डबल मर्डर के आरोपियों पर 25- 25 हजार रुपए का ईनाम। बढ़ सकती है ईनाम राशि। कुर्की भी संभव। पुलिस की चार टीम लगातार दे रहीं दबिश।

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में चाचा भतीजे के मर्डर के आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित कर दिया है। इनकी गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीम लगातार दबिश दे रही हैं।
थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में एक दिन पूर्व हुए डबल मर्डर के नामजद आरोपी देवेन्द्र निवासी कम्भौर, कृष्णा पुत्र अमन निवासी धौकलपुर, ललित पुत्र हेमेन्द्र, अमित पुत्र हेमेन्द्र निवासीगण ग्राम रावणपुर थाना कोतवाली शहर, अनुज पुत्र अमन, नितिन पुत्र अमन निवासीगण ग्राम फरीदपुर संसारु उर्फ धौकलपुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने ईनाम घोषित कर दिया है। सभी नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम तक अगर आरोपियों की की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो मुरादाबाद डीआईजी शलभ माथुर के माध्यम से प्रत्येक हत्यारोपी पर अलग-अलग 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि हालांकि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने हत्यारोपियों तक पहुंचने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

गौरतलब है कि रविवार तडक़े गांव धौकलपुर में धीर सिंह और उनके भतीजे अंकुर की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब चाचा भतीजे खेत से ट्रैक्टर ट्राली में भूसा भरकर गांव लौट रहे थे। हत्या आरोपियों ने ट्रैक्टर के आगे कार लगाकर रास्ता रोक लिया था। इसके बाद चाचा भतीजे की हत्या की गई। घटना के पीछे वर्ष 2015 में अमन सिंह की हत्या की रंजिश पाई गई है। घटना में धीर सिंह, भतीजे अंकुर और भाई जगवीर जेल गए थे और करीब ढ़ाई साल पहले ही धीर सिंह और अंकुर जमानत पर छूटकर आए थे। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा भतीजे को मौत के घाट उतारा गया। इस डबल मर्डर में अमन सिंह के तीनों बेटों सहित 6 लोगों को नामजद किया गया है।
ढक रखी थी कार की नंबर प्लेट- हत्यारोपियों ने न सिर्फ डबल मर्डर को अंजाम देने के लिए कई दिन पहले रैकी की और मौका ताडक़र चाचा भतीजे की हत्या कर दी। वहीं पहचान छिपाने के लिए घटना में प्रयुक्त कार की नंबर प्लेट को पॉलीथिन या कपड़े से ढक़ दिया था। यह बात पुलिस सूत्र और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे थे। यही कारण है कि अभी तक कार का नंबर ट्रेस नहीं हो पाया है।
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