अग्निपथ: भारत बंद से बेअसर रहा बिजनौर

भारत बंद के आह्वान को लेकर बिजनौर पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट। रोजाना की तरह बाजारों में रही चहल पहल। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने विभिन्न स्थानों का खुद लिया जायजा।

बिजनौर। अग्निपथ योजना को लेकर कुछ संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद का जनपद में कोई असर नहीं दिखाई दिया। बाजारों में रोजाना की तरह चहल-पहल दिखाई दी। बिजनौर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में रहा।

एसपी ड़ॉ धर्मवीर सिंह ने माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रखे थे। उन्होंने खुद लावलश्कर के साथ विभिन्न स्थानों का जायजा लिया और कहा कि किसी को भी क़ानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी, ऐसी कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारत सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में बवाल के बीच सोमवार को कुछ संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। जिले में इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। दुकान, मॉल और बाजार रोजाना की तरह खुले रहे।

सभी जगह आवाजाही भी सुचारू रही। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने पुख्ता इंतजाम किए। जगह जगह पुलिस फ़ोर्स लगाई गई। पुलिस आने जाने वालों पर पैनी निगाह रखे रही।

किसी को भी क़ानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी। ऐसी कोशिश भी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हुए हैं। – डॉ धर्मवीर सिंह, एसपी बिजनौर।

डॉ. धर्मवीर सिंह एसपी बिजनौर
शरद जैन, व्यापारी नहटौर

संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा,अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश- ब्रजलाल


मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा, अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश-ब्रजलाल

बिजनौर। पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं भाजपा राज्यसभा सांसद ब्रजलाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की राह में आगे बढ़ने के साथ ही अपराध मुक्त हो रहा है। गुंडे माफिया अपराध छोड़कर रोजगार से लग रहे हैं।
स्योहारा क्षेत्र के गांव सद्दोबेरखा में भाजपा के बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी व सांसद बृजलाल सिंह ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का लगभग पतन हो चुका है। पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अनसूचित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में ही प्रयोग किया है। पार्टी ने किसी गरीब को कभी टिकट नहीं दिया। इसलिए दलित समाज का बीएसपी से मोह भंग हो गया है। परिणामस्वरूप विधानसभा चुनाव में बीएसपी का मात्र एक विधायक बना है।

उन्होंने कहा कि हम दलित होने के साथ ही पहले हिंदू है। समाज का हित केवल भाजपा में सुरक्षित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनसूचित वर्ग के लिए किये गये कार्य पर प्रकाश डाला। मोदी सरकार द्वारा बाबा डॉ० भीमराव अंबेडकर के सम्मान में बनाए गए पंचतीर्थ के विषय में जानकारी दी। क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार राणा ने क्षेत्र में किये गये विकास कार्य गिनाये। उन्होंने ग्रामीणों की श्मशान घाट बनवाने की मांग को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। मंडल अध्यक्ष नैपाल सिंह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से ऐसे दलित बूथों पर विशेष कार्यक्रम किए जा रहे हैं जहां भाजपा का मत प्रतिशत कम रहा है। उनके सशक्तिकरण के लिए दलित चेहरे के रूप में पूर्व डीजीपी बृजलाल सिंह को उतारा गया है। ब्लाक प्रमुख उज्जवल चौहान, अल्लेहपुर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह, धामपुर नगर पालिका चेयरमैन राजू गुप्ता, सुभाष चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, महामंत्री महेंद्र सैनी, संदीप शर्मा,नीरज राणा, वीरेंद्र सिंह, ग्रामप्रधान दिनेश कुमार आदि रहे।

जिला अस्पताल में कांग्रेस जनों ने मरीजों को बांटे फल और बिस्किट

कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा गांवों का कायाकल्प: योगी

लखनऊ। स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना को साकार रूप देने  के लिए प्रदेश सरकार जोरदार प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर छेड दिया गया है। योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौन जिले के डकोर ब्लाक की पंचायत ऐरी रम्पुरा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

प्रत्येक पंचायत में होगा नियमित सचिवालय

उन्होंने प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के हाईटेक सुसज्जतिकरण का डिजिटल लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त करने की है। प्रदेश सरकार ने इसके अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिवालय शुरू करने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सभी पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से आच्छादित किया जाएगा ताकि पंचायत सचिवालय में निर्बाध इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीणों को अपने सारे जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन और उन्हें प्राप्त करना संभव हो जाएगा।

प्रधानों को दिए मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के टिप्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को सप्ताह में एक दिन बैठक करके  महिला सुरक्षा और सभी सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने गांव के स्कूल भवनों के सुंदरीकरण, जल संरक्षण हेतु अमृत सरोवर और नौनिहालों को खुशनुमा सुविधाओं की व्यवस्था आदि के बारे में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने को ले कर टिप्स दिए। इसके पहले योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय  जिला पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से जिला पंचायत को अलंकृत किया। ऐरी रम्पुरा के युवा प्रधान ओंकार पाल को बाल मित्र ग्राम पंचायत सम्मान व कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीन दयाल उपाध्याय  ग्राम पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा।

जूनियर से अपग्रेड होकर अब हाई स्कूल

ऐरी रमपुरा के प्रधान ओंकार पाल की मांग पर उन्होंने गांव के जूनियर हाई स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता देने की घोषणा की। कहा कि गांव में स्वास्थ्य व चिकित्सा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक तौर पर हेल्थ पोस्ट स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप  में तैयार  किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिले के सभी विधायक, एमएलसी रमा निरंजन  और जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कार्यकारिणी का विस्तार

लखनऊ। रविवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के लखनऊ जिला अध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा यूनियन की सक्रियता को औऱ अधिक गति प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव एवं राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह तथा वीरेन्द्र रावत की स्वीकृति से जिले में चार जिला उपाध्यक्षों की घोषणा की गयी है। इनमें शैलेश साहू, भैया लाल यादव, मोहम्मद शोएब एवं वीरेन्द्र कुमार यादव को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

मुलायम-अखिलेश चाहते तो जेल के बाहर होते आजम: शिवपाल

शिवपाल यादव ने जेल मे आजम खान से मुलाकात कर की अहम चर्चा

लखनऊ (एजेंसी)। एक घंटे 20 मिनट की मुलाकात के बाद सीतापुर जेल से निकले शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ पहली बार मुलायम सिंह यादव पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेताजी और अखिलेश यादव चाहते तो आजम खान जेल से बाहर होते। नेताजी ने कुछ नहीं किया, लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।

सपा के अन्य मुस्लिम नेताओं के बदले रुख और जयंत चौधरी के आजम खान के परिजनों से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव की आजम से मुलाकात काफी अहम है। उन्होंने इस मुलाकात के बाद भविष्य में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट शुरू कर दी है।
शिवपाल यादव ने साफ कहा है कि आजम साहब बड़े नेता है।

इससे पहले भी शिवपाल सिंह यादव आजम खान से मिलने सीतापुर जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर शिवपाल हमेशा से ही मुद्दा उठाते रहे हैं। शुक्रवार की मुलाकात के बाद शिवपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आजम खान के लिए आंदोलन करना चाहिए था। वह विधानसभा में सबसे सीनियर लीडर हैं, लोकसभा और राज्य सभा में भी रह चुके हैं। सपा को आजम खान की बात सुननी चाहिए थी। लेकिन सपा संघर्ष करती नहीं दिखाई दी। शिवपाल ने अखिलेश का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के साथ आजम खान के लिए धरने पर ही बैठ जाते तो प्रधानमंत्री जरूर सुनते। पीएम नेताजी का सम्मान करते हैं। शिवपाल ने कहा कि बहुत छोटे-छोटे मुकदमे हैं।

जनता दरबार में विधायक प्रतिनिधि ने सुनी लोगों की समस्याएं

विधायक प्रतिनिधि ने जनता दरबार लगाकर ब्लाक में सुनी लोगों की समस्याएं

मलिहाबाद/लखनऊ। जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने कहा कि विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए हर प्रयास हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी चाहिए कि वह सारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं और उनका लाभ भी जनता को पहुंचाएं।

जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने ब्लाक सभागार में जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए जनता दरबार में लोगों के बीच पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए विभागों के अधिकारी भी पूरे ईमानदार तरीके से प्रयास करें। सरकार यदि कोई योजना को शुरू करती है तो उसका लाभ भी जनता को पहुंचना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि ने तेज गति से विकास के लिए अधिकारियों को और बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।

इससे पूर्व विधायक के जनता दरबार में बड़ी गड़ी, कटौली, रसूल पुर कटौली, सेंधरवा, रसूल पुर, बाके नगर, खड़व्वा लक्षण खेड़ा सहित दर्जनों गांवों के लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इनके समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विधायक प्रतिनिधि विकाश किशोर आशु ने निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगार युवाओं से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लाभ लेने के लिए कहा, जिससे वह अपना काम धंधा शुरू करें। जन सुनवाई के दौरान ब्लाक प्रमुख मीनू वर्मा, प्रधान संघ प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू, जितेंद्र शुक्ला प्रधान व समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

MLC चुनाव में अफजलगढ़ पुलिस रही मुस्तैद

बिजनौर/अफजलगढ़। मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। इस दौरान विधायक कुंवर सुशांत सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली सहित सभासद कलवा कुरैशी ने मतदान‌ किया। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

शनिवार को मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। भाजपा ने पूर्व सांसद संभल व प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह सैनी को प्रत्याशी बनाया जबकि समाजवादी पार्टी ने अजय मलिक को अपना प्रत्याशी बनाया। दोनों प्रत्याशियों के बीच में कड़ा मुकाबला होने की संभावना दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने अफजलगढ़ ब्लाक में भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी के लिए एकजुट होकर एक तरफा भाजपा प्रत्याशी के लिए मतदान कराया।

क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने जीत का दावा करते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी की जीत सुनिश्चित है। बीडीसी मेम्बर, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य को देखते हुए अपना वोट भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी को दिया है। एआरओ अखिलेश कुमार के मुताबिक मतदान निर्धारित समय से पूर्व संपन्न हो गया। मतदाता सूची में दर्ज अफजलगढ़ विकास खण्ड के 224 में से क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशान्त सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, सभासद कलवा कुरैशी सहित 220 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रशासन द्वारा मतदान के दौरान मतदेय स्थल के  चारों ओर बैरिकेटिंग करके मुख्य मार्ग को बन्द कर दिया गया था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

राज्यसभा में भाजपा ने लगाया शतक

भाजपा ने राज्यसभा में रचा इतिहास, पहली बार सांसदों की संख्या 100 के पार

नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यसभा में पहली बार भाजपा ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भाजपा 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। गुरुवार को हुए संसद के उच्च सदन के चुनावों के हालिया दौर के बाद, भगवा पार्टी की संख्या अब 101 हो गई है।

भाजपा ने यह उपलब्धि 13 में से चार सीटें जीतकर हासिल की, जिसके लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा की गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से एक राज्यसभा सीट जीती। भाजपा ने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और नागालैंड से राज्यसभा की चार सीटें जीतीं। भाजपा ने इस क्षेत्र से उच्च सदन में अपने सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, असम ने एनडीए के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा में चुनकर प्रधनमंत्री पर अपना विश्वास जताया है। भाजपा की पबित्रा मार्गेरिटा 11 वोटों से जीती और यूपीपीएल के रवंगवरा नारजारी नौ वोटों से जीते। विजेताओं को मेरी बधाई।

BJP created history in Rajya Sabha | NewsTrack English 1

राज्यसभा में बीजेपी के 100 का आंकड़ा पार करने के साथ ही विपक्ष को इस साल अगस्त में होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। असम की दो राज्यसभा सीटों और त्रिपुरा की एक सीट के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा उम्मीदवार और उनकी महिला शाखा के राज्य अध्यक्ष एस. फांगनोन कोन्याक को नागालैंड की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध चुना गया, जिससे वह संसद के उच्च सदन में बर्थ पाने वाली राज्य की पहली महिला बन गईं। असम में कांग्रेस के रिपुन बोरा और रानी नारा का राज्यसभा का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त होगा।

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आप ने राज्य की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। अब आप की संख्या उच्च सदन में आठ सीटों तक बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव के हालिया दौर में कांग्रेस की ताकत पांच सीटों से कम हो गई है।

राकेश टिकैत को मर्डर की धमकी से आक्रोश

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी देने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है। मंगलवार को भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर के आवास पर संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूराम तोमर ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता को हमलावर जान से मारने की धमकी दे रहे है तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शीघ्र ही प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो टिकैत साहब का आदेश मिलते ही अपने नेता की सुरक्षा दिलाने के लिए जिले में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। इस अवसर पर चौधरी ऋषि पाल सिंह, ध्यान सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुधीर कुमार, मोहित कुमार, ओमवीर सिंह, सतीश राजपूत, कासिम अली, शहजाद अहमद आदि उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत को मिली धमकी के मामले में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्वीट कर ये जानकारी दी और ये भी कहा कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक मुख्य आरक्षी ने मामला भी दर्ज कराया था.

UP BSP की सभी इकाइयां भंग

मायावती ने लिया बड़ा एक्शन, BSP की सभी इकाइयों को भंग किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सभी प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को बुलाकर हार के कारणों पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सारी कार्यकारिणी को भंग करने के साथ ही 3 चीफ कोऑर्डिनेटर्स की नियुक्ति कर दी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में हार पर बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया। उन्होंने हार के कारणों पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के साथ हारे हुए 402 प्रत्याशी भी बुलाए गए। विदित हो कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक पंडितों का कहना है कि बसपा लगभग खत्म हो चुकी है। उसके वोट बैंक का एक बड़ा हिस्सा भी भाजपा और अन्य पार्टियों में शिफ्ट हो चुका है।

दूसरी बार UP के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ

केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी ली उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ

लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने योगी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

केशव प्रसाद मौर्य ने दोबारा सूबे के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। वहीं कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पार्टी में ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया गया है। तय हो गया है कि भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव कर रही है।

Yogi Adityanath takes oath as UP chief minister for second time | Latest  News India - Hindustan Times

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल का नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे कुछ विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा गया है।

उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया है। वह यूपी भाजपा अध्यक्ष हैं।

शाहजहांपुर से विधायक सुरेश कुमार खन्ना को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा योगी सरकार में सूर्य प्रताप शाही ने भी शपथ ली है। शाही को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। नंद गोपाल नंदी को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जगह मिली है। नंदी प्रयागराज दक्षिण सीट से विधायक चुने गए हैं। नंदी तीसरी बार विधायक बने हैं।

मैनपुरी विधानसभा से विधायक जयवीर सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जयवीर मुलायम और मायावती सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मथुरा के लक्ष्मी नारायण चौधरी को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वह छाता विधानसभा से पांच बार विधायक और मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

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इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं।

योगी पार्ट-2 के लिये सजाया गया लखनऊ

  • हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
  • 12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है. 

पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’

पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल

योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.

5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.

मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम

आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.

दिव्य और भव्य होगा योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल है. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी छोड़ने के मूड में नहीं है. समारोह में 200 विशिष्ट समेत करीब पच्चास हज़ार लोगों के शामिल होने की सम्भावना है. वही खबर है कि तमाम विपक्ष के बड़े चेहरों को भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया गया है. भाजपा की तैयारी जोरों पर है. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वही इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में जुटी हुई है.

अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण को कहा-

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा है कि अभी इस विषय पर कुछ सोचा नहीं है और मुझे नहीं नहीं लगता कि मैं जाऊंगा और ना ही मुझे बुलाया जायेगा. वहीं अखिलेश यादव का कहना है गठित होने वाली नई सरकार ने पहले भी काम नहीं किया तो अब आगे कैसे करेगी. 2017 में योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश उपस्थित हुए थे जहां पर मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करते हुए एक तस्वीर काफी चर्चा का विषय बानी थी.

मायावती ने दिया ये जवाब-

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी इस शपथ ग्रहण में जाने को लेकर को ठोस जानकारी नहीं दी है. हालाँकि पिछले दिनों एक ट्वीट में उन्होंने सपा और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि मुलायम सिंह यादव ही भाजपा से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिलाते हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से अभी किसी प्रकार का बयान सामने नहीं आया है. लेकिन योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत अन्य कई नेताओं को बुलाया गया है.

गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल को लेकर खबर आ रही है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं व युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जा सकती है. बता दे कि योगी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 25 मार्च को लखनऊ स्थित इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहाँ पर तैयारियां जोरों पर है. साज सज्जा के साथ अन्य सभी तैयारी की जा रही है. भाजपा इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि जनमत आने के इतने दिनों बाद शपथ ग्रहण का कार्यक्रम किया जा रहा है।

इकाना में लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन

इकाना में 80×40 की एलईडी स्क्रीन लगाई गई

समारोह को दिव्य और बनाया जा रहा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इकाना का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, जेपीएस राठौर, अश्वनी त्यागी, अमरपाल मौर्य रहे मौजूद

दिग्गज उद्योगपति, सिने सितारे भी इन्वाइट- योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा मुकेश अंबानी ,गौतम अदानी, आनंद महिंद्रा सहित दर्जनों उद्योगपतियों को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है। वहीं बॉलीवुड में अक्षय कुमार, कंगना राणावत, अजय देवगन, बोनी कपूर, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर और कलाकारों को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष ने की चर्चा

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने मुलाकात की। इस अवसर पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

सोमवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष व प्रवक्ता जनाब मुर्तज़ा अली ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से प्रदेश कार्यालय लखनऊ में मुलाकात की।

अहम मीटिंग जल्द- इस मौके पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। इसके लिए एक अहम मीटिंग जल्दी ही केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर बुलाई जाएगी।

ये रहे मौजूद- मीटिंग में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश व नगर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट बदरुल हसन, प्रेम प्रकाश वर्मा, मोहम्मद फरहान, अमन मिश्रा, शमीम सिद्दीकी आदि लोग उपस्थित थे।

UP MLC चुनाव: बीजेपी-सपा के प्रत्याशियों में ठाकुर-यादवों का जोर, दोनों की लिस्ट से दलित Out!


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने एमएलसी चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने जहां सबसे ज्यादा ठाकुर समुदाय के उम्मीदवारों पर दांव लगाया है तो वहीं, सपा ने यादव समुदाय पर भरोसा जताया है. हालांकि, बीजेपी और सपा दोनों ने ही दलित समुदाय से किसी को भी एमएलसी का प्रत्याशी नहीं बनाया है.

बीजेपी का ठाकुर-ओबीसी पर दांव
स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 विधान परिषद सीटों में से बीजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने सपा और कांग्रेस से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है तो सियासी समीकरण को साधने का दांव भी चला है. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी ने सबसे ज्यादा ठाकुर और पिछड़ा वर्ग पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. बीजेपी ने 16 ठाकुर, 11 पिछड़े, 5 ब्राह्मण, 3 वैश्य और 1 कायस्थ को एमएलसी का टिकट दिया है.

सपा ने साधा ऐसे सियासी समीकरण
वहीं, समाजवादी पार्टी 36 एमएलसी सीटों में से 34 सीटों पर खुद चुनावी मैदान में है तो 2 सीटें सहयोगी दल आरएलडी के लिए छोड़ी हैं. सपा ने सबसे ज्यादा 19 यादव समुदाय के प्रत्याशी बनाए हैं और इसके बाद चार अन्य ओबीसी को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा चार मुस्लिम, तीन ठाकुर, तीन ब्राह्मण और एक जैन समुदाय के नेता को विधान परिषद का टिकट दिया है. इस तरह से सपा ने अपने सियासी समीकरण साधने का दांव चला है.

सपा के 19 यादव एमएलसी कैंडिडेट
सपा ने एमएलसी चुनाव के लिए लखनऊ-उन्नाव सीट से सुनील सिंह साजन, बाराबंकी से राजेश कुमार यादव, इलाहाबाद से वासुदेव यादव, बहराइच से अमर यादव, वाराणसी से उमेश कुमार यादव, पीलीभीत-शाहजहांपुर से अमित यादव, प्रतापगढ़ से विजय बहादुर यादव, आगरा-फिरोजाबाद से दिलीप सिंह यादव, गोरखपुर-महराजगंज से रजनीश यादव, सीतापुर सीट से अरुणेश कुमार यादव, रायबरेली से वीरेंद्र शंकर सिंह यादव, मथुरा-एटा-मैनपुरी से राकेश यादव को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, आजमगढ़-मऊ से राकेश कुमार यादव, जौनपुर से मनोज कुमार यादव, झांसी-जालौन-ललितपुर सीट से श्याम सुंदर यादव, कानपुर-फतेहपुर सीट से दिलीप सिंह यादव, इटावा-फर्रुखाबाद से हरीश कुमार यादव, बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष सनी यादव सनी, अलीगढ़ से जयवंत सिंह यादव और फैजाबाद से हीरालाल यादव को प्रत्याशी बनाया है.

सपा का मुस्लिम- ब्राह्मण- ठाकुर- ओबीसी समीकरण
सपा ने मुस्लिम समुदाय से रामपुर-बरेली सीट से मसकूर अहमद, देवरिया-कुशीनगर से गोरखपुर के चर्चित डॉ. कफील खान, हरदोई से रजीउद्दीन और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर से मो. आरिफ को टिकट दिया. बांदा- हमीरपुर से आनंद कुमार त्रिपाठी, गोंडा से भानु कुमार त्रिपाठी और गजीपुर से भोलानाथ शुक्ला को प्रत्याशी बनाया. बदायूं से सिनोज कुमार शाक्य, खीरी से अनुराग वर्मा, बलिया से अरविंद गिरी, सुल्तानपुर से शिल्पा प्रजापति को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, सपा ने ठाकुर समुदाय के तौर पर मुरादाबाद-बिजनौर से अजय प्रताप सिंह, मिर्जापुर-सोनभद्र रमेश सिंह और मथुरा-एटा-मैनपुरी से उदयवीर सिंह को टिकट दिया है।

बीजेपी की लिस्ट में तीन महिलाएं भी– बीजेपी ने एमएलसी चुनाव में ठाकुर और ओबीसी की जातियों पर दांव खेला है. एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने सबसे ज्यादा भरोसा ठाकुर समुदाय पर किया है. एमएलसी उम्मीदवारों सूची में 16 ठाकुर, 5 ब्राह्मण, 11 पिछड़े, तीन वैश्य, एक कायस्थ वर्ग का प्रत्याशी है. ओबीसी में तीन यादव, एक सैनी, दो जाट, दो कुर्मी, एक कलवार, एक नाई, एक गुर्जर का सूची में नाम है. तीन महिलाओं को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के सियासी समीकरण को देखे तो ओबीसी के तमाम जातियों का साधने का दांव चला है.

