
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया हिन्दू सभ्यता को तार तार
- हिन्दू धर्म के पुरोधा भी नहीं रख सके हिन्दू संस्कृति की लाज।
- सत्ता के मद में खोई प्रभु राम की विचारधारा।
- शिक्षक से जि.प. अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी ने जूता पहनकर किया दीप प्रज्वलित।
- जब शिक्षक का आचरण ही है अमर्यादित, तो आने वाले देश के भविष्य कैसे लेंगे हिन्दू सभ्यता का ज्ञान।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। प्रदेश, देश के अलावा विश्व भर में योगी और मोदी का डंका बज रहा है, इतना ही नहीं प्रभु श्री राम की उपासक विश्व हिंदू परिषद की भारतीय जनता पार्टी वर्तमान में अपने कुशल नेतृत्व और नीतियों से सबसे बड़ी पार्टी बनकर खड़ी है लेकिन बुंदेलखंड के महोबा में इसके उलट हिन्दू सभ्यता का घोर अपमान देखने को मिला। ये तब हुआ जब भारतीय जनता पार्टी से नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ने देवी मां सरस्वती और अग्नि देव का जूते पहनकर आह्वान किया। इतना ही नहीं इनके साथ पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत और जिला सहकारी बैंक हमीरपुर महोबा के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहे।
गौरतलब हो कि शिक्षक से राजनीति का सफर तय करके जिला पंचायत अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी ने सत्ता की हनक में मां सरस्वती की वंदना और अग्नि देवता का आह्वान करने से पहले भारतीय संस्कृति के साथ-साथ हिंदू सभ्यता और मर्यादा के अलावा प्रभु श्री राम की विचारधारा को तार तार कर दिया। देवी मां सरस्वती और अग्नि देव का भी घोर अपमान करने में जिले के प्रथम नागरिक बने जेपी अनुरागी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इनका सहयोग कर रहे पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी भी बिल्कुल पीछे नहीं रहे।
जेपी अनुरागी भारतीय जनता पार्टी के टिकट से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीते थे। उनकी शपथ ग्रहण के दौरान जिलाधिकारी, सदर विधायक, जिला पंचायत सदस्यों और पत्रकारों के सामने जनपद में यह पहला मामला प्रकाश में आया है जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष जिला पंचायत के साथ ही जिला सहकारी बैंक महोबा हमीरपुर के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने जूते पहन कर दीप प्रज्वलित कर दिया। अमर्यादित ढंग से दीप प्रज्वलित करने पर हिंदू संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। वहीं सदर विधायक राकेश गोस्वामी और भाजापा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर मर्यादित तरीके से मां सरस्वती का वंदन अभिनंदन करते नजर आए तो दूसरी ओर शिक्षक से जिला पंचायत अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी की शहर भर में निंदा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब शिक्षक ही अपनी मर्यादा भूल जाएंगे तो उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थियों में भारतीय सभ्यता के साथ-साथ हिंदू धर्म की संस्कृति और संस्कार कहां से आएंगे.?

अब देखने वाली बात यह होगी कि हिंदू संस्कृति को ठेस पहुंचाने वालों पर हिंदुत्व की रक्षा करने वाली भारतीय जनता पार्टी और हिंदू संगठन क्या कार्यवाही करते हैं…….?
बिहारी लाल गाडगे बुंदेलखंड प्रभारी- गाडगे संदेश (लखनऊ से प्रकाशित राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र)
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