Published by Sanjay Saxena
पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बीज खरीदते समय अवश्य प्राप्त करें बीज रसीद/वाउचर्स
बिजनौर। वर्तमान में खरीफ में विभिन्न फसलों का समय चल रहा है, ऐसी दशा में बीज विक्रेताओं/डीलरों के द्वारा बीज की होल्डिंग करते हुए अधिक मूल्य में बीज विक्रय, डुप्लीकेट बीज एवं कालाबाजारी किए जाने का प्रयास किया जा सकता है।
ऐसी किसी भी संभावना को देखते हुए जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कृषक भाईयों से अपील की है कि बीज खरीदते समय बीज रसीद/वाउचर्स अवश्य प्राप्त करें, यदि किसी फर्म/ कम्पनी/ डीलर/ बीज विक्रेता द्वारा किसी भी प्रकार की अनियमितता/ कालाबाजारी की जाती है तो उसकी सूचना उनको उपलब्ध कराएं ताकि सम्बन्धित के विरुद्ध बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 एवं बीज नियन्त्रण आदेश 1983 में निहित प्राविधानों के अर्न्तगत कठोर विधिक कार्यवाही की जाए।
लखनऊ। यूपी की राजधानी में ज्येष्ठ महीने के चौथे मंगलवार (बड़ा मंगल) को हनुमान मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे ज्येष्ठ मास में श्री हनुमान जी की भक्ति अधिक की जाती है। सुबह से रात तक मंदिर ‘बजरंग बली की जय’ के जयकारों से गूंजते रहे। इसी उपलक्ष्य में पूजा अर्चना के साथ लोगों ने भंडारों का आयोजन किया और पूड़ी सब्जी, छोले पूड़ी, राजमा चावल, छोले चावल, नाना प्रकार के व्यंजन बांटकर पुण्य बटोरा।
हनुमान चालीसा व सुंदर कांड का पाठ
ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार महावीर हनुमान की विशेष आराधना के साथ जनसेवा के पर्व के रूप में मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह के चौथे मंगल पर लखनऊ में अलीगंज स्थित नया व पुराना हनुमान मंदिर के साथ अमीनाबाद व हनुमान सेतु के मंदिर में श्रद्धालुओं की कतारें लगीं रहीं। हनुमान चालीसा, सुंदर कांड का पाठ किया गया। मंदिरों की खास सजावट की गई। इस दौरान हजरतगंज स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, अलीगंज स्थित नया व पुराना हनुमान मंदिर के साथ हनुमान सेतु व अमीनाबाद के मंदिरों में सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा।
अमीनाबाद में स्टेशनरी निर्माता एवं विक्रेता एसोसिएशन द्वारा आयोजित भंडारे में सांसद दिनेश शर्मा ने शामिल होकर प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर एसोसिएशन की प्रदेश कार्य समिति सदस्य गौरव माहेश्वरी व जितेंद्र सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। इसी तरह गोमती नगर, कैसरबाग हजरतगंज व विभिन्न क्षेत्रों में भंडारों का आयोजन किया गया।
गौरव वेडिंग स्टूडियो व जय मां चंद्रिका ज्वैलर्स की तरफ से हुआ भंडारे का आयोजन
लखनऊ के माल क्षेत्र के सैदापुर चौराहे पर दो जगह अलग अलग विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जहाँ हजारों लोगों को पूडी सब्जी का प्रसाद वितरण किया गया वहीं पेयजल की भी व्यवस्था भक्तों की तरफ से थी। सैदापुर में दुकान संचालित करने वाले गौरव वेडिंग स्टूडियो व जय मां चंद्रिका ज्वैलर्स की तरफ से दो जगह अलग अलग भंडारा किया गया। भंडारे में वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी नरेन्द्र कुमार गौतम, सोहन पत्रकार, गौरव गौतम, कैलाश, अजीत राज, पंकज महेंद्र प्रताप, सुभाष, अंकित, सूरज, राजपाल, चन्दन, मनोज, रवी रस्तोगी, संतलाल सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।
नागेश्वर मंदिर में सुन्दर काण्ड व विशाल भण्डारा
इसी क्रम में कानपुर रोड एलडीए आशियाना स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में सुन्दर काण्ड व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं अंसल्स के आर्चीड ग्रीन के निवासियों ने दोपहर बाद भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु सपरिवार और इष्ट मित्रों सहित पहुंचे। सभी ने सुंदरकांड पाठ उपरांत भण्डारे में सम्मिलित होकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में अग्रिम सिंह, अनूप रावत, डॉ. निधी कुमारी, रोहित तिवारी, अभिषेक चौधरी का सहयोग रहा।
नागेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित देवी प्रसाद जी एवं उनके सुपुत्र रोहित तिवारी ने बताया कि बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ महीने में भगवान राम और हनुमान जी मिले थे। इसलिए सभी मंगल बहुत विशेष माने जाते हैं। वर्ष 2025 में ज्येष्ठ का महीना 13 मई को शुरू हुआ, जो 10 जून को बड़ा मंगल मना कर समाप्त होगा।
कुम्भरावा में विधायक योगेश शुक्ला का सम्मान
सूर्य नारायणी नव दुर्गे देव स्थली कुम्भरावा तथा बीडीसी सदस्य उमेश पांडे के आवास पर सुंदर काण्ड का पाठ तथा भंडारा हुआ। इस अवसर पर बीकेटी लखनऊ के विधायक योगेश शुक्ला को श्री राम की पट्टिका गले में पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंडित विमल मिश्र के अलावा परिवार के दिनेश मिश्र, एडवोकेट धर्मेंद्र, श्रीकांत मिश्र, राम प्रताप मिश्र तथा गांव के सभी सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
भोले भाले लोगों के करोड़ों रुपए हड़प गए भूमाफिया !
हक मांगने पर मिल रही जान माल की धमकी
जिलाधिकारी की शरण में पहुंचे लुटे पिटे ग्रामीण
रुपए नहीं देंगे वापस, बैनामे का लिया नाम तो मार देंगे गोली
रुपए नहीं देंगे वापस, बैनामे का लिया नाम तो मार देंगे गोली भोले भाले लोगों के करोड़ों रुपए हड़प गए भूमाफिया ! जिलाधिकारी की शरण में पहुंचे लुटे पिटे ग्रामीण
बिजनौर। अवैध कॉलोनी के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी कर ली गई। नजीबाबाद के इस मामले को लेकर दर्जनों पीड़ितों ने जिलाधिकारी जसजीत कौर से मिलकर तीन कॉलोनाइजर्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
बताया गया है कि कथित भू-माफिया शावेज पुत्र असलम निवासी मोहल्ला राईयान जलालाबाद थाना नजीबाबाद, सपा नेता आसिम पुत्र कासिम निवासी मोहल्ला हसनपुरा कस्बा व थाना किरतपुर अभिषेक गुप्ता पुत्र विमल गुप्ता निवासी ग्राम अरजानीपुर पोस्ट पाड़ला बिजनौर आदि पार्टनरों ने अवैध कालोनियों का जाल बिछा रखा है। उक्त कॉलोनाइजर साथ मिलकर कॉलोनी के लिए जमीन तो लेते हैं मगर षड्यंत्र के तहत किसान से एग्रीमेंट एक या दो व्यक्ति कराते हैं। फिर अपनी टीम के शातिर चालाक, दबंग लोगों को ठगी करने के लिए कॉलोनी पर छोड़ देते हैं। वह लोग सीधे-साधे लोगों को सस्ती जमीन व कुछ दिनों में पैसा डबल होने के नाम पर उपरोक्त कॉलोनाइजरों से मुलाकात करा मोटी रकम लगवा देते हैं और लोगों का भरोसा जीतने के लिए कॉलोनी का बुकिंग कार्ड, रिटर्न चेक तथा एग्रीमेंट भी करा कर देते हैं। कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए एग्रीमेंट उस पार्टनर से कराते हैं, जिसके नाम जमीन नहीं होती। मोटा महादेव मंदिर जटपुरा रोड थाना मंडावली नजीबाबाद में महादेवपुरम के नाम से काटी जा रही तीन कालोनियां व आशियाना कॉलोनी थाना कोतवाली देहात तहसील नगीना को विकसित करने तथा बेचने की पूरी जिम्मेदारी उपरोक्त कॉलोनाइजरों ने शावेज पुत्र असलम आदि को दे रखी थी। उपरोक्त कॉलोनाइजरों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए पहले काफी लोगों के शावेज द्वारा बैनामे भी कराए, मगर जब लोगों से करोड़ों रुपया इकट्ठा हो गया तो षड्यंत्र के तहत शावेज को भगा दिया गया। पीड़ित लोगों ने जब बैनामा के बाबत बात की तो उन्होंने शावेज को जानने तक से इंकार कर दिया। बताया गया है कि आसिम पुत्र कासिम ने क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद के यहां लिखित बयान दिया है कि शावेज ने उसे करीब 4 करोड़ 83 लाख कुछ हजार रुपए दिए है मगर मैंने उसके बैनामे कर दिए, जबकि शावेज के नाम आसिम ने कोई बैनामा नहीं किया। आरोप है कि जिनके नाम आसिम ने बैनामे किए हैं उन्होंने कानूनी रूप से आसिम को पैसे दिए हैं। फरार शावेज ने वीडियो जारी कर कहा कि मैंने जमीन देने के नाम पर लोगों से लिए करोड़ों रुपए आसिम को बैंक द्वारा व नकद दिए हैं, जबकि कुछ पीड़ित लोगों ने आसिम, अभिषेक गुप्ता आदि को भी ऑनलाइन व नकद पैसे दे रखे हैं। दूसरी ओर सामने आकर ना कोई बैनामा करने के लिए तैयार है, न पैसे वापस करने के लिए। बताया गया कि दिनांक 11 मई 2025 पीड़ित लोग महादेवपुरम-3 कॉलोनी पर गए। वहां आसिम, अभिषेक गुप्ता, कैफ अकाशी, रिहान मकरानी, विशाल अग्रवाल, साजिद मामा आदि मौजूद मिले। उनसे बैनामा करने को कहा तो उन लोगों ने साफ तौर पर कहा कि न तो बैनामा करेंगे और न ही किसी को रुपए ही वापस करेंगे। विरोध करने पर अवैध असलहों से लैस लोगों ने गालियां देते हुए मारपीट कर दी। साथ ही धमकी दी भी कि आज के बाद तुम में से यहां कोई दिखाई दिया तो सीधे गोली मार देंगे।
जिलाधिकारी जसजीत कौर से की गई इस शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं….
1. कॉलोनाइजरों के कहने पर ठगी करने व हर महीना पैसा वसूलने वाले कैफ अकाशी, विशाल अग्रवाल, रिहान मकरानी, साजिद मामा आदि से पुलिस ने एक बार भी बुलाकर पूछताछ नहीं की।
2. फरार आरोपी शावेज सोशल मीडिया पर एक्टिव है तथा अपने मोबाइल नंबरों से लोगों से बात भी कर रहा है मगर पुलिस ने अभी तक पूछताछ के लिए भी हिरासत में नहीं लिया, वह विदेश भागने की फिराक में है।
3. करीब 20 दिनों से पीड़ित थाने व तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, मगर अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तो दूर की बात बल्कि उनकी मेहमान नवाजी की जा रही है।
4. सपा नेता आसिम आदि ने असलाह लहराकर कर खुली धमकी दी है कि मुख्यमंत्री के पास तक भी चले जाओगे तो भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। उसने यहां से लखनऊ तक सेटिंग कर रखी है।
पीड़ितों ने मामले का निस्तारण होने तक उक्त आरोपियों द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने और उनकी जमीन या रकम दिलाने की मांग की है। जिलाधिकारी से मिलने वालों में मुख्तार, अनीस, रेश्मा, उमरपाल, इमरान, आसिफ, सतीश कुमार, कमल चौहान, उस्मान, नसीम, धर्मेन्द्र, शेख असलम, नाजमा, नीता, सुरेन्द्र सिंह, सचिन, रीता शर्मा, अनीता देवी आदि शामिल रहे।
24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनाती के बाद भी चोरी की घटना ने खड़े किए सवाल
ADM (FR) के कोर्ट से कंप्यूटर समेत हजारों की चोरी
~रिज़वान सिद्दीकी
बिजनौर। बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहने के बावजूद एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट से अज्ञात चोरों ने दो कंप्यूटर व पांच कुर्सियों सहित कीमती सामान चोरी कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को बिजनौर कलेक्ट्रेट में उक्त चौंकाने वाली घटना उस समय उजागर हुई, जब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामपाल सिंह और पेशकार अरूण कुमार कोर्ट पहुंचे तो सामान अस्त-व्यस्त पड़ा देखा। उन्होंने घटना की सूचना तुरंत आलाधिकारियों को दी। घटना का पता लगने पर पुलिस विभाग में खलबली मच गई।
बिजनौर एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट से अज्ञात चोरों ने दो कंप्यूटर व पांच कुर्सियों सहित कीमती सामान चोरी कर लिया। कोर्ट कार्यालय में हुई चोरी से तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। यहां पुलिस और होमगार्ड दोनों की ड्यूटी लगी रहती है। कोर्ट परिसर के बगल में पुलिस अधीक्षक व पुलिस लाइन भी मौजूद है। वहीं कलेक्ट्रेट में डीएम, एसडीएम प्रशासन, न्यायिक और एडीएम वित्त सहित कई अधिकारीयों की कोर्ट लगती है, जहां विभिन्न वादों की सुनवाई होती है। घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित बाबू ने पुलिस को तहरीर दे दी है। अपर पुलिस अधीक्षक सिटी संजीव बाजपेई ने बताया कि मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
बड़ा मंगल पर नागेश्वर मंदिर में हुआ सुन्दर काण्ड व विशाल भण्डारा
भक्तों ने श्रद्धाभाव से किया हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ
लखनऊ। ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को चौथा बड़ा मंगल बड़े ही श्रद्धाभाव और हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। बड़े मंगल के साथ ही धूमावती जयंती व मासिक दुर्गाष्टमी होने के कारण इस दिन हनुमान जी के साथ मां दुर्गा की भी पूजा की गई।
इसी क्रम में कानपुर रोड एलडीए आशियाना स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार 2025 प्रातः 11:00 बजे से सुन्दर काण्ड व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु सपरिवार और इष्ट मित्रों सहित पहुंचे। सभी ने सुंदरकांड पाठ उपरांत भण्डारे में सम्मिलित होकर प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में अग्रिम सिंह, अनूप रावत, डॉ. निधी कुमारी, रोहित तिवारी, अभिषेक चौधरी का सहयोग रहा।
नागेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित देवी प्रसाद जी एवं उनके सुपुत्र रोहित तिवारी ने बताया कि प्रभु श्री राम एवं श्री बालाजी महाराज के आशीर्वाद से ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल के पावन अवसर पर उक्त आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ महीने में भगवान राम और हनुमान जी मिले थे। इसलिए सभी मंगल बहुत विशेष माने जाते हैं। वर्ष 2025 में ज्येष्ठ का महीना 13 मई को शुरू हुआ, जो 10 जून को समाप्त होगा। आज चौथा बुढ़वा मंगल है और अब 10 जून को बड़ा मंगल मनाया जाएगा।
मैo हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, लखनऊ द्वारा वितरण
फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को मिली 200 एल-1 पॉस मशीन
बिजनौर। जनपद के फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के द्वारा उर्वरकों का कृषकों में सुगमता से वितरण हेतु मैo हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, लखनऊ द्वारा जनपद में 200 एल-1 पॉस मशीन का वितरण जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा कराया गया। इस दौरान कंपनी प्रतिनिधि मनोज यादव, आदि उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मेसर्स यारा फ़र्टिलाइज़र द्वारा जनपद में 250 L1 पॉस मशीन तथा सहकारिता एवं गन्ना के उर्वरक विक्रय केंद्रों पर मैo इफको लिमिटेड लखनऊ द्वारा 100 एल -1 पॉस मशीन का वितरण उर्वरक विक्रेताओं में किया जा चुका है।
जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा यह एडवांस वर्जन की पॉस मशीन जनपद को उपलब्ध कराई गई है। इससे उर्वरक वितरण में सुगमता प्रदान होगी।
जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के कारण नहीं की जा रही कोई कार्यवाही !
सभी मार्गों पर दौड़ रही हैं मिट्टी भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां
बिना परमीशन के खुलेआम चल रहा मिट्टी खनन
बिना परमीशन के खुलेआम चल रहा मिट्टी खनन। जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के कारण नहीं की जा रही कोई कार्यवाही ! सभी मार्गों पर दौड़ रही हैं मिट्टी भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां।
बिजनौर। जनपद बिजनौर में बिना परमीशन के खुलेआम चल रहे मिट्टी के खनन को बन्द कराने तथा खनन एवं भराव कार्यों की जांच के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा गया है।
फाइल चित्र
जनपद बिजनौर में बिना परमीशन मशीनों द्वारा अनेक स्थानों पर मिट्टी का खनन चल रहा है परन्तु कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? आरोप तो यहां तक हैं कि सूचना देने के बावजूद अधिकारी जांच करने नहीं जाते! बिजनौर शहर में भी सभी मार्गों पर मिट्टी भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां दौड़ रही हैं, जबकि ट्रैक्टर-ट्रालियां कृषि उपयोग का यन्त्र हैं, जिसका एआरटीओ कार्यालय में पीली प्लेट के बिना रजिस्ट्रेशन व्यवसायिक उपयोग वर्जित है। कोई दुर्घटना होने पर एक जैसे दिखने के कारण उनको पहचान पाना भी सम्भव नहीं हैं।
फाइल चित्र
यही नहीं कई स्थानों पर कॉलोनाइजरों द्वारा काटी जा रही कालोनियों में मिट्टी भरान का काम सक्रिय खनन माफिया द्वारा किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि खेतों से मिट्टी उठाने के दौरान जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली से चक रोड को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। इस कारण किसानों को खेतों में अपने ट्रैक्टर ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं एन०एच० (नेशनल हाईवे) के निर्माण के नाम पर भी कई स्थानों से खनन की शिकायतें आम हो चुकी हैं। इसके लिए बहुत सारे अवैध वाहन दिन रात मिट्टी की ढुलाई कर रहे हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद तहसील, पुलिस, खनन विभाग व एआरटीओ के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा।
फाइल चित्र
अगर जनपद के खनन कार्यों तथा भराव कार्यों की सही जांच की जाए तो काफी बड़ा राजस्व जुर्माने के रूप में सरकार को प्राप्त होगा। एक जागरूक नागरिक ने जिलाधिकारी को इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने जनपद में बिना परमिशन के चल रहे मिट्टी के खनन कार्यों को बन्द कराते हुए तथा खनन एवं भराव कार्यों की जांच कराकर जुर्माना वसूलने की मांग की है। उधर इस मामले में संबंधित विभाग कितना संजीदा है यह इसी बात से पता चलता है कि खनन अधिकारी ने कॉल रिसीव करने की ज़हमत तक नहीं उठाई।
माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस पर हुए रंगारंग कार्यक्रम
माहेश्वरी सभा ने हर्षोल्लास के साथ मनाई महेश नवमी
बिजनौर। नगर में महेश नवमी का पर्व माहेश्वरी सभा बिजनौर द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला माहेश्वरी सभा के साथ ही धामपुर, नजीबाबाद चांदपुर, अफजलगढ़, स्योहारा और कोटद्वार उत्तराखंड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विशिष्ट मुख्य अतिथि प्रदेश सभा के उपाध्यक्ष गिरिराज राठी मुजफ्फरनगर, विशिष्ट अतिथि रमेश माहेश्वरी बिजनौर रहे। मंचासीन अतिथियों में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के साथ प्रदेश सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा, जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष शिवकुमार माहेश्वरी नजीबाबाद, जिला सचिव विनीत माहेश्वरी अफजलगढ़, माहेश्वरी सभा बिजनौर के अध्यक्ष नवनीत माहेश्वरी दारानगर गंज, माहेश्वरी सभा बिजनौर के सचिव श्याम झंवर एवं कार्यक्रम के संचालक प्रदीप डेजी, नजीबाबाद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों ने भगवान महेश की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। तदुपरांत पूरे समाज द्वारा रमेश राजहंस के साथ महेश वन्दना का गान किया गया।
इस अवसर पर बिजनौर नगर, किरतपुर, मौहम्मदपुर देवमल एवं दारानगर गंज के सभी माहेश्वरी परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी परिवारों ने पूर्व कार्यक्रमों की अपेक्षा बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा संख्या भी पूर्व कार्यक्रमों की अपेक्षा बहुत अच्छी रही।
कार्यक्रम में बच्चों व युवाओं ने लघु नाटिका, नृत्य एवं वक्तत्व देकर सभी को उत्साहित किया। अंत में संरक्षकों अजय माहेश्वरी चांदपुर, अशोक माहेश्वरी बिजनौर एवं वेदप्रकाश, शैवाल कोटद्वार द्वारा आशीर्वचन देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
भगवान शिव की कृपा से माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति
प्रदेश सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा के अनुसार भगवान शिव की कृपा से ही माहेश्वरी समुदाय ने विशेष पहचान पाई और यह दिन उसी कृपा का स्मरण दिवस है। ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की नवमी को महेश जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव के वरदान से माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई है। महेश यानी शंकर और वारि यानी समुदाय या वंश। माहेश्वरी का अर्थ हुआ, जिस पर भगवान शिव की कृपा है। धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। शिकार के दौरान वे ऋषियों के श्राप से ग्रसित होकर पीड़ा के भागी बने लेकिन भगवान शंकर की कृपा से इस समुदाय ने श्राप से मुक्ति पाई। भगवान शंकर के आशीर्वाद को पाकर ही इस समाज के पूर्वजों ने क्षत्रिय कर्म छोड़ कर वैश्य कर्म या व्यापार को अपना लिया। एक अर्थ में हिंसा का मार्ग त्यागकर अहिंसा और सेवा को अपनाया। आज माहेश्वरी समाज व्यापारिक समुदाय के रूप में अपनी विशेष पहचान रखता है। महेश जयंती माहेश्वरी समुदाय के लिए विशेष अवसर है, जबकि वे अपनी उत्पत्ति का उत्सव मनाते हैं। माहेश्वरी समाज के 72 उपनामों व गोत्र का संबंध भी इसी प्रसंग के साथ जुड़ा है। इस दिन भगवान शंकर और पार्वती की विशेष आराधना की जाती है।
चेन्नई की रहने वाली गिरिजा पाटी ने दिखाया है कि कुछ करने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। उन्होंने अपनी पाक कला के जुनून को सफल व्यवसाय में बदल दिया है। साल 2019 में गिरिजा वी ने गिरिजा पाटीज होम फूड्स नाम का वेंचर शुरू किया। मई 2021 में यह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन गई। चेन्नई के पड़ोस विल्लिवक्कम में 30 सदस्यों के संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं गिरिजा पाटी घर के मामलों को संभालने में कुशल थीं। हालांकि, उन्होंने कभी सीधे तौर पर खाना पकाने का प्रभार नहीं संभाला था। उनकी मां और चाची रोजाना भारी मात्रा में खाना बनाती थीं। छह बच्चों में सबसे बड़ी होने के नाते गिरिजा की जिम्मेदारी अपने भाई-बहनों और चचेरे भाई-बहनों की देखभाल करना था। जब 18 साल की उम्र में उनकी शादी हुई तो उन्हें कोई खाना बनाना नहीं आता था। उन्हें केवल अपने मायके में रसोई में एक सहायक माना जाता था। वह सब्जियां काटने और उन्हें धोने में हाथ बंटाती थीं।
सीटी स्कैन मशीन खराब और गर्भवती महिलाओं के अनावश्यक रेफर
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज: स्वास्थ्य सेवाओं की त्रासदी और प्रशासन की उदासीनता पर संजय पांडे का तीखा हमला
मौत के मुंह में पहाड़ों की जनता: ऑक्सीजन प्लांट, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
अल्मोड़ा। इस पर्वतीय क्षेत्र के लाखों निवासियों के लिए जीवनरक्षक केंद्र की भूमिका निभाने वाला मेडिकल कॉलेज आज गहरी स्वास्थ्य सेवा संकट का सामना कर रहा है। बीते कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी, जनहित के मुद्दों की अनदेखी, और प्रशासन की निष्क्रियता ने मरीजों की जिंदगी को जोखिम में डाल दिया है।
ऑक्सीजन प्लांट और बूस्टर उपकरण की मौजूदगी के बावजूद जनता को नहीं सुविधा
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज परिसर में वर्षों से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित है, और हाल ही में बूस्टर उपकरण भी लगाया गया है, जिसका प्रमुख श्रेय सामाजिक कार्यकर्ता संजय पांडे को जाता है, जिन्होंने वर्षों तक इस सेवा को यहां स्थापित कराने के लिए अथक संघर्ष किया। फिर भी, आश्चर्यजनक और निंदनीय है कि स्थानीय जनता को ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कराने के लिए मजबूरन दूरस्थ शहर हल्द्वानी या रुद्रपुर जाना पड़ रहा है। यह सुविधा न केवल असुविधाजनक है बल्कि गंभीर रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। संजय पांडे ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य प्रो. आशुतोष सयाना को इस मामले में अवगत कराया है तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (जिला क्रमांक CHML 0520258763544) पर शिकायत दर्ज करवाई है।
सीटी स्कैन मशीन: अस्पताल की जान को किया गया मृतप्रायः
मेडिकल कॉलेज में पिछले कई सप्ताह से सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है, जिससे हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल रोग, कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों के मरीजों को अत्यंत कठिनाई और विलंब का सामना करना पड़ रहा है। यह चिकित्सीय सुविधा जीवनरक्षक है और इसका निरंतर काम करना अनिवार्य है। इस मामले में प्रशासन की उदासीनता लाखों मरीजों के लिए खतरा बन चुकी है।
गर्भवती महिलाओं की अनावश्यक और खतरनाक रेफरिंग संवेदनहीनता की शर्मनाक मिसाल
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं को बार-बार हल्द्वानी रेफर किया जाना, न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का अपमान है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा भी है। गंभीरता की कसौटी पर खरी न उतरने वाली महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक कर्तव्य है। जब तक कोई केस गंभीर न हो, उन्हें अनावश्यक रूप से रेफर करना दुर्भाग्यपूर्ण और जनस्वास्थ्य के साथ अन्याय है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति आज भी लंबित
कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरो सर्जन जैसे आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति आज भी लंबित है।यह न केवल प्रशासन की गंभीर चूक है, बल्कि इससे पहाड़ के हजारों रोगी बेसहारा और असुरक्षित हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में हार्ट अटैक और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं आम हैं, ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी जानलेवा साबित हो रही है।
असुविधाजनक दवा वितरण प्रणाली मरीजों के लिए काल का जाल
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण काउंटर अत्यंत छोटा और अपर्याप्त है, जिससे मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। यह प्रणाली मरीजों की तकलीफ को दोगुना करती है और स्वास्थ्य सेवा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन की खामोशी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मौन
हाल ही में उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री जब मेडिकल कॉलेज का दौरा करने आए थे, उस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, मेडिकल प्रशासन और जिलाधिकारी मौजूद थे। परंतु आश्चर्यजनक रूप से किसी ने भी चिकित्सा व्यवस्था के गंभीर मुद्दों को मंत्री के समक्ष उठाना उचित नहीं समझा। यह खामोशी और मौन सीधे तौर पर जनता के प्रति अन्याय और प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पांडे की मांग और अंतिम चेतावनी
~ ऑक्सीजन प्लांट और बूस्टर उपकरण का तत्काल 24×7 संचालन।
~ सीटी स्कैन मशीन की शीघ्रतम मरम्मत या प्रतिस्थापन।
~ गंभीर मामलों को छोड़कर गर्भवती महिलाओं की अनावश्यक रेफरिंग पर तत्काल रोक।
~ कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरो सर्जन की त्वरित नियुक्ति।
~ दवा वितरण व्यवस्था का विस्तारित और सुव्यवस्थित संचालन।
उन्होंने कहा है कि सभी कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट आम जनता और संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। अगर प्रशासन हमारी मांगों को सात दिनों के भीतर पूरा नहीं करता है, तो अल्मोड़ा की जनता के साथ मिलकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी जन आंदोलन और कानूनी कार्रवाई सहित हर संभव कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। “यह सिर्फ एक संघर्ष नहीं, बल्कि हमारे पहाड़ों के लोगों की जिंदगियों की रक्षा का सवाल है।”
नई दिल्ली (एजेंसियां)। हाल ही में सरकार ने पूरे देश में शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। यह अवकाश न केवल कामकाजी पेशेवरों के लिए बल्कि छात्रों और गृहिणियों के लिए भी एक सुनहरा मौका है कि वे अपने व्यस्त जीवन से कुछ पल सुकून के बिता सकें।
शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश का महत्व
यह अवकाश न केवल एक दिन की छुट्टी देता है बल्कि यह हमें अपने परिवार और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताने का मौका भी प्रदान करता है। इसके अलावा, यह दिन लोगों को अपनी रुचियों और शौक पूरे करने का भी अवसर देता है। बड़े शहरों में रहने वाले लोग अक्सर अपने काम के चलते बहुत व्यस्त रहते हैं। ऐसे में यह अवकाश उनके लिए एक नई ऊर्जा भरने का काम करता है।
~ परिवार के साथ समय बिताने का मौका ~ दोस्तों के साथ बाहर घूमने की योजना ~ घर पर आराम करने का समय ~ अपने पसंदीदा शौक को पूरा करने का अवसर ~ शुक्रवार का अवकाश न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सार्वजनिक अवकाश के दौरान करने योग्य गतिविधियाँ: अब जब आपके पास एक पूरा दिन है, तो क्यों न इसका भरपूर लाभ उठाया जाए? कुछ सुझाव जिनसे आप अपने दिन को अधिक रोमांचक बना सकते हैं…
इन गतिविधियों के माध्यम से आप न केवल अपने दिन को यादगार बना सकते हैं, बल्कि आप अपने जीवन में एक सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं।
पारिवारिक पिकनिक: एक खूबसूरत पार्क में अपने परिवार के साथ पिकनिक का आनंद लें। फिल्म मैराथन: अपने पसंदीदा फिल्मों की श्रृंखला देखें। शॉपिंग: नई चीजों की खरीददारी करें और अपने वार्डरोब को अपडेट करें। कला और क्राफ्ट: अपने रचनात्मक पक्ष को उजागर करें। कुकिंग: नई रेसिपीज़ आजमाएं और अपने परिवार को कुछ स्वादिष्ट खिलाएं। योग और मेडिटेशन: अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
बनाएं अवकाश के दौरान यात्रा की योजना
गंतव्य खर्च समय हिल स्टेशन ₹5000 2 दिन बीच ₹6000 3 दिन स्थानीय पर्यटन ₹2000 1 दिन सफारी ₹7000 2 दिन धार्मिक स्थल ₹3000 1 दिन वन्यजीव सेंचुरी ₹8000 3 दिन कला संग्रहालय ₹1500 1 दिन स्पा रिट्रीट ₹10000 3 दिन
शुक्रवार की छुट्टी का यह आदेश कुछ विशेष क्षेत्रों में लागू होगा। सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ कुछ निजी सेक्टर की कंपनियों ने भी इस आदेश को अपनाने का निर्णय लिया है। यह आदेश उन क्षेत्रों में लागू होगा जहां काम का दबाव ज्यादा होता है, जैसे कि आईटी, बैंकिंग और शिक्षा क्षेत्र।
आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस कदम का समर्थन किया है। बैंकिंग सेक्टर में भी इस आदेश का स्वागत किया गया है, क्योंकि इससे कर्मचारियों को ग्राहकों की सेवा में और अधिक कुशलता देखने को मिलेगी।
समय का सदुपयोग करें: अवकाश के दिन को बेहतर बनाने के लिए कुछ योजनाएं बनाएं। समय का सही उपयोग आपके दिन को और भी यादगार बना सकता है। सुबह की सैर: एक ताजगी भरी शुरुआत के लिए सुबह जल्दी उठें। नाश्ता तैयार करें: अपने परिवार के लिए विशेष नाश्ता तैयार करें। दोस्तों से मिलें: अपने पुराने दोस्तों से मिलकर कुछ पुराने यादगार पलों को फिर से जिएं। घर की सफाई: अपने घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। रात्रि भोज: दिन के अंत में एक विशेष रात्रि भोज की योजना बनाएं।
अवकाश के लाभ: शुक्रवार का अवकाश न केवल मौज-मस्ती का समय होता है, बल्कि यह हमारे जीवन में कई लाभ भी लाता है।
लाभ विवरण और प्रभाव समय
1. मानसिक स्वास्थ्य तनाव में कमी बेहतर मानसिक स्थिति दीर्घकालिक 2. शारीरिक स्वास्थ्य अधिक आराम ऊर्जा में वृद्धि तत्काल 3. पारिवारिक संबंध अधिक समय मजबूत रिश्ते दीर्घकालिक 4. समाजिक जीवन दोस्तों से मेलजोल बेहतर संबंध तत्काल रचनात्मकता नई गतिविधियाँ सृजनात्मक विकास दीर्घकालिक 5. आर्थिक लाभ घरेलू बचत वित्तीय स्थिरता तत्काल प्रकृति से जुड़ाव पर्यावरण मित्रता हरित सोच दीर्घकालिक 6. स्व-अन्वेषण आत्मविश्लेषण व्यक्तिगत विकास दीर्घकालिक
सार्वजनिक अवकाश: समाज पर प्रभाव
अवकाश का समाज पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। यह न केवल व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को भी छूता है।
अवकाश के दौरान सामुदायिक कार्यक्रम
~ स्थानीय मेलों का आयोजन ~ रक्तदान शिविर ~ स्वास्थ्य जांच कैम्प ~ छुट्टी के दौरान पर्यावरण संरक्षण
सार्वजनिक अवकाश के दीर्घकालिक लाभ: अवकाश केवल एक दिन की राहत नहीं होता, यह हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है और हमारे भविष्य को भी प्रभावित करता है।
छुट्टियों के दौरान हम जो भी सकारात्मक ऊर्जा और अनुभव प्राप्त करते हैं, वे हमारे जीवन को हमेशा के लिए बदल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
~ क्या यह अवकाश सभी के लिए लागू होता है?