दल-बदलुओं पर खेला बीजेपी ने दांव
बीजेपी ने कांग्रेस और सपा से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है. सपा से भाजपा में आए शैलेंद्र सिंह को सुल्तानपुर से, सीपी चंद को गोरखपुर-महराजगंज से, रवि शंकर पप्पू को बलिया से, नरेंद्र भाटी को बुलंदशहर से तो रमा निरंजन को झांसी-जालौन सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा कांग्रेस से आए दिनेश प्रताप सिंह को रायबरेली और निर्दलीय जीत रहे चंचल सिंह को गाजीपुर से एमएलसी का कैंडिडेट घोषित किया है. ऐसे ही बसपा से आए बृजेश सिंह को भी कैंडिडेट बनाया है. बीजेपी ने तीन महिला कैंडिडेट उतारे हैं, जिनमें रमा निरंजन, डॉ. प्रज्ञा और वंदना मुदित वर्मा है.

पूजा पाठ करें, गाड़ियों में लगाएं बीजेपी का झंडा

25 मार्च को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्‍टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड जीत के बाद 25 मार्च को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्‍टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। इस बीच पार्टी ने कार्यकर्ताओं के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह वाले दिने कार्यकर्ता पूरे राज्‍य में पूजा-पाठ करें। समारोह में आने वाले कार्यकर्ताओं से अपनी गाड़ियों में पार्टी का झंडा लगाकर आने को कहा गया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने इस संबंध में 12 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं।

12 सूत्री निर्देश जारी 

1-प्रदेश के सभी जिलों के प्रत्‍येक मंडल और शक्ति केंद्र तक के कार्यकर्ता आएं। 
2-जिलाध्‍यक्ष कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर संख्‍या सूचना सुनिश्चित करें। 
3-आवश्‍यकता हो तो आने-जाने के लिए वाहन की व्‍यवस्‍था विधायक, सांसद और संगठन के द्वारा की जाए। अपने व्‍यक्तिगत वाहनों से भी लोग आएं। 
4-हर क्षेत्र से दो कार्यकर्ता एक दिन पहले 24 मार्च को ही भेज दें। 
5-जिले के जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्‍यक्ष, महापौर, चेयरमैन और अन्‍य प्रमुखों की सूची की अलग से सूचना करें। 
6-सभी आने वाले लोगों के लिए आमंत्रण पत्र/ प्रवेश पत्र की व्‍यवस्‍था की जाएगी। इसको जिलों से ही देकर भेजना है। 
7-अपनी गाड़ियों में लोग झंडा लगाकर आएं। 
8-प्रत्‍येक जिले के प्रमुख चौराहों, बाजारों में होर्डिंग लगाने और साज-सज्‍जा की व्‍यवस्‍था करें। 
9-शपथ ग्रहण समारोह में आने से पहले सुबह 8:10 बजे शक्ति केंद्र स्‍तर पर कार्यकर्ता मंदिरों में लोककल्‍याण के लिए पूजन का कार्यक्रम तय करें और सम्‍पन्‍न कराएं। 
10-जिले में सामाजिग वर्ग के प्रमुख नेताओं सहित समाजसेवी, लेखक-साहित्‍यकार, प्रोफेशनल, डॉक्‍टर, इंजीनियर, धार्मिक, मठ-मंदिरों के साधू-संतों की सूची बनाकर उन्‍हें भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करना है। 
11-विस्‍तारक और प्रवासी कार्यकर्ता को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना प्रदेश से दी जाएगी। 
12-किसी अन्‍य जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय प्रभारी या क्षेत्रीय अध्‍यक्ष से बात करें। 

प्रचंड बहुमत से जीती है बीजेपी
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की जीत प्रचंड बहुमत से हुई है। भाजपा गठबंधन ने कुल 273 सीटें पाई हैं। इनमें से 255 सीटें अकेले भाजपा ने जीती हैं। अपना दल (सोनेलाल पटेल) को 12 सीट, निषाद पार्टी को छह सीट मिली हैं। वहीं सपा गठबंधन ने 125 सीट जीती हैं। इनमें से सपा को 11, राष्‍ट्रीय लोकदल को आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह सीट मिली हैं। बसपा को सिर्फ एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कांग्रेस को दो सीट और अन्‍य के खाते में दो सीट गई हैं। 

बुल्डोजर बाबा को गिफ्ट में मिला चांदी का बुल्डोजर

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की खराब पड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बुलडोजर का उपयोग किया आज वह उसी के ब्रांड अम्बेसडर बन गए हैं।

आमतौर पर नेताओं को लोग सार्वजनिक कार्यक्रम में स्मृतिका के रूप में देवी देवताओं की मूर्तियां या फिर गदा, तलवार, धनुष-बाण देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार में चांदी का बुलडोजर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते तीन दिन से अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में थे। होलिका दहन के साथ ही होली में रंग खेलने के बेहद इच्छुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के गोरखपुर प्रवास में हजारों लोगों से भेंट की। इसी बीच उनको गोरखपुर के व्यापारियों ने जो उपहार दिया, उसको तो देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान फैल गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में भी बुलडोजर बाबा के नाम से विख्यात हो चुके सीएम आदित्यनाथ के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। योगी आदित्यनाथ को अपने ही शहर में चांदी का बुलडोजर उपहार में मिला है। गोरखपुर मंडल में जनता ने भारतीय जनता पार्टी सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में शानदार जीत दर्ज की। मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है।

माफिया के खिलाफ चला बुलडोजर- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ एक मुहीम छेड़ दी थी। माफिया और उनके गुर्गों को जेल तो भेजा ही गया, साथ ही उनके अवैध संपत्तियों पर जमकर बुलडोजर चला। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही विपक्ष के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। इसी दौरान माफिया पर बुलडोजर चलाने का स्लोगन हर जनसभाओं में गूंजने लगा। (साभार)

वजीर-ए-आजम पाकिस्तान भी हुए मोदी के मुरीद!

इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुरीद हो गए हैं। अपनी गद्दी पर मंडरा रहे खतरे के बीच उन्होंने रविवार को भारत सरकार की विदेश नीति की तारीफ में कसीदे पढ़े। खैबर पख्तूनख्वा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि हमारे पड़ोसी की विदेश नीति अपने लोगों के लिए है। भारत क्वाड का सदस्य है लेकिन प्रतिबंधों के बावजूद वह रूस से तेल खरीद रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा के मलकंद जिले की दरगई तहसील में एक रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान ने कहा कि विपक्ष उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर जनता के साथ धोखा कर रहा है। वह माफ करने और अपनी पार्टी के बागी सांसदों को वापस लाने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि विपक्ष लगातार दावा करता रहा है कि पीटीआई (इमरान खान की पार्टी) गठबंधन के कई दल उनके साथ संपर्क में हैं, जो अविश्वास प्रस्ताव में इमरान सरकार के खिलाफ वोट देंगे। पाकिस्तानी लोगों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने अपने राजदूतों पर राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि वे भारत को यह बताने से डरते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान से क्या कहा, जैसे यूक्रेन पर रूसी हमले की आलोचना करना। इस जनसभा में चौंकाने वाली बात यह रही कि इमरान खान ने खुले मंच से भारत की तारीफों के पुल बांधे।

भारत को करता हूं सलाम: इमरान
इमरान खान ने कहा, ‘मैं आज भारत को सलाम करता हूं। उन्होंने हमेशा एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन किया है। आज भारत का अमेरिका के साथ गठबंधन है और वह रूस से तेल भी खरीद रहा है जबकि प्रतिबंध लागू हैं क्योंकि भारत की नीति अपने लोगों के लिए है। इमरान खान ने इस जनसभा में पीटीआई के बागी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश समझ जाएगा कि सांसदों ने चोरों के पक्ष में वोट देकर अपना विवेक बेच दिया है।

इमरान रचेंगे इतिहास?
आगामी 2023 को पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं, लेकिन अभी से ही इमरान खान की कुर्सी खतरे में है। पाकिस्तान में विपक्ष एकजुट है, साथ ही इमरान की पार्टी के कई सांसद भी उनके खिलाफ हैं और इन सबके बीच आगामी 25 मार्च को नेशनल असेंबली में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो मतदान होगा। सांसदों के गणित में अभी इमरान सरकार अल्पमत में नजर आ रही है। पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में पाकिस्तान के एक भी प्रधानमंत्री ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। इमरान खान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पनामा मामले में दोषी ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया था और उसके बाद नवाज शरीफ को इस्तीफा देना पड़ा था।

बाजवा ने कहा पद छोड़ें इमरान– यह भी ध्यान योग्य है कि पाकिस्‍तान में अब राजनीतिक संकट अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। एकजुट विपक्ष अब इमरान खान सरकार के खिलाफ अपने अविश्‍वास प्रस्‍ताव को सोमवार को नैशनल असेंबली के अध्‍यक्ष के पास ले जाएगा। नैशनल असेंबली के अध्‍यक्ष अगर इस प्रस्‍ताव को स्‍वीकार कर लेते हैं तो पाकिस्‍तानी संसद में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर मतदान 28 मार्च होगा। इस बीच खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि इमरान खान पर इस्‍तीफे के लिए दबाव बन रहा है और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ नदीम अंजुम ने उन्‍हें इस्‍लामिक देशों के संगठन (OIC) की बैठक के बाद पद छोड़ने के लिए कह दिया है।

सेना के लाडले रह चुके इमरान खान को दोबारा मौका नहीं- हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले इमरान खान की पार्टी ने सरकार बचाने के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ को मध्‍यस्‍थता के लिए सऊदी अरब से बुलाया था जो संभवत: फेल हो गया है। जनरल राहिल शरीफ ने इमरान खान की ओर से जनरल बाजवा से मुलाकात की लेकिन वह उन्‍हें मना नहीं पाए। जनरल बाजवा और अन्‍य वरिष्‍ठ जनरलों ने कहा कि सेना के लाडले रह चुके इमरान खान को दोबारा मौका नहीं दिया जाए। नई दिल्‍ली के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्‍तानी सेना का आंकलन है कि इमरान खान का इस्‍तीफा दे देना ही ठीक रहेगा क्‍योंकि आर्थिक संकट के बीच वर्तमान राजनीतिक संकट देश के हित में नहीं है।

होली पर पाकिस्तान से नहीं हुआ मिष्ठान का आदान प्रदान

जैसलमेर। पिछले दिनों भारतीय मिसाइल के गलती से पाकिस्तानी हवाई सीमा में फायर होने से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट का असर होली के त्योहार पर भी देखने को मिला। इस बार इस त्योहार पर दोनों देशों की तरफ से होली की मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस बार होली के त्योहार पर दोनों देशों में मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ जबकि इस बार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर रिश्तों में मिठास थी लेकिन मिसाइल वाली घटना के बाद रिश्तों में इस कड़वाहट को देखा जा रहा है।

रिश्तों की कड़वाहट नहीं हुई होली पर दूर- सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा मिसाइल की घटना को गलत तरीके से पेश किए जाने से भारत भी नाराज है। भारत द्वारा गलती स्वीकार किए जाने के बाद भी उस ओर से गलत बयानबाजी से भारत नाराज है। बताया ये भी जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान से बधाई और मिठाई लेने से इनकार किया है। बदले में भारत द्वारा जो मिठाई दी जाती है वह भी नहीं दी गई। दरअसल पुलवामा हमले के बाद से रिश्तों में आई तल्खी धीरे धीरे कम हुई थी तथा दीवाली से रिश्तों में मिठास आनी शुरू हुई थी। मगर कुछ दिन पहले गलती से सीमा पार जा गिरी मिसाइल कीं वजह से पाकिस्तान में पैदा हुई रिश्तों की कड़वाहट को होली पर दूर किया जाना था। मगर इस बार होली पर ये सब नहीं हो पाया।

मिसाइल गिरी थी पाकिस्तान के इलाके में- उल्लेखनीय है कि नौ मार्च को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी के चलते एक मिसाइल दुर्घटनावश फायर हो गई थी। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। ये जानने में आया है कि मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में गिरी थी।

दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने पीएम मोदी, बाइडन, जॉनसन को भी पछाड़ा

दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने पीएम मोदी, बाइडन, जॉनसन को भी पछाड़ा

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। ग्लोबल लीडर अप्रूवल ट्रैकर मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी की गई नेताओं की सूची में पीएम मोदी को 77 फीसदी अप्रूवल रेटिंग मिली है। इस रेटिंग के साथ वह पहले स्थान पर हैं। मॉर्निंग कंसल्टेंट की ओर से डेटा जारी करने के साथ कहा गया कि, 13 देशो में सबसे ज्यादा अप्रूवल रेटिंग पीएम मोदी की है, जो दिखाता है कि वह कितने लोकप्रिय नेता हैं।

इस सूची में पीएम मोदी के बाद दूसरे स्थान पर मेक्सिको के मैनुअल लोपेज हैं, जिन्हें 63 प्रतिशत रेटिंग मिली है। वहीं इटली के मारिया द्राघी 54 फीसदी रेटिंग के बाद सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। जापान के फुमियो किशिदा को 42 प्रतिशत रेटिंग मिली है। इसमें एक बात और खास है कि पीएम मोदी की डिसअप्रूवल रेटिंग भी सबसे कम 17 प्रतिशत है। संस्था के मुताबिक, पीएम मोदी 2020 से 2022 तक के अधिकांश महीनों में सबसे लोकप्रिय नेता बने रहे।

पीएम मोदी ने इस सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो को भी पीछे छोड़ दिया है। सूची में जो बाइडन को 42 प्रतिशत, ट्रूडो को 41 प्रतिशत रेटिंग मिली है। वहीं जॉनसन इस सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं। उन्हें 33 प्रतिशत रेटिंग मिली है।

द कश्मीर फाइल्स के बाद दूसरा धमाका लाल बहादुर शास्त्री; देखने के लिए हो जाएं तैयार…

कश्मीर फाइल्स के बाद दूसरा धमाका देखने के लिए हो जाओ तैयार…

लालबहादुर शास्त्री https://youtu.be/yq9TOW43TYs

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (वाराणसी) : मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द, सोवियत संघ रूस), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की भारत  की  स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी। पुलिस मंत्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया। 1951 में, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वह अखिल भारत कांग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किये गये। उन्होंने 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत से जिताने के लिये बहुत परिश्रम किया।

साफ सुथरी छवि- जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधानमंत्री का पद भार ग्रहण किया। उनके शासनकाल में 1965 का भारत पाक युद्ध शुरू हो गया। इससे तीन वर्ष पूर्व चीन का युद्ध भारत हार चुका था। शास्त्रीजी ने अप्रत्याशित रूप से हुए इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। ताशकंद में पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी सादगीदेशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्‍न से सम्मानित किया गया।

लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस पर 2 अक्टूबर को शास्त्री जयन्ती व उनके देहावसान वाले दिन 11 जनवरी को लालबहादुर शास्त्री स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

श्रीवास्तव से बने शास्त्री– लालबहादुर शास्त्री का जन्म 1904 में मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) में एक कायस्थ परिवार में मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव के यहाँ हुआ था। उनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे अत: सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे। बाद में उन्होंने राजस्व विभाग में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी कर ली थी। लालबहादुर की माँ का नाम रामदुलारी था। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण बालक लालबहादुर को परिवार वाले प्यार में नन्हें कहकर ही बुलाया करते थे। जब नन्हें अठारह महीने के हुए तो दुर्भाग्य से पिता का निधन हो गया। उनकी माँ रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के घर मिर्जापुर चली गयीं। कुछ समय बाद उसके नाना भी नहीं रहे। बिना पिता के बालक नन्हें की परवरिश करने में उनके मौसा रघुनाथ प्रसाद ने उसकी माँ का बहुत सहयोग किया। ननिहाल में रहते हुए उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद की शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई। काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द श्रीवास्तव हमेशा हमेशा के लिये हटा दिया और अपने नाम के आगे ‘शास्त्री’ लगा लिया। इसके पश्चात् शास्त्री शब्द लालबहादुर के नाम का पर्याय ही बन गया।

1928 में उनका विवाह मिर्जापुर निवासी गणेशप्रसाद की पुत्री ललिता से हुआ। ललिता और शास्त्रीजी की छ: सन्तानें हुईं, दो पुत्रियाँ-कुसुम व सुमन और चार पुत्र – हरिकृष्ण, अनिल, सुनील व अशोक। उनके चार पुत्रों में से दो दिवंगत हो चुके हैं। अनिल कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं जबकि सुनील शास्त्री भाजपा के नेता हैं।

देशसेवा का व्रत- संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर तक की शिक्षा समाप्त करने के पश्चात् वे भारत सेवक संघ से जुड़ गये और देशसेवा का व्रत लेते हुए यहीं से अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की। शास्त्रीजी सच्चे गांधीवादी, थे जिन्होंने अपना सारा जीवन सादगी से बिताया और उसे गरीबों की सेवा में लगाया। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों व आन्दोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही और उसके परिणामस्वरूप उन्हें कई बार जेलों में भी रहना पड़ा। स्वाधीनता संग्राम के जिन आन्दोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमें 1921 का असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च तथा 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं।

“मरो नहीं, मारो!”किया बुलंद- दूसरे विश्व युद्ध में इंग्लैण्ड को बुरी तरह उलझता देख जैसे ही नेताजी ने आजाद हिन्द फौज को “दिल्ली चलो” का नारा दिया, गान्धी जी ने मौके की नजाकत को भाँपते हुए 8 अगस्त 1942 की रात में ही बम्बई से अँग्रेजों को “भारत छोड़ो” व भारतीयों को “करो या मरो” का आदेश जारी किया और सरकारी सुरक्षा में यरवदा पुणे स्थित आगा खान पैलेस में चले गये। 9 अगस्त 1942 के दिन शास्त्रीजी ने इलाहाबाद पहुँचकर इस आन्दोलन के गान्धीवादी नारे को चतुराई पूर्वक “मरो नहीं, मारो!” में बदल दिया और अप्रत्याशित रूप से क्रान्ति की दावानल को पूरे देश में प्रचण्ड रूप दे दिया। पूरे ग्यारह दिन तक भूमिगत रहते हुए यह आन्दोलन चलाने के बाद 19 अगस्त 1942 को शास्त्रीजी गिरफ्तार हो गये।

गृहमन्त्री के बाद प्रधानमंत्री- शास्त्रीजी के राजनीतिक दिग्दर्शकों में पुरुषोत्तमदास टंडन और पण्डित गोविंद बल्लभ पंत के अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे। सबसे पहले 1929 में इलाहाबाद आने के बाद उन्होंने टण्डन जी के साथ भारत सेवक संघ की इलाहाबाद इकाई के सचिव के रूप में काम करना शुरू किया। इलाहाबाद में रहते हुए ही नेहरूजी के साथ उनकी निकटता बढ़ी। इसके बाद तो शास्त्रीजी का कद निरन्तर बढ़ता ही चला गया और एक के बाद एक सफलता की सीढियाँ चढ़ते हुए वे नेहरूजी के मंत्रिमण्डल में गृहमन्त्री के प्रमुख पद तक जा पहुँचे। और इतना ही नहीं, नेहरू के निधन के पश्चात भारत वर्ष के प्रधान मन्त्री भी बने।

जय जवान-जय किसान का नारा- उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और वे ऐसा करने में सफल भी रहे। उनके क्रियाकलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णत: व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप थे। निष्पक्ष रूप से यदि देखा जाये तो शास्त्रीजी का शासन काल बेहद कठिन रहा। पूँजीपति देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन देश हम पर आक्रमण करने की फिराक में थे। 1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया। परम्परानुसार राष्ट्रपति ने आपात बैठक बुला ली जिसमें तीनों रक्षा अंगों के प्रमुख व मन्त्रिमण्डल के सदस्य शामिल थे। संयोग से प्रधानमन्त्री उस बैठक में कुछ देर से पहुँचे। उनके आते ही विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ। तीनों प्रमुखों ने उनसे सारी वस्तुस्थिति समझाते हुए पूछा: “सर! क्या हुक्म है?” शास्त्रीजी ने एक वाक्य में तत्काल उत्तर दिया: “आप देश की रक्षा कीजिये और मुझे बताइये कि हमें क्या करना है?” शास्त्रीजी ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी।

अमेरिका ने की युद्धविराम की अपील- भारत पाक युद्ध के दौरान 6 सितम्बर को भारत की 15वीं पैदल सैन्य इकाई ने द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी मेजर जनरल प्रसाद के नेत्तृत्व में इच्छोगिल नहर के पश्चिमी किनारे पर पाकिस्तान के बहुत बड़े हमले का डटकर मुकाबला किया। इच्छोगिल नहर भारत और पाकिस्तान की वास्तविक सीमा थी। इस हमले में खुद मेजर जनरल प्रसाद के काफिले पर भी भीषण हमला हुआ और उन्हें अपना वाहन छोड़ कर पीछे हटना पड़ा। भारतीय थलसेना ने दूनी शक्ति से प्रत्याक्रमण करके बरकी गाँव के समीप नहर को पार करने में सफलता अर्जित की। इससे भारतीय सेना लाहौर के हवाई अड्डे पर हमला करने की सीमा के भीतर पहुँच गयी। इस अप्रत्याशित आक्रमण से घबराकर अमेरिका ने अपने नागरिकों को लाहौर से निकालने के लिये कुछ समय के लिये युद्धविराम की अपील की।

