नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं..?

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साठ साल में किसी कामगार को नियमित काम करने लायक मानने से इनकार, लेकिन राजनीति में बड़े-बुजुर्ग नेता अपने पद से रिटायर ही नहीं होना चाहते..!!

नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं..?

जिसे एक बार सत्ता का चस्का लग जाता है वह जीते जी उस पद को छोड़ना नहीं चाहता..!!

पुरानी पीढ़ी की नई पीढ़ी की लड़ाई है! जिसे एक बार सत्ता का चस्का लग जाता है वह जीते जी उस पद को छोड़ना नहीं चाहता और नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त नहीं करना चाहता! छोटे से संगठन से लेकर बड़ी-बड़ी संस्थाओं और राजनीतिक पार्टियों का यही हाल है। बड़े-बुजुर्ग लोग अपने पद से रिटायर ही नहीं होना चाहते! व नई पीढ़ी को अपरिपक्व समझते हैं! जब तक नई पीढ़ी आगे नहीं आएगी दायित्व नहीं संभालेगी, जिम्मेदारी नहीं संभालेगी तब तक उन्हें अनुभव कैसे प्राप्त होगा! आज नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं है! वह रिटायर होना ही नहीं चाहते और युवा पीढ़ी को आगे आने नहीं देना चाहते तो कैसा चलेगा? आज जरूरत है नेताओं और मंत्रियों के लिए एक उम्र सीमा निर्धारित की जानी चाहिए! अगर कोई ज्यादा बुद्धिमान और जरूरी है तो उन्हें पार्टी में मार्गदर्शक मंडल में लिया जा सकता है! जीवन के चौथेपन में प्रवेश कर चुके नेताओं को भी राजनीति का मोह त्यागने की आदत डाल लेनी चाहिए! हालत यह है कि जीवन के अंतिम दौर में पहुंचे नेता भी देश के संचालन का निर्देशन करते रहते हैं और दूसरी ओर अट्ठावन या साठ साल में किसी कामगार को नियमित काम करने लायक मानने से इनकार कर दिया जाता है।

UP कांग्रेस के अध्यक्ष बने बृजलाल खाबरी

बृजलाल खाबरी बने UP कांग्रेस के अध्यक्ष, नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अजय राय को भी मिली जिम्मेदारी

कांग्रेस नेता बृज लाल खाबरी. (फोटो- Twitter)

यूपी कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ 6 प्रांतीय अध्यक्ष भी घोषित किए हैं. इनमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, नकुल दुबे, वीरेंद्र चौधरी, योगेश दीक्षित, अनिल यादव (इटावा) का नाम शामिल है. कांग्रेस की नई टीम के संबंध में महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पत्र जारी किया है.

लखनऊ। कांग्रेस ने बुंदेलखंड के वरिष्ठ नेता बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. दलित समाज के खाबरी जालौन-गरौठा से सांसद भी रहे हैं. इसके अलावा, राज्यसभा सदस्य की जिम्मेदारी भी निभाई है. खाबरी को संगठन का पुराना अनुभव है. वे इससे पहले बसपा में पदाधिकारी भी रहे हैं. फिलहाल खाबरी कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव के पद पर हैं.

यूपी कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ 6 प्रांतीय अध्यक्ष भी घोषित किए हैं. इनमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, नकुल दुबे, वीरेंद्र चौधरी, योगेश दीक्षित, अनिल यादव (इटावा) का नाम शामिल है. कांग्रेस की नई टीम के संबंध में महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पत्र जारी किया है.

खाबरी ने 2017 और 2022 में यूपी विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. हालांकि, दोनों चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. वे दोनों बार ललितपुर जिले की महरौनी (सुरक्षित) से मैदान में उतरे. खाबरी को बीजेपी के मनोहर लाल पंथ (मन्नू कोरी) ने हराया था. मन्नू को यूपी सरकार में दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. खाबरी उरई (जालौन)  के रहने वाले हैं.

वहीं नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी बसपा के दिग्गज नेता रहे हैं. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे. सिद्दीकी अभी यूपी कांग्रेस में संचार विभाग में दायित्व संभाल रहे थे. वहीं, वाराणसी से कांग्रेस अजय राय को भी प्रदेश टीम में शामिल किया गया है. अजय राय 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं और दोनों बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

भूपेंद्र चौधरी ने दिया दीपक गर्ग मोनू को आशीर्वाद

भूपेंद्र चौधरी ने दिया दीपक गर्ग मोनू को आशीर्वाद बिजनौर आगमन पर भाजपा कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने जिला मीडिया प्रभारी एवं सभासद नगर पालिका परिषद बिजनौर दीपक गर्ग मोनू को आशीर्वाद प्रदान किया।

एक चपरासी का ट्रांसफर नहीं कर सकते डिप्टी सीएम: सुनील साजन

लखनऊ। प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान के बाद यूपी की राजनीतिक सियासत गर्म हो गई है. डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि सपा 25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी. उनके बयान पर पूर्व एमएलसी और सपा नेता सुनील सिंह साजन ने पलटवार किया है. सुनील सिंह ने कहा कि जनता ने केशव मौर्य को किस तरह हराया, वो डर अभी उनके अंदर बैठा है. वह अवसाद और डिप्रेशन में हैं. वह अपने विभाग की भी फाइल नहीं देख पा रहे हैं. सपा नेता ने कहा मौर्या एक चपरासी का ट्रांसफर करने की भी स्थिति में नहीं हैं.

ओपी राजजभर पर साधा निशाना
सुनील सिंह ने कहा कि पिछड़ों पर लगातार अत्याचार हो रहा है और केशव मौर्या जो पिछड़ों का चेहरा बनकर इस सरकार में उप मुख्यमंत्री बने हैं. वह बाकी सब बातें तो बोलते हैं लेकिन सरकार के खिलाफ तब नहीं बोलते जब पिछड़ों का आरक्षण उनसे छीना जा रहा है. उन पर मुकदमे लादे जा रहे. केशव मौर्य को समझ जाना चाहिए कि उनका भविष्य बीजेपी में नहीं है. ओपी राजभर की सावधान यात्रा पर सुनील साजन ने कहा की सावधान यात्रा निकाली है, तो किस से सावधान रहना है? वह कहते हैं हम पिछड़ों की बात करते हैं, तो पिछड़ों का सबसे ज्यादा दुश्मन बीजेपी है. दलितों का उत्पीड़न सबसे ज्यादा बीजेपी सरकार में हो रहा. वो स्पष्ट करें कि सावधान किस से रहना है क्योंकि खुद तो बीजेपी से जा मिले, जो पिछड़ों और दलितों का दुश्मन है. लोग भी समझ गए कि अब ओपी राजभर से ही सावधान रहने की जरूरत है.

आजम खान ने बनाई साजिश करने वालों से दूरी
आजम खान के गनर लौटाने पर सुनील साजन ने कहा कि आजम साहब का लगातार उत्पीड़न हो रहा है, अन्याय हो रहा है और यह पुलिस कर रही है. जब सरकार, पुलिस प्रशासन मिलकर उनका नुकसान करना चाहते हैं, फर्जी मुकदमे लिख रहे हैं, जेल भेजना चाहते हैं तो पुलिस पर कैसा भरोसा? जब वहीं पुलिस साजिश कर रही है तो उन्होंने साजिश करने वालों से अपनी दूरी बना ली है.

नीतीश ने दिया है बीजेपी को हटाने का फार्मूला
बिहार के सीएम नीतीश कुमार और अपना दल कमेरावादी की कृष्णा पटेल की मुलाकात पर सुनील साजन ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार से एक फार्मूला दिया है, बीजेपी को हटाने का. वह लगातार बीजेपी और उसकी नीतियों के खिलाफ जो लोग हैं और संविधान को मानने वाले समाजवादी विचारधारा के उन सब से मुलाकात कर रहे हैं. नीतीश कुमार से भी सपा के रिश्ते अच्छे हैं और कृष्णा पटेल हमारे गठबंधन में हैं, यह राजनीतिक मुलाकात है. वह सारे लोग एक प्लेटफार्म पर आ रहे हैं, जिन्हें मिलकर 2024 में दिल्ली से बीजेपी का सफाया करना है.

एमएलसी, नगर पालिका चुनाव में प्रत्याशी खड़े करेगी भाजपा: भूपेंद्र चौधरी

2024 के चुनाव सहित नगर निकाय और एमएलसी चुनाव में अपने प्रत्याशी खड़े करेगी बीजेपी। प्रदेश अध्यक्ष ने थपथपाई जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप की पीठ।
जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप का बढ़ा कद।

बिजनौर। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बिजनौर जिले के एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत कार्यालय भवन का शुभारंभ करते हुए फीता काटा। साथ ही पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचकर 2024 के चुनाव सहित नगर निकाय और एमएलसी चुनाव को लेकर बड़ी बात कही। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एमएलसी, नगर पालिका के चुनाव को लेकर बीजेपी अबकी बार अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। साथ ही साथ अबकी बार नगर निकाय के चुनाव में बीजेपी सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बिजनौर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर पहुंचे और वहां पर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान भूपेंद्र चौधरी ने 2024 के चुनाव को लेकर कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। साथ ही साथ अबकी बार 2024 में भी बीजेपी उत्तर प्रदेश के सभी 80 सीटों पर जीत हासिल करने का काम करेगी। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 सीटों पर उत्तर प्रदेश में अपना कब्जा किया था। साथ ही साथ बीजेपी सबका साथ सबका विकास के साथ काम कर रही है। हाल फिलहाल में ही नगर पालिका निकाय चुनाव सहित एमएलसी के चुनाव होने हैं, जिसमें कि बीजेपी हर वार्ड में प्रत्याशी उतारकर नगर निकाय को जीतने का काम करेगी। वहीं सरकार द्वारा चल रही सभी जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जनता के बीच जाकर योजनाओं की जानकारी देने का काम करेगी। बीजेपी के सभी कद्दावर नेता जनता के बीच जाकर प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता से वोट मांगने की अपील करेंगे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां पर बने नए भवन का लोकार्पण किया। अध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप की पीठ थपथपाई और हर प्रकार से सहयोग का भरोसा दिलाया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बिजनौर में अभूतपूर्व स्वागत

बिजनौर। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रथम बार जनपद बिजनौर पहुंचे भूपेंद्र चौधरी का भाजपाइयों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उन्होंने सबसे पहले चक्कर रोड निकट मां कालिका मंदिर स्थित “सुपरस्पेशलिटी एवं कैंसर सेंटर हीलर्स हॉस्पिटल” का फीता काट कर उद्घाटन किया।

इसके उपरांत उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में पत्रकारों के साथ वार्ता की। उनके साथ पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, धामपुर विधायक अशोक राणा, नहटौर विधायक ओम कुमार, पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद राठी, एएमसी श्याम बहादुर सिंह, इंजीनियर कपिल देव, जेई नवीन आदि मौजूद रहे। इसके उपरांत उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के साथ जिला पंचायत कार्यालय के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण और उद्घाटन भी किया।

इससे पहले नूरपुर में पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह के निवास पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया गया। हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके आते ही आतिशबाजी की। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व राज्य मंत्री महावीर सिंह के पुत्र पुष्पेंद्र शेखावत ने नूरपुर विधानसभा के विकास कार्यों पर प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें जल्द से जल्द समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।

इस दौरान भाजपा नेता अंकित जोशी, धामपुर विधायक अशोक राणा, प्रियंकर राणा, मंडल महामंत्री प्रणव मनु गुप्ता, मंडल प्रभारी हरिओम शर्मा, महेंद्र धनोरिया, डॉ दिग्विजय सिंह, डॉक्टर देवरा,  डॉक्टर एमपी सिंह, जिला मंत्री नरेश भाटी, मंडल अध्यक्ष सुनील सैनी, पूर्व नगर अध्यक्ष अशोक चौधरी, राजीव त्यागी, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र जोशी, राजन कंडवाल, मुकेश गुप्ता, मुकुल गुप्ता, कपिल चौधरी, जागेश शर्मा, सभासद संजीव जोशी, सरदार जीवन सिंह, प्रेमपाल सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार गुरनाम सिंह, सरदार राजू प्रिंस, ब्लाक प्रमुख आकांक्षा चौहान, सीपी सिंह, जुगनू चौधरी, सुनील चौधरी, संदीप जोशी, कमलेश प्रजापति, डॉ शीला राणा, हिमांशु चौधरी आदि हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

BJP प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने किया यूपी की 80 सीट जीतने का दावा

ब्रेकिंग न्यूज़, दिव्य विश्वास

बिजनौरभाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पहुंचे बिजनौर।
PWD गेस्ट हाऊस में प्रदेश अध्यक्ष ने की प्रेस वार्ता।
2024 लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीट जीतने का किया दावा।


MLC व नगर निकाय चुनाव में हर वार्ड में भाजपा उतारेगी कैंडीडेट-भूपेंद्र चौधरी।
जन~जन तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को दी जाएगी जानकारी-भूपेंद्र चौधरी।

ओडीओपी उत्पाद, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी व बिक्री 25 सितंबर तक

भारतीय जनता पार्टी का वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर मनाया जा रहा है “सेवा पखवाड़ा” जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से की गई है ओडीओपी उत्पादों, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था।

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर “सेवा पखवाड़ा” की श्रृंखला में वोकल फॉर लोकल का आयोजन एक विवाह मंडप में किया गया। इस अवसर पर जनपद बिजनौर के ओडीओपी उत्पादों, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र बिजनौर द्वारा की गई। प्रदर्शनी का आयोजन 23 से 25 सितंबर तक किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी से क्षेत्रीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव सिसोदिया, रश्मि रावल, जिला महामंत्री विनय राणा, जिला उपाध्यक्ष पूनम गोयल, जिला मंत्री नरेश भाटी, बलराज त्यागी, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, जिला मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, ब्लाक प्रमुख कपिल चौधरी, उज्जवल चौहान, तिरुपति ऑटोमोबाइल्स स्वामी दीपक गर्ग, अनीता चौहान, माया पाल, गौतम शर्मा, राहुल तिवारी आदि उपस्थित रहे।

शिविर के अलावा क्षेत्र में गौवंशों के लिए दवा वितरित

शिविर के अलावा गांव गांव गौवंशों के लिए दवा वितरण बिजनौर। भाजपा नेता प्रिंस चौधरी के गोल बाग, बिजनौर स्थित कैम्प कार्यालय पर शिविर लगाकर कर लम्पी रोग से ग्रसित गौमाताओं के उपचार हेतु क्षेत्रवासियों को नि:शुल्क दवाई वितरित करने का कार्य शुरू हो गया है।

प्रिंस चौधरी ने बताया कि गौ माताओं के उपचार हेतु शिविर कार्यालय क्षेत्र में उपचार कैम्प भी तैयार किया गया है। कैम्प कार्यालय पर शिविर संचालन के साथ ही टीमें बनाकर क्षेत्र के गाँव-गाँव पहुंच कर किसान भाइयों को निःशुल्क रूप से दवाई वितरण किया जा रहा है। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि कैंप कार्यालय आकर गौ माताओं को इस भयानक रोग से बचाने हेतु निःशुल्क रूप से दवा अवश्य ले जायें। इसके अलावा यदि आपके आसपास कोई गौ माता इस इस रोग से पीड़ित हैं तो उन्हें सूचित करने का कष्ट करें। भाजपा नेता की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

डाक्टर के तबादले को लेकर छिड़ा घमासान!

एबीवीपी को दबाने की कोशिश में भाजपा पदाधिकारी। घेराव के बाद सीएमओ ने किया था अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला। डाक्टर का तबादला निरस्त कराने के लिए पैरवी में उतरे भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर के नेता।

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के धरना, प्रदर्शन के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में हटाए गए डाक्टर की पैरवी में मुख्य संगठन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उतर आए हैं? इसे लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया था। यही नहीं विश्वनीय सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि इस मामले को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लगा रहे थे। तमाम धरना, प्रदर्शन तथा घेराव के बाद सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। इससे पहले डाक्टर संदीप अपने राजनैतिक आकाओं की शरण में पहुंचे। तब भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की।

क्या लिखा था डाक्टर की पैरवी में? भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने 14 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की। उन्होंने लिखा कि संदीप ईमानदार अच्छे कर्तव्यनिष्ठ डाक्टर हैं, जो मरीजों को व उनके साथ आने वालों को संतुष्ट रखते हैं। अपना कार्य पूर्ण मिष्ठा और ईमानदारी से करते आ रहे हैं। वर्तमान में भी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र नजीबाबाद पर पूर्ण निष्ठा से सेवा दे रहे थे। इनको प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर ही बने रहने दिया जाए, जिससे कि जनसामान्य को और अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डा. संदीप के अब उज्वल भविष्य की कामना भी की।

फाइल चित्र

गौरतलब है कि 23 अगस्त 2022 को एबीवीपी नजीबाबाद के नगर मंत्री विनायक गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दोषी डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। साथ ही अवैध रूप से वसूली गई रकम छात्र छात्राओं को वापस करने की मांग भी की। इस मामले में कुछ भी न होने पर पीएचसी पर धरना प्रदर्शन भी किया। आखिरकार फिर भी सुनवाई न होने पर 19 सितंबर को बिजनौर पहुंच कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह संयोजक फार्मा विजन अभिषेक त्यागी के नेतृत्व में सुधांशु चौहान जिला संयोजक बिजनौर, रॉयल अहलावत, अनमोल चौहान, बंटी चौहान, शानू त्यागी, उज्जवल चौहान, हर्षित त्यागी, आकाश राठी, मुकुल राजपूत आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव किया। इसके बाद सीएमओ ने उसी दिन आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। अब इस मामले को लेकर तगड़ी राजनीति शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि तबादला निरस्त कराने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

तारीख पर तारीख को लेकर भिड़े दो पक्ष

एसडीएम कोर्ट में भिड़ते दो पक्ष

बिजनौर। पंचायत चुनाव में कथित तौर पर फर्जी वोट डलवा कर जीतने वाले पक्ष के खिलाफ एसडीएम बिजनौर कोर्ट में पिटिशन डालने वाले पक्ष और विपक्ष के पैरोकारों में तारीखों को लेकर भिड़ंत हो गई। जमकर बवाल हुआ, हाथापाई तक की नौबत आ गई। मामला सुर्खियों में बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव में पराजित प्रत्याशी की ओर से विजयी प्रत्याशी के खिलाफ फर्जी वोट डलवाने की शिकायत एसडीएम बिजनौर कोर्ट में डाली गई थी। मंगलवार को दोनों पक्ष के पैरोकार एसडीएम बिजनौर कोर्ट पहुंचे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पराजित पक्ष चाहता था कि तारीख जल्दी की मिले, जबकि दूसरा पक्ष देरी की चाहता था। बस इसी को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए। कोर्ट के अंदर ही तीखी बहस और नोंकझोंक हो गई।

आखिर क्या है मामला? ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम कंभौर में आकेंद्र पाल सिंह की पत्नी शोभना और पूर्व प्रधान ओमवीर सिंह की पत्नी रेनू भाग्य आजमाने को उतरी थीं। चुनाव परिणाम आया तो रेनू ने शोभना को 18 वोट से पराजित कर दिया। आकेंद्र पाल सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी शोभना को फर्जी वोट डलवा कर हराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीतने वाले पक्ष ओमवीर सिंह ने लगभग आधा सैकड़ा फर्जी वोटर बनवा कर चुनाव में धांधली की। फर्जी वोटर ग्राम खासपुरा, गंगौड़ा, बिजनौर शहर के मोहल्ला जाटान, कांशीराम कालोनी आदि में रहते हैं और उनके वहां भी वोट हैं। अर्थात उक्त लोग दो जगहों पर वोटर हैं। जुलाई में पराजित पक्ष शोभना की तरफ से एसडीएम बिजनौर कोर्ट में पिटिशन डाली गई। तब से लगातार कई तारीखें लग चुकी हैं।

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी!

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचे हमलावर। बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई थी वारदात। पेट्रोल पंप के सामने की थी युवक की जान लेने की कोशिश। हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। 

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

चैयरमैन शहजाद ने नुक्कड़ सभा कर किया चुनाव का आगाज

झालू चैयरमैन शहजाद ने नुक्कड़ सभा कर किया चुनाव का आगाज।

सभा में उमडी भारी भीड़ देख विरोधियों में बौखलाहट

बुजुर्गों एवं महिलाओं ने दिया आशीर्वाद।

जनता की सेवा करने आया हूँ, उनके हक के लिए लड़ता रहूंगा: शहजाद।

बिजनौर। नगर निकाय चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं प्रत्याशियों ने भी अपने दमखम दिखाने शुरू कर दिये हैं। आदर्श नगर पंचायत झालू के चैयरमैन शहजाद अहमद ने एक चुनावी नुक्कड़ सभा कर विरोधियों की नींद उड़ा दी है। सभा में भारी भीड उमड़ी देख लोगों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि चैयरमैन शहजाद का प्यार जनता के सिर चढकर बोल रहा है।
मोहल्ला पीरजादगान झोजियान में सतार भट्टे वालों की बैठक पर नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। इस दौरान चैयरमैन शहजाद अहमद ने अपने विचार लोगों के बीच में रखे, सभा में लोगों का काफी समर्थन प्राप्त हुआ। नुक्कड़ सभा में भारी भीड़ उमड़ी देख विरोधियों में बोखलाहट शुरू हो गई है। चैयरमैन शहजाद अहमद ने कहा कि मैं जनता की सेवा करने आया हूँ और मैं जनता के हक के लिए लड़ता रहूंगा, चाहे मुझे इसके लिए कितनी बड़ी कुरबानी क्यों ना देनी पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद, जो मुझे मिल रहा है वह बना रहे और हर वक्त मैं आपके काम आ सकूं जहाँ भी आपको मेरी जरूरत महसूस होगी, आपके साथ कांधे से काधां मिलाकर खडा मिलूंगा।

सभा से पूर्व जनसंपर्क भी किया। इस दौरान बुजुर्गों एवं महिलाओं ने चैयरमैन शहजाद को दुआओं से नवाजते हुए तनमन धन से चुनाव लड़ाने का वादा किया। नुक्कड़ सभा की अध्यक्षता सूफी इरफान मलिक राइन की तथा संचालन फरीद एडवोकेट ने किया। सभा में तस्लीम कुरैशी, दादा जक्कड़ कुरैशी, सूफी इरफान राइन, इसरार एडवोकेट, असगर सी डी, जाहिद अंसारी, अशरफ अंसारी, दादा निसार अंसारी, भोला अंसारी, इम्तियाज अंसारी, शाहनवाज अंसारी, नूर अंसारी, दिल्लू , मास्टर ताहिर इदरीसी, मास्टर एहसान इदरीसी, मास्टर नदीम, मोबीन उर्फ (गुड्डू), आसिफ, नदीम शेख, आसिफ शेख, खलील अहमद, इफ्तेखार मलिक, दानिश, नसीम, नवाब शाह, नफीस मिस्त्री, गामा लाइनमैन, फरीद एडवोकेट, मुकीम भट्टे वाले, वरीस, आरिफ, शहजाद कंटरवाले, शकील मंत्री, जाहिद उस्ताद, अकबर मलिक, रईस आदि मौजूद रहे।

मोदी के जीवन परिचय से जुड़ी प्रदर्शनी व स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस नगर बिजनौर में सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है। इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री के जीवन परिचय व केंद्र सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का चित्रण करती हुई प्रदर्शनी एजाज अली हॉल बिजनौर में आयोजित की गई।

प्रदर्शनी का उद्घाटन सदर विधायक बिजनौर श्रीमती सूची चौधरी व वरिष्ठ भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट, सीडीओ पूर्ण बोरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम वरिष्ठ सभासद घनश्याम दास गुप्ता ने सदर विधायक श्रीमती सूची चौधरी व ऐश्वर्य चौधरी को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, मनदीप चौधरी, मुकेश अग्रवाल, मानव सचदेवा, राजवीर सिंह, अंकुर गौतम,  आशीष अग्रवाल, विकास अग्रवाल, माया पाल, डॉ नवनीत गर्ग, अक्षय, हनी, अमरीश कुमार, ललित कुमार, जगदीश सैनी, रवि कुमार, धर्मवीर सिंह, कार्तिक बालियान, दिनेश कुमार, राजकुमार वर्मा, सुरेश,भावना शर्मा, पूनम गोयल, विनीता, ललित, मनोज, अवनीश निगम व सूचना विभाग के अधिकारी, कर्मचारी आदि मौजूद रहे।

भाजपा नेता अतुल व पूनम ने किया स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन

बिजनौर। प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर मनाये जा रहे पखवाड़ा के अन्तर्गत रविदास नगर में सीएचसी के नि:शुल्क लगाये जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री पूनम गोयल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर भाजपा नेत्री ने कहा कि इस शिविर में सभी नागरिक बिना खर्च किये अपने स्वास्थ्य की जाचं करा सकते हैं। अत: सभी इस शिविर का लाभ उठाएं।  इस मौके पर मेडिकल स्टाफ व भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा मोहल्ले के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इसके अलावा हल्दौर के ग्राम नागंलजट में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा नेता अतुल कुमार मारवाड़ी ने किया, भाजपा नेता ने मौके पर मौजूद ग्रामवासियों से आरोग्य मेले में स्वास्थ्य की जांच कराने की अपील की तथा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की योजनाओं तथा कार्यशैली की प्रशंसा की।

हिंदुओं में कुप्रथा, सामाजिक भेद‌भाव को समाप्त कर एकजुटता पर जोर

हिंदुओं में कुप्रथा, सामाजिक भेद‌भाव को समाप्त कर एकजुटता पर जोरजाति के आधार पर भेदभाव व छुआछूत को समाप्त करने का आह्वान।

बिजनौर। विश्व हिन्दु महासंघ के तत्वाधान में महंत अवेद्यनाथ जी की पुण्य तिथि के अवसर पर स्वयंवर बैंकट हाल में एक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदुओं में कुप्रथा, सामाजिक भेद‌भाव को समाप्त कर मजबूती के साथ एकजुट रहने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने हिन्दू समाज में जाति के आधार पर भेदभाव व छुआछूत को समाप्त करने पर जोर दिया।

प्रदेश मंत्री एवं पूर्व विधायक डा. इंद्रदेव सिंह ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मोदी जी जैसे महान व्यक्ति भारत हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं तथा योगी जी जैसी महान आत्मा हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष डा नवनीत गर्ग, समाजसेवी प्रिंस चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, जिला प्रभारी  राजेन्द्र चौधरी आदि उपरथित रहे।

खुद के सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ेगी बीजेपी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव बीजेपी अपने सिंबल पर लड़ेगी. नगर निगम में मेयर, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष पार्षद, वार्ड अध्यक्ष समेत सभी चुनाव बीजेपी अपने ही चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी.

