विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित
बिजनौर (रोहित चौधरी)। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के भ्रष्टाचार की पोल दिन-प्रतिदिन खुलती ही जा रही है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में विकास कार्यों के लिए शासन से आई रकम को डकारने में लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान कई बार ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों पर गाज भी गिर चुकी है।

ताजा मामला हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुकरंदपुर व बल्दिया का है। डीपीआरओ ने विकास कार्यों में घोर अनियमितताएं बरते जाने पर मुकरंदपुर के पंचायत सचिव विनीत कुमार को निलंबित कर दिया, तो वहीं ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने की बात कही गई है। इसके अलावा डीपीआरओ सतीश कुमार को हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत बल्दिया में भी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में धांधली मिली। इसे लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए एवं पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने बताया कि लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी निरीक्षण का दौर जारी रहेगा। डीपीआरओ की इस कार्यवाही से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली है।
भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं ग्राम पंचायत सचिव-
सूत्रों की मानें तो जनपद में कई ग्राम प्रधान व कई ग्राम पंचायत सचिव भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं। विकास कार्यों में कमीशन लेना तो मानों उनके बाएं हाथ का काम हो। बताया तो यहां तक जाता है कि बिना कमीशन के वह किसी ठेकेदार को कोई काम नहीं देते हैं।
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