पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। हीमपुर दीपा क्षेत्र के छाछरी मोड़ में पाइप लाइन के किराए को लेकर दुकानदार और ग्रामीण के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले। घटना में एक जिला पंचायत सदस्य सहित नौ लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है।
हीमपुर दीपा क्षेत्र के छाछरी मोड़ में बब्लू की परचून की दुकान है। वह सिंचाई के लिए पाइप लाइन किराए पर देने का काम भी करता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव गदनपुरा का एक व्यक्ति तीन दिन पहले पाइप लाइन ले गया था। रविवार को वह पाइपलाइन वापस करने के लिए पहुंचा। दुकानदार के साथ किराए के पैसे के लेकर विवाद हो गया। दोनों में कहासुनी हो गई। इतना ही नहीं दोनों में मारपीट हो गई। इस पर ग्रामीण ने फोन कर गांव से व्यक्ति बुला लिए। इसके बाद दुकानदारों और ग्रामीणों में लाठीडंडे चले। घटना में दुकानदार पक्ष के छह लोग घायल हो गए जबकि, दूसरे पक्ष के तीन घायल हैं। इसमें जिला पंचायत सदस्य राजवीर भी घायल हुए। दोनों ही पक्षों ने थाने पहुचंकर पुलिस को तहरीर दी है।
UP में EC ने संपूर्ण समाधान और थाना दिवस पर लगाई रोक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य चुनाव आयोग ने संपूर्ण समाधान और थाना दिवस पर रोक लगा दी है। अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने प्रदेश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी करते हुए पंचायत चुनाव की अधिसूचना के चलते रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही यूपी में आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 चरणों में मतदान कराने का ऐलान किया है। चुनावों के दौरान सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम रहेंगे। जोनल मजिस्ट्रेटों को भी खास जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
दिल्ली। अधिकतर लोग दांतों के पीलेपन की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसा ज्यादातर दांतों पर प्लाक की परत जम जाने के कारण होता है। इसके अलावा दांतों की अच्छी तरह से सफाई न करने की वजह से भी दांत पीले पड़ जाते हैं। आप इस समस्या को कुछ घरेलू उपायों के जरिए दूर कर सकते हैं और दोबारा मोती जैसे चमकदार दांत पा सकते हैं।
हल्दी और सरसों का तेल- आप दांतों की सफाई के लिए हल्दी और सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप एक चम्मच तेल और आधा चम्मच हल्दी के मिश्रण को बनाकर दांतों पर मसाज करें। ऐसा करने से दांत साफ होते हैं साथ ही मजबूत भी होते हैं।
केले के छिलके – दांतों को मजबूत और चमकदार बनाने के लिए केले के छिलके बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसके लिए केले के छिलके का सफेद वाला भाग दांतों पर रगड़ें। इसमें पोटैशियम, मैग्नीज और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो दांतों को फायदा पहुंचाते हैं और पीलापन दूर करते हैं।
संतरे का छिलका – संतरा खाने में फायदेमंद होने के साथ इसका छिलका भी बेहद काम आता है। दांतों के पीलापन से निजात दिलाने के लिए संतरे के छिलके भी असरदार हैं। संतरे के सूखे छिलकों को पीसकर पाउडर बना लें और इस पाउडर को रात को दांतों पर रगड़ें, इससे आपके दांतों का पीलापन दूर हो सकता है।
बेकिंग सोडा – दांतों को चमकाने के लिए बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक चम्मच बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाएं और इस पेस्ट को दांतों पर अच्छी तरह मसाज करें। इसे बस एक मिनट तक ही लगाएं, क्योंकि ज्यादा देर तक लगाने से यह दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए विस्तृत तैयारियां की गई हैं। पंचायत के चारों पदों (ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य) के लिए एक साथ चार चरणों में जिलेवार चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण में 18 जिलों के सभी पदों के लिए 15 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में 20 जिलों में 19 अप्रैल को, तीसरे चरण में 20 जिलों में 26 अप्रैल को और चौथे व अंतिम चरण में 17 जिलों में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक किया जा सकेगा। सभी चरणों के सभी पदों के लिए मतगणना एक साथ दो मई को सुबह आठ बजे से शुरू होगी।
पंचायत चुनाव का कार्यक्रम
प्रथम चरण : 3 व 4 अप्रैल। नामांकन : 5 व 6 अप्रैल। नामांकन की जांच : 7 अप्रैल। नाम वापसी व प्रतीक आवंटन : 15 अप्रैल मतदान।
द्वितीय चरण : 7 व 8 अप्रैल। नामांकन : 9 व 10 अप्रैल। नामांकन की जांच : 11 अप्रैल। नाम वापसी व प्रतीक आवंटन :19 अप्रैल मतदान।
तृतीय चरण : 13 व 15 अप्रैल। नामांकन : 16 व 17 अप्रैल। नामांकन की जांच : 18 अप्रैल। नाम वापसी व प्रतीक आवंटन : 26 अप्रैल मतदान।
चतुर्थ चरण : 17 व 18 अप्रैल। नामांकन : 19 व 20 अप्रैल। नामांकन की जांच : 21 अप्रैल। नाम वापसी व प्रतीक आवंटन : 29 अप्रैल मतदान।
किस जिले में कब मतदान
प्रथम चरण
तारीख : 15 अप्रैल
कुल जिले : 18
जिलों के नाम : सहारनपुर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, हाथरस, आगरा, कानपुर नगर, झांसी, महोबा, प्रयागराज, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, जौनपुर और भदोही।
द्वितीय चरण
तारीख : 19 अप्रैल
कुल जिले : 20
जिलों के नाम : मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी व आजमगढ़।
तृतीय चरण
तारीख : 26 अप्रैल
कुल जिले : 20
जिलों के नाम : शामली, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, कासगंज, फीरोजाबाद, औरैया, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव, अमेठी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, चंदौली, मीरजापुर व बलिया।
चतुर्थ चरण
तारीख : 29 अप्रैल
कुल जिले : 17
जिलों के नाम : बुलंदशहर, हापुड़, संभल, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, फर्रुखाबाद, बांदा, कौशांबी, सीतापुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, सोनभद्र व मऊ।
होली के रंग दिखेंगे डाक टिकटों पर, होली पर अपनी तस्वीर के साथ जारी करायें डाक टिकट -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
मात्र 300 रुपए के खर्च में बनेगी 12 डाक-टिकटों की एक शीट
होली का त्योहार नजदीक आते ही इसका रंग लोगों पर चढ़ने लगा है। हर कोई अपनी होली को यादगार बनाने के लिए कुछ अनूठा करना चाहता है, पर कभी आपने सोचा है कि आपकी होली पर डाक टिकट भी जारी हो सकता है। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग की ‘माई स्टैम्प’ सेवा के तहत लोग होली पर अपनी तस्वीर के साथ यादगार रूप में डाक टिकट भी जारी करवा सकते हैं।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पाँच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर होली के रंगों से सराबोर आपकी खूबसूरत तस्वीर होगी, वह देश भर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस डाक टिकट पर बाक़ायदा हिंदी और अंग्रेजी में ‘होली’ भी लिखा होगा और साथ में रंगों और अबीर-गुलाल के साथ गुझिया की डलिया भी। मात्र 300 रुपए के खर्च में 12 डाक-टिकटों की एक शीट प्रधान डाकघर स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में बनवाई जा सकती है।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कुछ नया चाहती है, ऐसे में नए जन्मे बच्चों की पहली होली हो या नवयुगल की पहली होली हो, अथवा होली में एक साथ इकट्ठा हुए संयुक्त परिवार की यादगार होली हो, इन सब पर ‘माई स्टैम्प’ के माध्यम से डाक टिकट जारी किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व डाक विभाग ने शुभ विवाह, सालगिरह से लेकर बर्थडे तक के चित्रों पर ‘माई स्टैम्प’ के माध्यम से डाक टिकट जारी किये जाने की सुविधा प्रदान की है, जिसे लोगों ने भरपूर सराहा।
बिजनौर। मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन बिजनौर में घूम है। यह वैन अगले दो दिनों तक जनपद में भ्रमण करेगी तथा मौके पर ही खाद्य एवं पेय पदार्थों की प्राथमिक जांच कर अवगत कराएगी। गुरुवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट परिसर से वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन से कोई भी व्यक्ति या दुकानदार अपने खाद्य, पेय पदार्थो की जांच हाथों-हाथ तुरंत करा सकता है। यह वैन जनपद मुख्यालय बिजनौर के अलावा नजीबाबाद, धामपुर, नगीना व चांदपुर तहसीलों के अधिक से अधिक कस्बों में खाद्य व पेय पदार्थो की प्राथमिक जांच का कार्य करेगी।
गौरतलब है कि खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट की शिकायतें आम बात है। यही वजह है कि खाद्य विभाग समय-समय पर चेकिंग कर सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजता है। वहीं दुकानदारों या उपभोक्ताओं को भी अपनी खाद्य सामग्री या पेय पदार्थों की गुणवत्ता की सटीक जानकारी नहीं रहती है। इस कारण दिक्कतें आती हैं, लेकिन अब मोबाइल वैन से यह आसानी रहेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जनपद में विभिन्न स्थानों पर जाकर वैन में मौजूद कर्मी खाद्य पदार्थों की जांच करेंगे। यह वैन नगर पालिकाओं में खाद्य तथा पेय पदार्थों की मुफ्त जांच करेगी। केंद्र व प्रदेश सरकार की साझा योजना के आधार पर ये वैन प्रत्येक स्थान पर जाएगी। मिठाई, बर्फी, पेय पदार्थ आदि तैयार करने वाले दुकानदार अपनी मिठाई वैन पर लाकर जांच करा सकते हैं। उसके बाद दुकानदार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं। मोबाइल वैन आधुनिक है, इसके भीतर सैंपल टेस्टिंग मशीन लगी हुई है जो तत्काल खाने पीने के पदार्थों की गुणवत्ता को बताएगी।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के मामले में किसी भी प्रकार का दखल देने से इंकार करने के साथ याचिका दायर करने वाले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। ऐसे में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं के निस्तारण पर सब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थी। सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण को लेकर दाखिल सीतापुर जिले के दिलीप कुमार की 186 पन्ने की याचिका पर आज सुनवाई थी। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने आरक्षण को लेकर जो आदेश दिया है उसे बदला जाये। इस याचिका में दिलीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि 1995 को ही आधार वर्ष मानकर इस चुनाव के लिए सीटों का आरक्षण किया जाये। उन्होंने कहा है कि सरकार ने फरवरी में ऐसा ही करने का शासनादेश जारी किया था। इसको लेकर आरक्षण हो भी गया था, लेकिनबाद में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और 2015 को आधार वर्ष मानकर सरकार को नये सिरे से आरक्षण के आदेश दे दिये।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले ही बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट अर्जी भी दाखिल की थी। इसमें कहा गया कि कोर्ट इस याचिका पर कोई भी निर्णय करने से पहले एक बार उनका पक्ष भी जरूर सुने। कैविएट याचिका में प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि जब पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा तब कोर्ट में सरकार का भी पक्ष सुना जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कुछ दिन पहले ही पुरानी आरक्षण सूची पर रोक लगाते हुए 2015 के आधार पर चुनाव कराने को लेकर फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पहले राज्य सरकार ने कहा कि वह वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थीं।
लखनऊ। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में चार चरण में 15, 19, 26 तथा 29 अप्रैल को मतदान होगा। इसके बाद दो मई को मतों की गणना होगी। सभी 18 मंडल के एक-एक जिले में पहले चरण का चुनाव होगा। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही यूपी में आचार संहिता लग गई है।
कल से शुरू हो जाएगा नामांकन पत्रों का विक्रय- उत्तर प्रदेश में कल यानी शनिवार से नामांकन पत्रों का विक्रय होगा। पहले चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन तीन और चार अप्रैल को होगा। दूसरे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन सात और आठ अप्रैल को होगा। तीसरे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन 13 और 15 अप्रैल को होगा। चौथे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन 17 और 18 अप्रैल को होगा। पंचायत चुनाव के लिए तीन अप्रैल से पहले चरण का नामांकन शुरू हो जाएगा। प्रत्येक चरण में प्रत्याशियों को प्रचार के लिए करीब सप्ताह भर का समय मिलेगा।
पहले चरण में 15 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 18 जिलों में वोट पड़ेंगे। पहले चरण में सहारनपुर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, हाथरस, आगरा, कानपुर नगर, झांसी, महोबा, प्रयागराज, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, श्रावस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, जौनपुर व भदोही में मतदान होगा।
दूसरे चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में 20 जिलों में मतदान होगा। इसमें मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी तथा आजमगढ़ में मतदान होगा।
तीसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। इस चरण में भी 20 जिलों में वोट पड़ेंगे। इसमें शामली, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, कासगंज, फिरोजाबाद, औरैया, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव, अमेठी, बाराबंकी, बलरामपुर, चंदौली, सिद्धार्थनगर, देवरिया, मिर्जापुर तथा बलिया में मतदान होगा।
29 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान में 17 जिले के मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। चौथे चरण में हापुड़, बुलंदशहर, संभल, शाहजहांपुर, मथुरा, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, बांदा, कौशांबी, सीतापुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, सोनभद्र तथा मऊ में वोट पड़ेंगे।
कोरोना संक्रमण के कारण बढ़े मतदान केंद्र: राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव में इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फिजिकल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया है। इसी कारण मतदान स्थलों में इजाफा भी हो गया है। इससे पहले 2015 चुनाव में 179413 मतदान स्थल थे। 2021 में मतदान स्थलों की संख्या 203050 हो गई है। 2015 में 11.74 करोड़ मतदाता थे जबकि 2021 में मतदाताओं की संख्या 12.39 करोड़ हो गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 80,762 मतदान केंद्र तथा दो लाख 3050 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश के 12.39 करोड़ मतदाताओं में 53.01 प्रतिशत पुरुष तथा 46.99 प्रतिशत महिलाएं हैं।
चार जिलों की कुछ ग्राम पंचायत में नहीं होगा मतदान: प्रदेश के चार जिलों की कुछ ग्राम पंचायत में मतदान नहीं होगा।
गोंडा जिले में नौ(बहादुरा,खानपुर,सरावां,जलालपुर बल्लीपुर, मोहनपुर, साहिबापुर, परसिया,रामपुर व खरहटा), सीतापुर जिले में तीन(कैमहरा रघुवरदयाल व भटपुरवा) तथा बहराइच जिले में एक(कपूरपुर) ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा न होने के कारण यहां पर मतदान नहीं होगा। उधर बुलंदशहर में पांच ग्राम पंचायतों का विलय औद्योगिक क्षेत्र में होने के कारण वहां भी मतदान नहीं होगा।
एक नजर: प्रदेश में कुल 12 करोड़ 39 लाख मतदाता चार चरण में होने वाले मतदान में अपने अधिकार का प्रयोग करें। प्रदेश में 58,189 ग्राम पंचायत तथा सात लाख 32,563 ग्राम पंचायत वार्ड हैं। इसी तरह 826 क्षेत्र पंचायत तथा 75,855 क्षेत्र पंचायत वार्ड हैं। प्रदेश में 75 जिला पंचायत तथा 3,051 जिला पंचायत पद हैं।
यूपी: चार चरण में होंगे पंचायत चुनाव, 15 अप्रैल को होगी पहले फेज की वोटिंग लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने आज पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में पंचायत चुनाव होंगे। 15 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। दूसरा चरण 19 अप्रैल, तीसरा चरण 26 अप्रैल और चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा।
सभी 18 मंडल के एक-एक जिले में पहले चरण का चुनाव होगा। 2 मई को मतगणना होगी। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही यूपी में आचार संहिता लग गई है। सुप्रीम कोर्ट में आज आरक्षण मामले पर सुनवाई होगी।
चुनाव में गड़बड़ी करने वालों पर एनएसए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। चुनावों के दौरान सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम रहेंगे। जोनल मजिस्ट्रेटों को भी खास जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
शिक्षामित्रों का पंचायत चुनाव में ड्यूटी से इंकार शिक्षामित्र त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा कि सरकार की उपेक्षा से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी शिक्षामित्र ड्यूटी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। अल्प वेतन में शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के साथ चुनाव ड्यूटी का कार्य भी कराया जा रहा है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे शिक्षण कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे।
लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की उपस्थिति में कोविड हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक हुई सम्पन्न । स्मार्ट सिटी में हुई बैठक में समस्त हॉस्पिटल्स को पूर्व की भांति कोविड हॉस्पिटल में परिवर्तित करने के लिए हुई बैठक। कोविड रोगियों के त्वरित उपचार व देखभाल हेतु अचूक रणनीति बनाई गई। कोविड पॉज़िटिव रोगियों को बिना वक्त गवाए किया जाएगा एडमिट। सभी कोविड-19 हॉस्पिटल्स पर नोडल अधिकारी रखेंगे नजर ,लेंगे रोगियों से फीडबैक, देंगे डेली रिपोर्ट।
यूपी पंचायत चुनाव-2021, ग्राम-प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए निर्वाचन आयोग ने जारी किए चुनाव चिह्न।
लखनऊ(उत्तर प्रदेश)। यूपी में आगामी दिनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अपनी दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिन्हों की सूची जारी कर दी है।आयोग के अनुसार इस बार के पंचायत चुनाव में 2010 में जारी चुनाव चिन्हों का ही प्रयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए कुल 48 चुनाव निशान निर्धारित किए गए हैं जबकि जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 45 निशानों का विकल्प होगा। गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से जोरशोर से पूरी तैयारी की जा रही है। सभी पदों के लिए पर्याप्त मतपत्र मंगाए जा चुके हैं। चुनाव चिन्हों का निर्धारण भी हो चुका है। इस बार प्रधानी के दावेदार जहाँ तोप, त्रिशूल, खड़ाऊं जैसे चुनाव चिन्हों के साथ मैदान में उतरेंगे तो वहीं जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार आरी, गिलास, कैंची जैसे निशान पर मतदाताओं से मुहर लगाने की अपील करते नजर आएंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्य(बीडीसी) के लिए भाग्य आजमाने मैदान में उतरे प्रत्याशियों को तलवार और शहनाई जैसे चुनाव चिन्हों का प्रचार करना होगा। बीडीसी सदस्य पद के प्रत्याशियों को 36 प्रकार के चिन्हों में से चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 18 प्रकार के चुनाव निशान तय किए गए हैं। अधिकतर चुनाव निशान ऐसे हैं, जिनका हमारे रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होता है और लोग उन निशानों से भलीभाँति परिचित होते हैं। पंचायत चुनाव में वर्षों से चले आ रहे चुनाव निशान जैसे अनाज ओसाता हुआ किसान, इमली व कन्नी इस बार भी नजर आएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात का साधन रहा “तांगा” भी इस बार चुनाव चिन्ह के रूप में प्रयोग किया जाएगा। किसी भी प्रत्याशी के पास चुनाव चिन्हों को चयन का विकल्प नहीं होगा। नियमानुसार नाम के पहले अक्षर के अनुसार ही प्रत्याशियों को निर्वाचन अधिकारी की ओर से ही चुनाव निशान आवंटित किए जाएंगे। अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार इन्हीं में से क्रमवार ऊपर से नीचे की ओर चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
ग्राम-प्रधान पद के प्रत्याशियों के लिए निर्धारित चुनाव चिह्न- अनाज ओसाता हुआ किसान, इमली, कन्नी, कार, किताब, कैमरा, कैरम बोर्ड, कोट, खड़ाऊं, गदा, गले का हार, घंटी, चारपाई, चूड़ियां, छत का पंखा, टेबिल लैंप, टोकरी, डेस्क, ड्रम, तांगा, तोप, त्रिशूल, दरवाजा, धनुष, धान का पेड़, पत्तियां, पहिया, पालकी, पुल, फावड़ा, फुटबाल, फूल और घास, बल्लेबाज, बस, बांसुरी, बाल्टी, बिजली का खंभा, बिजली का बल्ब, बेंच, बैलगाड़ी, भवन, भुट्टा, मोटरसाइकिल, मोमबत्ती, रिंच, लिफाफा, वायुयान, हथौड़ा।
क्षेत्र पंचायत सदस्य(बीडीसी) पद के प्रत्याशियों के लिए निर्धारित चुनाव चिन्ह- अनार, अलाव और आदमी, अंगूठी, आटा चक्की (चकिया), ईंट, कड़ाही, कांच का गिलास, कुंआ, केला का पेड़, गुल्ली-डंडा, गेंद और हाकी, चकला बेलन, चिड़िया का घोसला, जीप, टार्च, टेबिल फैन, टैंक, टोपी, तलवार, दमकल (आग बुझाने की गाड़ी), नारियल, पतंग, पानी का जहाज, प्रेस, फ्राक, भगौना, रेल का इंजन, लड़का-लड़की, लेटर बाक्स, शहनाई, सरौता, सिलाई मशीन, स्टूल, स्लेट, हंसिया, हारमोनियम।
जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए निर्धारित चुनाव चिह्न- आरी, उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम और दवात, कुल्हाड़ी, केतली, कैंची, क्रेन, खजूर का पेड़, गमला, गिटार, घुड़सवार, चश्मा, छड़ी, छाता, झोपड़ी, टाइपराइटर, टेलीफोन, टेलीविजन, ट्रैक्टर, ढोलक, तरकस, तराजू, ताला-चाबी, थरमस, नाव, पिस्टल, फसल काटता किसान, फावड़ा-बेल्चा, बल्ला, मछली, रेडियो, रोड रोलर, लट्टू, लाउड स्पीकर, वृक्ष, शेर, सितारा, सिर पर कलश लिए स्त्री, सीटी, सैनिक, स्कूटर, हाथ-ठेला, हल, हेलीकाप्टर।
ग्राम पंचायत सदस्य(सरपंच) पद के प्रत्याशियों के लिए निर्धारित चुनाव चिन्ह- आम, ओखली, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, घड़ा, डमरू, तंबू, नल, पेंसिल, फरसा, बंदूक, बैडमिंटन का बल्ला, ब्रुस, ब्लैकबोर्ड, रिक्शा, शंख, सुराही।
बिजनौर। गैंगस्टर में वांछित नगर पालिका परिषद किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान की जमानत मंज़ूर हो गई।
गैंगस्टर में वांछित किरतपुर चैयरमेन अब्दुल मन्नान ने बुधवार दोपहर बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम में बिजनौर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। गुरुवार की शाम अब्दुल मन्नान को ज़मानत मिल गई। गुरुवार की शाम अब्दुल मन्नान ज़मानत मिलने पर जैसे ही अपने निवास स्थान पहुंचे तो उनके समर्थकों की भीड़ लग गई। गौरतलब है कि बुधवार को अब्दुल मन्नान के आत्मसमर्पण के समय जजी के बाहर पुलिस ने 6 बदमाशो को गिरफ्तार किया था। आशंका व्यक्त की जा रही थी कि उक्त बदमाश मन्नान की हत्या करने के फिराक में थे। अब्दुल मन्नान के आत्मसमर्पण का मुद्दा सोशल मीडिया पर भी खूब छाया रहा।
देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर आई है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और दिल्ली के टॉप मोस्ट बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। लाखों के ईनामी दो कुख्यात बदमाशों को गोली मारकर दबोच लिया गया है। गुरुवार तड़के हुए इस एनकाउन्टर में क्राइम ब्रांच की महिला सब इंस्पेक्टर प्रियंका ने 4 लाख के ईनामी बदमाश रोहित चौधरी के पैर में गोली मारी।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान (भैरो सिंह रोड) के पास दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और दिल्ली के टॉप मोस्ट बदमाशों के बीच मुठभेड़ में दो कुख्यात ईनामी बदमाशों को दबोचा गया है। मुठभेड़ में घायल साउथ दिल्ली इलाके का कुख्यात इनामी बदमाश रोहित चौधरी व उसका साथी टीटू शामिल हैं। इस एनकाउन्टर में क्राइम ब्रांच की महिला सब इंस्पेक्टर प्रियंका ने ही 4 लाख के ईनामी बदमाश रोहित चौधरी के पैर में गोली मारी। पुलिस एक अर्से से उसकी तलाश में थी। एनकाउन्टर में घायल दूसरे बदमाश टीटू पर 2 लाख का ईनाम है।
पुलिस के मुताबिक रोहित ने पहले फायरिंग की जो प्रियंका और एसीपी पंकज सिंह के बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। इसके बाद प्रियंका ने उसका पीछा करते हुए बदमाशों के पैर में गोली मार दी। प्रियंका पिछले तीन महीने से अपनी टीम के साथ रोहित चौधरी को ट्रेस कर रहीं थीं। बताया गया है कि दिल्ली में ऐसा शायद ही देखने को मिला हो कि कोई महिला पुलिसकर्मी एनकाउन्टर में शामिल हुई हो और उसने मुठभेड़ में किसी बदमाश को गोली मारी हो।
