newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

  • “उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की नई विशेषताएं” थीम के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2020 मनाया
    पीयूष गोयल ने किया ‘वोकल फॉर लोकल’ को प्राथमिकता का आह्वान

    नई दिल्ली। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और उपभोक्ता अध्ययन केन्द्र (सीसीएस) के सहयोग से “उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की नई विशेषताएं” थीम के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2020 मनाया। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, रेल तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे, उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती लीना नंदन, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य तथा राज्यों / संघ शासित प्रदेशों से अन्य हितधारकों ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    अपने उद्घाटन भाषण में श्री गोयल ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान के अनुरूप स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने साथ ही गुणवत्ता और मानकों तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अधिक प्रतिबद्धता दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुंबई में ‘राष्ट्रीय परीक्षण शाला’ में कार्यालय सह प्रयोगशाला भवन के दूसरे चरण का उद्घाटन इस दिशा में उठाया गया एक कदम है। यहां एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, खिलौनों के परीक्षण (जो भावी पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा) और ई-वाहनों में उपयोग की जाने वाली बैटरियों की जांच के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की व्यवस्था है। श्री गोयल ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान के अनुरूप स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि यह केवल उपभोक्ताओं द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने और अर्थव्यवस्था के बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

    श्री गोयल ने कहा कि अगला साल निश्चित रूप से देश में मानकों और उत्पादकता में गुणवत्ता के वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ताओं और व्यापार दोनों के हित में होगा क्योंकि यह स्वेदशी उत्पादकों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले पूरी ताकत के साथ खड़े होने का मौका देगा। यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में देशी उत्पादों और सेवाओं की और अधिक स्वीकार्यता भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आखिर में कहा कि ‘जागो और जागे रहो’ का अर्थ है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए और उन्हें उत्पाद और सेवाएं लेते समय जागरूक और सतर्क रहना चाहिए। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर श्री गोयल ने सीसीएस, आईआईपीए द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया और ई-बुक (उपभोक्ता पुस्तिका) जारी की।

    उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा कि “उपभोक्ता देवो भव” का अर्थ है कि उपभोक्ता भगवान के समान है। उन्होंने हर दिन ऑनलाइन खरीद की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए ई-कॉमर्स को विनियमित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और विशेष रूप से उपभोक्ता शिकायतों को हल करने में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और जोनल हेल्पलाइन द्वारा शिकायत निवारण की प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या अपनी शिकायतों को दर्ज करने के लिए उपभोक्ता ऐप का उपयोग कर रही है और यह एक बड़ी सफलता है। इस ऐप की नियमित रूप से मंत्रालय में निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा “हम सभी को उपभोक्ताओं के सशक्तिकरण और जागरूकता की दिशा में काम करना चाहिए।”

    उपभोक्ता मामलों की सचिव श्रीमती लीना नंदन ने कहा कि नए अधिनियम की कई अनूठी विशेषताएं उपभोक्ता के लिए फायदेमंद हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने और शिक्षित करने के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उपभोक्ता शोषण के लिए अधिक संवेदनशील हैं, उपभोक्ता मामलों का विभाग राज्य सरकारों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, पंचायत और कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से कार्यक्रमों को लागू करने में प्रमुख रूप से सहयोग कर रहा है।
    ——

  • उद्योगपति के घर में परिजनों को बंधक बनाकर दिनदहाड़े लाखों की डकैती

    कोटद्वार। पांच बदमाशों ने हथियारों के बल पर आज तड़के एक उद्योगपति के घर में परिजनों को बंधक बना कर लाखों की डकैती को अंजाम दिया। घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
    जानकारी के अनुसार सीताबपुर निवासी प्रमोद प्रजापति की हरिद्वार में टाइल्स फैक्ट्री है। कोटद्वार में देवी रोड स्थित खुशी होटल के पीछे वाली गली में स्थित उनके आवास में उनकी माता फूलो देवी, पत्नी मनेस और पुत्री मानसी रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे घर की दीवार फांद कर पांच हथियारबंद बदमाश घर में घुसे और घर में मौजूद तीनों महिलाओं के हाथ बांध दिए। पीड़ित परिवार के अनुसार बदमाशों ने शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए सभी के हाथ व मुंह बांध दिये। इसके बाद इत्मीनान से 40 मिनट तक घर की अलमारियों, संदूक आदि की तलाशी ली और लाखों की नकदी व ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। जाने से पूर्व बदमाशों ने प्रमोद की माता के हाथ खोल दिए, साथ ही तीनों महिलाओं को कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों के जाने के बाद मनेस ने घटना की सूचना प्रमोद को दी। प्रमोद से मिली सूचना के बाद पड़ोस के परिचित घर में पहुंचे। सूचना मिलते ही एसपी प्रदीप कुमार राय, सीओ अनिल जोशी, एसएचओ नरेंद्र सिंह बिष्ट और एसओजी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने चेक पोस्ट पर चेकिंग तेज कर दी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। श्रीनगर से एफएसएल टीम को भी कोटद्वार बुलाया गया है।
    —–

  • सभी वाहनों के लिए फास्टैग 01 जनवरी, 2021 से अनिवार्य
    नई दिल्ली। नए साल से देश में सभी वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य किया जा रहा है। आभासी रूप से आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए यह घोषणा केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने की। उन्होंने कहा कि फास्टैग को 1 जनवरी, 2021 से लागू किया जाएगा। इस कदम से मिलने वाले लाभों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रियों के लिए उपयोगी है क्योंकि उन्हें नकद भुगतान के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की जरुरत नहीं होगी। इससे समय और ईंधन की भी बचत होगी।

    2016 में की गयी थी फास्टैग की शुरुआत-
    फास्टैग की शुरुआत 2016 में की गयी थी, और चार बैंकों ने मिलकर लगभग एक लाख फास्टैग जारी किए। 2017 के अंत तक, इन फास्टैग की संख्या बढ़कर सात लाख हो गई। 2018 में 34 लाख से अधिक फास्टैग जारी किए गए थे।

    केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस साल नवंबर में एक अधिसूचना जारी कर पुराने वाहनों में, सीएमवीआर, 1989 में संशोधनों के जरिए 1 दिसम्बर, 2017 से पहले बेचे गये वाहनों में भी, 1 जनवरी, 2021 से फास्टैग को अनिवार्य बनाया था।

    केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, 1 दिसंबर 2017 से, नए चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया था और इसकी आपूर्ति वाहन निर्माताओं या उनके डीलरों द्वारा की जा रही है। इसके अलावा, यह भी अनिवार्य किया गया था कि फास्टैग के लिए फिट होने के बाद ही परिवहन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण किया जाएगा। राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों के लिए 1 अक्टूबर 2019 से फास्टैग मानकों पर फिट होना अनिवार्य किया गया था।

    यह भी अनिवार्य किया गया है कि फॉर्म 51 (बीमा का प्रमाण पत्र) में संशोधन के जरिए नया तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) बीमा, जिसमें फास्टैग आईडी का विवरण दर्ज किया जाएगा, प्राप्त करते समय एक वैध फास्टैग अनिवार्य होगा। यह प्रावधान 1 अप्रैल 2021 से लागू होगा।

    समय, ईंधन दोनों की बचत-
    टोल प्लाज़ा पर केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से शुल्क का भुगतान 100 प्रतिशत होना और वाहनों का शुल्क प्लाज़ा के माध्यम से निर्बाध रूप से गुजरना सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। प्लाज़ा में प्रतीक्षा करते हुए कोई समय जाया नहीं करना होगा और इससे ईंधन की बचत होगी।

    विविध चैनलों पर फास्टैग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक ठिकानों और ऑनलाइन तंत्र के माध्यम से भी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार उन्हें अपने वाहनों पर चिपका सकें।

    ***


  • बिजनौर नगर पालिका सीमा विस्तार को मिली मंजूरी

    बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका में सीमा विस्तार को शासन ने मंजूरी दे दी है। शासन ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। शासन ने इस पर 15 दिन के अंदर आपत्ति मांगी थीं। प्राप्त तीन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है। सीमा विस्तार की यह मांग करीब 13 साल पुरानी थी। रिंग रोड के दायरे में आने वाला पूरा एरिया पालिका परिषद क्षेत्र में शामिल हो गया है।

    बसपा शासनकाल में शुरू हुई थी कवायद-
    सबसे पहले वर्ष 2007 में बसपा सरकार के दौरान शहर की सीमा विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया था। भाजपा सरकार आने के बाद भाजपा नेताओं ने भी सीमा विस्तार के लिए प्रयास किए। शासन स्तर से दो साल से लगातार सीमा विस्तार के बारे में कई सूचनाएं मांगी जा रही थीं। सीमा विस्तार से जुड़ी सभी सूचनाएं नगर पालिका ने शासन को उपलब्ध करा दी थी। अब शासन ने सीमा विस्तार को हरी झंडी दे दी है। सीमा विस्तार होने से 12 गांव व करीब एक लाख की आबादी नगर पालिका सीमा में आ जाएगी।
    इस समय बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र की आबादी करीब एक लाख है। सीमा विस्तार के बाद आबादी दोगुनी यानी करीब दो लाख हो जाएगी। इस समय पालिका में 25 वार्ड हैं। बाद में इनकी संख्या बढ़ सकती है।

    2011 की जनगणना के अनुसार बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 93297 है। 1991 में शहरी क्षेत्र की आबादी मात्र 66486 थी। जिस तेजी से शहरी क्षेत्र की आबादी बढ़ी, उस हिसाब से इसकी सीमा का विस्तार नहीं हुआ। 2007 में शहर से सटी इन ग्राम पंचायतों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास मंत्रालय को भेजा गया था। इसके कुछ समय बाद शासन को स्मारक भी भेजा गया, लेकिन सीमा विस्तार का यह मामला फाइलों में ही दबकर रह गया। 2012 में हुए नगर निकाय चुनाव से पूर्व सीमा विस्तार के लिए खूब तेजी दिखाई गई थी लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे शांत होता गया।

    बदल जाएगी शामिल गांवों की सूरत-
    नगर पालिका सीमा विस्तार में शामिल गांवों की सूरत बदल जाएगी। वहां सड़क, पानी, सफाई आदि पर बहुत काम किया जाएगा। पेयजल के लिए नलकूप लगेंगे। इससे जनता को बहुत फायदा होगा। अगले साल ग्राम पंचायत के चुनाव होने हैं। शासन की मंशा चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल करने की है। इससे इन ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया नहीं करनी होगी।
    —-

  • यूपी में साहूकारी अधिनियम को होने वाली है अलविदा!

    लखनऊ। यूपी में साहूकारी अधिनियम समाप्त करने का खाका तैयार कर लिया गया है। राजस्व परिषद द्वारा जनपद स्तर पर साहूकारी लाइसेंस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इसी के साथ कई जिलों में उप्र सहकारी अधिनियम 1976 के तहत नए लाइसेंस जारी करने व नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। वर्तमान समय में बैंकिंग व्यवस्था इतनी आसान हो गई है कि साहूकारों की जरूरत नहीं है। इसी कारण लाइसेंस निरस्त करने के साथ रिनिवल बंद कर दिया गया है।

    दरअसल प्रदेश सरकार ने साहूकारी व्यवस्था खत्म करने की तैयारी तेज कर दी है। बैंकों से कर्ज लेने की प्रणाली आसान होने के बावजूद साहूकार ज्यादा ब्याज पर रकम देकर गरीबों का शोषण कर रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग ने सभी जिलों से इस व्यवस्था की जरूरत पर रिपोर्ट मांगी। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को समाप्त करने की रिपोर्ट भेजी है। अफसरों ने रिपोर्ट में कहा है कि जब बैंकों में जीरो बैलेंस पर अकाउंट खुल रहा है तो साहूकारी व्यवस्था की कोई आवश्यकता नहीं है।


    2552 साहूकारों के लाइसेंस निरस्त-
    साहूकारी अधिनियम के तहत राजधानी लखनऊ में करीब 2600 साहूकारों को लाइसेंस दिए गए थे। जिला प्रशासन ने पिछले डेढ़ साल में रिनिवल की प्रक्रिया रोकने के साथ 2552 लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। मौजूदा समय में सिर्फ 48 साहूकारों के पास लाइसेंस हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर की रिनिवल की फाइल रोक दी गई है। ऐसे में महज 18 साहूकार ही लेन-देन करने की स्थिति में हैं।

    साहूकार वसूलते हैं 17% तक ब्याज-
    उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम 1976 के मुताबिक, साहूकारी के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। यह लाइसेंस एक साल के लिए मिलता है और हर साल इसका नवीनीकरण होता है। इसके तहत साहूकार प्रतिभूत ऋण यानी कोई वस्तु गिरवी रखकर लिए गए ऋण पर 14% वार्षिक ब्याज ले सकते हैं। वहीं, अप्रतिभूत पर 17 फीसदी वार्षिक ब्याज ले सकते हैं। वहीं, कृषि के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए पांच हजार रुपये से अधिक के ऋण पर आपसी सहमति से ब्याज तय किया जा सकता है।

    2 वर्ष तक की हो सकती है सजा-
    लाइसेंस समाप्त होने और नवीनीकरण के बगैर अवैध रूप से साहूकारी करने वाले और गरीबों को शोषित करने वालों के विरुद्घ साहूकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसमें अधिकतम दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान भी है।

    कई बार पुलिस चला चुकी अभियान-
    साहूकारी प्रथा का मकड़जाल तोड़ने के लिए पुलिस भी कई बार अभियान चला चुकी है। पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने उत्पीड़न करने वाले साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया था। वहीं, पूर्व एसएसपी आशुतोष पाण्डेय ने भी एक माफिया के करीबी साहूकार से हजरतगंज के एक दुकानदार समेत कई लोगों को बचाया था।

    इसी प्रकार साहूकारी अधिनियम के तहत अलीगढ़ जिला प्रशासन ने पिछले करीब छह माह से नवीनीकरण की प्रक्रिया रोकने के साथ ही नए लाइसेंस जारी किए जाने पर रोक लगा रखी है। विधान जायसवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व कहते हैं कि सरकार की तमाम योजनाएं हैं चाहें वह मुद्रा लोन योजना हो या अन्य कोई। सब्सिडी पर लोन दिया जा रहा है। बैंकिंग व्यवस्था इतनी आसान हो गई है कि साहूकारों की जरूरत नहीं है। शासन को साहूकारी अधिनियम को समाप्त करने के संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है। जनपद में नए लाइसेंस व नवीनीकरण भी नहीं किया जा रहा है। जिले में साहूकारी अधिनियम के तहत करीब 100 लाइसेंस हैं।

    —-

  • DM देहरादून डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव का आदेश

    क्रिमसम और न्यू ईयर की पार्टी पर बैन
    देहरादून। कोरोना ने इस पूर साल कई बड़े आयोजनों को रद्द करवा दिया। लोगों को उम्मीद थी कि नया साल आते-आते कोरोना से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन कोरोना से राहत मिलने के बजाय और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लोग इस बार कोरोना के कारण क्रिसमस और नये साल का जश्न भी नहीं मना पाएंगे। देहरादून डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया कि क्रिमसम और न्यू ईयर की पार्टी होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थानों पर बैन रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ाई से निर्देशित कर दिया गया है।
    ——

  • सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल एमआरएसएएम का सफल परीक्षण

    नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम) के सेना संस्‍करण का पहला सफल परीक्षण करते हुए एक उल्‍लेखनीय कामयाबी हासिल की। मिसाइल ने एक उच्च गति वाले मानव रहित हवाई लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। उसने लक्षित विमान का पीछा करते हुए सीधे तौर पर प्रहार किया।

    भारत व इजराइल के संयुक्त सहयोग से विकसित

    एमआरएसएएम का सेना संस्करण भारत के डीआरडीओ और इजराइल के आईएआई द्वारा भारतीय सेना के उपयोग के लिए संयुक्त रूप से विकसित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। एमआरएसएएम आर्मी हथियार प्रणाली में कमांड पोस्ट, मल्टी-फंक्शन रडार और मोबाइल लॉन्चर प्रणाली शामिल हैं। डिलिवरेबल कॉन्फिगरेशन में परीक्षण के दौरान पूरी फायर यूनिट का उपयोग किया गया है। उपयोगकर्ताओं यानी भारतीय सेना की एक टीम भी परीक्षण के दौरान मौजूद थी। इस दौरान तमाम रेंज उपकरण जैसे रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम को तैनात किया गया था और लक्ष्य के विध्‍वंश के साथ-साथ हथियार प्रणाली के प्रदर्शन एवं संपूर्ण मिशन का डेटा एकत्रित किया गया।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और इस मिशन में शामिल टीम सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि भारत ने उन्नत हथियार प्रणालियों के स्वदेशी डिजाइन और विकास में उच्च स्तर की क्षमता हासिल की है।

    रक्षा विभाग के सचिव (आरएंडडी) और डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने पहले परीक्षण के दौरान लक्ष्य पर सीधा प्रहार करते हुए एमआरएसएएम सेना हथियार प्रणाली के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ समुदाय को बधाई दी। उन्‍होंने रिकॉर्ड समय के भीतर इस हथियार प्रणाली को साकार करने और निर्धारित कार्यक्रम को पूरा करने में पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।

    ***

  • बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत, कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम

    नई दिल्ली। बर्फीली हवाओं केे कारण उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई राज्यों में आज सुबह कोहरे की घनी चादर बिछी रही, जिससे विजिबिलिटी की समस्या बनी रही। दिल्ली, बिहार, उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा सहित कई राज्यों में ठंड के साथ कोहरा छाया रहा। वहीं पहाड़ी इलाकों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल आदि में बर्फबारी मैदानी इलाकों में ठंड की वजह बन गई है।

    बर्फीली हवाओं से कांपा आधा भारत-
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में अगले कुछ दिन तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। साथ ही कंपकंपा देने वाली शीत लहर का भी सामना करना पड़ेगा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार नए साल की पूर्व संध्या का जश्न भी कड़ाके की ठंड के बीच मनाना पड़ सकता है, क्योंकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आने के आसार बन रहे हैं। गुरुवार को भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा।

    पंजाब, पश्चिमी यूपी, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत तमाम इलाकों में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिल्ली के पालम इलाके में इतना घना कोहरा था कि 50 मीटर दूर देख पाना भी मुश्किल था। वहीं अमृतसर में तो दृश्यता मात्र 25 मीटर रही। मौसम विभाग का कहना है कि आज पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बहुत घने कोहरे की स्थिति देखी गई है। दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
    आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, उत्तर भारत के कुछ हिस्से बेहद भीषण शीत लहर की चपेट में रहेंगे। खासतौर पर 24 व 25 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भीषण शीत लहर चलेगी। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों सहित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 24-25 दिसंबर तक शीत लहर का असर रहेगा।

    हिमाचल में येलो अलर्ट-
    हिमाचल में गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। 26 दिसंबर से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 29 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट है।

    ——-

  • मथुरा छात्रवृत्ति घोटाले में नपे जिला समाज कल्याण अधिकारी, निलंबित कर FIR के आदेश

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निजी आईटीआई संस्थानों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में अनियमितता, भ्रष्टाचार और गबन के चर्चित मामले में मथुरा के जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा संबंधित संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी तथा संबंधित आईटीआई कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

    ₹23 करोड़ का गबन आया सामने-
    मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। मथुरा जिले के चार दर्जन से अधिक निजी आईटीआई कॉलेजों में हुए इस गड़बड़झाले के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच कराई गई थी। जांच समिति ने अलग-अलग तरीकों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के नाम पर करीब 23 करोड़ रुपए गबन होने की बात पाई है। यही नहीं, दर्जन भर अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि भी हुई है।

    दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर होगी FIR-
    सीएम योगी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप सभी दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। मान्यता विहीन संस्थाओं में दाखिला लेने वाले छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित करने के लिए स्टेट काउंसिल फ़ॉर वोकेशनल ट्रेनिंग, लखनऊ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। अब इनके खिलाफ भी जांच होगी।

    तीन सदस्यीय जांच समिति ने किया था गबन का खुलासा-
    तीन सदस्यीय जांच समिति ने पाया कि 11 मान्यताविहीन शिक्षण संस्थानों में करीब 253.29 लाख का गबन हुआ, जबकि 23 कॉलेजों में पांच हजार से अधिक छात्रों ने कोर्स ही पूरा नहीं किया और उन्हें करीब 969 लाख की छात्रवृत्ति मिल गई। कई निजी आईटीआई कॉलेजों में स्वीकृत सीट के सापेक्ष करीब पांच हजार दाखिले अतिरिक्त कर लिए गए। इन्हें भी छात्रवृत्ति दिलाई गई। जांच में सामने आया कि 38 कॉलेजों में 100 से अधिक समान नाम, पिता का नाम और समान जन्म तिथि वाले फर्जी छात्रों को भी शुल्क प्रतिपूर्ति कराई गई। यही नहीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भी छात्रों के दाखिले करने और उन्हें छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति कराने का काम भी हुआ। सीएम योगी ने अब सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर करने के आदेश दिए हैं।

    ——–

  • उत्तर भारत में तापमान में गिरावट, अगले चार दिन दिल्ली में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अगले चार दिनों में शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में घना कोहरा छाया रहा।
    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में अगले चार दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। सफदरजंग वेधशाला ने बताया कि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तथा रविवार को 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान था। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का चुर्क 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में अगले कुछ दिनों में कड़ाके की ठंड वाली स्थितियां बनने का पूर्वानुमान लगाया है।
    उधर कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान के जमाव बिंदू से नीचे रहने के चलते कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा। हफ्ते के आखिर तक मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा और इस दौरान कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं कश्मीर में 40 दिन तक पड़ने वाली कड़ाके की ठंड के दौर यानी चिल्लई कलां से घाटी में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान बर्फबारी होने की बहुत अधिक संभावना रहती है। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो पिछली रात के शून्य से चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर में स्थित पर्यटन स्थल पहलगाम में भी तापमान पिछली रात के माइनस 4.6 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। ओडिशा के आंतरिक इलाके में ठंड की वजह से जनजीवन प्रभावित है और कंधमाल जिले के फुलबनी में तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया और यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम कार्यालय ने अगले 24 घंटे में शीत लहर और गंभीर शीत लहर की आशंका व्यक्त की है। हरियाणा और पंजाब में तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि राजस्थान में रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई। हरियाणा में दिन में ज्यादातर स्थानों पर सामान्य से एक या दो डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया गया जबकि पंजाब में तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। राजस्थान के कई हिस्सों में रात के तापमान में मामूली इजाफा हुआ है, वहीं चुरू मंगलवार को प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। सीकर, पिलानी, गंगानगर, भीलवाड़ा, डबोक और चित्तौड़गढ़ में न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.5 डिग्री सेल्सियस, 4.9 डिग्री सेल्सियस, 6.1 डिग्री सेल्सियस, 6.4 डिग्री सेल्सियस, 6.6 डिग्री सेल्सियस और 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    ——

  • 25 दिसंबर को खत्म हो जायेगा यूपी के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल

    ADO पंचायत को मिल सकता है चार्ज

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दो दिन बाद 25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायत चलाने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों से ग्राम प्रधानों को वंचित कर दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने पंचायत चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर ली है।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियाँ सहायक विकास अधिकारी पंचायत (ADO पंचायत) में निहित हो जाएंगी। ग्राम पंचायत सचिव उनकी सहायता करेंगे। इस संबंध में अगले दो या तीन दिनों में आदेश जारी होने की संभावना है।

    इस बीच राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन ने मांग उठाई है कि जब तक प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं होते, तब तक मौजूदा ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में ही प्रशासनिक समिति गठित कर ग्राम पंचायतों का संचालन कराया जाए। इस बारे में संगठन की ओर से पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा गया है। सरकार की तरफ से इस मांग पर विचार करने का आश्वासन भी दिया गया है।

    ग्राम प्रधान हो जाएगा एक सामान्य नागरिक

    पंचायती राज विभाग भी ग्राम संगठन के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। समस्या यह है कि 25 दिसंबर के बाद ग्राम प्रधान एक सामान्य नागरिक हो जाएगा। कानूनी रूप से उसके पास कोई अधिकार नहीं होगा, इसलिए प्रबंधन समिति में ग्राम प्रधान को शामिल नहीं किया जा सकता है।

    ——-

  • नई दिल्ली। सरकार ने राजस्व की बचत, बेहतर समन्वय और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में फ़िल्म से जुड़ी चार अन्य संस्थाओं का विलय करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस फैसले को बुधवार को मंजूरी दी।

    सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रालय के अंतर्गत फिल्म से जुड़ी चार संस्थाओं का राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में विलय कर दिया गया है। इनमें फिल्म्स डिविजन राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी और फिल्म समारोह निदेशालय भी शामिल है। उन्होंने कहा, “भारत में 3000 से अधिक फिल्में हर साल बनती हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता देश है। हमने बेहतर प्रबंधन, कार्यकुशलता और आपसी समन्वय को बढ़ाने के लिए इन सभी संस्थाओं का राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम में विलय करने का निर्णय लिया है। इससे सरकार के राजस्व की भी बचत होगी तथा इन संस्थाओं के आधारभूत ढांचे का भी बेहतर इस्तेमाल होगा। हमने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के मेमोरेंडम का विस्तार कर इन सभी संस्थाओं को इसके दायरे में ला दिया है।

  • SC छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को अगले पांच साल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, जिससे तकरीबन चार करोड़ छात्रों को लाभ होगा और उनके जीवन में बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह राशि कुल 59048 हजार करोड़ रुपए की होगी और इससे एससी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 35 हजार 534 करोड़ रुपए होगी और शेष राज्य सरकारें वहन करेगी। उन्होंने बताया कि इस राशि का वितरण 2021-22 से आरंभ हो जाएगा और छात्रों को उनके बैंक खातों में धन दिया जाएगा।

  • 9 करोड़ किसानों के खाते में 2 दिन बाद सरकार डालेगी पैसे

    नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के खाते में 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 7वीं किस्त आएगी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर यानी शुक्रवार को पीएम किसान योजना की 7वीं किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। इस दौरान 6 अलग-अलग राज्यों के किसानों के साथ पीएम मोदी की बातचीत भी होगी। कुल 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के खाते में 2-2 हजार रुपए आएंगे। फिलहाल, PM-KISAN के तहत किसानों के खातों में जो पैसे भेजे जाने हैं, उसके लिए अब सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। इस बार 25 दिसंबर को पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी है।

    पीएम किसान योजना के तहत, देश भर के सभी पंजीकृत किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष की आय सहायता प्रदान की जाती है। पहली किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है। दूसरी किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच और तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच में किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। इस बार 25 दिसंबर को, प्रधानमंत्री दिसंबर और मार्च के बीच की तिमाही के लिए चालू वित्त वर्ष की अंतिम किस्त जमा करेंगे।

    ——-

  • नगर विकास मंत्री ने किया लाईट हाउस प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में प्रस्तावित लाईट हाउस प्रोजेक्ट (एल.एच.पी.) के निर्माण स्थल का निरीक्षण मौके पर जाकर किया। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास 1 जनवरी 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है, जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिलान्यास कार्यक्रम स्थल पर स्वयं मौजूद रहेंगे।

    श्री टंडन ने इस अवसर पर कहा कि यह उत्तर प्रदेश और लखनऊ के लिए विशेष गर्व का विषय बने, इस प्रोजेक्ट की समीक्षा समय-समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए हमारा राज्य राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रक्रिया के माध्यम से लाईट हाउस प्रोजेक्ट (एल.एच.पी.) के निर्माण के लिए एक माडल के रूप में चुना गया। लाईट हाउस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में नई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, जिसके कारण सम्पूर्ण निर्माण कार्य मात्र 15 माह में पूरा हो सकेगा। एल.एच.पी. निर्माण क्षेत्र को बदल कर रख देगा क्योंकि यह निर्माण की एक नई गति का विकास करेगा और प्री फैब्रिकेटेड वस्तुओं के प्रयोग से निर्माण ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल होगा।

    14 मंजिला टावर में होंगे कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 1040 फ्लैट-
    नगर विकास मंत्री ने बताया कि लाईट हाउस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन 34-50 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 14 मंजिला टावर बनेगा और उसमें 1040 फ्लैट कमजोर वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार भवन निर्माण सम्बन्धित अनुसंधान संस्थाओं, छात्रों, प्रौद्योगिक संस्थाओं, वास्तुविदों तथा अभियंताओ में नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

    उल्लेखनीय है कि भारत के प्रधानमंत्री की प्रेरणा से आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शहरी कमजोर वर्गो को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलाजी चैलेंज-इण्डिया (GHTC-India) प्रारम्भ किया गया है, जिसका उद्देश्य नवीन निर्माण तकनीकों को प्रोत्साहन देना और मुख्यधारा में लाना है।

    देश में कुल छह स्थानों पर हो रहे निर्माण-

    जी0एच0टी0सी0-इण्डिया तकनीकी के अंतर्गत भारतवर्ष में मध्य प्रदेश में इन्दौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखण्ड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला एवं उत्तर प्रदेश में लखनऊ में कुल 06 स्थानों पर लाईट हाउस प्रोजेक्ट के अंतर्गत आवास बनाये जाने का अनुमोदन भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया है।

