जिलाधिकारी ने किया निर्माणाधीन कचरा प्रबंधन प्लांट का औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर एक सप्ताह में जांच आख्या देने के दिए निर्देश
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा-जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के भुगतान पर रोक लगाने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने तहसील नगीना में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के बाद ग्राम तुखमापुर में निर्माणाधीन सॉलेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (कचरा प्रबंधन प्लांट) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया निर्माण कार्यों में कमी पाये जाने पर उन्होंने निर्माण कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर एक सप्ताह में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी मिलने पर उप जिलाधिकारी नगीना, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा (आरईएस) की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर एक सप्ताह में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ईंट व मौरंग की गुणवत्ता में भी कमी पायी गयी। उन्होंने कार्यदायी संस्था के भुगतान पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए।

अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद नगीना राजकुमार ने बताया कि निर्माणाधीन सॉलेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (कचरा प्रबंधन प्लांट) की कुल लागत रुपए 04 करोड 96 लाख 73 हजार है। कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस है। कार्यदायी संस्था का अभी 51.61 लाख रुपए भुगतान हेतु बकाया है। उन्होंने बताया कि प्लांट की क्षमता 50 टीपीडी (टन प्रतिदिन) है। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कार्य मार्च 2022 में प्रारम्भ हुआ है, जिसको मार्च 2022 तक पूर्ण होना था अब यह कार्य दिसम्बर 2022 तक पूर्ण होगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, एसडीएम नगीना शलेन्द्र कुमार, सैनेट्री इन्सपेटर धीरज रॉय वर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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