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गर्भवती महिलाओं को बांटा पुष्टाहार। जनपद के 3173 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रथम त्रैमास वाली 5781 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई 

बिजनौर। सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल विकास एवं पुष्टाहार योजना के अंतर्गत जनपद के 3173 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रथम त्रैमास वाली 5781 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गयी। इस दौरान उन्हें पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताया गया। सभी आंगनबाड़ी केंद्र के अलावा घरों पर भी गर्भवती को चुनरी उढ़ाकर तथा माथे पर तिलक लगाकर गोद भराई की गई।

सिविल लाइंस प्रथम में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार वितरित करते आंगनवाड़ी कार्यकत्री ऊषा रानी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा रानी ने बताया कि केंद्र पर पहुंची गर्भवती महिलाओं के अलावा कई के घरों में जाकर उनकी गोद भराई की गई। महिलाओं को लाल चुनरी ओढ़ाकर माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। गर्भवती महिलाओं को सेब, केला, गुड, चना, नारियल, बतासे, आयरन की गोलियां आदि दी गईं। महिलाओं को आंगनबाड़ी की ओर से बताया गया कि उनको आयरन की गोलियां व गुड चना का रोज़ थोड़ा-थोड़ा सेवन करना है। नवजात शिशु को एक घंटे के अंदर मां का दूध अवश्य पिलाना चाहिए।

सिविल लाइंस प्रथम में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार वितरित करते आंगनवाड़ी कार्यकत्री ऊषा रानी

जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेन्द्र मिश्र ने बताया कि जनपद के 3173 आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म की जाती है। मंगलगीत होते हैं, केंद्र को रंगोली से सजाया जाता है। गोद भराई पर महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया जाता है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। रोज खाने के साथ दही आदि का सेवन करना चाहिए। गर्भवती को दो प्याली दाल अवश्य खाने की सलाह दी गयी। इससे प्रोटीन और आयरन की कमी पूरी होती है। आयरन की गोलियां रात को सोने से एक घंटा पहले खा लेनी चाहिए। यह गोलियां दूध चाय कॉफी से नहीं लेनी, केवल किन्नू संतरा के रस आदि के साथ लेनी चाहिए।

गौरतलब है कि अनुपूरक पुष्टाहार योजना के तहत भारत सरकार द्वारा 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के विकास एवं गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण सम्बन्धित आवश्यकताओं की समग्र रूप से पूर्ति हेतु ‘‘एकीकृत बाल विकास सेवाएं’’ (आईसीडीएस) चलाई जा रही है। योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों यथा 06 माह से 06 वर्ष आयु के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को योजना से लाभान्वित किया जाता है।

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