी (एलओ) पीयूष मोर्डिया के डालीगंज स्थित कार्यालय से जरूरतमंद लोग ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर अपनों की जान बचाने का प्रयास कर सकते हैं। जेसीपी (एलओ) पीयूष मोर्डिया के मुताबिक कोरोना महामारी के बीच बहुत से लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ रही है। साथ ही हर वक्त सड़कों पर मुस्तैद रहने वाले पुलिसकर्मी भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बीमार पुलिस वालों को ऑक्सीजन की दिक्कत ना हो इसलिए ऑक्सीजन सिलेंडर बैंक की शुरुआत की गई है। इस बैंक से पुलिसकर्मियों के अलावा जरूरतमंद लोगों को भी उपलब्धता होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके लिए आधार कार्ड एवं डॉक्टर का पर्चा दिखाना अनिवार्य होगा। इस ऑक्सीजन बैंक से सिलेंडर पाने के लिए इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं –
नई दिल्ली। अफगानिस्तान से दिल्ली लाकर पंजाब सहित देश के कई राज्यों में हेरोइन सप्लाई करने वाले अफगान दम्पति को पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों मोहम्मद शफी व तरीना के पास से पुलिस ने 125.840 ग्राम सबसे उत्तम क्वालिटी की हेरोइन बरामद की है। इसकी कीमत सौ करोड़ के आसपास बताई जा रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले गिरोह का हिस्सा है। दोनों वजीराबाद में कमरा किराए पर लेकर रह रहे थे। हेरोइन की तस्करी में मदद करने के लिए शफी अपनी पत्नी को भी साथ रखता था। पुलिस ने आरोपी की कार को जब्त कर लिया है। दोनों को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले के तार अफगानिस्तान से जुड़ रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि शुक्रवार को वाहन चोरी निरोधक दस्ता पुलिस को इलाके में हेरोइन की बड़ी खेप आने की सूचना मिली। छानबीन में पुलिस को पता चला कि वजीराबाद से हेरोइन की तस्करी करने के लिए दो लोग ख्याला आने वाले हैं। इस पर इंस्पेक्टर प्रमोद तोमर के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई और ख्याला के गंदा नाला रोड स्थित गैस एजेंसी के आसपास निगाह रखनी शुरू कर दी। शुक्रवार शाम 4.35 बजे एक सफेद रंग की कार आई और गैस एजेंसी के पास सड़क किनारे खड़ी हुई। इसके बाद एक पुरुष व एक महिला कार से उतरकर किसी का इंतजार करने लगे। काफी देर बीत जाने के बाद भी जब कोई नहीं आया तो पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की। कार की तलाशी लेने पर उसमें सात प्लास्टिक बैग में हेरोइन मिले।दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
12 साल से रह रहे दिल्ली में पूछताछ के दौरान आरोपी मोहम्मद शफी ने बताया कि वह 12 वर्ष पहले अफगानिस्तान से वजीराबाद आया और हनुमान चौक के पास रहने लगा। वह पहले भी कई बार हेरोइन तस्करी का काम कर चुका है। अफगानिस्तान से हेरोइन बनाने का कच्चा माल आता है और हेरोइन तैयार कर पंजाब भेज दिया जाता है। इस कार्य में उसकी पत्नी भी मदद करती है। कार में वह कई बार अपने छह बच्चों को भी साथ रखता था, जिससे कि पुलिस को उसपर शक नहीं हो।
बहुत बड़ा है नेटवर्क पुलिस सूत्रों ने बताया कि हेरोइन तस्करी का नेटवर्क बहुत बड़ा है। कई मामलों में अफगानिस्तान से कच्चा माल थाइलैंड, मलेशिया व बैंकाक पहुंचता है और फिर इसे भारत लाया जाता है। बाद में अन्य राज्यों में इसकी तस्करी की जाती है। इसके पीछे कई बड़ी मछलियां होती हैं। पुलिस पूरे गिरोह के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।
नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संदिग्ध / पुष्टि किए गए COVID-19 मामलों के उचित प्रबंधन के लिए तीन स्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना स्थापित करने की नीति लागू की है। इस संबंध में 7 अप्रैल 2020 को जारी मार्गदर्शन दस्तावेज को ध्यान में रखा गया है।
A- COVID केयर सेंटर (CCC) जो हल्के मामलों की देखभाल करेगा। ये हॉस्टल, होटल, स्कूल, स्टेडियम, लॉज आदि में स्थापित किए गए हैं, दोनों सरकारी और निजी कार्यात्मक अस्पताल जैसे सीएचसीएस, आदि, जो नियमित रूप से काम कर सकते हैं, गैर-सीओवीआईडी मामलों को अंतिम रूप में सीओवीआईडी देखभाल केंद्र के रूप में भी नामित किया जा सकता है।
B- समर्पित COVID स्वास्थ्य केंद्र (DCHC) उन सभी मामलों की देखभाल करेगा जो चिकित्सकीय रूप से उदारवादी के रूप में सौंपे गए हैं। ये या तो एक पूर्ण अस्पताल या अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए जिसमें अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास / ज़ोनिंग हो। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन अस्पतालों में सुनिश्चित ऑक्सीजन सहायता के साथ बेड होंगे।