24 और 25 मार्च की रात को पुलिस को विशिष्ट जानकारी मिली थी कि गैंगस्टर रोहित चौधरी अपने सहयोगी के साथ ब्लू रंग की ग्लेंजा कार में भैरो मार्ग पर आएगा। इस सूचना पर भैरो मार्ग पर पार्किंग के पास जाल बिछाया गया। सुबह करीब 4:50 बजे एक ब्लू कलर की कार रिंग रोड की तरफ से आती हुई दिखाई दी, कार को बैरिकेड लगाकर रुकने के लिए कहा गया, लेकिन ड्राइवर ने बैरिकेड को टक्कर मार दी और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलाने लगा। पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। बदमाशों द्वारा चलाई गई एक गोली एसीपी पंकज की बुलेट प्रूफ जैकेट पर और दूसरी गोली एसआई प्रियंका के बीपी जैकेट पर लगी। इसके बाद प्रियंका ने बदमाशों को गोली मार दी। दोनों गैंगस्टर के पैर में चोटें आईं। पीसीआर वैन ने उन्हें तुरंत आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों आरोपी मकोका मामले के साथ-साथ कई अन्य हत्याओं और डकैती के मामलों में वांछित थे।
अटल पेंशन योजना- कम से कम पैसे का निवेश कर पेंशन की पूरी गारंटी पाने के सबसे बेहतर विकल्प के रूप में अटल पेंशन योजना को सबसे बेहतर पेंशन स्कीम कहा जा सकता है। सरकार इस योजना में निवेश करने पर 1000 से 5000 रुपये प्रति महीना पेंशन की गारंटी लाभान्वितों को देती है। हालांकि अभी 40 साल तक की उम्र के महिला-पुरुष ही अटल पेंशन योजना के लिए लाभुक के तौर पर आवेदन कर सकता है। अटल पेंशन योजना के तहत 18 साल से अधिक का कोई भी व्यक्ति पेंशन पाने का हकदार होगा। अब अधिकतम आयु 40 से और अधिक बढ़ाए जाने की सुगबुगाहट है।
ऐसे शुरू करें निवेश-अटल पेंशन योजना से जुड़ने के बाद आप अपने अकाउंट में हर महीने एक तय राशि का योगदान करें। इससे 60 साल पूरे होने के बाद या रिटायरमेंट के बाद आपको एक हजार से लेकर 5 हजार रुपये प्रति माह तक पेंशन मिलने लगेगी। सरकार के नियमों के मुताबिक अगर छह महीने में 1239 रुपये अटल पेंशन स्कीम में डाला जाता है, तो लाभुक को 60 साल उम्र पूरी हो जाने के बाद जीवनभर 5000 रुपये प्रति माह या फिर 60000 रुपये सालाना पेंशन की गारंटी मिल जाती है।
देने होंगे हर महीने 210 रुपए-अगर 18 साल की उम्र में कोई नौजवान अटल पेंशन योजना से जुड़ता है। और वह प्रति महीने इसमें 210 रुपये निवेश करता है, तो उसे 60 साल उम्र पूरी होने पर अधिकतम 5 हजार रुपये महीना पेंशन मिलेगी। हर महीने 210 रुपये, हर तीन महीने पर 626 रुपये या फिर छह महीने पर 1239 रुपये जमा करने का विकल्प अटल पेंशन योजना में लाभुकों को दिया गया है। अगर आप महीने में सिर्फ 42 रुपये जमा करते हैं, तो 1000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने के हकदार होंगे।
कैसे लें योजना का लाभ- अटल पेंशन योजना में प्रति महीने 5000 रुपये के हिसाब से सालाना कुल 60000 रुपये पेंशन प्राप्त की जा सकती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए हर महीने एक तय रकम आवेदक को जमा कराना होता है। इस योजना को आप अपने बैंक खाते के साथ ही संबंधित बैंक में शुरू कर सकते हैं। बताया गया है कि अटल पेंशन योजना का मकसद समाज के हर तबके के अधिकतम लोगों को पेंशन के दायरे में लाना है।
अभी18 से 40 वर्ष तक के लोगों को मिलता है लाभ– अभी 18 से 40 वर्ष तक के लोगों को अटल पेंशन योजना का लाभ मिलता है। हालांकि, पेंशन निधि विनियामक व विकास प्राधिकरण ने केंद्र सरकार से अटल पेंशन योजना का दायरा बढ़ाने के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है। संभव है सरकार अप्रैल के पहले हफ्ते में इस पर बड़ा फैसले का एलान कर दे।
कम उम्र में जुड़ने पर फायदा मिलेगा अधिक- कम उम्र में जुड़ने पर अटल पेंशन योजना में फायदा अधिक मिलेगा। उदाहरण के तौर पर देखें तो हर महीने 5 हजार रुपये पेंशन पाने के लिए अगर 35 साल का कोई व्यक्ति इस स्कीम में जुड़ता है, तो उसे 25 साल तक हर 6 महीने में 5323 रुपये या फिर सालाना 10646 रुपये का निवेश करना होगा। इस तरह 25 साल में अटल पेंशन योजना में इस व्यक्ति का कुल निवेश 2 लाख 66 हजार रुपये होगा। इस तरह 5 हजार रुपये मासिक पेंशन पाने के लिए अगन कोई युवक 18 साल की उम्र में जुड़ता है, तो उसका इस योजना में कुल निवेश सिर्फ 1 लाख 4 हजार रुपये ही होगा। ऐसे में जितनी कम उम्र में निवेश करें, उतना ही फायदा होगा।
अटल पेंशन योजना से जुड़ी खास बातें
इस योजना में कुल 3 तरह का प्लान है। मासिक, तिमाही या छमाही पैसे जमा कर सकते हैं।
60 साल उम्र पूरी हो जाने के बाद अधिकतम 5000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी।
यह योजना राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत तमाम सरकारी व प्राइवेट बैंकों में चलाई जा रही है।
अटल पेंशन योजना में निवेश करने पर इनकम टैक्स में छूट हासिल की जा सकती है।
एक व्यक्ति सिर्फ एक बार ही इस योजना का लाभ उठा सकता है।
इस योजना में जुड़ने पर शुरुआती 5 साल सरकार भी आपके लिए अंशदान करेगी।
60 साल उम्र पूरी होने से पहले या बाद में मौत हो जाने पर पत्नी को पेंशन मिलेगी।
अटल पेंशन योजना में नॉमिनी भी रख सकते हैं। लाभुक की मौत के बाद उसे पेंशन मिलेगी।
लखनऊ। हाईकोर्ट के 15 मार्च के आदेश पर पंचायतों में दोबारा तय हुए आरक्षण के बाद आपत्तियों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। 11 फरवरी को तय किए गए आरक्षण के क्रम में 3 मार्च को प्रकाशित हुई पहली सूची के मुकाबले इस बार 20 से 22 मार्च के बीच प्रकाशित पहली सूची पर कई जिलों में दोगुना आपत्तियां और दावे दाखिल किये गये हैं। आरक्षण और सीटों के आवंटन से कई जिलों के ग्रामीण जनप्रतिनिधि खुश नहीं हैं।
इनमें से सबसे ज्यादा आपत्तियां व दावे ग्राम प्रधान पद के लिए हैं, इसके बाद जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए दावे व आपत्तियां दाखिल हुई हैं। इनके निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। गुरूवार से शुक्रवार के बीच इनका निस्तारण कर अंतिम सूचियां प्रकाशित कर दी जाएंगी। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के अनुसार आज और कल इन दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। कुछ जिलों में कल से ही अंतिम सूचियों का प्रकाशन भी शुरू हो जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत इन अंतिम सूचियों को 26 मार्च तक जारी किया जाना है। उसी दिन सभी जिलों से आरक्षित व अनारक्षित की गयी सीटों का पूरा ब्यौरा पंचायतीराज निदेशालय को भेज दिया जाएगा और निदेशालय भी उसी दिन राज्य निर्वाचन आयोग को यह ब्यौरा सौंप देगा।
कहां कितनी आईं दावे और आपत्तियां जिला पिछली बार इस बार प्रयागराज 900 2000 लखनऊ 671 1000 से अधिक बाराबंकी 537 936 बहराइच 357 704 गोण्डा 907 953 मेरठ 475 370 शामली 140 128
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाताओं को लुभाना, भरमाना प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है। किसी भी तरह से मनमाना खर्च पर रोक लगाते हुए राज्य चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। आयोग ने चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के खर्च की निगरानी के लिए जिलाधिकारियों (जिला चुनाव अधिकारियों) को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला मजिस्ट्रेटों से कहा है कि उम्मीदवारों के खर्च के बारे में चुनाव खर्च की निगरानी के लिए उनकी अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन करें।
जिला समिति क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव खर्च की निगरानी करेगी। प्रधान पद के लिए तहसील स्तर पर उप जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति होगी। चुनाव की घोषणा तक नामांकन दाखिल करने की तिथि से, उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप के खाता रजिस्टर में दैनिक चुनाव खर्च का विवरण लिखना होगा। ग्राम पंचायत सदस्य के अलावा अन्य पदों के उम्मीदवारों को भी चुनाव खर्च के लिए एक अलग बैंक खाता खोलना होगा। चुनाव समाप्त होने के तीन महीने के भीतर, उम्मीदवारों को वाउचर के साथ खाता रजिस्टर समिति को प्रस्तुत करना होगा। यदि जांच में व्यय को अधिकतम व्यय सीमा से अधिक पाया जाता है, तो संबंधित उम्मीदवार की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
10 हजार से चार लाख तक की सीमा-राज्य निर्वाचन आयोग ने विभिन्न पदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा को वर्ष 2015 के चुनावों के समान ही रखा है। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 10 हजार, प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के लिए 75 हजार, जिला पंचायत सदस्य के लिए 1.50 लाख, ब्लॉक प्रमुख के लिए दो लाख, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चार लाख रुपए तक ही खर्च किए जा सकेंगें। इस बार ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन की राशि 150 रुपए होगी, जबकि प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 300, जिला पंचायत सदस्य के लिए 500, ब्लॉक प्रमुख के लिए 800 और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 1500 रुपए रखा गया है। आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन राशि आधी होगी।
पूर्व राज्यमंत्री के भट्टे से आजाद कराए बंधक मजदूर
बिजनौर। पूर्व राज्यमंत्री कुतुबुद्दीन अंसारी के नूरपुुर क्षेत्र में स्थित भट्टे पर कथित तौर पर बंधक मजदूरों को पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने रिहा करा कर उनके घर भिजवा दिया।
जानकारी के अनुसार पूर्व राज्यमंत्री कुतुबुद्दीन अंसारी का नूरपुुर क्षेत्र में सैदपुर चौराहे पर ईंट भट्टा है। वहां पर मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा तहसील के विभिन्न गांवों से महिलाओं और बच्चों के साथ कुछ व्यक्ति मजदूरी करने आए थे। मुरादाबाद के थाना भोजपुर के गांव आदमपुर निवासी सलीम अहमद ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को पत्र भेजकर करीब 15 व्यक्तियों को बंधक बनाकर मजदूरी कराने का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र में सलीम ने कहा कि भट्टा स्वामी न तो उन्हें बाहर जाने देता है और न ही मजदूरी के पैसे देता है। मजदूरों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर मंगलवार को श्रम निरीक्षक एसके सिंह, नायब तहसीलदार ब्रजेश कुमार व वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवकुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर बंधक बनाए मजदूरों के बयान दर्ज किए और उन्हें उनके घर भिजवा दिया।
शाहनवाज गैंग के छह बदमाश पुलिस ने जजी के बाहर से दबोचे किरतपुर चेयरमैन मन्नान की हत्या का था प्लान!
बिजनौर। पुलिस ने बुधवार को जजी के बाहर से शाहनवाज गैंग के छह बदमाशों को दबोच लिया। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि गोकशी व गैंगस्टर के मामले में बुधवार को किरतपुर के नगर पालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान कोर्ट में पेश होने आए थे। पकड़े गए बदमाश मन्नान की हत्या के इरादे से कोर्ट के बाहर पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश कार में सवार होकर आए थे, हालांकि इससे पहले ही उन्हें दबोच लिया गया। पकड़े गए बदमाशों से पुलिस पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि मन्नान के भांजे ने शूटरों के साथ शाहनवाज की सीजेएम कोर्ट में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। वहीं गोकशी के मामले में अब्दुल मन्नान ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। स्टे की अवधि खत्म होने पर अब्दुल मन्नान कोर्ट में पेश होने आए थे।
अंग्रेजी शराब ठेके से उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद। पंचायत चुनाव में खपाने की थी योजना। सेल्समैन व महिला अनुज्ञापी के खिलाफ केस दर्ज।
बिजनौर। आबकारी विभाग व नूरपुर पुलिस ने छापामारी कर अंग्रेजी शराब की दुकान से उत्तराखंड की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद किया है। इस मामले में दुकान के सेल्समैन के अलावा महिला अनुज्ञापी के विरुद्ध राजस्व हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया गया है। उक्त शराब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खपाने की योजना थी। जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली धामपुर मार्ग स्थित ग्राम ऊमरी स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद हो सकती है। इस पर गठित टीम में आबकारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, नूरपुर पुलिस के एसआई राजकुमार वर्मा ने उक्त दुकान पर छापेमारी कर उत्तराखंड राज्य की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद कर लिया। छापेमारी के दौरान दुकान परअवैध रूप से बेचने के लिए लाई गई उत्तराखंड प्रदेश की 60 बोतल, 69 अद्धे एवं 91 पव्वे बरामद किए गए। इसके अलावा टीम ने दुकान पर उत्तर प्रदेश में बिक्री की 319 बोतल, 575 अद्धे एवं 1725 पव्वे भी जब्त कर लिए। मौके से दुकान सेल्समैन छात्रपाल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी चौहड़पुर थाना बछरायूं जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया गया। आबकारी निरीक्षक ने दुकान के सेल्समैन छत्रपाल सिंह और अनुज्ञापी चित्रा देवी पत्नी सुधीर कुमार निवासी ढक्का कर्मचंद धामपुर के विरुद्ध राजस्व को हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि क्षेत्र में लगातार शराब माफिया खुलेआम अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। शराब माफिया को किसी बात का डर या खौफ नजर नहीं आता। क्षेत्र में कई शराब माफिया करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं ।
छापामारी में लाखों का मिलावटी दूध बरामद, पिता-पुत्र गिरफ्तार। दुग्ध निर्माता कंपनी अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को साथ लेकर मारा छापा। एसडीएम नजीबाबाद के नेतृत्व में व्यापारी के प्रतिष्ठान के बाद आवास पर पहुंची टीम-टीम ने मिलावटी दूध तैयार करने को रखी सामग्री तब्जे में लेकर की सील।
बिजनौर। एक दुग्ध निर्माता कंपनी के अधिकारी व अधिवक्ता की शिकायत पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक व्यापारी के प्रतिष्ठान व आवास पर छापा मारकर लाखों रुपए का दुग्ध पाउडर, दूध पाउडर बनाने के लिए मिलाई जाने वाली सामग्री तथा रैपर आदि जब्त कर सील कर दिए। टीम ने नकली दुग्ध पाउडर निर्माण व बिक्री करने के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार दोपहर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों और पुलिस की टीम ने बाजार कल्लूगंज मोरी क्षेत्र में एक दुकान पर छापा मारा। इस दौरान दुकान पर विशाल गुप्ता पुत्र विजय गुप्ता निवासी मोहल्ला सब्नीग्रान मौजूद था। टीम के साथ पहुंचे मधुसूदन दुग्ध पाउडर निर्माता कंपनी के नोएडा से आए सेल्स एक्ज्यूकेटिव जितेन्द्र सिंह तथा कंपनी के अधिवक्ता नीरज पाल ने दुकानदार विशाल गुप्ता से दूध पाउडर की बड़ी खेप खरीदने की बात की। इस पर उसने बताया कि बड़ी सप्लाई का काम वह घर से करते हैं। इसके बाद उक्त टीम व्यापारी के पुत्र को साथ लेकर मोहल्ला सब्नीग्रान स्थित विजय गुप्ता पुत्र राम निवास के आवास पर पहुंच गयी। जहां छापामार टीम को जानकारी हुई कि व्यापारी पारस दूध पाउडर के पैकेट को नीचे की ओर से काटकर उसमें माल्टर नाम का कैमिकल तथा मक्की का आटा मिलाकर पुन: पारस व मधुसूदन कंपनी के दूध पाउडरों के पाउच में पैक कर बेच देते थे। व्यापारी के यहां से काफी मात्रा में मधुसूदन दूध पाउडर के खाली रैपर, 85 कट्टे कैमिकल, 365 कट्टे पारस मिल्क पाउडर तथा खुले हुए पाउच मिले। टीम ने घंटों की छानबीन के बाद 28 लाख 27 हजार रुपए के माल व कैमिकल के बिल मिलने की बात कही है।
मिल्क पाउडर निर्माता मघुसूदन कंपनी के अधिकारी ने कहा कि कंपनी के नाम से नकली दूध पाउडर बेचे जाने की सूचना के आधार पर करीब एक सप्ताह पूर्व उन्होंने उक्त व्यापारी से अपनी कंपनी के दूध पाउडर के कुछ पाउच खरीदे थे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। जांच में उक्त पाउच में मिलावटी मिल्क पाउडर होना पाया गया। इस आधार पर कंपनी ने प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्यवाही किए जाने की मांग की थी। उक्त टीम ने छापामारी में मिले सभी सामान को सील कर दिया। साथ ही व्यापारी विजय गुप्ता व उसके पुत्र विशाल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। छापामारी करने वाली टीम में पुलिस क्षेत्राधिकारी गजेन्द्र पाल सिंह, नायब तहसीलदार राजीव यादव, कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह, खाद्य निरीक्षक रामवीर सिंह व पंकज कुमार तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
प्रधान पद पर ७४९, जिला पंचायत पर आईं ५७ आपत्तियां आज निस्तारण के बाद कल होगा सूची का अंतिम प्रकाशन
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण पर आपत्तियों के अंतिम दिन मंगलवार को प्रधान पद के लिए 749, जिला पंचायत के लिए 57 व बीडीसी के लिए 24 आपत्तियां आईं। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 6आपत्तियां दाखिल हुई हैं। 25 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण कर आरक्षण का अंतिम प्रकाशन 26 मार्च को कर दिया जाएगा। 20 मार्च को आरक्षण के अनंतिम प्रकाशन के बाद 23 मार्च तक आरक्षण पर आपत्तियां आनी थीं। अंतिम दिन मंगलवार तक प्रधान पद के लिए 749 व जिला पंचायत के लिए 57 आपत्तियां प्राप्त हुईं। वहीं बीडीसी के लिए 24 आपत्तियां आईं। कमेटी में शामिल डीएम रमाकांत पांडेय, सीडीओ केपी सिंह, एएमए श्यामबहादुर शर्मा और डीपीआरओ सतीश कुमार 24 व 25 मार्च को आपत्तियों का निस्तारण कर 26 मार्च को आरक्षण का प्रकाशन करेंगे। वहीं इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की ओर भी लोगों की नजर लगी हुई है। २६ को ही आरक्षण की फाइनल सूची का प्रकाशन होगा वहीं इस संबंध में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी इसी दिन आना है। कुछ लोग आशंका भी जता रहे हैं कि कहीं पहले की तरह आरक्षण के प्रकाशन पर रोक न लग जाए।
यूपी पंचायत चुनाव में जारी आरक्षण लिस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। शुक्रवार को ही फाइनल आरक्षण सूची भी जारी होनी है। इसलिये अब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार सभी को है।
हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सीताराम बिसवां के दिलीप कुमार ने वकील अमित कुमार सिंह भदौरिया के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पुरानी आरक्षण सूची पर रोक लगाते हुए 2015 के आधार पर चुनाव कराने को लेकर फैसला सुनाया था। राज्य सरकार ने कहा कि वह साल 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है और अब उसी को आधार मानकर अंतरिम आरक्षण सूची भी जारी कर दी गई है। इस समय आरक्षण लिस्ट पर आई आपत्तियों के निस्तारण का काम चल रहा है। 26 मार्च को फाइनल आरक्षण लिस्ट जारी होनी है। इसलिये अब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार सभी को है।
किशोर-किशोरियों के साथ हिंसा समुदाय को नहीं स्वीकार- ब्रेकथ्रू का सर्वे लड़कियों की बाहर आने-जाने की दर में भी 37 फीसदी का इजाफा पीढ़ियों के बीच हिचक घटी, किशोर-किशोरियों के साथ अब हो रही है खुलकर बात
लखनऊ। (24 मार्च 2021) किशोर-किशोरियों के साथ हिंसा को लेकर अब समुदाय आवाज उठाने लगा है, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सभी के लिए अस्वीकार बनाने के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ब्रेकथ्रू के सर्वे में यह सामने आया है कि 21 फीसदी लोगों को किशोर-किशोरियों या किसी भी लिंग के साथ हिंसा अब स्वीकार नहीं है वह अब खुलकर हिंसा के मुद्दे पर बात करने लगे हैं। यह ताजा आकड़ें ब्रेकथ्रू के किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘दे ताली’ के इंडलाइन सर्वे से आए हैं। यह सर्वे आज ब्रेकथ्रू की सीईओ सोहिनी भट्टाचार्य, प्रोग्राम डायरेक्टर, नयना चौधरी और स्टेट लीड (उत्तर प्रदेश) कृति प्रकाश ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के साथ साझा किए।
ब्रेकथ्रू का कार्यक्रम अब देश के 6 राज्यों में- ब्रेकथ्रू की सीईओ सोहिनी भट्टाचार्य ने कहा कि सर्वे के परिणामों से हम बहुत उत्साहित हैं, हमें खुशी है कि हम इस कार्यक्रम के माध्यम से किशोर-किशोरियों के जीवन में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य का वातावरण बना पाए वहीं उनके साथ होने वाली लिंग आधारित भेदभाव व हिंसा जैसे मुद्दे पर एक प्रभावी संवाद शुरू कर पाए। महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाली हिंसा को समाप्त करने अपनी मुहिम को जारी रखते हुए ब्रेकथ्रू किशोर-किशोरियों के साथ अपने कार्यक्रम को अब पंजाब लेकर जा रहा है। वहां पर हम पंजाब सरकार के साथ मिलकर किशोर-किशोरियों के साथ जेंडर के मुद्दे पर काम शुरू कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में हुआ सर्वे, 11-22 आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों के साथ हुआ सर्वे
उत्तर प्रदेश के 6 जिलों लखनऊ, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, जौनपुर और गाजीपुर में 11-22 आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों के साथ किया गया। इसके आंकड़ों का साझा करते हुए ब्रेकथ्रू की स्टेड लीड (उत्तर प्रदेश ) कृति प्रकाश ने बताया कि 2015 में इन जिलों में हम लोगों ने किशोर-किशोरियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, लिंग आधारित भेदभाव जैसे मुद्दों पर काम करना शुरू किया था, जिसके सुखद परिणाम हमारी इंडलाइन सर्वे में देखने को मिले।
किशोरियों की मोबिलिटी बढ़ी, पढ़ाई हो या काम- घर से बाहर निकलना हुआ आसान
उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियों के स्कूल व काम आदि के लिए बाहर (मोबिलिटी) निकलने की दर में भी इजाफा हुआ है। लड़कियों में यह वृद्धि दर 37 फीसदी देखी गई वहीं लड़को में 8 फीसदी रही। साथ ही किशोर-किशोरियों में खाली समय (आराम का समय) में भी 40 फीसदी का इजाफा देखा गया। खास तौर से लड़कियों के लिए यह समय जो पहले 2.97 घंटा था वो अब बढ़ कर 4.16 घंटा हो गया।
पीढ़ियों के बीच खुलकर होने लगी बात, माता-पिता भी समझने लगे अपने बच्चों की बात
ब्रेकथ्रू की प्रोग्राम डायरेक्टर नयना ने कहा कि किशोर-किशोरियों की शिक्षा का मुद्दा हो उनके साथ लिंग आधारित भेदभाव, हिंसा व स्वास्थ्य आदि का मुद्दा हर जगह हमने देखा कि यह सब उनकी कंडीशनिंग का हिस्सा है, जो एक कल्चर के रूप में उनके जीवन का हिस्सा बन कर रूढीवादी मान्यताओं को बढ़ावा भी देता है, इसलिए हमने अपनी रणनीति में इन मान्यताओं को बदलकर किशोर-किशोरियों के हित में करने की रणनीति बनाई। हमारा टीकेटी पाठ्क्रम हो, या समुदाय आधारित कार्यक्रम सभी में रूढीवादी मान्यताओं को चिन्हित करके उसमे बदलाव लाने का प्रयास शुरू किया गया, जिसके उत्साहजनक परिणाम आप सभी के सामने हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने जब काम शुरू किया था तब हमने देखा कि किशोर-किशोरियों की अपने माता-पिता अन्य बड़े-बुजुर्गों से बातचीत बहुत कम होती थी, वह अपनी बातें उनसे नहीं कह पाते थे, ब्रेकथ्रू ने इस कल्चर को बदलने की सोची और उनके बीच के संवाद का एक ब्रिज तैयार किया। इसका असर ये हुआ कि इंटरजेंडर कम्युनिकेशन में 100 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ। जो बेसलाइन के 33 फीसदी से बढ़कर 69 फीसदी हो गया है। साथ ही किशोर-किशोरियों में अपनी आवश्यकताओं व जरूरतों को लेकर परिजनों से जो बातचीत में भी 25 फीसदी का इजाफा देखा गया।
किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता बढ़ी
किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रों को जाने की दर में भी 10 फीसदी का इजाफा हुआ। यह पहले 44 था जो बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया। वहीं किसी भी तरह से स्वाथ्य केंद्रों पर जाकर या बिना जाए भी स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ लेने की दर भी बेसलाइन सर्वे के 18 फीसदी से बढ़कर 56 फीसदी हो गया।
मेरठ। सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसाली बस अड्डे के सामने होटलों पर देर रात कस्टमर बनकर पहुंचे एएसपी कैंट सूरज राय ने छापा मारा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। मौके से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। छापे की भनक लगते ही आसपास के होटलों में हड़कंप मच गया।
एएसपी सूरज राय देर रात करीब सवा दस बजे सादा कपड़ों में कुछ पुलिसकर्मियों के साथ रोडवेज बस अड्डे के सामने होटल पर पहुंचे। उन्होंने ग्राहक की तरह वहां बैठ कर बीयर का आर्डर किया। कुछ ही देर में बीयर उनके सामने टेबल पर थी। इसके बाद वह कुछ पुलिसकर्मियों के साथ अन्य होटलों में भी ग्राहक बनकर पहुंचे और इसी प्रकार दोहराया। अवैध शराब बेचे जाने का मामला पुष्ट होते ही एएसपी ने इंस्पेक्टर सदर बाजार विजेंद्र पाल राणा को फ़ोर्स के साथ बुला लिया। वहीं एकाएक पुलिस को देखकर होटलों में शराब पी रहे लोग व कई होटल संचालक भाग निकले। पुलिस ने तीन होटलों से कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
