मोतियाबिंद लोगों में दृष्टि हानि का आम कारण है, जो 40 साल एवं उससे अधिक उम्र के लोगों में अमूमन पाया जाता है। मोतियाबिंद का इलाज नहीं किया जाए तो यह अंधेपन का प्रमुख कारण बन सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज़ अब तक सिर्फ सर्जरी के जरिए किया जाता था, पर अब हैसलैब होम्योपैथिक मेडिसिन ने इस बीमारी के लिए एक अचूक एवं बेहतरीन समाधान निकाला है।
इस होम्योपैथिक दवा का नाम एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप है। यह आइड्रॉप लेंस में दोषपूर्ण प्रोटीन को भंग कर प्रकाश को इधर उधर होने से रोकता है जो मोतियाबिंद निरोधक है। इस हैसलैब एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप का प्रयोग कई लोगों ने किया जिन्हें मोतियाबिंद की शिकायत थी, इस आइड्रॉप को इस्तेमाल करके उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं।

इस दवा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सर्जरी के बिना मोतियाबिंद से छुटकारा देता है एवं उससे भी महत्त्वपूर्ण यह है कि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है। मोतियाबिंद से दुनिया भर में लगभग 17 मिलियन लोग ग्रसित हैं। कई विकासशील देश में, शल्य चिकित्सा प्रदान करने के लिए न तो धन और न ही मानव शक्ति उपलब्ध है। इन परिस्थितियों में हैसलैब-एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप मानव की सेवा में बहुत मददगार है। यह कई लोगों के व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार एक बहुत ही प्रभावी होम्योपैथिक उत्पाद है, जिसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं हैI
कम्पोजीशन -: Senecio Cineraria Q, AcidumBoracicum, NatrumMuriaticum, Glycerine.
खुराक: दोनों आँखों में 2 से 3 बार एक दिन में 1-2 बूंदों को थराना
रोग: मोतियाबिंद, आँखों की सूजन
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