    ——

  • क्रिकेटर सुरेश रैना को मुम्बई पुलिस ने लिया हिरासत में
    मुम्बई। क्रिकेटर सुरेश रैना व मशहूर गायक गुरु रंधावा सहित 34 लोगों को मुम्बई पुलिस ने एक क्लब से हिरासत में ले लिया। कुछ समय पश्चात ही उनको जमानत पर छोड़ भी दिया गया। इस मामले में सुरेश रैना ने स्पष्टीकरण देकर कहा है कि क्लब के समय सीमा नियम की जानकारी ना होने पर ऐसा हुआ।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना को कोरोना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में मुंबई हवाई अड्डे के पास एक क्लब से हिरासत में लिया गया। हालांकि, क्रिकेटर सुरेश रैना तभी जमानत पर रिहा हो गए।
    जानकारी के अनुसार पुलिस ने मुंबई के एक क्लब पर छापा मारा, जहां रैना और गायक गुरु रंधावा सहित 34 लोगों को कोरोना का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के कारण रात को कर्फ्यू लगाने का फैसला किया हुआ है। नए साल को देखते हुए राज्य सरकार ने मुंबई मे पांच जनवरी तक कई प्रतिबंध लगाए हैं। इनका सुरेश रैना को पता नही था, जिसके बारे में बल्लेबाज रैना की प्रबंधन टीम ने स्पष्टीकरण देकर बयान में कहा कि 34 वर्षीय रैना क्लब खुलने की समय सीमा (club open) और अन्य नियमों से अनजान थे।
    बयान के अनुसार, “सुरेश एक शूट के लिए मुंबई में थे, जो देर से शुरू हुआ। उनके एक दोस्त ने उन्हें दिल्ली रवाना होने से पहले रात के खाने पर आमंत्रित किया था। क्लब खुलने के समय सीमा के बारे रैना को पता नहीं था। उन्होंने तुरंत अधिकारियों से अनजाने में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अफसोस जताया। बयान में कहा गया कि रैना हमेशा पूरे सम्मान के साथ नियम और कानून का पालन करते हैं और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।
    मुंबई पुलिस ने बताया कि रैना सहित 34 आरोपियों की गिरफ्तारी ड्रैगनफ्लाई पब से हुई, जहां कोरोना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। इन सभी लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 के तहत और महामारी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया।

    ——

  • IFFCO प्लांट में आधी रात को अमोनिया गैस रिसाव, दो अफसरों की मौत
    कई कर्मचारी गंभीर हालत में भर्ती

    प्रयागराज के फूलपुर में इफको प्लांट

    प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के फूलपुर की इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) में मंगलवार देर रात यूरिया इकाई में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इसके चलते दो अफसरों समेत 18 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां असिस्टेंट मैनेजर वीपी सिंह और डिप्टी मैनेजर अभयनंदन की मौत हो गई।

    जौनपुर-गोरखपुर मार्ग पर फूलपुर के इफको में अमोनिया और यूरिया निर्माण की दो-दो इकाइयां हैं। मंगलवार रात 11.30 बजे यूरिया यूनिट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निकलकर बाहर की ओर भागने लगे। इस दौरान अन्य तो किसी तरह बाहर निकल गए लेकिन 18 लोग गैस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इनमें से कई इकाई के भीतर ही बेसुध भी हो गए। सूचना पर कंपनी के अफसरों के साथ ही पुलिस भी आ गई। किसी तरह हताहत लोगों को फैक्ट्री से बाहर निकालकर शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। इनमें से असिस्टेंट मैनेजर यूरिया वीपी सिंह व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट अभयनंदन कुमार पुत्र सूर्यनारायण की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान कुछ घंटों बाद दोनों की मौत हो गई।

    कंपनी के कई अफसर रात में ही अस्पताल भी पहुंच गए। गैस रिसाव के कारणों का पता नहीं चल सका, अनुमान है कि यूरिया उत्पादन इकाई में किसी पंप में लीकेज की वजह से गैस का रिसाव हुआ। कंपनी के अफसरों का कहना है कि गैस रिसाव की असली वजह का पता जांच के बाद ही पता लग सकेगा। पीआरओ विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि हादसे में दो अफसरों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इनमें असिस्टेंट मैनेजर यूरिया व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट शामिल हैं। हताहत हुए 12 कर्मचारियों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

    पुलिस-प्रशासन मुस्तैद:
    प्रयागराज के डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि फूलपुर के इफको (भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड) प्लांट में गैस रिसाव होने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई है। प्लांट यूनिट को बंद कर दिया गया है। गैस रिसाव अब बंद हो गया है।

    वहीं एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है और घटना में हताहत हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया है। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी।

    ——–

  • एक्सप्रेस-वे हादसा
    पत्रकार मुरली की दुर्घटना में मौत नहीं, हत्या हुई: आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

    लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि बेहद दर्दनाक और पीड़ा देने वाले एक हादसे में छोटे भाई और साथी पत्रकार मुरली मनोहर सरोज की, उनकी पत्नी, चचेरी बहन, सास व कार चालक की मृत्यु हो गयी। पत्नी का इलाज करवाने के लिए मुरली, सड़क मार्ग से दिल्ली जा रहे थे कि गलत दिशा से आ रहे एक कंटेनर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। गाड़ी ने तत्काल आग पकड़ ली और सभी लोग उसमें ज़िन्दा जलकर राख हो गए। मैं अपनी व्यक्तिगत पीड़ा बयान नहीं कर सकता कि किस कदर दुःख है मुझे अपने भाई और उसके परिवारीजनों का, इस तरह सड़क पर दर्दनाक तरह से जलकर मरने का! यदि मुरली का अधजला मतदाता पहचान पत्र न मिलता तो शायद हमें पता भी न चलता कि मौत किनकी हुई!

    अक्षम्य लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त-
    आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि इसके लिए दोषी पुलिस कर्मियों, एक्सप्रेस-वे के कर्मचारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएग। आखिर कैसे एक्सप्रेस-वे पर एक डीज़ल से भरा कन्टेनर गलत दिशा से आया ? उसे किसी ने रोका क्यों नहीं ?


    मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे मामला-
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में ये प्रकरण लाया जाएगा और मुआवजे की मांग भी समस्त मृत परिवार के आश्रितों और पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के बच्चों के लिए तो की ही जाएगी। मगर इसे यहीं तक नहीं छोड़ दिया जाएगा और हम दोषियो को छोड़ेंगे किसी सूरत में नहीं। ये सड़को पर प्रशासनिक, शासनिक व हाईवे निर्माण और देखरेख में लगी संस्थाओ द्वारा की गई हत्या है न कोई हादसा।
    उन्होंने कहा कि ‘मैं अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अपने मित्र उसके परिवार और सभी मृत लोगों को अर्पित करता हूँ। बहुत कष्ट दे गया ये हादसा’।

    गौरतलब है कि हादसा आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। आगरा से नोएडा की ओर जा रही कार से सभी लोग यूपी से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। गलत दिशा से आ रहे नागालैंड नंबर के कंटेनर की वजह से यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद कंटेनर में भी आग लग गई।

    ——

  • पूरे हफ्ते, अब रोज खाइये अंडे!

    स्वादिष्ट भी और पूरी तरह से शाकाहारी

    नई दिल्ली। शाकाहारी खाने के शौकीन अब अंडा खा सकते हैं। जी हां, बिल्कुल शुद्ध, देसी और सौ फीसदी शाकाहारी। इस अंडे को आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने तैयार किया है। यह शाकाहारी अंडा, विकास और आहार प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। साथ ही स्वास्थ्य जागरूक मानकों पर भी खरा उतरता है।

    IIT दिल्ली ने पाया पहला पुरस्कार

    स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पूरी तरह से शाकाहारी इस आविष्कार के लिए आईआईटी दिल्ली ने इनोवेट्स फॉर एसडीजी फॉर एसडीजी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता यूएनडीपी (यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम) एक्सेलेरेटर लैब इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी। जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास की प्रमुख क्रिस्टिय ने आईआईटी दिल्ली को इस सम्मान पुरस्कृत किया। पुरस्कार में 5000 अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। अपने इस नवाचार के लिए आईआईटी दिल्ली को ऑनलाइन सम्मानित किया गया।

    आहार के प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है ये अंडा

    यूएनडीपी के अनुसार, “मॉक एग इनोवेशन एक परफेक्ट इनोवेशन है। नकली अंडे का विकास आहार की प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति भी सतर्क है। शाकाहारी पदार्थों से बनाया गया यह नकली अंडा भूख और अच्छे स्वास्थ्य की  अधिकांश आवश्यकताओं को पूरा करता है।’ प्रो. काव्या दशोरा ने कहा, ‘संयंत्र आधारित बनावट वाले खाद्य पदार्थ जो अंडे, मछली और चिकन से मिलते जुलते हैं, कुपोषण और स्वच्छ प्रोटीन के लिए लंबी लड़ाई को संबोधित करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। यह लोगों के लिए प्रोटीन भोजन युक्त है। मॉक एग को बहुत ही सरल खेत आधारित फसल से विकसित किया गया है। प्रोटीन, जो न केवल अंडे की तरह दिखता है और स्वाद होता है, बल्कि पोषण प्रोफाइल में भी अंडे के बहुत करीब है।”

    —–

  • महिला पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों का कोरोना योद्धाओं के रूप में सम्मान

    सेवा भारती मातृ मंडल ने किया कोरोना योद्धाओं का सम्मान

    जब हम घरों में थे, तो कोरोना से दो-दो हाथ कर रहे थे डॉक्टर और पुलिस: शोभा

    बिजनौर। सेवा भारती मातृ मंडल की ओर से
    महिला पुलिस अधिकारियों व महिला चिकित्सकों को कोरोना योद्धाओं के रूप में सम्मानित किया गया।
    आवास विकास कॉलोनी में मंगलवार को सेवा भारती मातृ मंडल की ओर से कोरोना योद्धा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।

    कार्यक्रम संयोजक एवं संगठन जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कोरोना काल में जब हम अपने घरों में थे उस समय डॉक्टर और पुलिस कोरोना से दो-दो हाथ कर रहे थे। इस महामारी से बिना डरे और अपने घर परिवार की चिंता छोड़ कर ये कोरोना योद्धा केवल और केवल हम लोगों की रक्षा कर रहे थे। अगर चिकित्सक या पुलिस अपने कार्य से थोड़ा भी पीछे हटते तो शायद हम लोग इतना सुरक्षित नहीं रह पाते। समारोह की मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी गुड्डी गंगवार ने कहा कि उनका प्रयास है कि समाज के मन में पुलिस के प्रति नकारात्मकता दूर हो सके। समाज के लोग पुलिस को अपने बीच का हिस्सा माने और सहयोग करें। पुलिस को भी समाज से जुड़ना अच्छा लगता है, इसलिए पुलिसकर्मी दिन-रात, सर्दी-गर्मी, सुख-दुख सब कुछ नजरअंदाज कर अपने फर्ज को अंजाम देने में लगे रहते हैं। विशिष्ट अतिथि एंटी रोमियो स्क्वायड की जिला प्रभारी नीलम सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के प्रयास करने चाहिए। अगर कुछ गलत होता है तो उसका बिना डरे बहादुरी के साथ सामना करे। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनुभव विश्नोई ने कहा कि चिकित्सा कार्य की व्यवस्था के कारण डॉक्टरों के पास समय का अभाव रहता है, लेकिन ऐसे मंचों के माध्यम से उन्हें समाज से जुड़ने का मौका मिलता है। वरिष्ठ लेखिका सुमन चौधरी ने महिलाओं को समाज में पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया, वहीं कई ऐसे मुद्दों पर चर्चा कि जो महिला जगत में बेहद जरुरी है। डॉ आभा आत्रेय ने कहा कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए। कुंदन हॉस्पिटल की संचालिका डॉ रेनू सिंह ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, जिस तरह महिला अपने घर को संभालती है, उस तरह समाज को भी संभालने के लिए आगे बढ़े। चाहे कोई सा भी क्षेत्र हो, महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत के बल पर एक मुकाम हासिल कर रही है। एंटी रोमियो स्क्वायड की सदर प्रभारी आशा तोमर ने कहा कि किसी भी अपराध को सहना उस समस्या का हल नहीं है बल्कि अपराध का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सही मार्ग अपनाना महिलाओं की नैतिक जिम्मेदारी भी है। महिलाएं अपने प्रति घटित होने वाले अपराधों के विरुद्ध आवाज उठा कर अपराधियों को सजा दिलाएं।
    समारोह में मातृ मंडल सेवा भारती की जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने उपस्थित महिला पुलिस अधिकारियों व महिला चिकित्सकों को कोरोना योद्धाओं के रूप में सम्मानित किया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष सरस्वती जोशी, जिला मंत्री मंगेश शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष प्रेमा श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष भारती सिंह, ममता शर्मा, नगर उपाध्यक्ष ममता वर्मा, नगर मंत्री शशि शर्मा, मीनाक्षी गुप्ता, संगीता अग्रवाल अन्नू, शैली शर्मा, रचना शास्त्री, संजू प्रधान, उषा शर्मा, रानी शर्मा, ममता सिंह, गीता अग्रवाल, आशु वर्मा, लता, शिखा मित्तल, अनीता व लाल बहादुर शास्त्री आदि मौजूद रहे।
    ——


  • सीबीआई की संशोधित अपराध नियमावली जारी
    डॉ. जितेन्द्र सिंह ने दी बधाई

    नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अन्तरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान सीबीआई की संशोधित अपराध नियमावली जारी की। कार्यक्रम के दौरान सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions के प्रवक्ता के अनुसार डॉ. जितेन्द्र सिंह ने 15 साल बाद सीबीआई की संशोधित अपराध नियमावली को तैयार करने के लिए सीबीआई को बधाई दी। सीबीआई की इस संशोधित नियमावली को कानून, जाँच की तकनीक और प्रक्रियाओं में हुए नवीमतम बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

    <><><><><><>

  • Agra: यमुना एक्सप्रेसवे पर कंटेनर से टकरा कर कार में आग, जिंदा जलकर पांच की मौत

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर कार की कंटेनर से टक्कर हो गई। कार में सवार सभी 5 लोगों की जिंदा जल कर मौत हो गई। कार लखनऊ की थी, जिसका नंबर UP 32 KW 6788 था। ये सभी लोग यूपी से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। नागालैंड नंबर के कंटेनर में भी टक्कर के बाद आग लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की अभी पहचान नहीं हुई है।

    हादसा थाना खंदौली क्षेत्र में आज तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। आगरा से नोएडा की ओर जा रही कार आगे जा रहे कंटेनर के डीजल टैंक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला। कार में सवार पांच लोग जिंदा जल गए।
    सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंच गई। किसी तरह आग बुझाई गई। तब तक कार में सभी सवार लोगाें की मौत हो चुकी थी। बताया गया है कि कंटेनर चालक ने कंटेनर को अचानक मोड़ दिया। पीछे से आ रही कार तेज रफ्तार में थी। इससे कार अनियंत्रित होकर कंटेनर के डीजल टैंक से जा टकराई।
    हादसे के बाद कार सेंट्रल लॉक हो जाने के कारण उसमें सवार लोग दरवाजा नहीं खोल सके। यमुना एक्सप्रेस के बूथ के कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक चालक कंटेनर छोड़कर भाग चुका था।

    टक्कर लगते ही कार बन गई आग का गोला

    बताया गया है कि कार में सवार लोगों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला। आग लगते ही कार आग का गोला बन गई, वहां मौजूद लोग भी उन्हें बचाने में बेबस थे। पुलिस का कहना है कि जिंदा जलने वालों में एक बच्चा, एक महिला और तीन पुरुष लग रहे हैं। शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। कार नंबर लखनऊ जिले का UP 32 KW 6788 राजकुमार का पता चला है और उन्नाव के लोग सवार थे। इसी के जरिये शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।

    ओवरस्पीड बनी हादसे की वजह

    इसी हफ्ते कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड कम की गई है। यमुना एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 100 थी, जिसे 15 दिसंबर से घटाकर 80 किया गया है। यह फैसला एक्सप्रेसवे पर हादसे बचाने के लिए किया गया है। यमुना अथॉरिटी ने एक्सप्रेस-वे का संचालन देख रही जेपी इंफ्राटेक और पुलिस को स्पीड से जुड़े नए नियम का पालन कराने को कहा है। एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर फॉग लाइट लगाई गई हैं। अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण एक्सप्रेसवे पर हादसों की आशंका रहती है। इसे देखते हुए वाहनों की अधिकतम गति सीमा को कम किया गया है।

    अब भारी वाहनों की गति 60 किमी प्रति घंटा-
    यमुना एक्सप्रेसवे पर चलने वाले हल्के वाहन 80 और भारी वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चल सकते हैं। इससे पहले हल्के वाहनों की गति 100 और भारी वाहनों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी।

    एंट्री-एग्जिट पर बांट रहे चेतावनी पर्चे-
    एक्सप्रेस-वे पर ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जगह-जगह पर गति सीमा बताते बोर्ड लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट, टोल प्लाजा और हाइवे के किनारे बनी सुविधाओं पर वाहन चालकों कों इस बारे में पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। हर टोल प्लाजा पर गति सीमा और कोहरे के दौरान सावधानी बरतने के लिए अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे के किनारे नए रिफ्लेकिटव टेप भी लगाए गए हैं।
    काटे जा रहे चालान-
    यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे जा रहे हैं। कोहरा की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए वाहनों की गति कम करने का फैसला लिया गया है।

    DM-SSP ने घटना स्थल का लिया जायजा-
    हादसे की जानकारी मिलते ही आगरा DM प्रभु एन सिंह और SSP बबलू कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। सीओ अर्चना सिंह के मुताबिक, टैंकर का फ्यूल टैंक फटने के कारण कार में आग लगी। मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। कार के नंबर के आधार पर उसके मालिक से जानकारी ली जा रही है।

    एक हफ्ते पहले भी हुआ था हादसा-
    16 दिसंबर को संभल जिले में एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और टैंकर की भीषण टक्कर हुई थी। इसमें बस में सवार 8 लोगों की मौत हो गई। हादसा घने कोहरे की वजह से हुआ। बताया गया कि मानकपुर की मढ़इयां गांव के पास गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी थी। टैंकर ने इसे ओवरटेक किया, तभी बस सामने आ गई। बस में करीब 45 लोग सवार थे।—–

  • 1 जनवरी से आने वाले हैं ये 10 बदलाव,
    पड़ेगा आम आदमी पर सीधा असर

    नई दिल्ली। 01 जनवरी 2021 से कई नियम बदलने वाले हैं। इनका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। चेक पेमेंट, फास्टैग, UPI पेमेंट सिस्टम और GST रिटर्न के नियमों में बदलाव होने जा रहा है।

    10 बदलाव, जो होने वाले हैं-

    1. चेक पेमेंट सिस्टम
    1 जनवरी, 2021 से चेक पेमेंट से जुड़े नियम बदल जाएंगे। सकारात्मक भुगतान व्यवस्था (Positive Pay System) के तहत चेक (Cheque Payment) के जरिए 50,000 रुपए या इससे ज्यादा पेमेंट पर कुछ जरूरी जानकारियों को दोबारा कन्फर्म करना होगा। हालांकि, यह अकाउंट होल्डर पर निर्भर करेगा कि वो इस सुविधा का लाभ उठाता है या नहीं। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकरी SMS, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दे सकता है।

    2. कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांसजेक्शन

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट्स की लिमिट्स 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी है। यह 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होगा। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से 5,000 रुपये तक के पेमेंट्स के लिए पिन नहीं डालना होगा।

    3. महंगी हो जाएंगी कारें
    ऑटोमोबाइल कंपनियां जनवरी 2021 से अपने कई मॉडल के दाम बढ़ाने जा रहे हैं, जिसके बाद कार खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। अब तक मारुति, महिंद्रा के बाद रेनॉ और MG मोटर दाम बढ़ाने का ऐलान कर चुकी हैं।

    4. फास्टैग लगवाना होगा अनिवार्य
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1 जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग (FASTag) लगाना अनिवार्य कर दिया है। बिना फास्टैग के नेशनल हाईवे टोल पार करने वाले चालकों को दोगुना चार्ज देना होगा। फिलहाल सभी टोल प्लाजा पर 80 परसेंट लाइनों को फास्टैग और 20 परसेंट लाइनों को कैश में इस्तेमाल किया जा रहा है।

    5. लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए लगाना होगा जीरो
    अगर आप 1 जनवरी के बाद लैंडलाइन से किसी भी मोबाइल नंबर पर फोन लगाते हैं तो उसके लिए आपको 0 का इस्तेमाल करना होगा। बिना जीरो लगाए आपका कॉल नहीं लगेगा।

    6. म्यूचुअल फंड निवेश के लिए बदले नियम
    SEBI ने मल्टीकैप म्यूचुअल फंड के लिए असेट अलोकेशन के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक अब फंड्स का 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना जरूरी होगा, जो कि अभी न्यूनतम 65 फीसदी है। SEBI के नए नियमों के मुताबिक मल्टी कैप फंड्स के स्ट्रक्चर में बदलाव होगा। फंडों को मिडकैप और स्मॉलकैप में 25-25 फीसदी निवेश करना जरूरी होगा। वहीं, 25 फीसदी लार्ज कैप में लगाना होगा।

    7. UPI पेमेंट में होगा बदलाव
    1 जनवरी 2021 से UPI के जरिए पेमेंट करना महंगा हो जाएगा। थर्ड पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ऐप्स पर एक्सट्रा चार्ज लगाने का ऐलान किया है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से ये निर्णय लिया गया है।

    8. GST रिटर्न के नियम बदल जाएंगे
    बता दें देश के छोटे कारोबारियों को सरल, त्रैमासिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रिटर्न फाइलिंग सुविधा मिलेगी। नए नियम के तहत जिन कारोबारियों का टर्नओवर 5 करोड़ रुपये से कम है, उन्हें हर महीने रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। नया नियम लागू होने के बाद टैक्सपेयर्स को केवल 8 रिटर्न भरने होंगे। इनमें 4 जीएसटीआर 3बी और 4 GSTR 1 रिटर्न भरना होगा।

    9. सरल जीवन बीमा पॉलिसी होगी लॉन्च
    1 जनवरी के बाद कम प्रीमियम में बीमा खरीद पाएंगे। IRDAI ने सभी कंपनियों को सरल जीवन बीमा लॉन्च करने को कहा है। आरोग्य संजीवनी नामक स्टैंडर्ड रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश करने के बाद एक स्टैंडर्ड टर्म लाइफ इंश्योरेंस पेश करने का निर्देश दिया है।

    10. कुछ फोन में बंद हो सकता है whatsapp
    बता दें आने वाली 1 तारीख के बाद कुछ एंड्रायड और आईओएस फोन पर वॉट्सऐप काम करना बंद कर सकता है। कंपनी ने बताया कि जो सॉफ्टवेयर पुराने हो चुके हैं उन पर वॉट्सऐप काम करना बंद कर देगा।

    ——-

  • फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी व्यापार‌ मंडल अध्यक्ष सुजीत पांडे हत्याकांड की सुनवाई

    लखनऊ। मोहनलालगंज व्यापार‌ मंडल अध्यक्ष सुजीत पांडे हत्याकांड में मुकदमे की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। यह आश्वासन कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने की भी बात कही।
    लखनऊ में मोहनलालगंज व्यापार‌ मंडल अध्यक्ष, ईंट भट्ठा व्यवसायी सुजीत पांडे की अन्तिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, सांसद कौशल किशोर, यूपीसीएलडीएफ चेयरमैन वीरेन्द्र कुमार तिवारी सहित सभी दलों के नेता परिजनों को सांत्वना देने के साथ अन्तिम यात्रा में शामिल हुए।

    कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को दिया फास्ट ट्रैक कोर्ट में हत्याकांड के मुकदमे की सुनवाई का आश्वासन देने के साथ ही कहा कि पीड़ित परिवार को सरकार सुरक्षा मुहैया करायेगी। इस जघन्य हत्याकांड अंजाम देने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस को हत्याकांड के खुलासे के निर्देश दिये।

    गौरतलब है कि रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलाल गंज इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर प्रधान पति स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडे की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुजीत पांडे के सफारी कार से उतरते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी। ——

  • भारत में 31 दिसंबर तक नहीं आ सकेंगी Britain से Flights

    नई दिल्ली। भारत सरकार ने ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों पर 23 दिसंबर से 31 दिसंबर तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। ब्रिटेन में कोविड-19 के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि 31 दिसंबर की रात 11 बजकर 59 मिनट तक ब्रिटेन से या ब्रिटेन होकर आने वाली सभी उड़ानों पर प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध 22 दिसंबर की रात 12 बजकर 01 मिनट से प्रभावी होगा। जो उड़ानें ब्रिटेन से उड़ान भर चुकी हैं या देश से रवाना हो चुके जिन भारतीय विमानों को ब्रिटेन से या वहाँ के रास्ते वापस आना है उनके लिए 22 दिसंबर की रात 11 बजकर 59 मिनट तक देश में उतरने की अनुमति होगी। इन विमानों में आने वाले सभी यात्रियों और क्रू की अनिवार्य रूप से हवाई अड्डे पर ही आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी।

    सभी यात्रियों का अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट

    मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, सावधानी बरतते हुये 22 दिसंबर की रात 11 बजकर 59 मिनट तक ब्रिटेन से या ब्रिटेन होकर भारत पहुँचने वाली उड़ानों के सभी यात्रियों का अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में कोविड-19 का नया स्ट्रेन सामने आया है जिसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यह पुराने स्ट्रेन से कहीं ज्यादा घातक और संक्रामक बताया जा रहा है।

    ——–

  • एक-दूसरे के बेहद नजदीक आएंगे बृहस्पति और शनि

    नई दिल्ली। सौरमंडल में सोमवार को एक बड़ी खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दौरान हमारे सौर मंडल के दो बड़े ग्रह बृहस्पति और शनि एक दूसरे के बेहद नजदीक आ जाएंगे। ये दोनों ग्रह इससे पहले 17वीं शताब्दी में महान खगोलविद गैलीलियो के जीवनकाल में इतने पास आए थे। इस घटना को लोग सोमवार को सूर्यास्त के बाद लोग बिना किसी उपकरण की मदद के देख सकते हैं।

    देखा जा सकेगा सूर्यास्त के बाद

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि हमारे सौरमंडल में दो बड़े ग्रहों का नजदीक आना बहुत दुर्लभ नहीं है। बृहस्पति ग्रह अपने पड़ोसी शनि ग्रह के पास से प्रत्येक 20 साल पर गुजरता है, लेकिन इसका इतने नजदीक आना खास है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दोनों ग्रहों के बीच उनके नजरिए से सिर्फ 0.1 डिग्री की दूरी रह जाएगी। अगर मौसम स्थिति अनुकूल रहती है तो ये आसानी से सूर्यास्त के बाद दुनिया भर से देखे जा सकते हैं।

    आसमान में नजर आएगा आज

    यह घटना आज यानी 21 दिसंबर 2020 को होने जा रही है। यह साल का सबसे छोटा दिन माना जाता है। वांदरबिल्ट विश्वविद्यालय में खगोलशास्त्र के प्रोफेसर डेविड वेनट्रॉब ने कहा कि मेरा मानना है कि यह कहना उचित होगा कि यह घटना आम तौर पर किसी व्यक्ति के जीवन में एक ही बार आता है।

    धरती से देखा जा सका था मार्च, 1226 में

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई, 1623 में दोनों ग्रह इतने करीब आए थे लेकिन सूर्य के नजदीक होने की वजह से उन्हें देख पाना लगभग असंभव था। वहीं, उससे पहले मार्च, 1226 में दोनों ग्रह करीब आए थे और इस घटना को धरती से देखा जा सकता था। इसके बाद से अब तक पहली बार हो रहा है जब यह खगोलीय घटना हो रही है और इसे देखा भी जा सकता है।

  • खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 में चार स्वदेशी खेलों को मिला स्थान

    खेल मंत्रालय का स्वदेशी खेलों को बड़ा प्रोत्साहन

    गतका, कलारीपयट्टू, थांग-ता और मलखम्ब खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 में शामिल

    नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने हरियाणा में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 में चार स्वदेशी खेलों को शामिल करने को मंजूरी दी है। इन खेलों में गतका, कलारीपयट्टू, थांग-ता और मलखम्ब हैं।
    इस निर्णय के बारे में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, ‘भारत में स्वदेशीय खेलों की एक समृद्ध विरासत है और इन खेलों को को संरक्षित करना, प्रोत्साहन देना और लोकप्रिय बनाना खेल मंत्रालय की प्राथमिकता है। खेलो इंडिया गेम्स से बेहतर दूसरा कोई मंच नहीं है, जहां इन खेलों के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसकी बहुत लोकप्रियता है और इनका प्रसारण देशभर में स्टार स्पोर्ट्स द्वारा किया जाता है, इसलिए मुझे विश्वास है कि 2021 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में योगासन के साथ ये चार प्रतिस्पर्धा देश के खेल उत्साही दर्शकों और युवाओं का अपनी ओर अधिक ध्यान आर्कषित करेंगे। आने वाले वर्षों में हम खेलो इंडिया गेम्स में और अधिक स्वदेशी खेलों को शामिल करने में सक्षम होंगे।’

    देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं ये चार चयनित खेल

    ये चार चयनित खेल देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कलारीपयट्टू की उत्पत्ति केरल में हुई है और इसे खेलने वाले पूरे विश्व में हैं। बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल इनमें से एक हैं। वहीं मलखम्ब को मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में अच्छी तरह से जाना जाता है। महाराष्ट्र इस खेल का मुख्य केंद्र है। गतका खेल का संबंध पंजाब से है और यह निहंग सिख योद्धाओं की पारंपरिक लड़ाई शैली है। वे इसका उपयोग आत्म-रक्षा के साथ-साथ खेल के रूप में भी करते हैं। थांग-ता मणिपुर की एक मार्शल आर्ट है, जो पिछले कुछ दशकों के दौरान लुप्त होती जा रही है, लेकिन खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 की मदद से इसे एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

    नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, ‘हमें यह जानकर खुशी हुई है कि खेल मंत्रालय ने भारतीय प्राचीन मार्शल आर्ट गतका को खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शामिल किया है। हमें विश्वास है कि खेलो इंडिया का यह प्रयास निश्चित तौर पर लुप्त होती जा रही एक ऐतिहासिक महत्व रखने वाली भारतीय पारंपरिक मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने और पुनर्जीवित करने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त यह कदम देश के साथ-साथ विदेशों में जागरूकता पैदा करने के लिए नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रयासों को बढ़ावा देगा।’
    वहीं थांग-ता फेडरेशन ने भी इसकी पुष्टि की है कि यह प्रतिस्पर्धा इस खेल को काफी लोकप्रिय बनाएगी। थांग-ता फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव विनोद शर्मा ने कहा, ‘इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के 400 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। हम लोग इस प्रतिस्पर्धा में बहुत सफल होना चाहते हैं और इससे खेल को राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।’
    *******

  • बाइक सवार बदमाशों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष को मौत के घाट उतारा
    ताबड़तोड़ मारी आठ गोलियां

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलाल गंज इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर प्रधान पति स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडे की हत्या कर दी। 8 गोली लगने से सुजीत पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुजीत पांडे के सफारी कार से उतरते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी। पूरा मामला मोहनलाल गंज के गौरा स्थित भट्टा जाते समय का बताया जा रहा है।

    बदमाशों ने घेरकर मारी गोली- भट्टा कारोबारी मोहनलाल गंज के बड़े व्यापारी सुजीत पांडेय को बदमाशों ने घेरकर गोली मार दी। चार  बदमाशों ने कई राउंड फायर किया, जब तक सुजीत पांडे कुछ समझ पाते, बदमाशों ने एक के बाद एक आठ गोली सीने पर दाग दीं।  लखनऊ में मर्डर की सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में सनसनी का माहौल है। घटना के बाद आक्रोशित लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

    पहले खुद थे प्रधान, बाद में पत्नी को बनवाया-
    वारदात के पीछे प्रधानी चुनाव की रंजिश बताई जा रही है। लाल सिंह के द्वारा खेड़ा स्थित क्षेत्र में भट्टा का कारोबार करने वाले सुजीत पांडेय पूर्व प्रधान रहे। इन्द्रजीत खेड़ा में परसीमन बदलने के बाद महिला सीट होने पर सुजीत पांडेय ने अपनी पत्नी संध्या पांडे को चुनाव लड़ाया और वह उन्हें प्रधान बनाने में कामयाब रहे। बताया जा रहा है कि आने वाले प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजीत में हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस चुनावी रंजिश और भट्ठा कारोबार से संबंधित जुड़े मामले को लेकर जांच के साथ हत्यारोपियों की तलाश में लग गई है।

  • डाक विभाग का विशेष अभियान: मात्र एक दिन में साढ़े चार हजार लोगों का आधार नामांकन व अपडेशन

    वाराणसी। डाक विभाग द्वारा नया आधार कार्ड बनवाने या फिर उसमे संशोधन कराने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में 19 दिसम्बर, दिन शनिवार को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान एक दिन में ही लगभग साढ़े चार हजार लोगों का आधार नामांकन और अपडेशन किया गया। यह अभियान वाराणसी, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर व बलिया के 129 डाकघरों में चला, जिसे लोगों ने भरपूर सराहा। लोगों की भीड़ के चलते अधिकतर डाकघरों में देर शाम तक आधार का कार्य हुआ, ताकि लोगों को निराश न लौटना पड़े। कई डाकघर जहाँ पर ज्यादा लम्बी कतार थी और किन्हीं कारणोंवश किसी का आधार नामांकन या संशोधन का कार्य नहीं हो सका, उनका अगले कार्यदिन में प्राथमिकता के आधार पर आधार का कार्य किया जाएगा।

    अब तक 5 लाख से ज्यादा का आधार नामांकन व संशोधन

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्ट ऑफिस में आधार सेवाओं का लाभ कोई भी ले सकता है। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक लगभग 5 लाख से ज्यादा लोगों का आधार नामांकन व संशोधन किया जा चुका है। अकेले कोरोना महामारी के दौरान 1 लाख 80 हज़ार लोगों का आधार नामांकन व संशोधन किया गया है।

    डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक संशोधन के शुल्क हैं निर्धारित

    पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में नया आधार पूर्णतया नि:शुल्क बनाया जाता है। डेमोग्राफिक संशोधन (नाम, जन्म तिथि, लिंग, पता, मोबाइल व ईमेल) हेतु ₹50/- और बायोमेट्रिक संशोधन (फिंगरप्रिंट, आईरिस व फोटो) हेतु ₹100/- शुल्क देना होता है। यह अभियान वाराणसी के 46, गाजीपुर के 19, जौनपुर के 27, बलिया के 22, भदोही के 5 व चंदौली जनपद के 10 कुल 129 डाकघरों में चला।

    ———

  • RLP प्रमुख बेनीवाल ने दिया संसद की तीन समितियों से इस्तीफा

    26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली कूच

    नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ 25वें दिन भी जारी किसानों के आंदोलन को मोदी सरकार के सहयोगी दल है RLP ने भी समर्थन दे दिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को संसद की तीन समितियों से इस्तीफा देने के बाद 26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली के लिए कूच करने की घोषणा की है।

    एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसानों को कानूनों के फायदे समझाने में लगी है, लेकिन दूसरी तरफ पार्टी की मुश्किलें उसके ही सहयोगी दल बढ़ा रहे हैं। अब एनडीए (NDA) के सहयोगी हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा खोल दिया है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को संसद की तीन समितियों से इस्तीफा दे दिया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे पत्र में हनुमान बेनीवाल ने उद्योग संबंधी स्थायी समिति, याचिका समिति और पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय की परामर्श समिति से इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्होंने 26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली के लिए कूच करने की तैयारी कर ली है।

    ——

  • नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने 2024 से रेलगाडि़यों के लिए प्रतीक्षा सूची के बारे में प्रकाशित की जा रही खबरों के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण दिया है। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्‍न समाचार पत्रों एवं ऑनलाइन प्रकाशनों ने राष्‍ट्रीय रेल योजना के प्रारूप को व्‍यापक कवरेज दिया है। कुछ खबरों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि, रेलवे ने कहा है कि 2024 से कोई प्रतीक्षा सूची नहीं होगी या 2024 तक केवल कंफर्म टिकटें ही उपलब्‍ध होंगी। रेलवे यह बताना और स्‍पष्‍ट करना चाहेगी कि रेलगाडि़यों को मांग के अनुसार उपलब्‍ध कराने के लिए क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों के लिए प्रतीक्षा सूची में आने की संभावना कम हो जाएगी। प्रतीक्षा सूची एक ऐसा प्रावधान है, जो हमेशा बनी रहती है। जब किसी रेलगा‍ड़ी में यात्रियों द्वारा की गई मांग बर्थ या उपलब्‍ध सीटों की संख्‍या से अधिक होती है। इस प्रावधान को समाप्‍त नहीं किया जा रहा है। ‘प्रतीक्षा सूची’ एक ऐसा प्रावधान है जो मांग एवं उपलब्‍धता में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए एक बफर के रूप में कार्य करती है।
    ***

  • धान की खरीद में पिछले वर्ष की तुलना में 23.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

    77608.01 करोड़ के MSP मूल्य के साथ KMS खरीद प्रक्रिया से लगभग 48.28 लाख किसान हुए लाभान्वित

    नई दिल्ली। वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान, सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है। खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में सुचारु रूप से चल रही है। पिछले वर्ष के 333.59 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष 18 दिसंबर 2020 तक 411.05 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है और इस प्रकार पिछले वर्ष के मुकाबले धान की खरीद में 23.22 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल 411.05 लाख मीट्रिक टन की खरीद में से अकेले पंजाब ने इस वर्ष 30 नवंबर 2020 को खरीद सीजन के समाप्त होने तक 202.77 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जो कि देश में कुल खरीद का 49.33 प्रतिशत है। कुल 77608.01 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य के साथ वर्तमान में जारी केएमएस खरीद प्रक्रिया से लगभग 48.28 लाख किसान अभी तक लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.00 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी।

    इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए कोपरा (बारहमासी फसल) की 1.23 लाख मीट्रिक टन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। पीएसएस के तहत अन्य राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों से खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर दलहन, तिलहन और कोपरा के लिए भी मंजूरी दी जाएगी ताकि अधिसूचित फसल अवधि के दौरान बाजार दर एमएसपी से कम होने की स्थिति में वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित एमएसपी के आधार पर इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे पंजीकृत किसानों से की जा सके।

    18 दिसंबर 2020 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1027.76 करोड़ रुपये की एमएसपी मूल्य वाली मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की 191669.08 मीट्रिक टन की खरीद की है जिससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 1,05,987 किसान लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह, 18 दिसंबर 2020 तक 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 मीट्रिक टन कोपरा खरीदा गया था। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में दरें एमएसपी से अधिक हैं। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें खरीफ की फसल दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। 18 दिसंबर 2020 तक 5761122 कपास की गांठें खरीदी गईं जिनका मूल्य 16,799.87 करोड़ रुपये हैं जिससे 11,20,868 किसान लाभान्वित हुए हैं।

  • जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला पर ED का शिकंजा

    क्रिकेट घोटाले में 12 करोड़ की संपत्ति सीज

    नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला की करीब 12 करोड़ की संपत्ति सीज कर दी है। इस संपत्ति में 3 घर, 2 प्लॉट और 1 कॉमर्शियल प्रॉपर्टी अटैच शामिल है। इसमें एक घर गुपकार रोड, दूसरा तहसील कटिपोरा, तन्मर्ग, और तीसरा भटंडी जम्मू में होना बताया गया है। ईडी ने फारूख अब्दुल्ला और अन्य की करीब 12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच से हिस्सा बताया है। इन संपत्तियों की जब्त कीमत 11.86 करोड़ रुपये है, लेकिन इनका बाजार मूल्य लगभग 60-70 करोड़ रुपये है।

    43.69 करोड़ के घोटाले से जुड़ा मामला

    यह मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के 43.69 करोड़ के घोटाले से जुड़ा हुआ है। साल 2005-06 से 2011-12 तक J&KCA को BCCI से 94.06 करोड़ का फंड अलॉट हुआ था, जो कि J&K में क्रिकेट के डेवलेपमेंट के लिए था, लेकिन आरोप है कि J&K के पूर्व मुख्यमंत्री और J&KCA के तत्कालीन अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने अहसान अहमद मिर्जा और मीर मंजूर गजनफर के साथ मिल कर 43.69 करोड़ रुपये का घोटाला किया और अपने बैंक खातों में इन पैसों को जमा कराया या कैश निकाल लिया।

    ——

  • अयोध्या में मस्जिद का जल्द शुरू होगा निर्माण

    लखनऊ। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन आर्किटेक्ट शनिवार को लॉन्च कर दिया। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना जुफर फारुकी व अतहर हुसैन सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। पांच एकड़ की जमीन पर मस्जिद और अस्पताल की दो इमारतें बनेंगी। मस्जिद का डिजाइन एस एम अख्तर ने तैयार किया है। परिसर में अस्पताल के साथ लाइब्रेरी, म्यूजियम और कम्युनिटी किचन भी बनाया जाएगा।

    पूरी मस्जिद परिसर में होगा सोलर एनर्जी का इस्तेमाल

    मस्जिद में एक साथ दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि अस्पताल मल्टीस्पेशलिटी होगा। पूरी मस्जिद परिसर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल होगा। नक्शा पास होने के बाद मस्जिद बनने का काम शुरू होगा। बताया जा रहा है कि दो साल में निर्माण पूरा हो जाएगा। मस्जिद में गुंबद नहीं होगा। इसका आकार खाड़ी देशों की मस्जिदों की तरह होगा।

    कब रखेंगे मस्जिद की नींव!

    धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद की नींव गणतंत्र दिवस या फिर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रखी जा सकती। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले दिनों ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा था कि निर्माण शुरू करने के लिए पहली ईंट तो रखनी ही होगी तो इसके लिये 26 जनवरी या 15 अगस्त से बेहतर दिन दूसरा नहीं हो सकता है, क्योंकि 26 जनवरी को देश के संविधान की नींव रखी गई थी, जबकि 15 अगस्त को देश आजाद हुआ और आजाद भारत की नींव रखी गई थी।

    मस्जिद में नहीं होगा बाबर या उससे जुड़ा कोई जिक्र

    अतहर हुसैन ने कहा कि बनने वाली मस्जिद में बाबर या उससे जुड़ा कोई जिक्र नहीं होगा और न ही किसी भाषा या राजा के नाम पर मस्जिद का नाम होगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए छह महीने पहले आईआईसीएफ का गठन किया था। परियोजना के मुख्य वास्तुकार प्रोफेसर एसएम अख्तर ने डिजाइन अंतिम रूप दिया है। अख्तर ने बताया कि मस्जिद में एक समय में 2,000 लोग नमाज अदा कर सकेंगे और इसका ढांचा गोलाकार होगा। नई मस्जिद बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी, लेकिन उसी तरह का ढांचा नहीं होगा। परिसर के मध्य में अस्पताल होगा। पैगंबर ने 1400 साल पहले जो सीख दी थी, उसी भावना के अनुरूप मानवता की सेवा की जाएगी।

    ——

  • अयोध्या में मस्जिद का जल्द शुरू होगा निर्माण

    लखनऊ। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन आर्किटेक्ट शनिवार को लॉन्च कर दिया। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना जुफर फारुकी व अतहर हुसैन सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। पांच एकड़ की जमीन पर मस्जिद और अस्पताल की दो इमारतें बनेंगी। मस्जिद का डिजाइन एस एम अख्तर ने तैयार किया है। परिसर में अस्पताल के साथ लाइब्रेरी, म्यूजियम और कम्युनिटी किचन भी बनाया जाएगा।

    पूरी मस्जिद परिसर में होगा सोलर एनर्जी का इस्तेमाल

    मस्जिद में एक साथ दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि अस्पताल मल्टीस्पेशलिटी होगा। पूरी मस्जिद परिसर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल होगा। नक्शा पास होने के बाद मस्जिद बनने का काम शुरू होगा। बताया जा रहा है कि दो साल में निर्माण पूरा हो जाएगा। मस्जिद में गुंबद नहीं होगा। इसका आकार खाड़ी देशों की मस्जिदों की तरह होगा।

    कब रखेंगे मस्जिद की नींव!

    धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद की नींव गणतंत्र दिवस या फिर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रखी जा सकती। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले दिनों ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा था कि निर्माण शुरू करने के लिए पहली ईंट तो रखनी ही होगी तो इसके लिये 26 जनवरी या 15 अगस्त से बेहतर दिन दूसरा नहीं हो सकता है, क्योंकि 26 जनवरी को देश के संविधान की नींव रखी गई थी, जबकि 15 अगस्त को देश आजाद हुआ और आजाद भारत की नींव रखी गई थी।

    मस्जिद में नहीं होगा बाबर या उससे जुड़ा कोई जिक्र

    अतहर हुसैन ने कहा कि बनने वाली मस्जिद में बाबर या उससे जुड़ा कोई जिक्र नहीं होगा और न ही किसी भाषा या राजा के नाम पर मस्जिद का नाम होगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए छह महीने पहले आईआईसीएफ का गठन किया था। परियोजना के मुख्य वास्तुकार प्रोफेसर एसएम अख्तर ने डिजाइन अंतिम रूप दिया है। अख्तर ने बताया कि मस्जिद में एक समय में 2,000 लोग नमाज अदा कर सकेंगे और इसका ढांचा गोलाकार होगा। नई मस्जिद बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी, लेकिन उसी तरह का ढांचा नहीं होगा। परिसर के मध्य में अस्पताल होगा। पैगंबर ने 1400 साल पहले जो सीख दी थी, उसी भावना के अनुरूप मानवता की सेवा की जाएगी।

    ——

  • हिमाचल में भीषण सर्दी का कहर

    कई स्थानों पर पारा शून्य से नीचे-येलो अलर्ट जारी

    शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रचंड शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से छह जिलों में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में आगामी 24 घंटों के दौरान शीत लहर तेज होने की चेतावनी दी है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश भर में 24 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। वहीं मैदानी जिलों में रविवार को घना कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। कांगड़ा और मंडी जिलों में तो पारा शून्य से नीचे चला गया है।

    ऊना में 0 रिकॉर्ड, हमीरपुर व बिलासपुर में 0 के करीब

    ऊना में शून्य और हमीरपुर व बिलासपुर में शून्य के करीब रिकार्ड हुआ है। इन क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ेगा। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। लाहुल-स्पीति के मुख्यालय केलांग का पारा शून्य से कम रहा। कल्पा में न्यूनतम तापमान शून्य से कम 3.0, मंडी के सुंदर नगर में शून्य से कम 1.6, भ्रुंतर शून्य से कम 1.8, सोलन शून्य से कम 1.3, मनाली शून्य से नीचे 1.0, कांगड़ा में 0.8, ऊना में शून्य, पालमपुर में 0.1, चंबा में 0.4, मंडी शून्य से कम 1.1, हमीरपुर में 1.8, धर्मशाला में 2.4, बिलासपुर में 2.0, डल्हौजी में 4.7, कुफरी में 0.8, शिमला में 4.4 और नाहन में 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।

    UP (W) के कई हिस्सों में भी रहेगा शीत लहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंढीगढ़ और दिल्ली में भारी शीत लहर चल सकती है, साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी शीतलहर का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी। साथ ही बिहार और मध्य प्रदेश में भी शीत लहर का असर दिखेगा। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस गिरा था, जिसके बाद मौसम विभाग ने कहा कि शनिवार को भी राजधानी में शीतलहर का असर रहेगा।

    ——–

  • प्रोन्नत जेलर को तैनाती नहीं, पांच किए अटैच !

    लखनऊ। बाप बड़ा ना भईया, सबसे बड़ा रुपैया….! जेल मुख्यालय के अफसरों पर ये कहावत एकदम फिट बैठती है। मुख्यालय अफसरों ने प्रोन्नति पाये जेलरों की तैनाती तो की नहीं, किन्तु कमाई के फेर में पांच जेलर को इधर-उधर अटैच कर दिया। मोटी रकम देने वाले अधिकारियों को कमाई वाली जेलों पर, तो कम देने वालों को कम कमाऊ जेल पर अटैच कर दिया गया। यह मामला विभागीय अफसरों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि एक जेल अधिकारी जाने से पहले कमाई का कोई अवसर छोड़ना नहीं चाहता!

    विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल मुख्यालय से गुरुवार को पांच जेलर का विभिन्न जेल पर अटैचमेन्ट किया गया। इसमें मुरादाबाद जेल में तैनात जेलर मनीष कुमार को मेरठ, अंजनी गुप्ता को बरेली से बलिया, नागेश को बुलंदशहर से मऊ, राजेश वर्मा को बाराबंकी से ज्ञानपुर के साथ विजय गुप्ता को रामपुर से मुरादाबाद जेल में अटैच किया गया है। सूत्रों का कहना है कि मोटी रकम देने वाले मनीष व विजय को अधिक कमाऊ मानी जाने वाली जेल पर, तो वहीं कम देने वाले अंजनी, नागेश व राजेश को कमाऊ से कम कमाई वाली जेल पर भेज दिया गया। बताया गया है कि जेलर मनीष कुमार की मुख्यालय में अच्छी सेटिंग-गेटिंग है। इस कारण इनका अधिकांश समय पश्चिम उत्तर प्रदेश की जेल में ही रहा है। वह तीन बार मुरादाबाद जेल के साथ अलीगढ, गाज़ियाबाद, एटा, शाहजहांपुर में तैनात रहे।

    गौरतलब है कि पिछले दिनों विभाग में 15 डिप्टी जेलर को जेलर पद पर प्रोन्नत किया गया। इन जेलर को प्रोन्नत हुए करीब दो माह होने को है, किंतु आज तक इनकी तैनाती नहीं की गई है। आलम यह है कि कई जेल पर जेलर नहीं है, तो कहीं आधा दर्जन की तैनाती है। आरोप है कि यह अव्यवस्था जेल मुख्यालय व शासन को दिखाई नहीं पड़ रही है।

    इस संबंध में असलियत जानने के लिए एआईजी शरद से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एक अन्य अधिकारी ने सिर्फ इतना ही कहा कि यह रूटीन प्रक्रिया है, अटैचमेन्ट होते रहते हैं। नए  जेलर की तैनाती के सवाल पर उन्होंने फ़ोन ही काट दिया।
    -राकेश यादव (INN)

  • उत्तराखंड का इनामी डकैत UP के बिजनौर से STF ने दबोचा

    STF ने ₹ 5000 के इनामी डकैती के अपराधी फाल्ला को नजीबाबाद से किया गिरफ्तार देहरादून। STF उत्तराखण्ड की अपराधियों के विरूद्व की जा रही लगातार कार्यवाही के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गम्भीर वारदात कर विगत कई वर्षो से फरार चल रहे तथा उत्तर प्रदेश व बिहार आदि राज्यों में छुपे ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी की कार्यवाही के क्रम में STF द्वारा रू0 5,000/- के ईनामी अपराधी की गिरफ्तारी की गई है। अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु जनपद हरिद्वार के थाना कलियर की पुलिस के साथ की गई संयुक्त कार्यवाही में जनपद हरिद्वार के थाना कनखल में पंजीकृत डकैती के मु0अ0सं0 372/2018 धारा 395 भा0द0वि0 तथा थाना कलियर में पंजीकृत डकैती के मु0अ0सं0 195/2018 धारा 395/397 भा0द0वि0 में विगत 02 वर्षो से फरार चल रहे रू0 5000/- के वांछित/ईनामी अपराधी को 18 दिसम्बर 2020 को गिरफ्तार किया गया।

    15/16 सितम्बर-2018 की रात्रि में जनपद हरिद्वार के थाना कनखल क्षेत्रान्तर्गत रूद्रबिहार कालोनी जमालपुर में विकास कुमार के निवास पर कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा घुस कर उनके साथ मारपीट तथा हथियारों के बल पर उनको डरा धमका कर घर में रखी समस्त ज्वेलरी, नकदी एवं बैग में रखे कुछ कागजात लूट कर डकैती डाली गई थी। उक्त के अतिरिक्त दिनांक 8/9 सितम्बर की रात्रि में थाना कलियर के क्षेत्रार्तगत ग्राम माजरी में महिपाल सिंह के निवास पर कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा घुस कर उनके व उनके परिवार के साथ मारपीट कर उनके सारे गहने आदि लूट कर ले गये थें। उपरोक्त प्रकरण में की गई विवेचना से उक्त दोनों घटना में 7-8 अपराधियों का संलिप्त होना प्रकाश में आया था। जिसमें से 04 अभियुक्त पूर्व में गिरफ्तार किये जा चुके है। फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु आईजी गढ़वाल द्वारा उक्त अभियुक्त फाल्ला की गिरफ्तारी पर नकद पुरूस्कार घोषित किया गया है। गिरफ्तार अपराधी फाल्ला पुत्र शब्बू भी काफी दिनों से फरार चल रहा था।

    कार्यालय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF उत्तराखण्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार STF द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु महत्वपूर्ण सूचनाओं का संकलन करते हुए जनपद हरिद्वार के थाना कलियर पुलिस एवं STF के उप निरीक्षक के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम द्वारा 18 दिसम्बर 2020 को रू0 5000/- के ईनामी अभियुक्त फाल्ला को नजीबाबाद के थाना कोतवाली उ0प्र0 से गिरफ्तार किया गया है।

    गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः-

    फाल्ला पुत्र शब्बू निवासी ग्राम जाफरपुर, थाना मैनाठेर, जनपद मुरादाबाद उ0प्र0।

    पूछताछ-

    गिरफ्तार अभियुक्त फाल्ला द्वारा पूछताछ के दौरान बताया गया कि 15/16 सितम्बर 2018 को हरिद्वार के थाना कनखल क्षेत्र एवं 8/9 सितम्बर की रात्रि में थाना कलियर के क्षेत्रार्तगत ग्राम माजरी में डकैती की वारदात में वह अपने अन्य साथियों के साथ संलिप्त था। अभियुक्त ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि, किसी साथी के गिरफ्तार होने पर साथ के अन्य लोग सूचना पाते ही अपने डेरे एवं पुराने मोबाईल नम्बर बदलते रहते हैं, जिससे कि वह पुलिस की गिरफ्त में न आ सके।

    टीम STF-

    1-उप निरीक्षक उमेश कुमार, 2-हे0कान्स0 हितेश, 3-कान्स0 संजय कुमार, 4-कान्स0 कैलाश नयाल।

    गिरफ्तारी टीम हरिद्वार:-

    1-उप निरीक्षक नीरज मेहरा थाना कलियर 2-कान्स0 अरविन्द थाना कलियर।

    ——-

  • अल्‍पसंख्‍यकों के विकास के लिए समर्पण के साथ कार्य करती आ रही है सरकार-पुरी

    नई दिल्ली। राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग (एनसीएम) ने ‘’अल्‍पसंख्‍यक दिवस’’ मनाया। इस अवसर पर आयोग ने महामारी के दौरान समाज में अनुकरणीय योगदान देने के लिए समस्‍त छह अधिसूचित अल्‍पसंख्‍यक समुदायों से संबंधित 12 को‍रोना योद्धाओं का अभिनंदन किया।आवास एवं शहरी कार्य राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) तथा नागर विमानन राज्‍य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस समारोह की अध्‍यक्षता की। इस अवसर पर राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग के उपाध्‍यक्ष आतिफ रशीद और एनसीएम के वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
    हरदीप सिंह पुरी ने अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के कोरोना योद्धाओं का सम्‍मान करने के लिए राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग की सराहना की। उन्‍होंने इस बात पर भी बल दिया कि सरकार अल्‍पसंख्‍यकों के विकास के लिए समर्पण के साथ कार्य करती आ रही है और उसके परिणाम सराहनीय रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि “आत्‍मनिर्भर भारत,” भारत को स्‍वावलम्‍बी राष्‍ट्र बनाने का प्रधानमंत्री का विज़न है। प्रधानमंत्री की ओर से किए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को सफल बनाने के लिए अल्‍पसंख्‍यक स्‍वयं पहल कर रहे हैं और सरकार की ओर से प्रारंभ की गईं मेक इन इंडिया, स्‍टार्ट अप इंडिया आदि जैसी योजनाओं में भाग ले रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि व्‍यापक तालमेल से सभी अल्‍पसंख्‍यक आर्थिक रूप से सशक्‍त बनेंगे और मिल-जुलकर राष्‍ट्र के विकास के लिए कार्य करेंगे, ताकि उसे और आगे ले जाया जा सके।

    राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग के उपाध्‍यक्ष आतिफ रशीद ने अनुकरणीय साहस और समाज के प्रति समर्पण के लिए कोविड योद्धाओं को बधाई दी। उन्‍होंने समारोह में उपस्थित सभी लोगों से आगे आने और इस चुनौतीपूर्ण समय में इन योद्धाओं की ही भांति समाज के प्रति अपना योगदान देने की भी अपील की। उन्‍होंने विभिन्‍न समुदायों के बीच सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से निभाई जा रही भूमिका की भी जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही विविध योजनाएं सामाजिक समावेशिता और आर्थिक उत्‍थान की दिशा में बड़ा कदम है।
    ——

  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के 5 एमओयू साइन
    नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय, ट्राइफेड, आईसीएआर, एनएसएफडीसी, नेफेड और एनसीडीसी के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के 5 एमओयू साइन किये गए हैं।

    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने जनजातीय मामले मंत्रालय, जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ लिमिटेड (ट्राइफेड), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के साथ पांच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ एक संयुक्त पत्र भी हस्ताक्षर किया। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकरण (पीएमएफएमई) योजना के लिए नोडल बैंक के रूप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।

    एमओयू साइन करने के मौके पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रामेश्वर तेली उपस्थित थे।

    सर्वप्रमुख है- सबका साथ, सबका विकास

    इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इन एमओयू के माध्यम से सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने, जीवन स्तर में बदलाव लाने व सरकार की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों का जीवन संवारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताएं तो बहुत है, लेकिन सर्वप्रमुख है- सबका साथ, सबका विकास। छोटे उद्यमी सरकार के सहकार के बिना आगे नहीं बढ़ सकते, इसलिए जरूरी है कि उन्हें सरकार का साथ मिले।

    800 करोड़ रू. की उपलब्धता अनुसूचित जाति के लिये

    श्री गहलोत ने कहा कि इस स्कीम में 800 करोड़ रू. की उपलब्धता अनुसूचित जाति के लोगों के लिए है, जिससे उन्हें काफी लाभ मिलेगा और वे स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। श्री मुंडा ने कहा कि इन एमओयू से आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि से पूरे देश को सबल बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इनके माध्यम से लिंक बनने से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को लाभ पहुंचेगा। श्री तेली ने कहा कि पांच एमओयू नए अवसर और संभावनाएं लाएंगे। इससे टीम भावना और बढ़ेगी।