जी हां, यह अवकाश सभी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए लागू है।
~ क्या शुक्रवार का यह अवकाश हर साल होगा?
फिलहाल, यह निर्णय वर्तमान वर्ष के लिए है और भविष्य के लिए इसे बढ़ाया जा सकता है।
~ क्या इस अवकाश के दौरान बाजार खुले रहेंगे?
अधिकांश बाजार और दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी, लेकिन कुछ स्थानीय व्यवसाय बंद हो सकते हैं।
~ अवकाश के दौरान यात्रा की योजना कैसे बनाएं?
आप अपनी रुचि के अनुसार स्थानीय या लंबी यात्रा की योजना बना सकते हैं, बजट और समय को ध्यान में रखते हुए।
~ क्या इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे?
हां, कई स्थानों पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकता है।
नई दिल्ली। देशभर में तेजी से बदलते मौसम के मिजाज के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश की भविष्यवाणी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 28, 29, 30, 31 मई और 1-2 जून को बारिश हो सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में ओडिशा तट से दूर एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। यह क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इससे पूर्वी और तटीय राज्यों में मौसम का व्यापक असर पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 28, 29, 30 और 31 मई को पूर्वी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी/घंटे की स्पीड से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बारिश के साथ चलेगी तेज हवा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 28 मई से 2 जून तक हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में भी कुछ स्थानों पर 50-60 किमी/घंटा की हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तेजी पकड़ी है। इसकी उत्तरी सीमा अब मुंबई, पुणे, शोलापुर, कालाबुरागी, महबूबनगर, कवाली, अगरतला और गोलपारा होते हुए 28.5°N/89°E तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
दक्षिण भारत में भारी वर्षा की चेतावनी
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 28 से 30 मई के बीच भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। इन राज्यों में कुछ स्थानों पर 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ भी चल सकती हैं। खासकर तमिलनाडु और पुदुच्चेरी में 27 मई को अत्यधिक भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 27 से 29 मई तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं, गुजरात में 60-70 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। बंगाल और बिहार में गरज-चमक चमक के साथ बारिश ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 27 से 31 मई तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इसके अतिरिक्त, असम, मेघालय और मिजोरम में 28-30 मई के बीच भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है, जबकि 30 मई को सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में विशेष रूप से भारी बारिश हो सकती है।
मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों को 27 मई से 1 जून के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र अशांत रहेगा। विशेषकर गुजरात, केरल, ओडिशा, बंगाल और अंडमान सागर में मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
03 जून दिन मंगलवार 2025 प्रातः 11:00 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
बड़ा मंगल पर नागेश्वर मंदिर में सुन्दर काण्ड व विशाल भण्डारा
लखनऊ। एलडीए आशियाना स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में 03 जून दिन मंगलवार 2025 प्रातः 11:00 बजे से सुन्दर काण्ड व विशाल भण्डारा का आयोजन किया जा रहा है।
नागेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित देवी प्रसाद जी ने बताया कि प्रभु श्री राम एवं श्री बालाजी महाराज के आशीर्वाद से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के पावन अवसर पर 03 जून दिन मंगलवार 2025 को प्रातः 11:00 बजे से सुन्दर काण्ड व विशाल भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है।
उक्त जानकारी देते हुए उन्होंने सभी को सपरिवार और इष्ट मित्रों सहित भण्डारे में सम्मिलित होकर प्रसाद ग्रहण करने एवं हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया है। कार्यक्रम आयोजक अग्रिम सिंह हैं और सहयोग अनूप रावत, डॉ. निधी कुमारी, रोहित तिवारी, अभिषेक चौधरी का रहेगा।
वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा निरस्त और वाहन स्वामी का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द
अब खोली जाएगी वाहनों की हिस्ट्रीशीट
लखनऊ। जिस प्रकार लगातार अपराध करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस उनकी हिस्ट्रीशीट खोलती है, उसी प्रकार अब यातायात नियमों की बार-बार अनदेखी करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ पर नियंत्रण के लिए अब वाहनों की भी ‘हिस्ट्रीशीट’ तैयार की जा रही है। यातायात व सड़क सुरक्षा निदेशालय ने इसकी रणनीति बनाई है। सभी जिलों में ऐसे वाहनों को चिह्नित किए जाने का निर्देश दिया गया है, जिनके तीन या उससे अधिक चालान हुए हों और उनका शमन शुल्क भी न जमा किया गया हो। बार-बार गलती के बाद चालान की भी अनदेखी करने वालों को अब उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। परिवहन विभाग की मदद से ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराए जाने के साथ ही वाहन स्वामी का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द कराया जाएगा।
कार्रवाई की मॉनिटरिंग करेगा यातायात निदेशालय
यातायात निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि परिवहन आयुक्त की ओर से सभी जिलों के आरटीओ को ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर पत्र भी जारी किया गया है। जल्द कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। प्रदेश में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन जागरूकता के साथ ही बार-बार नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। यातायात निदेशालय ऐसे वाहनों की सूची एकत्र करा रहा है। एक खास सेल बनाकर ऐसे वाहनों के विरुद्ध होने वाली कार्रवाई की मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
एक बस का चालान हुआ 40 बार
पिछले दिनों कई भीषण हादसों में चार-पांच या उससे अधिक लोगों की जान गईं। जांच में सामने आया कि दुर्घटना का शिकार वाहन की फिटनेस दुरुस्त नहीं थी। चालान किए जाने के बाद भी शमन शुल्क जमा नहीं कराया गया और वाहन फर्राटा भरता रहा। ऐसा ही एक भीषण हादसा बीती 15 मई को लखनऊ में किसान पथ ओवरब्रिज पर हुआ था। निजी डबल डेकर बस में आग लगने से पांच लोगों की मृत्यु हो गई थी। एक अधिकारी के अनुसार अलग-अलग मामलों में बस के 40 चालान हुए थे।
नियमों की लगातार अनदेखी करने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन-जागरूकता के साथ बार-बार नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। – के. सत्यनारायण, एडीजी यातायात
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे एवं पार्षद नवीन चंद्र आर्य ने जिलाधिकारी से मिलकर दर्ज कराई आपत्ति
अधिकारियों के व्यवहार और उदासीनता पर उठाए सवाल
जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता की प्रशासन से दो टूक—जनहित उपेक्षित नहीं होना चाहिए
अल्मोड़ा। नगर क्षेत्र में कृत्रिम रूप से छोड़े जा रहे बंदरों की समस्या, प्रशासन की निष्क्रियता और अधिकारियों के अमर्यादित व्यवहार को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार पाण्डे ने नगर निगम के रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद्र आर्य के साथ जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डे से मुलाकात की। दोनों प्रतिनिधियों ने दिनांक 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तुत पूर्व ज्ञापन पर कोई कार्यवाही न होने पर गहरी नाराज़गी जताई और इसे आम नागरिकों व जनप्रतिनिधियों के प्रति प्रशासन की असंवेदनशीलता बताया।
पूर्व घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण: दिनांक 11 अप्रैल को श्री पाण्डे व पार्षद आर्य नगर क्षेत्र में बंदरों की समस्या और जनसुरक्षा जैसे विषयों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे थे। जिलाधिकारी के अवकाश पर होने के कारण उन्हें अपर जिलाधिकारी (ए.डी.एम.) से मिलने को कहा गया।
ए.डी.एम. द्वारा कथित रूप से असम्मानजनक शब्दों में कहा गया— “तो बोलिए, क्या बोलना है? हमारे पास समय नहीं है।”
इसके बाद प्रतिनिधियों ने सी.डी.ओ. से मिलने हेतु पर्ची भेजी, किंतु 15 मिनट के इंतजार के बाद सूचना दी गई कि वे व्यस्त हैं और ज्ञापन तक स्वीकार नहीं किया गया।
पार्षद नवीन चंद्र आर्य ने जताई कड़ी आपत्ति:
श्री आर्य ने जिलाधिकारी से स्पष्ट रूप से कहा— “प्रशासन को यह समझना चाहिए कि सामाजिक कार्यकर्ता और राजनैतिक व्यक्ति समान नहीं हैं। दोनों के कार्यक्षेत्र और उद्देश्य भिन्न हैं। समाज के हित में निस्वार्थ कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को, नियमों की आड़ में, मिलने से वंचित करना अनुचित परंपरा है। जैसे राजनैतिक प्रतिनिधियों की बातों को तुरंत प्राथमिकता दी जाती है, वैसे ही जनहित में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी समान महत्व और सम्मान मिलना चाहिए।”
संजय पाण्डे ने उठाए गंभीर प्रश्न: सामाजिक कार्यकर्ता श्री संजय पाण्डे ने कहा—
“जो ज्ञापन विधिवत रिसीव किया गया, उस पर एक महीने तक कोई संज्ञान न लिया जाना दर्शाता है कि प्रशासन आम जन की पीड़ा और सार्वजनिक मुद्दों के प्रति कितना उदासीन हो चुका है। यह स्थिति लोकतंत्र की आत्मा के विपरीत है।”
प्रमुख मांगें, जिन पर तत्काल कार्यवाही की अपेक्षा:
~ दिनांक 11 अप्रैल 2025 को दिए गए ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई कर इसकी लिखित जानकारी साझा की जाए।
~ अमर्यादित भाषा और व्यवहार करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी जाए तथा अधिकारियों हेतु संवाद मर्यादा गाइडलाइन लागू की जाए।
~ बंदरों की समस्या पर स्थायी समाधान हेतु कार्ययोजना बनाई जाए और जनपद स्तरीय सार्वजनिक फोरम पर प्रस्तुत की जाए।
अंतिम चेतावनी – प्रकरण को उच्चस्तरीय मंचों पर ले जाने की तैयारी: श्री पाण्डे ने चेतावनी देते हुए कहा—
“यदि शीघ्र, न्यायसंगत और पारदर्शी कार्यवाही नहीं हुई, तो यह संपूर्ण प्रकरण माननीय मुख्यमंत्री, महामहिम राज्यपाल एवं भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों को सौंपा जाएगा।”
लखनऊ। मई-जून के महीने में लखनऊ की सड़कों पर जगह-जगह पूरी-सब्जी, कढ़ी चावल, छोले चावल, फल बांटते, शरबत पिलाते लोगों की भीड़ दिखेगी। ये नज़ारा किसी त्योहार का नहीं, बल्कि लखनऊ में एक खास दिन होता है, जिसे कहते हैं बड़ा मंगल। हर साल ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को यह परंपरा निभाई जाती है। कुल मिलाकर सिर्फ पूजा नहीं, भाईचारे की पहचान है बड़ा मंगल। यह दिखाता है कि यहां के लोग धर्म से ऊपर उठकर एक-दूसरे की सेवा करते हैं।
LDA तिवारी मार्केट
एक चमत्कारी घटना से जुड़ी हुई है बड़े मंगल की शुरुआत बड़े मंगल की शुरुआत एक चमत्कारी घटना से जुड़ी हुई बताई जाती है। सैकड़ों साल पहले, लखनऊ में दक्षिण भारत की एक महिला अपने साथ हनुमान जी की एक छोटी-सी मूर्ति लेकर आई थी। उस समय लखनऊ में नवाबों का शासन था। महिला ने लखनऊ में ही हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करने की इच्छा से नवाब वाजिद अली शाह से बात की। नवाब ने उसे मंदिर बनाने की अनुमति दे दी।
LDA आशियाना कालोनी
मूर्ति स्थापित होते ही शुरू हुए चमत्कार
कहा जाता है कि उस मूर्ति में चमत्कारी शक्ति थी। जैसे ही हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित किया गया, आसपास के लोग कहने लगे कि उनके जीवन में अचानक खुशियां आने लगीं, बीमारियां दूर होने लगीं, और घर में सुख-शांति बढ़ने लगी। इन बातों ने लोगों का विश्वास और बढ़ा दिया। लोगों ने हनुमान जी को धन्यवाद देने के लिए मंगलवार को भंडारा करना शुरू किया। अब हर साल ज्येष्ठ महीने में चार या पांच मंगलवारों को पूरे लखनऊ में हजारों भंडारे लगते हैं।
सिर्फ भक्ति नहीं, मानवता की सेवा
LDA सेक्टर M
बड़े मंगल पर लखनऊ के हर मोहल्ले, हर सड़क, हर गली में भंडारे लगते हैं। पूरी-सब्जी, छोले-चावल, मिठाई, शरबत, ठंडा पानी और कई जगहों पर फल और आयुर्वेदिक काढ़े तक बांटे जाते हैं। आम लोग ही नहीं, बड़े कारोबारी, राजनेता, स्कूल-कॉलेज, और यहां तक कि मुस्लिम समाज के लोग भी इसमें हिस्सा लेते हैं और खुद खड़े होकर सेवा करते हैं। इसे सिर्फ भक्ति नहीं, मानवता की सेवा भी माना जाता है।
नागेश्वर महादेव मंदिर में सुंदर कांड का पाठ
आशियाना कालोनी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा पूर्ण भक्ति भाव से सुंदर कांड का पाठ किया गया। बाद में प्रसाद वितरण किया गया। पंडित देवी प्रसाद जी ने बताया कि यहां प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है।
सतना की सड़कों पर उतरा म.प्र. सकल तेली साहू राठौर समाज
दोषियों पर कड़ी कार्यवाही न हुई तो भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन
शुभम की निर्मम हत्या के विरोध में निकाली गई आक्रोश रैली
सतना (मध्य प्रदेश)। युवा नेता शुभम साहू की निर्मम हत्या के विरोध में म.प्र. सकल तेली साहू राठौर समाज द्वारा सतना में आक्रोश रैली निकाली गई. साथ ही कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया.
ऐसी घटना समाज के बन्धु के साथ ना घटित हो, इसके लिए समस्त स्वजातीय नेताओं के नेतृत्व में साहू समाज के सभी आठों संगठन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही. संरक्षक एडवोकेट परषोत्तम साहू, म.प्र. तेलिक साहू राठौर महासभा से सत्येंद्र साहू राष्ट्रीय संयोजक जनगणना प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, साहू वैश्य संगठन से हरिशंकर साहू, राकेश साहू, विनोद साहू, साहू कस्तोरिया, कांतिलाल राठौर मंदसौर, कर्मा सेना से गणेश साहू, शंभू साहू, महिला संगठन से श्रीमती रश्मि साहू, किशोर साहू, अशोक साहू ने हजारों स्वजातीय की आक्रोश रैली का नेतृत्व किया.
शुभम साहू (फाइल चित्र)
इससे पहले सुबह 11 बजे शुभम साहू के निवास महादेवा पर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश से समाज के पदाधिकारी एवं स्वजातीय बंधुओं की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसका संचालन सत्येंद्र साहू ने किया. सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए न्यायिक जांच की मांग की.
इस दौरान राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं होती तो भोपाल में बड़ा प्रदर्शन करेंगे, भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा की ओर से सत्येंद्र साहू ने कहा कि समाज हित में सामाजिक लोगों को न्याय दिलाने एवं दोबारा किसी समाज के व्यक्ति को सताया ना जाए इसके लिए सभी संगठनों ने आज सतना में आक्रोश रैली एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रखा, इसके लिए ह्रदय से आभारी हूँ. उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं हुई तो भोपाल में समाज के लोग लाखों की संख्या में सड़क पर प्रदर्शन करेंगे.
सभी संगठनों के समस्त पदाधिकारियों ने एक होकर सतना पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवार को इस गहन संकट को सहन करने के लिए सांत्वना दी और न्याय के लिए शासन को ज्ञापन दिया. इस दौरान मनीष साहू, दीपक साहू, दीपू साहू, विष्णु साहू, अशोक साहू, सुरेन्द्र साहू जी गांगीवाडा, श्री सोनू मुन्नालाल जी साहू छिंदवाड़ा, डिमाक चंद जी रत्ने बीसापुरकला सहित हजारों की संख्या में उपस्थिति रही.
गौरतलब है कि हाल ही में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े पूर्व युवा कांग्रेस नेता शुभम साहू की रविवार देर रात बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. वह वारदात वाली रात भोपाल से सतना लौटे थे. हमलावरों का पता अभी तक नहीं चल सका है.
प्रधानाचार्य हरवीर सिंह व समाजसेवी गुड सेमिरटर्न शिव सेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने रानी अहिल्याबाई होलकर जी के चित्र पर माल्यार्पण के पुष्प अर्पित किए।
चौधरी वीर सिंह ने कहा कि राज माता अहिल्याबाई को लोकमाता के रूप में ख्याति प्राप्त है। उनके समय भूमिहीन किसानों भीलों जैसे जनजातीय समूह तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला शासन था। आज की पीढ़ी को राजमाता के बारे में अवश्य जानना चाहिए
कार्यक्रम के उपरांत महिला सशक्तिकरण हेतु दौड़ का शुभारम्भ हरी झंडी दिखाकर किया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन तामसिक भोजन का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि मांस और मदिरा जैसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं और हनुमान जी की पूजा में विघ्न डाल सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग की बदहाल कार्यशैली पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे का तीखा प्रहार
“ENT सर्जन नहीं तो CMS से ही करा लो सर्जरी!”
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और दमनकारी प्रशासनिक रवैये पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने कड़ा प्रहार किया है। अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ENT सर्जन की लगातार गैरमौजूदगी के बावजूद, स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा 14 मई 2025 को जारी एक विवादास्पद पत्र में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी को ENT सर्जन मानते हुए उनसे ENT सर्जरी कराने का असंवैधानिक आदेश दिया गया। यह पत्र हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक CMHL-052025-B-745553 के जवाब में जारी किया गया।
संजय पाण्डे ने कहा: “अस्पताल में ENT सर्जन नहीं तो CMS से ही ऑपरेशन करा लो — क्या यही है स्वास्थ्य विभाग की ‘देखभाल’? यह स्वास्थ्य विभाग नहीं, कोई हास्य मंडली लग रही है। अधिकारियों की उदासीनता और लचर प्रबंधन से मरीज बेहाल हैं।”
कड़वी हकीकत: डॉ. एच.सी. गड़कोटी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) हैं, न कि ENT सर्जन।
ENT सर्जन का पद वर्षों से खाली पड़ा है, जिससे अस्पताल में गंभीर चिकित्सा सेवा बाधित है।
डॉ. मोनिका सम्मल का स्थानांतरण आदेश पहले ही जारी हो चुका है, लेकिन उन्हें ड्यूटी ग्रहण करने से रोक दिया गया है।
भारी आरोप: संजय पाण्डे ने आरोप लगाया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पंत और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीश गड़कोटी द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को लगातार गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेजी जा रही हैं, जिससे अस्पताल की असली स्थिति छुपाई जा रही है और डॉ. मोनिका सम्मल की नियुक्ति रोकी जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना: यह प्रकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेशों का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि शिकायतकर्ता की सहमति के बिना कोई शिकायत बंद नहीं की जाएगी। यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर शिकायतों को दबाने, भटकाने और निस्तारित होने से रोकने का प्रयास कर रहा है।
नई शिकायत एवं मांग: संजय पाण्डे ने इस गंभीर मसले पर नई शिकायत दर्ज कराई है (क्रमांक: CMHL-052025-B-753053), और मांगे हैं…
1. तत्काल ENT सर्जन की नियुक्ति।
2. डॉ. मोनिका सम्मल को बिना विलंब कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति।
3. डॉ. रमेश चंद्र पंत और डॉ. हरीश गड़कोटी की भ्रामक रिपोर्टों की स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच।
4. हेल्पलाइन प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण हेतु स्वतंत्र समिति गठन।
उच्चतम स्तर पर संज्ञान: यह गंभीर मामला प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव उत्तराखंड एवं विधानसभा अध्यक्ष को भी तत्काल सूचित कर दिया गया है। इनके त्वरित हस्तक्षेप एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा है ताकि स्वास्थ्य विभाग की यह शर्मनाक विफलता समाप्त हो।
लखनऊ। पूरे देश में ज्येष्ठ मास के दौरान विशेष भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन धूमधाम और श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में दर्शन कर उन्हें सिंदूर, चोला चढ़ाने के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अनेक स्थानों पर भक्तों द्वारा भंडारा भी किया जा रहा है। पुरातन काल से यह परंपरा आज भी उसी उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जा रही है।
इसी क्रम में घरों, व्यवसायों और उद्योगों के लिए विद्युत उपकरण उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने में अग्रणी एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर लिमिटेड के हजरतगंज स्थित कार्यालय के समक्ष भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों भक्तों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण कर पुण्यलाभ प्राप्त किया। साथ ही इस पुनीत कार्य के लिए आयोजकों को शुभाशीष प्रदान की। कार्यक्रम आयोजकों में मैनेजर संजीव मल्होत्रा, विनय सिन्हा सहित पूर्ण स्टाफ का सहयोग रहा।
विदित हो कि ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार का अपना एक विशेष महत्व है। इन्हें बुढ़वा मंगल और बड़े मंगल के नाम से जाना जाता है। यह पवित्र दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। इस दिन व्रत, पूजा-पाठ, भंडारे आदि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में ज्येष्ठ मास में कुल पांच बड़े मंगल होंगे, जिनकी शुरुआत 13 मई से हो चुकी है। अंतिम मंगल 10 जून को पड़ेगा। ज्येष्ठ महीने के दूसरे मंगल की शुरुआत 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी। वहीं इसका समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगा।
क्या और क्यों है महत्व…
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान हनुमान की ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही माता सीता की खोज में लंका जाते समय भगवान श्री राम से मुलाकात हुई थी। इस मिलन को बहुत शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है, जिस वजह से ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई।
वहीं शनिवार का दिन भगवान शनिदेव के साथ ही हनुमान जी को भी समर्पित है। इसलिए इन दोनों ही दिनों में भक्तों द्वारा अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं और उन्हें सिंदूर, चोला चढ़ाते हैं। इसके साथ ही विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना भी बहुत फलदायी माना जाता है। यह पर्व सेवा और भक्ति का एक महत्वपूर्ण अंग है।
तुर्की का उत्पाद बता कर सोशल मीडिया पर किया जा रहा आह्वान
शेयर चैट पर धड़ल्ले से प्रसारित हो रहा भ्रामक संदेश !
cocacola, nestle, ariel, colgate का बहिष्कार?
