जिलाधिकारी ने किया अस्थायी गौशाला का औचक निरीक्षण
पशु को आवारा छोड़ने वालों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी-जिलाधिकारी
ग्रामों में गौ संरक्षण का माहौल बनाएं, आगे बढें, हम आपके साथ हैं-जिलाधिकारी
गौ संरक्षण में अनुकरणीय कार्य करने वालों को पुरस्कृत व सम्मानित किया जाए-जिलाधिकारी
फसलों का नुकसान राष्ट्रीय हानि के समान-जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में है गौवंशों का संरक्षण- जिलाधिकारी
गौ सेवा प्रभु सेवा के समान-जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने गौवंश को खिलाया हरा चारा व गुड़

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने तहसील धामपुर के ग्राम पंचायत तिवडी में बनाई गई अस्थायी गौशाला का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा उपस्थित ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए पशु ना छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि गौशालाओं और गोवंश का संरक्षण मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व पुलिस गोवंश के संरक्षण के प्रति कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि फसलों का नुकसान राष्ट्रीय हानि के समान है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सोमवार को तहसील धामपुर के ग्राम पंचायत तिवडी में बनाई गई अस्थाई गौशाला का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां संरक्षित गोवंशों को गुड़ व चारा खिलाया। उन्होंने वहां की गई व्यवस्थाएं जैसे स्वच्छ जल, अच्छे चारे, विभिन्न व्यवस्थाओं का एक-एक कर जायजा लिया व आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला के चारों ओर बनायी गयी लोहे की जाली लगाए जाने के कार्यों की प्रशंसा भी की।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उपस्थित ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि गोवंश को अपने परिवार के सदस्यों की तरह उनका पालन करें। उन्होंने हिदायत दी कि अपने पशु को आवारा व छुट्टा छोड़ने वालों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामों में पशु गणना रजिस्टर बनाया जा रहा है तथा पशुओं की ईयर टैगिंग भी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो गोवंश आवारा घूमता हुआ मिलता है उसको पशु गणना रजिस्टर के आधार पर यह जाना जाएगा कि है किसका गोवंश है तथा इसके बाद संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिस पशु को आवारा छोड़ते हैं वह गांव में ही चऱता है, जिससे अन्य को नुकसान हो सकता है। वैदिक काल से गायों को पूजनीय माना गया है और यह हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है। जो ग्रामवासी गौ सेवा में अनुकरणीय कार्य करेंगे उनको सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाली पड़ी जगह पर नेपियर ग्रास उगाई जाए ताकि वहां गोवंशों को अच्छी घास खाने को मिले। उन्होंने वहां बनाए गए तालाब का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निराश्रित गौवंश सड़कों पर नजर न आएं। ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह ग्राम आपका है, यहां के खेत खलियान आपके हैं। इसका संरक्षण व अपने गौवंशों का संरक्षण आपकी प्राथमिकताओं में होना चाहिए। आप लोग मिलकर ग्राम में गौ संरक्षण का माहौल बनाएं, हम आपके साथ हैं आप आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि गोबर से भूमि की उर्वरता बढ़ती है। गो सेवा प्रभु सेवा के समान है।
डीएम ने कहा कि शासन द्वारा सहभागिता योजना चलाई जा रही है जिसमें पशुपालकों को गोवंश पालने हेतु दिए जाते हैं इस हेतु उन्हें रुपए 30 प्रतिदिन/रुपए 900 प्रति माह के हिसाब से दिए जाते हैं। जो पशुपालक गोवंश को पालना चाहते हैं वह गौशालाओं व अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
खंड विकास अधिकारी धामपुर मनीष दत्त द्वारा बताया गया कि अस्थाई गौशाला करीब 35 बीघा में फैली है, जिसमें तालाब व चारा उगाने के लिए जमीन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि करीब एक बीघा में बनाई गई अस्थाई गौशाला में 70 पशुओं को संरक्षित करने की क्षमता है। वर्तमान में 07 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, उप जिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी धामपुर सहित अन्य अधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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