रूस और अमरिका की मिलीभगत? आखिरकार रूस और अमरिका की मिलीभगत से शास्त्रीजी पर जोर डाला गया। उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत रूस बुलवाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। हमेशा उनके साथ जाने वाली उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को बहला फुसलाकर इस बात के लिये मनाया गया कि वे शास्त्रीजी के साथ रूस की राजधानी ताशकंद न जायें और वे भी मान गयीं। अपनी इस भूल का श्रीमती ललिता शास्त्री को मृत्युपर्यन्त पछतावा रहा। जब समझौता वार्ता चली तो शास्त्रीजी की एक ही जिद थी कि उन्हें बाकी सब शर्तें मंजूर हैं परन्तु जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाना हरगिज़ मंजूर नहीं। काफी जद्दोजहेद के बाद शास्त्रीजी पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर ताशकन्द समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करा लिये गये। उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर किये थे कि वे हस्ताक्षर जरूर कर रहे हैं पर यह जमीन कोई दूसरा प्रधान मन्त्री ही लौटायेगा, वे नहीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्धविराम के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घण्टे बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही उनकी मृत्यु हो गयी। यह आज तक रहस्य बना हुआ है कि क्या वाकई शास्त्रीजी की मौत हृदयाघात के कारण हुई थी? कई लोग उनकी मौत की वजह जहर को ही मानते हैं।

शास्त्रीजी को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये आज भी पूरा भारत श्रद्धापूर्वक याद करता है। उन्हें मरणोपरान्त वर्ष 1966 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

शास्त्रीजी की अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ शान्तिवन (नेहरू जी की समाधि) के आगे यमुना किनारे की गयी और उस स्थल को विजय घाट नाम दिया गया। जब तक कांग्रेस संसदीय दल ने इंदिरा गांधी को शास्त्री का विधिवत उत्तराधिकारी नहीं चुन लिया, गुलजारी लाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमन्त्री रहे।

पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया? शास्त्रीजी की मृत्यु को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जाते रहे। बहुतेरे लोगों का, जिनमें उनके परिवार के लोग भी शामिल हैं, मानते है कि शास्त्रीजी की मृत्यु हार्ट अटैक से नहीं बल्कि जहर देने से ही हुई। पहली इन्क्वायरी राज नारायण ने करवायी थी, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी ऐसा बताया गया। मजे की बात यह कि इण्डियन पार्लियामेण्ट्री लाइब्रेरी में आज उसका कोई रिकार्ड ही मौजूद नहीं है। यह भी आरोप लगाया गया कि शास्त्रीजी का पोस्ट मार्टम भी नहीं हुआ। 2009 में जब यह सवाल उठाया गया तो भारत सरकार की ओर से यह जबाव दिया गया कि शास्त्रीजी के प्राइवेट डॉक्टर आर०एन०चुघ और कुछ रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जाँच तो की थी परन्तु सरकार के पास उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। बाद में प्रधानमन्त्री कार्यालय से जब इसकी जानकारी माँगी गयी तो उसने भी अपनी मजबूरी जतायी।

आउटलुक पत्रिका ने खोली पोल- शास्त्रीजी की मौत में संभावित साजिश की पूरी पोल आउटलुक नाम की एक पत्रिका ने खोली। 2009 में, जब साउथ एशिया पर सीआईए की नज़र (अंग्रेजी CIA’s Eye on South Asia) नामक पुस्तक के लेखक अनुज धर ने सूचना के अधिकार के तहत माँगी गयी जानकारी पर प्रधानमन्त्री कार्यालय की ओर से यह कहना कि “शास्त्रीजी की मृत्यु के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से हमारे देश के अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध खराब हो सकते हैं तथा इस रहस्य पर से पर्दा उठते ही देश में उथल-पुथल मचने के अलावा संसदीय विशेषधिकारों को ठेस भी पहुँच सकती है। ये तमाम कारण हैं जिससे इस सवाल का जबाव नहीं दिया जा सकता।”।

ललिता के आँसू- सबसे पहले सन् 1978  में प्रकाशित एक हिन्दी पुस्तक ललिता के आँसू में शास्त्रीजी की मृत्यु की करुण कथा को स्वाभाविक ढँग से उनकी धर्मपत्नी ललिता शास्त्री के माध्यम से कहलवाया गया था। उस समय (सन् उन्निस सौ अठहत्तर में) ललिताजी जीवित थीं। यही नहीं, कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अन्य अंग्रेजी पुस्तक में लेखक पत्रकार कुलदीप नैयर ने भी, जो उस समय ताशकन्द में शास्त्रीजी के साथ गये थे, इस घटना चक्र पर विस्तार से प्रकाश डाला है। जुलाई 2012 में शास्त्रीजी के तीसरे पुत्र सुनील शास्त्री ने भी भारत सरकार से इस रहस्य पर से पर्दा हटाने की माँग की थी। मित्रोखोन आर्काइव नामक पुस्तक में भारत से संबन्धित अध्याय को पढ़ने पर ताशकंद समझौते के बारे में एवं उस समय की राजनीतिक गतिविधियों के बारे में विस्तरित जानकारी मिलती है।

लोकसभा चुनाव को लेकर मायावती का पैंतरा! नेता पद से रितेश की छुट्टी

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में 18 वीं विधानसभा के गठन के लिए हुए चुनाव की मतगणना में मिली शर्मनाक हार से बहुजन समाज पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है। पार्टी की हार का असर लोकसभा के भीतर तक अब दिखाई देने लगा है। बसपा मुखिया ने लोकसभा में पार्टी के नेता पद से रितेश पांडे को हटाकर उनके स्थान पर गिरीश चंद्र जाटव को कमान सौंप दी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली शर्मनाक हार के बाद मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को उन्होंने लोकसभा में पार्टी के नेता पद से रितेश पांडे को हटाकर उनके स्थान पर गिरीश चंद जाटव की तैनाती कर दी है। गिरीश चंद्र जाटव की जगह संगीता आजाद को सौंपी गई है। बसपा मुखिया मायावती ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को खत लिखकर इस आशय की जानकारी दे दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती के इस फैसले को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार और अगले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर इस बदलाव की जानकारी दी। साथ बताया कि पार्टी ने लोकसभा में दल के नेता रितेश पांडे के स्थान पर अब गिरीश चंद जाटव को नामित किया है। राम शिरोमणि वर्मा पार्टी के उप नेता बने रहेंगे। संगीता आजाद को गिरीश चंद्र जाटव की जगह सौंपने का फैसला लिया गया है।

UP में अब बाबा का बुलडोजर और सोम का डंडा दोनों चलेंगे!

मेरठ। अक्सर विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब यूपी में बाबा का बुलडोजर और सोम का डंडा दोनों चलेगा।  

सीएम योगी आदित्याथ ने अपने कार्यकाल में कई अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलवाए थे। इस संदर्भ में बुलडोजर बाबा शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरधना सीट से दो बार के विधायक संगीत सोम ने खेड़ा गांव में आयोजित सभा में कहा- ‘सपाई गलतफहमी में ना रहें, शपथ ग्रहण के बाद बाबा का बुलडोजर और संगीत सोम का डंडा दोनों चलेगा।’ वो अपनी पार्टी के साथ माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करते रहेंगे।  संगीत सोम ने ये भी कहा कि कोई मुगालते में ना रहे कि मैं चुनाव हार गया हूं।  मैं आज भी उतना पावर में हूं, जितना चुनाव जीतने के बाद होता। जो नेता आज जीते हैं उन्हें जनता ने लंबे समय तक सत्ता से दूर रखा है। कुछ नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए मेरी जाति को लेकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम उन्हें किसी भी हाल में कामयाब नहीं होने देंगे। 

गौरतलब है कि संगीत सोम पर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगो को लेकर कई मामले दर्ज हैं। इस बार सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने करीब 18 हजार वोटों के अंतर से उन्हें हरा दिया। संगीत सोम ने कहा ‘बेशक मैं इस बार चुनाव हार गया हूं लेकिन में समाज के लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा।

UP: योगी सरकार की रडार पर कई IAS-IPS अधिकारी….

चुनाव में सपा को फायदा पहुंचाने के प्रयास का लगा है आरोप !!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ होली के बाद 21 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ कैबिनेट के सहयोगी भी शपथ लेंगे। वहीं, कहा जा रहा है कि सरकार बनने के बाद नौकशाही में बड़े बदलाव होंगे। कैबिनेट के गठन के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसरों को बदले जाने की तैयारी है। वहीं, सीएम कार्यालय यानी पंचम तल में भी अफसरों को बदला जा सकता है।


चुनाव के दौरान मिली थी अफसरों की शिकायत –
चुनाव के दौरान जिन अफसरों के बारे में शिकायतें मिली थीं, उन्हें शासन से लेकर जिलों से हटाया जाएगा। दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खबरे तेजी से वायरल हुई थीं कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके कुछ अफसरों ने समाजवादी पार्टी में अपने पुराने कनेक्शन को लेकर वहां के बड़े नेताओं को साधने की तैयारी कर ली थी। हालांकि, कुछ अफसरों के बारे में ये भी कहा जा रहा था कि उन्होंने बैकडोर से समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाया।

केंद्र से बुलाए जा सकते हैं अधिकारी….

फिलहाल केंद्र में यूपी कैडर के कई अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, राज्य में भी आईएएस और आईपीएस अफसरों की कमी है। ऐसे में राज्य सरकार आने वाले दिनों में कुछ अफसरों को वापस राज्य में बुला सकती है। इसके साथ ही राज्य में अन्य राज्य के भी आईएएस और आईपीएस इंटरस्टेट डेप्यूटेशन पर आ सकते हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि राज्य में पिछली योगी सरकार में कई अफसर डेप्यूटेशन पर आए थे और कई अफसरों ने इसके लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया था !!

उप्र में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी अपना दल (सोनेलाल)

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस चुनाव में भाजपा गठबंधन (एनडीए) को 273 सीटें प्राप्त हुई हैं जिनमें अपना दल (सोनेलाल) की 12 सीटें शामिल हैं। भाजपा ने तो अकेले 255 सीटें जीतकर बहुमत का आकड़ा पार किया है। पिछले चुनाव की तुलना में पार्टी को कुछ सीटों का नुकसान जरूर हुआ लेकिन सभी भरम टूट गए और करीब 3 दशक बाद सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी हुई।

इसी बीच एनडीए की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने जनादेश के लिए उत्तर प्रदेश की जनता का शुक्रिया अदा किया। केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनडीए को दूसरा मौका मिला है और यह एक शानदार सफलता है। इस जनादेश के साथ उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के प्रति हमारी और भी बड़ी जिम्मेदारी है।

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपना दल (सोनेलाल) ने नीट में पिछड़ी जातियों के आरक्षण का मुद्दा उठाया और सरकार ने इस पर फैसला लिया। 1931 के बाद जाति आधारित जनगणना नहीं हुई है और 2021 की जनगणना की कवायद भी टाल दी गई है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट समय के साथ इस पर फैसला लेंगे। उत्तर प्रदेश के चुनावों में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली अपना दल (सोनेलाल) का यह चौथा चुनाव था और इस चुनाव में पार्टी ने 12 सीटों पर कब्जा किया।

भाजपा को हराने के लिए सपा की तरफ शिफ्ट हुआ मुस्लिम वोट

लखनऊ (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा लेकिन इनका पूरा वोट भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। बसपा को इसी की सजा मिली। भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने बार-बार आजमाई पार्टी बसपा से ज्यादा सपा पर भरोसा करने की बड़ी भारी भूल की है।

विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती मीडिया के सामने आई। चुनाव में मिली भाजपा की जीत और बसपा, कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा और सपा पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को सपा के गुंडाराज से बचने के लिए एकतरफा वोट दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा परन्तु इनका पूरा वोट समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। इससे बसपा को भारी नुकसान हुआ।

मायावती ने पार्टी कार्यकताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की उम्मीद के विपरीत जो नतीजे आए हैं उससे बुरा और क्या हो सकता है ?. लेकिन इससे घबराकर और निराश होकर पार्टी के लोगों को टूटना नहीं है। उसके सही कारणों को समझकर और सबक सीखकर हमें अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है और आगे चलकर सत्ता में जरूर आना है।

उन्होंने कहा कि सपा ने यह प्रचारित किया कि बसपा भाजपा की बी-टीम है। बसपा, सपा के मुकाबले से कम मजबूती से चुनाव लड़ रही है जबकि सच इसके विपरीत है। कहा कि बसपा की भाजपा से लड़ाई राजनीतिक के साथ-साथ सैद्धान्तिक भी है। अगर मुस्लिमों का वोट एकतरफा सपा में नहीं जाता तो यूपी का चुनाव परिणाम ऐसा नहीं होता है। ऐसा करने वाले लोग समय बीतने के बाद पछताएंगे।

बसपा मुखिया ने कहा कि यदि मुस्लिम वोट भी दलित वोटों के साथ मिल जाता, तो पश्चिम बंगाल जैसा चमत्कार हो सकता था। भाजपा फिर से सत्ता में वापस आ गई। यदि त्रिकोणीय संघर्ष हुआ होता तो भाजपा को आने से रोका जा सकता था । मायावती ने कहा कि हर बार की तरह ही दलित वोट बैंक इस बार भी बसपा के साथ पूरी तरह बना रहा।

प्रदेश में भाजपा की जीत विकास और सच्चाई की जीत है- चौधरी ईशम सिंह

नजीबाबाद (बिजनौर)। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत और बुलडोजर बाबा के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पुनः सरकार बनने पर क्षेत्रवासियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा की जिला मंत्री गायत्री निराला के आवास पर पहुंचकर मनाया।

सभी ने रंग गुलाल एवं फूलों की होली खेली। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों का आभार प्रकट किया और कहा कि यह जीत हम सब की जीत है आम जनमानस की जीत है गरीब मजदूर की किसान की व्यापारी की महिलाओं की शोषित की वंचितों की जीत है। भारतीय जनता पार्टी कभी भी संप्रदायवाद जातिवाद की राजनीति नहीं करती है। भारतीय जनता पार्टी सिर्फ विकास की राजनीति करती है और यही बात विपक्ष को अच्छी नहीं लगती चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि आज महिलाएं अगर अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं यह उनकी जीत है आने वाले समय में और भी अच्छे विकास के कार्य होने वाले हैं। जातिवाद को खत्म करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। राष्ट्र के लिए और अपने धर्म के लिए हम सब एकजुट होकर रहें, यही हमारी जीत का मुख्य उद्देश्य होगा। हमने या हमारी पार्टी ने कभी भी किसी को सताने का कार्य नहीं किया है। वहीं विपक्ष जाति की राजनीति करता है एक दूसरे को बांटने का प्रयास करते हैं। अब जनता समझ चुकी है क्षेत्र का विकास प्रदेश का विकास और राष्ट्र का विकास सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। इसलिए पूरे देश की जनता आज कंधे से कंधा मिलाकर भारतीय जनता पार्टी को सपोर्ट कर रही है और प्रदेश ही नहीं आने वाले 2024 के चुनाव में भी जनता जनार्दन के माध्यम से फिर से केंद्र नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी।

इस अवसर भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिला मंत्री रितेश सैन, नामित सभासद दीपक बाल्मीकि, अरविंद विश्वकर्मा, रणवीर सिंह निराला, गायत्री निराला, दीपक कर्णवाल, सीमा कर्णवाल, मनीषा सैनी, मंडल अध्यक्ष भाजपा पिछड़ा मोर्चा नरेश सैनी, करुण पाल, कोमल सिंह हल्दिया, हितेंद्र कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता भगवानदास पाल, अभिषेक पंडित ,मनोज पाल, प्रमोद पाल, विपिन सैनी, मनदीप धस्माना, बंटू शर्मा, अजीत कुमार आदि मौजूद रहे।

भाजपा की प्रचण्ड जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की बड़ी भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी चुनावी संकल्प पत्र का समर्थन करते हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का निर्णय लेते हुए भाजपा का समर्थन किया था। जहां एक ओर तमाम किसान विरोधी संगठन भाजपा का विरोध कर रहे थे, वहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने भाजपा का साथ दिया। यूपी में भाजपा की दोबारा प्रचण्ड बहुमत से सरकार बनने में कहीं न कहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की अहम भूमिका मानी जा रही है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने इस संबंध में बताया कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया था, जिसके बाद संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने तनमन से भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है। रामनिवास यादव ने बताया कि भाजपा ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी था, वह देश एवं प्रदेश के किसानों को काफी फायदा देने वाला है, जिस प्रकार से किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की, एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासन, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय,एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव

रामनिवास यादव ने भाजपा की प्रचण्ड जीत पर संगठन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए जनता का भी आभार व्यक्त किया। साथ इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसान हितैषी कार्यों के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बधाई दी।

नारी शक्ति संगठन ने दीं योगी को अग्रिम शुभकामनाएं

बिजनौर। नारी शक्ति संगठन ने महिला दिवस का कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से मनाया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं गईं।

कार्यक्रम का आयोजन नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल के ज्ञान विहार कॉलोनी स्थित निवास स्थान पर किया गया। इस अवसर पर संगठन की बहनों ने योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। वहीं एक दूसरे को मिष्ठान खिलाकर भजन, चुटकुले, कविता, गीत आदि की प्रस्तुति की। संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल ने कहा कि आज नारी सामाजिक, राजनैतिक,आर्थिक, धार्मिक व सांस्कृतिक; किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। नारी अबला नहीं है,सबला बन चुकी है।

इस अवसर पर पूनम गोयल, नीता गुप्ता, मानदेवी शर्मा, सुषमा अग्रवाल, रामकौर, मुनेश गौतम,  मधु भूषण, संगीता शर्मा, रेखा पाल, कल्पना शर्मा, ममता, शशि बाला शर्मा, बीना त्यागी, मृदुला, नीलम, मंजू चौधरी, भावना चौधरी, मोनिका चौधरी, नीलम, कविता, सुमन, राखी चौधरी आदि उपस्थित रहीं।

एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मनाया जश्न

नजीबाबाद (बिजनौर)। प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत पर भाजपा नेता व वरिष्ठ समाजसेवी अवनीश अग्रवाल टांडे वालों के कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।

इस मौके पर पर अवनीश अग्रवाल टांडे वालों ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत से जीत, हर आम नागरिक की जीत है। जनता विकास चाहती है, उसे पता है कि उत्तर  प्रदेश को उत्तम प्रदेश सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही बना  सकती है।

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दंभ भर रहे थे, लेकिन तीसरे-चौथे राउंड के बाद से ही भाजपा को पूर्ण बहुमत के रूझान शुरू हो गए। सीएम योगी द्वारा पांच वर्षों में किए गए कार्यों के आगे विपक्षी कहीं नहीं टिक पाए और जनता ने योगी आदित्यनाथ को प्रचंड बहुमत देकर एक बार फिर प्रदेश की कमान सौंप दी। जो विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, वह अब मीडिया से मुंह छिपाते फिर रहे हैं।

29 साल बाद दोहराया गया बिजनौर सीट पर इतिहास

बिजनौर। बिजनौर सीट पर 29 साल बाद इतिहास दोहराया गया है। ऐसा 29 साल बाद हो सका जब मौजूदा विधायक को ही जनता ने फिर से जीत का ताज पहनाया, वरना साल 1993 के बाद इस सीट पर कोई भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर पाया। हालांकि दो दो बार विधायक जरूर बने, लेकिन लगातार नहीं।
जिले की बिजनौर सदर सीट पर भाजपा की सूचि चौधरी ने जीत दर्ज कराई है। वह 1445 मतों से भगवा लहराने में कामयाब रहीं। लगातार दूसरी बाद जीतने का यह इतिहास 29 साल बाद दोहराया गया है। इससे पहले 1993 में महेंद्र पाल सिंह भी लगातार दूसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले महेंद्र पाल सिंह ने राम लहर में 1991 में जीत दर्ज कराई थी। महेंद्रपाल सिंह ने भी तीन दशक बाद इतिहास को दोहराया था। क्योंकि 1962 में कुंवर सत्यवीर सिंह ही ऐसे विधायक रहे, जो कि 1967 में भी जीते थे। कुंवर सत्यवीर सिंह से पहले 1957 में चंद्रावती लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई थी। बिजनौर सीट पर कुंवर भारतेंद्र सिंह भी दो बार विधायक चुने गए, लेकिन इन्हें भी लगातार चुनाव जीतने का मौका नहीं मिला। बीच में 2007 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।


बिजनौर सीट से चुने गए विधायक
1951 चंद्रावती कांग्रेस
1957 चंद्रावती कांग्रेस
1962 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस
1967 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस
1969 रामपाल सिंह बीकेडी
1974 अजीजुर्रहमान कांग्रेस
1977 कुंवर सत्यवीर जनता पार्टी
1980 अजीजुर्रहमान कांग्रेस
1989 सुखवीर सिंह जनता दल
1991 महेंद्र पाल सिंह भाजपा
1993 महेंद्रपाल सिंह भाजपा
1996 गजंफर अली बसपा
2002 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा
2007 शाहनवाज राणा बसपा
2012 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा
2014 रुचिवीरा सपा (उपचुनाव)
2017 सुचि चौधरी भाजपा
2022 सुचि चौधरी भाजपा

भाजपा को तो सत्ता में फिर आना ही था- जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बरसों तक संघ परिवार से जुड़े रहने के कारण भाजपा संगठन में उनका खासा कद है। अनेक मुददों पर उनसे बातचीत हुई, उन्होंने बेबाकी से जवाब दिये।

उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- जीतना तो तय ही था। सम्मानित मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनहित के कार्यों को देखते हुए एक बार पुनः भाजपा को सत्ता सौंपी है।

आपको क्या लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहेगा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- यूपी के इस विधानसभा चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चलिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही बनेंगे। उनके नेतृत्व में देश ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है।

चुनाव में किसान आंदोलन का क्या असर पड़ा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- किसान आंदोलन के फैक्टर ने उन्हीं जिलों में भाजपा के खिलाफ असर दिखाया जहां जाटों के अलावा मुस्लिमों की भी पर्याप्त संख्या है। आंदोलन के बाद भी भाजपा की स्थिति पश्चिम यूपी में उतनी कमजोर नहीं थी, जितने दावे किए जा रहे थे। खासतौर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट के जरिए भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की। कई जिलों में मुस्लिम बनाम हिंदू की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन यहां समीकरण बिगड़ते नहीं दिखे।

योगी आदित्यनाथ की छवि का क्या प्रभाव रहा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- सीएम योगी बीजेपी के पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। भाजपा ने पिछला चुनाव बिना किसी सीएम फेस के लड़ा था, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ा गया। वहीं नोयडा को लेकर स्थापित मिथक को भी योगी जी ने वहां कई बार पहुंच कर तोड़ा।

कई सर्वे में सपा-रालोद गठबंधन को बढ़त और यहां तक कि सरकार बनाने का दावेदार भी बताया जा रहा था?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कुशल नेतृत्व में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सर्वे हमेशा सच नहीं होते, इनमें उतार चढ़ाव आता रहता है। अध्यक्ष जी का रणनीतिक कौशल पार्टी के लिये बेहद कारगर साबित हुआ।

UP में फिर आ सकता है योगी राज, जानिए बाकी राज्यों का EXIT POLL

Exit Poll Results 2022 Live News Updates: Uttar Pradesh, UP, Punjab,  Uttarakhand, Goa, Manipur Assembly Election Exit Poll 2022 Results Live  Coverage - The Financial Express

नई दिल्ली (एजेंसी)। यूपी समेत 5 राज्यों के एग्जिट पोल सामने आए हैं। जी न्यूज-डिजाइन बॉक्स के पोल के मुताबिक, मणिपुर में भाजपा की सरकार बरकरार रहने का अनुमान है। गोवा के एग्जिट पोल में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से दूर है। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां सेपिअंस रिसर्च के एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

उत्तर प्रदेश (403) न्यूज एक्स पोल का अनुमान
भाजपा : 211-225
सपा: 146-160
कांग्रेस :  4-6
बसपा : 14-24
रिपब्लिक -टीवी का अनुमान
भाजपा :  240
सपा : 140
बसपा :  17
अन्य :   2

रिपब्लिक भारत के अनुमान के मुताबिक दलों को सीटें
भाजपा :  240 (+-15)    
कांग्रेस : 0
सपा :  140 (+-10)
बसपा:  17 (+-15)    
अन्य:  2 (+-2)

सुदर्शन न्यूज एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 246 से 265 सीट मिल रही हैं।

गोवा: एबीपी सी वोटर
भाजपा: 13-17
कांग्रेस: 12-16
आप:  01-05
टीएमसी+: 05-09
अन्य: 0-2

गोवा न्यूज एक्स 
भाजपा: 17-19
कांग्रेस: 11-13
आप: 1-4

उत्तराखंड (इंडिया टीवी/ग्राउंड जीरो रिसर्च)
भाजपा:  25-29
कांग्रेस:  37-41
आप: 0
अन्य:  2-4

एबीपी सी-वोटर एग्जिट पोल के अनुसार उत्‍तराखंड में कांग्रेस को 32-38 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 26-32 सीटें मिल सकती हैं। वहीं इंडिया टीवी सीएनएस के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तराखंड में कांग्रेस को 37 से 41 सीटें, भाजपा को 25-29 जबकि अन्य के खाते में दो से चार सीटें जानें का अनुमान है। इंडिया टुडे- एक्सिस माय इंडिया के एक्जिट पोल के मुताबिक उत्‍तराखंड में भाजपा को 36-46, कांग्रेस को 20-30, बसपा को 02-04 जबकि अन्‍य के खाते में 02 से 05 सीटें मिलने का अनुमान है।

किसकी बनेगी सरकार, जानिए आज शाम!