    ट्राइफेड के साथ एमओयू, स्कीम से जुड़े आदिवासियों व अन्य उद्यमों द्वारा बनाए फूड प्रोडक्ट्स के लिए ब्रांड ‘ट्रायफूड’ के तहत ब्रांडिंग की सुविधा प्रदान करेगा। फूड प्रोडक्ट्स के लिए ब्रांडिंग,मार्केटिंगअच्छी पैकेजिंग आदि का विकास भी हो सकेगा।

    आईसीएआर के साथ एमओयू से विभिन्न संस्थानों, विशेषकर फसल-विशिष्ट संस्थानों में विकसित खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों, पैकेजिंग व मशीनरी के विवरण साझा करने की सुविधा होगी, जो सूक्ष्म उद्यमों/एफपीओ/एसएचजी/सहकारिता के लिए उपयुक्त है ताकि प्रक्रियाओं/उत्पादों को प्राथमिकता के रूप में सुदृढ़ किया जा सके। आईसीएआर के संस्थान पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत क्षमता निर्माण प्रयास का समर्थन करने के लिए डीपीआर, पठन सामग्री, श्रव्य-दृश्य प्रशिक्षण सामग्री और विशिष्ट उत्पादों/प्रक्रियाओं से संबंधित फिल्में तैयार करने में मदद करेंगे।

    नैफेड के साथ एमओयू से एफपीओ/एसएचजी/को-ऑपरेटिव समूहों द्वारा बनाए कृषि खाद्य उत्पादों के विपणन व विकास से ‘नेफेड फूड’उत्पाद के लिए एक नए ब्रांड के विकास में आसानी होगी।

    एनसीडीसी के साथ एमओयू, राज्यों में फूड प्रोसेसिंग में जुटी सहकारी समितियों और इनके सदस्यों को परियोजनाओं की तैयारी और उनकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सहायक होगा।

    एक नोडल बैंक के रूप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त सब्सिडी राशि को ऋण बैंक खाते में हस्तांतरित करने में सुविधा प्रदान करेगा।

    कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की सचिव श्रीमती पुष्पा सुब्रह्मण्यम, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव दीपक खांडेकर, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोज जोशी, आईसीएआर के महानिदेशक, एनएसएफडीसी के मुख्य प्रबंध निदेशक एस. के. नारायण, एनसीडीसी के कार्यकारी निदेशक एस.के.टी. चन्नेशप्पा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया महाप्रबंधक विनोद कुमार पटनायक व ट्राइफेड के उप महाप्रबंधक अमित भटनागर उपस्थित थे।


    पीएमएफएमई योजना-

    आत्मनिर्भर भारत अभियान में प्रारंभ पीएमएफएमई केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रोत्सहित करना व क्षेत्र के औपचारिकता को बढ़ाना तथा एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और उत्पादक सहकारी समितियों को उनकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला के साथ सहायता प्रदान करना है। वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक 10,000 करोड़ रू. के खर्च के साथ, इस योजना में मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के लिए 2,00,000 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों को सीधे सहायता देने की परिकल्पना की गई है।

    ——

  • 15 राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों के 231, ODOP का अनुमोदन

    नई दिल्ली। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में 15 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के 231 एक जिला- एक उत्पाद (ओडीओपी) अनुमोदित किए गए।

    अंतर-मंत्रालयी अधिकार प्राप्त समिति की बैठक-

    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री की अध्यक्षता व राज्यमंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में अंतर-मंत्रालयी अधिकार प्राप्त समिति (आईएमईसी) की बैठक में 15 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों-अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश के 231 ओडीओपी (ODOP) का अनुमोदन किया गया। समिति ने सात राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों-अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश के लिए परियोजना कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) को अनुमोदित किया। छह राज्यों- अरूणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान (एसएलटीआईए) को भी आईएमईसी ने अनुमोदित किया।

    ——


  • TOPS के लिये सिन्धु को फिजियो और फिटनेस ट्रेनर की मंजूरी

    नई दिल्ली। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत पीवी सिंधु को अगले साल जनवरी में होने वाले तीन टूर्नामेंटों में अपने साथ फिजियो और फिटनेस ट्रेनर रखने के अनुरोध को मंजूरी दी गई है। 2019 विश्व चैंपियन और 2016 ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) का हिस्सा हैं। जनवरी 2021 में वह कोर्ट पर वापसी करेंगी और तीन प्रतिस्पर्धात्मक टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। सरकार ने सिंधु को टूर्नामेंट में अपने साथ फिजियो और फिटनेस ट्रेनर रखने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है।

    ये तीन टूर्नामेंट योनेक्स थाईलैंड ओपन (जनवरी 12-17), टोयोटा थाईलैंड ओपन (19-24 जनवरी) और बैंकाक में 27 से 31 जनवरी तक खेले जाने वाले विश्व टूर फाइनल्स, क्वालीफिकेशन हासिल करने पर है। इन तीन टूर्नामेंटों के लिए उनके फिजियो और ट्रेनर की सेवाओं को लगभग 8.25 लाख रुपये की लागत के साथ मंजूरी दी गई है।
    सिंधु ने अपना अंतिम प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट मार्च 2020 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप खेला था, बाद में कोरोनोवायरस महामारी के चलते खेलों को रोक दिया गया था।

    ****

  • नई दिल्ली। दिल्ली सहित पूरे NCR में कड़ाके की ठंड के चलते पारे में गिरावट लगातार जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस महीने के अंत तक दिल्ली में पारा 2 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस बीच पहाड़ों में भारी बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में पारा 3 डिग्री तक गिर गया है।

    दिल्ली में शुक्रवार सुबह का तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने गिरते तापमान और ठंड का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में सर्दी के कारण नदी, नाले बहने बंद हो गए हैं। पारा माइनस डिग्री पहुंचने के कारण देश के कई राज्यों के लोगों की हाड़ कंपा देने वाली ठंड़ अचानक बढ़ गई है।

    दिल्ली में ठंड ने तोड़ा 09 साल का रिकार्ड

    दिल्ली में ठंड़ ने पिछले 09 साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले 2011 में 16 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा था। शुक्रवार को दिल्ली में दिन में भी जबरदस्त ठंड रही और शीतलहर चली।

    1 डिग्री पहुंचेगा दिल्ली में पारा ?

    पिछले साल 28 दिसंबर को पारा 2.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 2013 में न्यूनतम तापमान 23 दिसंबर को 2.4 डिग्री सेल्सियस था। 2014 और 2018 में भी दिसंबर में पारा 3 डिग्री से नीचे चला गया था, लेकिन इस बार ठंड के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में तापमान 2 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। इस बार नवंबर में पहाड़ों में बर्फ गिरने लगी थी, 12 दिसंबर को भारी बर्फबारी हुई थी।

    पहाड़ों में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान

    पिछले 24 घंटों में, हिमाचल प्रदेश, कलोंग, मनाली और कल्पा में शून्य से नीचे तापमान के साथ शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, लाहौल-स्पीति का प्रशासनिक केंद्र केलॉन्ग राज्य में सबसे कम -8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान था।

    किसे कहते हैं ‘cool day’?

    राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को अधिकतम 15.2 डिग्री सेल्सियस के साथ साल का सबसे “ठंडा दिन” रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से सात डिग्री कम था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि इसे ‘कूल डे’ कहा जाता है। जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। दिल्ली में पश्चिमी हिमालय से उठीं बर्फीली हवाएं लगातार चल रही हैं।

    पंजाब, हरियाणा में शीतलहर

    पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर चल रही है। गुरुवार को पारा सामान्य से नीचे चला गया था। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस था। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल, भिवानी, रोहतक और सिरसा का तापमान क्रमश: 4.4 डिग्री सेल्सियस, 4.2 डिग्री सेल्सियस, 4.9 डिग्री सेल्सियस, 4.8 डिग्री सेल्सियस, 4.4 डिग्री सेल्सियस और 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस और लुधियाना में 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो दिनों में, दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में ठंड का अंदेशा है।

    क्यों बढ़ी ठंड ?

    आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय में भारी बर्फबारी हुई है, जिसके चलते मैदानी इलाकों में सर्दी शुरू होने से तापमान गिर रहा है। आईएमडी मैदानी इलाकों के लिए एक शीत लहर की घोषणा तब करता है जब न्यूनतम तापमान 10 सेंटीग्रेड या उससे कम होता है और लगातार दो दिनों तक 4.5 सेंटीग्रेड रहता है। “दिल्ली जैसे छोटे क्षेत्रों के लिए, शीत लहर की घोषणा की जा सकती है, भले ही उपरोक्त शर्तों को एक दिन के लिए बनाए रखा जाए,”

    कई राज्यों में बारिश होने की संभावना

    दूसरी ओर देश में इस दो तरह का मौसम चल रहा है। कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तो वहीं कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की तरफ से शीत लहर चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली , चंडीगढ़, राजस्थान में कोहरा छाया रहेगा, तो वहीं इन क्षेत्रों में शीत लहर चल सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कोहरा पड़ सकता है।

    दूसरी ओर मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल तमिलनाडु, पुड्डुचेरी के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश हो सकती है।

    ——-

  • jio की बादशाहत बरकरार: औसत 4जी download speed में लगातार top

    upload speed में वोडाफोन आगे

    नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने एक बार फिर औसत 4जी डाउनलोड स्पीड में पिछले तीन वर्ष से अधिक से चला आ रहा अपना वर्चस्व बनाये रखा है। ट्राई द्वारा औसत गति की गणना माईस्पीड एप्लिकेशन की सहायता से एकत्र रियल टाइम आंकड़ों के आधार पर की जाती है।

    भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नवंबर माह के आंकड़ों के मुताबिक जियो की औसत डाउनलोड स्पीड 20.8 एमबीपीएस मापी गई जो अक्तूबर के मुकाबले 3.0 एमबीपीएस अधिक है। अक्तूबर में रिलायंस जियो की 4जी डाउनलोड स्पीड 17.8 एमबीपीएस थी। पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से रिलायंस जियो डाउनलोड स्पीड के मामले में लगातार नंबर वन 4जी ऑपरेटर बना हुआ है।

    ट्राई के अनुसार नवंबर में भारती एयरटेल के प्रदर्शन में मामूली सुधार देखा गया। एयरटेल की औसत 4जी डाउनलोड स्पीड अक्तूबर के 7.5 एमबीपीएस के मुकाबले नवंबर में 8 एमबीपीएस रही। एयरटेल के मुकाबले रिलायंस जियो की स्पीड 2.5 गुना से भी अधिक है।

    वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर ने अपने कारोबार का हालांकि विलय कर लिया है और अब वोडाफोन आइडिया के रूप में काम कर रहे हैं पर ट्राई दोनों के आकंड़े अलग अलग प्रर्दशित करता है। वोडाफोन और आइडिया नेटवर्क की औसत 4 जी डाउनलोड स्पीड में पिछले माह के मुकाबले मामूली अंतर देखने को मिला। जहां वोडाफोन की स्पीड सुधर कर नवंबर में 9.8 एमबीपीएस हो गई वहीं आइडिया की स्पीड गिरकर 8.8 एमबीपीएस पर जा पहुंची। वोडाफोन और आइडिया दोनों की स्पीड नवंबर में एयरटेल से कुछ अधिक रही पर जियो के मुकाबले आधी से भी कम मापी गई।

    अपलोड स्पीड में वोडाफोन अव्वल

    नवंबर में 6.5 एमबीपीएस के साथ वोडाफोन औसत 4 जी अपलोड स्पीड में सबसे ऊपर रहा। दूसरे नंबर पर आइडिया रहा, उसकी अपलोड स्पीड 5.8 एमबीपीएस रही। वहीं रिलायंस जियो और एयरटेल की नवंबर माह में औसत अपलोड स्पीड क्रमश: 3.7 और 4 एमबीपीएस नापी गई।

    ———–

  • CAA-NRC विरोधी हैं किसान आंदोलन के पीछे-स्वतंत्र देव

    उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह

    लखनऊ। किसानों के आन्दोलन के पीछे सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ आन्दोलन में लगी ताकतें ही षडयंत्र कर रही हैं। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह का। विशेष बातचीत में उन्होंने वर्तमान हालात पर बेबाक विचार व्यक्त किए।

    प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि किसान आन्दोलन के पीछे नक्सलवादी, कम्युनिस्ट और माओवादी शक्तियां लगी हैं, जो किसानों में भ्रम फैलाकर उन्हें गुमराह कर रही हैं। नक्सलवादी, कम्युनिस्ट और माओवादी शक्तियां हमेशा देश के खिलाफ रहती हैं और इन आन्दोलन के पीछे भी उन्हीं की साजिश है।

    किसानों के हित में हैं कृषि सुधार कानून

    स्‍वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कृषि सुधार कानून पूरी तरह से किसानों के हित में हैं। छह माह पहले कृषि सुधार कानून पास हो चुका है, लेकिन जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, विपक्षी राजनीतिक दल इस तरह के आन्दोलन खड़ा करते हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे है। आन्दोलन में लगी विरोधी ताकतों ने कभी किसानों के हित को नहीं देखा, बल्कि हमेशा किसानों को लूटा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग हाथरस कांड में थे, वही लोग किसान आन्दोलन को भी हवा दे रहे हैं।

    समाधान को सरकार हर स्तर पर किसानों से बातचीत को तैयार

    उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून को कई किसान संगठनों ने समर्थन भी दिया है। सरकार समस्या का समाधान करने के लिए हर स्तर पर किसानों से बातचीत को तैयार है। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और पीएम मोदी भी किसानों की समस्या के समाधान को लेकर हर स्तर पर बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

    —–

  • खनन माफियाओं ने किया पत्रकार पर जानलेवा हमला
    शिकायत के बावजूद पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

    बिजनौर। खनन माफियाओं ने रेहड़ में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्रकार को उपचार के लिए पीएचसी कासमपुरगढ़ी में भर्ती कराया गया। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दे दी गई है। शिकायत के बाद भी पुलिस मामले में खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। घटना से पत्रकारों में रोष है।

    बुधवार की रात पत्रकार अर्जुन चौहान बादीगढ़ चौराहे के पास एक खेत में चल रहे खनन की कवरेज करने गए थे। जब वह मौके पर पहुंचकर खनन की वीडियो व फोटो ले रहे थे। तभी वहां पर आए आधा दर्जन खनन माफियाओं ने पत्रकार अर्जुन चौहान को चारों तरफ से घेर लिया। पत्रकार का मोबाइल छीन लिया गया। उसमें से फोटो व वीडियो डिलीट कर दिए गए। जब उसने खनन माफियाओं की दबंगई का विरोध किया तो आरोपियों ने हाथापाई शुरू कर दी। आरोपी पत्रकार पर जानलेवा हमला कर नाले में धकेलने लगे। जैसे तैसे पत्रकार खनन माफियाओं के चुंगल से छूट कर थाने पहुंचा पुलिस से घटना के संबंध में शिकायत की तो पुलिस भड़कने लगी। घटना से पत्रकारों में रोष है। आरोप है कि पुलिस संरक्षण में खनन चल रहा है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। पत्रकार ने दो नामजद सहित तीन अज्ञात के खिलाफ घटना की तहरीर पुलिस को दे दी है। उधर एसओ विजेंद्र सिंह का कहना कि पीड़ित को मेडिकल के लिए भेज दिया है।

    ——-

  • प्रधानमंत्री एसोचैम के स्थापना सप्ताह 2020 आयोजन में 19 दिसंबर को मुख्य भाषण देंगे

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एसोचैम के स्थापना सप्ताह 2020 आयोजन में 19 दिसंबर की सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य भाषण देंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर ‘एसोचैम शताब्दी का उद्यम पुरस्कार’ से रतन नवल टाटा को सम्मानित करेंगे, जो टाटा समूह की तरफ से यह सम्मान ग्रहण करेंगे।

    एसोचैम के बारे में…..

    एसोचैम की स्थापना वर्ष 1920 में की गई थी, जिसमें देश के सभी भागों काप्रतिनिधित्व करने वाले प्रमोटर चैंबर्स थे। इस समय इससे 400 चैंबर्स और व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं और यह संपूर्ण भारत में 4.5 लाख से अधिक सदस्यों को अपनी सेवाएं दे रहा है। एसोचैम भारतीय उद्योग जगत के लिए ज्ञान का सूत्रधार बनकर उभरा है।

    ****

  • “हुनर हाट”, सरकार का “कौशल को काम” और “हुनर को सम्मान” का सशक्त अभियान है: नकवी

    “वोकल फॉर लोकल”, साकार करने के साथ ही “स्वदेशी मिशन” को मजबूत करने में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

    लखनऊ। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि “हुनर हाट”, सरकार का “कौशल को काम” और “हुनर को सम्मान” का सशक्त अभियान है।
    रामपुर के नुमाइश ग्राउंड, पनवड़िया में 18 से 27 दिसंबर 2020 तक आयोजित हो रहे “हुनर हाट” की पूर्व संध्या पर प्रेस वार्ता में नकवी ने कहा कि “हुनर हाट”, “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को पूरा करने और देश के कोने-कोने के हुनरमंद कारीगरों, दस्तकारों, शिल्पकारों को बड़े पैमाने पर रोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का मजबूत अभियान साबित हुआ है।

    श्री नकवी ने कहा कि रामपुर में “हुनर हाट” का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना, उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह एवं उत्तर प्रदेश के जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख रहेंगे।

    श्री नकवी ने कहा कि “हुनर हाट”, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान को साकार करने के साथ ही “स्वदेशी मिशन” को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।श्री नकवी ने कहा कि देश के अलग-अलग भागों में आयोजित हुए “हुनर हाट” में रामपुर के दस्तकारों-शिल्पकारों को भी मौका मुहैया कराया गया था, आज खुद “हुनर हाट”, रामपुर के दरवाजे पर है, जहां देश भर के दस्तकार अपने नायाब स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादनों के साथ मौजूद हैं।

    देश भर के स्वदेशी दुर्लभ उत्पाद और लजीज़ पकवान उपलब्ध

    रामपुर में आयोजित हो रहे “हुनर हाट” में देश के कोने-कोने के स्वदेशी दुर्लभ उत्पाद और देश के हर हिस्से से लजीज़ पकवान उपलब्ध हैं। इसके अलावा देश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा हर रोज प्रस्तुत किये जाने वाले पारम्परिक सांस्कृतिक कार्यक्रम यहाँ आने वाले लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण होंगे। इस “हुनर हाट” में “अनेकता में एकता की संस्कृति” का जीता-जागता एहसास लोग कर सकेंगे।

    लकड़ी, ब्रास, बांस, शीशे, कपडे, कागज़, मिटटी आदि के शानदार उत्पाद

    “हुनर हाट” में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, नागालैंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, बिहार, आँध्रप्रदेश, झारखण्ड, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख, कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल एवं अन्य क्षेत्रों से हुनर के उस्ताद कारीगर अपने साथ लकड़ी, ब्रास, बांस, शीशे, कपडे, कागज़, मिटटी आदि के शानदार उत्पाद लेकर आये हैं। वुड आयरन के उत्पाद, लकड़ी एवं मिट्टी के खिलौने, हैण्डलूम के उत्पाद, पारम्परिक जड़ी-बूटियां, हर्बल उत्पाद, रामपुरी चाकू, रामपुरी वायलिन, खादी के उत्पाद, ब्लैक पॉटरी, बांस-बेंत के सामान, ड्राई फ्लावर्स, ऑइल पेंटिंग, बाघ प्रिंट आदि के शानदार-जानदार उत्पाद रामपुर के “हुनर हाट” में उपलब्ध हैं।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम व “कवि सम्मेलन”

    “हुनर हाट”, रामपुर में 18 और 19 दिसंबर को सुशील जी महाराज द्वारा “श्री राम राज्य” पर आधारित मंत्रमुग्ध कर देने वाली रामलीला लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। इसके अलावा जाने-माने गीत-संगीत के क्षेत्र के नाम रेखा राज; प्रेम भाटिया (20 दिसंबर); भूपेंद्र सिंह भूप्पी (20 दिसंबर); स्मिता राव (21 दिसंबर); असलम साबरी (22 दिसंबर); शिबानी कश्यप (23 दिसंबर); राजू श्रीवास्तव (24 दिसंबर); एहसान कुरैशी (25 दिसंबर); हमसर हयात निज़ामी (26 दिसंबर) जैसे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये जाएंगे। 27 दिसंबर को “कवि सम्मेलन” का आयोजन किया जायेगा जहाँ देश के प्रसिद्द कवि-शायर डा. अनामिका अंबर, पॉपुलर मेरठी, डा. सुनील जोगी, डा. सुरेश अवस्थी, निकहत अमरोहवी, शम्भू शिखर, मनवीर मधुर, डा. सरिता शर्मा, मंजर भोपाली, सुदीप भोला, गजेंद्र सोलंकी अपनी कविता-शायरी से लोगों को रूबरू करेंगे।

    श्री नकवी ने कहा कि रामपुर का “हुनर हाट” ई प्लेटफार्म http://hunarhaat.org पर भी देश-विदेश के लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा जहाँ लोग सीधे दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों के स्वदेशी सामानों को देख एवं खरीद सकेंगे। श्री नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 5 वर्षों में 5 लाख से ज्यादा भारतीय दस्तकारों, शिल्पकारों को रोजगार-रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले “हुनर हाट” के दुर्लभ हस्तनिर्मित स्वदेशी सामान लोगों में काफी लोकप्रिय हुए हैं।

    अगला “हुनर हाट” लखनऊ में 22 से 31 जनवरी 2021 को

    अगला “हुनर हाट”, “वोकल फॉर लोकल” थीम के साथ शिल्प ग्राम, लखनऊ में 22 से 31 जनवरी 2021 को आयोजित होगा। आने वाले दिनों में “हुनर हाट” का आयोजन जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर, मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली (इंडिया गेट), रांची, कोटा, सूरत/अहमदाबाद, कोच्चि आदि स्थानों पर होगा।

    ————-

  • सरकार द्वारा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं कृषि अधिनियम: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

    देश भर के किसान उत्पादक संगठनों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कीऔर कृषि अधिनियमों के लाभों के बारे में बताया

    नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 15 राज्यों और लगभग 500 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का प्रतिनिधित्व कर रहे फेडरेशन ऑफ इंडियन एफपीओ एंड एग्रीगेटर्स (एफआईएफए) के कृषक उत्पादक संगठनों के सदस्यों के साथ आज कृषि भवन में मुलाकात की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा हाल में किए गए कृषि सुधारों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया। उन्होंने अनुकूल माहौल बनाने के लिए केन्द्रीय मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया, जो इन अधिनियमों के माध्यम से एफपीओ संगठनों का व्यवसाय बढ़ाकर छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाकर संभव हुआ है।

    हाल में किए गए कृषि सुधारों में कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम, 2020, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020, आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत नियंत्रण आदेशों का लचीलापन, 10,000 एफपीओ को प्रोत्साहन के लिए कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) और परिचालन दिशा-निर्देश शामिल हैं, जो किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ को अपने बाजारों की स्थापना में समर्थन दे सकते हैं।

    कृषि क्षेत्र में इन सुधारों के होने से बागवानी फसलों और मूल्य वर्धित वस्तुओं के उत्पादन की मात्रा बढ़ेगी, छोटे किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने के लिए संस्थागत ऋण की सुविधा मिलेगी, एग्री-लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रमुख रूप से बढ़ावा मिलेगा, भारत के सभी उपभोग क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के लिए हर प्रकार के संपर्क विकसित करेगा, यह एक देश एक बाज़ार की अवधारणा को बढ़ावा देगा और एफपीओ आंदोलन को एक जन आंदोलन बना देगा।

    नाफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के 10000 एफपीओ कार्यक्रम के गठन तथा संवर्धन के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक के रूप में नामित किया गया है। नाफेड ने एफआईएफए का अपनी उपज के लिए एफपीओ की बाजार संपर्क सहायता प्रदान करने और नाफेड ई-किसान मंडी (एनईकेएम) के ब्रांड के तहत एफपीओ के साथ साझेदारी में बाजार बनाने के वास्ते अधिग्रहण किया है जो नाफेड द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय डिजिटल विपणन मंच से जुड़ा होगा।

    इन राज्यों में 2021 में 50 नाफेड ई-किसान मंडियां बनाई जाएंगी:

    हरियाणा-3

    पंजाब-2

    राजस्थान-3

    मध्य प्रदेश-3

    गुजरात-5

    महाराष्ट्र-8

    कर्नाटक-3

    तमिलनाडु-4

    आंध्र प्रदेश-3

    तेलंगाना-1

    झारखंड-2

    बिहार-2

    छत्तीसगढ़-1

    ओडिशा-2

    उत्तर प्रदेश-4

    जम्मू और कश्मीर-1

    पूर्वोत्तर-3

    ——–

  • उत्तराखंड में 05 IPS के ट्रांसफर

    देहरादून। पुलिस विभाग में 05 IPS के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। अभिनव कुमार को पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र से तबादला कर प्रभारी अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। IPS नीरू गर्ग को पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल के पद पर तैनाती दी गयी। IPS अरुण मोहन जोशी को पुलिस उप महानिरीक्षक सतर्कता, पीएसी एवं पीटीएस की जिम्मेदारी दी गई है। टिहरी के एसएसपी IPS योगेंद्र सिंह रावत को देहरादून का एसएसपी बनाया गया है और एसडीआरएफ की सेनानायक IPS तृप्ति भट्ट को एसएसपी टिहरी बनाया गया है।

  • जिला अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन शुरू

    बिजनौर। जिलाधिकारी ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सुरक्षा की दृष्टि से बन्द किए गए मोतियाबिन्द के ऑपरेशन, आंखों के लेंस लगाने का कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मोतियाबिन्द के ऑपरेशन सरकारी अस्पताल और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा आयोजित कैम्पों में निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए शुरू कराएं। कहा कि मानसिक रोग एवं अन्धता निवारण कार्यक्रम को पूरी सजगता और तत्परता के साथ संचालित करें ताकि जिले के आम नागरिकों को उक्त स्वास्थ्य योजनाओं का भरपूर लाभ प्राप्त हो सके।

    जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए, कहा कि शासन की स्पष्ट मंशा है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ निःशुल्क रूप में पूर्ण गुणवत्ता के साथ जनसामान्य को प्राप्त हो। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जिले में जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें और प्राथमिक एंव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाना सुनिश्चित करें ताकि प्राईवेट नर्सिगं होम में प्रसव कराने का जन सामान्य का रूझान कम से कम से हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जो चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्य में शिथिलाता बरत रहे हैं और अपने कर्तव्यों के प्रति असंवेदनशील हैं, उनको तत्काल सेवा मुक्त किया जाए और उनके स्थान पर कर्मठ और निष्ठवान कर्मियों को नियुक्त किया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आशाओं का भुगतान भी जल्द से कराना सुनिश्चिित करें। उन्होंने फैमिली प्लैनिंग का प्रतिशत कम होना एक गंभीर चिन्ता का विषय बताते हुए कहा कि इसको भी ध्यान से देखा जाना जरूरी है तथा आरसीएच पोर्टल पीएमएमविवाई में महिलाओं व बच्चों के रजिस्ट्रेशन के प्रतिशत पर कमी को बढाने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये। उन्होंने एनबीसीपी, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम, एम0डी0आर/ एक्स0डी0आर, राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एच0आई0वी0/एड्स नियन्त्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, जैम पोर्टल, इन्फैक्सन प्रीरीवेशन ट्रेनिंग, कायाकल्प स्कोरर्स आदि सभी बिन्दुओं पर गहनता से विचार विर्मश कर उपस्थित अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।


    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विजय कुमार यादव, जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अलावा सभी उप मुख्य चिकित्साधिकारी तथा एमओआईसी मौजूद थे।

    ———

  • छापामार कार्यवाही के बाद 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

    26 दुकानों का निरीक्षण कर लिये 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने

    बिजनौर (ttv)। जिला कृषि अधिकारी की टीम ने छापेमारी कर 26 दुकानों का निरीक्षण किया और 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने लिए। छापामार कार्यवाही में ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण तो नहीं पाया गया, लेकिन इस दौरान दुकानें बंद करके भाग जाने पर 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गए।

    शासन के निर्देश पर उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों मे छापामार कार्यवाही डॉ. अवधेश मिश्र, जिला क़ृषि अधिकारी व जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा की गयी। इस दौरान बिक्री केंद्रों के अभिलेखों की जांच की गयी तथा उर्वरक स्टॉक का मिलान किया गया। कुल 26 दुकानों का निरीक्षण किया गया और 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने लिए गए। ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण नहीं पाया गया। छापामार कार्रवाई के दौरान दुकानें बंद करके भाग जाने पर 13 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उर्वरक लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के समय बिक्री केंद्रों पर यूरिया सहित अन्य उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता पायी गयी।