सोशल मीडिया प्लेटफार्म Share Chat पर एक भ्रामक संदेश प्रसारित हो रहा है! इसमें cocacola, nestle, orio, ariel, colgate आदि उत्पादों को तुर्की का बता कर इनके बहिष्कार का आह्वान किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि एक सोची समझी रणनीति के तहत सोशल मीडिया प्लेटफार्म शेयर चैट पर ख्वाजा का दीवाना नामक आईडी से उक्त मैसेज फैलाया जा रहा है। दरअसल हाल ही में भारत पाकिस्तान के बीच उत्पन्न माहौल को लेकर देश भर में तुर्की के प्रति नाराजगी बढ़ी है।
AI टूल्स gemini ने बताया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही यह जानकारी गलत है। किसी भी उत्पाद का बहिष्कार करने से पहले उसकी सही जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। यह चिंताजनक है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गलत सूचना फैल रही है। कोका-कोला और नेस्ले, जिनमें किटकैट भी शामिल है, वास्तव में तुर्की के उत्पाद नहीं हैं।
कोका-कोला एक अमेरिकी उत्पाद है। इसका आविष्कार अटलांटा, जॉर्जिया में हुआ था। नेस्ले कंपनी स्विट्जरलैंड की है। इसका मुख्यालय वेवे (Vevey), स्विट्जरलैंड में स्थित है। लेज़, ओरियो और कोलगेट सभी संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्पादित होते हैं।
कपड़े धोने का पाउडर एरियल भी तुर्की का उत्पाद नहीं है। यह एक ब्रिटिश ब्रांड है, जिसका स्वामित्व अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (Procter & Gamble) के पास है। इसे बेल्जियम में विकसित किया गया था।
गाजा युद्ध के दौरान तुर्की की संसद ने लिया था निर्णय
बताया गया है कि गाजा युद्ध के दौरान, कुछ भारतीय मुसलमानों ने अमेरिकी और इजरायली उत्पादों का बहिष्कार किया, जिनमें कोका-कोला, नेस्ले और अन्य शामिल थे। यह बहिष्कार फिलिस्तीन पर इजरायल के कार्यों के विरोध में था। वहीं नवंबर 2023 में तुर्की की संसद (Turkey Parliament) ने गाजा (Gaza) में संघर्ष के बीच इजराइल के कथित समर्थन को लेकर दो कंपनियों पर बड़ा फैसला लिया था। तुर्की ने अपने रेस्टोरेंट्स से कोका कोला (Coca Cola) और नेस्ले (Nestle) के प्रोडक्ट को हटा दिया। संसद ने एक बयान में कहा था, ‘यह निर्णय लिया गया है कि इजराइल (Israel) का सपोर्ट करने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट संसद परिसर के रेस्टोरेंट्स, कैफेटेरिया और टी हाउसेज में नहीं बेचे जाएंगे।’ स्टेटमेंट में कहा गया कि यह फैसला संसद के अध्यक्ष नुमान कर्टुलमस द्वारा लिया गया।
अब शासन, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले इस प्रकार के संदेशों पर त्वरित कार्रवाई कर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाएं।
मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित करेगी भुईयार एजुकेशनल सोसायटी
बिजनौर। भुईयार एजुकेशनल सोसायटी ने वर्ष 2025 में होने वाले मेधावी छात्र सम्मान समारोह के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार कर ली है। समारोह के लिए 29 जून रविवार की तारीख तय की गई है।
समिति के सचिव केशव शरण ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में होने वाले मेधावी छात्र सम्मान समारोह के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार की गई है। 1. समारोह हेतु 29 जून 2025 दिन रविवार निर्धारित। 2. आवेदन पत्र समिति को प्राप्त होने की अंतिम तिथि 10 जून 2025 निर्धारित। उक्त तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। 3. प्राप्त आवेदन पत्रों को चार वर्गों में निर्धारित किया जाएगा हाई स्कूल हिंदी मीडियम एवं इंग्लिश मीडियम, इंटरमीडिएट हिंदी मीडियम एवं इंग्लिश मीडियम। 4. प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले छात्रों हेतु पुरस्कार का निर्धारण एवं अन्य पुरस्कारों के बारे में आगामी बैठकों में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा। 5. समारोह के प्रचार प्रसार हेतु विकासक्षेत्र वार प्रचार प्रसार समितियों का गठन किया गया है, जो कि जनपद के सभी गांव में जाकर शैक्षिक गोष्ठियों के माध्यम से अभिभावकों एवं छात्रों को जागरुक करेंगे और आवेदन पत्रों को भी गांव-गांव पहुंचाया जाएगा। समिति के सचिव ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुई बैठक में उक्त निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साथी भूतपूर्व सैनिक उमेश कुमार ने की। इस दौरान संदीप कुमार, हिरदेश कुमार, नरेंद्र सिंह, उमेश कुमार, गिरिराज सिंह, अनिल कुमार, टीकम सिंह, पंकज कुमार, केशव शरण एवं कामेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.विक्रम राव का निधन अपूर्णीय क्षति
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन बिजनौर शाखा ने अर्पित की श्रद्धांजलि
संघर्षशील पत्रकारिता और निर्भीक लेखनी का पर्याय रहा डॉ. राव का जीवन
बिजनौर। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन जिला शाखा ने देश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.विक्रम राव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को पत्रकारिता के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। डॉ. राव का सोमवार को प्रातः लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे साँस संबंधी तकलीफ़ के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन जिला इकाई की शोक सभा पालिका बाजार में यूनियन जिलाध्यक्ष ज्योतिलाल शर्मा की अध्यक्षता व अनुज चौधरी के संचालन में हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राव पत्रकारिता के क्षेत्र में दशकों से सक्रिय थे और उन्होंने श्रमजीवी पत्रकारों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। उनका जीवन संघर्षशील पत्रकारिता, सिद्धांतनिष्ठ विचारों और निर्भीक लेखनी का पर्याय रहा, उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। शोक सभा में अनूप खन्ना, वीरेश बल, राजनारायण कौशिक, इफ्तखार मलिक, संजीव भुइयार, सचिन वर्मा, मनोज बाल्मीकि, अनुराग शर्मा, अभय कुमार बिश्नोई, कमल कुमार, राजकुमार, आबिद रजा, इफ्तखार कुरैशी आदि ने हिस्सा लिया।
उपमेंद्र सक्सेना को संस्कार भारती, बरेली महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी
साहित्यिक संस्था-कवि गोष्ठी आयोजन समिति, बरेली द्वारा भव्य काव्य संध्या एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन
मातृ दिवस पर 85 वर्षीय पूर्व प्रधानाचार्या शकुंतला सिन्हा सम्मानित
बरेली। अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस पर साहित्यिक संस्था-कवि गोष्ठी आयोजन समिति, बरेली द्वारा एक भव्य काव्य संध्या एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी गांधी मोहन सक्सेना के संयोजन में स्थानीय इंदिरा नगर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि शायर विनय सागर जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि लोकप्रिय चित्रकार कुलदीप वर्मा रहे। माॅं शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
मातृ दिवस के अवसर पर किए गए इस कार्यक्रम में संस्था द्वारा पूर्व प्रधानाचार्या श्रीमती शकुंतला सिन्हा को उनके प्रेम, त्याग एवं मार्गदर्शन के लिए पटका एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया एवं संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना को संस्कार भारती, बरेली का महानगर अध्यक्ष बनाए जाने पर उपस्थित कवियों ने माल्यार्पण कर उन्हें बधाई दी।
कवि बृजेंद्र तिवारी अकिंचन ने मातृ दिवस पर अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- चूल्हे की रोटी जब खायी बहुत दिनों के बाद मुझको रह रह रहकर आई अम्मा तेरी याद।
गीतकार उपमेंद्र सक्सेना ने माॅं के सम्मान में अपना गीत इस प्रकार प्रस्तुत किया – माॅं से सुंदर शब्द न कोई, माॅं ही जग में सबसे न्यारी मर्म दर्द का माॅं ही जाने, बाकी सब है दुनियादारी।
हास्य व्यंग्यकार दीपक मुखर्जी दीप ने अपना व्यंग्य इस प्रकार प्रस्तुत किया – कब परिंदे बाज बन गए पता ही नहीं चला कब किसने मुझे छला पता ही नहीं चला।
सरस काव्य संध्या में नगर के प्रमुख कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माताओं की महिमा का गुणगान करते हुए उनके त्याग, बलिदान और प्रेम को बखूबी दर्शाया।
इस अवसर पर अशोक कुमार सक्सेना, डॉ. अखिलेश गुप्ता, रामकुमार अफरोज, उमेश अद्भुत, राज शुक्ल ग़ज़ल राज, बृजेंद्र अकिंचन, दीपक मुखर्जी दीप, राम कुमार कोली, कुमकुम सक्सेना, राम शंकर प्रेमी, राजेश शर्मा ककरेली, नरेश कुमार सक्सेना, रजत कुमार एवं रीतेश साहनी आदि उपस्थित रहे। संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया।
मां: जो स्वयं मिटती है, पर संतान को कभी टूटने नहीं देती
मां को हर दिन याद रखना चाहिए, सिर्फ एक ‘मदर्स डे’ पर नहीं
जब भी सैलाब में क़श्ती मेरी आ जाती है, मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है
इस आधुनिक समय में जब संवेदनाएं अक्सर स्क्रीन की रोशनी में धुंधला जाती हैं और रिश्तों की गर्माहट डिजिटल संदेशों में सिमटती जा रही है, तब भी एक रिश्ता है जो हर तकनीक, हर युग, हर भाषा से ऊपर है — मां।
मां कोई पद नहीं, एक संपूर्ण अनुभव है — जिसे न किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है, न किसी मान्यता की। वह अपनी ममता से हर दर्द को हर लेती है, अपनी चुप्पी से सब कह देती है और अपने आंसुओं से वह शब्द लिख जाती है, जिन्हें इतिहास भी दर्ज नहीं कर पाता।
बचपन में गिरी ठोकर पर उसका लिपटकर चुप कराना जितना सच्चा था, उतना ही सच्चा है उसका आज भी बिना कहे हमारी चिंता करना। जब हम बड़े हो जाते हैं, तो अक्सर सोचते हैं कि अब हम बहुत कुछ समझने लगे हैं। पर सच यह है कि मां के “बोल न सकने वाले मौन” को समझ पाना अब भी हमारे बस से बाहर की बात है।
मां वह धुरी है, जो एक बिखरते परिवार को जोड़े रखती है। वह चुपचाप सहती है, पर अपने बच्चों को कभी महसूस नहीं होने देती कि वह थक चुकी है। कई बार वह खुद अपने अस्तित्व को खो देती है, सिर्फ इसलिए कि हम अपनी पहचान पा सकें।
आज जब हम सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते हैं, या जीवन की राह में संघर्षों से जूझते हैं, तो एक बार पलटकर मां की ओर देखना चाहिए — वह अब भी वहीं है, उसी मुस्कान के साथ, उसी दुआ के साथ, जिसकी कोई कीमत नहीं, पर जिसका मूल्य अपार है। …क्योंकि मां को हर दिन याद रखना चाहिए, सिर्फ एक ‘मदर्स डे’ पर नहीं। वो हर उस सांस में शामिल है, जिसे हम बिना सोचे ले लेते हैं। (साभार)
अल्मोड़ा के स्वास्थ्य इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम
अब ‘दूरबीन विधि’ से होंगे ऑपरेशन — संजय पाण्डे के दो वर्षों के संघर्ष से मिली ऐतिहासिक सफलता
अल्मोड़ा। पंडित हरगोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा में अब आधुनिक चिकित्सा युग का सूत्रपात हो गया है। वर्षों से जिस चिकित्सा सुविधा का केवल सपना देखा जाता था, वह अब साकार हो चुकी है। लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) सर्जरी मशीन अब अल्मोड़ा जिला अस्पताल में स्थापित कर दी गई है।
यह उपलब्धि सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के दो वर्षों के सतत संघर्ष, जनसरोकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है। उन्होंने लगातार शासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से संवाद बनाए रखा, विशेषज्ञों से संपर्क साधा और जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाया।
लेप्रोस्कोपिक तकनीक से अब पित्ताशय की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया जैसे ऑपरेशन बिना चीर-फाड़, कम दर्द और कम खर्च में किए जा सकेंगे। यह सुविधा अब तक केवल बड़े शहरों तक सीमित थी, लेकिन अब अल्मोड़ा के मरीजों को देहरादून, हल्द्वानी या अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।इलाज भी यहीं होगा और भरोसा भी यहीं मिलेगा।
संजय पाण्डे ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उत्तराखंड शासन, स्वास्थ्य विभाग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पंत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी, और जिला प्रशासन का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मशीन नहीं, यह लोगों के विश्वास की वापसी है। आज अल्मोड़ा की धरती पर एक नया सूरज उगा है — जहां जीवन की आशा और इलाज की सुविधा साथ-साथ चलेंगी।”
हालांकि कुछ अंतिम तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं शेष हैं, लेकिन अपेक्षा है कि यह सुविधा शीघ्र ही आम जनता के लिए प्रारंभ कर दी जाएगी। यह पहल न सिर्फ तकनीकी उन्नति है, बल्कि यह भी प्रमाण है कि यदि नीयत साफ हो और प्रयास निरंतर हों, तो पहाड़ों में भी परिवर्तन संभव है।
सनसनी खबर बनाने के बजाय कराना चाहिए पुलिस प्रशासन को अवगत
क्या इन्हें नहीं पता है पत्रकारिता का सही मतलब?
फालतू में मचा रहे हैं हल्ला !
लखनऊ। दरअसल आज का दौर हो या पिछला, यानि कि बीता हुआ समय! पत्रकारिता कभी भी एक आसान काम की श्रेणी में नहीं रहा। पुराने समय में पत्रकारिता में आने वाले लोगों के लिए यह एक मिशन स्वरूप था। उस समय देशहित, जनहित की खबरों को जगजाहिर करने वाले पत्रकार किसी कॉलेज या संस्थान से निकले हुए पुरोधा तो नहीं थे। …लेकिन देश समाज में उनकी खबर से जागरूकता फैले न कि भय; यही था एकमात्र उद्देश्य। आजकल विभिन्न स्कूल, कालेज, संस्थानों से पत्रकारिता में डिप्लोमा, डिग्री हासिल करने वालों की भीड़ आई हुई है। समाचार पत्र, टीवी चैनल, पोर्टल और सोशल मीडिया आदि के विभिन्न प्लेटफार्म से जुड़े अधिकतर पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी का ज्ञान ही नहीं है। इस खबर का उद्देश्य किसी को हतोत्साहित करना नहीं है, बल्कि एक संदेश देना है। जैसे कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म होहल्ला की ये खबर समाज में जागरूकता लाने वाली कतई नहीं लगती? राजधानी लखनऊ के विभिन्न स्थानों पर पहुंच कर पुलिस प्रशासन की कथित तौर पर पोल खोलने का ये प्रयास आमजन के गले नहीं उतरता। क्या सनसनी खबर बनाने के बजाय पुलिस प्रशासन को अवगत नहीं कराना चाहिए था?
जिन साहिबानों को इस खबर से कष्ट हो खुल कर रिप्लाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। धन्यवाद।
नई दिल्ली/लखनऊ। देश की सीमा पर तनाव के बीच उत्तर प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रदेश के सभी सात एयरबेस पर हाई अलर्ट जारी किया गया है और हवाई पट्टियों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अयोध्या मथुरा काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
परंपरागत एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा हिंदी पत्रकारिता दिवस
बिजनौर। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले बिजनौर में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के प्रतिष्ठित पत्रकारों को मुख्य वक्ता के तौर पर बुलाया जाएगा।
यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार मारवाड़ी की अध्यक्षता एवं वसीम अख्तर के संचालन में आयोजित बैठक में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
इस अवसर पर यूनियन का आंशिक तौर पर पुनर्गठन भी किया गया। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र मारवाड़ी के आवास पर हुई इस बैठक में ज़हीर अहमद, शकील अहमद, सतेंद्र शर्मा, आलोक कुमार, हितेश विश्वकर्मा, नईम अंसारी, कमरुद्दीन फारूकी, अमित रस्तोगी, फहीम शेख, नीरज कुमार, मुनव्वर सोनू, तुषार वर्मा, संजीव वर्मा, अवनीश गौड़, नदीम अहमद आज़ाद, वसीम खान, मोहम्मद इमरान आदि शामिल रहे।
मीटिंग में टीम का पुनर्गठन निम्न प्रकार से किया गया…
नरेंद्र कुमार मारवाड़ी, जिलाध्यक्ष वसीम अख्तर, महामंत्री सतेंद्र कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष ज़हीर अहमद, उपाध्यक्ष नईम अंसारी, कोषाध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा, मीडिया प्रभारी आलोक कुमार, संगठन मंत्री शकील अहमद, संगठन मंत्री संजीव वर्मा, मंत्री
महामंत्री वसीम अख्तर ने बताया कि अगले कार्यक्रमों में पुराने और नए सदस्यों को पूर्ण सम्मान दिया जाएगा।
कर्तव्य का आह्वान: हर सच्चे देशभक्त के लिए एक सलाहकार बुलेटिन
प्रिय भारतीयों, हमारे निर्णायक कार्रवाई की पहली लहर पूरी हो चुकी है। भारतीय सशस्त्र बलों ने सटीकता और साहस के साथ अपने लक्षित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक प्रहार किया है। जैसे-जैसे हम अगले चरण के लिए तैयार हो रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है कि हर नागरिक सतर्क और जिम्मेदार बना रहे। कृपया निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दें:
1. दुष्प्रचार आक्रमण
पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी, आईएसआई, अब एक व्यापक दुष्प्रचार युद्ध छेड़ेंगे। अंतर्राष्ट्रीय सहानुभूति प्राप्त करने और भारतीय जनता को गुमराह करने के लिए। परेशान करने वाली तस्वीरों, भावनात्मक वीडियो और मनगढ़ंत वृत्तचित्रों की बाढ़ की अपेक्षा करें। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली किसी भी अपुष्ट सामग्री को आगे न भेजें, साझा न करें या उस पर विश्वास न करें।
2. सूचना अनुशासन
केवल आधिकारिक चैनलों; रक्षा मंत्रालय, पीआईबी और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से अपडेट रहें। अटकलें लगाकर या अपुष्ट अपडेट फैलाकर सूचना तंत्र में शोर न बढ़ाएँ।
3. राष्ट्र के साथ दृढ़ता से खड़े रहें
यह राष्ट्रीय एकता का क्षण है। भारतीय सेना, सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अटूट समर्थन दें। आंतरिक आरोप-प्रत्यारोप और विभाजनकारी चर्चाओं से बचें।
4. भारत विरोधी तत्वों की पहचान और निगरानी करें
अपने पड़ोस, कार्यस्थल या सामाजिक दायरे में सतर्क रहें। शत्रु के प्रति खुली शत्रुता या सहानुभूति व्यक्त करने वाले व्यक्तियों पर ध्यान दें। एक गोपनीय रिकॉर्ड बनाए रखें, क्योंकि ऐसे खतरों को बढ़ाने के लिए जल्द ही औपचारिक रिपोर्टिंग चैनल उपलब्ध कराए जाएंगे।
5. आंतरिक अशांति से बचें
शत्रु आंतरिक अराजकता पैदा करने, दंगे भड़काने या सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने का प्रयास कर सकता है। हिंदू-मुस्लिम बहसों में शामिल न हों या विभाजनकारी Narrative को पनपने न दें। किसी भी स्थानीय अशांति की स्थिति में, सुरक्षा को प्राथमिकता दें और तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
6. घबराएं नहीं: राष्ट्रीय प्रणालियों पर भरोसा रखें
शांत रहें और भोजन, दवा या अन्य आवश्यक वस्तुओं की अनावश्यक पैनिक बाइंग या जमाखोरी में शामिल न हों। हो सकता है कि पाकिस्तान या उसके समर्थकों द्वारा आवश्यक वस्तुओं या नकदी की कमी के बारे में नकली संदेश उत्पन्न किए जाएं। इसलिए अति प्रतिक्रिया न करें। • हमारे देश में मजबूत व्यवस्था है, और इस तरह की घटनाओं से आवश्यक आपूर्ति बाधित नहीं होती है। • इसी तरह, अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में नकदी निकालने से बचें। बैंक और एटीएम सामान्य रूप से कार्य करते रहेंगे। हमारे राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के लचीलेपन पर भरोसा रखें।
7. जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें
अगले 48 घंटों के भीतर पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की प्रबल संभावना है। इसमें एलओसी और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल हमले या बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) के हमले शामिल हो सकते हैं। सतर्क रहें, खासकर यदि आप सीमावर्ती क्षेत्रों में हैं।
8. मनोवैज्ञानिक युद्ध में भूमिका
याद रखें, प्रत्येक भारतीय नागरिक मनोवैज्ञानिक युद्ध में एक अग्रिम पंक्ति का सैनिक है। शांत, लचीला रहें और अपना मनोबल ऊंचा रखें। डर फैलाने या नकली खबरों के झांसे में न आएं। आपकी मानसिक शक्ति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी हमारे सैनिकों की बहादुरी।
9. साइबर सुरक्षा सावधानियां
फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइटों और विशेष फुटेज या समाचार दिखाने का दावा करने वाले संदिग्ध ईमेल/मैसेजों से सावधान रहें। इस तरह की रणनीति अक्सर दुश्मन के साइबर सेल द्वारा खुफिया जानकारी इकट्ठा करने या मैलवेयर फैलाने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
10. संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अज्ञात वस्तुओं या संभावित खतरों की सूचना तुरंत स्थानीय कानून प्रवर्तन या सुरक्षा एजेंसियों को दें। आपकी समय पर कार्रवाई जान बचा सकती है।
हम एक बार फिर आपसे देशभक्ति की अपील करते हैं कि कृपया इस संदेश को यथासंभव व्यापक रूप से साझा करें। कोई भी भारतीय अनजान न रहे। आइए, पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूती से एक साथ खड़े हों।
जय हिंद जय महान भारत (साभार)
*CALL OF DUTY* For Every True Patriot : An Advisory Bulletin
Dear Indians,
The first wave of our decisive action is complete. The Indian Armed Forces have successfully struck their intended targets with precision and courage. As we brace for the next phase, it is vital that every citizen remains vigilant and responsible. Kindly take note of the following important points:
*1.Propaganda* *Offensive* : Pakistan and its intelligence agency, ISI, will now unleash a massive propaganda war—both to seek international sympathy and to mislead the Indian populace. Expect a flood of disturbing photos, emotional videos, and fabricated documentaries. Do NOT forward, share, or believe any unverified content circulating on social media and messaging platforms.
*2.Information Discipline:* Stay updated only through official channels—the Ministry of Defence, PIB, and reputed national media. Avoid adding noise to the information ecosystem by speculating or spreading unverified updates.
*3.Stand Firm with the Nation:* This is a moment of national unity. Extend unwavering support to the Indian military, the government, and national security agencies. Avoid internal blame games and divisive discussions.
*4.Identify & Monitor Anti-India Elements:* Be observant within your neighborhood, workplace, or social circles. Take note of individuals expressing open hostility or sympathy towards the enemy. Maintain a discreet record, as formal reporting channels will soon be made available to escalate such threats.
*5.Guard Against Internal Disturbances:* The enemy may attempt to create internal chaos, incite riots, or stoke communal tensions. Do NOT engage in Hindu-Muslim debates or allow divisive narratives to fester. In case of any local disturbance, prioritize safety and immediately inform authorities.
*6.Do Not Panic – Trust National Systems:* Stay calm and do NOT indulge in unnecessary panic buying or hoarding of food, medicines, or other essentials. There may be fake messages generated by Pakistan or its sympathizers about shortages of essential commodities or cash. Do not overreact.
•Our country has robust systems in place, and incidents like this do not disrupt essential supplies.
•Similarly, avoid withdrawing large sums of cash unnecessarily. Banks and ATMs will continue to function normally. Trust in the resilience of our national infrastructure.
*7.Prepare for Retaliation:* There is a high probability of retaliation from Pakistan within the next 48 hours. This may include ground-to-ground missile attacks or Border Action Team (BAT) strikes along the LoC and international borders. Stay alert, especially if you are in border regions.
*8.Role in Psychological Warfare:* Remember, every Indian citizen is a frontline soldier in psychological warfare. Stay calm, resilient, and keep your morale high. Do not fall for fear-mongering or fake news. Your mental strength is as crucial as the bravery of our soldiers.
*9.Cyber Security Precautions:* Be wary of phishing links, fake websites, and suspicious emails/messages claiming to show exclusive footage or news. Such tactics are often used by enemy cyber cells to gather intelligence or spread malware.
*10.Report Suspicious Activity:* Immediately report any suspicious movements, unidentified objects, or potential threats to local law enforcement or security agencies. Your timely action can save lives.
We once again appeal to your patriotism—please share this message as widely as possible. Let no Indian be left unaware. Let’s stand together, stronger than ever.
कैसे निपटें? युद्ध, आतंकी हमला हो या अन्य गंभीर संकट जैसी आपातकालीन परिस्थिति
इमरजेंसी के हालात में सतर्क और सजग रहने को वॉर टाइम मॉक ड्रिल
बिजनौर। युद्ध, आतंकी हमला या अन्य गंभीर संकट जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं सुरक्षात्मक उपायों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए वॉर टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन जिले भर में किया गया। इसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा वालेंटियर्स, समाजसेवियों, आमजनता ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी जसजीत कौर व पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा द्वारा बुधवार दिनांक 07 मई 2025 को नगर में वॉर टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन कराया गया। इस मॉक ड्रिल में आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों जैसे युद्ध, आतंकी हमला या अन्य गंभीर संकट के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
दूसरी तरफ अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई द्वारा बिजनौर नगर में स्थित एसआरएस मॉल में, उपजिलाधिकारी धामपुर व अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) द्वारा कस्बा धामपुर के शुगर मिल में मॉक ड्रिल का आयोजन कराया गया।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) व उपजिलाधिकारी नगीना द्वारा कस्बा नगीना में तथा क्षेत्राधिकारी व तहसीलदार नजीबाबाद द्वारा थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड पर वॉर टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन कराया गया।
वॉर टाइम मॉक ड्रिल के माध्यम से आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों जैसे युद्ध, आतंकी हमला या अन्य गंभीर संकट के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया जाता है।
37 गेंदों में बनाए 97 रन, अपने नाम किया मैन ऑफ दी मैच का ताज
जालंधर के दीपक का लुधियाना क्रिकेट टूर्नामेंट में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन
जालंधर (ब्यूरो)। पंजाब के लुधियाना में क्रिकेट टूर्नामेंट में जालंधर के दीपक ने एक बार फिर से अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया है।
आपको बता दें कि दीपक ने उस समय सामने वाली टीम के पसीने निकलवा दिए जब उनकी तरफ से 37 गेंदों में 97 रन बना कर मैन ऑफ दी मैच का ताज अपने नाम किया गया। इस विशेष अवसर पर लुधियाना के पार्षद की तरफ से दीपक को विजेता की ट्राफी देकर सम्मानित किया।
युद्ध जैसे हालात के बीच 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल
हवाई हमले से निपटने की तैयारी में जुटा गृह मंत्रालय
India Pakistan War : पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई राज्यों को प्रभावी नागरिक सुरक्षा के लिए 7 मई को ‘मॉक ड्रिल’ करने को कहा है। ‘मॉक ड्रिल’ में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन को सक्रिय करना, लोगों को ‘हमले’ की स्थिति में खुद को बचाने के लिए प्रशिक्षित करना शामिल है।
मॉक ड्रिल में क्या किया जाएगा
1. हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन को संचालित करना
2. नागरिकों और छात्रों को हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।
3. हमले के समय ब्लैक आउट
4. महत्वपूर्ण संयंत्रों/स्थापनाओं को समय से पहले छिपाना
5. हमले की स्थिति में लोगों को निकालना, निकासी की योजना बनाना।
सरकार ने सेना को दे दी है खुली छूट
पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लगातार एक्शन में है। हाल ही में पीएम मोदी ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की थी, जिसमें रक्षा मंत्री अजीत डोभाल भी मौजूद थे। बैठक में पीएम ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों को कार्रवाई करने की पूरी छूट दे दी। सेना को लक्ष्य और समय खुद तय करना चाहिए। पहलगाम हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी, जिसके बाद पूरा देश गुस्से और गम में डूबा हुआ है और सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दरअसल पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों को सबक सिखाने वाली संभावित कार्रवाई और उसके बाद की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी तेज हो गई है। गृह मंत्रालय ने राज्यों को 07 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विदेशी हमले की स्थिति में आपातकालीन तैयारी को परखा और सुदृढ़ किया जा सके। यह अभ्यास देशभर में चिह्नित 244 ‘नागरिक सुरक्षा जिलों’ में आयोजित होंगे।
राष्ट्र विरोधी सोशल मीडिया एनफ्लुएंसरों पर कसेगा शिकंजा
इस बीच, सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) से संबंधित संसदीय समिति ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जिनके पोस्ट राष्ट्र विरोधी प्रतीत होते हैं। समिति ने सरकार को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट 08 मई तक पेश करने का निर्देश दिया है। समिति ने यह भी रेखांकित किया कि पहलगाम हमले के बाद इस्लामोफोबिक और कश्मीर विरोधी प्रवृत्तियां सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रही हैं, जिससे सांप्रदायिक तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
जालंधर के मिठापुर में लोगों को मिली परेशानी से निजात
समाज सेवक आरके नाहर ने रखवाए सीवरेज के ढक्कन
जालंधर (अभिषेक)। सड़क पर गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सीवरेज के ढक्कन रखवाने का काम समाज सेवक आरके नाहर द्वारा किया गया। उनके इस कार्य की लोग मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं।
जानेमाने समाज सेवक आरके नाहर समाज सेवा का कोई न कोई काम आएदिन करते रहते हैं। इसी क्रम में बीते दिन उनकी तरफ से मिठापुर में सीवरेज के ढक्कन रखवाए गए। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से सीवरेज के ढक्कन टूटे हुए थे। इस कारण रास्ते से आने जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। यह भी कहा कि लोगों की सुरक्षा का हर काम प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। उनके इस कार्य की लोग मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं।
जल संरक्षण और हर घर को पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता
हर जलस्रोत के पास लगाएं 100 पौधे: स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ, 3 मई 2025:
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को मिर्जापुर से प्रयागराज जाते समय ग्राम लखनपुर में राजकीय नलकूप का औचक निरीक्षण किया। यह नलकूप 30–35 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता रखता है। मंत्री ने अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली और किसानों से संवाद कर समस्याएं सुनीं। उन्होंने नलकूप की नियमित मरम्मत और संचालन के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद मंत्री ने वृक्षारोपण कर जल-संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया। उन्होंने हर जलस्रोत के पास 100 पौधे लगाने की अपील की। मंत्री ने जल जीवन मिशन, हर घर नल योजना, अमृत सरोवर सहित अन्य जल प्रबंधन परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जल संरक्षण और हर घर को पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
दर्शन को पहुंचे विंध्यवासिनी देवी के मंदिर
इससे पहले मंत्री श्री सिंह ने विंध्याचल पहुंचकर मां विंध्यवासिनी देवी एवं अष्टभुजा स्थित गोकुल धाम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, रत्नाकर मिश्र, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अक्षय तृतीया पर भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा का आयोजन
भोपाल। अक्षय तृतीया पर भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा के तत्वाधान में 20 जोड़ों का निःशुल्क आदर्श विवाह सम्मेलन सम्पन्न हुआ.