एएसपी कैंट सूरज राय के अनुसार होटलों के अंदर जमकर शराब की बिक्री के साथ परोसी भी जा रही थी। उनकी आंखों के सामने ही धड़ाधड़ शराब बिक रही थी। जैसे ही पुलिस एक्शन में आई, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। खाना खाते कई लोग भी खाना छोड़ कर भाग खड़े हुए। एएसपी ने होटल सील कर दिया। कई होटल मालिकों, कर्मचारियों व ग्राहकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है।
तीन होटल लाभ महल, खालसा और शेरे-पंजाब पर कार्रवाई की गई। दिल्ली-हरियाणा की शराब भी बरामद की गई है। गोदाम कहीं और बनाया हुआ है, वहीं से शराब लाई जा रही है। संबंधित होटल संचालकों पर कार्रवाई की जा रही है। – सूरज राय, एएसपी कैंट
Indian Navy से रिटायर्ड Commissioned Officer – Commander (Lt. Col.) व आशाराज फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री आरपी सिंह Indevin Times के संरक्षक समिति के सदस्य बने।
भारतीय नौसेना से रिटायर्ड Commissioned Officer, Commander (Lt. Col.) व आशाराज फाउंडेशन के अध्यक्ष आरपी सिंह को Indevin Times की संरक्षक समिति का सदस्य बनाया गया है।
आशाराज फाउंडेशन के कार्यालय पर उन्हें इंडेविन टाइम्स का आईडी पहनाकर संरक्षक समिति में शामिल किया गया। इस अवसर पर श्री आरपी सिंह ने इंडेविन टीम को स्वर्णिम विजय वर्ष की एक पुस्तक भी भेंट की।
कार्यक्रम के दौरान इंडेविन टाइम्स के संपादकीय मंडल से शुभम त्रिवेदी, आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी, अनिल त्रिपाठी, रजत पाल, महाप्रबंधक अनुपम त्रिवेदी, सर्कुलेशन हेड मुकेश उपाध्याय ब्यूरो चीफ शिवम शर्मा, सुरेश कश्यप, अखिल त्रिपाठी व शिव कुमार पांडेय आदि ने श्री सिंह का माल्यार्पण किया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को जनपद बिजनौर मुख्यालय पर ग्राम रशिदपुर गढ़ी में काले झंडे दिखाने और उनकी गाड़ी के शीशे पर मुक्का मारने की घटना की धमक आगामी दिनों में सुनाई दे सकती है और जरूरी भी। इसे सिर्फ पुलिस प्रशासन के खुफिया विभाग की नाकामी ही ठहराकर पल्ला झाड़ने वाले पार्टी नेताओं को भी सतर्क होने की आवश्यकता है।
जिला मुख्यालय पर ही क्यों, कहीं और क्यों नहीं दिखाए काले झंडे- लोगों के दिमाग में यह प्रश्न उठना भी स्वाभाविक ही है कि प्रदेश अध्यक्ष को जिला मुख्यालय पर ही क्यों, काले झंडे कहीं और क्यों नहीं दिखाए गए? मुरादाबाद से जिला बिजनौर की सीमा में प्रवेश करने के बाद धामपुर सहित कई स्थानों पर कार्यक्रमों में वह शामिल हुए। खास बात यह कि इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर बेजा दबाव बनाने वाले भाजपा नेता अपनी ही कमजोरी को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एक लंबे अर्से से जिला मुख्यालय का भाजपा खेमा आपस में बंटा हुआ है। पूर्ववर्ती सपा सरकार के खास माने जाने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जुड़ा मामला हो या और कुछ, ऐसे कई प्रकरण हुए जिनमें दो गुटों की लाबिंग में कइयों को बलि का बकरा भी बना दिया गया! आम जनता भी समझ चुकी हैं और कह भी रही है कि भाजपा वाले भी पदभ्रष्ट हो चले हैं! पार्टी की रीतियों नीतियों को भूल कतिपय भाजपा नेताओं का लगभग प्रत्येक सरकारी विभाग के कामकाज में दखल है। अधिकारी भी दबी जुबान से यह बात स्वीकार तो करते हैं, लेकिन खुल कर बोलने से कतराते हैं।
उधर बताया जाता है कि चंदक के कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने डीएम-एसपी से गहरी नाराजगी भी जाहिर कर दी। उन्होंने पूछा भी किस अफसर की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं थी, पुलिस क्या कर रही थी। लोगों का इतना दुस्साहस कैसे हो गया कि वह कानून व्यवस्था को धता बताते हुए सामने आ गए। यह भी पूछा कि क्या मुझे मुक्का लगवाते? इससे ये बात तो तय है कि कार्रवाई होगी, लेकिन सिर्फ पुलिस प्रशासन के नुमाइंदों को लपेटे में लिया जाए, यह भी अनुचित ही होगा। यह भी पक्का है कि प्रदेश अध्यक्ष तक यहां की गतिविधियों की जानकारी पहुंच गई तो कई भाजपाई दिग्गजों को लेने के देने पड़ सकते हैं। उन तक जिनकी पहुंच है, अंदरूनी हालात नहीं बयां करते। ऐसा ही रहा तो किसान आंदोलन मात्र एक बहाना कहलाएगा। आसन्न पंचायत चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में असर दिखना बानगी ही होगा। शेष कुछ घंटे बाद….
देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को 1अप्रैल से कोरोना वायरस का टीका लगेगा। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंगलवार को इस फैसले को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन सभी लोगों के लिए लगवाना जरूरी है और इसके लिए सभी पात्र लोग अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। कोरोना से लड़ाई में यह सबसे असरदार कवच है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें कम से कम एक से डेढ़ साल तक और मास्क लगाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस दौर में कोरोना से लड़ाई में ढिलाई नहीं बरती जा सकती। फिलहाल देश भर में 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को टीका लग रहा है, जबकि 45 साल से अधिक के उन लोगों का टीकारण किया जा रहा है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
कई और टीकों को भी मंजूरी जल्द: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में टीकों की पर्याप्त संख्या मौजूद है। हमने चरणबद्ध तरीके से लोगों को वैक्सीन देने का फैसला लिया है। 45 साल से अधिक के सभी लोग तत्काल रजिस्ट्रेशन कराएं और कोरोना का टीका लगवाएं। अभी देश में कई और कोरोना टीके ट्रायल के फेज में हैं और जल्द ही इन्हें मंजूरी मिल सकती है।
कोविशील्ड की दो डोज के बीच 4 से 8 सप्ताह का गैप: प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि वैज्ञानिकों और दुनिया भर के एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर यह फैसला लिया गया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज 4 से 8 सप्ताह के बीच में ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे कोरोना वैक्सीन के लिए अपना पंजीकरण करा लें क्योंकि यह कोरोना के खिलाफ एकमात्र कवच है।
कॉर्बेट नेशनल पार्क अंतर्गत कालागढ़ स्थित वन्य जीव प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में बेहद दुर्लभ प्रजाति का सांप मिला है।
कालागढ़। वन्य जीव प्रशिक्षण केंद्र के कर्मचारियों की नजर संस्थान के परिसर में मौजूद हरे रंग के लंबे व बेहद पतले सांप पर पडी, लोगों की आहट को भांप कर सांप देखते ही देखते पेड़ों में गायब हो गया। वहीं इससे पहले ही मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा सांप की तस्वीरें ले ली गईं। विभागीय रैस्क्यूअर दीपक ने फोटो देखने के बाद बताया कि उक्त सांप वाइन स्नैक प्रजाति का है। इसे लता सांप भी कहा जाता है। यह मध्यम जहरीला लेकिन बेहद पतला, लम्बा तथा हरे रंग का होता है। यह सांप पेड़ों के ऊपर ही रहकर शिकार करता है तथा पश्चिमी घाटी जैसे वर्षा वनों में पाया जाता है। इस प्रजाति के सांप की यहां मौजूदगी को आश्चर्यजनक मानी जा रही है। कालागढ़ के उपवनसंरक्षक केएस खाती ने मामले की पुष्टि की है। वहीं कार्बेट नेशनल पार्क प्रशासन इस प्रजाति के सांप की मौजूदगी पहली बार दर्ज होने से प्रफुल्लित है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई तक कराने की तैयारियां चल रही थीं। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग भी 23 अप्रैल तक चार चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने को तत्पर था। इस बीच हाईकोर्ट द्वारा फिर से आरक्षण कराने के निर्देश पर राज्य सरकार ने नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया शुरू कराई। अब 27 मार्च को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ आयोग भी चुनाव की अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है।
चुनाव प्रक्रिया को चाहिए 42 दिन: राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि होली से ठीक पहले 27 मार्च को अधिसूचना जारी होने से उसे विधिवत चुनाव कराने के लिए 42 दिन चाहिए। चार चरण में जिलेवार सभी पदों का एक साथ चुनाव कराने के लिए 42 दिन का समय होने पर प्रत्येक चरण में प्रचार के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा सकेगा। ऐसे में आयोग चाहता है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह तक टल जाएं ताकि मतगणना आदि भी उससे पहले करा ली जाए।
पहलेपंचायत चुनाव, फिर बोर्ड परीक्षाएं: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा का भी दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद ही बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे में बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से तो नहीं होंगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाएं और टालने के पक्ष में नहीं हैं। अधिकारी 10 जून के आसपास नतीजे घोषित करना चाहते हैं। इधर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाएं चार मई से शुरू होने के कारण सम्भावना है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी तीन-चार मई से शुरू कराई जाएं।
बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार: अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि 30 अप्रैल तक का भी समय मिल जाने पर चार चरणों में मतदान की प्रक्रिया तो पूरी ही कर ही ली जाएगी। मतगणना तीन-चार मई को कराई जा सकती है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार आयोग को जनता से चुने जाने वाले पंचायतों के चारों पदों का चुनाव 10 मई तक कराना है।
पीएम आवास: 31 मार्च तक घर खरीदने पर 2.67 लाख की छूट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत देश के लाखों लोगों को सस्ते में घर खरीदने का मौका दे रही है। सरकार की इस स्कीम में निवेशकों को 2.67 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी ऑफर की जाती है। इस योजना का लाभ 31 मार्च 2021 तक ही लिया जा सकता है। शर्तों के अनुसार पहली बार घर खरीदने पर ही इस सब्सिडी का फायदा लिया जा सकता है।
2.50 लाख तक का फायदा- इस योजना के अंतर्गत पहली बार घर खरीदने वालों को CLSS या क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है, अर्थात घर खरीदने के लिए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। स्कीम 31 मार्च 2021 तक बढ़ाई गई है। इससे 2.50 लाख से ज्यादा मध्य वर्गीय परिवारों को लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा स्पांसर्ड यह स्कीम 25 जून, 2015 को शुरू की गई थी।
किस आय वर्ग को किस वर्ग में सब्सिडी- 3 लाख तक सालाना आय वालों को EWS सेक्शन में 6.5 प्रतिशत सब्सिडी। 3 लाख से 6 लाख सालाना आय वालों को LIG में 6.5 प्रतिशत सब्सिडी। 6 लाख से 12 लाख सालाना आय वालों को MIG1 में 4 प्रतिशत की क्रेडिट लिंक सब्सिडी। 12 लाख से 18 लाख सालाना आय वालों को MIG2 सेक्शन में 3 प्रतिशत की क्रेडिट लिंक सब्सिडी का लाभ मिलता है।
योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया- इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले PMAY की आधिकारिक वेबसाइट https://pmaymis.gov.in/ लॉग इन करें। अगर आप LIG, MIG या EWS कैटेगरी में आते हैं तो अन्य 3 कंपोनेंट पर क्लिक करें। यहां पहले कॉलम में आधार नंबर डालें, दूसरे कॉलम में आधार में लिखा अपना नाम डालें। इसके बाद खुलने वाले पेज पर आपको पूरी पर्सनल डिटेल जैसे नाम, पता, परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही नीचे बने एक बॉक्स पर, जिस पर यह लिखा होगा कि आप इस जानकारी के सही होने को प्रमाणित करते हैं, क्लिक करें। सभी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद आपको कैप्चा कोड डालना पड़ेगा। इसके बाद आप इस फॉर्म को सबमिट करें। एप्लीकेशन फॉर्म की फीस 100 रुपए तथा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ₹ 5000 बैंक में जमा कराने होंगे।
किसे मिलेगा फायदा– इस स्कीम का फायदा उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिसके पास पक्का मकान न हो। इसके अलावा किसी सरकारी आवास योजना का फायदा नहीं लेते हों। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन करने के लिए Aadhaar जरूरी होता है। सरकार PMAY के तहत लोगों की पहचान करने के लिए Census 2011 जनगणना के आंकड़े लेती है।
लखनऊ। पंचायत चुनाव से पहले यूपी सरकार ने 56 डिप्टी एसपी का तबादला कर दिया है। इसे पंचायत चुनाव के लिए कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार विक्रमाजीत सिंह डीएसपी बलिया, उमाशंकर उत्तम डीएसपी मऊ राकेश कुमार सिंह डीएसपी मुजफ्फरनगर, ब्रजमोहन गिरी डीएसपी आगरा, अशोक कुमार सिंह डीएसपी भदोही, साधुराम डीएसपी इटावा, अनिल कुमार डीएसपी सीबीसीआईडी मेरठ सेक्टर, शिव प्रताप सिंह डीएसपी अलीगढ़, नागेंद्र यादव सहायक सेनानायक 36 वीं पीएसी वाराणसी, राजकुमार मिश्रा डीएसपी बरेली, वीरेंद्र प्रताप सिंह डीएसपी सीबीसीआईडी वाराणसी सेक्टर, अजय कुमार सिंह डीएसपी गोरखपुर,देवेंद्र कुमार फर्स्ट सहायक सेनानायक 23वीं पीएसी मुरादाबाद, सुनील दत्त दुबे डीएसपी महाराजगंज, ब्रह्मपाल सिंह द्वितीय सहायक सेनानायक 47वीं पीएसी गाजियाबाद, अरविंद कुमार डीएसपी शाहजहांपुर,अशोक कुमार सिंह पंचम सहायक सेनानायक 36वीं पीएसी वाराणसी, राकेश सिंह डीएसपी संभल, अशोक कुमार पांडे सहायक सेनानायक 30 वीं पीएसी गोंडा, ओंकार नाथ शर्मा डीएसपी रामपुर,अजय कुमार चतुर्थ सहायक सेनानायक 15वीं पीएसी आगरा, सुनील कुमार त्यागी डीएसपी एटा, प्रभात कुमार वर्मा मंडल अधिकारी अलीगढ़, वैद्यनाथ प्रसाद डीएसपी बरेली, महेश चंद्र गौतम डीएसपी मुरादाबाद, रामशरण सिंह सहायक सेनानायक 27वीं पीएसी सीतापुर, परशुराम सिंह डीएसपी कानपुर देहात, यूडी खान सहायक सेनानायक 39वीं पीएसी मिर्जापुर,अजय कुमार डीएसपी बरेली, ओम प्रकाश आर्य सहायक सेनानायक 45वीं पीएसी अलीगढ़, नेत्रपाल सिंह डीएसपी मथुरा, सतीश कुमार सहायक सेनानायक 41वीं पीएसी गाजियाबाद, संजीव कुमार सिंह डीएसपी रामपुर, उत्तम सिंह सहायक सेनानायक 38वीं पीएसी अलीगढ़, सुनील दत्त डीएसपी पीलीभीत व विजय आनंद शाही डीएसपी गाजीपुर पद पर भेजा गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण पर आईं कुल 328आपत्तियां 300 ग्राम प्रधान, 24 जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के लिए चार आपत्तियां शामिल बिजनौर। जनपद में 20 मार्च को आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन के बाद से ही आरक्षण पर आपत्तियां आने का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक ग्राम प्रधान के लिए 300, जिला पंचायत के लिए 24 व क्षेत्र पंचायत पद के लिए 4 आपत्तियां आई हैं। आपत्तियों का निस्तारण 24 व 25 मार्च को होगा। डीपीआरओ सतीश कुमार के त्रिस्तरीय पंचायज चुनाव के तहत 20 मार्च को आरक्षण सूची का अनंतिम प्रकाशन किया गया था। इन पर आपत्तियां डीपीआरओ, सीडीओ, डीएम कार्यालय के अलावा खंड विकास कार्यालयों ली जा रही है। सूची प्रकाशन के बाद से ही आपत्तियां लेने के का काम शुरु हो गया था। 23 मार्च तक आपत्तियां लेने के बाद 24 व 25 मार्च को इनके निस्तारण के बाद 26 मार्च को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सोमवार को ग्राम प्रधान के लिए 300, जिला पंचायत के लिए 24 और क्षेत्र पंचायत के लिए 4 आपत्तियां आ चुकी हैं।
सरकार ने गरीब को पक्का मकान देने का काम किया: स्वतंत्र देव धामपुर के प्रियंका स्कूल में किसान संवाद कार्यक्रम में गिनाईं सरकार की उपलब्धियां बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। योगी सरकार गरीबों की सरकार है। इस सरकार में गांव, गरीब, किसान, झुग्गी, झोपड़ी का इंसान व महिलाओं को सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम योगी अपने अब तक के वादों पर खतरे उतरे हैं। किसी पर भी भ्रष्टाचार व रिश्वत का दाग नहीं लगा है। दोनों सरकारें आम लोगों की सेवा करने का सपना पूरा करने के अपने लक्ष्य का साधने में जुटी हैं।
धामपुर में स्योहारा मार्ग स्थित प्रियंका मॉडर्न सीनियर सैकेंडरी स्कूल परिसर में सोमवार को किसान संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के यूपी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा सहित विपक्षियों के एक जुट होकर आम लोगों को गुमराह कर नए-नए षडय़ंत्र रच कर किसानों के हितैषी होने का दावा कर रहीं हैं। किसी भी पार्टी की सरकार ने गरीबों को पक्के घर नहीं दिए है। केंद्र की मोदी सरकार ने गरीबों को 40 लाख पक्के मकान देने का काम किया है। आगामी 2024 तक बचे हुए पात्रों को भी पक्के घर देने का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो करोड़ 63 लाख शौचालय देने की दिशा में काम किया है।
उज्जवला योजना के तहत एक करोड़ 47 लाख गैस कनेक्शन गरीब के घर में पहुंचाए हैं। जिन गांवों में बिजली के तार छूने से करंट नहीं लगता था, मगर जब बिल आता था तो करंट का झटका जरूर लग जाता था। सरकार ने एक करोड़ 80 लाख लोगों को बिजली के कनेक्शन देने का काम किया, जिससे हर आदमी उजाले में तीन के स्थान पर आठ रोटी खा जाता है। उन्होंनेे चुटकी लेते हुए कहा कि गैर भाजपा सरकारों में अंधेरे के कारण पत्नी का चेहरा नहीं दिखाई देता था। मगर अब खुशहाली ओर रोशनी का वातावरण सरकार ने दिया है।
किसान सम्मान निधि के तहत कृषकों का मान बढाया है। पांच सालों में गन्ना किसान का भुगतान किया है। विपक्षियों पर हमला बोलते हुए सपा, कांग्रेस के बारे में कहा कि दोनों पार्टियों में तय है कि अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा। मगर भाजपा में अध्यक्ष के लिए चुनाव होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंदिर में रहते हैं, खुद का पक्का मकान भी नहीं है, जबकि देश के प्रधानमंत्री या रिश्तेदार का कोई घर नहीं है। मगर गरीब को पक्का मकान देने का काम सरकार कर रही है। बीमारी के इलाज के लिए पांच तक का खर्चा वहन करने के लिए आयुष्मान कार्ड, कोरोना को अवसर में बदलने का काम, श्रीनगर में धारा 370 समाप्त करने का काम, तीन तलाक पर कानून, दुबई व अयोध्या में मंदिर निर्माण, देश में घुसने से पहले ही आंतकियों का खात्मा सहित प्रदेश में बुल्डोजर चलाकर पहली बार एक हजार करोड़ दागियों की प्रॉपर्टी जब्त की है। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मिकी, धामपुर विधायक अशोक राणा, नहटौर विधायक ओम कुमार, चांदपुर विधायक कमलेश सैनी, बिजनौर सदर विधायक सुचि चौधरी, बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह, बैंकों के डायरेक्टर महेंद्र धनौरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, पूर्व सांसद डा. यशवंत सिंह, यशवीर सिंह धोबी, भाजपा मंडलाध्यक्ष राघव शरण गोयल, जितेंद्र गोयल, प्रियंकर राणा, उदित नारायण सिंह, रोहित राणा सोनू, एसके देवरा आदि मौजूद रहे। संचालन जिला महामंत्री भूपेंद्र सिंह बॉबी ने किया।
नगीना चौक पर राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण नगीना चौराहा पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय गान का गायन किया। इससे पूर्व राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया। उन्होंने नगीना चौराहा का नाम बदलकर तिरंगा चौक, ज्योतिबा फूले पार्क व प्रतिमा सहित पार्क पर लगने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शिलापटों का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर पालिका के ईओ सुभाष कुमार, पुष्पेंद्र सक्सेना, पवन कुमार, चेतन स्वरूप, अरूण कुमार, नीतिन अग्रवाल, अमित गुप्ता, डा. एनपी सिंह, डा. रश्मि शर्मा रावल, अनीता चौहान, सभासद रिहान शेख, शमशेर अली आदि रहे। अध्यक्षता चेयरमैन राजू गुप्ता ने की तथा संचालन राकेश चौधरी ने किया।
डा. एनपी सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष को फूल मालाओं से लादा बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का भव्य स्वागत धामपुर में डॉक्टर एनपी सिंह ने अपने आवास पर किया। आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह तिरंगा चौक (महात्मा ज्योतिबा फूले चौक)का उद्घाटन करने एवं जनपद बिजनौर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने धामपुर पहुंचे थे। तिरंगा चौक पर पहुंचने से पूर्व हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी डॉक्टर एनपी सिंह ने ढ़ोल नगाड़ों के की धुन पर अपने आवास पर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बहुत ही गर्मजोशी से प्रदेश अध्यक्ष का फूलों की बड़ी माला के साथ स्वागत किया। पुष्पों की वर्षा करते हुए सम्मान स्वरूप आस्था एवं राम राज्य के प्रतीक के रूप में राम दरबार की कासें-पीतल की एक मूर्ति भेंट स्वरूप अध्यक्ष को प्रदान की। प्रदेश अध्यक्ष भी भव्य स्वागत से प्रसन्न नजर आए और मुक्त कंठ से डॉ. एनपी सिंह की प्रसंशा करते हुए उनकी कार्य क्षमता व परिश्रम की सराहना करते हुए ऐसे ही आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं दीं । इस अवसर पर हिन्दू युवा वाहिनी बिजनौर के जिला संरक्षक अनिल कुमार, जिला प्रभारी हरीश चौहान, जिला अध्यक्ष संजीव मलिक, जिला संयोजक संकित राठी, जिला उपाध्यक्ष प्रिंस चौहान, यशपाल तुली, राजन गोल्डी, हिमांशु प्रजापति, नगर अध्यक्ष मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष नजीबाबाद मनोज चौधरी, नगर अध्यक्ष नगीना नवदीप शर्मा, हिन्दू युवा वाहिनी एवं भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को दिखाए काले झंडे चार भाकियू कार्यकर्ता हिरासत में थाना कोतवाली पर बवाल
बिजनौर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भारतीय किसान यूनियन ने बिजनौर के नगीना मार्ग पर ग्राम रशीदपुर गढ़ी में काले झंडे दिखाए। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकने का भरसक प्रयत्न किया, लेकिन रोक न सकी। इस मामले में पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। समाचार लिखे जाने तक थाना कोतवली पर बवाल जारी था। सोमवार शाम प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का काफिला धामपुर के कार्यक्रम के बाद नहटौर होते हुए बिजनौर आ रहा था। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बिजनौर-झालू मार्ग पर गांव जलालपुर के पास एकत्र हो गए। बाद में पता चला कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का काफिला नहटौर वाया कोतवाली होते हुए बिजनौर पहुंचेगा। इस पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह के नेतृत्व में शहर से लगे गांव रशीदपुर गढ़ी में एकत्र हो गए। शाम करीब पांच बजे जैसे ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का काफिला वहां से गुजरा, भाकियू कार्यकर्ता बीजेपी के खिलाफ नारे लगाते हुए काले झंडे दिखा दिए। भाकियू कार्यकर्ताओं को हटाने में मौके पर मौजूद पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस के समझाने के बावजूद भाकियू कार्यकर्ता नहीं माने। वहीं स्वतंत्रदेव सिंह के अलावा भाजपा के जिस नेता की भी गाड़ी काफिले के साथ गुजरी उसे भी काले झंडे दिखाए गए। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को काले झंडे दिखाने के मामले में पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में लिया है। इसके बाद भाकियू नेताओं में आक्रोश फैल गया और बिजनौर कोतवाली को घेर लिया। पुलिस कार्यकर्ताओं को समझाने में जुटी रही।
बैराज पर गंगा आरती में हुए शामिल इस बीच प्रदेश अध्यक्ष भाजपा स्वतंत्र देव सिंह ने बिजनौर बैराज पहुंच कर गंगा आरती में हिस्सा लिया।विदित हो कि प्रदेश सरकार ने बिजनौर से बलिया तक प्रतिदिन गंग तट पर आरती का कार्यक्रम चला रखा है। इसी परिप्रेक्ष्य में स्वतंत्र देव वहां पहुंचे। इससे पहले उन्होंने राधा माधव कुंज मंडावर रोड बिजनौर में मातृ शक्ति अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रमों के दौरान जिले के सभी भाजपा नेता, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लखनऊ। शासन ने रविवार देर शाम प्रांतीय पुलिस सेवा के 10 अफसरों के तबादले कर दिए। महिला के ऊपर एफआईआर लादने के मामले में एसपी के बाद अपर पुलिस अधीक्षक का भी तबादला कर दिया गया है। बस्ती में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार सिंह को अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है।
अभिसूचना मुख्यालय में तैनात दीपेंद्र नाथ चौधरी को उनकी जगह पर भेजा गया है। हाल ही में वाराणसी जोन के एडीजी के स्टाफ ऑफिसर बनाए गए अरुण कुमार दीक्षित को 20 वी वाहिनी पीएसी आजमगढ़ में उप सेनानायक मनाया गया है। आजमगढ़ पीएसी में तैनात चंद्र प्रकाश शुक्ला को एडीजी वाराणसी का स्टाफ ऑफिसर बनाया गया है।