C- समर्पित COVID अस्पताल (DCH) जो मुख्य रूप से उन लोगों के लिए व्यापक देखभाल की पेशकश करेगा जिन्हें चिकित्सकीय रूप से गंभीर रूप से सौंपा गया है। ये अस्पताल या तो एक पूर्ण अस्पताल होना चाहिए या अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास वाले अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित अस्पतालों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन मेहमाननवाज में पूरी तरह से सुनिश्चित आईसीयूएस, वेंटिलेटर और सुनिश्चित ऑक्सीजन के साथ बेड का समर्थन होगा
उपर्युक्त COVID स्वास्थ्य संरचना को CCC में हल्के मामलों के प्रवेश के लिए नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के साथ संरेखित किया गया है। DCHC को मॉडरेट केस और DCH को गंभीर केस।
केंद्र सरकार के अधीन अस्पतालों को निर्देश है। निजी अस्पतालों (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में) सहित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों में COVID रोगियों का प्रबंधन निम्नलिखित सुनिश्चित करेगा: (A) COVID -19 वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण की आवश्यकता COVID स्वास्थ्य सुविधा में प्रवेश के लिए अनिवार्य नहीं है। एक संदिग्ध मामला CCC, DCHC या DHC के संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया जा सकता है, जैसा कि मामला हो सकता है। (B) किसी भी रोगी को किसी भी गिनती पर सेवाओं से इंकार नहीं किया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल हैं, भले ही रोगी एक अलग शहर से संबंधित हो। (C) किसी भी मरीज को उस आधार पर प्रवेश से इंकार नहीं किया जाएगा,जो वह नहीं कर पा रहा है। एक वैध पहचान पत्र का उत्पादन करें जो उस शहर से संबंधित नहीं है जहां अस्पताल स्थित है।
(D) अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेड उन व्यक्तियों द्वारा कब्जा नहीं किया जाता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, https://www.mohfw.gov / pdf / ReviseddischargePolicyforCOVID19.pdf पर उपलब्ध संशोधित निर्वहन नीति के अनुसार निर्वहन सख्ती से किया जाना चाहिए।
Coronavirus को शरीर से खत्म करेगा ये इनहेलर, ट्रायल के बाद जल्द होगी उपलब्ध
नई दिल्ली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे विश्व में खोज जारी है, इसके सटीक इलाज की भी तलाश हो रही है। अब इसके इलाज को लेकर एक बड़ी उम्मीद बंधी है। वैज्ञानिकों ने ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है। वैज्ञानिक अब इस इनहेलर की फाइनल टेस्टिंग में जुट गए हैं।
ट्रायल में 220 मरीज शामिल
कोविड-19 के मरीजों के लिए ब्रिटिश कंपनी सिनायर्जन द्वारा बनाए गई इस खास तकनीक का नाम SNG001 इनहेलर है। SG016 नाम के इस ट्रायल में 220 मरीज शामिल हैं, जिन्हें उनके लक्षण दिखने के बाद तीन दिन के भीतर इनहेलर दिया जाएगा।
फेफड़ों में पड़ने वाले प्रभाव से होगा बचाव
सिनायर्जन के सीईओ रिचर्ड मार्डसन ने कहा है कि SG016 ट्रायल के विस्तार से वे बेहद खुश हैं। इससे हम काफी जल्दी घरेलू एनवायरोमेंट में ही ड्रग को टेस्ट करने में कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें इस ट्रायल से बड़ी उम्मीद है। यदि इस ट्रायल में सफलता मिली तो हम बीमारी के कारण फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभाव से शरीर को बचा पाएंगे।’ इस दौरान 98 रोगियों को इसका डोज दिया गया। अब इसका टॉप लाइन डेटा जुलाई में जारी किया जाएगा।
एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को करता है टारगेट
इनहेलर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन (इंटरफेरॉन बीटा,आईएफएन-बीटा) को सीधे फेफड़ों में उतारता है। यह शरीर की एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को टारगेट करता है। ये न सिर्फ सेल्स डैमेज होने से बचाता है, बल्कि वायरस को नकल करने से भी रोकता है। कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में फैलती इस महामारी के बीच SNG001 इनहेलर एक बड़ा रोल अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल की कामयाबी के बाद ये इनहेलर पूरे ब्रिटेन में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
कुल केस 11864, कुल ठीक 9916, कुल मौत 81, सक्रिय केस 1867
जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 3 की मौत, 323 संक्रमित। 08 मौत तो शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक ही हो गई, दर्ज नहीं अधिकारिक आंकड़ों में।