महत्वपूर्ण चर्चा- उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर लखनऊ में एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. संभवतः नगर निकाय के उम्मीदवारों के चयन के पैमानों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के अलावा 7 मोर्चों के शीर्ष नेता भी बैठक में पहुंचे। एमएलसी चुनाव पर भी चर्चा हुई. 

मिली थी विधानसभा चुनाव में बड़ी कामयाबी
विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों में संपर्क बढ़ाने के साथ बीजेपी ने शहरी इलाकों में पकड़ कायम रखी थी. अब वह नगर निगमों, नगर पालिकाओं के चुनाव में भी यही प्रदर्शन कायम रखना चाहेगी. पंचायत चुनावों में bjp ने 85 प्रतिशत से ज्यादा सीटें जीतकर बड़ी कामयाबी पाई थी. 

माननीयों की संतानों को टिकट नहीं
नगर निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पार्टी के विधायकों और सांसदों के बेटे-बेटियों और अन्य पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा. उनके परिवार का कोई सदस्य निर्दलीय चुनाव लड़ता है तो उन पर ऐक्शन होगा. संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू कराने की तैयारी है, हालांकि बताते हैं कि ये बदलाव नगर निकाय चुनाव के बाद किया जाएगा. 

जल्दी ही सांगठनिक बदलाव
जल्दी ही संगठन में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। अभी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी हैं. नरेंद्र कश्यप पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष के साथ मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बेबी रानी मौर्य राष्ट्रीय महामंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी देख रही हैं. एके शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ऊर्जा मंत्री हैं. जेपीएस राठौर प्रदेश महामंत्री के साथ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं.

दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोतरी के लिए पाशा ने की सराहना

योगी सरकार ने की दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोतरी: पाशा धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा क्षेत्र के दिव्यांग जनों का कर रहे हैं भरपूर सहयोग

बिजनौर राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने अपने कैंप कार्यालय बुढ़नपुर स्योहारा में प्रेस से वार्ता करते हुए बताया कि जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है। तब से लेकर अब तक दिव्यांगजनों की पेंशन तथा अन्य सरकारी योजना काफी बढ़ोतरी हुई है। जब सरकार नहीं थी पेंशन ₹300 महीना थी अब ₹1000 महीना मिलती है। विधायक धामपुर अशोक कुमार राणा दिव्यांगजनों की काफी मदद करते हैं तथा हर समय उनके लिए तत्पर रहते हैं। दिव्यांगजनों के लिए काफी काम कर रहे हैं।

विधायक अशोक राणा की तारीफ

एमआर पाशा ने कहा कि विधायक अशोक कुमार राणा समय-समय पर दिव्यांग जनों को व्हीलचेयर, ट्राइ साइकिल, बैसाखी आदि अन्य उपकरणों का वितरण करते रहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा विधायक अशोक कुमार राणा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह निचले क्रम के देश की सबसे कमजोर कड़ी को साथ लेकर काम कर रहे हैं। इसके लिए उनको धन्यवाद देते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी दिव्यांगजनों के लिए ऐसे ही काम करते रहेंगे।

हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के पैरोकार एकमात्र अहिंदी भाषी लक्ष्मी नारायण साहू

संदर्भ हिंदी दिवस-13 सितंबर

हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के पैरोकार एकमात्र अहिंदी भाषी लक्ष्मी नारायण साहू

हिंदी को राजभाषा या राष्ट्रभाषा बनाए जाने के प्रश्न पर संविधान सभा की तीन दिन तक चली गर्मागर्म बहस में 13 सितंबर की तारीख भी अहम थी। इस प्रश्न पर बहस दो धुरियों पर ही टिकी रही। हिंदी या रोमन अंकों के उपयोग पर पक्ष-विपक्ष में लंबी बहसें हुईं। अलग-अलग प्रांतों के प्रतिनिधियों ने उम्मीद के मुताबिक ही अपने-अपने तर्क और विचार प्रस्तुत किए। पंडित जवाहरलाल नेहरू, सभापति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पंडित रविशंकर शुक्ल सरीखे सदस्यों ने जरूर बीच का रास्ता अपनाया। अधिकतर अहिंदी भाषी प्रतिनिधियों ने भारी मन से हिंदी को राजभाषा स्वीकार करते हुए सभा में आए संशोधन प्रस्तावों पर अन्य भारतीय भाषाओं को लेकर संदेह प्रकट किए लेकिन संविधान परिषद में उड़ीसा प्रांत के प्रतिनिधि लक्ष्मी नारायण साहू एकमात्र अहिंदी भाषी थे जिन्होंने बहुत किंतु-परंतु लगाए बिना हिंदी को राजभाषा के बजाय राष्ट्रभाषा माने जाने की वकालत की। संविधान सभा के वाद-विवाद की सरकारी रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 2144-46 में बहस में भाग लेते हुए लक्ष्मी नारायण साहू के संशोधन और वक्तव्य दर्ज हैं।

उड़ीसा प्रांत के बालासोर में 3 अक्टूबर 1890 को जन्मे लक्ष्मी नारायण साहू ने पांच-पांच विषयों में परास्नातक की परीक्षा पास की। उन्होंने उड़ीसा राज्य के गठन के पहले 1936 में ‘उत्कल यूनियन कॉन्फ्रेंस’ की स्थापना के साथ सहकार, वैतरणी और स्टार आफ उत्कल पत्रों का संपादन भी किया। 1947 में उड़ीसा विधानसभा और संविधान परिषद के सदस्य चुने गए। छुआछूत और महिलाओं की स्थिति में सुधार आंदोलन में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। आजादी के बाद उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। 18 जनवरी 1963 को उन्होंने अंतिम सांस ली।

संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान लक्ष्मी नारायण साहू ने कहा- ‘ कोई सज्जन संशोधन लाए हैं कि बांग्ला भाषा राष्ट्रीय भाषा हो सकती है। तब मैं कहता हूं कि मेरी उड़िया भाषा बंगाली के मुकाबले प्राचीन है। जब उड़िया भाषा, भाषा के रूप में दिखाई दे चुकी थी तब बांग्ला भाषा का जन्म भी नहीं हुआ था। इस तरह दक्षिण के भाई कहेंगे कि उनकी भाषा बहुत प्राचीन है। यह सब ठीक नहीं है। जब भारत को एक राष्ट्र समझते हैं या बनाने की कोशिश करते हैं तो ऑफिशियल लैंग्वेज क्यों? इस (हिंदी) को नेशनल लैंग्वेज भी बना लेना चाहिए। हिंदी भाषा-भाषी देश में ज्यादा तादाद में हैं। इसलिए हिंदी को राष्ट्रभाषा होना ही चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि हिंदी में शब्द भंडार पूर्ण नहीं है तो दूसरी भाषाओं के शब्दों को लेकर हिंदी भाषा की समृद्धि की जानी चाहिए। हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने पर दूसरी प्रांतीय भाषाओं के रास्ते में रुकावट पैदा न हो। सब प्रांतीय भाषाएं अपनी-अपनी जगह उन्नति कर सकें, उनकी प्रगति रुके नहीं इसका भी ख्याल करना चाहिए। जब एक प्रांत और प्रांतीय भाषा दृढ़ हो जाएगी तो राष्ट्रभाषा भी दृढ़ होगी ही।’

राजभाषा के प्रश्न पर संविधान सभा में हुई बहस में कुछ प्रतिनिधियों ने अपना अंग्रेजी का मोह भी प्रकट किया था। ऐसे लोगों को भी आईना दिखाते हुए हिंदी भाषी लक्ष्मी नारायण साहू ने कहा था कि कुछ लोग समझते हैं कि अंग्रेजी नहीं होगी तो हम मर जाएंगे। यह तो ऐसा ही हुआ कि शराब पीना बंद हो जाए तो कुछ लोग मर जाएंगे अगर अंग्रेजी जाने से कुछ थोड़े आदमी मर जाते हैं तो क्या हुआ? हमें तो सारे राष्ट्र और देश हित को ध्यान में रखकर कदम उठाना चाहिए। रोमन में हिंदी लिखे जाने की वकालत करने वाले लोगों को जवाब देते हुए लक्ष्मी नारायण साहू ने कहा था कि ऐसे लोग यह नहीं समझते हैं कि स्क्रिप्ट कैसे बनती है। स्क्रिप्ट तो बनती है भाषा के स्वर से। रोमन कैरेक्टर में हिंदी भाषा को लिखने से वह समझ में नहीं आती और उसमें ठीक-ठीक उच्चारण नहीं कर पाते। इसलिए रोमान स्क्रिप्ट एकदम अग्रहणीय है। वह बहुत भद्दी और उसका साइंटिफिक बेसिस भी नहीं है। देवनागरी से लिखी जाने वाली हिंदी साइंटिफिक है और उसे ग्रहण कर लेना चाहिए।अहिंदी भाषी लक्ष्मी नारायण साहू की इन बातों पर संविधान परिषद के सदस्यों ने अगर गौर किया होता तो आज देश में ‘अंग्रेजी राज’ के बजाय हिंदी और भारतीय भाषाओं का बोलबाला ही होता।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली

संविधान सभा में आज ही शुरू हुई थी हिंदी राजभाषा के प्रश्न पर बहस

संदर्भ हिंदी दिवस-1

संविधान सभा में आज ही शुरू हुई थी हिंदी राजभाषा के प्रश्न पर बहस

आज 12 सितंबर है। संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा बनाए जाने के तैयार किए गए मसौदे पर आए 300 से अधिक संशोधनों पर दिलचस्प बहस आज ही शुरू हुई थी। हिंदी और अहिंदी भाषी राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच गरमागरम यह बहस लोकसभा सचिवालय द्वारा 1994 में प्रकाशित की गई ‘भारतीय संविधान सभा के वाद विवाद की सरकारी रिपोर्ट’ का अहम दस्तावेज है। हिंदी को राज या राष्ट्रभाषा बनाए जाने से जुड़े संशोधनों पर संविधान सभा में हुई बहस में पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सेठ गोविंद दास, एन गोपालस्वामी आयंगर, अलगू राय शास्त्री, आरबी धुलेकर, मौलाना हसरत मोहानी, वीएन गाडगिल, नजीरउद्दीन अहमद, मौलाना हिफजुररहमान, श्रीमती जी. दुर्गाबाई, डॉ रघुवीर, मोहम्मद इस्माइल, शंकरराव देव, पंडित रविशंकर शुक्ल, रामसहाय, बीएम गुप्ते, रेवरेंड जिरोम डिसूजा, कुलधार चालिया, टीटी कृष्णमाचारी, आरके सिधवा, डॉ. पी सुब्बरायन, बी. दास, डॉ पीए चक्को, काजी सैयद करीमुद्दीन, पंडित गोविंद मालवीय, पंडित लक्ष्मीकांत मैत्र द्वारा पक्ष विपक्ष में प्रस्तुत किए गए तर्क-वितर्क और बहस पृष्ठ संख्या 2055 से 2332 (277 पृष्ठ) में दर्ज है। तमाम सहमति-असहमति के बीच सभा के कुछ सदस्यों ने बीच का रास्ता भी अपनाया था। इनमें पंडित जवाहरलाल नेहरू और संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद प्रमुख थे।
हिंदी को राजभाषा के प्रश्न पर हिंदी और अहिंदी भाषी तो लगभग तमाम वाद-विवाद के बाद सहमत हो गए थे लेकिन विवाद के केंद्र में हिंदी और रोमन अंकों के उपयोग का मसला ही था। अंत में अंग्रेजी अंकों के उपयोग पर सभी की सहमति के साथ राजभाषा का यह मसला 12 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर 1949 की शाम को समाप्त हुआ था। 3 दिनों में करीब 24 घंटे तक बहस चली। कई संशोधन प्रस्ताव एक से होने की वजह से कुछ लोगों को ही बात रखने का अवसर मिला। कुछ संशोधन प्रस्ताव वापस ले लिए गए और हाथ उठाकर मतों के जरिए हिंदी को राजभाषा, देवनागरी लिपि और रोमन अंकों के उपयोग पर सहमति बनी।

आखिर अंक हैं क्या? संविधान सभा में भाषा के प्रश्न पर हुई इस बहस का समापन करते हुए अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा-‘मैं आश्चर्य कर रहा था कि हमें छोटे से मामले (रोमन अंकों के उपयोग) पर इतनी बहस करने की, इतना समय बर्बाद करने की क्या आवश्यकता है? आखिर अंक हैं क्या? वैसे दस ही तो हैं। इन दस में मुझे याद पड़ता है कि तीन तो ऐसे हैं जो अंग्रेजी और हिंदी में एक से हैं–२, ३ और ०। मेरे ख्याल से चार और है जो रूप में एक से है किंतु उनमें अलग-अलग अर्थ निकलते हैं। उदाहरण के लिए हिंदी का ४ अंग्रेजी के 8 से बहुत मिलता जुलता है। मैं अपने हिंदी के मित्रों से कहूंगा कि वह इसे (दक्षिण भारतीयों की रोमन अंकों के उपयोग के प्रस्ताव) उस भावना से स्वीकार करें। इसलिए स्वीकार करें कि हम उनसे हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि स्वीकार करवाना चाहते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि सदन ने बहुमत से सुझाव को स्वीकार कर लिया है।

अंकों के उपयोग पर चले वाद विवाद का समापन करते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद ने एक छोटा सा मनोरंजक दृष्टांत भी अपने वक्तव्य में सुनाया-‘हम चाहते हैं कि कुछ मित्र हमें निमंत्रण दें। वे निमंत्रण दे देते हैं। वह कहते हैं, आप आकर हमारे घर में ठहर सकते हैं। उसके लिए आपका स्वागत है, किंतु जब आप हमारे घर आएं तो कृपया अंग्रेजी चलन के जूते पहनिए। भारतीय चप्पल मत पहनिए, जैसे कि आप अपने घर में पहनते हैं। इस निमंत्रण को केवल इस आधार पर ठुकराना मेरे लिए बुद्धिमत्ता नहीं होगी कि मैं चप्पल को नहीं छोड़ना चाहता। मैं अंग्रेजी जूते पहन लूंगा और निमंत्रण को स्वीकार कर लूंगा और इसी सहिष्णुता की भावना से राष्ट्रीय समस्याएं हल हो सकती हैं’

उन्होंने इस बात के साथ अपने वक्तव्य का समापन किया-‘हमारी परंपराएं एक ही हैं। हमारी संस्कृति एक ही है और हमारी सभ्यता में सब बातें एक ही हैं। अतएव यदि हम इस सूत्र (अंग्रेजी अंकों के उपयोग) को स्वीकार नहीं करते तो परिणाम यह होता कि या तो इस देश में बहुत सी भाषाओं का प्रयोग होता या वे प्रांत पृथक हो जाते जो बाध्य होकर किसी भाषा विशेष को स्वीकार करना नहीं चाहते। हमने यथासंभव बुद्धिमानी का कार्य किया है। मुझे हर्ष है। मुझे प्रसन्नता है और मुझे आशा है कि भावी संतति इसके लिए हमारी सराहना करेगी।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली

पीएम अजय योजना से दलितों का होगा आर्थिक सशक्तिकरण – डा. निर्मल

अनुसूचित जाति का दलित दंश समाप्त करने की दिशा में सरकार ने उठाया बड़ा कदम – पी0एम0 अजय योजना से दलितों का होगा आर्थिक सशक्तिकरण – डा0 निर्मल।

लखनऊ। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुसूचित जातियों का दलित दंश समाप्त करने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुँचाकर दलितों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु बड़ा कदम उठाया है। उक्त बातें अति विशिष्ट अतिथि गृह लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उ0प्र0 अनुसचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डा0 लालजी प्रसाद निर्मल ने कही।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्वच्छ भारत मिशन की घर-घर शौचालय योजना ने सदियों से चली आ रही हांथ से मैला उठाने की प्रथा पर पूर्ण विराम लगा दिया उसी प्रकार प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी0एम0-अजय) दलितों का सामूहिक आर्थिक सशक्तिकरण करके सदियों से चले आ रहे दलित त्रासदी(दंश) को समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाएं प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के नाम से जानी जायेंगी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित होगी। दलित बाहुल्य क्षेत्रों में समूहों/क्लस्टर के रूप में अनुसूचित जाति के उद्यमी बनाने हेतु आय-सृजक योजनाएं चलायी जायेंगी तथा उक्त गावों में आय-सृजन हेतु आवश्यक निर्माण भी कराये जायेंगे। पी0एम0-अजय योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों हेतु नये छात्रावासों का निर्माण होगा तथा पुराने छात्रावासों का नवीकरण/सुदृढ़ीकरण कराया जायेगा।

आय व अनुदान सीमा बढ़ी- डा0 निर्मल ने कहा कि उ0प्र0अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं में पात्रता हेतु अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय सीमा रू0 47080 तथा शहरी क्षेत्रों में रू0 56460 तथा अनुदान की धनराशि रू0 10 हजार निर्धारित थी। जुलाई 2018 में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आय सीमा एवं अनुदान सीमा में वृद्धि करने हेतु भारत सरकार से अनुरोध किया था। केन्द्र सरकार ने व्यापक मंथन करके अब पात्रता हेतु आय सीमा और अनुदान में बड़ा बदलाव किया है। इन योजनाओं में अब वार्षिक आय सीमा को सीमामुक्त (सभी के लिए) करते हुए रू0 2.50 लाख रूपये से कम वार्षिक आय के लोगों को योजनाओं में प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गयी है। अनुदान राशि रू0 10 हजार के स्थान पर अब सहायता राशि रू0 50 हजार प्रति लाभार्थी दी जायेगी।

उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता- अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को उद्यम स्थापित करने के लिए लाभपरक परियोजनाओं के माध्यम से उनका आर्थिक सशक्तिकरण किया जायेगा और इस हेतु अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के क्लस्टर/समूहों/समितियों का चयन किया जायेगा। इन समूहों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए उनकी समयबद्ध प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। व्यक्तिपरक परियोजनाओं की जगह दलितों के समूहों को उद्यमी बनाया जायेगा। लाभार्थियों के प्रोजेक्ट बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाने तथा उनके उद्यम पर निगरानी रखने के लिए PIU (Project Implementation Unit) की व्यवस्था राज्य और जनपद स्तर पर की गयी है जिसमें प्रोजेक्ट आफिसर, प्रोजेक्ट टेक्निकल असिस्टेंट, प्रोजेक्ट कम्प्यूटर असिस्टेंट तथा राज्य स्तर पर स्टेट को-आर्डीनेटी एवं स्टाफ की व्यवस्था की गयी है। इन लाभार्थियों के उत्पादों को बाजार प्रदान करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी है। इस हेतु बड़े-बड़े उद्यमी समूहों से संवाद भी किया जा रहा है।

6171 अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों को विकसित करेंगे आदर्श ग्राम के रूप में- प्रदेश में 6171 अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किये जाने की व्यवस्था की गयी है, जिसमें सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सरकार द्वारा प्रत्येक चयनित गांव में 20 लाख रूपये की राशि से विकास कार्य कराये जायेंगे और अवशेष कार्य विभिन्न विभागों के माध्यम से कराये जायेंगे। इन गावों में क्लस्टर के रूप में चिन्हित लाभार्थियों को उद्यम लगाने हेतु आवश्यक निर्माण भी कराया जायेगा।

6 नये बाबू जगजीवनराम छात्रावासों का निर्माण- डा0 निर्मल ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश में 6 नये बाबू जगजीवनराम छात्रावासों का निर्माण कराया जायेगा तथा वर्तमान में निर्मित/संचालित 261 बाबू जगजीवनराम छात्रावासों में से मरम्मत योग्य छात्रावासों के मरम्मत का कार्य कराया जायेगा। छात्रावासों के निर्माण हेतु प्रति अंतःवासी रू0 3 लाख का व्यय सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। फर्नीचर हेतु 5 हजार रूपये प्रति अंतःवासी की दर से धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। बालिका छात्रावासों के निर्माण हेतु उन क्षेत्रों का प्राथमिकता दी जायेगी जहां बालिकाओं की साक्षरता दर कम है। बालिका छात्रावासों में महिला सुरक्षा गार्ड और महिला छात्रावास अधीक्षिका की नियुक्ति की जायेगी। पुराने छात्रावासों की मरम्मत हेतु 50 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 5 लाख रूपये, 100 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 10 लाख रूपये तथा 150 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 15 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे।
डा0 निर्मल ने बताया कि अनुसूचित जाति के लिए आजादी के बाद पहली बार दलित आर्थिक एजेण्डा के रूप में स्टैंड-अप इण्डिया योजना के बाद प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना लागू की गयी है जो दलितों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगी और आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के पहले ही अनुसूचित जातियों का दलित दंश इस योजना के माध्यम से समाप्त हो जायेगा।

प्रशासनिक मशीनरी के दांवपेंच में फंसा कर्मचारी

बिजनौर। जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात एक वरिष्ठ कर्मचारी प्रशासनिक मशीनरी के दांवपेंच के बीच फंस कर रह गया है। पैरालिसिस से पीडित उक्त कर्मचारी को प्रशासनिक आधार पर बिजनौर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। तमाम सरकारी शासनादेशों का हवाला देते हुए कर्मचारी भी अपने स्थानांतरण को रद्द करवाने की कवायद करते हुए थक गया, लेकिन बिजनौर के जिला उद्यान अधिकारी ने रिलीव नहीं किया। लगातार उत्पीड़न से तंग कर्मचारी को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर किस दर पर लगाए गुहार!