अंबेडकर नगर के अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्रा को भी हटा कर उन्हें भी अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है उनके स्थान पर अभिसूचना मुख्यालय पर तैनात संजय राय को भेजा गया है। सतर्कता अधिष्ठान में अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी को 36वीं वाहिनी पीएसी वाराणसी, पुत्तू राम को पीएसी सीतापुर से सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, राजदारी चौरसिया को पुलिस मुख्यालय से अपर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर और अनिल कुमार झा को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गाजीपुर से अपर पुलिस अधीक्षक डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। तैनात संजय राय को अंबेडकर नगर का एएसपी बनाया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया, अखिलेश के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम
मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने क्षेत्रीय पार्टियों पर प्रहार करते हुए कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों के केवल दो ही काम है। एक राज्य को लूटना और दूसरा अपने परिवार को आगे बढ़ाना। उन्होंने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सबको पता है कि पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बेटा ही होगा। भाजपा में यह निश्चित नहीं, मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदारी दी जाती है।
संभल जिले के बहजोई में प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर बहजोई विकासखंड के समारोह और गुन्नौर के रजपुरा में गांव चौपाल कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि क्षेत्रीय पार्टियां जनता के हित में कोई काम नहीं करती हैं। जब भाजपा सरकार जनता को योजनाएं चलाकर फायदा पहुंचाने का काम करती है तो विपक्षी अनर्गल बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का काम करते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज सभी को पता है कि समाजवादी पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, लेकिन भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा यह कोई नहीं बता सकता।
भारतीय जनता पार्टी जमीनी स्तर पर ईमानदारी से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही बड़ी जिम्मेदारी देती है। भारतीय जनता पार्टी में प्रधानमंत्री मोदी हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। वह इस तरीके से ईमानदारी से काम कर रहे हैं कि उनका कोई मुकाबला नहीं है। वह गरीबों को मकान देने का काम करते हैं। प्रदेश में कल्याणकारी योजनाएं चलाकर गरीब और किसानों का जीवन स्तर उठा रहे हैं।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की हुई मीटिंग
लखनऊ (प्रदेश कार्यालय)। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जर्रार हुसैन की अध्यक्षता व प्रदेश सचिव यासिर हयात के संचालन में मीटिंग शुरू हुई। इस दौरान मुख्य रूप से पंचायत चुनाव व 2022 के विधानसभा चुनाव पर रणनीति तय हुई। प्रदेश अध्यक्ष जर्रार हुसैन ने संगठन की मज़बूती पर जोर दिया। वहीं संगठन के काम न कर पाने के कारण दर्जनों लोगों को पद मुक्त करते हुए ने लोगों को मौका देने पर आम सहमति बनी। मुख्य रूप से प्रदेश प्रमुख महासचिव ग्यासुल हक़, प्रदेश उपाध्यक्ष खालिद खान, प्रदेश कोषाध्यक्ष बदरुल हसन, प्रदेश महासचिव फरहान शकील, अबरार आलम खान, इमरान सिद्दीकी, प्रदेश सचिव जावेद अली, सईक सिद्दीकी, मुफ्ती जुनैद नदवी समेत पूरे प्रदेश से सभी प्रदेश व जिला पदाधिकारियों ने मीटिंग में अपने विचार रखे और 2022 के विधानसभा चुनाव व पंचायत चुनाव में पूरे दम खम से लगने की बात कही ।
कार्बेट टाईगर रिजर्व के जंगल में मिला बाघ का अधखाया शव बिजनौर। कार्बेट टाईगर रिजर्व के जंगल में बाघ का अधखाया शव बरामद किया गया है। घटना की जानकारी होते ही वन विभाग में हड़कप मच गया। एक सप्ताह के भीतर बाघ का शव मिलने का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है। कार्बेट प्रशासन ने बाघ की मौत आपसी संघर्ष के दौरान होने की आशंका जताई है। कार्बेट टाईगर रिजर्व के ढेला पर्यटन जोन की पूर्वी बीट के तहत कक्ष संख्या 10 के जंगल में गश्त के दौरान शनिवार को वनकर्मियों को लगभग 4 वर्षीय बाघ का अधखाया शव बरामद हुआ। बाघ के शरीर का पिछला हिस्सा किसी जंगली जानवर द्वारा खाया हुआ था। कार्बेट टाईगर रिजर्व के पशु चिकित्सक दुष्यंत शर्मा द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया। बताया गया है कि 15 मार्च को कॉर्बेट टाईगर रिजर्व के ढ़ेला पर्यटन जोन के जंगल में एक अन्य बाघ का अधखाया शव बरामद हुआ था। उसका पिछला हिस्सा खाया हुआ तथा नाक व गले की हड्डी टूटी पाई गई थी। विभागीय अधिकारियों ने उसकी मौत को आपसी संघर्ष का परिणाम करार दिया था। दोनों ही मामलों में मृत बाघों की एक जैसी स्थिति में मिलने से कॉर्बेट प्रशासन में हड़क प मच गया है। कार्बेट प्रशासन द्वारा आपसी संघर्ष अथवा किसी ताकतवर बाघ के हमले में उक्त बाघों की मौत की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ढेला के रेंजर संदीप गिरी के मुताबिक क्षेत्र पर कब्जे को लेकर बाघों के बीच खूनी संघर्ष के दौरान किसी एक बाघ को जान से हाथ धोना पडता है। इसके अलावा दो के बीच आपसी संघर्ष अथवा किसी तीसरे बाघ द्वारा हमला करके बाघों को मौत के घाट उतारे जाने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। वास्तविकता का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगा दिए गए हैं।
कार्यवाही न होने से पीड़ित परिवार ने लगाई आईजी जोन लखनऊ से न्याय की गुहार
मलिहाबाद,लखनऊ। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बकरी छूटकर पड़ोसी के दरवाजे पर जाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने भिड़ गए और जमकर लाठी-डंडे व एक पत्थर चलने लगे, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मलिहाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत खंडसरा ग्राम पंचायत के मजरे कैलाश नगर गांव निवासी मुईन पुत्र मुन्ना की बकरी छूटकर बीते रविवार को शाम लगभग 7 बजे पड़ोस में ही रहने वाले साकिर के दरवाजे पर चली गई तो शाकिर ने इसका विरोध किया बात इतनी बढ़ गई कि साकिर व हाकिम व जाकिर पुत्रगण मुंशी एवं रियाज पुत्र जाकिर वह आशिक पुत्र हाकिम व रेशमा पत्नी साकिर व साहिल पुत्र साकिर चुन्नी पत्नी खलील व सुफियान पुत्र खलील व सिराज पुत्र हासिम एक राय होकर घेराबंदी कर लाठी डंडे लेकर मुईन को पीटने लगे। मारपीट होता देख मुईन के पिता मुन्ना माता नूरजहां व भाई पप्पू व भाभी हसीन जहां व बहन मुबीना आ गए। इन लोगों को भी लाठी डंडे से पीटा और ईंट पत्थर मारने लगे। किसी तरह से बचकर यह लोग वहां से अपनी जान बचाकर भाग लिए। थोड़ी देर बाद उक्त विपक्षीगड़ो ने रणनीति बनाकर मुईन के घर में आकर आग लगा दी, जिससे घर में बंधी बकरियां जल गई। इसके बाद मुईन ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को फोन कर सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस विपक्षी गणों को पकड़ कर थाने ले आई और कोई कार्यवाही ना करते हुए उन लोगों को छोड़ दिया। मलिहाबाद पुलिस द्वारा दबंगो पर कार्रवाई न करने से आहत पीड़ित परिवार आईजी जोन लखनऊ के ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
लखनऊ। डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश के निर्देशन में उपजिलाधिकारी मलिहाबाद के नेतृत्व में तहसीलदार शम्भू शरण व सीओ मलिहाबाद योगेंद्र कुमार ने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा बाजार व चौक चौराहों पर कोरोना प्रोटोकॉल व कोविड-19 के नियमों को पालन कराने हेतु लोगो से की अपील। प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बाद डीएम अभिषेक प्रकाश ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जनता से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें ताकि कोरोना की स्थिति नियंत्रित रहे। देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले बढऩे के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है आईएएस/ एसडीएम मलिहाबाद प्रणता ऐश्वर्या ने लोगों से अपील की है कि वे अति आत्मविश्वास में नहीं आएं। कोरोना को लेकर जारी प्रोटोकॉल का पालन करें। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। मास्क का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें, ताकि कोरोना की स्थिति नियंत्रित रहे।
मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के कस्बा बाजार व चौक चौराहों पर कोरोना प्रोटोकॉल पालन कराने के दौरान एसडीएम ने कहा कि जिले में कोरोना पुनः फिर पैर पसार रहा है । पिछले कई दिनों से पॉजिटिव केस की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही हैं। कई राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढऩे पर सतर्कता जरूरी है। लोग पिछले कुछ माह से कोरोना को लेकर अति आत्मविश्वास में हैं। इसे देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर लोगों के जमावड़े को नियंत्रित किया जाएगा। किसी तरह के आयोजन में अधिक लोगों के एकत्रित होने की संभावना पर अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोजनों की अनुमति देने से पहले इसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों पर उनके विरुद्ध जुर्माना व कठोर कार्यवाही भी की जा सकती हैं
डाकघर के माध्यम से अब घर बैठे किसी भी बैंक खाते में भेजें नकद राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
डाक विभाग ने की इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से ‘डोमेस्टिक मनी ट्रान्सफर’ (कैश टू अकाउंट) सुविधा प्रारंभ
सिर्फ मोबाइल नम्बर से पैसे भेजने की सुविधा, बैंक खाते में तुरंत जमा हो जाएगी राशि
लखनऊ। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच डाक विभाग ने नागरिकों के लिए एक और अनूठी शुरुआत की है। घर बैठे कैश जमा करने की सुविधा के बारे में शायद ही कभी आपने सोचा होगा, लेकिन अब ये सच होने वाला है। अब किसी भी बैंक खाते में कैश जमा करने की सुविधा डाक विभाग ने देनी शुरू कर दी है। डाकिया के अतिरिक्त डाकघरों के काउंटर पर पहुँच कर भी कैश जमा कराया जा सकता है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। डाकिया आपके घर पहुँचकर मोबाइल के माध्यम से कुछ प्रकिया पूर्ण करायेगा और कैश डाकिया के हाथ में पहुंचते ही आपके द्वारा बताये गए खाते में क्रेडिट हो जायेगा। इसके लिए नकद भेजने वाले के पास बैंक एकाउंट होना जरूरी नहीं है, सिर्फ मोबाइल नम्बर होना अनिवार्य है।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डाक विभाग द्वारा इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा घर बैठे किसी भी बैंक खाते से नकद निकालने की सुविधा पहले से ही दी जा रही है, लेकिन अब घर बैठे कैश जमा करने की सुविधा भी डाक विभाग ने आरम्भ कर दिया है। इस “डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर” सेवा के तहत ग्राहक को प्राप्तकर्ता के खाते का नंबर, आईएफएससी कोड व अपना मोबाइल नंबर बताकर कैश देना होगा। डाकिया अपने मोबाइल से तुंरत बताये गये खाते में रुपये ट्रांसफर करेगा तो ग्राहक के मोबाइल पर एक ओटीपी आयेगा, जिसे डाकिया से शेयर करना होगा। ओटीपी डालते ही खाते में बैलेंस क्रेडिट हो जायेगा और ग्राहक के मोबाइल पर एक और कंफर्म मैसेज पहुंच जायेगा।
महीने में अधिकतम एक लाख जमा
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर सेवा के तहत घर बैठे रुपये जमा करने पर कुछ शर्तें लागू हैं। इसके तहत पैन कार्डधारक एक बार में ₹25,000, एक दिन में ₹ 49,999 और एक माह में अधिकतम एक लाख रुपये किसी भी बैंक खाते में नकद जमा करा सकते हैं। वहीं बिना पैनकार्ड वाले व्यक्ति द्वारा एक बार में ₹ 5,000 रू., एक दिन में ₹ 25,000 और एक माह में भी अधिकतम ₹ 25,000 घर बैठे किसी भी बैंक खाते में नकद जमा करा सकते हैं। इस सेवा के तहत न्यूनतम 100 रुपया जमा कराया जा सकता है।
ग्राहक से लिया जायेगा न्यूनतम शुल्क
डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर सेवा का लाभ लेने के लिये नाम मात्र का शुल्क रखा गया है, जो न्यूनतम 10 ₹ या जमा की गयी धनराशि का एक फीसदी जो भी अधिक हो वह लिया जायेगा। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इस सुविधा से लोगों को बैंकों में लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और किसी भी व्यक्ति के खाते में धन जमा करवाना संभव हो पायेगा। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग जनों, दुकानदार, प्रवासी श्रमिकों इत्यादि को इससे काफी सहूलियत मिलेगी। गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक डाक विभाग के विस्तृत नेटवर्क के चलते यह सुविधा हमेशा लोगों के लिए फायदेमंद रहेगी।कोरोना वैश्विक महामारी के बीच अब घर बैठे अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और शहरों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नकद पैसा भेजना भी बहुत आसान व सुरक्षित हो जाएगा।
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण की संशोधित सूची जारी होने के साथ ही समीकरण एक बार फिर बदल गये हैं, जहां एक ओर कई दिग्गज चुनावी दंगल में उतरे बगैर ही धराशायी हो गये, वहीं बहुतों के मंसूबों को नये पंख लग गये हैं। गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर जारी हलचल कोर्ट के आदेश के बाद एक बार थम गई थी, जिसने आज फिर से रफ्तार पकड़ ली है।
बिजनौर। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नजीबाबाद निवासी मंगू सिंह के कार्यकाल में छह माह का और इजाफा कर दिया है। 2016 में सेवानिवृति के बाद यह तीसरा मौका है, जब सरकार की ओर से उन्हें सेवा विस्तार मिला है।
भारत सरकार ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के मंडल मुरादाबाद अंतर्गत जिला बिजनौर की नजीबाबाद के ग्राम अलावलपुर नैनू निवासी मंगू सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते एक बार फिर छह माह के लिए कार्यकाल बढ़ाते हुए सेवा का अवसर प्रदान किया है। मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में प्रबंध निदेशक पद पर वर्ष 2011 से कार्यरत हैं। मंगू सिंह वर्ष 2016 में सेवानिवृत हो गए थे, परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार वर्ष के लिए सेवाकाल बढ़ा दिया था। 31 दिसंबर 2020 को सरकार ने फिर से तीन माह के लिए मंगू सिंह को पद पर बने रहने की जिम्मेदारी दी थी। एमडी मंगू सिंह के निर्देशन में हाल ही में दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन ने मजेंटा लाइन पर पूरी तरह स्वचालित देश की पहली मेट्रो ट्रेन संचालित की गई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रेन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया था। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में उत्कृष्ट पहचान रखने वाले एमडी मंगू सिंह का बढ़ाया गया कार्यकाल 31 मार्च 21 को पूरा हो रहा है। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कार्यकाल एक बार फिर छह माह के लिए बढ़ा दिया है। वह अब 30 सितंबर 2021 तक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पद पर बने रहेंगे।
यूपी में पंचायत चुनाव में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। लखनऊ हाईकोर्ट के वकील अमित कुमार सिंह भदौरिया के मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें लखनऊ हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
लखनऊ। यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सबसे बड़ी खबर सामने आई है। यूपी में पंचायत चुनाव में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। लखनऊ हाई कोर्ट के वकील अमित कुमार सिंह भदौरिया के मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें लखनऊ हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पंचायत चुनाव में 2021 के आरक्षण फॉर्मूले को खारिज करते हुए 2015 के चक्रानुक्रम के आधार पर नए सिरे से सीटों के आवंटन व आरक्षण का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने साफ किया था कि प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए जारी की गई नई आरक्षण प्रणाली नहीं चलेगी, बल्कि 2015 को आधार मानकर ही आरक्षण सूची जारी की जाए। अदालत ने राज्य सरकार को आरक्षण की कार्रवाई 27 मार्च तक पूरी करने को कहा था। हाईकोर्ट ने चुनाव की प्रक्रिया 25 मई तक पूरी कराने का आदेश भी दिया था।
उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीयपंचायत चुनाव के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर नए सिरे से तय किए गए पदों के आरक्षण और आरक्षित सीटों के आवंटन की पहली सूची शनिवार 20 मार्च से प्रकाशित होना शुरू होगी।
ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के पदों के आरक्षण व आरक्षित सीटों के आवंटन की यह सूची ब्लाक मुख्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय पर देखी जा सकेगी। सोमवार 22 मार्च तक इन सूचियों का प्रकाशन होगा। इसके साथ ही 20 मार्च से 23 मार्च के बीच इस पहली सूची पर दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। 24 से 25 मार्च के बीच इन दावे और आपत्तियों का संकलन कर उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके साथ ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी। 26 मार्च को इस अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
इन जिलाें में सूची होगी जारी-वाराणसी, संभल, हापुड़, कानपुर फिराेजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, मथुरा, आगरा, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, गोरखपुर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बलिया, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, बिजनौर, मुज़फ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, रायबरेली, अमेठी, उन्नाव, इटावा, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, औरैया, बांदा, चित्रकूट, महोबा, झांसी, उरई के साथ गाजियाबाद आदि जिलों में आरक्षण सूची जारी होना तय है। इसके अलावा भी कुछ और जिलों में लिस्ट जारी होगी। वहीं जिन जिलों में आज लिस्ट नहीं आएगी वहां कल (रविवार) को लिस्ट जारी होने की संभावना है।
होली पर कई यात्री गाड़ियों के संचालन को रेल मंत्रालय की तैयारी
नई दिल्ली। होली के अवसर पर विशेष रेलगाड़ियां चलाने का ऐलान रेल मंत्रालय ने किया है। इनका संचालन दिल्ली से किया जाएगा, जो मंडल मुख्यालय मुरादाबाद से होकर गुजरेंगी। कोलकाता और असम से चलने वाली कई ट्रेन वैष्णोदेवी कटरा जक जाएंगी। इन ट्रेन के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कुछ ट्रेन अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और मंडल की प्रवक्ता रेखा शर्मा ने बताया कि होली और त्योहार स्पेशल ट्रेन के संचालन में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा।
आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेल प्रवक्ता के अनुसार 04032 आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेलगाड़ी के रूप में सप्ताह में 3 दिन 22 से 31 मार्च तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और सोमवार को आनंद विहार टर्मिनल से सायं 06:15 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 08:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04031 वाराणसी-आनंद विहार टर्मिनल 21से 30 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को वाराणसी से सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:30 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ और भदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04998 बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल रेलगाड़ी 21 से 28 मार्च तक बठिंडा से प्रत्येक रविवार को रात्रि 09:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:40 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04997 वाराणसी-बठिंडा साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 से 29 मार्च तक वाराणसी से प्रत्येक सोमवार को रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:50 बजे बठिंडा पहुंचेगी। यह रेलगाड़ी रामपुरा फूल, बरनाला, बामला, धूरी, पटियाला, राजपुरा, अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ तथा सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04608 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 21 तथा 28 मार्च को वैष्णो देवी कटरा से सांय 06:45 बजे प्रस्थान करके अगले दिन रात्रि 10:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04607 वाराणसी-श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस 23 तथा 30 मार्च को वाराणसी से सुबह 06:35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:20 पर कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ऊधमपुर, जम्मू तवी, पठानकोट छावनी, जालंधर छावनी, लुधियाना, अंबाला छावनी, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट 04422 आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट एक्सप्रेस स्पेशल रेलगाड़ी 24 और 31 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 04421 लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस 23 और 30 मार्च को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट 04423 लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 25 मार्च और एक अप्रैल को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को हजरत निजामुद्दीन से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 04924 चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से रात 11:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 05.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 19 और 26 मार्च को प्रत्येक शुक्रवार को गोरखपुर से रात्रि 10:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।
नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 04040 नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 19, 23, 26और 30 मार्च को नई दिल्ली से सांय 07:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03:00 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में 20, 24, 27 और 31 मार्च को बरौनी से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 04:15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, सीवान, छपरा तथा हाजीपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
नांगलडैम-लखनऊ साप्ताहिक स्पेशल 04510 नांगलडैम-लखनऊ साप्ताहिक स्पेशल 22 और 29 मार्च को नांगलडैम से रात्रि 11:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 02:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 23 और 30 मार्च को रात्रि 09:30 बजे लखनऊ से प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर एक बजे नांगलडैम पहुंचेगी। यह रूपनगर, चंडीगढ़, अंबाला छावनी, जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट 04520 नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 20 और 27 मार्च को नांगलडैम से सुबह 06:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 02:45 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को कोलकाता से सुबह 07:40 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 03:55 बजे नांगलडैम पहुंचेगी। मार्ग में यह आनंदपुर साहिब, रूपनगर, सरहिंद, अंबाला, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, पं. दीनउपाध्याय, पटना, क्यूल, झाझा, जसीडीह और आसनसोल स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 04050 आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 19 तथा 26 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 11:45 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सायं 03:30 बजे कामाख्या पहुंचेगी। वापसी दिशा में 04049 कामाख्या-आनंद विहार स्पेशल 23 तथा 30 मार्च को कामाख्या से सुबह 05:35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 06:15 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, चंदोसी, सीतापुर, गोंडा, मनिकापुर, बस्ती, गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, खगड़िया, नौगछियां, कटिहार, किशनगंज, न्यूजलपाईगुडी, बिन्नगुड़ी, अलीपुर द्वार, कोकराझार, न्यूबंगोई गांव तथा गोलपाड़ा टाउन स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।