ABP न्यूज़ और Chanakya Todays के Exit Poll का आज शाम होगा प्रसारण

ABP News UP, Uttarakhand, Punjab Exit Poll: एबीपी न्यूज आज शाम 6 बजे के बाद यूपी चुनाव का एग्जिट पोल दिखाने जा रहा है। एबीपी न्यूज चैनल (ABP News) ने सी वोटर (C-Voter) के साथ मिलकर एग्जिट पोल किया है। मतदान समाप्त होने के बाद एबीपी न्यूज के नेशनल और एबीपी गंगा चैनल पर इसे प्रसारित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के सातवें फेज की वोटिंग आज खत्म हो रही है। यूपी में किसकी सरकार बनने जा रही है इसका सही जवाब तो 10 मार्च को मतगणना के बाद ही मिलेगा। फिलहाल एबीपी न्यूज सी-वोटर के पोल से रुझान की ओर इशारा जरूर मिल सकता है। एग्जिट पोल से संकेत जरूर मिल सकता है कि यूपी में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी या अखिलेश यादव उनसे सत्ता छीनने में कामयाब रहेंगे। हालांकि, कई बार एग्जिट पोल के उलट भी नतीजे आए हैं।

वहीं ओपिनियन पोल में उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य लड़ाई देखने को मिल रही थी। यहां एक चरण में मतदान संपन्न हो गए हैं। 10 मार्च को परिणाम आएंगे। इससे पहले एग्जिट पोल में सर्वे के मुताबिक जीत और हार के अनुमान पेश किए जाएंगे। पंजाब में भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। जहां एक तरफ कांग्रेस और अकाली दल टक्कर में हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत नजर आई है। देखना है कि एग्जिट पोल में किसकी सरकार बनती दिखेगी। हालांकि फाइनल नतीजे तो 10 मार्च को ही पता लगेंगे।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में वोटिंग हुई है। पहले चरण की वोटिंग जहां पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी को हुई थी वहीं 7 मार्च को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ है। भाजपा और सपा ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को वोट डाले गए थे। यहां 70 विधानसभा सीटों पर 65.10 फीसदी मतदान हुआ था। पंजाब में 20 फरवरी को वोट डाले गए थे। 

Chanakya Todays Exit Poll: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण के मतदान की समाप्ती के साथ शाम में एग्जिट पोल (Exit Poll 2022) आने शुरू हो जाएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर सहित पांच राज्यों में हुए मतदान के बाद सभी को 10 मार्च को आने वाले नतीजों का इंतजार है। 

असली नतीजों से पहले सभी पांच राज्यों के चाणक्य टुडेज एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll) के नतीजे बताएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इसको लेकर कराए गए चाणक्य टुडेज के एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll Results) के नतीजे आज शाम 6 बजे के बाद आने शुरू हो जाएंगे।

काशी की परंपरा के लिए खतरा है भाजपा: जय प्रकाश पांडेय

समाजवादी नेता जय प्रकाश पांडेय ने भाजपा को बताया काशी की परंपरा के लिए खतरा।


लखनऊ। मतदान की पूर्व संध्या पर बीएचयू गेट पर संवाददाताओं से बात करते हुए समाजवादी नेता एवं चिंतक जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि असहमति के प्रति आदर भाव प्रदर्शित करने की परंपरा का नाम है- काशी। पौराणिक मान्यताओं का केंद्र होते हुए भी काशी ने स्थापित व्यवस्था की विसंगतियों के बरक्स मानवतावादी मौलिक विचारों एवं असहमति के स्वरों को धैर्य से सुना। महात्मा बुद्ध, शंकराचार्य से दयानंद सरस्वती तक के शास्त्रार्थ की साक्षी है- काशी। यहां कबीर और संत रविदास की सामाजिक समता की आग्रही दूसरी परंपरा भी संरक्षण पाती रही है। भाजपा की एकरंगी सोच लोकतांत्रिक विमर्श को खारिज करने एवं असहमति को कुचलने की है, जो काशी की परंपरा के खिलाफ है। काशी की इस गौरवपूर्ण विरासत के सच्चे उत्तराधिकारी समाजवादी ही हैं।

रूस ने लगाई सोशल मीडिया पर नकेल

सोशल मीडिया पर नकेल लगाई रूस ने। Facebook, Twitter के साथ Youtube पर बैन। ‘फर्जी खबर’ चलाई तो होगी जेल।

मोस्को (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूस की पुतिन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रूस ने फेसबुक के साथ-साथ ट्विटर और यूट्यूब को भी देश में ब्लॉक कर दिया है। रुस ने आरोप लगाया है कि ये सोशल साइट्स रूसी मीडिया कंपनियों के साथ भेदभाव कर रही हैं।

रूस सेंसरशिप एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने कहा है कि, साल 2020 के अक्टूबर महीने से फेसबुक की ओर से रूसी मीडिया के खिलाफ भेदभाव के 26 मामले सामने आए हैं। द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने सोशल साइट फेसबुक पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि, फेसबुक रूसी मीडिया समूहों के खिलाफ भेदभाव कर रहा है। इधर, बैन के बाद फेसबुक की ओर से कहा गया है कि, प्रतिबंध से लाखों लोगों को विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल पाएगी।बिज़नेस :

Russia-Ukraine War: रूस ने फेसबुक और ट्विटर के साथ-साथ यूट्यूब को भी को बैन  किया, BBC ने भी उठाया बड़ा कदम - Russia-Ukraine War: Russia banned Facebook  and Twitter as well as

गौरतलब है कि यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत में रूसी सरकार ने फेसबुक पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद पुतिन सरकार ने पूरे रूस में फेसबुक पर बैन लगा दिया। इसके साथ ही रूसी सरकार ने अन्य सोशल साइट ट्विटर और यूट्यूब पर भी बैन लगा दिया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति ने एक प्रावधान पर भी मुहर लगा दी है, जिसके तहत सेना के खिलाफ जानबूझकर ‘फर्जी खबर’ फैलाने पर 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

गौरतलब है कि रूस यूक्रेन के बीच की जंग लगातार तेज होती जा रही है। लड़ाई के 10वें दिन रूस ने यूक्रेन पर हमले भी तेज कर दिए हैं। रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है। यूक्रेन पर हमले के 9वें दिन शुक्रवार को रूस की सेना और आक्रामक हो गई। रूसी सेना ने यूक्रेन को समुद्र मार्ग से काटने की कोशिश में नीपर नदी पर बसे एनेर्होदर शहर पर जम कर बमबारी की। इसी दौरान जपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) में आग लग गई। यूरोप के सबसे बड़े इस न्यूक्लियर पावर प्लांट में लगी आग पर दमकल कर्मियों ने काबू पा लिया।

अखिलेश से मिलने के लिए कतारबद्ध हो गई अफसरशाही!

योगी के खास अफसर अखिलेश से क्यों मिल रहे? अयोध्या में डीएम ने बोर्ड बदला। लखनऊ में अखिलेश से मिलने के लिए अफसरों की कतार लग रही

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी विधानसभा चुनाव के सिर्फ एक चरण की वोटिंग बची है। सरकार किसकी बनेगी, इसका तो अभी इंतजार है, लेकिन नौकरशाही में हलचल मच चुकी है। ताजा उदाहरण अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड के बदलते रंगों से ही ले सकते हैं। बड़े ब्यूरोक्रेट्स अखिलेश से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं। कुछ पुराने रिश्ते याद दिलाना चाहते हैं, तो कोई नए रिश्ते की नींव रखना चाहता है। ये दृश्य इसलिए भी दिखने लगे हैं क्योंकि ये ब्यूरोक्रेट्स सियासत के मौसम को बखूबी समझते हैं।

योगी के करीबी अधिकारी पहुंचे अखिलेश के दरबार- रोचक तथ्य ये है कि कल तक जो सीएम योगी के सबसे करीबी अधिकारियों में शामिल थे। वह अब अखिलेश यादव से एक मुलाकात करके लिए जुगत भिड़ा रहे हैं। कोई सीधे फोन करके बात कर रहा है। कोई सहयोगी के जरिए अखिलेश तक पहुंचना चाहता है। ब्यूरोक्रेट्स, इतनी परेशानी तब उठा रहें हैं। जब यूपी की सत्ता पर कौन बैठ रहा है, यही तय नहीं है। सपा सूत्रों का दावा है कि पुलिस और प्रशासन के कई बड़े अफसर अब तक मुलाकात कर भी चुके हैं।

अखिलेश से मिलने वालों की कतार में कौन-कौन?

सपा के एक बड़े नेता का दावा है कि योगी सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले एक सीनियर आईएएस अफसर अखिलेश से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। ये भी अंदरखाने चल रहा है कि अखिलेश फिलहाल उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। दूसरी तरफ सपा नेताओं का दावा है कि पुलिस महकमे के भी कई अफसरों से अखिलेश की मुलाकात हो चुकी है। कुछ खास इश्यू पर उनकी चर्चाएं हुईं हैं। इसके साथ ही अखिलेश सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाली महिला आईएएस भी सपा सुप्रीमो के संपर्क में हैं। अब जो चर्चाएं चल रही हैं, उसके मुताबिक अखिलेश सरकार में पंचम तल पर रहने वाले अधिकारियों को लगता है कि वो दोबारा सीएम बन सकते हैं। इसलिए अभी से अपनी कुर्सी पक्की कर लेना चाहते हैं।

पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन से लगा रहें हैं सिफारिश!
खबर ये भी है कि कुछ अधिकारी अखिलेश सरकार में मुख्य सचिव रहे सीनियर आईएएस आलोक रंजन के जरिए अखिलेश खेमे में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में लगे हैं। आलोक रंजन फिलहाल अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं और माना जा रहा है कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी।

डीएम आवास के बोर्ड के ‘बदलते रंग’ की कहानी

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। - Dainik Bhaskar

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड का रंग बुधवार को बदल दिया गया। पहले भगवा था, जिसे बाद में हरा किया गया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन चर्चाओं में लोगों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है कि क्या उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है? यूपी में भगवा से भाजपा तो हरा रंग को सपा से जोड़ा जाता है। हालांकि, गुरुवार को एक बार फिर डीएम के बोर्ड का रंग हरा से लाल कर दिया गया है।

कई अधिकारी भी होते हैं सियासत के मौसम वैज्ञानिक
सियासत में रंगों का अपना अलग ही महत्व होता है। 2017 में उत्तर-प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही रंग बदलने लगे। सरकारी बिल्डिंग से लेकर मंत्रियों के आवास का रंग भी बदला। रंगों में बदलाव कुर्सियों और उन पर सजने वाले तौलिया तक में दिखाई दिया। सड़क से लेकर चौक-चौराहों पर लगे बोर्ड तक सब कुछ जैसे भगवा मय हो गया। यूपी में योगी सरकार बनने के बाद DM आवास के बोर्ड का रंग भगवा किया गया था। अयोध्या और वाराणसी में कई सारे भवनों को भगवा रंग दिया गया। लेकिन चुनाव के आखिरी पड़ाव में डीएम के बोर्ड के बदलते रंग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि कई अधिकारी भी सियासत के मौसम वैज्ञानिक होते हैं।

दिल्ली दंगा मामले में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को HC का नोटिस

सोनिया-राहुल गांधी और कपिल मिश्रा का नाम शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी

नई दिल्ली (नई दिल्ली)। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, बीजेपी सांसद परवेश वर्मा जैसी कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को नोटिस जारी किया है।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा

नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न इस मामले में पक्षकार के रूप में उन पर मुकदमा चलाया जाए। इस मामले में सभी लोगों से चार मार्च 2022 तक जवाब मांगा गया है। 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

विदित हो कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दंगे भड़काने में कथित भूमिका के लिए राजनेताओं सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।

HC Issues Notice on Plea for FIR Against Gandhis For 'Hate Speech'
बीजेपी सांसद परवेश वर्मा

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि क्या वे वही लोग हैं, जिनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, क्या वही लोग इस मामले में पक्षकार हैं? क्या हम वास्तव में उनकी बात सुने बिना उन्हें गिरफ्तार करने की आपकी याचिका पर आगे बढ़ सकते हैं?

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन प्रारंभ। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

अशोक मधुप

यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की विश्व में आलोचना हो रही है। जगह−जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने अहम के लिए दुनिया को युद्ध में धकेल दिया। यह भी खबर है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन हर हालात में यूक्रेन पर कब्जा चाहतें हैं। इसके लिए वह अपने 50 हजार सैनिक की बलि देने के लिए भी तैयार हैं। ऐसे हालात में रूस से ही अच्छी खबर आई है। वहां के नागरिक युद्ध का विरोध कर रहे हैं। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस में लोगों का युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रूस की राजधानी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में शनिवार को लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। पुलिस ने 460 लोगों को हिरासत में लिया। इसमें मॉस्को के 200 से अधिक लोग शामिल हैं।

रूस में यूक्रेन पर हमले की निंदा करने वाले ओपन लेटर भी जारी किए गए। इसमें 6,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ, 3400 से अधिक इंजीनियरों और 500 टीचर्स ने साइन किए हैं। इसके अलावा पत्रकारों, लोकल बॉडी मेंबर्स और सेलिब्रिटिज ने भी ऐसे ही पिटीशन पर साइन किए हैं। यूक्रेन पर हमले को रोकने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की गई। इस पर शनिवार शाम तक 7,80,000 से अधिक लोगों ने साइन कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह बीते कुछ सालों में रूस में सबसे अधिक समर्थित ऑनलाइन याचिकाओं में से एक है।

रूस के अलावा जापान, हंगरी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में लोग यूक्रेन पर हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। लोग ‘युद्ध नहीं चाहिए’ के नारे लिखे पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस युद्ध को रोकने की मांग कर रहे हैं। रूसी पुलिस ने दर्जनों शहरों में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 1,700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ये भी सूचना है कि रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद युद्ध के खिलाफ हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के दो सांसदों ने भी यूक्रेन पर हमले की निंदा की है। यह वही सांसद हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले पूर्वी यूक्रेन में दो अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के लिए मतदान किया था। सांसद ओलेग स्मोलिन ने कहा कि जब हमला शुरू हुआ तो वह हैरान थे, क्योंकि राजनीति में सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय के रूप में किया जाना चाहिए। दूसरे सांसद मिखाइल मतवेव ने कहा कि युद्ध को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप

उधर यूक्रेन से आ रही खबर अच्छी नहीं हैं। रूसी सेना सैनिक प्रतिष्ठान के अलावा सिविलियन पर भी हमले कर रही है। शहरों में घुसे रूसी सैनिक लूटपाट कर रहे हैं। खार्किव शहर पर कब्जा करने के बाद रूसी सैनिकों ने एक बैंक लूट लिया। एटीएम लूटे जा रहे हैं। सैनिक एक डिपार्टमेंटल स्टोर में घुसकर सामान भी उठाते नजर आए। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूसी हमले में 198 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 33 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1,115 लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेन के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं। खाने− पीने का सामान कम पड़ गया है। रूसी हमले के बाद कीव, खार्किव, मेलिटोपोल जैसे बड़े शहरों में हर जगह तबाही दीख रही है। मिसाइल हमलों से इमारतें बर्बाद हो गई हैं। लोग खाने−पीने के सामान को तरस रहे हैं। कई जगह बच्चों से लेकर बड़े भी डर और दहशत की वजह से रोते देखे जा सकते हैं। लाखों लोग अपना शहर, देश छोड़कर बाहर जा रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और अपने परिवार की चिंता है। वह जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थान पर पंहुच जाना चाहतें हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1.50 लाख से ज्यादा यूक्रेनी शरणार्थी पोलैंड, मोल्दोवा और रोमानिया पहुंच चुके हैं।

इस युद्ध के विरोध में रूस में जो हो रहा है, वह पूरी दुनिया में होना चाहिए। शांति स्थापना के लिए बनी एजेंसी और संगठन जब असफल हो जाएं तो जनता को इसके लिए उठना चाहिए। पिछले कुछ समय से लग रहा है कि दुनिया में अमन−शांति कायम रखने के लिए बना संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी महत्ता खो चुका है। वीटो पावर प्राप्त पांचों देश की दंबगई के आगे इसकी महत्ता खत्म हो गई है। ऐसे में पूरे विश्व को शांति स्थापना के लिए किसी नए संगठन को बनाने के बारे में सोचना होगा। इसके लिए आवाज बुलंद करनी होगी। आंदोलन करने होंगे। जनमत बनाना होगा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

स्वर्गीय विधायक लोकेंद्र चौहान को चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि


बिजनौर। नूरपुर के ग्राम आलमपुरी में स्वर्गीय विधायक लोकेन्द्र चौहान की चौथी पुण्य तिथि पर उनके आवास पर हवन यज्ञ किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिवंगत विधायक को श्रधांजलि दी।
श्रधांजलि कार्यक्रम में उनके बड़े भाई सीपी सिंह ने कहा कि यह उनके दिवंगत भाई लोकेन्द्र चौहान की लोकप्रियता है कि क्षेत्र के व्यक्ति, पार्टी कार्यकर्ता उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रधांजलि देने हर वर्ष यहाँ आते है। उनका यह परिवार भी क्षेत्र के हर व्यक्ति के सुख दुःख में हमेशा साथ रहेगा। भाई लोकेन्द्र चौहान के अधूरे सपनों को पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। श्रधांजलि कार्यक्रम में कुँवर राणा प्रताप सिंह, राजीव त्यागी, अमित कुमार,नकौशल चौहान, नरेश चौधरी, नृपेंद्र चौधरी, जगवीर सिंह, अनिल कुशवाह, दल सिंह, विजेन्दर राणा, सर्वेश कुमार, अवधेश कुमार राणा, सन्दीप सैनी, नरेश भाटी , जसवेंदर सिंह पांडेय, सुमित शर्मा,नरेश मुनीम जी आदि मौजूद रहे।

हिजाब के खिलाफ मुखर बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या कर्नाटक में तनाव 144 लागू

नई दिल्ली (एजेंसी)। हिजाब को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब स्थिति हिंसा तक पहुंच गई है। कर्नाटक के शिवमोगा में एक 23 साल के युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद यहां तनाव की स्थिति बनी हुई है और धारा 144 लागू है। जानकारी के मुताबिक युवक का नाम हर्ष था और वह बजरंग दल का कार्यकर्ता था। राज्य के गृह मंत्री अरागा जनेंद्र ने जिले के स्कूल एवं कॉलेजों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि 4 से 5 युवकों ने हर्ष की हत्या की है। अब तक इस घटना के पीछे किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है। फिलहाल शिवमोगा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति कंट्रोल में है। हालांकि कुछ लोगों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया है। जिले के सीगेहट्टी इलाके में कई लोगों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी, जिन्हें बुझाने का काम जारी है। इस घटना ने हिजाब विवाद से पहले ही बढ़े राज्य के राजनीतिक पारे को और चढ़ा दिया है।

युवक ने हिजाब के विरोध में लिखी थी सोशल मीडिया पोस्ट-
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 9 बजे युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इसके बाद तनाव बढ़ गया। शिवमोगा शहर के कई इलाकों में उपद्रव हुए और गाड़ियों में आग लगा दी गई। पुलिस हिजाब विवाद से इस मामले को जोड़कर इसलिए देख रही है क्योंकि युवक ने कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर इससे संबंधित एक पोस्ट लिखी थी। इस पोस्ट में उसने हिजाब का विरोध किया था और भगवा गमछे का समर्थन किया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है।

