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CDO की खिलाफत में मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण संघ ने खोला मोर्चा।

एक हफ्ते में निलंबित ANM की बहाली नहीं तो छेड़ेंगे आंदोलन।

जिलाधकारी को ज्ञापन देकर दिया अल्टीमेटम।

बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा द्वारा विकास खण्ड मौ०पुर देवमल के ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपुर उर्फ जन्दरपुर में तैनात एएनएम दीपा कोटवाल के निलंबन का मामला गर्मा गया है। मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण संघ ने जिलाधकारी को ज्ञापन सौंप कर चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में निलंबन स्थगित न होने पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगीं।

ज्ञापम में कहा गया कि मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा द्वारा विकास खण्ड मौ०पुर देवमल के ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपुर उर्फ जन्दरपुर में वीएचएनडी सत्र का औचक  निरीक्षण किया गया। समाचार पत्रों के माध्यम से अवगत हुआ है कि निरीक्षण के दौरान एएनएम दीपा कोटवाल का कार्य असंतोषजनक था, जिस कारण मुख्य विकास अधिकारी ने एएनएम को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये। वीएचएनडी सत्र पर जिन जांचों की जानकारी (एचआईवी  सिफलिस, शुगर एल्बुमिन, बीपी) से संबंधी कोई भी लोजिस्टिक विभाग से प्राप्त नहीं कराई जाती है। समाचार पत्र में दिये गये सामान में से कुछ ही सामान एएनएम को प्राप्त कराया जाता है, जोकि मानक के अनुरूप नहीं होता है, जबकि वीएचएनडी सत्र पर सभी सामान मानक के अनुसार चैक किया जाता है। कम मात्रा में होने पर एएनएम को पूर्ण जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाती है, जबकि यह पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होती है।

डीएमसी यूनिसेफ की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह? वीएचएनडी सत्र का निरीक्षण किसी भी उच्च अधिकारी द्वारा होने पर पूर्व में सूचना दी जाती है, परन्तु डीएमसी यूनिसेफ और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बिना सीएमओ या एमओआईसी को सूचना दिये बिना मुख्य विकास अधिकारी को डीएमसी यूनिसेफ द्वारा कार्यस्थल पर ले जाया गया।
डीएमसी द्वारा पूर्व में भी एएनएम  का मानसिक उत्पीड़न किया जाता रहा है। जिस सामान का उल्लेख सत्र में किया गया है,उसमें से बहुत से सामान आज तक एएनएम को प्राप्त ही नहीं कराये गये हैं।

ANM के साथ कोई अनहोनी हो गई तो? डीएमसी / मुख्य विकास अधिकारी के उत्पीड़न से परेशान होकर दीपा कोटवाल मानसिक रूप से परेशान हो गयी थी। यदि एएनएम दीपा के साथ कोई भी अनहोनी हो जाती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी डीएमसी/मुख्य विकास अधिकारी सम्बन्धित (उच्चाधिकारियों) की होगी। यदि एएनएम का निलम्बन स्थगित नहीं किया जाता तो एक सप्ताह के भीतर मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण संघ की सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगीं। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रूपधारा, मंत्री मीना, वरिष्ठ उपा० उमा, उपाध्यक्ष चंचल, उपमंत्री  संगीता, सँगठन मंत्री सविता,  कोषाध्यक्ष सुशीला देवी, संरक्षक आदेश बाला व ऑडीटर सीमा राजपूत आदि शामिल रहीं।

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