
नई नियमावली में धारा 376डी सामूहिक दुष्कर्म, 302 हत्या, 395 लूट, 396 डकैती और 397 हत्या कर लूट जैसे अपराधों में गैंगस्टर लगाया जा सकता है। साथ ही अब अगर कोई नाबालिग भी गंभीर धाराओं में अपराध करता है तो उस पर डीएम की अनुमति से गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सकेगी। पहले नाबालिग इस तरह की कार्रवाई से बच जाते थे।
लखनऊ। अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही अपराधी की संपत्ति जब्त हो सकेगी। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रदेश में पहली बार लागू हुई गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
गौरतलब है कि पहले जब्तीकरण की कार्रवाई वैकल्पिक थी। नई नियमावली 27 दिसंबर 2021 से प्रदेश में लागू हो चुकी है। गत सोमवार रात सभी थानाध्यक्षों को नियमावली में हुए, बदलाव की जानकारी दे दी गई है। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि इससे अपराधियों में भय का माहौल बनेगा।
नई नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक संपत्ति जब्त करने की रिपोर्ट आने पर डीएम खुद संपत्तियों की जांच कर सकते हैं या किसी विधि अधिकारी से जांच करा सकते हैं। गैंगरेप, हत्या, डकैती, हत्या कर लूट जैसे अपराधों में से किसी एक भी अपराध में मुकदमा दर्ज होते ही तत्काल संबंधित अपराधी/अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुरानी व्यवस्था में कितनी भी गंभीर धारा हो, गैंगस्टर की कार्रवाई करने के लिए एक से अधिक केस का होना अनिवार्य था। यही नहीं डीएम की अनुमति से इन अपराधों में शामिल नाबालिग पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई हो सकेगी।
गैंग चार्ट में नाम नहीं, फिर भी विवेचना में जोड़ा जा सकेगा नाम
नियमावली के अनुसार यदि गैंग चार्ट में नाम नहीं है और विवेचना के दौरान यह बात सामने आती है कि किसी की संबंधित अपराध में संलिप्तता रही है या अपराधी का किसी रूप में सहयोग किया है तो डीएम की अनुमति से उसका नाम भी गैंगस्टर में जोड़कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। विवेचना की समीक्षा हर तीन महीने पर डीएम करेंगे। हर छह महीने पर कमिश्नर एवं एक साल पर अपर मुख्य सचिव गृह इसकी समीक्षा करेंगे।
गलत कार्रवाई पर हट जाएगा नाम
यदि किसी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई गलती से कर दी गई है तो विवेचना के दौरान डीएम उसे वापस ले सकेंगे। यदि आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, तो राज्य सरकार से संस्तुति की जाएगी। गैंग चार्ट में जिस विषय वस्तु का उल्लेख किया जाएगा, उसके सही होने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।
गैंगस्टर से संबंधित नई नियमावली लागू हो गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी बदले हुए प्रावधानों की जानकारी दे दी गई है। अब अपराधियों में भय व्याप्त होगा। वे गंभीर अपराध करने से घबराएंगे। -विजय किरन आनंद जिलाधिकारी उरई जालौन
साभार- संजय श्रीवास्तव- प्रधान सम्पादक एवं स्वत्वाधिकारी यंग भारत, अनिल शर्मा निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी. एम.
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