पावन अक्षय तृतीया के अवसर पर ब्यावरा राजगढ़ पशुपतिनाथ की पावन धरा पर भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा के तत्वाधान में पाँचवाँ नि:शुल्क सामूहिक आदर्श विवाह सम्मेलन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में कुल 20 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री नारायण सिंह पवार रहे, जिन्होंने माँ कर्मा धाम के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा कर आयोजन को नई ऊंचाई प्रदान की। साथ ही नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
विशिष्ट अतिथियों में तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष रविकरण साहू, राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र साहू, जनगणना प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक सत्येंद्र साहू, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष एस.पी. गुप्ता, भांडुप युवा अध्यक्ष आनंद गुप्ता, सतीश साहू, पवन साहू, दीपक साहू आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजक नरेंद्र साहू, अध्यक्ष मांगीलाल साहू, जिलाध्यक्ष रामबाबू साहू ने सभी अतिथियों का स्वागत साफा पहनाकर एवं माँ कर्मा देवी की फोटो भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण आधुनिक लिफ्ट झूले पर वर-वधू का जयमाला समारोह रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालन की जिम्मेदारी कुमारी रानू साहू और विनोद जी ने कुशलता से निभाई। कार्यक्रम के आयोजक नरेंद्र साहू, अध्यक्ष मांगीलाल साहू, जिलाध्यक्ष रामबाबू साहू सहित आयोजन समिति के कैलाश बिजाले, नंदू साहू, पवन साहू, भूपेंद्र साहू, संतोष मासाब आदि ने सभी अतिथियों, दानदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन सामाजिक समरसता, परंपरा और सहयोग का अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आया।
समाज सेवक आर.के नाहर ने किया 100 पौधे लगाने का ऐलान
पहलगाम हमले को समर्पित जालंधर के मॉडल टाऊन में अभिषेक गुप्ता की तरफ से लगाया गया खूनदान कैंप
जालंधर। हिंदुस्तान में मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से जाने, जाने वाले पहलगाम में आतंकवादी हमले के विरोध में जालंधर के मॉडल टाऊन ( शिवानी पार्क ) में अभिषेक गुप्ता की तरफ से मृतक भाई बहनों को समर्पित खूनदान कैंप लगाया गया।
कैंप में जालंधर के जानेमाने समाज सेवक आर.के नाहर एवं पार्षद बलराज ठाकुर ने खूनदान कर एहम भूमिका निभाई। बातचीत दौरान समाज सेवक आर.के नाहर ने कहा कि खून दान सबसे बड़ा दान है महादान है। खूनदान करने ने आने वाले समय में हमारे किसी भाई बहन की जान बच सकती है। इस अवसर पर श्री नाहर ने 100 पौधे लगाने का ऐलान किया।
कूर्मांचल एकेडमी का बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम, नकुल और मैत्रेय ने दोहराई सफलता
अल्मोड़ा, 1 मई 2025 – सीआईएससीई बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में कूर्मांचल एकेडमी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जो विद्यालय के शिक्षण और विद्यार्थियों की मेहनत का स्पष्ट प्रमाण है।
कूर्मांचल एकेडमी के इंटर टॉपर नकुल पांडे ने 94.25% अंक प्राप्त किए। नकुल ने 10वीं कक्षा में भी टॉप किया था और तब अल्मोड़ा जिले के साथ-साथ नैनीताल जिले में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया था। नकुल के पिता श्री महेश चंद्र पांडे आकाशवाणी अल्मोड़ा में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा, जन्मेजय पांडे ने भी 94.25% अंक प्राप्त कर इंटरमीडिएट में टॉप रैंक में स्थान बनाया। हाईस्कूल में मयूर भंडारी ने 98% अंक अर्जित कर विद्यालय का नाम रौशन किया। नकुल और मैत्रेय ने 2023 में भी हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया था।
कूर्मांचल एकेडमी की छात्रा मैत्रेय पुरोहित ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च अंकों के साथ विद्यालय का नाम रौशन किया। मैत्रेय के पिता स्वास्थ्य विभाग में A.C.M.O. के पद पर कार्यरत हैं। नकुल और मैत्रेय दोनों ही प्रतिभावान छात्र-छात्राएं अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं।
इस सफलता के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पांडे, रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन आर्य, गांधी पार्क वार्ड के पार्षद दीप चंद्र जोशी, एडवोकेट अखिलेश टम्टा, नंदन लाल साह, गौरव जोशी, भगवती जोशी, हंसा पांडे, हेम चंद्र पांडे, किरन पांडे, आशीष जोशी, देव सिंह टगणिया, जन्मेजय पांडे आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की और इन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय के निदेशक मोहित बिष्ट और प्रधानाचार्य के.के. पंत ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस सफलता के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे उत्कृष्ट परिणामों की उम्मीद जताई।
एससी-एसटी एक्ट के मामले दर्ज न किए तो होगी कार्रवाई
आगरा। एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्रों की बढ़ती संख्या पर अदालत ने नाराजगी जताई है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट पुष्कर उपाध्याय ने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है। कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों, थानाध्यक्ष/थाना प्रभारियों को निर्देश दें कि थानों में मुकदमा दर्ज कराएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध धारा 4 एससी-एसटी एक्ट के तहत न्यायालय दंडात्मक कार्रवाई के लिए बाध्य होगा। बीएनएसएस एवं एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों का अनुपालन नहीं किए जाने के बाबत पुलिस कमिश्नर को भेजे पत्र में कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि न्यायालय में धारा 173 (4) बीएनएसएस से संबंधित कई प्रार्थना पत्र लंबित हैं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 15क (9) में स्पष्ट प्रावधान है थाने आने पर फरियादी की एफआईआर को दर्ज कर उसकी निःशुल्क फोटोप्रति उसको प्रदान की जाएगी। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज नही की जा रही। इस कारण पीड़ित पक्षकार न्यायालय के समक्ष मुकदमा दर्ज कराने के लिए उपस्थित हो रहे हैं। ये पुलिस अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का परिचायक होने के कारण घोर आपत्तिजनक है।
बिजनौर। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के विरोध में बिजनौर में मंगलवार को पूर्ण बंद का आयोजन किया गया। व्यापारी संगठनों के साथ अन्य संस्थाओं ने भी बंद का समर्थन किया।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूर रहकर विरोध जताया। जिला सिविल बार और जिला बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। बार के अध्यक्ष ने कहा कि बंद के कारण जजी परिसर में वादकारियों की आवाजाही और यातायात प्रभावित होगा। शहर के सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य स्कूलों ने भी बंद का समर्थन किया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को स्कूल बंद रहने की सूचना भेज दी। सुबह से ही शहर का अधिकांश बाजार बंद रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। पहलगाम में आतंकियों द्वारा पर्यटकों की हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश है। लोग जगह-जगह आतंकवाद और पाकिस्तान का विरोध कर रहे हैं। बिजनौर में भी लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
आतंकवाद के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए दोषियों को सज़ा देने की मांग
बिजनौर। पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में डीके फाउंडेशन ऑफ़ फ्रीडम एंड जस्टिस यूनिट ने पैदल पथ शांति कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान आतंकवाद के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए दोषियों को सज़ा देने की मांग उठाई।
मुस्तकीम नेताजी राष्ट्रीय उप मुख्य रिपोर्टिंग अधिकारी के नेतृत्व में पैदल पथ शांति कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सभी समाज के लोग मौजूद रहे। कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए क्रूर और कायराना आतंकी हमले के विरोध में डीके फाउंडेशन ऑफ़ फ्रीडम एंड जस्टिस यूनिट के कार्यकर्ताओं ने पैदल पथ शांति कैंडल मार्च किया। इस हमले में विदेशी पर्यटकों सहित कई निर्दोष लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे देश में आक्रोश और शोक की लहर फैल गई है। शांति मार्च में शामिल लोगों ने सरकार से मांग की है कि हमले के दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। डीके फाउंडेशन ऑफ़ फ्रीडम एंड जस्टिस के कार्यकर्ताओं ने इसे मानवता के विरुद्ध कृत्य बताते हुए कहा कि ऐसे हमले देश की शांति और एकता पर सीधा आघात है। डीके फाउंडेशन ऑफ़ फ्रीडम एंड जस्टिस की ओर से जारी बयान में कहा गया, “इस भयावह घटना ने हर संवेदनशील नागरिक का दिल दहला दिया है। पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति हमारी गहन संवेदनाएँ हैं। हम सरकार से माँग करते हैं कि दोषियों को ऐसी सज़ा दी जाए, जो आने वाले समय में एक कठोर संदेश दे कि निर्दोषों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”पैदल पथ कैंडल मार्च मोहल्ला खत्रियान, काशीराम आवासीय परिसर स्थित झंडा चौक से सुदामा पार्क जानी का चौराहा मोइन चौक बुल्ला का चौराहा होते हुए कार्यालय नगर पालिका परिषद बिजनौर पहुंचा। यहां सेल्फी प्वाइंट पर सभी शहीद पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन उसमें शामिल नागरिकों की भावनाएँ तीव्र और स्पष्ट थीं—कि आतंक के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई समय की आवश्यकता है। इस पैदल पथ कैंडल मार्च मैं डीके फाउंडेशन ऑफ़ फ्रीडम एंड जस्टिस के जिला अध्यक्ष डॉक्टर सलाउद्दीन, पूर्व नगर अध्यक्ष आसिफ खान, जिला उपाध्यक्ष तस्लीम अहमद, नगर अध्यक्ष सलाउद्दीन ठेकेदार, गत्ता व्यापारी मोहम्मद आरिफ कुरैशी, विजय गिरी, मोहम्मद समीर, वंश कुमार, सागर भाई, मोहम्मद फैसल, शादाब लइक, वासुदेव, नकुल शर्मा, यश कुमार सैनी, विकास चौधरी, गोविंदा, मोहम्मद असद, अब्दुल मतीन, मोहम्मद अदनान, रेहान, असद, मुन्ना, देव कुमार, शादाब, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद अनस, आमिर चंद, उमर, नरदेव सिंह, रामकुमार, मोहम्मद उमैंर, अभिषेक, हरि सिंह, राजेश दास, फैजान खान उर्फ मोटा, मुस्तकीम नेताजी राष्ट्रीय उप मुख्य रिपोर्टिंग अधिकारी आदि मौजूद रहे।
जालंधर मैन ऑफ द टूर्नामेंट की ट्राफी दीपक कुमार के नाम
जालंधर। आजकल पंजाब में नशे की मात्रा कुछ बढ़ गई है। आज की युवा पीढ़ी दिन पर दिन नशे की दलदल में धंसती जा रही है। दूसरी तरफ युवा पीढ़ी के लिए मिसाल कायम करने वाले जालंधर के दीपक कुमार ने क्रिकेट टूर्नामेंट पटियाला में 306 रन बना कर मैन ऑफ द टूर्नामेंट की ट्राफी अपने नाम कर अपनी टीम का हौसला बढ़ा कर जीत हासिल की।बीते दिन बातचीत के दौरान कहा कि उनका रुझान खेलों की तरफ है। आजकल की युवा पीढ़ी को खेलों की तरफ ध्यान देता चाहिए और नशे से दूरी बनानी चाहिए।
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए मतदान कराया गया। इसके चलते सुबह से देर शाम तक कैसरबाग इलाके में चुनावी गहमागहमी रही। डेढ़-दो किलोमीटर के दायरे में प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा रहा।
22 पदों के लिए मैदान में 128 प्रत्याशी
इस बार अध्यक्ष और महासचिव समेत कुल 22 पदों के लिए 128 प्रत्याशी मैदान में हैं। बार एसोसिएशन के पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 3742 बताई गई है। इनमें 65 प्रतिशत से अधिक वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अध्यक्ष पद पर तीन प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशी राजेश शर्मा, अखिलेश कुमार और आदेश कुमार सिंह आमने-सामने हैं। महासचिव पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कार्यकारिणी सदस्य पदों के लिए भी कड़ी टक्कर देखने को मिली।
एल्डर्स कमेटी की निगरानी में शांतिपूर्ण मतदान
चुनाव प्रक्रिया हाईकोर्ट के निर्देश पर एल्डर्स कमेटी की निगरानी में कराई गई। मुख्य चुनाव अधिकारी उमाशंकर श्रीवास्तव के मुताबिक मतदान सोमवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चला। मतगणना मंगलवार को कराई जाएगी। उसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
यातायात डायवर्जन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव के मद्देनज़र कैसरबाग इलाके में यातायात व्यवस्था बदली गई थी। सीतापुर रोड, कैसरबाग और चिरैया झील समेत कई मार्गों पर भारी और कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। कोर्ट परिसर के सामने वाली सड़क पर दिनभर यातायात बंद रहा। पुराने हाईकोर्ट चौराहे पर प्रत्याशियों के पंडाल लगे थे और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी थी। दिनभर नारेबाजी और समर्थन में उत्साह का माहौल रहा। इस दौरान सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके का जायजा लिया।
सेंट्रल बार के चुनाव के लिए नियुक्त किए गए मुख्य चुनाव अधिकारी उमाशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर एल्डर्स कमेटी बार एसोसिएशन का चुनाव करा रही है। चुनाव में अध्यक्ष-वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष के एक-एक, उपाध्यक्ष मध्य के दो, संयुक्त सचिव के तीन, वरिष्ठ कार्यकारिणी और कनिष्ठ कार्यकारिणी के छह-छह पदों के लिए कुल 128 प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है।
मेरठ। जनपद में सोमवार सुबह पुलिस और चेन स्नैचर्स के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम लूटी गई चेन बरामद कराने के लिए दो बदमाशों को लेकर गई थी।
गौरतलब है कि एक महीने पहले जागृति विहार में डॉक्टर से चेन लूट की वारदात हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से रविवार को गाजियाबाद के टीला मोड़ निवासी परवेज आलम और परतापुर के डिमोली गांव के अंकुर सैनी को गिरफ्तार किया था। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि लूटी गई चेन गांधी आश्रम के पास एक पेड़ के नीचे छिपाई है। सोमवार सुबह जब पुलिस टीम बदमाशों को लेकर वहां पहुंची, तो परवेज ने पेड़ के नीचे छिपा तमंचा निकालकर पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। दोनों बदमाश भागने लगे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में परवेज के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घायल परवेज को जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने बदमाशों से घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक लाख रुपए की नगदी और लूटी गई चेन बरामद की है। पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
घर की किचन में आसानी से बनाएं टेस्टी चिकन ~अच्छा और स्वादिष्ट खाना हर किसी की पसंद होता है। हालांकि बहुत से लोग खाने पीने की चीज तैयार तो करना चाहते हैं लेकिन कर नहीं पाते। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें इसका तरीका पता नहीं होता। ऐसे में आपकी हेल्प करने शुरू हुआ है Kumardeep Desi Tadka, इसमें आप रोज नए नए तरीकों से वेज और नॉनवेज की डिश बनाना सीख सकते हैं। अब सीखें, बना कर खुद भी खाएं और लोगों को भी खिलाएं।
आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग: नरेंद्र मोदी
मरने वालों में ज्यादातर कर्नाटक के लोग
पहलगांव आतंकी हमले की टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी
~ (अभिषेक मोदी)
जम्मू कश्मीर के पहलगांव में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर कायराना हमला किया गया है। इस हमले की जिम्मेवारी लश्कर एवं तय्यबा के संगठन टीआरएफ ने ली है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई है और कई बुरी तरह से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। इस हमले में ज्यादातर कर्नाटक के लोग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा “मैं जम्मू कश्मीर के पहलगांव में हुए हमले की निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्राथना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस जघन्य वारदात के पीछे जो लोग हैं उन्हें जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक एजेंडा कभी भी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।”
डा. आंबेडकर जी के जन्म दिवस मौके पर नकोदर में हुआ कार्यक्रम
एनकेएन म्यूजिक प्रोडक्शन के मालिक, समाज सेवक आरके नाहर का सम्मान
जालंधर, नकोदर(अभिषेक मोदी)। एनकेएन म्यूजिक प्रोडक्शन के मालिक एवं समाज सेवक आरके नाहर को नकोदर में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
नकोदर में डा. आंबेडकर जी का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान वीर सरताज विंटा ने उपस्थित लोगों को अपने भजनों से निहाल किया।
इस विशेष अवसर पर एनकेएन म्यूजिक प्रोडक्शन के मालिक एवं समाज सेवक आरके नाहर को सम्मानित किया गया। संत बेदीराम हेरा वाले, बाबा संगत नाथ जी, रहीम पूरा, बाबा काला दशमेश तरना दल वाले, पवन गिल पार्षद, आकाश भल्ला, सरदार सरबजीत धीमान, अजय वर्मा, डॉ. राजवीर सिंह, मंजीत केटला, जतिंदर भल्ला आदि मौजूद थे।
भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए एक सशक्त स्वर संस्कार भारती के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
हास्य विधाओं में भारतीय मूल्य बोध की पुनः स्थापना का प्रयास
लखनऊ। वर्तमान में डिजिटल मंचों पर बढ़ती हुई अश्लील स्टैंड-अप कॉमेडी और फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक कंटेंट पर भारतीय कला, संस्कृति और मूल्य परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित संस्कार भारती ने गहरा विरोध प्रकट किया है। इस संबंध में संस्कार भारती के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के विशाख जी को ज्ञापन सौंपा।
संस्कार भारती परिवार से महामंत्री अमित कुमार, सह महामंत्री चंद्रभूषण सिंह एवं दृश्य कला विभाग संयोजक विनीत पांडे ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि वर्तमान समय में विभिन्न हास्य माध्यमों जैसे स्टैंड-अप कॉमेडी, टी.वी. धारावाहिक, सोशल मीडिया कंटेंट, इत्यादि – में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, नैतिकता एवं मर्यादा का ह्रास देखा जा रहा है। हास्य का उद्देश्य जहां जनमानस को मानसिक राहत देना होता है, वहीं आज यह कई बार अपशब्दों, अश्लीलता एवं सामाजिक मूल्यों के हनन का माध्यम बनता जा रहा है। हमारा भारतवर्ष, जहाँ कभी विकट सत्य को भी विनोदपूर्वक प्रस्तुत करने की परंपरा रही है (उदाहरण स्वरूपः विदूषक, भांड, कथा-वाचन परंपरा), आज उसी परंपरा से विमुख होता जा रहा है। यह एक गंभीर सांस्कृतिक संकट की ओर संकेत करता है। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा हास्य लेखन एवं प्रस्तुतिकरण में भारतीय जीवन मूल्यों की पुनः स्थापना को बढ़ावा दिया जाए। विद्यालयों व महाविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों को नैतिक हास्य लेखन एवं प्रस्तुतिकरण की दिशा में प्रोत्साहित किया जाए। स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर ऐसे हास्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिनमें संवेदना, संस्कृति और सभ्यता का समावेश हो। सोशल मीडिया पर भी सकारात्मक और संस्कृति-सम्मत हास्य को प्रोत्साहन देने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
ज्ञापन में बताया गया कि आजकल तथाकथित हास्य कलाकारों द्वारा स्टैंड-अप कॉमेडी के नाम पर सार्वजनिक मंचों पर मां-बेटी, बहन, स्त्री और पारिवारिक रिश्तों को अश्लील शब्दों में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो न केवल भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं का अपमान है, बल्कि युवाओं के मानसिक विकास पर भी दुष्प्रभाव डालता है। संस्कार भारती का मानना है कि हास्य एक सशक्त कला माध्यम है, किंतु जब वह मर्यादा तोड़कर वल्गरिटी (vulgarity) में बदल जाए, तो वह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के संस्कारों को नष्ट करने का कार्य करता है।संस्कार भारती के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में हास्य विधा को भारतीय संस्कृति के अनुरूप पुनः प्रतिष्ठित कर पाएंगे।
मुख्य बात…
1. संस्कार भारती सभी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स से यह अपील करती है कि वे ऐसे कंटेंट को फिल्टर करें, सेंसर व्यवस्था लागू करें और भारतीय संविधान व संस्कृति की मर्यादाओं का सम्मान करें।
2. हम समाज से भी आग्रह करते हैं कि वे ऐसे कंटेंट का विरोध करें, रिपोर्ट करें और नई पीढ़ी को स्वस्थ, सुसंस्कृत व सकारात्मक दिशा देने में सहयोग करें। हमारा उद्देश्य – कला को मर्यादा में रहकर जनमानस तक पहुँचाना है, न कि अपसंस्कृति को बढ़ावा देना।
निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ़ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट ने किया पथ प्रदर्शक सम्मान समारोह का आयोजन
कवि, कवयित्रियों, पत्रकारों एवं समाजसेवियों का सम्मान
डॉ. रीमा सिन्हा की स्वर्गीय मां आशा देवी की जयंती मनाई गई
लखनऊ (पंचदेव यादव)। निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वाधान में मंच संस्थापिका डॉ रीमा सिन्हा की स्वर्गीय मां आशा देवी की जयंती के उपलक्ष्य में पथ प्रदर्शक सम्मान का आयोजन किया गया। इसमें कवि, कवयित्रियों, पत्रकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। तत्पश्चात गीता सक्सेना जी ने सुमधुर वाणी में वंदना सुनाई। इसके बाद सभी ने मां पर अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये।
संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा ने मंच का शानदार संचालन किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद एवं प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंच के अध्यक्ष अज़ीज़ सिद्दीक़ी रहे। कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले अतिथिगण गीता सक्सेना, मिठु रॉय, पूजा श्रीवास्तव, लक्ष्मी देवी, संध्या श्रीवास्तव, डॉ. विभा प्रकाश, लुबना अख्तर, रुबीना आलम, गुरमीत कौर, श्री मिश्रा, साधना मिश्रा लखनवी, उमा लखनवी, प्रदक्षिणा मिश्रा, दीपिका, प्रीति तिवारी वसुंधरा, नितिन तिवारी, सरोज बाला सोनी, अब्दुल वहीद, परवेज़ अख्तर, एन आलम, जमील मलिक, मुजीब बेग, परमजीत कौर, शबाब नूर, सैयद ग़ुलाम, मोहम्मद इकराम आदि रहे।
लगभग 4 घंटे तक चले कार्यक्रम में सिर्फ महिलाओं ने ही नहीं अपितु पुरुषों ने भी “मां” पर भावविह्वल करने वाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में शबाब नूर के गीतों ने ज़बरदस्त समा बांधा। उनका साथ दिया मिठु रॉय एवं गीता सक्सेना ने। कार्यक्रम में पत्रकार अदीबा ख़ान का जन्मदिन भी मनाया गया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने उसे आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ सिद्दीक़ी एवं संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ़ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के द्वारा समय समय पर निःशुल्क साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन करवाए जाते हैं। अध्यक्ष श्री सिद्दीक़ी एवं संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा की देखरेख में यह मंच नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।
जून महीने में ह्यूमन सर्विस सोसाइटी के चेयरमैन अभिषेक पंडित का मिशन
अपने काम करने के तरीके से लोगों में बनाई है पहचान
गरीब बच्चों में बांटेगे किताबें, पक्षियों के लिए लगाएंगे कैंप
जालंधर (ब्यूरो) ह्यूमन सर्विस सोसाइटी के चेयरमैन एवं युवा ब्राह्मण संघ पंजाब के अध्यक्ष अभिषेक पंडित इस साल भी जून महीने में गरीब बच्चों में किताबें बांटेगे और बढ़ती गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन और बाजरा पूरे शहर में बांटेगे। यह जानकारी उनकी टीम से प्राप्त हुई है।
गौरतलब है कि ह्यूमन सर्विस सोसाइटी के चेयरमैन एवं युवा ब्राह्मण संघ पंजाब के अध्यक्ष अभिषेक पंडित की लोगों में पहचान अपने काम करने के तरीके से है। वह अक्सर बेजुबान पक्षियों और गरीब बच्चों के लिए काम करते नज़र आते है। जो बच्चे पढ़ नहीं सकते, उनकी पढ़ाई पूरी करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं और पक्षियों के लिए शहर में बाजरा और मिट्टी के बर्तन बांटते हैं। यह है ह्यूमन सर्विस सोसाइटी वाले पंडित जी की पहचान।
अभिषेक पंडित की टीम ने बताया कि वह इस साल भी जून महीने में गरीब बच्चों में किताबें बांटेगे और बढ़ती गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन और बाजरा पूरे शहर में बांटेगे।
साथी सिपाही पर 11 गोलियां दाग कर मौत की नींद सुलाया
पटना (सूत्र)।एक सिपाही ने अपने ही साथी सिपाही पर इंसास राइफल से ताबड़तोड़ 11 गोलियां दाग कर मौत के घाट उतार डाला। गोलियों की गूंज से पूरा क्षेत्र दहल उठा। पुलिस लाइन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी सिपाही को पुलिस ने हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है। ये सनसनीखेज वारदात बिहार के बेतिया पुलिस लाइन में रविवार की है।
जानकारी के अनुसार आरोपी सिपाही परमजीत और मृतक सिपाही सोनू कुमार के बीच किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले ही दोनों सिपाही सिकटा थाने से बेतिया पुलिस लाइन में स्थानांतरित हुए थे और एक ही यूनिट में तैनात थे।
बताया गया है कि वारदात के बाद आरोपी सिपाही परमजीत इंसास राइफल लेकर पुलिस लाइन की छत पर चढ़ गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर लिया। मुफस्सिल थाने में एसडीपीओ विवेक दीप ने उस से पूछताछ शुरू कर दी। वहीं घटना की सूचना मिलते ही चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने पहुंच कर मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद ने इस हृदयविदारक घटना को जन्म दिया। आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में नाक, कान और गले (ई.एन.टी.) से जुड़ी सेवाएं एक बार फिर संकट में हैं। जिले में ई.एन.टी. विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण पौड़ी कर दिया गया है। यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता में बाधा है, बल्कि पर्वतीय जनता के मौलिक अधिकारों के भी विपरीत है।
फिर जनता की उम्मीदों पर फिरा पानी
डॉ. सोनाली जोशी ने अल्मोड़ा में सेवा के दौरान अपनी कार्यकुशलता, सरल व्यवहार और समर्पण से जनता का विश्वास जीता। 31 अक्टूबर 2023 के बाद जब ENT सर्जरी पूरी तरह बंद हो चुकी थी, तब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत और फोटो-वीडियो साक्ष्यों के आधार पर ही ऑपरेशन फिर शुरू हो पाए। …लेकिन अब, जब सेवाएं पटरी पर लौटने लगी थीं, स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर से इन प्रयासों को झटका दे दिया है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे का सवाल – क्या यह जनहित है?