हिजाब का विरोध कर रहा बजरंग दल-
बता दें कि कर्नाटक के उडुपी के कॉलेज से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय आकार ले चुका है। वहीं कर्नाटक के कोपा में स्कारी स्कूल में छात्रों ने भगवा गमछा लेकर हिजाब का विरोध किया था। बताया गया कि स्कूल प्रशासन ने ही भगवा पहनने की अनुमति दी थी। बजरंगदल इस मामले में काफी ऐक्टिव है। बजरंग दल के कर्नाटक संयोजक सुनील केआर ने इसे जिहाद बताया था। वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किए।

जैद बने रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव

बिजनौर। नहटौर नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रशीद अहमद छिद्दू के पुत्र मोहम्मद जैद को राष्ट्रीय लोक दल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष अली अदनान और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल एडवोकेट ने मोहम्मद जैद का स्वागत किया।
स्थानीय फुरकान बाग कॉलोनी स्थित मोहम्मद जैद के आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल एडवोकेट ने मोहम्मद जैद का फूल माला पहनाकर स्वागत किया और उन से उम्मीद जताते हुए कहा कि मोहम्मद जैद के जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन मजबूत हुआ है और आगे इसे मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य चलते रहेंगे। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष अली अदनान ने मोहम्मद जैद का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि मोहम्मद जैद स्वर्गीय रशीद अहमद छिद्दू की विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि रशीद अहमद छिद्दू भी राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और पहली बार राष्ट्रीय लोक दल में रहते हुए चुनाव लड़ा और नगर पालिका के चेयरमैन बने। इस मौके पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद जैद ने कहा कि वह पिछले एक साल से निरंतर पार्टी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी द्वारा जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसको वह पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमेशा से मैं राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों से प्रभावित रहा हूं। इस मौके पर नहटौर नगर अध्यक्ष महफूज उर्फ गुड्डा, मोबिन अहमद, शजर हुसैन, दुलारे भाई, इकरार अहमद, मुनव्वर सरताज, आतिफ खान आदि मौजूद रहे।

ABVP ने फूंका तमिलनाडू सरकार का पुतला

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तमिलनाडू सरकार के संप्रदायिक तुष्टिकरण के विरोध में प्रदर्शन कर पूतला फूंका। अभाविप कार्यकर्ताओं ने छात्रा लावण्या को न्याय दिलाने व कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। अभावित कार्यकर्ता देशभर में छात्रा लावण्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर पूतले फूंक रहे हैं।

इसी क्रम में बिजनौर के शास्त्री चौक पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडू सरकार का पूतला फूंका। इससे पूर्व सभी कार्यकर्ता वर्धमान कॉलेज पर एकत्र हुए। विभाग संयोजक शशिकांत बालियान ने कहा कि तमिलनाडू सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने लावण्या की आवाज का दबाने का काम किया है। अभाविप लावण्या की लड़ाई के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मित्रविद्या ने कहा कि तमिलनाडू सरकार छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रही है। छात्रा लावण्या को न्याय व छात्रों की रिहाई तक उनके संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान भास्कर सिंह, आशु पाल, भानु चौधरी, देव चौधरी, ईशान राजपूत, अश्वनी काकरान, पंकज सिंह, प्रवेश राजपूत, जतिन, आकाश चौधरी, गोलू सिंह, कार्तिक विश्नोई आदि उपस्थित रहे।

मलिहाबाद की सरजमीं पर दहाड़े स्वामी प्रसाद मौर्य; उमड़ा जन सैलाब

लखनऊ। तहसील मलिहाबाद ग्राउंड में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा में लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे स्वामी प्रशाद मौर्य का कार्यकर्ताओं ने फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवाजदी प्रचार प्रसार तूफान की तरह चल रहा है, जो भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

आज उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के समर्थन में तमाम नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। पश्चिम से चौधरी चरण सिंह के सपुत्र जयंत सिंह चौधरी, भारतीय सुहेल देव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अपना दल के कर्षण पटेल, संजय सिंह आदि नेता इस महान गठबंधन में शामिल हुए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी को जड़ से उखाड़ फेंकेगे।

मौर्य ने कहा कि आप जानते हैं कि मैने भारतीय जनता पार्टी से मंत्री पद से इस्तफ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि मैने बीजेपी सरकार को पाँच वर्षों में पढ़ा, परखा व जाना है। इनका चरित्र दोगला है। योगी ने जो 80 और 20 का नारा दिया था क्या 20 प्रतिशत लोग इस देश के नागरिक नहीं हैं।

उन्होंने पूछा कि क्या आजादी की लड़ाई में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां ने अपनी शहादत नहीं दी है, क्या देश आजाद होने के बाद इनकी औलादें, भाई देश में नहीं रह रहे हैं। भारत पाकिस्तान की लड़ाई में योगी जी के बाप दादा तो अंग्रेजों से लड़े ही नही हैं। उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की है। अब 80, 20 नहीं चलेगा। अब 85 तो हमारा है, 15 में बंटवारा है।

उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने नौजवानों को धोखा दिया है सरकारी नौकरी देने को कहा था लेकिन इनकी सरकार में एक भी सरकारी भर्ती सही नहीं हो पाई।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों की सरकार है। समाजवादी सरकार बनने पर सारे हिसाब लिए जाएंगे।

वहीं सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया है और अपने समाज को भी ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मलिहाबाद में मंडी बनवाई लेकिन भाजपा सरकार ने आज तक उसका उद्घाटन तक नहीं किया।

हमारी सरकार आने पर माल रोड पर अमानीगंज रेलवे क्रॉसिंग का ओवर ब्रिज बनेगा, जिससे जाम में फंस जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ-साथ क्षेत्र में जो सड़कें बदहाल अवस्था में हैं, उनका भी मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। सभा समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने मंच पर स्वामी प्रसाद मौर्या का जोरदार स्वागत किया।

कांग्रेस प्रत्याशी ने समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से मांगे वोट

समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से कांग्रेस प्रत्याशी ने मांगे वोट। बताया कि सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह।

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी से 168 मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व विधायक इन्दल रावत ने गुरुवार को क्षेत्र के कस्बा मलिहाबाद, अहमदाबाद कटौली, बंजारन खेड़ा चौराहा, तिरगवा, भटपुरवा, दौलतपुर, बांकीनगर, रहीमाबाद, दिलावरनगर, कहला, सिधरवा
सहित दर्जनों गांवों में जनसम्पर्क कर कांग्रेस पार्टी को जिताने की अपील की।

इन्दल कुमार रावत ने जनसंपर्क के दौरान बताया कि
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के लिए उन्नति पत्र जारी किया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़, कोरोना काल का बकाया साफ़ किया जाएगा। किसानों को गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति कुंटल, गेहूं व धान 2500 रुपये प्रति कुंटल के दाम से खरीदा जाएगा। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह
का मानदेय दिया जाएगा। विधवा व वृद्धा पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की जाएगी। किसानों को आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई प्रति एकड़ 3000 रुपये मुआवज़ा के रूप में दिया जाएगा। सफ़ाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा। ग्राम प्रधानों का वेतन 6000 रुपये प्रतिमाह होगा। चौकीदारों का वेतन भी 5000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा। अनुसूचित जाति के छात्रों व अनुसूचित जनजाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग पेंशन 500 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस के उन्नति पत्र की सराहना करते हुए इन्दल कुमार रावत को वोट देकर विधायक बनाने की बात कही।

चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे इंदल सिंह रावत

लखनऊ। 168 विधानसभा मलिहाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी इन्दल कुमार रावत चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव जाकर वोटरों से जनसंपर्क लगातार कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता का इंदल रावत को भरपूर सहयोग भी मिल रहा है।

इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक इन्दल रावत ने क्षेत्र के नत्थाखेड़ा, धनाखेड़ा, माल, गुमसेना, नबीपनाह, देवरी डांडा रामनगर, बाजार गांव, शंकरपुर, दिघारा, हन्नी खेड़ा, बसहरी, अटरिया सहित अन्य क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर वोट मांगा और भारी बहुमत से जिताने की अपील की।

2012 के बाद अब 2022 भी
जनसम्पर्क के दौरान श्री रावत ने बताया कि वह प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मलिहाबाद क्षेत्र की जनता से आशीर्वाद मांग रहे है। जैसे पूर्व में 2012 में हमें मलिहाबाद की जनता ने विधानसभा पहुंचाया वैसे ही 2022 में कांग्रेस की सरकार होगी।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग महिला उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा की बदहाली का दंश झेल रहे हैं। वह कभी 70 वर्षों में नहीं हुई। आजादी के बाद से आज तक संसाधनों को कांग्रेस ने उपलब्ध कराया।

कहा कि जिस प्रकार से सरकार निजीकरण कर रही है और महंगाई चरम पर है, धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है, वह सही नही है। अब मलिहाबाद की जनता कट्टरपंथी की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने को तैयार है।

हमने गुंडाराज को खत्म किया: राजनाथ सिंह

मलिहाबाद,लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तहसील ग्राउंड में आयोजित जनसभा में विपक्ष पर तंज कसते हुए अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा कि हमने गुंडाराज को खत्म किया है। सपा सरकार में गरीब और मजदूरों पर अत्याचार होते थे। आज इस सरकार में सभी लोग स्वतंत्र हैं। एक बार फिर आप भारतीय जनता पार्टी को अपना कीमती वोट देकर विजय बनाएं और मलिहाबाद विधानसभा सीट से जयदेवी कौशल के लिए अपना वोट दें। इस दौरान उन्होंने मलिहाबाद की दशहरी का बखान करते हुए बताया पूरे विश्व में यहां की दशहरी मशहूर है। इसलिए मलिहाबाद की यह सीट भी पूरे देश में मशहूर है। रक्षा मंत्री ने कहा सदन में आप लोग भाजपा का विधायक जिता कर भेजिए। 20 हजार हेक्टेयर में आम पैदा किया जाता है। इतना आम देश मे कहीं नहीं होता है। क्षेत्र का बहुत बड़ा नाम है, इसलिए क्षेत्र का नाम डूबना नहीं चाहिए। जय देवी के जीतने के बाद हम फिर आपकी आम की दावत खाने जरूर आएंगे। उन्होंने कहा आपके क्षेत्रीय सांसद के क्षेत्र में अब ब्रह्मोस मिसाइल बनने लगी है। साथ ही उत्तर प्रदेश में गोली के साथ-साथ गोला भी बनने लगा है। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर से हटाई गई धारा 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया।

रक्षा मंत्री के संबोधन से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में लोगों को विस्तृत रूप से समझाया। विधायक जयदेवी कौशल ने भी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में कुंवर बलवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि काकोरी लल्लू यादव, ब्लाक प्रमुख निर्मल वर्मा, संयोगिता सिंह चौहान, अरुण प्रताप सिंह, अंजू सिंह, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी, महामंत्री आशीष द्विवेदी, विधानसभा संयोजक जय गोविंद अवस्थी, सभासद सौरभ यादव, राजेश लोधी, सभासद प्रमोद शर्मा, तारीफ खान, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा, मूलचंद यादव सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश!

नोएडा से बड़ी खबर ,पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश, रवि किशन की फेक आईडी से मिली धमकी

नोएडा विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर पंखुड़ी पाठक ने चुनाव लड़ा। पंखुड़ी पाठक को कांग्रेस ने स्टार प्रचारक नियुक्त किया है। वह इस समय फिरोजाबाद में चुनाव प्रचार कर रही हैं, लेकिन अब चुनाव के बाद पंखुड़ी पाठक को लोग परेशान करने लगे हैं। उनको ट्विटर और अन्य सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। इस बात की शिकायत पंखुड़ी पाठक के समर्थकों ने पुलिस को दी है।

सैकड़ों अकाउंट किए ब्लॉक”

पंखुड़ी पाठक ने टीम से बात करते हुए बताया, “चुनाव होने के बाद उनके लिए ट्विटर अकाउंट पर कुछ लोग लगातार लोग अपशब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग उनके पोस्ट पर अपशब्द लिख रहे हैं। उन्होंने काफी सारे ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक भी कर दिया है, लेकिन उसके बावजूद भी लगातार उनको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक का आरोप है कि कुछ लोग उनसे सोशल मीडिया पर बोल रहे है कि जितने अकाउंट ब्लॉक करने हैं कर लो। पंखुड़ी पाठक ने अभी तक सैकड़ों ट्विटर अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं, उसके बावजूद भी उनको परेशान किया जा रहा है।

मॉर्फेड फोटो वायरल करने के नाम पर मिली धमकी

पंखुड़ी पाठक ने बताया, “एक अकाउंट द्वारा मेरी मॉर्फेड फोटो फैलाई जा रही हैं और बैंक अकाउंट डिटेल देकर लिखा गया है कि अगर एक लाख रुपए नहीं जमा किए तो मॉर्फेड फोटो आगे भी फैलाई जाएगी। यह जानकारी उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर की है, जिस पर रवि किशन का फोटो पीएम मोदी के साथ लगा हुआ है और यह आईडी फेक है।

भाजपा आईटी सेल पर लगाए आरोप

पंखुड़ी पाठक ने बातचीत के दौरान भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “यह सब भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल का काम है। भाजपा आईटी सेल द्वारा ही अलग-अलग अकाउंट से उनको परेशान किया जा रहा है। उनकी ट्विटर आईडी पर भद्दे-भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं। मैंने काफी सारे फर्जी ट्विटर अकाउंट ब्लॉक भी कर दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी मुझको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक ने पुलिस कमिश्नर नोएडा और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए शिकायत की है।

उन्होंने ट्विटर से ऐसे हैंडल्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त (महिला और बाल सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिली है और साइबर सेल ने इस पर काम शुरू कर दिया है.

उन्होंने कहा, “हम इस तरह की शिकायतों का बहुत तत्परता से संज्ञान में लेते हैं और जल्द से जल्द अपराधी का पता लगाने की कोशिश जारी है.” अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आरोपियों के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

कौन हैं पंखुड़ी पाठक- वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट हैं। नॉएडा की रहने वाली हैं व उनकी राजनैतिक कर्मभूमि उत्तर प्रदेश है। पंखुड़ी ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में छात्र राजनीति से की। पंखुड़ी पाठक सामाजिक मुद्दों को हमेशा गंभीरता से उठती रही हैं।

छोटे सिंह चौहान ने किया अपने समर्थकों के साथ गांवों में भ्रमण

उरई (जालौन)। भाजपा निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने अपने समर्थकों के साथ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में भ्रमण किया।

गठबंधन के प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने ग्राम चुर्खी, नादमी छोटी, नाडमी बड़ी, रिनिया, अभेदेपुर, लौना, पिथऊपुर, दमशश, मलथुआ, भिवारी, जहटौली, जखा, मड़ैया छोटी, मड़ैया बड़ी, मघापुर, रामपुर व जितापुर में संपर्क कर वोट की अपील की।

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने किया चुनाव कार्यालय का उद्घाटन

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने फीता काटकर किया चुनाव कार्यालय का उद्घाटन

लखनऊ। मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मिर्जागंज चौराहे स्थित सपा पार्टी चुनाव कार्यालय का सोमवार को नगर पंचायत मलिहाबाद की अध्यक्ष असमत आरा खां के पुत्र पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि अहसन अजीज खां व प्रत्याशी सोनू कन्नौजिया ने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन फीता काट कर किया।

इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि ने कहा कि भाजपा सरकार मे किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। मंहगाई चरम पर पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही किसानों को मुफ्त खाद, डीजल, पेट्रोल दिया जायेगा।

सभा को सम्बोधित करते हुये अहसन अजीज खां ने कहा कि नौजवानों के पास रोजगार नहीं हैं, उन्हें रोजगार पाने के लिये लाठियां खानी पड़ रही हैं। सपा सरकार बनते ही रोजगार युवकों को दिये जायेंगे। भाजपा ने विगत क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव में नंगा नाच कर अपने प्रमुखों को जिताया है।

उन्होंने कहा कि पेंशन बहाली करने के साथ रोजगार के रास्ते खोले जायेंगे। देश का किसान, नौजवान, व्यापारी वर्ग भाजपा सरकार से तंग आ चुका है। मोदी योगी सरकार ने नोटबंदी कर भारत को लूटने का काम किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि आगामी 23 फरवरी को मतदान अधिक से अधिक करायें, साथ ही किसानों, नौजवानों विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें, जिससे एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया जा सके।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जय सिंह जयन्त, विधानसभा अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव, पूर्व महासचिव राशिद अली, जिला महासचिव शब्बीर खां, प्रभारी वासुदेव सिंह, मोईन खां, शहजाद खां,नागेन्द्र यादव सहित सैकडों सपाई मौजूद रहे।

आओ चलें मतदान करें, लोकतंत्र का सम्मान करें

लखनऊ। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ द्वारा प्रदेश व्यापी मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महासंघ द्वारा बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में एक बैठक कर आज के ही दिन 14/2/2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। साथ ही उनके परिवार को पेन्शन न मिलने पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी को मतदान करने एवं अपने मताधिकार का उपयोग करने के बारे में बताया गया।

इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण/प्राइवेटाइजेशन/ आउटसोर्सिंग बंद करने की बात प्रमुखता से करने वाली राजनीतिक पार्टी को ही सभी आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट देकर सरकार बनाने हेतु अपनी-अपनी इच्छा प्रकट की। साथ ही साथ चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में हो रहे निजीकरण एवं संविदा पर रखे गए लोगों को परमानेंट करने की भी बात की गई। कार्यक्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के लगभग सभी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। केके सचान, श्रवण सचान, रजत, सुनील, कपिल, सत्येन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह, महेंद्र श्रीवास्तव,आईनिस चार्ल्स, मंजीत कौर, रेनू दूबे, शशि सारस्वत, स्मिता, हुस्ना ख़ातून, मीना, रेनू पटेल, कनक, देवरती, प्रीती आदि मौजूद रहे! प्रधान महासचिव चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश अशोक कुमार ने धन्यवाद दिया।

योगी का सनसनीखेज बयान, बोले अखिलेश नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं….

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के दूसरे चरण के तहत नौ जिलों की 55 सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस बीच एएनआई न्‍यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्‍यू में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने यह कहकर चौंका दिया कि आजम खान जेल से बाहर आएं यह खुद अखिलेश यादव नहीं चाहते। आजम बाहर आए तो अखिलेश की कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी।
एक सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश यादव ईमानदारी से बताएं कि वे क्‍या चाहते हैं। सीएम योगी ने कहा कि वैसे आजम खान का मामला न्‍यायालय में लंबित है। इसमें राज्‍य सरकार का कोई दखल नहीं है। राज्‍य सरकार सिर्फ कोर्ट द्वारा पूछे जाने पर सही तथ्‍य सामने रख देती है। एक अन्‍य सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि नए भारत में विकास सबका होगा लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं। सरकार सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। नया भारत संविधान के अनुरूप चलेगा, शरीयत के अनुरूप नहीं। मैं स्पष्टता से कह सकता हूं कि गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत के दिन तक भी साकार नहीं होगा।

मुकदमे भाजपा के समय तो नहीं हुए

चुनाव के समय विपक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसि‍यों की कार्रवाई पर एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि अखिलेश जी के खानदान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला है, क्या ये बीजेपी की सरकार के समय हुआ था? 2013 में तो बीजेपी की सरकार भी नहीं थी। इनके खिलाफ और भी बहुत सारे मामले हैं, क्या ये बीजेपी के कारण हुआ है?

स्वाति मिश्रा के साथ उत्कर्ष और दीपांशु ने डोर टू डोर किया जनसंपर्क

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं स्वाति मिश्रा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से जनसंपर्क कर अवगत करा रहीं उन्हें पार्टी की नीतियों से अवगत। पति अभिषेक मिश्रा के कंधे से कंधा मिलाकर दे रही हैं साथ।


लखनऊ। सरोजनी नगर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी व पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा का प्रचार अभियान जोरो पर है। अभिषेक मिश्रा के साथ ही साथ उनकी पत्नी स्वाति मिश्रा भी पार्टी के लिए दिन रात कैंपेन करके वोट मांग रहीं हैं। इसी कड़ी में रविवार को उन्होंने मानसरोवर सेक्टर- ओ व गुड़ौरा में डोर टू डोर अभियान कर वोट मांगे।

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी स्वाति मिश्रा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से जनसंपर्क कर उन्हें पार्टी की नीतियों से अवगत करा रहीं हैं। साथ ही साथ पति का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही हैं। प्रसपा युवजन सभा के डॉ उत्कर्ष यादव एवं प्रदेश सचिव लोहिया वाहिनी दीपांशु यादव द्वारा आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम में स्वाति मिश्रा ने कहा कि पिछली सपा सरकार में सरोजनी नगर विधानसभा में जो विकास कार्य हुए थे, उनकी रफ्तार मौजूदा सरकार में मंद पड़ चुकी है। ऐसे में रुके हुए विकास कार्यों को पुनः रफ्तार देने के लिए सपा की सरकार बनानी होगी। इसके लिए एक एक वोट की बहुत कीमत है। उन्होंने गोकुल धाम मंदिर ट्रस्ट और माँ सिहारी देवी विकास समिति के पदाधिकारियों से भी शिष्टाचारिक भेंट की। इसके बाद उन्होंने डोर टू डोर कैम्पेन कर पार्टी के पक्ष में वोट मांगे।

जनसभा में अधिवक्ता विश्वजीत मौर्य, इं अभिषेक यादव, जितेंद्र पाल, दिलीप सिंह कृष्णा, प्रमोद द्विवेदी, आशुतोष दीक्षित, शिव कुमार, शिवम सानिध्य, आदि लोग मौजूद थे।

ब्राह्मण समाज ने भरी हुंकार, आरपी यादव अब की बार!

सदर की जनता को चार दशक की दासता से मुक्ति मिलेगी- ब्राह्मण महासभा

ब्राह्मण समाज ने तिलक लगा कर कहा – आरपी यादव होंगे सदर विधायक !

