
यूपी पंचायत चुनाव में जारी आरक्षण लिस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। शुक्रवार को ही फाइनल आरक्षण सूची भी जारी होनी है। इसलिये अब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार सभी को है।

हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सीताराम बिसवां के दिलीप कुमार ने वकील अमित कुमार सिंह भदौरिया के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पुरानी आरक्षण सूची पर रोक लगाते हुए 2015 के आधार पर चुनाव कराने को लेकर फैसला सुनाया था। राज्य सरकार ने कहा कि वह साल 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है और अब उसी को आधार मानकर अंतरिम आरक्षण सूची भी जारी कर दी गई है। इस समय आरक्षण लिस्ट पर आई आपत्तियों के निस्तारण का काम चल रहा है। 26 मार्च को फाइनल आरक्षण लिस्ट जारी होनी है। इसलिये अब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार सभी को है।
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