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डीआईजी अखिलेश कुमार चौरसिया को भेजा देवीपाटन रेंज

आईपीएस आकाश तोमर

लखनऊ (एजेंसी)। शासन ने गुरुवार को दो आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। आईपीएस आकाश तोमर को बरेली का एसएसपी नियुक्त किया गया है। वहीं, देवीपाटन रेंज का डीआईजी अखिलेश कुमार चौरसिया को बनाया गया है।

फरवरी 2019 में बाराबंकी से आकाश तोमर को इटावा भेजा गया। ऐसे कई मौके थे जब आईपीएस आकाश तोमर इटावा के एसएसपी पद पर रहते हुए चर्चा में आए। उनके द्वारा की गईं कुछ कार्रवाई और काम ऐसे थे जिनकी वजह से उनकी पहचान सुपरकॉप के रूप में होने लगी। कुछ खास और बड़े मामले जिन्हें लेकर एसएसपी आकाश तोमर चर्चा में आए थे –

~फर्जी नंबर से चलने वाले चोरी के 41 वाहनों की रिकवरी 
~दो करोड़ के टेलीकॉम डिवाइस लूट कांड का खुलासा
~सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स से अपने नोट्स टि्वटर पर शेयर किए
~हिस्ट्रीशीटर पासु की 6 करोड़ की संपत्ति जब्त

इटावा जनपद के एसएसपी रहते हुए ही आकाश तोमर शादी के बंधन में बंध गए थे। उनकी शादी भिवानी हरियाणा निवासी डॉ. बबीता के साथ नोएडा में हुई। काेविड गाइडलाइन का पालन करते हुए शादी के दौरान सीमित लोग वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे। शादी में परिवार के सदस्यों के अलावा चुनिंदा लोग ही मौजूद थे। वर्ष 2013 बैच के आईपीएस आकाश तोमर की शादी का रिसेप्शन नोएडा के सेक्टर 51 में 16 जनवरी को रखा गया, जिसमें प्रदेश के कई अफसरों सहित इष्ट मित्रों को आमंत्रण दिया गया। बुलंदशहर के रहने वाले आकाश तोमर की पत्नी डॉ बबीता दिल्ली के कलावती अस्पताल में डॉक्टर हैं। आकाश तोमर के पिता इसी दौरान प्रधानाचार्य के पद से रिटायर हुए थे। इटावा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने पुलिस महकमे में पेंडिंग पड़ी करीब 1000 फाइलों का दो माह में ही निस्तारण कर दिया। पुलिस वेलफेयर को लेकर भी उन्होंने  तेजी से काम किया। पुलिस मॉडर्न स्कूल, जिम, पुलिस अस्पताल व पुलिस लाइन के सुंदरीकरण का काम उन्होंने तेजी से कराया है।

आकाश तोमर की क्वालिफिकेशन

आकाश तोमर का बैक ग्राउंड कंप्यूटर इंजीनियर का है। उन्होंने वर्ष 2011 में ट्रिपल आइटी इलाहाबाद वर्तमान में प्रयागराज से कंप्यूटर इंजीनियर में बीटेक किया था। उस समय सिविल सर्विसेज करने के दौरान सारे नोट्स उन्होंने लैपटॉप पर ही बनाए थे। अपने नोट्स शेयर करते समय उन्होंने कहा था कि बेशक यह नोट्स आठ साल पुराने हैं लेकिन नोट्स कैसे तैयार होते हैं यह देखकर छात्रों के समय की काफी बचत होगी।

डीआईजी अखिलेश कुमार चौरसिया

वहीं 2009 बैच के आईपीएस अफसर अखिलेश कुमार चौरसिया का बरेली में तैनाती के दौरान एसएसपी से डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ। एडीजी जोन प्रेमचंद मीणा (पीसी मीणा) और आईजी रेंज राकेश सिंह ने उन्हे बधाई देकर रैंक प्रतीक लगाया। राजधानी लखनऊ में मई 1983 को जन्मे अखिलेश कुमार चौरसिया ने 19 सितंबर 2022 को बरेली में एसएसपी का चार्ज लिया था उनकी पोस्टिंग पूर्व एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के 17 सितम्बर को डीजीपी मुख्यालय ट्रांसफर होने के बाद डीजीपी ऑफिस से की गई थी। आईपीएस अखिलेश कुमार चौरसिया ने लखनऊ में स्कूल की पढ़ाई की। इसके बाद एनआईटी इलाहाबाद बीटेक कर 2005 में इंडियन ऑयल में इंजीनियर भी रहे इसके साथ ही कुछ समय डीआरडीओ में भी काम किया। लेकिन, इन नौकरियों में मन नहीं लगी। अखिलेश चौरसिया की मंशा देश सेवा की थी। इसलिए 2006 में दिल्ली आकर सिविल सर्विसेज की तैयारी की। उनका पहली ही बार में यानी 2009 में आईपीएस में सलेक्शन हुआ। इसमें 292 रैंक आई थी। ट्रेनिंग के बाद आजमगढ़, सीतापुर और आगरा में पोस्टिंग हुई। बरेली में एसपी आरए (पुलिस अधीक्षक ग्रामीण) और प्रतापगढ़ में एसपी रहे।

इसके बाद आगरा पीएसी के बाद एसपी औरैया बनाए गए। पांच महीने बाद एटीएस, फिर एसपी के तौर पर आगरा भेजा गया। लेकिन, वहां सिर्फ एक ही दिन रह पाए। वहां एसपी एटीएस की एक ही पोस्ट थी। इसलिए एसपी इंटेलिजेंस आगरा की जिम्मेदारी दी गई। यहां से कुछ समय बाद झांसी ट्रांसफर हो गया। वर्ष 2017 में सपा की सरकार बदलते ही उनको एसएसपी एटा बनाकर भेजा गया। फिर उन्होंने फैजाबाद जिले की कमान संभाली। कई जिलों के एसपी और एसएसपी भी रहे। अखिलेश कुमार चौरसिया 13 साल के कैरियर में औरैया, प्रतापगढ़, खीरी, झांसी अयोध्या के बाद बरेली के कप्तान बने। वह 2019 में केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए थे। सीबीआई में रहने के बाद 2021 में यूपी वापस लौट आए। उनकी कार्यशैली काफी बेहतर रही। बरेली में उनके रहते क्राइम कंट्रोल रहा तो वहीं उनकी कार्यशैली की जनता भी तारीफ करती है।

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