रायबरेली। सदर विधानसभा से प्रत्याशी आर पी यादव को हर समुदाय का जनसमर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। हर तरफ से यही आवाज आ रही है कि अब की बार किसान के बेटे आरपी यादव को विधायक बनाना है। रविवार को ब्राह्मण महासभा का भी आशीर्वाद मिला है। सदर विधानसभा के कद्दावर ब्राह्मण समाज के नेताओं ने आर पी यादव को तिलक लगाते हुए कहा कि हम लोग यह जीत का तिलक लगा रहे हैं, इस बार आरपी यादव को हमारे समाज का आशीर्वाद मिल रहा है। अपना बेटा आरपी यादव इस बार सदर विधानसभा से विधायक बनने जा रहा है। हमारे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है और इस बार हम लोग उसे आशीर्वाद देते हैं कि सदर विधानसभा से विधायक बनने से कोई रोक नहीं सकता है।

वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद बाजपेई व कमलेश द्विवेदी ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हमारे वर्ग के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। छोटे लोहिया के नाम से पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध रहे जनेश्वर मिश्रा के नाम से एशिया का सबसे बड़ा पार्क बनाया है। इसके अलावा परशुराम जी की मूर्ति लगाने का काम सपा सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि जितना सम्मान सपा सरकार में ब्राह्मणों का रहा है, उतना किसी दूसरी सरकार में नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में निर्दोष ब्राह्मणों की भी हत्याएं कराई गई है। सैकड़ों ऐसे लोग भी हैं जो कि आज भी योगी सरकार का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे प्रदेश का ब्राह्मण एक वर्ग की राजनीति करने वाली योगी सरकार को प्रदेश की सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।

शहर ब्राह्मण समाज के लोगों ने कहा कि पूर्व में ही हमारे वर्ग के लोगों की हत्या की गई है। शहर में ही दिन दहाड़े चंद गुण्डों ने ब्राह्मणों की हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि शहर का ब्राह्मण अभी तक वह मंजर भूला नहीं है। इस बार सदर विधानसभा में बदलाव होगा और इस बार अपना बेटा आरपी यादव विधायक बनेगा। बुजुर्ग ब्राह्मणों ने आरपी यादव को जीत के लिए आशीर्वाद दिया और विश्वास जताया कि आरपी यादव के नेतृत्व में सदर विधानसभा क्षेत्र का विकास होगा सब को सम्मान मिलेगा हर अमीर -गरीब की आवाज को शासन- प्रशासन तक पहुंचाने का काम आरपी यादव के द्वारा किया जाएगा। चार दशकों की दासता से मुक्ति मिलेगी ।

आरपी यादव ने कहा कि सपा सरकार में सदैव ही ब्राह्मणों का सम्मान किया गया है। सपा मुखिया ने ब्राह्मण समाज के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। सपा सरकार में ब्राह्मण समाज के लोगों का अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व रहा है। इस बार भी सपा सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज के लोगों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में जितना अपमान ब्राह्मण समाज के लोगों का किया गया है, उतना किसी अन्य सरकार में नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे प्रदेश का ब्राह्मण ऐसी तानाशाही सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुका है। उन्होंने ब्राह्मण महासभा के लोगों से कहा कि मैं आपका बेटा हूं और आपके समाज के लोगों का सम्मान कभी नहीं झुकने दूंगा। सदर विधानसभा के लिए मुझसे जितना अधिक से अधिक से हो सकेगा, मैं उतना अधिक से अधिक काम करूंगा। इस मौके पर शीतला शंकर मिश्रा, दीपक दीक्षित, ओके बाजपेई, सभासद पूनम तिवारी, सुरेश शुक्ला, मनीष त्रिपाठी, हिमांशु बाजपेई, आरपी बाजेपई, राजेंद्र बाजपेई सहित सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।

बीएड-टेट 2011 अचयनितों का मिला समर्थन
सदर विधानसभा से प्रत्याशी आरपी यादव के समर्थन में बीएड टेट-2011 के चयनित अभ्यर्थियों का समर्थन मिला है। आरपी यादव को समर्थन पत्र देते हुए कहा कि हम आपके साथ और सदर विधानसभा के सैकड़ों नौजवानों और उनके परिवार के लोग आपको जिताकर विधानसभा भेजने का काम करेंगे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशीष तिवारी ने समर्थन पत्र देते हुए कहा कि हम लोग योगी सरकार में अपनी नौकरी की गुहार लगाते-लगाते थक गए है, लेकिन सरकार की तरफ से हम लोगों की एक भी नहीं सुनी गई। हम जिले के हजारों नौजवान सभी विधानसभा में सपा के प्रत्याशी को जिताकर अखिलेश यादव की सरकार फिर से बनाने का काम करेंगे।

धुंआधार तरीके से जारी है छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान

छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान धुंआधार तरीके से जारी। विधानसभा क्षेत्र 220-कालपी से भाजपा, निषाद पार्टी गठबंधन के हैं प्रत्याशी। विजयी बनाने को आतुर से दिख रहे मतदाता।

उरई (जालौन)। विधानसभा क्षेत्र 220-कालपी से भाजपा, निषाद पार्टी गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान धुंआधार तरीके से जारी है। गांव-गांव में मतदाता अपने प्रिय प्रत्याशी छोटे सिंह को इस विधानसभा क्षेत्र से विजयी बनाने को आतुर सा दिख रहा है।

चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने अपने समर्थकों के साथ कदौरा मंडल के उकुखा, डाले का पुखा, छोटीमेडी, बड़ागांव, चतेला, पतरेहता, बसरेही, समसी, चनदरसी, कानाखेड़ा, अरगांमा, नाका, पंडोरा, मरगांमा, मठपुखा, सुजानपुर आदि अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं ने उन्हें मत व समर्थन देने का वायदा किया। साथ ही उनके लिये हर स्तर से सहयोग का आश्वासन भी दिया।

इस दौरान जगत नारायण विश्वकर्मा अध्यक्ष, ज्ञान सिंह भदोरिया जिला पंचायत सदस्य, महेंद्र सिंह, सूर्यपाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, जगरूप सिंह, वेद प्रकाश पाठक, पूर्व महामंत्री, जगभान पाल मंडल उपाध्यक्ष, गुलाब पाल, सत्य प्रकाश निषाद युवा मोर्चा निषाद पार्टी, भारत सिंह निषाद, बृज बिहारी पाल मंडल उपाध्यक्ष, राजेश कुशवाहा मंडल मंत्री, राहुल सिंह परिहार मंडल युवा मोर्चा मंडल संयोजक, महावीर तिवारी, देवेंद्र सिंह, बाबूराम कुशवाहा, जगदीश पाल पूर्व मंडल अध्यक्ष, राजा शुक्ला, जगमोहन विश्वकर्मा, योगेंद्र पाल सिंह, देवेंद्र सिंह, सौरभ भूषण शर्मा विधानसभा प्रभारी, संजीव उपाध्याय क्षेत्रीय मंत्री, नवीन गुप्ता पूर्व जिला महामंत्री, भूपेंद्र सिंह बारह, देवेंद्र गुप्ता शक्ति केंद्र संयोजक, दिग्विजय सिंह, कोमल सिंह, भारत सिंह यादव, नकुल वर्मा आदि शामिल रहे।

…इसलिए कमल का बटन दबाओ… सपा को हराओ!

बहन कुमारी मायावती जी का संदेश…दूसरे चरण में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा संदेश।

  • यादव… जाटव का जीना मुश्किल कर देंगे… इसलिए कमल का बटन दबाओ… सपा को हराओ
  • बहन मायावती जी इस बात को लेकर बहुत दु:खी हैं कि पहले फेज़ में बहुत बड़ी संख्या में हमारा कोर वोटर जाटव वोटर वोट डालने नहीं गया और चुपचाप घर बैठ गया… क्योंकि मनुवादी मीडिया ने हर जगह ये प्रचार किया है कि बहन कुमारी मायावती जी चुनाव ही नहीं लड़ रही हैं।

-बहन कुमारी मायवाती जी इस बात से काफी नाराज हैं कि आगरा की फतेहाबाद सीट, सिवालखास और सरधना सीट पर मौजूद हमारा जाटव वोटर वोट देने के लिए पोलिंग बूथ पर गया ही नहीं।

वायरल संदेश में बताया गया है कि बहन कुमारी मायावती ने कल शाम लखनऊ में अपने आवास पर अपने खास लोगों के साथ हुई बैठक के बाद ये फैसला किया है कि अब जाटव भाइयों और बहनों को स्ट्रेटेजिक वोटिंग करने की आवश्यकता है।

मीटिंग में अपने खास लोगों से बहन कुमारी मायावती ने ये बात कही कि इस चुनाव में तो मेरा मुख्यमंत्री बन पाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि सारा मुस्लिम वोट अखिलेश यादव की तरफ शिफ्ट हो गया है… बहन जी ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं, यानी मायावती 10 पर्सेंट जाटव वोटर की नेता हूं, जबकि अखिलेश भी 10 पर्सेंट यादव वोटर का ही नेता है। हम दोनों में से ताकत उसी की बढ़ती है, जिसके पास मुस्लिम वोटर शिफ्ट होता है… लेकिन दु:ख की बात ये है कि मुसलमान हमको वोट नहीं दे रहा है, जिसकी वजह से अखिलेश ताकतवर हो गया है… जैसे एक मयान में दो तलवार नहीं रह सकती, वैसे ही एक ही मुस्लिम वोट बैंक के दो दावेदार नहीं हो सकते हैं…. मुसलमान इसलिए अखिलेश की तरफ शिफ्ट हो गया है क्योंकि मुसलमान को लगता है कि अखिलेश ही बीजेपी को हरा सकता है… इसीलिए हमारा पहला लक्ष्य बीजेपी नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी को हराना है, ताकी 2024 में मुसलमानों को ये भरोसा हो जाए कि अखिलेश निकम्मा है इसलिए अब मायावती ही एक मात्र विकल्प है….

वायरल संदेश के अनुसार सारी स्थितियां स्पष्ट करने के बाद मायावती ने अपने सहयोगियों को ये गुप्त संदेश दिया है कि जाटव वोटर घर बैठकर आराम ना फरमाएं बल्कि अधिक से अधिक बीजेपी को वोट करके साइकिल की हवा निकाल दे ताकी अगली बार 2024 में मुसलमानों के पास हाथी पर बैठने के सिवाय दूसरा कोई विकल्प ही नहीं रह जाए।

  • बैठक के आखिर में मायावती जी ने ये बताया कि जाटव अपना सारा वोट बीजेपी को ट्रांसफर कर दे क्योंकि अब जब मैं मुख्यमंत्री नहीं बन सकती हूं तो अखिलेश को भी मुख्यमंत्री नहीं बनने दूंगी…. अगर अखिलेश सीएम बन गया तो जाटव का जीना हराम हो जाएगा !

उधर ये भी बताया गया कि जिस तरह हाथरस में सपा नेता के खेत से दलित लड़की की लाश बरामद हुई है, उससे भी बहन कुमारी मायावती जी अखिलेश यादव से काफी ज्यादा नाराज हैं… बहन कुमारी मायावती ने योगी जी की तारीफ करते हुए कहा कि आचार संहिता लगने के बाद अभी सिर्फ लॉ एंड ऑर्डर ही योगी जी के हाथ से निकला है अगर मुख्यमंत्री की कुर्सी भी योगी जी के हाथ से निकल गई तो यादव और मुसलमान गुंडे जाटवों का जीना हराम कर देंगे और उनके घर की बहन बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए इस चुनाव में सारे जाटव मिलकर अखिलेश को हराने के लिए बीजेपी को अधिक से अधिक वोट दें और बीजेपी के प्रत्याशियों को विजयी बनाएं… ताकी दलितों का जान और माल सुरक्षित रहे !

सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार

बिजनौर। सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। जानकारों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सूची मौसम चौधरी की राह इस बार आसान नजर नहीं आ रही। चुनाव में उन्हें जहां सपा रालोद गठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं बसपा प्रत्याशी रूचि वीरा भी पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। आम आदमी पार्टी प्रत्याशी विनीत शर्मा ने भी धुआंधार प्रचार कर अपने चुनाव को मजबूत बना लिया है। उस पर मतदाताओं की चुप्पी से सभी प्रत्यशियों की नींद उड़ी हुई है।

सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ नीरज चौधरी

चुनावी समीक्षकों के मुताबिक 389356 मतदाताओं वाली बिजनौर सदर सीट पर भाजपा ने इस बार भी अपनी निवर्तमान विधायक सूची मौसम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। सपा रालोद गठबंधन से वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज चौधरी चुनाव मैदान में हैं। वहीं बसपा के टिकट पर पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा भी पूरी ताकत के साथ डटी हुई है। इस चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर पढ़े लिखे नौजवान विनीत शर्मा शिक्षा, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा किसानो के गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं।

भाजपा प्रत्याशी सूची चौधरी

जातीय समीकरण के लिहाज से इस सीट पर लगभग एक लाख 40 हजार मुस्लिम, 45 हजार जाट, 48 हजार अनुसूचित जाति 40 हजार सैनी, 14 हजार पाल 12 हजार कश्यप, 10 हजार राजपूत, 10 हजार वैश्य, 8 हजार बंगाली, 5 हजार ब्राह्मण व शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं।

बसपा प्रत्याशी रुचि वीरा

जाट मतदाता का रुझान स्पष्ट नहीं- 13 महीने चले किसान आंदोलन को लेकर भाजपा से नाराजगी के चलते जाटों का रुझान किसी एक पार्टी की तरफ होता दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि रालोद प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी बिरादरी के दिग्गजों के साथ घर घर जाकर भाईचारे व विकास के वादे कर रहे हैं।

भाजपा के पास भी है जाट समुदाय- किसान आंदोलन को लेकर जाटों के भाजपा से नाराज होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके बावजूद, इन दावों में कोई ख़ासा दम नहीं दिखता। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मंत्री, विधायक से लेकर कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी जाट हैं। सभी ने सुशासन, विकास, सुरक्षा आदि मुद्दों को लेकर अपनी बिरादरी में खासी पैठ बना रखी है।

मुस्लिम मतदाता भी साधे है चुप्पी- पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। विधानसभा क्षेत्र के ग्रम पेदा में एक वर्ग विशेष के तीन लोगों की हत्या के बाद अल्पसंख्यक समुदाय का उनके प्रति झुकाव तो हुआ लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक मतदाताओं का उनके पक्ष में ध्रुवीकरण होने के बावजूद चुनाव हार गई थी। इस बार रुचि वीरा दलित व मुस्लिम गठजोड़ के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार के चुनाव में मुस्लिम समाज पूरी तरह से एकजुट होता नजर नहीं आ रहा है। समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन के चलते डॉ नीरज चौधरी को भी इस वर्ग के वोट मिलना तय है।

ठिठका हुआ है मुस्लिम वोटर- बताया जाता है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के कथित बयान कि “चाहे भाजपा को वोट देना पड़े, समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी नहीं जीतना चाहिए!” इसके बाद मुस्लिम मतदाता एक तरह से ठिठक सा गया है। जानकारों के अनुसार इस वर्ग के मतदाताओं के मन में संशय है कि यदि वो बसपा को वोट देते भी हैं, तो वह भाजपा के खाते में ही जाना है। इसलिए वह पशोपेश में है।

आप प्रत्याशी विनीत शर्मा

आम आदमी पार्टी ने इस बार बिजनौर सदर सीट से युवा व पढ़े-लिखे विदित शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके धुआंधार चुनाव प्रचार, दिल्ली के विकास मॉडल, किसानों की कर्ज माफी, महिला सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे वादों के बाद आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की उनके समर्थन में वीडियो संदेश जनता के बीच पहुंचाए जाने के बाद चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में आप प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती दिखाई दी। क्षेत्र की चुनावी समीक्षा के बाद बिजनौर सदर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, ये तो आने वाली 10 मार्च को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा, किंतु दूसरे चरण में 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए मतदाताओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद जनता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।

ढह रहा है बीजेपी का क़िला? पहले चरण के मतदान के क्या हैं संकेत?

उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान के बाद बीजेपी और समाजवादी पार्टी गठबंधन की तरफ से जीत के दावे किए जा रहे हैं. किसका दावा सच्चा निकलेगा और किसका झूठा साबित होगा. ये तो 10 मार्च को ही पता चलेगा. लेकिन चुनावों पर नजर रखने वाले मतदान पैटर्न और नेताओं के चेहरों के हावभाव से ये अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पहले चरण का मतदान किसके हक में हुआ है. इसी से अंदाज़ा हो जाएगा कि सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी.

पिछले तीन चुनावों के नतीजे बताते हैं कि पहले चरण में बढ़त बनाने वाली पार्टी ही आख़िर में सत्ता पर काबिज़ होती है. ज़्यादातर चुनाव विश्लेषकों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहले चरण वाले 11 ज़िलों में बीजेपी को बड़ा नुक़सान होता दिख रहा है. खुद बीजेपी के नेता मान रहे हैं कि इस बार बीजेपी पिछले चुनाव में जीती हुई 53 सीटों का आंकड़ा किसी सूरत में नहीं छू पाएगी. उसे होने वाले नुकसान को लेकर आंकलन अलग-अलग है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की तरफ से चुनावी रणनीति बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने वाली टीम के एक सदस्य के मुताबिक बीजपी 20 से 25 सीटें जीत रही है. ये अंदाज़ा मतदान के बाद विभिन्न सीटों से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट के आंकड़ों के आधार पर लगाया गया है. क़रीब 10 सीटों पर वो कड़े मुकाबल में फंसी है. इन सीटों पर उसकी जीत का दारोमदार मुस्लिम वोटों के बंटवारे पर है. इसके लिए पार्टी को ओवैसी की पार्टी से बहुत उम्मीदें हैं.

सीएसडीएस को दिखी बीजेपी के खिलाफ आंधी
चुनावी सर्वेक्षण और चुनाव से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था सीएसडीएस के निदेशक संजय सिह के मुताबिक पहले चरण में मतदान वाली सीटों पर बीजेपी के खिलाफ़ आंधी चलती दिख रही है. ये आंधी बीजेपी की ‘डबल इंजन’ की सरकार के खिलाफ है. ये बात उन्होंने विभिन्न सीटों पर एक्ज़िट पोल करने गए अपनी टीम के सदस्यों से मिले फीडबैक के आधार पर कही है. उनका कहना है कि बीजेपी का क़िला ढह रहा है. इसकी शुरुआत पहले चरण के मतदान से हो चुकी है. सीएसडीएस का एक्ज़िट पोल एकदम सटीक निकलता है. 2017 के चुनाव में इसने बीजेपी को 300 से ज्यादा सीटें मिलने की भविष्यवाणी की थी और 2012 में समाजवादी पार्टी को 225 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था. इस लिहाज से देखें तो संजय सिंह के दावे में दम नज़र आता है.

नहीं चला योगी का कोई दांव
बीजेपी खासकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीत के लिए सारे हथकंडे अपना रहे हैं. उन्होंने, हिंदुत्व, राष्ट्रवाद, विकास के मुद्दों के साथ ही सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का भी कार्ड खेला. चुनाव के ऐलान के फौरन बाद उन्होंने कई टीवी चनलों पर चुनाव को 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी की लड़ाई बताया. उनका सीधा मतलब 80 प्रतिशत हिन्दू वोटर्स और 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स के बीच संघर्ष से था. इस फॉर्मूले के ज़रिए वो अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की जोड़ी के जाट-मुस्लिम समीकरण को तोड़ना चाहते थे. मतदान के दिन सुबह योगी ने वीडियो जारी करके कहा कि अगर यूपी में दोबारा बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो ये केरल, कश्मीर और पश्चिम बंगाल बन जाएगा और उनकी पांच साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा. मतदान का पैटर्न देख कर लगता है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की योगी की ये आख़री कोशिश भी कामयाब नहीं हुई.

सफल दिख रही अखिलेश की सोशल इंजीनियरिंग
बीजपी की रणनीति के खिलाफ अखिलेश जाट-मुस्लिम के साथ ही सैनी, मौर्य, कुशवाहा और कश्यप जैसी अतिपिछड़ी जातियों की सोशल इंजीनियरिंग के साथ मैदान में उतरे थे. पहले चरण वाली सीटों पर इसका असर दिखा. इस बार अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के गठबंधन ने बीजेपी के उम्मीदवारों को कुछ हद तक बांध दिया कि वो खुल कर नहीं खेल पाए. शहरी इलाकों में बीजेपी के वोटर जहां उदासीन दिखें, वहीं मुस्लिम इलाक़ों में मतदान को लेकर उत्साह देखा गया. तमाम टीवी चनलों के रिपोर्टर्स ने रिपोर्टिंग के दौरान ये बात कही कि हिंदू वोटर्स में मतदान को लेकर उतना उत्साह नहीं है जितना पिछले चुनाव में था. जिस कैराना के उम्मीदवार का नाम लेकर योगी ने ‘10 मार्च के बाद गर्मी निकालने’ और ‘मई-जून में यूपी को शिमला बनाने’ वाला बयान दिया था, वहां सबसे ज्यादा 75 फीसदी मतदान हुआ है. क्या ये बीजेपी का किला ढहने के संकेत हैं?

क्या है मतदान का पैटर्न
पहले चरण की 58 सीटों पर हुए मतदान के पैटर्न और पिछल चुनाव के तुलनात्मक विश्लेषण से नतीजों के रुझान का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इस बार करीब 61.06 फीसदी वोट पड़े हैं. ये पिछले 2017 के चुनाव से 2 फीसदी कम है.


2017 में इन 58 सीटों पर औसतन 63.75 फीसदी मतदान हुआ था, यानि इस बार करीब 2 फीसदी वोटिंग कम हुई है. 2012 में इन्हीं 58 सीटों पर 61.03 फीसदी वोटिंग हुई थी. यानि 2017 में करीब 2 फीसदी वोटों में इजाफा हुआ था. पिछली बार 2 फीसदी वोट बढ़े थे तो बीजेपी को 43 सीटों का फायदा हुआ था. जबकि बसपा 18 और सपा को 12 सीटों का नुकसान हुआ था. 2017 में भाजपा को इन 58 में से 53 सीटों पर जीत मिली थी. 2012 में इन 58 सीटों में बीजपी को 10 सीटें, सपा को 14 और बसपा को 20 सीटें मिली थीं. 11 सीटें निर्दलियों ने जीती थीं.

