
मीडिया प्रभारी भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार
बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वाधान में संत निरंकारी सत्संग भवन पर एक साप्ताहिक साध संगत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जसपुर जोन के पूर्व क्षेत्रीय संचालक गुरुदयाल जी ने गुरु गद्दी से साध संगत को निहाल करते हुए कहा कि ईश्वर अंश जीव अविनाशी हम सभी एक ही ईश्वर की संतान हैं। आत्मा अजर अमर अविनाशी है, यह परमात्मा का अंश है। इसीलिए हमें सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करना चाहिए, जिन्होंने सभी से प्रेम किया है, उन्होंने प्रभु को पाया है क्योंकि प्रेम ईश्वर का ही दूसरा रूप है।

उन्होंने कहा कि हम प्रेम के द्वारा असंभव से असंभव कार्य भी आसानी से कर सकते हैं और प्रेम से ही सभी के दिलों में जगह बना सकते हैं। जो सभी से प्रेम करता है, वही भक्ति कर सकता है, प्रेम का नाम ही भक्ति है, प्रेम स्वयं ईश्वर है। बिना ईश्वर के दर्शन के भक्ति नहीं हो सकती, जिसकी पूजा उसकी पहचान जरूरी है बिना पहचान के भक्ति नहीं हो सकती। इसलिए हमें प्रभु को पहचान कर भक्ति करनी है और बिना स्वार्थ के निस्वार्थ निष्काम भक्ति करनी है। तभी हमारा बेड़ा पार होगा मानव शरीर का मिलना बहुत ही दुर्लभ है। मानव शरीर न जाने हमारे कितने जन्मों के पुण्य कार्य के बाद मिला है मानव शरीर के रहते हैं हम भक्ति कर सकते हैं और मनुष्य योनि में ही हमें मोक्ष की प्राप्ति होगी अन्य योनि में नहीं आज समय की सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज हमें इंसान बनने की प्रेरणा दे रही है मानव को हो मानव प्यारा एक दूजे का बने सहारा ना बैर की ना तकरार की आज जरूरत है बस प्यार की प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करें हम प्रेम से ही सब कुछ पा सकते हैं सद्गुरु माताजी हमें यही संदेश दे रही हैं कि सभी से प्रेम करो वे सभी ने प्रेम की भावना जगा रही हैं।

महात्मा प्रताप सिंह के संचालन में हुई साध संगत में संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद सिंह एडवोकेट, पूर्व संचालक कृपाल सिंह त्यागी, हल्दौर ब्रांच के मुखी महात्मा मास्टर महेंद्र शर्मा, आसाराम, मीडिया प्रभारी भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, मुकेश, राजवीर सिंह, मदन पाल सिंह, रूपल सिंह, नवनीत, राहुल, राजू, रामानंद, नितिन, रितिक, दीपक खेड़की, अजय कुमार, आशु, सुरेंद्र पाल, लकी, शंकर, मनोज सिंह, दयाराम, डीके सागर, रानी हल्दौर, सोनिया हल्दौर, रेखा हल्दौर, सुशीला, राम जत्ती, अश्विंदर कौर, आशु, किरण, प्रियांशी, सुधा, संध्या, खुशी, अंजलि, गीता, पारुल, सर्वेश, ममता, सोनी व कल्पना आदि सहित निरंकारी मिशन के अनेक अनुयाई उपस्थित रहे।

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