    कारण बताओ नोटिस व उर्वरक लाइसेंस निलंबित होने वाले प्रतिष्ठानों की सूची-

    1. मेसर्स अंकुर बीज भंडार महेश्वरी जट्ट।

    2. किसान खाद भंडार महेश्वरी जट्ट।

    3. एग्री जंक्शन कृषि केंद्र नगीना।

    4. चौधरी बीज भंडार नगीना।

    5. शर्मा कृषि रक्षा केंद्र नगीना।

    6. पीयूष बीज भंडार नगीना।

    7. सैनी खाद व बीज भंडार नगीना।

    8. कृषि कल्याण केंद्र नगीना।

    9. कौशल बीज भंडार नगीना।

    10. भारत बीज भंडार बुंदकी।

    11. कृषि सेवा केंद्र बुंदकी।

    12. आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र, बुंदकी।

    ——-

  • यू.पी. मेट्रो और रेड ब्रिगेड की टीम ने दी ‘निर्भया‘ को श्रद्धांजलि

    नुक्कड़ नाटक के बाद जलाए एक हजार दिये

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन ने वर्ष 2012 में ‘निर्भया‘ के साथ हुई वीभत्स हिंसा के विरूद्व, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित, ‘रात का उजाला‘ नाम सेे एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर ‘रेड ब्रिगेड‘ एनजीओ के कार्यकर्ताओं ने समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव और हिंसा के बारे में लोगों को संवेदनशील और जागरूक बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। निर्भया की याद में श्रद्धाजंलि स्वरूप एक हजार दिये जलाए गए। महिला सशक्तिकरण को समर्पित विशेष संवाद का भी आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव; निदेशक, परिचालन, सुशील कुमार, रेड ब्रिगेड की संस्थापक सुश्री उषा विश्वकर्मा एवं मेट्रो के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    सबकी सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम: कुमार केशव

    यू.पी. मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस अवसर पर देश और समाज की उन्नति में महिलाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि; ‘‘आधी आबादी की चिंता और परेशानी को दूर किए बिना हम बेहतर समाज के निर्माण की कल्पना भी नहीं कर सकते। मेट्रो में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। देर रात भी महिलाएं निश्चिंत हो मेट्रो से सफ़र करती हैं, क्योंकि यहां सबकी सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम किए गए हैं। मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों पर सब तरफ़ सी.सी.टी.वी. लगाए गए हैं। स्टेशनों पर महिला गार्ड्स को भी नियुक्त किया गया है। यू.पी. मेट्रो में मेट्रो स्टेशन से लेकर मेट्रो ट्रेनों के संचालन में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”

    सबको आना होगा साथ: ऊषा विश्वकर्मा

    महिला सुरक्षा पर आधारित संवाद कार्यक्रम में रेड ब्रिगेड की संस्थापक सुश्री ऊषा विश्वकर्मा ने महिलाओं के विरूद्व हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सबको साथ आने का़ आह्वान किया। हाई कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री अंजू अग्रवाल ने इस अवसर पर मेट्रो से यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लखनऊ मेट्रो से यात्रा के दौरान छूट गए उनकेे कीमती सामान को मेट्रो द्वारा वापस लौटाया गया। उन्होंने कहा, यू.पी. मेट्रो यात्रियों के जानमाल की सुरक्षा के प्रति समर्पण और निष्ठा की अद्भुत मिसाल पेश कर रहा है।

    ——-

  • कंपकंपाएगी ठंड: उत्तर भारत में अगले 3 दिन घने कोहरे और शीतलहर तेज होने के आसार

    चंडीगढ़। उत्तर भारत में अगले तीन दिन घने कोहरे, कोल्ड डे और शीतलहर से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कड़ाके की ठंड के चलते न्यूनतम पारा दो डिग्री गिर गया है। सीजन की पहली ठंड ने पश्चिमोत्तर को कंपा कर रख दिया। मौसम केन्द्र के अनुसार पंजाब में अगले तीन दिन कुछ स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप बना रहने और अगले 24 घंटे कोल्ड डे और कोहरा पड़ने की संभावना है। हरियाणा में भी घने कोहरे के आसार हैं। पिछले चौबीस घंटों में कड़ाके की ठंड तथा अधिकांश स्थानों पर घना कोहरा छाये रहने से सड़क यातायात प्रभावित रहा लेकिन कुछ इलाकों में दोपहर तक धूप खिलने से कोहरा छंट गया तथा सर्दी से राहत मिली। पंजाब के कुछ इलाके ठंड की चपेट में हैं तथा कोहरा छाये रहने और खिली धूप के दर्शन न होने से लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली।

    अमृतसर तथा शिमला का पारा दो डिग्री दर्ज किया गया। नारनौल, बठिंडा का पारा तीन डिग्री, आदमपुर, हलवारा, हिसार, सिरसा और फरीदकोट का पारा क्रमश: चार डिग्री,अंबाला, दिल्ली, भिवानी और जम्मू का पारा क्रमश: पांच डिग्री, चंडीगढ, लुधियाना, पटियाला,पठानकोट का पारा छह डिग्री, गुरदासपुर आठ डिग्री, रोहतक सात डिग्री रहा। कश्मीर घाटी में हिमपात के कारण कड़ाके की सर्दी पड़ रही है तथा श्रीनगर शून्य से कम चार डिग्री रह गया है।

    हिमाचल प्रदेश में हिमपात तथा बारिश के बाद अधिकांश इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। कल्पा शून्य से चार डिग्री कम, मनाली शून्य से कम एक डिग्री, सोलन शून्य डिग्री, उना दो डिग्री, नाहन छह डिग्री, कांगडा एक डिग्री, भुंतर शून्य के आसपास, धर्मशाला दो डिग्री,मंडी तीन डिग्री, सुंदरनगर पांच डिग्री रहा।

    झरने, तालाब और पाइपों तक में जमा पानी

    हिमाचल प्रदेश में धूप खिलने के बावजूद कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है तथा पांच जिलों में पारा जमाव बिन्दु से नीचे चले जाने से प्राकृतिक जलस्रोत, नदियों की ऊपरी परत,झरने, तालाब और पाइपों में पानी तक जम जाने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोलन और ऊना में प्रदेश की राजधानी शिमला से अधिक ठण्ड पड़ रही है, लेकिन दिन में तापमान में कुछ सुधार हुआ है। राज्य भर में गुनगुनी धूप खिलने से दिन में मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि रात के समय लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। ऊना और सोलन की रातें पहाड़ी क्षेत्रों शिमला व चंबा से भी ठंडी हैं। इसी तरह कांगड़ा और मंडी में भी रात के पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है। ये शहर पहाड़ी की रानी शिमला से भी सर्द हैं। बुधवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस था, जबकि सोलन में पारा शून्य से कम 0.8 डिग्री और उना में 2.0 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार जनजातीय जिले लाहौल स्पीति का मुख्यालय केलांग में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे 5.6 डिग्री, किन्नौर के कल्पा में शून्य से कम 4.1 डिग्री, कुल्लू के मनाली और चंबा के डलहौजी में शून्य से कम 1.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम धुंध छाने से शीतलहर बढ़ गई है।

    उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने दी दस्तक, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बारिश

    मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री, हमीरपुर में 6.0 डिग्री, जबकि कुफरी, चंबा और मंडी का तापमान क्रमशः 2.0 डिग्री, 2.2 डिग्री व 3.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके इलावा सुंदरनगर में 0.6 डिग्री, भुंतर 0.7 डिग्री, धर्मशाला 1.2 डिग्री, नाहन 6.1 डिग्री, पालमपुर 1.0 डिग्री, कांगडा 1.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 से 2 डिग्री कम रहे। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डाॅ मनमोहन सिंह ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। 16 और 17 दिसंबर को उना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में घन्ना कोहरा पड़ने की संभावना जताई है, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) 500 मीटर से कम होगी और यातायात तथा ठंड से फसल पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

    ——-

  • डाक विभाग की कोरोना और ठण्ड के बीच वाराणसी में अनूठी पहल

    डाक विभाग की अनूठी पहल: कोरोना और ठण्ड के बीच घर बैठे पाएं रकम

    वाराणसी। कोरोना और ठण्ड के मौसम में लोगों को घर बैठे उनके दरवाजे पर पैसे निकालने की सुविधा देने के क्रम में डाक विभाग ने वाराणसी परिक्षेत्र में 16 दिसंबर को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का महाअभियान चलाकर एक दिन में लगभग दस हजार लोगों को लाभान्वित किया। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक ऑनस्पॉट 1.85 करोड़ रुपए की राशि लोगों को उनके बैंक खातों से निकालकर प्रदान की गई। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। कोरोना विपदा और ठण्ड के इस दौर में डाक विभाग की इस पहल को काफी सराहना मिल रही है।

    6.65 लाख लोगों को प्रदान किये 1अरब 92 करोड़ रुपए

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर किसी भी बैंक खाते से पैसा निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम भी घर बैठे लोग अब डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं। श्री यादव ने बताया कि कोरोना के दौरान वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक 6.65 लाख लोगों को 1अरब 92 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों से निकालकर घर बैठे डाकिया द्वारा प्रदान की जा चुकी है।

    डाकियों के पास उपलब्ध हैं माइक्रो एटीएम

    पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है। कोरोना महामारी के इस दौर में डाककर्मी सोशल डिस्टेंसिंग व पूरी एहतियात बरतते हुए समर्पण भाव के साथ कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं।

    ——-

  • बिना पंजीकरण शुल्क नहीं किया जा सकेगा भूगर्भ जल का व्यवसायिक एवं सामूहिक प्रयोग: जिलाधिकारी

    बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में भूगर्भ जल के अनियंत्रित और तीव्र निष्कर्षण के फलस्वरूप भूगर्भ जल के स्तरों में आई गिरावट से भयप्रद स्थिति पैदा हो गई है, जिससे राज्य के अनेक भागों के ग्रामीण एवं शहरी भूगर्भ जल के स्रोतों में निरन्तर रूप से कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के विशेष रूप से संकटग्रस्त क्षेत्रों में परिमाणात्मक एवं गुणात्मक भूगर्भ जल का अविरत प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए भूगर्भ जल की सुरक्षा, सरंक्षा, नियंत्रण तथा विनियमन और उससे संसबंधित या आनुषंगिक विषयों का उपबंधन करने के लिए उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनिययम) अधिनियम-2019 लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त अधिनियम के अंतर्गत औद्योगिक, व्यवसायिक एवं सामुहिक रूप से भूगर्भ जल का प्रयोग करने के लिए निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अधीन किए गए शास्तिक उपबंध, भूगर्भ जल के घरेलू और कृषि उपयोगकर्ताओं पर प्रयोज्य नहीं होंगे।
    जिलाधिकारी श्री पाण्डेय कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
    उन्होंने बताया कि भूगर्भ जल में निरन्तर रूप से आ रही गिरावट के दृष्टिगत उसका संरक्षण समय की बड़ी आवश्यकता है, इसलिए विशेष रूप से अतिदोहित तथा संकटग्रस्त क्षेत्रों में इसका प्रबंधन, नियंत्रण और विनियमन किया जाना इस बहुमूल्य संसाधन की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत भूगर्भ जल का व्यवसायिक प्रयोग करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित शुल्क रू0 5,000/- जमा कराना और पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जिसके उल्लघंन पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि वाणिज्य उपयोक्ता का तात्पर्य विकास प्राधिकरण तथा ऐसी किसी संस्था या किसी अभिकरण या किसी अधिष्ठान जो उक्त प्रयोजनार्थ भूगर्भ जल का निष्कर्षण और उपयोग करता है, सहित ऐसे किसी व्यक्ति या व्यक्ति समूह से है जो वित्तीय उपलब्धि या लाभ के लिए अपने कारोबार या व्यापार के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ प्राप्त करता है आदि शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत शासस्तिक उपबंध, भूगर्भ जल के घरेलू तथा कृषि उपयोगकर्ता शामिल नहीं हैं।
    श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि विद्यमान वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचानात्मक और सामुहिक भूगर्भ जल उपयोक्ता का पंजीकरण अधिसूचित क्षेत्रों में अवस्थित प्रत्येक वाणिज्यिक, औद्यागिक, अवसंरचानात्मक और सामुहिक कुप उपयोक्ता को पंजीकरण प्रमाण पत्र स्वीकृत किए जाने के लिए संबंधित जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद को आवेदन करना अनिवार्य है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि कोई वाणिज्यिक या सामूहिक उपयोक्ता पंजीकरण के बिना भूगर्भ जल निकालते हुए पाया जाता है, तो उसके विरूद्व अभिकरण अध्याय-8 के अधीन दंडित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट करते हुए यह भी बताया कि भूगर्भ जल निकालने के लिए भूमि बेधन में पहले से ही लगे हुए प्रत्येक व्यक्ति, फर्म, अभिकरण या कम्पनी को जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, बिना पंजीकरण के बिना भूगर्भ जल निकालने का प्रयास दण्डनीय अपराध माना जाएगा।

    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक डा0 नितिन मदान, उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई/नोडल अधिकारी राजकुमार वर्मा सहित परिषद के सदस्यगण मौजूद थे।

    ———-

  • UP: संभल में घने कोहरे के कारण टैंकर से टकराई रोडवेज बस, 8 यात्रियों की मौत, 25 घायल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कोहरे के कारण बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और टैंकर की भीषण भिड़ंत हो गई। भिड़ंत में रोडवेज का आधा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर रोड पर बिखर गया। हादसे में अब तक मृत 8 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, हालांकि मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। 25 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। CM योगी ने हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने अफसरों को पीड़ितों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।

    अलीगढ़ डिपो की थी रोडवेज बस

    जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ डिपो की बस बुधवार तड़के चंदौसी से यात्रियों को लेकर अलीगढ़ जा रही थी। धनारी थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के कारण टैंकर से टक्कर हो गई। हादसे का शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर राहत कार्य में जुटे। सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी और इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद बस में सवार मृतकों व घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

    राहत कार्य जारी

    SP चक्रेश मिश्रा ने बताया कि 8 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। घने कोहरे के कारण यह हादसा हुआ है। हाइवे से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया जा रहा है।

    —–

  • उत्तर भारत के कई हिस्सों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड

    कई राज्यों में छाया घना कोहरा

    Punjab-Haryana में तापमान पहुंचा सामान्य से नीचे

    नैनीताल में रहा न्यूनतम तापमान 5 और देहरादून में 8 डिग्री

    नई दिल्ली। उत्‍तर भारत समेत देश के अन्‍य हिस्‍सों में ठंड और कोहरे ने सितम ढाना शुरू कर दिया है। कहीं-कहीं तो पारा जमाव बिंदु के बेहद करीब पहुंच रहा है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग ने उत्‍तर भारत के कुछ राज्‍यों में अगले दो दिन कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार व्‍यक्‍त किए हैं। इसके साथ ही दक्षिण के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं पश्चिमी हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं से दिल्ली में ठंड बढ़ गई है। हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर की वजह से मंगलवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। नैनीताल में न्यूनतम तापमान 5 और देहरादून में 8 डिग्री रहा। इस तरह दिल्ली में इन पर्वतीय शहरों से भी ज्यादा ठंड रही। वहीं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में घना कोहरा छाया रहा।

    उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बहुत हल्की बारिश भी हुई, जबकि हरियाणा और पंजाब में तापमान सामान्य से नीचे चला गया। हरियाणा में, हिसार का न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे चला गया, जहां तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि करनाल में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य के मुकाबले तीन डिग्री अधिक है, जबकि शहर का दिन का तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्‍ली, उत्‍तरी राजस्‍थान और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के केलांग और कल्पा में पिछले 24 घंटों में शुष्क मौसम के बावजूद शून्य डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बर्फ से ढके पश्चिमी हिमालय से बहने वाली बर्फीली हवाओं ने मंगलवार को दिल्ली का पारा 4.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे ला दिया, जो इस मौसम में अब तक का शहर का न्यूनतम तापमान है।

    दिल्ली में बढ़ी सर्दी

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा, ‘अधिकतम तापमान भी गिरकर 18.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे है। दिल्ली शहर में तापमान के आंकड़े उपलब्ध कराने वाली सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक मंगलवार को सुबह न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम था। जाफरपुर में तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया’। मौसम विभाग ने कहा, ‘आयानगर और लोधी रोड मौसम केन्द्रों में न्यूनतम तापमान क्रमश: चार डिग्री और 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया था’।

    ——-

  • उत्तर प्रदेश की भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने कृषि अधिनियमों का किया स्वागत

    सरकार वास्तविक किसान संगठनों के साथ निरंतर संवाद के लिए तैयार

    केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात करते भारतीय किसान यूनियन (किसान) का प्रतिनिधिमंडल

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश से भारतीय किसान यूनियन (किसान) के सदस्यों ने कृषि भवन में केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। यूनियन के नेताओं ने कृषि अधिनियमों का स्वागत किया और कहा कि अधिनियम किसानों के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि, उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को कृषि अधिनियमों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में सुझावों का एक ज्ञापन भी सौंपा।

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि अधिनियमों के समर्थन में आगे आने के लिए यूनियन के नेताओं का आभार प्रकट किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि अधिनियमों का देश के विभिन्न राज्यों में स्वागत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार वास्तविक किसान संगठनों के साथ संवाद जारी रखने के लिए उत्सुक है और खुले दिमाग के साथ समाधान खोजने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एमएसपी एक प्रशासनिक फैसला है और वह उसी तरह से जारी रहेगा।

    भारतीय किसान यूनियन (किसान) के नेताओं ने सुझाव दिया कि किसानों को विवाद की स्थिति में दीवानी न्यायालय जाने का विकल्प दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि छोटे कस्बों और गांवों के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पंचायत प्रमुख को मंडी प्रमुख के समान महत्व दिया जाना चाहिए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामले में, उन्हें सुझाव दिया गया है कि इससे जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगनी चाहिए।

    यूनियन के नेताओं ने यह सुझाव भी दिया कि उत्तर प्रदेश में सिंचाई के लिए बिजली की दरें घटाई जानी चाहिए और ज्यादा घंटों के लिए बिजली उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने यह प्रस्ताव भी दिया कि फसलों के मानकों पर खरीद केन्द्रों पर ही फैसला होना चाहिए, जिससे किसानों को अपनी उपज की बिक्री में कोई समस्या न आए।

    ———

  • लखनऊ में सर्राफा एसोसिएशन संरक्षक के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा

    लखनऊ। चौक के सर्राफा कारोबारी कैलाश चंद्र जैन और उनके बेटे आदिश जैन के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। देर रात तक टीमें कागजों की जांच-पड़ताल करती रहीं। अगले 24 घंटे तक पड़ताल जारी रहने का अनुमान है। कैलाश चौक सर्राफा एसोसिएशन के संरक्षक हैं, जबकि आदिश भी एसोसिएशन में काफी सक्रिय हैं।

    दोपहर करीब एक बजे चौक स्थित कैलाश जैन की दो दुकानों और दो मकानों पर आयकर की टीमें एक साथ पहुंचीं। तकरीबन दो घंटे तक इसे सर्वे बताया जा रहा था। आरोप है कि जब परिवारीजनों और कर्मचारियों ने सहयोग नहीं किया तो पुलिस बुला ली गई और सर्वे छापे में तब्दील हो गया। वहीं, चौक के कुछ कारोबारियों ने टीम पर दबाव बनाने की भी कोशिश की, लेकिन कोई भीतर नहीं जा पाया। इस दौरान कई ग्राहक दुकान में थे। उन्हें एक से डेढ़ घंटे तक अंदर ही रहना पड़ा। इनमें नगर निगम के एक पार्षद भी थे।

    दुकानें बंद हो गईं समय से पहले

    छापेमारी के बाद चौक बाजार में हड़कंप मच गया और शाम साढ़े छह-सात बजे ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। शहर के कई बाजारों में भी सर्राफा दुकानें समय से पहले बंद हो गईं। चौक के एक कारोबारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले कैलाश के परिवार में एक शादी थी। दीपावली में करीब 17 लाख का हीरों का हार भी इनके यहां से बिका था। इसके बाद से ही आयकर की नजरें इन पर थीं।
    ——

  • 12 राज्यों की 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं नहीं करतीं इस्तेमाल Internet

    नई दिल्ली। (UHN) देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने इंटरनेट का कभी इस्तेमाल नहीं किया। देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है।

    सर्वेक्षण में बताया गया है कि जिन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 40 प्रतिशत से कम महिलाओं ने इंटरनेट का इस्तेमाल किया है, उनमें-

    1. आंध्र प्रदेश (21 प्रतिशत),

    2. असम (28.2 प्रतिशत),

    3. बिहार (20.6 प्रतिशत),

    4. गुजरात (30.8 प्रतिशत),

    5. कर्नाटक (35 प्रतिशत),

    6. महाराष्ट्र (38 प्रतिशत),

    7. मेघालय (34.7 प्रतिशत),

    8. तेलंगाना (26.5 प्रतिशत),

    9. त्रिपुरा (22.9 प्रतिशत),

    10. पश्चिम बंगाल (25.5 प्रतिशत),

    11. दादर एवं नगर हवेली दमन एवं दीव (36.7 प्रतिशत)

    12. अंडमान – निकोबार द्वीप समूह (34.8 प्रतिशत) शामिल हैं। वहीं महिलाओं की तुलना में अधिक पुरुषों ने इंटरनेट का इस्तेमाल किया।

    सात राज्यों में 50% पुरुषों ने किया इंटरनेट इस्तेमाल

    आंकड़ों के अनुसार, देश के सात राज्यों में करीब 50 प्रतिशत पुरुषों ने इंटरनेट इस्तेमाल किया, इनमें-

    1. आंध्र प्रदेश (48.8 प्रतिशत),

    2. असम (42.3 प्रतिशत),

    3  बिहार (43.6 प्रतिशत),

    4  मेघालय (42.1 प्रतिशत),

    5. त्रिपुरा (45.7 प्रतिशत),

    6. पश्चिम बंगाल (46.7 प्रतिशत),

    7. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (46.5 प्रतिशत) शामिल हैं।

    आंध्र प्रदेश, बिहार व तेलंगाना में महिला साक्षरता सबसे कम

    सर्वेक्षण के अनुसार, आंध्र प्रदेश (68.6 प्रतिशत), बिहार (57.8 प्रतिशत) और तेलंगाना (66.6 प्रतिशत) महिलाओं की सबसे कम साक्षरता दर वाले राज्यों में शामिल हैं, जबकि केरल (98.3 प्रतिशत), लक्षद्वीप (96.5 प्रतिशत) और मिजोरम (94.4 प्रतिशत) में महिलाओं की सर्वाधिक साक्षरता दर पाई गई। आंध्र प्रदेश (79.5 प्रतिशत) और बिहार (78.5 प्रतिशत) में पुरुषों की साक्षरता दर सबसे कम है, जबकि केरल (98.2 प्रतिशत) और लक्षद्वीप (99.1 प्रतिशत)में पुरुषों की साक्षरता दर सबसे अधिक है।

    सर्वेक्षण के अनुसार, जिस व्यक्ति ने नौवीं कक्षा या इससे अधिक पढ़ाई की हो और जो पूरा वाक्य या वाक्य का एक हिस्सा पढ़ सके, उसे साक्षर माना जाता है। आठ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 40 प्रतिशत से कम महिलाओं ने 10 साल या इससे अधिक समय तक स्कूल की पढ़ाई की। इन राज्यों में-

    1. आंध्र प्रदेश (39.6 प्रतिशत),

    2. असम (29.6 प्रतिशत),

    3. बिहार (28.8 प्रतिशत),

    4. गुजरात (33.8 प्रतिशत),

    5. मेघालय (35.1 प्रतिशत),

    6. त्रिपुरा (23.2 प्रतिशत),

    7. पश्चिम बंगाल (32.2 प्रतिशत) और

    8. दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव (35.8 प्रतिशत) शामिल हैं।

    नौ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 50 प्रतिशत से कम पुरुषों ने 10 साल या इससे अधिक समय तक स्कूल की पढ़ाई की। इन राज्यों में-

    1. आंध्र प्रदेश (47.9 प्रतिशत),

    2. असम (35.5 प्रतिशत),

    3. बिहार (42.8 प्रतिशत),

    4. गुजरात (45.6 प्रतिशत),

    5. मेघालय (34.7 प्रतिशत),

    6. मिजोरम (49.1 प्रतिशत),

    7. त्रिपुरा (29.4 प्रतिशत),

    8. पश्चिम बंगाल (34.7 प्रतिशत) और

    9. दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव (49.4 प्रतिशत) शामिल हैं।

    ———

  • नई दिल्ली। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो आज 50 वर्ष के हो गए। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को मंत्रिमंडल सहयोगी बाबुल सुप्रियो को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की है।

    केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने सुप्रियो को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, “ मेरे मंत्रिमंडल के साथी बाबुल सुप्रियो को जन्मदिन की शुभकामना। मैं उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।” वहीं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नकवी ने कहा, “ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सफलता की दुआ।” इनके अलावा अनेक राजनैतिक दलों के नेताओं ने सुप्रियो को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।

    बाबुल सुप्रियो का जन्म 15 दिसम्बर 1970 को हुआ। वह आसनसोल से संसद के सदस्य हैं। उन्होंने नब्बे के दशक के मध्य में हिंदी सिनेमा में पार्श्व गायक के रूप में अपना करियर बनाया और कई फिल्मों के लिए गाने गाए। मुख्य रूप से हिंदी और बांग्ला में गाते हैं। उन्होंने अपने संगीत कैरियर के दौरान 11 अन्य भाषाओं में भी पार्श्व गायन किया है। 2014 में राजनीति में प्रवेश किया और नरेंद्र मोदी की सरकार में शामिल हुए।

    —–

  • 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरेगी आम आदमी पार्टी
    CM अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान

    नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलावर को ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी यूपी में योगी सरकार पर लगातार हमलावर है। आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा संसद संजय सिंह यूपी में सक्रिय हैं और कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं। वह योगी सरकार को तानाशह सरकार बता चुके हैं। अब साफ़ हो गया है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए ही आम आदमी पार्टी यूपी में सक्रिय थी।

    सभी पार्टियों ने दिया UP के लोगों को धोखा

    केजरीवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर पार्टी की सरकार आई, लेकिन अपने घर भरने के सिवाय किसी ने यूपी के लिए कुछ नहीं किया। आज छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए यूपी के लोगों को दिल्ली क्यों आना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी पार्टियों ने लोगों को धोखा दिया है। प्रत्येक सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में एक दूसरे को पार कर दिया था। दिल्ली में रहने वाले उत्तर प्रदेश के बहुत से लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में हमें बताया है कि यूपी भी दिल्ली की तरह कल्याण और लाभ का हकदार है।

    यूपी में सही और साफ नीयत वाली राजनीति की कमी

    केजरीवाल ने कहा कि आज यूपी में सही और साफ नीयत वाली राजनीति की कमी है। ये केवल आम आदमी पार्टी दे सकती है। उत्तर प्रदेश को गंदी राजनीति और भ्रष्ट नेताओं ने विकास से दूर रखा। इसलिए दिल्ली में जो सुविधाएं लोगों को मिल रही है, वो यूपी में अभी तक नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि यूपी में ‘आप’ की सरकार बनने पर वहां भी दिल्ली के विकास मॉडल को लागू करेंगे।

    ….लेकिन आसान भी नहीं यूपी की राजनीति में जगह बना पाना

    आम आदमी पार्टी इससे पहले दिल्ली, पंजाब, गोवा और हरियाणा में भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ चुकी है। जहां दिल्ली और पंजाब में पार्टी को अच्छी सफलता मिली है। अपने बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और फ्री बिजली-पानी के फॉर्मूले की बदौलत 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ ने 70 में 62 सीटें जीतकर दिल्ली में तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की है। अब यूपी में केजरीवाल के जादू किस तरह चल पाता है ये चुनाव के दौरान और बाद में ही पता चलेगा। इतना ज़रूर है कि यूपी की राजनीति में जगह बना पाना आम आदमी पार्टी के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।

    ——

  • बीच महीने में ही बढ़ गए LPG गैस सिलेंडर के दाम

    नई दिल्ली। ऑयल कंपनियों ने एलपीजी गैस की कीमतों (price of LPG Gas) में महीने के बीच में ही बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलो वाले सिलेंडर (LPG Cylinder) की कीमत में 50 रुपये का इजाफा किया गया है। इसी तरह 5 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 18 रुपये बढ़ाई गई है। 19 किलो के सिलेंडर में 36.50 रुपये का इजाफा किया गया है।

    देश की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी आईओसी (IOC) के मुताबिक दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमत अब 644 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह 670.50 रुपये, मुंबई में 644 रुपये और चेन्नई में 660 रुपये हो गई है।

    इससे पहले 1 दिसंबर 2020 को भी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के रेट्स में बढ़ाए गए थे। 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 55 रुपये तक का इजाफा किया गया था। हालांकि, अक्टूबर और नवंबर में HPCL, BPCL, IOC ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया था।

    अमूमन ऑयल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों में संशोधन करती हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ। 1 दिसंबर को आईओसी ने बताया कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में कोई वृद्धि नहीं की गई है। दिल्‍ली में इसकी कीमत लगातार सातवें महीने 594 रुपये पर स्थिर रखी गई है। लेकिन 15 दिन बाद ही इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर 14.2 किलोग्राम वाले गैर सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ाकर दिल्‍ली में 644 रुपये कर दी गई।

    इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक 1 दिसंबर को देश के चार महानगरों में 14.2 किलोग्राम बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमत दिल्‍ली में 594 रुपये, कोलकाता में 620.50 रुपये, मुंबई में 594 रुपये और चेन्‍नई में 610 रुपये बताई गई थी। 15 दिसंबर को इसी वेबसाइट पर 14.2 किलोग्राम बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमत दिल्‍ली में 644 रुपये, कोलकाता में 670.50 रुपये, मुंबई में 644 रुपये और चेन्‍नई में 660 रुपये हो गई है।