लखनऊ। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना होली के पहले जारी हो सकती है! आयोग चार चरणों में प्रस्तावित इस चुनाव को 24 अप्रैल तक पूरा करने की योजना बना रहा है। मंशा ये है कि 24 अप्रैल से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा प्रभावित न हो। पंचायती राज विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षण एवं आवंटन की अंतिम सूची 26 मार्च देर शाम या 27 मार्च की सुबह तक देने के संकेत दिए हैं। इसके बाद 28 मार्च तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
आयोग के सूत्रों के अनुसार विभाग से सूची मिलते ही उसी दिन चुनाव का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद आयोग चुनाव की तारीखों का एलान कर आचार संहिता लागू कर देगा। प्रत्येक चरण में तीन से चार दिन का अंतराल देकर 24 अप्रैल तक चारों चरणों के चुनाव संपन्न कराने की तैयारी है। मतगणना 26 से 30 अप्रैल तक कराने की योजना है।
विकास के 46 कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों ने पाया देश में प्रथम स्थान: अशोक गोयल प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर हुआ कार्यक्रम
बिजनौर। उ. प्र. व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष अशोक कुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए प्रदेश को विकास की चरम प्रगति पर पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि विकास से संबंधित लगभग 46 कार्यक्रमों में वर्तमान सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा देश में प्रथम/उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूरे होने पर सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए रिफार्म, परफॉर्म तथा ट्रांसफॉर्म सम्बन्धी कार्यों से आमजन को अवगत कराए जाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में वर्तमान सरकार द्वारा स्थापित किए गए कीर्तिमानों से प्रदेश के नागरिकों को परिचित कराने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। प्रभारी मंत्री अशोक कुमार गोयल स्थानीय विकास भवन के परिसर में उत्तर प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित प्रदेश सरकार की 04 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित विकास पुस्तिका का विमोचन करने के बाद अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा केवल चार वर्षों में विकास और जनसेवा के क्षेत्र में इतने कार्य किए हैं, जो विगत सरकार के पूरे कार्यकाल में नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि आज शहरों और गांवों में निर्धन व्यक्ति भी बिजली की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य लाभ, आवास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 सरकार सबका साथ-सबका विकास के स्लोगन के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए कटिबद्व है। सरकार द्वारा अपने चार वर्ष के शासनकाल में हर क्षेत्र में विकास कार्य किए गए हैं और पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय विकास कार्यक्रमों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के लिए बढ़ते रोजगार के अवसर, सुदृढ़ होती कानून व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, सड़क सुदृढ़ीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं से बिना किसी भेदभाव और पक्षपात के लाभान्वित होना सत्य प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है।
बिजनौर ने कई विकास योजनाओं में प्राप्त की प्रदेश में प्रथम श्रेणी: रमाकांत पाण्डेय जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने जिला बिजनौर में वर्तमान सरकार के चार वर्षों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिजनौर में विकास योजनाओं को बहुत से क्षेत्रों में प्रदेश में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है और अधिकतर योजनाओं में जिला द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी में शामिल है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कार्य प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि पारदर्शी किसान योजना के द्वारा 107528 कृषकों के खातों में 24.94 करोड रुपए की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गयी है। कृषि ऋण माफी योजना के अन्तर्गत 89515 कृषकों की 550.63 करोड धनराशि माफ की गयी तथा प्रधानमंत्री फसल वीमा योजना के द्वारा 2544 कृषकों को लाभ दिया गया है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के द्वारा कुल 352065 किसानों को 351.13 करोड़ रुपए देकर लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य से सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा विगत चार वर्षो में धनराशि रुपए 6अरब 80 करोड़ व्यय कर सड़कों तथा छोटे पुलों का निर्माण सम्पन्न किया गया तथा विभिन्न प्रकार के अवस्थापना सम्बन्धी कार्यो पर धनराशि रुपए 1अरब 78 करोड़ व्यय कर पीएचसी, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, बस स्टेशन, सीड स्टोर, गौशाला व अन्य निर्माण कार्य कराये गये। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रुपए 6अरब, 31करोड़ की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य निर्माणधीन हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कार्य रुपए 02अरब, 45 करोड़ की लागत से राजकीय मेडिकल कालेज का निर्माण किया जाना है। श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 578869 कार्ड धारकों का ई-पोस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है, जो कुल लाभार्थियों का 90 प्रतिशत है तथा उज्जवला योजना के अन्तर्गत 286436 परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन व चूल्हा उपलब्ध कराया गया है। वृद्वावस्था पेशन योजना के अन्तर्गत 53556 लाभार्थियों को 500 रुपए प्रति माह की दर से रुपए 83.71 करोड़ रुपए तथा सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत 3262 लाभार्थियों को 51000 रुपए की दर से 14.37 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध करायी गयी। अल्पसंख्यक जाति के 96736 छात्र/छात्राओं को रुपए 47 करोड़ एवं पिछड़ा वर्ग जाति के 90206 छात्र/छात्राओं को 28 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत कुल 10381 बालिकाओं को 1.90 करोड़ की धनराशि से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा दिव्यांगजन पेशन योजना के अन्तर्गत 16616 लाभार्थियों को 500 रुपए प्रति माह की दर से 36.32 करोड़ रुपए की पेंशन वितरित की गय।
कई योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड वितरित कार्यक्रम के दौरान शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लाभार्थियों को मुख्य अतिथि आशोक कुमार गोयल, विधायकगणों एवं जिलाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र, टूल किट्स, आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड आदि वितरित करने के साथ ही दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगों को ट्राईसाईकिलों का वितरण भी किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन तथा गर्भवती महिला की गोद भराई भी की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डे, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा उ. प्र. व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष अशोक कुमार गोयल तथा अन्य अतिथिगणों को पुष्प एवं भगवद्गीता भेंट कर स्वागत किया गया तथा अन्य जन प्रतिनिधियों को मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह तथा अन्य अधिकारियों द्वारा पुष्प प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया। विधायक सदर श्रीमती सूचि चौधरी एवं चांदपुर श्रीमती कमलेश सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि के अलावा विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थी एवं स्थानीय लोग मौजूद थे।
यूपी में अपराध कम, विकास की दौड़ में आगे एंटी भू-माफिया योजना के तहत 60 लाख केस निस्तारित कर 56 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त कराई आज यूपी देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक योगी ने गिनाईं 4 साल की बड़ी उपलब्धियां (उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आज चार साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में प्रेस कांफ्रेंस कर उपलब्धियों को गिनाया।)
बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपाइयों ने विकास भवन में शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित कर उपलब्धियां गिनवाई। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वार्ता का सजीव प्रसारण किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को गिनवाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले चार साल में कोई दंगा नहीं हुआ है। अगले साल होने वाली विधानसभा चुनाव की परीक्षा से पहले यूपी सीएम योगी ने दावा किया कि आज यूपी देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि गोवंश रक्षकों के लिए नई योजना लागू की गई। हर घर में चार गोवंश रखे जा सकते हैं। हर महीने एक गोवंश के लिये नौ सौ रुपए दिये गए. हर कुपोषित परिवार को एक दूध देने वाली गाय दी है। प्रदेश में गायों के लिए आश्रित स्थल बनाए जा रहे हैं। एंटी भू-माफिया योजना के तहत अब तक 60 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया और 56 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त कराई गई। चार साल में करीब 35 लाख लोगों को नौकरी मिली, इसके लिए प्रदेश में चार लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया। कोरोना के वक्त यूपी में 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ। डाटा सेंटर, डिस्प्ले निर्माण सेंटर यूपी में बन रहा है। प्रदेश में पचास हजार से ज़्यादा लघु उद्योग लगाए गए और एक करोड़ अस्सी हजार लोगों को रोजगार मिला है। हर जिले को फोर लेन से जोडऩे का काम किया गया। प्रदेश के गांवों को भी जिला मुख्यालय से जोड़ा गया। प्रदेश में केंद्र के जल जीवन मिशन को तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव में पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। प्रदेश में आज 1535 थानों पर स्पेशल महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में हमारी सरकार आने के पहले कुछ गांव ऐसे थे, जहां प्रदेश सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिला था, हमारी सरकार ने इन सभी गांव वालों को सुविधाएं मुहैया कराईं। प्रदेश में आज नमामि गंगे योजना के तहत गंगा स्वच्छ हो रही है, वाराणसी-कानपुर-प्रयागराज-गढ़मुक्तेश्वर जैसे शहरों में गंगा साफ है और जलीय जीव भी गंगा में दिख रहे हैं। सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की लिस्ट में यूपी टॉप तीन में, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की लिस्ट में यूपी नंबर दो बना। प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू करने में यूपी नंबर एक है, जबकि प्रदेश में 2.61 करोड़ शौचालयों को बनाया गया है। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चार साल में प्रदेश में कोई भी दंगा नहीं हुआ, अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। पहले प्रदेश में कोई पर्व शांति पूर्वक नहीं होता था, लेकिन अब चार साल से हर पर्व के दौरान शांति है। साथ ही प्रदेश में अपराध के आंकड़ों में कमी आई है, डकैती में 65 फीसदी, हत्या में 19 फीसदी, बलात्कार में 45 फीसदी की कमी आई है।
गौतलब है कि 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली थी। प्रदेश में केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। 2017 में बीजेपी ने 300 से अधिक सीटें जीती थीं, अब बीजेपी के सामने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में यही जादू दोहराने की चुनौती है। कार्यक्रम में बिजनौर सदर विधायक सूची मौसम चौधरी, विधायक कमलेश सैनी, डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी डॉ धर्मवीर सिंह, सीडीओ सहित कई अधिकारी और भाजपाई मौजूद थे।
आधार आधारित खाद्यान्न वितरण की अन्तिम तिथि बढ़ी बिजनौर। नियमित योजना के कराये जा रहे आधार आधारित खाद्यान्न वितरण की अन्तिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च, 2021 निर्धारित कर दी गई है। कोविड के दृष्टिगत उचित दर दुकान पर अधिक संख्या में एकत्रित न होने तथा हाथ धोने के बाद ही ईपॉस मशीन पर अंगूठा निशानी से मिलान करने का डीएसओ ने आह्वान किया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि माह मार्च 2021 के नियमित योजना के कराये जा रहे वितरण से आधार आधारित वितरण की अन्तिम तिथि बढाकर 22 मार्च, 2021 निर्धारित कर दी गयी है। मोबाइल ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से वितरण की तिथि पूर्व निर्धारित 18 मार्च, 2021 ही रहेगी। उन्होंने बताया कि समस्त कार्ड धारक 22 मार्च, 2021 तक उपरोक्तानुसार खाद्यान्न प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि उचित दर दुकान पर अधिक संख्या में एकत्रित न हों तथा हाथ धोने के बाद ही ईपॉस मशीन पर अंगूठा निशानी से मिलान करें। वितरण कार्य में विक्रता तथा नोडल अधिकारी को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। किसी उपभोक्ता को कोई समस्या हो तो जिला पूर्ति कार्यालय बिजनौर के कन्ट्रोल रूम नं0 7895379933 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
एसपी ग्रामीण ने किया मंडावली थाने का निरीक्षण थाने के निरीक्षण में ठीक पाए जाने पर जताई संतुष्टि पर्वों को लेकर एसपी ग्रामीण ने आवश्यक दिशा निर्देश
बिजनौर। एसपी ग्रामीण थाना मंडावली का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के दस्तावेजों के रखरखाव, शस्त्रागार सहित सभी बिन्दुओं का निरीक्षण करने के साथ ही होली पर्व को लेकर थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय कुमार ने थाना मंडावली पहुंचकर वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों का रखरखाव, शस्त्रागार, दंगा निरोधक उपकरण, कम्प्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, मैस, कर्मचारी बैरक आदि का निरीक्षण किया। एसपीआरए ने थाना परिसर की साफ सफाई व दस्तावेजों के रखरखाव पर संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने आगामी त्योहार होली, शब-ए-बारात तथा पंचायत चुनाव 2021 के दृष्टिगत थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने क्षेत्र के लोगों व मीडियाकर्मियों के साथ वार्ता की और आगामी होली पर्व व पंचायत चुनाव 2021 में पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर थाना प्रभारी हिमांशु चौहान एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने गिनाए कृषि बिल के फ़ायदे। गांव गांव जाकर किसानों को बता रहे हैं कृषि बिल के फायदे। नए कृषि बिल से किसानों की आय दोगुनी होगी।
लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि बिलों के समर्थन में लखनऊ की विधानसभा मलिहाबाद के ग्रामखंडसरा, गोपालपुर, गोड़वा बरौकी सहित दर्जनों गांवों में चौपाल लगाकर कृषि कानूनों बिलों के विषय में किसानों को समझा कर जागरूक किया।
बताते चलें कि राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि बिलों के फायदे की जानकारी गांव गांव जाकर किसान चौपाल के माध्यम से बता रहे हैं।
चौपाल को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि अराजकतावादी तथाकथित किसान संगठन व उनके नेता किसानों के नाम पर कृषि बिलों के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के नाम पर दलालों ने जबरन कब्जा कर रखा है, जिससे देश का अन्नदाता बदनाम हो रहा है। किसानों के नाम पर राजनीति चमकाने वालों के खिलाफ देश का अन्नदाता एवं असली किसान उठ खड़ा हुआ है।
उन्होंने कृषि सुधार कानून बिलों से मिलने वाले फायदों से किसानों को अवगत कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कहा कि मोदी सरकार ने इन तीनों कृषि सुधार कानून (बिलों) को खेत, खिलहान, किसान को केन्द्र बिन्दु मान कर लागू किया है। कुछ किसान संगठन के दलालों द्वारा कृषि बिल का विरोध कर किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। दुर्भाग्य से देश के कुछ विपक्षी राजनेता और दल भी इस तथाकथित किसान आंदोलन की आड़ में देश के किसानों के खिलाफ षडयंत्र रचने का काम कर रहे है, जो भारी चिंता का विषय है। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इन नकली किसान संगठनों एवं इनके नेताओं के खिलाफ लगातार आंदोलन जारी रखेगी एवं इनके द्वारा किये जा रहे किसानों के खिलाफ षडयंत्र को बेनकाब करेगी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकुमार लोधी, मूलचंद यादव,भैया लाल यादव,बिजय शर्मा,रामकुमार शुक्ला सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
प्रशिक्षण को पहुंचे सीओ ने ली लंबित मामलों की जानकारी। पेंचीदा मामलों के निस्तारण पर कर रहे हैं फोकस। नजीबाबाद थाना कोतवाली पर पहुंचे सीओ डा. गणेश कुमार गुप्ता
बिजनौर। प्रशिक्षण के लिए थाना कोतवाली नजीबाबाद पहुंचे प्रशिक्षु पुलिस क्षेत्राधिकारी डा.गणेश कुमार गुप्ता ने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह से लंबित मामलों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने सबसे कठिन मामलों की जानकारी लेकर उनके निस्तारण के लिए कवायद शुरू की। गुरूवार को प्रशिक्षु पुलिस क्षेत्राधिकारी डा.गणेश कुमार गुप्ता ने हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह व एसएसआई राजीव चौधरी से आवश्यक मंत्रणा की और दिशा निर्देश दिए। कहा कि उसके संभावित ठिकानों पर अलग-अलग टीमें बनाकर दबिश दी जाए और उसकी लोकेशन ट्रेस की जाए। इसके अलावा उन्होंने पति की ओर से पत्नी हत्या करने के मामले मेंं अपडेट लिए। एक अन्य केस के सम्बन्ध में एसएसआई राजीव चौधरी ने प्रशिक्षु सीओ को जानकारी दी कि नगर के एक गांव की युवती के अपने गांव के ही अन्य जाति के युवक के साथ प्रेम प्रकरण में भागने का मामला है। इस पर उन्होंने युवती व युवक की लोकेशन ट्रेस करने के लिए खुद कमान संभालते हुए कवायद शुरू कर दी।
मीडिया से वार्ता करते हुए प्रशिक्षु सीओ डा.गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि तहसील दिवस में पूर्व में आए काफी समय से लंबित पड़े अधिक पेंचीदा जमीनी विवादों को कुछ दिनों पूर्व उसको प्रशिक्षण के दौरान निस्तारित कराया गया था। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए आवश्यक है कि जांच से दोनों पक्ष संतुष्ट होने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह प्रशिक्षण के दौरान पेंचीदा मामलों के निस्तारण पर फोकस कर रहें हैं।
निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे एलआईसी कर्मचारी कार्यालय का कामकाज ठप होने से बैरंग लौटे ग्राहक
बिजनौर। आल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर निजीकरण प्रयासों का विरोध करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी कामकाज से विरत रहे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। नजीबाबाद में गुरुवार को मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष ज्ञानदेव वर्मा, मंत्री रोहित कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने आल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर हड़ताल की। हड़ताल पर रहे भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने एलआईसी शाखा पर कामकाज से दूरी बनाए रखी। शाखा अध्यक्ष ज्ञानदेव वर्मा ने कहा कि बीमा कर्मचारी जिन मांगों को लेकर विरोध आंदोलन चला रहे हैं, उनमें आईपीओ और 74 प्रतिशत एफडीआई के विरोध के साथ वेज रिविजन की मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने कार्यालय कर्मचारी कपिल कुमार के पिता के निधन पर संवेदना व्यक्त किया।
धामपुर में एलआईसी कर्मचारियों ने क्षत्रिय नगर स्थित कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शाखा सचिव मोहित ने कहा कि देश भर में एलआईसी के 40 करोड़ से अधिक पॉलिसी धारक हैं। एलआईसी सरकार की पंचवर्षीय योजना में योगदान करती है। सन 1956 में 245 निजी कंपनियों को लेकर तत्कालीन सरकारों ने एलआईसी का 1956 से राष्ट्रीयकरण किया। अब देश भर के करोड़ों बीमा धारकों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से देश के सर्वाधिक सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण एवं एफडीआई तत्काल वापस लिए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में नरेश वत्स, सुनील दिनेश, राकेश, विवेक, राजेंद्र, कुलवीर, विनीत, विकास, इंद्रजीत आदि शामिल रहे।
लखनऊ। यूपी त्रिस्तरीय पंचायत समान्य निर्वाचन-2021 के लिए किसी प्रकार के चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। जिला पंचायत पद के उम्मीदवार द्वारा चुनाव प्रचार में अधिकतम 1.50 लाख रुपए तथा प्रधान ग्राम पंचायत के उम्मीदवार 75 हजार रुपए की धनराशि खर्च कर सकेंगे। नाम निर्देशन पत्र का मूल्य, जमानत धनराशि तथा चुनाव के दौरान व्यय धनराशि की अधिकतम सीमा राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्धारित की है।
निर्वाचन सूत्रों के अनुसार पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार को किसी भी प्रकार के चरित्र प्रमाण पत्र की किसी भी स्तर पर आवश्यकता नहीं है। एक उम्मीदवार चार नाम निर्देशन पत्र जारी कर सकता है। आरओ द्वारा सार्वजनिक सूचना जारी किए जाने के नामांकन पत्रों की बिक्री प्रतिदिन तक की जाएंगी। सदस्य ग्राम पंचायत के पद के लिए नाम निर्देशन पत्र का मूल्य 150 रुपए, जमानत धनराशि 500 रुपए तथा चुनाव के दौरान अधिकतम 10 हजार रुपए तक की धनराशि व्यय की जा सकती है। इसी प्रकार प्रधान ग्राम पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र का मूल्य 300 रुपए, जमानत धनराशि दो हजार रुपए तथा चुनाव के दौरान अधिकतम 75 हजार रुपए तक व्यय किए जा सकेंगे। सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र का मूल्य 300 रुपए, जमानत धनराशि दो हजार रुपए तथा चुनाव के दौरान अधिकतम 75 हजार रुपए तक व्यय किए जा सकेंगे तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए नाम निर्देश पत्र का मूल्य 500 रुपए, जमानत धनराशि चार हजार रुपए तथा चुनाव के दौरान अधिकतम एक लाख 50 हजार रुपए तक व्यय किए जा सकेंगे। डीएम ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा महिला वर्ग के उम्मीदवारों से नाम निर्देशन तथा जमानत के लिए निर्धारित धनराशि की आधी धनराशि ही ली जाएगी।
नाम निर्देशन पत्र नगद मूल्य देकर प्राप्त किया जा सकेगा। विशेष परिस्थितियों में नामांकन के नियत समय के पूर्व तक जमानत धनराशि नगद भी जमा की जा सकेंगी। जमा के परिणाम स्वरूप निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी रसीद देंगे। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को तहसीलदार, उपजिलाधिकारी से प्रदत्त जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। महिला उम्मीदवारों की आरक्षित श्रेणी वहीं होगी जिस श्रेणी में उनका जन्म हुआ है। शपथ पत्र आरओ से नामांकन पत्र के साथ निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। उम्मीदवार को ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत का बकायेदार होने की स्थिति में नामांकन पत्र रद कर दिया जाएगा।
किसी सहकारी समिति का अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष प्रधान ग्राम पंचायत अथवा सदस्य का पद धारण करने के लिए अनर्ह होगा। उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। उम्मीदवार को प्रधान, सदस्य ग्राम पंचायत के लिए उसी ग्राम पंचायत के किसी भी वार्ड का, सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए सम्बधिंत क्षेत्र पंचायत के किसी भी वार्ड का मतदाता होनी जरूरी है। जिला पंचायत सदस्य के लिए जिला पंचायत वार्ड के किसी भी वार्ड का सदस्य होना जरूरी है
होलाष्टक 22-28 मार्च तक, 29 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली
होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया जाता है। रंग खेलने वाले दिन को धुलेंडी कहा जाता है। इसके एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस साल होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 29 मार्च को होगी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलिका दहन तक होलाष्टक मनायी जायेगी. इस साल 22-28 मार्च तक होलाष्टक तिथि पड़ रही है. इसे होली से 08 दिन पहले माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में मुंडन संस्कार, शादी-विवाह, गृह प्रवेश या नए पूरे भवन का निर्माण व नए व्यवसाय खोलने जैसे कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए.
