
बरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब अपात्रों से रिकवरी की तैयारी है। सरकारी नौकरी में होने या फिर अच्छा बिजनेस करने के बावजूद भी 55,243 खातों में सम्मान निधि की धनराशि पहुंच रही थी। बरेली मंडल में सितंबर में शासन स्तर पर मामले की जांच कराई गई। तब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अब इन अपात्रों को जिला कृषि विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वसूली गई रकम भारत सरकार के कोष में जमा कराई जाएगी।
केंद्र सरकार के पास तीन महीने पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के संबंध में फर्जीवाड़ा की शिकायतें पहुंची थीं। आरोप था कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो किसान नहीं बल्कि सरकारी नौकरी में हैं या फिर बड़े बिजनेस कारोबारी हैं। इसके बावजूद भी उनके खाते में सम्मान निधि योजना की रकम पहुंच रही है। शासन स्तर पर मामले की जांच के दौरान जिला स्तर पर जब सम्मान निधि की रिपोर्ट मांगी गई तो जांच में खुलासा हुआ।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में 2,34,010 आयकर दाता, 32,393 मृतक, 3,86,250 गलत खाते पकड़े गए। 57,987 अपात्र और 68,540 अवैध आधार कार्ड मिले। प्रदेश में 7,79,180 अपात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। बरेली मंडल में सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकर दाता 8,314, मृतक 2189, गलत खाता में भुगतान वाले 31,637, अपात्र 5,336, अवैध आधार 7,767 कुल मिलाकर 55,243 लोग चिन्हित किए गए। यह वह लोग हैं, जो गलत तरीके से सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। बरेली जिले में 16707, बदायूं में 15743, पीलीभीत में 12817 व शाहजहांपुर में 9,976 लोग सम्मान निधि को अपात्र चुने गए हैं।
आधार कार्ड से पकड़ में आया घपला
सरकार ने किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों की सत्यापन रिपोर्ट आधार कार्ड से कराई। बैंक एकाउंट में आधार नंबर को डालकर सर्च करते ही आधार से जुड़े सभी एकाउंट लिंक हो गए। जांच में बरेली मंडल में 8,314 आयकर दाता किसान सम्मान निधि का लाभ लेते मिले। 5,336 ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिनके एक परिवार में कई- कई लोग सम्मान निधि ले रहे थे। पत्नी, बेटे और बहू के खाते में भी सम्मान निधि पहुंच रही थी। जो किसान मर गए, उनके खाते भी सम्मान निधि आ रही थी। ऐसे 2189 मृतकों के खाता पकड़ में आए। 31,637 गलत खाते मिले।
बरेली मंडल में कुल 55,243 अपात्र: किसान सम्मान निधि पाने वालों का सत्यापन जिला स्तर पर किया गया। किसान के नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, खसरा खतौनी की जांच ऑनलाइन की गई। मण्डल में 55,243 अपात्र मिले। उनको रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। -धीरेंद्र सिंह चौधरी प्रभारी उप कृषि निदेशक
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