    ——-

  • इंडो-अमेरिकी उद्यमियों को भायी यूपी

    हजारों करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव

    लखनऊ। अमेरिका में निवासरत उत्तर प्रदेश मूल के उद्योगपतियों की ओर से प्रदेश में भारी औद्योगिक निवेश का प्रस्ताव आया है। यूपी के वर्तमान माहौल को निवेश के अनुकूल बताते हुए उद्योगपतियों ने सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।

    उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका (उपाना) के बैनर तले आयोजित इन्वेस्टमेंट और टूरिज्म कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुए संवाद में इन यूपी-अमेरिकी निवेशकों ने यूपी सरकार की नीतियों को औद्योगिक विकास के लिए बेहतरीन बताते हुए मुख्यमंत्री को अपने निवेश प्रस्तावों से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री आवास पर वर्चुअली आयोजित इस कार्यक्रम में योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रकृति और परमात्मा की असीम अनुकंपा रही है। यहां गंगा, यमुना और सरयू जैसी सदानीरा नदियां हैं तो मानव सभ्यता के विकास की भूमि अयोध्या, विश्व की सबसे प्राचीन नगर काशी, श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली मथुरा, वृंदावन भी हैं। यहां इको टूरिज्म के विकास के असीमित अवसर हैं तो अध्यात्मिक पर्यटन के लिए यह सर्वोत्तम है। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन प्रयागराज कुंभ को तो यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त धरोहर’ की संज्ञा दी है। पूरी दुनिया ने इस महा आयोजन की भव्यता देखी और सराहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यूपी की इन संभावनाओं को अवसर में बदलने के लिए नियोजित प्रयास कर रही है।

    अयोध्या में दिव्य-भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से उत्साहित निवेशकों से मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को दुनिया की सबसे खूबसूरत सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

    एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज का हो रहा विस्तार:

    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड, पूर्वांचल, गोरखपुर लिंक, और गंगा एक्सप्रेस-वेज का निर्माण करा रही है। यह एक्सप्रेस वेज विकास की रफ्तार को तेज करेंगी। इनके किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर और टाउनशिप विकसित करने की भी योजना है। निजी क्षेत्र के लिए यह अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर सुविधाओं के विस्तार के दृष्टिगत सरकार प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में 2017 तक कुल 12 मेडिकल कॉलेज थे। महज 3 साल में 30 नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण चल रहा है। हालांकि अभी 16 ऐसे जिले हैं जहां निजी या सरकारी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, इसके दृष्टिगत सरकार जल्द ही नई नीति लाएगी। संवाद में प्रतिभाग कर रहे निवेशकों ने पॉलिसी को लेकर उत्साह भी दिखाया। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी)जैसे अभिनव प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए सीएम ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में हालिया छलांग, इन्वेस्ट यूपी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रस्तावित फ़िल्म सिटी परियोजना के बारे में भी निवेशकों को जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर भी निर्माणाधीन है। यहां फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में निवेशकों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है। हम उन्हें हर सुविधा उपलब्ध कराएंगे। उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए हर सम्भव कोशिश करेगा।

    उद्योगपतियों को भा रहा नया उत्तर प्रदेश

    कार्यक्रम में मेजबान उपाना के संस्थापक और ट्रस्टी राकेश अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समग्र और सतत विकास में उनका संगठन सहभागी होने का इच्छुक है। बहुत से उद्यमी जो मूलतः यूपी से हैं और आज अमेरिका में निवासरत हैं, यूपी में निवेश करना चाहते हैं। न्यूयॉर्क में भारत के काउंसलेट जनरल रणधीर जायसवाल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश विकास की पथ पर है। यहां औद्योगिक विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। इंडो-अमेरिकी निवेशकों के लिए यूपी शानदार विकल्प है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास पर केंद्रित एक लघु फ़िल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

    संभल वालों का कैंसर हॉस्पिटल की स्थापना का प्रस्ताव

    फार्मास्युटिकल कम्पनी के संस्थापक राकेश श्रोतिया जो कि मूलतः संभल के रहने वाले हैं और 44 साल से अमेरिका में रहते हैं, ने सीएम योगी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए यूपी में फार्मास्युटिकल कंपनी और कैंसर हॉस्पिटल की स्थापना के लिए प्रस्ताव दिया तो, कैलिफोर्निया से जुड़े डॉक्टर देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि एंटरप्रेन्योरशिप, डेवलपमेंट का इतना स्वर्णिम समय कभी नहीं आया। यूपी में सभी संसाधन हैं। हमारे पास फंडिंग की कोई कमी नहीं है।

    मेरठ वाले इन्वेस्ट करना चाहते हैं ₹5000 करोड़

    पेट्रोटेल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन और सीईओ मूलतः मेरठ के निवासी अनिल चोपड़ा ने सॉफ्टवेयर, एजुकेशन, सोलर और विंड एनर्जी के क्षेत्र में इन्वेस्ट करने की इच्छा जताई। टेक्सास में रह रहे अनिल की ओर से ₹5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने कहा कि यूपी में काबिलियत है वह एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी वाला प्रदेश बन सकता है। शिक्षा, हेल्थकेयर और पर्यावरण के क्षेत्र में शाहजहांपुर, अयोध्या, बरेली आदि क्षेत्रों में पहले से निवेश कर चुके अमेरिका में सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट और उद्यमी के रूप में प्रतिष्ठित राजीव अग्रवाल ने अपने अनुभवों के हवाले से यूपी के हालिया तीन सालों को शानदार कहा। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा सरकार की औद्योगिक अवस्थापना नीति को निवेश के अनुकूल बताया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर प्रदेश की नीतियों को इन्वेस्ट फ्रेंडली करार दिया और यूपी के मूल निवासी प्रवासी उद्योगपतियों के प्रस्तावों को शीघ्र अमल में आने की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में शासनस्तर के अनेक उच्चाधिकारियों की मौजूदगी रही।

    —–

  • प्रयागराज में संगम घाट पर जुटे श्रद्धालु

    सोमवती अमावस्या पर किया पवित्र स्नान

    प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवती अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। सोमवार को सुबह से ही गंगा, यमुना और संगम में भी पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पहले स्नान किया। सूरज उगने के बाद संगम में स्नान करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी। प्रयागराज में संगम घाट के अलावा रामघाट, दारागंज, अक्षयवट, फाफामऊ में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके अलावा यमुना घाट पर भी स्नानार्थियों का जमावड़ा लगा रहा। गऊघाट, सरस्वती घाट और ककहरा घाट पर व्रती महिलाओं ने स्नान किया और सूरज को अर्घ्य दिया। इसके बाद उन्होंने दान और पूजन के साथ पीपल के पेड़ की भी पूजा की। व्रती महिलाओं के अलावा अन्य लोगों ने भी संगम घाट पर स्नान किया।
    ——-

  • उत्तराखंड में कल से खुलेंगे कॉलेज
    निर्धारित हुए नियम
    देहरादून। पिछले करीब 10 महीने से बाद कल यानी 15 दिसंबर से सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी। सभी डिग्री कॉलेजों में कल से स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम-द्वितीय सेमेस्टर के उन कक्षाओं की पढ़ाई होगी, जिनमें प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों अनिवार्य हैं। इस संबंध में शासन ने सभी कुलपतियों, जिलाधिकारियों और उच्च शिक्षा निदेशक को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    छात्रों को बुलाने के लिए अभिभावकों की भी सहमति जरूरी

    शासन से जारी आदेश में कहा गया है कि 15 दिसंबर से सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों को खोलने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ प्रदान की जा रही है। इसके अलावा छात्रों को बुलाने के लिए अभिभावकों की सहमति भी लेनी होगी। कोरोना काल को देखते हुए शासन कोई रिस्‍क नहीं लेना चाहता। वह छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य व कालेजों में भीड़ से बचाना चाहता है। इसलिए कई शर्तों के साथ कालेज खोलने की अनु‍मति दी है।

    यह हैं शर्तें-

    1. छात्रों की उपस्थिति को लेकर अभिभावकों की सहमति जरूरी।
    2. प्रथम सेमेस्टर (स्नातक-स्नातकोत्तर दोनों) के जिन विषयों में थ्योरी एवं प्रेक्टिकल की पढ़ाई होनी हैं उन्हीं में आफलाइन कक्षाएं शुरू होगी।
    3. अंतिम सेमेस्टर की कक्षाओं के जिन विषयों में प्रैक्टिकल अनिवार्य है, उनकी पढ़ाई भी शुरू होगी।
    4. कक्षाओं का संचालन पालियों में होगा या फिर सेक्शन बढ़ाने होंगे।
    5. केवल थ्योरी वाले विषयों की पढ़ाई आनलाइन मोड में ही होगी।
    6. दूसरे राज्यों के छात्रों को कोरोना का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा।
    7. कक्षा कक्षों में छात्रों के बीच की दूरी छह फीट होगी।
    8. एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवी अन्य छात्रों को जागरूक करेंगे।
    9. शिक्षक-कर्मचारी और छात्रों को मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
    ——-

  • करीब 40 मिनट तक बंद रहीं जीमेल और यूट्यूब सर्विसेस

    दोनों के 380 करोड़ से ज्यादा यूजर्स



    नई दिल्ली। दुनियाभर में गूगल की सर्विसेस सोमवार शाम करीब 40 मिनट तक क्रैश रहीं। लॉगइन और एक्सेस में परेशानी भारतीय समय के मुताबिक, शाम करीब 5.26 बजे शुरू हुई और शाम 6.06 पर री-स्टोर हुईं। इस दौरान गूगल की 19 सर्विसेस ठप रहीं। गूगल ने अभी तक इस परेशानी पर कोई कमेंट नहीं किया है।

    यह सर्विसेज रहीं ठप-
    जीमेल, यूट्यूब, कैलेंडर, ड्राइव, डॉक्स, शीट्स, स्लाइड्स, साइट्स, ग्रुप्स, हैंगआउट्स, चैट, मीट, वॉल्ट, करन्ट्स, फॉर्म्स, क्लाउड सर्च, कीप, टास्क, वॉइस।

    यह चलती रहीं-
    गूगल सर्च इंजन और मैप।

    क्लाउड, ड्राइव और डॉक्स जैसी सर्विसेस भी क्रैश-
    ब्रिटेन के मिरर अखबार के मुताबिक, दुुनिया में 54% लोग यूट्यूब को एक्सेस नहीं कर सके। 42% लोग वीडियो नहीं देख पाए और 3% लोग लॉगइन ही नहीं कर पाए। इसके अलावा जीमेल पर 75% लोग लॉगइन नहीं कर पाए और 15% लोग वेबसाइट ही एक्सेस नहीं कर पाए। इसके अलावा 8% लोगों को मैसेज नहीं रिसीव हुए। गूगल की हैंगआउट, गूगल फॉर्म, गूगल क्लाउड, गूगल ड्राइव, गूगल डॉक्स की सर्विसेस भी क्रैश हो गई हैं। इससे पहले 20 अगस्त को भी गूगल की सभी सर्विसेस क्रैश हो गई थीं।

    जीमेल के 180 करोड़ यूजर-
    दुनियाभर में जीमेल के करीब 180 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। उसके पास 2020 में ईमेल सर्विस का 43% मार्केट शेयर है। वहीं, 27% लोग फोन से ईमेल करते हैं। ईमेल के एक्सेस के लिए 75% से ज्यादा लोग फोन का यूज करते हैं। 2020 में हर दिन 306.4 बिलियन ईमेल सेंड और रिसीव्ड किए गए हैं।

    यूट्यूब के 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स- यूट्यूब ने कहा कि हम दुनियाभर में आई इस परेशानी के बारे में जानते हैं और हमारी टीम लगातार इस पर नजर बनाए हुए है। जल्द ही इस संबंध में आपको अपडेट किया जाएगा।

    ——–

  • कोरोना:
    एस्वाटिनी के प्रधानमंत्री एम्ब्रोस डलामिनी का निधन
    अमेरिका में करीब तीन लाख लोगों की मौत
    दुनिया में अब तक मर चुके हैं 716,11,344 लोग

    एस्वाटिनी/न्यूयॉर्क। विश्व में कोरोना ने अपना आतंक बरकरार रखा है। लोग संक्रमित भी हो रहे हैं और मौत का शिकार भी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 11 मार्च को कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया था। अब तक दुनिया भर में 7.21 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 16,11,344 लोगों की मौत हो चुकी हैै।

    इसी बीच दक्षिण अफ्रीकी देश एस्वाटिनी के प्रधानमंत्री एम्ब्रोस डलामिनी का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया है। वह 52 वर्ष के थे। सरकार की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गयी।

    एक महीने पहले हुए थे कोरोना वायरस से संक्रमित

    डलामिनी एक महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये थे और दक्षिण अफ्रीका के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां रविवार की दोपहर उन्होंने अंतिम सांसे ली। उप प्रधान मंत्री थेम्बा मसुकु ने एक बयान में कहा , “ मैं अत्यंत दुख के साथ सूचित कर रहा हूं कि हमारे प्रधानमंत्री एम्ब्रोस डलामिनी का असामयिक और दुखद निधन हो गया है।”
    यह बयान एस्वाटिनी सरकार के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एस्वाटिनी में कोरोना संक्रमण के 6768 मामले सामने आये हैं जबकि 124 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है।

    अमेरिका में बढ़ रही मरने वालों की संख्या

    दूसरी ओर अमेरिका में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब तीन लाख पहुंच गई है। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 2,99,057 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 16,225,124 लोग इस महामारी के चपेट में आ चुके हैं। ————–

  • न मानक, न योग्य प्रवक्ता, फिर भी धड़ल्ले से खुल रहे महाविद्यालय

    नियमों को दरकिनार कर दी जा रही मान्यताएं

    बिजनौर। निजी महाविद्यालयों में न मानकों का ख्याल रखा जा रहा है और न ही योग्य प्रवक्ताओं की तैनाती की जा रही है फिर भी इन कालेजों की संख्या कुकरमुत्तों की तरह बढ़ती जा रही है। यूनिवर्सिटी से नियमों को दरकिनार कर मान्यता दी जा रही हैं तथा अन्य एजेंसीज भी अपनी आंखे मूंदे हुए हैं। इन कालेजों में न केवल अभिभावकों की जेबें काटी जा रही हैं बल्कि छात्र-छात्राओं के जीवन से भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
    प्रदेशभर में उच्चशिक्षण संस्थान कुक्करमुत्तों की तरह उगते जा रहे हैं। इसका कारण विश्वविद्यालय कें प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सरकार के निर्धारित मांनकों को दरकिनार कर मान्यता प्रदान करना माना जा रहा है। अन्य सरकारी एजेन्सिज भी इन मानक विहिन महाविद्यालयों की संस्तुति करते समय अपनी आंखें ही बंद कर लेती हैं। यही कारण है कि उच्चशिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े शिक्षा माफियाओं ने अंगद पैर जमा लिया है। जिला बिजनौर की बात करें तो अनेक शिक्षण संस्थानों में एक ही कैंपस में एक से अधिक महाविद्याल की मान्यता ली गई है, जबकि सरकार द्वारा एक निर्धारित दूरी के बाद किसी अन्य महाविद्यालय को मान्यता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। किसी महाविद्यालय के लिए भौतिक संशाधनों की बात की जाए तो एक निर्धारित माप के साथ ही कमरों की संख्या भी निर्धारित होती है, लेकिन अधिंकांश महाविद्यालयों में विषयों के अनुरूप कमरे ही नहीे है। सुसज्जित प्रयोगशाला का होना अनिवार्य है लेकिन एक ही कैंपस में कई महाविद्यालय होने के कारण एक प्रयोगशाला से काम चलाया जा रहा। यह प्रयोगशाला उन सभी महाविद्यालयों की प्रयोगशाला के रूप में कार्य करती है जिनकी मान्यता ली गई है। वही कई महाविद्यालयों में तो प्रयोगशाला है ही नहीं। यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्यता वाले प्रवक्ता व प्राचार्य तक नहीं। जिनका विश्वविद्यालय से अप्रूवल लिया जाता है, उनमें से अधिकांश किसी अन्य महाविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे होते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा प्रचार्याें के अनुभव योग्यता की बात की जाए तो कहीं 2वर्ष वाले तो कहीं 5 वर्ष के अनुभव को मानक माना गया है। इस गोलमाल का मुख्य कारण एमजेपी समेत अन्य विश्वविद्यालयों द्वारा प्रवक्ताओं व प्रचार्यों के आधार का लिंक नहीं किया जाना है। अब देेखना यह है कि शिक्षा क्षेत्र से माफियागिरी पर कब लगाम कसेगी।

    (सौजन्य से-target tv)

    ———

  • किसान आंदोलन: IRCTC ने ग्राहकों को भेजे 2 करोड़ E-mail

    नई दिल्ली। आईआरसीटीसी (IRCTC) ने 8 से 12 दिसंबर के बीच करीब 2 करोड़ ई-मेल (E-mail) भेजकर अपने ग्राहकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) द्वारा सिख समुदाय के खातिर लिए गए 13 फैसलों के बारे में जानकारी दी। यह केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच किया गया है।

    ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका

    अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका– ‘ प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के सिखों के साथ विशेष संबंध’ भेजी है। ये सरकार के ‘जनहित’ संपर्क के तहत भेजी गई है जिसका उद्देश्य विधेयकों को लेकर लोगों को जागरूक करना और उनके बारे में मिथकों को दूर करना है। पुस्तिका हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी में हैं।



    अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल आईआरसीटीसी के पूरे डेटाबेस को भेजे गए हैं। आईआरसीटीसी में यात्री टिकट बुक कराने के दौरान अपना विवरण देते हैं। 12 दिसंबर को ईमेल भेजना बंद कर दिए गए थे। पीएसयू ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि ई-मेल सिर्फ सिख समुदाय को भेजे गए हैं।

    पहले भी होता रहा है ऐसा

    आईआरसीटीसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ई-मेल्स सभी को भेजे गए हैं, भले ही उनका समुदाय कोई भी हो। यह पहला उदाहरण नहीं है। पहले भी जनहित में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने ऐसी गतिविधियां की हैं। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि आईआरसीटीसी ने 12 दिसंबर तक 1.9 करोड़ ई-मेल्स भेजे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ई-मेल भेजने का कदम सचेत तरीके से उठाया गया था और यह जनहित के लिए एक संचार रणनीति का हिस्सा था।

    एक अधिकारी ने कहा कि कौन सी पेशेवर कंपनी या कॉरपोरेट उन दर्शकों की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल का विश्लेषण नहीं करती है जहां संदेश भेजा जाना है? कॉरपोरेट रोजाना जो करते हैं, वैसा ही या उससे भी अच्छा एक सरकारी संगठन करने में सक्षम है तो कुछ लोग हैरान क्यों हैं? व्यक्ति को खुश होना चाहिए कि वर्तमान सरकार जनहित में सूचना का प्रसार करने में उतनी ही अच्छी है। पुस्तिका 1984 के दंगा पीड़ितों को दिए गए न्याय, श्री हरमंदर साहिब, जालियावाला बाग स्मारक को दी गई एफसीआरए पंजीकरण की इजाजत, लंगर पर कर नहीं होने, करतारपुर गलियारे समेत अन्य पर बात करती है।

    इस पुस्तिका का विमोचन 1 दिसंबर को गुरु नानक जयंती के मौके पर केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर और हरदीप सिंह पुरी ने किया था। हजारों किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं।

    ——-

  • EPFO की योजना से 6 करोड़ लोगों को होगा फायदा

    दिसंबर के अंत तक अंशधारकों के खातों में जमा होगा एकमुश्त ब्याज

    नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खातों में दिसंबर के अंत तक एकमुश्त 8.5 प्रतिशत का ब्याज डाला जाएगा। सितंबर में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अगुवाई में हुई न्यासियों की बैठक में ईपीएफओ ने ब्याज को 8.15% और 0.35% की दो किस्तों में डालने का फैसला किया था। श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को 2019-20 के लिए ईपीएफ में एक बार में 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालने का प्रस्ताव इसी महीने भेजा गया है। इस पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी कुछ दिन में मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अंशधारकों के खातों में ब्याज इसी महीने डाला जाएगा।

    मार्च में CBT ने दी थी मंजूरी

    इससे पहले वित्त मंत्रालय ने बीते वित्त वर्ष के लिए ब्याज पर कुछ स्पष्टीकरण मांगा था। वित्त मंत्रालय को यह स्पष्टीकरण दे दिया गया है। श्रम मंत्री गंगवार की अगुवाई वाले ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की मार्च में हुई बैठक में 2019-20 के लिए ईपीएफ पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी गई थी। सीबीटी की मार्च में हुई बैठक में 8.5 प्रतिशत के ब्याज देने की प्रतिबद्धता को पूरा करने का फैसला किया गया था। इसके साथ ही सीबीटी ने तय किया था कि 8.5 प्रतिशत के ब्याज को दो किस्तों (8.15 प्रतिशत और 0.35 प्रतिशत) में अंशधारकों के खातों में डाला जाएगा।

    ———

  • रेलवे ने किया कई के समय में भी बदलाव

    नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण पहले से ही गिनी चुनी ट्रेनें चल रही हैं तो वहीं अब कोहरे के चलते भी रेल यातायात पर मार पड़ने लगी है। देश के कई हिस्सों में कोहरे के चलते रेलवे ने काफी ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। रेलवे ने 31 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द करने के साथ ही कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया है।

    16 दिसंबर से एक जनवरी तक कई ट्रेन रद्द

    पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 दिसंबर से एक जनवरी तक कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसमें गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनल (ट्रेन संख्या 02571) 16, 20, 23, 27, 30 दिसंबर और 3, 6, 10, 13, 7, 20, 24, 27 और 31 जनवरी के बीच सभी बुधवार और रविवार को रद्द रहेगी। वहीं आनंद विहार टर्मिनल-गोरखपुर (ट्रेन संख्या 02572) 17, 21, 24, 28, 31 दिसंबर और 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 और 28 जनवरी के बीच सभी सोमवार व गुरुवार को रद्द रहेगी।

    कुछ ट्रेनों का आंशिक निरस्तीकरण

    भारतीय रेलवे ने कोहरे की वजह से कुछ ट्रेनों का आंशिक निरस्तीकरण भी किया है। इनमें गोरखपुर-कानपुर अनवरगंज (ट्रेन संख्या 05004) 16 दिसंबर से 31 जनवरी तक प्रयागराज रामबाग से कानपुर अनवरगंज के बीच रद्द रहेगी। वहीं कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर (ट्रेन संख्या 05003) 16 दिसंबर से 31 जनवरी तक कानपुर अनवरगंज-प्रयागराज रामबाग के बीच रद्द रहेगी।

    किसान आंदोलन भी बना वजह

    कुछ ऐसी भी ट्रेनें हैं जिन्हें किसान आंदोलन के कारण रद्द किया गया है। आंदोलन के कारण पंजाब की कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है। रेलवे ने अमृतसर-दरभंगा (ट्रेन संख्या 05212) को रद्द कर दिया है। ये ट्रेन अमृतसर से 13 दिसंबर को रवाना होने वाली थी। इसके अलावा अमृतसर-जयनगर अंबाला (ट्रेन संख्या 04652) और जयनगर-अमृतसर अंबाला (ट्रेन संख्या 04651) को रद्द किया गया है।

    ——-

  • लखनऊ TP नगर योजना में ₹100 करोड़ की हेराफेरी!
    80 भूखंड की फाइलें गायब

    लखनऊ। एलडीए की ट्रांसपोर्ट नगर योजना में 80 भूखंड की फाइलें गायब हैं। इन भूखंडों की कीमत लगभग 100 करोड़ बताई जा रही है। डिस्पोजल रजिस्टर में भी इनका कोई विवरण नहीं है। एलडीए को यह भी नहीं पता कि इन भूखंडों को आवंटित किया गया था या नहीं। जिन भूखंडों की फाइलें नहीं मिल रही है उनका उपयोग ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के लिए किया जाना था। मामला सामने आने के बाद सचिव पवन गंगवार ने मामले की जांच शुरू करा दी है।

    1978 में आई थी ट्रांसपोर्ट नगर योजना:

    ट्रांसपोर्ट नगर योजना वर्ष 1978 में आई थी उस समय पूरा रिकॉर्ड मैनुअल ही रहता था। ट्रांसपोर्ट को आवंटन भी सीधे आवेदन पर हुए लेकिन इन भूखंडों की नीलामी नहीं हुई। ऐसे में रिकॉर्ड बाकी भूखंडों की तरह नहीं मौजूद हैं। बाद में कंप्यूटर में भी इन भूखंडों का रिकॉर्ड नहीं चढ़ाया गया। डिस्पोजल रजिस्टर पर भी आवंटन की कोई जानकारी नही है, जिससे आवंटन से संपर्क किया जा सके। ऐसे में संभावनाएं बन रही है कि आवंटन नहीं हुआ हो। यदि ऐसा है तब भी अपने खाली भूखंडों का पता न होना, एलडीए की घोर लापरवाही है।

    फर्जी आवंटन की भी आशंका:

    इन भूखंड के फर्जी आवंटन किए जाने की भी आशंका है, क्योंकि इन भूखंडों की कीमत अब व्यावसायिक के बराबर है। इन भूखंडों की मांग भी ज्यादा है। ऐसे में रिकॉर्ड का गायब हो जाना बड़े फर्जीवाड़े की ओर भी संकेत कर रहा है।

    हमेशा विवादों में रही ट्रांसपोर्ट नगर योजना: 

    एलडीए की ट्रांसपोर्ट नगर योजना हमेशा विवादों में रही है। फर्जी आवंटन से लेकर फाइलों के गायब होने के प्रकरण यहां आते रहे हैं। बिना नीलामी के ही व्यवसायिक भूखंड यहां आवंटित हुए। भूखंडों के अवैध तरीके से समायोजन के मामले भी आए, हालांकि योजना में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भूखंडों के रिकॉर्ड गायब होने का मामला सामने आया।

    कहां किसको आवंटन हुआ नोटिस जारी…


    इस प्रकरण में संयुक्त सचिव व्यवसायिक ने नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि किसी को इन भूखंड का आवंटन किया गया है तो इसके साक्ष्य दिखाएं। ऐसा नहीं होने पर 15 दिन के बाद एलडीए नीलामी से इनकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर देगा। संयुक्त सचिव डी एम कटियार का कहना है कि सर्वे भी कराया गया है। इसमें यह भूखंड अभी खाली पड़े हुए हैं। किसी निर्माण का साक्ष्य नहीं मिला है।

    ——–

  • चेक पेमेंट को लेकर बदलने वाले हैं नियम
    नए साल से 50 हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान के लिए बदला तरीका

    नई दिल्ली। नए साल के साथ ही चेक पेमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए RBI ने 1 जनवरी 2021 से चेक के पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।

    क्या होता है पॉजिटिव पे सिस्टम

    पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत किसी थर्ड पार्टी को चेक जारी करने जनी होगी। इस सिस्टम से 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान वाले चेक को रि-कंफर्म करना होगा। इस सिस्टम के जरिए चेक के क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। इस सिस्टम के जरिए चेक की जानकारी एसएमएस, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से दी जा सकती है। चेक की पेमेंट करने से पहले इन जानकारियों की दोबारा जांच की जाएगी। कोई गड़बड़ी मिलने पर ‘चेक ट्रंकेशन सिस्टम’ द्वारा इसे मार्क कर ड्राई बैंक (जिस बैंक में चेक पेमेंट होना है) और प्रेजेंटिंग बैंक (जिस बैंक के अकाउंट से चेक जारी हुआ है) को जानकारी दी जाएगी।

    ——

  • बिजनौर में लव जिहाद का पहला मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र में पुलिस ने  लव जिहाद का पहला मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने किसी दोस्त की शादी आया था। आरोप है कि मौका देख आरोपी युवक एक युवती को बहला फुसलाकर ले गया।
    शनिवार को थाना कोतवाली शहर में एक तहरीर दी गई कि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से है तथा कई वर्ष से चण्डीगढ़ में पुुुताई का कार्य कर रहा था, शादी समारोह के कारण गांव आया था। घर के ही पास रहने वाला सोनू नाम का लड़का भी 04 दिसम्बर को अपने गांव आया था। 07 दिसम्बर को सभी लोग शादी में व्यस्त थे। शादी में एक रिश्तेदार के साथ सोनू भी आया। आरोप है कि सोनू उसकी करीब 19 वर्ष की पुत्री को शादी करने तथा धर्म परिवर्तन करने के उद्देश्य से बहला-फुसलाकर भगा कर ले गया। बाद में पता चला कि सोनू का वास्तविक नाम अफजाल है, जो कि मुस्लिम है।

    तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में मु0अ0सं0 825/20 धारा 366 भा.द.वि. व धारा 3 (2) 5 अनुसूचित जाति जनजाति अधि0 तथा धारा 3/5 (1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अध्यादेश 2020 पंजीकृत किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार को आरोपी अफजाल उर्फ सोनू पुत्र भूरे निवासी ग्राम शामीबाला थाना मण्डावली को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है।

    ——–

  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की घोषणा

    आज सोमवार रात 12:30 बजे से होगी शुरुआत

    नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान को गति देने के लिए 14 दिसंबर से राउंड-द-क्लॉक रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से धन के हस्तांतरण की अनुमति दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि आज रात 12:30 बजे से आरटीजीएस सुविधा 24X7 बन जाएगी।

