
बिजनौर। नगर पंचायत मंडावर के प्रशासक एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने बहुसंख्यक समाज की गुहार के बाद पौराणिक कालिंद्री तालाब को गंदे नाले के पानी से मुक्त कराने की बहुप्रतीक्षित कार्य योजना का शुभारंभ किया।
मंडावर में हिंदू समाज द्वारा मान्यता प्राप्त कालंद्री तालाब को गंदे नाले के पानी से मुक्त कराना एक चुनौती थी क्योंकि जब बहुसंख्यक द्वारा जिलाधिकारी को पौराणिक कालिंद्री तालाब को गंदे नाले के पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।

नगर पंचायत के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं था, जिससे समस्या का समाधान किया जा सके। नगर पंचायत से अधिशासी अधिकारी के अनुरोध पर एडीएम प्रशासन द्वारा उच्च अधिकारियों की एक टीम गठित की गई। टीम द्वारा नाला डायवर्जन, सरकारी भूमि पर मानव निर्मित तालाब का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया गया। प्रोजेक्ट की अनुमति आयुक्त मुरादाबाद मंडल से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक के प्रयासों से प्राप्त हो गई।

सभी शासकीय नियमों को पूर्ण कर विक्रमादित्य सिंह मलिक प्रशासक नगर पंचायत मंडावर के दिशा निर्देशों में 3000 स्क्वायर मीटर क्षेत्रफल में तालाब का निर्माण, सुंदरीकरण एवं पवित्र कालिंद्री तालाब को गंदे नाले के पानी की समस्या से मुक्त कराने को 540 मीटर लंबे नाले के द्वारा नाले का डायवर्सन की योजना का शुभारंभ किया गया।

कार्यस्थल पर उपस्थित मंडावर की जनता ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और अधिशासी अधिकारी श्रीमती गार्गी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
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