उदास दिखे मोदी-योगी के मंत्री
पहले चरण में दिग्गजों की सीटों पर कम मतदान बीजेपी को खल रहा है. योगी सरकार के मंत्रियों वाली सीटों पर कम मतदान होना उनकी हार की तरफ इशारा कर रहा है. मतदान के बाद विभिन्न टीवी चैनलों पर मोदी सरकार के मंत्री संजीव बालियान से लेकर योगी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा, संगीत सोम और सुरेश राणा यूं तो जीत के दावे करते दिखे, लेकिन उनके चेहरों के भाव उनके मुंह से निकलने वाले शब्दों का साथ देते नहीं दिख रहे थे. कई टीवी चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक योगी सरकार के दिग्गज मंत्रियों वाली सीटों पर हिंदू मतदाता मतदान को लेकर काफी उदासीन थे, वहीं मुस्लिम मतदाताओं में काफी उत्साह था. अक्सर देखा गया है कि बीजेपी का कट्टर वोटर उससे नाराज होने की स्थिति में उसके खिलाफ वोट नहीं डालता. इसके बजाय वो वोट डालने ही नहीं निकलता. ये स्थिति योगी सरकार के लिए ख़तरे की घंटी है.

पहला चरण जिसका, सत्ता पर क़ब्ज़ा उसका
ग़ौरतलब है कि पिछले दोनों चुनाव में इन जिलों में पहले चरण में ही मतदान हुआ था. दो प्रतिशत वोटिंग बढ़ने से बीजेपी ने पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश जीता और बाक़ी के चरणों में पूरे उत्तर प्रदेश में बीजपी का भगवा लहरा गया था. तो क्या 2 प्रतिशत कम मतदान बीजेपी के खिलाफ जा रहा है. अगर पहले चरण में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता है तो बाकी के चरणों में भी नुकसान जारी रहेगा. आख़िरकार सत्ता उसके हाथ से निकल जाएगी. पिछले तीन चुनावों में ऐसा ही हुआ है. 2017 में पहले चरण से ही बीजेपी ने बढ़त बना ली थी. 2012 के चुनाव के पहले चरण में समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं और सत्ता पर पूर्ण बहुमत से उसका क़ब्ज़ा हो गया था. यही पैटर्न 2007 में भी रहा था. बीएसपी पहले चरण से ही बढ़त बनाते हुए चली और पहली बार पूर्ण बहुमत से उसकी सरकार बनी थी.

दिग्गजों की सीटों पर कम मतदान का क्या मतलब?
योगी सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मथुरा विधानसभा सीट पर 57.33 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में यहां 59.5 फीसदी मतदान हुआ था. उत्तराखंड की राज्यपाल का पद छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ने आई बेबीरानी मौर्या की आगरा ग्रामीण विधानसभा सीट पर 62.00 प्रतिशत मतदान हुआ. पिछली बार 63.7 फीसदी मतदान हुआ था. हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर 60 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में 67.8 फीसदी मतदान हुआ था.


योगी सरकार मंत्री और फायरब्रांड नेता संगीत सोम की सरधना सीट पर 62.30 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में 71.8 फीसदी मतदान हुआ था. जेवर विधानसभा सीट पर 60.30 प्रतिशत मतदान हुआ. 2017 में 65.5 फीसदी मतदान हुआ था. जिस कैराना से गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदुओ के पलायन का मुद्दा उठाया था और योगी ने उम्मीदवार की गर्मी निकालने की बात की थी, वहां 6 प्रतिशत मतदान बढ़ गया. वहां 75.12 प्रतिशत मतदान हुआ है. 2017 में 69.6 फीसदी मतदान हुआ था.


पहले चरण के मतदान का पैटर्न बताता है कि चुनाव को 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी की लड़ाई में तब्दील करने का योगी आदित्यनाथ का फॉर्मूला नहीं चला. बीजेपी 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को छोड़ कर बाकी 80 प्रतिशत हिन्दू वोटर्स को एकजुट करने पर ज़ोर दे रही थी. लेकिन वो इसमें नाकाम होती दिखी. वहीं अखिलेश यादव और जयंत की जोड़ी ने 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को एकजुट रखा. ज्यादातर चुनाव विश्लषकों को इस जोड़ी की सोशल इंजीनियरिंग कामयाब होती दिख रही है. मुजफ्फरनगर में 41 प्रतिशत मुस्लिम आबादी के बावजूद ज़िले की 6 विधानसभा सीटों पर इस गठबंधन ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा. इसके बावजूद जाट-मुस्लिम समीकरण एकजुट नज़र आया. पहले चरण में ज्यादातर सीटों पर बीएसपी मुख्य मुकाबल से बाहर दिखी तो ओवैसी की पार्टी का मुस्लिम इलाक़ों में कोई खास असर होता नहीं दिखा. यहीं ट्रेंड दूसरे चरण में भी जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है.

सौजन्य से- theyoungadmin 

कालपी में छोटे सिंह चौहान को मिल रहा भरपूर समर्थन

जनसंपर्क के दौरान ग्रामीण दे रहे सहयोग का आश्वासन

कालपी (उरई/जालौन)। भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्हें भारी समर्थन भी मिल रहा है।

इसी क्रम में कालपी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाबई मंडल के छानी, पीपरी, हथना खुर्द, ऊद, मऊ, गधेला, पखुना, रिनिया, हीरापुर, जगनवा, हरीपुर, प्रतापपुरा, माहिया, ओरेखी, सहाब, शेखपुर बुजुर्ग, कुदारी अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने समस्त ग्राम वासियों से निवेदन किया कि उनके चुनाव चिन्ह भोजन भरी थाली का बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनायें।

वहीं बाबई मंडल के ही सींगपुरा, माहिया खास, पर्वतपुरा, ऐदलपुरा, सिहारी पडेया, उरगांव, सारंगपुर, ऐदलपुर, दहगुवा, बाबई, कुसमरा, सूरजपूरा, हरदोई राजा, बिरहरा, पनहरा, गोकुलपुरा आदि अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। हर जगह उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया। लोगों ने उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का भरोसा दिलाया।

जनसंपर्क अभियान के दौरान सौरभ भूषण शर्मा विधानसभा प्रभारी, संजीव उपाध्याय क्षेत्रीय मंत्री, नवीन गुप्ता पूर्व जिला महामंत्री, भूपेंद्र सिंह बारा, देवेंद्र गुप्ता शक्ति केंद्र संयोजक, दिग्विजय सिंह पूर्व किसान मोर्चा महामंत्री, कोमल सिंह, भारत सिंह यादव, नकुल वर्मा आदि शामिल रहे।

प्रदेशीय नेतृत्व के लाडले मूलचन्द्र कटा सकते हैं भाजपा की नाक

संजय श्रीवास्तव- प्रधान सम्पादक

माधौगढ़ मे भाजपा को पड़ गया राम से काम, वही कर सकतें हैं अब नईया पार

मूलचन्द्र और उनकी शातिर चौकड़ी द्वारा जनता की उपेक्षा का हो सकता है घातक अंजाम

अपने कार्यकाल में मूलचन्द्र में हुए भेदभाव का पूरा हिसाब चुकता करने के मूड में है मतदाता

जनपद मे प्रशासन के सबसे प्रिय रहे मूलचन्द्र को खूब मिली वरीयता, मगर जनता भेज सकती है उन्हे हाशिए पर

निरंजनों का बहुमत भी कर रहा है मूलचन्द्र से किनारा

उरई(जालौन)। जनपद जालौन की तीन विधानसभाओं में सबसे ज्यादा रूतबा भाजपा के सत्ता काल मे माधौगढ के विधायक मूलचन्द्र निरंजन का रहा। वजह बडे़ नेताओं का आशीर्वाद उनके साथ था, जिस कारण पहली बार विधायक बने मूलचन्द्र सत्ता का सुख और अधिकारियों को अपने पीछे देख कर कुछ इस कदर मुग्ध रहे कि उन्हें वारे न्यारे करने के अलावा जनता की सेवा के दायित्व का कभी ख्याल ही नहीं आया।
पुराने राजा महाराजों का गढ़ और दस्यु राजों का प्रिय रहा माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने पिछले चुनाव मे मोदी लहर के चलते जब मूलचन्द्र को विजयश्री सौपीं तो आपे से बाहर हुए सत्ताधारी विधायक और उनकी चौकड़ी ने क्षेत्र का न सिर्फ दम से शोषण किया बल्कि भाजपा के आदर्श ईमानदारी और सेवा जैसे दावों की यहां खुल कर धज्जियां उड़ा दी। प्रान्तीय नेताओं की लटक बने मूलचन्द्र का अधिकांश समय राजधानी लखनऊ में बीतता था और अगर वो जिले मे आए तो डीएम और एसपी से ही चिपके दिखायी देते थे। सत्ता की ललक और उसकी ताकत का भरपूर दुरूपयोग करने वाले मूलचन्द्र ने अच्छे काम तो कम किए मगर अपने ही जनपद के लोगों का प्रशासन से उत्पीड़न कराने मे उन्होंने तीनों विधायकों में अव्वल स्थान प्राप्त किया। यहीं नहीं प्रदेशीय नेतृत्व के दम पर उन्होंने पुलिस के मामलों में जबरदस्त हस्ताक्षेप किया और तमाम प्रतिष्ठित और अच्छे लोगों के पुलिस का डंडा करवाने में वे नही चूके। यही वजह रही कि मूलचन्द्र शरीफ और प्रतिष्ठित लोगों के मन से उतर गए। वे सत्ता के मद में यह भी नही समझ पाए कि उनकी हरकतों के कारण विधानसभा क्षेत्र की जमीन उनके पैरों के नीचे से सरक गयी है। अब जब चुनाव का एलान हुआ तो सारे सत्ताधारियों के ताम झाम धर गए तो अभिमानी मूलचन्द्र काफी अकेले पड़ गए। क्योंकि खाने कमाने वाले स्वार्थी तत्व तो सत्ता जाते ही सबसे पहले भाग जाते हैं। ऐसी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिये भी मूलचन्द्र मानसिक रूप से तैयार नहीं थे, क्योंकि उनके चापलूसों और खाउ कमाउ रिश्तेदारों ने उन्हें पूरा क्षेत्र “सॉलिड” करते रहने की झूठी डींगे हांक कर ऐसे अंधेरे मे रखा था कि जब चुनाव का उजाला हुआ तो जनता का बदला रूख देख कर मूलचन्द्र के तो मानो होश ही उड़ गए। मगर भाजपा के चन्द समर्थकों, रिश्तेदारों के दम पर जब वे दोबारा जीतने के लिये क्षेत्र में गए तो जनता के कड़े “रिएक्शन” का उन्हें सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार की बोहनी ही इतनी खराब हुई कि मूलचन्द्र की इस चुनावी पिच पर लाइन लेन्थ ही बिगड़ गयी और वह बुरी तरह घबरा गए। पूर्व विधायक ने चुनावी “महाभारत” में अपने को दिग्गज महारथियों से घिरा पाया। वास्तविकता यह है कि अब इस जंग में मूलचन्द्र से काफी ज्यादा तवज्जो वोटर बसपा प्रत्याशी शीतल कुशवाहा और सपा प्रत्याशी ठा.राघवेन्द्र प्रताप सिंह को खुलेआम दे रहा है। दूसरी बात यह कि अपनी उपेक्षा के चलते मूलचन्द्र का सजातीय कुर्मी वोट भी बहुमत में उनके साथ नहीं दिखता। वास्तविकता तो यह है कि इस ठाकुर बाहुल्य विधानसभा में ठाकुरों का इन्हें तो आंशिक वोट ही मिल पाएगा वह भी ठाकुरों में सबसे लोकप्रिय हो चुके भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बल पर। मुख्य मुकाबला यहां त्रिकोणीय होने के आसार नजर आ रहे हैं, जिनमें सपा बसपा के मुकाबले मूलचन्द्र (फिसडृडी) माने जा रहे हैं।

कहने का मतलब यह है कि सेवा के इस क्षेत्र मे सत्ता का मद पाकर अगर कोई जन प्रतिनिधि सरकारी ठाठ बाट से मदांध हो जाता है तो लोकतंत्र के पर्व, यानी कि चुनाव में जनता उसकी दुर्दशा भी कर देती है। यह सबक भी मूलचन्द्र की दशा को देख कर अन्य नेता गणों को भी लेना चाहिये, क्योंकि अब भाजपा का बेड़ा जो भवर मे फंसा है, राम नाम जपने से ही हो सकता है पार।

संजय श्रीवास्तव-प्रधान सम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

बहकावे में न आएं, बसपा को करें वोट: डॉ शकील

बसपा प्रत्याशी की जनसभा में उमड़ा जनसैलाब

बिजनौर। राम लीला ग्राउन्ड चाँदपुर में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए बसपा प्रत्याशी डॉ शकील ने कहा कि जनता किसी बहकावे में न आये और बहुजन समाज पार्टी को वोट करें।


जनसभा को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री धनीराम, इफतखार कुरैशी, याहया सैफी, भूपेन्द्र सिह, सदाकत अंसारी, महेन्द्र सिह, डा. अरशद जैदी, मुनीश भारती, अकील अंसारी आदि के अतिरिक्त बसपा प्रत्याशी शकील हाशमी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोग बहकाने न आएं और बसपा को वोट करें।

वक्ताओं ने मायावती की सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश का विकास केवल बसपा की सरकार में ही हो सकता है। बसपा के शासन में हर वर्ग का व्यक्ति खुश रहता है।

शिवपाल की करीबी फातिमा को बीएसपी का टिकट

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने गाजीपुर जिले की जहूराबाद सीट से सपा की बागी शादाब फातिमा को उम्मीदवार व प्रभारी विधानसभा घोषित किया है।

यह जानकारी बसपा के गाजीपुर जिले के अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने ट्विट कर दी है। उन्होंने लिखा है कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से शादाब फातिमा ने शुक्रवार को मुलाकात की। पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। मायावती ने उन्हें जहूराबाद विधानसभा से प्रभारी- उम्मीदवार बनाया है।

अखिलेश सरकार में मंत्री रहीं शादाब फातिमा ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में जहूराबाद सीट पर ही ओम प्रकाश राजभर को हराया था। शिवपाल सिंह यादव की करीबी मानी जाने वाली शादाब फातिमा ने अखिलेश और शिवपाल के बीच हुए विवाद में शिवपाल का साथ दिया था। मगर इस बार अखिलेश ने शिवपाल के अलावा उनके किसी अन्य सहयोगी को टिकट नहीं दिया। इस वजह से पहले शादाब फातिमा के निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही थी। मगर9 बसपा ने उन्हें जहूराबाद सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।

बसपा प्रत्याशी की अपने ही गांव में हो रही छीछालेदर

बसपा प्रत्याशी इजी. बृजपाल से लोग कर रहे सवाल….

नोएडा में रहने वाले बसपा प्रत्याशी अपने गांव की नहीं लेते खबर तो क्षेत्र की क्या लेंगे? खुद उनके गांव की सड़कें बनी हुई हैं तालाब। उनके लुभावने वादों पर भरोसे के लिए तैयार नहीं है मतदाता।

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी ने नगीना सुरक्षित सीट पर इस बार नोएडा में रहने वाले इंजीनियर बृजपाल सिंह को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा प्रत्याशी विधानसभा क्षेत्र के ही ग्राम कड़कपुर उर्फ लकड़ा के रहने वाले हैं। वह अपने गांव में कभी कभार ही आते हैं। यही कारण है कि मतदाता उन के बड़े-बड़े चुनावी वादों पर विश्वास करने के लिए तैयार होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।

प्रत्याशी के गांव की सड़कें हुईं तालाब में तब्दील
बसपा प्रत्याशी के गांव की सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिस प्रत्याशी के गांव की ये हालत है, वह पूरे क्षेत्र का विकास करा पाएगा, इसमें उन्हे संदेह है। बसपा प्रत्याशी गांव गांव जाकर लोगों से विकास के बड़े बड़े वादे कर रहे हैं, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान वादों का खेल जो एक राजनेता मतदाताओं के सामने खेलता है, वही खेल बसपा प्रत्याशी अपने गांव के लोगों के साथ खेल रहे हैं। बसपा प्रत्याशी के गांव के ही कुछ लोगों का कहना है कि इंजी. साहब जब यहां से सुबह सुबह अपने काफिले के साथ बड़ी-बड़ी गाड़ियों के काफिले को लेकर निकलते हैं तो अपने ही गांव के एक छोर पर मुख्य सडक पर गुजरते समय साइड में चल रहे बच्चों, बुजर्गों, माताओं, बहनों को भी नहीं देखते और गाड़ी के टायरों से सड़क में भरे गंदे पानी को उन पर उछाल कर चले जाते हैं। इस सड़क की हालत इस कदर खराब है कि उसमें जहरीले सांप व अन्य जहरीले कीड़े पलते रहते हैं। अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए गांव के लोग इस जहरीले कीड़ों को मारने में लगे रहते हैं। सड़क न हो मानो गंदगी का तालाब हो।

विधायक बनूंगा, तो सड़क की सोचूंगा- बसपा प्रत्याशी के जनता से किए वादों की बात करें तो शिक्षा को लेकर वह मंझे हुए राजनेता की तरह बात करते हैं। बताया जाता है कि ग्रामीणों ने बसपा प्रत्याशी से मिलकर उनके सामने एक सड़क की समस्या का प्रस्ताव रखा। लोगों ने कहा कि आप हर सभा व रैली में लाखों रुपए खर्च करते हो, क्या इस सड़क से अपनी ही गाड़ियों को निकालने के लिए ठीक नहीं करा सकते, यह सड़क बनवा दीजिए। इस पर बसपा प्रत्याशी इंजीनियर बृजपाल सिंह ने जवाब दिया कि जब मैं विधायक बन जाऊंगा, तब इस गांव सड़क के बारे में कुछ सोच लूंगा। इसी बात से नाराज हुए ग्रामीणों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि नेता जी अपने ही गांव के लोगों की कोई खबर नहीं लेते। गांव व क्षेत्र की सड़के खराब हैं, जिनसे होकर मासूम बच्चों, छात्राओं, बुजुर्गों व महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। बार-बार ध्यान दिलाने के बाद भी उनकी अपने गांव के विकास में कोई रुचि नहीं है। फिर भी बसपा प्रत्याशी बन कर क्षेत्र के विकास करने का दावा कर रहे हैं। ग्रामीण उनसे सवाल कर रहे हैं कि जो
व्यक्ति अपने ही गांव का विकास नहीं करा सकता, वह क्षेत्र का क्या विकास करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बसपा प्रत्याशी बृजपाल सिंह क्षेत्र के लोगों को विकास की बात कर सब्जबाग दिखा रहे हैं और क्षेत्र के लोगों को धोखा देने में लगे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने मीडिया कर्मियों को सड़क की हालत दिखाते हुए उनसे अपनी इस समस्या का समाधान कराने की मांग की।

तुम तो ठहरे परदेसी- ग्रामीणों का कहना है कि बृजपाल का एक घर तो नोएडा सेक्टर 62 में भी मौजूद है और एक हॉस्टल भी नोएडा में ही है। इंजीनियर साहब तो विधायक बनने के बाद अपने नोएडा वाले घर में शिफ्ट हो जाएंगे और गांव ज्यों का त्यों ही रह जाएगा। सभी ग्रामीण बार बार एक ही बात को दोहरा रहे हैं कि जो अपने गांव का ही विकास नहीं करवा पाये वह क्षेत्र का क्या विकास करेंगे।

विजय अभियान पर हर वर्ग को साथ लेकर निकले डॉ. शकील हाशमी

बिजनौर। चांदपुर के राजनीतिक इतिहास की अब तक की सबसे ऐतिहासिक मीटिंग मोहल्ला मिर्दगान में इमामबाड़ा पर आयोजित की गई। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. शकील हाशमी भी इस मीटिंग को देखकर भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चांदपुर शहर के मुस्लिम समाज के इस ऐतिहासिक जनसैलाब को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा जिला बिजनौर मोहल्ला इमामबाड़ा अनसारयान में एकत्रित हो गया हो।

जैसे-जैसे दूसरे चरण का चुनाव नजदीक आता जा रहा है। वैसे वैसे चुनावी जनसभाएं भी तेजी से हो रहीं हैं। ऐसे में चांदपुर की सीट पर मुकाबला एक दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। चांदपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की मौजूदा विधायक कमलेश सैनी प्रत्याशी हैं तो दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी डॉ, शकील हाशमी हैं। बताया गया है कि बसपा प्रत्याशी के साथ दलित वोटर के साथ-साथ मुस्लिम वोटर भी एक चट्टान की तरह खड़ा है। जो हरदम डॉ. शकील हाशमी के साथ कंधे से कंधा मिला कर साथ दे रहा है।

इस बात का एहसास चांदपुर के लोगों को उस वक्त हुआ जब गुरूवार को चांदपुर के राजनीतिक स्थान, जहां पर प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी रहती है। वह स्थान जहां पर इलेक्शन का रुख मोड़ दिया जाता है। उस स्थान पर मुस्लिम समाज का जनसैलाब डॉ शकील हाशमी के लिए एक साथ एक होकर उमड़ पड़ा।

चांदपुर में अब चुनाव उस मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है, जहां पर दो ही प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला होता दिखाई रहा है।

राजनीति के जानकर कहते हैं; यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि चांदपुर सीट किसके कब्जे में जाती है परंतु जिस तरह से मुस्लिम समाज की हर बिरादरी का समर्थन बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी डॉ शकील हाशमी को मिल रहा है तो ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार सीट बसपा के खाते में जाना तय है।

चिकित्सकों ने डॉ. शकील को दिये ₹ पांच लाख- विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सकों ने हमपेशा डॉ. शकील को चुनाव के लिए ₹ पांच लाख भेंट स्वरूप दिये। बसपा प्रत्याशी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए हर वक़्त उनका साथ निभाने का वायदा किया।

खाना पकाने के शौकीन हैं स्वतंत्र देव सिंह

एक संस्मरण। -संजय सक्सेना

लखनऊजिला बिजनौर के विधानसभा क्षेत्र धामपुर की दलित बस्ती में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पूड़ी बेल कर क्या तली, कि मीडिया की सुर्खियां बन गया। दरअसल स्वतंत्र देव जी एक अच्छे राजनैतिज्ञ होने के साथ ही खाना पकाने के शौकीन भी हैं। यही नहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सफलता पूर्वक अपना जौहर दिखा चुके हैं। यह बात इन पंक्तियों का लेखक दावे के साथ इसलिए कह सकता है क्योंकि वह स्वयं इसका साक्षी व भागीदार भी है।