होलाष्टक से जुडी मान्यता – कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या इसी दौरान भंग कर दी थी. जिससे नाराज होकर फाल्गुन की अष्टमी तिथि को ही शिव शंभू ने प्रेम के देवता को भस्म कर दिया था। इसके बाद पूरी सृष्टि नीरस हो गयी थी। हालांकि, कामदेव की पत्नी रति ने शिव जी की अराधना करके दोबारा अपने पति कामदेव को पुर्नजीवित करवाया। जिसके बाद भक्तों ने 8 दिनों तक शुभ कार्य करने को वर्जित माना। 28 मार्च को होली दहन का मुर्हूत सायंकाल 06ः21 से रात्रि 08ः41 तक करना उचित है। ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज (AMJA)
पट्टा धारकों ने लेखपाल के खिलाफ प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन। शौचालय बनवाने के लिए वसूले 2-2 हजार। अब पट्टे के लिए मांग रहा 8-8 हजार। जेसीबी से मकान गिराने की धमकी।
कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते बस्तापुर के ग्रामीण।
फतेहपुर, (शमशाद खान AMJA)। तेलियानी विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बस्तापुर के पट्टा धारकों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर लेखपाल के ऊपर आठ-आठ हजार रुपए रिश्वत मांगने का गम्भीर आरोप लगाया। साथ ही पट्टा धारकों को धमकाये जाने की बात कही। तत्पश्चात जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की जांच कराकर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की। बस्तापुर के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और लेखपाल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। बताया कि उनके 30 वर्ष पुराने मकान आबादी में बने हैं। ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए बारह हजार रूपये मिले थे। उसी जमीन पर शौचालय बना रहे हैं, जिसमें लेखपाल ने दो-दो हजार रुपए रिश्वत ली थी। अब दोबारा आठ-आठ हजार रुपए मांग रहा है। लेखपाल का कहना है कि लिखा-पढ़ी में कोई पट्टा नहीं है। हम लोगों को धमकाता है अगर पैसा नहीं दोगे तो मकान जेसीबी से गिरा दिया जायेगा। इतना ही नहीं सत्रह मार्च को लेखपाल जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गया, जिससे ग्रामीण डरे व सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रकरण की जांच कराकर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की। इस मौके पर सुनीता, निर्मला देवी, अर्पिता, राजकुमारी, राम बाबू, शकुन्तला, मनोज, वासुदेव, चन्द्र किशोर, रमेश, हरि, अनीता देवी, कुसुमा देवी, यशोदा देवी, ज्ञान सिंह, रामपति देवी आदि शामिल रहीं।
पंचायत चुनाव 2021: जनसंख्या अनुपात के अवरोही क्रम में प्रधान पद की सीट होगी आरक्षित
लखनऊ। पंचायत चुनाव में अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्ग के लिए प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस विकासखंड में अलग-अलग ग्राम पंचायतों को उनके प्रादेशिक क्षेत्र की कुल जनसंख्या में क्रमश: अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों की जनसंख्या के अनुपात के अवरोही क्रम में आवंटित की जाएगी।
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार संबंधित विकास खंड में ग्राम पंचायतों में से वह ग्राम पंचायत, जिसके प्रादेशिक क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक हो, वह एसटी को आवंटित की जाएगी। वह ग्राम पंचायत, जिसके प्रादेशिक क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक होगा, वह एससी को आवंटित की जाएगी।
इसी प्रकार वह ग्राम पंचायत, जिसके प्रादेशिक क्षेत्र में पिछड़े वर्ग की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक होगा, ओबीसी वर्ग को आवंटित की जाएगी। इस प्रकार जहां तक हो सके पंचायत के सामान्य निर्वाचन वर्ष 2015 में अनुसूचित जनजातियों को आवंटित ग्राम पंचायत वापस एसटी वर्ग को ही आवंटित नहीं की जाएगी। अनुसूचित जाति को आवंटित ग्राम पंचायत इस बार एससी को ही आवंटित नहीं की जाएगी। पिछड़े वर्ग को आवंटित ग्राम पंचायत इस बार पिछड़े वर्ग को आवंटित नहीं की जाएगी।
आरक्षण का क्रम- 1. अनुसूचित जनजाति की महिलाएं 2. अनुसूचित जनजाति 3. अनुसूचित जाति की महिलाएं 4 अनुसूचित जाति 5. पिछड़े वर्ग की महिलाएं 6. पिछड़े वर्ग 7. महिलाएं
प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का आवंटन- सबसे पहले ग्राम पंचायत क्षेत्र के विभिन्न प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) को अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों की जनसंख्या या परिवारों की संख्या और प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) की कुल जनसंख्या में से आरक्षित श्रेणी की जनसंख्या को घटाकर सामान्य आबादी की जनसंख्या के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाएगा। यदि एक से अधिक वार्ड में आरक्षित वर्ग या सामान्य आबादी की जनसंख्या समान होगी तो कम संख्या वाले वार्ड को अवरोही क्रम में पहले रखा जाएगा। अधिक संख्या वाले वार्ड को अवरोही क्रम में बाद में रखा जाएगा। इसी प्रकार यदि वार्डों में किसी में आरक्षित वर्ग या सामान्य आबादी की संख्या शून्य होगी तो कम क्रमांक वाले वार्ड को अवरोही क्रम में पहले और अधिक क्रमांक वाले वार्ड को बाद में रखा जाएगा।
लखनऊ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने नई गाइडलाइंस जारी की है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोविड-19 के संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशनों पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड रोग के नए मामलों को रोकने के लिए अधिक संक्रमण वाले प्रदेशों से आने वाले यात्रियों के कोविड संक्रमण की जांच कराया जाना बहुत जरूरी है। संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की प्रदेश के एयरपोर्ट पर एंटीजन जांच कराई जाए।
रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच सभी जिलों में रेलवे स्टेशनों पर कोविड-19 संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से वापस आ रहे यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच कराते हुए लक्षणयुक्त व्यक्तियों के नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए एकत्र कर जिले की संबद्ध प्रयोगशाला को भेजे जाएं। प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की विशेष रूप से सघन जांच की जाए तथा लक्षण प्राप्त होने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाए। इसके अलावा रेलवे के सहयोग से सभी यात्रियों की सूची प्राप्त कर सर्विलांस की कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा है कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर जहां लंबी दूरी से अन्य प्रदेशों से आने वाली रेलगाड़ियां रुकती हों, वहां 24 घंटे कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
कैलेंडर के अनुसार कराएं क्षेत्रवार जांच मुख्य सचिव ने कहा है कि हर जिले में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र तथा स्कूल-कॉलेज आदि में कोविड-19 की जांच किए जाने के लिए क्षेत्रवार कैलेंडर तैयार किया गया है, जो पहले ही सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इस कैलेंडर के अनुसार ही प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने वर्तमान में दस्तक अभियान में घर-घर भ्रमण कर रहे फ्रंट लाइन वर्कर से प्रतिदिन ऐसे क्षेत्रों के विषय में जानकारी लेने का निर्देश दिया है, जहां देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में नागरिक वापस आए हैं। ऐसे क्षेत्रों में सतन सघन निगरानी एवं नियमित कोविड-19 की जांच कराई जाए।
पांच राज्यों से आने वालों की टेस्टिंग अनिवार्य जिन पांच राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहां से आने वालों की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। इनमें खासतौर पर महाराष्ट्र, केरल, पंजाब शामिल हैं। यानी मुम्बई, पुणे, चंडीगढ़, कोच्चि से आ रहे यात्रियों पर अब खास नजर रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर और डीएम ने संयुक्त रूप से ये निर्देश दिए हैं। ज्यादा संक्रमितों वाले राज्यों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। इन स्थानों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से कोरोना जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस आशय के निर्देश दिए हैँ।
एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए न लें ज्यादा पैसे एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए ज्यादा पैसे न लेने के सख्त निर्देश दिए। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने ‘विदेश से आ रहे यात्रियों से जांच के नाम पर लग रही 900 रुपए की चपत’ खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने एयरपोर्ट प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोरोना जांच संक्रमण रोकने के लिए है। इसके लिए यात्रियों ने अनावश्यक धन न वसूला जाए। डीएम ने एयरपोर्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों का भी कोविड टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा गुरुवार से रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सर्विलांस ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर कैंटीन, खाने पीने की स्टॉल और दुकानों के कर्मचारियों की भी कोविड टेस्टिंग कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं।
आज से 84 कैंटेनमेंट जोन पर लगेंगी बेरिकेडिंग संक्रमित व्यक्ति घर के बाहर न निकलें इसके लिए फिर से सख्ती शुरू होगी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कंटेनमेंट जोन में बेरिकेडिंग लगाने और संक्रमित व्यक्तियों के घर के बाहर स्टिकर लगाने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में बुधवार को कंटेनमेंट जोन की संख्या 84 हो गई थी। अब इन स्थानों पर बेरिकेडिंग लगेगी। ये कंटेनमेंट जोन गोमती नगर, इन्दिरा नगर, रायबरेली रोड पर सर्वाधिक हैं।
एक जिले में एक ही दिन होगा पंचायत चुनाव चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश। प्रत्येक चरण में 18 या 19 जिले होंगे। पूरा पंचायत चुनाव चार चरणों में होगा सम्पन्न
लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रशासनिक अमले में तेजी के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग भी पूरी तरह से मुस्तैद है। आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा की ओर से पत्र भेजा गया है। इस पत्र के अनुसार इन चारों पदों के लिए एक जिले में एक ही बार में मतदान करवाया जाएगा। प्रत्येक चरण में 18 या 19 जिले होंगे। इस तरह से पूरा पंचायत चुनाव चार चरणों में सम्पन्न करवाया जाएगा। पंचायत चुनाव में इस बार हर पोलिंग बूथ पर तीन के बजाए दो मतपेटी ही उपलब्ध करवाई जाएंगी। चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद अगर किसी मतदान स्थल पर भारी संख्या में उम्मीदवार हो जाएंगे तो वहां हर पोलिंग बूथ पर तीन मतपेटी दी जाएंगी। एक मतपेटी में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के चारों पदों के मतपत्र डाले जाएंगे। एक मतपेटी भरने के बाद दूसरी मतपेटी इस्तेमाल की जाएगी। अपर निर्वाचन आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिले के विकास खण्डों का चुनाव एक ही चरण में सम्पन्न करवाए जाने की स्थिति में कुछ जिलों में उपलब्ध कार्मिकों के अलावा अन्य कार्मिकों की जरूरत पड़ेगी, जिनको मण्डल के अन्य जिलों से लेकर जरूरत को पूरा किया जाएगा। आयोग ने निर्णय लिया है कि हर मण्डल में एक चरण में एक जिले का चुनाव करवाया जाएगा। अगर किसी मण्डल में जिलों की संख्या 4 से अधिक है तो किसी एक चरण में दो जिलों में एक साथ मतदान सम्पन्न करवाया जाएगा। पोलिंग पार्टी में पीठासीन अधिकारी के अलावा तीन मतदान अधिकारी होंगे। पोलिंग पार्टी का चयन रैण्डमाइजेशन पद्धति से करवाया जाएगा। चूंकि महिला कार्मिकों की संख्या आवश्यकता से कम है। इसलिए साफ्टवेयर में हर पोलिंग पार्टी के लिए एक महिला कार्मिक को रखने की अनिवार्यता नहीं होगी। सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण एक ही बार में होगा।
भारत सरकार की टेलीमेडिसिन सेवा ने 30 लाख परामर्श प्रदान किए रोजाना 35,000 से अधिक मरीज डिजिटल रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए ईसंजीवनी का उपयोग कर रहे हैं।
नई दिल्ली। भारत सरकार की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा-ईसंजीवनी ने 30 लाख परामर्श उपलब्ध कराकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में, राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा 31 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित है और प्रतिदिन देश के 35,000 से अधिक मरीज स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए इस नवाचारी डिजिटल माध्यम – ईसंजीवनी का उपयोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित की गई है। दो प्रकार की ईसंजीवनी सेवाएं शामिल हैं। पहली सेवा, डॉक्टर से डॉक्टर (ईसंजीवनी एबी-एचडब्ल्यूसी) टेलीमेडिसिन प्लेटफ़ॉर्म जो हब और स्पोक मॉडल पर आधारित है, जबकि दूसरी सेवा, मरीज से डॉक्टर टेलीमेडिसिन प्लेटफ़ॉर्म (ईसंजीवनी ओपीडी) है, जो मरीजों को उनके घरों पर ही ओपीडी सेवाएं प्रदान करती है। ईसंजीवनी एबी-एचडब्ल्यूसी आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में लागू की जा रही है। दिसंबर 2022 तक इस सेवा को पूरे भारत में 1,55,000 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में संचालित कर दिया जाएगा। यह योजना नवंबर 2019 में शुरू की गई थी और आंध्र प्रदेश ईसंजीवनी एबी-एचडब्ल्यूसी शुरू करने वाला पहला राज्य था।
इसकी शुरूआत से लेकर अभी तक विभिन्न राज्यों में 1,000 से अधिक केन्द्र और लगभग 15,000 स्पोक्स स्थापित किए गए हैं। ईसंजीवनी एबी-एचडब्ल्यूसी ने लगभग 9 लाख परामर्श पूरे कर लिए हैं। ईसंजीवनी ओपीडी में स्थापित 250 से अधिक ऑनलाइन ओपीडी के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन ऑनलाइन ओपीडी में 220 से अधिक विशेषज्ञ ओपीडी हैं और शेष सामान्य ओपीडी हैं। ईसंजीवनी ओपीडी देश में पहले लॉकडाउन के दौरान 13 अप्रैल 2020 को शुरू की गई थी, अन्य सभी ओपीडी बंद कर दी गई थीं। अभी तक ईसंजीवनी ओपीडी के माध्यम से 21 लाख से अधिक रोगियों को सेवा प्रदान की गई है।
सबसे बड़ी संख्या में परामर्श प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच जिलों के नाम इस प्रकार हैं – सलेम, तमिलनाडु (1,23,658), मदुरै, तमिलनाडु (60,547), हासन, कर्नाटक (43,995), मेरठ, उत्तर प्रदेश (35,297) और रायबरेली, उत्तर प्रदेश (34,227) । ये आंकड़े दर्शाते है कि थ्री टिअर और 4 टिअर शहरों में नागरिकों ने ईसंजीवनी को अधिक उपयोगी पाया है।
शराबी पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतारा। चार बच्चों की मां ने मौके पर ही तोड़ा दम। घटना को अंजाम देकर आरोपी फरार। एसपी के निर्देश पर दो टीम तलाश में जुटीं।
बिजनौर। तहसील नजीबाबाद अंतर्गत जलालाबाद क्षेत्र के गांव इब्राहीमपुर उर्फ नंगला में बुधवार देर रात्रि शराबी पति ने कुल्हाड़ी से काटकर पत्नी की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी पति की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 02 टीमें गठित कर उसकी तलाश शुरू करा दी है। पुलिस के अनुसार जलालाबाद क्षेत्र के गांव इब्राहीमपुर उर्फ नंगला निवासी विजय सिंह (48 वर्ष) शराब पीने का आदी हैं। शराब पीने को लेकर अक्सर इसका अपनी पत्नी गुडडो (45 वर्ष) से विवाद होता रहता था। आएदिन वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी करता रहता था। बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे वह शराब के नशे में घर पहुंचा। शराब पीने को लेकर उसका पत्नी से झगड़ा हो गया। आरोपी ने घर में रखी कुल्हाड़ी से पत्नी गुड्डो पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में चार बच्चों की मां गुड्डो की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया।
ग्रामीणों की सूचना मिलते ही सीओ नजीबाबाद गजेंद्रपाल सिंह, थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। एसपी ग्रामीण संजय कुमार ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि विजय सिंह नशा करने का आदी था और आए दिन पत्नी के साथ झगड़ा करता था। घटना के बाद से वह फरार है। परिवार की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी पति की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 02 टीमें गठित कर उसकी तलाश शुरू करा दी है।
UP Panchayat Election: 2015 में जिस जाति-वर्ग की सीट आरक्षित, उसे इस बार आरक्षण नहीं
यूपी में में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में पदों का आरक्षण व आवंटन वर्ष 2015 के रोटेशनसे ही होगा। उस वर्ष जो सीट जिस जाति के लिए आरक्षित हुई थी, इस बार के चुनाव में वह सीट उस जाति के लिए आरक्षित नहीं की जाएगी। प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने 15 मार्च को हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ के आदेश का पालन करते हुए बुधवार की देर रात पंचायतों के पदों और सीटों के आरक्षण और आवंटन के बारे में शासनादेश जारी किया।
इस शासनादेश में कहा गया है कि 15 मार्च को हाईकोर्ट के आदेश के पालन के अनुसार इस साल 11 फरवरी को पंचायतों की सीटों व पदों के आरक्षण व आवंटन के लिए जारी शासनादेश निरस्त कर दिया है। नया शासनादेश जारी किया गया है। इस नए शासनादेश के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष के 75, ब्लाक प्रमुख के 826 और ग्राम प्रधान के 58194 पदों में आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। राज्य में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधानों में एस.टी, एस.सी. और ओबीसी के लिए आरक्षित किये जाने वाले पदों की संख्या की गणना राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में की जाएगी। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, एसटी व एससी के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से पंचायतों में सीटें आरक्षित की जाएंगी।
शासनादेश में कहा गया है कि वर्ष 2015 में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधान तथा ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के पदों की जो सीटें जिन जातियों के लिए आरक्षित की गई थीं, इस बार के चुनाव के लिए वह सीटें उन जातियों के लिए आरक्षित नहीं की जाएंगी। उदाहरण के लिए महिला के लिए आरक्षित ब्लाक प्रमुख के पदों के आवंटन के लिए जिले की क्षेत्र पंचायतें जो एसटी., एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित हो चुकी हैं, उनको हटाते हुए जो बाकी बचेंगी, उन्हें सामान्य वर्ग की जनसंख्या के अवरोही क्रम में लगाया जाएगा। सबसे पहले महिला की सीट का आवंटन उन क्षेत्र पंचायतों में किया जाएगा जो वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में महिला श्रेणी में आवंटित नहीं रही हैं।
रोटेशन -एस.टी. महिला -एस.टी. -एस.सी.महिला -एस.सी. -ओबीसी महिला -ओबीसी -महिला
किसके लिए कितनी सीटें आरक्षित -जिला पंचायत अध्यक्ष-एसटी के लिए शून्य, एससी के लिए 16 (6 महिला एवं एससी अन्य), ओबीसी के लिए 20 सीटें( महिला-7 एवं 13 अन्य ओबीसी) आरक्षित, महिलाएं-12, समान्य–27 सीटें आरक्षित। -ब्लाक प्रमुख-एसटी के लिए 5, एससी के लिए 17 और ओबीसी के लिए 223 सीटें आरक्षित। -ग्राम प्रधान-एसटी के लिए 330, एससी के लिए 120 45 और ओबीसी के लिए 5712 सीटें आरक्षित।
यूपी पंचायत चुनाव: जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटों के लिए आरक्षण तय
लखनऊ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2015 को बेस मानते हुएपंचायत चुनाव के आरक्षण को तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार की रात जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की सूची जारी कर दी गई। पिछली सूची से इस सूची में केवल दो वर्गों में ही बदलाव देखने को मिला है। पिछली सूची में अनुसूचित जाति महिला, अनूसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला और पिछड़ा वर्ग के लिए जो जिले आरक्षित थे, इस बार भी वही जिले आरक्षित हैं। बदलाव केवल अनारक्षित और महिला के लिए आरक्षित सीटों में हुआ है।
पिछली सूची में अमेठी, कन्नौज, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, सोनभद्र और हमीरपुर को महिला के लिए आरक्षित किया गया था। इस बार यह सभी जिले अनारक्षित हो गए हैं। इसी तरह सिद्धार्थनगर, आगरा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ पहले अनारक्षित थे। अब ये महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटों के लिए जारी आरक्षण- अनुसूचित जाति महिला शामली, बागपत, कौशांबी, लखनऊ, सीतापुर और हरदोई की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है।
अनुसूचित जाति कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और मिर्जापुर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है।
ओबीसी महिला बदायूं, संभल, एटा, हापुड़, बरेली, कुशीनगर और वाराणसी की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई है। null
ओबीसी आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती, संत कबीर नगर, चंदौली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है।
महिला बहराइच, प्रतापगढ़, जौनपुर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, आगरा, सुल्तानपुर, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं।
अगला विस्तृत कार्यक्रम- 18 से 19 मार्च -जिला स्तर पर आरक्षित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का आवंटन और जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के आरक्षण व आवंटन का डीएम द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाना।
20 से 22 मार्च – आरक्षित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख का आवंटन और जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) के आरक्षण और आवंटन की प्रस्तावित सूची का डीएम द्वारा प्रकाशन।
20 से 23 मार्च -प्रस्तावित सूची पर दावे और आपत्तियां प्राप्त किया जाना।
24 से 25 मार्च- आपत्तियों का जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय का संकलन और डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण, निस्तारण व अंतिम सूची तैयार करना।
26 मार्च- डीएम द्वारा आरक्षित ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख के पदों का आवंटन, जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के वार्डों के आरक्षण व आवंटन की अंतिम सूची का प्रकाशन तथा पंचायतीराज निदेशालय व जिला निर्वाचन अधिकारी को तय प्रारूप पर विवरण उपलब्ध करवाया जाना।
पंचायतों के आरक्षण व आवंटन की अधिसूचना जारी इससे पहले प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने राज्य की पंचायतों में स्थानों और पदों के आरक्षण और आवंटन के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। मंगलवार 16 मार्च को कैबिनेट ने हाईकोर्ट के 15 मार्च के आदेश का अनुपालन करते हुए पंचायतों में आरक्षण के लिए आधार वर्ष (बेस इयर) 1995 के बजाए 2015 को मानकर आरक्षण तय करने का निर्णय लिया था।
