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माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन

उरई (जालौन)। माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश चुनाव करीब आते ही जुबान से फूटने लगा है। भाजपा किसान मोर्चा की रैली में जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरेआम भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन को चोर है चोर है के नारों से संबोधित किया। वह भाजपा विधायक के पांच साल के कारनामों का आइना कहा जा सकता है और यह नारे पार्टी नेतृत्व को यह समझाने के लिए पर्याप्त हैं कि अगर कार्यकर्ताओं की नजर में चोर विधायक को फिर से टिकट दिया तो भगवान ही मालिक होगा। ऐसे नारे भाजपा के लिए भी अशुभ संकेत माने जा सकते हैं।

चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह

माधौगढ विधायक के खिलाफ नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले पांच सालों में माधौगढ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने अपनी जेब भरने पर कहीं अधिक ध्यान दिया। भाजपा किसान मोर्चा की सभा, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को संबोधित करना था लेकिन जनसभा में किसानों की भीड़ न जुटने के कारण प्रदेश अध्यक्ष को अपना दौरा रद्द करना पड़ा था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में माधौगढ में विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाकर मूलचंद्र निरंजन मोदी लहर में चुनाव जीत गये थे। लेकिन उनका कार्यकाल पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को खुश नहीं कर पाया। आरोप है क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फूट डालो राज करो की राजनीति अपनाई। लेकिन विकास के मामले में पक्षपात स्पष्ट झलका। जहां तक विकास कार्यों की बात है उनके द्वारा बनवाई गई सड़कों के लोकार्पण के दिन ही उखड़ जाने के वीडियो, फोटो समाचार उनके क्रियाकलापों को दर्शाते हैं। कसेपरा से रामपुरा – माधौगढ से सिहारी रोड आज भी क्षतिग्रस्त है। तो बालू माफियाओं को संरक्षण देने, अवैध कारोबार को संरक्षण के चर्चे आम रहे हैं। उनके कारनामों को लेकर क्षेत्र की भाजपा में जिस तरह से आक्रोश पनप रहा है। उसकी बानगी सनातन इंटर कालेज उरई में आयोजित किसान पंचायत में देखने को मिली उनके कारनामे ही उनका टिकट कटने की वजह बनते जा रहे हैं।

माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से अन्य दावेदारों की बात करें तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू, गिरीश अवस्थी, शैलेन्द्र सिंह चेयरमैन रामपुरा एवं चेतना शर्मा को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बृजभूषण मुन्नू कद्दावर नेता बाबूराम एमकॉम के करीब माने जाते रहे हैं और तब उनका राजनैतिक जलवा पीक पर था। उसके बाद वह पार्टी में हाशिये पर रहे। गिरीश अवस्थी बसपा छोड़कर भाजपा में आये हैं और अपने रिश्तेदार के दम पर भाजपा का टिकट मिलने की जुगत कर रहे हैं। चेतना शर्मा को क्षेत्र की जनता स्काइलैब दावेदार के रूप में मान रही है। ऐसे में चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह को टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रामपुरा के रूप में उनके अब तक के कार्यकाल को क्षेत्रीय जनता एवं कान्हा गौशाला में उनकी कार्य पद्धति को सराहना ही मिली है। ऐसे में शैलेन्द्र सिंह अब माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं अगर भाजपा शैलेन्द्र सिंह जैसे युवा पर भरोसा करती है तो भविष्य में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को क्षेत्रीय जनता से माधौगढ विधायक कैसा है चोर है चोर है के नारे नही सुनने पड़ेंगे। इन नारों से तो यही लगता है कि क्षेत्र में मूलचंद्र निरंजन ने भाजपा की लुटिया इबोने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सुरेश खरकया

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