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बिजनौर। संस्कार भारती बिजनौर द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर स्थानीय जैन धर्मशाला में एक विचार एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राजकुमार वर्मा जी ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि चिंगारी सांध्य दैनिक के संपादक डा0 सूर्यमणि रघुवंशी, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवयित्री सुमन चौधरी व अन्य अतिथियों ने मां शारदे व भारत भाता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यक्रम का आरम्भ कर्मवीर सिंह द्वारा मां शारदे की वन्दना से हुआ। उसके बाद संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष दीप अन्जुम ने अतिथियों का स्वागत किया। गोष्ठी में वक्ताओं ने जहां हिन्दी की दिशा एवं दशा पर अपने विचार रखे वहीं कवियों ने हिन्दी के समर्थन, संवर्धन पर सुन्दर काव्य पाठ किया। विशिष्ठ अतिथि सुमन चौधरी ने कहा कि हिन्दी विदेशों में भी खासी लोकप्रिय भाषा है, सरकार को चाहिए कि वो हिन्दी को रोजगारपरक भाषा बनाने पर विचार करे। वहीं मुख्यअतिथि डा0 सूर्यमणि रघुवंशी ने कहा कि वो हिन्दी को लेकर निराश नहीं हैं, आज भी हिन्दी अखबार, हिन्दी चैनल ही सर्वाधिक लोकप्रिय हैं, वहीं अंग्रेजी व अन्य भाषाओं के पत्रों के पाठक हिन्दी की तुलना में बहुत कम हैं। भले ही हिन्दी रोजगार की भाषा न हो मगर बाजार की भाषा अवश्य हैं। आज बडे से बड़े अंतराष्ट्रीय उत्पाद भी हिन्दी में प्रचार करते हैं। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राजकुमार वर्मा उर्फ राजू भैया ने सभी रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है और यह गर्व का विषय है कि हिन्दी के पाठक निरंतर बढ़ रहे हैं, गूगल पर भी हिन्दी भाषा का वर्चस्व है। विचार गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ कवि हुक्का बिजनौरी ने किया।
काव्य गोष्ठी का संचालन साहित्यविधा प्रमुख रचना शास्त्री ने किया। इस कार्यक्रम में सर्वश्री शुचि शर्मा, रश्मि जैन, अर्पण राजपूत, मनोरंजन शर्मा, विकास अग्रवाल, कर्मवीर सिंह, गिरीश त्यागी, उमेश भावुक, कृष्ण कुमार पाठक, ओपी परमार, डा०दिग्विजय सिंह, जगदीश जी निरपेक्ष, दीप अंजुम, हुक्का बिजनौरी व डा. अनिल चौधरी आदि ने सुन्दर काव्यपाठ किया। वहीं कार्यक्रम स्थल पर संस्कार भारती के कला समूह की बालिकाओं कु. मनीषा गुप्ता, कु. वितुल व कु. प्रगति ने मनभावन रंगोली बनाकर अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में संस्कार भारती की ओर से सर्वश्री शिवराज सिंह, अनुज चौधरी, दीपक गुप्ता, लालबहादुर शास्त्री, अरूण श्रीवास्तव, वैभव गुप्ता आदि ने सहयोग किया।

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