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ईश्वर की प्राप्ति में बाधक हैं माया मोह: महात्मा महेश कुमार पाहुजा। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वाधान में सत्संग भवन पर हुआ सत्संग का आयोजन।

मीडिया प्रभारी भूपेंद्र कुमार पत्रकार

बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वाधान में सत्संग भवन पर सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फरीदाबाद हरियाणा से पधारे महात्मा महेश कुमार पाहुजा ने गुरु गद्दी से साध संगत को संबोधित करते हुए कहा कि यह समाज मकड़ी का जाल है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य इस संसार के मकड़जाल में फंसकर उलझ जाता है। इंसान माया,बमोह व लालच में फंसकर अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक जाता है। माया मोह ईश्वर की प्राप्ति में बाधक हैं। हमें इनसे बचना चाहिए हमें निराकार प्रभु की भक्ति करनी चाहिए। निराकार का साकार रूप सद्गुरु होते हैं जो हमारा सदैव कल्याण करते हैं। बिना गुरु के मुक्ति नहीं है। गुरु ही हमें 84 के बंधन से मुक्ति दिलाते हैं और भवसागर से हमारा बेड़ा पार करते हैं और हमें मोक्ष प्राप्ति का सुगम मार्ग बताते हैं, जिससे मनुष्य का कल्याण होता है। मनुष्य दौलत की चकाचौंध में कितना खो गया है कि वह अपने मूल उद्देश्य को भूल बैठा है, जो हमारा वास्तविक उद्देश्य है कि हमारा मनुष्य जन्म किसलिए हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमारे मुक्ति केवल मानव योनि में ही है। अन्य योनि में नहीं। मुक्ति के लिए देवी देवता भी तरसते हैं। मनुष्य अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर सब कुछ भूल जाता है। जब हम सद्गुरु की शरण में आते हैं और अपने आप को पूरी तरह सद्गुरु को समर्पित कर देते हैं तो वह हमारा बेड़ा पार कर देते हैं। मनुष्य अपने अहंकार के कारण सब कुछ गंवा देता है क्योंकि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है और ईश्वर प्राप्ति में बाधक है। जब हम केवल सद्गुरु को समर्पित हो जाते हैं तो हमारे जीवन में सारे सुख आते हैं और हमें खुशियां ही खुशियां मिलने लगती हैं। ब्रह्म ज्ञान के द्वारा लोक सुखी और परलोक सुहेला हो जाता है, जो संतों के दर्शन दुर्लभ बताए गए हैं। सद्गुरु की कृपा से वह सुलभ हो जाते हैं जो भी ब्रह्म ज्ञान प्राप्त करता है वह ब्रह्म ज्ञानी महात्मा हो जाता है। ब्रह्म ज्ञान बड़े ही नसीब वाले को प्राप्त होता है। आज समय की सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज हमें ब्रह्म ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। वह बहुत ही उच्च कोटि का है और सदैव हमारा कल्याण करने वाला है। सद्गुरु के बिना ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती।

नीरज गौतम के संचालन में हुई साध संगत में संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद सिंह एडवोकेट, राजवीर सिंह, नौबहार सिंह, मीडिया प्रभारी भूपेंद्र कुमार पत्रकार, सुरेंद्र पाल लकी, मनोज सिंह, रूपल सिंह, मोहित कुमार, निर्दोष कुमार, दीपक, अरुण त्यागी,वमनजीत,बडीके सागर, अक्षय सागर, श्रीमती विमल पाहुजा फरीदाबाद, सुशीला, वंदना त्यागी, अश्विंदर कौर, आशु, कलावती, संध्या, प्रियांशी, अंजलि, गीता, पारुल, कल्पना, किरण, दीपा, सिमरन, नेहा, खुशी, रितिका, मानवी, जहान्वी, सरिता श्रीवास्तव, राजू जमालपुर, वैभव कुमार, कार्तिक कुमार आदि सहित निरंकारी मिशन के अनेक अनुयाई उपस्थित रहे।

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