    सुविधा जो चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी

    1) आरटीजीएस चौबीसों घंटे ग्राहक और अंतर बैंक लेनदेन के लिए उपलब्ध रहेगा, सिवाय ‘एंड-ऑफ-डे’ और ‘स्टार्ट-ऑफ-डे’ प्रक्रियाओं के बीच के अंतराल के लिए, जिसका समय आरटीजीएस प्रणाली के माध्यम से विधिवत प्रसारित किया जाएगा।

    2) आरटीजीएस को समय-समय पर संशोधित आरटीजीएस सिस्टम विनियम, 2013 द्वारा नियंत्रित किया जाता रहेगा।

    3) इंट्रा-डे लिक्विडिटी (IDL) सुविधा को सुचारू संचालन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इंट्रा-डे लिक्विडिटी (आईडीएल) का लाभ उठाया, यदि कोई हो, तो ‘एंड-ऑफ-डे’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले उलट दिया जाएगा।

    4) सामान्य बैंकिंग घंटों के बाद आरटीजीएस लेन-देन की प्रक्रिया ‘स्ट्रेट थ्रू प्रोसेसिंग (एसटीपी) मोड का उपयोग करके स्वचालित होने की उम्मीद है।

    5) सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी ग्राहकों को आरटीजीएस की विस्तारित उपलब्धता के बारे में जानकारी का प्रसार करें।

    6) यह निर्देश धारा 10 (2) के तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 के अधिनियम 51) की धारा 18 के साथ पढ़ा जाएगा।

    7) आरटीजीएस सिस्टम का उपयोग उच्च मूल्य लेनदेन के लिए किया जाता है।

    8) यह वास्तविक समय के आधार पर होता है। प्रत्येक लेनदेन RTGS के मामले में व्यक्तिगत रूप से तय किया जाता है।

    9) वर्तमान में, आरटीजीएस लेन-देन की सुविधा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर, सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।

    10) RBI ने RTGS के माध्यम से जुलाई 2019 से लेनदेन पर शुल्क लगाना बंद कर दिया है।

    ——–


  • राजधानी में टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात
    मेरठ में टोल कराया किसानों ने फ़्री


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसान संगठन के द्वारा टोल प्लाजा फ्री करवाने और चक्का जाम करने के ऐलान के बाद यूपी पुलिस अलर्ट है। DGP मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों के SP/SSP को पत्र लिखकर टोल प्लाजा पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी लखनऊ के दो टोल प्लाजा पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मेरठ में एनएच 58 पर बने टोल प्लाजा पर किसानों ने टोल फ्री करा दिया है।

    विदित हो कि किसान संगठनों ने दिल्ली में केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने के साथ वार्ता विफल होने पर शनिवार को उत्तर प्रदेश समेत देश के सभी टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।

    प्रदर्शन करने नहीं पहुंचा कोई भी किसान नेता व संगठन

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के इटौंजा टोल प्लाजा पर सुबह 11:30 बजे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन का प्रदर्शन होना था। टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात है वह हर आने जाने वाले संदिग्ध व उपद्रवियों की चेकिंग कर रही है।

    यूपी में सभी टोल प्लाजा पर चाक चौबंद सुरक्षा

    यूपी के सभी टोल प्लाजा पर सुरक्षा और सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी 130 टोल प्लाजा पर पुलिस और PAC की तैनाती की गई है। वेस्ट उत्तर प्रदेश के सभी जिला कप्तानों को टोल प्लाजा की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। फायर ब्रिगेड, यूपी 112, खुफिया सभी को अलर्ट पर रहने के निर्देश हैं।

    मेरठ में वेस्टर्न UP टोल प्लाजा फ्री करवाया

    यूपी मे मेरठ में एनएच 58 पर किसानों ने वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा को कराया फ्री करा लिया। कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे टोल फ्री करा दिया। यूनियन के कार्यकर्ता सुबह टोल प्लाजा पर पहुंचे और वहीं पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने सभी टोल बूथ फ्री करा दिया।

    किसानों ने कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार नया कृषि कानून वापस नहीं लेगी तब तक किसान अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। किसान नेता संजय दौरालिया का कहना है कि संगठन ने आज देशभर के टोल प्लाजा फ्री कराए जाने का ऐलान किया था। आंदोलन के उसी क्रम में सिवाया स्थित टोल प्लाजा को भी फ्री कराया गया है।

    ——–

  • असम सरकार देगी बेटियों को शादी में 10 ग्राम गोल्ड

    कम उम्र में शादियां रोकने की कवायद

    कराना होगा Registration

    दिसपुर। अपनी बेटी के बचपन से ही उसकी शादी के लिए माता-पिता पैसे जोड़ना शुरू कर देते हैं। बेटी की शादी के समय माता-पिता के लिए गोल्ड ज्वैलरी पर पैसा खर्च करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। देश में गोल्ड ज्वैलरी देने की परंपरा काफी पुरानी है। ऐसी ही बातों को ध्यान में रखकर असम सरकार (Assam government) ने अपने राज्य की बेटियों की शादी पर गोल्ड देने के लिए एक स्कीम शुरू की है। इसे अरुंधति गोल्ड स्कीम (Arundhati Gold Scheme) नाम दिया गया है। इस स्कीम में सरकार की ओर से बेटियों को शादी के समय 10 ग्राम गोल्ड दिया जाता है।

    राज्य सरकार ने जारी की स्कीम से जुड़ीं कुछ शर्तें तय की हैं-

    1. स्कीम का फायदा लेने के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
    2. शादी का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
    3. लड़की के परिवार की सालाना आय 5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
    4. पहली बार शादी करने पर ही मिलेगा योजना का लाभ।
    5. लड़के की उम्र भी होनी चाहिए कम से कम 21 साल।
    6. शादी स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन के दिन ही लड़की को स्कीम के लिए अप्लाई करना होगा।

    स्कीम में अप्लाई करने का तरीका-

    1. सबसे पहले revenueassam.nic.in. पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

    2. ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद इसका प्रिंटआउट निकालना होगा।

    3. ऑनलाइन के साथ-साथ इस प्रिंटआउट को भी जमा करना होगा।

    फॉर्म सबमिट होने के बाद लड़की को इसकी एक रसीद भी मिलेगी। एप्लीकेशन मंजूर हुई या नहीं इसका पता एसएमएस से चल जाएगा। यदि एप्लीकेशन मंजूर हो गई है, तो स्कीम के तहत जो भी अमाउंट बनेगा वो एप्लीकेंट के खाते में जमा कर दिया जाएगा।

    बहुत पिछड़े इलाकों में जल्दी कर दी जाती हैं बच्चों की शादियां

    विदित हो कि असम के पिछड़े इलाकों में बच्चों की शादियां जल्दी कर दी जाती हैं,। इससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।अरुंधति गोल्ड स्कीम (Arundhati Gold Scheme) लागू होने का फायदा ये हुआ कि मिलने वाले सोने को ध्यान में रखते हुए बहुत से परिवार बच्चों की शादी जल्दी करने से बचने लगे हैं।

    ——-

  • डॉक्टरों ने बीच में नौकरी छोड़ी तो भरना होगा एक करोड़ जुर्माना

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पीजी करने वाले डॉक्टरों को कम से कम 10 साल तक सरकारी नौकरी करनी पड़ेगी। अगर बीच में नौकरी छोड़ी तो उन्हें एक करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। नौ दिसंबर को जारी स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव का आदेश सभी अस्पतालों में पहुंच गया है।

    आदेश में साफ कहा गया है कि पीजी करने के बाद डॉक्टरों को कम से कम 10 साल तक सरकारी अस्पताल में सेवा देनी होगी। यदि बीच में नौकरी छोड़ना चाहते हैं तो उन्हें एक करोड़ रुपये की धनराशि प्रदेश सरकार को अदा करनी होगी। बताया जाता है कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए सरकार ने नीट में छूट की व्यवस्था की है। यदि डॉक्टर पीजी कोर्स अध्ययन बीच में ही छोड़ देता है तो उसे तीन साल के लिए डिबार कर दिया जाएगा। इस अवधि में वह दोबारा दाखिला नहीं ले सकेंगे।

    ——-

  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने शहद में मिलावट का मामला खाद्य नियामक एफएसएसएआई को सौंपा
    नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत उचित कार्रवाई के लिए जांच में सहयोग देने की पेशकश

    नई दिल्ली। बाजार में बिकने वाले शहद के ज्यादातर ब्रांड्स में मीठी चाशनी की मिलावट की जाती है। यह गंभीर मामला है क्योंकि कोविड-19 के मुश्किल समय में यह स्वास्थ्य से समझौता होगा और इससे कोविड-19 का खतरा भी बढ़ता है।

    उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शिकायत के बाद केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 19(2) के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले को उचित कार्रवाई के लिए खाद्य नियामक एफएसएसएआई को सौंप दिया है। सीसीपीए ने अधिनियम की धारा 10 में उल्लिखित उचित कार्रवाई के लिए मामले की जांच में सहयोग की पेशकश की है।
    विभाग उपभोक्ता मामलों को गंभीरता से लेता है।

    मोबाइल कंपनी देगी मुआवजा ₹ एक लाख

    हाल ही में, एक मोबाइल फोन सेवा केंद्र द्वारा फोन बदलने से मना करने पर रोहिणी मॉल में एक व्यक्ति द्वारा खुद को आग लगाकर जलने से घायल होने की घटना के बाद विभाग ने यह मामला मोबाइल कंपनी के समक्ष उठाया। 40 वर्षीय इस व्यक्ति ने यह फोन अपनी 12वीं क्लास में पढ़ने वाली भतीजी की ऑनलाइन क्लासेज के लिए खरीदा था। मोबाइल कंपनी ने सूचित किया कि उन्होंने उपभोक्ता को 1,00,000 लाख रुपये मुआवजा और एक नया मोबाइल हैंडसेट देने का फैसला लिया है।

    कम वजन पर ई-कॉमर्स संस्थाओं को नोटिस

    किसी भी अर्थव्यवस्था के प्रभावी कामकाज के लिए सही, शुद्ध और मानक वजन व माप का प्रयोग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उपभोक्ता संरक्षण में अति आवश्यक भूमिका अदा करता है। कम माप और वजन से जुड़े कदाचार से उपभोक्ता का संरक्षण सरकार का अहम दायित्व है। विधिक माप विज्ञान (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम, 2011 को पहले से पैक वस्तुएं के विनियमन के लिए बनाया गया है। इन नियमों के तहत, पहले से पैक वस्तुओं को उपभोक्ता के हितों में विक्रेता द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कुछ आवश्यक सूचनाओं का अनुपालन करना होता है। यह देखा गया है कि कुछ ई-कॉमर्स संस्थाएं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उत्पाद की जानकारी की घोषणा की अनिवार्य आवश्यकता का उल्लघंन कर रही हैं। अतः नियमों का पालन ना करने के लिए विभिन्न ई-कॉमर्स संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

    भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का उपभोक्ता मामले विभाग उपभोक्ता संरक्षण हेतु नोडल विभाग है और उपभोक्ताओं के हितों एवं अधिकारों की रक्षा के लिए यह विभिन्न उपाय कर रहा है। 20 जुलाई 2020 से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू हुआ है जो उपभोक्ता विवादों के सरल एवं शीघ्र निवारण के लिए तीन स्तरीय अर्ध-न्यायिक तंत्र उपलब्ध करवाता है।

    झूठे या भ्रामक विज्ञापनों पर नजर को CCPA

    झूठे या भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार पद्धति, उपभोक्ता के अधिकारों के अतिक्रमण से संबंधित मामलों के विनियमन के लिए एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की स्थापना की गई है जो जनता के हितों के लिए कार्य करता है और उपभोक्ताओं को एक वर्ग के रूप में मानकर उनके अधिकारों को लागू, संरक्षित और बढ़ावा देता है।

    ——-

  • छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष का बेबाक बयान

    लड़कियां अपनी मर्जी से बनाती हैं संबंध

    फिर खुद ही दर्ज कराती हैं रेप केस

    रायपुर। अधिकांश मामलों में लड़कियां लिव-इन में रहकर संबंध बनाती हैं। जब शादी नहीं होती या रिश्ता बिगड़ जाता है तो वे रेप का केस दर्ज करा देती हैं। ऐसे में लड़कियों को किसी के साथ रिश्ते बनाने से पहले सोच समझ लेना चाहिए, क्योंकि ऐसे रिश्तों के परिणाम बुरे भी हो सकते हैं। यह कहना है छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.किरणमयी नायक का।

    फिल्मी कहानी की तरह नहीं होती दुनिया
    शुक्रवार को रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हर एक की स्थिति अलग होती है, दुनिया फिल्मी कहानी की तरह नहीं होती है। बच्चियों और महिलाओं को उनके अधिकार पता होने चाहिए। अगर लड़कियां नाबालिग हैं तो वे प्यार मोहब्बत के फिल्मी तरीकों से बचें और इनके चक्कर में न आएं। यह आपका परिवार, घर व ज़िन्दगी बर्बाद कर सकता है। नायक ने बताया कि कई केस ऐसे आते हैं, जिनमें लड़कियां 18 साल की होती नहीं हैं और शादी कर लेती हैं। उसके बाद अपने बच्चों के साथ महिला आयोग के पास शिकायत लेकर आती हैं।

    पहले आप पढ़-लिखकर बनें जिम्मेदार

    नायक ने कहा कि हर किसी की ज़िन्दगी की कहानी अलग होती है। पहले आप पढ़-लिखकर ज़िम्मेदार बनें। अगर आप किसी से शादी करना चाह रहे हैं तो आप देखें कि वह ज़िम्मेदार है कि नहीं। वह आपकी परवरिश कर सकता है कि नहीं। अगर शादीशुदा व्यक्ति आपको प्यार के झांसे में फंसा रहा है तो आपको यह समझना होगा कि वह आपसे झूठ बोल रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग के पास दहेज प्रताड़ना, कार्यालय स्थल पर शोषण, घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा आते हैं। इनमें कई प्रकरण खारिज करने पड़ते हैं। यदि इनमें से किसी मामले की शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज नहीं होती है तब महिला आयोग सुनवाई करता है।

    ———

    डॉ किरणमयी नायक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग
  • पिछले 24 घंटों के दौरान 37,528 मरीज ठीक हुए, इसी अवधि के दौरान दैनिक नये मामलों की संख्या 29,398 रही

    कोरोना: भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या घटकर हुईं 3.63 लाख
    संक्रमण से मुक्त, होने की दर बढ़कर 94.84 प्रतिशत
    पिछले 24 घंटों में 414 मरीजों की मौत दर्ज भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की: 146 दिनों के बाद सक्रिय मामलों की संख्‍या घटकर 3.63 लाख हुई, 30,000 से कम दैनिक नये मामले दर्ज हुए

    नई दिल्ली। भारत में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की संख्या महत्वपूर्ण रूप से घटकर आज 3.63 लाख (3,63,749) हो गई। 146 दिनों के बाद यह सबसे कम संख्या है। 18 जुलाई को कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3,58,692 थी। देश में सक्रिय मामलों की संख्या में गिरावट का रुख जारी है। भारत में वर्तमान सक्रिय मामले देश के कुल पॉजिटिव मामलों के केवल 3.71 प्रतिशत हैं।

    पिछले 24 घंटे में ठीक हुए 37,528 मरीज

    पिछले 24 घंटों के दौरान 37,528 मरीज ठीक हुए हैं और उन्हें अस्प्ताल से छुट्टी दी गई है। इससे कुल सक्रिय मामलों की संख्या में 8,544 की गिरावट आई है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 30,000 से भी कम दैनिक नये मामले सामने आए हैं। पिछले 24 घंटे में दैनिक नये मामलों की संख्या 29,398 रही है। कुल ठीक हुए मरीजों की संख्या अब लगभग 93 लाख (92,90,834) हो गई है। ठीक हुए रोगियों और सक्रिय मामलों के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। आज यह बढ़कर 89 लाख से अधिक हो गया है। वर्तमान में यह संख्या 89,27,085 हो गई है।

    रिकवरी दर बढ़कर हुई 94.84 प्रतिशत

    नये मामलों की तुलना में नई रिकवरी अधिक होने से आज रिकवरी दर बढ़कर 94.84 प्रतिशत हो गई है। 79.90 प्रतिशत नये ठीक हुए मरीज दस राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों से हैं। कर्नाटक में एक दिन में सबसे अधिक संख्या में मरीज ठीक हुए हैं। राज्य में 5076 नये मरीज ठीक हुए हैं। महाराष्ट्र में ठीक हुए नये मरीजों की संख्या 5068 और केरल में 4847 रही है। ये आंकड़े पिछले एक सप्ताह में औसत दैनिक ठीक हुए मरीजों के मामले दर्शाते हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 6703 औसतन दैनिक मरीज ठीक हुए हैं। इसके बाद केरल और दिल्ली में क्रमश: 5173 और 4362 रोगी स्वस्थ हुए हैं।

    केरल में सबसे अधिक दैनिक नये मामले दर्ज

    72.39 प्रतिशत नये मामले दस राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के हैं। केरल में सबसे अधिक दैनिक नये मामले दर्ज हुए हैं। यहां 4,470 दैनिक नये मामलों का पता चला है। इसके बाद महाराष्ट्र में 3,824 नये मामले सामने आए।

    महाराष्ट्र में सबसे अधिक, 70 मरीजों की मौत

    पिछले 24 घंटों में 414 मरीजों की मौत होने का पता चला है। 79.95 प्रतिशत मौत के नये मामले दस राज्यों /केन्द्रशासित प्रदेशों से हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक (70) मरीजों की मौत हुई है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में क्रमश: 61 और 49 दैनिक मौत मामले दर्ज हुए हैं।

    ——-

  • किरायेदारी को लेकर योगी सरकार एक नया कानून लाने जा रही है…

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश लाने जा रही है…

    आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है, जल्द इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है…

    नए कानून के तहत मकान मालिक और किराएदार दोनों का हित सुरक्षित होंगे…

    कानून लागू होने के बाद मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे….

    आवासीय पर 5% और गैर-आवासीय पर 7% सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा….

    किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी…

    अगर वह दो माह किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा….

    किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा….

    इसके तहत बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा…

    मकान मालिक को किराएदार की जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी…

    नए कानून के तहत किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा…

    सरकारी उपक्रम, स्थानीय निकाय, छावनी परिषद में यह कानून लागू नहीं होगा….

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार कानून बनाकर मकान मालिक और किराएदार दोनों का हित सुरक्षित करने जा रही है। बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा। इतना ही नहीं, उसे इसकी जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी। मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे। कानून लागू होने के बाद आवासीय पर पांच फीसदी और गैर-आवासीय पर सात फीसदी सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा।

    किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी। अगर वह दो माह किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा। किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा।

    सरकार लाने जा रही है कानून-
    राज्य सरकार ‘उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश’ लाने जा रही है। आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। कानून बनने के बाद किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा। पहले से रखे गए किराएदारों के मामले में यदि लिखित अनुबंध नहीं है तो अनुबंध पत्र लिखित कराने के लिए तीन माह का मौका दिया जाएगा।
    किराया वृद्धि की गणना चक्रवृद्धि आधार पर होगी। किराया बढ़ाने के विवाद पर किराया प्राधिकरण संशोधित किराया और किराएदार द्वारा देय अन्य शुल्क निर्धारित कर सकता है। एडवांस के मामले में आवासीय परिसर के लिए सिक्योरिटी डिपाजिट दो महीने से अधिक नहीं होगा और गैर-आवासीय परिसर के लिए छह माह का एडवांस लिया जा सकेगा।

    ये किराएदारी कानून से बाहर होंगे-
    केंद्र, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा छावनी परिषद में यह कानून लागू नहीं होगा। कंपनी, विश्वविद्यालय अथवा किसी संगठन में सेवा अनुबंध के रूप में अपने कर्मचारियों को किराए पर दिए गए आवास पर भी यह कानून लागू नहीं होगा। धार्मिक संस्थान, लोक न्याय अधिनियम के तहत पंजीकृत ट्रस्ट, वक्फ के स्वामित्व वाले परिसर पर किराएदारी कानून प्रभावी नहीं होगा।

    किराएदारी अनुबंध पत्र-
    कानून लागू होने के बाद सहमति अनुबंध पत्र की शर्तों पर लिखित समझौते के बिना घर किराए पर नहीं दिया जा सकेगा। मकान मालिक और किराएदार को संयुक्त रूप से इसकी सूचना किराया प्राधिकरण को देनी होगी। किराया प्राधिकरण एक यूनिट आईडेंटीफिकेशन नंबर देगा। सूचना की तिथि से सात दिन के अंदर वेबसाइट पर किराएदारी की सूचना को अपलोड करना होगा। ऐसे आवासीय परिसर जिसकी किराएदारी अवधि 12 महीने से कम हो, ऐसी किराएदारी की सूचना किराया प्राधिकरण को देनी जरूरी नहीं होगी।

    किराएदारी की अवधि क्या होगी-
    किराएदारी अवधि निर्धारण और नवीनीकरण मकान मालिक तथा किराएदार के बीच किया जाएगा। यह अनुबंध पत्रों की शर्तों के आधार पर होगा। मृत्यु के मामले में उत्तराधिकारियों के अधिकार व अनुबंध पत्र की शर्तें मकान मालिक के साथ-साथ किराएदार के उत्तराधिकारियों पर लागू होंगी।

    मकान मालिक और किराएदार के दायित्व-
    किराएदारी अनुबंध पत्र की मूलप्रति का एक सेट दोनों के पास रहेगा। अनुबंध पत्र की शर्तों के अनुसार समय पर किराया देना होगा। मकान मालिक को किराएदार को इसकी रसीद देनी होगी। किराएदार को किराए पर लेने वाले परिसर की देखभाल करनी होगी। मकान मलिक को जरूरी सेवाएं देनी होंगी। मकान मालिक किराएदार को अनुबंध अवधि में बेदखल नहीं कर सकेगा।
    ——–

  • अप्रैल-मई तक खिंच सकते हैं UP पंचायत चुनाव !

    लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान का सभी को इंतजार है। सरकारी सूत्राें के मुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चार पदों पर मतदान एक साथ होगा। पंचायत चुनाव अगले साल अप्रैल व मई के महीनों करवाने के आसार बन रहे हैं।

    राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के सहायक निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा के अनुसार मतपेटियों, मतपत्रों तथा अन्य चुनाव सामग्री संजोने का काम चल रहा है। वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम भी जारी है। 28 दिसम्बर को वोटर लिस्ट के फाइनल ड्राफ्ट दका प्रकाशन किया जाएगा।

    विशेष रणनीति पर हो रहा है काम-
    प्रत्येक जिले के विकास खंड चार हिस्सों में बांट कर आयोग की निर्धारित समय सारिणी के अनुसार वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्य किया गया। घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सत्यापन करने के बाद संकलित डेटा को फीड किया जा रहा है। फिर 28 दिसम्बर को मतदाता सूची का फाइनल ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा।

    दूसरी ओर पंचायतीराज विभाग द्वारा आंशिक परिसीमन के बाद वार्डों का नए सिरे से निर्धारण और आरक्षण तय किया जा रहा है। इसमें दो महीने का समय लग सकता है। इस तरह दिसम्बर के बाद जनवरी भी वोटर लिस्ट, परिसीमन व आरक्षण निर्धारण आदि में ही लगने की संभावना है। मार्च वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने और गेहूं की कटाई, वार्षिक परीक्षाओं की वजह से भी पंचायत चुनाव के लिए मुफीद नहीं माना जा रहा। इन सब बातों को देखते हुए अब यह चुनाव अप्रैल और मई के महीनों में ही करवाए जाने के आसार बन रहे हैं।

  • UP सूचना आयोग की सख्ती

    एक्टिविस्ट तनवीर अहमद सिद्दीकी के मामले में सूचना आयोग की बड़ी कार्यवाही

    अब सूचना आयुक्त को अर्जी देकर एक्ट की धारा 20(2) के तहत विभागीय दंडात्मक कार्यवाही का आदेश पारित करने की मांग करेंगे तनवीर

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूचना आयोग ने एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सूबे के नगर विकास विभाग के सबसे बड़े अधिकारी के कार्यालय के पेंच कस दिए हैं। राजधानी के तेजतर्रार एक्टिविस्ट तनवीर अहमद सिद्दीकी द्वारा मांगी गई सूचना नहीं देने पर पत्रकार से सूचना आयुक्त बने अजय कुमार उप्रेती ने प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी पर 25 हज़ार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने लखनऊ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी के साथ-साथ सूचना आयोग के रजिस्ट्रार को संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है कि ये तीनों अधिकारी 25 हज़ार रुपए के जुर्माने की वसूली प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी के वेतन से कराकर जुर्माना-वसूली की आख्या उनके सामने प्रस्तुत करें।

    विदित हो कि बर्लिंगटन निवासी तनवीर अहमद सिद्दीकी पेशे से पत्रकार हैं जो पत्रकारिता, मानवाधिकार और आरटीआई से जुड़े दर्जनों राष्ट्रीय स्तर के संगठनों में पदाधिकारी हैं। वह अपने पैने आरटीआई आवेदनों के चलते सामाजिक क्षेत्र में अपनी एक अलग ही पहचान रखते हैं। एक विशेष बातचीत में तनवीर ने बताया कि उन्होंने साल 2019 के दिसंबर महीने में प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से 7 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी। बकौल तनवीर जब 30 दिन में उनको कोई भी सूचना नहीं दी गई तो उन्होंने इस साल के जनवरी महीने में सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के तहत शिकायत दे दी।

    आयोग ने तनवीर की शिकायत को दर्ज करके इस साल के जून महीने में प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को नोटिस भेजते हुए जुलाई महीने में पहली और नवंबर महीने में दूसरी सुनवाई की लेकिन प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने, न तो तनवीर को कोई सूचना दी और न ही आयोग की सुनवाइयों में ही आये। इस प्रकार आयोग द्वारा पर्याप्त अवसर दिए जाने पर भी आरटीआई एक्ट की सूचनाएं नहीं देने और आयोग के आदेशों की बार-बार अवहेलना करने पर सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने जन सूचना आधिकारी को दोषी करार दिया और बीते 01 दिसम्बर को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत 25 हज़ार रुपए का जुर्माना ठोंक दिया है और जुर्माना वसूली का भी लिखित आदेश पारित किया है।

    अब तक दर्जनों जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगवा चुके समाजसेवी तनवीर ने बताया कि वे सूचना आयुक्त को अर्जी देकर प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी के खिलाफ सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(2) के तहत विभागीय दंडात्मक कार्यवाही का आदेश पारित करने की मांग करेंगे।
    ——–

    साभार-इंडेविन टाइम्स लखनऊ


  • ऑस्ट्रेलिया सरकार लाई कानून

    सिडनी। अब गूगल और फेसबुक पर खबरों को प्रकाशित करने के लिए कंपनियों को पैसे देने पड़ेंगे। ऑस्ट्रेलिया सरकार के नए प्रस्ताव के तहत गूगल और फेसबुक पर खबरें डालने के लिए कंपनियों को भुगतान करना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया की सरकार का कहना है कि यह दुनिया का पहला कानून है, इसके तहत ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में सबको समान मुकाबले का मौका मिलेगा। वहीं फेसबुक ने कहा है कि कानून इंटरनेट की गतिशीलता को गलत बताता है। ऑस्ट्रेलियाई
    वित्त मंत्री जोश फ्राइडेनबर्ग ने एक बयान में कहा, कानून यह सुनिश्चित करेगा कि ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक हित पत्रकारिता को बनाए रखने में मदद करने के लिए समाचार मीडिया कारोबार को उनके द्वारा दी गई सामग्री का उचित भुगतान हो। वित्त मंत्री ने कहा कि मीडिया जगत में दुनिया भर के लिए एक बड़ा परिवर्तन है। वर्तमान में ऑनलाइन विज्ञापनों पर गूगल का 53 फीसदी और फेसबुक का 23 फीसदी हिस्सा है।

    ——-

  • नए संसद भवन का शिलान्यास आज करेंगे पीएम मोदी

    नई दिल्ली। पीएम मोदी गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे। नई इमारत आधुनिक, अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल होगी, जिसमें वर्तमान संसद से सटे त्रिकोणीय आकार की इमारत के रूप में अत्यधिक गैर-रक्षात्मक सुरक्षा सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

    कुछ ऐसा होगा नया संसद भवन

    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार 10 दिसंबर, 2020 को नई दिल्ली के संसद मार्ग में नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे । “नई इमारत आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का एक आंतरिक हिस्सा है और निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। प्रधान मंत्री कार्यालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘आजादी के बाद पहली बार संसद, 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ में’ न्यू इंडिया ‘की जरूरतों और आकांक्षाओं से मेल खाएगी।’

    तीन गुना अधिक बड़ी होगी नई इमारत:
    नया संसद भवन आधुनिक, अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल होगा, जिसमें वर्तमान संसद से सटे त्रिकोणीय आकार की इमारत के रूप में अत्यधिक गैर-सुरक्षात्मक सुरक्षा सुविधाएं बनाई जाएंगी। लोकसभा मौजूदा आकार का 3 गुना होगी और राज्यसभा पर्याप्त रूप से बड़ी होगी।

    बेहतरीन होगा डिजाइन:
    PMO के अनुसार “नई इमारत के अंदरूनी हिस्से भारतीय संस्कृति और हमारी क्षेत्रीय कला, शिल्प, वस्त्र और वास्तुकला की विविधता का एक समृद्ध मिश्रण प्रदर्शित करेंगे। डिजाइन योजना में एक शानदार केंद्रीय संवैधानिक गैलरी के लिए स्थान शामिल है, जो जनता के लिए सुलभ होगा,”।
    नए संसद भवन के निर्माण में संसाधन कुशल हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग होगा, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक पुनरोद्धार की दिशा में योगदान होगा। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले ध्वनिकी और श्रव्य-दृश्य सुविधाएं, बेहतर और आरामदायक बैठने की व्यवस्था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी प्रावधान होंगे। इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 आवश्यकताओं का पालन करना शामिल है और इसे रखरखाव और संचालन में आसानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    भविष्य को लेकर हो रहा निर्माण:
    इस भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। यह भविष्य में दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। मौजूदा में समय में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य हैं। यह नया भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत है और इसे वर्तमान संसद भवन के नजदीक बनाया जाएगा। इसके निर्माण में 2000 लोग सीधे तौर पर शामिल होंगे तथा 9000 लोगों की परोक्ष भागीदारी होगी।

    आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे कार्यालय:
    नए भवन के निर्माण के दौरान वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। नए संसद भवन में सभी सांसदों के लिए अलग कार्यालय होंगे जो आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से युक्त होंगे तथा यह ‘कागज रहित कार्यालय’ बनाने की दिशा में कदम होगा. नए संसद भवन में एक विशाल संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सांसदों के लिए एक लॉन्ज होगा। उनके लिए पुस्तकालय, विभिन्न समितियों के कक्ष, भोजन कक्ष और पार्किंग क्षेत्र होगा।

    वर्तमान भवन होगा देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित:
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी को इस कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण दिया था। नियमों के मुताबिक, लोकसभा का अध्यक्ष संसद भवन का संरक्षक भी होता है।  उन्होंने बताया कि संसद के वर्तमान भवन को देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित रखा जाएगा। नए भवन के निर्माण की आधारशिला संबंधी कार्यक्रम के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा। कुछ लोग मौके पर मौजूद होंगे तथा अन्य लोग डिजिटल माध्यम शामिल होंगे। समारोह में वेंकटेश जोशी, संसदीय कार्य मंत्री, हरदीप एस पुरी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आवास और शहरी मामले, हरिवंश नारायण सिंह, उपसभापति के अलावा 200 गणमान्य व्यक्ति, जिनमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य, सचिव राजदूत / उच्चायुक्त शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कोरोना वायरस से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन होगा।

  • उत्तराखंड में चीन की कंपनियों पर बैन!