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने डॉ. सोनाली के स्थानांतरण को “जनविरोधी और असंवेदनशील” बताते हुए कहा।
“एक ओर हम स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने की बात करते हैं, दूसरी ओर जो डॉक्टर ईमानदारी से काम कर रही हैं, उन्हें हटा दिया जाता है। अल्मोड़ा की जनता फिर से अंधेरे में धकेली जा रही है।”
स्वास्थ्य विभाग की दोहरी नीति उजागर
थलीसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत ई.एन.टी. विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी चौहान पिछले दो वर्षों से जनरल सर्जन के पद पर काम कर रहे हैं, जबकि वहां ई.एन.टी. का पद स्वीकृत ही नहीं है। वे बार-बार पौड़ी स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं — जहां उनकी विशेषज्ञता की जरूरत है — लेकिन उनकी अपील अनसुनी है। इसके विपरीत, अल्मोड़ा में पूरी तरह आवश्यक और जनता की मांग पर कार्यरत डॉ. सोनाली जोशी को जबरन ट्रांसफर कर दिया गया। यह दोहरा रवैया स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
अधिकारियों को नहीं थी जानकारी!
संजय पाण्डे की मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हुई मुलाक़ात में यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह निर्णय बिना समन्वय और बिना ज़मीनी हकीकत समझे लिया गया।
प्रमुख मांग
1- डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त किया जाए।
2- उन्हें अल्मोड़ा में स्थायी रूप से नियुक्त किया जाए।
3- डॉ. अश्विन चौहान को उनके विशेषज्ञता क्षेत्र (पौड़ी) में स्थानांतरित किया जाए।
अंत में, यह सवाल हर अल्मोड़ा वासी का है:
“कब तक हमें अपने हक के लिए गुहार लगानी पड़ेगी? और क्या पर्वतीय जनता की सेहत का कोई मोल नहीं?”
विशेषज्ञ के स्थानांतरण से अल्मोड़ा में ई.एन.टी. सेवाओं पर संकट
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में नाक, कान, गला (ई.एन.टी.) विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण अचानक पौड़ी कर दिया गया है, जिसके कारण अल्मोड़ा जिले में ई.एन.टी. सेवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। यह स्थानांतरण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के समुचित संचालन में बाधा डालता है, बल्कि यह अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के समान है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार पाण्डे ने इस स्थानांतरण के फैसले को असंवेदनशील और जनहित के खिलाफ करार दिया है। पाण्डे ने स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सोनाली जोशी को अल्मोड़ा में स्थायी रूप से नियुक्त करने की मांग की है, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहे।
संजय पाण्डे ने कहा…
“अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. सेवाएं पहले ही संकट से गुजर रही थीं। 31 अक्टूबर 2023 के बाद से एक भी सर्जरी नहीं हो पाई, और अब डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण इस संकट को और बढ़ा देगा। यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खतरे की घंटी है, बल्कि यह प्रशासन की नाकामी और जनहित के प्रति लापरवाही को भी दर्शाता है।”
संजय पाण्डे ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के बाद, विभागीय अधिकारियों द्वारा एक लिखित राजीनामा प्रस्तुत किया गया था, जिसे फोटो और वीडियो के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री को भेजा गया था। इसके बाद ही अस्पताल में ई.एन.टी. ऑपरेशन शुरू हो पाए थे। …लेकिन अब, डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण से इन सेवाओं का ठप होना तय है।
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. के लिए दो पद स्वीकृत हैं। एक पद पर डॉ. हरीश चंद्र गड़कोटी कार्यरत हैं, जो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी हैं और केवल सामान्य ओपीडी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। दूसरा पद, डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण के बाद रिक्त हो चुका है। इस स्थानांतरण के बाद अस्पताल में कोई स्थायी ई.एन.टी. विशेषज्ञ नहीं है।
महत्वपूर्ण सूचना: वर्तमान में डॉ. सोनाली जोशी अवकाश पर हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. विशेषज्ञ की सेवाएं एक बड़े संकट में आ सकती हैं।
इसका क्या मतलब?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा से संजय पाण्डे की मुलाकात में यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण का कोई आदेश नहीं मिला है, और न ही इस बारे में उन्हें कोई जानकारी दी गई है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह कदम बिना उचित समन्वय और अल्मोड़ा के स्वास्थ्य संकट को समझे लिया गया है।
… ताकि मिल सके मरीजों को राहत
संजय पाण्डे ने प्रशासन को चेतावनी दी है, “यदि स्वास्थ्य विभाग इस स्थानांतरण आदेश को तुरंत रद्द नहीं करता, तो हम जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। हमें अल्मोड़ा की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवानी हैं, और इसके लिए हम हर कदम उठाएंगे।” उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और अन्य संबद्ध अधिकारियों से तत्काल इस निर्णय को रद्द करने और डॉ. सोनाली जोशी को अल्मोड़ा में स्थायी नियुक्ति देने का आग्रह किया है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहे और मरीजों को राहत मिल सके।
जांच के बाद BSA ने किया हेड मास्टर और शिक्षक को सस्पेंड
राष्ट्रगान के समय कमरे में बैठे रहे मास्टर जी, हेड मास्टर धुलवाती बच्चों से स्कूटी
अलीगढ़ (SJB)। बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही बरतने वाले दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। दोनों की शिकायत विभाग से की गई थी, जिसके बाद इस मामले की जांच हुई। ब्लाक शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद बीएसए ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है।
विस्तृत जांच शुरू, मांगा स्पष्टीकरण
अलीगढ़ के बीएसए ने लोधा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रोरावर के सहायक अध्यापक गुलजार अहमद और इसी विद्यालय की इंचार्ज हेडमास्टर जैबुना निशा को सस्पेंड कर दिया है। अब मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और दोनों शिक्षकों को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।
हेडमास्टर ने धुलवाई थी स्कूटी
स्कूल की हेडमास्टर जैबुन निशा के खिलाफ शिकायत हुई कि उन्होंने स्कूल के बच्चों ने अपनी स्कूटी साफ कराई थी। इतना ही नहीं बच्चों के साथ वह मारपीट भी करती थी। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया और मामले की जांच की गई थी।
ब्लाक शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच की और विद्यालय में जाकर बच्चों से पूछताछ भी की थी। जांच में पाया गया था कि हेडमास्टर ने बच्चों ने अपनी स्कूटी साफ कराई थी। इसके बाद तत्काल उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ उच्च अधिकारियों को भी जांच आख्या भेजी गई है। बताया गया है कि राष्ट्रगान के समय कमरे में बैठे हेडमास्टर के साथ ही सहायक अध्यापक गुलजार अहमद की भी शिकायत हुई थी। इसके अनुसार स्कूल में राष्ट्रगान का कार्यक्रम चल रहा था और आरोपी शिक्षक अपने कमरे के बाहर नहीं निकले। राष्ट्रगान के समय वह अंदर बैठे हुए थे। इसके बाद जांच में वह भी दोषी पाए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि दोनों शिक्षक जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी जा रही है।
ग्राम नांगल जट में राष्ट्रीय हिंदू एकता संघ के नेतृत्व में ग्रामीण एकजुट
दबंग के अवैध कब्जे के खिलाफ ग्रामीणों का धरना जारी
बिजनौर, [18 अप्रैल] जनपद बिजनौर के ग्राम नांगल जट में एक दबंग व्यक्ति द्वारा अपने पुत्रों के साथ मिलकर सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा किए जाने के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा राष्ट्रीय हिंदू एकता संघ के तत्वाधान में धरना जारी है। ग्रामीणों ने बंद रास्ते को खोलकर उसका निर्माण कराए जाने की मांग की है।
शिकायतों पर नहीं कोई कार्रवाई
ग्रामीणों के अनुसार, एक दबंग ने अपने तीन पुत्रों के साथ मिलकर सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो दबंग मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाता है। ग्रामीणों ने विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। राष्ट्रीय हिंदू एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद प्रकाश जोगी, जिला प्रभारी खिलेंद्र सिंह और तहसील अध्यक्ष मनीष कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 15 अप्रैल से धरना शुरू किया है। संघ के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की पीड़ा को समझते हुए उनकी आवाज बनने का निर्णय लिया है और सार्वजनिक मार्ग को खोलने तथा इसका निर्माण कराने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है।
…तब तक जारी रहेगा धरना
धरने में वीरेंद्र, सतवीर, आलोक, ओमवीर, अरविंद, स्वाति, ममतेश, नूरी, बिट्टू, मुनेश्वर, ईश्वर, कालू, मोनू, गुलशन, वीरेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दबंग के अवैध कब्जे को हटाकर सार्वजनिक रास्ते को खोला जाए और इसका निर्माण कराया जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक 11 वर्षीय लड़के ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके पिता ने उसे स्कूल न जाने के लिए डांटा था। मामले में अधिक जानकारी के लिए किरतपुर स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह घटना बुधवार को मोहल्ला मिल्कियां में उस समय हुई जब निसार ने अपने बेटे शादान को स्कूल से बार-बार अनुपस्थित रहने पर डांटा था।
एसएचओ ने बताया, “डांट खाने के बाद शादान घर से चला गया। जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश की और देर शाम उसका शव पास के खाली प्लॉट में दीवार पर लगे हुक से लटका मिला।” पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पति का कर्जा चुकाने को बेटी ने ही उड़ाए पिता के घर से लाखों रुपए
हरिद्वार। कोतवाली गंगनहर पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बेटी, दामाद और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर अपने ही पिता के घर से लाखों रुपये की चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 60 लाख रुपये की नगदी, कीमती जेवरात, सप्लीमेंट के डिब्बे और घटना में इस्तेमाल की गई एक आई-20 कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल को अम्बर तालाब, गंगनहर, हरिद्वार निवासी मौ. सरवर ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके अम्बर तालाब स्थित पुराने घर से लगभग 90 लाख रुपये की चोरी हो गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कुछ लोगों को नामजद भी किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश के बाद, कोतवाली गंगनहर और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए लगभग 60 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि इस चोरी की साजिश वादी (शिकायतकर्ता) की अपनी बेटी ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, महिला का पहली शादी से तलाक हो चुका है और उसने वर्ष 2023 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ अजीम नाम के व्यक्ति से शादी कर ली थी। आरोपी अजीम एक जिम ट्रेनर है और रुड़की के ठैड चौक के पास पिछले 10-15 सालों से फूड सप्लीमेंट की दुकान चलाता है। अजीम को अपने व्यवसाय में भारी नुकसान हुआ था, जिसके कारण उसने बाजार से ब्याज पर पैसा उठाया और उस पर काफी कर्ज चढ़ गया था। आरोपी महिला को अपने पति अजीम पर चढ़े कर्ज के बारे में जानकारी थी। महिला ने अपने पति को बताया था कि उसके पिता ने एक गोदाम बेचा है जिससे उन्हें लाखों रुपये मिले हैं। इस पर अजीम ने अपनी पत्नी से कहा कि वह अपने घरवालों से बात करके पैसों की मदद मांगे। महिला के पिता ने मदद का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद भी परिवार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। आरोपी महिला को शक था कि उसका भाई उन्हें कुछ भी नहीं लेने देगा। आरोपी महिला को पहले से ही पता था कि उसके पिता अपने पुराने मकान की पहली मंजिल में बने स्लैब में पैसे रखते हैं। उस मकान की चाबी हमेशा उसके पिता के पास ही रहती थी। इसके बाद आरोपी पति-पत्नी ने मिलकर घर में चोरी की योजना बनाई।
योजना के अनुसार, 10 अप्रैल को दोपहर करीब 1:00 बजे आरोपी महिला अपनी स्कूटी से अपने मायके गई और अजीम ने अपनी आई-20 कार नया पुल नहर पटरी के पास खड़ी कर दी। फिर महिला ने अजीम को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि उसने अपने पिता के घर से पुराने मकान की चाबी ले ली है और अजीम को साकेत में आने के लिए कहा, जहां शिबा चाबी लेकर आई। अजीम चुपचाप चाबी लेकर शिबा के पिता के पुराने मकान में गया और वहां से पैसों का बैग निकालकर अपनी कार में रखकर आईआईटी कैंपस रुड़की में गाड़ी खड़ी कर दी। शाम को वह पैसों से भरी कार वापस अपने घर ले आया। चोरी के रुपयों में से कुछ रुपये अजीम ने अपने भाई वसीम को छिपाकर रखने के लिए दे दिए और बाकी पैसों से भरा बैग अपने किराए के मकान में छिपा दिया। आरोपियों ने चोरी के पैसों में से कुछ पैसों से जेवरात और फूड सप्लीमेंट खरीदे, जबकि कुछ पैसे अजीम ने अपनी कार की किस्त चुकाने में इस्तेमाल किए। आरोपियों की निशानदेही पर उनके किराए के मकान सती मोहल्ले से छिपाया गया बैग बरामद किया गया, जिसमें से 48 लाख रुपये नकद और जेवरात बरामद हुए। घटना में इस्तेमाल की गई आई-20 कार भी सती मोहल्ले में श्मशान घाट के पास से बरामद की गई। अभियुक्त अजीम के भाई और सह-अभियुक्त वसीम को मुखबिर की सूचना पर आजाद नगर चौक से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर आजाद नगर चौक स्थित रियासत की नाई की दुकान से 02 सप्लीमेंट के डिब्बों से कुल 10 लाख रुपये बरामद किए गए, जबकि अभियुक्त की दुकान से 1 लाख 60 हजार रुपये बरामद हुए। अभियुक्त अजीम द्वारा चोरी के पैसों से खरीदे गए सप्लीमेंट के डिब्बे उसकी बी.एस.एम. चौक स्थित दुकान से बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीम पुत्र मौ. नाजिम, निवासी सती मोहल्ला, सीटी पब्लिक स्कूल, कोतवाली रुड़की, हरिद्वार; महिला पत्नी मौ. अजीम, निवासी उपरोक्त; और वसीम पुत्र मो. नाजिम, निवासी माहीग्रान बन्दा रोड, कोतवाली रुड़की, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 59.60 लाख रुपये नकद, एक जोड़ी कंगन, तीन अंगूठी, एक जोड़ी कान के झुमके, एक जोड़ी टॉप्स, एक नाक की लाँग, सप्लीमेंट के डिब्बे और घटना में इस्तेमाल की गई आई-20 कार बरामद की है। इस सफल खुलासे में कोतवाली गंगनहर के प्रभारी अमरजीत सिंह, एसएसआई आनंद मेहरा, एसआई प्रवीण बिष्ट, एसआई करुणा रौकली, एएसआई मनीष कवि के अलावा सिपाही इसरार अली, लखपत, नितिन कुमार, भूपेंद्र, लाल सिंह और सीआईयू रुड़की टीम के दरोगा अंकुर शर्मा, सिपाही अश्वनी यादव तथा महिपाल शामिल रहे। (साभार~ मुक्ति मोद)
मजदूर किसी भी देश के लिए रीढ़ की हड्डी होते हैं, जिनके मजबूत सहारे पर देश, तरक्की की राह पर आगे बढ़ता है। मजदूर वर्ग स्वस्थ, तंदरुस्त, प्रसन्न और समृद्ध हुए तो देश भी समृद्ध, ऊन्नत, अग्रगामी होगा।
सभी जानते हैं कि मजदूरों का देश और समाज की तरक्की में बहुत महत्व है फिर वह चाहे आर्थिक विकास हो या सामाजिक हो। आज भले ही मशीनरी युग है लेकिन मजदूरों की अहमियत कम नहीं हुई है
…लेकिन चिंता इस बात की है कि जागरूकता के बावजूद, शोषण और कुप्रबंधन की वजह से देश के मजदूर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसके जिम्मेदार गांव, ब्लॉक और तहसील में बैठे कुछ तथा कथित भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी हैं। वर्तमान सरकार लगातार मजदूरों की आर्थिक सामाजिक उन्नति के लिए प्रयास कर रही है लेकिन यह भ्रष्ट सरकारी लोग सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं। आएदिन हम विभिन्न अखबारों मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सुनते पढ़ते हैं कि मनरेगा की मजदूरी नहीं मिली तो कहीं अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा उनका हक खा लिया गया। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन आईएलओ की विश्व सामाजिक रिपोर्ट के अनुसार भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2021 में 24.4 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 48.8 प्रतिशत हो गया है। भारत में लगभग एक अरब लोग कामकाजी उम्र के हैं, जिन लोगों को रोजगार के रूप में सरकार द्वारा गिना जाता है उसमें से अधिकांश दिहाड़ी मजदूरी और खेतिहर मजदूरी के रूप में अनिश्चित जीवन जीने पर मजबूर हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार बुनियादी ढांचे के मामले में भारत 141 देश में से 70 में नंबर पर है हालांकि इसके लिए सरकार ने नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन नाम से योजना भी बनाई है। देश की तरक्की के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित होने की जरूरत है। भारतीय संविधान की मुख्य विशेषता एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। संविधान की प्रस्तावना और राज्य की नीति निर्देशक तत्वों से यह जाहिर है कि हमारा लक्ष्य सामाजिक कल्याण है।
भारत में मजदूर 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत से ही अपनी स्थितियों को और बेहतर बनाने के लिए आज 21वी सदी में भी संघर्ष कर रहा है। उदाहरण के लिए प्रयागराज की मेजा में बंद कताई मिल के हजारों मजदूर हों फिर वह चाहे मध्य प्रदेश खरगोन सेंचुरी मिल के अपनी बकाया भुगतान के लिए लंबे समय से संघर्ष करते मजदूर हों। मामले और भी हैं, देश में जो आएदिन अपने बकाया ऋण भुगतान के लिए शोषण का शिकार होते हैं। हम सब को पता है कि भारत पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ती पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे भी बढ़ रहा है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे नंबर पर पहुंच जाएगा लेकिन आज भी अमेरिका के मजदूर कमाई के मामले में भारत से बहुत आगे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की रही है क्योंकि यह श्रम कानून के अंतर्गत नहीं आते, लेकिन देश की मोदी और योगी सरकार ने और असंगठित क्षेत्र फिर वह चाहे मनरेगा मजदूर हों या मछुआरे हों, सभी के लिए स्वास्थ्य और पेंशन बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाएं चालू की हैं। इसके अलावा उनके प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन, लघु ऋण आदि कई योजनाएं चलाई हैं। जागरूक करने के लिए सरकार अधिकारियों से बार-बार अपील करती है। गांव में चौपाल और विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन संबंधित जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी नहीं चाहते कि गांव देहात में लोग जागरुक हों। इसके अलावा कई बार देखा गया है, मजदूर वर्ग, प्रमाद व आलस्य में पड़ कर सरकारी सुविधाओं व सहायता के बीच फंस जाते हैं और मेहनत से जी चुराने लगते हैं। जिसका नुकसान पूरे समाज को पिछड़ेपन के रूप में उठाना पड़ता है। इधर चुनाव जीतने के चक्कर में बहुत से राजनीतिक दल फ्रीबीज् घोषित कर और ज्यादा आलसी बनने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। यह भी सही है कि, मोदी सरकार लोगों में स्वावलंबन और स्वाभिमान भरने की कोशिश खूब कर रही है, बड़ेे पैमाने रोजगार व्यापार हेतु कोलैटरल फ्री ऋण दिये जा रहे ताकि लोग अपना रोजगार शुरू करें और केवल नौकरी के भरोसे न रहें, आशा है आनेवाले सालों में भारत में मजदूर वर्ग बेहतर स्थितियों में हो। जिस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार रिकॉर्ड बनाते दुनिया की पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और तीसरे स्थान को हासिल करने जा रही, निश्चित रूप से हर वर्ग उन्नति करेगा।
लेखक ~ अंकित तिवारी (स्वतंत्र पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता प्रयागराज यूपी)
आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने निकाली रेली
सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत जागरूकता अभियान
सरकारी स्कूलों में एडमिशन कराएं, महंगी फीस से छुटकारा पाएं
बिजनौर (नरपाल सिंह)। सरकारी स्कूलों में एडमिशन कराएं, महंगी फीस से छुटकारा पाएं आदि नारों के साथ नगर में रैली निकाली गई। इसका आयोजन आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत किया गया इस दौरान घर-घर जाकर अपने विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित किया गया।
नगर के शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज की उप प्रधानाचार्या डॉ. रंजना के नेतृत्व में शिक्षिकाओं ने नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में जनसंपर्क कर सर्वशिक्षा अभियान की अलख जगाई। इस दौरान शिक्षिकाओं ने परिवार की महिलाओं एवं लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरुक करते हुए कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना बहुत जरूरी है क्योंकि लड़कियां विशेष रूप से परिवारों का दृश्य एवं अदृश्य रूप में संचालन करती हैं। उन्हें किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक एवं संस्कारित ज्ञान का भी बोध कराया जाना चाहिए। जो आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर में भलीभांति कराया जा रहा है। इस कारण पिछले कई वर्षों से कॉलेज का परीक्षा परिणाम सर्वोत्तम आ रहा है। अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षक और शिक्षिकाओं की मेहनत व विशेष योगदान तो है ही, लेकिन अभिभावकों एवं बच्चों की शिक्षा के प्रति लगन अनिवार्य है। हम सबका नैतिक दायित्व है कि लड़कों के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। जनसंपर्क के दौरान उप प्रधानाचार्या डॉ. रंजना, सुषमा पटेल, दिव्या पांडे, करुणा, सुषमा, मंजू चौधरी, शिंबुल जमील, तरंग गंभीर, शबाना परवीन, रचना रानी, ममता देवी, गरिमा सिंह, उमेश प्रकाश एवं विष्णु मोहन ने अभिभावकों से अपनी लड़कियों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कराने के लिए आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर में प्रवेश दिलाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
राजधानी लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में लगी भीषण आग
खबर अपडेट की जा रही है….
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में भीषण आग लग गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया। अस्पताल से निकाले गए करीब 250 मरीजों को सिविल, बलरामपुर, केजीएमयू, लोहिया व अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से राजकुमार (81 वर्ष) नामक मरीज की मौत हो गई।
सोमवार देर रात लगभग 10 बजे दूसरे तल पर लगी आग की वजह से पूरे अस्पताल में धुआं ही धुआं हो गया। घटना की जानकारी दमकल और पुलिस को दी गई। सूचना पर सीएफओ मंगेश कुमार, एफएसओ आलमबाग धर्मपाल सिंह व अन्य करीबी फायर स्टेशनों के एफएसओ टीम समेत दो दर्जन गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंच गए। दमकल आग बुझाने में जुट गईं। मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर, डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल, DCP पूर्वी समेत कई अधिकारी पहुंचे। सूचना निदेशक शिशिर सिंह ने बताया कि सीएम योगी ने लोक बंधु अस्पताल में मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और जल्द से जल्द आग पर काबू पाने के निर्देश दिए। इस बीच एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर सहित क्षेत्र की बिजली सप्लाई काट दी गई। अंधेरे के कारण अफरातफरी का माहौल रहा। लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक आग आईसीयू बिल्डिंग में लगी, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग से पूरे अस्पताल परिसर में धुआं फैल गया और अंधेरा छा गया। इससे मरीजों और स्टाफ में दहशत फैल गई। डॉक्टर, नर्स, अस्पताल कर्मी व तीमारदार जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे।
बताया गया कि आग लगने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में कई मरीज भर्ती थे जिन्हें रेस्क्यू कर निकटतम अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
डीएम विशाख जी अय्यर ने कहा, ‘जैसे ही हमें लोकबंधु अस्पताल में आग की सूचना मिली, हमने फायर एंड रेस्क्यू डिपार्टमेंट की एक टीम को मौके पर भेजा। उन्होंने रेस्क्यू शुरू किया। आग से आईसीयू, एक महिला वार्ड और एक अन्य वार्ड प्रभावित हुआ। इन वार्डों से सभी मरीजों को बचा लिया गया है। उन्हें 3 अस्पतालों में रेफर किया गया है, स्थिति नियंत्रण में है।’
गेट में फंसी फायर ब्रिगेड: लोकबंधु अस्पताल का मुख्य गेट सकरा होने के कारण आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी बाहर ही अटक गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर छोटी गाड़ियों को दूसरे गेट से भीतर भेजा गया। तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी का कहना है कि आग सोमवार रात करीब 10 बजे लगी थी। अभी तक की छानबीन में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। अभी तक कोई हताहत नहीं है।
एक सच्चे देशभक्त, राष्ट्रवादी व संविधान निर्माता थे डॉ. अम्बेडकर
संसद भवन, नई दिल्ली में अम्बेडकर महोत्सव समारोह
बाबा साहेब ने अपने विचारों से देश को एक नई दिशा दी: प्रोफेसर सुमन
नई दिल्ली (अंकित तिवारी)। दिल्ली विश्वविद्यालय में शोधार्थी / छात्रों के संगठन, यूथ फॉर सोशल जस्टिस के तत्वावधान में संसद भवन, नई दिल्ली में अम्बेडकर महोत्सव समारोह अंतर्गत भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 134 वीं जयंती सोमवार को बड़े धूमधाम से मनाई गई।
लगभग 150 से अधिक देशों में मनाई जाती है बाबा साहेब की जयंती
अरबिंदो कॉलेज में प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम प्रारम्भ किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया और कहा कि उनके विचारों ने देश को एक नई दिशा दी है। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा में लाने के लिए आजीवन संघर्ष किया, साथ ही उन्होंने जातिप्रथा के खिलाफ जोरदार तरीके से आवाज उठाई। बाबा साहेब डॉ.अम्बेडकर ने समाज के पिछड़े और शोषित वर्ग के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश के प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान की। प्रोफेसर सुमन ने बताया कि उनका जीवन संघर्ष का प्रतीक है और उनके द्वारा बताए गए आदर्शों पर चलकर समाज में समानता, न्याय, बंधुत्व स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए। प्रोफेसर हंसराज सुमन ने अपने सम्बोधन में आगे बताया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक सच्चे देशभक्त, राष्ट्रवादी व संविधान निर्माता थे। डॉ.अम्बेडकर न केवल विधि विशेषज्ञ थे बल्कि अर्थशास्त्री, साहित्यकार, पत्रकार, राजनीति विशेषज्ञ, समाजशास्त्री एवं युग दृष्टा थे। कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं, जिसमें उनका योगदान न रहा हो। वे मात्र संविधान निर्माता नहीं थे बल्कि राष्ट्र निर्माता भी थे।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर ऐसे इकलौते महान नायक हैं जिनकी जयंती महोत्सव पर संसद भवन प्रांगण में लाखों लोग पुष्पांजलि अर्पित करने आते हैं और उनके विचारों से अवगत होकर अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी एक वर्ग के नेता नहीं थे बल्कि सम्पूर्ण विश्व के नेता थे। इसीलिए उन्हें ज्ञान का प्रतीक कहा जाता है। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर की जयंती भारत से बाहर विदेशों में भी उनके अनुयायी मनाते हैं। आज दुनिया के लगभग 150 से अधिक देशों में बाबा साहेब की जयंती को मनाया जाता है। यही नहीं बल्कि दुनिया के सर्वाधिक शक्तिशाली समझे जाने वाले राष्ट्रों अमेरिका और यूरोप तक में उनके अध्ययन से संबंधित पीठ की स्थापनाएं की गई हैं।
बाबा साहेब का योगदान देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत
मुख्य वक्ता राजकुमार सरोज ने कहा कि आजाद भारत के संविधान निर्माण में उनका योगदान देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि वे केवल संविधान निर्माता ही नहीं बल्कि समाज सुधारक भी थे। आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलकर एक ऐसे समाज की स्थापना करनी चाहिए जहां हर व्यक्ति समान अवसर और अधिकार प्राप्त हो।
उनके बताए हुए मार्ग पर चलना सच्ची श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूथ फॉर सोशल जस्टिस के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब को किसी एक क्षेत्र में सीमित करके नहीं देखा जा सकता बल्कि वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम सभी देशवासी उनके बताए हुए मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान के लिए अनेक कार्य किए हैं जिसमें पूरे देश के गरीबों, पिछड़ों के लिए कार्य योजनाएं बनाई गई हैं और ऐसे में जहां बाबा साहेब का महत्व बढ़ रहा है वहीं देश के कल्याण की दिशा भी स्पष्ट हो रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में बाबा साहेब को मुख्य विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए, यहाँ उनके नाम पर अम्बेडकर भवन बने व उनके नाम पर शोध अध्ययन केंद्र खोलने के लिए विश्वविद्यालय कुलपति से मांग करेंगे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अम्बेडकर से संबंधित एक गीत राजकुमार ने गाया। इस संगोष्ठी को सफल बनाने में अनिल प्रथम, जनार्दन लाडनू, मनमोहन सिंह, डॉ. मनी सागर, विकास, एडवोकेट मृगांग व डॉ. अनिल कुमार आदि शोधकर्ताओं व शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M के वंदे भारत पार्क में सात दिन हुआ आयोजन
वृंदावन से पधारी अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी निहारिका जी के वचनों से अमृत वर्षा
श्रीमद्भागवत कथा में भाव विभोर हो उठे श्रद्धालु
कथा वाचन करते देवी निहारिका एवं उपस्थित सपत्नीक मुख्य यजमान तरुण शुक्ला
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M स्थित वंदे भारत पार्क में 07 अप्रैल 2025 से शुरू हो कर एक सप्ताह तक चली श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। कथा का आयोजन मुख्य यजमान तरुण शुक्ला जी द्वारा कराया गया। सोमवार को प्रातः पूर्णाहुति एवं कन्या पूजन उपरांत भंडारा का आयोजन किया गया।
कृष्ण जी व रुक्मिणी जी संग पंडित विमल मिश्र
कथा स्थल की समस्त व्यवस्थाओं की देखरेख में जुटे कुम्भरावा लखनऊ निवासी पंडित विमल मिश्र जी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना हिन्दू धर्म में बहुत पुण्यदायी माना जाता है। यह मन को शांति और पवित्रता प्रदान करती है, और जीवन को सही दिशा में ले जाने में सहायक होती है।
कृष्ण जी
इस अवसर पर पावन धाम वृंदावन से पधारी अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी निहारिका जी के अमृत वचन सुन कर उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में मुख्य यजमान तरुण शुक्ला सपरिवार के अलावा विजय दीक्षित एवं आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M स्थित वंदे भारत पार्क के आसपास के निवासियों की भारी संख्या में उपस्थिति रही।
सुदामा जी संग पंडित विमल मिश्र
कुम्भरावा लखनऊ निवासी पंडित विमल मिश्र ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा एक हिन्दू धार्मिक कथा है, जो श्रीमद्भागवत पुराण पर आधारित होती है। इस कथा में मुख्य रूप से भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों, उनकी लीलाओं, और उनके भक्तों की कहानियों का वर्णन होता है। यह कथा ज्ञान, भक्ति, और वैराग्य के महत्व को दर्शाती है और श्रोताओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में निम्नलिखित मुख्य बातें होती हैं:
1. भगवान विष्णु के अवतारों का वर्णन: इसमें भगवान विष्णु के 24 मुख्य अवतारों की कथाएँ होती हैं, जैसे कि मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, आदि।
2. भगवान कृष्ण की लीलाओं का विस्तृत वर्णन: श्रीमद्भागवत का एक बड़ा भाग भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, युवावस्था की लीलाओं, और उनके उपदेशों से भरा होता है।
3. भक्तों की कथाएँ: इसमें प्रह्लाद, ध्रुव, अजामिल, मीराबाई जैसे अनेक भक्तों की प्रेरक कहानियाँ होती हैं, जो भगवान के प्रति उनकी अटूट भक्ति को दर्शाती हैं।
4. ज्ञान और दर्शन: कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान, जीवन के उद्देश्य, मृत्यु और पुनर्जन्म, और मोक्ष के मार्ग जैसे विषयों पर प्रकाश डाला जाता है।
5. भक्ति योग का महत्व: श्रीमद्भागवत भक्ति योग को मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख मार्ग बताती है और भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण की महिमा का गान करती है।
6. सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व: यह कथा भारतीय संस्कृति, परंपराओं, और मूल्यों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे का सरकार और सिस्टम पर तीखा प्रहार
“पहाड़ में सेवा नहीं करना चाहते डॉक्टर, क्या अब सुविधा की मोहताज हो गई है इंसानियत ?”
