
मातृशक्ति के पावन चैत्र मास नवरात्र कन्याभोज के साथ संपन्न
मलिहाबाद लखनऊ। कोरोना महाविनाश के चलते लोगों ने मातृशक्ति से सभी के कल्याण के लिए श्रद्धानुसार पूजा अर्चना और व्रत रख कर किया। इस बार तेरह अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि लगी। इसी दिन नवरात्र का कलश की स्थापना किया गया। इस दिन चंद्रमा मेष राशि में रहे, देर रात सूर्य भी मेष में आए। ऐसे में यह भी अद्भुत संयोग रहा कि राशि चक्र की पहली राशि में चैत्र नवरात्र के पहले दिन ग्रहों के राजा और रानी स्थित हुए।
नवरात्र का आरम्भ अश्विनी नक्षत्र में हुआ, जिसके स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं, जो आरोग्य के देवता माने जाते हैं।
चैत्र नवरात्र का आरम्भ इस बार भी ऐसे वक्त हुआ है जब कोरोना वायरस एक बार फिर से अपनी चरम सीमा पार कर चुका लगा है और पूरे देश में एक बार फिर से दहशत का माहौल बना दिया है। बीते वर्ष भी माँ दुर्गा का आगमन ऐसे वक्त में हुआ था जब पूरा विश्व इस महामारी से जूझ रहा था और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित भी हुए थे। किंतु आस्था के इस पावन पर्व को भारी समस्याओं के चलते लोगों ने व्रत रखा और पूजा अर्चना हवन कन्याभोज कर नवरात्र पूर्ण किया। महमूद नगर निवासी विमल कुमार ने माता के पूर्ण कलश स्थापना के साथ व्रत रखा और कन्याभोज में एक अनूठी पहल की। कन्याओं को कन्याभोज के साथ शिक्षा किट (जिसमें बच्चों वाली किताब, पेंसिल, रबर आदि होते हैं) प्रदान की। सभी के उच्च शिक्षा एवं उन्नति के लिए माता रानी से प्रार्थना की। सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं। उन सभी में आपको सफलता प्राप्त होती है और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।
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