हर आधा घंटे बाद बजने लगेगा हूटर। पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी स्थापित। चौकियों पर कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटकों की जांच।

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना वायरस का खतरा अभी कम नहीं हुआ है, लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब टिहरी डीएम ने आदेश जारी कर कैंपटी फाॅल में नहाने के कुछ नियम बना दिए हैं। यहां एक बार में अब अधिकतम 50 पर्यटक ही नहा पाएंगे और इसके लिए भी उन्हें केवल आधे घंटे का ही समय मिलेगा। हर आधा घंटे बाद हूटर बजाकर सचेत किया जाएगा।
कोरोना खतरे के बीच झरना- कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, लेकिन उससे पहले ही पर्यटन स्थल कैंपटी फाॅल में पर्यटकों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। इसको लेकर जहां लगातार खबरें छपी, वहीं, हाईकोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया था। यही कारण रहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए टिहरी जिला प्रशासन उक्त निर्णय लेना पड़ा। आधा घंटे की अवधि पूरी होते ही वहां लगे हूटर बजने लगेंगे और पर्यटकों को तत्काल उसमें से बाहर निकलकर वापस लौटना होगा। लॉकडाउन में मिली छूट के बाद कैंपटी फॉल में घूमने और नहाने के लिए हर दिन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि बाहरी प्रदेशों के भी सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रशासन को शिकायत मिली है कि कैंपटी फॉल के झरने में नहाने के दौरान पर्यटक कोविड-19 संबंधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा है।
पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी- टिहरी की जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने यह आदेश जारी किया। उन्होंने टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और धनौल्टी के उपजिलाधिकारी को कैंपटी फॉल आने वाले पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी स्थापित करने को भी कहा। आदेश में कहा गया है कि इन चौकियों पर कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटकों की जांच की जाए तथा कैंपटी फॉल झरने में एक बार में 50 से अधिक पर्यटकों को जाने की अनुमति न दी जाए। आधे घंटे में पर्यटकों के झरने से वापस लौटने के पश्चात बारी-बारी से 50 पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति दी जाए।


Leave a comment