
पंचायतों के आरक्षण की सूची 15 मार्च तक प्रकाशित होनी है। आपकी ग्राम पंचायत की सीट सामान्य होगी या रिजर्व, जानिये पता करने का बेहद आसान तरीका
निर्वाचन आयोग के नियम के अनुसार सबसे पहले एसटी, एससी, ओबीसी की सीटें आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद बची सीटें एक तिहाई सामान्य महिला और जनरल कैटगरी को जाएंगी। सूची जारी होने के पहले यदि यह जानना हो कि आपकी सीट किस श्रेणी में आरक्षित हो सकती है, तो उसका एक बेहद आसान तरीका है।
लखनऊ। पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण की सूची का चुनाव लड़ने वाले और लड़ाने वाले, सभी को इंतजार है। ऐसे में यदि पहले ही जानने का कोई कारगर तरीका मिल जाए तो काफी हद तक तस्वीर साफ हो सकती है। कोई बहुत गुणा भाग नहीं करना है, बस आरक्षण के शासनादेश को थोड़ा सा समझना होगा-

आरक्षण के शासनादेश के अनुसार सबसे पहले एसटी, फिर एससी, इसके बाद ओबीसी के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। इनका आरक्षण पूरा करने के बाद जो सीटें बच जाएंगी उनमें से एक तिहाई सामान्य महिला के लिए आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद जो सीटें बचेंगी वो जनरल कैटेगरी में आ जाएंगी। पंचायत में 49 फीसदी सीटें रिजर्व हैं। 1 फीसदी एसटी, 21 फीसदी एससी, 27 फीसदी ओबीसी के लिए आरक्षित हैं, जबकि बची 51 फीसदी सीटें सामान्य की हैं। सभी कैटेगरी की एक तिहाई सीटें महिलाओं को दी जानी हैं।
आरक्षण की प्रक्रिया और सीटों का बंटवारा समझने का आसान तरीका-
आरक्षण की व्यवस्था अनुसार जो पंचायत वर्ष 1995, 2000, 2005, 2010 और 2015 में रिजर्व कैटेगरी में रही होगी तो उसके इस बार जनरल होनी की पूरी संभावना है। वहीं जो कोई सीट जनरल में रही होगी तो अबकी बार वो रिजर्व हो जाएगी। रिजर्व का मतलब ये है कि चाहे वो एससी में या फिर ओबीसी में रिजर्व रही हो। उदाहरण के तौर पर यदि पिछले चुनाव में कोई सीट एसटी के लिए रिजर्व रही होगी तो उसे इस बार इससे बाहर रखा जाएगा। इसी प्रकार जो कोई सीट यदि एससी और ओबीसी के लिए रिजर्व रही होगी तो इस साल वह इस कैटेगरी से बाहर आ जाएगी।

Leave a comment