जानकारी के अनुसार जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात उर्दू अनुवादक सह वरिष्ठ लिपिक वसीम अहमद के विरूद्ध कौसर अली पुत्र कल्लन, मौ० आरिफ पुत्र मकसूद हुसैन व अजीमुश्शान पुत्र जिलेहसन निवासीगण जनपद मुरादाबाद द्वारा मुखामंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी। इस पर वसीम अहमद से दिनांक 4-4-2022 को द्वारा जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। मुरादाबाद मंडल के उप निदेशक उद्यान एसके गुप्ता द्वारा 30 जून 2022 को कहा गया कि संबंधित से मांगे गए स्पष्टीकरण का कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर एवं उच्चाधिकारियों द्वारा वसीम अहमद की कार्यशैली शासकीय नियमावली के प्राविधानों के अनुकूल न रहने पर अन्यत्र स्थानान्तरण किये जाने के दिये गये निर्देशों के क्रम में वसीम अहमद का स्थानान्तरण प्रशासनिक आधार पर जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर कार्यालय के लिए कर दिया गया। पत्र में कहा गया कि श्री अहमद का वेतन अग्रिम आदेशों तक यथावत जिला उद्यान अधिकारी मुरादाबाद द्वारा वेतन मांग पत्र के आधार पर आहरित किया जायेगा। जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद वसीम अहमद को नवीन तैनाती स्थान पर योगदान करने हेतु तत्काल कार्यमुक्त करें। बताया गया है कि उप निदेशक उद्यान मुरादाबाद द्वारा हरजीत नाम के अपने खास सिपहसालार की बातों में आकर अधीनस्थ कर्मचारियों के स्पष्टीकरण की सत्यता को दरकिनार कर उनकी सत्यनिष्ठा एवं कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाकर उत्पीड़ित किया जाता है।

उधर संबंधित उर्दू अनुवादक वसीम अहमद ने 04 जुलाई 2022 को मुरादाबाद के आयुक्त व जिलाधकारी को पूर्व के शासनादेशों का हवाला देते हुए एक पत्र लिखा। इसमें आरोप लगाया कि निदेशक उद्यान मुरादाबाद मण्डल, मुरादाबाद द्वारा उनका स्थानान्तरण जनपद बिजनौर को दिनांक 30 जून 2022 द्वारा किया गया है, जो कि देश के तथा मेरे हित में है। वर्तमान में वह पैरालिसिस से पीडित हैं। उनका इलाज मुरादाबाद में ही राजकीय चिकित्सक डॉ योगेश कुमार से काफी समय से चल रहा है। मुझे चलने-फिरने में कठिनाई  होती है तथा वर्तमान में मेरा दाँया हाथ भी सही से चल नहीं पा रहा है। वह इस उत्पीड़न से काफी समय से ग्रस्त चल रहै हैं। वसीम अहमद ने अधिकारी द्वय से उनकी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए स्थानान्तरण निरस्त करने की गुहार लगाई। इस पर 04 जुलाई 2022 को अपर आयुक्त (प्रशासन) मुरादाबाद मंडल ने जिलाधकारी को नियमानुसार कार्यवाही करने की लिखा। वहीं अपर जिलाधकारी (प्रशासन) ने 06 जुलाई 2022 को संज्ञान में लिया। 

क्या है शासनादेश!- निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्तर प्रदेश, उद्यान भवन लखनऊ द्वारा दिनांक 13 मई 2022 को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० के अन्तर्गत निदेशालय एवं फील्ड में से सम्बद्ध अन्यत्र सम्बद्ध अधिकारी / कर्मचारी की सम्बद्धता को निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल तेनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। इस पर 23 मई 2022 को निदेशक आरके तोमर ने आदेश पारित कर निदेशालय तथा मण्डल स्तर से लिपिक संवर्ग में पूर्व में अन्यत्र कार्यालय / जनपद में सम्बद्ध किये गये समस्त कर्मचारियों की सम्बद्धता तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल मैनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया। साथ ही कहा कि उपरोक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही की आख्या यथाशीघ्र निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए।

विभागीय वेबसाइट पर पड़े हैं रॉन्ग नंबर? इस संबंध में उपनिदेशक एस के गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया,किंतु विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो दोनों नंबर किसी महिला द्वारा उठाकर रॉन्ग नंबर कहा गया कहा गया। इसके बाद उद्यान अधिकारी बिजनौर जितेंद्र कुमार द्वारा जो नंबर उपलब्ध कराया गया, उस पर बात करने की कोशिश की गई वह मोबाइल नंबर भी किसी महिला द्वारा ही उठाया गया तथा रॉन्ग नंबर बता दिया गया। 

बिजनौर डीएचओ ने दरकिनार कर दिया शासनादेश? आरोप है कि जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर ने मुरादाबाद के संबद्ध कर्मचारी को रिलीव नहीं किया। दूसरी ओर तैनाती के समय से खाली बैठे कर्मचारियों को जुम्मा जुम्मा एक हफ्ता पहले उनके कार्य का बंटवारा कर दिया। विभाग में नियुक्त कर्मचारियों का काम अभी तक संविदा पर तैनात कर्मचारी से लिये जाने की सुगबुगाहट है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन किया गया है। कर्मचारी को पनिशमेंट के रूप में बिजनौर भेजा गया है। 

एकता अखण्डता और देश में भाईचारा बनाए रखने को कांग्रेस जनों ने की प्रार्थना

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कार्यालय व ब्लाक कांग्रेस कमेटी नहटौर द्वारा सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने देश की एकता अखण्डता और भाईचारा बनाए रखने और देश में शुख शांति की प्रार्थना की। जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाक़त अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, जिला महासचिव विक्रम सिंह एड०, मोहम्मद पुर देवमल ब्लाक अध्यक्ष रवि राय, गुलशन कुमार, हर्षवर्धन सिंह राणा, अब्दुल समद आज़ाद, चितवन शर्मा, नईम शाह, वसीम अहमद, जय वीर सिंह, अशोक कुमार, आमोद शर्मा, मो०साजिद, रवि, वीरेश गहलौत आदि मौजूद रहे।

दूसरी ओर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नहटौर द्वारा ब्लाक के ग्राम खज़ुरा जट में सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्लाक अध्यशा मीनाक्षी सिंह, जिला सचिव ब्लाक प्रभारी हुक्म सिंह, शीशराम शर्मा, बेद्दो देवी, मुकेश, किशनो देवी, विजेंद्र, नरदेव, लोकेश, निज़ामुद्दीन, रईस अहमद, मुबारिक, चन्द्रों देवी, कौशल, फूलवती आदि मौजूद रहे।

विधायक सुशांत रहेंगे हर समस्या के समाधान को प्रयासरत

बिजनौर। बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह ने 17 गांव की जमीन के विवाद हेतु मुख्यमंत्री को अवगत कराया। अफजलगढ विधायक कुँवर सुशान्त ने बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तेलीपाडा, राजपुर कोट, शंकरपुर, मुर्तज़ाबाद, हल्लोवाली, कादरगंज, मधपुरी,अं चम्पतपुरचकला, सुलेमा शिकोहपुर, नत्थेवाली, बावन सराय, औरंगजेबपुर शाहली, जहानाबाद, विजयपुर, हरवंशवाला, सुंदरवाली, इस्लामपुर क़ुतुब के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा 17 गाँवों की लगभग 60 हजार बीघा जमीन के सम्बंध में नगीना उपजिलाधिकारी कोर्ट में चल रहे विवाद को लेकर लालवाला गुरद्वारे में आयोजित सामूहिक बैठक की।

बैठक में सभी से इस सम्बंध में विस्तृत चर्चा कर जानकारी दी कि 5 सितम्बर को मुख्यमंत्री से बिजनौर में व्यक्तिगत रूप से भेंट कर इस सम्बंध में अवगत कराया है और समाधान हेतु निवेदन किया है। उन्होंने बताया कि वह तन, मन, धन से सभी ग्रामवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। शासन-प्रशासन स्तर पर जो भी आवश्यक कार्य होगा वो कराया जाएगा, हर परिस्थिति में हर सम्भव प्रयास करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इस मौके पर ग्रामवासियों ने विधायक कुंवर सुशांत सिंह का जोरशोर से स्वागत किया। विधायक सुशांत सिंह ने भी ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

बिरादरी के लिए छुट्टी लेकर सरकार की खिलाफत?

सरकार के खिलाफ बिरादरी के झंडाबरदार बने प्रिंसिपल साहब। एसडीएम को ज्ञापन देने से किया इंकार। अड़ गए डीएम को बुलाने की मांग पर

बिजनौर। महाभारत काल से महात्मा विदुर की धरती पर राजनीति साधारण सी बात है, लेकिन ये ऐसी भी बला है कि व्यक्ति आगापीछा नहीं सोचता। वह ऐसा तक कुछ कर जाता है, जो कानूनन उचित भी नहीं है। वह भी तब, जब कोई सरकारी विभाग में पदस्थ हो। ऐसा ही कुछ हो गया बिजनौर में। दरअसल एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी ने बिरादरी के लिए अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ ही बिगुल फूंक डाला।

हुआ यूं कि उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के बैनर तले मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। मामला तब बिगड़ा जब एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार करते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर आंदोलनकारी अड़ गए। देर शाम जिलाधकारी तो मौके पर नहीं पहुंचे, लेकिन आंदोलकारियों को अपने कार्यालय बुला कर ज्ञापन ले लिया।

ज्ञापन के लिए तैयार पटकथा- उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी, महामंत्री रजत त्यागी व कोषाध्यक्ष अनिल त्यागी ने 05 सितम्बर 2022 को जिलाधिकारी से अनुमति मांगी थी कि 06 सितंबर को संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर बैठक कर के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार संगठन के लोग मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर एसडीएम मोहित कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे। बताया गया है कि जिलाध्यक्ष संजीव त्यागी ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और जिलाधकारी को ही मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही कहा कि डीएम के आकर ज्ञापन लेने पर ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा।

लैटरहैड बदल गया एक ही दिन बाद! बाद में ज्ञापन त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज मोर्चा चौ0 चरण सिंह पार्क मेरठ के लेटरहैड पर तैयार कराया गया। इसमें अनु त्यागी पत्नी श्रीकांत त्यागी की ओर से दिये गए आठ सूत्रीय ज्ञापन में नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इस पर बिजनौर के राजा त्यागी के हस्ताक्षर हैं।

छुट्टी लेकर आंदोलन? वहीं संजीव त्यागी से खास बिरादरी को लेकर आंदोलन चलाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नियमानुसार एक वर्ष में 14 दिन का अवकाश ले सकते हैं। अभी वह अवकाश पर हैं।

विभाग के पास नहीं एप्लिकेशन- एबीएसए डॉ प्रभात ने दावा किया कि झलरा फरीदपुर भोरु के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी के अवकाश पर होने का कोई भी रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। उनके संज्ञान में संजीव त्यागी द्वारा लिखित या ऑनलाइन अवकाश लेने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।

प्रदर्शन करने वालों में संजीव त्यागी, संदीप त्यागी, तरुण त्यागी, राहुल त्यागी, पुलकित त्यागी, कामेश त्यागी, रामगोपाल त्यागी, नरेंद्र त्यागी, धीरेंद्र त्यागी, संदीप त्यागी, मनु त्यागी, राकेश त्यागी, नीरज त्यागी आदि शामिल रहे।

यहां यह बताना आवश्यक होगा कि राजनीतिक मैराथन में लगातार नित नए सोपान चढ़ रही भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन के भीतर किसी भी प्रकार का विवादित मुद्दा स्वीकार करने के मूड में नहीं है। श्रीकांत त्यागी और नोएडा सांसद महेश शर्मा के बीच के प्रकरण ने पार्टी संगठन को असहज स्थिति में धकेल दिया। आसन्न निकाय चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ही क्या, कोई भी पार्टी अपने परंपरागत वोटर को नाराज नहीं करना चाहती। यही कारण भी है कि डैमेज कंट्रोल के लिए श्रीकांत त्यागी व उनके परिजनों के साथ हुई ज्यादतियों को ध्यान में रख कर पार्टी अपने कदम फूंक फूंक कर रख रही है।

सपा नेता हड़प गया ₹ साढ़े चार लाख


जनपद रामपुर के सपा जिला सचिव ने रुपए लेकर नहीं किया दुकान का बैनामा। एक साल से पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार₹ साढ़े चार लाख हड़पने के बाद दे रहा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी।

रामपुर। जिले में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और टांडा नगर पालिका परिषद के सभासद हाजी मोहम्मद जमील के बेटे मोहम्मद लईक का ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस, प्रशासन और प्रयागराज तक धन बल के कारण खास संबंध होने की बात कर रहा है। सपा नेता हाजी मोहम्मद जमील और उसके सहयोगियों पर एक व्यक्ति की मां से करीब चाढ़े चार लाख रुपए हड़पने का आरोप है।


सपा नेता ने दुकान का नहीं किया बैनामा

टांडा निवासी मोहम्मद कफील ने बताया कि वह अखबार बांटने का काम करता है। उसकी मां से चार लाख तीस हजार रुपए सपा नेता हाजी मोहम्मद जमील व अन्य कुछ लोगों ने मिलकर हड़प लिए, जबकि इस रुपए से एक दुकान का बैनामा होना था, जो आज तक नहीं किया गया। साथ ही दुकान को किसी और को बेच दिया गया। उसके नाम भी बैनामा नहीं किया गया है।

फर्जी मुकदमे में फंसाने की दे रहे धमकी

मोहम्मद कफील और उसकी बूढ़ी मां मरियम पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक गई हैं। मोहम्मद कफील की बूढ़ी मां ने पुलिस अधीक्षक को भी इस संबंध में प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इसका भी आज तक कोई हल नहीं निकल पाया। पीड़ित कफील ने कहा कि उसके मामले में भी लाखों रुपए हड़पने से लेकर आरोपी पक्ष को बचाने आदि में इसी सपा नेता एवं इनके दबंग बेटों की भूमिका है। यही नहीं सपा नेता के बेटे व इनके सहयोगी आएदिन उसे व उसकी बूढ़ी मां को फर्जी मुकदमे आदि में फंसाने की धमकियां देते रहते हैं।

मामला क्या है? गौरतलब है कि जनपद रामपुर नगर की महिला मरियम से दुकान विक्रय के नाम पर कुछ लोगों ने चार लाख तीस हजार की रकम हड़प ली। महिला ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आरोपियों के खिलाफ उचित मांग करते हुए रकम लौटाए जाने की गुहार लगाई। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहल्ला बरगद निवासी महिला का आरोप है कि एक दुकान उसके नाना ने अपनी आठ पुत्रियों के नाम रजिस्ट्री कराई थी। महिला का कहना है कि दो मौसियों ने अपने हिस्से का बैनामा उसके नाम रजिस्टर्ड करा दिया तथा एक मौसी ने स्वेच्छा से अपना हिस्सा मस्जिद को दान कर दिया था। बताया कि 12. 4 फिट चौड़ी दुकान को अलग-अलग हिस्सों में कैसे प्रयोग में लाया जाता। इसलिए कमेटी ने एक हिस्सा महिला को विक्रय कर दिया। साक्षी मोहम्मद रिजवान, रहमत अली व मोहम्मद अरशद की मौजूदगी में उस हिस्से की धनराशि 430000 मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली हाजी असगर अली और पूर्व मुतवल्ली हाजी अतीक व जमील मेंबर सपा नेता व रिफाकत अली ने महिला से कुल रकम प्राप्त कर ली।

योगी ने किया महात्मा विदुर राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया महात्मा विदुर राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण, मेडिकल कॉलेज में महात्मा विदुर की प्रतिमा लगाने तथा निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता व समयबद्वता के साथ पूरा करने के दिए निर्देश।

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन महात्मा विदुर राजकीय मेडिकल कॉलेज स्वाहेडी का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने अगले सत्र से वहां कक्षाएं प्रारम्भ करने की बात कही। उन्होंने महात्मा विदुर की प्रतिमा लगाने की व्यवस्था करने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, वह पूर्ण गुणवत्ता व समयबद्वता के साथ पूर्ण हों। उन्होंने कॉलेज का ले-आउट प्लान, साइट प्लान व डिजाइन को भी देखा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज आगमन पर सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित स्वास्थय विभाग के अधिकारियों से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की बिजनौर से दूरी की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि निर्माणाधीन कार्य का थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन (निरीक्षण) कराया गया है। इस पर अधिशासी अभियन्ता लो0नि0वि0 द्वारा अवगत कराया गया कि आईआईटी रूडकी द्वारा इन्सपेक्शन किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा एनएमसी के निरीक्षण की भी जानकारी ली गयी, जिस पर सीएमएस द्वारा अवगत कराया गया कि दो बार इन्सपेक्शन हुआ है अगला इन्सपेक्शन जनवरी में होगा। मुख्यमंत्री द्वारा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हास्टल, बॉयज हास्टल आदि कक्षों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि यहां आकर अच्छा लगा।
अधिशासी अभियन्ता लो0नि0वि0 चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज 20.71 एकड में बनाया जा रहा है। इसकी लागत रू0 281.52 करोड है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बिजनौर में 17.52 एकड में 200 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 48 बेड की धर्मशाला भी बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में पूर्व से ही 300 बेड का अस्पताल संचालित है। नया अस्पताल बन जाने से वह 500 बेड का हो जायेगा।
इस अवसर पर विधायक ओम कुमार, विधायक सुचि चौधरी, विधायक अशोक राणा, विधायक सुशांत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, पूर्व विधायक कमलेश सैनी, जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 विजय कुमार गोयल, सीएमएस डा0 अरूण कुमार पाण्डेय, अधिशासी अभियन्ता लो0नि0वि0 चन्द्रशेखर सिंह आदि उपस्थित रहे।

संघ को बौना साबित करने पर उतारू मोदी और शाह?


केन्द्र सरकार के सबसे बेहतर नतीजों में शीर्षस्थ केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा के संसदीय बोर्ड से अलग किये जाने का मुद्दा राजनीतिक हलकों में आजकल बहुत गरमाया हुआ है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की धारणायें प्रतिपादित की जा रही हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा इस मामले में लागू किये गये निश्चय ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लिए खुश किस्मती का काम किया है क्योंकि संतुलन साधने की गरज के कारण भाजपा के इन भाग्य विधाताओं को संसदीय बोर्ड में उन्हें बरकरार रखना पड़ा वरना उनका पोस्टमार्टम पहले हो जाता।
नितिन गडकरी की छवि खरी-खरी बोलने वाले नेता के बतौर बन गई है जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। भाजपा के फायदे के आंकलन से देखें तो नितिन गडकरी के बारे में यह अंदाजा लगाने वाले कि उनके कारण मोदी की बखिया जाने अनजाने में उधड़ जाती है जिससे भाजपा को नुकसान हो रहा है, नादान हैं। असलियत यह है कि मोदी के कारण भाजपा के विरोध का जो स्पेस है गडकरी के सहारे उसे भी भाजपा की झोली में रखने में मदद मिलती है। जिन्हें देश के राजनीतिक इतिहास की जानकारी है वे अवगत होंगे कि एक जमाने में सोशलिस्टों ने इस रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया। वे शाश्वत विरोध की मुद्रा तब भी ओढ़े रहते थे जब उनके लोग सत्ता में होते थे और एक दूसरे को बेनकाब करने का मौका भी नहीं चूकते थे। लोगों को सोशलिस्टों की यह अदा बहुत पसंद आती थी और आंतरिक लोकतंत्र की अपनी इसी शैली की वजह से कांग्रेस का सत्ता में मजबूती खंभा हिलाने का श्रेय बहुत कुछ सोशलिस्टों को मिला। भले ही बाद में सत्ता सुन्दरी के आलिंगन पाश में पतित होकर बाद के समय में उन्होंने अपयश भी खूब कमाया।
नितिन गडकरी नागपुर से चुनकर आते हैं और संघ के बेहद नजदीकी हैं। हर सप्ताह संघ प्रमुख के दरबार में हाजिरी बजाना उनके लिए अनिवार्य कर्तव्य जैसा है। अगर यह बात सही है कि सामाजिक न्याय के ज्वार को थामने की मजबूरी के चलते संघ ने आपाद धर्म के तौर पर एक शूद्र को सत्ता के सिंहासन पर बैठाने का समझौता अंतरिम व्यवस्था के तौर पर स्वीकार कर लिया हो लेकिन उसका अल्टीमेट लक्ष्य वर्ण व्यवस्था की बहाली है। इसलिए मौका आने पर आडवाणी के संघर्ष और तपस्या को दर किनार कर उसने प्रधानमंत्री की कुर्सी अटल बिहारी वाजपेयी के हवाले कर दी थी जबकि वाजपेयी राम जन्म भूमि आंदोलन से लेकर कई अन्य बातों में न केवल संघ से अलग चलते थे बल्कि अगर संघ की फजीहत हो जाये तो भी उन्हें गम नहीं होता था। जनता पार्टी के समय मोरार जी की कैबिनेट में जन संघ घटक के लिए चार का कोटा आवंटित किया गया था जिनमें अटल जी ने दो चेहरे मुसलमान चुनवा दिये थे। खुद और लालकृष्ण आडवाणी के साथ मोरार जी की कैबिनेट में जनसंघ घटक के मंत्रियों में सिकंडर बख्त और आरिफ बेग थे। अटल जी के पास विदेश विभाग था लेकिन विदेश नीति में संघ का मार्गदर्शन स्वीकार करने की बजाय उन्होंने कांग्रेस की अरब देशों को वरीयता देने की नीति को बरकरार रखा था। जब अटल जी प्रधानमंत्री थे और रायपुर में भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन होने वाला था अशोक सिंहल उस समय जिंदा थे और विश्व हिन्दू परिषद के अतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की बागडौर संभाले हुए थे। वे साधु संतों का प्रतिनिधि मंडल लेकर अटल जी से मिलने प्रधानमंत्री आवास पहुंचे तो अटल जी ने उनका पानी उतारने के लिए आधा घंटे का इंतजार करा दिया। इसके बाद जब मुलाकात शुरू हुई तो अशोक सिंहल ने उन्हें निर्देशित करने के अंदाज में कहा कि आप रायपुर अधिवेशन में अयोध्या में विवादित स्थल पर ही राम मंदिर बनाने का प्रस्ताव पेश करें भले ही इसके कारण राजग के सहयोगी दल उनसे छिटक जायें और उनकी सरकार चली जाये लेकिन मध्यावधि चुनाव हुए तो उन्हें इस पैंतरे से भारी बहुमत से वापिसी का अवसर मिल जायेगा। पर अटल जी ने उनके मशविरे को सिरे से नकार दिया यह कहकर कि रणनीतिक दृष्टि से यह कदम भले ही कितना भी अचूक हो लेकिन उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने संविधान की शपथ ली है जिसमें धर्मनिरपेक्षता के लिए प्रतिबद्धता की बात कही गई है। इस कारण उनके लिए इस शपथ से मुकरना संभव नहीं है। सिंहल और साधु संत इससे इतने बिफर गये कि उन्होंने शीघ्र ही होने वाले तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंकने की घोषणा कर डाली। यह दूसरी बात है कि सिंहल के कोप के बावजूद उक्त राज्यों में भाजपा को बजाय नुकसान के आशातीत सफलता मिली।
तब संघ को लगता था कि अटल जी उसके लिए शक्ति बाण हैं क्योंकि उनकी सभी समाजों में स्वीकार्यता के कारण ही संघ को सत्ता के पायदान में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। पर बहुत जल्द ही अटल जी की सीमायें सामने आने लगी। कल्याण सिंह ने उनसे विवाद के कारण पार्टी छोड़ी। हालांकि बाद में वे भाजपा में वापस आ गये थे लेकिन पिछड़ों में अटल जी की छवि दरकाने में वे बहुत बड़ा रोल अदा कर चुके थे। उनके बाद अटल जी ने उत्तर प्रदेश में किसी पिछड़े नेता को मौका देने की बजाय पहले रामप्रकाश गुप्ता और इसके बाद राजनाथ सिंह को आजमाया। जाहिर है कि सवर्ण राज की वापिसी के उनके इस प्रयास से भाजपा का बेड़ा गर्क हो गया। अपनी तमाम उपलब्धियों के बावजूद अटल जी 2004 के लोकसभा चुनाव में विदेशी महिला सोनिया गांधी के मुकाबले सत्ता की पिच पर आउट हो गये। ध्यान रखने वाली बात है कि 2004 का चुनाव अटल जी बनाम सोनिया गांधी का चुनाव था भले ही बाद में सोनिया गांधी ने स्वयं प्रधानमंत्री न बनकर डा0 मनमोहन सिंह का राजतिलक करा दिया।
इसके बाद संघ को अपने उतावलेपन को लेकर पुनर्विचार के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके चलते 2014 में संघ ने सवर्ण मोह छोड़कर शूद्र समाज की ओर कौटिल्य नीति की अग्रसरता दिखायी और यह पत्ता कामयाब रहा क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने बार-बार कांग्रेस के उस समय थिंक टैंके में अग्रणी मणिशंकर अययर के अंग्रेजी में दिये गये इंटरव्यू का अपने तरीके से अनुवाद करके स्वयं की कथित नीची जाति की इतनी दुहाई दी कि पूरा बहुजन समाज उनकी इस हिलोर से आप्लावित हो गया और कांग्रेस को चारों खाने चित हो जाना पड़ा।

