
नई आबकारी पॉलिसी में शराब एसोसिएशन ने दिए सुझाव। मार्जिन बढ़ना चाहिए, जिससे सुचारू रूप से कार्य कर सकें व्यापारी।
लखनऊ। फुटकर पॉलिसी में फुटकर व्यापारी ही राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में सहयोगी है परंतु पॉलिसी मेकर इसकी अनदेखी कर कर रहा है, जिससे व्यापार बहुत प्रभावित हो रहा है। पॉलिसी में मार्जिन बढ़ना चाहिए जिससे व्यापारी सुचारू रूप से कार्य कर सकें।
पूर्व 17 वर्षों में कोटा पद्धति ना होते हुए भी हर वर्ष शराब उठान में वृद्धि दर्ज है किंतु विगत 3 वर्षों से कोटा लागू होने के बाद शराब उठान की वृद्धि एक समान रही है तो कोटा पद्धति खत्म की जाए अथवा वार्षिक कोटा पद्धति खत्म की जाए। इससे फुटकर व्यापारी अगर किसी बड़े व्यापारी के दबाव में आए अपनी दुकान व राजस्व वृद्धि पर ध्यान दे सकेंगे। पॉलिसी में किसी फैक्ट्री का गोदाम ना होकर सिर्फ फुटकर व्यापारी का ही होना चाहिए, जिससे व्यापार में अनियमितता ना हो और राजस्व की चोरी ना हो सके। अगर विभाग ने शर्तों के आधार पर 3 से 5 वर्षों का रिन्यूअल पद्धति रखा है तो व्यापारी भी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा। राजस्व वृद्धि हेतु विभाग को सुझाव दिया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें। ऐसी पैकिंग करें, जिसकी रिफिलिंग ना हो सके।
शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शिवकुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल, प्रचार मंत्री विजय जयसवाल, मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल, रमेश जायसवाल व अन्य लाइसेंसी का उपस्थित रहे।
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