
मंडल रेल प्रशासन ने महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की कही थी बात। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने किया खुलासा।
नजीबाबाद (बिजनौर)। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की बात करने वाला मंडल रेल प्रशासन अब अपनी बात से पलट गया और कहा कि महाप्रबंधक को मीडिया से ना मिलने संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे।
उल्लेखनीय हो कि 27 दिसंबर 2021को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल नजीबाबाद रेलवे स्टेशन का एक दिवसीय निरीक्षण करने आए थे, जिसमें उन्होंने विभिन्न कार्यालय अनुभागों आदि का निरीक्षण किया था। निरीक्षण से पूर्व रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा कह दिया गया था कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे किसी भी जनप्रतिनिधि या फिर मीडिया से कोई वार्ता नहीं करेंगे। जब इस बात की जानकारी आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा को लगी तो उन्होंने खुद मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद अजय नंदन से इस संबंध में मोबाइल पर वार्ता की, जिस पर मंडल रेल प्रबंधक ने आरटीआई कार्यकर्ता से कहा कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल का जनप्रतिनिधियों और मीडिया से कोई मिलने का कार्यक्रम नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेल मंत्री भारत सरकार से की शिकायत में अवगत कराया कि किस प्रकार से महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को जनप्रतिनिधियों तथा मीडिया से अलग रखकर सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने से रोका जा रहा है, जो कि गलत है। रेल मंत्रालय ने इस संबंध की जांच सहायक महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस को सौंपी। उपसचिव शिकायत कार्यालय बड़ोदा हाउस नई दिल्ली ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मुरादाबाद से रिपोर्ट मांगी, जिस पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद में अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि महाप्रबंधक के बाद के दौरान जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को उनसे ना मिलने देने संबंधी कोई भी आदेश जारी नहीं किए गए थे और इसकी भी विधिवत सूचना पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नजीबाबाद और धामपुर में जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक से बैठक कर बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा इस तरह अपनी बात से पलट जाने को आरटीआई कार्यकर्ता ने एक चमत्कार बताया है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से झूठ बोला जा रहा है जबकि उनके द्वारा खुद इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद से जब वार्ता की गई थी और उन्होंने साफ इंकार कर दिया था कि मीडिया से मिलने का कोई कार्यक्रम महाप्रबंधक उत्तर रेलवे का नहीं है। उन्होंने पुनः जॉच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए तथा भविष्य में पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उनसे दूर न रखा जाए।
Leave a comment