बिजनौर। जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 3 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। कोरोना के 323 नए संक्रमित मिलने के साथ ही सक्रिय केस इस समय 1867 हो गए हैं। वहीं 371 लोग ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने जिला समाज कल्याण अधिकारी बद्री विशाल की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया, कि हालांकि यह अभी पोर्टल पर नहीं आई है, लेकिन उनके संज्ञान में आया है। वह यहां डा. अवधेश कुमार वशिष्ठ के उपचार में भर्ती थे । इलाज के दौरान शनिवार शाम उनकी मृत्यु हो गई। दो अन्य कोरोना संक्रमितों की मौतों की जानकारी पोर्टल पर आने के बाद हुई है। चंद्रकांत आत्रेय हॉस्पिटल में 29 अप्रैल को शक्ति नर्सिग होम मंडावर रोड बिजनौर निवासी 84 वर्षीय महिला की तथा 5 मई को मोहल्ला ब्रह्मनान मंडावर निवासी 55 वर्षीय महिला की मृत्यु की पुष्टि हुई है।
लखनऊ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर डटी खाकी के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो रही है। पंचायत चुनाव, कंटेनमेंट जोन से लेकर फील्ड ड्यूटी में मुस्तैद उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों से लेकर जवानों में संक्रमण की रफ्तार बीते एक माह में तेजी से बढ़ी है। कोरोना संक्रमण के चलते ही छह जिलों में प्रभारी एसपी की तैनाती तक करनी पड़ी। कोरोना की दूसरी लहर में अब 59 पुलिसकर्मी अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
एडीजी लॉ एंड आर्डर ने जारी किए आदेश
यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना काल के दौरान पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हुए संक्रमण के चलते अब तक 137 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं।वहीं, वर्तमान काल में 4117 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव है। हालांकि अब तक 13824 पुलिसकर्मी कोरोना को मात देकर पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभा भी रहे हैं।
दिन रात काम कर रही है यूपी पुलिस
कोरोना के दौरान कानून व्यवस्था संभालने से लेकर क्राइम कंट्रोल और पंचायत चुनाव कराने जैसी अहम जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस के ही कंधों पर थीं। ढाई लाख की पुलिस फोर्स वाली उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिन रात कंटेंटमेंट जोन से लेकर गलियों और चौराहों पर ड्यूटी की है। उत्तर प्रदेश में 66761 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हैं, जबकि मैक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या 13257 है। इन कंटेनमेंट जोन में 32706 पुलिसकर्मी तैनात हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख में लगे रहते हैं।
एडीजी एलओ ने दिए ये निर्देश– एडीजी एलओ प्रशांत कुमार के मुताबिक, हर पुलिस लाइन में कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं।इसके साथ ही पुलिस थानों, चौकियों, पीएसी और पुलिस के अन्य कार्यालयों में भी कोविड सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर कोरोना से निपटने के सभी संसाधन मौजूद रहते हैं।
कोरोना संक्रमण व सुधार पर पूरी नजर-डीजीपी मुख्यालय स्तर से 26 अप्रैल 2020 से पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण व सुधार पर पूरी नजर रखी जा रही है। फरवरी 2021 में तीन पुलिसकर्मी ही कोरोना संक्रमित बचे थे, जबकि अगस्त 2020 में 2300 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित थे। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने निर्देश दिया है कि चुनाव ड्यूटी से वापस लौटे जिन पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य में परिवर्तन महसूस हो रहा है अथवा कोई आशंका है, वे आराम करें और तत्काल अपना कोरोना टेस्ट कराए।
कोरोना से जंग के लिए 16 करोड़ रुपए-पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पुलिस की सभी इकाइयों को 16 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस रकम से वाहनों व कार्यालय परिसरों का सैनीटाइजेशन कराने से लेकर कर्मियों के लिए मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर, फेस शील्ड व अन्य सुरक्षा उपकरणों के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी पुलिस लाइन व पीएसी वाहिनियों में कोविड केयर सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। पुलिस अस्पतालों में भी कोविड के बेड व आक्सीजन सिलेंडर का बंदोबस्त कराया गया है।
