जानसठ सरकारी अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार।
डॉक्टर पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी बता रहे और पुलिस स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल। अस्पताल में मृतक के शव को आवारा कुत्तों ने नोंचा, परिजनों का हंगामा।

जानसठ। रात्रि में हादसे में मरने वाले युवक के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवारा कुत्तों ने नोच डाला। लापरवाही दिखाते हुए अस्पताल के शव गृह में शव रखने के बजाए सभागार कक्ष में रख दिया गया था। सभागार कक्ष में आवारा कुत्तों ने घुसकर शव का चेहरा नोंच लिया। इसे लेकर शुक्रवार सुबह परिजनों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर पहुंचे जानसठ सीओ रविशंकर ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में शव को सील किए बिना ही पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

पुलिस के मुताबिक दिल्ली के द्वारकापुरी निवासी पांच दोस्त आशीष पुत्र जगन्नाथ, विकास पुत्र मुन्ना यादव, लोकेश पुत्र कन्हैयालाल, राहुल पुत्र बिल्लू व तरुण अपनी सेलोरियो कार से गुरुवार देर शाम शादी समारोह में शामिल होने के लिए कोटद्वार जा रहे थे। मीरापुर क्षेत्र में बीआईटी पुलिस चौकी के पास सामने से आ रही डीसीएम गाड़ी और कार की आपस में भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंची मीरापुर पुलिस ने सभी घायलों को जानसठ सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने लोकेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रात्रि में ही मीरापुर पुलिस चारों घायलों को लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए चली गई। बताया गया है कि रात्रि में लोकेश के शव को अस्पताल के शव गृह में रखने की जगह खुले सभागार में रखा गया। रात्रि में आवारा कुत्तों ने मृतक के शव का चेहरा पूरी तरह से नोंच लिया। शुक्रवार सुबह चार बजे अस्पताल पहुंचे परिजनों ने शव की हालत देख कर हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर सीओ जानसठ रविशंकर व कोतवाली प्रभारी विश्वजीत सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से शव को आवारा कुत्तों ने नोचा है। सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर बामुश्किल शांत किया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में शव का सील किए बिना ही अन्य वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

जानसठ सीओ रवि शंकर का कहना है कि रात्रि में अस्पताल का एक वार्ड ब्वॉय शव के पास मौजूद था, लेकिन वह चाय पीने के लिए बाहर चला गया। सुबह चार बजे वहां पर परिजन भी आ गए थे। परिजनों ने जानवर के द्वारा शव नोंचने का आरोप लगाया है। इसकी जांच कराई जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि प्रक्रिया के अनुसार लोकेश का शव पुलिस को सौंप दिया गया। सुबह 4 बजे परिजनों को दिखाया गया था, उस वक्त शव ठीक था। शुक्रवार सुबह पता लगा कि शव के चेहरे को किसी जानवर ने नोच लिया है। मृतक के परिजनों ने जानवर के द्वारा शव खाने का आरोप लगाया। यह जांच का विषय है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है।

शव गृह बना रखा है कबाड़खाना: अस्पताल में बनाए गए शव गृह में यदि शव को रखा जाता तो उसका दरवाजा बंद भी होता। कुत्ते उस में घुसकर शव को ना नोचते, अस्पताल कर्मियों ने शव गृह में अनावश्यक कबाड़ जमा कर रखा है।
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