गोरखपुर। ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने के साथ ही अब इसके इलाज व रोकथाम की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। आयुर्वेद विभाग ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। आयुष मंत्रालय में गाइडलाइन जारी कर ब्लैक फंगस की रोकथाम का उपाय बताया है। उसने आयुर्वेद की तीन दवाओं के सेवन के साथ ही खान-पान व परहेज पर भी जोर दिया है।
आयुर्वेद विभाग में दवाएं उपलब्ध, खान-पान व परहेज पर भी जोर
गोरखपुर के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डा. प्रकाश चंद्र ने बताया कि मंत्रालय ने संशमनी वटी, निशामालकी वटी व सुदर्शन घनवटी (सभी पांच-पांच सौ एमजी) सुबह व रात में लेने का निर्देश दिया है। संशमनी वटी व निशामालकी वटी सुबह व रात में एक-एक गोली तथा सुदर्शन घनवटी सुबह एक व रात में दो गोली लेने को कहा है। यह दवा सभी पोस्ट कोविड मरीजों व जिन्होंने तीन सप्ताह से अधिक स्टेरायड का प्रयोग किया है, उन्हें लेना जरूरी है। इससे ब्लैक फंगस की रोकथाम में मदद मिलेगी।
यह भी करें
गुनगुना गर्म पानी पीयें।
आसानी से हजम होने वाला भोजन करें।
ताजा, हल्का गर्म भोजन करें।
अंगूर, अनार, खजूर, संतरा, पपीता व अमरूद का सेवन करें।
घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर लगा लें।
हवादार कमरे में रहें।
दिन में दो बार भाप अवश्य लें।
ब्लड शुगर की निगरानी रोज करते रहें।
इनसे करें परहेज
फ्रीज में रखा खाना या कोई सामान न खाएं।
ठंडा पानी न पीयें।
बेकरी व फास्ट फूड का सेवन न करें।
दही का सेवन न करें।
एसी या कूलर की ठंडी हवा में न बैठें।
विभाग में ये तीनों दवाएं उपलब्ध हैं। सभी चिकित्सकों व फार्मासिस्टों को गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिय गया है। पोस्ट कोविड मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। – डा. प्रकाश चंद्र, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी।
ब्लैक फंगस के दो मरीजोें का हुआ आपरेशन
पहली बार बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में ब्लैक फंगस के दो मरीजों का आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद दोनों मरीजों के संक्रमित अंग में एंफोटोरिसीन-बी का इंजेक्शन लगाया गया। नेत्र रोग तथा नाक, कान, गला रोग विभाग की टीम ने मिलकर आपरेशन किया। प्राचार्य डा. गणेश कुमार ने बताया कि दोनों मरीजों की हालत में सुधार है। 55 वर्षीय होम्योपैथिक चिकित्सक में फंगस का संक्रमण नाक से होते हुए आंख तक पहुंच गया था। उनका बड़ा आपरेशन करना पड़ा। एक महिला मरीज का छोटा आपरेशन करने से काम चल गया। इसके पहले उनका आपरेशन एक बार महराजगंज में हो चुका था।
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