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बाल विकास परियोजना का कारनामे की खुली पोल, पिछले 12 वर्षो से केंद्र से नदारद आंगनबाड़ी कार्यकत्री को दिया जा रहा मानदेय।

बिजनौर। बाल विकास परियोजना में भृष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें पिछले 12 वर्षो से केंद्र से नदारद आंगनबाड़ी का मानदेय दिया जा रहा है और सरकार द्वारा दिए गए स्मार्टफोन केंद्र का संचालन करने वाली सहायिका को अभी तक न मिलने से कार्य प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी से मामले की जाच कराकर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है।


आंगनबाड़ी केंद्र जलालपुर आसरा की सहायिका के पति पंकज कुमार दक्ष ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि सरकार एवं बाल विकास विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र को संचालन करने के लिए मोबाइल फोन दिए गए हैं लेकिन आज तक जलालपुर आसरा केन्द्र को स्मार्टफोन नहीं मिला है, जबकि नहटौर ब्लाक अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्टफोन दे दिये गये हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री डोली देवी लगभग 12 वर्षों से केन्द्र पर नहीं आ रही है जबकि इससे पूर्व में भी उपरोक्त कार्यकत्री डोली देवी की शिकायत कार्यवाहक सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर शोभा वर्मा से की गई, जिस पर शोभा वर्मा यह कहती हैं कि कार्यकत्री डोली देवी का मानदेय नहीं बन रहा है और उसने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। यदि आंगनबाड़ी कार्यकत्री डोली देवी ने त्याग पत्र दे दिया है तो उसका मानदेय उसके खाते में क्यों आ रहा है और विभाग उसको मानदेय क्यों दे रहा है, जबकि विभाग सहायिका से सहायिका एवं कार्यकत्री दोनों का काम ले रहा है।
बाल विकास परियोजना विभाग की सीडीपीओ कार्यवाहक एवं सुपरवाइजर श्रीमती शोभा वर्मा की कार्यप्रणाली से लगभग 12 वर्षों से परेशान आंगनबाड़ी सहायिका इन्द्रेश कुमारी के पति पंकज कुमार दक्ष ने इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। पंकज दक्ष ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

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