अनुकरणीय: बेसहारा पशुओं के लिए ग्रामीणों ने खुद ही की व्यवस्था
~अली शेर

बास्टा (बिजनौर)। बेसहारा पशुओं के लिए ग्रामीणों ने खुद ही व्यवस्था की है। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी के पैतृक ग्राम कोशल्या के ग्रामीणों ने एक घेर में अस्थाई गोशाला बना कर करीब चालीस गोवंश को बंद किया। प्रति एक घर से उनके चारे का भी इंतजाम किए गया है।

क्षेत्र में जहां कई सौ बेसहारा पशुओं के झुंड किसानों के गेहूं की फसल को चट कर रहे है वहीं ऐसी ठंड में किसानों को जंगल में रहने के लिए मजबूर कर रहे हैं। किसानों ने राय करके रात भर जाग कर इनसे अपनी खेती बचाने की जगह यह तय किया कि जंगल में खेतों की रखवाली करने की जगह अपने घरों में आराम करें। किसानों ने बताया कि आजकल घरों से ज्यादा खेतों की देखभाल करनी पड़ रही है। ग्रामीण विरेन्द्र सिंह, हरिराज सिंह, महेश कुमार, वीरपाल सिंह, सूरज सिंह ने बताया कि इनके खाने की व्यवस्था खुद गांव वाले कर रहे हैं, जिससे ठंड में अपने घरों में चैन की नींद सो सकें।
Leave a comment