कैबिनेट के इस निर्णय के आधार पर पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने उ.प्र.पंचायती राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली 2021 की अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के अनुसार प्रदेश की राज्यपाल ने उ.प्र. पंचायतराज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली में संशोधन करने की दृष्टि से नई नियमावली बनाने का आदेश दिया है। यह नियमावली उ.प्र. पंचायतीराज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली 2021 कहलाएगी। इस नियमावली में 2015 को आधार वर्ष मानकर राज्य की पंचायतों में स्थानों और पदों के आरक्षण की व्यवस्था की गयी है।
पति को लहूलुहान कर लाखों के जेवर लेकर प्रेमी संग फरार हुई नई नवेली दुल्हन। बिजनौर में लुटेरी दुल्हन प्रेमी संग फरार। रिश्तों को तार-तार कर एक दुल्हन अपने पति का सिर फोड़कर प्रेमी संग भागी। मंगलवार को हुई थी दोनों की शादी। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस।
बिजनौर। शादी के दो दिन बाद ही पति को घायल कर दुल्हन करीब दो लाख के जेवर व बीस हजार रुपए की नकदी लेकर प्रेमी संग फरार हो गई। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ग्राम कुंडा खुर्द निवासी एक युवक दो दिन पूर्व हरिद्वार से एक युवती से विवाह किया था। मंगलवार रात करीब साढे़ ग्यारह बजे पति को उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर बेहोश कर दिया। इसके बाद वह सोने का टीका, चेन, अंगूठी, हार चांदी की पाजेब और 20 हजार रुपए की नकदी के अलावा महंगा मोबाइल लेकर अपने प्रेमी संग फरार हो गई। होश मे आने पर युवक ने परिजनों को जानकारी दी। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी हासिल कर दुल्हन व उसके प्रेमी की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हलका दारोगा राजकुमार वर्मा ने बताया कि घटना की तहरीर नहीं मिली है।
आईआईएसई में 20 से शुरू होगा ‘स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर कई स्कूल कालेजों के बीच होगा मुकाबला
लखनऊ। आईआईएसई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में वार्षिक स्पोटर्स कार्यक्रम ‘स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर शुभारंभ शनिवार 20 मार्च से हो रहा है। कल्याणपुर स्थित कॉलेज कैम्पस में वॉलीबॉल, फुटसॉल, टग ऑफ वॉर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। मनोरंजक कार्यक्रमों की कड़ी में ‘स्ट्रीट डांस कॉम्प्टीशन भी होगा। संस्थान की सीएमडी फिरदौस सिदद्की ने बताया कि यह संस्थान छात्रों के चैतरफा विकास के लिए प्रयत्नशील है। जहां पढ़ाई के साथ समय-समय पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।’स्पीरियल 2021 और ‘स्कूल एक्सप्लोर उसी कड़ी का हिस्सा है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अरुण कुमार शुक्ला और प्रिंसिपल डॉ. शैल मिश्रा ने बताया कि 20 मार्च से शुरू होने वाले इन कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न स्कूल कालेज जैसे बीबीडी, नेशनल पीजी, बीएनसीटी, एसएमएस व स्प्रिंगडेल कालेज सहित अन्य टीमों के बीच मुकाबला होगा। इस कड़ी में ओपन टूर्नामेंट की शुरुआत बुधवार 17 मार्च से हो चुकी है जबकि 22 मार्च को फिनाले व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।
श्रीमती हेम लता पाठक मेमोरियल ओपन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट 19 मार्च से
लखनऊ। गौरव खन्ना एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी के तत्वावधान में 19 मार्च से 21 मार्च 2021 को श्रीमती हेम लता पाठक मेमोरियल ओपन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 200 प्रतिभागियों के पंजीकृत होने की उम्मीद जतायी जा रही है। विभिन्न वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में बालक और बालिका, अंडर-9, 11,13,15,17, 19 और सीनियर वर्ग में भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन एक्सीलिया स्कूल में स्थित गौरव खन्ना एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी में किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में द्रोणाचार्य अवार्डी गौरव खन्ना ने बताया कि एक्सीलिया बैडमिंटन अकादमी भारत वर्ष की प्रथम पैरा बैडमिंटन अकादमी है। माना जा रहा है कि इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब सामान्य खेलों की प्रतियोगिता का उद्घघाटन पैरा एथलीट 4 अर्जुन अवार्डी प्रमोद भगत (वर्ल्ड न0 1), मनोज सरकार (वर्ल्ड न0 3), पारुल डी परमार (वर्ल्ड न0 1) और रोहित बाकर द्वारा किया जाएगा।
मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव व निवारण के संबंध में दी जानकारी मलिहाबाद विकास खंड सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम
मलिहाबाद/लखनऊ। नेशनल एक्शन प्लान फार ड्रिमाण्ड रिडक्शन के अंतर्गत स्टेक होल्डर्स द्वारा मलिहाबाद विकास खंड सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान बख्शी का तालाब द्वारा किया गया, जिसके प्रायोजक बीकेटी का दीन दयाल राज्य ग्राम्य विकास संस्थान रहा। खंड विकास अधिकारी संस्कृता मिश्रा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आए हुए प्रतिभागियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव व निवारण के संबंध में जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर वीके अवस्थी में प्रतिभागियों को बताया की नशे की लत ऐसी समस्या है, जिसकी चपेट में छोटे, किशोर, युवा और स्त्री, पुरुष अमीर, गरीब सभी आ चुके हैं। इनमें न जात पात का भेदभाव है और न समय और देश का। नशा व्यक्ति के दिमाग में रासायनिक परिवर्तन कर देता है इससे उसके व्यवहार में कई असामान्य बदलाव आ जाते हैं। उसकी शारीरिक और मानसिक क्षमता घट जाती है और नशेबाज की बुद्धि विकृत हो जाती है जो वह आपराधिक प्रवृत्ति की ओर बढ़ जाता है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में फिल्म दिखाते हुए लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि आप सभी लोगों का फर्ज है कि अपने पास पड़ोस ग्राम पंचायत में नशा करने वाले लोगों को जागरूक करें जिससे उनकी जान बचाई जा सके और उनके परिवार के किसी के पिता,भाई, पुत्र आदि के सिर से दु:खों के पहाड़ से बचाया जा सके। इस दौरान मलिहाबाद ब्लॉक कोऑर्डिनेटर वंदना यादव, अंकिता गौतम, सोनू रावत, शाश्वत शुक्ला, बृजेश कुमार, राकेश वर्मा सहित विकास खण्ड क्षेत्र की काफी ग्राम पंचायतों से महिला पुरुषों ने भागीदारी की।
अपने सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन खर्च वहन करेगाएचडीएफसी बैंक 1 लाख से अधिक कर्मचारियों को कवर किया जाएगा इस अभियान में कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्यों को भी टीकाकरण की सुविधा मिलेगी
लखनऊ। एचडीएफसी बैंक ने घोषणा की है कि वह बैंक के 1 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कोरोनो वायरस से प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने के लिए टीकाकरण का खर्च वहन करेगा। बैंक दो अनिवार्य वैक्सीनेशन के लिए आने वाली लागत राशि की प्रतिपूर्ति करेगा। इस नई पहल के बारे में बात करते हुए, विनय राजदान, समूह प्रमुख-एचआर, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमने लगातार इस पूरे दौर में अपने कार्यालयों और बैंक शाखाओं में अपने कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी अनिवार्य दिशानिर्देशों का पालन किया है। हमारे कर्मचारियों ने लाखों ग्राहकों की सेवा करने के लिए अनुकरणीय दृढ़ता, व्यावसायिकता और समर्पण दिखाया है। हमारे कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए टीकाकरण की लागत को वहन करना हमारे कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए संगठन की ओर से एक छोटा सा प्रयास है। सुश्री आशिमा भट्ट, समूह प्रमुख, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमारे लिए, हमारे कर्मचारी फ्रंट-लाइन वर्कर्स की तरह ही हैं, जिन्होंने सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान भी ग्राहकों के लिए बैंकिंग जैसी आवश्यक सेवा निरंतर उपलब्ध रहें। और हम उनके समर्पण के लिए उनके दिल से शुक्रगुजार हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य कोविड 19 से सुरक्षा के लिए वैक्सीन का सुरक्षा चक्र प्राप्त करें। एचडीएफसी बैंक ने प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और मेडिकल चिकित्सकों के साथ टाई-अप के माध्यम से, लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों को लागू किया। शाखाओं और कार्यालयों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के अलावा, बैंक ने विभिन्न ऑनलाइन पहलों के माध्यम से अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की मानसिक तौर पर भी स्वस्थता सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया।
पंचायत चुनाव के लिये नई नियमावली का शासनादेश आज जारी होगा। सपा सरकार का 10वां संशोधन बहाल। 2015 से आगे चलेगा चक्रानुक्रम।
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ के 15 मार्च को दिए गए आदेश का पालन करते हुए प्रदेश सरकार त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव करवाएगी। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा के अनुसार 25 मई तक ही राज्य में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।
सपा सरकार का 10वां संशोधन बहाल अदालत के आदेश के अनुसार ही वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानकर पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस साल 10 फरवरी को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये पंचायतीराज अधिनियम में 2015 में तत्कालीन सपा सरकार द्वारा किए गए 10वें संशोधन को खत्म करते हुए 11वां संशोधन किया था और 11 फरवरी को इस बाबत पंचायतीराज विभाग ने नया शासनादेश जारी किया था। इस संशोधन के जरिये वर्ष 1995 को आधार वर्ष मानकर पंचायतों की सीटों का आरक्षण तय किया गया था। सपा सरकार ने उस संशोधन के जरिये ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों की सीटों का आरक्षण शून्य करते हुए नए सिरे से इन सीटों का आरक्षण तय किया था। मंगलवार को प्रदेश सरकार ने 10 फरवरी को पंचायतीराज अधिनियम में किये गये 11वें संशोधन को वापस लेते हुए 12वां संशोधन किया, जिसके तहत सपा सरकार में किए गए 10वें संशोधन को फिर से बहाल किया गया। कैबिनेट के इस निर्णय के बाद प्रदेश का पंचायतीराज विभाग बुधवार को 2015 को मूल वर्ष मानकर पंचायत चुनावों में आरक्षण की नयी नियमावली के लिए शासनादेश जारी करेगा। पंचायतीराज विभाग इसी क्रम में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर पंचायतों की सीटों के आरक्षण को तय करते हुए उनके आवंटन की अनंतिम सूची के प्रकाशन, उस पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित करने और उनका निस्तारण करने के बाद अंतिम सूची के प्रकाशन की समय सारिणी भी जारी करेगा। हाईकोर्ट ने यह पूरी प्रक्रिया 27 मार्च तक पूरी करने को कहा है।
2015 से आगे चलेगा चक्रानुक्रम अब इस बार के पंचायत चुनाव के लिए पंचायतों के सभी पदों का नए सिरे से आरक्षण तय होगा। चक्रानुक्रम के अनुसार ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत के पदों के लिए 2015 में तय किए गए आरक्षण के आगे के क्रम में आरक्षण तय होगा क्योंकि 2015 में इन दोनों पदों का आरक्षण शून्य करते हुए नए सिरे से आरक्षण तय किया गया था। क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण 2015 में 2010 के चक्रानुकम से आगे बढ़ा था, अब 2015 में इन पदों का आरक्षण जहां पर छूटा था वहां से आगे बढ़ जाएगा।
पंचायत चुनाव में नए सिरे से रिजर्वेशन तय करने को कैबिनेट की मुहर 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का फैसला चुनाव में नए सिरे से रिजर्वेशन तय करने के लिए कैबिनेट ने लगाई मुहर
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब आरक्षण की प्रक्रिया नए सिरे से तय होगी। मंगलवार को मंत्रि परिषद ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली, 2021 के संशोधन प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। मंगलवार को आधी रात के बाद जारी सरकारी बयान के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 1994 में संशोधन करते हुए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का फैसला किया है। मंत्रिपरिषद से अनुमोदित नियमावली आगामी सामान्य पंचायत चुनाव में लागू की जाएगी। विदित हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का आदेश दिया था। इसके साथ ही अदालत ने पंचायत चुनाव पूरा कराने के लिए सरकार और आयोग को 25 मई तक का समय दिया है।
पंचायत चुनाव के लिए लाई जा रही 89 पेटी अवैध शराब बरामद मुठभेड़ में चांदपुर पुलिस ने दबोचे तीन शराब तस्कर
बिजनौर। चांदपुर पुलिस ने मुठभेड़ में तीन शराब तस्करों को मुठभेड़ में दबोच कर उनकी कार से 89 पेटी देसी अवैध शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर कार को दबाने का प्रयास भी किया था। इसे पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान अवैध शराब के पकड़े जाने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चांदपुर पुलिस ने मंगलवार को चैकिंग के दौरान चरण सिंह चौक पर एक संदिग्ध गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो गाड़ी में बैठे व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से पुलिस पार्टी पर फायर किया। इसके बाद गाड़ी धनौरा फाटक की ओर तेजी से दौड़ा दी। पुलिस पार्टी ने अपना बचाव करते हुए धनौरा फाटक से कुछ दूरी पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों अरविंद उर्फ भीम पुत्र श्याम सिंह निवासी ग्राम चांगीपुर थाना नूरपुर, जाबिर पुत्र शाहिद निवासी ग्राम शाहुपुरा थाना कांठ मुरादाबाद व नीटू यादव उर्फ रामनाथ यादव निवासी ग्राम इस्सेपुर थाना नौगांवा अमरोहा को गिरफ्तार किया। इनके पास से 89 पेटी अवैध देशी शराब, 105 पव्वे देशी पव्वे, चार प्लास्टिक की जरी कैन, जिसमें करीब दस-दस लीटर अपमिश्रित शराब, 102 खाली पव्वे, 10 किग्रा यूरिया, एक तमंचा व एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया।
पांच साल से चल रहा है अवैध व्यापार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी मिलकर पांच वर्ष से यह कार्य कर रहे हैं। अब पंचायत चुनाव को लेकर सस्ती और मिलावटी शराब की डिमांड बढ़ी तो इन्होंने उत्पादन बढ़ा दिया था। पकड़े गए आरोपी शराब को पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों को बेच देते हैं। आरोपी अरविंद पर मुरादाबाद, नूरपुर, चांदपुर व नहटौर थाने में दर्जनों मुकदमे दर्ज है। पकड़े गए शराब तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम को १० हजार का ईनाम गिरफ्तारी करने वाली स्वाट टीम में राजकुमार शर्मा प्रभारी, एसआई मनोज परमार, संजय कुमार, हेड कांस्टेबल राजकुमार नागर, कांस्टेबल रईस अहमद, रंजीत मलिक, अरुण कुमार आदि और चांदपुर पुलिस से पंकज तोमर थाना प्रभारी, एसआई उमेश कुमार, सुधीर कुमार, कांस्टेबल ओमकार सिंह, प्रेम सिंह, अंकित कुमार, लोकेश कुमार आदि मौजूद रहे। एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 10 हजार रुपए का पुरस्कार दिया।
मलिहाबाद पुलिस ने 24 घंटे में चोरी का खुलासा कर 2 आरोपियों को भेजा जेल
लखनऊ। जिले की मलिहाबाद कोतवाली पुलिस ने सामान चोरी की घटना का खुलासा 24 घंटे में कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी हुआ सामान भी बरामद कर लिया है। घटना का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी मलिहाबाद चिरंजीव मोहन बताया कि किसान इदरीश के यहां से चोरों ने इंजन सॉफ्ट व पुली आदि सामान की चोरी कर ली थी । रहीमाबाद चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार ने शक के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें आरोपी रवि और रामखेलावन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए मामले की पूरी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया हुआ सामान इंजन पुली साफ्ट इत्यादि बरामद कर लिया है ।
ये है पूरा मामला-
मामले की जानकारी में आने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदेश कुमार के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी मलिहाबाद योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में इस घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई थीं। मलिहाबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के 24 घंटों के अंदर खुलासे के बाद किसान इदरीश ने मलिहाबाद पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार द्वारा लगातार मेहनत करने के बाद उन्हें उनका सामान 24 घंटे के अंदर मिल गया है ।
प्रधान समेत सभी पदों की 25 फीसदी सीटों पर बदलाव की सम्भावना
आरक्षण सूची में बदलाव की सूचना से कई के चेहरों का रंग उड़ा, तो मैदान छोड़ चुके कई दावेदारों की उम्मीद बंधी
शासन से गाइडलाइन जारी होते ही शुरू हो जाएगा दोबारा आरक्षण सूची तैयार करने का काम
लखनऊ। वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण का निर्धारण होने से जिलों के प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य समेत सभी पदों की 25 फीसदी सीटें बदल जाने की उम्मीद है। वर्तमान में तैयार की जा रही सूची में जो पद आरक्षित थे, वे अनारक्षित हो सकते हैं तो वहीं जहां महिला सीटें थीं, वे किसी वर्ग के पुरुष या फिर पुरुष वाली सीटें महिला के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
इसी तरह अब 2015 में जो सीटें ओबीसी या एससी नहीं हुई थी उन्हें आरक्षण के अनुपात के मुताबिक तरजीह मिलेगी। पहले 1995 से लेकर 2015 तक जो सीटें कभी ओबीसी या एससी के लिए आरक्षित नहीं थी उन्हें इस बार सबसे पहले आरक्षित किया गया था। ऐसे में इस श्रेणी के पंचायतों में से ज्यादातर में बदलाव होने की उम्मीद है।
आरक्षण को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का फैसला आते ही कई प्रत्याशियों के चेहरों के रंग उतर गए। वहीं, दो मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद जो दावेदार मैदान छोड़कर पीछे हट गए थे, उनमें फिर से उम्मीद बंधी है। कुछ तो घंटे भर के भीतर सक्रिय हो गए और फिर से दुआ-सलाम और अपनों को सहेजने में जुट गए।
पंचायत चुनाव के लिए वर्तमान में जिस आरक्षण व्यवस्था को अंतिम रुप दिया जा रहा था उसे लेकर लोगों में असंतोष भी बहुत था। लोगों ने आपत्तियां दर्ज करा रखी थी। कई लोगों ने शासन तक शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधान, बीडीसी सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए तय आरक्षण से खुद भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं में भी असंतोष था। आरक्षण का गणित बदलने से उन्हें कई जगह तो जीती सीट हाथ से जाते दिख रही थी।
गाइडलाइन मिलते ही जुट जाएगा प्रशासन
हाईकोर्ट ने 27 मार्च तक आरक्षण निर्धारण का काम पूरा करने के साथ ही 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न करा लेने का सरकार को आदेश दिया है। ऐसे में इस बार आपत्ति दर्ज कराने और उसके लिए समय कम मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और पंचायतीराज विभाग का कहना है कि जैसे ही शासन की तरफ से गाइडलाइन मिलेगी, आरक्षण सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग के मुताबिक सबसे ज्यादा समय ग्राम पंचायतों के वार्ड का आरक्षण तय करने में लगता है।
14 मार्च को जारी होनी थी आरक्षण सूची त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूर्व में तय कार्यक्रम के मुताबिक आरक्षण की अंतिम 14 मार्च को प्रकाशित की जानी थी। 15 मार्च को इसे पंचायतीराज निदेशालय भेजने का समय तय था, मगर इसके ठीक पहले हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हो गई और कोर्ट ने अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी। सोमवार को सुनवाई की तिथि तय थी, जिसमें हाई कोर्ट ने फिर से आरक्षण सूची तैयार करने का आदेश सुनाया।
कई गफलत में 2015 का आरक्षण तलाशने लगे
वर्ष 2015 को आधार मानकर फिर से आरक्षण की सूची तैयार करने के कोर्ट के आदेश के बाद कई दावेदार गफलत में 2015 में तय हुआ आरक्षण तलाशने लगे। दरअसल दो मार्च को प्रकाशित हुई आरक्षण की अनंतिम सूची 1995 को आधार मानकर तैयार की गई थी। अब कोर्ट ने वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण तय करने का निर्देश दिया है। यानी 2015 को आधार मानकर इस बार के आरक्षण में चक्रानुक्रम आदि की व्यवस्था अपनाई जाएगी। साथ ही पिछले चुनाव में जो गांव एससी या ओबीसी नहीं हुए थे, उन्हें शासन द्वारा तय अनुपात में तरजीह दी जाएगी।
बड़े स्तर पर आंदोलन छेडऩे की तैयारी में प्राथमिक शिक्षक संघ
बिजनौर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन शिक्षकों की समस्या को लेकर हल्दौर में किया गया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ कार्यालय पर प्राथमिक संघ के जिला पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नागेश कुमार ने एवं संचालन जिला मीडिया प्रभारी विपिन कुमार शर्मा ने किया। बैठक में जिला अध्यक्ष नागेश कुमार ने कहा प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा के आह्वान पर शिक्षकों की समस्या जैसे पुरानी पेंशन, शिक्षा सेवा अधिकरण 2021, शिक्षकों की गोपनीय आख्या, नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन लगाने की समस्या, जिले के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण, शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर संघ शीघ्र ही बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। शिक्षक एवं शिक्षिकाएं इसके लिए तैयार है । संघ के सभी ब्लॉक अध्यक्षों से इसके लिए रणनीति बनाने की कहा गया । बैठक को जिला उपाध्यक्ष पवित्र चौहान, लोकेंद्र त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी विपिन शर्मा, जिला संयुक्त मंत्री भूपेंद्र चौधरी, जिला प्रचार मंत्री प्रमोद यादव, संजीव कुमार, अमर द्विवेदी ने संबोधित किया। बैठक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रवीर नागर, पवन चौहान, यशवीर सिंह, कुलदीप चौधरी, धर्मेंद्र कुमार, सोमेंद्र कुमार, देवेंद्र शर्मा, मुकेश वर्मा ने शिक्षकों का धन्यवाद दिया और कहा कि हमारा संघ शिक्षकों की सहायता के लिए सबसे आगे रहता है। —–
खुशी रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स का शुभारंभ, बेहतरीन वस्त्रों की रेंज से सुसज्जित है खुशी रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स,
बिजनौर। जिला मुख्यालय स्थित पॉश कॉलोनी आवास विकास में महिलाओं के लिए बेहतरीन वस्त्रों की रेंज से सुसज्जित खुशी रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स का शुभारंभ हो गया है। दुकान का शुभारंभ वैदिक रीति से किया गया। इस दौरान काफी संख्या में संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।
शुभारंभ अवसर पर दुकान में आर्य समाज के पंडित राजपाल आर्य द्वारा वैदिक रीति से यज्ञ किया गया। उसके बाद ग्राहकों के लिए दुकान को खोला गया। दुकान का शुभारंभ समाजसेवी रश्मि गुप्ता ने फीता काटकर किया।
