
तहसील प्रशासन ने चारागाह की जमीन पर अवैध निर्माण कराया ध्वस्त। लेखपाल कानूनगो पैमाइश गलत कर के प्रधान के कब्जे वाली जमीन को अतिक्रमण में नहीं दिखाते थे। पूर्व प्रधान पति राकेश पर विधिक कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ जुर्माना भी वसूला जायेगा।

लखनऊ। मलिहाबाद तहसील प्रशासन की टीम ने चारागाह की जमीन पर कब्जा कर बनाये गये मकान के अतिक्रमण को ध्वस्त कर चारागाह की जमीन को मुक्त कराया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी प्रणता ऐश्वर्या ने बताया कि चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए मकान का अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया है तथा विधिक कार्रवाई कर मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है।

उप जिलाधिकारी ने बताया कि मड़वाना सैदापुर चौराहे पर चारागाह की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत थी इसमें चारागाह का नक्शा भी छोटा बना हुआ था ।
जहां पर अतिक्रमण की शिकायत की गई थी शिकायत के बाद जॉइंट मजिस्ट्रेट द्वारा मौक़े पर जा कर स्थलीय निरीक्षण किया गया, पैमाइश कराई गई व अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया।

लोगों के यह भी आरोप हैं कि लेखपाल कानूनगो पैमाइश गलत कर के प्रधान के कब्जे वाली जमीन को अतिक्रमण में नहीं दिखाता था। उसमें प्रधान के कब्जे में बाउंड्रीवाल और एक दुकान भी बनी हुई थी उसको पूरी तरीके से ध्वस्त करा दिया।
जानकारी के मुताबिक चारागाह की जमीन धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश पारित हो चुका था इसलिए उसको गिरा दिया है। स्थानीय राजनीति की वजह से लोगों में ज्यादा इस चीज को विवाद दे रहे थे।
तहसीलदार मलिहाबाद शंभू शरण ने बताया कि गाटा संख्या 257 की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने पर मड़वाना निवासी पूर्व प्रधान पति राकेश के ऊपर विधिक कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ जुर्माना भी वसूला जायेगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा। यदि किसी के खिलाफ ऐसी शिकायत मिलती है तो विधिक कार्रवाई कर मुकदमा पंजीकृत कराने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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