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बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एक तरफ कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
कोरोना महामारी व महंगाई के चलते आम आदमी बहुत परेशान है क्योंकि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते एक और जहां लोगों काम-धंधा चौपट हो गया तो वहीं उन में काम करने वाले लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।
जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि  पेट्रोल-डीजल के दाम और आसमान छूते खाद पदार्थों के रेट के चलते आम आदमी की कमर टूट रही है। एक तरफ आम आदमी के खर्चे बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उसकी बचत में लगातार गिरावट आ रही है।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने आगे कहा कि जुलाई माह में ही कई बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं। इसके साथ ही पिछले माह घरेलू रसोई गैस के दाम में केंद्र सरकार द्वारा ₹25 की बढ़ोतरी की गई थी।
खाद्य तेलों के दाम पिछले साल की तुलना में दोगुने तक हो चुके हैं। सरसों के तेल की कीमत तो पिछले साल करीब ₹90 थी इस साल बढ़कर ₹190 तक जा पहुंची है, और रिफाइंड तेल के दाम ₹160 के करीब तक पहुंच चुके हैं वही सब्जियों के दाम भी खूब बढ़ रहे हैं।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17 से बढ़कर 28 फ़ीसदी कर दिया गया है लेकिन निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का काम छिन चुका है, उन्हें नया काम मिलना बहुत मुश्किल हो रहा है।
अतः निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को विशेष पैकेज देकर उनकी मदद करनी चाहिए।

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