मोदी साम्राज्य का चक्रवर्ती विस्तार-
मोदी की प्रत्युत्पन्न मति और वाक पटुता का कोई जबाव नहीं है। इस कारण एक बार वे सत्ता में पहुंच गये तो उन्होंने केन्द्र में भी गुजरात जैसा रिकार्ड दोहराने की स्थिति पैदा कर दी और सत्ता के आंगन में अपने अंगद पांव जमाकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की वह हालत कर दी है कि अगले चुनाव में अगर वह दहाई के नीचे ही सिमटकर रह जाये तो आश्चर्य न होगा। हालांकि इस विश्लेषण से अधिकांश राजनीतिक पंडित सहमत नहीं होंगे क्योंकि वे कांग्रेस के लिए अभी बेहतर संभावनायें देख रहे हैं कि वे कांग्रेस के चरम सत्यानाश को देख नहीं पा रहे हैं। मोदी साम्राज्य के चक्रवर्ती विस्तार का श्रेय अभी तक संघ को मिलता रहा इसलिए संघ गाहे बगाहे सरकार को निर्देशित करते रहता था और मोदी व शाह विनीत होकर उनका अनुपालन करते थे। पर अब स्थितियां बदल चुकी हैं। मोदी और शाह को किसी का निर्देश मंजूर नहीं है। वे संघ को उत्सव मूर्ति की हद तक समेटने पर आमादा हो चुके हैं। संघ नितिन गडकरी को जो ब्राह्मण हैं मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में तराशने में लगा था ताकि उसका अभीष्ट सिद्ध हो सके। पर इसके पहले ही मोदी शाह ने नितिन गडकरी को ठिकाने लगाने का दुस्साहस कर डाला, संघ की नाराजगी की परवाह के बगैर। हालांकि दूसरे कुछ लोगों का मत यह भी है कि गडकरी की बेसुरी बयानबाजी से संघ की भ्रकुटियां भी उनके प्रति तन गई थी और मोदी ने संघ की सहमति लेकर ही संसदीय बोर्ड में उनका मान मर्दन किया है। पर यह सही नहीं है। संघ के पास दूसरा सवर्ण पद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं लेकिन उनका भी क्या हश्र हो इसकी चर्चायें शुरू हो गई हैं। हाल में उत्तर प्रदेश में शीर्ष प्रशासन में फेरबदल हुए जिसमें साफ दिखायी देता है कि योगी के पंख ऊपर के निर्देश से कतरे गये हैं। विधानसभा चुनाव के पहले ही उन पर केन्द्र ने सीधे अपने मुख्य सचिव को उत्तर प्रदेश में थोपा था। मिश्रा जी रिटायर हो गये थे पर उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर दिल्ली से लखनऊ भेज दिया गया और योगी कोई प्रतिवाद नहीं कर पाये। फिर योगी के प्रतिद्वंदियों केशव मौर्य और बृजेश पाठक को केन्द्र ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनवा दिया जबकि मौर्य चुनाव हार चुके थे। उधर शपथ ग्रहण के दिन बृजेश पाठक ने उन्हें मिले पद के लिए सिर्फ मोदी और शाह का आभार जताया और योगी की अवहेलना कर डाली जिससे योगी को खून का घूंट पीकर रह जाना पड़ा। इतना ही नहीं दोनों उप मुख्यमंत्रियों को योगी के समकक्ष जाहिर करने के लिए सीएम सहित प्रत्येक को 25-25 जिले आवंटित करने का हुकुमनामा भी केन्द्र का ही बताया जाता है।

योगी को गिरफ्तार करने वाले को भी मलाईदार पोस्ट!
अब उत्तर प्रदेश में नौकरशाही में हुए ताजा फेरबदल की चर्चा। योगी चाहते थे कि उनके सबसे प्रिय अधिकारी एसीएस होम अवनीश अवस्थी को सेवा विस्तार मिले पर योगी के आग्रह को झटक दिया गया। उन्होंने कथित तौर पर अपना कमीशन रिटायरमेंट के पहले वसूल लेने के लिए जुलाई में ही बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का उदघाटन करा दिया जिसमें स्वयं नरेन्द्र मोदी आये थे पर यह एक्सप्रेसवे उदघाटन के एक सप्ताह बाद ही जगह-जगह टूट गया और कई हादसे हो गये जिसमें जाने भी चली गई। मीडिया में यह मामला जमकर उछला जिससे मोदी को अपनी फजीयत महसूस हुई। इसके बाद उनसे अवनीश अवस्थी के प्रति रहम की गुंजाइश की ही नहीं जानी चाहिए थी। योगी बृजेश पाठक को परेशान रखने के लिए एसीएस हेल्थ अमित मोहन प्रसाद को भी नहीं हटाना चाह रहे थे जबकि वे अत्यंत विवादित हो चुके थे पर केन्द्र ने उनको भी हटवा दिया। डा0 हरिओम जिन्होंने गोरखपुर में रहते हुए योगी को गिरफ्तार किया था उन्हें लूप लाइन से निकालकर समाज कल्याण का महत्वपूर्ण चार्ज भी केन्द्र ने दिलाया। इससे अनुमान होता है कि योगी को हैसियत में रहने का संदेश सम्प्रेषित करने की प्रक्रिया भी गतिमान कर दी गई है।

भाजपा नेताओं को दिया जा रहा लूटने का अवसर-
संघ को इससे छटपटाहट तो बहुत है लेकिन वह बौनेपन के एहसास से घिर जाने के कारण मोदी और अमित शाह को टोकने की जुर्रत नहीं कर पा रहा है। दरअसल मोदी की जीत संघ के कारण नहीं अकूत चुनावी खर्चों और मार्केटिंग के लोगों की टीम के वितंडावाद से हो रही है और इसका एहसास मोदी शाह ने उनको करा दिया है। मोदी जब तक कुर्सी पर हैं तभी तक राजनीतिक हथकंडों के लिए भाजपा को अनाप शनाप संसाधनों की व्यवस्था संभव है और यह व्यवस्था खतम हो जाये तो सरकार को ढ़हते देर नहीं लगेगी।
संघ को जहां मोदी से इस बात की प्रसन्नता है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा का मोर्चा इन्दिरा गांधी से भी आगे बढ़कर संभाल रहे हैं साथ ही साथ संघ को उनके कारण हिन्दुओं की देश में सर्वोच्च प्रतिष्ठा का सपना साकार करने का अवसर मिल रहा है वहीं संघ कई बातों में उनसे बहुत दुखी भी है। दरअसल जो लोग संघ के विरोधी है वे भी मानते हैं कि संघ सौम्य है, लोकलाज को लेकर उसमें छुईमुईपन है और नैतिक मूल्यों की बहाली की तड़प भी। संघ की प्रेरणा से ही अटल आडवाणी की जोड़ी ने पार्टी विथ ए डिफरेंस का नारा लगाया था लेकिन आज क्या हो रहा है। ईडी व इन्कम टैक्स विभाग जनरल छापेमारी छोड़कर केवल राजनीतिक विरोधियों पर निशाना लगा रहे हैं यह संघ की शील धर्मिता के खिलाफ नीति है जिसे संघ को हजम करना कितना मुश्किल हो रहा होगा। प्रधानमंत्री जिस तरह से अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार उपक्रमों को बेचने से लेकर सारी बैंकों को उन्हें कर्जा देने के लिए लुटाने में लगे हैं यह भी संघ के लिए असहजकर स्थिति है। संघ स्वदेशी का नारा लगाती थी लेकिन मोदी के मित्र उद्योगपति भारत के शत्रु चीन के माल की असेम्बलिंग कर बेचने का काम मात्र कर रहे हैं जिससे आस्तीन में सांप पालने की कहावत चरितार्थ हो रही है। भारत के पैसे से ही भारत की जड़ें खोदने का अवसर चीन को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आयी थी तो वृंदावन में संघ और सरकार की समन्वय बैठक हुई थी जिसमें नये नवेले विधायकों की तृष्णा को लेकर संघ ने काफी नाराजगी प्रकट की थी। पर संघ का नैतिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का सपना आज कहां चला गया है। ऊपर से ही भाजपा नेताओं को लूटने का अवसर दिया जा रहा है तो उत्तर प्रदेश में उन्हें रोककर योगी अपनी आफत क्यों करायें। वैसे भी योगी के पिछले कार्यकाल में उनके खिलाफ विधायकों को विद्रोह सामने आ चुका है।
जाहिर है कि संघ इसे लेकर बड़ी कशमकश में है। उसे समझ में नहीं आ रहा कि मोदी शाह की उपयोगिता को ज्यादा मानें या यह स्वीकार कर लें कि वे अपनी भूमिका पूरी कर चुके हैं इसके आगे उन्हें प्रोत्साहित रखने से कहीं बेड़ा गर्क की स्थिति न आ जाये। आगे का घटनाक्रम इस कशमकश के चलते क्या रूप लेगा यह देखने वाली बात होगी।

केपी सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

दो दिन बिजनौर में रहेंगे योगी आदित्यनाथ, प्रशासन सतर्क

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिजनौर आगमन को लेकर सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई है। शुक्रवार को डीएम उमेश मिश्रा, एसपी दिनेश सिंह, सीडीओ पूर्ण बोरा व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप चौधरी ने संबंधित कार्यक्रम स्थालों का निरीक्षण किया।

प्रभारी अधिकारी वीआईपी/एसडीएम सदर मोहित कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन सितंबर को शाम 4.10 बजे हैलीकाप्टर से नई नवनिर्माणधीन पुलिस लाइन्स में पहुंचेंगे। 4.35 से छह बजे तक नवनिर्मित पुलिस लाइन्स में बनी बैरक एवं विकास योजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

मुख्यमंत्री शाम छह बजे हैलीकाप्टर से पुरानी पुलिस लाइन्स पहुंचेंगे। 6.20 से 6.25 बजे तक निर्माणाधीन महात्मा विदुर कलक्ट्रेट सभाकक्ष का लोकार्पण करेंगे, जबकि 6.25 से 7.15 बजे तक वह जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 7.20 बजे मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चार सितंबर को सुबह 10.25 बजे कार द्वारा पुरानी पुलिस लाइन्स पहुंचेंगे और हैलीकाप्टर से निर्माणाधीन मेडिकल कालेज पहुंचेंगे। मेडिकल कालेज के निरीक्षण के बाद सुबह 11.05 बजे मुख्यमंत्री रामपुर के लिए रवाना होंगे।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दौरे की सूचना से प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीएम उमेश मिश्रा, एसपी दिनेश सिंह, सीडीओ पूर्ण बोरा व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप चौधरी ने संबंधित विभागों के अफसरों के साथ महात्मा विदुर की तपोस्थली विदुरकुटी, कलक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्माणाधीन महात्मा विदुर कलक्ट्रेट सभाकक्ष, जिला अस्पताल, ग्राम गजरौला शिव स्थित नई पुलिस लाइन और ग्राम मकसूदनपुर देवीदास में निर्माणाधीन महात्मा विदुर मेडिकल कालेज में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को तत्काल कार्य पूरा करने के आदेश दिए।

वहीं एक तारीख से बंद जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी चार सिंतबर तक पूर्ण रूप से बंद रहेगी। चेयरपर्सन रूखसाना परवीन ने बताया कि बाल भवन में आयोजित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर पालिका प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

जनपद में 109 मतदेय स्थल हुए कम

भौतिक सत्यापन में 3111 मतदेय स्थलों की संख्या हुई 3002

बिजनौर। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरविन्द कुमार सिंह की अध्यक्षता में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में समस्त सांसद/विधायक तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियोें के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में उनके कार्यालय कक्ष में बुधवार शाम बैठक का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिला बिजनौर में अवस्थित समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में जिसमें 04-बिजनौर एवं 05-नगीना (अ0जा0),  17-नजीबाबाद , 18-नगीना (अ0जा0), 19-बढ़ापुर, 20-धामपुर, 21-नहटौर (अ0जा0), 22-बिजनौर, 23 चान्दपुर एवं 24-नूरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों के सम्भाजन से संबंधित मतदेय स्थलों की सूची उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें ताकि आयोग को स्वच्छ मतदेय स्थलों की सूची प्रेषित की जा सके।

उन्होंने वर्ष 2022 में मतदेय स्थलों की विवरण की विधानसभा वार जानकारी देते हुए बताया कि 17- नजीबाबाद में 391, जिसके सापेक्ष भौतिक सत्यापन के आधार पर प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 364 अर्थात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार कम हुए मतदेय स्थलों की संख्या 27 है। इसी प्रकार 18- नगीना विधानसभा क्षेत्र में 406 मतदेय स्थल के सापेक्ष 392 कम हुए 14, 19- बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र में 415 के सापेक्ष 403 कम हुए 12, 20-धामपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 326 के सापेक्ष 322 कम हुए 04, 21-नहटौर के अंतर्गत 354 के विपरीत 348 कम हुए 06, 22-बिजनौर विधानसभा क्षेत्र के 472 के सापेक्ष में 455 कम हुए 17, 23-विधानसभा क्षेत्र चांदपुर 371 के सापेक्ष में 365 कम हुए 06 तथा 24- नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 376 के सापेक्ष 353 जिनमें 23 मतदेय स्थल क्षेत्रवार कम किए गए हैं। इस प्रकार कुल 3111 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 3002 भौतिक सत्यापन के आधार पर प्रस्तावित मतदेय स्थल हैं, जिसमें 109 मतदेय स्थल कम किए गए हैं।

इस अवसर पर समस्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ,राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मुनीष त्यागी जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस, यादराम सिंह चंदेल आरएलडी, चौधरी धीर सिंह बीजेपी, अखलाक पप्पू समाजवादी पार्टी, मोहम्मद सिद्दीक बीएसपी सहित समस्त सांसद विधायक प्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रम विभाग में नियुक्ति घोटाले के सूत्रधार सपा विधायक?

माननीय के दबाव में हुआ श्रम विभाग का नियुक्ति घोटाला! श्रमिक मृत्यु अंत्येष्टि व विकलांग सहायता योजना में हुआ था घोटाला। बाद में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 12 लड़कों को धमका कर लिया इस्तीफा। उनकी जगह की गईं नियम विरुद्ध नई नियुक्तियां। एक माननीय के दबाव में रचा गया पूरा खेल!

बिजनौर। श्रम विभाग बिजनौर में एक और घोटाला हो गया। श्रमिक मृत्यु अंत्येष्टि व विकलांग सहायता योजना में हुए घोटाले के बाद इसी अगली कड़ी में विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग पर की गई नियुक्ति में खेल किये जाने के संकेत मिले हैं। इस मामले का मुख्य सूत्रधार वर्तमान सपा विधायक एवं एक बोर्ड के तत्कालीन सदस्य को बताया जा रहा है!

धमका कर ले लिया 13 कर्मचारियों का इस्तीफा-
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस विभाग में 2015-16 में आउटसोर्सिंग से कुल 13 नियुक्ति की गई थी,  जिसमें से अत्यधिक दबाव व किसी भी मामले में फंसाने की धमकी मिलने के बाद 12 ने 7-1-19 में इस्तीफा दे दिया था। यहाँ गौर करने वाली बात है कि आज की बेरोजगारी में युवा संविदा में जहाँ भर्ती के लिए लाइन में लग जाते हैं ऐसे में श्रम विभाग में चार वर्ष तक आजीविका पर जमे 12 लड़कों को स्वयं इस्तीफा देकर नौकरी छोड़नी पड़ी।

हैरत में डालने वाली कहानी- इस्तीफा दिये जाने की कहानी भी हैरत में डालने वाली है, इस विभाग में पूर्व में कार्यरत रह चुके तथा वर्तमान में सपा के टिकट से विधायक बने एक माननीय को बताया जा रहा है। इस्तीफा दे चुके युवाओं ने बताया कि उस समय श्रम मन्त्री के काफी नजदीक रहे रामौतार सैनी उ० प्र० भवन एवं सह निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सदस्य पद पर नियुक्त थे। पहले इस विभाग में कार्यरत रहने के कारण यहाँ की उपयोगिता को जानते भी थे। इसलिए रामौतार सैनी ने इन लड़कों पर झूठी शिकायतें करवा कर उच्च स्तर पर दबाव बनाते हुए इस्तीफा देने को मजबूर किया ताकि इनकी इच्छा अनुसार इनके रिश्तेदार व निकटतम को विभाग में रक्खा जा सके। चूंकि रामौतार सैनी प्रदेश में विभाग के प्रतिष्ठित व प्रभावी पद पर आसीन थे, इन युवाओं पर दबाव बनाने में सफल रहे। नाम न बताने की शर्त पर कुछ युवाओं ने दावा किया कि अगर हम इस्तीफा नहीं देते तो हमें किसी भी झूठे मामलों में फंसाया जा सकता था।

तुरंत ही नौकरी पर रख लिये विधायक के रिश्तेदार- गौरतलब है कि इन बारह युवाओं के इस्तीफा देने के बाद ही रामौतार सैनी के भांजे राजवीर सैनी को रख लिया गया। इनके अलावा मेघनाथ सैनी, हिमांशु सैनी, रामौतार सैनी के ड्राइवर के भाई अंकुल व राहुल भारती भी नौकरी हासिल करने वालों में शामिल हैं। इन सभी को जनवरी में पुराने लड़कों के इस्तीफा देने के बाद इसी महीने में रख लिया गया।

मिला था प्रशस्ति पत्र- गौरतलब है कि जिन बारह लड़कों को हटाया गया, उन पर चार वर्षों में कभी कोई आरोप नहीं लगा, न किसी घपले में शामिल रहे। इस बात की पुष्टि में निवर्तमान सहायक श्रम आयुक्त सरजीत सिंह द्वारा इन सभी को सन्तोषजनक कार्य व ईमानदारी से करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाना है। इन सभी लड़कों को निवर्तमान सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम सिंह के समय हटाया गया था, जो वर्तमान में मेरठ में हैं तथा बातचीत में यह स्वीकार करते हैं कि रामौतार सैनी के दबाव के चलते इन लड़कों को हटाने के लिए इस्तीफे लिए गए थे। घनश्याम सिंह का कहना है कि रामौतार सैनी के दबाव में ही तीन लड़कों सिद्दार्थ चौहान, हेमंत व अभिषेक वालिया के विरुद्ध योजनाओं में अनियमितता बरतने के बारे में शिकायत उच्च स्तर पर की गई थी, जबकि सिद्दार्थ चौहान जो कि अनुसेवक के पद पर कार्यरत् था, उसका किसी योजना से दूर तक कोई लेना देना नहीं था। इन बारह लड़कों  के इस्तीफा देने के बाद एक हफ्ते में ही पहले से तय लड़कों को रख लिया गया। इसके लिए विभाग ने नियुक्ति के लिए किसी समाचारपत्र में न कोई विज्ञप्ति जारी की, न ही कोई नोटिस कार्यालय पर चस्पा किया। रखे गए लड़कों के टाइपिंग टैस्ट तक लिया जाना जरुरी नहीं समझा गया। इस मामले में सपा विधायक का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

शैलेन्द्र चौधरी एड. ने जरुतमंद को रक्तदान कर पेश की हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

बिजनौर। अपना दल (एस) के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी एड. ने जरुतमंद को रक्तदान कर हिन्दू मुस्लिम एकता का मिसाल कायम की। युवाओं से रक्तदान करने का भी आह्वान किया। युवा नेता शैलेन्द्र चौधरी को जानकारी मिली कि एक मुस्लिम व्यक्ति को ब्लड की जरूरत है। उन्होंने अपना खून डोनेट करने की इच्छा जाहिर की और ब्लड बैंक पहुंच गये जहां उन्होंने रक्तदान किया।

उन्होंने कहा कि रक्तदान कर दूसरे के जिंदगी बचाने में सहयोग करना ही सबसे बड़ा धर्म होता है। नजीबाबाद की गंगा जमुनी संस्कृति को जिंदा रखते हुए उन्होंने सभी से बिना भेदभाव के जरुरतमंदों की मदद करने का आह्वान किया।

दलित, वंचित और शोषितों के मसीहा थे बाबू मंडल जी: चौधरी शैलेंद्र सिंह

अपना दल (एस) ने मनाई बाबू बीपी मंडल जी की जयंती।

बिजनौर। नजीबाबाद में अपना दल (एस) के क्षेत्रीय कार्यालय पर बाबू बीपी मंडल जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर चौधरी शैलेंद्र सिंह एडवोकेट पूर्व चेयरमैन की उपस्थिति में एक सभा का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मंडल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किये गए। शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मंडल जी ने बिहार के सातवें मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए सामाजिक न्याय के लिए कार्य किया। बाबू जी दलित, वंचित और शोषितों के मसीहा थे। मंडल जी ने समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर के समाज में एक चेतना को जागृत करने का काम किया। कार्यक्रम में सूर्य प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष आईटी सेल, हिमांशु राजपूत जिला महासचिव, यशपाल एडवोकेट, नरेश चौहान, अमर सिंह कश्यप, नरेश सैनी, राजीव शर्मा, सुंदर सिंह, गोपाल पहलवान, भानु प्रताप आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नजीबाबाद में अपना दल (एस) के क्षेत्रीय कार्यालय पर बाबू बीपी मंडल जी की जयंती मनाते कार्यकर्ता

धामपुर पहुंचे केन्द्रीय रेलवे मंत्री ने किया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण

केन्द्रीय रेलवे मंत्री ने किया धामपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सौंपे धामपुर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव हेतु ज्ञापन।

बिजनौर। केन्द्रीय रेल एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनपद बिजनौर के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन धामपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। श्री वैष्णव ने स्टेशन परिसर व भवन, माल गोदाम, सर्कुलेटिंग एरिया आदि के निरीक्षण के साथ ही स्टेशन में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा। प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही रेल अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा भी की। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों व किसान भाईयों से भी भेंट व वार्ता की।

इससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव धामपुर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक राणा सहित भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बुके देकर उनका अभूतपूर्व स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने धामपुर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव हेतु ज्ञापन भी सौंपे। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विन वैष्णव अपने काफिले के साथ राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गये।