अमरोहा। बहुजन समाज पार्टी के अमरोहा सांसद कुंवर दानिश अली ने आज दिनांक 8 मई 2021 को अपनी सांसद निधि से कोरोना से लड़ने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाने व अन्य आवश्यक उपकरण आदि की खरीद के लिए ₹ 5.00.00.000 (पांच करोड़) देने की संस्तुति की है।
इस संबंध में उन्होंने 04 मई को प्रधानमंत्री को लिखा था। सांसद ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए स्थान चिन्हित करने, इस्टीमेट आदि पूरी तैयारी करने का अनुरोध किया है।बसपा सांसद के इस सहयोग के लिए उनकी प्रशंसा की जा रही है।
विदित हो कि पिछले हफ्ते बीजेपी के पूर्व सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने अमरोहा में ऑक्सीजन प्लांट लगावाने के लिए डीएम उमेश मिश्र को 50 लाख रुपए दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक करोड़ की तीन मोबाइल एंबुलेंस भी डीएम को सौंपी हैं, ताकि कोरोना संक्रमितों की गांव-गांव में जांच के साथ दवा बांटी जा सकें। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद की धनराशि से जोया रोड स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर डीएम के निर्देश पर अफसरों ने प्लांट स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है।
जिला कारागार से छोड़े जाएंगे 20 कैदी और 160 बंदी अंतरिम जमानत व 60 दिन की पैरोल की कवायद
बिजनौर। कोरोना संक्रमण के बढ़़ते खतरे को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला कारागार से करीब 20 कैदी और 160 बंदी जिला कारागार से छोड़े जाएंगे। इन बंदियों को अंतरिम जमानत और कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाएगा। इसके लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने जेलों में बंदियों का बोझ कम करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 60 दिन की पैरोल पर कैदियों को छोड़ा जाएगा। वहीं लगभग इतने ही दिनों की अंतरिम जमानत बंदियों को दी जानी है। विदित हो कि पिछले साल लॉकडाउन में भी बंदियों और कैदियों को छोड़ा गया था। उस वक्त बिजनौर जेल से 175 बंदी अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे, जबकि 16 कैदियों को पैरोल मिली थी। उन्हें 28 दिन के लिए छोड़ा गया था लेकिन बाद में इस अवधि को बढ़ाते हुए 5 महीने कर दिया गया था। एक बार अब फिर से वही व्यवस्था की जा रही है। शासन के आदेश पर जिला कारागार प्रशासन ने करीब 160 बंदियों की लिस्ट तैयार की है। इन्हें अंतरिम जमानत के लिए जेल में लगने वाली कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके अलावा 20 कैदियों की लिस्ट तैयार कर शासन को भेजी जानी है। इसके बाद ही इन्हें पैरोल पर रिहा कर दिया जाएगा।जेलर एसपी सिंह ने बताया कि करीब 160 बंदियों को शासन के निर्देश पर अंतरिम जमानत दिलाई जानी है। इसके लिए सूची तैयार हो चुकी है। 10 मई से 20 मई तक जज और मजिस्ट्रेट जेल में दौरा कर अंतरिम जमानत की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। इनमें ऐसे लोगों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा जो कि 7 साल तक की सजा वाले केस में जेल में बंद हैं। शासन के दिशा निर्देश के चलते पैरोल पर छोडऩे के लिए सूची तैयार की जा रही है। कैदियों की सूची शासन को भेजी जाएगी। जबकि बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाना है।
शनिवार को सडक़ें रहीं गुलजार, वाहनों ने भरा फर्राटा
बिजनौर। कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लॉक डाउन के बीच यदा कदा वीरान रहने वाली सडक़ें शनिवार को गुलजार रहीं। दिन भर सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही रही। वहीं पैदल आने जाने वालों की संख्या भी पिछले कुछ दिनों के मुकाबले बढ़ गई। लोगों में पुलिस का खौफ बिल्कुल भी नहीं दिखाई दिया। कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न वर्तमान हालात को देखते हुए भी कोई सीख लेने को तैयार नहीं है। हाल यह है कि लगभग हर घर में कोई न कोई किसी न किसी प्रकार की बीमार की चपेट में हैँ।
लोग समाचार पत्रों, टीवी, सोशल मीडिया पर लगातार कोरोना के कारण बिगड़ते हालात जान रहे हैं। इसके बावजूद समझने की कोशिश नहीं कर रहे। कई दिन से लगातार जारी लॉक डाउन सोमवार सवेरे समाप्त होगा। इसका इंतजार करना लोगों को पसंद नहीं आ रहा। यही कारण रहा कि शनिवार को अन्य दिनों की अपेक्षा खासी भीड़ देखी गई। खूब वाहन निकले, पैदल निकलने वालों की संख्या भी काफी रही। पता नहीं लोगों को अचानक ऐसा क्या काम आ पड़ा कि चारों तरफ मंडराते मौत के मंजर के बीच उन्हें घर से बाहर कदम निकालने पड़े। किसी में भी पुलिस का भय नहीं दिखाई दिया। सब कुछ आम दिनों की भांति ही प्रतीत हो रहा था। बीच बीच में यदि पुलिस की कोई गाड़ी निकलती तो लोग सतर्क मुद्रा में आ जाते, लेकिन पुलिस के न टोकने से निश्चिंत हो जाते।
