
बंद पड़े मकान से बरामद हुआ सेवानिवृत्त शिक्षक पुत्र का शव। बिना कानूनी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार।
बिजनौर/नगीना। करीब 1 सप्ताह से बंद पड़े मकान से मानसिक रूप से कमजोर एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। बदबू आने पर पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का हाल पता चला। परिजनों व मोहल्ले वासियों ने बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मोहल्ला सरायमीर निवासी स्वर्गीय सेवानिवृत्त शिक्षक हरीश चंद्र गुप्ता के अविवाहित पुत्र आलोक गुप्ता (50 वर्ष) अपने घर में अकेले रहते थे। वह मानसिक रूप से कमजोर थे। कुछ समय पूर्व उनकी माता का देहांत हुआ था। तब से वे अकेले ही घर में रहते थे और घर के कमरे में से काफी दिनों में निकलते थे। मंगलवार की सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने मकान से बदबू महसूस हुई तो किसी अनहोनी के आशंका पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे एसआई कर्मवीर सिंह ने मामले की जानकारी ली। पुलिस ने नजीबाबाद निवासी आलोक गुप्ता की बहन को तत्काल बुलाया। बाद में मकान का दरवाजा तोड़ा गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि कई दिन पहले उनकी मौत हो गई होगी। मोहल्ले वासियों, उनके बहन बहनोई व अन्य परिजनों बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे ने बताया कि मामले में किसी भी तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है। मोहल्ले वासी व मृतक की बहन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती थे। इसलिए उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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