ICJ के चीफ जस्टिस नहीं बने भारत के दलवीर भंडारी, इस कोर्ट में ऐसा कोई पद ही नहीं
वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार के प्रयासों से भारत के दलवीर भंडारी ICJ में चीफ जस्टिस बन गए हैं
सिद्धार्थ सराठे वेबकूफ Published: 10 Sep 2021, 6:25 PM IST
दावा किया जा रहा है कि दलवीर भंडारी ICJ के मुख्य न्यायधीश बन गए हैं|
फोटो : Altered by QuintGet notified on latest news
सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज में ये दावा किया जा रहा है कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में भारत के दलवीर भंडारी, चीफ जस्टिस का चुनाव जीत गए हैं. वायरल मैसेज में दलवीर भंडारी के चीफ जस्टिस बनने का श्रेय मोदी सरकार को दिया जा रहा है. हालांकि, वेबकूफ की पड़ताल में ये दावा भ्रामक निकला. असल में ICJ में चीफ जस्टिस जैसा कोई पद होता ही नहीं. दलवीर भंडारी ICJ के 15 जजों में से एक हैं, पहली बार जस्टिस भंडारी ICJ के सदस्य 2012 में यूपीए सरकार के दौरान बने थे.null
दावा
सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा मैसेज है – *भारत* की शानदार जीत … मोदीजी की कूटनीति से… विश्व पटल पर ब्रिटेन की हार यह एक शास्त्रीय उदाहरण है कि कैसे पीएम मोदीजी ने दुनिया भर में संबंध विकसित किए हैं। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में चुना गया है।
ट्विटर के साथ ही फेसबुक पर भी ये मैसेज बड़े पैमाने पर शेयर हो रहा है. ये दावा करते अन्य सोशल मीडिया पोस्ट्स का अर्काइव यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.
पड़ताल में हमने क्या पाया?
गूगल पर कीवर्ड Dalveer Bhandari सर्च करने से हमें साल 2017 की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. इन रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जस्टिस दलवीर भंडारी दोबारा इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के जज चुन लिए गए. किसी भी रिपोर्ट में ये जिक्र नहीं है कि जस्टिस भंडारी को मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) चुना गया.
हमें भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से 17 नवंबर, 2017 को जारी की गई एक प्रेस रिलीज मिली. इस रिलीज में जानकारी दी गई है कि जस्टिस दलवीर भंडारी को दोबारा ICJ का जज चुना गया. रिलीज में आगे ये भी बताया गया है कि चुनाव में जस्टिस दलवीर को बहुमत हासिल होने के बाद ब्रिटेन ने अपने उम्मीदवार जज का नॉमिनेशन वापस ले लिया था. लेकिन, इस रिलीज में भी कहीं ये उल्लेख नहीं है कि जस्टिस दलवीर भंडारी को ICJ का चीफ जस्टिस बनाया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 21 नवंबर, 2017 का वह ट्वीट भी हमें मिला. जिसमें उन्होंने जस्टिस दलवीर भंडारी को ICJ के लिए दोबारा चुने जाने पर बधाई दी थी.https://d-2429721741458240715.ampproject.net/2109032350000/frame.html
ICJ में चीफ जस्टिस नाम का कोई पद ही नहीं
हमने ICJ की वेबसाइट पर जाकर ये पता लगाना शुरू किया कि इस अंतरराष्ट्रीय अदालत में चीफ जस्टिस यानी मुख्य न्यायाधीश नाम का कोई पद होता भी है या नहीं. हमें पता चला कि ICJ में 15 सदस्य जज होते हैं और एक प्रेसिडेंट और एक वाइस प्रेसिडेंट होता है. चीफ जस्टिस का पद यहां होता ही नहीं.ADVERTISEMENTnullADVERTISEMENT
दलवीर भंडारी ICJ में किस पद पर हैं?
दलवीर भंडारी ICJ के 15 सदस्य जजों में से एक सदस्य जज हैं. ICJ की ऑफिशियल वेबसाइट पर दलवीर भंडारी की प्रोफाइल है. इससे पुष्टि होती है कि वे कोर्ट में सदस्य हैं.
वहीं ICJ में वर्तमान प्रेसिडेंट अमेरिका के Joan E.Donoghue और वाइस प्रेसिडेंट रूस के Kirill Gevorgian हैं.
मोदी सरकार में ICJ के जज बने दलवीर भंडारी?
नहीं, ICJ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी से पता चलता है कि दलवीर भंडारी 27 अप्रैल, 2012 से ही ICJ के सदस्य हैं. यानी यूपीए-2 के कार्यकाल के वक्त से. 8 फरवरी, 2018 को उन्हें दोबारा ICJ का सदस्य चुना गया था.
1985 में भारतीय जज बने थे ICJ के प्रेसिडेंट
ICJ की वेबसाइट पर शुरुआत से लेकर अब तक ICJ के जज रहे सभी नामों की एक लिस्ट भी है. यहां से पता चलता है कि दलवीर भंडारी ऐसे पहले भारतीय जज नहीं हैं, जो ICJ के सदस्य बने. साल 1989 से 1991 तक रघुनंदन स्वरूप पाठक, 1952-53 सर बेनेगल राउ, 1973 से 1988 के बीच नागेंद्र सिंह भी ICJ के सदस्य रह चुके हैं. नागेंद्र सिंह साल 1985 से 1988 के बीच ICJ के प्रेसिडेंट भी रहे थे.
मतलब साफ है – सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा झूठा है कि दलवीर भंडारी ICJ के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) चुने गए हैं.
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