वहीं चांदपुर की चुंगी पर चौकी पुलिस प्रभारी व टीम ने लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए वाहनों से गुजर रहे लोगों से गहन पूछताछ की। घर से बाहर निकलने का वाजिब कारण जो बता पाया उसे कोविड नियमों का पालन करने की सलाह दी गई। वहीं तफरीह करने निकले लोगों की पुलिस ने जम कर क्लास ली। ऐसे लोगों को सख्ती से समझाया गया।
कोरोना के इलाज में DRDO की दवा 2-DG का होगा इमरजेंसी इस्तेमाल, DGCI ने दी मंजूरी
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत तेजी से प्रभावी कदम उठा रहा है। डीआरडीओ की एक लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज द्वारा डॉक्टर रेड्डी की लैब के साथ मिलकर बनाई गई कोरोना की ओरल दवा- 2- डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज को भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। दवा के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे बताते हैं कि यह दवा अस्पताल में मौजूद कोरोना के मरीजों की जल्दी रिकवरी में सहायक है और इसी के साथ ही यह दवा मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत को भी कम करती है।
बताया गया है कि इस दवाई को लेने वाले कोरोना मरीजों की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आई है। इस महामारी मे कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों के लिए यह दवाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। पीएम मोदी की कोरोना महामारी के खिलाफ तैयार होकर रहने की बात पर अमल करते हुए डीआरडीओ ने कोरोना की दवा- 2-डीजी बनाने का कदम उठाया।
अप्रैल 2020 में, महामारी की पहली लहर के दौरान INMAS-DRDO वैज्ञानिकों ने हैदराबाद के सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) की मदद से प्रयोगशाला में प्रयोग किए गए और पाया कि यह अणु SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करता है और वायरस की वृद्धि को रोकता है। इन परिणाणों के आधार पर DCGI ने मई,2020 में इस दवा के दूसरे चरण के ट्रायल करने की मंजूरी दी थी।
DRDO ने अपने उद्योग भागीदार डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (DRL, हैदराबाद) के साथ मिलकर COVID-19 रोगियों में दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता का परीक्षण परीक्षण शुरू किया। मई से अक्टूबर 2020 के दौरान किए गए चरण- II के परीक्षणों में, दवा COVID-19 रोगियों में सुरक्षित पाई गई, और उनकी रिकवरी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।
चरण 2A 6 अस्पतालों में आयोजित किया गया था और चरण 2B (खुराक लेकर) ks नैदानिक परीक्षण पूरे देश के 11 अस्पतालों में आयोजित किए गए थे। चरण- II का परीक्षण 110 रोगियों पर किया गया। प्रभावकारिता के रुझानों में,जिन रोगियों का इलाज 2-डीजी के साथ किया गया था। उन रोगियों ने विभिन्न बिंदुओं पर मानक देखभाल (SoC) की तुलना में तेजी से सुधार देखा गया।
वी. प्रकाश तनोट वैदिक योग चिकित्सक (पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र) संपर्क-6395575501
कोरोना साध्य है या असाध्य! इस पर चर्चा से पहले मैं थोड़ा योग शब्द पर चर्चा करूंगा। आज के युग में योग अपना परिचय देने के लिए विश्व में किसी सहारे का मोहताज नहीं। योग क्या है? इसका जन्म स्थान क्या है? जन्मदाता कौन है? इसका जन्म कब, क्यों कैसे हुआ? यहां संक्षेप में इतना ही कहा जा सकता है कि योग सदियों पुराना एक ऐसा दिव्य ज्ञान है जिसको अपना कर संपूर्ण मानव जाति, मानव समाज ने स्वयं को शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से स्वस्थ रहते हुए जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की की है। यह हमें ईश्वर द्वारा प्रदान किया एक ऐसा दिव्य मंत्र है, जिसमें मनुष्य ने योग की विभिन्न क्रियाओं को करते हुए स्वयं की सुप्त शक्तियों और ऊर्जाओं को जागृत करके अपना अकथनीय विकास किया है। देवों के देव महादेव भी एक महान योगी थे। महर्षि पतंजलि और न जाने कितने ऋषि-मुनियों साधु-संतों ने योग रूपी अमृत को जनसामान्य के बीच में बांटते हुए संसार को इसकी दिव्य शक्तियों से परिचित कराया। वर्तमान समय में योग गुरु माननीय स्वामी रामदेव जी ने अपने अथक प्रयासों द्वारा भारत ही नहीं संपूर्ण जगत में इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया है, जिसका फल यह हुआ कि विश्व के एक विशाल मानव समाज ने