केन्द्रीय चुनाव आयोग के कोविड-19 प्रोटोकाल पालन के निर्देश।
1500 से घटा कर 1200 होगी प्रति पोलिंग बूथ वोटर संख्या।

प्रदेश में अभी करीब 1 लाख 63 हजार पोलिंग बूथ और 92 हजार मतदान केन्द्र।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आपका मतदान केन्द्र या पोलिंग बूथ बदलने वाला है। कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत पोलिंग बूथ और मतदान केन्द्र की संख्या बढ़ाए जाने के कारण ऐसा होगा। पोलिंग बूथ और मतदान केन्द्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी केन्द्रीय चुनाव आयोग द्वारा कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत प्रति पोलिंग बूथ वोटर संख्या 1500 से घटाकर 1200 करने के कारण होगी। प्रदेश में इस वक्त करीब 1 लाख 63 हजार पोलिंग बूथ और 92 हजार मतदान केन्द्र हैं। मतलब साफ है कि प्रदेश में इस बार करीब 10 से 11 हजार के बीच पोलिंग बूथ और दो हजार के करीब मतदान केन्द्र बढ़ेंगे। साथ ही एक ही इलाके में वोटरों का भारी जमावड़ा न होने देने के लिए केन्द्रीय चुनाव आयोग ने मतदान केन्द्र भी बहुत पास-पास न बनाने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा में सभी जिलाधिकारियों से प्रति पोलिंग बूथ 1200 वोटर के मानक के आधार पर पोलिंग बूथ और मतदान केंद्र की संख्या बढ़ाने के बारे में रिपोर्ट ली गई। अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से यह सारा आंकड़ा केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की स्वीकृति मिलने के बाद ही यह पोलिंग बूथ और मतदान केन्द्र बढ़ेंगे।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई विधानसभा चुनाव की तैयारियों की इस समीक्षा के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में वोटर लिस्ट में शामिल होने, नाम या पते व अन्य ब्यौरे में संशोधन किए जाने के बारे में आने वाले ऑनलाइन आवेदनों और मैनुअली भरे जाने वाले फार्म के निस्तारण में देरी न की जाए और जल्द से जल्द इनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयास इस बात के किये जाएं कि ज्यादा से ज्यादा लोग मोबाइल एप, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट की वोटर हेल्पलाइन के जरिये ही वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, नाम पते में संशोधन आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन करें।

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