बात 90 के दशक की है, जब जम्मू कश्मीर और अयोध्या बेहद ज्वलंत मुद्दों में शामिल थे। उस दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े स्वतंत्र देव सिंह (वह लोगों में कांग्रेस सिंह के नाम से जाने जाते थे) जिला जालौन के मुख्यालय उरई स्थित डीवी डिग्री कालेज की छात्र राजनीति में सक्रिय थे। तब मैं बीएससी में अध्ययनरत था। कांग्रेस जी की एक पूरी की पूरी मंडली थी। उसमें शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, हरिओम उपाध्याय (अब पूर्व जेल मंत्री), मूलचंद निरंजन (अब विधायक), ठेकेदार संतराम  सिंह सेंगर (अब विधायक) आदि शामिल थे। कालेज के नाते कांग्रेस जी से जानपहचान हुई। मेरे साथ हमेशा युवाओं की भारी तादाद देखकर एक दिन बोले संजय जी, आप एबीवीपी में आ जाइए। फिर मेरी नियुक्ति उरई के नगर मंत्री के रूप में कर दी गई। इस तरह स्वतंत्र देव जी के साथ काफी मिलना जुलना हो गया।…जो इतना बढ़ा कि वह दिनभर के 8-10 घंटे मेरे ही स्कूटर, मोटरसाइकिल पर घूमते फिरते। तब झांसी रोड स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज के ठीक बाहर के मकान में नीचे मूलचंद निरंजन जी रहते थे। उसी मकान के ऊपरी हिस्से में कांग्रेस जी भी रहते थे। यही कारण रहा कि रोजाना उन्हें लेने छोड़ने उनके घर आना-जाना होता था। वैसे तो भाभी जी चाय, नाश्ता, खाना आदि खिलाती ही थीं, लेकिन जब वो अपने मायके जातीं, तब हम दोनों योद्धा रसोई घर में अपनी पाक कला को धार देते। चाय के अलावा सब्जी, रोटी, दाल, चावल, पूड़ी, पराठा जो मन किया, बनाया और खाया।  छोटी सी रसोई में जमीन पर रखे गैस चूल्हे के सामने लकड़ी की पटली पर बैठकर एक आटा माढ़ता तो दूसरा तवे पर रोटी सेंकता। अपने आप बनाकर खाने का मजा ही अलग है, भले ही रोटी आड़ी, बेड़ी और मोटी ही क्यों न हों! बाद में जब कांग्रेस जी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला से लेकर प्रदेश महामंत्री, फिर अध्यक्ष भी बने और हम जिला प्रवक्ता।

रही बात पत्रकारिता की तो… कुछ साल बाद छात्र राजनीति के साथ साथ वह लखनऊ से प्रकाशित दैनिक स्वतंत्र भारत के प्रभारी बन गए। उस समय उरई से प्रकाशित “दैनिक लोक सारथी” खुद में सबसे बड़ा अखबार था। दैनिक जागरण झांसी और कानपुर दोनों जगह की कुछ प्रतियां आती थीं। अमर उजाला, हिंदुस्तान नहीं थे वहां। मेरे पत्रकारिता के गुरु; श्री केपी सिंह जी लोक सारथी के प्रभारी संपादक थे और मैं सह संपादक। उस नाते भी कांग्रेस जी की ओर से उनके लिए रोजाना समाचार बनाने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ।

दरअसल धामपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अलग अंदाज में दिखे। एक दिन पूर्व गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती में भोजन करने के बाद उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए खुद पूड़ी बनाई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बुधवार दोपहर धामपुर धामपुर के शुभम मंडप में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे थे। सम्मेलन के बाद वह गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा सेक्टर संयोजक मिथलेश देवी के घर पर भोजन किया। इसके बाद उन्होंने भोजन बना रही महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए स्वयं पूड़ी बेली और कढ़ाई में तली। इससे वहां मौजूद महिलाएं बहुत खुश हुई। इसके बाद उन्होंने गांव में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया और भाजपा को विजयी बनाने की अपील की।

बसपा राज में थे सब सुखी: जगदीश रावत

मलिहाबाद,लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जनपद लखनऊ की 168 मलिहाबाद विधानसभा सीट से बसपा से जगदीश रावत को चुनाव मैदान में उतारा है। जगदीश रावत अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में लगातार डोर-टू-डोर प्रचार अभियान चलाकर मतदाताओं से वोट देने की अपील कर रहे हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को जगदीश रावत ने अपने क्षेत्र नई बस्ती, पहाड़पुर, बहरू, जमोलिया, संतनगर, अटौरा, दतली सहित दर्जनों गांवों में डोर-टू-डोर प्रचार करने के लिए समर्थकों के साथ बसपा को जिताने के लिए वोटरों से अपील की। प्रचार के दौरान जगदीश रावत ने पत्रकारों को बताया कि जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी तो कानून व्यवस्था एकदम स्वस्थ दुरुस्त रहती थी।

सरकारी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी समय से पहुंचकर आम जनता का काम करते थे। रिश्वतखोरी पूरी तरह से बंद थी। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता थी। काफी संख्या में बेरोजगार को रोजगार दिया गया और रिक्त पड़े पदों पर भर्तियां की गई थी।

किसानों को बिजली पानी खाद की कोई समस्या नहीं रहती थी, लेकिन इस सरकार में आम जनता परेशान है। बसपा की सरकार बनते ही पूरे उत्तर प्रदेश में खुशहाली ही खुशहाली होगी और मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र में भरपूर विकास होगा। इसलिए क्षेत्र के वोटरों से अपील है कि बहुजन समाज पार्टी को वोट देकर मायावती को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएं।

ठगबंधन नहीं; मुझे बनाएं कामयाब: डॉ शकील

बिजनौर। चाँदपुर नगर के मोहल्ला पतियापाडा में बसपा प्रत्याशी डाक्टर शकील हाशमी के समर्थन में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए डाक्टर शकील हाशमी ने कहा कि ठग बन्धन के प्रत्याशी के कारनामों को आप लोग पहले ही देख चुके हैं। आप लोगों के पास मौका है। मुझे आप अधिक से अधिक मत देकर कामयाब बनाएं, जिससे मैं आप लोगों की लडाई लड सकूं।

मदतान हमारा अधिकार, इसकी महत्ता को समझें और वोट करें

चुनावी महापर्व में खुद भी वोट करें और दूसरों को भी मतदान करने के लिए करें प्रेरित

रिजवान सिद्दीकी

देश के पांच राज्यों में चुनावी महासंग्राम छिड़ा हुआ है। जनपद बिजनौर में 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए आमजन कितना जागरूक है, आइए जानते हैं मतदाता से इसकी महत्ता…

मतदान कर अच्छा प्रतिनिधि चुनने का दायित्व निभाएं : सूरज सिंह

ग्राम धर्मपुरा के प्रधान सूरज सिंह ने कहा; हमारा देश लोकतांत्रिक देश है।इसमें सभी को अपने मत का प्रयोग करने का अधिकार दिया गया है। मतदाता लोकसभा, विधानसभा, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत आदि चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल करता है और एक अच्छा प्रतिनिधि चुनने का दायित्व निभाता है। मतदान करने के लिए सरकार को हर बार जागरूकता अभियान चलाना पड़ता है। वोट को बेकार ना समझेंओर अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें।

मतदान सरकार के लिए नहीं, अपने लिए जरूरी: डॉ0 अरशद जैदी

नगर के मोहल्ला सादात निवासी डॉ0 अरशद जैदी का कहना है कि देखा जाए तो, मतदान में इतनी शक्ति होती है कि वह जिसको चाहे उसको ताज पहना देता है। इसीलिए मतदान केवल सरकार के लिए ही नहीं होता है बल्कि आम नागरिक के लिए भी बहुत ज्यादा जरूरी होता है।

मतदान से अच्छा प्रतिनिधि मिलने की आस: एहसान इदरीसी

समाजसेवी एहसान इदरीसी ने कहा कि देश में सरकार चुनने के लिए आम नागरिक को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इसीलिए आम नागरिक को भी अपने कर्तव्य को समझते हुए मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। वोट से एक अच्छा प्रतिनिधि मिलने की आस रहती है।

भारत में हर नागरिक के वोट का महत्व सर्वोपरि: मा0 गिरिराज सिंह

पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति संरक्षक मास्टर गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत में हर नागरिक को सबसे सर्वोपरि माना जाता है क्योंकि जो ताकत जनता के पास होती है, वह ताकत सरकार के पास भी नहीं होती है। इसीलिए आम नागरिक को यह अंदाजा होना चाहिए कि मतदान कितना जरूरी है।

मतदान के प्रति जागरूक होना जरूरी: नाइल हाशमी

समाजसेवी नाइल हाशमी ने कहा कि गांव हो या शहर हो, हर नागरिक को 0मतदान के प्रति जागरूक होना चाहिए। अपने मताधिकार के लिए अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी प्रगति में रुकावट आती है।

जांच पड़ताल कर प्रतिनिधि चुनने को करें मतदान: रियासत हुसैन

युवा समाजसेवी रियासत हुसैन ने कहा कि आम जनता सरकार को वोट देना चाहती है, तो वह इस असमंजस में रहती है कि हमारे लिए कौन सा प्रतिनिधित्व सही है? कौन प्रतिनिधित्व हमारे देश में विकास कर सकता है या कौन सा भ्रष्टाचारी हो सकता है। अगर आप भी इस विषय में असमंजस में पड़ जाते हैं, तो जांच पड़ताल कर अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने के लिए वोट जरूर करे !

पर्व के रूप में उत्साहित होकर करें मतदान: राजकुमार अग्रवाल

व्यापारी राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तब हमें मतदान करने का मौका मिलता है। यह मौका हमें पूरे जीवन मिलता है, लेकिन इस मौके का अवसर हमें किसी ना किसी चुनाव के रूप में मिलता है। हमें अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए; यह मौका छोड़ना नहीं चाहिए बल्कि एक पर्व के रूप में उत्साहित होते हुए अपने कीमती मत का प्रयोग करें।

अपने वोट का महत्व समझ कर करें मतदान: शहजादा

युवा नेता रागिब हुसैन उर्फ शहजादा ने कहा कि वोट देना हमारा हक है। इस हक का हमें फायदा उठाना चाहिए, अपने वोट के महत्व को समझे व मतदान वाले दिन वोट जरूर करें।

जनता की ताकत उसका मत: सलीम अंसारी

मोहल्ला बंबा निवासी मो0 सलीम अंसारी ने कहा कि जनता की ताकत का एहसास उसके वोट से ही होता है। लोकतंत्र में विश्वास जागृत रखते हुए चुनावी महापर्व में खुद भी वोट करें और दूसरों को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करें तभी हम एक अच्छा नागरिक कहलाने के हकदार हैं।

मतदान कर देश हित की सरकार बनाएं: मा0 सत्येंद्र

सभासद मास्टर सत्येंद्र का कहना है कि जितनी ताकत सरकार के पास नहीं होती है, उससे कहीं अधिक ताकत जनता के पास होती है क्योंकि अगर जनता मतदान नहीं करेगी तो सरकार नहीं बन पाएगी। मतदान की पहल करते हुए एक अच्छा प्रतिनिधि चुनकर देश हित की सरकार बनाएं।

देश की जनता खुशनसीब वोट का अधिकार मिला: अख्तर मलिक

मेडिकल स्वामी अख्तर मलिक का कहना है कि हमारा देश लोकतांत्रिक देश है और हम बहुत खुशनसीब लोग हैं कि हमें वोट देने का अधिकार मिला है। अपनी सरकार खुद चुनने का अधिकार दिया गया है। वोट जरूर करें आपका वोट एक अच्छी सरकार चुनने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने दिया भाजपा को समर्थन

भारतीय जनता पार्टी को समर्थन पत्र। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

लखनऊ। बुधवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय को बताते हुए अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र, समाजवादी पार्टी का वचन पत्र, कांग्रेस पार्टी का उन्नति विधान पत्र तीनों के घोषणा पत्रों की जब हाई पावर कमेटी ने तुलनात्मक अध्ययन किया तो सपा कांग्रेस का घोषणा पत्र किसानों के साथ छलावा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो सबसे ज्यादा दुर्दशा किसानों की थी, जिसमें प्रतिवर्ष हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर होते थे। किसान खेती का काम छोड़कर मजदूरी करने लगा था क्योकि किसानों को न समय से खाद मिलती थी न ही पानी। उल्टे अपने फायदों के लिए किसानों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर लेते थे सालों मुआवजा भी नही दिया जाता था। कई बार जब किसान विरोध करते थे उनपर गोलियां चलाई गयी। यही हाल अखिलेश की सरकार में था। इनके पार्टी के कार्यकर्ता ही किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा कर लेते थे। किसान जब शिकायत करता था तो उल्टे उस पर ही पुलिस द्वारा दबाव बनाकर जमीन औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया है और कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी किया। वह देश एवं प्रदेश के किसानों का काफी फायदा देने वाला है जिस प्रकार से किसानों को सिचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है, जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा यह स्वागत योग्य निर्णय है।

अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासव, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने। इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्मय, एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

जनता ने बना लिया मन, इस बार विधायक बदल देंगे हम!

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने जनसंपर्क कर जीत की भरी हुंकार

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने 168 विधानसभा मलिहाबाद क्षेत्र में किया जनसंपर्क

जनसंपर्क के दौरान सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया का सपाइयों ने जगह-जगह फूल मालाओं से किया जोरदार स्वागत।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के 168 विधानसभा मलिहाबाद से प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने क्षेत्र के आंट गढ़ी सौरा, घरघटा मंदिर, बरगदिया चौराहा मवई खुर्द, बसंतपुर, वीरपुर, देवरी गजा, बदैइया, शंकरपुर, रायपुर, कमालपुर लोधौरा, अकबरपुर, टिकरी कला, मंझी निकरोजपुर, सैदापुर, शाहपुर गोड़वा, पिपरी कुराखर सहित दर्जनों गांव में वोटरों से सम्पर्क करते हुए समाजवादी पार्टी को जिताने की अपील की।

सोनू कनौजिया ने ग्रामीणों से कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही पूरे उत्तर प्रदेश के हर घर को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी साथ ही समाजवादी पेंशन 1 वर्ष में 6 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये दी जाएगी और सरकारी कर्मचारियों की रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी जाएगी।

वहीं श्री कनौजिया ने मलिहाबाद से भारतीय जनता पार्टी की पूर्व विधायक जयदेवी कौशल पर निशाना साधते हुए कहा कि श्रीमती कौशल जबसे विधायक बने हैं, वह घर में बैठकर ही आराम फरमाते रहे हैं। क्षेत्र में ना तो कोई नाली बनी है और ना ही कोई खड़ंजा। विधायक निधि से कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है।

इसलिए जनता ने मन बना लिया है कि इस बार विधायक ही बदल देंगे, अब भाजपा के झूठे आश्वासन पर भरोसा कभी नहीं करेंगे। किसानों के हित में  बात करते हुए सोनू कनौजिया ने कहा कि जो किसान दिन भर खेतों में काम करने के बाद अपने घर पर सोता था। आज वह रात को सांडों के आतंक से रात को अपने खेतों की रखवाली कर रहे हैं और रखवाली करते समय न जाने कितने किसानों को साँड़ के हमले से अपनी जान गंवानी पड़ी है। जनसंपर्क अभियान के दौरान सोनू कनौजिया सहित क्षेत्र के काफी तादात में सपा समर्थक मौजूद रहे। सपा प्रत्याशी ने जगह जगह महिलाओं, पुरुषों के पैर छूकर विजयश्री का आशीर्वाद मांगा। लोगों ने भी मत एवं समर्थन देने का वायदा किया।

ब्राह्मण समाज ने दिया अंजनी श्रीवास्तव को वोट व सपोर्ट का भरोसा

लखनऊ। भाजपा ने लखनऊ पश्चिम से अंजनी श्रीवास्तव को विधानसभा प्रत्याशी बनाया गया है। लखनऊ पश्चिम में भाजपा प्रत्याशी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। भाजपा का प्रचार प्रसार जोरों से चल रहा है। 

प्रचार प्रसार के इसी क्रम में लखनऊ पश्चिम में अंजनी श्रीवास्तव ने राजाजीपुरम के हरीदीन रॉय नगर वार्ड का भ्रमण कर ब्राह्मण समाज के लोगों से मुलाकात की। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने भाजपा प्रत्याशी अंजनी श्रीवास्तव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने अपने वक्तव्यों में श्रीवास्तव को पूर्ण समर्थन दिया और सभी से भाजपा प्रत्याशी को समर्थन कर जिताने की अपील की। साथ ही क्षेत्र में जाकर अंजनी श्रीवास्तव के समर्थन में प्रचार प्रसार किया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा कार्यकर्ता अनूप शुक्ला के निवास पर हुआ। इस अवसर पर भाजपा ब्राम्हण परिवार से आलोक तिवारी, सौरभ शुक्ला, डॉ कुलभूषण शुक्ल,आलोक पांडे   सहित विभिन्न ब्राम्हण संगठनों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

तन-मन-धन से लड़ा रहे डॉ शकील का चुनाव

बिजनौर। चाँदपुर विधानसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी डॉ शकील हाशमी का चुनाव प्रचार जोर पकड़ चुका है। जगह जगह जनसंपर्क के दौरान लोग उन्हें हाथों हाथ ले रहे हैं। यही नहीं उन्हें तन-मन-धन से चुनाव लड़ाने का यकीन भी दिला रहे हैं।

ग्राम शेख पुरा मडयो में उनके समर्थन में जन सैलाब उमड़ पड़ा। यहां मोहसिन ठेकेदार के निवास पर एक चुनावी सभा हुई। इस दौरान सभी गाँव वालों ने उनका स्वागत फूल मालाओं से किया। साथ ही उन्हें यकीन दिलाया कि पूरा गांव तन मन धन से उनके साथ खडा है। इस अवसर पर बसपा प्रत्याशी डॉ शकील हाश्मी ने कहा कि यह ग्राम शेख पुरा मडयो चाँदपुर क्षेत्र की अर्थिक राजधानी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने गांव वालों का शुक्रिया अदा करते हुए बसपा को वोट देने की अपील की। इससे पूर्व गांव में घर घर पर शकील हाश्मी का स्वागत किया गया। इस अवसर पर असलम ठेकेदार ने पचास हजार व मोहसिन ठेकेदार ने एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की।

माफिया, गुंडे मांग रहे जान की भीख: योगी

बिजनौर। सोमवार को वर्धमान कालेज में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं महात्मा विदुर की धरती पर सभी का स्वागत करता हूं। आप सब जानते है कि बिजनौर जनपद यूपी का महत्वपूर्ण जनपद है। महात्मा विदुर के जिले में राजकीय मेडिकल कालेज बन रहा है। इसके लिए मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं। पांच साल तक डबल इंजन की सरकार को देखा है, यूपी में हर सुविधा डबल और ट्रिपल तरीके से जनता को दी है। पांच साल पहले पश्चिमी यूपी की हालत क्या होती थी, दंगा, कफर्यू और पलायन यहां की नियति बन चुकी थी। यहां दंगा होता था, हर दंगे के साथ महीनों तक चलने वाला कर्फ्यू लगता था और कर्फ्यू के कारण व्यापारी और आम जनजीवन त्रस्त होता था। बेटी की सुरक्षा खतरे में होती थी, कोई महिला बाजार नहीं जा सकती थी। व्यापारी पलायन कर रहा था, गुंडागर्दी चरम पर थी। पांच साल में कोई दूंगा यूपी में नहीं हुआ। अब माफिया और अपराधी गले में तख्ती लटकाकर थाने में भीख मांगते घूम रहे हैं। सत्ता बदलते ही अपराधी और माफिया को कहते सुना होगा, जान बख्श दो, मैं ठेला चलाकर पेट भर लूंगा, लेकिन अपराध नहीं करूंगा। ये काम सपा और बसपा की सरकार नहीं कर सकती थी। पांच साल पहले सड़के नहीं बनती थी, राहगीरों के साथ लूट होती थी। लोग परेशान थे, लेकिन पांच साल के दौरान भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने इस नर्क से मुक्ति दिलाकर एक बार फिर से विकास, सुशासन की नींव डालकर हर चेहरे पर खुशहाली लाने का कार्य किया है।

बदला लेने को तैयार बैठे हैं गुंडे: मोदी

मौसम खराब होने के कारण टला पीएम का बिजनौर दौरा। वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित। जन चौपाल में मोदी की जगह पहुंचे योगी आदित्यनाथ।

भ्रष्टाचार, अपराध, विकास के मुद्दे पर मोदी ने टटोली नब्ज

बिजनौर। मौसम खराब होने के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिजनौर नहीं पहुंच सके। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बिजनौर, अमरोहा व मुरादाबाद की जनता से संवाद किया। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली फिजिकल रैली बिजनौर में होनी थी। उन्होंने बिजनौर न पहुंचने पर जनता से क्षमा मांगी और अपना संबोधन शुरू किया।

वर्धमान कालेज में पीएम को सुनने के लिए महिलाएं एवं पुरूष काफी तादाद में सुबह आठ बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। किंतु उनके न आने से उन्हें निराश होना पड़ा वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ बिजनौर पहुंचे और उन्होंने  अखिलेश यादव पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि गुंडे, बदमाशों को संरक्षण देने वाले लोग सत्ता का इंतजार कर रहे हैं मगर आपको उन्हें रोकना होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन चौपाल की शुरुआत मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की लाइनों से की। उन्होंने कहा कि अपनी बात की शुरुआत मैं इस क्षेत्र के ही मशहूर कवि दुष्यंत कुमार जी की दो लाइनों से करूंगा। उन्होंने कहा था- यहां तक आते – आते सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम हैं पानी कहां ठहरा हुआ होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह धरती, भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों के श्रीचरणों की साक्षी है, महात्मा विदुर की कर्मभूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर सपूत पैदा करने वाली इस धरती को मैं आदर पूर्वक नमन करता हूं। आज यहां बिजनौर के साथ ही अमरोहा और मुरादाबाद के साथी भी जुड़े हुए हैं। उनका भी मैं स्वागत करता हूं। पीएम मोदी ने कहा दुष्यंत कुमार जी ने लिखा था, यहां तक आते आते, सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा। 2017 से पहले यूपी में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था। ये पानी नकली समाजवादियों के परिवार में उनके करीबी लोगों की प्यास  बुझती रही। गरीबी की प्यास से कभी मतलब नहीं रहा, सिर्फ अपनी