इस अवसर पर महानिदेशक आशुतोष गंगल, अपर मण्डल रेल व्यवस्थक (परिचालन) राकेश सिंह, अपर मण्डल रेल व्यवस्थापक (इन्फ्रा) एनएन सिंह, वरिष्ठ मण्डल वाणिज्यिक प्रबंधक सुधीर सिंह, असिस्टेंट कमांडर त्रिलोक सिंह रावत, रेलवे स्टेशन मास्टर प्रतीक चौहान, रेलवे प्रधान कार्यालय के सभी विभागाअध्यक्ष, मण्डल व शाखा कार्यालय के अधिकारी के अलावा चेयरमैन राजू गुप्ता, महेंद्र धनौरिया, एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, दिनेश सैनी, भूपेंद्र बॉबी, प्रियंकर राणा, सभासद पुरुषोत्तम अग्रवाल, डीएस चौहान, प्रमोद राठी, आकाश जोशी, डीएस चौहान, राघव शरण गोयल, सुभाष चौहान, दयाशंकर राणा आदि उपस्थित रहे।

अत्याधुनिक होगा बिजनौर रेलवे स्टेशन: अश्विनी वैष्णव

रेलवे और बीएसएल में विशेष योजनाओं पर हो रहा काम: अश्वनी वैष्णव। दो दिवसीय दौरे पर बिजनौर पहुंचे रेलवे एवं दूर संचार मंत्री अश्वनी वैष्णव। प्रेस वार्ता में बताईं सरकार की आगामी योजनाएं। गांव-गांव तक उपलब्ध होंगी आधुनिक संचार सुविधा।

बिजनौर। भारत सरकार रेलवे विभाग को अत्यधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाने की तैयारियां कर रही है। रेलवे एवं दूर संचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने यह बात प्रेस वार्ता में कहीं। रेलवे एवं दूर संचार मंत्री मंगलवार को विशेष ट्रेन से दो दिवसीय दौरे पर बिजनौर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मेरठ से हस्तिनापुर व बिजनौर रेलमार्ग का सर्वे कराया जाएगा।

भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि बिजनौर रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश रेलवे विभाग के अधिकारियों को जारी किये जा चुके हैं। अब ये रेलवे स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नज़र आने लगेगा। बिजनौर रेलवे स्टेशन छोटा ज़रूर है लेकिन अब इसकी सूरत बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों जैसी होगी। बिजनौर नगीना रेलवे फाटक पर बहुत जल्दी फ्लाई ओवर बनाया जायेगा। जन प्रतिनिधियों के माध्यम से भी ये जानकारी मिली है। इसके निदान के लिए उन्होंने डीआरएम को इस्टीमेट बनाकर उनके सामने प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये हैं। सरकार ने इस वर्ष 62 हज़ार करोड़ रुपए की छूट रेलवे यात्रियों को दी है, जो अब तक कि सबसे बड़ी छूट है।

उन्होंने बताया कि सरकार दूर संचार की सुविधाओं से भी जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुँचने के लिए प्रयासरत है, जिसके तहत भारत संचार निगम गांव और देहातों में फुल पावर के टावर लगा कर ग्रामीण जनता को नई दूर संचार की सुविधा मुहैया कराएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक लाख 64 हजार करोड़ रुपए जारी किये हैं। पिछले बार 92 हजार करोड़ रुपए जारी हुए थे। पिछली सरकारों ने बीएसएनएल को बिल्कुल बर्बाद कर दिया। अब डेढ़ से दो साल के भीतर हालात सुधार दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये गए हैं। इस दौरान कई बीजेपी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव मंगलवार सुबह करीब सवा 10 बजे विशेष ट्रेन से रेलवे स्टेशन बिजनौर पहुंचे। उनके साथ भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल भी मौजूद थे। यहां पर भाजपा नेताओं ने उनका फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद रेल मंत्री ने भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 

लीना सिंघल बनीं वैश्य समाज उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष

लखनऊ। वैश्य समाज महिला उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल की पदोन्नति की गईं है। उन्हें अब वैश्य समाज उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष अजय केसरी ने संस्था के संरक्षक; उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता की सहमति से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। गौरतलब है कि श्रीमती लीना सिंघल भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों में शुमार हैं। जनपद बिजनौर के धामपुर के बाद फिलहाल कई वर्ष से वह नजीबाबाद क्षेत्र में सक्रिय हैं। वैश्य समाज की नेत्री होने के नाते वह यूपी ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी पार्टी संगठन की विजय पताका फहराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं। धामपुर नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती लीना सिंघल को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत करने पर आमजन, राजनेताओं के साथ ही newsdaily24.news.com ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

राजस्थान में दलित छात्र की पिटाई व मौत पर बसपाइयों में रोष

राजस्थान मामले को लेकर भड़के बसपाई। दलित छात्र की पिटाई व मौत पर बसपाइयों में रोष। डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी ने राजस्थान के जिला जालोर अंतर्गत ग्राम सुराणा में 9 वर्षीय दलित छात्र इन्द्र कुमार की पिटाई और मौत के मामले को लेकर रोष जताया है। इस संबंध में एक ज्ञापन जिलाधकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि दिनांक 14 अगस्त 2022 को राजस्थान के जिला जालोर ग्राम सुराणा में 9 वर्षीय दलित छात्र इन्द्र कुमार मेघवाल को प्यास लगने के कारण पानी से भरे मटके को छूने पर मनुवादी विचारधारा के अध्यापक छैल सिंह द्वारा बेहरमी से पीटा गया। उसकी दाहिनी आंख तक फोड़ दी गई, इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी। इस घटना से समस्त दलित समाज में रोष व्याप्त है। राजस्थान सरकार उपरोक्त घटना तथा राज्य में हो रहे दलितों पर अत्याचार के मामलों की पूर्ण जानकारी होते हुए भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि राजस्थान में सरकार के इशारे पर दलितों पर जानबूझकर अत्याचार किये जा रहे हैं।

ज्ञापन में बहुजन समाज पार्टी जनपद बिजनौर की यूनिट ने घटना की घोर निन्दा करते हुए अनु०जाति के मृतक छात्र इन्द्र कुमार मेघवाल के परिवार में से किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही अध्यापक छैल सिंह को फांसी की सजा देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र सागर (जिला अध्यक्ष), धनीराम सिंह (मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल), दीपक कुमार सिंह (मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल), नाजिम अहमद अल्वी (जिला उपाध्यक्ष), दलीप कुमार उर्फ चिन्टू (जिला महासचिव), पंकज शर्मा (जिला कोषाध्यक्ष), दीपक राज, राजेन्द्र सिंह, मुनीश भारती, सुल्तान अहमद, परम सिंह प्रधान, छोटे सिंह, करतार सिंह, काके रवि, विनोद कुमार, रामपाल, मोहम्मद अशरफ, लाल सिंह प्रधान, महमूद अहमद (पूर्व प्रत्याक्षी विधानसभा), कविराज सिट (पूर्व मंडलद्‌भा), ब्रह्मपाल सिंह, अनिल कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, चेतराम सिंह, अमित चौधरी, अनुज राठी, समर सिंह एड० प्रमोद कुमार, बलवन्त सिंह, अजय कुमार, लखवीर सिंह, रोहिताश सिंह, राजेन्द्र सिंह, अंसार उलहक, नसीमुदीन अंसारी, तिलकराज वौद्ध, मुंशी सद्दीक, इसरार नवी, अनुज कुमार, मोंटी कुमार, तिमिरुदीन, मोहम्मद सकी, नौशाद अहमद, श्रीराम, गजराज, दिलशाद अहमद, राकेश कुमार, विपिन कुमार, राजकुमार, राजू, संजीव कुमार, आमिर अहमद, विपिन कुमार, संजय कुमार, सुदेश कुमार, अमित, प्रधान, ब्रजवीर प्रधान आदि शामिल रहे।

अखिलेश यादव ने दिया संगठन की मजबूती पर जोर

पालिका परिषद के चुनाव की सुगबुगाहट। अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे बिजनौर के नेता। पालिका अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक सकते हैं महमूद कस्सार!

बिजनौर। पालिका परिषद के आसन्न चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों में सरगर्मियां परवान चढ़ने लगीं हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने बिजनौर के सपा नेता राजधानी लखनऊ पहुंचे। पार्टी कार्यालय पर शिष्टाचार भेंट के दौरान सपा प्रमुख ने स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा करते हुए व्यापक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान द्रुतगति से चलाने पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने वालों में पूर्व जिला प्रवक्ता खिजर अहमद, नगर अध्यक्ष महमूद कस्सार व मो. आसिफ उर्फ चांद शामिल रहे। सूत्रों का दावा है कि महमूद कस्सार पालिका अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक सकते हैं।

ट्राईसाइकिल पाकर खिले दिव्यांगजनों के चेहरे

35 दिव्यांगजनों को हुआ ट्राईसाइकिल का वितरण

ट्राईसाइकिल पाकर खिले दिव्यांगजनो के चेहरे, जताया मुख्यमंत्री का आभार

बिजनौर। विकास भवन प्रांगण में दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। विधायक सदर श्रीमती सूचि चौधरी ने द्विव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल का वितरण किया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 35 दिव्यांगजन को ट्राईसाईकिल का वितरण किया गया। ट्राईसाइकिल पाकर दिव्यांगजनों के चेहरे खिल गये और उन्होंने मुख्यमंत्री उ0प्र0 व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों व आमजनों के हित मे कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की मदद करने वाली लोकप्रिय सरकार है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी व दिव्यांगजन मौजूद रहे।

श्रीकांत को लेकर आरपार की लड़ाई के मूड में त्यागी समाज

श्रीकांत त्यागी के मामले को लेकर त्यागी समाज उद्वेलित। कलक्ट्रेट में, धरना प्रदर्शन कर दी चेतावनी। नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई? समाज को अपमानित करने का हक मीडिया को दिया किसने?



बिजनौर। श्रीकांत त्यागी कांड को लेकर त्यागी समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। दरअसल 05 अगस्त 2022 को नोएडा के ओमेक्स सोसाइटी सेक्टर-93 का विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। श्रीकांत त्यागी की पत्नी को हिरासत में रखने तथा घर की बिजली, पानी की आपूर्ति बंद करने, संवेदना प्रकट करने पहुंचने वाले को गिरफ्तार करने से आक्रोशित त्यागी समाज ने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

कलक्ट्रेट में त्यागी समाज का जोरदार प्रदर्शन
भारी संख्या में एकत्र त्यागी समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी के मामले में बढ़ा चढ़ाकर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित धाराओं में कार्यवाही करने की मांग की।

महिला सम्मान की मंशा पर लगा प्रश्नचिन्ह
ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी की पत्नी को अवैध रूप से अमानवीय व्यवहार करते हुए पुरुष पुलिस थाने में हिरासत में रखने से महिला सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगा है। श्रीकांत त्यागी के घर की बिजली और पानी काट कर अनैतिक कार्य किया गया है, जिससे बच्चे सहमे हुए हैं। परिवार से मिलने समाज के जो व्यक्ति गए उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, उन्हें तुरंत रिहा करने की भी मांग उठाई गई।

अभद्र भाषा प्रयोग करने पर सांसद के खिलाफ भी हो FIR

त्यागी समाज ने आठ सूत्रीय ज्ञापन में निष्पक्ष जांच की मांग करने के साथ ही कहा कि नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ भी पुलिस कमिश्नर को भारी भीड़ में अभद्र भाषा प्रयोग करने पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए।

समाज को अपमानित करने वाले मीडिया कर्मियों पर हो कार्रवाई– ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिस महिला ने श्रीकांत के घर पर दंगा किया, उसकी भी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके अलावा देश की मीडिया ने जो त्यागी समाज को अभद्र भाषा से अपमानित किया है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। वहां की हरियाली और लगे हुए वृक्षों को अपने हाथ में कानून लेते हुए उखाड़ने वालों के विरुद्ध वन विभाग द्वारा कार्रवाई कराई जाए क्योंकि पेड़ों को विस्थापित करने का अधिकार सिर्फ वन विभाग को है।

कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान इन्द्रजीत त्यागी, पराग त्यागी, नागेश त्यागी, मुदित त्यागी, राकेश त्यागी, मृणाल त्यागी, विकास त्यागी, शांति प्रकाश त्यागी, सुभाष चंद्र त्यागी, गौतम त्यागी, सौरभ मुनि त्यागी, अनिल त्यागी, राजपाल त्यागी, अनुनय भारद्वाज, सचिन भारद्वाज, ओमेंद्र त्यागी, अनुज त्यागी, पवन त्यागी, विक्की त्यागी, संदीप त्यागी, मनोज त्यागी आदि शामिल रहे।

…तो पीएम किसान सम्मान निधि होगी बंद

16 से 23 अगस्त तक ई-केवाईसी के लिए चलेगा डोर टू डोर अभियान
1.04 लाख किसानों ने नहीं कराई ई- केवाईसी
4.50 लाख किसानों ने कराया था पंजीकरण। 25 अगस्त तक ई- केवाईसी न कराई तो पीएम किसान सम्मान निधि होगी बंद

बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले 1,04,662 किसानों ने अभी तक ई- केवाईसी नहीं कराई है। 25 अगस्त तक ई- केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों की सम्मान निधि बंद कर दी जाएगी। कृषि विभाग द्वारा ई-केवाईसी के लिये 16 से 23 अगस्त तक डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। बिजनौर जिले में पोर्टल पर 4,50,904 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत कृषकों में से 3,77,103 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। 3,77,103 लाभग्राही कृषकों में से 3,69,223 कृषक आधार प्रमाणित है। योजना का लाभ लेने में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी 2022 में एक नई व्यवस्था के तहत किसानों को पोर्टल पर ई-केवाईसी कराने की सुविधा उपलब्ध कराई थी। इसके अंतर्गत किसानों को नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर ई- केवाईसी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना था। किसानों की भलाई को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 11वीं किश्त बिना ई-केवाईसी के खातों में स्थानांतरित कर दी गई थी। इस बार 25 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले कृषकों की ई-केवाईसी बंद कर दी जाएगी। अपात्र पाये जाने की दशा में उनके खातों में गई किश्तों की वसूली भी प्रारंभ कर दी जाएगी

"प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। अभी तक लगभग एक लाख पांच हजार किसानों ने ई- केवाईसी नहीं कराई है। 16 अगस्त से डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद भी ई- केवाईसी न कराने वालों की सम्मान निधि बंद कर दी जाएगी"। कृषक भाइयों से अनुरोध है कि वह प्रत्येक दशा में 25 अगस्त तक ई- केवाईसी करवा लें। गिरीश चन्द्र, उप कृषि निदेशक, बिजनौर

जलीलपुर में भाकियू ने मनाया स्वतंत्रता दिवस

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) द्वारा स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। ब्लॉक जलीलपुर अंतर्गत किसान धर्म कांटा पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

जिला संरक्षक बिजनौर मुखिया रामफल सिंह, पूर्व जिला सचिव याकूब ठेकेदार, तहसील सचिव राजू प्रधान, तहसील उपाध्यक्ष चांदपुर महिपाल सिंह भाटी, तहसील संगठन मंत्री मनोज शर्मा, ब्लॉक जलीलपुर सचिव इमरान भाई, ग्राम अध्यक्ष जलालपुर तेजपाल सिंह, इकबाल प्रधान नवादा, ग्राम अध्यक्ष जहीरूद्दीन, आस मोहम्मद सैफी, पूर्व तहसील संरक्षक उस्मान अली, मीडिया प्रभारी मो, हनीफ तहसील चांदपुर आदि उपस्थित रहे।

कुंवर सर्वेश व सुशांत सिंह ने किया ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ

बिजनौर। आजादी के अमृत महोत्सव पर पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश एवं विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर क्षेत्र के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, अरविंद गहलौत जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा जयवीर पंचवाल, मंडल अध्यक्ष बढ़ापुर विजय सिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष देशराज, मंडल अध्यक्ष अफजलगढ़ मुकेश शर्मा ने विधायक कुंवर सुशांत सिंह, पूर्व सांसद सर्वेश सिंह का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

विधायक कुंवर सुशांत सिंह व पूर्व सांसद द्वारा तिरंगा दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शहजादपुर से विधायक आवास आलमपुर तक यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा में हजारों की तादात में भीड़ रही। बताया जा रहा है कि लगभग 2000 मोटरसाइकिल व 300 टैक्टर द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई।

ऐतिहासिक रैली निकालने के लिए कुंवर सुशांत सिंह व कुंवर सर्वेश सिंह ने सभी क्षेत्रवासियों का धन्यवाद किया। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा चल रहे आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को लेकर सभी क्षेत्र वासियों से अपील की कि प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराना चाहिए। आज हम आजादी का अमृत महोत्सव बना रहे हैं। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

सरकार पर साधा बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत ने निशाना

बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत ने साधा सरकार पर निशाना। कलक्ट्रेट में किसानों ने किया अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी पुलिस बल रहा तैनात

बिजनौर। कलक्ट्रेट में शनिवार को सैकड़ों की तादाद में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्राली से पहुंचे और महापंचायत कर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत धरने में शामिल हुए और कहा कि किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार किसानों का बिल माफ करने की बात कह रही है तो वहीं किसानों के ट्यूबवेलों पर बिजली के मीटर लगा कर अवैध वसूली की जा रही है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का गन्ना भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही अन्य कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि किसानों ने कुछ दिन पूर्व अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय बिजनौर में अपने ट्यूबवेल पर लगे मीटर उखाड़ कर जमा कर दिए थे
और समाधान ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, जिसका असर आज देखने को मिला। सैकड़ों की तादाद में किसान बिजनौर कलक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।

बिजनौर को गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़वाने की मुहिम में जुटे दिगंबर सिंह

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की युवा विंग ने गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिजनौर से करने की मांग की है। लखनऊ में मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिजनौर से किए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि गंगा आधारित हर परियोजना में बिजनौर की सहभागिता है तो गंगा एक्सप्रेस-वे में क्यों नहीं?


मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने आश्वासन दिया कि सरकार व खुद मुख्यमंत्री इसको लेकर गंभीर है। इसका प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जाएगा। दिगंबर सिंह ने कहा कि अगर सबका साथ सबका विकास सरकार की मंशा है तो बिजनौर के विकास को पंख, गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से लगेंगे। बिजनौर के नागरिक इसके लिए संघर्ष को तैयार हैं।
अवनीश अवस्थी को दिये गये ज्ञापन में गंगा एक्स्प्रेस-वे को बिजनौर से शुरू कराने की मांग करते हुए कहा गया कि ऐसा नहीं होने पर बिजनौर की जनता आन्दोलन करने के लिए तैयार है। इस पर श्री अवस्थी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मांग पर मुख्यमंत्री जी स्वयं गम्भीर है तथा गंगा एक्सप्रेस-वे से बिजनौर को जोड़ने का एक प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री जी को जल्द प्रेषित किया जायेगा। इस अवसर पर उनके साथ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक भी मौजूद थे।

उम्मीद चढ़ी परवान- दिगम्बर सिंह के इस प्रयास से गंगा एक्सप्रेस-वे से बिजनौर को जोड़ने की उम्मीद अब परवान चढी़ है। देखना दिलचस्प होगा कि इस बारे में सरकार कब निर्णय लेती है क्योंकि इस मांग को लेकर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह भी मुख्यमंत्री से मिले थे, जिन्हें आश्वासन दिया गया था, पर कई माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने बिजनौर को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए कोई पहल नहीं की।

…आखिरकार आयुष चौहान भाजपा से निष्कासित

आखिरकार भाजपा ने आयुष चौहान को दिखाया बाहर का रास्ता। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बिगुल फूंकने की मिली सजा।

बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ झंडाबरदार आयुष चौहान को भारतीय जनता पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री / मुख्यालय प्रभारी गोविन्द नारायण शुक्ल ने शुक्रवार को पत्र भेजकर आयुष चौहान को उनके निष्कासन का फरमान सुना दिया। अभी इसी सोमवार को ही आयुष चौहान के साथ जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी से मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी।

जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान ने दावा किया था कि 33 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव को लेकर डीएम से मिले और उक्त सदस्यों के हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र सौंपे गए। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह पर लगातार सदस्यों का शोषण करने और पार्टी संगठन की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

आयुष चौहान की अगुवाई में सोमवार को डीएम से मिलने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य (फाइल फोटो)

आयुष के साथी 8 भाजपाई सदस्यों का क्या होगा?

भाजपा के कुल 8 सदस्य चुनाव जीते थे, बाद में 4 अन्य सदस्यों के भाजपा में शामिल हो जाने से यह संख्या 12 हो गई थी। हालांकि देखने वाली बात ये होगी कि आयुष चौहान का अपने साथ बीजेपी के आठ सदस्य होने के दावे का क्या होगा? अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद उक्त आठों सदस्यों का अगला कदम क्या होगा? यदि वो अभी भी आयुष के साथ मजबूती से खड़े रहे तो क्या उन पर भी पार्टी हाईकमान का चाबुक चलेगा?