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है – डॉक्टरों की कमी और सरकारी व्यवस्था की असंवेदनशीलता। सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने कहा है कि सरकार की स्वास्थ्य नीति अब ‘घोषणा और फोटो खिंचवाने’ तक सीमित रह गई है। सरकार नए मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कर रही है, लेकिन पुराने कॉलेजों की हालत यह है कि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद तक स्वीकृत नहीं हैं। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज इसका जीवंत उदाहरण है।”
राजनीतिक संरक्षण में तबादले – सेवाभाव दम तोड़ रहा है
पाण्डे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक या प्रशासनिक पहुंच रखने वाले डॉक्टर पहाड़ में ठहरते ही नहीं। वे समय से पहले ही अपने “संपर्कों” के बल पर तबादले करवा लेते हैं, जबकि आम डॉक्टरों को सुविधाविहीन हालात में झोंक दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन तबादलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और यह सार्वजनिक किया जाए कि कितने डॉक्टर नियमों की अवहेलना कर मैदान में जा बैठे।
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का बयान बना चेतावनी
देहरादून में हाल ही में हुए इंटरव्यू को लेकर पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अजय आर्या ने स्वयं कहा है कि “किसी भी डॉक्टर ने पहाड़ में सेवा देने की इच्छा नहीं जताई।” यह सिर्फ एक बयान नहीं, पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता का आईना है।
संजय पाण्डे की सरकार से स्पष्ट मांगें:
1- हर डॉक्टर के लिए पहाड़ में कम से कम 5 साल की सेवा अनिवार्य की जाए।
2- सेवा से इंकार करने या नियम तोड़कर तबादला करवाने वाले डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निलंबित या रद्द किया जाए।
3- नए मेडिकल कॉलेज खोलने से पहले मौजूदा संस्थानों की दशा सुधारी जाए।
4- राजनीतिक हस्तक्षेप से होने वाले सभी तबादलों की निष्पक्ष जांच हो।
5- सेवाभाव से कार्य करने वाले चिकित्सकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए।
“पहाड़ में सेवा कोई सजा नहीं, यह मानवता का सबसे बड़ा पाठ है।”
“अगर डॉक्टरों में संवेदना नहीं रही, तो उनका ज्ञान और डिग्री समाज के किस काम की?”
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही नीतिगत बदलाव नहीं हुए तो पहाड़ों के लोग इलाज के लिए नहीं, केवल “रेफर” होने के लिए अस्पताल जाया करेंगे।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा, भंडारे में प्राप्त किया पुण्यफल
शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर में जुटे श्रद्धालु
बरेली। बदायूं रोड स्थित महेशपुर ठाकुरान, बरेली में शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर में पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। इस अवसर पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं भंडारे का आयोजन महंत उमेश सिंह चौहान द्वारा किया गया। इस दौरान सैकड़ों स्थानीय भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्यफल प्राप्त किया।
सरस कथा वाचिका संगीता शास्त्री एटा एवं पंडित राजीव उपाध्याय आचार्य ने विधि विधान से पूजा- अर्चना कराई। कार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों के साथ साहित्यकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, शिवचरण कश्यप, रामकुमार सिंह चौहान, ओमवीर सिंह एवं अरुण आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमाष्टक, बजरंगबाण, चालीसा का पाठ और आरती
लखनऊ। पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने इष्टदेव के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। विशेष रूप से सजाए गए सभी मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमाष्टक, बजरंगबाण, चालीसा का पाठ और आरती की गई। सभी स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रही।
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित प्राचीन लेटे हुए हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इसके साथ ही मंदिर के पुजारी डॉ. विवेक टंगड़ी एवं श्रद्धालुओं ने हवन किया। हजरतगंज, कानपुर रोड स्थित एलडीए, पराग स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
आशियाना कॉलोनी के श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने अपने इष्टदेव की विधिविधान से पूजा अर्चना की। श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में पंडित श्री देवी प्रसाद जी ने सुंदरकांड और चालीसा पाठ के उपरांत आरती कराई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ट्वीट कर लिखा श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये श्री हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को मंगलमय शुभकामनाएं! प्रभु श्री राम के परम भक्त, संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहे। बल, बुद्धि, विद्या के दाता भगवान महाबीर की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, यही प्रार्थना है।
वहीं, हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित प्रसिद्ध दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।
दूसरी ओर संगम नगरी प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां आकर लोगों ने अपने और अपने परिवार के सुख शांति की कामना की। पूरे देश में यही इकलौता मंदिर है जहां पर हनुमान जी लेटी हुई अवस्था में विराजमान हैं। पावन पर्व पर संगम के लेटे हनुमान मंदिर को फूलों से सजाया गया। हनुमान जी की मूर्ति का विधिवत तरीके से श्रृंगार और पूजन किया। भक्तों ने यहां आकर हनुमान जी के दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
“क्या बंदरों की बस्ती बन जाएगा अल्मोड़ा?” – सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उठाई जनसुरक्षा की गंभीर आवाज
अल्मोड़ा। नगर में कृत्रिम रूप से छोड़े जा रहे बंदरों की बढ़ती संख्या अब केवल एक वन्यजीव समस्या नहीं रही, बल्कि सीधे-सीधे आमजन की सुरक्षा और मानसिक शांति पर हमला बन चुकी है। इसी विषय को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने प्रभारी जिलाधिकारी देवेश शासनि से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद आर्य (बबलू भाई) भी उपस्थित रहे।
संजय पाण्डे ने स्पष्ट कहा – “अल्मोड़ा अब ‘शहर’ नहीं, ‘संघर्ष क्षेत्र’ बनता जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं, बुज़ुर्गों का बाहर निकलना दूभर हो गया है और महिलाएं मंदिर जाने से पहले ऊपर की ओर ताकती हैं कि कहीं छत पर बंदर न बैठा हो। यह कोई सामान्य बात नहीं – यह सुनियोजित जैविक अतिक्रमण है।”
उन्होंने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा –
1- किसके आदेश पर बंदरों को ट्रकों में भरकर पहाड़ों में छोड़ा जा रहा है?
2- क्या यह जानबूझकर किया गया ‘संक्रमण’ नहीं है?
3- यदि किसी बच्चे या बुज़ुर्ग को जान से हाथ धोना पड़ा, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
संजय पाण्डे ने पांच प्रमुख मांगें भी रखीं:
1- इस कृत्रिम संकट की जांच हेतु विशेष समिति गठित की जाए।
2- नगर निगम, वन विभाग, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त सहयोग से सघन पकड़ अभियान चलाया जाए।
3- सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्थायी निगरानी चौकियां स्थापित हों।
4- वन विभाग की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत हो।
5- पूर्व में दर्ज शिकायतों को पुनः खोला जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही हो।
उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सात कार्य दिवसों में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह विषय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय, मानवाधिकार आयोग और मीडिया मंचों तक ले जाया जाएगा। साथ ही यह भी कहा “यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, अल्मोड़ा की आत्मा की पुकार है। अब चुप रहना अपराध है।”
पार्षद नवीन चंद्र आर्य (बबलू भाई) ने भी जताई गहरी चिंता
रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद्र आर्य ने कहा – “यह संकट किसी एक वार्ड या मोहल्ले की बात नहीं है। यह पूरे नगर क्षेत्र की आपात स्थिति है। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर सघन कार्यवाही करनी चाहिए, वरना हालात हाथ से निकलते देर नहीं लगेगी।”
नई दिल्ली (एजेंसी)। अप्रैल महीना अपने साथ कई छुट्टियों और त्योहारों की बहार लेकर आता है। इस बार 10 अप्रैल को एक खास अवसर पर पूरे देश में अवकाश रहेगा। इस दिन महावीर जयंती का उत्सव मनाया जाएगा, जो जैन धर्म के महानायक भगवान महावीर की जयंती है। देशभर में इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और बैंकों में छुट्टी का एलान किया गया है।
जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल को महावीर जयंती के कारण अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर और रांची जैसे प्रमुख शहरों में सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी। इस दिन बैंकों में कोई लेन-देन नहीं होगा। अप्रैल का महीना – त्योहारों और अवकाशों से भरा हुआ है, और यह माह राज्य स्तर पर भी विशेष महत्व रखता है। महावीर जयंती के बाद, 14 अप्रैल को डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जयंती के साथ-साथ कई अन्य त्योहारों का आयोजन होगा, जैसे विशु, बिजू महोत्सव और तमिल नववर्ष दिवस। इसके बाद 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे और 21 अप्रैल को गरिया पूजा जैसी महत्वपूर्ण छुट्टियां भी आएंगी। इसलिए, यदि आपके पास इस महीने कुछ महत्वपूर्ण काम हैं, तो वक्त रहते उसे निपटाना बेहद जरूरी है ताकि आप किसी भी छुट्टी या सार्वजनिक अवकाश से प्रभावित न हों।
24वें तीर्थकर के जन्म के उपलक्ष्य में
पौराणिक मान्यताओं और कथा में बताया गया है कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थकर थे। उनके जन्म के उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है। महावीर स्वामी को उन 24 लोगों में से एक माना जाता है, जिन्होंने कठिन तपस्या करके आत्मज्ञान प्राप्त किया था।
महाप्रतापी हनुमान जी का जन्मोत्सव
पंचांग के अनुसार हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा तिथि पर बड़े ही धूम-धाम के साथ महाबली और महाप्रतापी हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल 2025 को सुबह 03 बजकर 20 मिनट से होगी जो अगले दिन यानी 13 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।
बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति करें जागरूक
समर्पित और सेवा भाव के साथ कार्य करे रेडक्रॉस सोसायटी : डीएम
बिजनौर। रेडक्रॉस सोसायटी एक महत्वपूर्ण समाजसेवी संस्था है, जिसे क्रियाशील रह कर जनहित के कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह बात जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलक्ट्रेट सभागार में भारतीय रेडक्रास सोसायटी की समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी एक महत्वपूर्ण समाजसेवी संस्था है, जिसे क्रियाशील रह कर जनहित के कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में रेडक्रॉस सोसायटी पूरी तरह क्रियाशील रहें और आमजन को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित और सेवा भाव के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन करें तथा प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित उनको प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएं। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य स्कूलों में जाकर बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें और विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य के प्रति उनको आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उनके द्वारा विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के समीक्षा के अवसर पर वहां भी मेडिकल हैल्थ कैंपों का आयोजन करें और आमजन को चिकित्सा सुविधा के अलावा अचानक हार्ट अटैक आदि की परिस्थिति में की जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा एवं सुरक्षा के उपायों की भी जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए योगेंद्र पाल सिंह (योगी) ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा जिला कारागार सहित जिले के विभिन्न शहरों में सामान्य एवं स्वास्थ्य चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें मुक्त स्वास्थ्य परीक्षण नि:शुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। इसके अलावा आई कैंपों का आयोजन कर आमजन की आंखों का चेकअप किया गया और उनको नि:शुल्क रूप से चश्मों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर विगत वर्ष सोसाइटी की गतिविधियों एवं आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में की जाने वाली कार्य योजना के बारे में विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. मनोज सेन, डा. प्रभा रानी, टीकम सिंह सेंगर चेयरमैन, योगेन्द्र पाल सिंह योगी मीडिया प्रभारी, रोबिन सिंह डायरेक्टर, भुवन चंद्र पांडे, सुनील कुमार डायरेक्टर, डा. सुबोध चन्द्र शर्मा डायरेक्टर, टीकम सिंह, विपुल शर्मा, योगेश पाल, डा. नरेन्द्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी, सोसायटी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।
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ओडिचिन्मा ओनुवाला से 11.58 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद
सलमान की फिल्म सिकंदर का विलेन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार
मुंबई। बॉलीवुड में कहावत है कि रील और रियल लाइफ में फर्क होता है लेकिन सलमान खान की फिल्म ‘सिकंदर’ का विलेन रियल लाइफ में भी विलेन ही निकला।
मुंबई पुलिस ने फिल्म में खलनायक की भूमिका निभाने वाले नाइजीरियाई नागरिक विक्टर ओडिचिन्मा ओनुवाला को 11.58 करोड़ रुपए की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। वसई की क्राइम ब्रांच यूनिट-2 पिछले एक महीने से ओनुवाला की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। सोमवार को एवरशाइन सिटी, वसई ईस्ट स्थित एक फ्लैट से उसे दबोच लिया गया। महेश अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर ओनुवाला के कब्जे से ड्रग्स बरामद हुई। विक्टर ओडिचिन्मा ओनुवाला को डाइक रेमंड के नाम से भी जाना जाता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 22.865 किलो एमडी ड्रग्स और 48 ग्राम कोकीन बरामद हुई है, जिसकी बाजार में कीमत 11.58 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। उसके पास एक फर्जी पासपोर्ट भी मिला। इससे पहले भी ड्रग्स तस्करी के आरोप में ओनुवाला को गिरफ्तार किया जा चुका है। विक्टर ओडिचिन्मा ओनुवाला ने ‘सिकंदर’ के अलावा तमिल फिल्म ‘गुड बैड अग्ली’, मशहूर सीरियल ‘अनुपमा’ और ‘CID’ में भी विलेन का रोल निभाया है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी का कहना है कि आरोपी मुंबई और साउथ इंडस्ट्री में कई साल से ड्रग्स सप्लाई कर रहा है। शक है कि वह इंडस्ट्री के लोगों को भी ड्रग्स पहुंचाता होगा। फिलहाल पुलिस विक्टर से पूछताछ कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भोपाल। लेखक सत्येंद्र साहू द्वारा लिखित पुस्तक “ने करो ~6” का भव्य विमोचन भजन सम्राट अनूप जलोटा द्वारा रामनवमी के पावन अवसर पर 6 अप्रैल, रविवार को भोपाल स्थित अनूप जलोटा संगीत अकादमी में किया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में साहित्य और संगीत प्रेमियों की उपस्थिति रही। लेखक सत्येंद्र साहू ने बताया कि यह पुस्तक नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर सोच को मोड़ने का एक प्रयास है। वे कलम के माध्यम से समाज में जागरूकता और बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
“ने करो” श्रृंखला के अब तक पाँच संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और यह छठा संस्करण, डॉ. नवीन सोनी ओम फ्रेक्चर एवं ट्रामा हॉस्पिटल(दमोह) के सौजन्य से प्रकाशित किया गया है। पुस्तक का कवर डिज़ाइन आशुतोष वर्मा द्वारा किया गया है। बैक कवर डिजाइन नेहा साहू द्वारा किया गया है।
विमोचन कार्यक्रम में आरके शर्मा, पंडित आशीष दुबे का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर सुधार सत्ता के प्रमुख गोपाल श्रीवास्तव, एडवोकेट रवि गोयल, अभिनेता-निर्देशक नितिन तेजराज, बख्शसी जी और बृजमोहन शर्मा सहित कई प्रशंसकों ने लेखक को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लेखक ने बताया कि पाठकों के लिए यह पुस्तक ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे घर बैठे लिंक https://www.amazon.in/dp/9358231998 पर ऑर्डर कर सकते हैं। पाठकों के स्नेह और उत्साह से प्रेरित होकर “ने करो ~7” संस्करण भी जल्द ही प्रकाशित होगा।
युवावर्ग को बर्बादी के अंधेरे में धकेल रहा नशीले पदार्थों का धंधा
नशाखोरी और नशीले पदार्थों का धंधा देश के युवावर्ग को बर्बादी के अंधेरे में धकेल रहा है। पूरा भारतीय समाज इसके प्रकोप को झेल रहा है। प्रशासनिक लापरवाहियों भ्रष्टाचार के साये में लगातार यह धंधा बढ़ रहा है। सामाजिक तानेबाने में बिखराव, बाजारवाद, छोटे होते परिवार, पश्चिम जीवन के तौर तरीकों को अपनाने की वजह से एकाकी होता जीवन कुछ ऐसे मूलभूत कारण हैं, जो नशीले धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर काबू पाना अकेले सरकार के बस का नहीं परंतु सरकारी तंत्र आम जन को साथ लेकर चलने के लिए तैयार नहीं है। दिखावे के कुछ जागरूकता कार्यक्रम व अभियान चंद समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से कराने की खानापूर्ति आम जन के सहयोग का कतई प्रमाण नहीं, यह एक प्रकार से आंखों में धूल झोंकने जैसा है। हमें यह भी देखना चाहिए कि भारतभूमि, संयुक्त परिवार कुटुंब और संस्कार की भूमि रही है और संयुक्त परिवार में ऐसे संस्कार और प्रभाव होते हैं जो बच्चे को जिंदगी की यथार्थता व संस्कार से इस तरह परिचित करा सकते हैं कि वह अपराध व नशेड़ी कुकर्मों से दूर बेहतर जिंदगी के काबिल बन सके। अफसोस कि आज की शासन व्यवस्था और एक हद तक सामाजिक व्यवस्था भी पश्चिमी प्रभावों से आविष्ट है, जिसमें सरकार ही सब कुछ है और हर स्तर पर उसका दखल है। किसी भी समाज के सहज मानवीय विकास में कहीं न कहीं यह एक बड़ी बाधा है, खासकर तब, जब प्रशासन भ्रष्ट है। इसका एक बड़ा कारण है कि प्रशासन मात्र कानून से हर गतिविधि हांकना चाहता है और मानव के लिए समझ और भावना भी बहुत मायने रखता है। सो देश को इस गंभीर कैंसर समान समस्या से मुक्त करने के लिए सर्वसम्मत रायबात, रणनीति तय किये जाने की जरूरत है।
न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक दुष्प्रभाव भी डाल रहा है नशा
यह समाधान तात्कालिक रूप से कार्रवाई मांग रहा क्योंकि न केवल युवा वर्ग नशे की चपेट में है। इसका असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। इससे नशा न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक दुष्प्रभाव भी डाल रहा है। नशे की पूर्ति के लिए अपराध में भी वह हिचक नहीं रहे हैं, जिसका जीता जागता उदाहरण कुछ इस तरीके की घटनाओं से समझा जा सकता है। बीते दिनों, प्रयागराज के एक गांव की घटना है, जिसमें नाबालिग बेटे ने पैसे की मांग को लेकर पिता की हत्या कर दी। उस वक्त वह शराब के नशे में था और लोहे की रॉड से पिता को मार डाला। दूसरे मामले में, अभी उत्तर प्रदेश के मेरठ का वह चर्चित कांड जिसमें पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने नशे की हालत में ही चाकू से कई वार कर के सौरभ राजपूत को मार डाला। पुलिस के मुताबिक जेल में भी वह नशे की मांग को लेकर परेशान हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भी नशेड़ी बेटे ने पीट-पीट कर अपने पिता को मार डाला था। ठीक इसी तरह बिजनौर जिले में भी नशा मुक्ति केंद्र में सीसीटीवी कैमरे में एक घटना कैद हुई थी, जिसमें दो युवकों ने एक भर्ती युवक की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। ऐसे मामले और भी हैं जैसे कि जम्मू कश्मीर में एक महिला ने कथित तौर पर नशा करके अपनी पति के ऊपर मारपीट का आरोप लगाया था।सच तो यह है कि इस तरह के मामले आएदिन देखने सुनने को मिल रहे हैं। केरल में एक छात्र नशे में परीक्षा देने पहुंचा था। बैग में शराब की बोतल शिक्षक को मिली थी। तब से केरल के स्कूलों में व्यापक पैमाने पर नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।
एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली में नशे की लत के कारण 12 प्रतिशत बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं। सर्वे में बताया गया 8 से 11 साल तक के छोटे बच्चे नशे की लत का शिकार बन रहे हैं। हालांकि की नई भाजपा सरकार से दिल्ली वासियों को काफी उम्मीदें रहेगी।
विशेषज्ञों की मानें तो नशे की लत लगने के कई कारण हो सकते हैं। तनाव के चलते कई बार बच्चे मनोवैज्ञानिक कारण, पर्यावरणीय कारण, अवसाद, जेनेटिक्स और फैमिली हिस्ट्री स्कूल या किसी सामाजिक जगह पर दोस्तों की कमी होना, दर्दनाक घटनाओं का होना आदि की वजह से नशे के आदी हो जाते हैं । नशाखोरी का कारोबार न केवल युवाओं से लेकर आम लोगों की सेहत बिगड़ रहा है बल्कि नशे की हालत में बदमाश अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पूर्व में हुई लूट, स्नैचिंग, चोरी आदि घटनाओं में पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में जानकारी मिलती है कि उन्होंने नशे की हालत में वारदात की थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में बलात्कार की घटनाओं में 95% मामले में आरोपी नशे की हालत में ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, अपने देश में पंजाब नशे के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल है, वहां की सरकार हाल ही में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान छेड़ा है। अब देखना होगा कि इसका कितना असर होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में 20 लोगो में से एक की मौत का कारण, शराब ही बनता है। हाल ही में मिजोरम के आबकारी मंत्री के अनुसार तीन महिलाओं समेत 46 लोगों की मौत नशीली दवाओं के सेवन से हुई, जो कि बड़ी ही चिंता का विषय है। नशे के रूप में युवा, मादक द्रव्यों को इनहेलर, सोल्यूशन, कफ सिरप, स्पिरिट, तंबाकू और गुटके आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अंकित तिवारी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता
चिंता जताते हुए चेतावनी दे चुका है सुप्रीम कोर्ट
पिछले दिनों प्रयागराज में एंटीनार्कोटिक्स टास्क फोर्स ने नशीली दवाओं, इंजेक्शनों की सप्लाई करने वाले गैंग को पकड़ा था जो छात्रों को नशे की लत लगा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि नशे से युवा पीढ़ी को गंभीर खतरा है। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर देश की नशीली दवाओं के अवैध कारोबार युवाओं के ड्रग्स के सेवन पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ड्रग्स लेना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। पीठ ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को एक सारणी भर नहीं माना जाना चाहिए। इस मुद्दे से निपटने के लिए एक खुली चर्चा की आवश्यकता है। भारत में नशे संबंधी मुद्दों पर लोग चुप रहते हैं और इसका फायदा आतंकवाद का समर्थन करने वाले और हिंसा को बढ़ावा देने वाले उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता को भी सलाह दी कि नशे के शिकार व्यक्ति के साथ-सहनशीलता और प्यार से पेश आने की जरूरत है। बता दें कि एससी की तरफ से यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान से भारत में 500 किलो हीरोइन की तस्करी के मामले में आरोपी एक व्यक्ति की तरफ से दायर जमानत याचिका पर फैसला सुनाया जा रहा था। नशे जैसे मुद्दे पर समाज और सरकार को मिलकर लड़ने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षित होना जरूरी है, मनोचिकित्सकों के अनुसार तनाव से निपटने के लिए स्वस्थ तरीके अपनाएं, परिवार के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध रखें, काउंसलिंग कराएं और सबसे बड़ी बात, खुद की इच्छाशक्ति से खुद को मोटिवेट करें अच्छी संगत में रहें।
उम्मीद: मेहनत रंग लाएगी एक दिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, नशे को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी लत होती है, जिस पर काबू नहीं पाया गया तो उसे व्यक्ति का पूरा जीवन तबाह कर देती है। इससे समाज का बहुत बड़ा नुकसान होता है। इसलिए हमारी सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है। पीएम मोदी ने कहा कि जब परिवार कमजोर होता है तो मूल्य का क्षरण होने लगता है फिर उसका प्रभाव व्यापक तौर पर पड़ता है। श्री मोदी ने परिवार की अवधारणा और उसके महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि जब परिजन कई दिन तक मेल मुलाकात नहीं करते तब ऐसे खतरे पैदा होते हैं और नशाखोरी को बढ़ावा मिलता है, ऐसे में परिवारों को मजबूत होने और देश को नशा मुक्त बनाने की जरूरत है। सरकार के मुताबिक सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान में देश भर के 500 से अधिक स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी से प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय कार्य योजना एनपीडीआर के तहत वित्तीय सहायता दी जाती है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार नशा मुक्त भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मादक पदार्थ तस्करों को दंडित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। जो पैसे के लालच में युवाओं को नशे की अंधेरी खाई में धकेल रहे हैं, उनको सरकार किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक शाह के मार्गदर्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एनसी 2047 तक नशा मुक्त भारत, के पीएम के सपने को साकार करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। देश के विभिन्न मामलों में अदालत ने 29 मादक तस्करों को दोषी भी ठहराया है। आपको बता दें कि कानून में नशा तस्करों के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कठोरता सजा का भी प्रावधान है। उम्मीद है, एक दिन मेहनत रंग लाएगी।
(लेखक अंकित तिवारी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं)
म्युनिसिपल बायलॉज में हरकी पैड़ी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय का प्रवेश निषिद्ध
हर की पैड़ी पर कपड़े बदलती महिलाओं को देख रहा था शाहनवाज
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध हर की पैड़ी घाट पर एक घटना ने पवित्र नगरी को शर्मसार कर दिया है। यहां पर महिलाओं के कपड़े बदलते समय ताक-झांक करने के आरोप में एक युवक को पकड़ा गया। इसके बाद उसकी जमकर धुनाई की गई, फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया।घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।
जानकारी के अनुसार, हर की पैड़ी पर कुछ पंडितों ने शाहनवाज नामक एक युवक को महिलाओं को कपड़े बदलते हुए देखते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शाहनवाज काफी देर से हर की पैड़ी के आसपास घूम रहा था और चेंजिंग रूम में महिलाओं पर बुरी नजर रखे हुए था। पंडितों ने उसकी घिनौनी हरकत को देखा, तो पकड़ कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची हर की पैड़ी चौकी पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। शाहनवाज से पूछताछ के साथ मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
प्रवेश निषिद्ध होने के बावजूद कैसे पहुंचा आरोपी युवक
बताया गया है कि म्युनिसिपल बायलॉज में हर की पैड़ी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय का प्रवेश निषिद्ध है। इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की हरकतें धार्मिक स्थलों की पवित्रता को भंग करती हैं, इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि हर की पौड़ी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय का प्रवेश निषिद्ध होने के बावजूद आरोपी युवक वहां कैसे पहुंच गया ?
“ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान: बिजनौर पुलिस व अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी
महिला डॉक्टर समेत 03 डॉक्टर 05 साल को भेजे गए जेल
"ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के क्रम में बिजनौर पुलिस एवं अभियोजन विभाग द्वारा की गई प्रभावी पैरवी से न्यायालय द्वारा धारा 304 (2)/34/419/420 भादवि व धारा 15 (2) इंडियन मेडिकल काउन्सिल एक्ट के आरोपी 03 अभियुक्तों को 05 वर्ष के साधारण कारावास व प्रत्येक को 20,500/- रुपए के अर्थदण्ड से किया दण्डित।
बिजनौर। ऑपरेशन के दौरान गर्भवती की मौत के मामले में कोर्ट ने एक महिला चिकित्सक समेत तीन चिकित्सकों को पांच साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इनमें प्रत्येक पर 20,500/- रुपए के अर्थदण्ड भी लगाया गया है। मामला अनमोल हेल्थ केयर चांदपुर का है।
जानकारी के अनुसार थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर के गांव लदुपुरा निवासी यशवीर पुत्र होराम सिंह ने दिनांक 27 अगस्त 2023 को थाना चांदपुर पर तहरीर दी कि दिनांक 25 अगस्त 2023 को उसने अपनी गर्भवती पत्नी ओमवती को प्रसूति हेतु अनमोल हेल्थ केयर चांदपुर में भर्ती कराया। उसकी पत्नी का ऑपरेशन डॉ. पिंकी चन्द्रावल, डॉ. संजय कुमार व डॉ. हरीश कुमार द्वारा किया गया। ऑपरेशन में चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती गयी, जिसके कारण उसकी पत्नी की तबीयत अत्यधिक खराब हो जाने पर मृत्यु हो गयी। इस सम्बंध में थाना चांदपुर पर मु. अ. सं. 612/23 धारा 304/419/420 भादवि व धारा 15 (2) इण्डियन मेडिकल एक्ट पंजीकृत किया गया। विवेचना उपरांत पुलिस द्वारा आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित कर दिया गया।
पुलिस एवं मॉनिटरिंग सैल की सशक्त, प्रभावी पैरवी
इस अभियोग में बिजनौर पुलिस एवं मॉनिटरिंग सैल द्वारा न्यायालय में सशक्त, प्रभावी पैरवी कर अभियोजन की कार्यवाही सम्पन्न करायी गई, जिसके परिणामस्वरुप दिनांक 05 अप्रैल 2025 को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट जनपद बिजनौर द्वारा आरोपियों आरोपी डॉ. पिंकी चन्द्रावल पुत्री चरन सिंह निवासी मोर मकदूमपुर थाना शिवालाकलां जनपद बिजनौर, डॉ. संजय कुमार पुत्र मेघराज सिंह निवासी स्याऊ थाना चांदपुर जनपद बिजनौर एवं डॉ. हरीश कुमार पुत्र नन्हे सिंह निवासी मौ० पतियापाड़ा थाना चांदपुर जनपद बिजनौर को 05 वर्ष के साधारण कारावास व प्रत्येक को 20,500/- रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
दबंग डिप्टी मेयर ने खुद खड़े होकर कराया सुपर सक्शन मशीनों से काम
जालंधर। अपने काम करने के अनोखे अंदाज से जाने जाने वाले डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना ने मिठापुर इलाके में लंबे समय से चली आ रही सीवरेज की समस्या का समाधान कराया। आधी रात को मौके पर खुद खड़े होकर काम कराते देख लोगों ने उनकी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की।
दरअसल जालंधर छावनी के मिठापुर इलाके के लोग काफी लंबे समय से सीवरेज की समस्या से परेशान थे। वहां के लोगों ने डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना को अपनी परेशानी बताई। इसके बाद तुरंत ही डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना ने नगर निगम के मुलाजिमों को आदेश दे कर काम शुरू करवा दिया। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ आदेश देते हैं और मुलाजिम काम करते हैं। यहां बड़ी बात ये है कि जालंधर के डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना ने रात 11:30 बजे खुद सामने खड़े होकर काम करवाया। इसके बाद उनका काम कराने का यह अंदाज लोगों की पहली पसंद बन गया है। ऐसे ही कार्यों के चलते लोग उन्हें दबंग डिप्टी मेयर के नाम से भी जानते हैं।
सभी धर्मों की भाईचारक सांझ के रंग में रंगा उज्जवल शहर है जालंधर: डिप्टी मेयर सुभाना
जालंधर। महानगर के मिठापुर इलाके में ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के साथ इस खुशी में डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना शामिल हुए। डिप्टी मेयर ने कहा कि सभी धर्मों के लोग हमारे भाई बहन हैं और जालंधर अभी धर्मों के रंग में रंगा उज्जवल शहर है।
डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना ने सभी धर्मों की भाईचारक सांझ को कायम रखने और आपसी रिश्तों में मिठास लाने के लिए प्रभु से कामना की। इस विशेष अवसर पर सलीम खान, प्रीतपाल ख़ख, लवप्रीत सिंह, अमिद खान, तसीक खान, सफदर, राजेश खन्ना शामिल हुए।
स्वास्थ्य प्राथमिकता है तो सदन में क्यों नहीं उठाते जनप्रतिनिधि
“मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की गैरमौजूदगी कोई प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि मौन हत्या”: संजय पाण्डे
अल्मोड़ा: “जिस मां को समय पर इलाज नहीं मिला, आज उसकी असामयिक मौत मेरी चेतना बन चुकी है। मैं कसम खा चुका हूँ। अब किसी और मां को इलाज के बिना मरने नहीं दूंगा।” ये शब्द हैं सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के, जो एक बार फिर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा व्यवस्था में व्याप्त भारी खामियों को लेकर मुखर हुए हैं।
प्राचार्य से भेंट, व्यवस्थाओं पर गहरी चिंता
संजय पाण्डे ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से प्रो. सी. पी. भैसोड़ा से औपचारिक भेंट कर, संस्थान में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन जैसे अत्यंत आवश्यक विशेषज्ञों की नियुक्ति न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा: “उत्तराखंड में सबसे अधिक मौतें दिल के दौरे और सिर की चोट से हो रही हैं, और पहाड़ों के सबसे बड़े कॉलेज में इन दोनों के विशेषज्ञ तक नहीं हैं — यह कैसी स्वास्थ्य नीति है?”
राजनीति चुप है, जनता मर रही है”
संजय ने सीधे सवाल उठाया कि आखिर क्यों अब तक किसी विधायक या सांसद ने इन पदों की स्वीकृति के लिए विधानसभा या संसद में आवाज़ नहीं उठाई? “क्या विकास सिर्फ भाषणों और नारों में होगा? क्या अस्पताल सिर्फ इमारतों तक सीमित रहेंगे? जो सरकारें मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन कर वोट मांगती हैं, क्या उन्हें अस्पताल में तड़पती ज़िंदगी दिखाई नहीं देती?”
जनता को मिलता है सिस्टम का ‘व्यस्त सुर’
संजय पाण्डे ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बेस चिकित्सालय में न तो सही मार्गदर्शन मिल पाता है और न ही समय पर सेवा। “जनसंपर्क अधिकारी का काम जनता से संवाद करना है, लेकिन जब कॉल ही रिसीव नहीं होता, तो आम जनता किससे पूछे – गूगल से?” प्राचार्य ने इस पर संज्ञान लेते हुए, संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने और सुधार की बात कही।
डिजिटल इंडिया, लेकिन काग़ज़ की पर्ची भी नहीं!
उन्होंने कहा, “डिजिटल इंडिया तब तक मज़ाक है जब पहाड़ की एक बूढ़ी महिला अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए किसी स्मार्टफोनधारी की तलाश करती घूमे।” उन्होंने मांग की, कि की-पैड फोन रखने वालों और बुज़ुर्गों के लिए मैनुअल पर्ची प्रणाली हर हाल में बहाल की जाए।
विशेषज्ञों की स्थिति (सरकारी आँकड़ों के अनुसार): पत्रांक: 2024/स्वास्थ्य/मुख्यालय/3267, दिनांक 04.03.2024)
जिला कार्डियोलॉजिस्ट न्यूरोसर्जन अल्मोड़ा स्वीकृत नहीं स्वीकृत नहीं पिथौरागढ़ 1 (रिक्त) स्वीकृत नहीं नैनीताल 1 (कार्यरत) 1 (रिक्त) देहरादून 2 (कार्यरत) 2 (कार्यरत) चंपावत, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, बागेश्वर स्वीकृति तक नहीं।यह सरकारी आंकड़े नहीं, पहाड़ की बदनसीबी की सूची है” — संजय पाण्डे
यह सरकारी आंकड़े नहीं, पहाड़ की बदनसीबी की सूची है” — संजय पाण्डे
अब ये सिर्फ़ एक माँ का सवाल नहीं, पूरे पहाड़ की पुकार है
मैंने अपनी माँ को खोया है, लेकिन अब किसी और बेटे को मां की लाश लेकर दर-दर भटकने नहीं दूंगा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन की नियुक्ति तक मैं शांत नहीं बैठूंगा। यह मेरी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, अब एक सामाजिक संघर्ष है।”जनप्रतिनिधियों से अंतिम अपील
जनप्रतिनिधियों से अंतिम अपील
“आप भाषणों में कहते हैं कि स्वास्थ्य आपकी प्राथमिकता है — तो अब साबित कीजिए। इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में उठाइए। जिनके वोट से आप चुनकर आए हैं, आज वही इलाज के बिना मर रहे हैं। यदि अब भी चुप्पी रही, तो यह मौन भी इतिहास में अपराध माना जाएगा।”
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे की जोरदार पहल, मरीजों के लिए बड़े फैसले!
अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में और अधिक बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
अल्मोड़ा, 3 अप्रैल 2025: अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र पंत, अपर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपांकर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
संजय पाण्डे ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और मरीजों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। उनकी मांगों पर प्रशासन ने तुरंत कार्यवाही का भरोसा दिलाया और कई सुधारों को अमल में लाने का फैसला किया।
बैठक में लिए गए बड़े फैसले:
✅ इन्हेलर वार्ड में चार्ट व्यवस्था: मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल के अंदर-बाहर निर्देशात्मक चार्ट लगाए जाएंगे। ✅ सेनेटाइजेशन सिस्टम: अस्पताल के प्रमुख हिस्सों को नियमित रूप से सेनेटाइज करने की व्यवस्था को अनिवार्य किया जाएगा। ✅ नर्सिंग स्टाफ का व्यवहार: मरीजों और उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए। ✅ अटेंडेंट रूम का निर्माण: दूर-दराज से आने वाले तीमारदारों के लिए अलग से अटेंडेंट रूम बनाने की योजना को मंजूरी। ✅ कलर डॉपलर मशीन: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग को तत्काल मशीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा। ✅ ईएनटी ओपीडी माइक्रोस्कोप: ईएनटी मरीजों के लिए माइक्रोस्कोप सुविधा जल्द अस्पताल में उपलब्ध होगी। ✅ ई-ओपीडी सुविधा: जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए अस्पताल खुद मेडिकल पर्ची का प्रिंट देगा।
नगर निगम बरेली के विरुद्ध दीवानी न्यायालय में प्रस्तुत किया था वाद
संपत्ति पर अपना दावा कर रहा था नगर निगम
41 साल बाद 87 वर्षीय वृद्ध को मिल ही गया कोर्ट से न्याय
बरेली। दीवानी न्यायालय से 41 साल बाद 87 वर्षीय वृद्ध को न्याय मिल गया। मामले से संबंधित संपत्ति पर नगर निगम अपना दावा कर रहा था। न्यायालय ने प्रतिवादी नगर निगम को वादीगण के कब्जे व दखल में हस्तक्षेप करने व बेदखल करने से भी निषेधित किया।
बरेली के मोहल्ला दर्जी चौक निवासी गांधी मोहन सक्सेना पुत्र बनवीर बहादुर द्वारा वर्ष 1984 में एक स्थाई निषेधाज्ञा व घोषणात्मक डिक्री का दावा नगर निगम बरेली के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा कि विवादित भूमि गाटा संख्या 168 ख़ेवट संख्या 12 ग्राम उदयपुर खास मोहाल सफेद वर्तमान में इंदिरा नगर बीडीए ले आउट मैप नंबर 250 सन 1984 के अंतर्गत प्लॉट नंबर 236 है। यह वादी को अपने पिता से बजरिए समझौते के तहत प्राप्त हुई थी, जिसका रकबा 1512.5 वर्ग गज / 10 बिस्वा पुख्ता है। वह इस पर निर्माण करवाने का हकदार है। वादी ने बीडीए में निर्माण के लिए नक्शा दिया, जिस पर नगर निगम बरेली ने आपत्ति की। बाद में आवश्यक नोटिस देकर दावा दायर किया। नगर निगम ने उक्त संपत्ति को अपना बताया।
इसके अलावा वर्ष 1988 में नगर निगम द्वारा खेवट नंबर 12 की वादीगण की दूसरी संपत्ति, जिसका प्लाट नंबर 163, 164 रकबा 13 बिस्वा पुख्ता बराबर 1950 वर्ग गज बीडीए लेआउट के अनुसार 232 बाई 233 इंदिरा नगर, जिस पर वादीगण वर्तमान में रह रहे हैं। इसके संबंध में न्यायालय में दाखिल किया। तत्समय नगर निगम बरेली द्वारा वादीगण को बेदखल करने की कोशिश की गई थी।
इस तरह वादीगण के तीन मुकदमे 12/84, 445/88 एवं 401/99 एक साथ न्यायालय द्वारा सुने गए। पक्षकारों द्वारा कागजी व जुबानी गवाही की गई। अंत में माननीय न्यायालय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट नंबर 2 की पीठासीन अधिकारी श्रीमती शांभवी द्वारा पक्षकारों की बहस को गंभीरता पूर्वक सुनकर तथा समस्त पत्रावली का गंभीरता पूर्वक चिंतन मनन कर पाया गया कि वादीगण तीनों मुकदमों की वाद संपत्ति के मालिक हैं और मालिक घोषित किया। इसी के साथ प्रतिवादी नगर निगम को वादीगण के कब्जे व दखल में हस्तक्षेप करने व बेदखल करने से भी निषेधित किया गया। वादीगण की ओर से अधिवक्ता आनंद कुमार रस्तोगी ने पैरवी की। (अधिवक्ता द्वारा प्राप्त तथ्यों पर आधारित)
परिजनों व क्षेत्र के लोगों ने व्यक्त किया पुलिस टीम का आभार
महज सात घंटे में पुलिस ने तलाश लिया 04 वर्षीय लापता बच्चा
बिजनौर। थाना हल्दौर पुलिस द्वारा 04 वर्षीय गुमशुदा बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।लापता होने के महज सात घंटे के भीतर ही उक्त बच्चे की सकुशल बरामदगी पर परिजनों व क्षेत्र के लोगों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है।
थाना हल्दौर जनपद बिजनौर क्षेत्र कस्बा मौ० सराय के फरमान का पुत्र अजान (उम्र लगभग 4 वर्ष) गुरुवार दिनांक 03 अप्रैल 2025 को सुबह करीब 11:30 बजे घर से अचानक गायब हो गया। काफी तलाश करने पर भी नहीं मिला तो फरमान द्वारा थाना हल्दौर पर सूचना दी गई।
सूचना पर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त बच्चे की तलाश एवं शीघ्र बरामदगी हेतु टीम गठित की गई। इसके लिए पुलिस ने अपने मोबाइल नंबर समेत सूचना भी प्रसारित करा दी। इस विशेष अभियान में थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह चौहान के साथ ही उ. नि. श्रीपाल सिंह, मु. आ. शक्ति सिंह, कां. निर्दोष, कां. अंकित एवं कां. कुलदीप तत्परता से लग गए। पुलिस टीम द्वारा किये गए सतत प्रयासों के फलस्वरूप शाम करीब 18:30 बजे अजान को कुशलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। इसके पश्चात बच्चे को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे की सकुशल बरामदगी पर परिजनों व क्षेत्र के लोगों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इतनी देर बच्चा कहां और किन परिस्थितियों में था?
आमजन से अपील
हल्दौर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बच्चा या व्यक्ति गुम हो जाता है, तो तुरंत निकटतम थाने पर सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
अग्निशमन अधिकारियों ने किया आतिशबाजी निर्माण एवं विक्रय स्थलों का निरीक्षण
बढ़ती गर्मी को देखते हुए बरतें विशेष सावधानी
बिजनौर। बढ़ती गर्मी को देखते हुए अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है। विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देते हुए जिले भर में अग्निशमन अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत विशेष अभियान चलाया गया।
जनपद के समस्त प्रभारी अग्निशमन अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत आतिशबाजी निर्माण एवं विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया।
यह निरीक्षण अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया, जिससे कि आग लगने की किसी भी संभावित घटना को रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान करीब 30 लाइसेंस धारकों को एक्सप्लोसिव एक्ट/रूल्स के नियमों का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही, बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्हें विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने के लिये निर्देशित किया गया।
सुनिश्चित हो अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता
सुरक्षा उपायों के तहत, सभी आतिशबाजी विक्रय स्थलों पर अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पर्याप्त मात्रा में रेत, मिट्टी, बालू, एवं पानी के ड्रम रखने हेतु निर्देश दिये गए। साथ ही, अग्निशमन संबंधी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियाँ रखने हेतु निर्देशित किया गया।
देश में खेती किसानी से जुड़े हैं लगभग 70 प्रतिशत लोग
प्राकृतिक खेती से देश के किसान होंगे समृद्ध और खुशहाल
भारत देश में आज भी एक बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। देश में लगभग 70 प्रतिशत लोग खेती किसानी से जुड़े हैं। वह भारत की रीढ़ की हड्डी के समान हैं। विडंबना यह है कि देश की आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी हमारे किसान, आज भी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
एक आश्चर्यजनक तथ्य यह है चुनाव लड़ने वाले हमारे ज्यादातर नेता अपनी आय के बड़े हिस्से का स्रोत खेती ही दिखाते हैं और सारा आयकर निगल जाते हैं, डकार भी नहीं लेते। जबकि असल में खेती करने वाले किसानों की जमीनी हकीकत देखी जाए तो किसान कम आय, बढ़ती लागत, जलवायु परिवर्तन की मार, बाजार तक पहुंच की कमी, ऋण और बीमा तक सीमित पहुंच आदि का संघर्ष; खासकर जल्दी खराब होने वाली सब्जी फल आदि में भी अच्छी आय नहीं कर पाता, कई बार नुकसान झेलता है। ऊपर से बर्बादी का जोखिम, एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल लगभग 74 मिलियन टन खाद्यान्नों की बर्बादी होती है। ध्यान देने की बात है कि अच्छी पैदावार, अच्छी कीमत और अच्छी बारिश कभी एक साथ नहीं होते इसलिए किसानों की आय न्यूनतम होनी ही है। इसके अलावा बिचौलियों आढ़तियों का प्रकोप, जो किसानों को छाछ पिलाकर मक्खन खुद बटोर लेते हैं। अच्छी फसल के सुख से आनंद में सराबोर किसान समझ नहीं पाता, बाद में हिसाब जोड़ने पर खुद को ठगा महसूस करता है।
भाजपा की मोदी सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इन सारी चुनौतियों से निपटने के लिए प्राकृतिक खेती लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। यह किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इस संबंध में 2015 में शांता कुमार समिति ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि केवल 6 प्रतिशत किसान ही न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ ले पाते हैं। लगभग 42 प्रतिशत श्रम शक्ति लगी होने के बावजूद कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में मात्र 15 प्रतिशत का योगदान होता है। वाणिज्यिक जानकारी एवं सांख्यिकी महानिदेशक द्वारा जारी अबतक के आंकड़ों के अनुसार 2021-22 के दौरान कृषि उत्पाद 19.92 फीसदी से बढ़कर 50.21 बिलियन डालर हो गया है। यह वृद्धि दर शानदार है और 2020 -21 में 17.66 फीसदी से 41.87 बिलियन से अधिक है। कृषि भारतीय लोगों की जीविका का एक अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है तथा बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दुनिया में भारत की स्थिति
कृषि उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट 2024 के अनुसार कृषि क्षेत्र में सालाना औसत 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, वित्त वर्ष 2024 -25 की दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय मंत्रालय ने 25 नवंबर 2024 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को एक स्वतंत्र योजना के रूप में मंजूरी दी है। इस योजना का लक्ष्य है कि देश के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाए। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में मिशन के लिए 616 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो 2024 – 25 के संशोधित अनुमान 100 करोड़ रुपए से काफी अधिक है, सरकार ने अगले दो साल में 7.5 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश सरकार भी गंगा नदी और बाकी अन्य नदियों के किनारे बसे गांवो में इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अंकित तिवारी, स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार
जन, जमीन और जंगल के लिए संजीवनी है प्राकृतिक खेती
इस मिशन के तहत किए जाने वाले काम में पर्यावरण को सही करना, नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना, जल संरक्षण, पशु कल्याण शामिल है। प्राकृतिक खेती से मजदूरी में कमी, लागत कम, जोखिम कम और बिजली खपत कम आती है। कुल मिलाकर ये लोगों को समझना होगा कि प्राकृतिक खेती जन, जमीन और जंगल के लिए संजीवनी है। इसमें किसान स्थानीय स्तर पर लगभग मुफ्त बनी देशी खाद और कीटनाशक इस्तेमाल कर सकता है, पानी की मात्रा भी रासायनिक खेती के मुकाबले एक तिहाई लगती है। इस भ्रमजाल से भी किसानों को निकालना है कि पारंपरिक या जैविक खेती से ऊपज घटती है। एक दो साल में मिट्टी जब पुनः नैसर्गिक खाद पानी मिलने से जीवन पा जाती है तो प्रसन्न हो भरपूर उपहार से किसान का घर भर देती है। परंतु यह सब तभी संभव है जब स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोग समय समय में किसानों को प्रशिक्षण दें, समय समय पर जागरूकता जैसे कार्यक्रम गांवों में जाकर करते रहें।
(लेखक ~ अंकित तिवारी, स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार, प्रयागराज यूपी)
छेड़ रखी है मीडिया के साथ ही जल और वित्तीय साक्षरता की मुहिम
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य ने किया सम्मानित
समाज को जागरूक करने के लिए युवा पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता पुरस्कृत
प्रयागराज। युवा पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अंकित तिवारी को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रामकृष्ण पटेल ने एक पत्रकार कार्यकम में शाल ओढ़ाकर और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। दरअसल उन्होंने मीडिया के साथ ही जल और वित्तीय साक्षरता की मुहिम छेड़ रखी है।
आपको बता दें कि मेजा तहसील के रहने वाले युवा पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अंकित तिवारी विगत कई साल से लगातार मीडिया साक्षरता, जल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता पर देश की कई संस्थाओं, शख्सियतों के साथ जुड़ के काम कर रहे हैं। श्री तिवारी ने कहा कि आज डिजिटल समय में मीडिया की समझ सभी को होनी चाहिए, जिस तरह से फेक न्यूज, साइबर फ्राड की घटनाएं रोज बढ़ रही है। दुनियाभर में लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन विषयों को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है और मैं इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए इसके लिए प्रयास करता रहता हूं। इस तरह के सम्मान से और भी काम करने की प्रेरणा मिलती है।
विधायकों और मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे किसान
चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बार्डर से किसान आंदोलन को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। 19 मार्च को हिरासत में लिए गए कई किसान नेता एवं अन्य किसानों को भी पुलिस ने रिहा कर दिया है। इसके बावजूद किसान पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। किसानों ने 31 मार्च (सोमवार) को पूरे राज्यों में विधायकों और मंत्रियों के घरों का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।
किसानों ने 31 मार्च को विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों और विधायको के घरों का घेराव करने का ऐलान किया है। किसान मंत्रियों और विधायकों की कोठियों का घेराव कर रोष जताएंगे। किसानों का आरोप है कि पंजाब सरकार ने उनके साथ जबरदस्ती की है क्योंकि किसान अपनी मांगों को लेकर शंभू और अन्य बॉर्डर पर शांति से प्रदर्शन कर रहे थे। 19 मार्च को पुलिस ने बल पूर्वक किसानों को वहां से खदेड़ दिया। किसानों के टैंट उखाड़ दिए और सारा सामान नष्ट कर दिया गया। इसके विरोध में किसान मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए चेयरमैन अभिषेक मोदी, युवा प्रधान दीपांशु मोदी की मुहिम
ह्यूमन सर्विस सोसाइटी जालंधर जल्द लगाएगी पक्षियों के लिए कैंप
जालंधर (अभिषेक)। ह्यूमन सर्विस सोसाइटी की टीम हर साल की तरह एक बार फिर इस साल भी जून महीने में पक्षियों के लिए कैंप लगाएगी। इस दौरान हर व्यक्ति को एक बाजरे का पैकेट और एक मिट्टी का बर्तन दिया जाएगा। ह्यूमन सर्विस सोसाइटी ने पक्षी बचाओ, कुदरत सजाओ की मुहिम छेड़ रखी है।
ह्यूमन सर्विस सोसाइटी जालंधर मीडिया सैल की टीम आएदिन पक्षियों के लिए काम करती रहती है। आपको बता दें कि पिछले साल टीम ह्यूमन सर्विस सोसाइटी की तरफ से जालंधर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर के ठीक बाहर रास्ते में आने जाने वाले हर व्यक्ति को एक बाजरे का पैकेट और एक मिट्टी का बर्तन दिया गया था। साथ में कहा गया था कि यह पक्षियों के लिए है, इसे अपनी छत पर रखें, जिससे कोई भी पक्षी भूखा या फिर प्यासा न मर सके। अब इस साल भी जून महीने में टीम ह्यूमन सर्विस सोसाइटी यह कैंप पक्षियों के लिए एक बार फिर से लगाएगी।
बातचीत के दौरान जालंधर के चेयरमैन अभिषेक मोदी पंडित और यूथ प्रधान दीपांशु मोदी पंडित ने कहा कि हम बेजुबानों की सेवा करते हैं और हमेशा ऐसे ही करते रहेंगे। अगर किसी को भी पक्षियों के लिए बाजरा और मिट्टी का बर्तन चाहिए वो हमसे संपर्क कर सकता है।
डिजिटल फ्रॉड, फेक न्यूज की घटनाओं में इजाफा बड़ी चुनौती
मीडिया साक्षरता से ही विकसित होगी संचार क्षमता
आज जिस तरह से डिजिटल फ्रॉड, फेक न्यूज की घटनाओं में रोज इजाफा हो रहा है, यह हम सभी के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर आया है। ऐसे में जरूरी है कि भारत में भी मीडिया साक्षरता के प्रति लोगों में जागरूकता होनी चाहिए।
आमतौर पर साक्षरता कहने का मतलब लिखने पढ़ने की क्षमता से है, परंतु व्यापक दृष्टि से देखें तो साक्षरता से मतलब किसी भी चीज, क्षेत्र या काम को जानने समझने व करने की क्षमता, कौशल और उसके कार्य व्यवहार की बेसिक जानकारी को साक्षरता कहा जाता है। इसी तरह व्यक्ति की उस क्षमता, जिसके द्वारा वह मीडिया का सही इस्तेमाल कर सके वो चाहे रेडियो इंटरनेट टीवी प्रिंट या कोई भी सूचना का स्रोत हो, हम कैसे सही – सही उसका उपयोग कर सकें, वही मीडिया साक्षरता है। आज डिजिटल समय में सही जानकारी लोगों तक पहुंचना, लोग उसे कैसे पहचानें, क्या सही, क्या गलत है, इसकी समझ जरूरी है। ये हम सभी को पता होना चाहिए कि मीडिया किस तरह से काम करता है? मीडिया को कौन चलाता है ? चूंकि यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है; हमें उन सभी सूचना स्त्रोतों की पृष्ठभूमि व उद्देश्य को समझने, जानने की भी जरूरत है। जिस तरह आज कॉरपोरेट घरानों ने भी मीडिया पे कब्जा किया है, ऐसे में बड़ा सवाल निकल के आ रहा है कि क्या वैकल्पिक मीडिया ही आम आदमी की आवाज बनेगी?
