मानदेय के लिए परेशान रहे शिक्षक व कर्मचारी!

बिजनौर। कोरोना महामारी के इस दौर में एक ओर सरकार व सभी संगठन लोगों से घरों में रहने तथा जरूरी काम से ही बाहर निकलने पर सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क लगाने की अपील कर रहे हैं। वहीं रविवार से दूसरे दिन तक कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ा कर कर्मचारियों शिक्षकों को मतगणना पूरी कराने के बाद भी मानदेय नहीं दिया गया! परेशान शिक्षक, कर्मचारी लगातार सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि किस ब्लॉक में मतगणना के पश्चात नियत मानदेय दिया गया है। कुल मिलाकर भारी अव्यवस्थाओं के बीच चुनाव लगभग संपन्न हो गया।जानकारी के अनुसार प्रत्येक टेबल पर एक पर्यवेक्षक व तीन अन्य की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्हें मानदेय दिया जाना था। ड्यूटी के लिए प्रात: 8:00 बजे से सायं के 8:00 बजे तक पहली शिफ्ट तथा रात्रि 8:00 बजे से प्रात: 800 बजे तक दूसरी शिफ्ट लगाई गई थी। वहीं बताया गया है कि पहली टीम को पुन: प्रात: 8:00 बजे बुलाया गया। आरोप है कि महामारी के इस खतरनाक दौर में शिक्षक कर्मचारी जान हथेली पर रखकर एक मेज पर चारों ओर बैठकर 12 से 15 घंटे की ड्यूटी करने के बावजूद चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित मानदेय अधिकांश ब्लॉक में नहीं दिया जा सका। कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मानदेय देने के नाम पर कई बहाने बनाए गए। कई ब्लॉक में कहा गया कि मतगणना पूरी होने के बाद दिया जाएगा। गणना में लगे कर्मचारियों ने बताया कि पर्यवेक्षक को रुपए 700 तथा अन्य को रुपए 500 दिए जाने थे। आरोप लगाया कि मानदेय के लिए इतना परेशान किया गया कि अनेक शिक्षक कर्मचारी मानदेय लिए बिना ही वापस आ गए।
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