क्या लिखा है पत्र में ? प्रदेश महामंत्री / मुख्यालय प्रभारी भाजपा उ०प्र० गोविन्द नारायण शुक्ल ने जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान को पत्र भेजकर उनके निष्कासन की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि आपके द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों की रिपोर्ट जिलाध्यक्ष बिजनौर द्वारा प्राप्त हुई है। क्षेत्र एवं प्रदेश के सम्यक विचारोपरान्त जिले से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी: शुरू हुआ शह और मात का खेल

बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को झंडा उठाने वाले पंचायत सदस्य आयुष चौहान की राह उतनी आसान नहीं है, जितनी कि दर्शाई जा रही है। दरअसल साकेन्द्र प्रताप सिंह के पास समर्पित साथियों की लंबी चौड़ी फौज बताई जाती है। आयुष चौहान द्वारा जिलाधकारी के समक्ष 33 सदस्यों के शपथ पत्र सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस देने की कवायद फलीभूत होने के कुछ ठोस कारण अभी भी समझ से परे ही बताए जा रहे हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के पक्ष में शुभम सांगवान ने अनुराग शर्मा समेत 25 अन्य को टैग करते हुए फेसबुक पर बड़ी तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि चलो भाई एक बार और इस आदमी की गलतफहमी दूर करने का समय आ गया, खुला समर्थन साकेन्द्र प्रताप सिंह जी को है। तन मन धन से। जय भाजपा। जय हो साकेन्द्र प्रताप सिंह।

इस बीच सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जंग छिड़ गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के पक्ष में शुभम सांगवान ने अनुराग शर्मा समेत 25 अन्य को टैग करते हुए फेसबुक पर बड़ी तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि चलो भाई एक बार और इस आदमी की गलतफहमी दूर करने का समय आ गया, खुला समर्थन साकेन्द्र प्रताप सिंह जी को है। तन मन धन से। जय भाजपा। जय हो साकेन्द्र प्रताप सिंह। फेसबुक पर ही चौधरी विशाल बालियान ने कहा कि साकेन्द्र भैया जिंदाबाद। विकास साहनपुर का कमेंट है….साकेन्द्र प्रताप जी जिंदाबाद। चौधरी सुमित मंडियाना व अरुण विश्वकर्मा वंशी ने लिखा चौधरी साकेन्द्र प्रताप सिंह जिंदाबाद। चौधरी सुमित मंडियाना ने ही अलग से राय दी कि कुछ नहीं होगा, चक्कर में मत पड़ो। वहीं दीपक कुमार चौहान ने कमेंट किया कि कुछ नहीं, ये बीजेपी की नौटंकी है। चिरंजीव चौधरी का मानना है कि कुछ नहीं होगा। हनी राणा ने भी लिखा कि कुछ नहीं होगा दोस्त।

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री व विधायक ठाकुर यशपाल सिंह के पुत्र आयुष चौहान अर्से से राजनीतिक गलियारों में सक्रिय हैं। अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालने का जज़्बा लेकर वह येन-केन-प्रकारेण कोई मौका भी गंवाना चाहते। बताया गया है कि सोमवार सुबह जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता आयुष चौहान के साथ 33 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र डीएम को सौंपा। जिला पंचायत सदस्यों का कहना था कि अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी द्वारा उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। 

जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बगावत, दूसरे गुट ने ठोंकी ताल

भाजपा की छवि खराब कर रहे हैं साकेन्द्र चौधरी: आयुष। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ डीएम से मिला दूसरा गुट। बागी गुट का 33 सदस्यों के साथ का दावा अध्यक्ष साकेन्द्र पर सदस्यों के उत्पीड़न का आरोप साकेन्द्र चौधरी ने किया मोबाइल स्विचऑफ

बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी छीनने के लिए भाजपा के ही दूसरे गुट ने ताल ठोक दी है। भाजपा नेता आयुष चौहान के नेतृत्व में एक गुट ने डीएम से मिलकर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की है। मौके पर मौजूद इस गुट के 22 सदस्यों समेत कुल 33 सदस्यों की ओर से  डीएम को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र चौधरी के खिलाफ लिखित शपथ पत्र दिया गया। गौरतलब है कि विकास कार्यों में गड़बड़ी को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों में लंबे समय से तनातनी चल रही है।

जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा सदस्यों को अलग-अलग तरीके से परेशान किया जा रहा है। इसी को लेकर उन्होंने अध्यक्ष को हटाने के लिए डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा है।

आयुष चौहान की अगुवाई में जुटे सदस्य

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भाजपा जिला पंचायत सदस्य आमने-सामने आ गए हैं। सोमवार सुबह जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता आयुष चौहान के साथ 22 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 33 सदस्यों के हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र डीएम को सौंपा। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी द्वारा उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। 

आयुष चौहान का आरोप, सदस्यों का उत्पीड़न कर रहे हैं साकेन्द्र

जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान ने बताया कि 33 जिला पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव को लेकर डीएम से मिले। उक्त सदस्यों के हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र जिलाधिकारी को सौंपे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष लगातार सदस्यों का शोषण कर रहे हैं। इसी कारण  सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से साकेंद्र चौधरी को हटाने की ठानी है। उन्होंने बताया कि भाजपा के कुल 8 सदस्य जीते थे, बाद में 4 अन्य सदस्य भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ बीजेपी के आठ सदस्य हैं।

वहीं पूरे घटनाक्रम के संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया, लेकिन एक बार पूरी रिंग जाने के बाद भी रिसीव नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद फिर से कॉल की गई तो मोबाइल स्विचऑफ था।

एएसपी ग्रामीण ने किया समस्याओं का समाधान

बिजनौर। अपना दल (एस) के प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया। एसपी ग्रामीण ने उनका त्वरित निस्तारण किया।

शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट पूर्व चेयरमैन की अगुवाई में अपना दल (एस) के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया, जिनका उन्होंने तुरंत समाधान किया। प्रतिनिधिमंडल में अपना दल (एस) के एडवोकेट शैलेंद्र चौधरी पूर्व चेयरमैन, जिला अध्यक्ष आइटी सैल सूर्य प्रताप सिंह, अनुराग राजोरा, चौधरी कृपाल सिंह, नितिन राजपूत, हिमांशु राजपूत, जिला महासचिव राजेंद्र चौधरी एडवोकेट शामिल थे।

सपा का सदस्यता अभियान: राज्यसभा सांसद ने की शुरुआत

राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने की सदस्यता अभियान की शुरुआत। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव, घर-घर जाने की अपील। लोकतंत्र खतरे में है, समाजवाद को करना होगा मजबूत-जावेद अली खां ।

बिजनौर। समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए राज्यसभा सांसद जावेद अली खां ने कहा कि सदस्यता अभियान में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता पदाधिकारी व कार्यकर्ता बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने के लिए गांव-गांव, घर-घर जाने की अपील की। 

समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर सदस्यता अभियान को लेकर एक बैठक हुई। अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने की तथा संचालन निवर्तमान जिला महासचिव चौधरी आदित्यवीर सिंह ने किया। बैठक में मुख्य अतिथि के रुप में राज्यसभा सांसद व सदस्यता अभियान के प्रभारी जावेद अली खान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगीना के विधायक/पूर्व मंत्री मनोज पारस, नजीबाबाद के विधायक तस्लीम अहमद, चांदपुर के विधायक/पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, नूरपुर के विधायक राम अवतार सिंह उपस्थित रहे।  सदस्यता अभियान के प्रभारी ने कहा कि इस अभियान में बूथस्तर तक हर वर्ग तक जाना है। हर दरवाजे तक पहुंचकर पार्टी की नीति, कार्यक्रम और फैसलों की जानकारी दे। उन्होंने कहा कि यह सदस्यता अभियान, लोकतंत्र को बचाओ अभियान चलता रहेगा। इस अभियान में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है। हमें समाजवाद को मजबूत करना होगा। इस अवसर सदस्यता अभियान के प्रभारी राज्यसभा सांसद जावेद अली खान द्वारा सैकड़ों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सदस्यता दिलाई गई तथा जनपद में पांच लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया। 

कार्यक्रम में अनिल यादव, रफी सैफी, कपिल कुमार, प्रभा चौधरी, कुण्टेश सैनी, राधा सैनी, सतपाल सिंह, असलम कुरेशी, अब्दुल मन्नान, शमशाद अंसारी, अरशद अंसारी, डॉक्टर शफीक राजपूत, शिव कुमार गोस्वामी, मदन सैनी, काजी इदरीस, नसीम प्रधान, शेख जाहिद, नईम मकरानी, कमलेश भुय्यार, कृपा रानी प्रजापति, विमलेश चौधरी, हाजी फैसल, शमशाद सैफी, आजम खान, ओमप्रकाश सिंह, संसार चौधरी, सखी अल्बी, अमन सिंह, जावेद अख्तर, हनी फैसल, नदीम जफर, शैख अंज़ार, मोहम्मद उस्मान, मास्टर लईक,एहतेशाम राजा, रहुल इस्लाम, नाजिम खान, मोहसिन अंसारी, संजय यादव, वीरेंद्र अग्रवाल, शकील पहलवान,डॉक्टर शहबाज़, काज़ी जमाल नासिर, अदनान राइन, डॉक्टर रहमान, अब्दुल वहाब, महमूद कस्सार, इरफान मलिक, मुस्तकीम अहमद, अखलाक पप्पू,शाकिर खान, अशोक आर्य,शुऐब भूरा, दिनेश चौधरी,व अहमद खिज़र खान आदि उपस्थित थे।

शक्ति केन्द्रों ने बनाई हर घर तिरंगा अभियान को लेकर रणनीति

हर घर तिरंगा अभियान को लेकर शक्ति केन्द्रों की रणनीति तैयार

बिजनौर। आदमपुर मंडल के विभिन्न शक्ति केंद्रों की बैठकों का आयोजन डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में किया गया। इस दौरान डीएवी, बुखारा, लडापुरा, तिवड़ी, जलालपुर काजी शक्ति केंद्रों की बैठक आयोजित की गई। मुख्य वक्ता भाजपा जिला महामंत्री विनय राणा रहे, अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष देवेंद्र मलिक ने की।

मुख्य वक्ता द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तार से बताया गया। उन्होंने ध्वज को लगाने के तरीके के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की। इस अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के मंडल संयोजक आशीष शर्मा ने बताया कि उक्त कार्यक्रम को हम हर्ष उल्लास के साथ मनाएंगे और जैसे पहले अपना मंडल हर अभियान में सबसे आगे रहता है, उसी प्रकार इस अभियान में भी आगे रहेगा। अभियान के सह संयोजक कुलदीप कुमार ने तिरंगा झंडा व्यवस्था के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। मंडल अध्यक्ष देवेंद्र मलिक ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी बूथ अध्यक्ष तथा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष मान देवी, मंडल मंत्री नीरज बॉबी मधु भूषण शक्ति केंद्र संयोजक सूरजभान, सभी बूथ अध्यक्ष, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष शिवानी शर्मा, मीना त्यागी, दीपक पाल आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, सौंपा ज्ञापन

बिजनौर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को जिला/ब्लाक कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा सभी 11 ब्लॉक कार्यालयों में राष्ट्रपति को सम्बोधित मांग पत्र सौंपा गया। जिला मुख्यालय पर ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। कांग्रेस जन जिला कार्यालय से जुलूस की शक्ल में इकट्ठा होकर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी एवं जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मांग पत्र दिया।

कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में अवगत कराते हुए मांग की है कि भाजपा शासन काल मे देश प्रदेश में दिन प्रति दिन बढ़ती महंगाई के चलते त्राहि त्राहि मची हुई है, जिसके चलते आम नागरिक को दो वक्त की रोटी मिलना भी दूभर हो गया हैगरीब मजदूर भूखे मरने के कगार पर है। बेरोजगारी चरम पर है, पढ़े लिखे नौजवानों के लिए सरकारी नौकरी नहीं है। बेरोजगारों के लिए रोजगार नहीं है। पढ़े लिखे नौजवान हर रोज खुदकुशी कर रहे हैं, लेकिन देश की गूंगी बहरी ओर अंधी सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। हर रोज़ खानपान में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पर भी सरकार द्वारा भारी जीएसटी लगा कर लूटने का काम किया गया है, जिससे देश के गरीबों की थाली से भोजन ही गयाब होने लगा है। किसानों के इस्तेमाल में आने वाली कीटनाशक दवाईयों और बीज पर भारी जीएसटी लगने की वजह से देश का अन्नदाता भी परेशान है, जो खेती करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति से जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी मोहम्मद पुर देवमल ने मांग की है कि देश में चल रही जन विरोधी भाजपा सरकार को तत्काल बर्खास्त करें।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, पूर्व मंत्री ओमवती देवी, इकबाल अहमद ठेकेदार, रविराय गुलशन कुमार, मिस बाबुल हसन, विक्रम सिंह एड०,शमीम कुरैशी, पदम् सिंह, मो०रफत नेता, सुधीर कुमार रवि, राजवीर सिंह सैनी,।वसीम अहमद, आमोद शर्मा, वीरेश गहलोत, दिनेश कुमार, जलालुद्दीन, संजीव चौधरी, नसीम, मो०अयूब मलिक आदि मौजूद रहे।

स्योहारा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से एक बैठक का आयोजन स्योहारा में ब्लॉक परिसर में किया गया। बैठक के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया। ज्ञापन में तत्काल प्रभाव से भाजपा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। सभा में प्रतिदिन बढ़ती महंगाई की समस्याएं उठाई गई। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन बीडीओ रामकुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओ, दलितों पर निरन्तर हमले हो रहे हैं।बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा वर्ग परेशान है, बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है। अन्नदाता दो वक्त की रोटी नहीं खा पा रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में भाजपा सरकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की गई। इस मौके पर डॉ यज्ञदत्त गौड़, प्रेम सिंह सैनी, एहसान जमील, चांद चौधरी, आसिफ कुरेशी, नरेंद्र सैनी, हरि सिंह सागर, फहीम व सतपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

तमाम बैरिकेटिंग पार कर किसानों ने घेर ही लिया कलक्ट्रेट

चौधरी दिगंबर सिंह का एलान, मांगें नहीं मानी तो अफसरों को चैन से नहीं बैठने देंगे।

बिजनौर। कलक्ट्रेट जाने की कोशिश कर रहे भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने बेरिकेटिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद कलक्ट्रेट पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं ने अपना दमखम दिखा ही डाला।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि  किसानों की मांगे नहीं मानी गई तो जिले के अंदर अफसरों को चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा। किसानों की समस्याओं का समाधान न होने पर भाकियू ने मंगलवार दोपहर कलक्ट्रेट का घेराव किया। युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि जनपद की चीनी मिलें नहीं चाहती कि कोई नई मिल बने। इसी के चलते नूरपुर में प्रस्तावित चीनी मिल का विरोध किया जा रहा है। किसानों के 24:00 पर मीटर लगा दिए गए और अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद मनमाना बिजली का बिल वसूला जा रहा है। विद्युत विभाग के अधिकारी किसानों के ट्रायल पर जाते हैं और वीडियो बनाकर किसानों को डराते और धमकाते हैं। नमामि गंगे अभियान की शुरुआत बिजनौर से की गई इसके बावजूद गंगा वे एक्सप्रेस मेरठ से निकाला जा रहा है और बिजनौर को इससे अछूता रखा जा रहा है। जब अभियानों की शुरुआत बिजनौर से की जाती है तो जिन योजनाओं से जनपद वासियों को लाभ मिले उन योजनाओं को भी बिजनौर से अछूता नहीं रखना चाहिए। बिलाई शुगर मिल के बारे में हर किसी को पता है लेकिन तीन अन्य और भी मिले हैं, जो किसानों का भुगतान नहीं कर रही हैं।  किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है और बार-बार फरियाद लगाने के बावजूद अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। सभा में कई अन्य वक्ताओं ने भी किसानों की समस्याओं को उठाया और समस्याओं का समाधान ना करने पर अफसरों को चेतावनी दी। इस मौके पर धर्मेंद्र मलिक, दीपक कुमार, राकेश प्रधान, जितेंद्र सिंह, अंकित, तेजवीर, धर्मेंद्र,  राजवीर सिंह, मांगेराम त्यागी, राजेश सिंह मलिक संरक्षक, अरविंद राजपूत, वीर सिंह, तेजवीर सिंह, अंकित ग्रेवाल, कुलबीर सिंह, समर पाल सिंह, सरदार इकबाल सिंह
आदि मौजूद रहे।

इससे पहले कलक्ट्रेट जाने की कोशिश कर रहे भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने बेरिकेटिंग लगाकर किसानों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर ही दम लिया।

बताया गया है कि सीओ सिटी अनिल चौधरी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की। अधीक्षण अभियंता विद्युत निरंजन कुमार सिंह ने दावा किया कि नलकूपों की बिलिंग अनमीटर्ड निजी नलकूप संयोजनों के लिए निर्धारित दर पर ही की जायेगी, बिल द्वारा जमा की गई धनराशि समायोजित की जायेगी।

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा बीडीओ को ज्ञापन

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा बीडीओ को ज्ञापन

बिजनौर। किसानों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से एक बैठक का आयोजन ब्लॉक परिसर में किया गया। बैठक के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया।

अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से एक सभा का आयोजन किया गया। कामरेड इसरार अली की अध्यक्षता में आयोजित सभा में किसानों की समस्याएं उठाई गई। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ रामकुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि देश में धर्म के नाम पर नफरत, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों पर निरन्तर हमले हो रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा वर्ग परेशान है, बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है। तमाम समस्याओं के लिए बोलने वालों पर पुलिसिया उत्पीड़न, बुल्डोजर नीति लागू की जा रही है। ऐसी स्थिति में अखिल भारतीय किसान सभा किसानों के आन्दोलन की समाप्ति पर किए गए वायदे पूरे करने, किसानों पर लगे झूठे मुकदमे वापस लेने, केन्द्रीय बिजली बिल वापिस लेने, नलकूपों पर लगे मीटर हटाए जाने, मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने, आवश्यक वस्तुओं, पैक सामग्री, डीजल, पैट्रोल, गैस के मूल्य कम करने सहित अन्य कई मांगें उठाई गई। इस मौके पर इसरार अली, इसरार अली, फरीद अहमद, मोहम्मद तय्यब, इंद्र कुमार शर्मा, खलील अहमद, मोहम्मद आरिफ, मतलूब अहमद, जाबिर हुसैन, अनवर हुसैन, अभिषेक यादव, मोहम्मद यासीन आदि मौजूद रहे।

देश की पहली महिला डॉक्टर व विधायक का जन्मदिन आज

डॉक्टर मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (30 जुलाई 1886 — 22 जुलाई, 1968) भारत की पहली महिला विधायक थीं। वे ही लड़कों के स्कूल में प्रवेश लेने वालीं देश की पहली महिला थीं। इसके आलावा मुत्तुलक्ष्मी ही देश पहली महिला डॉक्टर (मेडिकल ग्रेजुएट) भी थीं। मुत्तुलक्ष्मी जीवन भर महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़तीं रहीं और देश की आज़ादी की लड़ाई में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

30 जुलाई 1886 में तमिलनाडु (तब मद्रास) में जन्मीं मुत्तुलक्ष्मी को भी बचपन से ही पढ़ने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके पिता एस नारायणस्वामी चेन्नई के महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनकी मां चंद्रामाई ने समाज के तानों के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए भेजा। उन्होंने भी मां-बाप को निराश नहीं किया और देश की पहली महिला डॉक्टर बनीं।

अपनी मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान की एक बार मुत्तुलक्ष्मी को कांग्रेस नेता और स्वतन्त्रता सेनानी सरोजिनी नायडू से मिलने का मौका मिला। तभी से उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की आजादी के लिए लड़ने की कसम खा ली। यहां तक कि उन्हें इंग्लैंडजाकर आगे पढ़ने का मौका भी मिला लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर विमेंस इंडियन असोसिएशन के लिए काम करना ज्यादा जरूरी समझा। मुत्तु को सन् 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और महिलाओं के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी। 1956 में उन्हें समाज के लिए किये गए अपने कार्यों के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

विधायक के रूप में काम करते हुए उन्होंने लड़कियों की कम आयु में शादी रोकने के लिए नियम बनाए और अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम को पास करने के लिए परिषद से आग्रह किया। सन् 1954 ई. में उन्होंने ‘अद्यार कैंसर इंस्टिट्यूट’ (Adyar Cancer Institute) की नींव रखी थी, जहां आज सालाना करीब 80 हजार कैंसर के मरीजों का इलाज होता है। 

पूर्व विधायक हाजी नईम उल हसन ने बांटा टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार

बिजनौर। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश अनुसार टीबी रोगियों को गोद लिया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को पूर्व विधायक हाजी नईम उल हसन के आवास पर टीबी रोगियों को गोद को लिया गया।

हाजी नईम उल हसन पूर्व विधायक के आवास पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ विशाल दिवाकर, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक उमर फारुख, यशवंत सिंह टीबी एचवी ने टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार वितरित किये। इसमें
चने, गुड़, सोयाबीन की बड़ी, मखाने, काले चने, प्रोटीन पॉवडर आदि की किट टीबी रोगियों को वितरित की गई।
पूर्व विधायक हाजी नईम उल हसन ने कहा कि शहर स्योहारा के जितने भी टीबी रोगी या अन्य किसी भी प्रकार के रोगी या किसी परेशानी में मुब्तिला हैं, उनके लिए मेरे दरवाज़े हमेशा खुले हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग या किसी भी सामाजिक संस्था को मेरी कही भी सहयोग की आवश्यकता है, तो हर वक़्त तैयार हूं।

विधानसभा अध्यक्ष ने किया वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित

लखनऊ (पंचदेव यादव)। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को विधान सभा के वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित करते हुए एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 5 बार या उससे अधिक चुनाव जीत कर आये वरिष्ठ सदस्यों से विधान सभा की गरिमा को और बढ़ाये जाने पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि मेरा प्रयास होगा विधानसभा की गरिमा बनी रहे। जनता अगर हमे सदन भेज रही है उस सम्मान को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।


विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है पर वरिष्ठों का सम्मान बना रहना चाहिए। मेरा प्रयास होगा कि सभी सदस्यों से सीधा संवाद हो, जिससे विधान सभा को और अच्छा किया जाय सके। इसलिए इस तरह का संवाद कार्यक्रम शुरू किया है। हम चाहते हैं कि समाज में जनप्रतिनिधियों के प्रति सकारात्मक भाव पैदा हो क्योंकि इस विधानसभा में हर तरह की मेधा के लोग है। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हम चाहते हैं कि विधायकों की गरिमा और बढ़े, हमारे सदस्यों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में अवसर मिले जिससे उत्तर प्रदेश की पहचान बने।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने महाना जी को हार्दिक बधाई देत हुए कहा कि आपने कई नई परम्पराएं डाली हैं। एक भी दिन विधानसभा स्थगित नहीं हुई और कोई भी सदस्य वेल में नहीं आया। इसके साथ ही सत्र के दौरान सदस्यों के जन्म दिन के मनाने की भी नई परम्परा की शुरूआत की। श्री खन्ना ने कहा कि ग्रुप बनाकर विधायकों के साथ शुरू किया गया संवाद का कार्यक्रम एक बहुत ही सुखद संकेत है। राजनीतिक व्यक्ति की छवि का समाज पर बहुत असर पड़ता है। हम सभी वरिष्ठों को नए सदस्यों को रास्ता दिखाना है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधायिका के प्रति हमे जनता की सोच को बदलना है। विधानसभा सबसे बड़ा चर्चा व परिचर्चा तथा विचार का मंच है। इसी से हम सभी जनता के प्रति अपने सेवा भाव के उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।

संवाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि श्री महाना ने नयी परिपाटी की शुरूआत की है। इस तरह के कार्यक्रम से सदन को लाभ मिलेगा। हम सभी सदस्यों को मिलकर विधान सभा अध्यक्ष को और ताकतवर बनाना है, जिससे उनका सम्मान बना रहे। श्री पाण्डेय ने कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष में मतभेद हो सकता है लेकिन सदन और अध्यक्ष का सम्मान बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। आज जिस तरह से वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया उसके लिए विधान सभा अध्यक्ष धन्यवाद के पात्र है। पूर्व विधान सभा के अध्यक्ष ने कहा कि श्री महाना ने बहुत अच्छी तरह से सदन को चलाया और सभी सदस्यों को बोलने का मौका दिया। यह एक अच्छी परम्परा है।

इस क्रम में वरिष्ठ सदस्य अवधेश प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किये और कहा कि महाना जी ने जो शुरुआत की है। उसे भविष्य में इतिहासकार लिखेंगे। 1977 जब पहली बार चुनकर आया था, तब से अब तक कई विधानसभा अध्यक्ष देखें हैं पर श्री महाना की कार्यशैली अनूठी है। पहली बार सदन स्थगित नहीं हुआ और लगभग सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिला जिससे प्रदेश में एक अच्छा संदेश गया। श्री प्रसाद ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सुखद संयोग से रचनात्मक सुझाव सामने आए, जिससे प्रदेश के विकास के रास्ते खुल रहे हैं। लोकतंत्र की जड़े और मजबूत हो रही हैं। यह एक बहुत अच्छी पहल है। इसी तरह सत्ता पक्ष विपक्ष मिलकर काम करते रहें, यही प्रदेश की जनता को अपेक्षा है।

इस दौरान रघुराज प्रताप सिंह राजा राजा भैया ने कहा कि आज जितने सदस्य यहां मौजूद हैं, उन सभी ने विधान सभा अध्यक्ष के इस कार्य को सराहा है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा अपना पुराना गौरव प्राप्त करे। ये तभी संभव होगा जब अधिक से अधिक सदन चले। उन्होंने कहा कि जितना अधिक सदन चलेगा। उतना ही इस सदन के सदस्यों की गरिमा बढ़ेगी। विधानसभा में जो बदलाव हो रहा है वह सब अध्यक्ष की विलक्षण प्रतिभा का परिचायक है।
वहीं शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आप बधाई के पात्र हैं, जो आपने वरिष्ठों को सम्मानित करने का काम किया है। यह पहली बार हुआ है। श्री यादव ने कहा कि यदि जनता बार बार जिताकर भेज रही है तो ऐसे लोगों का जनता के बीच कहीं न कहीं सम्मान है। ऐसे लोगों ने जरूर जनता से अपना वादा पूरा किया है। यू0पी0 विधानसभा को फिर से गौरव मिल सके इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना पडेगा। यू0पी0 विधानसभा की मिसाल पूरे देश में दी जाती रही है।