अपने जीवन में योग को आत्मसात करते हुए स्वयं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाते हुए अपने देश की उन्नति में योगदान दिया। विषय व्यापक है, समय का अभाव है इसलिए अपने मुख्य बिंदु कोरोना व्याधि की तरफ चलते हैं, जिसने आज संपूर्ण विश्व में हाहाकार मचा रखा है। विश्व में करोड़ों की आबादी इस व्याधि से त्रस्त है। लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। लाखों व्यक्ति अभी भी बीमारी के संक्रमण से जूझ रहे हैं। मानव जीवन को बचाने के लिए सभी देशों की सरकारें अस्पतालों, कोविड वैक्सीन विभिन्न दवाइयों (एलोपैथिक, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक) द्वारा अपने हर संभव प्रयासों द्वारा कोरोना महामारी से पार पाने के लिए युद्ध स्तर पर कोशिशें कर रही हैं। समाज सेवा से जुड़े व्यक्तियों के अनेक समूह भी अपने तन, मन, धन से इसमें भागीदारी कर रहे हैं। एक योगाचार्य व आयुर्वेद का ज्ञाता होने के नाते मैं भी भारत देश की जनता की सेवा के लिए अपना एक छोटा सा योगदान दे रहा हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश की जनता भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए मेरे द्वारा बताए गए योग के विभिन्न प्राणायामों, आसनों और विभिन्न आयुर्वेदिक प्राकृतिक चीजों का सेवन करके स्वयं को कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं और संक्रमित रोगी अपने चिकित्सक की सलाह से मेरे द्वारा बताए नुस्खों योग क्रियाओं को करके जल्दी ठीक हो सकते हैं।
ये तीन प्राणायाम हमारे फेफड़ों को संक्रमण से बचाने में व इम्युनिटी बढ़ाने में विशेष कारगर हैं-
१. भस्त्रिका: किसी भी ध्यान वाले आसन में जैसे सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन में किसी मैट, दरी या चादर पर सीधे बैठ जाएं। कमर, गर्दन सीधा रखते हुए दोनों हाथों को घुटनों पर ध्यान मुद्रा में रखें। श्वांस को धीरे-धीरे दोनों नासिका रंध्रों से फेफड़ों भरें व छोडं़े। ध्यान रहे श्वांस लेने और छोडऩे का अनुपात समान हो। आंखें बंद करके पूरा ध्यान श्वांस प्रश्वांस पर रखें। दो से 3 मिनट अभ्यास करें। उच्च रक्तचाप व हृदय रोगी इस को तीव्र गति से ना करें।
कपाल भांति प्राणायाम
२.कपाल भांति: किसी भी ध्यानात्मक आसन से पूर्व की भांति सीधे बैठ जाएं। श्वांस को सामान्य करें फिर थोड़ा प्रेशर के साथ नासिका से श्वास को बाहर फेंकें। उसी समय पेट को अधिकतम पीछे की तरफ खींचे। बार-बार इस क्रिया को दोहराएं। 5 मिनट करें।
अनुलोम विलोम प्राणायाम
३.अनुलोम विलोम: पूर्व की भांति बैठ जाएं। पहले श्वांस को सामान्य करें। फिर अपने दाएं हाथ को उठाकर मुंह के सामने लाते हुए अंगूठे से दाहिने नासिका रंध्र को बंद करते हुए बाएं नासिका रंध्र से श्वांस भरें और दाएं हाथ की मध्यमा और अनामिका उंगलियों से बाएं रंध्र को बंद करते हुए अंगूठे को हटाते हुए दाएं रंध्र से निकाल दें। फिर दाहिने रंध्र से भर कर बाएं से निकाल दें। इस क्रिया को 5 मिनट तक करें।
विशेष आयुर्वेदिक सुझाव १. गर्म पानी में थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर रोज दो से तीन बार गरारे करने से गला संक्रमण से मुक्त रहता है। २. दो कप पानी में पांच तुलसी पत्र दो लौंग, एक पिप्पली व एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर हल्की आंच पर इतना पकाएं कि एक कप पानी रह जाए। सुबह-शाम पीने से इम्युनिटी बढ़ती है। ३. रात में सोते समय एक गिलास गर्म दूध में 5 ग्राम शुद्ध हल्दी पाउडर डालकर रोज पिएं।
नोट-पाठकगण अपनी किसी भी जीर्ण/ पुरानी बीमारी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए गुरुजी से व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज करें। प्रस्तुति- वी. प्रकाश तनोट वैदिक योग चिकित्सक (पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र) संपर्क-6395575501
लखनऊ : इस वजह से आपको नहीं मिल रहा न्यूज़ पेपर, कई दिनों तक चल सकती है यह समस्या
लखनऊ। यदि आप सुबह सुबह न्यूज़ पेपर यानी कि समाचार पत्र पढ़ने के आदी है तो आगामी कुछ दिनों तक आपको समाचार पत्र नही मिलने वाला है । दरअसल पूरा मामला यह है कि प्रमुख हिंदी समाचार पत्र कंपनियों ने न्यूज़ पेपर के मूल्यों में 50 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है । इसके विरोध में समाचार पत्र विक्रेता और डिलीवरी करने वाले लोग स्ट्राइक पर आ गए हैं ।
