
लखनऊ नगर निगम के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शराब कारोबारी। आबकारी आयुक्त से की शिकायत। पांच गुना टैक्स बढ़ाने को लेकर गुस्सा।
लखनऊ। शहर के शराब कारोबारी नगर निगम के द्वारा चलाए जा रहे टैक्स वसूली अभियान से बहुत परेशान हो गए हैं। इसकी शिकायत शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा आबकारी आयुक्त से भी की गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने बताया एक तो नगर निगम लखनऊ के द्वारा शराब की दुकानों पर एकदम से 5 गुना टैक्स बढ़ा दिया गया जो कि किसी भी तरह उचित नहीं है। ऊपर से नगर निगम के द्वारा शराब की दुकानें भी बंद करवा दी जाती है। अगर नगर निगम शराब की दुकानों को सील करता है तो प्रतिदिन के सरकारी राजस्व के घाटे की जिम्मेवारी नगर निगम की होगी। शराब की दुकानें सरकारी होती हैं, जिनको बंद करवाने का अधिकार केवल लाइसेंसी प्राधिकारी/जिलाधिकारी के पास होता है। शराब की दुकानों का संचालन आबकारी विभाग को पहले से ही लाइसेंस फीस और टैक्स जमा करने के बाद ही होता है।
एसोसिएशन की बैठक में नगर निगम के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई का पूर्ण रूप से विरोध किया गया। एसपी सिंह ने बताया अगर अब भी नगर निगम अपनी मनमानी करता रहेगा तो संपूर्ण शराब कारोबारी उसके खिलाफ सड़कों पर उतर आएंगे बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव म, कोषाध्यक्ष शिव कुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल व अन्य कारोबारी के साथ मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल भी उपस्थित रहे।
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