एक्सप्रेस-वे हादसा
पत्रकार मुरली की दुर्घटना में मौत नहीं, हत्या हुई: आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी
लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि बेहद दर्दनाक और पीड़ा देने वाले एक हादसे में छोटे भाई और साथी पत्रकार मुरली मनोहर सरोज की, उनकी पत्नी, चचेरी बहन, सास व कार चालक की मृत्यु हो गयी। पत्नी का इलाज करवाने के लिए मुरली, सड़क मार्ग से दिल्ली जा रहे थे कि गलत दिशा से आ रहे एक कंटेनर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। गाड़ी ने तत्काल आग पकड़ ली और सभी लोग उसमें ज़िन्दा जलकर राख हो गए। मैं अपनी व्यक्तिगत पीड़ा बयान नहीं कर सकता कि किस कदर दुःख है मुझे अपने भाई और उसके परिवारीजनों का, इस तरह सड़क पर दर्दनाक तरह से जलकर मरने का! यदि मुरली का अधजला मतदाता पहचान पत्र न मिलता तो शायद हमें पता भी न चलता कि मौत किनकी हुई!
अक्षम्य लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त-
आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि इसके लिए दोषी पुलिस कर्मियों, एक्सप्रेस-वे के कर्मचारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएग। आखिर कैसे एक्सप्रेस-वे पर एक डीज़ल से भरा कन्टेनर गलत दिशा से आया ? उसे किसी ने रोका क्यों नहीं ?
मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे मामला-
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में ये प्रकरण लाया जाएगा और मुआवजे की मांग भी समस्त मृत परिवार के आश्रितों और पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के बच्चों के लिए तो की ही जाएगी। मगर इसे यहीं तक नहीं छोड़ दिया जाएगा और हम दोषियो को छोड़ेंगे किसी सूरत में नहीं। ये सड़को पर प्रशासनिक, शासनिक व हाईवे निर्माण और देखरेख में लगी संस्थाओ द्वारा की गई हत्या है न कोई हादसा।
उन्होंने कहा कि ‘मैं अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अपने मित्र उसके परिवार और सभी मृत लोगों को अर्पित करता हूँ। बहुत कष्ट दे गया ये हादसा’।
गौरतलब है कि हादसा आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। आगरा से नोएडा की ओर जा रही कार से सभी लोग यूपी से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। गलत दिशा से आ रहे नागालैंड नंबर के कंटेनर की वजह से यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद कंटेनर में भी आग लग गई।
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