श्री लालजी वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को जो आज सम्मान दिया गया इसके लिए हम सभी अध्यक्ष के आभारी हैं। इस नई शुरुआत के लिए बधाई। श्री वर्मा ने कहा कि आपसी विचार विमर्श से संसदीय परंपराएं मजबूत होंती हैं और नए सदस्यों को संसदीय परंपराओं की जानकारी देना हम सब वरिष्ठों की जिम्मेदारी है। हम सबको संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अध्यक्ष जी के व्यवहार और स्वभाव से हम सब प्रभावित हैं। उन्होंने लीक से हटकर जो नई परंपरा शुरू की है, वह अपने आप में अनूठी है। लोकतंत्र में लोक और लाज का महत्व होता है। संसदीय व्यवस्था में संवाद बहुत आवश्यक है। उत्तर प्रदेश देश का हृदय है। इसलिए इसे मजबूत रखने की जरूरत है। ये परपरा बनी रहनी चाहिए। ये हमारा सम्मान नहीं, आपका भी सम्मान है। जय प्रताप सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से एक अच्छा संदेश जाएगा। सत्र के दौरान जनता की समस्याओं को कैसे उठाया जाए, नए सदस्यों को और सीखने की जरूरत है। इस तरह के कार्यक्रम से नये सदस्यों को प्रेरणा मिलेगी। आपसी बहस से नया रास्ता निकलता है।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि विधान सभा में सबको बोलने का अवसर देकर अनुशासन बनाए रखना लोकतंत्र की पहचान रही है। पहली बार  विपक्ष शालीन तरीके से अपनी भूमिका निभा रहा है। वरिष्ठों सदस्यों को सम्मान दिया जा रहा है, जिससे एक नया इतिहास बन रहा है। विधानसभा परिसर के सुन्दरीकरण से लेकर सदन को डिजिटल बनाने तक किया गया कार्य सरहनीय है।। महबूब अली ने कहा कि महाना जी ने सदन को पहली बार में ही सुचारू रूप से चलाने का काम किया है। रमापति शास्त्री ने कहा कि यह हमारा सम्मान नहीं, देवतुल्य कार्यकर्ताओं का सम्मान है जिसे उन तक पहुंचाऊंगा।


इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष श्री महाना ने कार्यक्रम में उपस्थित अरविन्द गिरि, पूरन प्रकाश, श्रीराम चौहान, बावन सिंह, फरीद महफूज किदवई, धर्मपाल सिंह, मयंकेश्वर शरण सिंह, राम चन्द्र यादव व कार्यालय कक्ष में चौधरी लक्ष्मी नारायण, राम कृष्ण भार्गव सहित सभी वरिष्ठ सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे व अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

लखनऊ पहुंच कर किसानों की समस्याएं विद्युत विभाग के एमडी को बताईं

लखनऊ पहुंच कर किसानों की समस्याएं विद्युत विभाग के एमडी को बताईं

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रतिनिधि मण्डल ने पंकज कुमार, प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन लि0 से शक्ति भवन, लखनऊ में मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि निजी नलकूपों में मीटर लगाये जाने से किसानों में रोष है, जिससे सरकार द्वारा घोषणा पत्र में किसानों को फ्री बिजली दिये जाने के वादे का भी मजाक है। सामान्य योजना के कनेक्शन का सामान निर्गत किये जाने, विद्युत उपकेन्द्रों एवं ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, जर्जर तार बदलने, गलत बिजली बिल दिये जाने आदि समस्याओं पर चर्चा की। प्रबन्ध निदेशक ने बिजली विभाग के विशेष सचिव आदेश संख्या 812/24-1-21-1307/2020 दिनांक 12 मई 2021 का हवाला देते हुए यह आश्वासन दिया कि एलएमवी 5 के अन्तर्गत निजी नलकूपों के संयोजनों की बिलिंग अनमीटर्ड  निर्धारित दरों पर ही की जायेगी। किसानों के भ्रम दूर करने के लिए सभी कंपनियों को आदेशित किया जायेगा। प्रदेश में जर्जर तार एवं क्षमता वृद्धि हेतु आगामी तीन माह में भारत सरकार की योजना के माध्यम से कार्य कराये जाने सुनिश्चित किये जायेंगे। किसानों के बिल पर निगरानी हेतु टीम का गठन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा हेतु विभाग द्वारा जल्द ही कई छोटे-छोटे कदम उठाये जायेंगे प्रतिनिधि मण्डल में धर्मेन्द्र मलिक राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिगम्बर सिंह युवा प्रदेश अध्यक्ष, उ0प्र0 शामिल रहे।

एमडी को दिये ज्ञापन में बताया गया कि उत्तरप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। अघोषित कटौती और फॉल्ट की समस्या बनी ही रहती है। हवा चलने से लाइन फॉल्ट आना, उपकरण खराब होना व् ट्रांसफार्मर में खराबी आना आम बात हो गई है और बिजली ट्रिपिंग किसानों की समस्या बनी रहती है। अगर सही ढंग से लाइनों का सुधार और ट्रांसफार्मर, बिजलीघर की क्षमता वृद्धि की जाए जिससे सप्लाई प्रभावित न हो।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किसानो द्वारा निजी नलकूप पर मीटर लगाने जाने को लेकर किसान आक्रोशित है। किसानों को आशंका है कि मीटर से किसानों पर बिजली बिल का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है।
बिजली विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि खेती के लिए निजी नलकूप कनेक्शन पर मीटर लगवाने के बाद भी किसानों पर बिजली बिल का बोझ नहीं बढ़ेगा। किसानों को मीटर रीडिंग के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान नहीं करना होगा, बल्कि पहले से निर्धारित बिल ही उनसे लिया जाएगा। मीटर रीडिंग के जरिये बिजली निगम गांवों में नलकूपों पर विद्युत खपत का आंकलन करेगा। बीजेपी के संकल्पपत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के किसानों को अगले 5 साल तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करना होगा, इस पर भी सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश निजी नलकूप के नये बिलों में ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 1 रुपये प्रति यूनिट व फिक्स चार्ज 70 रुपये प्रति हॉर्स पावर से घटकर 35 रुपये प्रति हॉर्स पावर की गयी थी। अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपये प्रति हॉर्स पावर की जगह 85 रुपये प्रति हॉर्स पावर होगा। किसानों को वाटर लेबिल अधिक गहरे में जाने के कारण बड़ा मोटर रखना पड़ रहा है, इसके लिए बोर के आधार पर प्रति हॉर्स पावर कनेक्शन स्वीकृत किया जा सकता है, ताकि किसान को उचित राहत मिल सके।
जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण एवं सरकारी कार्यक्रमों के असरदार क्रियान्वन के लिए सम्भव पोर्टल sambhav.up.gov.in के माध्यम से पंजीकृत होकर त्वरित निस्तारण का लाभ ग्रामीण जनता व् किसानों को नही मिल रहा है। किसानों को बिजली की समस्याओं के लिये दीर्घकालीन समाधान चाहिये। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने समाधान की मांग की है।

  1. बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाए। ताकि किसानों की बार-बार ट्रांसफार्मर जलने व् लो-वोल्टेज की वजह से नलकूप न चलने की समस्या का समाधान हो सके।
  2. विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही जर्जर लाइनों और जंग लगे विद्युत पोलों को बदला जाये। लंबी दूरी और बांस बल्ल्यिों के सहारे वाले कनेक्शनों पर पोल लगाए जाएं। विद्युत लाइनों के समीप से पेड़ हटाए जाये ताकि वे लाइनों पर न गिरें। निजी नलकूपों की लाइनों के जर्जर तार अविलंब बदले जाए। जर्जर लाइनों के टूटने से किसानों की फसल बर्बाद होती रहती है।
  3. किसानों को वाटर लेबिल अधिक गहरे में जाने के कारण बड़ा मोटर रखना पड़ रहा है, इसके लिए बोर के आधार पर प्रति हॉर्स पावर कनेक्शन स्वीकृत किया जाये अर्थात चार इंची बोरिंग तक किसानों को 7.5 एचपी व 6 इंच बोरिंग के नलकूप पर 10 हार्स पॉवर का कनेक्शन दिया जाये।
  4. नया कनेक्शन लेने, गलत बिल आना या बिना कनेक्शन बिल आने, एक नाम पर दो कनेक्शन का बिल आने पर किसानों की कठिनाइयों के हल का पारदर्शी व् शीघ्र हल की प्रणाली विकसित की जाये क्योकि नया कनेक्शन लेने व गलत बिल सही कराने से लेकर कनेक्शन देने के मामले में इंजीनियर बिजली ग्राहकों को महीनों इधर से उधर दौड़ाते है, इसलिए तय समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं होने पर मुआवजा कानून (स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन, 2019) के तहत मुआवजा दिया जाये।
  5. विद्युत चोरी के प्रकरण में कृषि उपभोक्ता पर वैधानिक दायित्व राशि उचित व तर्क पूर्ण की जाये अर्थात देय अनुदानित दर से की जाये, ताकि कृषि उपभोक्ता उसे जमा कर सके, अन्यथा विवाद बना रहता है। सतर्कता जांच प्रतिवेदन का सहायक अभियंता के स्तर पर पूर्ण निस्तारण किया जाये।
  6. अधिभारित विद्युत उपकेंद्र से बाटकर बिजली सप्लाई की जा रही है।जिससे किसानों को निर्धारित अवधि के सापेक्ष आधी ही आपूर्ति होती है। इसके निवारण हेतु नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाए।
  7. सामान्य योजना के अन्तर्गत निर्गत किए गए निजी नलकूप के कनेक्शन का सामान उपलब्ध कराया जाय। सामान्य योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली सब्सिडी में भी वृद्धि की जाये।

“मित्रों” से अब दूरी क्यों बना रही है पुलिस?

“मित्रों” को दरकिनार कर कैसे सफल होगी पुलिस? सिर्फ इन्फॉर्मर ही नहीं, बल्कि ये हैं पुलिस के आंख-कान।

बिजनौर। ब्रिटिश काल से ही पुलिस इन्फाॅर्मर रखती रही है। पिछले कुछ साल तक भी लगभग सभी राज्यों में एसपी स्तर पर एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) रखने का प्रचलन था। यह अब भी है, इन्हें पुलिस आईकार्ड भी देती रही है। पुलिस-प्रशासन के लोगों के बीच भी उनकी पैठ इस मामले में रहती है कि उनकी सूचनाओं पर पुलिस ज्यादा यकीन करती है। वहीं यूपी में जब से योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली, “पुलिस मित्र” रखने पर खासा जोर दिया जाने लगा। इसके बावजूद बिजनौर में पूरी व्यवस्था धवस्त पड़ी हुई है। “मित्रों” को “पुलिस” किसी भी पर्व या कार्यक्रम में शरीक करना मुनासिब नहीं समझती!

शुरुआत- विभागीय सूत्रों के अनुसार पुलिस मित्र बनाने के अभूतपूर्व प्रयोग की शुरुआत मुजफ्फरनगर के तत्कालीन पुलिस कप्तान अनंतदेव तिवारी ने की। उन्होंने हजारों की संख्या में पुलिस मित्र बनाए। बाद में, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह ने इसे संस्थागत तौर पर बढ़ावा दिया। जून, 2018 में यूपी के आईजी (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने कहा था कि यह एक तरह की वालिंटियर सेवा है और इसके लिए किसी को कुछ भी भुगतान नहीं किया जाएगा। सभी को पहचान पत्र जारी किया गया बल्कि सभी जिला पुलिस कप्तानों को इस संबंध में पत्र भी भेजा गया। असर यह हुआ कि अकेले आगरा में 72 घंटे में 15,000 पुलिस मित्र बना दिए गए। प्रवीण कुमार ने दावा किया कि पुलिस मित्रों की यह व्यवस्था पुलिस को विभिन्न त्योहारों पर कानून-व्यवस्था बनाने और पुलिस को फीडबैक देने में कारगर साबित हुई है। गोरखपुर के तत्कालीन एसएसपी डाॅ. सुनील गुप्ता ने भी कहा था कि पुलिस मित्र बनाने से पहले व्यक्ति का पूरा ब्यौरा जुटाया जाता है। बिना वेरीफिकेशन के किसी को सदस्य नहीं बनाया जाता।

तब कहा था DGP ने- यूपी पुलिस अब गांव और शहरी क्षेत्रों में पुलिस मित्र बनाएगी। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के विवाद होते रहते हैं। इनके निराकरण के लिए पुलिस अपनी भूमिका का निर्वाह करती है, लेकिन पुलिस की भूमिका की एक सीमा है और उस भूमिका में स्थानीय स्तर पर सक्रिय योगदान के लिए यदि जनपद के संभ्रांत व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जाए, तो विवादों के निपटारे अधिक कुशलता से किए जा सकते हैं। यूपी पुलिस, पुलिस मित्र, पुलिस महानिदेशक, up police, law and order

पुलिस वालों के असली आंख कान- पुलिस मित्र सिर्फ इन्फाॅर्मर ही नहीं हैं। ये अब पुलिस की तरफ से हर किस्म का काम करने लगे हैं। ये सीधे थाना स्तर पर सूचनाएं मुहैया कराते हैं। ये पुलिस वालों के असली आंख-कान हैं। अब थाना पुलिस को हर मौके पर जाने की जरूरत नहीं होती। थाना पुलिस किसी को भी इनके मार्फत ही बुला लेती है।

बिजनौर में गहरा रहा असंतोष- जनपद बिजनौर के कई पुलिस मित्रों में इस बात को लेकर असंतोष गहरा रहा है कि अब उन्हें पहले की तरह तवज्जो नहीं दी जाती। उदाहरण के तौर पर बताते हैं कि पहले, सावन माह में मोटा महादेव मंदिर पर शांति, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर होने वाली बैठकों में उन्हें बुलाया जाता था। इस बार बैठकें सम्पन्न भी हो गईं और उन्हें समाचार पत्रों के जरिए पता चला। उन्हें कोई सूचना तक नहीं दी गई? यहां इनकी संख्या करीब ढाई सौ बताई गई है।

निडरता से करें समस्याओं का सामना, शासन प्रशासन महिलाओं के साथ- अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या की अध्यक्षता में मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत आयोजित हुआ महिला जनसुनवाई कार्यक्रम

महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें, सरकार व प्रशासन उनके साथ खड़ा है- राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को वितरीत किये लैपटॉप

राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जारी किया मोबाईल नम्बर-सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

बिजनौर। राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह सशक्त व स्वावलम्बी होकर अपना आर्थिक व सामाजिक उत्थान कर सकें। इस अवसर पर 36 शिकायती व प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को लैपटॉप भी वितरीत किये।

राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें। सरकार व प्रशासन उनके साथ खडा है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर गुणवत्तापरक ढंग से करें। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे कर देश एवं समाज की सेवा कर रही हैं और अपने आत्म विश्वास एवं मेहनत से अपना उत्कृष्ट स्थान बना रही हैं।

श्रीमती अवनी सिंह ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोग ने मो0 नम्बर जारी किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं राज्य महिला आयोग के मो0 नम्बर 6306511708 पर अपनी शिकायतें भेज सकती हैं, जिनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक उत्थान तथा उनको स्वावलम्बी व सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी व लाभार्थीपरक योजनाए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेशन दी जा रही है तथा 181 हेल्पलाईन नम्बर व वन स्टॉप सेन्टर के माध्यम से भी महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि महिला जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती व प्रार्थना पत्रों में 08 घरेलु हिंसा, 11 आवास संबंधी, 02 पेंशन के संबंध में व 15 अन्य प्रकरण प्राप्त हुए सभी के गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश सदस्या राज्य महिला आयोग द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिये गये। सदस्या ने कोविड से अनाथ हुए बच्चों के सहायतार्थ चलायी जा रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के कक्ष 9 व उससे आगे की कक्षाओं में अध्यनरत 04 बच्चों को लैपटॉप का वितरण भी किया।

इस अवसर पर सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिनिधि वन स्टॉप सेन्टर, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

“आम” भोज के मौके पर समान नागरिक संहिता की प्रबल वकालत

लखनऊ। भारत रक्षा दल ट्रस्ट ने मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के तिलसुवा ग्राम सभा के दूधाधारी मंदिर प्रांगण में आम भोज के कार्यक्रम के आयोजन के राष्ट्रीय जनआंदोलन हेतु ग्राम्य कार्यकर्ता जन चौपाल आयोजित किया गया। अध्यक्षता ग्राम सभा के पूर्व प्रधान जीत बहादुर ने व संचालन संगठन के रहीमाबाद इकाई के संरक्षक सुशील गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के मजदूर किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निरंजन सिंह लल्ला यादव ने किया। चौपाल में जिन अन्य प्रमुख लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए उसमें संगठन के संयुक्त मंत्री महेंद्र सिंह राणा, भारत रक्षा दल ट्रस्ट के सरोज बाला सोनी, सहायक महामंत्री कैप्टन मनोज कुमार राय, महामन्त्री भागीरथी विश्वकर्मा, डॉ शशि मिश्रा, रितु अग्रवाल, एसबी सिंह, शिशिर तिवारी, लल्ला यादव प्रमुख रहे।

इस मौके पर आयोजित जन चौपाल को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत रक्षा दल ट्रस्ट के संस्थापक श्रीनिवास राय राष्ट्रवादी ने उपस्थित जन का ध्यान तीन मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि आज देश सवाल कर रहा है कि जब 1947 में भारत आजाद हुआ तब संख्या और धार्मिकता के आधार पर अलग देश पाकिस्तान बना तो भारत हिंदू राष्ट्र क्यो नही बना ? इसलिए अब से ही सही भारत को हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता की भी प्रबल वकालत करते हुए कहा कि देश के नागरिकों में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिये एक देश एक कानून जो सबको आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करे। इसके लिये समान नागरिक संहिता आज वक्त की मांग है। उन्होंने देश की जनसँख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अब हमारा देश आबादी के दृष्टि से चीन से भी आगे निकल चुका है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। अब इस पर कड़ा कानून न बनाना सरकार की गलती है।

मुख्य अतिथि विधायक जयदेवी कौशल ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी सरकार इन तीनों मुद्दों पर गम्भीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उपस्थित जनता ने इन तीन मुद्दों पर दोनों हाथ उठाकर संगठन को अपना समर्थन दिया। निकट भविष्य में और ग्राम सभाओं में भी इस प्रकार के चौपाल का निर्णय लिया गया। इस मौके पर जनसँख्या नियंत्रण कानून के लिये हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें 188 लोगों ने हस्ताक्षर किया। इस मौके पर चन्दन सिंह, आभा पाण्डेय, संगीता भट्ट, सरला तिवारी, तेजा सिंह, सबलू खान, सजीवन लाल, राजेन्द्र यादव, दीपक यादव मौजूद थे। कार्यक्रम में गांव के सबसे बुजुर्ग 97 वर्षीय श्री रामप्यारे यादव का विधायक जयदेवी द्वारा सम्मान किया गया।

सपा चौरसिया समाज के प्रदेश महासचिव बीजेपी में शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के बाद नेताओं के दल-बदलने का खेल जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के चौरसिया समाज के प्रदेश महासचिव मनोज चौरसिया ने बीजेपी ज्वाइन की। भाजपा के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने
चौरसिया समाज के प्रदेश महासचिव मनोज चौरसिया
को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से अलग-अलग दलों के नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं वो जनता के भाजपा पर बने विश्वास को दर्शाता है।

इस दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में दिन में कोई बेटी स्कूटी से नहीं निकल सकती थी। कुछ लोग कलावा पहनकर, नाम बदल कर, चेहरा बदल कर लड़कियों को छेड़ते थे औऱ उनपर एफआईआर भी दर्ज नहीं होती थी। आज कोई बेटी रात 12 बजे भी रेस्टोरेंट में डिनर कर घर लौटती है, कोई कुछ नहीं बोल सकता। ये योगी सरकार है।
सदस्यता ग्रहण के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ऋषि चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा रघुनंदन चौरसिया, सदस्य पिछड़ा आयोग अनिरुध चौरसिया, उदय चौरसिया, रामू सिंह, राहुल सिंह, रामजी रमनयनी सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे।

नगीना चुंगी भवन पर अवैध कब्जा कर बनाया मकान

अपनी संपत्ति हासिल करने को छटपटा रहा नजीबाबाद पालिका प्रशासन
-नगीना चुंगी भवन पर है बरसों से अवैध कब्जा
-कोर्ट के आदेश भी बेमानी साबित

बिजनौर। नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलुशाह स्थित सरकारी चुंगी भवन से अवैध कब्जा हटाने में पालिका प्रशासन असहाय साबित हो रहा है। बताया गया है कि 14 अगस्त 2015 में इस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा करके दो मंजिला भवन का निर्माण कर लिया। नगर पालिका नजीबाबाद प्रशासन तब से लगातार उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है परन्तु कब्जाधारकों में कानूनी कार्यवाई को लेकर भी कोई भय नहीं है।
जानकारी के अनुसार नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलूशाह में सरकारी नगीना चुंगी का भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में था। वर्ष 1995 में श्रीमती शकुरन ने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन नजीबाबाद में याचिका दायर कर उक्त भूमि पर अपना हक जताया था। अक्टूबर 1999 में न्यायालय द्वारा वाद खंडित कर दिया गया था। इसके बाद श्रीमती  शकुरन ने दिसम्बर 2015 में अनाधिकृत रूप से उक्त चुंगी भवन को नेस्तनाबूद कर पक्का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। पालिका प्रशासन तब से लेकर 14 अगस्त 2019 तक कई बार उक्त महिला को कब्जा हटाने को लेकर लिखित नोटिस दिया गया, उसके बावजूद अभी तक उस पर अवैध कब्जा बना हुआ है।

यह भी विदित है कि 5 सितम्बर 2019 को थाना नजीबाबाद के तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह द्वारा पालिका प्रशासन से उक्त चुंगी चौकी नगीना के सम्बंध में जानकारी हासिल की गई थी। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने 9 सितम्बर 2019 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर उक्त मोहल्ला मुगलूशाह स्थित चुंगी चौकी को पालिका की सम्पत्ति बताते हुए, कहा कि उक्त संपत्ति के स्वामी पालिका परिषद है। यह भी बताया कि पालिका के सम्पत्ति रजिस्टर में खसरा नं- 226/18 पालिका सम्पत्ति के रूप में दर्ज है और उक्त सम्पत्ति को बेचने का अधिकार किसी को भी नहीं है। खास बात यह है कि इतने वर्ष बीतने के बावजूद पालिका प्रशासन के हाथ खाली हैं। अवैध कब्जाधारक ने अपनी पहुंच के चलते सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाया हुआ है और पालिका प्रशासन उसे हासिल करने के लिए छटपटा रहा है।


कार्रवाई कराएंगे एसडीएम- वहीं इस मामले में उपजिलाधिकारी नजीबाबाद मनोज कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला अभी आया है। उन्होंने एक माह पूर्व ही ज्वाइन किया है। वह पालिका प्रशासन से पता करेंगे कि अभी तक उक्त भूमि को कब्जा मुक्त क्यों नहीं कराया गया। आवश्यक हुआ तो न्यायालय की अवमानना का वाद भी दायर कराया जाएगा।

हिन्दू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ नजीबाबाद व नगीना का गठन

हिन्दू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ का विस्तार।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ।

बिजनौर। हिंदू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ बिजनौर की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला संगठन महामंत्री रश्मि राजपूत के निज निवास एसडी पुरम में आहूत की गई। बैठक में संगठन के विस्तारीकरण के क्रम में प्रदेश प्रभारी श्रीमती भावना पण्डित की उपस्थिति में नगर कमेटी नजीबाबाद व नगर कमेटी नगीना का गठन किया गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष श्रीमती अनीता शर्मा व जिला संगठन महामंत्री श्रीमती रश्मि राजपूत द्वारा नवनियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें नजीबाबाद से श्रीमती उमा राजपूत नगर अध्यक्ष, श्रीमती नूतन राजपूत नगर संगठन महामंत्री व श्रीमती विनोद कुमारी नगर उपाध्यक्ष के अलावा नगीना से श्रीमती अलका थापन, नगर अध्यक्ष व श्रीमती बबीता नगर संगठन महामंत्री शामिल हैं।
मनोनयन पत्र देकर सभी पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर श्रीमती अंजु मारवाड़ी जिला प्रभारी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मोदी-योगी की नीतियों को अपनाएं: हेमंत भैय्या

