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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को जनपद बिजनौर मुख्यालय पर ग्राम रशिदपुर गढ़ी में काले झंडे दिखाने और उनकी गाड़ी के शीशे पर मुक्का मारने की घटना की धमक आगामी दिनों में सुनाई दे सकती है और जरूरी भी। इसे सिर्फ पुलिस प्रशासन के खुफिया विभाग की नाकामी ही ठहराकर पल्ला झाड़ने वाले पार्टी नेताओं को भी सतर्क होने की आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर ही क्यों, कहीं और क्यों नहीं दिखाए काले झंडे- लोगों के दिमाग में यह प्रश्न उठना भी स्वाभाविक ही है कि प्रदेश अध्यक्ष को जिला मुख्यालय पर ही क्यों, काले झंडे कहीं और क्यों नहीं दिखाए गए? मुरादाबाद से जिला बिजनौर की सीमा में प्रवेश करने के बाद धामपुर सहित कई स्थानों पर कार्यक्रमों में वह शामिल हुए। खास बात यह कि इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर बेजा दबाव बनाने वाले भाजपा नेता अपनी ही कमजोरी को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एक लंबे अर्से से जिला मुख्यालय का भाजपा खेमा आपस में बंटा हुआ है। पूर्ववर्ती सपा सरकार के खास माने जाने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जुड़ा मामला हो या और कुछ, ऐसे कई प्रकरण हुए जिनमें दो गुटों की लाबिंग में कइयों को बलि का बकरा भी बना दिया गया! आम जनता भी समझ चुकी हैं और कह भी रही है कि भाजपा वाले भी पदभ्रष्ट हो चले हैं! पार्टी की रीतियों नीतियों को भूल कतिपय भाजपा नेताओं का लगभग प्रत्येक सरकारी विभाग के कामकाज में दखल है। अधिकारी भी दबी जुबान से यह बात स्वीकार तो करते हैं, लेकिन खुल कर बोलने से कतराते हैं।

उधर बताया जाता है कि चंदक के कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने डीएम-एसपी से गहरी नाराजगी भी जाहिर कर दी। उन्होंने पूछा भी किस अफसर की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं थी, पुलिस क्या कर रही थी। लोगों का इतना दुस्साहस कैसे हो गया कि वह कानून व्यवस्था को धता बताते हुए सामने आ गए। यह भी पूछा कि क्या मुझे मुक्का लगवाते? इससे ये बात तो तय है कि कार्रवाई होगी, लेकिन सिर्फ पुलिस प्रशासन के नुमाइंदों को लपेटे में लिया जाए, यह भी अनुचित ही होगा। यह भी पक्का है कि प्रदेश अध्यक्ष तक यहां की गतिविधियों की जानकारी पहुंच गई तो कई भाजपाई दिग्गजों को लेने के देने पड़ सकते हैं। उन तक जिनकी पहुंच है, अंदरूनी हालात नहीं बयां करते। ऐसा ही रहा तो किसान आंदोलन मात्र एक बहाना कहलाएगा। आसन्न पंचायत चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में असर दिखना बानगी ही होगा। शेष कुछ घंटे बाद….

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