इस दृष्टि से सोशल मीडिया बड़ी तेजी से उभर कर आमजन में पैठ बना रही है। मगर बेहद निरंकुश, मनमानी, स्वार्थी, अराजक, अच्छे बुरे हर तरह के तत्व उसमें शामिल हैं, जिनके ऊपर न कोई अंकुश है, न ही नियम कानून को लेकर उनमें समझ है। इसके अलावा स्वार्थी, देशद्रोही, अनैतिक तत्वों की भी भरमार है, जो भेड़ियाधसान में कुछ भी कर गुजरने का मौका देखते हैं। हम स्वयं प्रतिदिन हजारों ऐसी सामग्री देखते हैं जो व्यक्ति, समाज, देश, संस्कृति, सभ्यता, व्यवहार के लिहाज से बेहद खतरनाक और दु:खदायी है। उसके गलत प्रभाव से समाज को, आनेवाली पीढ़ियों को कैसे बचाएं, यह यक्ष प्रश्न भी सर पे सवार है। खुद को आत्मनिर्भर बनाने और समाज को सशक्त करने में मीडिया की बड़ी भूमिका होती है। हमें मीडिया की बेसिक समझ इसलिए भी जरूरी है कि हम विश्लेषण कर सकें। हम गलत, सही, अच्छे – बुरे, पक्ष – विपक्ष सभी को परख सकें। चूंकि आज मीडिया समाचार मात्र नहीं बल्कि इसके सामाजिक राजनीतिक हलकों में हर जगह अलग उपयोग, प्रभाव और खेल भी हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम नकारात्मक पक्ष को जान कर उससे बचेंगे और दूसरे को भी बचाएं। आज सूचना विस्फोट के नए युग में हमें ये कौशल स्थापित करना होगा नहीं तो भ्रम, अविश्वास, शंका के बीच भटकते रहेंगे और समाज में लोगों के बीच टकराव की स्थिति बनी रहेगी। अतः मीडिया साक्षरता से ही संचार क्षमता विकसित होगी।
पश्चिम के देशों में बहुत पहले इसकी शुरुआत हो गई थी। एशिया में दो दशक से इसकी तरफ ध्यान आकर्षित हुआ है। बड़ी चिंता की बात है कि इतने बहुमूल्य विषय पर भारत में बहुत कम चर्चा परिचर्चा होती है। गेम खेलना मीडिया लिट्रेसी नहीं है। फोटो शॉप, एक्सेल आदि भी जानना मीडिया साक्षरता है। इसीलिए चार साल पहले मीडिया डिक्शनरी इनिशिएटिव की शुरुआत की गई और चूंकि भारत अलग अलग बोली भाषाओं वाला देश है तो इसे हर बोली और भाषा में लोगों तक पहुंचाने, सिखाने का प्रयास जरूरी है। देश के विभिन्न राज्यों से मीडिया प्रोफेसर और स्कॉलर्स द्वारा सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। बड़ी बात है कि अभी तक देश के 36 बोली भाषाओं में मीडिया के नए नए शब्द बताए गए हैं। अभी इस दिशा में बहुत कार्य किया जाना है। सरकार सहित जनता के विभिन्न वर्गों यथा शिक्षक, पत्रकार, स्वयंसेवक सभी को आगे बढ़ कर मीडिया साक्षरता में हाथ बंटाने की जरूरत है।
~(लेखक अंकित तिवारी अवधि बोली में मीडिया साक्षरता पर लोगों को जागरूक करते हैं)
जानिए माता की आराधना के लिए कलश स्थापना का मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि को लेकर बाजारों में बढ़ी रौनक
~By, Shalie Saxena
सूर्य ग्रहण के ठीक अगले दिन 30 मार्च रविवार से चैत्र नवरात्र पर्व शुरू हो रहा है. नवरात्र की पूजा में कलश स्थापना का बहुत महत्व होता है और इसे शुभ मुहूर्त में ही स्थापित किया जाता है. वहीं माता रानी की चुनरी, पोशाक और अन्य पूजन सामग्रियों से दुकानें भर गई हैं.
वर्ष 2025 में 29 मार्च का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या को होने के कारण इस बार चैत्र नवरात्र सूर्य ग्रहण के ठीक अगले दिन शुरू हो रहा है. चैत्र नवरात्र 30 मार्च रविवार से शुरू होकर 6 अप्रैल रविवार तक रहेगी.
माता दुर्गा की पूजा अर्चना के लिए चैत्र और आश्विन माह नवरात्र का व्रत रखा जाता है. भक्त नौ दिन तक व्रत रखकर माता दुर्गा की पूजा करते हैं. मान्यता है कि नवरात्र का व्रत रखने और माता की आराधना से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं. नवरात्र की पूजा में कलश स्थापना का बहुत महत्व होता है और इसे शुभ मुहूर्त में ही स्थापित किया जाता है.
चैत्र नवरात्र की तिथि और कलश स्थापना का मुहूर्त
~ शनिवार 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो कर अगले दिन 30 मार्च रविवार को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी. चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च रविवार से होगी. ~ नवरात्र के पहले दिन देवी की पूजा के लिए कलश स्थापना की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्र 30 मार्च रविवार से शुरू हो रहा है और इसी दिन कलश स्थापना की जाएगी. ~ 30 मार्च को घटस्थापना प्रातः काल 6 बजकर 13 मिनट से लेकर 10 बजकर 22 मिनट तक है. ~ दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बीच अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं. ~ चैत्र नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और इंद्र योग का निर्माण हो रहा है. ~ चैत्र नवरात्र में घट स्थापना के दिन शिववास योग का भी संयोग है. ~ ये सभी योग बार चैत्र नवरात्र की कलश स्थापना के लिए शुभ योग का निर्माण कर रहे हैं.
कलश स्थापना की पूजन सामग्री
कलश स्थापना के लिए कलश, मौली, आम के पत्ते, रोली, गंगाजल, सिक्का, गेंहू या अक्षत, मिट्टी के पात्र, शुद्ध मिट्टी, जौ, वस्त्र,कलावा, दिया, बत्ती और सिंदूर की जरूरत होती है. ~ कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को साफ करें ~ ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें. ~ सबसे पहले कलश में पानी भरें. ~ कलश में सिक्का, सुपारी, गंगाजल, शहद, आम के पत्ते रखें. ~ कलश के ऊपरी भाग में रोली लगाएं ~ कलश के मुंह पर पांच आम के पत्ते रखें और नारियल में कलावा बांधकर रखें ~ कलश को मिट्टी के पात्र में अक्षत के ऊपर स्थापित करें. ~ घी का दिया जलाकर कलश की पूजा करें.
लखनऊ। नवरात्रि के आगमन के साथ ही बाजार सज गए हैं। माता रानी की चुनरी, पोशाक और अन्य सामानों से दुकानें भर गई हैं। शनिवार को सूर्य ग्रहण, शनि का राशि परिवर्तन के चलते अधिकांश लोगों ने खरीदारी की। नवरात्रि के व्रत के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी के लिए लोग बाजारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बाजारों की रौनक बढ़ गई है। दुकानों पर माता रानी की चुनरी, पोशाक और अन्य सामानों की खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ने लगी है।दुकानदारों ने पहले से ही तैयारियां करते हुए दुकानों पर सामान सजा लिया है, जिससे बाजार में रौनक आ गई है।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था- स्कल्पर का होली मिलन समारोह
गुजरा बचपन जिस ऑंगन में, उसे समझते क्यों बेगाना
बरेली। उत्तर प्रदेश सचिवालय लखनऊ के नवीन भवन स्थित ऐतिहासिक तिलक हाॅल में सचिवालय की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था- स्कल्पर की तरफ से होली मिलन समारोह का आयोजन उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की मौजूदगी में हुआ।
इस अवसर पर कवि सम्मेलन में सचिवालय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के संस्थापक एवं संपादक- सचिवालय दर्पण डॉ. अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बरेली के गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट के गीत ‘होली पर अपने घर आना, गुजरा बचपन जिस ऑंगन में, उसे समझते क्यों बेगाना…. से विदेश में रहने वाले बच्चों के लौटने की आस लगाए बुजुर्गों का दर्द बयां किया। प्रयागराज के डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर ने ऋतुराज छटा बिखराया है, प्रियतम आज फिर फागुन आया… है से वाहवाही पाई। इसके साथ ही रायबरेली की डॉ. गीता पांडेय अपराजिता, डॉ. अम्बरीश कुमार सिंह, डॉ. उमेश चंद्र वर्मा ने अपनी रचनाऍं प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विशेष सचिव नियुक्ति विनीत प्रकाश, संयुक्त सचिव नमामि गंगे डॉ. अम्बरीश कुमार सिंह और डॉ. चांदनी बाला को सचिवालय दर्पण निष्ठा सम्मान से विभूषित किया। इसके साथ ही विपुल कुमार मिश्रा को सचिवालय दर्पण शब्द शिल्पी सम्मान दिया गया। दर्पण काव्य शिल्पी सम्मान प्रयागराज के गीतकार राजेंद्र कुमार शुक्ल, राजस्व के अनु. अधिकारी लोकेश त्रिपाठी एवं गीता पांडेय (रायबरेली) को दिया गया।
बिजनौर। हिंदी दैनिक जन शौर्य के संपादक आज़म आदिल को अवैध कालोनियों का जाल शीर्षक से समाचार छापना भारी पड़ गया है। मंडावर में कृषि योग्य भूमि में अवैध कॉलोनी काटने वाले कुछ कॉलोनाइजरों ने पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी है! मामले को लेकर जहां सम्पादक और उनका पूरा परिवार भयभीत है वहीं पत्रकारों में रोष व्याप्त है। जिले भर में पत्रकारों द्वारा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय प्रेस क्लब चांदपुर परिवार ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुष्कर सिंह मेहरा को ज्ञापन सौंपा और पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की। इस मौके पर नागेंद्र सिंह राजपूत, आफाक अंसारी, मोहम्मद हनीफ सहित कई अन्य पत्रकार शामिल रहे।
अल्मोड़ा। चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे द्वारा उठाई गई आवाज़ आखिरकार असर दिखाने लगी है। कल ही उन्होंने यह महत्वपूर्ण मुद्दा उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव के समक्ष रखा था, जिसमें उन्होंने यात्रा मार्ग पर पर्याप्त चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की थी।
तेजी से हुआ असर: संजय पाण्डे की पहल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र जारी कर अनुरोध किया है कि वे अपने राज्यों से चिकित्सकों को चारधाम यात्रा मार्ग के अस्पतालों में सेवा देने के लिए प्रेरित करें। इस योजना के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों से कम से कम 15 दिनों तक सेवा देने की अपेक्षा की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।
यात्रियों की जान बचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
हर साल हजारों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के दौरान ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, हृदय संबंधी दिक्कतें और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं। कई बार समय पर इलाज न मिलने से दुर्घटनाएं भी होती हैं। संजय पाण्डे ने इस गंभीर समस्या को मुख्यमंत्री कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिसके चलते यह अहम फैसला लिया गया।
संजय पाण्डे की अपील – निगरानी भी जरूरी
संजय पाण्डे ने सरकार से अनुरोध किया है कि सिर्फ डॉक्टरों की तैनाती ही नहीं, बल्कि उनकी उपस्थिति और कार्यप्रणाली की भी नियमित निगरानी की जाए ताकि कोई भी तीर्थयात्री चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने प्रशासन से आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की तैनाती और 24×7 स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने की भी मांग की है।
जनता और श्रद्धालुओं ने किया स्वागत
संजय पाण्डे की इस पहल को न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं ने भी बड़े बदलाव की शुरुआत बताया है। उनका कहना है कि यदि यह व्यवस्था सही से लागू होती है तो चारधाम यात्रा और अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।
यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि संजय पाण्डे जैसे समाजसेवियों के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी है, जो लगातार जनहित के मुद्दों को उठाकर प्रशासन को कार्यवाही के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बने जितेन्द्र राणा
~ Report by Satendra Singh
बिजनौर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र राणा की पदोन्नति की गई है। अब वह किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। मुरादाबाद मण्डल प्रभारी मौ. खुर्शीद मंसूरी ने यह जानकारी दी है।
मुरादाबाद मण्डल प्रभारी मौ. खुर्शीद मंसूरी ने बताया कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ के निर्देश व मुरादाबाद मण्डल प्रभारी रमेश कुमार गन्धर्व की संस्तुति पर जितेन्द्र राणा पुत्र गिरीराज सिंह निवासी मौ. जाटान बिजनौर (जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा) को पदोन्नत करते हुए मुरादाबाद मण्डल अध्यक्ष किसान मोर्चा बनाया गया है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर जितेन्द्र राणा ने कहा कि अभी तक उन्होंने पूरी कर्मठता और तन्मयता से संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्व का निर्वहन किया है। भविष्य में भी वह पार्टी हाईकमान की मंशानुरूप अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे। नवनियुक्त किसान मोर्चा मुरादाबाद मण्डल अध्यक्ष ने कहा कि वह सदैव समाज के पिछड़ों, वंचितों, शोषितों समेत सभी वर्ग के लिए तत्पर रहे हैं।
जितेन्द्र राणा, मुरादाबाद मण्डल अध्यक्ष किसान मोर्चा
भविष्य की नई पारी खेलने को तैयार युवा नेता का कहना है कि कोई भी हो, उनकी समस्या के निदान के लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. चंद्रशेखर आजाद और मंडल प्रभारी मौ. खुर्शीद मंसूरी के निर्देशानुसार एड़ी चोटी का जोर लगाने के साथ ही कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने को तैयार हैं।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के निधन पर उनकी स्मृति में पुलिस मुख्यालय में शोक सभा
सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे स्वर्गीय श्री हाकम सिंह
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ स्थित सभागार में श्री हाकम सिंह (आईपीएस-1969) सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के दिनांकः 07.03.2025 को हुए निधन के परिप्रेक्ष्य में शोक सभा का आयोजन बुधवार दिनांकः 26.03.2025 को किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशान्त कुमार सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्री हाकम सिंह जी का जन्म 01 नवम्बर, 1945 को लुधियाना (पंजाब) में हुआ था। श्री हाकम सिंह जी वर्ष-1969 बैच के “भारतीय पुलिस सेवा” के अधिकारी रहे हैं। इमरजेन्सी कमीशन के माध्यम से वह “भारतीय पुलिस सेवा” में चयनित होकर प्रशिक्षण के उपरान्त सहायक पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 1976 में भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ समयमान वेतनमान में प्रोन्नत होने के उपरान्त सेनानायक 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा, मा० श्री राज्यपाल के परिसहाय, अपर पुलिस अधीक्षक अलीगढ़, पुलिस अधीक्षक देवरिया, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कानपुर, सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी, पुलिस अधीक्षक मथुरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालौन के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1986 में ‘पुलिस उपमहानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक/उप महासमादेष्टा, होमगार्ड्स लखनऊ, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी सेक्टर लखनऊ, पुलिस उपमहानिरीक्षक फैजाबाद परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीटीसी-तृतीय सीतापुर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक एटीसी सीतापुर के पद पर नियुक्त रहे।
वर्ष 1993 में “पुलिस महानिरीक्षक” के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस महानिरीक्षक / ! प्रधानाचार्य पीटीसी-तृतीय सीतापुर, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे इलाहाबाद, पुलिस महानिरीक्षक इलाहाबाद जोन, पुलिस महानिरीक्षक विशेष जाँच लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक शान्ति सुरक्षा बल लखनऊ के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1998 में “अपर पुलिस महानिदेशक” के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त अपर पुलिस महानिदेशक रेडियो मुख्यालय लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक / अधिशासी निदेशक, पुलिस आवास निगम, उ०प्र० लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण मुख्यालय लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक सीबीसीआईडी मुख्यालय लखनऊ के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 2002 में “पुलिस महानिदेशक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस महानिदेशक सीबीसीआईडी लखनऊ, पुलिस महानिदेशक उ०प्र० एवं पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण उ०प्र० के पद पर नियुक्त रहे तथा यहीं से अपनी अधिवर्षता आयु पूर्णकर दिनांकः 31.10.2005 को सेवानिवृत्त हुए। श्री हाकम सिंह जी का दिनांकः 07.03.2025 को दुःखद निधन हो गया है।
श्री हाकम सिंह जी ने सेवाकाल में पूर्ण निष्ठा व लगन से कार्य सम्पादित कर पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। उनका लगभग 32 वर्षों से अधिक का सेवाकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। सेवाकाल के दौरान इन्हें स्वतंत्रता दिवस वर्ष 2003 के अवसर पर “दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक” से सम्मानित किया गया। श्री हाकम सिंह जी अपनी उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक को लिखा पत्र, प्रदेश की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाने की मांग
चारधाम यात्रा की चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर पर्वतीय स्वास्थ्य सेवाओं से खिलवाड़ क्यों?
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहती है। …लेकिन इसके लिए की जाने वाली चिकित्सा व्यवस्थाओं की आड़ में प्रदेश की पहले से ही संकटग्रस्त स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव डाला जा रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार पर्वतीय जिलों के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात कर देती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में मरीजों को इलाज तक नहीं मिल पाता। क्या यह फैसला तर्कसंगत है? क्या तीर्थयात्रियों की चिकित्सा सुविधा के नाम पर पहाड़ के लोगों को उनके हाल पर छोड़ देना उचित है?
पहाड़ों में पहले से चरमराई हुई स्वास्थ्य सेवाएं
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों—अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले ही संकट में हैं। यहां न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। कई अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं, जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी हाल ही में उपलब्ध कराई गई हैं या अब भी अधूरी हैं। ऐसे में जब इन अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ को चारधाम यात्रा में भेजा जाता है, तो स्थानीय मरीजों के लिए संकट और गहरा हो जाता है। गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और आकस्मिक दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने उठाई आवाज
इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती करने के बजाय बाहरी राज्यों से अस्थायी मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की जाए, ताकि पहाड़ों में रहने वाले लोगों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न होना पड़े।
क्या हैं संभावित समाधान?
संजय पाण्डे ने सरकार को कुछ ठोस सुझाव दिए हैं:
1. चारधाम यात्रा के लिए विशेष मेडिकल टीमों का गठन किया जाए, जिसमें बाहरी राज्यों से डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की जाए।
2. टेलीमेडिसिन और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को वहीं चिकित्सा सुविधा मिल सके और स्थानीय अस्पताल प्रभावित न हों।
3. सेवानिवृत्त डॉक्टरों और निजी अस्पतालों की सेवाएं ली जाएं, जिससे अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ उपलब्ध हो सके।
4. चारधाम यात्रा में कार्यरत मेडिकल टीम को यात्रा समाप्त होने के बाद वापस भेजने की व्यवस्था हो, जिससे स्थानीय अस्पतालों की स्थायी चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों।
ठोस फैसला कब लेगी सरकार ?
चारधाम यात्रा निश्चित रूप से उत्तराखंड की संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। …लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि प्रदेश के स्थायी निवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं की बलि चढ़ा दी जाए। यदि सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं होती है, तो यह समस्या हर साल बढ़ती जाएगी और पर्वतीय जिलों के मरीजों को बुनियादी इलाज से वंचित रहना पड़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने सरकार से मांग की है कि तत्काल इस पर ठोस नीति बनाई जाए, जिससे चारधाम यात्रा की चिकित्सा व्यवस्था मजबूत हो, लेकिन स्थानीय अस्पतालों को स्टाफ की कमी से जूझना न पड़े। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है? क्या चारधाम यात्रा के नाम पर हर साल पहाड़ी अस्पतालों से स्टाफ की कमी होती रहेगी, या इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकलेगा?
मोतियाबिंद लोगों में दृष्टि हानि का आम कारण है, जो 40 साल एवं उससे अधिक उम्र के लोगों में अमूमन पाया जाता है। मोतियाबिंद का इलाज नहीं किया जाए तो यह अंधेपन का प्रमुख कारण बन सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज़ अब तक सिर्फ सर्जरी के जरिए किया जाता था, पर […]
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सेवक बनने के बजाय भेड़िए बन चुके हैं जनप्रतिनिधिः चौधरी दिगंबर सिंह
पाना नहीं, जो देना चाहते हों, वो नौजवान आगे आएं और हमारे साथ जुड़ें, जो देना चाहते हों अपना समय और अपना समर्पण, किसानों की उन्नति के लिए। जो कठिन तपस्या करने के लिए तैयार हों। जिन्हें अपने परिवार से किसान भारत माता और प्रकृति प्यारी हो, जिन्हें जेल जाने से डर ना लगता हो, वह नौजवान जिनका चरित्र मजबूत हो, वह नौजवान आगे आएं पाने के लिए नहीं, देने के लिए। आज जब मैं देखता हूं कि इस देश को आजाद करने के लिए न जाने कितने जाने और अनजाने लोग फांसी के फंदे पर झूल गए, इस देश के अंदर लोकतंत्र स्थापित हुआ लेकिन उसे लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुने गए तमाम जनप्रतिनिधि जनता का सेवक बनने के बजाय भेड़िए बन चुके हैं। जनता को लूटने के लिए अपना ग्लैमर दिखाने के लिए साथ चलते हैं, जनता की सेवा करने के बजाय जनता पर रौब ग़ालिब करने का काम करते हैं। ठीक उसी प्रकार किसान संगठन में जुड़ने वाले लोग जिस तरह से किसान संगठनों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। कभी-कभी जब सुनने को मिलता है किसान नेताजी मिट्टी के खनन के नाम पर लोगों से पैसे मांग रहे हैं, उनकी ऑडियो वायरल हो रही हैं, कभी डॉक्टर से पैसे मांगने की ऑडियो वायरल होती है, कभी नेताजी शराब पीने के लिए पैसे मांगते नजर आते हैं। हदें तो जब पार हो जाती हैं, जब किसान नेता स्कूल कॉलेज पर भी दबाव बनाकर पैसे मांगते हैं और तब नीचता की पराकाष्ठा पार हो जाती है, जब किसान नेता किसान आंदोलन को बेच देते हैं। जो भीड़ किसान समस्याओं के समाधान के लिए आती है, जब भीड़ को बेच दिया जाता है और जब इस तरह की सूचनाएं प्राप्त होती हैं, ऑडियो सामने आती हैं तो मन विचलित होता है और मन सोचता है कि महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा आसमान में बैठकर क्या सोचती होगी। शायद यह सोचती होगी कि मैंने क्यों किसान संगठन बनाया। महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा और उन तमाम किसान शहीदों की आत्मा उस समय रोती होगी जब किसान यूनियन के नाम पर किसान नेतागिरी के नाम पर गरीब और मजदूरों का शोषण होता होगा और अपराधियों को छुड़ाने के लिए थानो पर धरना होता होगा। रोती होगी महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा, तमाम उन किसान शहीदों की आत्मा उस समय जब महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत अमर रहे का नारा लगाने वाले लोग किसानों को कृषि कार्ड के नाम पर ठग लेते होंगे और पूरा का पूरा संगठन उन ठगों के साथ खड़ा होकर उनको बचाने के लिए धरना प्रदर्शन करता होगा। जब उस किसान के घर में बैंक की रिकवरी जाती होगी, जब वह किसान रोता होगा, तब तब महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा रोती होगी। इसलिए साथियों आज आवश्यकता है ऐसे नौजवानों की जो महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की विचारधारा को बचा सकते हो, जो पाना नहीं देना चाहते हैं समाज को, किसान को, इस देश को….
~विचलित मन से महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत का शिष्य दिगंबर सिंह
बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात
सीने में पेंचकस घोंपा और पाठल से हमला कर युवक की हत्या
बिजनौर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव सिसौना में युवक की हत्या के बाद सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। बीती रात्रि को हुई इस हत्या की वारदात के सिलसिले में पुलिस ने तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
थाना हीमपुर दीपा पुलिस ने मु.अ.सं. 35/2025 धारा 103 (1), 109(1),115(2),309(6),352,351(3) बीएनएस से सम्बंधित अभियुक्त को घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल (पाठल) सहित किया गिरफ्तार।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी!
थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र अंतर्गत गांव खैरपुर उर्फ प्रतापपुर के सोमप्रकाश सिंह पुत्र मल्लहू ने मंगलवार 25 मार्च 2025 को पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 24 मार्च 2025 को सायं करीब 07.00 बजे ग्राम सिसौना के अतुल पुत्र राजेश, राजू, बिट्टू व एक अज्ञात व्यक्ति ने हरिराज के पुत्रों रजत व शुभम को जान से मारने की नियत से पाठल, पेंचकस व डंडे से हमला कर दिया। बीच बचाव में वह खुद (सोमप्रकाश सिंह) और भतीजा राहुल पुत्र ओमप्रकाश आए। इस पर हमलावरों ने भतीजे राहुल के सीने मे पेंचकस घोंपने के साथ ही अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए। राहुल की मौके पर मृत्यु हो गई तथा रजत व शुभम गंभीर रुप से घायल हो गए। शोर होने पर सभी आरोपी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। यह भी आरोप है कि इस दौरान राहुल से रुपए 25,000 /- छीनने का प्रयास किया गया। तहरीर के आधार पर थाना हीमपुर दीपा पर मु.अ.सं. 35/2025 धारा 103(1), 109(1),115(2),309 (6),352,351 (3) बीएनएस बनाम बनाम अतुल आदि पंजीकृत किया गया।
उधर सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष घटना से पहले शराब पी रहे थे। नशे में किसी बात को लेकर बोल-चाल हुई और मामला बढ़ गया।
इस बीच मंगलवार को पुलिस ने अभियुक्त अतुल को घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल पाठल सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कई अन्य पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना हीमपुर दीपा के उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह नागर, उप निरीक्षक मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल प्रकाश वीर एवं कांस्टेबल शिव शंकर शामिल रहे।
बरेली और पीलीभीत में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह का आयोजन
लखनऊ। जनपद बरेली के ग्रेटर ग्रीन पार्क में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन और पीलीभीत में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से होली मिलन समारोह का अभूतपूर्व आयोजन किया गया।
जनपद बरेली के ग्रेटर ग्रीन पार्क में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान और न्यू श्री धनवंतरी हॉस्पिटल, बीसलपुर रोड के सौजन्य से होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में उपस्थित प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तर प्रदेश वेद प्रकाश सक्सेना, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील सक्सेना प्रधानाचार्य सीएस इंटर कॉलेज फरीदपुर बरेली, संरक्षक ग्रेटर ग्रीन पार्क ने की।संचालन कवि कमल सक्सेना ने किया।
वैवाहिक परिचय सम्मेलन
पीलीभीत में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तर प्रदेश और कायस्थ सेवा समिति के सौजन्य से होली मिलन समारोह एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया।
जिलाध्यक्ष महेश नारायन सक्सेना, विमल सक्सेना, अविनाश सक्सेना, अनिल कमल, पूर्व प्रदेश महामंत्री रजत सक्सेना आदि ने बहुत सुंदर आयोजन किया। सभी ने समाज की एकजुटता और जागरूकता पर विशेष बल दिया।कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
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