अखिल भारतीय गोरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्योहारा में भव्य स्वागत अखिल भारतीय गोरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे स्योहारा। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री के प्रतिष्ठान पर कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया जोरदार स्वागत। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संस्था का उद्देश्य गौ माताओं की रक्षा करना।

बिजनौर। अखिल भारतीय गोरक्षा समिति के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री ताहिर हुसैन के स्योहारा के मुरादाबाद मार्ग  स्थित प्रतिष्ठान पर संगठन का एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत भैय्या ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के समय में उनके संगठन में 4 लाख से ज़्यादा सदस्य जुड़े हैं और वो खुद लगभग 94 गोशालाओं का निजी रूप से संचालन करते हुए गोरक्षा व सेवा में लगे हैं। हेमंत ने भाजपा सरकार के सिद्धातों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी से मोदी-योगी की नीतियों को अपनाने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री ताहिर हुसैन ने कहा कि उनको जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूर्ण रूप से निर्वाह करेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन बादशाह व अध्यक्षता अरुण वर्मा ने किया। इस मौके पर मुकेश रस्तौगी, आलोक अग्रवाल, मनोज भटनागर, चंचल शर्मा, नईम इदरीसी, अशरफ़ डीलर, तनवीर ठेकेदार, अंश सिन्हा, नितिन गौड़, नीटू जोशी, तफसील अहमद, यासमीन मलिक,फरीद मलिक, शौकीन मलिक, अफजाल अहमद, पवन कुमार, नपेन्द्र कुमार, रजनीश कुमार, सूरज कुमार, बॉबी, शिशपाल आदि लोग मौजूद रहे।

त्योहार को लेकर डीएम एसपी से मिले सपा नेता

बिजनौर। समाजवादी पार्टी कै प्रतिनिधि मंडल ने ईदउल अज़हा को लेकर डीएम व एसपी से मुलाक़ात की। बुधवार को समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पारस, राम अवतार  सैनी, पूर्व विधायक नईम उल हसन, निर्वतमान जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल यादव, प्रवक्ता अहमद खिज़र खान, कार्यालय प्रभारी अख़लाक़ पप्पू, सरफ़राज़ अंसारी ने डीएम एवं एसपी से ईदुल अज़हा को त्योहार को लेकर मुलाक़ात की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुर्बानी होती आई है, उसी तरह से होनी चाहिए। त्योहार पर साफ सफाई, बिजली पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से होनी चाहिए। लोग त्योहार को आपसी भाईचारे से मिलजुल कर मनाएं।

अग्निपथ और बेरोजगारी के खिलाफ बिगुल फूंक गए जयंत चौधरी

अग्निपथ और बेरोजगारी के खिलाफ जयंत ने फूंका बिगुल। बिजनौर की युवा पंचायत में पहुंचे रालोद मुखिया। केंद्र सरकार को सेना और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा।

बिजनौर। सेना में अग्निपथ योजना सरकार से वापस लेने के मकसद से रालोद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पश्चिमी यूपी के 11 ज़िलों में युवा पंचायत करके मुहिम छेड़ दी है। बिजनौर पहुँचे जयंत चौधरी का नौ जवान युवकों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हुए पुशअप लगाए। मंच व मीडिया से मुखातिब होते हुए जयंत ने कहा सरकार हर घर मे एक को नौकरी देने की बात कह कर लोगों को गुमराही की तरफ धकेल रही है।


रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सेना में अग्निपथ योजना व व्यापक बेरोजगारी को लेकर युवा पंचायत का ऐलान करते हुए 28 जून से 16 जुलाई तक पश्चिमी यूपी के 11 ज़िलों में युवा पंचायत की शुरुआत की है। इसी क्रम में सोमवार को देर से बिजनौर पहुंचे जयंत चौधरी का युवाओं व रालोद के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। जयंत ने कहा कि  सेना भर्ती में अग्निपथ योजना युवाओं के लिए सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को अग्निवीर मत बनाओ, अग्निपथ योजना वापस लो। पहले 15-17 साल नौकरी करता था जवान,  पेंशन भी मिलती थी, सारी सुविधाएं मिलती थीं, आप उस पर कैंची चला रहे हो, सुविधाएं काट रहे हो और फिर उसे बताना चाह रहे हो। हमने अच्छा काम किया है। छह महीने की सेना की ट्रेनिंग पर्याप्त नहीं होती। बीजेपी ने अपने मेनू फेस -टू में कहा कि हमने नौ जवान को 3 करोड़ रोजगार व स्वरोजगार दे दिया है और अब वो ही आंकड़ा 5 करोड़ का बता रहे हैं। देश की आबादी 24 से 25 करोड़ है, ये झूठ का पुलंदा है, सबको मालूम है।

उदयपुर कांड के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन

हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन कर फूंका जेहादियों का पुतला

बिजनौर। राजस्थान के उदयपुर में नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने वाले दर्जी कन्हैया लाल की दो जेहादियों द्वारा  बर्बरतापूर्वक तरीके से गला रेतकर हत्या करने के विरोध में यूपी के बिजनौर में कई हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों  पर उतर आए।

उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इज़हार किया औऱ हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग करते हुए जेहादियों का पुतला फूंका। उदयपुर की घटना के विरोध में हिन्दू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता हाथों में लाल झंडा लहराते हुए बूंदा बांदी के बीच कलक्ट्रेट पहुंचे।

वहां उदयपुर में हुई हैवानियत को लेकर डीएम को ज्ञापन सौपा। उसके बाद मुख्य मार्गो से होते हुए बिजनौर के शक्ति चौक पर जेहादियों का पुतला फुंकते हुए जमकर नारे बाज़ी कर विरोध प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ताओं ने दर्जी मास्टर की बबरतापूर्वक हत्या के जेहादियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा सुनाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो हिन्दू जागरण मंच उग्र आंदोलन करेगा। मंच ऐसे जेहादियों से खुद लड़ने में सक्षम है।

अग्निपथ: भारत बंद से बेअसर रहा बिजनौर

भारत बंद के आह्वान को लेकर बिजनौर पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट। रोजाना की तरह बाजारों में रही चहल पहल। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने विभिन्न स्थानों का खुद लिया जायजा।

बिजनौर। अग्निपथ योजना को लेकर कुछ संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद का जनपद में कोई असर नहीं दिखाई दिया। बाजारों में रोजाना की तरह चहल-पहल दिखाई दी। बिजनौर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में रहा।

एसपी ड़ॉ धर्मवीर सिंह ने माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रखे थे। उन्होंने खुद लावलश्कर के साथ विभिन्न स्थानों का जायजा लिया और कहा कि किसी को भी क़ानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी, ऐसी कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारत सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में बवाल के बीच सोमवार को कुछ संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। जिले में इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। दुकान, मॉल और बाजार रोजाना की तरह खुले रहे।

सभी जगह आवाजाही भी सुचारू रही। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने पुख्ता इंतजाम किए। जगह जगह पुलिस फ़ोर्स लगाई गई। पुलिस आने जाने वालों पर पैनी निगाह रखे रही।

किसी को भी क़ानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी। ऐसी कोशिश भी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हुए हैं। – डॉ धर्मवीर सिंह, एसपी बिजनौर।

डॉ. धर्मवीर सिंह एसपी बिजनौर
शरद जैन, व्यापारी नहटौर

संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा,अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश- ब्रजलाल


मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा, अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश-ब्रजलाल

बिजनौर। पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं भाजपा राज्यसभा सांसद ब्रजलाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की राह में आगे बढ़ने के साथ ही अपराध मुक्त हो रहा है। गुंडे माफिया अपराध छोड़कर रोजगार से लग रहे हैं।
स्योहारा क्षेत्र के गांव सद्दोबेरखा में भाजपा के बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी व सांसद बृजलाल सिंह ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का लगभग पतन हो चुका है। पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अनसूचित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में ही प्रयोग किया है। पार्टी ने किसी गरीब को कभी टिकट नहीं दिया। इसलिए दलित समाज का बीएसपी से मोह भंग हो गया है। परिणामस्वरूप विधानसभा चुनाव में बीएसपी का मात्र एक विधायक बना है।

उन्होंने कहा कि हम दलित होने के साथ ही पहले हिंदू है। समाज का हित केवल भाजपा में सुरक्षित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनसूचित वर्ग के लिए किये गये कार्य पर प्रकाश डाला। मोदी सरकार द्वारा बाबा डॉ० भीमराव अंबेडकर के सम्मान में बनाए गए पंचतीर्थ के विषय में जानकारी दी। क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार राणा ने क्षेत्र में किये गये विकास कार्य गिनाये। उन्होंने ग्रामीणों की श्मशान घाट बनवाने की मांग को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। मंडल अध्यक्ष नैपाल सिंह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से ऐसे दलित बूथों पर विशेष कार्यक्रम किए जा रहे हैं जहां भाजपा का मत प्रतिशत कम रहा है। उनके सशक्तिकरण के लिए दलित चेहरे के रूप में पूर्व डीजीपी बृजलाल सिंह को उतारा गया है। ब्लाक प्रमुख उज्जवल चौहान, अल्लेहपुर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह, धामपुर नगर पालिका चेयरमैन राजू गुप्ता, सुभाष चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, महामंत्री महेंद्र सैनी, संदीप शर्मा,नीरज राणा, वीरेंद्र सिंह, ग्रामप्रधान दिनेश कुमार आदि रहे।

जिला अस्पताल में कांग्रेस जनों ने मरीजों को बांटे फल और बिस्किट

कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा गांवों का कायाकल्प: योगी

लखनऊ। स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना को साकार रूप देने  के लिए प्रदेश सरकार जोरदार प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर छेड दिया गया है। योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौन जिले के डकोर ब्लाक की पंचायत ऐरी रम्पुरा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

प्रत्येक पंचायत में होगा नियमित सचिवालय

उन्होंने प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के हाईटेक सुसज्जतिकरण का डिजिटल लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त करने की है। प्रदेश सरकार ने इसके अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिवालय शुरू करने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सभी पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से आच्छादित किया जाएगा ताकि पंचायत सचिवालय में निर्बाध इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीणों को अपने सारे जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन और उन्हें प्राप्त करना संभव हो जाएगा।

प्रधानों को दिए मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के टिप्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को सप्ताह में एक दिन बैठक करके  महिला सुरक्षा और सभी सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने गांव के स्कूल भवनों के सुंदरीकरण, जल संरक्षण हेतु अमृत सरोवर और नौनिहालों को खुशनुमा सुविधाओं की व्यवस्था आदि के बारे में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने को ले कर टिप्स दिए। इसके पहले योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय  जिला पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से जिला पंचायत को अलंकृत किया। ऐरी रम्पुरा के युवा प्रधान ओंकार पाल को बाल मित्र ग्राम पंचायत सम्मान व कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीन दयाल उपाध्याय  ग्राम पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा।

जूनियर से अपग्रेड होकर अब हाई स्कूल

ऐरी रमपुरा के प्रधान ओंकार पाल की मांग पर उन्होंने गांव के जूनियर हाई स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता देने की घोषणा की। कहा कि गांव में स्वास्थ्य व चिकित्सा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक तौर पर हेल्थ पोस्ट स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप  में तैयार  किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिले के सभी विधायक, एमएलसी रमा निरंजन  और जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कार्यकारिणी का विस्तार

लखनऊ। रविवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के लखनऊ जिला अध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा यूनियन की सक्रियता को औऱ अधिक गति प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव एवं राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह तथा वीरेन्द्र रावत की स्वीकृति से जिले में चार जिला उपाध्यक्षों की घोषणा की गयी है। इनमें शैलेश साहू, भैया लाल यादव, मोहम्मद शोएब एवं वीरेन्द्र कुमार यादव को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

मुलायम-अखिलेश चाहते तो जेल के बाहर होते आजम: शिवपाल

शिवपाल यादव ने जेल मे आजम खान से मुलाकात कर की अहम चर्चा

लखनऊ (एजेंसी)। एक घंटे 20 मिनट की मुलाकात के बाद सीतापुर जेल से निकले शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ पहली बार मुलायम सिंह यादव पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेताजी और अखिलेश यादव चाहते तो आजम खान जेल से बाहर होते। नेताजी ने कुछ नहीं किया, लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।

सपा के अन्य मुस्लिम नेताओं के बदले रुख और जयंत चौधरी के आजम खान के परिजनों से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव की आजम से मुलाकात काफी अहम है। उन्होंने इस मुलाकात के बाद भविष्य में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट शुरू कर दी है।
शिवपाल यादव ने साफ कहा है कि आजम साहब बड़े नेता है।

इससे पहले भी शिवपाल सिंह यादव आजम खान से मिलने सीतापुर जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर शिवपाल हमेशा से ही मुद्दा उठाते रहे हैं। शुक्रवार की मुलाकात के बाद शिवपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आजम खान के लिए आंदोलन करना चाहिए था। वह विधानसभा में सबसे सीनियर लीडर हैं, लोकसभा और राज्य सभा में भी रह चुके हैं। सपा को आजम खान की बात सुननी चाहिए थी। लेकिन सपा संघर्ष करती नहीं दिखाई दी। शिवपाल ने अखिलेश का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के साथ आजम खान के लिए धरने पर ही बैठ जाते तो प्रधानमंत्री जरूर सुनते। पीएम नेताजी का सम्मान करते हैं। शिवपाल ने कहा कि बहुत छोटे-छोटे मुकदमे हैं।

जनता दरबार में विधायक प्रतिनिधि ने सुनी लोगों की समस्याएं

विधायक प्रतिनिधि ने जनता दरबार लगाकर ब्लाक में सुनी लोगों की समस्याएं

मलिहाबाद/लखनऊ। जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने कहा कि विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए हर प्रयास हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी चाहिए कि वह सारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं और उनका लाभ भी जनता को पहुंचाएं।

जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने ब्लाक सभागार में जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए जनता दरबार में लोगों के बीच पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए विभागों के अधिकारी भी पूरे ईमानदार तरीके से प्रयास करें। सरकार यदि कोई योजना को शुरू करती है तो उसका लाभ भी जनता को पहुंचना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि ने तेज गति से विकास के लिए अधिकारियों को और बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।

इससे पूर्व विधायक के जनता दरबार में बड़ी गड़ी, कटौली, रसूल पुर कटौली, सेंधरवा, रसूल पुर, बाके नगर, खड़व्वा लक्षण खेड़ा सहित दर्जनों गांवों के लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इनके समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विधायक प्रतिनिधि विकाश किशोर आशु ने निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगार युवाओं से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लाभ लेने के लिए कहा, जिससे वह अपना काम धंधा शुरू करें। जन सुनवाई के दौरान ब्लाक प्रमुख मीनू वर्मा, प्रधान संघ प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू, जितेंद्र शुक्ला प्रधान व समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

MLC चुनाव में अफजलगढ़ पुलिस रही मुस्तैद

बिजनौर/अफजलगढ़। मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। इस दौरान विधायक कुंवर सुशांत सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली सहित सभासद कलवा कुरैशी ने मतदान‌ किया। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

शनिवार को मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। भाजपा ने पूर्व सांसद संभल व प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह सैनी को प्रत्याशी बनाया जबकि समाजवादी पार्टी ने अजय मलिक को अपना प्रत्याशी बनाया। दोनों प्रत्याशियों के बीच में कड़ा मुकाबला होने की संभावना दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने अफजलगढ़ ब्लाक में भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी के लिए एकजुट होकर एक तरफा भाजपा प्रत्याशी के लिए मतदान कराया।

क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने जीत का दावा करते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी की जीत सुनिश्चित है। बीडीसी मेम्बर, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य को देखते हुए अपना वोट भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी को दिया है। एआरओ अखिलेश कुमार के मुताबिक मतदान निर्धारित समय से पूर्व संपन्न हो गया। मतदाता सूची में दर्ज अफजलगढ़ विकास खण्ड के 224 में से क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशान्त सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, सभासद कलवा कुरैशी सहित 220 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रशासन द्वारा मतदान के दौरान मतदेय स्थल के  चारों ओर बैरिकेटिंग करके मुख्य मार्ग को बन्द कर दिया गया था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

राज्यसभा में भाजपा ने लगाया शतक

भाजपा ने राज्यसभा में रचा इतिहास, पहली बार सांसदों की संख्या 100 के पार

नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यसभा में पहली बार भाजपा ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भाजपा 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। गुरुवार को हुए संसद के उच्च सदन के चुनावों के हालिया दौर के बाद, भगवा पार्टी की संख्या अब 101 हो गई है।

भाजपा ने यह उपलब्धि 13 में से चार सीटें जीतकर हासिल की, जिसके लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा की गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से एक राज्यसभा सीट जीती। भाजपा ने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और नागालैंड से राज्यसभा की चार सीटें जीतीं। भाजपा ने इस क्षेत्र से उच्च सदन में अपने सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, असम ने एनडीए के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा में चुनकर प्रधनमंत्री पर अपना विश्वास जताया है। भाजपा की पबित्रा मार्गेरिटा 11 वोटों से जीती और यूपीपीएल के रवंगवरा नारजारी नौ वोटों से जीते। विजेताओं को मेरी बधाई।

BJP created history in Rajya Sabha | NewsTrack English 1

राज्यसभा में बीजेपी के 100 का आंकड़ा पार करने के साथ ही विपक्ष को इस साल अगस्त में होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। असम की दो राज्यसभा सीटों और त्रिपुरा की एक सीट के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा उम्मीदवार और उनकी महिला शाखा के राज्य अध्यक्ष एस. फांगनोन कोन्याक को नागालैंड की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध चुना गया, जिससे वह संसद के उच्च सदन में बर्थ पाने वाली राज्य की पहली महिला बन गईं। असम में कांग्रेस के रिपुन बोरा और रानी नारा का राज्यसभा का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त होगा।

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आप ने राज्य की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। अब आप की संख्या उच्च सदन में आठ सीटों तक बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव के हालिया दौर में कांग्रेस की ताकत पांच सीटों से कम हो गई है।

राकेश टिकैत को मर्डर की धमकी से आक्रोश

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी देने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है। मंगलवार को भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर के आवास पर संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूराम तोमर ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता को हमलावर जान से मारने की धमकी दे रहे है तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शीघ्र ही प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो टिकैत साहब का आदेश मिलते ही अपने नेता की सुरक्षा दिलाने के लिए जिले में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। इस अवसर पर चौधरी ऋषि पाल सिंह, ध्यान सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुधीर कुमार, मोहित कुमार, ओमवीर सिंह, सतीश राजपूत, कासिम अली, शहजाद अहमद आदि उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत को मिली धमकी के मामले में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्वीट कर ये जानकारी दी और ये भी कहा कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक मुख्य आरक्षी ने मामला भी दर्ज कराया था.

UP BSP की सभी इकाइयां भंग

मायावती ने लिया बड़ा एक्शन, BSP की सभी इकाइयों को भंग किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सभी प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को बुलाकर हार के कारणों पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सारी कार्यकारिणी को भंग करने के साथ ही 3 चीफ कोऑर्डिनेटर्स की नियुक्ति कर दी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में हार पर बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया। उन्होंने हार के कारणों पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के साथ हारे हुए 402 प्रत्याशी भी बुलाए गए। विदित हो कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक पंडितों का कहना है कि बसपा लगभग खत्म हो चुकी है। उसके वोट बैंक का एक बड़ा हिस्सा भी भाजपा और अन्य पार्टियों में शिफ्ट हो चुका है।

दूसरी बार UP के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ

केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी ली उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ

लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने योगी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

केशव प्रसाद मौर्य ने दोबारा सूबे के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। वहीं कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पार्टी में ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया गया है। तय हो गया है कि भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव कर रही है।

Yogi Adityanath takes oath as UP chief minister for second time | Latest  News India - Hindustan Times

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल का नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे कुछ विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा गया है।

उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया है। वह यूपी भाजपा अध्यक्ष हैं।

शाहजहांपुर से विधायक सुरेश कुमार खन्ना को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा योगी सरकार में सूर्य प्रताप शाही ने भी शपथ ली है। शाही को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। नंद गोपाल नंदी को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जगह मिली है। नंदी प्रयागराज दक्षिण सीट से विधायक चुने गए हैं। नंदी तीसरी बार विधायक बने हैं।

मैनपुरी विधानसभा से विधायक जयवीर सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जयवीर मुलायम और मायावती सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मथुरा के लक्ष्मी नारायण चौधरी को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वह छाता विधानसभा से पांच बार विधायक और मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

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इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं।

योगी पार्ट-2 के लिये सजाया गया लखनऊ

  • हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
  • 12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है. 

पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’

पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल

योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.

5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.

मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम

आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.

दिव्य और भव्य होगा योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल है. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी छोड़ने के मूड में नहीं है. समारोह में 200 विशिष्ट समेत करीब पच्चास हज़ार लोगों के शामिल होने की सम्भावना है. वही खबर है कि तमाम विपक्ष के बड़े चेहरों को भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया गया है. भाजपा की तैयारी जोरों पर है. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वही इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में जुटी हुई है.

अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण को कहा-

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा है कि अभी इस विषय पर कुछ सोचा नहीं है और मुझे नहीं नहीं लगता कि मैं जाऊंगा और ना ही मुझे बुलाया जायेगा. वहीं अखिलेश यादव का कहना है गठित होने वाली नई सरकार ने पहले भी काम नहीं किया तो अब आगे कैसे करेगी. 2017 में योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश उपस्थित हुए थे जहां पर मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करते हुए एक तस्वीर काफी चर्चा का विषय बानी थी.

मायावती ने दिया ये जवाब-

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी इस शपथ ग्रहण में जाने को लेकर को ठोस जानकारी नहीं दी है. हालाँकि पिछले दिनों एक ट्वीट में उन्होंने सपा और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि मुलायम सिंह यादव ही भाजपा से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिलाते हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से अभी किसी प्रकार का बयान सामने नहीं आया है. लेकिन योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत अन्य कई नेताओं को बुलाया गया है.

गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल को लेकर खबर आ रही है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं व युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जा सकती है. बता दे कि योगी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 25 मार्च को लखनऊ स्थित इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहाँ पर तैयारियां जोरों पर है. साज सज्जा के साथ अन्य सभी तैयारी की जा रही है. भाजपा इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि जनमत आने के इतने दिनों बाद शपथ ग्रहण का कार्यक्रम किया जा रहा है।

इकाना में लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन

इकाना में 80×40 की एलईडी स्क्रीन लगाई गई

समारोह को दिव्य और बनाया जा रहा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इकाना का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, जेपीएस राठौर, अश्वनी त्यागी, अमरपाल मौर्य रहे मौजूद

दिग्गज उद्योगपति, सिने सितारे भी इन्वाइट- योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा मुकेश अंबानी ,गौतम अदानी, आनंद महिंद्रा सहित दर्जनों उद्योगपतियों को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है। वहीं बॉलीवुड में अक्षय कुमार, कंगना राणावत, अजय देवगन, बोनी कपूर, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर और कलाकारों को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष ने की चर्चा

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने मुलाकात की। इस अवसर पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

सोमवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष व प्रवक्ता जनाब मुर्तज़ा अली ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से प्रदेश कार्यालय लखनऊ में मुलाकात की।

अहम मीटिंग जल्द- इस मौके पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। इसके लिए एक अहम मीटिंग जल्दी ही केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर बुलाई जाएगी।

ये रहे मौजूद- मीटिंग में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश व नगर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। महानगर अध्यक्ष मुर्तु