महानगर लखनऊ के समाचार विक्रेता संघ के प्रमुख मनीष सिंह रावत ने बताया कि एक तो ग्राहकों ने कोरोना की वजह से वैसे ही न्यूज़ पेपर लेना कम कर दिया है दूसरी तरफ मूल्यों में 50 प्रतिशत वृद्दि होने से मौजूद ग्राहक भी न्यूज़ पेपर लेना बंद कर देंगे । समाचार पत्रों ने इस कोरोना काल मे न केवल पेपर के पृष्ठों की संख्या कम कर दिया है बल्कि मूल्यों में वृद्धि भी कर दी है । विक्रेताओं के हितों को भी समाचार पत्रों ने कोई स्थान नहीं दिया है, जिससे लोगों के सामने आजीविका चलाने की समस्या पैदा हो गयी है । उन्होंने संबंधित लोगों अधिकारियों और सरकार से निवेदन किया है कि इस समस्या का समाधान निकाला जाए और न्यूज़ पेपर विक्रेताओं और डिलीवरी करने वाले लोगों के हितों को संरक्षित किया जाए।
आपको बता दे कि समाचार पत्र विक्रेता और डिलीवरी में लगे लोग अपने जान को हथेली पर रखकर न्यूज़ पेपर लोगो तक पहुँचा रहे हैं । संगठन ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक समाचार पत्र कंपनियां इनकी बातों को नहीं मानतीं, तब तक इनकी डिलीवरी बन्द रहेगी ।
दूसरी तरफ समाचार पत्र कंपनियां, जिन्होंने मूल्य में वृद्धि की है, उनका कहना हैं कि बिज्ञापन न मिलने से उनकी प्रिंटिंग लागत बढ़ गयी है और यदि वो मूल्य नहीं बढ़ाती हैं तो प्रकाशन करना मुश्किल हो जाएगा।
श्री राहुल जो कि नियमित न्यूज़ पेपर लेते है उनका कहना है कि इस वैश्विक महामारी की स्थिति में समाचार पत्र प्रकाशन करने वाली कंपनियों को मूल्य में वृद्धि नही करना चाहिए इसे अगले कुछ महीनों के लिए टाल देना चाहिए ।
शहर में अनेक लोग न्यूज़ पेपर पढ़ने के आदी हैं और न्यूज़ पेपर न मिलने से उनमे गुस्सा देखा जा सकता है। आपको बता दें कि पहले सभी प्रमुख समाचार पत्रों के डिजिटल एडिशन पढ़ने के लिए फ्री थे लेकिन पिछले वर्ष से कई कंपनियों ने उसे भी पेड बेसिस कर दिया है ।
हारने वाले पक्ष के हमले में विजयी पक्ष की महिला की मौत। ग्रामीणों ने शव सडक़ पर रख कर लगाया जाम।
बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र में चुनाव हारने वाले पक्ष ने जीतने वाले पक्ष के समर्थक के घर पर गुरुवार रात हमला कर दिया। घटना में एक महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने मृतका का शव थाने के सामने सड़क पर रख कर नहटौर-हल्दौर हाइवे जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ापुर में बीती रात प्रधानी के चुनाव को लेकर दो पक्षो में जमकर लाठी-डंडे चले जिसमें हारने वाले के हमले से एक महिला की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन के करीब घायल हो गये। उल्लेखनीय है ग्राम कड़ापुर से विनीत ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ है। उसने अपने प्रतिद्वंद्वी विपिन उर्फ पप्पू को हरा कर जीत हासिल की है। हारने के बाद से पप्पू विनीत से रंजिश रख रहा था। आरोप है कि बीती रात लगभग नौ बजे पप्पू ने जीते हुए प्रधान के समर्थकों धर्मेंद्र पुत्र नौबहार, विपिन पुत्र धर्मेंद, ब्रह्म सिंह पुत्र डालू सिंह, कोशेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह व योगेन्द्र पुत्र भीष्म को घेर कर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। झगड़े की सूचना पर सविता देवी (50 वर्ष) पत्नी भीष्म सिंह मौके पर पहुंची और बीच-बचाव करने लगी। यह भी आरोप है कि उसके ऊपर भी हमला कर दिया गया, जिसमें वो गम्भीर रूप से घायल हो गई। गंभीर अवस्था में परिजन उसे लेकर बिजनौर पहुंचे, गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद स्थानीय पुलिस घण्टों बाद पहुची और आरोपियों को पकड़ लिया मगर हलके में तैनात एक सिपाही ने पकड़े गये आरोपियों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। इससे रुष्ट होकर ग्रामीण शुकवार सुबह मृतका का शव थाने लेकर पहुचे और नहटौर-हल्दौर मार्ग पर थाने के सामने हाइवे जाम कर दिया। जाम लगने से हाइवे के दोनों और वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि सभी आरोपितों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और आरोपितों को छोडऩे वाले सिपाही के खिलाफ कार्यवाही हो। जाम की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. गणेश कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को उचित कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
हिंसा के मामले बढ़े- पिछले एक सप्ताह में चुनावी रंजिश को लेकर एक दर्जन से ज्यादा हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। एक दिन पहले ही हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव बल्दिया में नए ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया। वहीं स्योहारा में भी तीन दिन पहले चुनावी रंजिश के चलते हत्या हुई।
बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार दिनांक 07.05.2021 को जनपदीय पुलिस द्वारा बिना मास्क घूम रहे 361 व्यक्तियों का चालान कर 2,56,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
अकारण घूमते लोगों के एसपी ग्रामीण ने कटवाए चालान नजीबाबाद। एसपी ग्रामीण ने स्वयं खड़े होकर बिना किसी जरूरी कारण घूमते मिले लोगों की क्लास लगायी। उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक को कई लोगों के चालान काटने के निर्देश दिए और अपने सामने कई लोगो के चालान कटवाए। इसके अलावा साथ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। शुक्रवार की दोपहर पहुंचे एसपी ग्रामीण संजय कुमार ने रेलवे स्टेशन चौकी के सामने सडक़ पर बेखौफ आवागमन करते हुए लोगों को देख कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश गौड़ से कहा कि लोग खुले आम तुम्हारे सामने से जा रहे हैं तुम क्या कर रहे हो? दौरे पर आए एसपी ग्रामीण संजय कुमार इस दौरान नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के बाहर खड़े हो गए थे। उप जिलाधिकारी परमानन्द झा तथा क्षेत्राधिकारी पुलिस गजेन्द्र पाल सिंह भी वहां पर मौजूद थे। एसपी ग्रामीण ने कहा कि लॉकडाउन का मतलब ही क्या है? जब पुलिस के सामने ही खुले आम लोग दौड़ रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। बिना कारण सडक़ों पर घूमने वाले लोगों का सीधे चालान करो तभी लोग समझेंगे। जब कोई कहने से नहीं मान रहा तो सख्ती अपनानी जरूरी है। उन्होंने स्वयं खड़े होकर वाहनों को रोका और पूछताछ की जो लोग बिना कारण घूमते मिले उनका चालान कराया।
भीड़ की शक्ल में खड़े लोगों को नहीं कोरोना का खतरा बिजनौर/नजीबाबाद। कोरोना संक्रमण के देशभर में लगातार बढ़ते प्रभाव के चलते हो रही मौतों को देखते हुए सरकार की ओर से कोरोना से बचाव को घर में रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और हर संभव बचाव के उपाय अपनाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हुए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग कोरोना के खौफ से बेपरवाह सडक़ों पर अकारण घूमकर कोरोना संक्रमण को दावत देने पर तुले हुए हैं।
तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण से रोजाना कितने ही लोग काल के गाल में समा रहे हैं। कहीं अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी, कहीं बिना इलाज के लोग दम तोड़ रहे हैं। जबकि अधिक संक्रमित लोग बेहतर इलाज के बावजूद जान गंवा रहे हैं। इसके बावजूद विभिन्न बाजारों व मोहल्लों में सडक़ों पर बेखौफ घूमने वाले लोग शायद इस बात को न समझने पर ही उतारु हैं। उनके क्रियाकलापों से लगता है कि मानों उन्हें कोरोना संक्रमण के खतरे का कोई डर ही नहीं है। नजीबाबाद के अजमल खां रोड पर अपराह्न एक बजे सडक़ पर दौड़ रहे वाहन व खरीददारी करने वाले लोगों के बीच ऐसे भी लोग देखे गए जो कहते नजर आए कि कोरोना से क्या डरना जब मौत आनी होगी तो कोई रोक नहीं पाएगा। कोरोना वोरोना तो बस सरकार की चालबाजी है। अब इन्हें कौन बताए कि देश के क्या हालात हैं? इस महामारी के चलते लोग किस मुश्किल से गुजर रहे हैं? दवाओं, ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं के अभाव में लोग किस कदर मजबूर और लाचार हैं?
बिजनौर। कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने के मामले में पुलिस ने नगीना से सपा विधायक मनोज पारस सहित 35 समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरु कर दी है।
थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे.ने बताया कि सपा विधायक मनोज पारस द्वारा सपा के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों व ग्राम प्रधानों के लिए 5 मई गुरुवार की सायं मोहल्ला सरायमीर में मतलूब कुरैशी के कोठी वाले घर पर बिना परमिशन के रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था।
इस दौरान काफी भीड़भाड़ थी। इस कार्यक्रम की एक वीडियो भी वायरल हुई थी। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने एसआई कर्मजीत सिंह व एसआई योगेश कुमार द्वारा रिपोर्ट लिखाई गई।
पुलिस ने सपा विधायक मनोज पारस, इमरान कुरैशी, हनीफ, शहजाद अंसारी, आलमगीर, केशर, जमशेद, कफील अंसारी, राशिद, शिवकुमार गोस्वामी, परवेज पाशी, रामदयाल गैस वाले, असलम, अहमद हसन, मतलूब कुरैशी आदि 35 समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध धारा 188, 269, 270 व महामारी,आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा ( 3) 51 (बी) के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरु कर दी है।
You must be logged in to post a comment.