
बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव झाड़पुरा में महिला समूह द्वारा तैयार सिंगल नर्सरी के वितरण का जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांव में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक, सचिव साहब सिंह सत्यार्थी, चीनी मिल अफजलगढ़ के प्रधान प्रबंधक एसपी सिंह, गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, चीनी मिल फील्ड कर्मचारी मनोज कुमार, गन्ना पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह उपस्थित रहे।

गांव झाड़पुरा में ग्राम प्रधान कपिल कुमार के आवास पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि महिला स्वावलंबन के दृष्टिगत विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बड़ व बडचिप पद्धति से पौध तैयार करने पर विभाग द्वारा 1.30 व रू० 1.50 की दर से अनुदान दिया जाता है। इस पद्धति से तैयार पौध को लगाने में जहां आय में बढ़ोतरी होती है, वहीं गन्ने का जमाव इस विधि से 95% तक देखा जा रहा है। नैनो यूरिया को स्प्रे के माध्यम से फसलों में प्रयोग किया जाता है; जिसे पौधे द्वारा अपने स्टूमेटा द्वारा अवशोषित कर उपयोग कर लिया जाता है।
महिला ग्रुप के किये गये कार्यों के निरीक्षण के पश्चात ग्राम झाड़पुरा मे कृषक गोष्ठी की गयी। कृषक गोष्ठी में नैनो यूरिया के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। गोष्ठी में सचिव साहब सिंह द्वारा नैनो यूरिया के महत्व एवं उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही अवगत कराया गया कि नैनो यूरिया समिति के सभी गोदामों पर रू० 240 प्रति 500 मि० ली० की दर पर उपलब्ध है। इस अवसर पर गोष्ठी में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक द्वारा नैनो यूरिया के संबंध में बताया गया कि परम्परागत यूरिया से नैनो यूरिया सही व इसकी उपयोगिता 90% तक है जबकि परम्परागत यूरिया मात्र 30% तक ही पौधे इस्तेमाल कर पाते हैं 70% भाग का प्रयोग पौधे नहीं कर पाते। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कपिल कुमार के अलावा बलेश कुमार, नन्हे सिंह, रामपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, शक्ति स्वरूप, राजपाल सिंह, महेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह तथा अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
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