    पहले चरण में 20 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन

    त्रिवेंद्र कैबिनेट बैठक में हुए 29 फैसले

    देहरादून। उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की कैबिनेट बैठक में 29 फैसले हुए हैं। सबसे पहले कैबिनेट ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष अध्यक्ष मौखूरी को श्रद्धांजलि दी। बैठक में कोरोना की वैक्सीन के टीके लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

    बैठक में तय किया गया कि 20 प्रतिशत लोगों को पहले चरण में वैक्सीन लगाई जाएगी। फ्रंटलाइन में काम करने वाले कर्मचारियों, 55 साल से ऊपर के बीमार लोगों को भी टीका लगाया जाएगा। उत्तराखंड पेयजल निगम की नियमावली बनाई गई है। देहरादून मेडिकल कालेज में 44 सुपर स्पेशियलिटी पदों को स्वीकृति दी गई। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
    नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर फैसला लिया गया। निजी सुरक्षा एजेंसी की मान्यता को लेकर भी निर्णय लिया गया। अब एक जिले में ही सुरक्षाएजेंसी खोलने की मान्यता मिलेगी। कैबिनेट ने विधानसभा का सत्र आहुत करने को मंजूरी दी है। सत्र 21 से 23 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
    खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में 7 पद स्वीकृत किये गए। आर्ट या फाइन आर्ट के छात्रों को बीएड से राहत देने के लिए अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी। हरावाला में 300 बेड का सरकारी अस्पताल के लिए सड़क चैड़ीकरण में छूट दी गई है। सिंचाई विभाग के द्वारा लीज पर दिए गए पट्टे वापस लिए जाएंगे।
    शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन मिलेगा। ऋषिकेश कर्णप्रयाग निर्माणाधीन रेलवे लाइन भंडार में शिथिलता को लेकर कमेटी बनाई गई। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण को भी मंजूर किया गया।
    स्वामित्व योजना के तहत जमीन विवाद मामलों को निपटारा 10 दिन में करने का फैसला लिया गया। पीजी डॉक्टरों को लेकर सरकार ने फैसला लिया है। उनको तय करना होगा कि आधी सैलरी या स्कॉलरशिप में एक चीज का ही लाभ ले सकेंगे।
    उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में बदलाव किया गया। केंद्र सरकार के बदले गए नियमों को राज्य ने अपनाया है। चीनी कम्पनी को उत्तराखंड में ठेका न मिले इसको लेकर नियम बदला गया है। पीएसी, एपी प्रमोशन सूची में महिला पुरुष की अलग – अलग बनाने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है।
    उत्तराखंड सरकार के टेंडर में भाग नहीं ले सकेंगी चीन की कम्पनी। अधिप्राप्ति नियमावली में प्रावधान किया।
    स्वयं सहायता समूह से सामान खरीदने का प्रावधान भी नियमावली में किया।
    उत्तराखंड पेजयल संसाधन एवं निर्माण नियमावली में संशोधन।
    देहरादून मेडिकल कॉलेज में 44 सुपर स्पेशलिटी पदों को मंजूरी।
    रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों को मिली स्वीकृति।
    नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर लिया गया फैसला।
    देहरादून में अमृत कौर रोड देहरादून पर स्थित नर्सिंग होम को मार्ग शिथिलता प्रदान किए जाने के संबंध में मंजूरी मिली।
    निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए राज्य आदर्श नियमावली 2020 में संशोधन किया गया।
    उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन किया गया।
    उत्तराखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के लेखा वर्ग के पदों में चार पद खत्म।
    उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान अधिनियम 2020 कानून बना।
    आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन अध्यादेश को मंजूरी मिली।
    उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अधिनियम 2014 में संशोधन, पुलिस की भर्ती भी अधीनस्थ सेवा आयोग करेगा।
    आबकारी नीति में संशोधन किया गया।
    राज्य के निवासियों के लिए ट्रस्ट सोसाइटी एक्ट बनाने को लेकर हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी को मिली मंजूरी।
    हर्रावाला में 300 बेड के अस्पताल के मार्ग के लिए शिथिलता प्रदान की।
    सिंचाई विभाग के द्वारा दिए गए पट्टों को वापस लिया जाएगा, देहरादून के राजपुर रोड में दिए गए थे पट्टे।
    राज्य के शहरी क्षेत्र में रहने वाले बीपीएल और 100 वर्ग मीटर कम जमीन वालों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा।
    ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना, भंडारण, स्टोन क्रेशर लगाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता की कमेटी बनाई गई, 03 दिन में अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के सामने प्रस्तुत करेंगे।
    स्वामित्व योजना में 10 दिनों में विवादों का निपटारा किया जाएगा।
    उत्तराखंड प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (पीएससी, एपी और आईआरबी) में पहले महिलाओं और पुरुषों की प्रमोशन की नियमावली एक थी। अब महिलाओं और पुरुषों की वरिष्ठता सूची अलग बनेगी।
    ——-

  • 25 लाख की 836 साड़ियों का आर्डर

    खादी पर जोर:
    दिल्ली पुलिस की महिला कार्यकारी
    पहनेंगी खादी सिल्क साड़ियां

    नई दिल्ली। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तेजी से खादी को स्वीकार किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस अपनी महिला फ्रंट डेस्क कार्यकारियों के लिए सुंदर खादी सिल्क की साड़ियां खरीद रही है।

    खादी और ग्रामीण आयोग उद्योग (केवीआईसी) को दिल्ली पुलिस से 25 लाख रुपये मूल्य की 836 खादी सिल्क की साड़ियां खरीदने का आदेश प्राप्त हुआ है। दोहरे रंग की साड़ियां तसर – कटिया सिल्क से बनाई जाएंगी। साड़ियों के नमूने दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए, जिसके अनुसार केवीआईसी द्वारा साड़ियां बनाई जा रही हैं और दिल्ली पुलिस द्वारा स्वीकृत है। साड़ियां नेचूरल कलर सिल्क तथा गुलाबी रंग में कटिया सिल्क की मिश्रित होंगी।

    केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि दिल्ली पुलिस से मिले नवीनतम खरीद आदेश से खादी की बढ़ती लोकप्रियता जाहिर होती है। इससे खादी दस्तकारों को मजबूती मिलेगी। श्री सक्सेना ने कहा कि काफी वर्षों से खादी का ट्रेंड हो गया है। खादी कारीगरी है, इसलिए यह सबसे आरामदायक कपड़ा है। उन्होंने कहा कि सामान्यजन ही नहीं विशेषकर युवाओं और सरकारी निकायों द्वारा खादी को अपनाया जा रहा है। यह दूरदराज के कताई और बुनाई करने वाले दस्तकारों को बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।

    पश्चिम बंगाल में कारीगर कर रहे तैयार

    दिल्ली पुलिस के लिए तसर – कटिया सिल्क की साड़ियां पश्चिम बंगाल में परम्परागत दस्तकारों द्वारा तैयार की जा रही हैं। तसर – कटिया सिल्क दो रंगों में उपलब्ध कपड़ा है जो तसर तथा कटिया सिल्क के मिश्रण से बनता है। इसकी बुनाई परम्परागत दस्तकार करते हैं और इसकी पहचान गहरी और भारी बुनावट से होती है। इसकी बुनावट तसर और कटिया की दो अलग – अलग धागों से की जाती है। यह खुरदरा होता है और देखने में सादा लगता है लेकिन सुराखदार बुनाई इस कपड़े को सभी मौसम में पहनने योग्य बना देती है।

    Air India, Railway, Health व postal विभाग को भी सप्लाई

    इससे पहले केवीआईसी ने चादरों और वर्दियों सहित खादी उत्पाद आपूर्ति के लिए भारतीय रेल, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय डाक विभाग, एयर इंडिया तथा अन्य सरकारी एजेंसियों से समझौता किया। केवीआईसी एयर इंडिया के क्रू सदस्यों तथा स्टाफ के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है। आयोग 90 हजार से अधिक डाक बंधुओं/डाक बहनों के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है।यूनिफॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

    ——

  • डिजिटल क्रांति: PM वाणी

    अब देश भर में फ्री wi-fi की सुविधा

    खुलेंगे एक करोड़ डेटा सेंटर

    नई दिल्ली। किसी भी तरह का लाइसेंस शुल्‍क वसूले बिना पब्लिक डेटा ऑफिस समूहों द्वारा सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क सेवा प्रदान करने के प्रस्‍ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा लक्षद्वीप समूह के 11 द्वीपों को 1072 करोड़ रुपये की लागत से समुद्री केबल के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) से जोड़ने तथा अरुणाचल प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों और असम के दो जिलों में 4जी सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने टेलीकॉम विभाग को देशभर में पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के जरिए सार्वजनिक रूप से वाई -फाई सेवा प्रदान करने का नेटवर्क तैयार करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसी कंपनियों से वाई-फाई और ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए किसी तरह का लाइसेंस शुल्‍क नहीं लिया जाएगा। इससे देशभर में सार्वजनिक वाई-फाई सेवाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी जो लोगों के लिए रोजगार और आमदनी बढ़ाने का जरिया बनेगा।

    संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि देशभर में डिजीटल तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वाणी) योजना शुरू करने जा रही है।

    विशेषताएं

    सार्वजनिक वाई -फाई नेटवर्क सेवा “पीएम वाणी” के नाम से जानी जाएगी। इसे सार्वजनिक टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के माध्‍यम से संचालित किया जाएगा।

    • पब्लिक डेटा आफिस (पीडीओ): यह केवल पीएम वाणी के तहत आने वाले वाई-फाई सेवा स्‍थलों को स्‍थापित करने, रखरखाव करने और संचालित करने का काम करेंगे और उपभोक्‍ताओं को ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करेंगे।

    ऐप प्रदाता: यह पंजीकृत ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप विकसित करेंगे और वाई-फाई वाले हॉट स्‍पाट इलाकों में ये पीडीओ पीएम वाणी सेवा की उपलब्‍धता का पता लगाने के बाद उसके अनुरुप ऐप में इसकी जानकारी डालेंगे ताकि ग्राहक अपने मोबाइल पर इंटरनेट सेवा का उपयोग कर सकें।

    सेंट्रल रजिस्‍ट्री: यह ऐप सेवा प्रदाता पीडीओ और पीडीओएएस की जानकारी रखेगा। सेंट्रल रजिस्‍ट्री का रखरखाव शुरुआती स्‍तर पर टेलीकॉम विभाग द्वारा किया जाएगा।
    उदे्श्‍य

    पीडीओ और ऐप प्रदाताओं को इसके लिए अपना कोई पंजीकरण नहीं कराना होगा । ये लोग सरल संचार; (https://saralsanchar.gov.in)वेबसाइट पर टेलीकॉम विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्‍हें कोई शुल्‍क नहीं देना होगा। आवेदन करने के सात दिनों के भीतर पंजीकरण हो जाएगा।

    यह व्‍यवस्‍था कारोबार के लिए बहुत ही सहज और अनुकूल होगी खासकर ऐसे समय में जबकि कोविड महामारी के कारण इस समय तेज गति वाली ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा की देशभर में बहुत सारे ग्राहकों को काफी जरुरत है। इसके जरिए सार्वजनिक वाई -फाई सेवा उपलब्‍ध कराई जा सकेगी।

    इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि छोटे और मझौले कारोबारियों के पास खर्च करने के लिए कुछ अधिक पैसा भी जमा हो सकेगा, जिससे देश की जीडीपी में बढ़ोतरी में मदद मिलेगी।

    सरकारी सेवा प्रदाताओं के जरिए सार्वजनिक रूप से ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ाया गया एक और कदम है। यह सेवा उपलब्‍ध कराने के लिए किसी तरह का लाइसेंस शुल्‍क नहीं लिये जाने से देशभर में बड़े स्‍तर पर इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं का लाभ आमलोगों को मिले सकेगा, जिससे रोजगारऔर आमदनी के अवसर पैदा होंगे, कारोबारी सुगमता में इजाफा होगा और लोगों का जीवन स्‍तर बेहतर हो सकेगा।

    लक्षद्वीप के द्वीपों में लॉजिस्टिक सेवाओं के लिहाज से एक विशाल हब बनने की क्षमता है। अरुणाचल प्रदेश और असम के कार्बी आंगलॉन्ग और दीमा हासाओ जिलों में 4 जी सेवाओं के लिए 2374 नये टॉवर लगाये जाएंगे, जिनमें 1683 टॉवर अरुणाचल प्रदेश और 691 टॉवर असम में लगाये जाएंगे। इस पर 2029 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इस काम को दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत 1 करोड़ डाटा सेंटर खुलेंगे।

    ——–

  • सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कवायद

    नई दिल्ली। सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से गाड़ियों की बनावट और उसमें मिलने वाली सुविधाओं में कुछ बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सेफ्टी को ध्यान में रखकर कई नियमों में बदलाव किये हैं। वहीं, कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। मंत्रालय ने नई गाइडलाइन बाइक की सवारी करने वाले लोगों के लिए जारी की है। इस गाइडलाइन में बताया गया है कि बाइक ड्राइवर के पीछे की सीट पर बैठने वाले लोगों को किन नियमों को फॉलो करना है।

    सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी

    मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सेफ्टी के लिए है। दरअसल बाइक में जब अचानक ब्रेक लगाया जाता है तो पीछे बैठी सवारी के लिए ये हैंड होल्ड काफी मददगार साबित होता है। अभी बाजार में जितनी भी बाइक आ रही हैं, उनमें यह सुविधा नहीं है। सरकार ने इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले कि लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा बाइक के पिछले पहिए के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वालों के कपड़े पिछले पहिए में नहीं उलझे।

    हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी दिशानिर्देश

    नई गाइडलाइन के अनुसार बाइक में हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस कंटेनर की लंबाई 550 मिमी, चौड़ाई 510 मिली और ऊंचाई 500 मिमी से अधिक नहीं होगी। अगर इस कंटेनर को पिछली सवारी के स्थान पर लगाया जा रहा है तो बाइक पर सिर्फ ड्राइवर को ही बैठने की इजाजत होगी। मतलब कोई दूसरा सवारी बाइक पर नहीं होगा। वहीं, पिछली सवारी के स्थान के पीछे लगाने की स्थिति में दूसरे व्यक्ति को बाइक पर बैठने की इजाजत होगी। अगर कोई दूसरा सवारी बाइक पर बैठता है तो ये नियम उल्लंघन माना जाएगा।

    टायर में हवा के प्रेशर को लेकर भी नई गाइडलाइन

    सरकार की ओर से टायर में हवा के प्रेशर को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अधिकतम 3.5 टन वजन तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया है। इस सिस्टम में सेंसर के जरिए ड्राइवर को ये जानकारी मिल जाती है कि गाड़ी के टायर में हवा की स्थिति क्या है। इसके साथ ही मंत्रालय ने टायर मरम्मत किट की भी अनुशंसा की है। इसके लागू होने के बाद गाड़ी में एक्स्ट्रा टायर की जरूरत नहीं होगी।

    —–

  • http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/12/up_7.html


    DGP ने प्रदेश के सभी कप्तानों को लिखा पत्र

    लखनऊ। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का 8 दिसंबर को भारत बंद है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अलर्ट मोड पर है। सोमवार को गृह विभाग ने DGP को पत्र लिखकर दुकानें जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी की भी जबरन दुकान बंद ना हो, किसी के साथ मारपीट न की जाए। DGP ने प्रदेश के सभी ADG जोन, IG रेंज, SP/SSP को पत्र लिखकर अलर्ट रहने के साथ अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए कहा है।

    किसानों से हो संवाद, चार से पांच जगह सड़क पर की जाए बैरिकेटिंग

    DGP ने एडवायजरी में कहा है कि किसान एवं किसान संगठनों से संवाद बनाकर रखें। कोई अप्रिय घटना होने से रोका जाए। नोएडा और दिल्ली बॉर्डर से पहले 6 से 10 किलोमीटर के बीच में कम से कम 5 स्थानों पर चेक पोस्ट लगाकर ऐसे ट्रैक्टर ट्राली को वाहनों और किसान तत्वों को चिन्हित किया जाए, जिससे बॉर्डर पर जाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश ना की जा सके। सभी धरना स्थल के स्थानों पर उपस्थित लोगों का विवरण रखा जाए।

    प्रतिबंधित संगठनों का ना हो प्रवेश, उन पर की जाए कार्रवाई

    गृह विभाग ने प्रतिबंधित संगठनों और असामाजिक तत्वों द्वारा धरना स्थल पर न पाया जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाए, माहौल खराब करने वाले लोगों पर सख्ती की जाए। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कर पहले ही उन को पाबंद किया जाए।

    राज्य के बॉर्डर पर बढ़ाई जाए सख्ती

    उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान से सटे उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एंट्री पॉइंट पर भी चेकिंग की जाए। पुलिस प्रबंधन के साथ-साथ उनका सुपरविजन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाए। जिससे अन्य प्रदेशों में से ऐसे संगठन तक ना आ पाएं जो उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था फैलाने का कार्य करें। कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। कहीं भी लोग इकट्ठा ना हो सकें।

    ——-


  • उत्तराखंड के DGP ने की समीक्षा, दिये निर्देश

    वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों से हुए रूबरू

    देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार ने दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, पौड़ी गढ़वाल के साथ पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान एवं 08 दिसम्बर को किसानों द्वारा प्रस्तावित भारत बन्द के सम्बन्ध में शान्ति एवं कानून व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की।

    वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार द्वारा निम्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये-

    1. प्रस्तावित भारत बन्द के दृष्टिगत सभी जनपद प्रभारी लोगों से सम्पर्क व मीटिंग कर उनसे बन्द को शान्तिपूर्वक करने का आह्वान करें। यह भी सुनिश्चित कर लें कि जबरदस्ती बन्द नहीं कराया जाए और हिंसा किसी भी रूप में बर्दाशत नहीं की जाएगी।

    2. जनपद प्रभारी जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जोन एवं सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ सम्बन्धित मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति सुनिश्चित कर लें।
    3. स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सर्तक रखते हुये सूचना संकलित करने के निर्देश दिये गये।

    4. अफवाहों को किसी भी दशा में फैलने न दिया जाये, सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी रखी जाये। यदि कोई भ्रामक सूचना फैलायी जाती है, तो तुरन्त उसका प्रतिरोध किया जाये तथा भ्रामक सूचना फैलाने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।

    5. अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान एक ऑपरेशनल अभियान है। इसे मेहनत करके सभी ने सफल बनाना है। ईनामी एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जाए।
    6. बड़े अपराधी जिन पर रूपए 5000/- से अधिक का ईनाम है, इनकी गिरफ्तारी में एसओजी एवं राज्य स्तर पर एसटीएफ की जिम्मेदारी भी होगी। यदि कोई कार्य में निष्क्रियता या लापरवाही करता है, तो उस पर कार्यवाही की जाए।

    7. हिस्ट्रीशीटरों पर फोकस बढ़ाएं और उनका सत्यापन व निगरानी सुनिश्चित करें।

    8. पांच साला सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही जनपद स्तर पर टॉप 10 एवं टॉप 05 अपराधियों का भी चिन्हीकरण करते हुए उनपर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक पी/एम वी. मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड ए.पी. अंशुमान, पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक यातायात केवल खुराना, पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षकअपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड नीलेश आनन्द भरणे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    ——-

  • भारत में कोविड के सक्रिय मामलों की संख्या 138 दिनों के बाद 4.03 लाख पर पहुंची


    ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 91 लाख के पार

    पिछले हफ्ते भारत में प्रति मिलियन जनसंख्या पर आने वाले नए मामलों की संख्या दुनिया में सबसे कम में से एक है

    नई दिल्ली (PIB)। भारत के कुल सक्रिय कोविड मामलों का आंकड़ा आज 4.03 लाख (4,03,248) से नीचे चला गया है। यह 138 दिनों के बाद सबसे कम दर्ज किया गया है। 21 जुलाई 2020 को कुल सक्रिय मरीज़ों की संख्या 4,02,529 थी।

    पिछले नौ दिनों के रुझान के साथ, भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान दैनिक नए मामलों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। दैनिक मामलों की तुलना में अधिक दैनिक रिकवरी की प्रवृत्ति ने भारत के सक्रिय कैसेलोड के निरंतर संकुचन को जन्म दिया है, जो वर्तमान में कुल सकारात्मक मामलों का केवल 4.18% है।

    बीते चौबीस घंटे के दौरान भारत में 36,011 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए, इसी अवधि के दौरान 41,970 नई मरीज ठीक हुए हैं। नए रिकवर होने वाले मामलों में 6,441 की गिरावट आई है।

    भारत में पिछले सात दिनों में प्रति मिलियन जनसंख्या पर नए मामलों की संख्या 186 हैं। यह दुनिया में सबसे कम में से एक है।

    नए ठीक होने वाले मामलों और नए मामलों के बीच भी अंतर सुधर रहा है और रिकवरी रेट सुधरकर 94.37% हो गया है।

    कुल ठीक होने वाले मामले 91 लाख (91,00,792) की संख्या को पार कर चुके हैं। रिकवर होने वाले मामलों और सक्रिय मामलों के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है जो अब 87 लाख (86,97,544) के करीब है।

    ठीक होने वाले नए मामलों में से 76.6% मामले 10 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

    महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक 5,834 नए मरीज रिकवर हुए हैं। इसके बाद केरल में एक दिन में सर्वाधिक 5,820 मरीज रिकवर हुए हैं जबकि दिल्ली में यह संख्या 4,916 रही है।

    नए मामलों में 75.70 फीसदी योगदान 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

    केरल में सबसे अधिक दैनिक नए मामले 5,848 दर्ज किए गए है। इसके बाद महाराष्ट्र से एक दिन में 4,922 नए मामले और दिल्ली से 3,419 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के दौरान 482 रोगियों की मौत हुई है।

    दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों का नई मौतों में 79.05 फीसदी का योगदान है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौतें (95) हुई हैं और उसके बाद दिल्ली और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 77 और 49 मौतें हुई हैं।

    सप्ताह के दौरान प्रति मिलियन आबादी में प्रत्येक दिन होने वाली मौतों की तुलना वैश्विक स्तर पर की जाए तो भारत में यह सबसे कम यानि प्रति मिलियन आबादी पर केवल 3 मौतें हैं।

  • MLC Election 2020 Results: शिक्षक लखनऊ खंड निर्वाचन से भाजपा के उमेश द्विवेदी विजयी

    लखनऊ। लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए देर रात तक चल रही मतगणना में भाजपा प्रत्याशी उमेश कुमार द्विवेदी ने जीत दर्ज कर ली है।
    कुल पड़े 17985 मतों में से 17077 वैध मतों की गिनती में उमेश द्विवेदी को 7065 वोट मिले। उन्‍होंने डॉ महेंद्रनाथ राय से 3247 मतों से जीत दर्ज की है। निर्दलीय प्रत्याशी डा.महेंद्र नाथ राय को 3818 मत मिले। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी उमाशंकर को 2238 प्रथम वरीयता मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी डा.आरपी मिश्र को 1975, शाह आलम खान को 1269 और सोहन लाल वर्मा को 986 मत मिले थे। इस तरह भाजपा प्रत्याशी को जीत दर्ज करने में सफल रहे।

    ——-

  • HDFC Bank पर RBI ने लगाई पाबंदियां, नए क्रेटिड कार्ड बनाने की भी मनाही


    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राइवेट क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी (HDFC) की डिजिटल सेवाओं पर रोक लगा दी है। RBI ने 2 दिसंबर को एक आदेश जारी करते हुए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट यूटिलिटी सर्विस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने HDFC कस्टमर से नए क्रेटिड कार्ड न बनाने के लिए कहा है। पिछले 2 साल में एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को डिजिटल सर्विस में कई बार दिक्कत आई है, जिसकी वजह से केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा RBI ने एचडीएफसी के प्राइमरी डेटा सेंटर में बिजली बाधित होने की वजह से 21 नवंबर को हुए आउटेज पर भी गौर किया है।

    RBI ने एचडीएफसी बैंक से मांगा जवाब

    भारत के बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक से जवाब मांगा है। हाल ही में एचडीएफसी बैंक के डिजिटल बैंकिंग सर्विस में आई दिक्कत की वजह से यूपीआई पेमेंट, एटीएम पेमेंट और कार्ड चैनल पेमेंट भी कई घंटे तक बंद रहे। एचडीएफसी बैंक ने जवाब तलब में कहा था कि पिछले दो साल के दौरान इसने इसके सिस्टम और प्रोसेस में पर्याप्त सुधार किया है, लेकिन आरबीआई ने कहा कि उन दावों के बावजूद दिक्कतें आ रही हैं, यह बेहद गंभीर है।

    दो साल में तीन बार हुई डेटा सेंटर में गड़बड़

    बता दें कि 21 नवंबर को एचडीएफसी बैंक के डेटा सेंटर में गड़बड़ी की वजह से इसके यूपीआई पेमेंट, एटीएम सर्विेसेज और कार्ड से होने वाली पेमेंट रुक गए थे। आरबीआई ने इसे गंभीरता से लिया और उसने बैंक से इसकी वजह पूछी थी। एचडीएफसी बैंक के डिजिटल सर्विसेज में पिछले दो साल में तीन बार इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है। आरबीआई ने कहा है कि इसके डेटा सेंटर में अगर गड़बड़ी आई है तो इसकी वजह बताई जाए।

    ——–

  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का कारपोरेशन बैंक के साथ आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूर्ण

    कारपोरेशन बैंक के ग्राहकों को होगी अब और आसानी

    नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में मिले कारपोरेशन बैंक (Corporation Bank) के ग्राहकों को अब और आसानी हो जाएगी। दरअसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के साथ बैंक का आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूरा कर लिया है। इससे कॉरपोशन बैंक की सभी ब्रांच उसके आईटी दायरे में आ गई हैं।

    आईटी इंटीग्रेशन के साथ ही पूरी तरह हुआ इंटीग्रेशन

    बैंक ने बुधवार 02 दिसंबर 2020 को बयान में कहा कि आईटी एकीकरण पूरा होने के बाद पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक (सेवाओं और विशेष शाखाओं सहित) का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में पूरी तरह एकीकरण हो गया है। अब कॉरपोरेशन बैंक के सभी ग्राहक रिकॉर्ड समय में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कोर बैंकिंग साल्यूशन (सीबीएस) में स्थानांतरित हो गए हैं।

    इसके साथ ही बैंक ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, आईएमपीएस, एफआई गेटवे, ट्रेजरी और स्विफ्ट सेवाएं सफलतापूर्वक पेश कर दी हैं। इससे कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहक यूनियन बैंक की शाखाओं और आपूर्ति चैनलों के जरिए सुगमतापूर्वक लेनदेन कर सकेंगे।

    पहले ही हो चुका एटीएम स्विचिंग का काम

    इससे पहले बैंक ने एटीएम स्विच और एटीएम टर्मिनलों को सुगमता से यूनियन बैंक के नेटवर्क में स्थानांतरित किया गया था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि यह समूचा स्थानांतरण रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

    ——