खुशी लेडीज गारमेंट्स की स्वामिनी पवित्रा देवी उपाध्याय ने बताया कि हमारे यहां लेडीज की जीन्स, टॉप, प्लाजो, लैगी, कुर्ती,लोवर व गाउन आदि महिलाओं व लड़कियों के कपड़ों की विस्तृत रेंज उचित दाम पर उपलब्ध रहेगी।
इस मौके पर अरुण कुमार उपाध्याय, सहदेव उपाध्याय, शिवम उपाध्याय, कंचन शर्मा, सर्वजीत त्यागी, सुनील शर्मा, गौरव शर्मा, नरेश वर्मा, अवधेश चौधरी, नईम, तारिम आदि उपस्थित रहे।
पांच साल में 33 फीसदी कम हुआ भारत का हथियारों का आयात, रूस पर पड़ा सबसे ज्यादा असर: सिपरी रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारत में २०११-१५ और २०१६-२० के बीच हथियारों के आयात में ३३ फीसदी की कमी आई है और इसका सबसे ज्यादा असर रूस पर पड़ा है। स्टॉकहोम के रक्षा थिंक टैंक सिपरी की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की जटिल खरीद प्रक्रिया और रूसी हथियारों पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के तहत भारतीय हथियार आयात में कमी आई है।
पिछले कुछ सालों में भारत ने घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं ताकि सैन्य साजो-सामान के आयात पर निर्भरता कम हो सके। राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए २०१८-१९ और २०२०-२१ के बीच करीब १.९९ लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट में कहा गया, ‘भारत में २०११-१५ और २०१६-२० के बीच हथियारों के आयात में ३३ फीसदी की कमी आई। रूस सर्वाधिक प्रभावित आपूर्तिकर्ता रहा, हालांकि अमेरिका से भी भारत में हथियारों के आयात में ४६ फीसदी की कमी आई।’
सरकार घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और २०२५ तक १.७५ लाख करोड़ रुपये के रक्षा कारोबार का लक्ष्य रखा है। सिपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और चीन दोनों के हथियार निर्यात में कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन द्वारा हथियारों के निर्यात में २०१६-२० के दौरान ७.८ फीसदी की कमी आई है। चीनी हथियारों के बड़े खरीदारों में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अल्जीरिया थे।
सिपरी ने कहा कि अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है और २०११-१५ और २०१६-२० के दौरान उसका हथियारों का निर्यात ३२ फीसदी से बढ़कर ३७ फीसदी हो गया।
पंचायत चुनाव: बोर्ड परीक्षा पर चुनाव आयोग की बढ़ी चिंता
लखनऊ। यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव में आरक्षण की नीति और आरक्षित/अनारक्षित सीटों के पदवार आवंटन को लेकर हाईकोर्ट के नये आदेश से राज्य निर्वाचन आयोग में भी सोमवार को गहमागहमी का माहौल रहा। हाईकोर्ट के इस नये आदेश के बाद अब नये सिरे से शुरू होने वाली चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार की शाम राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने अपने दोनों अपर निर्वाचन आयुक्तों वेद प्रकाश वर्मा और जे.पी.सिंह के साथ गहन विचार विमर्श किया।
हाईकोर्ट ने आगामी 17 अप्रैल तक वर्ष 2015 के आधार वर्ष पर नये सिरे से आरक्षण और आरक्षित/अनारक्षित सीटों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रदेश शासन को आदेश दिये हैं। वहीं राज्य में 24 अप्रैल से हाईस्कूल व इण्टर की बोर्ड परीक्षा शुरू होनी है जो 11 मई तक चलेगी। अब आयोग में इस बात को लेकर मंथन हो रहा है कि बोर्ड परीक्षा और पंचायत चुनाव एक साथ कैसे हो पाएंगे? आयोग ने हाईकोर्ट के ही आदेश पर 10 अप्रैल से लेकर 23 अप्रैल के बीच चुनाव सम्पन्न करवाने की तैयारी कर ली थी।
पंचायत चुनाव को सम्पन्न करवाने के लिए लगाये जाने वाले कार्मिकों में करीब आधे तो शिक्षक ही होते हैं। यही नहीं इन चुनावों के लिए मतदान केन्द्र भी अधिकांशत: सरकारी स्कूल/कालेज ही बनाए जाते हैं। जब इन शिक्षण संस्थानों में बोर्ड परीक्षा चल रही होगी तो फिर पंचायत चुनाव के लिए मतदान केन्द्र कहां बनेंगे? आयोग ने इस बार के पंचायत चुनाव के लिए कुल 13 लाख 65 हजार कार्मिकों का ब्यौरा तैयार किया है। इनमें से 6.5 लाख नियमित शिक्षक हैं। इनके अलावा संविदा कार्मिकों में शिक्षकों की खासी तादाद है। अब आयोग को पंचायतों के सभी छह पदों के आरक्षण और आवंटन के लिए नये शासनादेश का इंतजार है। उसके बाद ही आयोग में चुनाव की तैयारी नये सिरे से शुरू होगी। चूंकि 12-13 अप्रैल से रमजान का महीना भी शुरू हो रहा है इसलिए अब इन चुनावों के लिए नये सिरे से सुरक्षा व्यवस्था तय करनी होगी।
लखनऊ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों के आरक्षण की स्थिति बदलने से संभावित प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। पंचायतों में आरक्षण की सूची जारी होने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारियां तेज कर दी थीं। चुनाव लड़ने का मन बना चुके लोगों को अब नई आरक्षण सूची का इंतजार करना होगा।
सोमवार को हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2015 के शासनादेश के मुताबिक आरक्षण सूची जारी करने के आदेश के बाद अब जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों का आरक्षण बदल जाएगा। जो सीटें अब तक सामान्य श्रेणी में थीं अब वह आरक्षित श्रेणी में जाएंगी। जो सीटें अब तक एससीएसटी और ओबीसी में आरक्षित रही हैं वह अब सामान्य श्रेणी में जा सकती हैं। जिला प्रशासन ने जैसे ही पंचायतों की आरक्षण सूची जारी की तो लोगों ने चुनाव लड़ने की तैयारियां तेज कर दीं थी। जिला पंचायत के वार्डों में चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों ने अपने आवेदन भी पार्टियों के जिलाध्यक्ष को दे दिए थे। संभावित प्रत्याशियों ने सोशल नेटवर्क पर जिला पंचायत के वार्डों के लिए अपनी दावेदारी भी प्रदर्शित कर समर्थन मांगना शुरू भी कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनके मंसूबों पर तुषारापात हो सकता है। जिला पंचायत के हर वार्ड पर आरक्षण की स्थित बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा व सपा में संभावित प्रत्याशियों की दावेदारी अधिक जिला पंचायत के सभी वार्डों में चुनाव लड़ने के लिए सबसे अधिक दावेदारी भाजपा और सपा में है। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद प्रत्याशियों ने नेताओं को अपने आवदेन देना शुरू कर दिए थे। बसपा और कांग्रेस भी पंचायत चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारेगी, जिसके लिए दोनों ही पार्टियों ने पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी थीं।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार व राज्य चुनाव आयोग को प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानकर सीटों पर आरक्षण लागू करने के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही न्यायालय ने पंचायत चुनाव पूरा कराने के लिए सरकार व आयोग को दस दिनों का अतिरिक्त समय प्रदान करते हुए समय सीमा 25 मई तय कर दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार के 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को भी रद्द कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि उक्त शासनादेश लागू करने से आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी।
समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध स्वीकारा सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता व चुनाव आयोग के वकील अनुराग कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण प्रक्रिया पूरा करने में और वक्त लग सकता है लिहाजा पहले दी गई समय सीमा को 17 मार्च से बढ़ाकर 27 मार्च कर दिया जाए, साथ ही यह भी मांग की गई कि चुनाव प्रकिया पूरी करने के लिए पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा को भी 15 मई से बढ़ाकर 25 मई किया जाए। सरकार व आयोग के अनुरोध को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
यह आदेश न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने अजय कुमार की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया। याचिका में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी, साथ ही आरक्षण लागू करने के रोटेशन के लिए वर्ष 1995 को आधार वर्ष मानने को मनमाना व अविधिक करार दिये जाने की बात कही गई थी।न्यायालय ने 12 मार्च को अंतरिम आदेश में आरक्षण व्यवस्था लागू करने को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी थी। सोमवार को महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए माना कि सरकार ने वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर गलती की। उन्होंने कहा कि सरकार को वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू करने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। याची के अधिवक्ता मोहम्मद अल्ताफ मंसूर ने दलील दी कि 11 फरवरी 2021 का शासनादेश भी असंवैधानिक है क्योंकि इससे आरक्षण का कुल अनुपात 50 प्रतिशत से अधिक हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित एक निर्णय की नजीर देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के एक मामले में शीर्ष अदालत महाराष्ट्र सरकार के शासनादेश को रद्द कर चुकी है। न्यायालय ने मामले के सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को रद्द कर दिया।
नई दिल्ली। लोकसभा में सरकार ने स्वीकार किया कि पेट्रोल-डीजल से उसकी अच्छी खासी कमाई हो रही है. लोकसभा में एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि 6 मई 2020 के बाद से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क, उपकर और अधिभार से क्रमश: 33 रुपये और 32 रुपये प्रति लीटर की कमाई हो रही है. जबकि मार्च 2020 से 5 मई 2020 के बीच उसकी ये आय क्रमशः 23 रुपये और 19 रुपये प्रति लीटर थी.
परिजन गए शादी में चोरों ने खंगाला घर बिजनौर। चांदपुर क्षेत्र में रिटायर्ड सिंचाई कर्मी के परिजनों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए मकान के ताले तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए मूल्य की नकदी व कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम स्याऊ में मीठे कुंए के पास रहने वाले प्रशांत कुमार पुत्र जगदीश सिंह (रिटायर्ड सिंचाई कर्मी) परिवार सहित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए हुए थे। इसी का लाभ उठाते हुए बदमाशों ने उनके मकान के ताले तोड़कर 70 हजार रुपए की नकदी, आभूषण, कपड़े व अन्य कीमती सामान चुरा लिया। रात्रि करीब ढ़ाई बजे परिजन जब शादी समारोह के बाद घर पहुंचे तो मकान के ताले टूटे देखे। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कहा कि चोरी की घटना का खुलासा शीघ्र किया जाएगा।
नहीं बख्शे जाएंगे गड़बड़ी करने वाले: नजीबाबाद कोतवाल। ग्रामीणों को दी साइबर क्राइम से संबंधित जानकारी।
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तथा होली पर्व को लेकर थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नजीबाबाद ने ग्राम कल्हेड़ी के ग्रामीणों के साथ बैठक की और विभिन्न जानकारियों के साथ ही गड़बड़ी करने वाले को न बख्शे जाने की चेतावनी भी दी। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं होली के पर्व को देखते हुए ग्राम कल्हेड़ी में ग्रामीणों को जागरूक करने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैठक की। ग्राम में आयोजित बैठक में उन्होंने ग्राम कल्हेड़ी व मुबारकरपुर के ग्रामीणों से कहा कि चुनाव को लेकर किसी भी विवाद में न पड़ें। सभी ग्रामीण एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहें और एक-दूसरे से चुनावी रंजिश न रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है। ग्राम कल्हेड़ी के ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने साइबर क्राइम से संबंधित जानकारी भी दी। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि फेसबुक मैसेंजर से आने वाली कॉल के माध्यम से मांगी गई किसी प्रकार की धनराशि को ट्रांसफर करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच कर लें, क्योंकि फेसबुक मैसेंजर पर अधिकतर फेक कॉल आती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गौकशी करने वालों पर चार प्रकार की कार्रवाई होगी, जिसमें मुकदमा लिखे जाने के अलावा गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, जिला बदर की कार्यवाही किए जाने के साथ ही 14ए के अंतर्गत संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चुनाव को लेकर मुस्तैद है पुलिस महकमा एसपी ने चुनाव सेल का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश बिजनौर। निर्विघ्र एवं शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव संपन्न कराने को लेकर पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। रोजाना अपराधियों, उनके शरणदाताओं व चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा डालने की संभावित कोशिश करने वालों की कुंडलियां खंगालने के साथ ही तैयारियों और सूचनाओं का आदान प्रदान चल रहा है। इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक ने पंचायत चुनाव सेल में तैनात पुलिसकर्मियों को चुनाव का लेखा जोखा बूथवार और थानावार सूचनाओं के संकलन और रखरखाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन में स्थापित चुनाव सेल कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अलग अलग पटल के कामकाज की समीक्षा की और सूचनाओं के संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने चुनावी ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों से सभी कामकाज तय समय से पहले पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही चेताया कि इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बूथवार और थानावार सूचनाओं के संकलन और रखरखाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुचलका पाबंद की कार्रवाई में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और यथावश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण। 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश। 27 मार्च तक संशोधित सूची जारी करने का निर्देश।
लखनऊ। यूपी पंचायत चुनावों में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने स्वयं कहा कि वह वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश पारित किए हैं।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किये जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किये जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए।
याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किये जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किय अजाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे।
हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देश के बाद अब पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की सूची में बदलाव किया जाएगा। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग को 27 मार्च तक संशोधित सूची जारी करने का निर्देश देने के साथ ही पंचायत चुनाव को 25 मई तक सम्पन्न कराने को कहा है।
एसपी कार्यालय पर बच्चों संग भूख हड़ताल करेगी मायूस बहन! मजदूर की संदिग्ध मौत का मामला हल्दौर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में
बिजनौर। थाना हल्दौर क्षेत्र में एक किसान के यहां कार्यरत मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में मुकदमा पंजीकृत होने बाद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मृतक की बहन पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने का मन बना रही है। यही नहीं उसने एसपी कार्यालय पर अपने बच्चों के साथ भूख हड़ताल करने की भी ठानी है।
विदित हो कि हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम पावटी में गत 26 फरवरी को एक किसान के यहां कार्यरत बिहारी मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतक की बड़ी बहन किरन का कहना है कि उसके भाई ने किसान से तीन वर्ष तक की मजदूरी के पैसे मांग लिये थे। उसने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी अपराधी किस्म का है। लगभग चार माह पहले उसके घर से चार अवैध तमंचे हल्दौर पुलिस ने बरामद किये थे। फिर भी इस मामले में क्लीन चिट दे दी गई थी। इस पर शातिर अपराधी का हौसला बुलंद हो गया। यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने नौकर की गला दबाकर हत्या कर दी और उसे आत्महत्या दर्शा दिया। इस मामले में मृतक के रिश्तेदारों ने हल्दौर पुलिस को तहरीर दी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। कुछ दिन पहले मृतक की बड़ी बहन किरन देवी ने बिहार से पावटी आकर हल्दौर पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई, जो अनसुनी कर दी गई। इसके बाद मृतक की बहन ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। आला अधिकारी के आदेश के बाद हल्दौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिये प्रेरित करने का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन लम्बा समय बीतने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। बताया गया है कि आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहा है, जिससे गांव के लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर संदेह हो रहा है। मृतक की बहन ने बताया कि वह सोमवार को मुरादाबाद जा कर डीआईजी से इस संबंध में मिलेगी। किरन देवी का कहना है कि जब तक उसके भाई के कातिल के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी, बिहार नहीं जाएंगी और और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर अपने बच्चों के साथ अनशन भूख हड़ताल करेंगी।
लखनऊ पुस्तक मेले में सर्व शक्ति पीठ ट्रस्ट के प्रधान सचिव राहुल सिंह ने किया पुस्तक का विमोचन
लखनऊ। पुस्तक मेला में प्रोफेसर डॉ पी सी के राव, अमनदीप नहर एवं राजेश कुमार निगाह द्वारा लिखित एवं सुल्तान चंद एंड संस दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक आर्गेनाईजेशन बिहेवियर का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन योजना आयोग भारत सरकार के पूर्व सलाहकार सदस्य डॉ एसएस हाशमी द्वारा किया गया। इस अवसर पर सर्व शक्तिपीठ ट्रस्ट के प्रधान सचिव राहुल सिंह एवं राजा झाऊलाल सद्भावना सद्भावना मिशन के संस्थापक डॉ अनूप श्रीवास्तव सहित शिक्षा एवं साहित्य से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। डॉ हाशमी ने कहा कि डॉ राव द्वारा लिखित पुस्तक से प्रबंधन के छात्रों एवं प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बहुत कुछ नया एवं उपयोगी सीखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की व्यवहारिक पुस्तकों की नितांत आवश्यकता है। पुस्तक की व्यावहारिकता इस पुस्तक को अन्य प्रबंधन पुस्तकों से अलग करती है। डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि यह पुस्तक भारतीय प्रबंधन के सूक्ष्म गुणों को सीखने में अहम भूमिका निभायेगी।
सर्व शक्तिपीठ के प्रधान सचिव राहुल सिंह ने कहा कि उच्च प्रबंधन की क्षमता से ही एक अच्छे संगठन एवं एक अच्छे समाज का विकास संभव है। समापन पर अतिथियों द्वारा पुस्तक के लेखकों को एवं प्रकाशक सुल्तान चंद एंड संस के प्रतिनिधि गंगाधर चौधरी को पुस्तक के प्रकाशन हेतु शुभकामनाएं दी गई।
अलीगंज पुलिस ने किया दवा व्यवसाई के यहां डकैती का खुलासा। पुराने नौकर ने अपने साथियों संग वारदात को दिया था अंजाम। लूटी रकम में से ट्रांसफर किए अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में 1.70 लाख। चार आरोपी गिरफ्तार। आरोपियों में एक रिटायर्ड फारेस्ट अधिकारी का बेटा भी शामिल।
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज पुलिस ने दवा व्यवसाई दिनेश अग्रवाल के यहां हुई लाखों की डकैती का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल मास्टरमाइंड सहित 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। व्यवसाई के पुराने नौकर ने अपने साथियों संग इस वारदात को अंजाम दिया था और लूटी गई रकम में से 1.70 लाख अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में ट्रांसफर की थी। पुराने नौकर क्षमाशील उर्फ अमन ने अपने साथी सचिन कुमार, सुयश और एक नाबालिग के साथ इस वारदात को उस वक्त अंजाम दिया था जब व्यवसाई दिनेश अग्रवाल अपनी बेटी के यहां पूरे परिवार के साथ गए हुए थे। घर मे गार्ड राकेश और नौकर अनिल मौजूद थे। नौकर अनिल भी घटना से कुछ देर पहले सब्जी लेने निकल गया था। तभी ये बदमाश घर में घुसकर गार्ड को बाथरूम में बंधक बना तकरीबन 9 लाख लूटकर फरार हुए थे। पुलिस ने क्राइम ब्रांच, सर्विलांस की मदद से सभी आरोपियों को सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने लूटी गई रकम में से 4 लाख से अधिक की नकदी बरामद की है, जबकि 1 लाख 70 हजार जो मास्टरमाइंड अमन ने अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में ट्रांसफर किये, उसकी बैंक की रसीद भी पुलिस ने बरामद की है। घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल भी बरामद हो गया है। आरोपियों में शामिल एक रिटायर्ड फारेस्ट अधिकारी का बेटा भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब गार्ड और नौकर अनिल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
प्रसपा जिला मीडिया प्रभारी बने श्वेतांक सिंह व नगर अध्यक्ष बने अनिल यादव
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का काकोरी कस्बा के इमामबाग में सदस्यता शिविर का आयोजन अनिल यादव के नेतृत्व में किया गया।सदस्यता शिविर में दर्जनों महिलाओं एवं पुरुषों ने प्रसपा की सदस्यता ग्रहण की।पार्टी में शामिल होने वाले सभी सदस्यों को जिलाध्यक्ष एवं ब्लाक प्रमुख रंजीत सिंह यादव, प्रदेश महासचिव विनीत शुक्ला बीनू, व्यापार सभा प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी, प्रदेश महासचिव मोनी सिंह, प्रदेश सचिव चौधरी मुलतान सिंह यादव ने प्रसपा में शामिल हुए सभी सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव ने अनिल यादव को काकोरी नगरध्यक्ष व श्वेतांक सिंह गौतम को जिला मीडिया प्रभारी के पद पर नियुक्त करते हुए कहा कि दिन प्रति दिन जनता में पार्टी मुखिया शिवपाल सिंह यादव की बढ़ती लोकप्रियता से लगातार लोग प्रसपा में बड़े पैमाने पर शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूती से कार्यकर्ता तैयारी करें। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है, इसलिए हम सभी लोगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में बड़े-बड़े घोटाले हो रहे हैं। काननू व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। रंजीत सिंह यादव ने कहा कि 2022 में उत्तर प्रदेश में प्रसपा के बगैर कोई सरकार नहीं बन सकती है।
बता दें कि शिवपाल यादव पहले ही कह चुके हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन किया जाएगा, नहीं तो हम अकेले ही चुनाव में जाएंगे।हालांकि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।अलग-अलग पार्टियों ने अपनी मोर्चेबंदी भी शुरू कर दी है।
इस अवसर पर छात्र सभा जिलाध्यक्ष रवि यादव,अशर्फीलाल यादव, उमाकांत मौर्य, लवकुश यादव, नीलम, सपना शर्मा, शिवदेवी, विमलेश यादव, पूर्व सैनिक रणधीर सिंह, लखबीर सिंह, सत्यदेव यादव, ज्ञान सिंह, अखिलेश यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
You must be logged in to post a comment.